Thursday, 14 May 2026 | 05:16 AM

Trending :

Summer Tips: गर्मी में घर से निकलने से पहले पी लें ये देसी ड्रिंक, दिनभर रहेंगे कूल और एनर्जी से भरपूर, जानें बनाने का तरीका

ask search icon

Last Updated:May 12, 2026, 23:59 IST Sattu Sharbat: गर्मी का मौसम शुरू होते ही लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं. तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण शरीर में पानी की कमी, कमजोरी, चक्कर आना और पेट से जुड़ी परेशानियां आम हो जाती हैं. ऐसे में अगर आप घर से निकलने से पहले एक खास देसी ड्रिंक पी लें, तो इन सभी दिक्कतों से काफी हद तक बच सकते हैं. (रिपोर्ट: सावन पाटिल/खंडवा) गर्मी में सबसे फायदेमंद माना जाता है सत्तू का शरबत, जो शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ भरपूर ऊर्जा भी देता है. यही कारण है कि निमाड़ सहित कई इलाकों में इसे गर्मी का ‘देसी टॉनिक’ कहा जाता है. इसमें ढेरों पोषक तत्व होते हैं. इसे गरीबों का प्रोटीन भी कहा जाता है. साथ ही ये फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, आयरन से भरपूर होता है जो गर्मी में पाचन को फिट रखने के लिए बेस्ट चीज है. Local 18 से बातचीत में डॉक्टर अनिल पटेल बताते हैं कि सत्तू एक ऐसा पारंपरिक पेय है, जो न सिर्फ शरीर को अंदर से ठंडा रखता है, बल्कि लू से बचाव में भी बेहद कारगर साबित होता है. सत्तू भुने हुए चने, जौ या मक्का को पीसकर बनाया जाता है. इसे पानी में घोलकर शरबत के रूप में पिया जाता है, जो गर्मी में शरीर को तुरंत राहत देता है. अगर बात करें इसे पीने के तरीके की, तो सत्तू को नमकीन और मीठे दोनों रूप में लिया जा सकता है. नमकीन शरबत बनाने के लिए सत्तू में ठंडा पानी, काला नमक, भुना जीरा और नींबू मिलाया जाता है. वहीं मीठा सत्तू बनाने के लिए इसमें गुड़ या शहद मिलाकर पिया जाता है. एक्सपर्ट के अनुसार सुबह घर से निकलने से पहले सत्तू पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है. Add News18 as Preferred Source on Google एक गिलास सत्तू का मीठा या नमकीन शरबत पी लेते हैं तो आपकी भूख मिट जाती है. आधा कप सत्तू लें. इसे एक बाउल या जग में डाल दें. इसमें एक गिलास पानी डालें. इसे आप अच्छी तरह से मिक्स कर लें ताकि गांठ न बन जाए. अब आप और आधा कप पानी डाल दें. आप गाढ़ा या पतला बनाकर पी सकते हैं. इसमें एक चम्मच भुना हुआ जीरा पाउडर डालेंगे. जीरा आप तवे पर रखकर भूनें और उसे पीस लें. इसमें आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर, एक चौथाई चम्मच काला नमक, स्वादानुसार सादा नमक, आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, बारीक कटा प्याज, हरा धनिया और नींबू का रस डालकर अच्छी तरह से मिक्स करें. इसे गिलास में डालकर सर्व करें. आप चाहें तो इसमें कुछ बर्फ के टुकड़े भी डाल सकते हैं. डॉक्टर अनिल पटेल के अनुसार, सत्तू के सेवन से कई फायदे मिलते हैं. यह शरीर को ठंडा रखता है और लू से बचाता है. इसमें मौजूद प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट तुरंत ऊर्जा देते हैं, जिससे थकान दूर होती है. सत्तू में भरपूर फाइबर होता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत करता है. इसके अलावा कब्ज, गैस जैसी समस्याओं से राहत देता है. यह लंबे समय तक पेट भरा रखता है, जिससे वजन नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है. सत्तू का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, इसलिए यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. गर्मी में यह शरीर में पानी की कमी को भी पूरा करता है, जिससे डिहाइड्रेशन से बचाव होता है. इसके अलावा दोपहर में या ज्यादा मेहनत करने के बाद इसे पीने से शरीर को तुरंत राहत और ऊर्जा मिलती है. सत्तू एक सस्ता, आसान और बेहद असरदार देसी सुपरफूड है, जो गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है. अगर आप भी इस गर्मी में खुद को फिट और सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो सत्तू को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

भरवा करेला रेसिपी: घर में ऐसे पिज्जा भरवां करेला, बच्चे-बच्चे सब कर जाएंगे चाट; विधि नोट करें

तस्वीर का विवरण

भरवां करेला सामग्री बनाने के लिए: 5-6 करेले, 2 बड़े प्याज कटे हुए, 2-3 हरी मिर्च, 1 बड़ा धनिया पाउडर, 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर, 1/2 छोटा प्याज हल्दी पाउडर छवि: फ्रीपिक 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्मच अमचूर पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1/2 बड़ा चम्मच मसाला तेल, 3-4 बड़ा चम्मच मसाला तेल, धागा बांधने के लिए छवि: एआई सबसे पहले करेलों को धो लें और प्रभाव सा देखें लें। बीच से चीरा लगाए बीज प्रारंभ। थोड़ा सा नमक बंद करके 20-30 मिनट तक रुकें। इससे अलग चॉकलेटहट काफी कम होगी। फिर से पानी से ढोकर फर्नीचर की जगह। छवि: फ्रीपिक मसाला तैयार करने की विधि: एक पैन में थोड़ा सा तेल गर्म करें। इसमें सौंफ और हरी मिर्च डालें। अब होने जा रहा है केटे हुए मोनोलैम्ब्स सोलोमन्स सोमाट तक। छवि: फ्रीपिक इसके बाद हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च, अमचूर, गरम मसाला और नमक डालें। एक्स्ट्रा को अच्छे से भूल लें ताकि इसका स्वाद बढ़ जाए। अब आर्टिस्ट को अच्छे से भर दें। छवि: एआई फ़्लोरिडा तो करेलों को गेज से बांधा जा सकता है ताकि मसाला बाहर न निकले। कुक के लिए एक कड़ाही में तेल गर्म और धीरे-धीरे सभी भरवां करेलों को रखें। नामांकित पर उदाहरण आदर्शकर मूर्ति। छवि: फ्रीपिक बीच-बीच में पलटते रहें ताकि सभी तरफ से अच्छे से सिक जाएं। लगभग 20-25 मिनट में करेले नर और दोस्त कुरकुरे हो जायेंगे। गरमा-गरम प्लास्टिक भरवां करेला रोटी, पराठा या दाल-चावल के साथ सर्व करें। छवि: फ्रीपिक करेले पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है। ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक माना जाता है। शरीर को डिटॉक्स करने में मदद मिलती है। समरसाइज़र में पिक्चर और सामान्‍य भोजन के विकल्‍प हैं। छवि: एआई

