पुणे- अस्पताल के अंदर बम मिला:7 घंटे का टाइमर लगा था; बम स्कॉड ने बाहर लाकर डिफ्यूज किया; ATS की जांच

पुणे के हडपसर इलाके में एक प्राइवेट हॉस्पिटल के अंदर कम तीव्रता वाला विस्फोटक मिला। पुलिस के मुताबिक, यह बम जैसी ही डिवाइस थी जिसे अस्पताल के वॉशरूम में रखा गया था। डिवाइस में कुछ तार थे जो टाइमर से जुड़े थे। टाइमर को 7 घंटे के लिए सेट किया गया था। बम स्कॉड की एक टीम तुरंत मौके पर भेजी गई। विस्फोटक को बाहर मैदान में लाकर डिफ्यूज किया गया। पुणे पुलिस की एक टीम, क्राइम ब्रांच और एंटी टेररिस्ट स्कॉड (ATS) ने जांच शुरू कर दी है। आतंकवाद सहित सभी एंगल से जांच की जा रही है। अस्पताल के डॉक्टर बोले- डिवाइस के अंदर तारों से जुड़े डंडे थे अस्पताल के एक डॉक्टर विलास गायकवाड़ ने बताया कि शाम करीब 7:30 बजे अस्पताल की दूसरी मंजिल पर बने वॉशरूम में एक डिब्बे के अंदर बम जैसी वस्तु रखी थी। डॉक्टर ने बताया कि उस डिवाइस के अंदर तारों से जुड़े कुछ डंडे थे, जो एक टाइमर से जुड़े हुए थे। पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने कहा, बम स्कॉड ने तय प्रोटोकॉल के तहत डिवाइस को वहां से हटाया और उसे ग्लाइडिंग सेंटर के एक खुले मैदान में ले गए। बम को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया गया। NCP विधायक बोले- चश्मदीदों ने एक गाड़ी से व्यक्ति को आते देखा NCP विधायक चेतन विट्ठल तुपे ने बताया- अस्पताल के अंदर एक बम लगाया गया था। आरोपी की तलाश जारी है। दोपहर या शाम के समय एक कार अस्पताल में आकर रुकी थी। एक शख्स गाड़ी से बाहर निकला। थोड़ी देर बाद वह लौट गया। वहां मौजूद चश्मदीदों ने यह जानकारी दी है। इसमें आतंकवादी हमले की संभावना भी शामिल है, हालांकि जांच पूरी होने तक इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। डॉक्टरों सहित अस्पताल के पूरे स्टाफ से पूछताछ की जा रही है। एक दिन पहले बेंगलुरु में पीएम के रूट पर टाइमर और सर्किट मिला था पीएम मोदी के 10 मई को बेंगलुरु दौरे के दौरान मिलीं जिलेटिन की छड़ों के बाद अब ऐसे अतिरिक्त सामान भी बरामद हुए हैं, जिनसे धमाका ट्रिगर किया जा सकता है। पुलिस को तीन दिन बाद वहीं से एक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और टाइमर मिला है। ये सामग्री एक गत्ते के डब्बे में थीं। पुलिस ने आशंका जताई कि जिन लोगों ने इसे वहां रखने की कोशिश की, वे इसे असेंबल (जोड़) नहीं पाए। प्रधानमंत्री 10 मई को बेंगलुरु में आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के 45वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। विस्फोटक सामग्री कार्यक्रम स्थल के पास कागलीपुरा इलाके के पास से बरामद की गई थी। पुलिस को कॉल आया कि बम लगाया है, तब जांच शुरू 10 मई को जब पीएम मोदी को बेंगलुरु में कार्यक्रम में जाना था। उसी दिन सुबह 7 बजे के करीब पुलिस को एक फोन कॉल आया। जिसमें कॉलर ने कहा कि उसने बम लगाया है। इस कॉल के आधार पर पुलिस हरकत में आई और शहर के कोरमंगला इलाके से एक व्यक्ति को अरेस्ट कर लिया। कुछ घंटों बाद, पुलिस टीम को हाईवे से कुछ मीटर की दूरी पर जिलेटिन का डिब्बा मिला। इसी रास्ते से PM मोदी की कार गुजरने वाली थी।
Karnataka Hijab Ban Order Revoked; Kalava, Rudraksha, Janeu Allowed

बेंगलुरु13 मिनट पहले कॉपी लिंक फाइल फोटो। कर्नाटक सरकार ने स्कूल और कॉलेजों में हिजाब बैन वाले 2022 के फैसले को वापस ले लिया है। नए आदेश के तहत स्टूडेंट्स को हिजाब के अलावा कलावा, रुद्राक्ष और जनेऊ की भी अनुमति दी गई है। बशर्ते ये स्कूल के अनुशासन और नियमों के तहत हों। कर्नाटक की तत्कालीन BJP सरकार ने फरवरी 2022 में एक आदेश जारी किया था। जिसके तहत सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों में छात्रों को निर्धारित यूनिफॉर्म का पालन करना अनिवार्य किया गया। आदेश में कहा गया था कि ऐसे कपड़े पहनने की अनुमति नहीं होगी जो ‘समानता, एकता और सार्वजनिक व्यवस्था’ को प्रभावित करें। इसी आदेश के बाद कई सरकारी शिक्षण संस्थानों में हिजाब पहनकर क्लॉस में इंट्री पर रोक लग गई थी। अब कर्नाटक में हिजाब विवाद को जानिए… दिसंबर 2021 में शुरू हुआ था हिजाब पर विवाद कर्नाटक के उडुपी जिले के एक कॉलेज में 31 दिसंबर 2021 को 6 मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनने से रोक दिया गया था, जिसके बाद वे धरने पर बैठ गईं। यह विवाद राज्य के बाकी हिस्सों में भी फैल गया। इसके बाद हिंदू संगठनों से जुड़े छात्रों ने बदले में भगवा शॉल पहनकर कॉलेज आना शुरू कर दिया। हिंसा हुई तो फरवरी 2022 में राज्य सरकार ने स्कूल-कॉलेजों में सभी तरह के धार्मिक पहचान वाले कपड़े पहनने पर रोक लगा दी। आदेश में कहा गया था कि कोई भी कपड़ा जो समानता, अखंडता और सार्वजनिक कानून व्यवस्था को परेशान करेगा, उसे पहनने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस आदेश को लेकर जमकर बवाल हुआ था। मार्च 2022 में हाईकोर्ट पहुंचा मामला, आदेश बरकरार रहा मार्च 2022 में कर्नाटक हाईकोर्ट ने सरकार के आदेश को सही ठहराया और कहा कि इस्लाम में हिजाब ‘अनिवार्य धार्मिक प्रथा’ साबित नहीं हुआ। फिर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। अक्टूबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच में विभाजित फैसला आया। एक जज ने बैन हटाने की बात कही, दूसरे ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। कर्नाटक सरकार को फैसला बदलने में 4 साल क्यों लग गए अक्टूबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट के दो-जजों की बेंच ने विभाजित फैसला दिया। जस्टिस हेमंत गुप्ता ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले और बैन को सही माना। जस्टिस सुधांशु धूलिया ने कहा कि छात्राओं की शिक्षा और पसंद ज्यादा महत्वपूर्ण है और बैन गलत है। दोनों जजों की राय अलग होने के कारण मामला बड़ी बेंच को रेफर कर दिया गया। इसके बाद कई साल तक बड़ी बेंच में नियमित सुनवाई शुरू नहीं हुई और अंतिम संवैधानिक फैसला लंबित रहा। इस बीच कानूनी स्थिति यह बनी रही कि कर्नाटक हाईकोर्ट का 2022 वाला फैसला प्रभावी माना जाता रहा, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने उसे पूरी तरह निरस्त नहीं किया था। चार साल के इंतजार के बाद जब कोर्ट की तरफ से कोई अंतिम फैसला नहीं आया। तब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर पुराना बैन आदेश वापस ले लिया। —————————- ये खबर भी पढ़ें… डिप्टी CM शिवकुमार बोले- आखिर हम भी हिंदू हैं: रोज करता हूं भगवान राम की पूजा कर्नाटक के डिप्टी CM डीके शिवकुमार ने राम मंदिर को लेकर हो रही राजनीति पर कहा, भगवान राम किसी एक के नहीं हैं। आखिर हम सब हिंदू हैं। शिवकुमार ने ये बातें अपनी सरकार के उस फैसले का बचाव करते हुए कहीं। जिसमें राज्य सरकार ने 22 जनवरी को कर्नाटक के सभी मंदिरों में विशेष पूजा करवाने का आदेश दिया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Assam Police Quiz Pawan Khera Over CM Himantas Wife Passport Claims

