summer safety tips for kids dehydration heat stroke prevention

Last Updated:May 12, 2026, 20:35 IST Summer Safety Tips: देशभर में बढ़ती गर्मी से बच्चों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मामले बढ़ रहे हैं. डॉक्टर सुनीता चौधरी ने पानी, हल्का खाना और स्कूलों में खास सावधानी की सलाह दी. बढ़ते पारे के बीच स्कूलों को दोपहर की आउटडोर गतिविधियों और असेंबली को टालने की सलाह दी गई है. क्लासरूम में उचित वेंटिलेशन और पीने के साफ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना अनिवार्य है. डॉक्टरों के मुताबिक बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए उन्हें थोड़ा-थोड़ा करके लगातार पानी, नींबू पानी या ओआरएस देना जरूरी है. डाइट में ताजे फल और हल्का खाना शामिल करें ताकि शरीर का तापमान संतुलित रहे. दिल्ली: देशभर में तापमान लगातार बढ़ रहा है. इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है. डॉक्टरों का कहना है कि तेज गर्मी में बच्चों को डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और वायरल बुखार जैसी समस्याएं तेजी से हो सकती हैं. ऐसे में माता-पिता और स्कूल दोनों को बच्चों की देखभाल को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करेंडॉक्टर सुनीता चौधरी ने बताया की अगर बच्चा अचानक चक्कर महसूस करे, उल्टी जैसा लगे, पेशाब कम आए या पेशाब का रंग गहरा हो जाए तो यह डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है. इसके अलावा शरीर बहुत गर्म लगना, कमजोरी, बुखार या बेचैनी भी हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण माने जाते हैं. डॉक्टरों के मुताबिक ऐसे संकेत दिखते ही तुरंत बच्चे को ठंडी जगह पर आराम देना चाहिए. बच्चों को क्या खिलाएं और क्या नहींगर्मी के मौसम में बच्चों को ताजा और हल्का खाना देना सबसे बेहतर माना गया है. घर का बना छाछ, नारियल पानी, नींबू पानी, दूध और ताजे फल शरीर को हाइड्रेट रखते हैं. वहीं जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक, पैकेट फूड और बहुत ठंडी चीजों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए. स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए खास सलाहडॉक्टरों ने सलाह दी है कि बच्चों के टिफिन में कटे हुए फल न रखें. सेब, केला और संतरा जैसे साबुत फल देना ज्यादा सुरक्षित है. इसके साथ हल्का खाना जैसे ब्रेड, सैंडविच या पराठा दिया जा सकता है. बच्चों को बार-बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीने की आदत डालनी चाहिए. अगर बच्चे को हीट स्ट्रोक हो जाए तो क्या करेंअगर बच्चा बहुत ज्यादा गर्म महसूस करे, चक्कर आए या बेहोशी जैसी हालत लगे तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं. शरीर को गीले कपड़े या तौलिए से ठंडा करें और ORS, नारियल पानी या नींबू पानी दें ताकि शरीर में पानी की कमी पूरी हो सके. जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. स्कूलों को भी बरतनी होगी सावधानीडॉ. सुनीता चौधरी ने कहा कि कि स्कूलों में साफ पानी की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए. क्लासरूम हवादार होने चाहिए और बच्चों को हर 15-20 मिनट में पानी पीने की अनुमति मिलनी चाहिए. तेज धूप में आउटडोर गेम्स से बचना चाहिए और बच्चों को इंडोर एक्टिविटी करानी चाहिए. कितनी मात्रा में पानी पीना जरूरीविशेषज्ञों के मुताबिक बच्चों को रोजाना करीब 1 से 2 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए, जबकि बड़ों के लिए 2 से 3 लीटर पानी जरूरी माना जाता है. गर्मी में थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीना ही सबसे बड़ा बचाव है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : East Delhi,Delhi
हर घर में होनी चाहिए इमरजेंसी मेडिसिन किट, डॉक्टर ने बताया इसमें कौन-कौन सी दवाएं रखना जरूरी

Emergency Medicine Kit : हमारी तबीयत कभी भी बिगड़ सकती है और अचानक परेशानी होने पर लोग दवाएं ढूंढते हैं. कई लोग अपने घर में दवाओं का बॉक्स रखते हैं, जिसमें गैस, बुखार, पेट दर्द, सिरदर्द की टेबलेट होती हैं. इसके अलावा बैंडेज, कटने-जलने की क्रीम और बीपी-शुगर की मशीन भी घर में होनी चाहिए. इमरजेंसी कंडीशन में ये सभी चीजें आपकी जान बचा सकती हैं. डॉक्टर्स का कहना है कि हर घर में एक इमरजेंसी मेडिसिन किट होनी चाहिए और उसमें जरूरी चीजें रखनी चाहिए. अगर कभी इमरजेंसी कंडीशन पैदा हो जाए, तो यह किट लाइफ सेविंग हो सकती है. हर परिवार को बेसिक फर्स्ट एड और जरूरी दवाओं की जानकारी होनी चाहिए, ताकि अस्पताल पहुंचने तक कंडीशन बहुत क्रिटिकल न हो. नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया एक अच्छी होम इमरजेंसी किट में सिर्फ दवाएं ही नहीं, बल्कि फर्स्ट एड से जुड़ी जरूरी चीजें भी शामिल होनी चाहिए. इसमें बैंडेज, कॉटन, गॉज, मेडिकल टेप, एंटीसेप्टिक लिक्विड, एंटीसेप्टिक क्रीम, डिजिटल थर्मामीटर, कैंची, ग्लव्स और दर्द कम करने वाले कोल्ड पैक जैसी चीजें रखना भी उपयोगी माना जाता है. चोट लगने या कटने पर सबसे पहले साफ-सफाई और संक्रमण रोकना बेहद जरूरी होता है. इसके अलावा कुछ सामान्य दवाएं भी घर में मौजूद होनी चाहिए. बुखार