दिल्ली के इन गुरुद्वारों को लोग कहते हैं ‘सस्ता हॉस्पिटल’, जांच से लेकर इलाज तक है सस्ता, जानें लोकेशन

Last Updated:May 12, 2026, 11:19 IST देश की राजधानी दिल्ली में कई गुरुद्वारा ऐसे हैं. जहां पर महंगी से महंगी जांच भी बेहद कम कीमतों पर होती है. इन गुरुद्वारों को लोग धार्मिक स्थान कम और सस्ते अस्पताल के नाम से ज्यादा जानते हैं. यहां ओपीडी भी होती है. मरीजों की जांच इलाज के साथ-साथ में दवाएं भी दी जाती है. आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए यह गुरुद्वारा किसी वरदान से कम नहीं है. दिल्ली का एक गुरुद्वारा है, जहां पर गुरुद्वारा बाला साहिब (सराय काले खां के पास) में फ्री किडनी डायलिसिस और जांच की सुविधा उपलब्ध है. यहां गुरु हरकिशन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च के तहत अत्याधुनिक अस्पताल चलता है, जो बिना किसी बिल काउंटर के पूरी तरह से नि:शुल्क इलाज मरीजों को देता है. अगर नि:शुल्क सेवा की बात करें तो यहां पर डायलिसिस, जरूरी जांच और दवाएं पूरी तरह से फ्री हैं. यह भारत का सबसे बड़ा किडनी डायलिसिस अस्पताल है, जिसमें 100 से अधिक बेड हैं. यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ ओपीडी सेवाएं, ऑपरेशन थिएटर और वार्ड भी उपलब्ध है. इसके अलावा दिल्ली के रकाब गंज साहिब (संसद भवन) में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति की ओर से संचालित स्वास्थ्य केंद्र में मुफ्त या बहुत कम दरों पर जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध है. यहां पर ‘बाला प्रीतम दवाखाना’ के माध्यम से रियायती दरों पर जांच और दवाएं दी जाती हैं. यहां पर मरीजों के लिए चिकित्सा केंद्र, जांच और दवाओं की सुविधा भी दी जाती है. दिल्ली के राजौरी गार्डन के ब्लॉक जे-3 में स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह साहब में साल 2022 में खालसा कैंसर केयर कीमोथेरेपी केंद्र की स्थापना की गई थी. यहां पर आर्थिक रूप से कमजोर और सभी तरह के मरीजों के लिए कैंसर की कीमोथेरेपी और ब्रेस्ट स्क्रीनिंग होती है. आज जब कैंसर की कीमोथेरेपी प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में लाखों में हो रही है, तो वहीं दिल्ली में एक जगह ऐसी भी है. जहां पर मात्र 5000 रुपए में कीमोथेरेपी सभी तरह के कैंसर मरीजों की की जा रही है. यही नहीं, डायलिसिस मात्र 750 रुपए में यहां पर होती है. यह जगह कैंसर और किडनी के मरीजों के लिए वरदान है. Add News18 as Preferred Source on Google इन गुरुद्वारों में सबसे ऊंचा नाम देश भर में मशहूर राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली का बंगला साहिब गुरुद्वारा है. यहां परमहंगा एमआरआई टेस्ट मात्र 50 रुपए में होता है. आमतौर पर एमआरआई टेस्ट की कीमत 6000 से 8000 रुपए के बीच होती है, लेकिन यहां पर सिर्फ 50 रुपए इसकी कीमत रखी गई है. इसके अलावा यहां पर मरीजों को महज 50 रुपए में सीटी स्कैन, अल्ट्रसाउंड, एक्स-रे तक कराने का सुविधा मिलती है. गुरुद्वारा और सिख समुदाय का नाम जब भी आता है तो देश प्रेम, देश भाव और सेवा भाव अपने आप ही जुबां पर आ जाता है, क्योंकि गुरुद्वारों में लोगों को हमेशा निशुल्क खाना खिलाया जाता है. कोविड-19 के वक्त भी गुरुद्वारों ने लोगों की काफी मदद की थी, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि सिखों का यह पवित्र स्थान न सिर्फ लोगों की सेवा खाना खिलाकर या लंगर लगाकर करता है. बल्कि देश प्रेम में और देश सेवा में मरीजों को सस्ती जांच और इलाज की सुविधा भी देता है. देश की राजधानी दिल्ली में पांच ऐसे बड़े गुरुद्वारे हैं, जहां पर यह सुविधा दी जाती है. दिल्ली के चांदनी चौक स्थित गुरुद्वारा शीश गंज साहिब में भी मरीजों को सस्ते में दवाएं दी जाती है. यहां मुख्य रूप से फ्री डिस्पेंसरी और दवाखाना की सेवा उपलब्ध है. यहां पर सामान्य बीमारियों के लिए मुफ्त परामर्श और दवाएं दी जाती हैं. यही नहीं, यहां पर मरीजों के लिए मुफ्त चेकअप और उसकी दवाएं भी दी जाती हैं. आपातकालीन चिकित्सा भी यहां पर उपलब्ध है. जैसे गंभीर स्थिति में प्राथमिक उपचार भी दिया जाता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
Bangladesh Sets Pakistan 000 Run Target; Afridi 00 Wickets

