Wednesday, 29 Jul 2026 | 01:43 PM

Trending :

Adani Ports Q1 Results | Revenue Up 19% Profit Rises 10% टेलीग्राम के फाउंडर पावेल दुरोव पर आतंकवाद फैलाने का आरोप:रूस ने एफआईआर दर्ज की, इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में डाला; बैन हो सकता है एप चांदी ₹1270 महंगी होकर ₹2.19 लाख पर पहुंची:10 ग्राम सोने का दाम ₹178 बढ़कर ₹1.42 लाख, कैरेट के हिसाब से देखें कीमत सावन स्पेशल ब्लाउज: सावन के दिनों में स्टाइलिश लुक के लिए बेस्ट ब्लाउज डिजाइन और ड्रेपिंग मेडिसिन राखी सावंत ने कंगना को 'गटर माउथ' कहा:बोलीं-जनता में जाओ पता चलेगा; सांसद ने कहा था-आज की लड़कियां कई आदमियों से यौन संबंध बनाना आजादी मानती उसका हर आदमी के साथ अफेयर था:श्वेता तिवारी पर पूर्व पति राजा चौधरी के संगीन आरोप, कहा- सेजान ने मेरे सामने कबूल किया, घर आता था
EXCLUSIVE

डॉलर के मुकाबले रुपया ऑल टाइम लो पर आया:1 डॉलर की कीमत 95.94 रुपए हुई, इससे महंगाई बढ़ने का खतरा

डॉलर के मुकाबले रुपया ऑल टाइम लो पर आया:1 डॉलर की कीमत 95.94 रुपए हुई, इससे महंगाई बढ़ने का खतरा

रुपया आज 15 मई को डॉलर के मुकाबले 30 पैसे गिरकर 95.94 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। इससे पहले गुरुवार को रुपया 95.64 के ऑल टाइम लो पर पहुंचा था। पिछले कुछ दिनों से रुपए में लगातार गिरावट जारी है। साल 2026 की शुरुआत से ही रुपया दबाव में है। पिछले साल दिसंबर 2025 में पहली बार रुपया 90 के स्तर के पार गया था। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं और जियोपॉलिटिकल तनाव कम नहीं हुआ, तो रुपया जल्द ही 100 के स्तर को भी छू सकता है। रुपए में गिरावट के प्रमुख कारण मिडिल ईस्ट तनाव: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज रूट में सप्लाई बाधित होने की आशंका ने बाजार में डर पैदा कर दिया है। युद्ध के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए डॉलर की ओर भाग रहे हैं। कच्चे तेल के दाम: भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। तेल महंगा होने से भारत को अधिक डॉलर चुकाने पड़ रहे हैं, जिससे रुपए पर दबाव बढ़ गया है। मजबूत होता डॉलर इंडेक्स: दुनिया की 6 प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 99.05 के स्तर पर पहुंच गया है। जब डॉलर ग्लोबल मार्केट में मजबूत होता है, तो रुपया और अन्य एशियाई करेंसी कमजोर हो जाती हैं। विदेशी निवेशकों की निकासी: विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। अकेले बुधवार को FII ने 4,700 करोड़ रुपए से ज्यादा के शेयर बेचे। बाजार से डॉलर बाहर जाने के कारण रुपए की वैल्यू घट रही है। बढ़ती महंगाई का डर: भारत में थोक महंगाई दर (WPI) साढ़े तीन साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। एनर्जी की बढ़ती कीमतों से ‘इंपोर्टेड इन्फ्लेशन’ का खतरा बढ़ गया है, जिससे इकोनॉमी के सेंटीमेंट बिगड़े हैं। डॉलर महंगा, भारत में महंगाई बढ़ने का खतरा मिडिल ईस्ट संघर्ष को दशकों का सबसे गंभीर एनर्जी संकट माना जा रहा है, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ रहा है। तेल की कीमतें: कच्चे तेल महंगे होने से भारत का इम्पोर्ट बिल बढ़ा है। जरूरी सामान महंगा: LPG, प्लास्टिक और अन्य पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स की सप्लाई प्रभावित। महंगाई का डर: डॉलर महंगा होने से पेट्रोल-डीजल और इम्पोर्टेड सामान महंगे होंगे, जिससे रिटेल महंगाई बढ़ सकती है। विदेश में पढ़ाई-घूमना महंगा: विदेश जाने या पढ़ाई के लिए डॉलर खरीदने पर अब ज्यादा रुपए खर्च करने होंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स महंगे: मोबाइल, लैपटॉप और आयातित पार्ट्स महंगे हो सकते हैं, क्योंकि भुगतान डॉलर में होता है। तेल उत्पादन पिछले दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर रॉयटर्स के सर्वे के मुताबिक, अप्रैल में ओपेक (OPEC) देशों का तेल उत्पादन पिछले दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर रहा है। सऊदी अरामको के CEO अमीन नासिर ने चेतावनी दी है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल निर्यात में रुकावट के कारण बाजार में स्थिरता आने में 2027 तक का समय लग सकता है। इससे हर हफ्ते करीब 10 करोड़ बैरल तेल का नुकसान हो रहा है। इन्वेस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अगले महीने खुल भी जाता है, तो भी तेल की कीमतें इस साल 100 डॉलर के आसपास बनी रहेंगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि रास्ता खुलने के बाद भी लॉजिस्टिक और टैंकरों की कमी के कारण सप्लाई सामान्य होने में समय लगेगा। प्रधानमंत्री की अपील और सरकार के कड़े कदम रुपए में लगातार आ रही गिरावट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले हफ्ते देशवासियों से विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए अपील की थी। उन्होंने लोगों से फिजूलखर्ची कम करने और देशहित में आर्थिक अनुशासन बनाए रखने को कहा था। इसी कड़ी में सरकार ने मंगलवार रात कीमती धातुओं के आयात पर टैरिफ बढ़ा दिए थे ताकि डॉलर के बाहर जाने की रफ्तार को कम किया जा सके। ट्रेडर्स का मानना है कि आने वाले समय में रुपए में और गिरावट देखी जा सकती है। करेंसी की कीमत कैसे तय होती है? डॉलर के मुकाबले किसी करेंसी की वैल्यू घटे तो उसे मुद्रा का गिरना या कमजोरी (करेंसी डेप्रिसिएशन) कहते हैं। हर देश के पास फॉरेन करेंसी रिजर्व होता है, जिससे इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन होते हैं। इसके घटने-बढ़ने का असर करेंसी पर पड़ता है। अगर भारत के फॉरेन रिजर्व में डॉलर पर्याप्त होंगे तो रुपया स्थिर रहेगा। डॉलर घटे तो रुपया कमजोर, बढ़े तो मजबूत होगा।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
शिमला-मंडी और कांगड़ा में बारिश:तापमान में गिरावट; सोलन का पारा 12॰C गिरा, 4 जिलों में आज भारी ओलावृष्टि की चेतावनी

April 29, 2026/
5:05 am

हिमाचल की राजधानी शिमला और मंडी में बारिश हो रही है। कांगड़ा में भी सुबह के वक्त बारिश के बाद...

क्षेत्रीय स्वास्थ्य संस्थान को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम, कर्नाटक में शाह अस्पताल ने की मल्टी सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य उत्पादों की शुरुआत

March 20, 2026/
6:13 pm

20 मार्च 2026 को 18:13 IST पर अपडेट किया गया वर्ष 1984 में संचालित शाह हॉस्पिटल ने करनाल में अपनी...

वेतन रोके जाने और अर्थदंड के खिलाफ पटवारियों में आक्रोश:अनूपपुर के पटवारियों की समस्याओं को लेकर देवास में विरोध, ज्ञापन देकर प्रशासन को चेताया

February 24, 2026/
3:38 pm

देवास में मध्य प्रदेश पटवारी संघ, जिला इकाई ने अनूपपुर जिले के पटवारियों की समस्याओं को लेकर प्रमुख सचिव, राजस्व...

आयुष्मान की फिल्म पर लगे चीटिंग दिखाने के आरोप:एक्टर ने 'पति पत्नी और वो दो' मूवी पर दी सफाई, कहा- यह साफ-सुथरी पारिवारिक फिल्म

May 3, 2026/
7:56 pm

आयुष्मान खुराना की अपकमिंग फिल्म ‘पति पत्नी और वो दो’ का ट्रेलर रिलीज होते ही विवादों में आ गया है।...

फुटबॉल वर्ल्डकप में एमबाप्पे के डबल गोल से जीता फ्रांस:स्वीडन को 3-0 से हराया; नॉर्वे आइवरी कोस्ट से जीतकर अंतिम-16 में पहुंचा

July 1, 2026/
6:41 am

पिछली बार की फाइनलिस्ट फ्रांस ने फुटबॉल वर्ल्डकप के राउंड ऑफ 16 में जगह बना ली है। उसने बुधवार के...

बीजेपी ने असम में बड़े बदलाव की योजना बनाई, विधानसभा चुनाव से पहले 30 विधायकों को बदला जा सकता है | चुनाव समाचार

March 19, 2026/
12:34 pm

आखरी अपडेट:मार्च 19, 2026, 12:34 IST बीजेपी ने असम चुनाव के लिए 88 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की,...

21 किमी दौड़ जीतने वाले को 21 हजार मिले:विदिशा- बेतवा मैराथन में उदयगिरी तक रनिंग; कलेक्टर-एसपी, जिप सीईओ और जनप्रतिनिधि पहुंचे

February 21, 2026/
12:06 pm

विदिशा में जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद द्वारा आयोजित बेतवा मैराथन-2026 का उत्साहपूर्वक समापन हुआ। इस आयोजन का मुख्य...

अशोकनगर में सिलेंडर न मिलने पर लोगों ने किया चक्काजाम:गैस एजेंसी पर सुबह से इंतजार के बाद फूटा गुस्सा

April 18, 2026/
1:12 pm

अशोकनगर जिले के तूमैंन गांव में गैस सिलेंडर न मिलने से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को चक्का जाम कर दिया।...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

डॉलर के मुकाबले रुपया ऑल टाइम लो पर आया:1 डॉलर की कीमत 95.94 रुपए हुई, इससे महंगाई बढ़ने का खतरा

डॉलर के मुकाबले रुपया ऑल टाइम लो पर आया:1 डॉलर की कीमत 95.94 रुपए हुई, इससे महंगाई बढ़ने का खतरा

रुपया आज 15 मई को डॉलर के मुकाबले 30 पैसे गिरकर 95.94 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। इससे पहले गुरुवार को रुपया 95.64 के ऑल टाइम लो पर पहुंचा था। पिछले कुछ दिनों से रुपए में लगातार गिरावट जारी है। साल 2026 की शुरुआत से ही रुपया दबाव में है। पिछले साल दिसंबर 2025 में पहली बार रुपया 90 के स्तर के पार गया था। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं और जियोपॉलिटिकल तनाव कम नहीं हुआ, तो रुपया जल्द ही 100 के स्तर को भी छू सकता है। रुपए में गिरावट के प्रमुख कारण मिडिल ईस्ट तनाव: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज रूट में सप्लाई बाधित होने की आशंका ने बाजार में डर पैदा कर दिया है। युद्ध के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए डॉलर की ओर भाग रहे हैं। कच्चे तेल के दाम: भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। तेल महंगा होने से भारत को अधिक डॉलर चुकाने पड़ रहे हैं, जिससे रुपए पर दबाव बढ़ गया है। मजबूत होता डॉलर इंडेक्स: दुनिया की 6 प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 99.05 के स्तर पर पहुंच गया है। जब डॉलर ग्लोबल मार्केट में मजबूत होता है, तो रुपया और अन्य एशियाई करेंसी कमजोर हो जाती हैं। विदेशी निवेशकों की निकासी: विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। अकेले बुधवार को FII ने 4,700 करोड़ रुपए से ज्यादा के शेयर बेचे। बाजार से डॉलर बाहर जाने के कारण रुपए की वैल्यू घट रही है। बढ़ती महंगाई का डर: भारत में थोक महंगाई दर (WPI) साढ़े तीन साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। एनर्जी की बढ़ती कीमतों से ‘इंपोर्टेड इन्फ्लेशन’ का खतरा बढ़ गया है, जिससे इकोनॉमी के सेंटीमेंट बिगड़े हैं। डॉलर महंगा, भारत में महंगाई बढ़ने का खतरा मिडिल ईस्ट संघर्ष को दशकों का सबसे गंभीर एनर्जी संकट माना जा रहा है, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ रहा है। तेल की कीमतें: कच्चे तेल महंगे होने से भारत का इम्पोर्ट बिल बढ़ा है। जरूरी सामान महंगा: LPG, प्लास्टिक और अन्य पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स की सप्लाई प्रभावित। महंगाई का डर: डॉलर महंगा होने से पेट्रोल-डीजल और इम्पोर्टेड सामान महंगे होंगे, जिससे रिटेल महंगाई बढ़ सकती है। विदेश में पढ़ाई-घूमना महंगा: विदेश जाने या पढ़ाई के लिए डॉलर खरीदने पर अब ज्यादा रुपए खर्च करने होंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स महंगे: मोबाइल, लैपटॉप और आयातित पार्ट्स महंगे हो सकते हैं, क्योंकि भुगतान डॉलर में होता है। तेल उत्पादन पिछले दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर रॉयटर्स के सर्वे के मुताबिक, अप्रैल में ओपेक (OPEC) देशों का तेल उत्पादन पिछले दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर रहा है। सऊदी अरामको के CEO अमीन नासिर ने चेतावनी दी है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल निर्यात में रुकावट के कारण बाजार में स्थिरता आने में 2027 तक का समय लग सकता है। इससे हर हफ्ते करीब 10 करोड़ बैरल तेल का नुकसान हो रहा है। इन्वेस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अगले महीने खुल भी जाता है, तो भी तेल की कीमतें इस साल 100 डॉलर के आसपास बनी रहेंगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि रास्ता खुलने के बाद भी लॉजिस्टिक और टैंकरों की कमी के कारण सप्लाई सामान्य होने में समय लगेगा। प्रधानमंत्री की अपील और सरकार के कड़े कदम रुपए में लगातार आ रही गिरावट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले हफ्ते देशवासियों से विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए अपील की थी। उन्होंने लोगों से फिजूलखर्ची कम करने और देशहित में आर्थिक अनुशासन बनाए रखने को कहा था। इसी कड़ी में सरकार ने मंगलवार रात कीमती धातुओं के आयात पर टैरिफ बढ़ा दिए थे ताकि डॉलर के बाहर जाने की रफ्तार को कम किया जा सके। ट्रेडर्स का मानना है कि आने वाले समय में रुपए में और गिरावट देखी जा सकती है। करेंसी की कीमत कैसे तय होती है? डॉलर के मुकाबले किसी करेंसी की वैल्यू घटे तो उसे मुद्रा का गिरना या कमजोरी (करेंसी डेप्रिसिएशन) कहते हैं। हर देश के पास फॉरेन करेंसी रिजर्व होता है, जिससे इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन होते हैं। इसके घटने-बढ़ने का असर करेंसी पर पड़ता है। अगर भारत के फॉरेन रिजर्व में डॉलर पर्याप्त होंगे तो रुपया स्थिर रहेगा। डॉलर घटे तो रुपया कमजोर, बढ़े तो मजबूत होगा।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.