तेलुगु एक्टर भरत कांत का सड़क हादसे में निधन:ट्रक से कार टकराई, करीबी दोस्त बिग बॉस फेम आशु रेड्डी ने की इमोशनल पोस्ट

तेलुगु एक्टर भरत कांत की हैदराबाद में एक सड़क हादसे में मौत हो गई। इस हादसे में सिनेमैटोग्राफर जी. साई त्रिलोक की भी जान चली गई। दुर्घटना आदिबाटला पुलिस स्टेशन क्षेत्र में आउटर रिंग रोड (ORR) के एग्जिट नंबर 12 के पास हुई। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि हादसा रविवार देर रात हुआ, जब कार पीछे से एक ट्रक से टकरा गई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। आदिबाटला पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच जारी है। भरत कांत ने 2021 की फिल्म ग्रामम और 2024 की फिल्म टेनेंट में काम किया था। उन्होंने वेब सीरीज गीतांजलि और पार्वती परमेश्वरुलु में भी एक्टिंग की थी। भरत कांत के निधन पर आशु रेड्डी ने दुख जताया बिग बॉस फेम और टीवी एक्ट्रेस आशु रेड्डी ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट शेयर कर भरत कांत के निधन पर दुख जताया है। भरत कांत उनके करीबी दोस्त थे। आशु रेड्डी ने इंस्टाग्राम पर भरत के साथ अपनी कुछ तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। उन्होंने लिखा, “तुम्हारे बिना जो खालीपन आया है, वह कभी नहीं भरेगा। तुम हमेशा मेरे दिल में रहोगे।” उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “मुझे आपके निधन की खबर पर विश्वास नहीं हो रहा है। काश यह सच न होता। हम दोनों ने साथ में जो पल बिताए और जो प्यार आपने मुझे दिया, उसे मैं कभी नहीं भूलूंगी। आपके जाने का दुख कभी कम नहीं होगा। आप हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे।”
तेलुगु एक्टर भरत कांत का सड़क हादसे में निधन:ट्रक से कार टकराई, करीबी दोस्त बिग बॉस फेम आशु रेड्डी ने की इमोशनल पोस्ट

तेलुगु एक्टर भरत कांत की हैदराबाद में एक सड़क हादसे में मौत हो गई। इस हादसे में सिनेमैटोग्राफर जी. साई त्रिलोक की भी जान चली गई। दुर्घटना आदिबाटला पुलिस स्टेशन क्षेत्र में आउटर रिंग रोड (ORR) के एग्जिट नंबर 12 के पास हुई। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि हादसा रविवार देर रात हुआ, जब कार पीछे से एक ट्रक से टकरा गई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। आदिबाटला पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच जारी है। भरत कांत ने 2021 की फिल्म ग्रामम और 2024 की फिल्म टेनेंट में काम किया था। उन्होंने वेब सीरीज गीतांजलि और पार्वती परमेश्वरुलु में भी एक्टिंग की थी। भरत कांत के निधन पर आशु रेड्डी ने दुख जताया बिग बॉस फेम और टीवी एक्ट्रेस आशु रेड्डी ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट शेयर कर भरत कांत के निधन पर दुख जताया है। भरत कांत उनके करीबी दोस्त थे। आशु रेड्डी ने इंस्टाग्राम पर भरत के साथ अपनी कुछ तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। उन्होंने लिखा, “तुम्हारे बिना जो खालीपन आया है, वह कभी नहीं भरेगा। तुम हमेशा मेरे दिल में रहोगे।” उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “मुझे आपके निधन की खबर पर विश्वास नहीं हो रहा है। काश यह सच न होता। हम दोनों ने साथ में जो पल बिताए और जो प्यार आपने मुझे दिया, उसे मैं कभी नहीं भूलूंगी। आपके जाने का दुख कभी कम नहीं होगा। आप हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे।”