क्या गर्मी की वजह से ब्लड प्रेशर होने लगता है गड़बड़? किन लोगों को ज्यादा खतरा, कैसे करें बचाव

authorimg

Last Updated:May 12, 2026, 22:53 IST Summer Heat and Blood Pressure: गर्मी और डिहाइड्रेशन की वजह से ब्लड प्रेशर प्रभावित हो सकता है. खासकर बुजुर्गों, दिल के मरीजों और हाई BP के मरीजों को गर्मी में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए. डॉक्टर के मुताबिक ज्यादा पसीना और शरीर में पानी की कमी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ा सकती है. हालांकि इस परेशानी को कंट्रोल किया जा सकता है. गर्मी में लो ब्लड प्रेशर की समस्या काफी बढ़ जाती है. BP Problems in Summer: ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए गर्मियों का मौसम काफी चैलेंजिंग होता है. गर्मी शरीर पर कई तरह से असर डाल सकती है. तेज धूप, ज्यादा पसीना और शरीर में पानी की कमी सिर्फ थकान ही नहीं बढ़ाते, बल्कि ब्लड प्रेशर पर भी असर डाल सकते हैं. कई लोगों को गर्मियों में चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना या अचानक ब्लड प्रेशर ऊपर-नीचे होने जैसी समस्याएं होने लगती हैं. डॉक्टर्स की मानें तो अत्यधिक गर्मी शरीर की ब्लड वेसल्स और पानी के संतुलन को प्रभावित कर सकती है, जिससे ब्लड प्रेशर में बदलाव देखने को मिल सकता है. दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल की सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. वनीता अरोरा ने News18 को बताया गर्मी में शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए ब्लड वेसल्स को फैलाता है. इस प्रक्रिया को वेसोडाइलेशन कहा जाता है. इससे कई बार ब्लड प्रेशर सामान्य से कम हो सकता है. दूसरी ओर ज्यादा पसीना आने से शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी हो सकती है, जिससे कमजोरी, लो ब्लड प्रेशर और चक्कर आने की परेशानी बढ़ सकती है. कुछ मामलों में डिहाइड्रेशन की वजह से दिल पर दबाव भी बढ़ सकता है. लो बीपी के मरीजों के लिए यह मौसम ज्यादा परेशानी भरा हो सकता है. डॉक्टर ने बताया कि हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को भी गर्मियों में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है. जो लोग BP कंट्रोल करने की दवाएं लेते हैं, उनमें पानी की कमी और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का खतरा बढ़ सकता है. कुछ दवाएं शरीर से पानी जल्दी बाहर निकालती हैं, जिससे गर्मी का असर ज्यादा महसूस हो सकता है. बुजुर्गों, हार्ट पेशेंट्स, डायबिटीज के मरीजों और लंबे समय तक धूप में काम करने वाले लोगों को ज्यादा खतरा होता है. उम्र बढ़ने के साथ शरीर का तापमान नियंत्रित करने की क्षमता कम हो सकती है. यही वजह है कि बुजुर्गों में हीट स्ट्रेस और ब्लड प्रेशर की गड़बड़ी का खतरा ज्यादा माना जाता है. एक्सपर्ट की मानें तो गर्मी में ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी माना जाता है. प्यास लगने का इंतजार न करें और दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें. नारियल पानी, छाछ और ORS जैसे पेय भी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकते हैं. दोपहर की तेज धूप में ज्यादा देर बाहर रहने से बचना चाहिए. हल्के और ढीले कपड़े पहनना, घर को ठंडा रखना और जरूरत पड़ने पर पंखे या AC का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है. अगर किसी व्यक्ति को अचानक चक्कर, धुंधला दिखाई देना, तेज सिरदर्द या सांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत मेडिकल सहायता लेना जरूरी हो सकता है. गर्मियों में ब्लड प्रेशर की नियमित जांच भी जरूरी है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

‘मैं कड़े शब्दों में असहमति जताता हूं’: अगले सीबीआई निदेशक का चयन करने वाले पीएम के नेतृत्व वाले पैनल को राहुल गांधी का नोट | भारत समाचार

