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कोच फ्लिक ने बदली बार्सिलोना की तकदीर:97 साल बाद मैड्रिड को हराकर बार्सिलोना बना सरताज, फ्लिक की युवा ब्रिगेड का दबदबा

कोच फ्लिक ने बदली बार्सिलोना की तकदीर:97 साल बाद मैड्रिड को हराकर बार्सिलोना बना सरताज, फ्लिक की युवा ब्रिगेड का दबदबा

स्पेनिश फुटबॉल में इस साल खिताबी जंग किसी ड्रामे या आखिरी पलों के उलटफेर वाली नहीं थी। बार्सिलोना ने रियल मैड्रिड के खिलाफ 2-0 की जीत दर्ज की और पॉइंट टेबल में 14 अंकों के भारी अंतर के साथ ला लिगा का खिताब अपने नाम किया। ‘एल क्लासिको’ पिछले 97 वर्षों में पहला ऐसा मैच बना, जिसने आधिकारिक तौर पर लीग का विजेता तय किया। कोच हेंसी फ्लिक के दो साल के कार्यकाल में यह उनका दूसरा लगातार खिताब है। बार्सिलोना ने 29वीं बार ला लिगा का टाइटल जीता। जर्मनी के फ्लिक पिता के निधन के बावजूद मैच के दौरान टीम के साथ मौजूद थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में बार्सिलोना को ऐसी टीम बनाया, जिसने लीग पर दबदबा कायम किया। फ्लिक की टीम बार्सिलोना फरवरी से ही अविश्वसनीय फॉर्म में रही है और उसने लगातार पिछले 11 मैच जीते हैं। इस पूरे सीजन में बार्सिलोना ने केवल चार लीग मैच गंवाए और होम ग्राउंड पर उनका जीत का रिकॉर्ड 100% रहा। हालांकि, टीम चैम्पियंस लीग और कोपा डेल रे से बाहर हो गई, लेकिन ला लिगा की रेस पर उनका नियंत्रण कभी कम नहीं हुआ। इस सत्र के 53 मैचों में से बार्सिलोना ने 42 जीते हैं- यानी 79% जीत की दर, जो यूरोप की टॉप-5 लीग में केवल बायर्न म्यूनिख (83%) से कम है। फ्लिक के आने के बाद बार्सिलोना की पहचान बदल गई है। उनके आने के बाद टीम ज्यादा अनुशासनात्मक हुई। उन्होंने डायरेक्ट अटैकिंग खेल की रणनीति अपनाई। इस बदलाव के केंद्र में नई पीढ़ी रही, जिसका नेतृत्व लामिने यमाल कर रहे हैं। 18 वर्षीय यमाल ने इस सीजन में 45 खेलों में 24 गोल किए हैं। फ्लिक ने उन पर भरोसा जताते हुए ऐसे टैक्टिकल पैटर्न बनाए जो उनकी ड्रिबलिंग और रचनात्मकता को निखारते हैं। यमाल के साथ-साथ पाउ कुबार्सी और फर्मिन लोपेज जैसे अन्य युवा खिलाड़ियों को भी सिस्टम में बखूबी शामिल किया। फ्लिक की कोचिंग में मार्कस रेशफोर्ड ने अपनी उपयोगिता साबित की है। भले ही वह हर मैच में शुरुआती इलेवन का हिस्सा न रहे हों, लेकिन बेंच से आकर उन्होंने महत्वपूर्ण गोल किए हैं। रियल के खिलाफ क्लासिको में रेशफोर्ड की शानदार फ्री-किक ने जीत की नींव रखी। मैनेजर के तौर पर फ्लिक की संवेदनशीलता की भी प्रशंसा हुई है। दिसंबर में उन्होंने डिफेंडर रोनाल्ड अराउजो को उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए छुट्टी दे दी थी।

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कोच फ्लिक ने बदली बार्सिलोना की तकदीर:97 साल बाद मैड्रिड को हराकर बार्सिलोना बना सरताज, फ्लिक की युवा ब्रिगेड का दबदबा

कोच फ्लिक ने बदली बार्सिलोना की तकदीर:97 साल बाद मैड्रिड को हराकर बार्सिलोना बना सरताज, फ्लिक की युवा ब्रिगेड का दबदबा

स्पेनिश फुटबॉल में इस साल खिताबी जंग किसी ड्रामे या आखिरी पलों के उलटफेर वाली नहीं थी। बार्सिलोना ने रियल मैड्रिड के खिलाफ 2-0 की जीत दर्ज की और पॉइंट टेबल में 14 अंकों के भारी अंतर के साथ ला लिगा का खिताब अपने नाम किया। ‘एल क्लासिको’ पिछले 97 वर्षों में पहला ऐसा मैच बना, जिसने आधिकारिक तौर पर लीग का विजेता तय किया। कोच हेंसी फ्लिक के दो साल के कार्यकाल में यह उनका दूसरा लगातार खिताब है। बार्सिलोना ने 29वीं बार ला लिगा का टाइटल जीता। जर्मनी के फ्लिक पिता के निधन के बावजूद मैच के दौरान टीम के साथ मौजूद थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में बार्सिलोना को ऐसी टीम बनाया, जिसने लीग पर दबदबा कायम किया। फ्लिक की टीम बार्सिलोना फरवरी से ही अविश्वसनीय फॉर्म में रही है और उसने लगातार पिछले 11 मैच जीते हैं। इस पूरे सीजन में बार्सिलोना ने केवल चार लीग मैच गंवाए और होम ग्राउंड पर उनका जीत का रिकॉर्ड 100% रहा। हालांकि, टीम चैम्पियंस लीग और कोपा डेल रे से बाहर हो गई, लेकिन ला लिगा की रेस पर उनका नियंत्रण कभी कम नहीं हुआ। इस सत्र के 53 मैचों में से बार्सिलोना ने 42 जीते हैं- यानी 79% जीत की दर, जो यूरोप की टॉप-5 लीग में केवल बायर्न म्यूनिख (83%) से कम है। फ्लिक के आने के बाद बार्सिलोना की पहचान बदल गई है। उनके आने के बाद टीम ज्यादा अनुशासनात्मक हुई। उन्होंने डायरेक्ट अटैकिंग खेल की रणनीति अपनाई। इस बदलाव के केंद्र में नई पीढ़ी रही, जिसका नेतृत्व लामिने यमाल कर रहे हैं। 18 वर्षीय यमाल ने इस सीजन में 45 खेलों में 24 गोल किए हैं। फ्लिक ने उन पर भरोसा जताते हुए ऐसे टैक्टिकल पैटर्न बनाए जो उनकी ड्रिबलिंग और रचनात्मकता को निखारते हैं। यमाल के साथ-साथ पाउ कुबार्सी और फर्मिन लोपेज जैसे अन्य युवा खिलाड़ियों को भी सिस्टम में बखूबी शामिल किया। फ्लिक की कोचिंग में मार्कस रेशफोर्ड ने अपनी उपयोगिता साबित की है। भले ही वह हर मैच में शुरुआती इलेवन का हिस्सा न रहे हों, लेकिन बेंच से आकर उन्होंने महत्वपूर्ण गोल किए हैं। रियल के खिलाफ क्लासिको में रेशफोर्ड की शानदार फ्री-किक ने जीत की नींव रखी। मैनेजर के तौर पर फ्लिक की संवेदनशीलता की भी प्रशंसा हुई है। दिसंबर में उन्होंने डिफेंडर रोनाल्ड अराउजो को उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए छुट्टी दे दी थी।

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