गुवाहाटी33 मिनट पहले कॉपी लिंक पवन खेड़ा से पुलिस ने करीब 10 घंटे पूछताछ की। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा से बुधवार को असम पुलिस की क्राइम ब्रांच ने करीब 10 घंटे पूछताछ की। मामला असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के पास 3 विदेशी पासपोर्ट और अमेरिका में 50 हजार करोड़ की कंपनी होने के आरोप से जुड़ा है। पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को दिल्ली और गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ये आरोप लगाए थे। इसके बाद रिनिकी भुइयां सरमा ने पवन के खिलाफ गुवाहाटी में FIR दर्ज कराई थी इसके बाद 7 अप्रैल को असम पुलिस ने खेड़ा के दिल्ली स्थित घर पर रेड की थी। पवन से इसी मामले में आज फिर पूछताछ होगी। कांग्रेस नेता ने कहा- मैं कानून का पालन करने वाला नागरिक हूं। सहयोग करना मेरा कर्तव्य है, क्योंकि एक संविधान है और मैं उसका पालन करूंगा। CM हिमंता ने कहा कि कानून अपना काम करेगा, लेकिन हमें केंद्र सरकार से पहले ही लिखित में मिल चुका है कि खेड़ा ने पासपोर्ट वाले जो दस्तावेज दिखाए थे, वे नकली थे। इसलिए, पुलिस जांच में ज्यादा समय नहीं लगेगा। समझिए क्या है पूरा मामला… पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पासपोर्ट की फोटो दिखाई थीं। 5 अप्रैल- खेड़ा ने 5 अप्रैल को आरोप लगाया था कि असम CM सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां के पास कई देशों के पासपोर्ट हैं और विदेश में अघोषित संपत्ति है। जिनका जिक्र चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया। इसके बाद रिनिकी भुइयां शर्मा ने गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में खेड़ा के खिलाफ केस दर्ज कराया था। 6 अप्रैल- हिमंता ने दुबई में फ्लैट होने के आरोपों का जवाब देते हुए एक वीडियो पोस्ट किया और लिखा था कि हमने दुबई के उन 2 अपार्टमेंट के असली मालिकों का पता लगा लिया है, जिनका जिक्र कांग्रेस ने किया है। ये फ्लैट मोहम्मद अहमद और फातिमा सुलेमान के हैं। हिंमता ने X पर वीडियो पोस्ट कर कहा कांग्रेस ने दस्तावेज एक वेबसाइट Scribd से चुराए हैं। 10 अप्रैल: तेलंगाना हाईकोर्ट ने खेड़ा को एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, ताकि वे असम की अदालत में जा सकें। असम सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। 17 अप्रैल: सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की मांग खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा कि वे अपनी याचिका असम की अदालत में दाखिल करें। 24 अप्रैलः गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी से जुड़े मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद खेड़ा फिर सुप्रीम कोर्ट गए। 1 मई: सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत देते हुए कहा- आरोप-प्रत्यारोप राजनीति से प्रभावित लगते हैं। लेकिन पवन खेड़ा को असम पुलिस की जांच में सहयोग करना होगा और वे बिना अदालत की अनुमति के भारत नहीं छोड़ सकते। —————————– ये खबर भी पढ़ें… हिमंता दूसरी बार असम के CM: 2 बीजेपी और 2 सहयोगी दलों से मंत्री बने हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बने हैं। असम के गवर्नर लक्ष्मण आचार्य ने गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में उन्हें पद और गोपनियता की शपथ दिलाई।हिमंता के अलावा 4 विधायकों भाजपा के रामेश्वर तेली, अजंता नेओम, AGP के अतुल बोरा, BPF के चरण बोरो ने मंत्री पद की शपथ ली है। इनमें दो बीजेपी और 2 सहयोगी दलों से हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Gwalior Boy Drowns in Pool

होटल के सीसीटीवी फुटेज में वेद स्विमिंग पूल में छटपटाता दिख रहा है। ग्वालियर में होटल के स्विमिंग पूल में 7 साल के वेद के डूबने का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। बुधवार रात के इस फुटेज में दिख रहा है कि वेद अपने परिवार के साथ पूल पार्टी का आनंद ले रहा था। वह नहाने के बाद पूल से बाहर निकला। फिर कुछ ही मिनट बाद दोबारा कू . इस बार वेद पूल की 2 फीट गहराई वाली जगह की बजाय गलती से 5 फीट गहराई वाले हिस्से में कूद गया। वह काफी देर तक पानी से बाहर आने की जद्दोजहद करता रहा। बहुत छटपटाया लेकिन बाहर नहीं आ सका और कुछ ही मिनटों में गहराई में समा गया। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान पूल में कई लोग मौजूद थे। लेकिन न तो वेद के परिवार के किसी सदस्य का ध्यान उसकी ओर गया और न ही होटल स्टाफ का। वेद जहां डूबा, उसके पास ही दो लड़के खड़े थे। वे आपस में गपशप करते रहे। उसी जगह से एक अन्य लड़का भी पानी में पैदल चलते हुए गुजरा, लेकिन वेद उससे नहीं टकराया। परिजन ने प्रिंस मामा होटल के मैनेजर राघवेंद्र सिंह पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पूल में गहराई बताने के लिए कोई निशान या बोर्ड नहीं लगाया गया था। मौके पर बच्चों के लिए न तो लाइफ जैकेट थी और न ही कोई ट्रेंड लाइफगार्ड। होटल के सीसीटीवी कैमरे में वेद स्विमिंग पूल में कूदता दिख रहा है। दफनाने के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए निकाला शव मामला ग्वालियर के गिरवाई थाना क्षेत्र स्थित एबी रोड के प्रिंस मामा होटल में 11 मई की रात का है। जहां परिवार के साथ पूल पार्टी करने गए 7 वर्षीय वेद पाल की स्विमिंग पूल में डूबने से मौत हो गई थी। परिजन ने सोमवार-मंगलवार की रात करीब 1 बजे बच्चे के शव को दफना दिया था, लेकिन मंगलवार शाम मामला पुलिस तक पहुंचा। बच्चे के पिता दिनेश पाल और चाचा देवेंद्र पाल गिरवाई थाने पहुंचे और घटना की जानकारी दी। उन्होंने होटल प्रबंधन की लापरवाही तय करने के लिए शव निकलवाकर पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की। पुलिस ने बुधवार को लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम से बच्चे का शव निकलवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव दोबारा परिजन को सौंप दिया गया। प्रिंस मामा होटल के इसी स्विमिंग पूल में डूबने से 7 साल के वेद की मौत हुई थी। एसपी बोले- फुटेज और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का मिलान करेंगे एएसपी जयराज कुबेर ने कहा- पूल पार्टी वेद के चाचा देवेंद्र के दोस्तों ने ऑर्गनाइज की थी। होटल के CCTV फुटेज और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का मिलान किया जाएगा। होटल मैनेजमेंट और पूल पार्टी करने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। गिरवाई थाना पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर रही है। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… होटल के स्विमिंग पूल में डूबने से बच्चे की मौत ग्वालियर के गिरवाई थाना क्षेत्र स्थित एबी रोड के प्रिंस मामा होटल में सोमवार रात हादसा हो गया। परिवार के साथ डिनर और पूल पार्टी करने गए 7 वर्षीय वेद पाल की स्विमिंग पूल में डूबने से मौत हो गई। घटना रात करीब 9:30 से 10 बजे के बीच हुई। पढ़ें पूरी खबर…





