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5 रुपये का यह पत्ता, जूस बनाकर गटक लीजिए, बॉडी का कतरा-कतरा होगा साफ, गुर्दा, लिवर सबका हो जाएगा डिटॉक्स

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Last Updated:May 12, 2026, 19:43 IST coriander leaves juice: आपको जब कई तरह की परेशानी एक साथ होने लगे. शरीर के अंग-अंग में दर्द, थकान का अहसास हो तो समझिए कि बॉडी के अंदर कई तरह की गंदगियों की भरमार है. ऐसे में सिर्फ 5 रुपये का पत्ता बेहद कारगर साबित हो सकता है. इसका अगर आप कभी-कभार सेवन कर लेंगे तो यकीन मानिए आपकी बॉडी का कतरा-कतरा साफ हो जाएगा. इससे आपके शरीर के महत्वपूर्ण अंग किडनी, लिवर आदि का डिटॉक्स हो जाता है. आजकल गलत खान-पान और बाजार में बढ़ते अनहेल्दी फूड हमारे शरीर को बेहद खराब कर रहा है. 20-25 साल के बाद ही लोग बीमार पड़ने लगते हैं. अक्सर कमजोरी, थकान, शरीर में ऐंठन की समस्या रहती है. ये सब तब होता है जब शरीर की कोशिकाओं के अंदर इंफ्लामेशन बढ़ने लगता है. इसके कई कारण हो सकते हैं लेकिन मुख्य रूप से अनहेल्दी लाइफस्टाइल ही इसके लिए जिम्मेदार होते है. ऐसे में अक्सर हम दवाई खाने लगते हैं लेकिन हमारे घर में ही कई ऐसी सस्ती चीजें हैं इन सारी समस्याओं का समाधान हो सकता है. हमारी रसोई में एक चीज अक्सर होती है वो है धनिया का पत्ता. हम इसका इस्तेमाल भी करते हैं लेकिन जब शरीर में गंदगी भर जाती है तो इसका जूस पीना बेहद फायदेमंद साबित होता है. धनिया के पत्ते में आयुर्वेद और विज्ञान दोनों के हिसाब से कई गुण मौजूद होते हैं. धनिया के पत्ते में क्वेरसेटिन और केम्पफेरोल कंपाउड होता है. ये शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट्स हैं जो शरीर में सूजन यानी इंफ्लामेशन को कम करते हैं. यह शरीर में जमा टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद करते हैं. धनिया में लिनालूल और बोर्नियोल जैसे तत्व होते हैं. धनिया की खुशबू इन्हीं तेलों के कारण होती है. ये पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करते हैं, जिससे अपच और गैस जैसी समस्याओं में तुरंत आराम मिलता है. धनिया में मौजूद डॉडेसेनल नाम का एंटी-बैक्टीरियल कंपाउड होता है. कई रिसर्च में में पता चला है कि यह साल्मोनेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया से लड़ने में एंटीबायोटिक दवाओं से भी अधिक प्रभावी हो सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google धनिया में विटामिन के और बीटा-कैरोटीन होता है. यह हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी है. इससे बोन डेंसिटी बढ़ती है. अध्ययन के मुताबिक धनिया के पत्ते का सेवन करने से अल्जाइमर जैसी दिमागी बीमारी से भी बचने में मदद मिलती है. इसमें सिनेओल कंपाउड होता है. यह एंटी-रुमेटिक गुणों से भरपूर होता है जो जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में मदद करता है. धनिया जूस शरीर में मौजूद जहरीले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन्स शरीर की इम्युनिटी बढ़ाते हैं. खासकर गर्मियों में यह जूस पीने से शरीर को ठंडक मिलती है और थकान भी कम होती है. यह लिवर और किडनी फंक्शन को बूस्ट करता है. धनिया जूस पाचन को ठीक रखने में मदद करता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह पेट की गैस, अपच जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक है. शरीर में जमा अनावश्यक फैट को कम करने और वजन कंट्रोल करने के लिए भी यह ड्रिंक फायदेमंद माना जाता है. खून में शुगर लेवल को कंट्रोल करने में भी धनिया का अहम रोल है. इसलिए, डायबिटीज के मरीज डॉक्टर की सलाह से इसे अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. इसी तरह धनिया का जूस त्वचा की चमक बढ़ाने और बालों की सेहत को बनाए रखने में भी धनिया जूस मदद करता है. धनिया जूस बनाना बहुत आसान है. एक मुट्ठी धनिया पत्ते अच्छे से धोकर, थोड़ा पानी और नींबू का रस मिलाकर पीस लें तो हेल्दी जूस तैयार हो जाता है. रोज सुबह इसे पीने से शरीर को ताजगी मिलती है ऐसा कहा जाता है. कम खर्च में ज्यादा फायदे देने वाला ये नेचुरल ड्रिंक रोजाना अपनी लाइफ में शामिल करना हेल्दी लाइफ के लिए अच्छा विकल्प होगा. धनिया के पत्ते का सेवन कभी-कभार ही करना चाहिए. (डिस्क्लेमर : यह स्टोरी सामान्य जानकारी पर आधारित है. न्यूज 18 इसकी पुष्टि नहीं करता. किसी भी चीज का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टरों से अवश्य राय लें.) न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