कपिल शर्मा शो में सुनील पाल का आरोप:बोले- समय रैना के सामने मुझे अभिमन्यु की तरह घेरा गया, मेरे जोक्स काटे

कॉमेडियन सुनील पाल ने द ग्रेट इंडियन कपिल शो में अपनी अपीयरेंस के बाद आरोप लगाया है कि शो के दौरान उन्हें ‘टारगेट’ किया गया और उनके कई अच्छे जोक्स को एडिट कर दिया गया। सुनील पाल हाल ही में वर्ल्ड लाफ्टर डे के मौके पर समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया के साथ कपिल के शो में नजर आए थे। सुनील बोले- मुझे अभिमन्यु की तरह घेरा गया एक हालिया इंटरव्यू में सुनील पाल ने शो के माहौल पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, “वहां जो कुछ हुआ वह एकतरफा था। मुझे वहां अभिमन्यु की तरह घेर लिया गया था। कई लोगों ने गौर किया होगा कि लोग जानबूझकर मेरे जोक्स पर नहीं हंस रहे थे, जबकि समय रैना की छोटी-छोटी बातों पर भी बहुत ज्यादा रिएक्ट किया जा रहा था।” सुनील ने नवजोत सिंह सिद्धू के रिएक्शन पर भी सवाल उठाए, जिन्होंने समय रैना को ‘अगला कपिल शर्मा’ तक कह दिया था। ’15 मिनट का एक्ट तैयार था, पर मौका नहीं मिला’ सुनील पाल ने बताया कि उन्हें शो के लिए क्या ब्रीफ दिया गया था। उन्होंने कहा, “मुझे बताया गया था कि यह एक स्टैंड-अप सेगमेंट होगा, इंटरव्यू नहीं। मैंने 15 मिनट का एक स्केच तैयार किया था, जिसे डायरेक्टर ने फाइनल भी किया था। लेकिन वहां पहुंचने के बाद पता चला कि मेरे साथ समय और रणवीर भी हैं। मुझे अपना स्टैंड-अप करने का मौका ही नहीं मिला और जो जोक्स मैंने मारे, उन्हें भी काट दिया गया।” सुनील का मानना है कि अर्चना पूरन सिंह का न हंसना भी इसी ‘प्लानिंग’ का हिस्सा था। गाली-गलौज और वल्गर इशारे एडिट करने का आरोप सुनील ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शो के दौरान समय रैना ने कई अपशब्दों और वल्गर इशारों का इस्तेमाल किया था, जिन्हें नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने से पहले एडिट कर दिया गया। सुनील को लगता है कि यह पूरा सेगमेंट पहले से फिक्स था। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि ऑफ-कैमरा समय रैना उनके साथ बहुत सम्मान से पेश आते हैं और उनके पैर भी छूते हैं। समय रैना और सुनील पाल का पुराना विवाद सुनील पाल और समय रैना के बीच विवाद पिछले साल ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो के दौरान शुरू हुआ था। उस समय रणवीर अल्लाहबादिया के एक कमेंट पर मचे बवाल के बीच सुनील पाल ने समय रैना की कड़ी निंदा की थी और उन्हें ‘आतंकवादी’ तक कह दिया था। कपिल के शो में जब ये दोनों साथ आए, तो समय रैना ने भी उस पुरानी बात को लेकर नाराजगी जताई थी कि सुनील ने मुश्किल वक्त में उनका साथ नहीं दिया।
India Bangladesh Border Fencing; Suvendu Adhikari BJP

Hindi News National India Bangladesh Border Fencing; Suvendu Adhikari BJP | BSF Land Transfer कोलकाता3 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर बाड़ लगाने के लिए BSF को जमीन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध घुसपैठ से निपटने के लिए 45 दिनों के भीतर यह जमीन गृह मंत्रालय को सौंप दी जाएगी। हावड़ा के नाबन्ना में नवनिर्वाचित BJP सरकार की पहली कैबिनेट बैठक हुई। CM अधिकारी ने कहा कि यह फैसला बैठक में लिए गए मुख्य प्रस्तावों में से एक था। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि TMC सरकार ने राज्य में पुराने IPC और CrPC की जगह नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) को लागू नहीं किया था। राज्य में अब BNS लागू करने की आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत और जन आरोग्य योजना भी पश्चिम बंगाल में भी लागू की जाएंगी। CM सुवेंदु को गॉर्ड ऑफ ऑनर बंगाल CM अधिकारी को हावड़ा में नाबन्ना में पदभार ग्रहण करने के बाद ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। सुवेंदु कैबिनेट की बैठक के फैसले चुनावी हिंसा में मारे गए 321 BJP कार्यकर्ताओं के परिवारों की जिम्मेदारी राज्य सरकार उठाएगी। भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए BSF को जमीन ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू की है। इसे 45 दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। आयुष्मान भारत योजना समेत केंद्र की सभी योजनाएं जल्द ही लागू होंगी। उज्ज्वला योजना से जुड़ी सभी लंबित याचिकाएं केंद्र के पास भेजी गई हैं। IAS और IPS अधिकारियों को सेंट्रल ट्रेनिंग की परमिशन दी जाएगी। बंगाल में BNS लागू नहीं था, राज्य में इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा। राज्य सरकार की नौकरियों में पांच साल का विस्तार दिया गया है। बांग्लादेश से लगती बंगाल की 2216 किमी सीमा पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश के साथ लगभग 2,216 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है। यह भारत-बांग्लादेश की सबसे लंबी राज्य सीमा है। चुनावी हिंसा में मारे गए लोगों के केस की जांच को भी तैयार राजनीतिक हिंसा पर बोलते हुए, अधिकारी ने कहा कि अगर पीड़ित परिवारों ने कानूनी कार्रवाई की मांग की, तो सरकार राजनीतिक संघर्षों के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं की मौत से जुड़े मामलों की जांच करने के लिए तैयार है। उन्होंने आगे कहा, “हमारे संघर्ष के दौरान जिन 321 लोगों की जान गई, अगर उनके परिवार चाहते हैं, तो सरकार जांच शुरू करेगी।” ————————– ये खबर भी पढ़ें… बंगाल CM सुवेंदु के PA हत्याकांड में 3 संदिग्ध गिरफ्तार: बिहार के बक्सर, यूपी के अयोध्या से पकड़ाए; 6 मई को चंद्रनाथ का मर्डर हुआ था पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में बिहार और यूपी से 3 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। तीनों को बंगाल ले जाया गया है। बंगाल CID ने बताया कि बिहार के बक्सर से मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य, उत्तर प्रदेश के अयोध्या से राज सिंह को रविवार रात हिरासत में लिया गया था। इन्हें सोमवार सुबह गिरफ्तार किया गया। राज सिंह शार्प शूटर बताया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Hanta virus India| how hanta virus spreads| भारत में आ गया हंता वायरस? क्या छूने से फैलता है, गंगाराम के डॉक्टर ने बताया नोरो वायरस से कितना अलग है?

होमताजा खबरदेश भारत में आ गया हंता वायरस? क्या छूने से फैलता है, गंगाराम के डॉक्टर ने कहा? Last Updated:May 11, 2026, 13:15 IST Hanta Virus Threat to India or not: अटलांटिक में क्रूज शिप एमवी होंडियस पर हंता वायरस से 3 मौतें होने और डब्ल्यूएचओ की चेतावनी के बाद ज्यादातर लोग एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि क्या इस वायरस का भारत में भी खतरा है? इस पर सर गंगाराम अस्पताल के डॉ. एन के गांगुली ने हंता वायरस के खतरे और बचाव के तरीकों पर विस्तार से बताया है. हंता वायरस भारत में आ चुका है या नहीं, इसे लेकर दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में सीनियर डॉक्टर एन के गांगुली ने क्या है, जान लें? Hanta Virus threat to India or not: अटलांटिक महासागर में डच’एमबी हडियस’ (MV Hondius) क्रूज शिप पर फैले हंता वायरस के कहर ने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया है. इससे हुई 3 मौतों के बाद डब्ल्यूएचओ ने भी इसे लेकर चेतावनी जारी की थी. कोरोना से भी ज्यादा गंभीर और खतरनाक बताए जा रहे इस वायरस को लेकर सबसे बड़ा एक ही सवाल पूछा जा रहा है कि क्या हंता वायरस भारत में भी पहुंच चुका है? इस पर अब सर गंगाराम अस्पताल नई दिल्ली के सीनियर डॉक्टर एन के गांगुली ने बेहद जरूरी जानकारियां दी हैं, साथ ही हंता वायरस और नोरो वायरस में बीच अंतर के बारे में भी बताया है. डॉ. गांगुली ने कहा कि भारत में फिलहाल हंता वायरस फैलने जैसी कोई स्थिति नहीं है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है. हालांकि हंता वायरस और नोरो वायरस दोनों अलग-अलग हैं. उन्होंने कहा कि नोरो वायरस मुख्य रूप से डायरिया और पेट की बीमारी करता है. हंता वायरस दो तरह की गंभीर बीमारी पैदा कर सकता है.पहला पल्मोनरी सिंड्रोम, जिसमें संक्रमण के बाद मरीज के फेफड़ों में पानी भर जाता है. और इसका दूसरा सबसे खराब असर रीनल सिंड्रोम के रूप में देखने को मिलता है जिसमें किडनी प्रभावित होती है और हाई बीपी की समस्या हो सकती है. क्या हंता वायरस नया वायरस है? डॉक्टर गांगुली कहते हैं कि हंता वायरस कोई नया वायरस नहीं है. इसका नाम कोरिया की “हंटा” नदी के नाम पर रखा गया है. सबसे पहले हंता वायरस के मामले कोरिया में सामने आए थे, बाद में यह कई देशों में फैल गया. क्या यह इंसान से इंसान में फैलता है? डॉ. गांगुली का कहना है कि हंता वायरस के अलग-अलग प्रकार होते हैं. आमतौर पर हंता वायरस इंसान से इंसान में बहुत कम फैलता है लेकिन अर्जेंटीना और चिली में मिलने वाला “एंडी स्ट्रेन” इंसान से इंसान में फैल सकता है. साल 2018 में अर्जेंटीना में हंता वायरस का ह्यूमन-टू-ह्यूमन ट्रांसमिशन देखा गया था. बचने के लिए क्या करें डॉक्टर कहते हैं कि हंता वायरस संक्रमित चूहों की लार और उनके संपर्क से फैलता है. किसी भी वायरस से बचने के लिए साफ-सफाई और हाइजीन का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. जैसे कोरोना के समय बचाव के तरीके अपनाए गए थे, ठीक वैसे ही तरीके हंता वायरस से बचाव के लिए अपनाए जा सकते हैं, हालांकि फिलहाल भारत में इसका खतरा नहीं है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi
'विराट के खिलाफ बयान देने के लिए पैसे ऑफर हुए':जर्मन मॉडल लिजलाज बोलीं- मुझे अलग-अलग मैगजीन से बहुत सारे कॉल आए

जर्मन मॉडल लिजलाज ने हाल ही में दावा किया कि विराट कोहली द्वारा कथित तौर पर उनकी फोटो लाइक करने के बाद कुछ पत्रकारों ने उन्हें क्रिकेटर के खिलाफ गलत बयान देने के लिए पैसे ऑफर किए थे। फिल्मीमंत्रा को दिए इंटरव्यू में लिजलाज ने बताया कि विराट कोहली द्वारा कथित तौर पर पोस्ट लाइक किए जाने के बाद उन्हें लगातार लोगों के फोन आने लगे। सभी यही कह रहे थे कि विराट ने उनकी पोस्ट लाइक की है। अपने फेवरेट क्रिकेटर विराट द्वारा कथित तौर पर उनकी तस्वीर लाइक किए जाने पर लिजलाज ने कहा, ‘मैं इससे बहुत खुश थी और थोड़ा इमोशनल भी हो गई थी, लेकिन मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि ऐसा कुछ होगा। मुझे अलग-अलग मैगजीन से इतने सारे कॉल आने लगेंगे।’ लिजलाज ने यह भी दावा किया, ‘कुछ लोग आप पर ऐसी बातें बोलने का दबाव भी डालते हैं, जो आप कहना नहीं चाहते। कुछ पत्रकारों ने तो मुझे पैसे ऑफर किए ताकि मैं उनके (विराट कोहली) बारे में गलत बातें कहूं और ऐसे आरोप लगाऊं, जो उन्होंने कभी किए ही नहीं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘लेकिन मैं ऐसा क्यों करूंगी? मैंने खुद कहा था कि वो मेरे पसंदीदा क्रिकेटर हैं। फिर मैं पैसों के लिए उनके बारे में गलत बातें क्यों बोलूं? मैं ऐसी इंसान नहीं हूं।’ बता दें कि लिजलाज की फोटो क्लिक करने वाले फोटोग्राफर अद्वैत वैद्य ने पिछले महीने इंस्टाग्राम पर एक स्क्रीनशॉट शेयर कर दावा किया था कि विराट कोहली के आधिकारिक अकाउंट से लिजलाज की पुरानी फोटो लाइक की गई थी। अद्वैत ने इस पर एक वीडियो भी पोस्ट किया था। अद्वैत ने कैप्शन में लिखा था, ‘इस पर कैसे रिएक्ट करें… जब GOAT विराट कोहली, आपकी पोस्ट लाइक कर दें। मैं और लिजलाज अभी भी अपनी आंखें मलकर देख रही हैं कि ये सच में हो रहा है या नहीं… हाहा… धन्यवाद GOAT।’
सुकून बेच रहा ट्रैवल सेक्टर, वेलनेस बना प्रीमियम बिजनेस मॉडल:वेलनेस टूरिज्म मार्केट सालाना 7% बढ़ रहा; 5 साल में करीब दोगुना हो जाएगा

देश में वेलनेस अब सिर्फ लग्जरी या छुट्टियों का हिस्सा नहीं रह गया। लोग इसे सेहत और मानसिक संतुलन में निवेश की तरह देखने लगे हैं। यही वजह है कि वेलनेस रिट्रीट्स और माइंडफुल ट्रैवल की मांग तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि होलिस्टिक वेलनेस अनुभव पारंपरिक स्पा कल्चर की जगह ले रहे हैं। इसमें योग, मेडिटेशन, हेल्दी न्यूट्रिशन और माइंडफुल हॉस्पिटैलिटी जैसी सुविधाएं हैं। यात्री अब दिखावे वाली लग्जरी के बजाय मानसिक सुकून वाले अनुभवों को तरजीह दे रहे हैं। वेलनेस का असर अब केवल बड़े होटलों तक सीमित नहीं है। लोग अब भीड़भाड़ से दूर रेंटल विला और शांत होमस्टे को तरजीह दे रहे हैं। स्लीप रिचुअल्स, डिजिटल डिटॉक्स और स्थानीय शुद्ध भोजन ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं। एक सर्वे के मुताबिक, करीब 60% यात्री ट्रिप में कम से कम एक ऐसी गतिविधि जरूर शामिल करते हैं, जिससे उन्हें मानसिक सुकून मिले। यात्री डिजिटल डिटॉक्स, क्लीन ईटिंग, स्लीप-फोकस्ड स्टे को तवज्जो दे रहे खर्च – घरेलू पर्यटन पर 15.5 लाख करोड़ रुपए खर्च कम्युनिकेट इंडिया के मुताबिक, 2024 में भारतीयों ने यात्रा पर 15.5 लाख करोड़ रुपए खर्च किए, जबकि विदेशी पर्यटकों का खर्च महज 3.1 लाख करोड़ रहा। द लीला पैलेस नई दिल्ली के मुताबिक, अब लोग ऊर्जा बढ़ाने वाली पारंपरिक पद्धतियों को तरजीह दे रहे हैं। इसी कारण से व्यक्तिगत थैरेपी को अब दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा रहा है। ट्रेंड – होटल वेलनेस और डाइट चार्ट जैसे ऑफर दे रहे होटलों में अब कस्टमाइज्ड वेलनेस चार्ट बनाए जा रहे हैं। इसमें होटल पहुंचने से पहले विशेषज्ञों से परामर्श और चेक-इन के बाद व्यक्तिगत डाइट प्लान जैसे फीचर्स हैं। लोग इस पर होने वाले खर्च को स्वास्थ्य के लिए जरूरी निवेश मानते हैं। यात्री डिजिटल डिटॉक्स (मोबाइल-गैजेट्स से दूरी) और स्लीप-फोकस्ड स्टे को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। स्वीकार्यता – भारत अब दुनिया का टॉप डेस्टिनेशन ग्लोबल वेलनेस इंस्टीट्यूट (जीडब्ल्यूआई) के अनुसार, भारत अब दुनिया के टॉप डेस्टिनेशंस में शामिल हो चुका है। इस साल वैश्विक स्तर पर इस सेक्टर का मूल्य करीब 