के लिए पैरासिटामोल, सर्दी-जुकाम के लिए बेसिक दवाएं, एलर्जी की दवा, एसिडिटी और गैस की दवा, दस्त और पेट खराब होने की दवा, ORS पाउडर और उल्टी रोकने की दवा. हालांकि बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाएं यूज नहीं करनी चाहिए. हर घर में मौजूद होने चाहिए 20 जरूरी सामान डिजिटल थर्मामीटर, ORS पाउडर, पैरासिटामोल, एंटीसेप्टिक लिक्विड, कॉटन, गॉज पैड, बैंडेज रोल, मेडिकल टेप, एंटीसेप्टिक क्रीम, कैंची, ग्लव्स, हैंड सैनिटाइजर, एलर्जी की दवा, सर्दी-जुकाम की दवा, पेट दर्द या गैस की दवा, दस्त रोकने की बेसिक दवा, बर्न क्रीम, आई ड्रॉप, कोल्ड पैक और डॉक्टर और एम्बुलेंस के जरूरी नंबरों की सूची. ORS, थर्मामीटर और बैंडेज क्यों हैं जरूरी? डॉक्टर सोनिया रावत के अनुसार ORS यानी ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी को पूरा करने में मदद करता है. दस्त, उल्टी या डिहाइड्रेशन की स्थिति में यह बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. वहीं थर्मामीटर से शरीर का तापमान सही तरीके से मापा जा सकता है, जिससे बीमारी की गंभीरता समझने में मदद मिलती है. बैंडेज और गॉज चोट या खून बहने की स्थिति में शुरुआती सुरक्षा देने के लिए जरूरी माने जाते हैं. इमरजेंसी में लोग कौन सी गलतियां करते हैं? एक्सपर्ट की मानें तो कई लोग घबराहट में गलत दवा दे देते हैं या बिना डॉक्टर की सलाह के जरूरत से ज्यादा दवाएं खिला देते हैं. कुछ लोग एक्सपायर्ड दवाओं का इस्तेमाल भी कर लेते हैं, जो नुकसानदायक हो सकता है. चोट लगने पर सीधे गंदे कपड़े या बिना साफ किए हाथ लगाने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. कई बार तेज बुखार या गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज करना भी खतरनाक साबित हो सकता है. घर में दवाएं रखते समय किन बातों का ध्यान रखें? डॉक्टर सलाह देते हैं कि दवाओं को हमेशा बच्चों की पहुंच से दूर और ठंडी-सूखी जगह पर रखें. समय-समय पर उनकी एक्सपायरी डेट जरूर जांचते रहें. किसी भी दवा को बिना लेबल के स्टोर नहीं करना चाहिए. साथ ही, अगर किसी सदस्य को किसी दवा से एलर्जी हो, तो उसकी जानकारी परिवार के बाकी लोगों को भी होनी चाहिए. होम इमरजेंसी किट केवल शुरुआती सहायता के लिए होती है. गंभीर चोट, सांस लेने में परेशानी, बेहोशी, सीने में दर्द या लगातार तेज बुखार जैसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर या अस्पताल से संपर्क करना जरूरी होता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.
कच्ची केरी की चटनी रेसिपी: गर्मागर्म केरी की चटनी खाने के हैं कई फायदे, नोट कर लें मिनट में बनने वाली रेसिपी

अगर आप भी गर्मियों में कुछ चटपटा और मसाला खाना चाहते हैं, तो घर पर एक मिनट में बनने वाली प्लास्टिक केरी की सजावट जरूर करें। छवि: फ्रीपिक सामग्री: 1 मध्यम आकार की काली मिर्च, 1/2 कप ताजा पुदीना, 1/2 कप हरा धनिया, 2 हरी मिर्च, 4-5 लहसुन की कलियां, 1 छोटा जीरा, स्वादानुसार नमक, 1 छोटा सा चीनी या गुड़, थोड़ा सा पानी छवि: एआई माकन बनाने की विधि: सबसे पहले प्लास्टिक कैरी को धोकर छील लें और छोटी-छोटी सब्जियों में काट लें। अब मसाला जार में केरी, पुदीना, हरा धनिया, हरी मिर्च, लहसुन और जीरा डाला जाता है। छवि: फ्रीपिक इसके बाद नमक और थोड़ा सा चीनी या गुड़ निगल। अब इसमें थोड़ा सा पानी साॅरी नी को अच्छी तरह पीस लें। आपकी स्वादिष्ट खट्टी-तीखी केरी की रेसिपी तैयार है। छवि: एआई अगर आपको ज्यादा खट्टा स्वाद पसंद नहीं है, तो आप स्नैक्स में थोड़ा गुड़ या चीनी दाल ले सकते हैं। वहीं तीखा पसंद करने वाले लोग हरी मिर्च की मात्रा बढ़ा सकते हैं। छवि: एआई इस विकल्प को आप परांठे, पकौड़े, दाल-चावल, समोसे या मसाले के साथ सर्व कर सकते हैं। गर्मी में इसे खाने से स्वाद के साथ ताजगी का एहसास भी होता है। छवि: एआई केरी की रचना शरीर को ठंडक डॉक्टर में मदद मिलती है। पाचन क्रिया बेहतर होती है। लू और डायहाइड्रेशन से बचाव में सहायता मिलती है। छवि: एआई भूख बढ़ाने में मदद मिलती है। विटामिन-सी से संभाव्यता के कारण इम्युनिटी मजबूत होती है। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)केरी की चटनी रेसिपी(टी)केरी की चटनी रेसिपी(टी)कच्ची केरी की चटनी(टी)कच्चे आम की चटनी(टी)गर्मी की चटनी रेसिपी(टी)चटनी रेसिपी(टी)कच्ची केरी की चटनी बनाने की विधि(टी)गर्मियों के लिए चटनी रेसिपी(टी)गर्मियों में कच्चे आम की चटनी रेसिपी
Kolkata HC Recuses RG Kar Rape Murder Case