मसाला सोया चाप रेसिपी: नॉनवेज स्वादानुसार जब घर में मसाला सोया चाप, मसाला सोया चाप नोट करें आसान रेसिपी

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 250 ग्राम सोया चाप, 2 बड़े प्याज कटे हुए, 2 टमाटर, 1 बड़ा अदरक-लहसुन पेस्ट, 2 हरी मिर्च, 1/2 कप दही, 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा बड़ा धनिया पाउडर, छवि: फ्रीपिक 1/2 छोटा चम्मच हल्दी, 1 छोटा चम्मच गरम मसाला, 1 छोटा चम्मच कसूरी मेथी, 2 छोटा चम्मच तेल या बटर, नमक का स्वाद, हरा धनिया छवि: फ्रीपिक मसाला सोया चाप बनाने की विधि: सबसे पहले सोया चाप को स्टिक से अलग करके छोटी पिचकारी में काट लें। अब उदाहरण के लिए गर्म पानी में 5 मिनट तक स्टॉल और फिर हटा दिया गया। छवि: एआई एक पैन में थोड़ा सा तेल गरम करें और सोया चाप को रंगीन सुगंध दें तक फ्री कर लें। इसका स्वाद और भी बढ़ता है। अब वही पैन में तेल और प्याज को सोने तक रखा जाता है। छवि: फ्रीपिक इसके बाद अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च के मूर्तिकार। अब टमाटर की प्यूरी और मसाले जैसे हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक। अन्याय को तब तक साहस लगे जब तक तेल अलग न हो। छवि: एआई फेंटा हुआ इसमें दही और दही फेंटा रहता है इसलिए दही फेटा नहीं। फिर से फ्री की हुई सोया चाप दाल। ऊपर से गरम मसाला और कसूरी मेथी डालें। आवश्यकता है लगभग 5-7 मिनट का छोटा पानी। छवि: एआई अब गैस बंद करें और हरे धनिए से गार्निश करें। गरमा-गरम मसाला सोया चाप को बटर नान, तंदूरी रोटी या जीरा चावल के साथ सर्व करें. इसका स्वाद हर किसी को पसंद आएगा। छवि: एआई ज्यादा स्वाद के लिए सोया चाप को पहले दही और मसाले में 15 मिनिट मेरिनेट कर सकते हैं. अगर आप स्मोकी फ्लेवर चाहते हैं, तो निश्चित रूप से पिज्जा का स्वाद भी ले सकते हैं। छवि: एआई बटर से इसका स्वाद और भी रिच हो जाता है। घर पर बनी यह मसाला सोया चाप रेसिपी स्वाद और मसाले का ऐसा कॉम्बिनेशन है जिसे खाने के बाद कोई आपका स्टार जरूर चाहेगा। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)मसाला सोया चाप रेसिपी(टी)मसाला सोया चाप रेसिपी(टी)मसाला सोया चाप(टी)सोया चाप रेसिपी(टी)मसाला सोया चाप कैसे बनाएं

