Punjab Chandigarh Top news SDM Arrest Minister Sanjiv arora remand Petrol diesel rate Impact

. पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर लेडी SDM अनुप्रीत कौर रंधावा की गिरफ्तारी से जुड़ी रही। राजस्थान-J&K हाईवे की जमीन अधिग्रहण में 1.63 करोड़ रुपए के गबन केस में उन्हें सरकारी कोठी से पकड़ा गया। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. लेडी SDM सरकारी कोठी से गिरफ्तार, पति पर FIR करा चुकीं गुरदासपुर में तैनात SDM अनुप्रीत कौर रंधावा को तरनतारन पुलिस ने शनिवार सुबह उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी 1.63 करोड़ रुपए के गबन मामले में हुई है। यह मामला राजस्थान-जम्मू कश्मीर हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण से जुड़ा है। उस समय अनुप्रीत रंधावा पट्टी में तैनात थीं और आरोप लगने के बाद उन्हें सस्पेंड भी किया गया था। 9 जनवरी 2018 से 11 फरवरी 2019 के बीच जमीन अधिग्रहण के लिए जारी 1.63 करोड़ रुपए की रकम 5 अयोग्य लोगों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई थी। इस संबंध में पूर्व SDM नवराज सिंह बराड़ ने 5 सितंबर 2018 को तत्कालीन DC प्रदीप सभ्रवाल को शिकायत दी थी। लंबे समय तक फील्ड ड्यूटी से दूर रहने के बाद हाल ही में उनकी गुरदासपुर में तैनाती हुई थी, जहां उनके पास नगर कौंसिल का अतिरिक्त चार्ज भी था। अनुप्रीत कौर रंधावा की निजी जिंदगी भी विवादों में रही है। उन्होंने अपने पूर्व हॉकी खिलाड़ी पति पर घरेलू हिंसा और जान से मारने की धमकी के आरोप लगाए थे, जिसके बाद उनके पति की गिरफ्तारी भी हुई थी। फिलहाल तरनतारन पुलिस मामले की जांच कर रही है और उन्हें पूछताछ के लिए तरनतारन ले जाया जा सकता है। (पढ़ें पूरी खबर) 2. युवक की दातर से काटकर हत्या, सगे भाइयों ने बीच रास्ते में घेरा पठानकोट में 27 वर्षीय युवक की तेजधार हथियारों से वार कर हत्या कर दी गई। वहीं, उसके एक दोस्त को सिर में दातर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। उसे पठानकोट के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां से उसके परिजन उसे प्राइवेट अस्पताल में ले गए। उसकी हालात गंभीर बनी हुई है। मृतक की पहचान नरोट जयमल सिंह के गांव तालुका के रहने वाले राजकुमार के रूप में हुई है। वहीं, घायल युवक का नाम तनुज कुमार (21) है। वह भी इसी गांव का रहने वाला है। घायल ने बताया है कि गांव के ही 4 लोगों ने उन्हें बोलेरो गाड़ी से पीछा कर रोका और बीच रास्ते में घेरकर हमला किया। इनमें 3 सगे भाई हैं। उनमें से एक आरोपी ने कहा- पकड़ लो राजकुमार को। आज इसे जिंदा नहीं जाने देना। हमारे साथ दुश्मनी रखने का मजा इसे चखा दो। घायल के बयानों के आधार पर पुलिस ने 4 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। मामले में आरोपी सभी 4 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। (पढ़ें पूरी खबर) 3. कंपनी ने अपने मुलाजिमों को पिलाई एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक लुधियाना में एक नामी कोल्ड ड्रिंक कंपनी के 140वें स्थापना दिवस समारोह में कर्मचारियों को कथित तौर पर एक्सपायरी डेट वाली कोल्ड ड्रिंक परोसने का मामला सामने आया है। कंपनी के कर्मचारी साहिल ने दावा किया कि कार्यक्रम में 70-80 कर्मचारियों को समोसे, सैंडविच और 200ml कोल्ड ड्रिंक दी गई थी। इसी दौरान एक बोतल की एक्सपायरी डेट चेक करने पर पता चला कि ड्रिंक एक्सपायर हो चुकी थी। साहिल के मुताबिक, उसने इस पूरे मामले की वीडियो बनाकर कंपनी अधिकारियों को भेजी, लेकिन कार्रवाई करने की बजाय कंपनी ने उसे नौकरी से निकाल दिया। उसने यह भी आरोप लगाया कि एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक पीने से उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल जाना पड़ा। साहिल का दावा है कि यही ड्रिंक मार्केट में भी सप्लाई की जाती है। तबीयत