Gujarat Titans vs Sunsrisers Hyderabad IPL 2026 Live

आखरी अपडेट:12 मई, 2026, 22:39 IST राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें उम्मीदवारों की 360-डिग्री मूल्यांकन रिपोर्ट तक पहुंच से वंचित कर दिया गया, उन्होंने कहा कि प्रक्रिया ‘महज औपचारिकता’ बनकर रह गई है। राहुल गांधी ने पीएम मोदी से कहा कि उन्हें शीर्ष सीबीआई पद के लिए उम्मीदवारों की 360-डिग्री मूल्यांकन रिपोर्ट देने से इनकार कर दिया गया। (छवि: पीटीआई फ़ाइल) लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अगले निदेशक को चुनने के लिए प्रधान मंत्री के नेतृत्व वाली चयन समिति की बैठक के दौरान एक असहमति नोट दर्ज किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक पत्र में, गांधी ने कहा कि वह अगले सीबीआई प्रमुख की सिफारिश करने के लिए गठित पैनल की कार्यवाही से “कड़े शब्दों में” असहमत हैं। गांधी ने लिखा, “केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अगले निदेशक की सिफारिश करने के लिए गठित समिति के अध्यक्ष के रूप में मैं आपको इसकी कार्यवाही पर अपनी असहमति दर्ज करने के लिए लिख रहा हूं।” उन्होंने आगे कहा, “इसलिए मैं कड़े शब्दों में असहमति जताता हूं।” राहुल गांधी ने क्या लगाया आरोप उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें चयन प्रक्रिया में सार्थक भूमिका से वंचित कर दिया गया। उत्तर प्रदेश से कांग्रेस सांसद के अनुसार, बार-बार लिखित अनुरोध के बावजूद, उन्हें बैठक से पहले योग्य उम्मीदवारों की स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट और 360-डिग्री मूल्यांकन रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि इसके बजाय उनसे समिति की बैठक के दौरान पहली बार 69 उम्मीदवारों के मूल्यांकन रिकॉर्ड की समीक्षा करने की उम्मीद की गई थी, जबकि 360-डिग्री रिपोर्ट को “पूरी तरह से नकार दिया गया”। उन्होंने दावा किया कि बिना किसी कानूनी आधार के इन दस्तावेजों तक पहुंच से इनकार करने से चयन प्रक्रिया की अखंडता कमजोर हो गई और यह सुनिश्चित हो गया कि केवल “पूर्व-निर्धारित उम्मीदवार” का ही चयन किया जाएगा। गांधी ने 5 मई, 2025 को पिछली बैठक के दौरान रिकॉर्ड किए गए एक असहमति नोट का भी उल्लेख किया और कहा कि उन्होंने 21 अक्टूबर, 2025 को फिर से प्रधान मंत्री को लिखा था, जिसमें “निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया” के लिए उपाय सुझाए गए थे, लेकिन उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अपने पत्र में, उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने राजनीतिक विरोधियों, पत्रकारों और आलोचकों को निशाना बनाने के लिए बार-बार सीबीआई का “दुरुपयोग” किया है, और कहा कि इन्हीं चिंताओं के कारण विपक्ष के नेता को चयन समिति प्रक्रिया में शामिल किया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चयन समिति के सदस्यों से महत्वपूर्ण जानकारी छिपाकर, सरकार ने प्रक्रिया को “महज औपचारिकता” तक सीमित कर दिया है। गांधी ने लिखा, “विपक्ष का नेता कोई रबर स्टांप नहीं है। मैं इस पक्षपातपूर्ण प्रक्रिया में भाग लेकर अपने संवैधानिक कर्तव्य से विमुख नहीं हो सकता।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘मैं कड़े शब्दों में असहमति जताता हूं’: अगले सीबीआई निदेशक का चयन करने वाले पीएम के नेतृत्व वाले पैनल को राहुल गांधी का नोट अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राहुल गांधी सीबीआई असहमति(टी)सीबीआई निदेशक चयन(टी)राहुल गांधी पत्र(टी)पीएम के नेतृत्व वाली चयन समिति(टी)केंद्रीय जांच ब्यूरो(टी)असहमति नोट लोकसभा(टी)विपक्षी नेता की भूमिका(टी)360-डिग्री मूल्यांकन रिपोर्ट

ज्योतिषी को ओएसडी नियुक्त करने के विजय के कदम को सहयोगियों ने नापसंद किया: ‘अस्वीकार्य’ | भारत समाचार

GT Vs SRH LIVE Score, IPL 2026