Air Fryer: क्या एयर फ्रायर सच में हेल्दी है या सिर्फ मार्केटिंग? जानें सच्चाई

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Last Updated:May 12, 2026, 19:26 IST आजकल एयर फ्रायर तेजी से लोगों की रसोई का हिस्सा बनता जा रहा है. कम तेल में कुरकुरा खाना बनाने की वजह से इसे हेल्दी कुकिंग का नया तरीका बताया जा रहा है. सोशल मीडिया और विज्ञापनों में भी एयर फ्रायर को लेकर काफी चर्चा हो रही है, लेकिन कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या यह सच में सेहत के लिए बेहतर है या फिर सिर्फ एक नया मार्केटिंग ट्रेंड बन चुका है. ख़बरें फटाफट आजकल एयर फ्रायर लगभग हर दूसरे किचन में दिखाई देने लगा है. सोशल मीडिया से लेकर विज्ञापनों तक इसे “हेल्दी कुकिंग” का सबसे आसान तरीका बताया जा रहा है. कम तेल में कुरकुरा खाना बनाने की वजह से लोग इसे तेजी से खरीद रहे हैं. कई लोग मानते हैं कि एयर फ्रायर में बना खाना डीप फ्राई चीजों से ज्यादा हेल्दी होता है, लेकिन कुछ लोग इसे सिर्फ मार्केटिंग का हिस्सा भी मानते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या एयर फ्रायर सच में सेहत के लिए बेहतर है या फिर यह सिर्फ नया ट्रेंड बन चुका है. एयर फ्रायर की सबसे बड़ी खासियत यही मानी जाती है कि इसमें बहुत कम तेल इस्तेमाल होता है. सामान्य तौर पर जहां डीप फ्राई खाने में काफी ज्यादा तेल लगता है, वहीं एयर फ्रायर गर्म हवा की मदद से खाना पकाता है. इसी वजह से फ्रेंच फ्राइज, नगेट्स या टिक्की जैसी चीजें कम तेल में भी कुरकुरी बन जाती हैं. जो लोग वजन कम करना चाहते हैं या ज्यादा तला हुआ खाना खाने से बचना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतर विकल्प माना जा सकता है. लेकिन हर चीज हेल्दी नहीं हो जातीकई लोग सोचते हैं कि एयर फ्रायर में बना हर खाना अपने आप हेल्दी हो जाता है, जबकि ऐसा पूरी तरह सच नहीं है. अगर आप प्रोसेस्ड फूड, जमे हुए पैकेट वाले स्नैक्स या ज्यादा नमक और मसाले वाली चीजें एयर फ्रायर में बना रहे हैं, तो वह फिर भी शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं. सिर्फ कम तेल इस्तेमाल होने से कोई खाना पूरी तरह पौष्टिक नहीं बन जाता. खाने की गुणवत्ता और सामग्री भी उतनी ही जरूरी होती है. स्वाद और समय की वजह से बढ़ी लोकप्रियताएयर फ्रायर का इस्तेमाल आसान होने की वजह से भी लोग इसे पसंद कर रहे हैं. इसमें खाना जल्दी तैयार हो जाता है और बार-बार तेल गर्म करने की जरूरत नहीं पड़ती. खासतौर पर कामकाजी लोग और युवा इसे इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि इसमें कम मेहनत में जल्दी खाना बन जाता है. साथ ही किचन में तेल और धुएं की परेशानी भी कम होती है. क्या सच में खरीदना फायदेमंद हैअगर आप ज्यादा तला हुआ खाना खाते हैं और तेल कम करना चाहते हैं, तो एयर फ्रायर आपके लिए उपयोगी हो सकता है. लेकिन इसे जादुई मशीन समझना सही नहीं होगा. हेल्दी रहने के लिए सिर्फ एयर फ्रायर काफी नहीं है, बल्कि संतुलित भोजन, सही मात्रा और अच्छी जीवनशैली भी जरूरी है. आसान शब्दों में कहें तो एयर फ्रायर कुछ हद तक बेहतर विकल्प जरूर हो सकता है, लेकिन पूरी तरह हेल्दी जीवन का राज सिर्फ इसी में नहीं छिपा है. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

पसीने में ज्यादा बदबू आती है तो क्या करें? डॉक्टर ने बताई इसकी वजह और छुटकारा पाने के तरीके

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Last Updated:May 12, 2026, 19:19 IST Why Does Sweat Smell Bad: पसीने की बदबू कई लोगों के लिए शर्मिंदगी की वजह बन सकती है. डॉक्टर्स के अनुसार शरीर की दुर्गंध का मुख्य कारण स्किन पर मौजूद बैक्टीरिया, खराब हाइजीन और कुछ स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. साफ-सफाई, हल्के कपड़े, संतुलित खानपान और जरूरत पड़ने पर मेडिकल सलाह से इस समस्या को कंट्रोल किया जा सकता है. कई बार पसीने की बदबू हेल्थ प्रॉब्लम्स से जुड़ी हो सकती है. How to Get Rid of Sweat Smell: गर्मियों में पसीना आना एक सामान्य प्रक्रिया है और इससे शरीर का टेंपरेचर कंट्रोल रहता है. कई लोगों को पसीने में बदबू आती है और यह उनके लिए शर्मिंदगी का कारण बन जाती है. इसकी वजह से कई लोगों को भीड़ में खड़े होने, ऑफिस जाने या किसी के पास बैठने में असहज महसूस होता है. वे सोचते हैं कि ज्यादा पसीना आना ही बदबू की वजह है, लेकिन पसीने में किसी तरह की स्मेल नहीं होती है. जब पसीना बैक्टीरिया के संपर्क में आता है, तब दुर्गंध आने लगती है. अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए, तो पसीने की बदबू से निजात मिल सकती है. यूपी के कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. युगल राजपूत ने News18 को बताया पसीने में किसी तरह की गंध नहीं होती है. शरीर से निकलने वाला पसीना जब त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया के संपर्क में आता है, तब बदबू पैदा हो सकती है. शरीर में जिन हिस्सों में नमी रहती है, वहां ज्यादा बैक्टीरिया होते हैं और बदबू ज्यादा आती है. यही वजह है कि कुछ लोगों में पसीने की गंध ज्यादा महसूस होती है. खराब हाइजीन, लंबे समय तक एक ही कपड़े पहनना, ज्यादा मसालेदार खाना, स्मोकिंग और कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी शरीर की दुर्गंध बढ़ा सकती हैं. कई मामलों में हार्मोनल बदलाव, मोटापा, डायबिटीज या फंगल इन्फेक्शन भी इसकी वजह हो सकता है. अगर पसीने में बदबू अचानक बढ़ जाए, तो इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए. एक्सपर्ट ने बताया कि पसीने की बदबू से निजात पाने के लिए रोज नहाना और शरीर को साफ रखना सबसे जरूरी कदम माना जाता है. खासकर गर्मियों में एंटीबैक्टीरियल साबुन या हल्के क्लेंजर का इस्तेमाल मददगार हो सकता है. पसीना ज्यादा आने वाले हिस्सों जैसे- बगल और पैरों को अच्छी तरह सुखाना भी जरूरी है, क्योंकि नमी बैक्टीरिया को बढ़ने का मौका देती है. गर्मी में कॉटन जैसे हल्के और ब्रीदेवल कपड़े पहनने चाहिए. सिंथेटिक और बहुत टाइट कपड़े पसीना रोक सकते हैं, जिससे बदबू और ज्यादा बढ़ सकती है. कई बार जूतों में जमा नमी भी पैरों की दुर्गंध की वजह बनती है. डॉक्टर के मुताबिक कई लोग पसीने की बदबू से छुटकारा पाने के लिए डिओडोरेंट और एंटीपर्सपिरेंट का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन दोनों के बीच का फर्क समझना भी जरूरी है. डिओडोरेंट बदबू कम करने में मदद करते हैं, जबकि एंटीपर्सपिरेंट पसीना कम करने का काम करते हैं. जरूरत के हिसाब से सही प्रोडक्ट चुनना फायदेमंद हो सकता है. हालांकि बहुत ज्यादा केमिकल वाले प्रोडक्ट्स सेंसिटिव स्किन वालों में जलन पैदा कर सकते हैं. अगर सामान्य उपायों के बाद भी पसीने की बदबू बहुत ज्यादा बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है. कुछ मामलों में यह ब्रोम्हाइड्रोसिस नामक कंडीशन हो सकती है. इसमें शरीर की गंध सामान्य से ज्यादा तेज होती है. डॉक्टर जरूरत पड़ने पर दवाएं, विशेष साबुन या अन्य इलाज की सलाह दी जाती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

केंद्रीय मंत्री बंदी संजय के बेटे पर POCSO केस:नाबालिग से सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप; अग्रिम जमानत याचिका लगाई, कहा- हनी ट्रैप की कोशिश हुई

केंद्रीय मंत्री बंदी संजय के बेटे पर POCSO केस:नाबालिग से सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप; अग्रिम जमानत याचिका लगाई, कहा- हनी ट्रैप की कोशिश हुई

भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे साई भागीरथ पर 17 साल की एक लड़की के सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप लगा है। नाबालिग की मां ने 8 मई को तेलंगाना के हैदराबाद में POCSO एक्ट के तहत उनके खिलाफ केस दर्ज कराया था। भागीरथ ने 12 मई को तेलंगाना हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने अग्रिम जमानत के साथ-साथ अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला रद्द करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि महिला ने बेटी के जरिए उन्हें हनी ट्रैप में फंसाने की कोशिश की। दरअसल, नाबालिग की मां का आरोप है कि भागीरथ उनकी बेटी के साथ रिलेशनशिप में था और उसने उसका यौन उत्पीड़न किया। पुलिस के मुताबिक दोनों पिछले सात-आठ महीनों से संपर्क में थे। हालांकि भागीरथ ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने तेलंगाना के करीमनगर में हनी ट्रैप और उगाही की शिकायत दर्ज कराई है। मंत्री के PRO की ओर से जारी बयान में दावा किया गया कि एक महिला ने अपनी बेटी के जरिए भागीरथ को फंसाने की कोशिश की और बाद में बड़ी रकम मांगकर ब्लैकमेल किया। प्रेस बयान के मुताबिक, महिला ने अपनी बेटी को चारे की तरह इस्तेमाल कर बंदी साई भागीरथ को हनी ट्रैप में फंसाने की कोशिश की। बयान में यह भी दावा किया गया कि महिला अपनी बेटी की उम्र गलत बता रही है। इस मामले को लेकर BRS नेता केटी रामा राव (KTR) ने तेलंगाना पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीड़िता के साथ अन्याय हो रहा है और BJP की ‘बेटी बचाओ’ मुहिम पर सवाल उठाए। KTR ने मांग की कि केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार या तो इस्तीफा दें या उन्हें पद से हटाया जाए। KTR ने आरोप लगाया कि मंत्री के बेटे के खिलाफ कार्रवाई में देरी हुई और पूछा कि क्या कानून में उन्हें कोई विशेष छूट दी गई है।

जैकलीन फर्नांडिस ने सरकारी गवाह बनने की अर्जी वापस ली:ED ने किया था विरोध; 200 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला

जैकलीन फर्नांडिस ने सरकारी गवाह बनने की अर्जी वापस ली:ED ने किया था विरोध; 200 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला

बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस ने मंगलवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से अपनी वह अर्जी वापस ले ली है, जिसमें उन्होंने 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग केस में सरकारी गवाह बनने की मांग की थी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनकी इस अर्जी का कड़ा विरोध किया था। जांच एजेंसी का कहना है कि जैकलीन इस मामले में कोई पीड़ित नहीं बल्कि इस अपराध की मुख्य लाभार्थी रही हैं। ईडी ने क्यों किया जैकलीन की अर्जी का विरोध? सोमवार को ईडी ने कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया था। जांच एजेंसी ने कहा कि जैकलीन की भूमिका इस केस में बहुत छोटी नहीं है। उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए जुटाए गए पैसों से फायदा उठाया है। ईडी ने दलील दी कि जैकलीन को सरकारी गवाह बनाना न्याय के साथ खिलवाड़ होगा, क्योंकि उन्होंने गंभीर अपराध किए हैं। एजेंसी ने उनकी अर्जी को कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया। सुकेश का जानते हुए भी लेती रहीं करोड़ों के गिफ्ट्स ईडी ने अपने जवाब में खुलासा किया कि सुकेश चंद्रशेखर के क्रिमिनल बैकग्राउंड के बारे में पता होने के बावजूद जैकलीन उसके संपर्क में रहीं। सुकेश ने अपराध की कमाई से जैकलीन और उनके परिवार के लिए महंगे गिफ्ट्स और सुख-सुविधाओं का इंतजाम किया था। एजेंसी का कहना है कि दोनों के बीच लगातार बातचीत होती थी और जैकलीन को फायदा पहुंचाया जाता था, जिससे साबित होता है कि वह इस साजिश का हिस्सा थीं। जांच के दौरान सही जानकारी न देने का आरोप एजेंसी ने आरोप लगाया कि जैकलीन ने जांच में सहयोग नहीं किया। उनके बयान अक्सर बदलते रहे और उन्होंने पूरी सच्चाई नहीं बताई। ईडी के मुताबिक, जैकलीन ने शुरुआत में कैश ट्रांजेक्शन, महंगे तोहफों और बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर किए गए फंड्स के बारे में तथ्यों को छिपाया था। उनके बयानों को अधूरा और विरोधाभासी बताया गया है, जिसके लिए बार-बार सबूतों के साथ उनका सामना कराना पड़ा। 200 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला बता दें कि यह पूरा मामला ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है, जिसने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों शिविंदर सिंह और मलविंदर सिंह की पत्नियों से 200 करोड़ रुपए ठगे थे। जैकलीन को इस मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोपी बनाया गया था। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी उनके खिलाफ मामले को रद्द करने की याचिका खारिज कर दी थी।

जैकलीन फर्नांडिस ने सरकारी गवाह बनने की अर्जी वापस ली:ED ने किया था विरोध; 200 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला

जैकलीन फर्नांडिस ने सरकारी गवाह बनने की अर्जी वापस ली:ED ने किया था विरोध; 200 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला

बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस ने मंगलवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से अपनी वह अर्जी वापस ले ली है, जिसमें उन्होंने 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग केस में सरकारी गवाह बनने की मांग की थी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनकी इस अर्जी का कड़ा विरोध किया था। जांच एजेंसी का कहना है कि जैकलीन इस मामले में कोई पीड़ित नहीं बल्कि इस अपराध की मुख्य लाभार्थी रही हैं। ईडी ने क्यों किया जैकलीन की अर्जी का विरोध? सोमवार को ईडी ने कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया था। जांच एजेंसी ने कहा कि जैकलीन की भूमिका इस केस में बहुत छोटी नहीं है। उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए जुटाए गए पैसों से फायदा उठाया है। ईडी ने दलील दी कि जैकलीन को सरकारी गवाह बनाना न्याय के साथ खिलवाड़ होगा, क्योंकि उन्होंने गंभीर अपराध किए हैं। एजेंसी ने उनकी अर्जी को कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया। सुकेश का जानते हुए भी लेती रहीं करोड़ों के गिफ्ट्स ईडी ने अपने जवाब में खुलासा किया कि सुकेश चंद्रशेखर के क्रिमिनल बैकग्राउंड के बारे में पता होने के बावजूद जैकलीन उसके संपर्क में रहीं। सुकेश ने अपराध की कमाई से जैकलीन और उनके परिवार के लिए महंगे गिफ्ट्स और सुख-सुविधाओं का इंतजाम किया था। एजेंसी का कहना है कि दोनों के बीच लगातार बातचीत होती थी और जैकलीन को फायदा पहुंचाया जाता था, जिससे साबित होता है कि वह इस साजिश का हिस्सा थीं। जांच के दौरान सही जानकारी न देने का आरोप एजेंसी ने आरोप लगाया कि जैकलीन ने जांच में सहयोग नहीं किया। उनके बयान अक्सर बदलते रहे और उन्होंने पूरी सच्चाई नहीं बताई। ईडी के मुताबिक, जैकलीन ने शुरुआत में कैश ट्रांजेक्शन, महंगे तोहफों और बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर किए गए फंड्स के बारे में तथ्यों को छिपाया था। उनके बयानों को अधूरा और विरोधाभासी बताया गया है, जिसके लिए बार-बार सबूतों के साथ उनका सामना कराना पड़ा। 200 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला बता दें कि यह पूरा मामला ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है, जिसने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों शिविंदर सिंह और मलविंदर सिंह की पत्नियों से 200 करोड़ रुपए ठगे थे। जैकलीन को इस मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोपी बनाया गया था। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी उनके खिलाफ मामले को रद्द करने की याचिका खारिज कर दी थी।

मखाना पनीर टिक्की रेसिपी: टिक्की भी हो सकती है वेट लॉस, घर में इन आसान स्टेप्स से बनाएं मखाना-पनीर टिक्की, प्रोटीन भी मिलेगा

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वेट लॉस में मखाना और पनीर दोनों खाने वालों की सलाह दी गई है। ये प्रोटीन और बहुमुखी से भरपूर लो कैलरी बस्तर है जो वजन में काफी मददगार है। ऐसे में सीखें मखाना-पनीर टिक्की की रेसिपी जान लें। छवि: फ्रीपिक मखाना-पनीर टिक्की की सामग्री- मसालेदार भुना हुआ 1 कप मखाना, 1 कप कद्दूकस की हुई चीज़, एक छोटा आलू, हरी मिर्च, अदरक, धनिया, नमक, काली मिर्च पाउडर, गर्म मसाला, नींबू का रस। छवि: फ्रीपिक सबसे पहले मखानों को कुरकुरा होने तक। फिर उनके प्लास्टर में पाउडर बनाया लें। एक कटोरी में इस पाउडर में कद्दूकस की हुई चीज़ और मसाले वाले आलू को मैश करके मिला लें। छवि: फ्रीपिक इस मिश्रण में हरी मिर्च, अदरक, धनिया पत्ता, नमक, गर्म मसाला और नींबू का रस पकाया जाता है। इस मिश्रण को अच्छे से बड़े गूंथ ले और हाथों में घी लगाकर गोल आकार की छोटी-छोटी टिक्कियां बना लें। छवि: एआई अब टिक्कियों को फ्री करेंगे। एक नॉन-स्टिक तवा और लें इसपर थोड़ा सा घी लगा लें। दोनों तरफ से सेंके तक की तुलना में टिक्कियों को सुनहरा भूरा होना। छवि: एआई टिक्कियां बिल्कुल क्रिस्पी हो मंज़िल। अब इन टिक्कियों को हरी या लाल चटनी के साथ सर्व करें। आपका मखाना-पनीर टिक्की एकदम तैयार है। छवि: एआई मखाना-पनीर टिक्की आपके वेट लॉस में तो मदद करती है, लेकिन ये आपके मसल्स स्वास्थ्य के लिए भी बहुत बढ़िया है। इस भूख को कंट्रोल में रखें। आप इसमें सेंधा नमक मशीनरी व्रत में भी खा सकते हैं। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)मखाना पनीर टिक्की(टी)मखाना पनीर टिक्की रेसिपी(टी)घर पर मखाना पनीर टिक्की(टी)वजन घटाने के लिए मखाना पनीर टिक्की(टी)मखाना पनीर टिक्की कैसे बनाएं

डॉक्टर भी मानते हैं! ये पौधे घर की हवा को नेचुरली कर देते हैं साफ, इन्हें लगा कर अपनी छत को बनाएं ग्रीन पावरहाउस!

