Tamil Nadu CM Vijay LIVE Updates; TN Assembly Session – TASMAC Liquor Shops Closure

Hindi News National Tamil Nadu CM Vijay LIVE Updates; TN Assembly Session TASMAC Liquor Shops Closure | TVK DMK MLAs चेन्नई12 मिनट पहले कॉपी लिंक श्रीनिवास सेतुपति को सिर्फ एक वोट के अंतर से विजयी घोषित किया गया था। मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को TVK विधायक आर श्रीनिवास सेतुपति पर 17वीं विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव समेत किसी भी वोटिंग में हिस्सा लेने पर रोक लगा दी है। सेतुपति ने तिरुपत्तूर विधानसभा सीट पर DMK उम्मीदवार केआर पेरियाकरुप्पन को महज एक वोट से हराया था। सेतुपति को 83,365 वोट मिले, वहीं पेरियाकरुप्पन को 83,364 वोट मिले थे। पेरियाकरुप्पन ने वोटों की दोबारा गिनती और श्रीनिवासा सेतुपति को विधायक के तौर पर शपथ लेने से रोकने के लिए एक अंतरिम आदेश की भी मांग की थी। जस्टिस एल विक्टोरिया गौरी और एन सेंथिलकुमार की वेकेशन बेंच की तरफ से लगाई गई रोक के बाद सेतुपति किसी भी अविश्वास प्रस्ताव पर भी वोट नहीं दे सकते। संयोग से CM जोसेफ विजय की TVK सरकार को 13 मई को अपना फ्लोर टेस्ट देना है। जो मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण के तीन दिन बाद होने वाला है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
संजय कपूर प्रॉपर्टी विवाद केस:करिश्मा के बच्चों के पक्ष में हुई सुनवाई के बाद मां ने दायर करवाई याचिका, बोर्ड मीटिंग पर रोक लगाने की मांग

करिश्मा कपूर के पूर्व पति और इंडस्ट्रियलिस्ट संजय कपूर का प्रॉपर्टी विवाद कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। जून 2025 में हुए संजय कपूर के निधन के बाद करिश्मा कपूर के बच्चों कियान और समायरा ने सौतेली मां प्रिया कपूर पर फर्जी वसीयत बनवाने के आरोप में शिकायत दर्ज करवाई थी। कोर्ट ने सुनावई के दौरान वसीयत पर शक होने पर प्रिया द्वारा संजय कपूर की प्रॉपर्टी बेचने पर रोक लगा दी थी। अब संजय कपूर की मां सीमा कपूर ने नई याचिका दायर कर कंपनी की बोर्ड मीटिंग रोके जाने की मांग की है। संजय की मां रानी कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दाखिल कर मांग की है कि प्रिया कपूर और कुछ अन्य लोग आरके फैमिली ट्रस्ट के कामकाज में दखल न दें। याचिका के अनुसार, 18 मई को एक बोर्ड मीटिंग रखी गई है, जो 8 मई को जारी कोर्ट के नोटिस के बाद बुलाई गई थी। इस बोर्ड मीटिंग का लक्ष्य कंपनी का नया डायरेक्टर नियुक्त करना है। रानी कपूर ने याचिका में 18 मई के लिए शेड्यूल इस बोर्ड मीटिंग पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा है कि जब तक मध्यस्त्था की प्रोसेस पूरी नहीं होती, तब तक कोई ट्रस्ट के काम में दखल न दे। रानी कपूर की याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायधीश जे.बी.पर्दीवाला ने कहा, ‘अब हम एक ऐसे विवाद में आ चुके हैं, जिसके सामने महाभारत भी अब छोटी लगेगी। हम इस मामले को देखेंगे।’ रानी कपूर के केस को लिस्ट कर लिया गया है। केस की सुनवाई 14 मई गुरुवार को होगी। कोर्ट ने करिश्मा के बच्चों को दी राहत हाल ही में हुई मामले की सुनवाई में कोर्ट ने संजय कपूर की संपत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए प्रिया कपूर पर इन्हें बेचने की रोक लगा दी है। करिश्मा कपूर के बच्चों कियान और समायरा ने कोर्ट में दावा किया है कि प्रिया सचदेवा ने उनके पिता की एक फर्जी वसीयत तैयार की है। बच्चों का आरोप है कि प्रिया ने कोर्ट में संपत्तियों की जो लिस्ट पेश की है, वह अधूरी है। उनके मुताबिक, इस लिस्ट में संजय की कई महंगी रोलेक्स घड़ियां, पोलो खेलने वाले कीमती घोड़े और करोड़ों की पेंटिंग्स का जिक्र नहीं किया गया है। बच्चों का कहना है कि संजय कपूर की कई अचल संपत्तियां भी इस सूची से बाहर रखी गई हैं। याचिका में बच्चों ने कहा था कि उनके पिता उन्हें वसीयत से अलग नहीं कर सकते थे, क्योंकि वो उनसे बेहद क्लोज थे। उनके निधन के बाद प्रिया कपूर ने उन्हें एक वसीयत दिखाई, जिसमें उनका नाम नहीं था। सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि संजय कपूर की संपत्ति को सुरक्षित रखा जाना जरूरी है ताकि उसे नष्ट न किया जा सके। कोर्ट ने प्रिया सचदेवा को किसी भी संपत्ति को बेचने से रोक दिया है और संजय के बैंक खातों के संचालन पर भी फिलहाल पाबंदी लगा दी है। कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि अब यह साबित करने की जिम्मेदारी प्रिया की है कि वसीयत असली है। अगर अभी कार्रवाई नहीं की गई और बाद में वसीयत फर्जी निकली, तो यह बच्चों के साथ बड़ा अन्याय होगा। लंदन में पोलो खेलते समय हुई थी मौत जून 2025 में 53 साल के संजय कपूर की इंग्लैंड में एक पोलो मैच के दौरान कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई थी। रानी कपूर का कहना है कि बेटे की मौत के बाद उनकी तीसरी पत्नी प्रिया कपूर ने पूरी ग्रुप कंपनियों पर नियंत्रण कर लिया और उन्हें संपत्ति में कोई हिस्सा नहीं दिया।
संजय कपूर प्रॉपर्टी विवाद केस:करिश्मा के बच्चों के पक्ष में हुई सुनवाई के बाद मां ने दायर करवाई याचिका, बोर्ड मीटिंग पर रोक लगाने की मांग

करिश्मा कपूर के पूर्व पति और इंडस्ट्रियलिस्ट संजय कपूर का प्रॉपर्टी विवाद कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। जून 2025 में हुए संजय कपूर के निधन के बाद करिश्मा कपूर के बच्चों कियान और समायरा ने सौतेली मां प्रिया कपूर पर फर्जी वसीयत बनवाने के आरोप में शिकायत दर्ज करवाई थी। कोर्ट ने सुनावई के दौरान वसीयत पर शक होने पर प्रिया द्वारा संजय कपूर की प्रॉपर्टी बेचने पर रोक लगा दी थी। अब संजय कपूर की मां सीमा कपूर ने नई याचिका दायर कर कंपनी की बोर्ड मीटिंग रोके जाने की मांग की है। संजय की मां रानी कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दाखिल कर मांग की है कि प्रिया कपूर और कुछ अन्य लोग आरके फैमिली ट्रस्ट के कामकाज में दखल न दें। याचिका के अनुसार, 18 मई को एक बोर्ड मीटिंग रखी गई है, जो 8 मई को जारी कोर्ट के नोटिस के बाद बुलाई गई थी। इस बोर्ड मीटिंग का लक्ष्य कंपनी का नया डायरेक्टर नियुक्त करना है। रानी कपूर ने याचिका में 18 मई के लिए शेड्यूल इस बोर्ड मीटिंग पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा है कि जब तक मध्यस्त्था की प्रोसेस पूरी नहीं होती, तब तक कोई ट्रस्ट के काम में दखल न दे। रानी कपूर की याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायधीश जे.बी.पर्दीवाला ने कहा, ‘अब हम एक ऐसे विवाद में आ चुके हैं, जिसके सामने महाभारत भी अब छोटी लगेगी। हम इस मामले को देखेंगे।’ रानी कपूर के केस को लिस्ट कर लिया गया है। केस की सुनवाई 14 मई गुरुवार को होगी। कोर्ट ने करिश्मा के बच्चों को दी राहत हाल ही में हुई मामले की सुनवाई में कोर्ट ने संजय कपूर की संपत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए प्रिया कपूर पर इन्हें बेचने की रोक लगा दी है। करिश्मा कपूर के बच्चों कियान और समायरा ने कोर्ट में दावा किया है कि प्रिया सचदेवा ने उनके पिता की एक फर्जी वसीयत तैयार की है। बच्चों का आरोप है कि प्रिया ने कोर्ट में संपत्तियों की जो लिस्ट पेश की है, वह अधूरी है। उनके मुताबिक, इस लिस्ट में संजय की कई महंगी रोलेक्स घड़ियां, पोलो खेलने वाले कीमती घोड़े और करोड़ों की पेंटिंग्स का जिक्र नहीं किया गया है। बच्चों का कहना है कि संजय कपूर की कई अचल संपत्तियां भी इस सूची से बाहर रखी गई हैं। याचिका में बच्चों ने कहा था कि उनके पिता उन्हें वसीयत से अलग नहीं कर सकते थे, क्योंकि वो उनसे बेहद क्लोज थे। उनके निधन के बाद प्रिया कपूर ने उन्हें एक वसीयत दिखाई, जिसमें उनका नाम नहीं था। सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि संजय कपूर की संपत्ति को सुरक्षित रखा जाना जरूरी है ताकि उसे नष्ट न किया जा सके। कोर्ट ने प्रिया सचदेवा को किसी भी संपत्ति को बेचने से रोक दिया है और संजय के बैंक खातों के संचालन पर भी फिलहाल पाबंदी लगा दी है। कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि अब यह साबित करने की जिम्मेदारी प्रिया की है कि वसीयत असली है। अगर अभी कार्रवाई नहीं की गई और बाद में वसीयत फर्जी निकली, तो यह बच्चों के साथ बड़ा अन्याय होगा। लंदन में पोलो खेलते समय हुई थी मौत जून 2025 में 53 साल के संजय कपूर की इंग्लैंड में एक पोलो मैच के दौरान कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई थी। रानी कपूर का कहना है कि बेटे की मौत के बाद उनकी तीसरी पत्नी प्रिया कपूर ने पूरी ग्रुप कंपनियों पर नियंत्रण कर लिया और उन्हें संपत्ति में कोई हिस्सा नहीं दिया।
NEET UG 2026 Exam Cancelled

4 मिनट पहले कॉपी लिंक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने 3 मई को हुई NEET 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। परीक्षा की नई डेट्स जल्द जारी की जाएंगी। NTA ने कहा है कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद परीक्षा रद्द की गई है। खबर अपडेट हो रही है… गेस पेपर में मिले थे 600 नंबर के सवाल 3 मई को देशभर में NEET UG 2026 की परीक्षा हुई थी। आशंका है कि परीक्षा का पर्चा पहले ही लीक हो गया था। राजस्थान में कई स्टूडेंट्स के पास हाथ से लिखा हुआ गेस पेपर मिला है जिसके सवाल असल परीक्षा से मैच हो रहे हैं। 10 मई को राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG ने इंटेल इनपुट पर कार्रवाई करते हुए देहरादून, सीकर और झुंझुनू से 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। इसमें सीकर के एक कोचिंग इंस्टीट्यूट के जुड़े करियर काउंसकर भी शामिल हैं 720 में से 600 नंबर के सवाल कॉमन जांच में सामने आया है कि परीक्षा के 720 में से 600 नंबर के सवाल दो दिन पहले ही सीकर में छात्रों के पास पहुंच गए थे। दरअसल, एक गेस पेपर केरल के एक कॉलेज से MBBS कर रहे स्टूडेंट ने 1 मई को सीकर में अपने एक दोस्त को भेज दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक सीकर के एक पीजी संचालक को ये पेपर मिला, जिसने इसे अपने यहां रहने वाले स्टूडेंट्स को दे दिया। इस जरिए से ये अलग-अलग लोगों तक पहुंचा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
कोच फ्लिक ने बदली बार्सिलोना की तकदीर:97 साल बाद मैड्रिड को हराकर बार्सिलोना बना सरताज, फ्लिक की युवा ब्रिगेड का दबदबा

स्पेनिश फुटबॉल में इस साल खिताबी जंग किसी ड्रामे या आखिरी पलों के उलटफेर वाली नहीं थी। बार्सिलोना ने रियल मैड्रिड के खिलाफ 2-0 की जीत दर्ज की और पॉइंट टेबल में 14 अंकों के भारी अंतर के साथ ला लिगा का खिताब अपने नाम किया। ‘एल क्लासिको’ पिछले 97 वर्षों में पहला ऐसा मैच बना, जिसने आधिकारिक तौर पर लीग का विजेता तय किया। कोच हेंसी फ्लिक के दो साल के कार्यकाल में यह उनका दूसरा लगातार खिताब है। बार्सिलोना ने 29वीं बार ला लिगा का टाइटल जीता। जर्मनी के फ्लिक पिता के निधन के बावजूद मैच के दौरान टीम के साथ मौजूद थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में बार्सिलोना को ऐसी टीम बनाया, जिसने लीग पर दबदबा कायम किया। फ्लिक की टीम बार्सिलोना फरवरी से ही अविश्वसनीय फॉर्म में रही है और उसने लगातार पिछले 11 मैच जीते हैं। इस पूरे सीजन में बार्सिलोना ने केवल चार लीग मैच गंवाए और होम ग्राउंड पर उनका जीत का रिकॉर्ड 100% रहा। हालांकि, टीम चैम्पियंस लीग और कोपा डेल रे से बाहर हो गई, लेकिन ला लिगा की रेस पर उनका नियंत्रण कभी कम नहीं हुआ। इस सत्र के 53 मैचों में से बार्सिलोना ने 42 जीते हैं- यानी 79% जीत की दर, जो यूरोप की टॉप-5 लीग में केवल बायर्न म्यूनिख (83%) से कम है। फ्लिक के आने के बाद बार्सिलोना की पहचान बदल गई है। उनके आने के बाद टीम ज्यादा अनुशासनात्मक हुई। उन्होंने डायरेक्ट अटैकिंग खेल की रणनीति अपनाई। इस बदलाव के केंद्र में नई पीढ़ी रही, जिसका नेतृत्व लामिने यमाल कर रहे हैं। 18 वर्षीय यमाल ने इस सीजन में 45 खेलों में 24 गोल किए हैं। फ्लिक ने उन पर भरोसा जताते हुए ऐसे टैक्टिकल पैटर्न बनाए जो उनकी ड्रिबलिंग और रचनात्मकता को निखारते हैं। यमाल के साथ-साथ पाउ कुबार्सी और फर्मिन लोपेज जैसे अन्य युवा खिलाड़ियों को भी सिस्टम में बखूबी शामिल किया। फ्लिक की कोचिंग में मार्कस रेशफोर्ड ने अपनी उपयोगिता साबित की है। भले ही वह हर मैच में शुरुआती इलेवन का हिस्सा न रहे हों, लेकिन बेंच से आकर उन्होंने महत्वपूर्ण गोल किए हैं। रियल के खिलाफ क्लासिको में रेशफोर्ड की शानदार फ्री-किक ने जीत की नींव रखी। मैनेजर के तौर पर फ्लिक की संवेदनशीलता की भी प्रशंसा हुई है। दिसंबर में उन्होंने डिफेंडर रोनाल्ड अराउजो को उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए छुट्टी दे दी थी।
Vinesh Phogat vs. Sakshi Malik Statement

पानीपत14 मिनट पहले कॉपी लिंक रेसलर विनेश फोगाट और भारतीय कुश्ती महासंघ में विवाद के बीच हरियाणा की ओलिंपियन पहलवान साक्षी मलिक विनेश फोगाट के सपोर्ट में उतर आई हैं। मंगलवार को साक्षी मलिक ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट पर WFI पर सवाल खड़े किए। साक्षी ने कहा, “दूसरे देशों की स्पोर्ट्स फेडरेशन अपनी खिलाड़ियों के लिए नियम आसान बनाती हैं, ताकि वहां महिलाएं मां बनने के बाद भी देश के लिए खेल सकें और मेडल जीत सकें। वहीं, हमारी WFI दो-तीन दिन पहले ऐसे नियम लागू कर देती है कि विनेश वापसी न कर सकें।” साक्षी ने आगे कहा कि “मेरा प्रधानमंत्री, खेलमंत्री और रेस्लिंग फेडरेशन से अनुरोध है कि विनेश का ट्रायल लिया जाए, ताकि वह भी देश के लिए मेडल जीत सकें और देश का नाम रोशन कर सकें। ऐसा उदाहरण स्थापित किया जाए कि अपने देश में भी महिलाएं मां बनने के बाद खेल सकती हैं और मेडल जीत सकती हैं।” जानिए विनेश और WFI के बीच विवाद कैसे शुरू हुआ… 4 मई को डोपिंग एजेंसी का विनेश को नोटिस 4 मई को इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) ने रेसलर विनेश फोगाट को डोपिंग टेस्ट में शामिल न होने के कारण नोटिस भेजा था। ITA ने कहा कि वह 18 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु में डोप टेस्ट के लिए शामिल नहीं हुईं। विनेश को 7 मई तक जवाब देने को कहा गया। हालांकि, विनेश ने दावा किया था कि 19 जनवरी 2026 को ITA को सूचित कर दिया था कि वह 18 दिसंबर 2025 को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में जाने के लिए बेंगलुरु से चंडीगढ़ की यात्रा कर रही थीं। विनेश ने कहा कि व्यस्तता के कारण वे अपनी लोकेशन अपडेट नहीं कर पाईं। 9 मई को WFI ने 26 जून तक बैन लगाया 9 मई को WFI ने विनेश फोगाट को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया। WFI ने 15 पन्नों के नोटिस में लिखा कि विनेश ने संन्यास से वापसी के लिए छह महीने पहले सूचना नहीं दी। इससे WFI संविधान, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) नियमों तथा एंटी-डोपिंग प्रावधानों का उल्लंघन हुआ। इसलिए वह 26 जून तक घरेलू कॉम्पिटिशन नहीं खेल पाएंगी। 11 मई को विनेश बोलीं- मेरे पास परमिशन विनेश फोगाट ने 11 मई को WFI के कारण बताओ नोटिस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि WFI ने मेरी लीव को गलत तरह से समझा। मैंने नियमों का उल्लंघन नहीं किया। डोप टेस्ट में शामिल न होने की जानकारी अधिकारियों को पहले ही दे दी थी। मैं 14 दिन में सबूतों के साथ WFI को जवाब दूंगी। ITA ने मुझे 1 जनवरी से ही खेलने की परमिशन दे दी थी। विनेश बोलीं- मुझे गोंडा में खेलने नहीं दिया 11 मई को विनेश उत्तर प्रदेश के गोंडा में चल रही ओपन कुश्ती टूर्नामेंट में पह़ुंची। यहां उन्होंने आरोप लगाया कि मुझे न तो अपना नाम चेक कराने दिया गया, और न ही यहां ट्रेनिंग करने दी जा रही। मैं कोई खास सुविधा नहीं चाहती, बस सबको जैसे मौका मिलता है वैसे ही मुझे भी खेलने दिया जाए। 11 मई को विनेश फोगाट यूपी के गोंडा पहुंची थीं। WFI ने कहा- विनेश हिस्सा नहीं ले सकतीं विनेश फोगाट के आरोपों के बाद 11 मई को WFI ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा- विनेश फोगाट जब गोंडा पहुंचीं, तब से उन्हें पूरी सुरक्षा दी गई। उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात की, जिन्होंने उन्हें बताया कि वे नियमों के हिसाब से प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकतीं। भारतीय कुश्ती महासंघ सभी खिलाड़ियों को एक जैसा मानता है और उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखता है। ——————————- ये खबर भी पढ़ें :- रेसलर विनेश फोगाट बोलीं-मैं भी बृजभूषण के शोषण की पीड़ित:गोंडा में कुश्ती लड़ना मुश्किल होगा, वहां मेरे साथ गलत हुआ तो सरकार जिम्मेदार ओलिंपियन रेसलर विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करके विनेश ने कहा, आज कुछ मजबूरियों के चलते मैं कहना चाहती हूं कि बृजभूषण शरण के खिलाफ कंप्लेंट करने वाले उन 6 विक्टिम में मैं भी शामिल हूं। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
हिमंत बिस्वा सरमा 2.0: हिमंत बिस्वा सरमा दूसरी बार असम के सीएम बने, शपथ से पहले मां कामाख्या और शंकरदेव को नमन

हिमंत बिस्वा सरमा 2.0: असम में नई सरकार का गठन हो चुका है और हिमंत बिस्वा सरमा (हिमंत बिस्वा सरमा) दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बन गए हैं। हिमंत बिस्वा सरमा ने आज गुवाहाटी में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री की शपथ ली। इसी तरह असम में लगातार तीसरी बार बीजेपी-एनडीए की सरकार बनी है. मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा को अपमानित किया। शपथ ग्रहण समारोह (असम सीएम शपथ) से पहले हिमंता बिस्वा सरमा ने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मां कामाख्या (कामाख्या मंदिर) और श्रीमंत शंकरदेव शंकरदेव (श्रीमंत शंकरदेव) का भी मजाक उड़ाया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हिमंता बिस्वा सरमा ने लिखा- ‘मां कामाख्या और महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव के आशीर्वाद से असम के लोगों का जीवन सुख, शांति और समृद्धि की ओर आगे बढ़े।’ उन्होंने कहा कि उनके आशीर्वाद से असम आने वाले दिनों में विकास की नई बात को चूमेगा। मुख्यमंत्री पद की शपथ से पहले जिस तरह से हिमंत बिस्वा सरमा ने मां कामाख्या और शंकरदेव को याद किया यह राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों नजरियों से अहम है। माँ कामाख्या और महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव का आशीर्वाद असम में सभी के जीवन को रोशन करे और शांति, प्रगति और समृद्धि के नए रास्ते खोले। उनके आशीर्वाद से आने वाले दिनों में असम विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा। 12.05.2026 pic.twitter.com/ocEPHSo9g1 – हिमंत बिस्वा सरमा (@himantabiswa) 12 मई 2026 हिटलर में हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी अध्यक्ष समेत कई नेता भी मौजूद हैं. बता दें कि असम में हिमंत बिस्वा सरमा वर्तमान में मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख अध्यक्ष भी हैं। अब दूसरी बार वे राज्य के मुख्यमंत्री बन रहे हैं। असम चुनाव बहुमत से बहुमत था असम की 126 विधानसभा सीटों पर प्रचंड बहुमत हासिल करते हुए कुल 102 सीटों पर जीत दर्ज की गई थी। बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) को 82 सीटें मिलीं, जबकि सहयोगी दल एजीपी और बीपीएफ ने 10-10 सीटें अपने नाम की रखीं. दूसरी ओर, कांग्रेस अलायंस 19 डेमोक्रेट्स पर आधारित था। जहां रायजोर पार्टी और एआईयूडीएफ को 2-2 से बढ़त मिली, वहीं टीएमसी को 1 सीट हासिल हुई। असम जाति परिषद (एजेपी) का खाता भी नहीं खुला। ये भी पढ़ें: असम चुनाव परिणाम 2026: असम में हिमंता बिस्वा सरमा की जीत, कुंडली के ग्रह दे रहे शक्ति और स्थिरता का संकेतअस्वीकरण: यहां चार्टर्ड सूचना सिर्फ अभ्यर्थियों और विद्वानों पर आधारित है। यहां यह जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह के सिद्धांत, जानकारी की पुष्टि नहीं होती है। किसी भी जानकारी या सिद्धांत को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें। (टैग्सटूट्रांसलेट)हिमंत बिस्वा सरमा 2.0(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)असम सीएम शपथ(टी)असम राजनीति(टी)मां कामाख्या(टी)असम सीएम शपथ लाइव(टी)बीजेपी(टी)कामाख्या मंदिर(टी)श्रीमंत शंकरदेव(टी)बीजेपी असम(टी)हिमंत शपथ समारोह(टी)हिमंत बिस्वा सरमा 2.0(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)असम सीएम शपथ(टी)असम राजनीति(टी)मां कामाख्या(टी)असम सीएम शपथ लाइव(टी)बीजेपी(टी)कामाख्या मंदिर(टी)श्रीमंत शंकरदेव(टी)बीजेपी असम(टी)हिमंत शपथ शपथ
Rupees All-Time Low Vs Dollar; INR USD Exchange Rate 2026 | Inflation Crisis

Hindi News Business Rupees All Time Low Vs Dollar; INR USD Exchange Rate 2026 | Inflation Crisis US Iran War मुंबई19 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय रुपया आज यानी 12 मई को डॉलर के मुकाबले 19 पैसे गिरकर 95.50 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान के बाद रुपया में यह गिरावट आई है। दरअसल, ट्रम्प ने ईरान के साथ संघर्ष विराम को कमजोर बताया है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंड क्रूड ऑयल के दाम बढ़कर 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। इससे पहले सोमवार को यह 95.31 पर बंद हुआ था। पिछले हफ्ते ही रुपए ने 95.43 का निचला स्तर छुआ था, जो अब टूट चुका है। साल 2026 की शुरुआत से ही रुपया दबाव में है। पिछले साल दिसंबर 2025 में पहली बार रुपया 90 के स्तर के पार गया था। रुपए में गिरावट के प्रमुख कारण जियोपॉलिटिकल टेंशन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान के साथ संघर्ष विराम यानी सीजफायर को कमजोर बताने से खाड़ी देशों में तनाव बढ़ गया है। युद्ध या संघर्ष की आशंका से निवेशक उभरते बाजारों (जैसे भारत) से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश की ओर भाग रहे हैं। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: ईरान संकट के कारण ग्लोबल मार्केट में सप्लाई में रुकावट आने का डर है। इसी वजह से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। भारत अपनी जरूरत का लगभग 80% तेल आयात करता है, जिससे तेल महंगा होने पर डॉलर की मांग बढ़ जाती है और रुपया कमजोर होता है। बढ़ता व्यापार घाटा: जब कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं, तो भारत का आयात बिल यानी इंपोर्ट बिल भी बढ़ जाता है। इससे देश का ‘करेंट अकाउंट डेफिसिट’ (CAD) बढ़ने की आशंका होती है, जो सीधे तौर पर रुपये की वैल्यू को कम करता है। डॉलर की मजबूती: वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में ‘अमेरिकी डॉलर’ को सबसे सुरक्षित संपत्ति यानी सेफ हेवन माना जाता है। ट्रम्प के कड़े रुख के बाद दुनिया भर के बाजारों में डॉलर की डिमांड बढ़ गई है, जिससे रुपये सहित अन्य करेंसी दबाव में हैं। विदेशी निवेशकों की निकासी: वैश्विक जोखिम बढ़ने पर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भारतीय शेयर बाजार से अपना निवेश निकालकर डॉलर में वापस ले जाते हैं। बाजार से डॉलर बाहर जाने के कारण रुपए की कीमत गिर जाती है। डॉलर महंगा, भारत में महंगाई बढ़ने का खतरा मिडिल ईस्ट संघर्ष को दशकों का सबसे गंभीर एनर्जी संकट माना जा रहा है, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ रहा है। तेल की कीमतें: कच्चे तेल महंगे होने से भारत का इम्पोर्ट बिल बढ़ा है। जरूरी सामान महंगा: LPG, प्लास्टिक और अन्य पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स की सप्लाई प्रभावित। महंगाई का डर: डॉलर महंगा होने से पेट्रोल-डीजल और इम्पोर्टेड सामान महंगे होंगे, जिससे रिटेल महंगाई बढ़ सकती है। विदेश में पढ़ाई-घूमना महंगा: विदेश जाने या पढ़ाई के लिए डॉलर खरीदने पर अब ज्यादा रुपए खर्च करने होंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स महंगे: मोबाइल, लैपटॉप और आयातित पार्ट्स महंगे हो सकते हैं, क्योंकि भुगतान डॉलर में होता है। तेल उत्पादन पिछले दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर रॉयटर्स के सर्वे के मुताबिक, अप्रैल में ओपेक (OPEC) देशों का तेल उत्पादन पिछले दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर रहा है। सऊदी अरामको के CEO अमीन नासिर ने चेतावनी दी है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल निर्यात में रुकावट के कारण बाजार में स्थिरता आने में 2027 तक का समय लग सकता है। इससे हर हफ्ते करीब 10 करोड़ बैरल तेल का नुकसान हो रहा है। इन्वेस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अगले महीने खुल भी जाता है, तो भी तेल की कीमतें इस साल 100 डॉलर के आसपास बनी रहेंगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि रास्ता खुलने के बाद भी लॉजिस्टिक और टैंकरों की कमी के कारण सप्लाई सामान्य होने में समय लगेगा। भारत पर असर: PM मोदी ने की संयम बरतने की अपील भारत अपनी तेल जरूरतों का 85% हिस्सा आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें देश के लिए चिंता का विषय हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नागरिकों से ईंधन की खपत और सोने की खरीद में संयम बरतने की अपील की है ताकि अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सके। ट्रेडर्स का मानना है कि आने वाले समय में रुपए में और गिरावट देखी जा सकती है। करेंसी की कीमत कैसे तय होती है? डॉलर के मुकाबले किसी करेंसी की वैल्यू घटे तो उसे मुद्रा का गिरना या कमजोरी (करेंसी डेप्रिसिएशन) कहते हैं। हर देश के पास फॉरेन करेंसी रिजर्व होता है, जिससे इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन होते हैं। इसके घटने-बढ़ने का असर करेंसी पर पड़ता है। अगर भारत के फॉरेन रिजर्व में डॉलर पर्याप्त होंगे तो रुपया स्थिर रहेगा। डॉलर घटे तो रुपया कमजोर, बढ़े तो मजबूत होगा। ये खबर भी पढ़ें… सरकार ने कहा- पेट्रोल-डीजल और LPG की कमी नहीं: एक दिन पहले PM मोदी ने कहा था- इनका इस्तेमाल कम करें पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच सरकार ने देश में ईंधन की कमी की खबरों को खारिज किया है। सरकार ने सोमवार को नागरिकों को आश्वासन दिया कि देश में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रविवार को ईंधन पर निर्भरता कम करने और बचत करने की अपील के एक दिन बाद आया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
रिपोर्ट-पाकिस्तान ने ईरान के सैन्य विमान छिपाने में मदद की:अमेरिकी हमलों से बचाने नूर खान एयरबेस पर रखा, PAK ने आरोपों को नकारा

पाकिस्तान ने अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान ईरानी सैन्य विमानों को अपने एयरबेस पर जगह दी। यह दावा CBS न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में किया है। रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि अप्रैल में सीजफायर के ऐलान के कुछ दिन बाद ईरान ने कई विमान पाकिस्तान एयरफोर्स के नूर खान एयरबेस भेजे। यह एयरबेस रावलपिंडी के पास स्थित पाकिस्तान का अहम सैन्य ठिकाना माना जाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भेजे गए विमानों में ईरानी एयरफोर्स का RC-130 विमान भी शामिल था। यह लॉकहीड C-130 हरक्यूलिस ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का खुफिया और निगरानी मिशन वाला वर्जन माना जाता है। पाकिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रिपोर्ट में किए गए दावों को खारिज किया। CBS न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा कि नूर खान एयरबेस शहर के बीच में स्थित है और वहां बड़ी संख्या में विमान छिपाना संभव नहीं है। दावा- ईरान ने कुछ प्लेन अफगानिस्तान भी भेजे रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान ने कुछ नागरिक विमान अफगानिस्तान भी भेजे। एक अफगान सिविल एविएशन अधिकारी ने दावा किया कि माहान एयर का एक विमान युद्ध शुरू होने से पहले काबुल पहुंचा था। ईरानी एयरस्पेस बंद होने के बाद वह विमान काबुल एयरपोर्ट पर ही रुका रहा। मार्च में पाकिस्तान और तालिबान सरकार के बीच तनाव बढ़ने पर काबुल एयरपोर्ट पर हमले की आशंका बनी। इसके बाद तालिबान के सिविल एविएशन अधिकारियों ने माहान एयर के विमान को सुरक्षा कारणों से ईरान सीमा के पास हेरात एयरपोर्ट भेज दिया। तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने अफगानिस्तान में ईरानी विमानों की मौजूदगी से इनकार किया। ईरान और चीन को नाराज नहीं करना चाहता पाकिस्तान पाकिस्तान एक तरफ खुद को अमेरिका के सामने मध्यस्थ और स्थिरता लाने वाले देश के रूप में पेश कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ वह ईरान और चीन को नाराज करने से बचने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले दशक में पाकिस्तान की चीन पर सैन्य निर्भरता काफी बढ़ी है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की एक स्टडी के मुताबिक 2020 से 2024 के बीच पाकिस्तान के 80% बड़े हथियार चीन ने सप्लाई किए। पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच 11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद में पहले दौर की बातचीत हुई थी। 21 घंटे तक यह वार्ता चलने के बावजूद नाकाम हो गई थी। दोनों के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी। ईरान ने रविवार को पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक प्रस्ताव सौंपा था, जिसे ट्रम्प ने पूरी तरह खारिज कर दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्ताव में युद्ध खत्म करने, फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने, प्रतिबंध हटाने और परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की बात कही गई थी। अमेरिका ने एनरिच्ड यूरेनियम सौंपने की शर्त रखी अमेरिका ने इस हफ्ते ईरान को 14 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा था। इसके तहत ईरान को कम से कम 12 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकना होगा और अपने पास मौजूद करीब 440 किलो 60% एनरिच्ड यूरेनियम अमेरिका को सौंपना होगा। इसके बदले अमेरिका प्रतिबंधों में ढील देगा, ईरान की फ्रीज की गईं अरबों डॉलर की संपत्तियां छोड़ेगा, साथ ही ईरानी बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी हटाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम और हाईली एनरिच्ड यूरेनियम पर पूरी तरह समझौता करने को तैयार नहीं है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… नेतन्याहू बोले- ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई जिंदा:बंकर में छिपे, सत्ता पर पिता जैसी पकड़ नहीं, जनता के विद्रोह का डर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई जिंदा हैं, लेकिन उनकी सत्ता पर पकड़ उनके पिता अली खामेनेई जैसी मजबूत नहीं है। CBS न्यूज के शो ‘60 मिनट्स’ को दिए इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा कि मुजतबा किसी बंकर या गुप्त जगह पर छिपे हुए हैं और वहीं से सत्ता संभालने की कोशिश कर रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
रिपोर्ट-पाकिस्तान ने ईरान के सैन्य विमान छिपाने में मदद की:अमेरिकी हमलों से बचाने नूर खान एयरबेस पर रखा, PAK ने आरोपों को नकारा

पाकिस्तान ने अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान ईरानी सैन्य विमानों को अपने एयरबेस पर जगह दी। यह दावा CBS न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में किया है। रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि अप्रैल में सीजफायर के ऐलान के कुछ दिन बाद ईरान ने कई विमान पाकिस्तान एयरफोर्स के नूर खान एयरबेस भेजे। यह एयरबेस रावलपिंडी के पास स्थित पाकिस्तान का अहम सैन्य ठिकाना माना जाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भेजे गए विमानों में ईरानी एयरफोर्स का RC-130 विमान भी शामिल था। यह लॉकहीड C-130 हरक्यूलिस ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का खुफिया और निगरानी मिशन वाला वर्जन माना जाता है। पाकिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रिपोर्ट में किए गए दावों को खारिज किया। CBS न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा कि नूर खान एयरबेस शहर के बीच में स्थित है और वहां बड़ी संख्या में विमान छिपाना संभव नहीं है। दावा- ईरान ने कुछ प्लेन अफगानिस्तान भी भेजे रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान ने कुछ नागरिक विमान अफगानिस्तान भी भेजे। एक अफगान सिविल एविएशन अधिकारी ने दावा किया कि माहान एयर का एक विमान युद्ध शुरू होने से पहले काबुल पहुंचा था। ईरानी एयरस्पेस बंद होने के बाद वह विमान काबुल एयरपोर्ट पर ही रुका रहा। मार्च में पाकिस्तान और तालिबान सरकार के बीच तनाव बढ़ने पर काबुल एयरपोर्ट पर हमले की आशंका बनी। इसके बाद तालिबान के सिविल एविएशन अधिकारियों ने माहान एयर के विमान को सुरक्षा कारणों से ईरान सीमा के पास हेरात एयरपोर्ट भेज दिया। तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने अफगानिस्तान में ईरानी विमानों की मौजूदगी से इनकार किया। ईरान और चीन को नाराज नहीं करना चाहता पाकिस्तान पाकिस्तान एक तरफ खुद को अमेरिका के सामने मध्यस्थ और स्थिरता लाने वाले देश के रूप में पेश कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ वह ईरान और चीन को नाराज करने से बचने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले दशक में पाकिस्तान की चीन पर सैन्य निर्भरता काफी बढ़ी है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की एक स्टडी के मुताबिक 2020 से 2024 के बीच पाकिस्तान के 80% बड़े हथियार चीन ने सप्लाई किए। पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच 11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद में पहले दौर की बातचीत हुई थी। 21 घंटे तक यह वार्ता चलने के बावजूद नाकाम हो गई थी। दोनों के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी। ईरान ने रविवार को पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक प्रस्ताव सौंपा था, जिसे ट्रम्प ने पूरी तरह खारिज कर दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्ताव में युद्ध खत्म करने, फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने, प्रतिबंध हटाने और परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की बात कही गई थी। अमेरिका ने एनरिच्ड यूरेनियम सौंपने की शर्त रखी अमेरिका ने इस हफ्ते ईरान को 14 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा था। इसके तहत ईरान को कम से कम 12 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकना होगा और अपने पास मौजूद करीब 440 किलो 60% एनरिच्ड यूरेनियम अमेरिका को सौंपना होगा। इसके बदले अमेरिका प्रतिबंधों में ढील देगा, ईरान की फ्रीज की गईं अरबों डॉलर की संपत्तियां छोड़ेगा, साथ ही ईरानी बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी हटाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम और हाईली एनरिच्ड यूरेनियम पर पूरी तरह समझौता करने को तैयार नहीं है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… नेतन्याहू बोले- ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई जिंदा:बंकर में छिपे, सत्ता पर पिता जैसी पकड़ नहीं, जनता के विद्रोह का डर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई जिंदा हैं, लेकिन उनकी सत्ता पर पकड़ उनके पिता अली खामेनेई जैसी मजबूत नहीं है। CBS न्यूज के शो ‘60 मिनट्स’ को दिए इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा कि मुजतबा किसी बंकर या गुप्त जगह पर छिपे हुए हैं और वहीं से सत्ता संभालने की कोशिश कर रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…