आखरी अपडेट:12 मई, 2026, 22:38 IST तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने अपने ज्योतिषी रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल को विशेष कर्तव्य अधिकारी (ओएसडी) के रूप में नियुक्त किया, जिससे उनके सहयोगियों में चिंता फैल गई। विजय ने अपने ज्योतिषी रिकी राधन पंडित को सीएम का ओएसडी नियुक्त किया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय का अपने ज्योतिषी रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल को विशेष कर्तव्य अधिकारी (ओएसडी) के रूप में नियुक्त करने का निर्णय कई लोगों के लिए आश्चर्यचकित करने वाला था, सत्तारूढ़ गठबंधन में सहयोगी – कांग्रेस सहित – इस कदम पर सवाल उठा रहे थे। राधान पंडित, जिनके पास वैदिक ज्योतिष में चार दशकों का अभ्यास है, अभिनेता से नेता बने विजय के मुखर समर्थक बन गए, उन्होंने भविष्यवाणी की कि तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) चुनाव जीतेगी, इससे बहुत पहले ही पार्टी तमिलनाडु की राजनीति में एक प्रमुख ताकत के रूप में उभरी थी। हालाँकि, टीवीके के सहयोगी उन्हें ओएसडी के रूप में नियुक्त करने से पूरी तरह सहमत नहीं थे। एक्स पर एक पोस्ट में, कांग्रेस सांसद शशिकांत सेंथिल ने कहा, “मुझे पीटता है। एक ज्योतिषी को ओएसडी पद की आवश्यकता क्यों होगी?? क्या कोई समझा सकता है?” विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) भी विजय के सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है। हालाँकि, वीसीके महासचिव डी रविकुमार ने भी अपना विरोध जताते हुए कहा, “एक धर्मनिरपेक्ष सरकार में यह अस्वीकार्य है। माननीय मुख्यमंत्री को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।” मेरे पास एक अच्छा विकल्प है. एक और विकल्प चुनें होम उत्पाद विवरण – क्रेडिट कार्ड pic.twitter.com/jCpGGt5aJi – डॉ. डी.रविकुमार सांसद (@WriterRavikumar) 12 मई 2026 सीपीआई (एम) नेता शनमुगम पी ने कहा, “वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना सरकार का कर्तव्य है। रिकी राधन पंडित, जिन्हें आज मुख्यमंत्री के राजनीतिक विंग सचिव के रूप में घोषित किया गया है, मूल रूप से एक ज्योतिषी हैं।” उन्होंने कहा, “सरकार द्वारा यह नियुक्ति अस्वीकार्य है! यह भी अस्वीकार्य है कि वह राजनीतिक सलाह देंगे।” मेरे पास एक अच्छा विकल्प है. एक और विकल्प चुनें होम उत्पाद विवरण – क्रेडिट कार्ड pic.twitter.com/jCpGGt5aJi – डॉ. डी.रविकुमार सांसद (@WriterRavikumar) 12 मई 2026 मुख्यमंत्री (राजनीतिक) का विशेष कर्तव्य अधिकारी (ओएसडी) आमतौर पर मुख्यमंत्री कार्यालय, राजनीतिक नेताओं, पार्टी कार्यकर्ताओं, सरकारी विभागों और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है। यह एक प्रभावशाली पद है, जिसके लिए राजनीतिक समन्वय की आवश्यकता वाले मामलों पर सीएम के साथ घनिष्ठ समन्वय की आवश्यकता होती है। नवीनतम नियुक्ति ने राधन पंडित के राजनीतिक दलों, विशेषकर तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता के साथ संबंधों पर नए सिरे से ध्यान आकर्षित किया है। पंडित ने दावा किया है कि उन्होंने जयललिता के राजनीतिक करियर के महत्वपूर्ण चरणों, जैसे 1991 में उनकी प्रचंड जीत, के दौरान उनके आध्यात्मिक सलाहकार के रूप में काम किया। यह भी पढ़ें: जब भविष्यवाणियां नुकसान पहुंचाती हैं: विजय की जीत की भविष्यवाणी करने वाले ज्योतिषी राधन पंडित ने एक बार जयललिता का मार्गदर्शन किया था एक अवधि के लिए, उन्हें उनके आंतरिक सलाहकार मंडल के हिस्से के रूप में देखा गया, जो चुपचाप पर्दे के पीछे से निर्णयों को प्रभावित कर रहे थे। हालाँकि, रिश्ते में खटास तब आई जब उन्होंने जयललिता को 1994 के आसपास शुरू होने वाले एक कठिन राजनीतिक चरण की चेतावनी दी, जिसे अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ज्योतिषी को ओएसडी नियुक्त करने के विजय के कदम को सहयोगियों ने नापसंद किया: ‘अस्वीकार्य’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट) विजय ज्योतिषी ओएसडी नियुक्ति (टी) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय (टी) रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल (टी) विशेष कर्तव्य अधिकारी (टी) टीवीके सत्तारूढ़ गठबंधन (टी) कांग्रेस और वीसीके आलोचना (टी) धर्मनिरपेक्ष सरकार विवाद (टी) सीपीआई (एम) वैज्ञानिक दृष्टिकोण

