Friday, 15 May 2026 | 10:20 PM

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रजनीकांत की फिल्म 'जेलर 2' के सेट पर हादसा:चेन्नई की फिल्म सिटी में करंट लगने से 28 साल के कर्मचारी की मौत

रजनीकांत की फिल्म 'जेलर 2' के सेट पर हादसा:चेन्नई की फिल्म सिटी में करंट लगने से 28 साल के कर्मचारी की मौत

सुपरस्टार रजनीकांत की आने वाली तमिल फिल्म ‘जेलर 2’ के सेट पर करंट लगने से एक कर्मचारी की मौत हो गई है। यह हादसा चेन्नई के ईस्ट कोस्ट रोड (ECR) पर पनैयूर स्थित आदित्यराम फिल्म सिटी के एक सेट पर हुआ। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक की पहचान 28 साल के कार्तिकेयन के तौर पर हुई है। यह हादसा पनैयूर में शूटिंग की जगह पर हुआ। मिली जानकारी के मुताबिक, कार्तिकेयन फिल्म की शूटिंग के लिए घर जैसा सेट तैयार करने का काम कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें जोरदार करंट लगा, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, कार्तिकेयन आर्ट डायरेक्शन से जुड़े काम में लगे हुए थे। कनाथुर पुलिस ने बताया कि मामले में अभी FIR दर्ज नहीं हुई है। पुलिस फिलहाल उस परिस्थिति की जांच कर रही है, जिसकी वजह से बिजली का लीकेज हुआ। जेलर 2 की शूटिंग पूरी हो चुकी यह घटना उस घोषणा के कुछ दिनों बाद हुई है, जब फिल्म की प्रोडक्शन कंपनी सन पिक्चर्स ने बताया था कि जेलर 2 की शूटिंग पूरी हो चुकी है। 21 अप्रैल को मेकर्स ने सोशल मीडिया पर रैप-अप पार्टी की तस्वीरें शेयर की थीं, जिनमें रजनीकांत और डायरेक्टर नेल्सन कलाकारों और क्रू के साथ केक काटते नजर आए थे। फिल्म की रिलीज डेट बदल सकती है रजनीकांत ने पहले मीडिया को बताया था कि फिल्म 12 जून को रिलीज हो सकती है। वहीं, हाल ही में पिंकविला की रिपोर्ट ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि फिल्म की रिलीज डेट में बदलाव हो सकता है। अब फिल्म को 4 सितंबर 2026 को रिलीज किए जाने की संभावना जताई जा रही है। यह तारीख कृष्ण जयंती के मौके पर पड़ रही है। फिल्म 2023 की ब्लॉकबस्टर जेलर का सीक्वल है। इसमें राम्या कृष्णन, योगी बाबू और मिर्ना अपने पुराने किरदारों में लौटेंगे। पहली फिल्म में मोहनलाल, शिवराजकुमार और जैकी श्रॉफ ने कैमियो किया था। विनायकन, वसंत रवि, तमन्ना भाटिया और सुनील भी अहम रोल में दिखे थे। सैकनिल्क के मुताबिक, लगभग ₹200 करोड़ के बजट में बनी जेलर ने दुनिया भर में ₹604.5 करोड़ की कमाई की थी। साउथ फिल्मों के सेट पर पहले भी हादसे हुए गौरतलब है कि इससे पहले भी साउथ फिल्मों के सेट पर हादसे हुए हैं। फिल्म ‘सरदार 2’ के सेट पर 54 वर्षीय स्टंटमैन एस. एलुमलाई की मौत स्टंट रिहर्सल के दौरान 20 फीट ऊंचाई से गिरने के कारण हुई थी। वहीं, कमल हासन की फिल्म ‘इंडियन 2’ के सेट पर 19 फरवरी 2020 को बड़ा हादसा हुआ था। यह हादसा चेन्नई के EVP फिल्म सिटी में रात के शूट के दौरान हुआ। शूटिंग के समय एक बड़ी क्रेन पर भारी लाइटिंग सेट लगाया गया था। अचानक क्रेन गिर गई और वहां मौजूद कई लोग उसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में असिस्टेंट डायरेक्टर कृष्णा, आर्ट असिस्टेंट चंद्रन और प्रोडक्शन असिस्टेंट मधु शामिल थे। कई अन्य लोग घायल भी हुए थे। हादसे के बाद पुलिस ने लापरवाही का केस दर्ज किया था।

रजनीकांत की फिल्म 'जेलर 2' के सेट पर हादसा:चेन्नई की फिल्म सिटी में करंट लगने से 28 साल के कर्मचारी की मौत

रजनीकांत की फिल्म 'जेलर 2' के सेट पर हादसा:चेन्नई की फिल्म सिटी में करंट लगने से 28 साल के कर्मचारी की मौत

सुपरस्टार रजनीकांत की आने वाली तमिल फिल्म ‘जेलर 2’ के सेट पर करंट लगने से एक कर्मचारी की मौत हो गई है। यह हादसा चेन्नई के ईस्ट कोस्ट रोड (ECR) पर पनैयूर स्थित आदित्यराम फिल्म सिटी के एक सेट पर हुआ। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक की पहचान 28 साल के कार्तिकेयन के तौर पर हुई है। यह हादसा पनैयूर में शूटिंग की जगह पर हुआ। मिली जानकारी के मुताबिक, कार्तिकेयन फिल्म की शूटिंग के लिए घर जैसा सेट तैयार करने का काम कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें जोरदार करंट लगा, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, कार्तिकेयन आर्ट डायरेक्शन से जुड़े काम में लगे हुए थे। कनाथुर पुलिस ने बताया कि मामले में अभी FIR दर्ज नहीं हुई है। पुलिस फिलहाल उस परिस्थिति की जांच कर रही है, जिसकी वजह से बिजली का लीकेज हुआ। जेलर 2 की शूटिंग पूरी हो चुकी यह घटना उस घोषणा के कुछ दिनों बाद हुई है, जब फिल्म की प्रोडक्शन कंपनी सन पिक्चर्स ने बताया था कि जेलर 2 की शूटिंग पूरी हो चुकी है। 21 अप्रैल को मेकर्स ने सोशल मीडिया पर रैप-अप पार्टी की तस्वीरें शेयर की थीं, जिनमें रजनीकांत और डायरेक्टर नेल्सन कलाकारों और क्रू के साथ केक काटते नजर आए थे। फिल्म की रिलीज डेट बदल सकती है रजनीकांत ने पहले मीडिया को बताया था कि फिल्म 12 जून को रिलीज हो सकती है। वहीं, हाल ही में पिंकविला की रिपोर्ट ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि फिल्म की रिलीज डेट में बदलाव हो सकता है। अब फिल्म को 4 सितंबर 2026 को रिलीज किए जाने की संभावना जताई जा रही है। यह तारीख कृष्ण जयंती के मौके पर पड़ रही है। फिल्म 2023 की ब्लॉकबस्टर जेलर का सीक्वल है। इसमें राम्या कृष्णन, योगी बाबू और मिर्ना अपने पुराने किरदारों में लौटेंगे। पहली फिल्म में मोहनलाल, शिवराजकुमार और जैकी श्रॉफ ने कैमियो किया था। विनायकन, वसंत रवि, तमन्ना भाटिया और सुनील भी अहम रोल में दिखे थे। सैकनिल्क के मुताबिक, लगभग ₹200 करोड़ के बजट में बनी जेलर ने दुनिया भर में ₹604.5 करोड़ की कमाई की थी। साउथ फिल्मों के सेट पर पहले भी हादसे हुए गौरतलब है कि इससे पहले भी साउथ फिल्मों के सेट पर हादसे हुए हैं। फिल्म ‘सरदार 2’ के सेट पर 54 वर्षीय स्टंटमैन एस. एलुमलाई की मौत स्टंट रिहर्सल के दौरान 20 फीट ऊंचाई से गिरने के कारण हुई थी। वहीं, कमल हासन की फिल्म ‘इंडियन 2’ के सेट पर 19 फरवरी 2020 को बड़ा हादसा हुआ था। यह हादसा चेन्नई के EVP फिल्म सिटी में रात के शूट के दौरान हुआ। शूटिंग के समय एक बड़ी क्रेन पर भारी लाइटिंग सेट लगाया गया था। अचानक क्रेन गिर गई और वहां मौजूद कई लोग उसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में असिस्टेंट डायरेक्टर कृष्णा, आर्ट असिस्टेंट चंद्रन और प्रोडक्शन असिस्टेंट मधु शामिल थे। कई अन्य लोग घायल भी हुए थे। हादसे के बाद पुलिस ने लापरवाही का केस दर्ज किया था।

आपके भी हाथ पैर अक्सर पड़ जाते हैं सुन्न? ये कोई बीमारी का संकेत तो नहीं, जानिये

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कभी‑कभी हम अचानक महसूस करते हैं कि हाथ या पैर सुन्न पड़ गए हैं या उनमें झनझनाहट हो रही है. इसे आम बोलचाल में “हाथ‑पैर सो जाना” कहा जाता है. यह स्थिति कभी‑कभी सामान्य होती है, लेकिन बार‑बार होने पर इसके पीछे कुछ स्वास्थ्य संबंधी कारण भी हो सकते हैं. आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं. 1. नसों पर दबाव पड़नासबसे सामान्य कारण है किसी एक स्थिति में लंबे समय तक बैठना या लेटना.जैसे पैर पर पैर रखकर बैठना या हाथ के नीचे सिर रखकर सोना.इससे नसों (nerves) पर दबाव पड़ता है और उस हिस्से में खून का प्रवाह कम हो जाता है, जिससे सुन्नपन महसूस होता है. 2. खून का संचार धीमा होनाजब शरीर के किसी हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन सही से नहीं होता, तब वहां झनझनाहट या सुन्नपन होने लगता है.जैसे बहुत देर तक एक ही पोजीशन में रहने से. 3. विटामिन की कमीविटामिन B12, B6 या अन्य जरूरी पोषक तत्वों की कमी से भी नसें कमजोर हो जाती हैं.इससे हाथ‑पैरों में अक्सर झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो सकता है. 4. डायबिटीज का प्रभावडायबिटीज के मरीजों में नसों पर असर पड़ता है, जिसे न्यूरोपैथी कहा जाता है.इससे पैरों में सुन्नपन, जलन या चुभन हो सकती है. 5. रीढ़ (स्पाइन) से जुड़ी समस्याकमर या गर्दन की नस दबने पर हाथ या पैर सुन्न हो सकते हैं.जैसे स्लिप डिस्क या सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस. 6. तनाव और चिंताकभी‑कभी ज्यादा तनाव या घबराहट के कारण भी शरीर में अजीब‑सी झनझनाहट महसूस होती है.यह मानसिक स्थिति का असर भी हो सकता है. कब ध्यान देना जरूरी है? अगर सुन्नपन:बार‑बार हो रहा हो.लंबे समय तक बना रहे.साथ में कमजोरी या दर्द हो.तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें. बचाव के उपायलंबे समय तक एक ही पोजीशन में न रहें.नियमित व्यायाम करें.सही पोषण लें, खासकर विटामिन B युक्त आहार.पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं.बैठने और सोने की सही मुद्रा अपनाएं. निष्कर्षहाथ‑पैर सुन्न पड़ना ज्यादातर मामलों में सामान्य होता है और कुछ समय में ठीक हो जाता है. लेकिन बार‑बार ऐसा होना किसी अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकता है.

Parul University Launches Target 2047 Centre for Future Skills

Parul University Launches Target 2047 Centre for Future Skills

Hindi News Business Parul University Launches Target 2047 Centre For Future Skills | Global Tech Exposure वडोदरा12 मिनट पहले कॉपी लिंक देश की अग्रणी निजी विश्वविद्यालयों में शामिल वडोदरा स्थित पारुल यूनिवर्सिटी ने तकनीक आधारित शिक्षा और नवाचार को नई दिशा देने के लिए ‘लक्ष्य 2047 : सेंटर फॉर फ्यूचर स्किल्स’ की शुरुआत की है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन से प्रेरित है। अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस यह सेंटर छात्रों को अकादमिक पढ़ाई और इंडस्ट्री में तेजी से बदलती तकनीकों के बीच तालमेल बैठाने में मदद करेगा। इसका उद्घाटन केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में हुआ। AI, मशीन लर्निंग और साइबर सिक्योरिटी पर फोकस ‘लक्ष्य 2047’ के तहत कई हाईटेक इंडस्ट्रियल लैब्स स्थापित की गई हैं, जहां छात्रों को भविष्य की तकनीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके माध्यम से दुनिया की कुछ जानीमानी टेक कंपनियों के सहयोग से स्टूडेंट्स को ग्लोबल टेक्नोलॉजी एक्सपोजर मिलेगा। ग्लोबल स्टैंडर्ड टेक्नोलॉजी लैब्स की सुविधा यूनिवर्सिटी में AWS, Apple, Adobe, Autodesk, ANSYS और VLSI जैसी टेक्नोलॉजी लैब्स भी तैयार की गई हैं। इन लैब्स में छात्र क्लाउड कंप्यूटिंग, iOS प्रोग्रामिंग, डिजिटल डिजाइन, सेमीकंडक्टर डिवाइसेज और इंजीनियरिंग सिमुलेशन जैसी आधुनिक तकनीकों पर काम कर सकेंगे। AICTE और AVPL/IDEA लैब जोन को भी इस इकोसिस्टम का हिस्सा बनाया गया है। यह जोन इनोवेशन और प्रोटोटाइप डेवलपमेंट के लिए विशेष रूप से विकसित किया गया है। NVIDIA लैब यह लैब छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और GPU कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देगी। Cisco लैब यहां साइबर सिक्योरिटी, नेटवर्किंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। ABB इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन एंड रोबोटिक्स लैब इस लैब में इंडस्ट्री 4.0 से जुड़ी रोबोटिक्स और ऑटोमेशन तकनीकों पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी जाएगी। AR/VR लैब यह लैब छात्रों को वर्चुअल और इमर्सिव लर्निंग एक्सपीरियंस उपलब्ध कराएगी। Microsoft लैब इसका फोकस छात्रों की कम्युनिकेशन और डिजिटल स्किल्स को बेहतर बनाने पर रहेगा। रिसर्च और इनोवेशन को मिलेगा नया मंच यूनिवर्सिटी में रिसर्च आधारित माइंड लैब, सेंसर लैब और AICTE समर्थित IDEA लैब भी स्थापित की गई हैं। इनका उद्देश्य छात्रों के भीतर रिसर्च और इनोवेशन की सोच को बढ़ावा देना है। इन सुविधाओं के जरिए छात्रों को सिर्फ थ्योरी नहीं, बल्कि प्रयोग और शोध आधारित सीखने का अवसर मिलेगा। इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन और स्किल मिशन से जुड़ाव इस पहल को मजबूत बनाने के लिए यूनिवर्सिटी ने National Skill Development Corporation (NSDC) और Ethnotech Academy के साथ साझेदारी की है। इसके तहत छात्रों को इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन कोर्स, आर्थिक सहायता और राष्ट्रीय स्तर के स्किल मिशनों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों की रोजगार क्षमता और इंडस्ट्री रेडीनेस दोनों मजबूत होंगी। ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की सोच के साथ टेक्नोलॉजी शिक्षा ‘लक्ष्य 2047’ का उद्देश्य केवल तकनीकी विशेषज्ञ तैयार करना नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी समझने वाले और वैश्विक दृष्टिकोण रखने वाले प्रोफेशनल्स तैयार करना भी है। यह पहल ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए नैतिक नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इनोवेशन, इंडस्ट्री कनेक्शन और नैतिक मूल्यों का संतुलन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पारुल यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. देवांशु पटेल ने कहा कि यूनिवर्सिटी ऐसा वातावरण तैयार कर रही है, जहां इनोवेशन, इंडस्ट्री कनेक्शन और नैतिक मूल्यों का संतुलन छात्रों को भविष्य के लिए बेहतर तरीके से तैयार करेगा। वहीं केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि ‘लक्ष्य 2047’ जैसी पहलें भारत के भविष्य के टैलेंट इकोसिस्टम और तकनीकी विकास को नई दिशा देंगी। शिक्षा में नए मानक स्थापित करने की कोशिश देश की अग्रणी यूनिवर्सिटीज में शुमार पारुल यूनिवर्सिटी अपनी ‘लक्ष्य 2047’ जैसी दूरदर्शी पहलों के जरिए शिक्षा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और इंडस्ट्री कनेक्टेड शिक्षा के जरिए यह सेंटर छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। ————————————————– दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Parul University Launches Target 2047 Centre for Future Skills

Parul University Launches Target 2047 Centre for Future Skills

Hindi News Business Parul University Launches Target 2047 Centre For Future Skills | Global Tech Exposure वडोदरा45 मिनट पहले कॉपी लिंक देश की अग्रणी निजी विश्वविद्यालयों में शामिल वडोदरा स्थित पारुल यूनिवर्सिटी ने तकनीक आधारित शिक्षा और नवाचार को नई दिशा देने के लिए ‘लक्ष्य 2047 : सेंटर फॉर फ्यूचर स्किल्स’ की शुरुआत की है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन से प्रेरित है। अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस यह सेंटर छात्रों को अकादमिक पढ़ाई और इंडस्ट्री में तेजी से बदलती तकनीकों के बीच तालमेल बैठाने में मदद करेगा। इसका उद्घाटन केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में हुआ। AI, मशीन लर्निंग और साइबर सिक्योरिटी पर फोकस ‘लक्ष्य 2047’ के तहत कई हाईटेक इंडस्ट्रियल लैब्स स्थापित की गई हैं, जहां छात्रों को भविष्य की तकनीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके माध्यम से दुनिया की कुछ जानीमानी टेक कंपनियों के सहयोग से स्टूडेंट्स को ग्लोबल टेक्नोलॉजी एक्सपोजर मिलेगा। ग्लोबल स्टैंडर्ड टेक्नोलॉजी लैब्स की सुविधा यूनिवर्सिटी में AWS, Apple, Adobe, Autodesk, ANSYS और VLSI जैसी टेक्नोलॉजी लैब्स भी तैयार की गई हैं। इन लैब्स में छात्र क्लाउड कंप्यूटिंग, iOS प्रोग्रामिंग, डिजिटल डिजाइन, सेमीकंडक्टर डिवाइसेज और इंजीनियरिंग सिमुलेशन जैसी आधुनिक तकनीकों पर काम कर सकेंगे। AICTE और AVPL/IDEA लैब जोन को भी इस इकोसिस्टम का हिस्सा बनाया गया है। यह जोन इनोवेशन और प्रोटोटाइप डेवलपमेंट के लिए विशेष रूप से विकसित किया गया है। NVIDIA लैब यह लैब छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और GPU कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देगी। Cisco लैब यहां साइबर सिक्योरिटी, नेटवर्किंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। ABB इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन एंड रोबोटिक्स लैब इस लैब में इंडस्ट्री 4.0 से जुड़ी रोबोटिक्स और ऑटोमेशन तकनीकों पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी जाएगी। AR/VR लैब यह लैब छात्रों को वर्चुअल और इमर्सिव लर्निंग एक्सपीरियंस उपलब्ध कराएगी। Microsoft लैब इसका फोकस छात्रों की कम्युनिकेशन और डिजिटल स्किल्स को बेहतर बनाने पर रहेगा। रिसर्च और इनोवेशन को मिलेगा नया मंच यूनिवर्सिटी में रिसर्च आधारित माइंड लैब, सेंसर लैब और AICTE समर्थित IDEA लैब भी स्थापित की गई हैं। इनका उद्देश्य छात्रों के भीतर रिसर्च और इनोवेशन की सोच को बढ़ावा देना है। इन सुविधाओं के जरिए छात्रों को सिर्फ थ्योरी नहीं, बल्कि प्रयोग और शोध आधारित सीखने का अवसर मिलेगा। इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन और स्किल मिशन से जुड़ाव इस पहल को मजबूत बनाने के लिए यूनिवर्सिटी ने National Skill Development Corporation (NSDC) और Ethnotech Academy के साथ साझेदारी की है। इसके तहत छात्रों को इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन कोर्स, आर्थिक सहायता और राष्ट्रीय स्तर के स्किल मिशनों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों की रोजगार क्षमता और इंडस्ट्री रेडीनेस दोनों मजबूत होंगी। ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की सोच के साथ टेक्नोलॉजी शिक्षा ‘लक्ष्य 2047’ का उद्देश्य केवल तकनीकी विशेषज्ञ तैयार करना नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी समझने वाले और वैश्विक दृष्टिकोण रखने वाले प्रोफेशनल्स तैयार करना भी है। यह पहल ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए नैतिक नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इनोवेशन, इंडस्ट्री कनेक्शन और नैतिक मूल्यों का संतुलन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पारुल यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. देवांशु पटेल ने कहा कि यूनिवर्सिटी ऐसा वातावरण तैयार कर रही है, जहां इनोवेशन, इंडस्ट्री कनेक्शन और नैतिक मूल्यों का संतुलन छात्रों को भविष्य के लिए बेहतर तरीके से तैयार करेगा। वहीं केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि ‘लक्ष्य 2047’ जैसी पहलें भारत के भविष्य के टैलेंट इकोसिस्टम और तकनीकी विकास को नई दिशा देंगी। शिक्षा में नए मानक स्थापित करने की कोशिश देश की अग्रणी यूनिवर्सिटीज में शुमार पारुल यूनिवर्सिटी अपनी ‘लक्ष्य 2047’ जैसी दूरदर्शी पहलों के जरिए शिक्षा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और इंडस्ट्री कनेक्टेड शिक्षा के जरिए यह सेंटर छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। ————————————————– दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Punjab Farmers March Chandigarh | Raj Bhavan Gherao; Police Border Sealing

Punjab Farmers March Chandigarh | Raj Bhavan Gherao; Police Border Sealing

मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर पुलिस और किसानों में टकराव हो गया। पंजाब के किसानों ने आज (15 मई) चंडीगढ़ कूच किया। किसान विभिन्न मांगों को लेकर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मिलने जा रहे थे। इसके लिए बड़ी संख्या में किसान मोहाली के YPS चौक पर जुटे, जहां से उनका चंडीगढ़ की ओर बढ़ने का कार्यक्रम था। . किसानों के मार्च को देखते हुए पुलिस पहले से अलर्ट पर रही। पुलिस ने YPS चौक से चंडीगढ़ जाने वाले मुख्य रास्ते को सील कर दिया। इसके अलावा सेक्टर-50 की ओर जाने वाली सड़क पर भी भारी बैरिकेडिंग की गई, क्योंकि यह रास्ता राज्यपाल के आसपास के इलाके की तरफ जाता है। इसके बावजूद किसान आगे सेक्टर-50 वाले मार्ग पर आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। मौके पर तनाव बढ़ गया और किसानों व पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई। किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ लगी लोहे की चेन की मदद से बैरिकेडिंग उखाड़ दी और आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछारें भी छोड़ीं। फिलहाल किसानों की SSP कंवरदीप कौर के साथ बैठक की। इसके बाद पंजाब राज्य भवन से आए एक अधिकारी को किसानों ने मांग पत्र दिया। प्रदर्शन से जुड़े PHOTOS… किसानों को रोकने पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछारें छोड़ी। पंजाब के किसान बड़ी संख्या में मोहाली बॉर्डर पर इकट्ठा हुए हैं। वो बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ रहे हैं। मोहाली बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन चल रहा है। इसमें काफी संख्या में महिलाएं पहुंची हुई है। किसान प्रदर्शन करते हुए, किसान नेता नेता जोगिंगदर सिंह उगराहां भी पहुंचे। इन मांगों को लेकर प्रदर्शन ‘दरियाई पानी’ पर नई मांगः किसान ‘दरियाई पानी’ (नदी के पानी) के बंटवारे को रिपेरियन सिद्धांत के अनुसार करने की मांग कर रहे हैं और ‘पंजाब पुनर्गठन एक्ट’ की कुछ धाराओं को रद्द करने की मांग कर रहे हैं बिजली और कृषि कानून: वे केंद्र के प्रस्तावित ‘बिजली संशोधन बिल 2025’ और ‘बीज कानून 2025’ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। MSP की कानूनी गारंटी: लंबे समय से लंबित मांगों में सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी शामिल है। सहकारी ऋण सीमाएं: किसान सहकारी समितियों द्वारा रद्द की गई ऋण सीमाओं को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। वे धान के सीजन के दौरान फुल क्षमता में बिजली और नहर के पानी की आपूर्ति की मांग कर रहे हैं। चंडीगढ़ जाने वाली सड़क पर डायवर्जन पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के पीछे वाली चंडीगढ़ जाने वाली सड़क पर डायवर्जन किया गया। मटौर बैरियर पर भी ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। बाकी सभी जगह ट्रैफिक सामान्य रूप से चलता रहा। और लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। प्रदर्शन से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

टेढ़े‑मेढ़े दांतों को सीधा करने के लिये ब्रेस कितना कारगर? जानिये इसे लगवाने की सही उम्र

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दांतों की सही बनावट और खूबसूरत मुस्कान के लिए डेंटल ब्रेस (Orthodontic Braces) आजकल काफी आम हो गए हैं. टेढ़े‑मेढ़े दांत, गलत बाइट या दांतों के बीच गैप को ठीक करने के लिए ब्रेस एक प्रभावी तरीका है. लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि ब्रेस लगाने की सही उम्र क्या है और इसके फायदे‑नुकसान क्या हैं? ब्रेस लगवाने की सही उम्रडॉक्टरों के अनुसार ब्रेस लगवाने की सबसे सही उम्र 10 से 14 साल के बीच मानी जाती है. इस उम्र में बच्चों के दांत और जबड़े (जॉ) अभी विकसित हो ही रहे होते हैं, इसलिए उन्हें सही दिशा में सेट करना आसान होता है.हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि बड़े लोग ब्रेस नहीं लगवा सकते. आजकल 20, 30 या उससे ज्यादा उम्र में भी ब्रेस लगवाए जा सकते हैं, लेकिन बड़े लोगों में दांत सेट होने में थोड़ा अधिक समय लग सकता है. ब्रेस लगवाने के फायदे1. दांतों की सही बनावटब्रेस लगाने से टेढ़े‑मेढ़े दांत सीधे हो जाते हैं, जिससे आपकी मुस्कान आकर्षक बनती है. 2. बेहतर चबाना और बोलनाजब दांत सही जगह पर होते हैं, तो खाना चबाने और बोलने में आसानी होती है. 3. ओरल हेल्थ में सुधारसीधे दांतों को साफ करना आसान होता है, जिससे कैविटी और मसूड़ों की बीमारी का खतरा कम होता है. 4. आत्मविश्वास बढ़ता हैसुंदर और सही दांत होने से व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है, खासकर बच्चों और युवाओं में. ब्रेस लगवाने के नुकसान1. दर्द और असहजताशुरुआत में ब्रेस लगने के बाद दांतों में दर्द और कसाव महसूस हो सकता है, जो कुछ दिन में ठीक हो जाता है. 2. खाने‑पीने में सावधानीकठोर, चिपचिपे या बहुत मीठे खाद्य पदार्थ खाने से बचना पड़ता है, क्योंकि ये ब्रेस को नुकसान पहुंचा सकते हैं. 3. सफाई में परेशानीब्रेस के साथ दांतों की सफाई करना थोड़ा मुश्किल होता है, इसलिए ब्रश और फ्लॉस का खास ध्यान रखना जरूरी है. 4. समय और खर्चब्रेस का ट्रीटमेंट 1–2 साल तक चल सकता है और यह थोड़ा महंगा भी हो सकता है. महत्वपूर्ण टिप्सहमेशा अनुभवी डेंटिस्ट से ही ब्रेस लगवाएं.नियमित जांच (check-up) करवाएं.डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही आहार लें. निष्कर्षब्रेस लगवाने की सबसे उपयुक्त उम्र बचपन और किशोरावस्था होती है, लेकिन जरूरत पड़ने पर किसी भी उम्र में इसे कराया जा सकता है. इसके फायदे ज्यादा हैं, लेकिन सही देखभाल और धैर्य भी जरूरी है.

पीएम मोदी UAE के दौरे पर रवाना:राष्ट्रपति अल नाहयान मुलाकात करेंगे, दोनों देशों के बीच ऊर्जा समझौते संभव

पीएम मोदी UAE के दौरे पर रवाना:राष्ट्रपति अल नाहयान मुलाकात करेंगे, दोनों देशों के बीच ऊर्जा समझौते संभव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह दिन के विदेश दौरे पर रवाना हो गए हैं। उनके दौरे का पहला पड़ाव UAE होगा, जहां वे राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी और जायद अल नाहयान भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। दोनों नेता ऊर्जा सहयोग के अलावा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बातचीत करेंगे। वेस्ट एशिया में जारी तनाव भी बातचीत का अहम हिस्सा रहेगा। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच LPG व स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व से जुड़े दो अहम समझौते हो सकते हैं। इस दौरे का सबसे बड़ा फोकस भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है। माना जा रहा है कि LPG और LNG सप्लाई बढ़ाने को लेकर भी दोनों देशों के बीच बातचीत हो सकती है। क्रूड ऑयल का उत्पादन बढ़ाएगा UAE UAE ने हाल ही में दुनिया के बड़े तेल निर्यातक देशों के संगठन OPEC छोड़ने का ऐलान किया है। UAE ने 2027 तक अपना क्रूड ऑयल उत्पादन बढ़ाकर 50 लाख बैरल प्रतिदिन करने की योजना बनाई है। ऐसे में भारतीय कंपनियों और UAE की कंपनियों के बीच लंबी अवधि के ऊर्जा समझौतों पर बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है। पूर्व भारतीय राजदूत संजय सुधीर ने ANI से बातचीत में कहा कि वेस्ट एशिया के हालात के बीच प्रधानमंत्री मोदी का UAE दौरा काफी अहम है। उन्होंने कहा कि यह भारत की तरफ से समर्थन का मजबूत संकेत भी माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत और UAE के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को भी मजबूत करेगी। दोनों देशों के बीच पहले से व्यापक रणनीतिक साझेदारी है और इस दौरे का मकसद उसे और आगे बढ़ाना है। 105 मिनट के लिए भारत आए थे UAE प्रेसीडेंट UAE प्रेसीडेंट अल नाहयान 19 जनवरी को 105 मिनट के भारत दौर पर आए थे। PM मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया था। इस दौरान दोनों देशों के बीच ट्रेड और डिफेंस समेत 9 बड़े समझौते हुए। गल्फ देशों में UAE को सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट करता है भारत UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच 6 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार है। इसमें UAE ने भारत से 2 लाख करोड़ रुपए का इम्पोर्ट किया है। भारत का UAE के साथ वित्तीय घाटा है। यानी भारत UAE से आयात ज्यादा करता है और निर्यात कम। भारत ने वित्तवर्ष 2022-23 में UAE से 4 लाख करोड़ रुपए का इंपोर्ट किया है। भारत ने UAE के साथ एक ट्रेड पैक्ट पर भी साइन किया था। भारत, UAE को पेट्रोलियम प्रोडक्ट, मेटल, स्टोन, जेम्स एंड ज्वेलरी, मिनरल्स, फूड आइटम जैसे अनाज, चीनी, फल और सब्जियां, चाय, मांस और सीफूड, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग मशीनरी प्रोडक्ट और कैमिकल्स एक्सपोर्ट करता है। भारत UAE को क्या एक्सपोर्ट करता है? UAE को भारत के प्रमुख एक्सपोर्ट में पेट्रोलियम प्रोडक्ट, मेटल, स्टोन, जेम्स एंड ज्वैलरी, मिनरल्स, फूड आइटम जैसे अनाज, चीनी, फल और सब्जियां, चाय, मांस और सीफूड, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग मशीनरी प्रोडक्ट और कैमिकल्स शामिल हैं।

पीएम मोदी UAE के दौरे पर रवाना:राष्ट्रपति अल नाहयान मुलाकात करेंगे, दोनों देशों के बीच ऊर्जा समझौते संभव

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह दिन के विदेश दौरे पर रवाना हो गए हैं। उनके दौरे का पहला पड़ाव UAE होगा, जहां वे राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी और जायद अल नाहयान भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। दोनों नेता ऊर्जा सहयोग के अलावा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बातचीत करेंगे। वेस्ट एशिया में जारी तनाव भी बातचीत का अहम हिस्सा रहेगा। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच LPG व स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व से जुड़े दो अहम समझौते हो सकते हैं। इस दौरे का सबसे बड़ा फोकस भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है। माना जा रहा है कि LPG और LNG सप्लाई बढ़ाने को लेकर भी दोनों देशों के बीच बातचीत हो सकती है। क्रूड ऑयल का उत्पादन बढ़ाएगा UAE UAE ने हाल ही में दुनिया के बड़े तेल निर्यातक देशों के संगठन OPEC छोड़ने का ऐलान किया है। UAE ने 2027 तक अपना क्रूड ऑयल उत्पादन बढ़ाकर 50 लाख बैरल प्रतिदिन करने की योजना बनाई है। ऐसे में भारतीय कंपनियों और UAE की कंपनियों के बीच लंबी अवधि के ऊर्जा समझौतों पर बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है। पूर्व भारतीय राजदूत संजय सुधीर ने ANI से बातचीत में कहा कि वेस्ट एशिया के हालात के बीच प्रधानमंत्री मोदी का UAE दौरा काफी अहम है। उन्होंने कहा कि यह भारत की तरफ से समर्थन का मजबूत संकेत भी माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत और UAE के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को भी मजबूत करेगी। दोनों देशों के बीच पहले से व्यापक रणनीतिक साझेदारी है और इस दौरे का मकसद उसे और आगे बढ़ाना है। 105 मिनट के लिए भारत आए थे UAE प्रेसीडेंट UAE प्रेसीडेंट अल नाहयान 19 जनवरी को 105 मिनट के भारत दौर पर आए थे। PM मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया था। इस दौरान दोनों देशों के बीच ट्रेड और डिफेंस समेत 9 बड़े समझौते हुए। गल्फ देशों में UAE को सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट करता है भारत UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच 6 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार है। इसमें UAE ने भारत से 2 लाख करोड़ रुपए का इम्पोर्ट किया है। भारत का UAE के साथ वित्तीय घाटा है। यानी भारत UAE से आयात ज्यादा करता है और निर्यात कम। भारत ने वित्तवर्ष 2022-23 में UAE से 4 लाख करोड़ रुपए का इंपोर्ट किया है। भारत ने UAE के साथ एक ट्रेड पैक्ट पर भी साइन किया था। भारत, UAE को पेट्रोलियम प्रोडक्ट, मेटल, स्टोन, जेम्स एंड ज्वेलरी, मिनरल्स, फूड आइटम जैसे अनाज, चीनी, फल और सब्जियां, चाय, मांस और सीफूड, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग मशीनरी प्रोडक्ट और कैमिकल्स एक्सपोर्ट करता है। भारत UAE को क्या एक्सपोर्ट करता है? UAE को भारत के प्रमुख एक्सपोर्ट में पेट्रोलियम प्रोडक्ट, मेटल, स्टोन, जेम्स एंड ज्वैलरी, मिनरल्स, फूड आइटम जैसे अनाज, चीनी, फल और सब्जियां, चाय, मांस और सीफूड, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग मशीनरी प्रोडक्ट और कैमिकल्स शामिल हैं।

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6 मिनट पहले कॉपी लिंक NEET UG 2026 रीएग्‍जाम अब 21 जून को आयोजित किया जाएगा। शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जानकारी दी है कि एग्‍जाम के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी होंगे। किसी भी कैंडिडेट को इसके लिए वापस से रजिस्टर या एग्जाम फीस नहीं देना होगा। दोबारा से सभी के लिए एडमिट कार्ड जारी होगा। कैंडिडेट्स को पिछले सेंटर ही एलॉट होंगे। शिक्षामंत्री के ऐलान के साथ ही सोशल मीडिया पर मीम्‍स की बाढ़ आ गई है। NEET के एग्जाम कैंसिलेशन पर ये मीम खूब शेयर हो रहे ————————— ये खबर भी पढ़ें… NEET पेपर लीक- ‘गेस पेपर’ बनाकर 10 राज्यों में बेचा:120+ सवाल हूबहू मिले, परीक्षा से 3 सप्ताह पहले माफियाओं के पास पहुंचा पेपर देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-2026) के रद्द होने के पीछे की असली कहानी सामने आ गई है। भास्कर को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड नासिक की प्रिंटिंग प्रेस से जुड़ा है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…