मीरपुर1 मिनट पहले कॉपी लिंक बांग्लादेश ने मीरपुर टेस्ट में पाकिस्तान को 268 रन का टारगेट दिया है। कप्तान नजमुल हसन शांतो ने दूसरी पारी 240/9 रन के स्कोर पर घोषित की। उसे पहली पारी में 27 रन की बढ़त मिली थी। पाकिस्तान पहली पारी में 386 पर ऑलआउट हुआ था। जबकि बांग्लादेश ने 413 रन बनाए थे। मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला क्रिकेट स्टेडियम में मेजबान टीम ने मंगलवार को 152/3 के स्कोर से खेला शुरू किया और पहले सेशन में ही पारी समाप्ति की घोषणा कर दी। कप्तान नजमुल हसन शांतो 87 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने पहली पारी में शतक (101 रन) लगाया था। कप्तान के अलावा, मोमिनुल हक (56 रन) ने अर्धशतक लगाया। हसन अली और नोमान अली को 3-3 विकेट मिले। रहीम के चौके से दिन की शुरुआत, आउट भी हुए दिन की शुरुआत मुशफिकुर रहीम के चौके से हुई। उन्हें किस्मत का साथ मिला। उन्होंने हसन अली की पहली बॉल पर ड्राइव लगाने की कोशिश की। जोकि ऑफ स्टंप के बाहर फुल लेंथ पर गिरी थी। गेंद ने बल्ले का बाहरी किनारा लिया और फर्स्ट स्लिप के बगल से थर्ड मैन बाउंड्री की ओर निकल गई। गनीतम रही कि फील्डर गेंद तक नहीं पहुंच सका। रहीम की पारी ज्यादा देर तक नहीं चली। दिन के तीसरे ओवर में वे हसन अली की गेंद पर कप्तान सान मसूद को कैच थमा बैठे और 22 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। रिव्यू लेकर आउट होने से बचे लिटन दास 58वें ओवर में लिटन दास रिव्यू से LBW होने से बच गए। नोमान अली ने लिटन दास के खिलाफ जोरदार LBW अपील की। अंपायर ने उन्हें आउट दे दिया। लिटन ने तुरंत रिव्यू लिया। थर्ड अंपायर ने अल्ट्रा-एज में बल्ले का किनारा देखा। यहां ऑन-फील्ड फैसला बदल दिया गया। लिटन लेग साइड में शॉट खेलने की कोशिश कर रहे थे। गेंद पिच से टर्न होकर सीधी अंदर आई और पैड पर लगी। बाद में लिटन दास 11 रन बनाकर आउट हो गए। पाकिस्तान से आजान का शतक, 3 अर्धशतक भी लगे मैच के तीसरे पाकिस्तान की टीम 386 रन के स्कोर पर ऑलआउट हो गई। इस तरह बांग्लादेश को पहली पारी में 27 रनों की बढ़त मिली। पाकिस्तान की ओर से ओपनर आजान अवेस (103 रन) ने शतक लगाया। अब्दुल्लाह फजल (60 रन) ने अर्धशतक लगाया। सलमान आगा ने 58 और मोहम्मद रिजवान ने 59 रन बनाए। मेहदी हसन मिराज ने 5 विकेट झटके। तस्कीन अहमद और तैजुल इस्लाम को 2-2 विकेट मिले। ————————– मीरपुर टेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… बांग्लादेश ने पहले दिन 301 रन बनाए; कप्तान शांतो का शतक, मोमिनुल की फिफ्टी कप्तान नजमुल हुसैन शांतो के शतक की बदौलत बांग्लादेश ने पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट के पहले दिन मजबूत शुरुआत की है।शुक्रवार को स्टंप्स तक बांग्लादेशी टीम ने पहली पारी में 4 विकेट पर 301 रन बनाए। शांतो 101 रन बनाकर आउट हुए, जबकि मोमिनुल हक (91) अपने शतक से महज 9 रनों से चूक गए। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
विजय की CM शपथ में मौजूद तृषा पर भड़कीं सिंगर:कहा- बिना तलाक साथ घूम रहे हैं, सोचिए पत्नी और बच्चों की मानसिक स्थिति कैसी होगी

थलापति विजय से नाम जुड़ने से सुर्खियों में बनीं हुईं तृषा कृष्णन पर साउथ सिंगर ने निशाना साधा है। उन्होंने तृषा की विजय की सीएम पथ के शपथ ग्रहण समारोह में मौजूदगी की कड़ी आलोचना की और सिंगर सुचित्रा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से तृषा कृष्णन की निंदा करते हुए कई पोस्ट शेयर की हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में तृषा को पैरासाइट तक कहा है। शपथ ग्रहण समारोह से तृषा की तस्वीर शेयर कर सुचित्रा ने कहा, ये इस समय की सबसे निराशाजनक सेलिब्रिटी है। इसके बाद सुचित्रा ने एक और वीडियो री-पोस्ट की, जिसमें विजय की मां शोबा, तृषा को गले लगा रही हैं। इसके साथ उन्होंने लिखा, शोभा, तृषा को गले लगा रही है ये कैसा परिवार है। अगली स्टोरी में उन्होंने लिखा, “बिना सही तरीके से तलाक लिए वह तृषा के साथ घूम रहे हैं। संगीता ने केस दर्ज किया है और उन पर एक अभिनेत्री के साथ अफेयर होने का आरोप है। वह अपने फॉलोअर्स के सामने गलत उदाहरण पेश कर रहे हैं। उनकी महिला फैंस भी आंख बंद करके उनकी हरकतों का समर्थन कर रही हैं और अप्रत्यक्ष रूप से एक गलत रिश्ते को बढ़ावा दे रही हैं। जरा सोचिए, इस समय उनकी पत्नी और बच्चों की मानसिक हालत कैसी होगी।” इसके अलावा फर्स्टपोस्ट को दिए इंटरव्यू में सुचित्रा ने कहा है, “मुझे तृषा बिल्कुल पसंद नहीं है। मैं यह बात बिना किसी पक्षपात के कह रही हूं। मुझे विजय बहुत पसंद हैं और मैं ईमानदारी से अपनी राय दे रही हूं।” “जब कोई इंसान बहुत सफल हो जाता है और अकेला पड़ जाता है, तो पैरासाइट उनकी जिंदगी में आ जाते हैं। विजय ने अपने माता-पिता और पत्नी से दूरी बना ली है, इसलिए वह अकेले हो गए हैं। उन्होंने अभी तक खुद के बारे में गंभीरता से नहीं सोचा। इसी बीच वह राजनीति में भी आ गए। मेरे हिसाब से राजनीति में आगे बढ़ने के लिए उन्हें अपने पिता चंद्रशेखर की सलाह और साथ की जरूरत है। उनके बिना राजनीति में सफलता पाना मुश्किल होगा।” बता दें कि थलापति विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। इस समारोह में विजय के माता-पिता समेत उनकी कथित गर्लफ्रेंड तृषा कृष्णन भी मौजूद रहीं। समारोह से तृषा की तस्वीरें और वीडियोज काफी चर्चा में रहीं। पत्नी ने अफेयर का आरोप लगाकर मांगा तलाक थलापति विजय की पत्नी संगीता सोर्नालिंगम ने फरवरी 2026 में तलाक की याचिका दायर कर दावा किया है कि विजय का 2021 से एक एक्ट्रेस से अफेयर है। बारा-बार रिश्ता खत्म करने का आश्वासन देने के बावजूद विजय ने रिश्ता जारी रखा, जिसके बाद संगीता ने तलाक की मांग की। तलाक की खबरों के बीच ही विजय तृषा कृष्णन के साथ एक हाई प्रोफाइल वेडिंग में पहुंचे और रिश्ते पर मुहर लगा दी। इसके बाद 4 मई को तृषा के जन्मदिन के दिन ही तमिलनाडु चुनाव के नतीजे आए, जिसमें विजय की पार्टी ने कई सीटें जीतीं। नतीजे आने के दिन तृषा पहले तिरुपति मंदिर पहुंचीं और फिर सीधे विजय के घर आई थीं। इसके बाद जब विजय ने सीएम पद की शपथ ली तो तृषा सबसे आगे की सीट पर बैठी थीं। उन्होंने तब विजय की मां से गले भी मिला था।
