पीएम मोदी UAE के दौरे पर रवाना:राष्ट्रपति अल नाहयान मुलाकात करेंगे, दोनों देशों के बीच ऊर्जा समझौते संभव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह दिन के विदेश दौरे पर रवाना हो गए हैं। उनके दौरे का पहला पड़ाव UAE होगा, जहां वे राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी और जायद अल नाहयान भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। दोनों नेता ऊर्जा सहयोग के अलावा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बातचीत करेंगे। वेस्ट एशिया में जारी तनाव भी बातचीत का अहम हिस्सा रहेगा। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच LPG व स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व से जुड़े दो अहम समझौते हो सकते हैं। इस दौरे का सबसे बड़ा फोकस भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है। माना जा रहा है कि LPG और LNG सप्लाई बढ़ाने को लेकर भी दोनों देशों के बीच बातचीत हो सकती है। क्रूड ऑयल का उत्पादन बढ़ाएगा UAE UAE ने हाल ही में दुनिया के बड़े तेल निर्यातक देशों के संगठन OPEC छोड़ने का ऐलान किया है। UAE ने 2027 तक अपना क्रूड ऑयल उत्पादन बढ़ाकर 50 लाख बैरल प्रतिदिन करने की योजना बनाई है। ऐसे में भारतीय कंपनियों और UAE की कंपनियों के बीच लंबी अवधि के ऊर्जा समझौतों पर बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है। पूर्व भारतीय राजदूत संजय सुधीर ने ANI से बातचीत में कहा कि वेस्ट एशिया के हालात के बीच प्रधानमंत्री मोदी का UAE दौरा काफी अहम है। उन्होंने कहा कि यह भारत की तरफ से समर्थन का मजबूत संकेत भी माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत और UAE के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को भी मजबूत करेगी। दोनों देशों के बीच पहले से व्यापक रणनीतिक साझेदारी है और इस दौरे का मकसद उसे और आगे बढ़ाना है। 105 मिनट के लिए भारत आए थे UAE प्रेसीडेंट UAE प्रेसीडेंट अल नाहयान 19 जनवरी को 105 मिनट के भारत दौर पर आए थे। PM मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया था। इस दौरान दोनों देशों के बीच ट्रेड और डिफेंस समेत 9 बड़े समझौते हुए। गल्फ देशों में UAE को सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट करता है भारत UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच 6 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार है। इसमें UAE ने भारत से 2 लाख करोड़ रुपए का इम्पोर्ट किया है। भारत का UAE के साथ वित्तीय घाटा है। यानी भारत UAE से आयात ज्यादा करता है और निर्यात कम। भारत ने वित्तवर्ष 2022-23 में UAE से 4 लाख करोड़ रुपए का इंपोर्ट किया है। भारत ने UAE के साथ एक ट्रेड पैक्ट पर भी साइन किया था। भारत, UAE को पेट्रोलियम प्रोडक्ट, मेटल, स्टोन, जेम्स एंड ज्वेलरी, मिनरल्स, फूड आइटम जैसे अनाज, चीनी, फल और सब्जियां, चाय, मांस और सीफूड, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग मशीनरी प्रोडक्ट और कैमिकल्स एक्सपोर्ट करता है। भारत UAE को क्या एक्सपोर्ट करता है? UAE को भारत के प्रमुख एक्सपोर्ट में पेट्रोलियम प्रोडक्ट, मेटल, स्टोन, जेम्स एंड ज्वैलरी, मिनरल्स, फूड आइटम जैसे अनाज, चीनी, फल और सब्जियां, चाय, मांस और सीफूड, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग मशीनरी प्रोडक्ट और कैमिकल्स शामिल हैं।
पीएम मोदी UAE के दौरे पर रवाना:राष्ट्रपति अल नाहयान मुलाकात करेंगे, दोनों देशों के बीच ऊर्जा समझौते संभव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह दिन के विदेश दौरे पर रवाना हो गए हैं। उनके दौरे का पहला पड़ाव UAE होगा, जहां वे राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी और जायद अल नाहयान भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। दोनों नेता ऊर्जा सहयोग के अलावा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बातचीत करेंगे। वेस्ट एशिया में जारी तनाव भी बातचीत का अहम हिस्सा रहेगा। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच LPG व स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व से जुड़े दो अहम समझौते हो सकते हैं। इस दौरे का सबसे बड़ा फोकस भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है। माना जा रहा है कि LPG और LNG सप्लाई बढ़ाने को लेकर भी दोनों देशों के बीच बातचीत हो सकती है। क्रूड ऑयल का उत्पादन बढ़ाएगा UAE UAE ने हाल ही में दुनिया के बड़े तेल निर्यातक देशों के संगठन OPEC छोड़ने का ऐलान किया है। UAE ने 2027 तक अपना क्रूड ऑयल उत्पादन बढ़ाकर 50 लाख बैरल प्रतिदिन करने की योजना बनाई है। ऐसे में भारतीय कंपनियों और UAE की कंपनियों के बीच लंबी अवधि के ऊर्जा समझौतों पर बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है। पूर्व भारतीय राजदूत संजय सुधीर ने ANI से बातचीत में कहा कि वेस्ट एशिया के हालात के बीच प्रधानमंत्री मोदी का UAE दौरा काफी अहम है। उन्होंने कहा कि यह भारत की तरफ से समर्थन का मजबूत संकेत भी माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत और UAE के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को भी मजबूत करेगी। दोनों देशों के बीच पहले से व्यापक रणनीतिक साझेदारी है और इस दौरे का मकसद उसे और आगे बढ़ाना है। 105 मिनट के लिए भारत आए थे UAE प्रेसीडेंट UAE प्रेसीडेंट अल नाहयान 19 जनवरी को 105 मिनट के भारत दौर पर आए थे। PM मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया था। इस दौरान दोनों देशों के बीच ट्रेड और डिफेंस समेत 9 बड़े समझौते हुए। गल्फ देशों में UAE को सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट करता है भारत UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच 6 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार है। इसमें UAE ने भारत से 2 लाख करोड़ रुपए का इम्पोर्ट किया है। भारत का UAE के साथ वित्तीय घाटा है। यानी भारत UAE से आयात ज्यादा करता है और निर्यात कम। भारत ने वित्तवर्ष 2022-23 में UAE से 4 लाख करोड़ रुपए का इंपोर्ट किया है। भारत ने UAE के साथ एक ट्रेड पैक्ट पर भी साइन किया था। भारत, UAE को पेट्रोलियम प्रोडक्ट, मेटल, स्टोन, जेम्स एंड ज्वेलरी, मिनरल्स, फूड आइटम जैसे अनाज, चीनी, फल और सब्जियां, चाय, मांस और सीफूड, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग मशीनरी प्रोडक्ट और कैमिकल्स एक्सपोर्ट करता है। भारत UAE को क्या एक्सपोर्ट करता है? UAE को भारत के प्रमुख एक्सपोर्ट में पेट्रोलियम प्रोडक्ट, मेटल, स्टोन, जेम्स एंड ज्वैलरी, मिनरल्स, फूड आइटम जैसे अनाज, चीनी, फल और सब्जियां, चाय, मांस और सीफूड, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग मशीनरी प्रोडक्ट और कैमिकल्स शामिल हैं।
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6 मिनट पहले कॉपी लिंक NEET UG 2026 रीएग्जाम अब 21 जून को आयोजित किया जाएगा। शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जानकारी दी है कि एग्जाम के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी होंगे। किसी भी कैंडिडेट को इसके लिए वापस से रजिस्टर या एग्जाम फीस नहीं देना होगा। दोबारा से सभी के लिए एडमिट कार्ड जारी होगा। कैंडिडेट्स को पिछले सेंटर ही एलॉट होंगे। शिक्षामंत्री के ऐलान के साथ ही सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई है। NEET के एग्जाम कैंसिलेशन पर ये मीम खूब शेयर हो रहे ————————— ये खबर भी पढ़ें… NEET पेपर लीक- ‘गेस पेपर’ बनाकर 10 राज्यों में बेचा:120+ सवाल हूबहू मिले, परीक्षा से 3 सप्ताह पहले माफियाओं के पास पहुंचा पेपर देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-2026) के रद्द होने के पीछे की असली कहानी सामने आ गई है। भास्कर को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड नासिक की प्रिंटिंग प्रेस से जुड़ा है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
‘धुरंधर 2’ के गाने विवाद में अंतरिम रोक से इनकार:हाईकोर्ट का सुपर कैसेट्स को 4 हफ्ते में 50 लाख रुपए जमा करने का निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को त्रिमूर्ति फिल्म्स और फिल्म ‘धुरंधर 2’ के प्रोड्यूसर्स के बीच कॉपीराइट विवाद में त्रिमूर्ति फिल्म्स को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। मामला गाने ‘तिरछी टोपीवाले (ओए ओए)’ से जुड़ा है। त्रिमूर्ति फिल्म्स ने ‘धुरंधर 2’ की OTT रिलीज रोकने की मांग की थी। जिसको कोर्ट ने रोकने से इनकार कर दिया। हालांकि, जस्टिस तुषार राव गेडेला ने सुपर कैसेट्स को चार हफ्ते के अंदर कोर्ट में 50 लाख रुपए जमा करने का निर्देश दिया। मामले में शिकायतकर्ता त्रिमूर्ति फिल्म्स (राजीव राय) हैं और प्रतिवादियों में सुपर कैसेट्स (टी-सीरीज) तथा B62 स्टूडियोज शामिल हैं। बता दें कि सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को दुनिया भर में टी-सीरीज के नाम से जाना जाता है। कोर्ट ने कहा कि इस समय वादी की मांग के अनुसार अंतरिम आदेश देना संभव नहीं है, लेकिन त्रिमूर्ति फिल्म्स के दावे को सुरक्षित करने के लिए जमा राशि की मांग करना सही होगा। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने निर्देश दिया कि यह रकम रजिस्ट्रार जनरल के नाम पर जमा की जाए और ऑटो-रिन्यूअल में रखी जाए। ट्रायल के अंत में सफल पक्ष को इसका लाभ मिलेगा। आदेश की विस्तृत कॉपी अभी जारी नहीं हुई है। क्या है पूरा मामला? प्रोडक्शन कंपनी त्रिमूर्ति फिल्म्स ने फिल्ममेकर आदित्य धर के प्रोडक्शन हाउस B62 स्टूडियोज के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन का केस दायर किया था। कंपनी का आरोप था कि फिल्म ‘धुरंधर 2’ के गाने ‘रंग दे लाल (ओए ओए)’ में 1989 की फिल्म ‘त्रिदेव’ के फेमस गाने ‘तिरछी टोपीवाले (ओए ओए)’ और उससे मिलती-जुलती धुन का बिना अनुमति इस्तेमाल किया गया। त्रिमूर्ति फिल्म्स का दावा था कि गाने के अधिकार उसके पास हैं और बिना लाइसेंस इसके इस्तेमाल से कॉपीराइट का उल्लंघन हुआ। कंपनी ने फिल्म की थिएटर रिलीज, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और प्रमोशनल कंटेंट में गाने के व्यावसायिक उपयोग पर भी आपत्ति जताई। ‘तिरछी टोपीवाले’ मुख्य रूप से नसीरुद्दीन शाह और सोनम पर फिल्माया गया था। गाने का संगीत कल्याणजी-आनंदजी ने तैयार किया था। इसे अमित कुमार और सपना मुखर्जी ने गाया था और इसके बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे। वहीं, नए वर्जन ‘रंग दे लाल (ओए ओए)’ को जैस्मिन सैंडलस, अफसाना खान, अमित कुमार और रेबल ने आवाज दी है। इसका संगीत शाश्वत सचदेव ने तैयार किया है और गाने में कल्याणजी-आनंदजी को भी क्रेडिट दिया गया है। गाने ‘तिरछी टोपीवाले’ से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… धुरंधर 2 की OTT रिलीज मध्य मई तक नहीं होगी:गाने रंग दे लाल को लेकर कॉपीराइट केस में मेकर्स ने कोर्ट को दिया आश्वासन आदित्य धर के प्रोडक्शन हाउस B62 स्टूडियोज प्राइवेट लिमिटेड ने 9 अप्रैल को दिल्ली हाईकोर्ट को यह आश्वासन दिया था कि वह फिल्म धुरंधर: द रिवेंज को मई 2026 के मध्य तक किसी भी OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज नहीं करेगा। पूरी खबर यहां पढ़ें…
France World Cup Squad Named

Hindi News Sports France World Cup Squad Named | Mbappe Captains, Dembele & Douae Feature पेरिसकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक साल 2022 की फाइनलिस्ट फ्रांस ने 11 जून से शुरू हो रहे फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए 26 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है। पिछले फाइनल में 3 गोल दागने वाले किलियन एम्बाप्पे को इस टीम की कप्तानी सौंपी गई है। कोच डिडिएर डेसचैम्प्स ने दमदार फॉरवर्ड लाइन तैयार किया है। इसमें एमबाप्पे के अलावा, बैलोन डी’ओर विजेता ओस्मान डेम्बेले और युवा स्टार डेसिरे डौए जैसे नाम है। 2018 की चैंपियन और 2022 की उपविजेता फ्रांस इस बार तीसरा वर्ल्ड कप जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। 2022 में फाइनल हराने के बाद एम्बाप्पे निराश होकर मैदान पर बैठ गए। फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों उन्हें समझाने पहुंचे थे। फारवर्ड लाइन में अनुभव और युवाओं का मिश्रण फ्रांस का फॉरवर्ड लाइनअप इस समय दुनिया में सबसे मजबूत नजर आ रहा है। टीम में सुपरस्टार किलियन एमबाप्पे के साथ बैलोन डी’ओर विजेता ओस्मान डेम्बेले, उभरते हुए सितारे डेसिरे डौए, माइकल ओलिसे, रेयान चेर्की, ब्रैडली बारकोला और मैग्नेस अक्लिओचे शामिल हैं। यह आक्रमण पंक्ति किसी भी विरोधी रक्षापंक्ति को ध्वस्त करने का माद्दा रखती है। रियल मैड्रिड के स्टार मिडफील्डर एडुआर्डो कामाविंगा का नाम सूची से गायब होना सबसे बड़ा सरप्राइज है। एम्बाप्पे ने फाइनल मुकाबले में 3 गोल दागे थे। रॉबिन रिसर को घरेलू प्रदर्शन का इनाम घरेलू लीग (लेंस) के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले युवा गोलकीपर रॉबिन रिसर को पहली बार विश्व कप टीम में शामिल किया गया है। रिसर ने इस सप्ताह की शुरुआत में ही सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर का पुरस्कार जीता था। उन्हें मुख्य गोलकीपर माइक मैगनन और ब्राइस सांबा के बाद तीसरे गोलकीपर के विकल्प के रूप में शामिल किया गया है। टीम में चुने जाने पर रिसर ने भावुक होकर कहा, ‘यह मेरा एक सपना था, यह अविश्वसनीय है और मेरे पास शब्द नहीं हैं।’ कोलो मुआनी पर गिरी गाज: पिछले वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में गोल दागने वाले और फाइनल में अर्जेंटीना के खिलाफ ऐतिहासिक चांस चूकने वाले रैंडल कोलो मुआनी को टीम में जगह नहीं मिली है। उनकी जगह क्रिस्टल पैलेस के फॉर्म में चल रहे फारवर्ड जीन-फिलिप माटेटा को तरजीह दी गई है। लुकास शेवेलियर को झटका: PSG के गोलकीपर लुकास शेवेलियर जनवरी के बाद से क्लब के लिए बेंच पर बैठने के कारण वर्ल्ड कप का टिकट हासिल करने में नाकाम रहे। कोच ने साफ कहा, “चयन का मुख्य आधार मैदान पर प्रदर्शन है। लुकास कई महीनों से खेले ही नहीं हैं। कोच डेसचैम्प्स के लिए आखिरी टूर्नामेंट यह टूर्नामेंट फ्रांस के सबसे सफल कोच डिडिएर डेसचैम्प्स के लिए आखिरी साबित होगा। उन्होंने पहले ही घोषणा कर दी है कि वे इस मेगा टूर्नामेंट के बाद संन्यास ले लेंगे। साल 2012 से फ्रांस के कोच रहे डेसचैम्प्स अपने विदाई टूर्नामेंट को ऐतिहासिक बनाना चाहेंगे। फ्रांस को ग्रुप आई में रखा गया है। फुटबॉल वर्ल्ड कप की डीटेल देखिए वर्ल्ड कप 2026 के लिए फ्रांस की पूरी टीम गोलकीपर्स: माइक मैगनन, ब्राइस सांबा, रॉबिन रिसर। डिफेंडर्स: लुकास डिग्ने, मालो गुस्टो, लुकास हर्नांडेज, थियो हर्नांडेज, इब्राहिमा कोनाटे, जूल्स कौंडे, मैक्सेंस लैक्रोइक्स, विलियम सलीबा, डेयोट उपामेकानो। मिडफील्डर्स: एनगोलो कांटे, मनु कोने, एड्रियन रबियोट, ऑरेलियन टचौमेनी, वॉरेन जैरे-एमरी। फॉरवर्ड: मैग्नेस अक्लिओचे, ब्रैडली बारकोला, रेयान चेर्की, ओस्मान डेम्बेले, डेसिरे डौए, जीन-फिलिप माटेटा, किलियन एमबाप्पे, माइकल ओलिसे, मार्कस थुरम। ——————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़िए… बॉक्सर निखत जरीन कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स रेस से बाहर 2 बार की वर्ल्ड चैंपियन मुक्केबाज निखत जरीन और नीतू घंघास का 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में खेलने का सपना टूट गया है। दोनों पटियाला में चल रहे सिलेक्शन ट्रायल्स के सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गईं। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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Hindi News Sports France World Cup Squad Named | Mbappe Captains, Dembele & Douae Feature पेरिस16 मिनट पहले कॉपी लिंक साल 2022 की फाइनलिस्ट फ्रांस ने 11 जून से शुरू हो रहे फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए 26 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है। पिछले फाइनल में 3 गोल दागने वाले किलियन एम्बाप्पे को इस टीम की कप्तानी सौंपी गई है। कोच डिडिएर डेसचैम्प्स ने दमदार फॉरवर्ड लाइन तैयार किया है। इसमें एमबाप्पे के अलावा, बैलोन डी’ओर विजेता ओस्मान डेम्बेले और युवा स्टार डेसिरे डौए जैसे नाम है। 2018 की चैंपियन और 2022 की उपविजेता फ्रांस इस बार तीसरा वर्ल्ड कप जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। 2022 में फाइनल हराने के बाद एम्बाप्पे निराश होकर मैदान पर बैठ गए। फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों उन्हें समझाने पहुंचे थे। फारवर्ड लाइन में अनुभव और युवाओं का मिश्रण फ्रांस का फॉरवर्ड लाइनअप इस समय दुनिया में सबसे मजबूत नजर आ रहा है। टीम में सुपरस्टार किलियन एमबाप्पे के साथ बैलोन डी’ओर विजेता ओस्मान डेम्बेले, उभरते हुए सितारे डेसिरे डौए, माइकल ओलिसे, रेयान चेर्की, ब्रैडली बारकोला और मैग्नेस अक्लिओचे शामिल हैं। यह आक्रमण पंक्ति किसी भी विरोधी रक्षापंक्ति को ध्वस्त करने का माद्दा रखती है। रियल मैड्रिड के स्टार मिडफील्डर एडुआर्डो कामाविंगा का नाम सूची से गायब होना सबसे बड़ा सरप्राइज है। एम्बाप्पे ने फाइनल मुकाबले में 3 गोल दागे थे। रॉबिन रिसर को घरेलू प्रदर्शन का इनाम घरेलू लीग (लेंस) के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले युवा गोलकीपर रॉबिन रिसर को पहली बार विश्व कप टीम में शामिल किया गया है। रिसर ने इस सप्ताह की शुरुआत में ही सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर का पुरस्कार जीता था। उन्हें मुख्य गोलकीपर माइक मैगनन और ब्राइस सांबा के बाद तीसरे गोलकीपर के विकल्प के रूप में शामिल किया गया है। टीम में चुने जाने पर रिसर ने भावुक होकर कहा, ‘यह मेरा एक सपना था, यह अविश्वसनीय है और मेरे पास शब्द नहीं हैं।’ कोलो मुआनी पर गिरी गाज: पिछले वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में गोल दागने वाले और फाइनल में अर्जेंटीना के खिलाफ ऐतिहासिक चांस चूकने वाले रैंडल कोलो मुआनी को टीम में जगह नहीं मिली है। उनकी जगह क्रिस्टल पैलेस के फॉर्म में चल रहे फारवर्ड जीन-फिलिप माटेटा को तरजीह दी गई है। लुकास शेवेलियर को झटका: PSG के गोलकीपर लुकास शेवेलियर जनवरी के बाद से क्लब के लिए बेंच पर बैठने के कारण वर्ल्ड कप का टिकट हासिल करने में नाकाम रहे। कोच ने साफ कहा, “चयन का मुख्य आधार मैदान पर प्रदर्शन है। लुकास कई महीनों से खेले ही नहीं हैं। कोच डेसचैम्प्स के लिए आखिरी टूर्नामेंट यह टूर्नामेंट फ्रांस के सबसे सफल कोच डिडिएर डेसचैम्प्स के लिए आखिरी साबित होगा। उन्होंने पहले ही घोषणा कर दी है कि वे इस मेगा टूर्नामेंट के बाद संन्यास ले लेंगे। साल 2012 से फ्रांस के कोच रहे डेसचैम्प्स अपने विदाई टूर्नामेंट को ऐतिहासिक बनाना चाहेंगे। फ्रांस को ग्रुप आई में रखा गया है। फुटबॉल वर्ल्ड कप की डीटेल देखिए वर्ल्ड कप 2026 के लिए फ्रांस की पूरी टीम गोलकीपर्स: माइक मैगनन, ब्राइस सांबा, रॉबिन रिसर। डिफेंडर्स: लुकास डिग्ने, मालो गुस्टो, लुकास हर्नांडेज, थियो हर्नांडेज, इब्राहिमा कोनाटे, जूल्स कौंडे, मैक्सेंस लैक्रोइक्स, विलियम सलीबा, डेयोट उपामेकानो। मिडफील्डर्स: एनगोलो कांटे, मनु कोने, एड्रियन रबियोट, ऑरेलियन टचौमेनी, वॉरेन जैरे-एमरी। फॉरवर्ड: मैग्नेस अक्लिओचे, ब्रैडली बारकोला, रेयान चेर्की, ओस्मान डेम्बेले, डेसिरे डौए, जीन-फिलिप माटेटा, किलियन एमबाप्पे, माइकल ओलिसे, मार्कस थुरम। ——————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़िए… बॉक्सर निखत जरीन कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स रेस से बाहर 2 बार की वर्ल्ड चैंपियन मुक्केबाज निखत जरीन और नीतू घंघास का 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में खेलने का सपना टूट गया है। दोनों पटियाला में चल रहे सिलेक्शन ट्रायल्स के सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गईं। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
डॉलर के मुकाबले रुपया ऑल टाइम लो पर आया:1 डॉलर की कीमत 95.94 रुपए हुई, इससे महंगाई बढ़ने का खतरा

रुपया आज 15 मई को डॉलर के मुकाबले 30 पैसे गिरकर 95.94 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। इससे पहले गुरुवार को रुपया 95.64 के ऑल टाइम लो पर पहुंचा था। पिछले कुछ दिनों से रुपए में लगातार गिरावट जारी है। साल 2026 की शुरुआत से ही रुपया दबाव में है। पिछले साल दिसंबर 2025 में पहली बार रुपया 90 के स्तर के पार गया था। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं और जियोपॉलिटिकल तनाव कम नहीं हुआ, तो रुपया जल्द ही 100 के स्तर को भी छू सकता है। रुपए में गिरावट के प्रमुख कारण मिडिल ईस्ट तनाव: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज रूट में सप्लाई बाधित होने की आशंका ने बाजार में डर पैदा कर दिया है। युद्ध के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए डॉलर की ओर भाग रहे हैं। कच्चे तेल के दाम: भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। तेल महंगा होने से भारत को अधिक डॉलर चुकाने पड़ रहे हैं, जिससे रुपए पर दबाव बढ़ गया है। मजबूत होता डॉलर इंडेक्स: दुनिया की 6 प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 99.05 के स्तर पर पहुंच गया है। जब डॉलर ग्लोबल मार्केट में मजबूत होता है, तो रुपया और अन्य एशियाई करेंसी कमजोर हो जाती हैं। विदेशी निवेशकों की निकासी: विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। अकेले बुधवार को FII ने 4,700 करोड़ रुपए से ज्यादा के शेयर बेचे। बाजार से डॉलर बाहर जाने के कारण रुपए की वैल्यू घट रही है। बढ़ती महंगाई का डर: भारत में थोक महंगाई दर (WPI) साढ़े तीन साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। एनर्जी की बढ़ती कीमतों से ‘इंपोर्टेड इन्फ्लेशन’ का खतरा बढ़ गया है, जिससे इकोनॉमी के सेंटीमेंट बिगड़े हैं। डॉलर महंगा, भारत में महंगाई बढ़ने का खतरा मिडिल ईस्ट संघर्ष को दशकों का सबसे गंभीर एनर्जी संकट माना जा रहा है, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ रहा है। तेल की कीमतें: कच्चे तेल महंगे होने से भारत का इम्पोर्ट बिल बढ़ा है। जरूरी सामान महंगा: LPG, प्लास्टिक और अन्य पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स की सप्लाई प्रभावित। महंगाई का डर: डॉलर महंगा होने से पेट्रोल-डीजल और इम्पोर्टेड सामान महंगे होंगे, जिससे रिटेल महंगाई बढ़ सकती है। विदेश में पढ़ाई-घूमना महंगा: विदेश जाने या पढ़ाई के लिए डॉलर खरीदने पर अब ज्यादा रुपए खर्च करने होंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स महंगे: मोबाइल, लैपटॉप और आयातित पार्ट्स महंगे हो सकते हैं, क्योंकि भुगतान डॉलर में होता है। तेल उत्पादन पिछले दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर रॉयटर्स के सर्वे के मुताबिक, अप्रैल में ओपेक (OPEC) देशों का तेल उत्पादन पिछले दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर रहा है। सऊदी अरामको के CEO अमीन नासिर ने चेतावनी दी है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल निर्यात में रुकावट के कारण बाजार में स्थिरता आने में 2027 तक का समय लग सकता है। इससे हर हफ्ते करीब 10 करोड़ बैरल तेल का नुकसान हो रहा है। इन्वेस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अगले महीने खुल भी जाता है, तो भी तेल की कीमतें इस साल 100 डॉलर के आसपास बनी रहेंगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि रास्ता खुलने के बाद भी लॉजिस्टिक और टैंकरों की कमी के कारण सप्लाई सामान्य होने में समय लगेगा। प्रधानमंत्री की अपील और सरकार के कड़े कदम रुपए में लगातार आ रही गिरावट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले हफ्ते देशवासियों से विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए अपील की थी। उन्होंने लोगों से फिजूलखर्ची कम करने और देशहित में आर्थिक अनुशासन बनाए रखने को कहा था। इसी कड़ी में सरकार ने मंगलवार रात कीमती धातुओं के आयात पर टैरिफ बढ़ा दिए थे ताकि डॉलर के बाहर जाने की रफ्तार को कम किया जा सके। ट्रेडर्स का मानना है कि आने वाले समय में रुपए में और गिरावट देखी जा सकती है। करेंसी की कीमत कैसे तय होती है? डॉलर के मुकाबले किसी करेंसी की वैल्यू घटे तो उसे मुद्रा का गिरना या कमजोरी (करेंसी डेप्रिसिएशन) कहते हैं। हर देश के पास फॉरेन करेंसी रिजर्व होता है, जिससे इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन होते हैं। इसके घटने-बढ़ने का असर करेंसी पर पड़ता है। अगर भारत के फॉरेन रिजर्व में डॉलर पर्याप्त होंगे तो रुपया स्थिर रहेगा। डॉलर घटे तो रुपया कमजोर, बढ़े तो मजबूत होगा।
डॉलर के मुकाबले रुपया ऑल टाइम लो पर आया:1 डॉलर की कीमत 95.94 रुपए हुई, इससे महंगाई बढ़ने का खतरा

रुपया आज 15 मई को डॉलर के मुकाबले 30 पैसे गिरकर 95.94 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। इससे पहले गुरुवार को रुपया 95.64 के ऑल टाइम लो पर पहुंचा था। पिछले कुछ दिनों से रुपए में लगातार गिरावट जारी है। साल 2026 की शुरुआत से ही रुपया दबाव में है। पिछले साल दिसंबर 2025 में पहली बार रुपया 90 के स्तर के पार गया था। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं और जियोपॉलिटिकल तनाव कम नहीं हुआ, तो रुपया जल्द ही 100 के स्तर को भी छू सकता है। रुपए में गिरावट के प्रमुख कारण मिडिल ईस्ट तनाव: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज रूट में सप्लाई बाधित होने की आशंका ने बाजार में डर पैदा कर दिया है। युद्ध के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए डॉलर की ओर भाग रहे हैं। कच्चे तेल के दाम: भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। तेल महंगा होने से भारत को अधिक डॉलर चुकाने पड़ रहे हैं, जिससे रुपए पर दबाव बढ़ गया है। मजबूत होता डॉलर इंडेक्स: दुनिया की 6 प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 99.05 के स्तर पर पहुंच गया है। जब डॉलर ग्लोबल मार्केट में मजबूत होता है, तो रुपया और अन्य एशियाई करेंसी कमजोर हो जाती हैं। विदेशी निवेशकों की निकासी: विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। अकेले बुधवार को FII ने 4,700 करोड़ रुपए से ज्यादा के शेयर बेचे। बाजार से डॉलर बाहर जाने के कारण रुपए की वैल्यू घट रही है। बढ़ती महंगाई का डर: भारत में थोक महंगाई दर (WPI) साढ़े तीन साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। एनर्जी की बढ़ती कीमतों से ‘इंपोर्टेड इन्फ्लेशन’ का खतरा बढ़ गया है, जिससे इकोनॉमी के सेंटीमेंट बिगड़े हैं। डॉलर महंगा, भारत में महंगाई बढ़ने का खतरा मिडिल ईस्ट संघर्ष को दशकों का सबसे गंभीर एनर्जी संकट माना जा रहा है, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ रहा है। तेल की कीमतें: कच्चे तेल महंगे होने से भारत का इम्पोर्ट बिल बढ़ा है। जरूरी सामान महंगा: LPG, प्लास्टिक और अन्य पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स की सप्लाई प्रभावित। महंगाई का डर: डॉलर महंगा होने से पेट्रोल-डीजल और इम्पोर्टेड सामान महंगे होंगे, जिससे रिटेल महंगाई बढ़ सकती है। विदेश में पढ़ाई-घूमना महंगा: विदेश जाने या पढ़ाई के लिए डॉलर खरीदने पर अब ज्यादा रुपए खर्च करने होंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स महंगे: मोबाइल, लैपटॉप और आयातित पार्ट्स महंगे हो सकते हैं, क्योंकि भुगतान डॉलर में होता है। तेल उत्पादन पिछले दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर रॉयटर्स के सर्वे के मुताबिक, अप्रैल में ओपेक (OPEC) देशों का तेल उत्पादन पिछले दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर रहा है। सऊदी अरामको के CEO अमीन नासिर ने चेतावनी दी है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल निर्यात में रुकावट के कारण बाजार में स्थिरता आने में 2027 तक का समय लग सकता है। इससे हर हफ्ते करीब 10 करोड़ बैरल तेल का नुकसान हो रहा है। इन्वेस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अगले महीने खुल भी जाता है, तो भी तेल की कीमतें इस साल 100 डॉलर के आसपास बनी रहेंगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि रास्ता खुलने के बाद भी लॉजिस्टिक और टैंकरों की कमी के कारण सप्लाई सामान्य होने में समय लगेगा। प्रधानमंत्री की अपील और सरकार के कड़े कदम रुपए में लगातार आ रही गिरावट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले हफ्ते देशवासियों से विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए अपील की थी। उन्होंने लोगों से फिजूलखर्ची कम करने और देशहित में आर्थिक अनुशासन बनाए रखने को कहा था। इसी कड़ी में सरकार ने मंगलवार रात कीमती धातुओं के आयात पर टैरिफ बढ़ा दिए थे ताकि डॉलर के बाहर जाने की रफ्तार को कम किया जा सके। ट्रेडर्स का मानना है कि आने वाले समय में रुपए में और गिरावट देखी जा सकती है। करेंसी की कीमत कैसे तय होती है? डॉलर के मुकाबले किसी करेंसी की वैल्यू घटे तो उसे मुद्रा का गिरना या कमजोरी (करेंसी डेप्रिसिएशन) कहते हैं। हर देश के पास फॉरेन करेंसी रिजर्व होता है, जिससे इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन होते हैं। इसके घटने-बढ़ने का असर करेंसी पर पड़ता है। अगर भारत के फॉरेन रिजर्व में डॉलर पर्याप्त होंगे तो रुपया स्थिर रहेगा। डॉलर घटे तो रुपया कमजोर, बढ़े तो मजबूत होगा। ये खबर भी पढ़ें… पेट्रोल-डीजल ₹3-3 महंगे हुए, नई कीमतें लागू: दिल्ली में पेट्रोल ₹97.77 लीटर हुआ, कंपनियों को अभी भी ₹25-30 प्रति लीटर का घाटा पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। दिल्ली में अब पेट्रोल 97.77 रुपए प्रति लीटर में मिलेगा। डीजल की कीमत 90.67 रुपए प्रति लीटर हो गई है। नए दाम आज 15 मई से लागू हो गए हैं। करीब 2 साल बाद दामों में ये बढ़ोतरी की गई है। वहीं कंपनियों को अभी भी पेट्रोल-डीजल पर ₹25-₹30 प्रति लीटर का घाटा हो रहा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों के साथ प्रमुख शहरों में CNG भी ₹2 प्रति किलो तक महंगी हो गई हैं। दिल्ली में अब एक किलो CNG के लिए ₹79.09 खर्च करने होंगे। पूरी खबर पढ़ें…
Petrol Diesel Price Hike Inflation Reaction; PM Modi Rahul Gandhi | Akhilesh Yadav

Hindi News National Petrol Diesel Price Hike Inflation Reaction; PM Modi Rahul Gandhi | Akhilesh Yadav BJP SP Congress नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक पेट्रोल, डीजल में 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। प्रमुख शहरों में CNG भी ₹2 प्रति किलो तक महंगी हो गई हैं। नए दाम आज 15 मई से लागू हो गए हैं। करीब 2 साल बाद दामों में ये बढ़ोतरी की गई है। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। सरकार पर बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव के बीच आम लोगों पर बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया है। इस बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि ‘महंगाई मैन’ मोदी ने आज फिर जनता पर हंटर चलाया है। चुनाव खत्म हो गए हैं, मोदी की वसूली शुरू हो गई है। वहीं सपा के अखिलेश यादव ने एक कार्टून शेयर करते हुए लिखा कि हमने तो पहले ही कहा था कि साइकिल से बेहतर कुछ नहीं है। आगे बढ़ना है तो साइकिल ही विकल्प है। देखिए देश भर में पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Petrol Diesel Price Hike Inflation Reaction; PM Modi Rahul Gandhi | Akhilesh Yadav

Hindi News National Petrol Diesel Price Hike Inflation Reaction; PM Modi Rahul Gandhi | Akhilesh Yadav BJP SP Congress नई दिल्ली34 मिनट पहले कॉपी लिंक पेट्रोल, डीजल में 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। प्रमुख शहरों में CNG भी ₹2 प्रति किलो तक महंगी हो गई हैं। नए दाम आज 15 मई से लागू हो गए हैं। करीब 2 साल बाद दामों में ये बढ़ोतरी की गई है। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। सरकार पर बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव के बीच आम लोगों पर बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया है। इस बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि ‘महंगाई मैन’ मोदी ने आज फिर जनता पर हंटर चलाया है। चुनाव खत्म हो गए हैं, मोदी की वसूली शुरू हो गई है। वहीं सपा के अखिलेश यादव ने एक कार्टून शेयर करते हुए लिखा कि हमने तो पहले ही कहा था कि साइकिल से बेहतर कुछ नहीं है। आगे बढ़ना है तो साइकिल ही विकल्प है। देखिए देश भर में पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