641 लाख करोड़ रुपए आंका गया है। भारत अपनी आयुर्वेद और योग जैसी पद्धतियों के कारण बड़े पैमाने पर विदेशियों को आकर्षित कर रहा है। आउटलुक – 2030 तक एशिया में सबसे तेज ग्रोथ विशेषज्ञों के मुताबिक, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत इस सेक्टर का इंजन बनकर उभरेगा। जीडब्ल्यूआई का अंदाजा है कि साल 2030 तक इस क्षेत्र की कुल बढ़त का एक बड़ा हिस्सा भारत और चीन से आएगा। इसका कारण मध्यम वर्ग की बढ़ती आय है। भारत का वेलनेस टूरिज्म बाजार अभी 2.9 लाख करोड़ का है। 2031 तक 4.1 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।
पीएम मोदी की अपील के बाद ज्वेलरी शेयर 10% टूटे:एक साल सोना न खरीदने को कहा; डिमांड 10% तक घट सकती है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान के बाद आज 11 मई को ज्वेलरी कंपनियों के शेयर 10% तक लुढ़क गए। पीएम मोदी ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान नागरिकों से अपील की है कि वे एक साल तक सोना न खरीदें। इस बयान के बाद निवेशकों में घबराहट है। कल्याण ज्वेलर्स और सेन्को गोल्ड के शेयर 10-10% तक टूट गए। वहीं, देश की सबसे बड़ी ज्वेलरी कंपनी टाइटन के शेयर में 7% की गिरावट है। इसके अलावा पीएन गाडगिल 8%, थंगमयिल ज्वेलरी 6% और अन्य छोटे ज्वेलरी शेयरों में भी कमजोरी आई है। पीएम मोदी ने क्यों की ऐसी अपील? हैदराबाद में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए ये अपील की है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। उन्होंने इस कार्यक्रम में तीन सुझाव दिए… 1. एक साल तक सोना न खरीदे। 2. वर्क फ्रॉम होम कल्चर अपनाए। 3. अनावश्यक यात्राओं और अंतरराष्ट्रीय दौरों से बचे गोल्ड इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है सरकार सेन्को गोल्ड के सुवंकर सेन ने CNBC से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री की टिप्पणी के बाद इस बात की संभावना बढ़ गई है कि सरकार सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है। अगर ऐसा होता है, तो सोने की डिमांड में 10% से 12% तक की कमी आ सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि ज्वेलरी एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंगलवार को प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। 30 साल के निचले स्तर पर पहुंच सकता है आयात रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में भारत का सोना आयात पिछले तीन दशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच सकता है। बैंकों पर अचानक 3% इंटीग्रेटेड GST की मांग आने के बाद उन्होंने शिपमेंट रोक दी है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड कंज्यूमर है। वित्त वर्ष 2026 में भारत ने हर महीने औसतन 60 टन सोना आयात किया है। इस पर हर महीने करीब 6 बिलियन डॉलर यानी करीब 57 हजार करोड़ रुपए का खर्च आया है। नॉलेज पार्ट: इम्पोर्ट ड्यूटी: दूसरे देशों से सामान मंगाने पर सरकार जो टैक्स लगाती है, उसे इम्पोर्ट ड्यूटी कहते हैं। सोने पर यह टैक्स बढ़ने से देश में सोने की कीमतें बढ़ जाती हैं।
नेशनल टेक्नोनॉली-डे स्पेशल:AI सिर्फ चैटबॉट नहीं, खेत-स्कूल-अस्पताल तक पहुंच रहा, IIT डायरेक्टर्स और भाषिनी CEO ने बताए भारत के टेक्नोलॉजी मिशन

भारत में 11 मई को नेशनल टेक्नोलॉजी डे मनाया जा रहा है। इस मौके पर IIT खड़गपुर, IIT दिल्ली, IIT मद्रास के डायरेक्टर्स और भारत सरकार के AI-बेस्ड ट्रांसलेशन प्लेटपॉर्म, भाषिनी के CEO ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में एडवांस होती टेक्वनोलॉजी और आम लोगों तक पहुंच पर अपने आइडियाज और प्रयोगों के बारे में बताया। IIT खड़गपुर के डायरेक्टर प्रो. सुमन चक्रवर्ती ने कहा कि AI सिर्फ लैपटॉप और चैटबॉट तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसका इस्तेमाल खेत, क्लिनिक, फैक्ट्री और गांव तक है। IIT दिल्ली के डायरेक्टर डॉ. रंगन बनर्जी ने कहा कि उनके संस्थान के करीब 100 फैकल्टी मेंबर्स हेल्थकेयर से जुड़े AI प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। IIT मद्रास के डायरेक्टर प्रो. वी कामकोटी ने कहा कि देश के 30 करोड़ छात्रों को समान गुणवत्ता की शिक्षा देने में AI बड़ी भूमिका निभा सकता है। भाषिनी AI के CEO अमिताभ नाग ने कहा कि भारत में टेक्नोलॉजी की सबसे बड़ी चुनौती इंटरनेट नहीं, बल्कि भाषा है। चारों शख्सियत की राय सिलसिलेवार पढ़िए… AI सिर्फ लैपटॉप या चैटबॉट तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसका असली काम है खेत, क्लिनिक, फैक्ट्री और गांव तक पहुंचना। IIT खड़गपुर में हम इसी दिशा में काम कर रहे हैं। AI को जमीन पर उतारने का काम। हमारा प्लेटफॉर्म है AI4ICPS (टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब)। इसका लक्ष्य है AI को सीधे रोजाना की समस्याओं से जोड़ना। हमने हेल्थकेयर के क्षेत्र में कई बड़े इनाेवेशन किए हैं और डिवाइस बनाएं हैं। AI हेल्थकेयर के क्षेत्र में बना रहे ये 4 जरूरी डिवाइस हमने खेती के लिए AI रोबोट बनाए हैं, जो खेत में जाकर खुद फसल देख सकते हैं, बीमारी पहचान सकते हैं और जरूरत के हिसाब से दवा डाल सकते हैं। हेल्थ सेक्टर में भी हमने कई लो-कॉस्ट डायग्नोस्टिक टूल्स बनाए हैं। यह एक पेपर-आधारित स्ट्रिप और मोबाइल फोन से चलने वाला सिस्टम है। मरीज की एक छोटी-सी ब्लड सैंपल ड्रॉप स्ट्रिप पर डाली जाती है, फिर मोबाइल कैमरा उसकी रीडिंग लेता है। AI उस डेटा को समझकर तुरंत बता देता है कि खून की कमी है या नहीं। इसका फायदा यह है कि लैब, मशीन या बड़े सेटअप की जरूरत नहीं पड़ती। आंगनवाड़ी, स्कूल या गांव के हेल्थ कैंप में भी जांच हो सकती है। यह एक हैंडहेल्ड डिवाइस है, जो दिखने में टॉर्च जैसा है। इसे मुंह के अंदर लाइट डालकर इस्तेमाल किया जाता है, जहां AI की मदद से शुरुआती कैंसर के संकेत पहचाने जा सकते हैं। हमारा पूरा फोकस लागत कम करने पर है। ओरल कैंसर डिवाइस की कीमत 500 डॉलर (लगभग 40 हजार रुपये) से कम होगी। इसे चलाने के लिए ज्यादा ट्रेनिंग या इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत नहीं होगी। यह महिलाओं के लिए एक प्राइवेट और आसान स्क्रीनिंग टूल है, खासकर सर्वाइकल हेल्थ के लिए। यह भी स्ट्रिप और मोबाइल आधारित सिस्टम है, जिसमें महिला खुद सैंपल लेकर टेस्ट कर सकती है। सबसे बड़ा फायदा है- प्राइवेसी और सुविधा। बिना अस्पताल गए शुरुआती जांच हो जाती है, जिससे बीमारी जल्दी पकड़ में आ सकती है। यह एक छोटा डिवाइस है, जो टीबी जैसी संक्रामक बीमारियों की जांच कर सकता है। आम तौर पर ऐसे टेस्ट के लिए बड़े लैब सेटअप और समय लगता है, लेकिन यह डिवाइस कम संसाधनों में, तेजी से रिजल्ट देने के लिए डिजाइन किया गया है। इससे गांवों और मोबाइल हेल्थ कैंप में टीबी की जल्दी पहचान संभव हो जाती है। IIT खड़गपुर में खेतों के लिए ‘रोबोफॉर्म’ तैयार किया है। इसमें फसल की बीमारी पहचानने से लेकर सही मात्रा में कीटनाशक छिड़कने तक के काम ऑटोमेशन से किए जा रहे हैं। इसमें कैमरा आधारित एनालिसिस से फसल में बीमारी पहचान सकते हैं। IIT खड़गपुर ने AI-आधारित अनमेम्ड ग्राउंड व्हीकल (यूजीवी) पेश किया, जिसे उसके इनक्यूबेटेड स्टार्टअप एजफोर्स सोल्यूशंस ने विकसित किया है। इसे बिना ड्राइवर के ऑपरेट किया जा सकता है। इसकी सामान्य ऑपरेटिंग रेंज 5 किलोमीटर तक है। यह 500 किलोग्राम तक वजन ले जा सकता है। 2. प्रोफेसर वी.कामकोटी, IIT मद्रास के डायरेक्टर मैं अक्सर एक बात सोचता हूं, क्या हमारे देश के हर बच्चे तक अच्छी शिक्षा पहुंच रही है? और अगर नहीं, तो टेक्नोलॉजी इसमें क्या बदल सकती है? हमारे देश में करीब 25 करोड़ बच्चे स्कूल सिस्टम में हैं और 5 करोड़ छात्र उच्च शिक्षा में। इतने बड़े स्तर पर हर बच्चे को बराबर क्वालिटी की पढ़ाई देना आसान नहीं है। लेकिन AI इसे संभव बना सकता है। इसमें IIT मद्रास 4 बड़े मोर्चों पर भूमिका निभा रहा है- हमने हाल ही में बोधन AI शुरू किया है। इसका मकसद है कि देश के हर बच्चे को बेहतर पढ़ाई मिल सके। इसके तहत हर छात्र को एक AI साथी मिलेगा, जो पढ़ते समय उसके सवालों का जवाब देगा, जहां समझ नहीं आएगा वहां समझाएगा और उसकी कमजोरी पहचानकर उसी हिसाब से पढ़ने में मदद करेगा। हमने 10 लाख शिक्षकों को AI ट्रेनिंग देने की योजना शुरू की है, ताकि वे टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल कर सकें। इससे टीचर्स बेहतर लेसन प्लान बना पाएंगे, कॉपियां जल्दी और सटीक जांच सकेंगे और हर बच्चे की प्रगति को डेटा के जरिए समझ पाएंगे। हम लंबे समय से शक्ति माइक्रोप्रोसेसर प्रोग्राम पर काम कर रहे हैं, जिसका मकसद है भारत का अपना प्रोसेसर बनाना। आज भारत डिजाइन के मामले में बहुत मजबूत है। IIT मद्रास और दूसरे संस्थान हर साल सैकड़ों चिप डिजाइन तैयार कर रहे हैं। अब अगला कदम है देश में ही चिप बनाना। गुजरात में 28 नैनोमीटर टेक्नोलॉजी वाला प्लांट बन रहा है। इसके शुरू होने के बाद अगले 1–2 साल में भारत अपनी करीब 90% जरूरतें खुद पूरी कर सकता है। IIT मद्रास फोटोनिक्स और डिस्प्ले टेक्नोलॉजी पर भी काम कर रहा है, जो आने वाले समय में हमारे रोजमर्रा के गैजेट्स को बदल सकती है। फोटोनिक्स का मतलब है कि डेटा को रोशनी के जरिए तेजी से ट्रांसफर करना। इससे इंटरनेट स्पीड बढ़ेगी और नेटवर्क ज्यादा एफिशिएंट होगा। वहीं एमोलेड डिस्प्ले टेक्नोलॉजी मोबाइल स्क्रीन को बेहतर बनाती है… कम बैटरी में ज्यादा ब्राइट और क्लियर डिस्प्ले। 3. डॉ. रंगन बनर्जी, IIT दिल्ली के डायरेक्टर हम चाहते हैं कि जो सुविधा आज बड़े अस्पतालों और विशेषज्ञ डॉक्टरों तक सीमित है, वह गांव के प्राइमरी हेल्थ
सोना ₹801 गिरकर ₹1.50 लाख पर आया:चांदी की कीमत में ₹300 की गिरावट, कैरेट के हिसाब से देखें गोल्ड की कीमत

सोना-चांदी के दाम में आज यानी 11 मई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 801 रुपए गिरकर 1,50,277 पर आ गया है। वहीं 1 किलो चांदी की कीमत 300 रुपए कम होकर 2,55,300 रुपए पर आ गई है। प्रधानमंत्री मोदी बोले- सालभर तक सोना न खरीदें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि सालभर तक घर में कोई भी कार्यक्रम हो, हम सोने के गहने नहीं खरीदेंगे। क्योंकि ऐसा करने से विदेशी मुद्रा बचेगी। दरअसल, हमें सोना डॉलर में दूसरे देशों से मंगवाना पड़ता है, डॉलर महंगा होने से इस पर खर्च बढ़ जाता है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके








