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Parul University Launches Target 2047 Centre for Future Skills

Parul University Launches Target 2047 Centre for Future Skills

Hindi News Business Parul University Launches Target 2047 Centre For Future Skills | Global Tech Exposure वडोदरा45 मिनट पहले कॉपी लिंक देश की अग्रणी निजी विश्वविद्यालयों में शामिल वडोदरा स्थित पारुल यूनिवर्सिटी ने तकनीक आधारित शिक्षा और नवाचार को नई दिशा देने के लिए ‘लक्ष्य 2047 : सेंटर फॉर फ्यूचर स्किल्स’ की शुरुआत की है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन से प्रेरित है। अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस यह सेंटर छात्रों को अकादमिक पढ़ाई और इंडस्ट्री में तेजी से बदलती तकनीकों के बीच तालमेल बैठाने में मदद करेगा। इसका उद्घाटन केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में हुआ। AI, मशीन लर्निंग और साइबर सिक्योरिटी पर फोकस ‘लक्ष्य 2047’ के तहत कई हाईटेक इंडस्ट्रियल लैब्स स्थापित की गई हैं, जहां छात्रों को भविष्य की तकनीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके माध्यम से दुनिया की कुछ जानीमानी टेक कंपनियों के सहयोग से स्टूडेंट्स को ग्लोबल टेक्नोलॉजी एक्सपोजर मिलेगा। ग्लोबल स्टैंडर्ड टेक्नोलॉजी लैब्स की सुविधा यूनिवर्सिटी में AWS, Apple, Adobe, Autodesk, ANSYS और VLSI जैसी टेक्नोलॉजी लैब्स भी तैयार की गई हैं। इन लैब्स में छात्र क्लाउड कंप्यूटिंग, iOS प्रोग्रामिंग, डिजिटल डिजाइन, सेमीकंडक्टर डिवाइसेज और इंजीनियरिंग सिमुलेशन जैसी आधुनिक तकनीकों पर काम कर सकेंगे। AICTE और AVPL/IDEA लैब जोन को भी इस इकोसिस्टम का हिस्सा बनाया गया है। यह जोन इनोवेशन और प्रोटोटाइप डेवलपमेंट के लिए विशेष रूप से विकसित किया गया है। NVIDIA लैब यह लैब छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और GPU कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देगी। Cisco लैब यहां साइबर सिक्योरिटी, नेटवर्किंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। ABB इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन एंड रोबोटिक्स लैब इस लैब में इंडस्ट्री 4.0 से जुड़ी रोबोटिक्स और ऑटोमेशन तकनीकों पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी जाएगी। AR/VR लैब यह लैब छात्रों को वर्चुअल और इमर्सिव लर्निंग एक्सपीरियंस उपलब्ध कराएगी। Microsoft लैब इसका फोकस छात्रों की कम्युनिकेशन और डिजिटल स्किल्स को बेहतर बनाने पर रहेगा। रिसर्च और इनोवेशन को मिलेगा नया मंच यूनिवर्सिटी में रिसर्च आधारित माइंड लैब, सेंसर लैब और AICTE समर्थित IDEA लैब भी स्थापित की गई हैं। इनका उद्देश्य छात्रों के भीतर रिसर्च और इनोवेशन की सोच को बढ़ावा देना है। इन सुविधाओं के जरिए छात्रों को सिर्फ थ्योरी नहीं, बल्कि प्रयोग और शोध आधारित सीखने का अवसर मिलेगा। इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन और स्किल मिशन से जुड़ाव इस पहल को मजबूत बनाने के लिए यूनिवर्सिटी ने National Skill Development Corporation (NSDC) और Ethnotech Academy के साथ साझेदारी की है। इसके तहत छात्रों को इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन कोर्स, आर्थिक सहायता और राष्ट्रीय स्तर के स्किल मिशनों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों की रोजगार क्षमता और इंडस्ट्री रेडीनेस दोनों मजबूत होंगी। ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की सोच के साथ टेक्नोलॉजी शिक्षा ‘लक्ष्य 2047’ का उद्देश्य केवल तकनीकी विशेषज्ञ तैयार करना नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी समझने वाले और वैश्विक दृष्टिकोण रखने वाले प्रोफेशनल्स तैयार करना भी है। यह पहल ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए नैतिक नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इनोवेशन, इंडस्ट्री कनेक्शन और नैतिक मूल्यों का संतुलन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पारुल यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. देवांशु पटेल ने कहा कि यूनिवर्सिटी ऐसा वातावरण तैयार कर रही है, जहां इनोवेशन, इंडस्ट्री कनेक्शन और नैतिक मूल्यों का संतुलन छात्रों को भविष्य के लिए बेहतर तरीके से तैयार करेगा। वहीं केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि ‘लक्ष्य 2047’ जैसी पहलें भारत के भविष्य के टैलेंट इकोसिस्टम और तकनीकी विकास को नई दिशा देंगी। शिक्षा में नए मानक स्थापित करने की कोशिश देश की अग्रणी यूनिवर्सिटीज में शुमार पारुल यूनिवर्सिटी अपनी ‘लक्ष्य 2047’ जैसी दूरदर्शी पहलों के जरिए शिक्षा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और इंडस्ट्री कनेक्टेड शिक्षा के जरिए यह सेंटर छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। ————————————————– दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Punjab Farmers March Chandigarh | Raj Bhavan Gherao; Police Border Sealing

Punjab Farmers March Chandigarh | Raj Bhavan Gherao; Police Border Sealing

मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर पुलिस और किसानों में टकराव हो गया। पंजाब के किसानों ने आज (15 मई) चंडीगढ़ कूच किया। किसान विभिन्न मांगों को लेकर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मिलने जा रहे थे। इसके लिए बड़ी संख्या में किसान मोहाली के YPS चौक पर जुटे, जहां से उनका चंडीगढ़ की ओर बढ़ने का कार्यक्रम था। . किसानों के मार्च को देखते हुए पुलिस पहले से अलर्ट पर रही। पुलिस ने YPS चौक से चंडीगढ़ जाने वाले मुख्य रास्ते को सील कर दिया। इसके अलावा सेक्टर-50 की ओर जाने वाली सड़क पर भी भारी बैरिकेडिंग की गई, क्योंकि यह रास्ता राज्यपाल के आसपास के इलाके की तरफ जाता है। इसके बावजूद किसान आगे सेक्टर-50 वाले मार्ग पर आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। मौके पर तनाव बढ़ गया और किसानों व पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई। किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ लगी लोहे की चेन की मदद से बैरिकेडिंग उखाड़ दी और आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछारें भी छोड़ीं। फिलहाल किसानों की SSP कंवरदीप कौर के साथ बैठक की। इसके बाद पंजाब राज्य भवन से आए एक अधिकारी को किसानों ने मांग पत्र दिया। प्रदर्शन से जुड़े PHOTOS… किसानों को रोकने पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछारें छोड़ी। पंजाब के किसान बड़ी संख्या में मोहाली बॉर्डर पर इकट्ठा हुए हैं। वो बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ रहे हैं। मोहाली बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन चल रहा है। इसमें काफी संख्या में महिलाएं पहुंची हुई है। किसान प्रदर्शन करते हुए, किसान नेता नेता जोगिंगदर सिंह उगराहां भी पहुंचे। इन मांगों को लेकर प्रदर्शन ‘दरियाई पानी’ पर नई मांगः किसान ‘दरियाई पानी’ (नदी के पानी) के बंटवारे को रिपेरियन सिद्धांत के अनुसार करने की मांग कर रहे हैं और ‘पंजाब पुनर्गठन एक्ट’ की कुछ धाराओं को रद्द करने की मांग कर रहे हैं बिजली और कृषि कानून: वे केंद्र के प्रस्तावित ‘बिजली संशोधन बिल 2025’ और ‘बीज कानून 2025’ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। MSP की कानूनी गारंटी: लंबे समय से लंबित मांगों में सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी शामिल है। सहकारी ऋण सीमाएं: किसान सहकारी समितियों द्वारा रद्द की गई ऋण सीमाओं को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। वे धान के सीजन के दौरान फुल क्षमता में बिजली और नहर के पानी की आपूर्ति की मांग कर रहे हैं। चंडीगढ़ जाने वाली सड़क पर डायवर्जन पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के पीछे वाली चंडीगढ़ जाने वाली सड़क पर डायवर्जन किया गया। मटौर बैरियर पर भी ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। बाकी सभी जगह ट्रैफिक सामान्य रूप से चलता रहा। और लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। प्रदर्शन से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

टेढ़े‑मेढ़े दांतों को सीधा करने के लिये ब्रेस कितना कारगर? जानिये इसे लगवाने की सही उम्र

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दांतों की सही बनावट और खूबसूरत मुस्कान के लिए डेंटल ब्रेस (Orthodontic Braces) आजकल काफी आम हो गए हैं. टेढ़े‑मेढ़े दांत, गलत बाइट या दांतों के बीच गैप को ठीक करने के लिए ब्रेस एक प्रभावी तरीका है. लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि ब्रेस लगाने की सही उम्र क्या है और इसके फायदे‑नुकसान क्या हैं? ब्रेस लगवाने की सही उम्रडॉक्टरों के अनुसार ब्रेस लगवाने की सबसे सही उम्र 10 से 14 साल के बीच मानी जाती है. इस उम्र में बच्चों के दांत और जबड़े (जॉ) अभी विकसित हो ही रहे होते हैं, इसलिए उन्हें सही दिशा में सेट करना आसान होता है.हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि बड़े लोग ब्रेस नहीं लगवा सकते. आजकल 20, 30 या उससे ज्यादा उम्र में भी ब्रेस लगवाए जा सकते हैं, लेकिन बड़े लोगों में दांत सेट होने में थोड़ा अधिक समय लग सकता है. ब्रेस लगवाने के फायदे1. दांतों की सही बनावटब्रेस लगाने से टेढ़े‑मेढ़े दांत सीधे हो जाते हैं, जिससे आपकी मुस्कान आकर्षक बनती है. 2. बेहतर चबाना और बोलनाजब दांत सही जगह पर होते हैं, तो खाना चबाने और बोलने में आसानी होती है. 3. ओरल हेल्थ में सुधारसीधे दांतों को साफ करना आसान होता है, जिससे कैविटी और मसूड़ों की बीमारी का खतरा कम होता है. 4. आत्मविश्वास बढ़ता हैसुंदर और सही दांत होने से व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है, खासकर बच्चों और युवाओं में. ब्रेस लगवाने के नुकसान1. दर्द और असहजताशुरुआत में ब्रेस लगने के बाद दांतों में दर्द और कसाव महसूस हो सकता है, जो कुछ दिन में ठीक हो जाता है. 2. खाने‑पीने में सावधानीकठोर, चिपचिपे या बहुत मीठे खाद्य पदार्थ खाने से बचना पड़ता है, क्योंकि ये ब्रेस को नुकसान पहुंचा सकते हैं. 3. सफाई में परेशानीब्रेस के साथ दांतों की सफाई करना थोड़ा मुश्किल होता है, इसलिए ब्रश और फ्लॉस का खास ध्यान रखना जरूरी है. 4. समय और खर्चब्रेस का ट्रीटमेंट 1–2 साल तक चल सकता है और यह थोड़ा महंगा भी हो सकता है. महत्वपूर्ण टिप्सहमेशा अनुभवी डेंटिस्ट से ही ब्रेस लगवाएं.नियमित जांच (check-up) करवाएं.डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही आहार लें. निष्कर्षब्रेस लगवाने की सबसे उपयुक्त उम्र बचपन और किशोरावस्था होती है, लेकिन जरूरत पड़ने पर किसी भी उम्र में इसे कराया जा सकता है. इसके फायदे ज्यादा हैं, लेकिन सही देखभाल और धैर्य भी जरूरी है.