विजय की CM शपथ में मौजूद तृषा पर भड़कीं सिंगर:कहा- बिना तलाक साथ घूम रहे हैं, सोचिए पत्नी और बच्चों की मानसिक स्थिति कैसी होगी

थलापति विजय से नाम जुड़ने से सुर्खियों में बनीं हुईं तृषा कृष्णन पर साउथ सिंगर ने निशाना साधा है। उन्होंने तृषा की विजय की सीएम पथ के शपथ ग्रहण समारोह में मौजूदगी की कड़ी आलोचना की और सिंगर सुचित्रा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से तृषा कृष्णन की निंदा करते हुए कई पोस्ट शेयर की हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में तृषा को पैरासाइट तक कहा है। शपथ ग्रहण समारोह से तृषा की तस्वीर शेयर कर सुचित्रा ने कहा, ये इस समय की सबसे निराशाजनक सेलिब्रिटी है। इसके बाद सुचित्रा ने एक और वीडियो री-पोस्ट की, जिसमें विजय की मां शोबा, तृषा को गले लगा रही हैं। इसके साथ उन्होंने लिखा, शोभा, तृषा को गले लगा रही है ये कैसा परिवार है। अगली स्टोरी में उन्होंने लिखा, “बिना सही तरीके से तलाक लिए वह तृषा के साथ घूम रहे हैं। संगीता ने केस दर्ज किया है और उन पर एक अभिनेत्री के साथ अफेयर होने का आरोप है। वह अपने फॉलोअर्स के सामने गलत उदाहरण पेश कर रहे हैं। उनकी महिला फैंस भी आंख बंद करके उनकी हरकतों का समर्थन कर रही हैं और अप्रत्यक्ष रूप से एक गलत रिश्ते को बढ़ावा दे रही हैं। जरा सोचिए, इस समय उनकी पत्नी और बच्चों की मानसिक हालत कैसी होगी।” इसके अलावा फर्स्टपोस्ट को दिए इंटरव्यू में सुचित्रा ने कहा है, “मुझे तृषा बिल्कुल पसंद नहीं है। मैं यह बात बिना किसी पक्षपात के कह रही हूं। मुझे विजय बहुत पसंद हैं और मैं ईमानदारी से अपनी राय दे रही हूं।” “जब कोई इंसान बहुत सफल हो जाता है और अकेला पड़ जाता है, तो पैरासाइट उनकी जिंदगी में आ जाते हैं। विजय ने अपने माता-पिता और पत्नी से दूरी बना ली है, इसलिए वह अकेले हो गए हैं। उन्होंने अभी तक खुद के बारे में गंभीरता से नहीं सोचा। इसी बीच वह राजनीति में भी आ गए। मेरे हिसाब से राजनीति में आगे बढ़ने के लिए उन्हें अपने पिता चंद्रशेखर की सलाह और साथ की जरूरत है। उनके बिना राजनीति में सफलता पाना मुश्किल होगा।” बता दें कि थलापति विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। इस समारोह में विजय के माता-पिता समेत उनकी कथित गर्लफ्रेंड तृषा कृष्णन भी मौजूद रहीं। समारोह से तृषा की तस्वीरें और वीडियोज काफी चर्चा में रहीं। पत्नी ने अफेयर का आरोप लगाकर मांगा तलाक थलापति विजय की पत्नी संगीता सोर्नालिंगम ने फरवरी 2026 में तलाक की याचिका दायर कर दावा किया है कि विजय का 2021 से एक एक्ट्रेस से अफेयर है। बारा-बार रिश्ता खत्म करने का आश्वासन देने के बावजूद विजय ने रिश्ता जारी रखा, जिसके बाद संगीता ने तलाक की मांग की। तलाक की खबरों के बीच ही विजय तृषा कृष्णन के साथ एक हाई प्रोफाइल वेडिंग में पहुंचे और रिश्ते पर मुहर लगा दी। इसके बाद 4 मई को तृषा के जन्मदिन के दिन ही तमिलनाडु चुनाव के नतीजे आए, जिसमें विजय की पार्टी ने कई सीटें जीतीं। नतीजे आने के दिन तृषा पहले तिरुपति मंदिर पहुंचीं और फिर सीधे विजय के घर आई थीं। इसके बाद जब विजय ने सीएम पद की शपथ ली तो तृषा सबसे आगे की सीट पर बैठी थीं। उन्होंने तब विजय की मां से गले भी मिला था।
PM Modi Appeal for Careful Diesel-Petrol Use

भोपाल6 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल का कम उपयोग करने की अपील के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में अब मंत्रियों और वीआईपी काफिलों में गाड़ियों की संख्या सीमित की जाएगी। साथ ही सरकारी दौरों और भ्रमण के दौरान रैलियों पर भी रोक रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को Z+ सुरक्षा श्रेणी प्राप्त है। इसी वजह से उनके काफिले में अब तक कुल 13 वाहन शामिल रहते थे। इनमें वार्नर, पायलट, मीडिया कार, एस्कॉर्ट वाहन, काउंटर असॉल्ट व्हीकल, वीआईपी कार, स्पेयर वाहन, पार्टी कार, एम्बुलेंस और टेल कार शामिल थीं। अब CM काफिले में रहेंगी सिर्फ 8 गाड़ियां नए आदेश के बाद भोपाल में स्थानीय भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री के काफिले में अब सिर्फ 8 वाहन शामिल होंगे। इनमें पायलट, मीडिया कार, एस्कॉर्ट-1, वीआईपी वाहन, एस्कॉर्ट-2, स्पेयर वाहन, एम्बुलेंस और टेल कार शामिल रहेंगी। ईंधन बचत सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- राष्ट्रहित