नींद के बाद थकान: सुबह 8 घंटे की नींद के बाद भी रहती है थकान? शरीर में हो सकती है इस चीज की कमी!

छवि अपलोड की गई

ग्रीष्मकालीन स्वास्थ्य युक्तियाँ: क्या आपके साथ भी अक्सर ऐसा होता है कि आप रात भर 8-9 घंटे गहरी नींद लेकर सोते हैं, लेकिन फिर भी सुबह खुलते ही शरीर टूटा-फूटा सा लगता है? परदे से पुनरुद्धार का मन नहीं करता और दिन भर में एक अजेय सी दुःस्वप्न रहता है? अगर आपका जवाब ‘हां’ है, तो आपको यह समझने की ज़रूरत है कि यह समस्या आपकी नींद में नहीं, बल्कि आपके शरीर के अंदर हो सकती है। हमें पता चला है कि थकान का इलाज करने से अच्छी नींद आती है। लेकिन अगर पर्याप्त नींद लेने के बाद भी आपकी बैटरी ‘लो’ रहती है, तो इस बात का सीधा मतलब यह है कि आपके शरीर में कुछ बहुत जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो गई है। तो फिर जानें कि आखिर वो कौन सी चीजें हैं जिनकी प्रॉडक्ट कमी हर वक्त थका हुआ महसूस कराती है: विटामिन-बी12 की कमी यह विटामिन हमारे शरीर का ‘पावर हाउस’ है। शरीर में रेड ब्लड सेल बनाने और शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में इसकी सबसे बड़ी भूमिका होती है। अगर आपके शरीर में विटामिन बी 12 की कमी है, तो आप देर से ही सही, आपको कमजोरी, चक्कर आना, थकान महसूस होगी। शाकाहारी लोगों में इसकी कमी का बार-बार आकलन किया जाता है। विटामिन-डी की कमी यहां हम से ज्यादातर लोग बंद स्टूडियो और एसी में काम करते हैं, जिसका कारण है कि सुपरमार्केट में कोई सामान नहीं मिलता है। ‘सनशाइन विटामिन’ यानी विटामिन-डी की कमी से न केवल हड्डियाँ ख़त्म होती हैं, बल्कि यह मिश्रण में दर्द और पुरानी थकान का भी एक बहुत बड़ा कारण है। आयरन की कमी आयरन का काम आपके फेफड़े से ऑक्सीजन लेकर शरीर के बाकी हिस्सों तक पहुंचना है। अगर शरीर में आयरन कम होगा, तो ऑक्सीजन का प्रवाह धीमा हो जाएगा। और जब शरीर के अंगों को ऑक्सीजन ही ठीक से नहीं मिलेगा, तो जाहिर तौर पर सी बात है कि आपको थकान और सुस्ती बनी रहेगी। पानी की कमी कई बार समस्या समान बड़ी नहीं होती, हम देखते हैं। शरीर में पानी की कमी से आपके शरीर में ऊर्जा की मात्रा काफी हद तक कम हो सकती है। रात भर सोने के दौरान हम पानी नहीं पीते, जिससे सुबह उठकर शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है। थकान को दूर करने के लिए क्या करें? अगर आप इस रोज-रोज की थकान से परेशान हैं, तो अपनी दिनचर्या में ये छोटे-छोटे बदलाव कर सकते हैं। सुबह की धूप: कोशिश करें कि सुबह सूरज कम से कम 15 से 20 मिनट तक गुनगुनी धूप में जरूर बैठें। यह आपके विटामिन डी के स्तर को नाचुरली बढ़ाएगा। अंनत ही पानी पिये: सुबह खाली पेट चाय या कॉफी पीने के बजाय 1 से 2 गिलास पानी पिएं। यह बॉडी कोचिंग होगी और आप तुरंत ताज़ा महसूस करेंगे। अंतःकरण में सुधार: अपनी थाली में हरी पत्तीदार कंपनी, चुकंदर, सेब, अनार, दूध, दही, पनीर और ड्रमस्टिक्स को शामिल करें। इससे आयरन विटामिन और-बी12 की कमी पूरी करने में मदद मिलती है। डॉक्टर से सलाह लें:अगर अच्छी सामग्री और भरपूर नींद के बाद भी आपकी थकान ग्रामीण तक दूर नहीं हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें। एक बार डॉक्टर से मिलकर अपना सामान्य सा ब्लड टेस्ट (सीबीसी, विटामिन डी और बी12) जरूर करवाएं। आपके शरीर की मशीन नहीं है, इसे सही ‘ईंधन’ यानी सही पोषण की जरूरत है। अपने शरीर के प्रशंसकों को बधाई दें और एक ही तरह से अपनी और दिनचर्या का पालन करें। यह अवश्य पढ़ें: वेजिटेबल उपमा रेसिपी: फिट पर स्वाद से नहीं होता कॉम्प्रोमाइज? अनलॉस्ट सुपरमार्केट वाला उपमा, कम कैलोरी में भरेगा पेट अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें। (टैग्सटूट्रांसलेट)स्वस्थ शरीर के लिए टिप्स(टी)स्वास्थ्य टिप्स(टी)नींद के बाद थकान(टी)विटामिन की कमी(टी)स्वस्थ शरीर(टी)आयरन की कमी(टी)विटामिन डी की कमी(टी)विटामिन बी12 की कमी(टी)सुबह की थकान