6 मिनट पहले कॉपी लिंक कलकत्ता हाईकोर्ट में आरजी कर रेप-मर्डर केस की सुनवाई कर रही बेंच ने खुद को मामले से अलग कर लिया। जस्टिस राजा शेखर मंथा और जस्टिस राय चट्टोपाध्याय ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान कहा कि दूसरे मामलों की वजह से हम इस केस को समय नहीं दे पा रहे हैं। सुनवाई के दौरान, CBI ने अपनी जांच रिपोर्ट भी पेश की। इस पर पीड़ित के परिवार ने कहा कि एजेंसी द्वारा कोई नई जांच नहीं की गई है। दरअसल, कोर्ट ने मई में CBI को नए सिरे से मामले की जांच करने को कहा था। हाईकोर्ट ने कहा कि यह महत्वपूर्ण मामला है। पूरी दुनिया इसे देख रही है। इसलिए इस मामले को पर्याप्त समय मिलना जरूरी है। हमने केस से खुद को अलग करने के फैसले के बारे में चीफ जस्टिस को बता दिया है। वे अब इस पर फैसला लेंगे। अगर जरूरत पड़ी तो इसके लिए एक कमीशन भी बनाया जाएगा। कोलकाता स्थित आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में पिछले साल 8-9 अगस्त की रात एक ट्रेनी डॉक्टर का रेप-मर्डर हुआ था। 9 अगस्त की सुबह डॉक्टर की लाश सेमिनार हॉल में मिली थी। पीड़ित की मां बोली- हम सीएम सुवेंदु से मिलेंगे पीड़ित की मां रत्ना देबनाथ। सुनवाई के बाद पीड़ित की मां रत्ना देबनाथ ने कहा- ‘मैंने चीफ जस्टिस से मुलाकात की है। मैं अब इस मामले में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से भी बात करूंगी।’ इस मामले में पीड़ित की मां रत्ना देबनाथ पश्चिम बंगाल की पानीहाटी से विधायक हैं। उन्होंने TMC के तीर्थंकर घोष को 28,826 वोटों से हराया था। संजय रॉय डॉक्टर से रेप-मर्डर का दोषी आरजी कर केस में संजय रॉय नाम के सिविक वॉलंटियर को अरेस्ट किया गया था। इस मामले में अगस्त की सुबह डॉक्टर की लाश सेमिनार हॉल में मिली थी। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने संजय रॉय नाम के सिविक वॉलंटियर को अरेस्ट किया था। कोर्ट ने 18 जनवरी, 2025 को संजय को दोषी ठहराया था। 20 जनवरी, 2025 को उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। CBI और पीड़ित परिवार ने मौत की सजा मांगी थी। इस घटना को लेकर कोलकाता समेत देशभर में आक्रोश फैला था। बंगाल में 2 महीने से भी ज्यादा समय तक मेडिकल सेवाएं ठप रही थीं। ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… केंद्रीय मंत्री बंदी संजय के बेटे पर POCSO केस:नाबालिग से सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप; अग्रिम जमानत याचिका लगाई, कहा- हनी ट्रैप की कोशिश हुई भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे साई भागीरथ पर 17 साल की एक लड़की के सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप लगा है। नाबालिग की मां ने 8 मई को तेलंगाना के हैदराबाद में POCSO एक्ट के तहत उनके खिलाफ केस दर्ज कराया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Kolkata HC Recuses RG Kar Rape Murder Case

22 मिनट पहले कॉपी लिंक कलकत्ता हाईकोर्ट में आरजी कर रेप-मर्डर केस की सुनवाई कर रही बेंच ने खुद को मामले से अलग कर लिया। जस्टिस राजा शेखर मंथा और जस्टिस राय चट्टोपाध्याय ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान कहा कि दूसरे मामलों की वजह से हम इस केस को समय नहीं दे पा रहे हैं। सुनवाई के दौरान, CBI ने अपनी जांच रिपोर्ट भी पेश की। इस पर पीड़ित के परिवार ने कहा कि एजेंसी द्वारा कोई नई जांच नहीं की गई है। दरअसल, कोर्ट ने मई में CBI को नए सिरे से मामले की जांच करने को कहा था। हाईकोर्ट ने कहा कि यह महत्वपूर्ण मामला है। पूरी दुनिया इसे देख रही है। इसलिए इस मामले को पर्याप्त समय मिलना जरूरी है। हमने केस से खुद को अलग करने के फैसले के बारे में चीफ जस्टिस को बता दिया है। वे अब इस पर फैसला लेंगे। अगर जरूरत पड़ी तो इसके लिए एक कमीशन भी बनाया जाएगा। कोलकाता स्थित आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में पिछले साल 8-9 अगस्त की रात एक ट्रेनी डॉक्टर का रेप-मर्डर हुआ था। 9 अगस्त की सुबह डॉक्टर की लाश सेमिनार हॉल में मिली थी। पीड़ित की मां बोली- हम सीएम सुवेंदु से मिलेंगे पीड़ित की मां रत्ना देबनाथ। सुनवाई के बाद पीड़ित की मां रत्ना देबनाथ ने कहा- ‘मैंने चीफ जस्टिस से मुलाकात की है। मैं अब इस मामले में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से भी बात करूंगी।’ इस मामले में पीड़ित की मां रत्ना देबनाथ पश्चिम बंगाल की पानीहाटी से विधायक हैं। उन्होंने TMC के तीर्थंकर घोष को 28,826 वोटों से हराया था। संजय रॉय डॉक्टर से रेप-मर्डर का दोषी आरजी कर केस में संजय रॉय नाम के सिविक वॉलंटियर को अरेस्ट किया गया था। इस मामले में अगस्त की सुबह डॉक्टर की लाश सेमिनार हॉल में मिली थी। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने संजय रॉय नाम के सिविक वॉलंटियर को अरेस्ट किया था। कोर्ट ने 18 जनवरी, 2025 को संजय को दोषी ठहराया था। 20 जनवरी, 2025 को उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। CBI और पीड़ित परिवार ने मौत की सजा मांगी थी। इस घटना को लेकर कोलकाता समेत देशभर में आक्रोश फैला था। बंगाल में 2 महीने से भी ज्यादा समय तक मेडिकल सेवाएं ठप रही थीं। ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… केंद्रीय मंत्री बंदी संजय के बेटे पर POCSO केस:नाबालिग से सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप; अग्रिम जमानत याचिका लगाई, कहा- हनी ट्रैप की कोशिश हुई भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे साई भागीरथ पर 17 साल की एक लड़की के सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप लगा है। नाबालिग की मां ने 8 मई को तेलंगाना के हैदराबाद में POCSO एक्ट के तहत उनके खिलाफ केस दर्ज कराया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
CTET 2026 Apply Now | Bihar Havildar Instructor Vacancy & IIT Bhilai Openings

Hindi News Career CTET 2026 Apply Now | Bihar Havildar Instructor Vacancy & IIT Bhilai Openings 6 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी CTET एग्जाम 2026 के लिए आवेदन शुरू होने की, बिहार में हवलदार इंस्ट्रक्टर के 122 पदों पर भर्ती की। साथ ही NMDC में अप्रेंटिस की 180 वैकेंसी की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. CTET सितंबर 2026 के लिए आवेदन शुरू, सैलरी 90 हजार से ज्यादा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) के लिए आवेदन की शुरुआत कर दी है। बोर्ड द्वारा जारी सार्वजनिक सूचना के अनुसार, CTET सितंबर 2026 की परीक्षा देशभर के 132 शहरों में 27 भाषाओं में आयोजित की जाएगी। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट ctet.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा का आयोजन 6 सितंबर 2026 (रविवार) को किया जाएगा। फीस जमा करने की लास्ट डेट 10 जून तय की गई है। परीक्षा शहर के अलॉटमेंट में बदलाव इस बार बोर्ड द्वारा आवेदन पोर्टल पर उम्मीदवारों को परीक्षा शहर चुनने का विकल्प नहीं मिलेगा। सीबीएसई द्वारा परीक्षा शहर का अलॉटमेंट ‘बिना किसी पूर्व योजना आधार’ (Random Basis) पर किया जाएगा। आवंटित शहर में बदलाव के किसी भी अनुरोध को स्वीकार नहीं किया जाएगा। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : पेपर – 1 : क्लास 1 से 5वीं तक (प्राइमरी लेवल टीचर) 12वीं पास, D.El.Ed / BTC / JBT / B.El.Ed / एलमेंट्री एजुकेशन में डिप्लोमा। पेपर – 2 : क्लास 6 से 8वीं तक (प्राइमरी लेवल टीचर) : बीएड के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री, D.El.Ed / B.Ed स्पेशल एजुकेशन या समकक्ष डिग्री। एज लिमिट : अधिकतम कोई एज लिमिट नहीं सैलरी : PRT : 35,000 – 55,000 रुपए प्रति माह TGT : 45,000 – 70,000 रुपए प्रति माह PGT : 60,000 – 90,000 रुपए प्रति माह इसके अलावा अन्य अलाउंस का लाभ भी मिलेगा। सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल टेस्ट फीस : कैटेगरी पेपर – 1 या पेपर – 2 दोनों पेपर के लिए जनरल, ओबीसी 1000 रुपए 1200 रुपए एससी, एसटी, पीडब्ल्यूडी 500 रुपए 600 रुपए एग्जाम पैटर्न : पेपर – 1 : क्लास 1 से 5वीं तक (प्राइमरी लेवल टीचर) ड्यूरेशन : ढाई घंटे निगेटिव मार्किंग : नहीं सब्जेक्ट क्वेश्चन मार्क्स चाइल्ड डेवलपमेंट एंड पेडागॉजी 30 30 लैंग्वेज – 1 30 30 लैंग्वेज – 2 30 30 मैथमेटिक्स 30 30 एनवायरमेंटल स्टडीज 30 30 कुल 150 150 पेपर 2 – क्लास 6 से 8वीं तक (प्राइमरी लेवल टीचर) : सब्जेक्ट क्वेश्चन मार्क्स चाइल्ड डेवलपमेंट एंड पेडागॉजी 30 30 लैंग्वेज – 1 30 30 लैंग्वेज – 2 30 30 मैथमेटिक्स/ साइंस/ सोशल स्टडीज 60 60 कुल 150 150 शॉर्ट नोटिफकेशन लिंक डिटेल ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक अप्लाई ऑनलाइन लिंक 2. बिहार में हवलदार इंस्ट्रक्टर के 122 पदों पर भर्ती, एज लिमिट 50 साल BPSSC ने बिहार पुलिस हवलदार इंस्ट्रक्टर भर्ती के लिए आवेदन शुरू कर दिए हैं। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास। शारीरिक योग्यता : सामान्य, बीसी : लंबाई 165 सेमी, सीना 81 सेमी बिना फुलाए और 86 सेमी फुलाकर ओबीसी/ एससी, एसटी : लंबाई 160 सेमी, सीना 79 सेमी बिना फुलाए और 84 सेमी फुलाकर सभी वर्ग की महिलाएं : न्यूनतम लंबाई 155 सेमी। न्यूनतम वजन 48 किलोग्राम एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 50 साल बिहार सरकार के नियमों के अनुसार अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। उम्र की गणना 1 अगस्त 2025 के अनुसार की जाएगी। फीस : सभी वर्ग के लिए : 100 रुपए सैलरी : लेवल – 4 के अनुसार सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट एग्जाम पैटर्न : एग्जाम टाइप ऑब्जेक्टिव कुल प्रश्नों की संख्या 100 कुल अंक 100 (हर प्रश्न 1 अंक का) ड्यूरेशन 2 घंटे विषय हिंदी अंग्रेजी मैथ्स सोशल साइंस साइंस जनरल नॉलेज एवं समसामयिक मामले से संबंधित प्रश्न ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट btsc.bihar.gov.in पर जाएं। होमपेज पर दिए गए भर्ती विज्ञापन पर क्लिक करें। ई ऑनलाइन पर क्लिक करके फॉर्म भरें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फॉर्म भरकर फीस जमा करें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 3. NMDC में अप्रेंटिस के 180 पदों पर भर्ती; बिना एग्जाम के सिलेक्शन राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (NMDC) की ओर से अप्रेंटिसशिप के पदों पर भर्ती निकली है। इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों का सिलेक्शन इंटरव्यू के बेसिस पर किया जाएगा। जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा नहीं करना होगा। उम्मीदवारों को www.apprenticeshipindia.gov.in या nats.education.gov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। ट्रेड वाइस पदों की संख्या : ट्रेड का नाम पदों की संख्या टेक्नीशियन अप्रेंटिस 14 ग्रेजुएट अप्रेंटिस 16 ट्रेड अप्रेंटिस 150 कुल पदों की संख्या 180 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : ट्रेड अप्रेंटिस : संबंधित ट्रेड में आईटीआई पास का सर्टिफिकेट होना चाहिए। एनएपीएस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। ग्रेजुएट अप्रेंटिस : संबंधित इंजीनियरिंग क्षेत्र में 4 वर्षीय डिग्री। टेक्नीशियन अप्रेंटिस : पद से संबंधित इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट क्षेत्र में 3 वर्षीय डिप्लोमा। जिन उम्मीदवारों ने 2022 के बाद आईटीआई या डिप्लोमा या इंजीनियरिंग की डिग्री ली है, उन्हें ही आवेदन करने की अनुमति होगी। एज लिमिट : जारी नहीं स्टाइपेंड : अप्रेंटिसशिप नियमों के अनुसार सिलेक्शन प्रोसेस : इंटरव्यू के बेसिस पर। इंटरव्यू सुबह 10 बजे से शुरू होंगे। रिज्यूमे हालिया पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ के साथ देना होगा। जरूरी डॉक्यूमेंट्स : जन्म प्रमाण पत्र आधार कार्ड शैक्षणिक योग्यता सर्टिफिकेट जाति प्रमाण पत्र इंटरव्यू का पता : बैलाडीला लौह अयस्क खदान, किरंदुल कॉम्प्लेक्स दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़ ग्रेजुएट अप्रेंटिस और टेक्नीशियन अप्रेंटिस ऑनलाइन आवेदन लिंक ट्रेड अप्रेंटिस के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 4. साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स में 1055 वैकेंसी, लास्ट डेट 15 मई साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड में ऑफिस ऑपरेशन एग्जीक्यूटिव पदों पर भर्ती निकली है। इस भर्ती के लिए 14 मई 2026 लास्ट डेट तय की गई है। उम्मीदवार ऑनलाइन माध्यम से एसईसीएल की ऑफिशियल वेबसाइट secl-cil.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या माइनिंग सिरदार 577 डिप्टी सर्वेयर 43 असिस्टेंट फोरमैन (इलेक्ट्रिकल) 435 कुल पदों की संख्या 1055 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : माइनिंग सिरदार : 10वीं, डिप्लोमा, माइनिंग में डिग्री, वैलिड सर्टिफिकेट डिप्टी
रहस्यवादी पुरुष: विजय की ज्योतिषी नियुक्ति से पहले, इन देवताओं और गुरुओं ने भारतीय राजनीति को आकार दिया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:12 मई, 2026, 19:57 IST विजय ने आधिकारिक तौर पर अपने निजी ज्योतिषी, रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल को ‘मुख्यमंत्री (राजनीतिक) के विशेष कर्तव्य अधिकारी (ओएसडी)’ के रूप में नियुक्त किया है। विजय के अंदरूनी घेरे में राधन पंडित कोई नया चेहरा नहीं हैं। तस्वीर/एएनआई एक ऐसे कदम में जिसने तमिलनाडु की प्रशासनिक कार्यपुस्तिका को फिर से लिखा है, मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने एक ऐसे रिश्ते को औपचारिक रूप दिया है जो आमतौर पर “पूजा कक्ष” की छाया तक ही सीमित रहता है। मंगलवार को, तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) नेता ने आधिकारिक तौर पर अपने निजी ज्योतिषी रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल को “मुख्यमंत्री (राजनीतिक) के विशेष कर्तव्य अधिकारी (ओएसडी)” के रूप में नियुक्त किया। जबकि भारतीय राजनेताओं ने लंबे समय से ब्रह्मांड से परामर्श किया है, यह एक दुर्लभ उदाहरण है जहां एक “स्टार-गेज़र” को सरकारी वेतन और सचिवालय में एक औपचारिक केबिन दिया गया है। इस कदम की गंभीरता को समझने के लिए, किसी को कुंडली और भारत के सबसे शक्तिशाली “छाया मंत्रिमंडलों” के इतिहास पर नजर डालनी चाहिए। आधिकारिक मुहर: भविष्यवाणी से नीति तक विजय के अंदरूनी घेरे में राधन पंडित कोई नया चेहरा नहीं हैं। एक वर्ष से अधिक समय से, वह मुख्यमंत्री की सार्वजनिक टाइमलाइन के वास्तुकार रहे हैं। उन्होंने प्रसिद्ध रूप से टीवीके के लिए “सुनामी जीत” की भविष्यवाणी की थी जब सर्वेक्षणकर्ता अभी भी इसे दूरगामी बता रहे थे। अभी हाल ही में, वह वह व्यक्ति था जिसने कथित तौर पर इस बात पर जोर दिया था कि विजय का शपथ ग्रहण समारोह 10 मई को सुबह 10 बजे किया जाए, जो प्रशासनिक दीर्घायु सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया एक “मुहूर्त” (शुभ समय) है। ओएसडी (राजनीतिक) के रूप में नियुक्त करके, विजय ने अपनी भूमिका को आध्यात्मिक सलाहकार से रणनीतिक सलाहकार में स्थानांतरित कर दिया है। एक पारंपरिक नौकरशाह के विपरीत, पंडित के पोर्टफोलियो में संभवतः राजनीतिक नियुक्तियों की जांच करना, कल्याणकारी योजनाओं की शुरूआत का समय और संभावित रूप से 13 मई के फ्लोर टेस्ट से पहले नाजुक गठबंधन गणित को शामिल करना शामिल होगा – यह सब वैदिक संरेखण के लेंस के माध्यम से। ‘अम्मा’ मॉडल की गूंज इस नियुक्ति की तुलना दिवंगत जे जयललिता से की जाने लगी है, जिन्होंने अंकशास्त्रीय भाग्य के लिए अपने नाम के साथ प्रसिद्ध रूप से एक अतिरिक्त “ए” जोड़ा था और शुभ सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए हरे रंग की साड़ी पहनी थी। हालाँकि, यहाँ तक कि जयललिता – जो अतीत में उन्हीं राधन पंडित से सलाह लेने के लिए जानी जाती थीं – ने भी अपने आध्यात्मिक सलाहकारों को आधिकारिक सरकारी राजपत्र की परिधि में रखा। इस भूमिका को संस्थागत बनाने के विजय के फैसले को कई लोग जयललिता शैली के आधुनिक अनुकूलन के रूप में देखते हैं: एक पंथ-जैसे “अम्मा-शैली” नेतृत्व को इस दृढ़ विश्वास के साथ जोड़ना कि शासन के लिए लोकप्रिय जनादेश और दैवीय समय दोनों की आवश्यकता होती है। ‘छाया रणनीतिकारों’ की विरासत भारतीय राजनीति का इतिहास उन आध्यात्मिक हस्तियों से भरा पड़ा है जिनके पास निर्वाचित मंत्रियों से भी अधिक शक्ति थी। विजय का कदम “खगोल-राजनीति” की एक लंबी परंपरा का अनुसरण करता है, हालांकि इतनी पारदर्शिता शायद ही कभी: धीरेंद्र ब्रह्मचारी: “भारत के रासपुतिन” के रूप में जाने जाने वाले, इंदिरा गांधी के योग गुरु ने आपातकाल के दौरान पीएमओ पर जबरदस्त प्रभाव डाला, जिससे कैबिनेट फेरबदल से लेकर राज्य की नीति तक सब कुछ प्रभावित हुआ। चंद्रास्वामी: स्वयंभू तांत्रिक पीवी नरसिम्हा राव के आध्यात्मिक विश्वासपात्र थे। उन्हें अक्सर वैश्विक हथियार डीलरों, विश्व नेताओं और भारतीय प्रधान मंत्री के निवास के बीच की खाई को पाटने वाले अंतिम “फिक्सर” के रूप में देखा जाता था। के चन्द्रशेखर राव (केसीआर): तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री ने एक नए, “वास्तु-अनुपालक” सचिवालय पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए, यह मानते हुए कि इमारत का भौतिक संरेखण राज्य की समृद्धि के लिए एक यांत्रिक आवश्यकता थी। ‘द्रविड़वादी’ बुद्धिवाद की अवज्ञा? पंडित की नियुक्ति का सबसे महत्वपूर्ण पहलू भूगोल है। तमिलनाडु पेरियार के तर्कवाद का उद्गम स्थल है, जहां सत्तारूढ़ द्रमुक ने लंबे समय से एक “वैज्ञानिक स्वभाव” का समर्थन किया है जो शासन में धार्मिक प्रतीकवाद को खारिज करता है। सीएमओ के मूल में एक वैदिक ज्योतिषी को लाकर जोसेफ विजय पुराने द्रविड़ संरक्षकों से अलग होने का संकेत दे रहे हैं। टीवीके के लिए, यह केवल अंधविश्वास के बारे में नहीं है; यह “वेट्री” (विजय) के बारे में है। यदि सितारों ने उन्हें मतपेटी जीतने में मदद की, तो विजय स्पष्ट रूप से मानते हैं कि वे राज्य का प्रबंधन करने में उनकी मदद करने के लिए योग्य हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया रहस्यवादी पुरुष: विजय की ज्योतिषी नियुक्ति से पहले, इन देवताओं और गुरुओं ने भारतीय राजनीति को आकार दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु चुनाव(टी)एआईएडीएमके(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)बीजेपी(टी)डीएमके(टी)एमके स्टालिन(टी)विजय(टी)ज्योतिषी(टी)टीवीके(टी)विधानसभा चुनाव(टी)कांग्रेस(टी)इंडिया ब्लॉक
धर्मशाला पहुंची मुंबई इंडियंस की टीम:प्रशंसकों से बिना मिले निकले रोहित शर्मा, तिलक वर्मा ने दिए ऑटाग्राफ, कल पंजाब किंग्स होगा मुकाबला

मुंबई इंडियंस (MI) की टीम मंगलवार को धर्मशाला पहुंच गई। दुनिया के सबसे खूबसूरत क्रिकेट मैदान एचपीसीए स्टेडियम में आईपीएल 2026 के 58वें मुकाबले के लिए टीम चंडीगढ़ से एलायंस एयर के विशेष विमान से कांगड़ा पहुंची। इस सीजन में प्ले ऑफ की दौड़ से बाहर होने के बावजूद, पहाड़ों की वादियों में हिटमैन रोहित शर्मा के प्रति प्रशंसकों का उत्साह स्पष्ट रूप से देखा गया। एयरपोर्ट के बाहर सैकड़ों क्रिकेट प्रेमी अपने पसंदीदा सितारों की एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते रहे। जैसे ही रोहित शर्मा बाहर आए, पूरा परिसर मुंबई-मुंबई के नारों से गूंज उठा। सुरक्षा कारणों से रोहित सीधे अपनी लग्जरी बस में सवार होकर होटल रेडिसन ब्लू के लिए रवाना हो गए। प्रशंसकों से बात नहीं कर पाए रोहित शर्मा रोहित शर्मा भले ही प्रशंसकों से सीधे बातचीत नहीं कर पाए, लेकिन टीम के युवा खिलाड़ियों ने उनका दिल जीता। तिलक वर्मा ने प्रशंसकों के बीच जाकर ऑटोग्राफ दिए और उनके साथ सेल्फी खिंचवाई। नमनधीर ने स्थानीय युवाओं के साथ क्रिकेट पर चर्चा की। चोट के बाद वापसी कर रहे दीपक चाहर ने भी फैंस का अभिवादन स्वीकार किया। टीम के साथ सूर्यकुमार यादव, ईशान किशन, टिम डेविड और कप्तान हार्दिक पांड्या भी धर्मशाला पहुंचे हैं। कल शाम पंजाब किंग्स से होगा मुकाबला मुंबई इंडियंस का अगला मुकाबला 14 मई को शाम 7:30 बजे पंजाब किंग्स से होगा। मुंबई के लिए अब खोने को कुछ नहीं है, लेकिन वे पंजाब किंग्स का खेल बिगाड़कर सीजन का अंत सम्मानजनक स्थिति में करना चाहेंगे। धर्मशाला की तेज पिच पर मुंबई के जसप्रीत बुमराह और गेराल्ड कोएत्ज़ी पंजाब के बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा ले सकते हैं। क्रिकेट जानकारों का मानना है कि दबाव मुक्त होकर खेल रहे रोहित शर्मा 14 मई को धर्मशाला की छोटी बाउंड्री का फायदा उठाकर छक्कों की बरसात कर सकते हैं। मैच के लिए टिकटों की मांग इतनी अधिक है कि स्टैंड्स के अभी से ‘हाउसफुल’ होने के संकेत हैं। यहां देखें फोटो… अक्षर की कप्तानी में लौटी दिल्ली, राहुल ने बटोरी सुर्खियां मुंबई के आने से ठीक पहले दिल्ली कैपिटल्स (DC) की टीम धर्मशाला से रवाना हुई। ऋषभ पंत की अनुपस्थिति में टीम की कमान संभाल रहे अक्षर पटेल के साथ पूरी टीम दिल्ली लौट गई। विशेष बात यह रही कि केएल राहुल ने एयरपोर्ट पर काफी समय बिताया और नन्हे प्रशंसकों को ऑटोग्राफ देकर उनका दिन बना दिया।
RSS General Secretary Dattatreya Hosabale on india pakistan talks players scientists

Hindi News National RSS General Secretary Dattatreya Hosabale On India Pakistan Talks Players Scientists नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक RSS महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने मंगलवार को न्यूज एजेंसी PTI को दिए इंटरव्यू में पाकिस्तान, मुस्लिमों और पश्चिम एशिया युद्ध समेत अन्य मुद्दों पर बात की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के राष्ट्रीय महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि भारत को पाकिस्तान के साथ बातचीत के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं करने चाहिए। दोनों देशों को एक-दूसरे को वीजा भी देना चाहिए। खेलकूद और व्यापार भी होना चाहिए। दोनों देशों के बीच जनता से जनता के रिश्ते तनाव कम करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। न्यूज एजेंसी PTI के CEO विजय जोशी को दिए इंटरव्यू में होसबाले ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच सांस्कृतिक संबंध पुराने हैं और हम एक ही राष्ट्र रहे हैं। राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व पर भरोसा कम होने के कारण पाकिस्तान के खिलाड़ियों, वैज्ञानिकों और सिविल सोसायटी को आगे आना चाहिए। होसबाले के इंटरव्यू की 4 बड़ी बातें… सनातन खत्म करने पर- उदयनिधि स्टालिन ने सनातन खत्म करने की बात कही है। लेकिन सनातन शाश्वत है, सिर्फ इसलिए गायब नहीं हो जाएगा क्योंकि कोई कहता है कि इसे खत्म कर देना चाहिए। भारत पहले से हिंदू राष्ट्र- हम हिंदू राष्ट्र बना नहीं रहे हैं, यह पहले से हिंदू राष्ट्र है। ब्रिटिश शासन के समय भी यह हिंदू राष्ट्र ही था। हिंदू राष्ट्र का अर्थ सांस्कृतिक पहचान से है, न कि धार्मिक राज्य से। धर्म परिवर्तन से राष्ट्रीयता नहीं बदलती। जब राष्ट्रीयता एक है तो हम किसी को अलग नहीं मानते। ईरान युद्ध संसाधनों की लड़ाई- पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष सभ्यताओं का संघर्ष नहीं बल्कि तेल और संसाधनों को लेकर पैदा हुआ विवाद है। दुनिया के ज्यादातर युद्ध लालच, अहंकार और दूसरों पर कब्जा करने की मानसिकता से जन्म लेते हैं। इतिहास में हर दौर में युद्ध होते रहे हैं और आगे पानी को लेकर भी संघर्ष की आशंका जताई जा रही है। युद्ध मानवता को खत्म नहीं करेंगे, लेकिन मानव जीवन और व्यवस्था को जरूर बदल देंगे। पीएम मोदी की अपील का समर्थन- युद्ध जैसी स्थिति हो या न हो, भारतीय जीवनशैली में सादगी और संयम हमेशा होना चाहिए। संकट के समय यह और ज्यादा जरूरी हो जाता है। भारत दुनिया के देशों और नेताओं को शांति और समझदारी का संदेश देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। PTI के सवालों पर होसबाले के जवाब सवाल: संघ प्रमुख मोहन भागवत कहते हैं कि सभी का डीएनए एक है। तो फिर लव-जिहाद पर इतना विवाद क्यों है? जवाब: लव जिहाद तब होता है जब कोई एजेंडा हो, हिंदू लड़कियों को ले जाने की सोची-समझी साजिश हो। यह मंजूर नहीं है। जब यह एकतरफा हो तो यह प्यार नहीं यह एक साजिश है। सवाल: असदुद्दीन ओवैसी ने बंगाल चुनाव के बाद कहा कि मुस्लिमों को अलग पार्टी बनानी चाहिए? जवाब: संविधान में सबको पार्टी बनाने का अधिकार है। मुसलमानों में नेशनलिस्ट लीडरशिप बहुत कम देखने को मिलती है। कम्युनिटी किसी को तभी सपोर्ट करेगी जब वह सेपरेटिस्ट हो। सवाल: हमें पाकिस्तान के साथ कैसे डील करनी चाहिए? जवाब: अगर पाकिस्तान पुलवामा जैसी हरकत करता है, तो देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए भारत को हालात के मुताबिक जवाब देना होगा। लेकिन साथ ही हमें बातचीत के दरवाजे बंद नहीं करने चाहिए। हमें हमेशा बातचीत के लिए तैयार रहना चाहिए। इसीलिए डिप्लोमैटिक संबंध बनाए रखे जाते हैं, व्यापार और कॉमर्स जारी रहता है, और वीज़ा दिए जा रहे हैं। इसलिए हमें इन्हें रोकना नहीं चाहिए, क्योंकि बातचीत के लिए हमेशा एक खिड़की होनी चाहिए। ये खबरें भी पढ़ें… उदयनिधि स्टालिन बोले- सनातन धर्म को खत्म किया जाना चाहिए:यह लोगों को बांटता है तमिलनाडु के पूर्व डिप्टी CM उदयनिधि स्टालिन ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि सनातन धर्म को खत्म किया जाना चाहिए। यह लोगों को बांटता है। उन्होंने पहले 2023 में भी सनातन को डेंगू, मलेरिया बताया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाई थी। पूरी खबर पढ़ें… NEET का पेपर लीक, परीक्षा रद्द, जांच CBI को, NTA ने माना- हम जिम्मेदार पेपर लीक के आरोपों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को NEET (UG) 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। यह परीक्षा 3 मई को हुई थी। 22.79 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी। NTA डीजी अभिषेक सिंह ने कहा- इस गड़बड़ी के लिए हम जिम्मेदार हैं। परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। 6 से 8 दिन में नई तारीख का ऐलान होगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Supreme Court: Reforms on Public Demand, Not Forced

नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि सामाजिक सुधार के नाम पर धार्मिक स्वतंत्रता का हनन नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने समाज की जरूरतों के अनुसार प्रावधान बनाए हैं, जिन्हें नौ जजों की बेंच बदला नहीं सकती। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली नौ जजों की बेंच सबरीमाला मंदिर समेत धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के प्रवेश और धार्मिक स्वतंत्रता के दायरे से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही है। सुनवाई सोमवार को 14वें दिन जारी रही। जस्टिस बी वी नागरत्ना ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता को सामाजिक सुधार के नाम पर खत्म नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने संकेत दिया कि जनता की सहमति से सुधार की मांग उठे तो उस पर विचार हो सकता है। मामले की सुनवाई बुधवार को फिर होगी। 7 सवाल, जिन पर बहस हो रही… सुनवाई के दौरान केरल सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील जयदीप गुप्ता ने कहा कि धर्म के जरूरी पहलुओं को सामाजिक सुधार के नाम पर हटाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में पूजा का अधिकार महत्वपूर्ण है और यह पवित्र स्थानों पर होता है, इन्हें हटाना अधिकार का उल्लंघन होगा। इस पर जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि सामाजिक सुधार के नाम पर धार्मिक स्वतंत्रता का हनन नहीं किया जा सकता। धर्मों में सुधार की गुंजाइश रखी है कोर्ट में तर्क दिया गया कि राज्य सामाजिक कल्याण के लिए कानून बनाता है तो उसे धार्मिक प्रथाओं के आधार पर रद्द नहीं किया जाना चाहिए। महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की ओर से वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े ने कहा कि तर्कवादी हर चीज को तर्क की कसौटी पर देखते हैं। उन्होंने कहा कि संविधान में वैज्ञानिक सोच और सुधार की भावना को बढ़ावा देने की बात अनुच्छेद 51A(h) में कही गई है। स्वामी अग्निवेश की ओर से वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि संविधान ने धर्मों में सुधार की गुंजाइश रखी है। उन्होंने अनुच्छेद 26 का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें “मैनेज” शब्द का इस्तेमाल किया गया है, “कंट्रोल” नहीं। इससे साफ होता है कि धार्मिक संस्थाओं के अधिकार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच संतुलन है। धर्म में सुधार से सभ्यता का संतुलन नहीं बिगड़ेगा जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि अल्पसंख्यकों के लिए अनुच्छेद 30 जैसे प्रावधान उनकी परिस्थितियों को देखते हुए बनाए गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या नौ जजों की बेंच इस व्यवस्था को बदल सकती है, जिसे संविधान निर्माताओं ने सोच-समझकर तय किया था। गुरुस्वामी ने जवाब में कहा कि संविधान निर्माताओं को भरोसा था कि धर्म में सुधार से सभ्यता का संतुलन नहीं बिगड़ेगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट कह चुका है कि अगर हर धार्मिक प्रथा को अदालत में चुनौती दी जाएगी, तो बड़ी संख्या में याचिकाएं आएंगी और धर्मों की संरचना प्रभावित हो सकती है। सबरीमाला मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई हुई सबरीमाला मंदिर मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई शुरू हुई थी। इस दौरान केंद्र सरकार ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री के विरोध में दलीलें रखीं। सरकार ने कहा था कि देश के कई देवी मंदिरों में पुरुषों की एंट्री भी बैन है। इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। पिछली 9 सुनवाई में क्या हुआ, पढ़िए… 7 अप्रैल : केंद्र की दलील- मंदिर में महिलाओं की एंट्री का फैसला गलत 8 अप्रैल- जो भक्त नहीं, वो धार्मिक परंपरा को चुनौती कैसे दे रहा 9 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- मंदिरों में एंट्री रोकने से समाज बंटेगा 15 अप्रैल- सबरीमाला मैनेजमेंट बोला- अयप्पा मंदिर रेस्टोरेंट नहीं, यहां ब्रह्मचारी देवता 17 अप्रैल- SC बोला- संविधान सबसे ऊपर, निजी धार्मिक मान्यताओं से उठकर फैसला जरूरी 21 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-छूने से देवता अपवित्र कैसे होते हैं 22 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- हिंदू एकजुट रहें, संप्रदायों में बंटे नहीं 23 अप्रैल- इस्लाम में महिलाओं के मस्जिद आने पर रोक नहीं 28 अप्रैल- धार्मिक प्रथाओं के नाम पर सड़कें ब्लॉक नहीं कर सकते 29 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- धर्म के विनाश का हिस्सा नहीं बनेंगे 5 मई- सबरीमाला केस में वकीलों ने याचिका लगाई; जज ने कहा- अपने लोगों के लिए काम करें 6 मई- सबरीमाला केस, सुप्रीम कोर्ट बोला बार-बार रुख नहीं बदल सकते 7 मई- सबरीमाला केस, सुप्रीम कोर्ट बोला-हर धार्मिक प्रथा को चुनौती गलत ——————————————————————- ये खबर भी पढ़ें: सबरीमाला केस, सुप्रीम कोर्ट बोला-हर धार्मिक प्रथा को चुनौती गलत:इससे धर्म और समाज दोनों टूट जाएंगे, अदालतों में सैकड़ों केस आएंगे सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि अगर लोग धार्मिक प्रथाओं और धर्म के मामलों को अदालत में चुनौती देने लगेंगे, तो इससे धर्म और समाज पर असर पड़ सकता है। कोर्ट ने कहा कि इससे सैकड़ों याचिकाएं आएंगी और हर रिवाज पर सवाल उठने लगेंगे। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…