पीएम मोदी UAE के दौरे पर रवाना:राष्ट्रपति अल नाहयान मुलाकात करेंगे, दोनों देशों के बीच ऊर्जा समझौते संभव

पीएम मोदी UAE के दौरे पर रवाना:राष्ट्रपति अल नाहयान मुलाकात करेंगे, दोनों देशों के बीच ऊर्जा समझौते संभव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह दिन के विदेश दौरे पर रवाना हो गए हैं। उनके दौरे का पहला पड़ाव UAE होगा, जहां वे राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी और जायद अल नाहयान भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। दोनों नेता ऊर्जा सहयोग के अलावा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बातचीत करेंगे। वेस्ट एशिया में जारी तनाव भी बातचीत का अहम हिस्सा रहेगा। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच LPG व स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व से जुड़े दो अहम समझौते हो सकते हैं। इस दौरे का सबसे बड़ा फोकस भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है। माना जा रहा है कि LPG और LNG सप्लाई बढ़ाने को लेकर भी दोनों देशों के बीच बातचीत हो सकती है। क्रूड ऑयल का उत्पादन बढ़ाएगा UAE UAE ने हाल ही में दुनिया के बड़े तेल निर्यातक देशों के संगठन OPEC छोड़ने का ऐलान किया है। UAE ने 2027 तक अपना क्रूड ऑयल उत्पादन बढ़ाकर 50 लाख बैरल प्रतिदिन करने की योजना बनाई है। ऐसे में भारतीय कंपनियों और UAE की कंपनियों के बीच लंबी अवधि के ऊर्जा समझौतों पर बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है। पूर्व भारतीय राजदूत संजय सुधीर ने ANI से बातचीत में कहा कि वेस्ट एशिया के हालात के बीच प्रधानमंत्री मोदी का UAE दौरा काफी अहम है। उन्होंने कहा कि यह भारत की तरफ से समर्थन का मजबूत संकेत भी माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत और UAE के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को भी मजबूत करेगी। दोनों देशों के बीच पहले से व्यापक रणनीतिक साझेदारी है और इस दौरे का मकसद उसे और आगे बढ़ाना है। 105 मिनट के लिए भारत आए थे UAE प्रेसीडेंट UAE प्रेसीडेंट अल नाहयान 19 जनवरी को 105 मिनट के भारत दौर पर आए थे। PM मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया था। इस दौरान दोनों देशों के बीच ट्रेड और डिफेंस समेत 9 बड़े समझौते हुए। गल्फ देशों में UAE को सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट करता है भारत UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच 6 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार है। इसमें UAE ने भारत से 2 लाख करोड़ रुपए का इम्पोर्ट किया है। भारत का UAE के साथ वित्तीय घाटा है। यानी भारत UAE से आयात ज्यादा करता है और निर्यात कम। भारत ने वित्तवर्ष 2022-23 में UAE से 4 लाख करोड़ रुपए का इंपोर्ट किया है। भारत ने UAE के साथ एक ट्रेड पैक्ट पर भी साइन किया था। भारत, UAE को पेट्रोलियम प्रोडक्ट, मेटल, स्टोन, जेम्स एंड ज्वेलरी, मिनरल्स, फूड आइटम जैसे अनाज, चीनी, फल और सब्जियां, चाय, मांस और सीफूड, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग मशीनरी प्रोडक्ट और कैमिकल्स एक्सपोर्ट करता है। भारत UAE को क्या एक्सपोर्ट करता है? UAE को भारत के प्रमुख एक्सपोर्ट में पेट्रोलियम प्रोडक्ट, मेटल, स्टोन, जेम्स एंड ज्वैलरी, मिनरल्स, फूड आइटम जैसे अनाज, चीनी, फल और सब्जियां, चाय, मांस और सीफूड, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग मशीनरी प्रोडक्ट और कैमिकल्स शामिल हैं।

पीएम मोदी UAE के दौरे पर रवाना:राष्ट्रपति अल नाहयान मुलाकात करेंगे, दोनों देशों के बीच ऊर्जा समझौते संभव

पीएम मोदी UAE के दौरे पर रवाना:राष्ट्रपति अल नाहयान मुलाकात करेंगे, दोनों देशों के बीच ऊर्जा समझौते संभव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह दिन के विदेश दौरे पर रवाना हो गए हैं। उनके दौरे का पहला पड़ाव UAE होगा, जहां वे राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी और जायद अल नाहयान भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। दोनों नेता ऊर्जा सहयोग के अलावा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बातचीत करेंगे। वेस्ट एशिया में जारी तनाव भी बातचीत का अहम हिस्सा रहेगा। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच LPG व स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व से जुड़े दो अहम समझौते हो सकते हैं। इस दौरे का सबसे बड़ा फोकस भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है। माना जा रहा है कि LPG और LNG सप्लाई बढ़ाने को लेकर भी दोनों देशों के बीच बातचीत हो सकती है। क्रूड ऑयल का उत्पादन बढ़ाएगा UAE UAE ने हाल ही में दुनिया के बड़े तेल निर्यातक देशों के संगठन OPEC छोड़ने का ऐलान किया है। UAE ने 2027 तक अपना क्रूड ऑयल उत्पादन बढ़ाकर 50 लाख बैरल प्रतिदिन करने की योजना बनाई है। ऐसे में भारतीय कंपनियों और UAE की कंपनियों के बीच लंबी अवधि के ऊर्जा समझौतों पर बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है। पूर्व भारतीय राजदूत संजय सुधीर ने ANI से बातचीत में कहा कि वेस्ट एशिया के हालात के बीच प्रधानमंत्री मोदी का UAE दौरा काफी अहम है। उन्होंने कहा कि यह भारत की तरफ से समर्थन का मजबूत संकेत भी माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत और UAE के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को भी मजबूत करेगी। दोनों देशों के बीच पहले से व्यापक रणनीतिक साझेदारी है और इस दौरे का मकसद उसे और आगे बढ़ाना है। 105 मिनट के लिए भारत आए थे UAE प्रेसीडेंट UAE प्रेसीडेंट अल नाहयान 19 जनवरी को 105 मिनट के भारत दौर पर आए थे। PM मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया था। इस दौरान दोनों देशों के बीच ट्रेड और डिफेंस समेत 9 बड़े समझौते हुए। गल्फ देशों में UAE को सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट करता है भारत UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच 6 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार है। इसमें UAE ने भारत से 2 लाख करोड़ रुपए का इम्पोर्ट किया है। भारत का UAE के साथ वित्तीय घाटा है। यानी भारत UAE से आयात ज्यादा करता है और निर्यात कम। भारत ने वित्तवर्ष 2022-23 में UAE से 4 लाख करोड़ रुपए का इंपोर्ट किया है। भारत ने UAE के साथ एक ट्रेड पैक्ट पर भी साइन किया था। भारत, UAE को पेट्रोलियम प्रोडक्ट, मेटल, स्टोन, जेम्स एंड ज्वेलरी, मिनरल्स, फूड आइटम जैसे अनाज, चीनी, फल और सब्जियां, चाय, मांस और सीफूड, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग मशीनरी प्रोडक्ट और कैमिकल्स एक्सपोर्ट करता है। भारत UAE को क्या एक्सपोर्ट करता है? UAE को भारत के प्रमुख एक्सपोर्ट में पेट्रोलियम प्रोडक्ट, मेटल, स्टोन, जेम्स एंड ज्वैलरी, मिनरल्स, फूड आइटम जैसे अनाज, चीनी, फल और सब्जियां, चाय, मांस और सीफूड, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग मशीनरी प्रोडक्ट और कैमिकल्स शामिल हैं।

Funny Memes Flood Social Media

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6 मिनट पहले कॉपी लिंक NEET UG 2026 रीएग्‍जाम अब 21 जून को आयोजित किया जाएगा। शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जानकारी दी है कि एग्‍जाम के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी होंगे। किसी भी कैंडिडेट को इसके लिए वापस से रजिस्टर या एग्जाम फीस नहीं देना होगा। दोबारा से सभी के लिए एडमिट कार्ड जारी होगा। कैंडिडेट्स को पिछले सेंटर ही एलॉट होंगे। शिक्षामंत्री के ऐलान के साथ ही सोशल मीडिया पर मीम्‍स की बाढ़ आ गई है। NEET के एग्जाम कैंसिलेशन पर ये मीम खूब शेयर हो रहे ————————— ये खबर भी पढ़ें… NEET पेपर लीक- ‘गेस पेपर’ बनाकर 10 राज्यों में बेचा:120+ सवाल हूबहू मिले, परीक्षा से 3 सप्ताह पहले माफियाओं के पास पहुंचा पेपर देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-2026) के रद्द होने के पीछे की असली कहानी सामने आ गई है। भास्कर को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड नासिक की प्रिंटिंग प्रेस से जुड़ा है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

‘धुरंधर 2’ के गाने विवाद में अंतरिम रोक से इनकार:हाईकोर्ट का सुपर कैसेट्स को 4 हफ्ते में 50 लाख रुपए जमा करने का निर्देश

‘धुरंधर 2’ के गाने विवाद में अंतरिम रोक से इनकार:हाईकोर्ट का सुपर कैसेट्स को 4 हफ्ते में 50 लाख रुपए जमा करने का निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को त्रिमूर्ति फिल्म्स और फिल्म ‘धुरंधर 2’ के प्रोड्यूसर्स के बीच कॉपीराइट विवाद में त्रिमूर्ति फिल्म्स को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। मामला गाने ‘तिरछी टोपीवाले (ओए ओए)’ से जुड़ा है। त्रिमूर्ति फिल्म्स ने ‘धुरंधर 2’ की OTT रिलीज रोकने की मांग की थी। जिसको कोर्ट ने रोकने से इनकार कर दिया। हालांकि, जस्टिस तुषार राव गेडेला ने सुपर कैसेट्स को चार हफ्ते के अंदर कोर्ट में 50 लाख रुपए जमा करने का निर्देश दिया। मामले में शिकायतकर्ता त्रिमूर्ति फिल्म्स (राजीव राय) हैं और प्रतिवादियों में सुपर कैसेट्स (टी-सीरीज) तथा B62 स्टूडियोज शामिल हैं। बता दें कि सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को दुनिया भर में टी-सीरीज के नाम से जाना जाता है। कोर्ट ने कहा कि इस समय वादी की मांग के अनुसार अंतरिम आदेश देना संभव नहीं है, लेकिन त्रिमूर्ति फिल्म्स के दावे को सुरक्षित करने के लिए जमा राशि की मांग करना सही होगा। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने निर्देश दिया कि यह रकम रजिस्ट्रार जनरल के नाम पर जमा की जाए और ऑटो-रिन्यूअल में रखी जाए। ट्रायल के अंत में सफल पक्ष को इसका लाभ मिलेगा। आदेश की विस्तृत कॉपी अभी जारी नहीं हुई है। क्या है पूरा मामला? प्रोडक्शन कंपनी त्रिमूर्ति फिल्म्स ने फिल्ममेकर आदित्य धर के प्रोडक्शन हाउस B62 स्टूडियोज के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन का केस दायर किया था। कंपनी का आरोप था कि फिल्म ‘धुरंधर 2’ के गाने ‘रंग दे लाल (ओए ओए)’ में 1989 की फिल्म ‘त्रिदेव’ के फेमस गाने ‘तिरछी टोपीवाले (ओए ओए)’ और उससे मिलती-जुलती धुन का बिना अनुमति इस्तेमाल किया गया। त्रिमूर्ति फिल्म्स का दावा था कि गाने के अधिकार उसके पास हैं और बिना लाइसेंस इसके इस्तेमाल से कॉपीराइट का उल्लंघन हुआ। कंपनी ने फिल्म की थिएटर रिलीज, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और प्रमोशनल कंटेंट में गाने के व्यावसायिक उपयोग पर भी आपत्ति जताई। ‘तिरछी टोपीवाले’ मुख्य रूप से नसीरुद्दीन शाह और सोनम पर फिल्माया गया था। गाने का संगीत कल्याणजी-आनंदजी ने तैयार किया था। इसे अमित कुमार और सपना मुखर्जी ने गाया था और इसके बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे। वहीं, नए वर्जन ‘रंग दे लाल (ओए ओए)’ को जैस्मिन सैंडलस, अफसाना खान, अमित कुमार और रेबल ने आवाज दी है। इसका संगीत शाश्वत सचदेव ने तैयार किया है और गाने में कल्याणजी-आनंदजी को भी क्रेडिट दिया गया है। गाने ‘तिरछी टोपीवाले’ से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… धुरंधर 2 की OTT रिलीज मध्य मई तक नहीं होगी:गाने रंग दे लाल को लेकर कॉपीराइट केस में मेकर्स ने कोर्ट को दिया आश्वासन आदित्य धर के प्रोडक्शन हाउस B62 स्टूडियोज प्राइवेट लिमिटेड ने 9 अप्रैल को दिल्ली हाईकोर्ट को यह आश्वासन दिया था कि वह फिल्म धुरंधर: द रिवेंज को मई 2026 के मध्य तक किसी भी OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज नहीं करेगा। पूरी खबर यहां पढ़ें…

France World Cup Squad Named

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Hindi News Sports France World Cup Squad Named | Mbappe Captains, Dembele & Douae Feature पेरिसकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक साल 2022 की फाइनलिस्ट फ्रांस ने 11 जून से शुरू हो रहे फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए 26 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है। पिछले फाइनल में 3 गोल दागने वाले किलियन एम्बाप्पे को इस टीम की कप्तानी सौंपी गई है। कोच डिडिएर डेसचैम्प्स ने दमदार फॉरवर्ड लाइन तैयार किया है। इसमें एमबाप्पे के अलावा, बैलोन डी’ओर विजेता ओस्मान डेम्बेले और युवा स्टार डेसिरे डौए जैसे नाम है। 2018 की चैंपियन और 2022 की उपविजेता फ्रांस इस बार तीसरा वर्ल्ड कप जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। 2022 में फाइनल हराने के बाद एम्बाप्पे निराश होकर मैदान पर बैठ गए। फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों उन्हें समझाने पहुंचे थे। फारवर्ड लाइन में अनुभव और युवाओं का मिश्रण फ्रांस का फॉरवर्ड लाइनअप इस समय दुनिया में सबसे मजबूत नजर आ रहा है। टीम में सुपरस्टार किलियन एमबाप्पे के साथ बैलोन डी’ओर विजेता ओस्मान डेम्बेले, उभरते हुए सितारे डेसिरे डौए, माइकल ओलिसे, रेयान चेर्की, ब्रैडली बारकोला और मैग्नेस अक्लिओचे शामिल हैं। यह आक्रमण पंक्ति किसी भी विरोधी रक्षापंक्ति को ध्वस्त करने का माद्दा रखती है। रियल मैड्रिड के स्टार मिडफील्डर एडुआर्डो कामाविंगा का नाम सूची से गायब होना सबसे बड़ा सरप्राइज है। एम्बाप्पे ने फाइनल मुकाबले में 3 गोल दागे थे। रॉबिन रिसर को घरेलू प्रदर्शन का इनाम घरेलू लीग (लेंस) के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले युवा गोलकीपर रॉबिन रिसर को पहली बार विश्व कप टीम में शामिल किया गया है। रिसर ने इस सप्ताह की शुरुआत में ही सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर का पुरस्कार जीता था। उन्हें मुख्य गोलकीपर माइक मैगनन और ब्राइस सांबा के बाद तीसरे गोलकीपर के विकल्प के रूप में शामिल किया गया है। टीम में चुने जाने पर रिसर ने भावुक होकर कहा, ‘यह मेरा एक सपना था, यह अविश्वसनीय है और मेरे पास शब्द नहीं हैं।’ कोलो मुआनी पर गिरी गाज: पिछले वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में गोल दागने वाले और फाइनल में अर्जेंटीना के खिलाफ ऐतिहासिक चांस चूकने वाले रैंडल कोलो मुआनी को टीम में जगह नहीं मिली है। उनकी जगह क्रिस्टल पैलेस के फॉर्म में चल रहे फारवर्ड जीन-फिलिप माटेटा को तरजीह दी गई है। लुकास शेवेलियर को झटका: PSG के गोलकीपर लुकास शेवेलियर जनवरी के बाद से क्लब के लिए बेंच पर बैठने के कारण वर्ल्ड कप का टिकट हासिल करने में नाकाम रहे। कोच ने साफ कहा, “चयन का मुख्य आधार मैदान पर प्रदर्शन है। लुकास कई महीनों से खेले ही नहीं हैं। कोच डेसचैम्प्स के लिए आखिरी टूर्नामेंट यह टूर्नामेंट फ्रांस के सबसे सफल कोच डिडिएर डेसचैम्प्स के लिए आखिरी साबित होगा। उन्होंने पहले ही घोषणा कर दी है कि वे इस मेगा टूर्नामेंट के बाद संन्यास ले लेंगे। साल 2012 से फ्रांस के कोच रहे डेसचैम्प्स अपने विदाई टूर्नामेंट को ऐतिहासिक बनाना चाहेंगे। फ्रांस को ग्रुप आई में रखा गया है। फुटबॉल वर्ल्ड कप की डीटेल देखिए वर्ल्ड कप 2026 के लिए फ्रांस की पूरी टीम गोलकीपर्स: माइक मैगनन, ब्राइस सांबा, रॉबिन रिसर। डिफेंडर्स: लुकास डिग्ने, मालो गुस्टो, लुकास हर्नांडेज, थियो हर्नांडेज, इब्राहिमा कोनाटे, जूल्स कौंडे, मैक्सेंस लैक्रोइक्स, विलियम सलीबा, डेयोट उपामेकानो। मिडफील्डर्स: एनगोलो कांटे, मनु कोने, एड्रियन रबियोट, ऑरेलियन टचौमेनी, वॉरेन जैरे-एमरी। फॉरवर्ड: मैग्नेस अक्लिओचे, ब्रैडली बारकोला, रेयान चेर्की, ओस्मान डेम्बेले, डेसिरे डौए, जीन-फिलिप माटेटा, किलियन एमबाप्पे, माइकल ओलिसे, मार्कस थुरम। ——————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़िए… बॉक्सर निखत जरीन कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स रेस से बाहर 2 बार की वर्ल्ड चैंपियन मुक्केबाज निखत जरीन और नीतू घंघास का 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में खेलने का सपना टूट गया है। दोनों पटियाला में चल रहे सिलेक्शन ट्रायल्स के सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गईं। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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Hindi News Sports France World Cup Squad Named | Mbappe Captains, Dembele & Douae Feature पेरिस16 मिनट पहले कॉपी लिंक साल 2022 की फाइनलिस्ट फ्रांस ने 11 जून से शुरू हो रहे फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए 26 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है। पिछले फाइनल में 3 गोल दागने वाले किलियन एम्बाप्पे को इस टीम की कप्तानी सौंपी गई है। कोच डिडिएर डेसचैम्प्स ने दमदार फॉरवर्ड लाइन तैयार किया है। इसमें एमबाप्पे के अलावा, बैलोन डी’ओर विजेता ओस्मान डेम्बेले और युवा स्टार डेसिरे डौए जैसे नाम है। 2018 की चैंपियन और 2022 की उपविजेता फ्रांस इस बार तीसरा वर्ल्ड कप जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। 2022 में फाइनल हराने के बाद एम्बाप्पे निराश होकर मैदान पर बैठ गए। फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों उन्हें समझाने पहुंचे थे। फारवर्ड लाइन में अनुभव और युवाओं का मिश्रण फ्रांस का फॉरवर्ड लाइनअप इस समय दुनिया में सबसे मजबूत नजर आ रहा है। टीम में सुपरस्टार किलियन एमबाप्पे के साथ बैलोन डी’ओर विजेता ओस्मान डेम्बेले, उभरते हुए सितारे डेसिरे डौए, माइकल ओलिसे, रेयान चेर्की, ब्रैडली बारकोला और मैग्नेस अक्लिओचे शामिल हैं। यह आक्रमण पंक्ति किसी भी विरोधी रक्षापंक्ति को ध्वस्त करने का माद्दा रखती है। रियल मैड्रिड के स्टार मिडफील्डर एडुआर्डो कामाविंगा का नाम सूची से गायब होना सबसे बड़ा सरप्राइज है। एम्बाप्पे ने फाइनल मुकाबले में 3 गोल दागे थे। रॉबिन रिसर को घरेलू प्रदर्शन का इनाम घरेलू लीग (लेंस) के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले युवा गोलकीपर रॉबिन रिसर को पहली बार विश्व कप टीम में शामिल किया गया है। रिसर ने इस सप्ताह की शुरुआत में ही सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर का पुरस्कार जीता था। उन्हें मुख्य गोलकीपर माइक मैगनन और ब्राइस सांबा के बाद तीसरे गोलकीपर के विकल्प के रूप में शामिल किया गया है। टीम में चुने जाने पर रिसर ने भावुक होकर कहा, ‘यह मेरा एक सपना था, यह अविश्वसनीय है और मेरे पास शब्द नहीं हैं।’ कोलो मुआनी पर गिरी गाज: पिछले वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में गोल दागने वाले और फाइनल में अर्जेंटीना के खिलाफ ऐतिहासिक चांस चूकने वाले रैंडल कोलो मुआनी को टीम में जगह नहीं मिली है। उनकी जगह क्रिस्टल पैलेस के फॉर्म में चल रहे फारवर्ड जीन-फिलिप माटेटा को तरजीह दी गई है। लुकास शेवेलियर को झटका: PSG के गोलकीपर लुकास शेवेलियर जनवरी के बाद से क्लब के लिए बेंच पर बैठने के कारण वर्ल्ड कप का टिकट हासिल करने में नाकाम रहे। कोच ने साफ कहा, “चयन का मुख्य आधार मैदान पर प्रदर्शन है। लुकास कई महीनों से खेले ही नहीं हैं। कोच डेसचैम्प्स के लिए आखिरी टूर्नामेंट यह टूर्नामेंट फ्रांस के सबसे सफल कोच डिडिएर डेसचैम्प्स के लिए आखिरी साबित होगा। उन्होंने पहले ही घोषणा कर दी है कि वे इस मेगा टूर्नामेंट के बाद संन्यास ले लेंगे। साल 2012 से फ्रांस के कोच रहे डेसचैम्प्स अपने विदाई टूर्नामेंट को ऐतिहासिक बनाना चाहेंगे। फ्रांस को ग्रुप आई में रखा गया है। फुटबॉल वर्ल्ड कप की डीटेल देखिए वर्ल्ड कप 2026 के लिए फ्रांस की पूरी टीम गोलकीपर्स: माइक मैगनन, ब्राइस सांबा, रॉबिन रिसर। डिफेंडर्स: लुकास डिग्ने, मालो गुस्टो, लुकास हर्नांडेज, थियो हर्नांडेज, इब्राहिमा कोनाटे, जूल्स कौंडे, मैक्सेंस लैक्रोइक्स, विलियम सलीबा, डेयोट उपामेकानो। मिडफील्डर्स: एनगोलो कांटे, मनु कोने, एड्रियन रबियोट, ऑरेलियन टचौमेनी, वॉरेन जैरे-एमरी। फॉरवर्ड: मैग्नेस अक्लिओचे, ब्रैडली बारकोला, रेयान चेर्की, ओस्मान डेम्बेले, डेसिरे डौए, जीन-फिलिप माटेटा, किलियन एमबाप्पे, माइकल ओलिसे, मार्कस थुरम। ——————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़िए… बॉक्सर निखत जरीन कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स रेस से बाहर 2 बार की वर्ल्ड चैंपियन मुक्केबाज निखत जरीन और नीतू घंघास का 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में खेलने का सपना टूट गया है। दोनों पटियाला में चल रहे सिलेक्शन ट्रायल्स के सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गईं। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

डॉलर के मुकाबले रुपया ऑल टाइम लो पर आया:1 डॉलर की कीमत 95.94 रुपए हुई, इससे महंगाई बढ़ने का खतरा

डॉलर के मुकाबले रुपया ऑल टाइम लो पर आया:1 डॉलर की कीमत 95.94 रुपए हुई, इससे महंगाई बढ़ने का खतरा

रुपया आज 15 मई को डॉलर के मुकाबले 30 पैसे गिरकर 95.94 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। इससे पहले गुरुवार को रुपया 95.64 के ऑल टाइम लो पर पहुंचा था। पिछले कुछ दिनों से रुपए में लगातार गिरावट जारी है। साल 2026 की शुरुआत से ही रुपया दबाव में है। पिछले साल दिसंबर 2025 में पहली बार रुपया 90 के स्तर के पार गया था। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं और जियोपॉलिटिकल तनाव कम नहीं हुआ, तो रुपया जल्द ही 100 के स्तर को भी छू सकता है। रुपए में गिरावट के प्रमुख कारण मिडिल ईस्ट तनाव: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज रूट में सप्लाई बाधित होने की आशंका ने बाजार में डर पैदा कर दिया है। युद्ध के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए डॉलर की ओर भाग रहे हैं। कच्चे तेल के दाम: भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। तेल महंगा होने से भारत को अधिक डॉलर चुकाने पड़ रहे हैं, जिससे रुपए पर दबाव बढ़ गया है। मजबूत होता डॉलर इंडेक्स: दुनिया की 6 प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 99.05 के स्तर पर पहुंच गया है। जब डॉलर ग्लोबल मार्केट में मजबूत होता है, तो रुपया और अन्य एशियाई करेंसी कमजोर हो जाती हैं। विदेशी निवेशकों की निकासी: विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। अकेले बुधवार को FII ने 4,700 करोड़ रुपए से ज्यादा के शेयर बेचे। बाजार से डॉलर बाहर जाने के कारण रुपए की वैल्यू घट रही है। बढ़ती महंगाई का डर: भारत में थोक महंगाई दर (WPI) साढ़े तीन साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। एनर्जी की बढ़ती कीमतों से ‘इंपोर्टेड इन्फ्लेशन’ का खतरा बढ़ गया है, जिससे इकोनॉमी के सेंटीमेंट बिगड़े हैं। डॉलर महंगा, भारत में महंगाई बढ़ने का खतरा मिडिल ईस्ट संघर्ष को दशकों का सबसे गंभीर एनर्जी संकट माना जा रहा है, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ रहा है। तेल की कीमतें: कच्चे तेल महंगे होने से भारत का इम्पोर्ट बिल बढ़ा है। जरूरी सामान महंगा: LPG, प्लास्टिक और अन्य पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स की सप्लाई प्रभावित। महंगाई का डर: डॉलर महंगा होने से पेट्रोल-डीजल और इम्पोर्टेड सामान महंगे होंगे, जिससे रिटेल महंगाई बढ़ सकती है। विदेश में पढ़ाई-घूमना महंगा: विदेश जाने या पढ़ाई के लिए डॉलर खरीदने पर अब ज्यादा रुपए खर्च करने होंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स महंगे: मोबाइल, लैपटॉप और आयातित पार्ट्स महंगे हो सकते हैं, क्योंकि भुगतान डॉलर में होता है। तेल उत्पादन पिछले दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर रॉयटर्स के सर्वे के मुताबिक, अप्रैल में ओपेक (OPEC) देशों का तेल उत्पादन पिछले दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर रहा है। सऊदी अरामको के CEO अमीन नासिर ने चेतावनी दी है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल निर्यात में रुकावट के कारण बाजार में स्थिरता आने में 2027 तक का समय लग सकता है। इससे हर हफ्ते करीब 10 करोड़ बैरल तेल का नुकसान हो रहा है। इन्वेस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अगले महीने खुल भी जाता है, तो भी तेल की कीमतें इस साल 100 डॉलर के आसपास बनी रहेंगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि रास्ता खुलने के बाद भी लॉजिस्टिक और टैंकरों की कमी के कारण सप्लाई सामान्य होने में समय लगेगा। प्रधानमंत्री की अपील और सरकार के कड़े कदम रुपए में लगातार आ रही गिरावट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले हफ्ते देशवासियों से विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए अपील की थी। उन्होंने लोगों से फिजूलखर्ची कम करने और देशहित में आर्थिक अनुशासन बनाए रखने को कहा था। इसी कड़ी में सरकार ने मंगलवार रात कीमती धातुओं के आयात पर टैरिफ बढ़ा दिए थे ताकि डॉलर के बाहर जाने की रफ्तार को कम किया जा सके। ट्रेडर्स का मानना है कि आने वाले समय में रुपए में और गिरावट देखी जा सकती है। करेंसी की कीमत कैसे तय होती है? डॉलर के मुकाबले किसी करेंसी की वैल्यू घटे तो उसे मुद्रा का गिरना या कमजोरी (करेंसी डेप्रिसिएशन) कहते हैं। हर देश के पास फॉरेन करेंसी रिजर्व होता है, जिससे इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन होते हैं। इसके घटने-बढ़ने का असर करेंसी पर पड़ता है। अगर भारत के फॉरेन रिजर्व में डॉलर पर्याप्त होंगे तो रुपया स्थिर रहेगा। डॉलर घटे तो रुपया कमजोर, बढ़े तो मजबूत होगा।