Terror Shielding Nations Reputation Damaged; Pakistan-China Operation Sindoor

Terror Shielding Nations Reputation Damaged; Pakistan-China Operation Sindoor

Hindi News National MEA: Terror Shielding Nations Reputation Damaged; Pakistan China Operation Sindoor 10 मिनट पहले कॉपी लिंक साप्ताहिक बैठक के दौरान विदेश मंत्रालय (MEA) ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर पूछे गए सवालों के जवाब दिए। विदेश मंत्रालय (MEA) ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान चीन के पाकिस्तान को समर्थन देने पर कहा कि आतंकवाद की रक्षा करने वाले देशों को दुनिया देख रही है कि वे खुद को किसके साथ जोड़ रहे हैं। उन्हें इस बात पर विचार करना चाहिए कि ऐसे काम से उनकी प्रतिष्ठा पर क्या प्रभाव पड़ता है। मंगलवार को विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उन रिपोर्ट्स का जिक्र हुआ, जिनमें चीन ने स्वीकार किया था कि उसने मई 2025 के सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को तकनीकी मदद दी थी। MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस बारे में कहा कि हमने ऐसी रिपोर्टें देखी हैं जो इस बात की पुष्टि करती हैं। आपरेशन सिंदूर सोची-समझी कार्रवाई विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए आतंकवादियों पर हमला करता है। पहलगाम में हुए आतंकी हमलों के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए करारा जवाब दिया है। यह एक सोची-समझी कार्रवाई थी, जिसका मकसद पाकिस्तान की मदद से चल रहे आतंकी अड्डों को पूरी तरह खत्म करना था। हाल ही में 7 मई को भारत ने ऑपरेशन की पहली वर्षगांठ मनाई है। ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 भारतीय नागरिकों की हत्या कर दी गई थी। चीनी इंजीनियर ने माना- विमानों को टेक्निकली तैयार किया चीन ने शनिवार को पहली बार सार्वजनिक तौर पर माना है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसने पाकिस्तान को मदद दी थी। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी सरकारी मीडिया CCTV पर प्रसारित इंटरव्यू में चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के इंजीनियर झांग हेंग ने कहा कि उनकी टीम पाकिस्तान में तकनीकी सहायता दे रही थी। उन्होंने बताया कि उनका काम लड़ाकू विमानों और उनसे जुड़े सिस्टम को पूरी तरह युद्ध के लिए तैयार रखना था। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान एयरफोर्स चीन में बने J-10CE लड़ाकू विमान इस्तेमाल करती है। ये विमान AVIC की सहायक कंपनी बनाती है। भारतीय सेना के डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह जुलाई 2025 में दावा कर चुके हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान को महत्वपूर्ण सहायता दी थी। पाक ने गुजरात से कश्मीर तक 900 ड्रोन दागे थे भारतीय सेना ने 7 मई को जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें DGMO जनरल राजीव घई और एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने मीडिया को जानकारी दी। ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर भारतीय सैन्य बलों की समीक्षा में कई अहम खुलासे हुए हैं। पाकिस्तान, चीन और तुर्किये की तिकड़ी ने 7 और 8 मई की रात को 900 ड्रोन दागे थे। कश्मीर में LOC से लेकर गुजरात में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कुछ घंटों में स्वॉर्म ड्रोन दागे गए थे। भारतीय वायुसेना के एयर कमांड और कंट्रोल सिस्टम ने पाकिस्तान के स्वॉर्म ड्रोन को तबाह कर दिया। पाकिस्तान भारत के एक भी अहम सैन्य बेस को नुकसान पहुंचाने में सफल नहीं हो पाया। पाकिस्तान ने यूक्रेन-रूस युद्ध में इस्तेमाल किए गए स्वॉर्म ड्रोन अटैक को कॉपी किया था। बता दें कि यह रणनीति अक्सर नाटो देशों की तरफ से एडवांस वॉर में अपनाई जाती है। पाकिस्तान ने 4 मंसूबों के साथ प्लान बनाया था… भारतीय एयर डिफेंस को सस्ते ड्रोन से परेशान करना: भारत की एयर डिफेंस क्षमता को सस्ते ड्रोन मार गिराने में एग्जॉस्ट करना था। नए आकलन के अनुसार पाक को सस्ते ड्रोन उपलब्ध कराने में तुर्किये का पूरा योगदान था। ड्रोन हमलों से भारत पर महंगे युद्ध का भार थोपना: पाक, चीन व तुर्किये सस्ते एरियल हमलों से भारत पर बेहद महंगा आर्थिक युद्ध थोपने की फिराक में था। 30 से 50 हजार रुपए कीमत के ड्रोन दागकर भारत को आत्मरक्षा में ढाई करोड़ या फिर अधिक कीमत वाली मिसाइलें चलाने का मजबूर करना था। रडार और अन्य टोही नेटवर्क में घुसपैठ करना: भारत के रडार एवं अन्य सर्विलांस नेटवर्क को एक्सपोज करने के लिए मजबूर करना था। पाकिस्तान सिर्फ भारतीय कार्रवाई का जवाब देने के बजाय नेटवर्क वारफेयर की तैयारी कर चुका था। इसके लिए पाक को चीन ने अपना सर्विलांस सिस्टम बायडू भी दिया था। एरियल सर्विलांस में कमियों को उजागर करना: भारतीय एरियल सर्विलांस और डिफेंस में गैप और कर्मियों को उजागर करना था। लेकिन भारतीय वायु सेना के एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (आईएसीसीएस) की सफलता भी सामने आई है। सैन्य समीक्षा के अनुसार आईएसीसीएस से नेटवर्क सेंट्रिक वारफेयर की क्षमता साबित हुई। सेना बोली- ऑपरेशन सिंदूर में 100+ पाकिस्तानी जवान मारे गए ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना ने गुरुवार को कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साफ संदेश दिया कि पाकिस्तान में कोई भी आतंकवादी ठिकाना सुरक्षित नहीं है। यह अभियान अंत नहीं, बल्कि शुरुआत थी। भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ता रहेगा। जयपुर में गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना ने बताया, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के 100 से ज्यादा जवानों और टेररिस्ट कैंप में 100 से ज्यादा आतंकियों की मौत हुई है। ——————————- पूरी खबर पढ़ें… भारत- पहली बार 50 हजार जवानों की अलग ड्रोन फोर्स:BSF और ITBP में भी बनेंगी, किसी भी सैन्य हमले में सबसे पहले यही प्रहार करेंगी ऑपरेशन सिंदूर और वैश्विक युद्धों (रूस-यूक्रेन व पश्चिम एशिया) से सबक लेते हुए भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान ने एक ‘ड्रोन फोर्स’ बनाने का निर्णय लिया है। यह फोर्स किसी भी सैन्य कार्रवाई में ‘फर्स्ट रेस्पोंडर’ (पहली जवाबी कार्रवाई) के तौर पर तैनात की जाएगी। इसे डेटा और कॉग्निटिव वारफेयर फोर्स का तकनीकी समर्थन होगा। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Hantavirus Cases Rise: US, France & Spain Residents Infected

Hantavirus Cases Rise: US, France & Spain Residents Infected

वाशिंगटन डीसी3 मिनट पहले कॉपी लिंक स्पेन के कैनरी द्वीप स्थित टेनेरिफ एयरपोर्ट पर हंटा वायरस प्रभावित क्रूज शिप ‘MV होंडियस’ से उतरे यात्रियों पर विमान में बैठने से पहले स्पेनिश अधिकारियों ने डिसइन्फेक्टेंट स्प्रे किया था। हंतावायरस के संपर्क में आए 3 और लोगों में संक्रमण मिला है। इनमें एक अमेरिकी और एक फ्रांसीसी यात्री शामिल हैं, जो पहले अपने-अपने देश लौट चुके थे। वहीं, मैड्रिड में क्वारैंटाइन एक स्पेनिश नागरिक की शुरुआती रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। अब तक 3 यात्रियों की मौत हो चुकी है। 11 अप्रैल को एक बुजुर्ग डच यात्री की जहाज पर मौत हुई थी। उनकी पत्नी बाद में दक्षिण अफ्रीका में मृत मिलीं। 2 मई को एक जर्मन महिला की जहाज पर मौत हो गई। ये सभी यात्री ‘MV होंडियस’ नाम की उस क्रूज शिप से लौटे हैं, जहां वायरस के मामले सामने आए थे। यह जहाज स्पेन के कैनरी आइलैंड्स में रुका था। WHO के मुताबिक जहाज से जुड़े हंटावायरस के 9 केस कन्फर्म हो चुके हैं। WHO ने जहाज से लौटने वाले सभी लोगों के लिए 42 दिन आइसोलेशन की सिफारिश की है। हालांकि अमेरिकी CDC ने कहा कि वायरस का इंसान से इंसान में फैलना दुर्लभ है और इसे कोविड जैसी महामारी नहीं माना जाना चाहिए। इससे पहले सोमवार को हंता वायरस के संपर्क में आए 17 अमेरिकी यात्रियों को अमेरिका के नेब्रास्का मेडिकल सेंटर लाया गया। यहां उन्हें 42 दिनों तक निगरानी और क्वारंटीन में रखा जाएगा। हंता वायरस के लक्षण दिखने में 8 हफ्ते तक लग सकते हैं हंता वायरस से इंसानों की किडनी फेल होने का खतरा होता है। कई मामलों में मरीज को तेज बुखार, शरीर दर्द, सांस लेने में दिक्कत और कमजोरी होने लगती है। हालत बिगड़ने पर फेफड़ों में पानी भर सकता है और जान का खतरा भी हो सकता है। इंसानों में हंता वायरस के लक्षण दिखने में 1 से 8 हफ्ते लग जाते हैं, लेकिन इसके बाद मरीज की हालत तेजी से बिगड़ने लगती है। WHO के मुताबिक, हंता वायरस की चपेट में आने वालों में से 35-40% की मौत 6 हफ्तों के अंदर हो जाती है। जानवरों से फैलता है यह वायरस हंता वायरस एक खतरनाक वायरस है, जो ज्यादातर चूहों और गिलहरियों जैसे जानवरों से फैलता है। यह उनके मल, पेशाब और लार में पाया जाता है। इसका नाम दक्षिण कोरिया की “हंटन” नदी के नाम पर रखा गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, हंता वायरस की “एंडीज” नाम की एक खास किस्म इंसान से इंसान में भी फैल सकती है। यह संक्रमित व्यक्ति की लार, थूक, साथ खाना खाने या एक ही बिस्तर पर सोने से फैल सकता है। मरीज की देखभाल करने वालों को ज्यादा खतरा रहता है। इस वायरस का पहला मामला 1993 में अमेरिका में सामने आया था। उस समय एक अमेरिकी दंपत्ति की मौत हुई थी। जांच में उनके घर के आसपास चूहों के बिल और वायरस के निशान मिले थे। अमेरिका के नेशनल इंस्टिट्यूट्स ऑफ हेल्थ के मुताबिक, दुनियाभर में हर साल हंता वायरस के करीब 1.5 लाख मामले सामने आते हैं, जिनमें से ज्यादातर यूरोप और एशिया के होते हैं। इनमें से आधे से ज्यादा मामले चीन से होते हैं। 2018 में अर्जेंटीना की एक बर्थडे पार्टी में यह वायरस 34 लोगों में फैल गया था, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी। संक्रमित इंसान के करीबी संपर्क से हंता वायरस होता है अधिकारियों के मुताबिक, हंतावायरस आसानी से नहीं फैलता। यह केवल उस व्यक्ति के बहुत करीबी संपर्क से फैल सकता है जिसमें लक्षण दिखाई दे रहे हों। यूएस सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के कार्यवाहक निदेशक जय भट्टाचार्य ने कहा कि पहले यह देखा जाएगा कि कौन-कौन लोग संक्रमित व्यक्ति के करीब थे। उसी हिसाब से उन्हें कम, मध्यम या ज्यादा खतरे वाली श्रेणी में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर किसी यात्री का संक्रमित व्यक्ति से करीबी संपर्क नहीं था, तो उसे कम खतरे वाला माना जाएगा। हालांकि, यह वायरस कोविड-19 की तरह तेजी से नहीं फैलता। ज्यादातर मामलों में यह संक्रमित चूहों के मल, पेशाब या लार के संपर्क में आने से फैलता है। इंसान से इंसान में फैलने के मामले बहुत कम देखे गए हैं। हंता वायरस का अभी कोई इलाज नहीं हंता वायरस का अभी कोई खास इलाज या वैक्सीन मौजूद नहीं है। डॉक्टर मरीज के लक्षणों के हिसाब से इलाज करते हैं ताकि उसकी हालत ज्यादा खराब न हो। अगर मरीज को सांस लेने में दिक्कत होती है, तो उसे ऑक्सीजन या वेंटिलेटर की मदद दी जाती है। शरीर में पानी और ब्लड प्रेशर संतुलित रखने के लिए दवाएं और फ्लूइड दिए जाते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जल्दी पहचान और समय पर इलाज से मरीज की जान बचाने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए बुखार, सांस लेने में परेशानी या कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाना जरूरी है। कुछ लोगों को घर भेजा जा सकता है स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि शुरुआती जांच के बाद कुछ यात्रियों को घर जाने की इजाजत दी जा सकती है। हालांकि, उन्हें सुरक्षित तरीके से भेजा जाएगा ताकि रास्ते में किसी और को खतरा न हो। घर पहुंचने के बाद भी लोकल स्वास्थ्य विभाग और सीडीसी उनकी लगातार निगरानी करेंगे। CDC के मुताबिक, वायरस के संपर्क में आने के बाद 42 दिनों तक निगरानी जरूरी होती है। अगर इस दौरान किसी को बुखार या दूसरे लक्षण दिखते हैं, तो उसे तुरंत खुद को अलग करना होगा। खास मेडिकल सेंटर में रखा गया नेब्रास्का मेडिकल सेंटर में अमेरिका की खास नेशनल क्वारंटीन यूनिट है। यह अमेरिका की इकलौती फेडरल फंडेड क्वारंटीन सुविधा है। यहां के कमरों में खास नेगेटिव एयर प्रेशर सिस्टम लगाया गया है, जिससे वायरस हवा में फैल नहीं पाता। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को स्ट्रेचर पर नहीं लाया गया। वे खुद विमान से उतरकर गाड़ियों में बैठे और सीधे अपने क्वारंटीन कमरों में पहुंचे। डॉक्टर माइकल वाडमैन ने बताया कि यहां रहने की व्यवस्था होटल जैसी है। लोगों को कमरे में खाना मिलेगा, वे हल्की एक्सरसाइज कर सकेंगे और रोजाना उनकी जांच होगी। अगर कोई यात्री बीमार होता है, तो उसे अस्पताल की बायोकंटेनमेंट यूनिट में शिफ्ट

आने वाला है इस फल का सीजन, शुगर कंट्रोल में रामबाण…खुद बना सकते हैं पाउडर, जानें ट्रिक

authorimg

Last Updated:May 12, 2026, 20:48 IST Jamun Seed Benefits : गर्मियों के साथ जामुन के पेड़ों में फल आने शुरू हो चुके हैं. इसका बीज सेहत के लिए रामबाण है. अगर आप भी शुगर से परेशान हैं तो इस सीजन जामुन के बीज को फेंकने की जगह सुरक्षित रख लें. सुल्तानपुर के आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. संतोष श्रीवास्तव लोकल 18 से बताते हैं कि जामुन का बीज शरीर का इम्युनिटी सिस्टम भी मजबूत करता है. जामुन के बीज का पाउडर बनाकर सुबह-शाम गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से शुगर कंट्रोल रहता है. डॉ. संतोष के मुताबिक, जामुन के बीज में कैल्शियम, आयरन, मैग्‍नीशियम, सोडियम, फॉस्‍फोरस, विटामिन सी, एंटीऑक्‍सीडेंट जैसे जरूरी पोषक तत्‍व पाए जाते हैं. सुल्तानपुर. गर्मी का मौसम चल रहा है. जामुन के पेड़ों में फल आने शुरू हो चुके हैं. जामुन एक ऐसा फल है जिसका स्वाद किसे नहीं पसंद. इसका बीज शुगर कंट्रोल में काम आता है. अगर आप भी शुगर से परेशान हैं तो इस सीजन जामुन के बीज को फेंकने की जगह सुरक्षित रख लें. आइये आयुर्वेद चिकित्सक से जानते हैं इसके बीजों का उपयोग, जो सेहत के लिए रामबाण हो सकता है. सुल्तानपुर के मेडिकल कॉलेज में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. संतोष श्रीवास्तव लोकल 18 से बताते हैं कि जामुन का बीज शुगर को कंट्रोल करने में काफी मददगार है. शरीर का इम्युनिटी सिस्टम मजबूत करता है. जामुन के बीज का पाउडर बनाकर सुबह-शाम गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से शुगर कंट्रोल रहता है. ध्यान रखें ये बातडॉ. संतोष के मुताबिक, जामुन के बीज में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, आयरन, मैग्‍नीशियम, सोडियम, फॉस्‍फोरस, विटामिन सी, एंटीऑक्‍सीडेंट जैसे जरूरी पोषक तत्‍व पाए जाते हैं. कई वैज्ञानिक शोध पाया गया है कि यह हमारे शरीर को कई बीमारियों से बचाने में मदद कर सकता है. जामुन के बीज को पहले अच्छे से धुल लेना चाहिए. धुलने के बाद सुखा लें. उसके बाद छिलके को किसी पत्थर से तोड़कर अलग कर देना चाहिए और बीज के मुख्य भाग को अच्छे से पिसाई कर लेनी चाहिए. इस पाउडर को प्रतिदिन गुनगुने पानी से एक चम्मच सुबह खाना चाहिए. इससे डायबिटीज नियंत्रित रहता है. हार्ट के लिए सोनाडॉ. संतोष बताते हैं कि जामुन में हाई लेवल पोटैशियम होता है, जो हृदय के लिए काफी लाभदायक है. यह हार्ट बीट को भी नियंत्रित करने में मदद करता है. जामुन हार्ट को स्वस्थ रखने, स्‍ट्रोक और हार्ट अटैक की संभावना को कम करने में भी मदद करता है. यह ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में भी काफी असरदार माना जाता है. यह एक आयुर्वेदिक उपाय है, जिसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है. About the Author Priyanshu Gupta प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sultanpur,Uttar Pradesh

summer safety tips for kids dehydration heat stroke prevention

authorimg

Last Updated:May 12, 2026, 20:35 IST Summer Safety Tips: देशभर में बढ़ती गर्मी से बच्चों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मामले बढ़ रहे हैं. डॉक्टर सुनीता चौधरी ने पानी, हल्का खाना और स्कूलों में खास सावधानी की सलाह दी. बढ़ते पारे के बीच स्कूलों को दोपहर की आउटडोर गतिविधियों और असेंबली को टालने की सलाह दी गई है. क्लासरूम में उचित वेंटिलेशन और पीने के साफ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना अनिवार्य है. डॉक्टरों के मुताबिक बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए उन्हें थोड़ा-थोड़ा करके लगातार पानी, नींबू पानी या ओआरएस देना जरूरी है. डाइट में ताजे फल और हल्का खाना शामिल करें ताकि शरीर का तापमान संतुलित रहे. दिल्ली: देशभर में तापमान लगातार बढ़ रहा है. इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है. डॉक्टरों का कहना है कि तेज गर्मी में बच्चों को डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और वायरल बुखार जैसी समस्याएं तेजी से हो सकती हैं. ऐसे में माता-पिता और स्कूल दोनों को बच्चों की देखभाल को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करेंडॉक्टर सुनीता चौधरी ने बताया की अगर बच्चा अचानक चक्कर महसूस करे, उल्टी जैसा लगे, पेशाब कम आए या पेशाब का रंग गहरा हो जाए तो यह डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है. इसके अलावा शरीर बहुत गर्म लगना, कमजोरी, बुखार या बेचैनी भी हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण माने जाते हैं. डॉक्टरों के मुताबिक ऐसे संकेत दिखते ही तुरंत बच्चे को ठंडी जगह पर आराम देना चाहिए. बच्चों को क्या खिलाएं और क्या नहींगर्मी के मौसम में बच्चों को ताजा और हल्का खाना देना सबसे बेहतर माना गया है. घर का बना छाछ, नारियल पानी, नींबू पानी, दूध और ताजे फल शरीर को हाइड्रेट रखते हैं. वहीं जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक, पैकेट फूड और बहुत ठंडी चीजों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए. स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए खास सलाहडॉक्टरों ने सलाह दी है कि बच्चों के टिफिन में कटे हुए फल न रखें. सेब, केला और संतरा जैसे साबुत फल देना ज्यादा सुरक्षित है. इसके साथ हल्का खाना जैसे ब्रेड, सैंडविच या पराठा दिया जा सकता है. बच्चों को बार-बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीने की आदत डालनी चाहिए. अगर बच्चे को हीट स्ट्रोक हो जाए तो क्या करेंअगर बच्चा बहुत ज्यादा गर्म महसूस करे, चक्कर आए या बेहोशी जैसी हालत लगे तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं. शरीर को गीले कपड़े या तौलिए से ठंडा करें और ORS, नारियल पानी या नींबू पानी दें ताकि शरीर में पानी की कमी पूरी हो सके. जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. स्कूलों को भी बरतनी होगी सावधानीडॉ. सुनीता चौधरी ने कहा कि कि स्कूलों में साफ पानी की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए. क्लासरूम हवादार होने चाहिए और बच्चों को हर 15-20 मिनट में पानी पीने की अनुमति मिलनी चाहिए. तेज धूप में आउटडोर गेम्स से बचना चाहिए और बच्चों को इंडोर एक्टिविटी करानी चाहिए. कितनी मात्रा में पानी पीना जरूरीविशेषज्ञों के मुताबिक बच्चों को रोजाना करीब 1 से 2 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए, जबकि बड़ों के लिए 2 से 3 लीटर पानी जरूरी माना जाता है. गर्मी में थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीना ही सबसे बड़ा बचाव है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : East Delhi,Delhi