में ईंधन की खपत कम करना समय की जरूरत है। इसकी शुरुआत सरकार खुद करेगी। सरकार ने यह भी तय किया है कि नवनियुक्त निगम-मंडल पदाधिकारी सादगी के साथ कार्यभार ग्रहण करेंगे। ईंधन बचत सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। CM मोहन यादव ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर दी। जनसंपर्क ने दी जानकारी। ई-रिक्शा से पदभार ग्रहण करने पहुंचे सत्येंद्र भूषण वहीं मंगलवार को भोपाल में मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण सिंह ई-रिक्शा से पदभार ग्रहण करने पहुंचे। हालांकि, उनके साथ समर्थकों का कार और बाइक काफिला भी नजर आया। मध्य प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष राकेश सिंह जादौन भी ई-रिक्शा से भाजपा कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे सिर्फ तीन लोगों के साथ आए थे, बाकी लोग किस वाहन से पहुंचे इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी ई-स्कूटी से मंत्रालय पहुंचे। जस्टिस साइकिल चलाकर हाई कोर्ट पहुंचे मध्य प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष पंकज जोशी, मध्य प्रदेश कुश समाज कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रभु दयाल कुशवाहा ने भी अपना कार्यभार संभाला। वहीं जबलपुर में जस्टिस डीडी बंसल साइकिल चलाकर हाई कोर्ट पहुंचे, जिसकी चर्चा पूरे दिन होती रही। देखिए तस्वीरें… नवनियुक्त अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण सिंह ई-रिक्शा से रवाना हुए। भाजपा कार्यालय से निकलता वाहनों का काफिला। भाजपा कार्यालय के सामने रोड पर सड़क जाम की स्थिति। जस्टिस डीडी बंसल 3 किमी साइकिल चलाकर हाईकोर्ट पहुंचे। वहीं मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस डीडी बंसल भी करीब 3 किलोमीटर साइकिल चलाकर हाई कोर्ट पहुंचे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा- यह सोच गलत है कि हाई कोर्ट के जज साइकिल से नहीं जा सकते। उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो, सभी लोगों को साइकिल चलाकर पेट्रोल-डीजल की बचत करना चाहिए। उन्होंने इसे पर्यावरण और देशहित से जुड़ा विषय बताया। वे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा से प्रेरित होकर साइकिल चला रहे हैं। इस दौरान हाई कोर्ट के कुछ कर्मचारियों ने भी बैग और टिफिन लेकर साइकिल से आने-जाने की पहल की। ऊर्जा मंत्री ई-स्कूटी से पहुंचे मंत्रालय ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ई-स्कूटी से मंत्रालय पहुंचे। ई स्कूटी के जरिए पंचानन भवन पहुंचे ऊर्जा मंत्री ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भोपाल के शिवाजी नगर स्थित अपने सरकारी आवास से ई स्कूटी के जरिए पंचानन भवन पहुंचे। लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण के पदभार ग्रहण में शामिल हुए। इसके बाद वे ई स्कूटी से ही मंत्रालय पहुंचे। मंत्री ने भास्कर से कहा- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रहित में पेट्रोल डीजल की बचत करने का आह्वान किया है। हमें वर्तमान के साथ आने वाली पीढ़ी के लिए पर्यावरण भी ठीक रखना है। इसका अनुसरण करें। मैं बाहर जिलों के दौरे पर जाऊंगा तो ट्रेन या कार का उपयोग करूंगा। उन्होंने कहा- स्कूटी का उपयोग करूंगा। भोपाल, ग्वालियर में यदि अतिआवश्यक कार्य से जाना है तो कार का भी उपयोग करूंगा। लेकिन जहां तक संभव होगा ई स्कूटी का उपयोग करूंगा। भाजपा विधायक के बेटे 200 गाड़ियों के साथ निकले भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे 200 गाड़ियों के काफिले के साथ निकले। रील भी बनाई। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। कांग्रेस बोली- सत्ता में बैठे लोगों के लिए अलग नियम कांग्रेस ने X पर लिखा—सौभाग्य सिंह ठाकुर को मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद उज्जैन से भोपाल तक गाड़ियों का लंबा काफिला निकाला गया। कांग्रेस ने इसे लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। कांग्रेस ने कहा- एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी देशवासियों को पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी ही पार्टी के नेता इस अपील की धज्जियां उड़ाते नजर आते हैं। कांग्रेस ने इसे “जनता के लिए त्याग और सत्ता में बैठे लोगों के लिए अलग नियम” करार दिया। सौभाग्य सिंह ठाकुर को मप्र पाठ्य पुस्तक निगम का अध्यक्ष बनाए जाने पर काफिला निकला। भाजपा अध्यक्ष बोले- पीएम की अपील का असर हो रहा है हेमंत खंडेलवाल बोले- पीएम की अपील का असर जरूर होगा वहीं बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा- पीएम की अपील का असर जरूर होगा। आज हमारे नेताओं ने ई-रिक्शा से जाकर इसकी शुरुआत की है। हालांकि, कुछ समर्थक जरूर गाड़ियों से आ गए थे। हम अपील करेंगे कि आने वाले समय में सभी कार्यकर्ता और नागरिक पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें। सामान्य परिवहन का उपयोग करें। हमारा इंपोर्ट कम हो और डीजल-पेट्रोल का उपयोग सीमित रहे, इसके लिए हम प्रयास कर रहे हैं। भाजपा विधायक ई-रिक्शा से सफर करते नजर आए बीजेपी विधायक भगवानदास सबनानी भी सोमवार को ई-रिक्शा से सफर करते नजर आए। पीएम मोदी की अपील के बाद भोपाल दक्षिण-पश्चिम से बीजेपी विधायक भगवानदास सबनानी भी सोमवार को ई-रिक्शा से सफर करते नजर आए। सबनानी लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष सत्येन्द्र भूषण सिंह, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष पंकज जोशी, उपाध्यक्ष राकेश सिंह जादौन और कुश समाज कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रभुदयाल कुशवाह के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने ई-रिक्शा से उनके दफ्तर पहुंचे। ………………………………………………….. यह खबर भी पढ़ें PM मोदी बोले- पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करें पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि आज के समय में पेट्रोल, गैस और डीजल का इस्तेमाल कम करना होगा।
Suvendu Adhikari PA Murder | CBI Probe, 7-Member SIT Formed; Bihar-UP Arrests

Hindi News National Suvendu Adhikari PA Murder | CBI Probe, 7 Member SIT Formed; Bihar UP Arrests 19 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले की जांच अब CBI करेगी। CBI ने केस अपने हाथ में लेते ही 7 मेंबर्स की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई है। टीम की अगुवाई DIG रैंक के अधिकारी करेंगे। इस केस में अब तक बिहार और यूपी से 3 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने सोमवार को तीनों को नॉर्थ 24 परगना के बारासात कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 13 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। बंगाल चुनाव नतीजों के दो दिन बाद, 6 मई को नॉर्थ 24 परगना के मध्यमग्राम में 42 साल के चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावर ने उनकी कार रोककर कई राउंड फायरिंग की, जिसमें उन्हें सीने और पेट में तीन गोलियां लगीं। चंद्रनाथ की कार के विंडो से पिस्टल सटा कर फायरिंग हुई। शीशे पर गोलियों के निशान दिखे। बिहार और यूपी से पकड़े गए 3 आरोपी पुलिस ने मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह को गिरफ्तार किया है। मयंक और विक्की को बिहार के बक्सर से गिरफ्तार किय गया। वहीं, उत्तर प्रदेश के बलिया के रहने वाले राज सिंह को अयोध्या से 10 मई को पकड़ा गया था। गिरफ्तारी के बाद राज सिंह का एक पोस्टर सामने आया है। इसमें उसने खुद को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का प्रदेश महासचिव बताया है। उसके फेसबुक अकाउंट में मंत्री दयाशंकर सिंह के साथ की तस्वीर है। पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह के साथ उसकी रील भी है। अदालत ने आरोपियों को 24 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। सरकारी वकील बिवास चटर्जी ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने सबूत मिटाने से जुड़ी धारा जोड़ने की मांग की थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया हत्या में 8 लोगों के शामिल होने का शक जांच एजेंसियों का मानना है कि हत्या की साजिश और वारदात में कम से कम 8 लोग शामिल थे। आरोपियों ने वारदात से पहले कई दिनों तक रेकी की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हमलावरों की कार हत्या से पहले बाली टोल प्लाजा से गुजरी थी। यहां कार में मौजूद एक व्यक्ति ने UPI के जरिए टोल पेमेंट किया था। इसी डिजिटल ट्रांजैक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर के जरिए पुलिस ने एक आरोपी की पहचान की और फिर बाकी आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों की पहचान को टोल प्लाजा के CCTV फुटेज और वाहन की तस्वीरों से मैच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक हमलावरों ने पहचान छिपाने और मूवमेंट छुपाने के लिए कई तरीके अपनाए थे। हमलावरों की कार-बाइक जब्त, नंबर फर्जी निकली बंगाल पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद रथ की हत्या में सुपारी किलर के शामिल होने की आशंका जताई थी। पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि रथ की हत्या प्लानिंग के तहत की गई और इसमें प्रोफेशनल शूटर शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने घटनास्थल से एक कार जब्त की, जिससे रथ की स्कॉर्पियो का पीछा किया गया था। कार की नंबर प्लेट फर्जी निकली। कार का चेसिस और इंजन नंबर मिटाया गया था। इसके अलावा, हमले में दो बाइक शामिल थीं। इनमें से एक मोटरसाइकिल भी घटनास्थल से करीब 4 किमी दूर चाय की दुकान के पास मिली। उसपर भी फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। सुवेंदु TMC में थे, तब से चंद्रनाथ उनके साथ थे चंद्रनाथ पहले एयरफोर्स में अफसर थे। VRS लेने के बाद कुछ समय कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया। इसके बाद राजनीति में आ गए। सुवेंदु जब तृणमूल कांग्रेस में थे, तब से चंद्रनाथ उनके लिए काम कर रहे थे। उन्हें सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी लोगों में गिना जाता था। चंद्रनाथ 2019 में सुवेंदु की ऑफिशियल टीम का हिस्सा बने, तब सुवेंदु ममता बनर्जी सरकार में मंत्री थे। चंद्रनाथ ने भवानीपुर में सुवेंदु के चुनाव अभियान की जिम्मेदारी संभाली थी। भवानीपुर वही सीट है जहां से सुवेंदु ने ममता बनर्जी को विधानसभा चुनाव में करीब 15 हजार वोटों से हराया है। चंद्रनाथ की मां भी सुवेंदु के साथ भाजपा में गई थीं सुवेंदु की तरह चंद्रनाथ का परिवार भी पहले TMC से जुड़ा था। उनकी मां हाशी रथ ने TMC शासन के दौरान पूर्व मेदिनीपुर में स्थानीय पंचायत निकाय में पद संभाला था, लेकिन 2020 में सुवेंदु अधिकारी के साथ भाजपा में शामिल हो गईं। चंद्रनाथ शांत स्वभाव और लो-प्रोफाइल थे। उन्होंने रहारा रामकृष्ण मिशन से अपनी पढ़ाई पूरी की थी। कई सालों तक सुवेंदु के करीबी होने के बावजूद वह सुर्खियों से दूर ही रहते थे। चंद्रकात की सुवेंदु के साथ कोई फोटो नहीं है। पूरी वारदात को 90 मिनट की टाइमलाइन से समझिए… चंद्रनाथ करीब 9 बजे कोलकाता से निकले : चंद्रनाथ कोलकाता से मध्यमग्राम में अपने किराए के घर पर जाने के लिए स्कॉर्पियो से लौट रहे थे। ड्राइवर गाड़ी चला रहा था। चंद्रनाथ बगल में बैठे थे। रात 10 बजे CCTV में स्कॉर्पियो दिखी : कोलकाता से करीब 20 किलोमीटर दूर मध्यमग्राम में रात 9:58 बजे एक CCTV कैमरे में चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो सड़क से गुजरती दिखी। स्कॉर्पियो के गुजरने के कुछ देर बाद इलाके से एक कार और दो बाइक पर सवार तीन लोग पीछे जाते दिखे। 10:30 बजे कार ने स्कॉर्पियो का रास्ता रोका : मध्यमग्राम के दोहरिया जंक्शन के पास कार स्कॉर्पियो से आगे निकल गई और सामने जाकर गाड़ी रोक दी। स्कॉर्पियो ड्राइवर को गाड़ी रोकनी पड़ी। बाइक पर सवार हमलावर ने फायरिंग शुरू की: जब तक चंद्रनाथ और उनका ड्राइवर कुछ समझ पाते, बाइक सवार हमलावर बाईं तरफ आए और 6 से 10 राउंड फायरिंग की। कार छोड़कर भागे बदमाश: वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश कार को वहीं छोड़कर मोटरसाइकिलों पर सवार होकर दो अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए। कार की नंबर प्लेट फर्जी : पुलिस ने घटनास्थल से कार जब्त की, लेकिन नंबर की जांच की गई तो वह फर्जी निकला। कार के चेसिस नंबर के साथ भी छेड़छाड़ की गई थी। हत्या में ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल: हमलावरों ने ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल किया था। इस
RCA के पूर्व कन्वीनर को 24 लाख की रिकवरी नोटिस:एसोसिएशन के फंड का गलत तरीके से इस्तेमाल किया, वकीलों को लाखों रुपए बांटे

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की एडहॉक कमेटी ने पूर्व कन्वीनर दीनदयाल कुमावत को 24 लाख रुपए की रिकवरी का नोटिस जारी किया है। कमेटी का आरोप है कि कुमावत ने अपने कार्यकाल के दौरान पद का दुरुपयोग करते हुए RCA के फंड से वकीलों को अनुचित भुगतान किया। यह राशि जिला क्रिकेट एसोसिएशन (DCA) सवाई माधोपुर से जुड़े मामलों में वकीलों को दी गई है। RCA बोला- संस्था पर कानूनी खर्च उठाने की कोई जिम्मेदारी नहीं 11 मई 2026 को जारी नोटिस में कहा गया है कि RCA के खातों और वित्तीय रिकॉर्ड की समीक्षा के दौरान यह भुगतान सामने आया। एडहॉक कमेटी ने मामले की जांच के बाद DCA से जुड़े विवाद या मुकदमेबाजी में कानूनी खर्च उठाने की RCA की कोई बाध्यता या जिम्मेदारी नहीं बनती। राशि व्यक्तिगत रूप से वसूलने का निर्णय नोटिस में लिखा गया है- कमेटी ने 24 लाख रुपए दीनदयाल कुमावत से व्यक्तिगत रूप से वसूलने का निर्णय लिया है। दीनदयाल ने कन्वीनर पद का दुरुपयोग करते हुए RCA के फंड का गैर कानूनी तरीके से इस्तेमाल किया है। RCA एक खेल संस्था है और उसके फंड का उपयोग केवल क्रिकेट गतिविधियों के संचालन, विकास और प्रशासनिक कार्यों के लिए ही किया जाना चाहिए। 7 दिन में जमा करने को कहा, कार्रवाई की चेतावनी RCA ने नोटिस के जरिए दीनदयाल कुमावत को 7 दिन के भीतर 24 लाख रुपए जमा कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि तय समय में भुगतान नहीं किया तो कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जून 2025 को बनाया था कन्वीनर RCA की कार्यकारिणी को भंग कर सरकार ने 28 मार्च 2024 को एडहॉक कमेटी का गठन किया था। तब भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी को कन्वीनर बनाया गया था। सरकार ने 28 जून 2025 को एडहॉक कमेटी में बदलाव किया था। बिहाणी को हटाकर सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष दीनदयाल कुमावत को कमेटी का कन्वीनर बनाया गया था। अब दीनदयाल कुमावत को हटाकर भाजपा विधायक जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव को कन्वीनर नियुक्त किया गया है।
विद्रोही अन्नाद्रमुक गुट ने प्रस्तावित द्रमुक समझौते पर ईपीएस को छोड़ दिया, टीवीके को समर्थन की घोषणा की | भारत समाचार

आखरी अपडेट:12 मई, 2026, 10:00 IST विद्रोही गुट ने वरिष्ठ नेता एसपी वेलुमणि को अन्नाद्रमुक विधायक दल के नए नेता के रूप में प्रस्तावित करके पार्टी के आंतरिक नेतृत्व ढांचे को नया आकार देने की भी मांग की। विद्रोही गुट ने वरिष्ठ नेता एसपी वेलुमणि को अन्नाद्रमुक विधायक दल के नए नेता के रूप में प्रस्तावित करके पार्टी के आंतरिक नेतृत्व ढांचे को नया आकार देने की भी मांग की। अन्नाद्रमुक के भीतर संकट मंगलवार को तेजी से बढ़ गया जब पार्टी के वरिष्ठ नेता सीवी शनमुगम ने सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री के रूप में विजय का समर्थन किया, एडप्पादी के पलानीस्वामी पर राज्य का नेतृत्व करने के लिए द्रमुक से समर्थन तलाशने का आरोप लगाया और घोषणा की कि विद्रोही विधायक आने वाली तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) सरकार का समर्थन करेंगे। असंतुष्ट अन्नाद्रमुक विधायकों के साथ एक परामर्श बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए, शनमुगम ने कहा कि गुट को सूचित किया गया था कि खंडित फैसले के बाद ईपीएस “द्रमुक की मदद से” मुख्यमंत्री बन सकते हैं। शनमुगम ने कहा, “इन बैठकों के दौरान हमें बताया गया कि डीएमके की मदद से ईपीएस को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। हमें इस फैसले को स्वीकार करने के लिए कहा गया। हमने इसका विरोध किया। हमें लगा कि यह गलत है और हमें यह बता दिया गया। उन्होंने हमारे विचारों को स्वीकार नहीं किया।” प्रस्ताव को अन्नाद्रमुक की वैचारिक जड़ों के साथ विश्वासघात बताते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी की स्थापना एमजी रामचंद्रन ने द्रमुक के राजनीतिक विकल्प के रूप में की थी और बाद में जे जयललिता के तहत मजबूत हुई। उन्होंने कहा, “यह आंदोलन डीएमके के राजनीतिक विरोध के तौर पर शुरू किया गया था. हमारे सामने डीएमके को समर्थन देने का विचार था. उस प्रस्ताव से हमें बड़ा झटका लगा. हमने इसे स्वीकार नहीं किया.” शनमुगम ने यह भी स्पष्ट किया कि विद्रोही गुट द्रमुक से जुड़ी किसी भी गठबंधन व्यवस्था का हिस्सा नहीं होगा। उन्होंने कहा, ”हम घोषणा करना चाहते हैं कि अन्नाद्रमुक किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं होगी।” उसी समय, असंतुष्ट खेमे ने तमिलनाडु चुनाव में लोगों के जनादेश को स्वीकार करते हुए औपचारिक रूप से टीवीके और विजय को समर्थन दिया। शनमुगम ने कहा, “तमिलनाडु के लोगों ने तमिलागा वेट्ट्री कज़गम और उसके नेता विजय को मुख्यमंत्री के रूप में अपना जनादेश दिया है। अन्नाद्रमुक लोगों के फैसले को स्वीकार करती है।” एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में उन्होंने घोषणा की कि बैठक में विजय की सरकार को समर्थन देने का प्रस्ताव पारित किया गया है. उन्होंने कहा, ”हम टीवीके और विजय को समर्थन देना चाहते हैं।” विद्रोही गुट ने वरिष्ठ नेता एसपी वेलुमणि को अन्नाद्रमुक विधायक दल के नए नेता के रूप में प्रस्तावित करके पार्टी के आंतरिक नेतृत्व ढांचे को नया आकार देने की भी मांग की। शनमुगम ने घोषणा की, “हम एसपी वेलुमणि को अन्नाद्रमुक विधायक दल के नेता के रूप में नियुक्त करना चाहते हैं,” हालांकि वेलुमणि ने औपचारिक विभाजन की अटकलों को कम करने का प्रयास किया। वेलुमणि ने कहा, “हम अन्नाद्रमुक को तोड़ना नहीं चाहते; हम पार्टी को विभाजित नहीं करेंगे।” उन्होंने कहा, “अन्नाद्रमुक कभी नहीं टूटेगी।” शनमुगम ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि असंतुष्ट गुट का उद्देश्य चुनावी असफलता के बाद पार्टी को नष्ट करने के बजाय उसे पुनर्जीवित करना था। उन्होंने कहा, “हम चुनाव में हार को पूरी तरह से स्वीकार करते हैं। यह गठबंधन विफल हो गया है।” “अन्नाद्रमुक को पुनर्जीवित किया जाना चाहिए। एमजीआर और जयललिता के नेतृत्व वाली अन्नाद्रमुक को वापस आना चाहिए।” यह घटनाक्रम एआईएडीएमके में बढ़ते आंतरिक विद्रोह के बीच सामने आया है, जिसमें विधायक अलग-अलग खेमों में इकट्ठा हो रहे हैं और पार्टी के खराब चुनावी प्रदर्शन के बाद ईपीएस के पद छोड़ने की मांग बढ़ रही है। षणमुगम गुट के साथ जुड़े अन्नाद्रमुक विधायक बाद में विधानसभा के लिए रवाना हो गए, जिससे संकेत मिलता है कि सत्ता संघर्ष जल्द ही सदन में भी शुरू हो सकता है। इस बीच, सूत्रों ने कहा कि विजय का वीसीके प्रमुख थोल से मिलने का कार्यक्रम है। थिरुमावलवन, कांग्रेस नेताओं और शनमुगम के नेतृत्व वाले विद्रोही अन्नाद्रमुक गुट ने मंगलवार को संकेत दिया कि टीवीके प्रमुख ने चुनाव के बाद व्यापक समर्थन हासिल करने के लिए औपचारिक राजनीतिक पहुंच शुरू कर दी है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया विद्रोही अन्नाद्रमुक गुट ने प्रस्तावित द्रमुक समझौते पर ईपीएस को छोड़ दिया, टीवीके को समर्थन की घोषणा की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग अनुवाद करने के लिए)एआईएडीएमके संकट(टी)एआईएडीएमके आंतरिक विद्रोह(टी)सीवी शनमुगम(टी)एडप्पादी के पलानीस्वामी(टी)विजय टीवीके(टी)तमिलगा वेट्री कड़गम(टी)तमिलनाडु की राजनीति(टी)डीएमके गठबंधन विवाद
आज IPL में GT-SRH का मुकाबला:अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मैच, 3 छक्कों से ईशान ने पूरी की थी फिफ्टी

आज IPL में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मुकाबला शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। अगर आज ईशान किशन की टीम SRH मैच जीतती है, तो टीम पॉइंट्स टेबल के टॉप पर पहुंच जाएगी। हैदराबाद के लिए इस सीजन में ईशान ने 11 मैचों में 409 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 186.75 टीम को तेज शुरुआत दिला रहा है। पंजाब के खिलाफ पिछले मैच में हैदराबाद के ईशान किशन ने लगातार 3 छक्के लगाकर 50 पूरी की थी। 14वें ओवर में ईशान किशन ने विजयकुमार वैशाख की बॉल पर लगातार 3 छक्के जड़े थे। ईशान ने लगातार 3 छक्कों से फिफ्टी पूरी की थी पंजाब के खिलाफ पिछले मैच के तीसरी बॉल पर ईशान ने पुल शॉट खेला और गेंद को डीप बैकवर्ड स्क्वेयर लेग के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। वैशाख ने स्टंप्स पर धीमी शॉर्ट गेंद दी थी। चौथी बॉल पर ईशान ने एक और छक्का लगाया। ऑफ स्टंप के बाहर फुल लेंथ बॉल को किशन ने आगे बढ़कर खेला। इस बार बॉल सीधी लॉन्ग-ऑन के ऊपर से साइटस्क्रीन के पास से बाउंड्री पार चली गई। वैशाख ने 5वीं बॉल ऑफ स्टंप के बाद फुल लेंथ पर डाली। इसे किशन ने आगे बढ़कर लॉन्ग-ऑन के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। करीब 92 मीटर के छक्के के साथ उन्होंने फिफ्टी भी पूरी कर ली। ईशान को ओवर में 2 जीवनदान, कैच ड्राप और स्टंपिंग छूटी 11वें ओवर में ईशान किशन को 2 बार जीवनदान मिले। यह ओवर युजवेंद्र चहल डाल रहे थे। चौथी बॉल पर लॉकी फर्ग्यूसन ने कैच ड्रॉप किया। ईशान ने लेंथ बॉल को स्वाइप किया। लेकिन, गेंद फर्ग्यूसन के हाथ से निकल गई। अतिरिक्त उछाल के कारण वे बॉल पकड़ नहीं सके और कैच का मौका गंवाया। चहल की आखिरी बॉल पर विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह ने ईशान को स्टंपिंग करने का आसान मौका गंवाया। चहल की फ्लाइटेड लेग ब्रेक पर ईशान आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद को पढ़ नहीं पाए। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में 80 रन बनाए थे ईशान किशन ने पैट कमिंस की जगह शुरुआती कुछ मैचों में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी की थी। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था और 80 रन बनाए थे। RCB के खिलाफ मैच में ईशान ने धमाकेदार पारी खेली और 5 चौके और 6 छक्कों की मदद से 80 रन बनाए थे। वह IPL में कप्तानी डेब्यू पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर जैसे प्लेयर्स की लिस्ट शामिल हो गए हैं।
तलाक की खबरों से सुर्खियों में मौनी रॉय:पति को सोशल मीडिया से किया अनफॉलो, तस्वीरें भी हटाईं; 2022 में गोवा में की थी शादी

बॉलीवुड एक्ट्रेस मौनी रॉय तलाक की अफवाहों से चर्चा में हैं। इसी बीच मौनी रॉय ने सोशल मीडिया से पति को अनफॉलो कर तलाक की खबरों को और तेज कर दिया है। मौनी रॉय के तलाक की खबरें सोशल मीडिया से शुरू हुईं। सामने आया कि कपल को लंबे समय से एक-दूसरे के साथ पब्लिकली स्पॉट नहीं किया गया है। इसी बीच मौनी रॉय की सोशल मीडिया फॉलोविंग और फॉलोवर्स लिस्ट देखने से सामने आया कि वो पति सूरज नांबियार को फॉलो ही नहीं कर रही हैं। ठीक इसी तरह उनके पति भी उन्हें फॉलो नहीं करते। हालांकि ये साफ नहीं है कि ये सिलसिला पहले से चला आ रहा है या कपल ने हाल ही में एक-दूसरे को अनफॉलो किया है। इसके अलावा मौनी का इंस्टाग्राम अकाउंट खंगालने से सामने आया है कि उन्होंने पति के साथ पोस्ट की हुईं सभी तस्वीरें हटा दी हैं। साल 2024 तक उनके अकाउंट में पति की कोई तस्वीर ही नहीं है। सूरज नांबियार का इंस्टाग्राम खंगालने पर सामने आया कि वो सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव नहीं हैं। उन्होंने मौनी के साथ आखिरी पोस्ट 2024 में पोस्ट की थी, जिसके बाद उनके अकाउंट की आखिरी पोस्ट अप्रैल 2025 की है। 2022 में हुई थी मौनी-सूरज की शादी मौनी रॉय ने 22 जनवरी 2022 में बिजनेसमैन सूरज नांबियार से गोवा में शादी की थी। ये शादी मलयाली रीति-रिवाजों से हुई। इसके बाद मौनी ने सोशल मीडिया पर पति के साथ वेकेशन की कई खूबूसरत तस्वीरें भी शेयर की थीं। मौनी रॉय के पास हैं कई फिल्में साल 2025 में मौनी रॉय फिल्म भूतनी में नजर आई थीं। जल्द ही वो तमिल फिल्म विश्वंभरा में कैमियो करती दिखेंगी। इसके अलावा वो है जवानी तो इश्क होना है और द वाइव्स जैसी फिल्मों में नजर आने वाली हैं।