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Last Updated:May 12, 2026, 18:46 IST Air Purifying Plants: शहरों की तेज़ रफ्तार जिंदगी में सबसे बड़ी कमी अगर किसी चीज़ की महसूस होती है, तो वो है साफ हवा. सुबह उठते ही धूल, ट्रैफिक और गर्मी का असर सीधे सांसों तक पहुंचता है. ऐसे में लोग अब सिर्फ एसी या एयर प्यूरीफायर पर निर्भर नहीं रहना चाहते, बल्कि प्राकृतिक विकल्प तलाश रहे हैं. यही वजह है कि छत के बागान यानी रूफटॉप गार्डनिंग तेजी से ट्रेंड में है. ये न सिर्फ घर को खूबसूरत बनाते हैं, बल्कि हवा को साफ करने में भी अहम रोल निभाते हैं, अगर आप भी अपनी छत को एक हेल्दी ग्रीन स्पेस में बदलना चाहते हैं, तो कुछ खास पौधे आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं. छत के बागानों का बढ़ता ट्रेंड आजकल छोटे शहरों से लेकर मेट्रो सिटी तक, लोग अपनी छत का इस्तेमाल सिर्फ कपड़े सुखाने के लिए नहीं कर रहे. वहां सब्जियां, फूल और खासतौर पर एयर-प्यूरिफाइंग पौधे लगाए जा रहे हैं. वजह साफ है-बढ़ता प्रदूषण और हेल्थ को लेकर जागरूकता. खास बात ये है कि इन पौधों को लगाने के लिए बहुत ज्यादा स्पेस या एक्सपर्ट स्किल की जरूरत नहीं होती. स्नेक प्लांट: रात में भी ऑक्सीजन स्नेक प्लांट यानी स्नेक प्लांट उन लोगों के लिए परफेक्ट है जो ज्यादा समय नहीं दे पाते. इसे कम पानी और कम देखभाल की जरूरत होती है. खास बात ये है कि ये रात में भी ऑक्सीजन रिलीज करता है, जिससे आसपास का माहौल ज्यादा फ्रेश रहता है. स्पाइडर प्लांट: तेजी से बढ़ने वाला साथी अगर आप जल्दी रिजल्ट चाहते हैं, तो स्पाइडर प्लांट अच्छा ऑप्शन है. ये तेजी से बढ़ता है और छोटे-छोटे नए पौधे भी देता है. हवा को साफ करने के साथ-साथ ये देखने में भी काफी आकर्षक लगता है. Add News18 as Preferred Source on Google बांस पाम: छत को देगा ग्रीन लुक बांस पाम आपकी छत को एक अलग ही लुक देता है. ये पौधा ऊंचाई में बढ़ता है और आसपास की हवा को फ्रेश बनाए रखने में मदद करता है, अगर आपके पास थोड़ी ज्यादा जगह है, तो ये एक शानदार चॉइस है. पीस लिली: खूबसूरती के साथ सफाई पीस लिली अपने सफेद फूलों और चमकदार पत्तों के लिए जानी जाती है. ये पौधा हवा से टॉक्सिन्स हटाने में मदद करता है. हालांकि इसे सीधे तेज धूप से बचाना जरूरी है, वरना इसके पत्ते खराब हो सकते हैं. एलोवेरा: हेल्थ और एयर के लिए बेस्ट एलोवेरा सिर्फ स्किन के लिए ही नहीं, बल्कि हवा को साफ करने में भी मददगार है. ये कम पानी में भी आसानी से उग जाता है और गर्मी को अच्छी तरह सह लेता है. कई लोग इसे किचन गार्डन का हिस्सा भी बना लेते हैं. मनी प्लांट: आसान और असरदार मनी प्लांट लगभग हर घर में दिख जाता है, लेकिन इसे छत पर लगाना भी उतना ही फायदेमंद है. ये तेजी से बढ़ता है और हवा में मौजूद हानिकारक तत्वों को कम करने में मदद करता है. इसे आप गमले में या हैंगिंग पॉट में भी लगा सकते हैं. कम देखभाल में ज्यादा फायदा छत पर पौधे लगाने का मतलब ये नहीं कि आपको घंटों गार्डनिंग करनी पड़ेगी. कुछ पौधे ऐसे हैं जो कम मेहनत में भी बेहतरीन रिजल्ट देते हैं. अरेका पाम: नमी और ताजगी का कॉम्बो अगर आपकी छत पर धूप अच्छी आती है, तो अरेका पाम एक शानदार विकल्प है. इसके लंबे, हल्के हरे पत्ते माहौल को ट्रॉपिकल फील देते हैं. ये पौधा हवा में नमी बढ़ाता है, जो गर्म इलाकों में बहुत काम आता है. जिन घरों में सूखी हवा की समस्या होती है, वहां ये खासतौर पर फायदेमंद है. बदलती लाइफस्टाइल में गार्डनिंग का रोल आज के समय में लोग सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि हेल्थ के लिए भी गार्डनिंग कर रहे हैं. छत पर लगाए गए ये पौधे मानसिक सुकून भी देते हैं. सुबह की चाय अगर हरियाली के बीच हो, तो दिन की शुरुआत ही अलग फील देती है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

अन्नाद्रमुक के बागी विधायकों ने विजय का समर्थन किया, ईपीएस दबाव में, फ्लोर टेस्ट आगे: तमिलनाडु सरकार के लिए आगे क्या | भारत समाचार

Shubman Gill (left) and Abhishek Sharma (AP Photo)

आखरी अपडेट:12 मई, 2026, 18:41 IST 30 विधायकों वाला एक विद्रोही अन्नाद्रमुक गुट महत्वपूर्ण शक्ति परीक्षण से ठीक 24 घंटे पहले तमिलनाडु में विजय के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन करने के लिए आगे आया। एक विद्रोही खेमे के टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार से हाथ मिलाने के बाद एआईएडीएमके सुप्रीमो एडप्पादी के पलानीस्वामी को बड़ा झटका लगा। (पीटीआई/फ़ाइल) तमिलनाडु में एक नया राजनीतिक मोड़ सामने आया है जब 30 एआईएडीएमके विधायकों ने मंगलवार को पार्टी प्रमुख एडप्पादी के पलानीस्वामी के खिलाफ विद्रोह कर दिया और विजय के नेतृत्व वाली तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) सरकार के पीछे एकजुट हो गए, जिससे सत्तारूढ़ गठबंधन को नई ताकत मिली। एक अभूतपूर्व कदम में, सीवी शनमुगम के नेतृत्व वाले विद्रोही अन्नाद्रमुक गुट ने कथित तौर पर तमिलनाडु के प्रोटेम स्पीकर को एक याचिका सौंपी, जिसमें एसपी वेलुमणि को विधायक दल के नेता के रूप में मान्यता देने की मांग की गई। बागी विधायकों ने मुख्यमंत्री विजय के साथ बैठक भी की. यह घटनाक्रम तब हुआ जब विजय के नेतृत्व वाली सरकार बुधवार (13 मई) को फ्लोर टेस्ट में अपना बहुमत साबित करने वाली है। विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतने वाली टीवीके को सरकार बनाने के लिए राजनीतिक गठबंधन बनाने में कई दिन बिताने के बाद 120 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। एआईएडीएमके विधायकों ने क्यों की बगावत? अन्नाद्रमुक के शनमुगम गुट ने पलानीस्वामी पर अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी द्रमुक के साथ गठबंधन करने का आरोप लगाया है और 23 अप्रैल के विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार के बाद उनके नेतृत्व पर सवाल उठाया है, जहां उसने 164 सीटों पर चुनाव लड़कर केवल 47 सीटें जीती थीं। महत्वपूर्ण शक्ति परीक्षण से ठीक 24 घंटे पहले विद्रोही खेमे के लगभग 30 विधायकों ने टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार से हाथ मिला लिया और पलानीस्वामी पर द्रमुक के साथ गठबंधन करके “विचारधारा के साथ विश्वासघात” करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विजय के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन करना “अम्मा (जयललिता) की विरासत को पुनर्जीवित करने” और प्रासंगिकता बहाल करने की दिशा में एक कदम था। यह भी पढ़ें: मेरे दुश्मन का दुश्मन: ‘स्टालिन से पार्टी को बचाने’ के लिए अन्नाद्रमुक के विद्रोही विजय का समर्थन क्यों कर रहे हैं? विद्रोही खेमे के पास दो-तिहाई बहुमत से दो विधायक कम हैं, जो शनमुगम गुट को असली अन्नाद्रमुक के रूप में वैधता का दावा करने की अनुमति देगा। हालाँकि, ईपीएस ने महासचिव का पद बरकरार रखा है और पार्टी के एक छोटे लेकिन वफादार वर्ग से समर्थन बरकरार रखा है। टीवीके-एआईएडीएमके का विलय हो सकता है यदि दो और विधायक विद्रोही खेमे में शामिल होते हैं, तो वे भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची में उल्लिखित दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता से बच जाएंगे। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे पार्टी पर पलानीस्वामी का नियंत्रण ख़त्म हो सकता है और उनके राजनीतिक भविष्य पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लग सकता है। यदि विद्रोही खेमा टीवीके सरकार में शामिल होता है, तो यह सत्तारूढ़ गठबंधन को और मजबूत करेगा, जिससे राज्य के कुल 234 में से विधायकों की कुल संख्या 150 से अधिक हो जाएगी। इससे टीवीके कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई (एम) या अन्य छोटे दलों पर कम निर्भर हो जाएगा, खासकर किसी भी असहमति के दौरान। और पढ़ें: ईपीएस के लिए रास्ता ख़त्म? दल-बदल से बचने के लिए अन्नाद्रमुक के विद्रोही गुट के केवल 2 विधायक कम पलानीस्वामी, जो दशकों से अन्नाद्रमुक के एक प्रमुख नेता रहे हैं, 2019, 2021, 2024 और 2026 में उनके नेतृत्व में पार्टी को भारी हार का सामना करने के बाद कठिन भविष्य का सामना करना पड़ रहा है। 2016 में जयललिता की मृत्यु के बाद, उन्होंने वीके शशिकला को सत्ता में मजबूत होने से रोकने के लिए ओ पनीरसेल्वम के साथ गठबंधन किया, बाद में 2022 में ओपीएस को निष्कासित करने से पहले, लेकिन उनकी अपनी शैली थी। राजनीति उन्हें परेशान करने के लिए वापस आ गई है। फ्लोर टेस्ट के दौरान क्या होता है? कई दिनों के राजनीतिक गतिरोध और गहन बातचीत के बाद, टीवीके कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई (एम), वीसीके और आईयूएमएल का समर्थन हासिल करने में कामयाब रही, जिससे गठबंधन की कुल ताकत 120 सीटों तक पहुंच गई, जो बहुमत के 118 के आंकड़े से थोड़ा अधिक है। 30 एआईएडीएमके विद्रोहियों के समर्थन और गठबंधन सहयोगियों के मौजूदा समर्थन के साथ, विजय की सरकार लगभग 150 विधायकों की संयुक्त ताकत के साथ आसानी से फ्लोर टेस्ट पास कर सकती है, बशर्ते कि दो-तिहाई विधायक खेमा बदल लें। फ्लोर टेस्ट तमिलनाडु में एक नई राजनीतिक सुबह की शुरुआत कर सकता है, जिसमें टीवीके द्रविड़ियन एकाधिकार की जगह लेगा और अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों में से एक को बड़ा झटका देगा। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया अन्नाद्रमुक के बागी विधायकों ने विजय का समर्थन किया, ईपीएस दबाव में, फ्लोर टेस्ट आगे: तमिलनाडु सरकार के लिए आगे क्या? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें