CJI सूर्यकांत ने कॅाकरोच वाले बयान पर सफाई दी:कहा- मेरा बयान गलत तरीके से पेश किया गया, मैंने फर्जी डिग्रीधारियों की आलोचना की

चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने शनिवार को अपनी पैरासाइट और कॅाकरोच वाली टिप्पणी पर सफाई दी। उन्होनें कहा कि मीडिया के एक वर्ग ने मेरी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया। उन्होंने कहा, ‘उनकी टिप्पणी खास तौर पर उन लोगों के लिए थी, जो फर्जी और नकली डिग्रियों के सहारे वकालत जैसे पेशों में आ गए हैं। मीडिया, सोशल मीडिया और दूसरे सम्मानित पेशों में भी ऐसे लोग घुस आए हैं। वे परजीवियों जैसे हैं।’ दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि चीफ जस्टिस ने 15 मई को एक मामले की सुनवाई करते हुए देश के बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवियों से की थी। CJI सूर्यकांत की बेंच ने वकील को फटकार लगाई यह मामला 15 मई का है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच वकील संजय दुबे की दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता सीनियर वकील का दर्जा पाना चाहता था। जस्टिस बागची ने सवाल किया कि क्या सीनियर एडवोकेट का टैग सिर्फ एक स्टेटस सिंबल है या न्याय व्यवस्था में भागीदारी का एक जरिया। CJI सूर्यकांत ने तब कहा कि कॉकरोच की तरह बहुत से युवा ऐसे हैं, जिन्हें इस पेशे में रोजगार नहीं मिल रहा है। वे सोशल मीडिया और RTI एक्टिविज्म बन रहे हैं। हजारों लोग ऐसे हैं जो काले चोगे पहनकर घूम रहे हैं, लेकिन उनकी डिग्रियों पर गंभीर संदेह है। बेंच ने यह भी कहा कि दुनिया में हर कोई सीनियर बनने के योग्य हो सकता है, लेकिन आप इसके हकदार नहीं हैं। अगर आपको दिल्ली हाईकोर्ट ने सीनियर एडवोकेट बना भी दिया, तो सुप्रीम कोर्ट आपके व्यवहार को देखते हुए उस फैसले को रद्द कर देगा। ——————————————— सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट स्टाफ को 2 दिन का वर्क फ्रॉम होम:जज कार पूलिंग करके कोर्ट जाएंगे; मोदी की ईंधन बचाने की अपील पर फैसला PM मोदी की ईंधन बचत की अपील पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने वर्किंग को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। अब कोर्ट के हर विभाग का स्टाफ दो दिन वर्क फ्रॉम होम पर रहेगा। सभी जज कार पूल करेंगे। रजिस्ट्री से जुड़ा 50 फीसदी स्टाफ भी घर से काम करेगा। सोमवार, शुक्रवार और मिसलेनियस डे ( जो दिन पहले से तय नहीं होते) पर लिस्ट मामलों की सुनवाई केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। इसके अलावा कोर्ट के अन्य वर्किंग डे में भी सुनवाई ऑनलाइन ही की जाएगी। पूरी खबर पढ़ें
Lovlina Borgohain Qualifies for Asian & Commonwealth Games 2026

Hindi News Sports Lovlina Borgohain Qualifies For Asian & Commonwealth Games 2026 | Patiala Trials स्पोर्ट्स डेस्क11 मिनट पहले कॉपी लिंक ओलिंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने शुक्रवार को पटियाला में हुए नेशनल ट्रायल्स में जीत हासिल की। इस जीत के साथ ही उन्होंने एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का टिकट हासिल किया। टोक्यो 2020 ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट और पूर्व वर्ल्ड चैंपियन लवलीना ने महिला 75 किग्रा मुक्केबाजी के फाइनल में सनमाचा चानू को 5-0 से मात दी। कॉमनवेल्थ गेम्स 23 जुलाई से 2 अगस्त और एशियन गेम्स 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक खेला जाएगा। लवलीना पिछले महीने मौका चूक गई थीं विमेंस के 75 किलोग्राम वेट कैटेगरी के फाइनल मुकाबले में लवलीना ने एकतरफा प्रदर्शन किया। उन्होंने सनामाचा चानू को 5-0 से शिकस्त देकर टीम में अपनी जगह सुरक्षित की। लवलीना पिछले महीने उलानबटोर में हुए एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 के फाइनल में जगह नहीं बना पाई थीं, जिसके कारण वे सीधे क्वालिफाई करने का पहला मौका चूक गई थीं। इसके बाद उन्हें इस नेशनल ट्रायल्स के जरिए टीम में वापसी करनी पड़ी। लवलीना बोरगोहेन टोक्यो 2020 ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट हैं। तीन वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में जीत चुकी हैं मेडल लवलिना 2018, 2019 और 2023 में हुए वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में एक गोल्ड और दो ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी। इसके अलावा वे 2022 में एशियन गेम्स में भी सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय मुक्केबाजी टीम विमेंस: साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा), परवीन हुडा (65 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) मेंस: जदुमणि सिंह (55 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा), सुमित कुंडू (70 किग्रा), अंकुश (80 किग्रा), कपिल पोखरिया (90 किग्रा), नरेंद्र बेरवाल (+90 किग्रा) कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए भारतीय मुक्केबाजी टीम विमेंस: साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), जैस्मीन लैम्बोरिया (57 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा), परवीन हुड्डा (65 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) मेंस: जदुमणि सिंह (55 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा), आदित्य प्रताप सिंह (65 किग्रा), सुमित कुंडू (70 किग्रा), अंकुश (80 किग्रा), कपिल पोखरिया (90 किग्रा), नरेंद्र बेरवाल (+90 किग्रा) दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Lovlina Borgohain Qualifies for Asian & Commonwealth Games 2026

Hindi News Sports Lovlina Borgohain Qualifies For Asian & Commonwealth Games 2026 | Patiala Trials स्पोर्ट्स डेस्क27 मिनट पहले कॉपी लिंक ओलिंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने शुक्रवार को पटियाला में हुए नेशनल ट्रायल्स में जीत हासिल की। इस जीत के साथ ही उन्होंने एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का टिकट हासिल किया। टोक्यो 2020 ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट और पूर्व वर्ल्ड चैंपियन लवलीना ने महिला 75 किग्रा मुक्केबाजी के फाइनल में सनमाचा चानू को 5-0 से मात दी। कॉमनवेल्थ गेम्स 23 जुलाई से 2 अगस्त और एशियन गेम्स 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक खेला जाएगा। लवलीना पिछले महीने मौका चूक गई थीं विमेंस के 75 किलोग्राम वेट कैटेगरी के फाइनल मुकाबले में लवलीना ने एकतरफा प्रदर्शन किया। उन्होंने सनामाचा चानू को 5-0 से शिकस्त देकर टीम में अपनी जगह सुरक्षित की। लवलीना पिछले महीने उलानबटोर में हुए एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 के फाइनल में जगह नहीं बना पाई थीं, जिसके कारण वे सीधे क्वालिफाई करने का पहला मौका चूक गई थीं। इसके बाद उन्हें इस नेशनल ट्रायल्स के जरिए टीम में वापसी करनी पड़ी। लवलीना बोरगोहेन टोक्यो 2020 ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट हैं। तीन वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में जीत चुकी हैं मेडल लवलिना 2018, 2019 और 2023 में हुए वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में एक गोल्ड और दो ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी। इसके अलावा वे 2022 में एशियन गेम्स में भी सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय मुक्केबाजी टीम विमेंस: साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा), परवीन हुडा (65 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) मेंस: जदुमणि सिंह (55 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा), सुमित कुंडू (70 किग्रा), अंकुश (80 किग्रा), कपिल पोखरिया (90 किग्रा), नरेंद्र बेरवाल (+90 किग्रा) कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए भारतीय मुक्केबाजी टीम विमेंस: साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), जैस्मीन लैम्बोरिया (57 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा), परवीन हुड्डा (65 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) मेंस: जदुमणि सिंह (55 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा), आदित्य प्रताप सिंह (65 किग्रा), सुमित कुंडू (70 किग्रा), अंकुश (80 किग्रा), कपिल पोखरिया (90 किग्रा), नरेंद्र बेरवाल (+90 किग्रा) दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
CBSE Class 9 & 10 New Language Rule July 1: Guidelines June 15

3 मिनट पहले कॉपी लिंक CBSE ने अपने सभी स्कूलों में कक्षा 9वीं और 10वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी अनिवार्य कर दी है। मौजूदा सेशन से ही, 9वीं और 10वीं के बच्चों को तीन लैंग्वेज की पढ़ाई करनी होगी। नोटिफिकेशन के अनुसार, इन 3 में से 2 भारतीय भाषाएं होनी चाहिए। स्कूल 30 जून तक देंगे जानकारी थ्री लैंग्वेज पॉलिसी के तहत, एक भारतीय और एक विदेशी भाषा के साथ एक क्षेत्रीय भाषा पढ़ाई जानी है। CBSE ने स्पष्ट किया है कि स्कूल, छात्रों की पसंद के अनुसार थर्ड लैंग्वेज चुन सकते हैं। सभी स्कूलों को अपनी चुनी हुई लैंग्वेज की जानकारी 30 जून तक बोर्ड को देनी होगी। 1 जुलाई से सभी स्कूलों में फैसला लागू बोर्ड ने कहा कि लैंग्वेज को लेकर ये डिसीजन हाल ही में 2026-27 के लिए रिलीज किए गए NCERT सिलेबस को देखकर लिया गया है। हालांकि, इस सेशन की शुरुआत अप्रैल 2026 से हो चुकी है। लेकिन स्कूलों को 1 जुलाई से थर्ड लैंग्वेज की पढ़ाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है। 10वीं में R3 लैंग्वेज का पेपर नहीं होगा CBSE ने स्पष्ट किया है कि 10वीं की बोर्ड परीक्षा में इस साल R3 यानी थर्ड लैंग्वेज का पेपर नहीं होगा। हालांकि, इसकी पढ़ाई जरूरी होगी। जब तक R3 के लिए किताबें उपलब्ध नहीं हो जातीं, कक्षा 9 के छात्र कक्षा 6 की R3 किताबों से पढ़ाई करेंगे। स्कूलों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे इन किताबों के सप्लीमेंट्स के रूप में लोकल या स्टेट लेवल का लिटरेरी मटेरियल्स जिसमें कविताएं, शॉर्ट स्टोरीज और फिक्शन वर्क शामिल हो, उपलब्ध कराएं। 1 जुलाई से स्कूलों में किताब उपलब्ध कराने का निर्देश CBSE ने माना कि कुछ स्कूलों को भारतीय मूल की भाषाओं के लिए क्वालिफाइड टीचर्स अरेंज करने में मुश्किल हो सकती है। ऐसे में स्कूलों को इंटर स्कूल रिर्सोसेस के माध्यम से हाइब्रिड टीचिंग सपोर्ट, रिटायर लैंग्वेज टीचर की नियुक्ति और क्वालिफाइड पोस्ट ग्रेजुएट टीचर्स के हायरिंग की परमिशन भी दी गई है। 6वीं क्लास में लागू हो चुका है नियम बोर्ड ने इससे पहले 9 अप्रैल को एक सकुर्लर जारी कर 6वीं क्लास के लिए थ्री लैंग्वेज पॉलिसी अनिवार्य की थी। साथ ही इस फैसले को 7 दिन के अंदर लागू करने का भी निर्देश दिया था। महाराष्ट्र थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने वाला पहला राज्य महाराष्ट्र पिछले साल थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना था। राज्य में 1 से 5वीं क्लास तक के बच्चों के लिए हिंदी पढ़ना जरूरी कर दिया गया है। राज्य के सभी मराठी और अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में नियम लागू है। NEP 2020 के तहत थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 की सिफारिश के मुताबिक CBSE ने 2 अप्रैल को अपना नया करिकुलम फ्रेमवर्क रिलीज किया। इसके तहत स्कूल्स में थ्री-लैंग्वेज फॉर्मूला लागू किया जाएगा। हर स्टूडेंट को दसवीं क्लास तक तीन भाषाएं सीखनी होगी। 34 साल बाद नई शिक्षा नीति 2020 को लाया गया नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) को भारत सरकार ने 29 जुलाई, 2020 को मंजूरी दी थी। यह 34 साल बाद भारत की शिक्षा नीति में एक बड़ा बदलाव है। इससे पिछली नीति 1986 में बनाई गई थी, जिसे 1992 में अपडेट किया गया था। इसका उद्देश्य भारत की शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार ढालना है, ताकि छात्र व्यावहारिक ज्ञान मिले और वे स्किल सीखें। नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए केंद्र ने 2030 तक का लक्ष्य रखा है। शिक्षा संविधान में समवर्ती सूची का विषय है, जिसमें राज्य और केंद्र सरकार दोनों का अधिकार होता है। इसलिए यह जरूरी नहीं कि राज्य सरकारें इसे पूरी तरह अप्लाई करें। टकराव होने पर दोनों पक्षों को आम सहमति से विवाद सुलझाने का सुझाव दिया गया है। ————— NEET अगले साल से ऑनलाइन होगी: इस साल रद्द हुई परीक्षा 21 जून को, यह पेपर-पेंसिल से होगी; सरकार ने माना- पेपर लीक हुए अगले सत्र से NEET-UG परीक्षा ऑनलाइन होगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को इसका ऐलान किया। उन्होंने माना कि 3 मई को हुई NEET-UG-2026 की परीक्षा के पेपर लीक हुए थे। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
RCB के अनुभवी गेंदबाज युवाओं को पछाड़ रहे:बॉलिंग कोच ने बताया मेन बॉलर्स के सफलता का राज, वैरिएशन नहीं 'हार्ड लेंथ' पर भरोसा

धर्मशाला में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के बीच होने वाले ब्लॉकबस्टर मुकाबले से पहले आरसीबी के बॉलिंग कोच ओमकार साल्वी ने मीडिया से बात की। धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम के मीडिया रूम में आयोजित प्री-मैच ब्रीफिंग के दौरान साल्वी ने टीम की रणनीति, गेंदबाजी के बदलते समीकरण और अपनी टीम के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज की शानदार फॉर्म को लेकर कई अहम खुलासे किए। सफलता का राज: बिना दबाव के खेल का आनंद और रनों की भूख प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब ओमकार साल्वी से टीम के प्रमुख और सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज की लगातार बेहतरीन परफॉर्मेंस, रनों की भूख और युवाओं से भी बेहतर खेल दिखाने के पीछे का कारण पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है। इस गेंदबाज ने पिछले सीजन में भी टीम के लिए अपनी भूमिका शानदार तरीके से निभाई थी। साल्वी ने आगे कहा, “उनकी सफलता का सबसे बड़ा राज यह है कि वह इस समय बिना किसी अतिरिक्त मानसिक दबाव के अपने खेल का पूरा आनंद ले रहे हैं। वे मैदान पर खुलकर प्रदर्शन कर रहे हैं और टीम द्वारा दी जा रही हर नई भूमिका को एक चुनौती के रूप में स्वीकार कर रहे हैं।” वैरिएशन्स के दौर में ‘हार्ड लेंथ’ पर भरोसा आजकल के दौर में जहां टी-20 क्रिकेट के अधिकांश गेंदबाज केवल वैरिएशन्स (गति में बदलाव) और यॉर्कर गेंद फेंकने पर निर्भर रहते हैं, वहीं आरसीबी का यह अनुभवी गेंदबाज लगातार ‘हार्ड लेंथ’ पर बॉलिंग कर बल्लेबाजों को परेशान कर रहा है। इस रणनीति पर बात करते हुए बॉलिंग कोच ने बताया, “हर गेंदबाज की अपनी एक खास ताकत (स्ट्रेंथ) होती है और हमारी टीम उसी ताकत के अनुसार रणनीति तैयार करती है। मैच के किस चरण में गेंदबाजी की जा रही है, यह बेहद महत्वपूर्ण होता है। नई गेंद मिलने पर यह गेंदबाज शुरुआती स्विंग का पूरा फायदा उठाता है, वहीं डेथ ओवर्स (आखिरी ओवरों) में परिस्थितियों के हिसाब से अपनी ताकत का सटीक इस्तेमाल करता है।” फिटनेस के प्रति अनुशासित रवैया और अनुभव का खजाना आईपीएल से ठीक पहले इस गेंदबाज की तैयारियों और फ्रेंचाइजी के साथ उनके जुड़ाव पर बात करते हुए साल्वी ने उनकी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस खिलाड़ी के पास अनुभव का अकूत खजाना है, जिसकी बदौलत वह अपने शरीर (बॉडी) को बहुत अच्छी तरह से समझते हैं। उन्हें ठीक-ठीक पता होता है कि फिटनेस के किन हिस्सों पर सबसे ज्यादा काम करने की जरूरत है। साल्वी ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में इस गेंदबाज ने अपनी फिटनेस पर बेहद धार्मिक और अनुशासित तरीके से मेहनत की है, जिसका सीधा असर अब मैदान पर उनके सटीक बॉलिंग एक्शन और बेहतरीन रिदम में साफ दिखाई दे रहा है। आगामी मैचों के लिए पुख्ता रणनीति पिछले सप्ताह के मैचों और तकनीकी रणनीतियों का जिक्र करते हुए बॉलिंग कोच ओमकार साल्वी ने संकेत दिया कि आगामी मैचों की परिस्थितियों और धर्मशाला की पिच को देखते हुए टीम अपनी तैयारियों को और अधिक पुख्ता कर रही है। आरसीबी का पूरा ध्यान इस बात पर है कि सही समय पर सही टीम संयोजन (कांबिनेशन) के साथ मैदान पर उतरा जाए ताकि टीम के पक्ष में सर्वश्रेष्ठ परिणाम हासिल किए जा सकें।
शेखर कपूर बोले- जॉन अब्राहम बनें अगले जेम्स बॉन्ड:एक्टर ने कहा- मैं मार्टिनी ऑर्डर करने की प्रैक्टिस शुरू कर देता हूं.. शेकन, नॉट स्टर्ड

फिल्ममेकर शेखर कपूर ने जेम्स बॉन्ड फ्रेंचाइजी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर डेनियल क्रेग के बाद कोई भारतीय अभिनेता 007 बन सकता है, तो वह जॉन अब्राहम हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। Amazon MGM Studios ने हाल ही में पुष्टि की है कि नए जेम्स बॉन्ड की तलाश शुरू हो चुकी है। इसी बीच शेखर कपूर ने अपने एक्स अकाउंट पर जॉन अब्राहम का नाम सुझाया। उन्होंने लिखा, “डेनियल क्रेग के बाद अगला जेम्स बॉन्ड जॉन अब्राहम होना चाहिए। उनके पास ‘शेकन नॉट स्टर्ड’ वाली पर्सनैलिटी और बॉन्ड वाला चार्म है।” शेखर कपूर ने अपनी पोस्ट में याद दिलाया कि डेनियल क्रेग को बॉन्ड के रोल के लिए उनकी फिल्म ‘एलिजाबेथ’ देखने के बाद चुना गया था। ऐसे में उनका यह बयान और चर्चा में आ गया। शेखर कपूर की तारीफ पर जॉन अब्राहम ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “सर, आपके शब्दों से मैं बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं। आपने दुनिया से पहले डेनियल क्रेग की क्षमता पहचानी थी। ऐसे में आपका यह कहना मेरे लिए बहुत मायने रखता है।” जॉन ने मजाकिया अंदाज में आगे लिखा, “अब मैं अपनी मार्टिनी ऑर्डर करने की प्रैक्टिस शुरू कर देता हूं… शेकन, नॉट स्टर्ड।” ‘No Time to Die’ के बाद डेनियल क्रेग ने जेम्स बॉन्ड फ्रेंचाइजी से विदाई ले ली थी। इसके बाद नए 007 को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। सोशल मीडिया पर कई लोग जॉन अब्राहम को इस किरदार के लिए फिट बता रहे हैं। शेखर कपूर भारतीय सिनेमा के चर्चित निर्देशकों में गिने जाते हैं। उन्होंने ‘मिस्टर इंडिया’, ‘बैंडिट क्वीन’, ‘एलिजाबेथ’ और ‘द फोर फेदर्स’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है। उनकी फिल्मों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। वर्कफ्रंट की बात करें तो जॉन अब्राहम रोहित शेट्टी के निर्देशन में बन रही फिल्म में नजर आएंगे। यह पुलिस अधिकारी राकेश मारिया की बायोपिक है, जिसमें जॉन पुलिस ऑफिसर के किरदार में दिखेंगे। इसके अलावा वह ‘फोर्स 3’ की शूटिंग भी कर रहे हैं। इसमें उनके साथ हर्षवर्धन राणे प्रमुख भूमिका में दिखाई देंगे।
सिर्फ 1500 कैलोरी में 120 ग्राम प्रोटीन! सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की डाइट देखकर लोग रह गए हैरान

Last Updated:May 16, 2026, 18:20 IST Protein Gain Tips: फूड और ट्रैवल वीडियो बनाने वाली Pooja Chandwani का हाई प्रोटीन डाइट प्लान सोशल मीडिया पर चर्चा में है. उनका दावा है कि वह 1500 कैलोरी में करीब 120 ग्राम प्रोटीन लेती हैं. सुबह ड्राई फ्रूट्स और अंडों से लेकर रात में चिकन स्पेगेटी तक, जानिए उनका पूरा डेली फिटनेस रूटीन और एक्सपर्ट्स की सलाह. कम से कम कैलोरी में ज्यादा से ज्यादा प्रोटीन कैसे पाएं हेल्थ एंड फिटनेस. सोशल मीडिया पर फूड और ट्रैवल वीडियो बनाने वाली Pooja Chandwani इन दिनों अपने एक वीडियो को लेकर चर्चा में हैं. इस बार उन्होंने कोई ट्रैवल व्लॉग नहीं, बल्कि अपना पूरा डेली डाइट रूटीन लोगों के साथ शेयर किया है. खास बात यह है कि उनका दावा है कि वह पूरे दिन में करीब 1500 कैलोरी लेती हैं और इसके बावजूद 120 ग्राम तक प्रोटीन हासिल कर लेती हैं. वीडियो सामने आने के बाद लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर वह दिनभर क्या खाती हैं. पूजा अपने दिन की शुरुआत बेहद सिंपल तरीके से करती हैं. सुबह सबसे पहले ड्राई फ्रूट्स खाती हैं. इसके साथ चाय पीती हैं और दो बड़े अंडों के साथ गेहूं की रोटी लेती हैं. करीब एक घंटे बाद वह प्रोटीन शेक पीती हैं. उनका कहना है कि इससे लंबे समय तक भूख नहीं लगती और शरीर में एनर्जी बनी रहती है. कैसा है पूरा डाइट प्लानदोपहर का खाना भी ज्यादा भारी नहीं होता. उनकी प्लेट में दाल, चावल, तवा पनीर और खीरे के कुछ टुकड़े शामिल होते हैं. इसके साथ छाछ भी रहती है. वहीं रात के खाने में वह चिकन स्पेगेटी लेती हैं. दिन खत्म होने से पहले डार्क चॉकलेट के कुछ पीस भी खाती हैं. इस डाइट प्लान को लेकर एक्सपर्ट्स की राय भी सामने आई है. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में ठाणे के KIMS Hospital की चीफ डाइटीशियन Amreen Sheikh का कहना है कि दिन की शुरुआत प्रोटीन से करना फायदेमंद हो सकता है. इससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है, मसल्स को मदद मिलती है और ब्लड शुगर भी ज्यादा ऊपर-नीचे नहीं होती. डिस्कलेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी एवं कुछ विशेषज्ञों पर आधारित है. कोई भी नियमित प्रक्रिया शुरू करने से पहले हमेशा अपने स्वास्थ्य चिकित्सक से परामर्श लें. हर किसी के लिए जरूरी नहीं एक जैसा डाइट प्लानहालांकि उन्होंने यह भी साफ कहा कि हर इंसान की बॉडी अलग होती है. किसी को कितना प्रोटीन चाहिए, यह उसके वजन, एक्सरसाइज और हेल्थ कंडीशन पर निर्भर करता है. ऐसे में हर किसी के लिए एक जैसा डाइट प्लान सही नहीं हो सकता. डाइटीशियन Ekta Singhwal का कहना है कि सिर्फ चिकन या अंडों पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है. दाल, बीन्स, टोफू और दूसरी चीजें भी अच्छा प्रोटीन दे सकती हैं. सबसे जरूरी बात यह है कि पूरे दिन में थोड़ा-थोड़ा करके प्रोटीन लिया जाए, ताकि शरीर उसे सही तरीके से इस्तेमाल कर सके. एक बात जिस पर एक्सपर्ट्स बार-बार जोर दे रहे हैं, वह यह है कि अगर किसी को पहले से किडनी से जुड़ी कोई दिक्कत है तो ज्यादा प्रोटीन लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. क्योंकि हर वायरल डाइट हर इंसान के लिए सही साबित हो, यह जरूरी नहीं है. About the Author Anand Pandey आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
ICC Invites PCB Chief for Board Meeting & IPL Final; Pakistan PM to Decide Visit

Hindi News Sports ICC Invites PCB Chief For Board Meeting & IPL Final; Pakistan PM To Decide Visit स्पोर्ट्स डेस्क7 मिनट पहले कॉपी लिंक मोहसिन नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी इस महीने भारत आ सकते हैं। ICC ने नकवी को अहमदाबाद में होने वाली बोर्ड मीटिंग और IPL 2026 फाइनल में शामिल होने का न्योता भेजा है। फाइनल 31 मई को खेला जाना है। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक नकवी ने यह निमंत्रण पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भेज दिया है। अब वही तय करेंगे कि नकवी भारत आएंगे या नहीं। बोर्ड मीटिंग की शुरुआत 30 मई से ICC की तरफ से मई के आखिर में कई अहम बैठकें आयोजित की जानी हैं। इनमें चीफ एग्जीक्यूटिव्स कमेटी यानी CEC की बैठक 21 मई को वर्चुअल होगी। इसके बाद 30 और 31 मई को अहमदाबाद में बोर्ड मीटिंग रखी गई है। इन बैठकों में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप यानी WTC के भविष्य के पर चर्चा दोबारा शुरू होगी। यह ICC की तिमाही बैठकों का हिस्सा हैं। इसी दौरान IPL 2026 का फाइनल भी 31 मई को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। PCB चीफ को इसी फाइनल के लिए भी आमंत्रण भेजा गया है। ICC बोर्ड मीटिंग 30-31 मई को होगी। पहले मार्च में होनी थी बैठक जियो टीवी के मुताबिक ये बैठकें पहले मार्च और अप्रैल में दोहा में होनी थीं, लेकिन तनाव और संघर्ष की वजह से इन्हें टाल दिया गया था। फिलहाल यह साफ नहीं है कि पाकिस्तान सरकार इस निमंत्रण पर क्या फैसला लेगी। PCB या ICC की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पाकिस्तान ने टी-20 वर्ल्ड कप से हटने की धमकी दी थी टी-20 वर्ल्ड कप 2026 से बांग्लादेश को बाहर करने के बाद नकवी ने पाकिस्तान के भी बाहर होने की धमकी दी थी। हालांकि बाद में टीम ने टूर्नामेंट में खेला और ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई। इसकी शुरुआत IPL फ्रेंचाइजी कोलकाता द्वारा मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज किए जाने के बाद हुई थी। बांग्लादेश ने भारत में खिलाड़ियों की सुरक्षा पर सवाल उठाए और न्यूट्रल वेन्यू की मांग की। ICC ने यह मांग ठुकराकर बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया, जिसके बाद PCB चीफ मोहसिन नकवी ने ICC पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। नकवी ने कहा कि जब भारत और पाकिस्तान को न्यूट्रल वेन्यू मिल सकता है, तो बांग्लादेश को क्यों नहीं, और जरूरत पड़ी तो पाकिस्तान भी वर्ल्ड कप से हट सकता है। नकवी से भारतीय टीम ने ट्रॉफी लेने से मना किया था पिछले साल 28 सितंबर को भारत ने एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान को 5 विकेट से हराया था। भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के गृहमंत्री और ACC चीफ नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बिना ट्रॉफी के ही जीत सेलिब्रेट की और अगले दिन टीम खाली हाथ भारत लौट आई। BCCI की कड़ी आपत्ति और महाभियोग की चेतावनी के बाद नकवी ने एशिया कप ट्रॉफी ACC ऑफिस में जमा करा दी। अब ट्रॉफी भारतीय टीम को कैसे सौंपी जाएगी, इस पर फैसला बाकी है। बगैर ट्रॉफी के सेलिब्रेट किया था एशिया कप जीतने के बाद सूर्यकुमार यादव ने खाली हाथ ही ऐसा जेस्चर बनाया, मानो वे ट्रॉफी लेकर आ रहे हों। एशिया कप में भारत ने पाकिस्तानी प्लेयर्स से हाथ नहीं मिलाया एशिया कप के दौरान भारत-पाकिस्तान मुकाबलों में कई विवाद देखने को मिले। पहलगाम हमले के बाद भारतीय प्लेयर्स ने पाकिस्तानी टीम से हाथ मिलाने से मना कर दिया था। इसके बाद में PCB ने मैच रेफरी की शिकायत कर टूर्नामेंट छोड़ने की धमकी दी थी। वहीं सुपर-4 मैच में हारिस रऊफ के ‘6-0’ इशारे ने भी बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। एशिया कप 2025 में टॉस के बाद भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव और पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने हाथ नहीं मिलाया था। भारत ने तीनों मुकाबलों में पाकिस्तान को हराया एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान तीन बार आमने-सामने आए और भारतीय टीम ने तीनों मैच जीते। भारत ने लीग मैच 7 विकेट, सुपर-4 मुकाबला 6 विकेट और फाइनल 5 विकेट से अपने नाम किया था। इसके बाद भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-A मुकाबले में पाकिस्तान को 61 रन से हराया था। 15 फरवरी को यह मुकाबला कोलंबो में खेला गया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
PBKS Full Team Fit; Physio Andrew Reveals Winning Plan for Dharamshala RCB Clash

धर्मशाला में IPL 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ 17 मई को होने वाले मुकाबले से पहले पंजाब किंग्स (PBKS) के खेमे से अच्छी खबर आई है। मैच की पूर्व संध्या पर पंजाब किंग्स के फिजियोथेरेपी कंसल्टेंट एंड्रयू लीपस ने मीडिया से बात की। उन्हों . पिछले कुछ मैचों में पंजाब की टीम में हुए लगातार बदलावों पर बात करते हुए एंड्रयू लीपस ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि पिछले मैचों के दौरान कुछ खिलाड़ियों को वायरल फीवर (बुखार), हल्की-फुल्की चोट और हैमस्ट्रिंग की समस्या का सामना करना पड़ा था। इसी वजह से एहतियात के तौर पर प्लेइंग इलेवन में बदलाव करने पड़े थे। लेकिन अब पंजाब के फैंस के लिए राहत की बात यह है कि सभी खिलाड़ी पूरी तरह रिकवर हो चुके हैं और आगामी मैच के लिए चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे। हार का दबाव नहीं; कोच पोंटिंग का मंत्र– ‘खुलकर खेलो’ धर्मशाला में लगातार दो मैच हारने के बाद टीम की वापसी की रणनीति पर बात करते हुए लीपस ने कहा कि पिछला विकेट उम्मीद के मुताबिक नहीं था, जिसका खेल पर असर पड़ा। उन्होंने कहा, “क्रिकेट में हर किसी का अच्छा और बुरा दिन होता है। हमें बस कल मैदान पर एक अच्छा दिन चाहिए। हमारी टीम किसी एक खिलाड़ी या विपक्षी टीम को निशाना नहीं बना रही है।” लीपस ने मुख्य कोच रिकी पोंटिंग के दृष्टिकोण की तारीफ करते हुए कहा कि पोंटिंग हमेशा खिलाड़ियों को बिना किसी डर के खुलकर और आक्रामक क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित करते हैं। इसलिए आरसीबी के खिलाफ मुकाबले में भी पंजाब किंग्स की तरफ से कोई रक्षात्मक खेल देखने को नहीं मिलेगा। रिकी पोटिंग फाइल फोटो धर्मशाला के मौसम का मिलेगा फायदा चंडीगढ़ और धर्मशाला जैसे दो अलग-अलग घरेलू मैदानों (होम ग्राउंड) पर खेलने की चुनौती पर लीपस ने कहा कि यहां की ऊंचाई (एल्टीट्यूड) और ठंडा मौसम खेल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब किंग्स की टीम यहाँ दूसरी टीमों की तुलना में अधिक समय से डेरा डाले हुए है, जिससे खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुकूल ढलने का पूरा समय मिला है और यह बात मैच में उनके पक्ष में जा सकती है। उन्होंने हंसते हुए यह भी बताया कि आरसीबी के खिलाड़ी भी होटल में यहाँ की खूबसूरत वादियों और खुशनुमा मौसम की तारीफ कर रहे थे। सीनियर खिलाड़ी नए खिलाडि़यों को करते हैं प्रोत्साहित ड्रेसिंग रूम के माहौल और खिलाड़ियों के व्यवहार पर एक दिलचस्प टिप्पणी करते हुए लीपस ने कहा, “आज के दौर में सोशल मीडिया और फोन निश्चित रूप से एक समस्या हैं, लेकिन जब खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम में होते हैं तो फोन छोड़कर आपस में खुलकर बात करते हैं।” उन्होंने टीम के सीनियर खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा, “वे किसी राजा की तरह व्यवहार नहीं करते, बल्कि ब्रेकफास्ट टेबल पर सभी युवा खिलाड़ियों के साथ आम इंसान की तरह घुलमिल कर रहते हैं। मैच के दबाव के समय सीनियर खिलाड़ियों का यह शांत स्वभाव पूरी टीम को पैनिक (घबराने) होने से बचाता है। हमारी टीम में कई युवा चेहरे हैं और वे इस सकारात्मक माहौल से बहुत कुछ सीख रहे हैं।” ‘विश्व प्रसिद्ध धर्मशाला स्टेडियम से बाकी टीमें करती होंगी ईर्ष्या’ धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम की खूबसूरती की तारीफ करते हुए एंड्रयू लीपस भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “यह एक बेहद खूबसूरत और खास जगह है। भारत के अन्य शहरों की तुलना में यहाँ का माहौल बिल्कुल जुदा है। बाकी टीमें शायद हमसे ईर्ष्या करती होंगी कि हमें बिना किसी यात्रा (ट्रैवलिंग) की थकान के यहाँ लगातार दो हफ्ते बिताने का मौका मिला। हमारे लड़कों को यहाँ आना बेहद पसंद है, बस अब हमें इस खूबसूरत मैदान पर कुछ और मैच जीतने की ज़रूरत है।”
सिर्फ जहर नहीं, अमृत भी है मदार! बस करना होगा ऐसे इस्तेमाल, कई बीमारियों से दिलाता निजात

Last Updated:May 16, 2026, 18:08 IST Health News: अक्सर आपने सुना होगा कि मदार का पौधा काफी जहरीला होता है और ये जान भी ले सकता है, लेकिन आयुर्वेद में इसके फायदे के बारे में भी बताया गया है. यह दर्द, सूजन, त्वचा रोग और सांस संबंधी परेशानियों में राहत देने की क्षमता रखता है. आइए इसके आयुर्वेदिक फायदों के बारे में जानते हैं. बलिया: अक्सर गांव-देहात की पगडंडियों, खेतों की मेड़ों और सड़कों के किनारे खासतौर से जनपद बलिया में मदार का पौधा देखने को मिल जाता है. इसको आक या अकौआ के नाम से भी जाना जाता है. यह न केवल एक जंगली पौधा है, बल्कि देसी इलाजों का पुराना खजाना भी है. सदियों से इसका आयुर्वेद चिकित्सा में इस्तेमाल किया जाता रहा है. यह दर्द, सूजन, त्वचा रोग और सांस संबंधी परेशानियों में राहत देने की क्षमता रखता है. मदार के बड़े-बड़े पत्ते और सफेद दूधनुमा रस इसे खास पहचान देते हैं. गांवों में बुजुर्ग आज भी जोड़ों के दर्द या कमर की तकलीफ होने पर इसके पत्तों को हल्का गर्म करके बांधने की सलाह देते हैं. यह भगवान शिव को बहुत पसंद है. सूजन कम और दर्द में जल्द आरामबलिया जनपद की फेमस सात साल अनुभवी आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रियंका सिंह के अनुसार, मदार से सूजन कम और दर्द में जल्द आराम मिलता है. इसके अलावा, मदार के दूध यानी लेटेक्स का उपयोग दाद, खुजली, फोड़े-फुंसी और त्वचा संक्रमण जैसी समस्याओं में बाहर से और सावधानी से किया जा सकता है. मदार/आक के सूखे फूलों और जड़ का इस्तेमाल खांसी, कफ और अस्थमा जैसी दिक्कतों में भी घरेलू नुस्खों के रूप में किया जाता है. अगर आप भी दांत दर्द से परेशान हैं, तो इसके दूध का हल्का इस्तेमाल कर सकते हैं. पुराने समय में घाव सुखाने और संक्रमण कम करने के लिए इसके पत्तों का लेप लगाने की परंपरा भी रही है. तंत्रिका तंत्र पर कर सकता है असरउन्होंने आगे कहा कि मदार का पौधा जितना फायदेमंद है, उतना ही खतरनाक भी साबित हो सकता है. मदार का सफेद दूध विषैला होता है. अगर यह आंखों में चला जाए, तो गंभीर नुकसान या अंधापन की समस्या तक हो सकती है. इसको त्वचा पर अधिक मात्रा में लगाने से जलन, खुजली और छाले पड़ सकते हैं. इसका सेवन नहीं किया जाता है, गलती से सेवन करने पर उल्टी, दस्त, दिल की धड़कन में गड़बड़ी और तंत्रिका तंत्र पर असर पड़ने का खतरा रहता है. इसका केवल बाहरी उपयोग ही किया जाता है. मदार का इस्तेमाल बिना जानकारी या विशेषज्ञ की देख-रेख के नहीं करना चाहिए. अपने मन से इसका प्रयोग लाभकारी नहीं, बल्कि जहर समान हो सकता है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Ballia,Uttar Pradesh Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.