ठीक होने के बाद साहिल ने मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग को दी। विभाग का कहना है कि शिकायत की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद उसे नौकरी से ही निकाल दिया गया। फिलहाल कंपनी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। (पढ़ें पूरी खबर) 4. कस्टडी से भागे कैदी की मुठभेड़ में मौत, मेडिकल कराने लाई थी पुलिस होशियारपुर सिविल अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए लाए गए एक कैदी ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। आरोपी की पहचान कोटला गौंसपुर निवासी नसीब सिंह के रूप में हुई, जो एनडीपीएस मामले में जेल में बंद था। पुलिस के अनुसार, मेडिकल के बाद उसे वापस ले जाते समय उसने छिपाए गए तेजधार हथियार से पुलिस कर्मी पर हमला कर दिया। इस दौरान कांस्टेबल जसदीप सिंह के हाथ, चेहरे और पैर पर कई चोटें आईं। एसएसपी संदीप गोयल ने बताया कि आरोपी को रोकने के लिए पुलिस ने पहले चेतावनी दी, लेकिन वह नहीं माना और कथित तौर पर पुलिसकर्मी का हथियार छीनने की कोशिश करने लगा। दोनों के बीच हाथापाई हुई, जिसमें फायरिंग हुई और नसीब सिंह को गोली लग गई। उसे गंभीर हालत में सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, नसीब सिंह पर मर्डर, अटेम्प्ट टू मर्डर और एनडीपीएस एक्ट समेत 7 मामले दर्ज थे। उसका पिता शशि भी हत्या और नशा तस्करी के मामलों में जेल में बंद है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी के पास तेजधार हथियार कैसे पहुंचा और घटना के पीछे कोई साजिश थी या नहीं।(पढ़ें पूरी खबर) 5. मनी लॉन्ड्रिंग केस में मंत्री संजीव अरोड़ा का रिमांड बढ़ा AAP मंत्री संजीव अरोड़ा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मनी लॉन्ड्रिंग और 100 करोड़ रुपए से ज्यादा के कथित फर्जी GST मामले में गिरफ्तार संजीव अरोड़ा की ED रिमांड गुरुग्राम की विशेष PMLA कोर्ट ने 2 दिन और बढ़ा दी है। ED ने उनकी वित्तीय लेन-देन, फर्जी इनवॉइस और शेल कंपनियों के नेटवर्क से जुड़े नए सबूत मिलने का हवाला देकर अतिरिक्त कस्टडी मांगी थी। ED ने 9 मई 2026 को चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास पर लंबी छापेमारी के बाद देर शाम उन्हें गिरफ्तार किया था। इसके बाद अदालत ने
हर दिन स्टाम्प फ़ार्म स्वास्थ्य के लिए क्या अच्छा है? जानिए शरीर पर क्या असर होता है

दुनिया भर में सबसे लोकप्रिय पेय पदार्थों में से एक है। सुबह की शुरुआत, काम के बीच ब्रेक या पढ़ाई के दौरान कई लोग फ्लॉप का सहारा लेते हैं। इसमें मौजूद कैफीन ऊर्जा बढ़ाने और एकाग्रता में मदद करता है। लेकिन क्या राफेल फ़्लोरिडा फ़्लोरिडा पूरी तरह से सुरक्षित और बढ़िया है? पोषण पर शोध करने वाले की सलाह है कि बिजली की मात्रा ऊर्जा स्तर और एकाग्रता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। अत्यधिक कैफीन का सेवन कई लोगों में नींद की समस्या, कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। रोज़ाना कॉफ़ी पीने के फायदे और नुकसान 1. एकाग्रता और फोकस पुनः प्राप्त करना है सॉफ्टवेयर में मौजूद कैफीन ब्रेन और नर्वस सिस्टम को बढ़ावा दिया जाता है। इससे थोड़ी देर के लिए एकाग्रता, एकाग्रता और मानसिक स्पष्टता बढ़ सकती है। कई दवाइयों में पाया गया कि मध्यम मात्रा में कैफीन का मानसिक प्रदर्शन बेहतर हो सकता है। 2. ऊर्जा का अल्पतम बढ़ावा कॉफी पीने से थकान कम होती है और कुछ समय के लिए टैरोताजा महसूस होता है। लेकिन ध्यान रखें, कैफीन नई ऊर्जा नहीं बनाता, बल्कि सिर्फ नींद पैदा करने वाले केमिकल एडिनोसिन को सूक्ष्म रूप से जाना जाता है। इसलिए कुछ घंटे बाद ऊर्जा की कमी भी महसूस हो सकती है। 3. पाचन तंत्र पर प्रभाव कैफीन गैस्ट्रिक एसिड को बढ़ाता है और कोलन कोलन को पंप करता है, जिससे कब्ज की समस्या से राहत मिल सकती है। लेकिन खाली पेटू पेट पीने से एसिडिटी, जलन या पेट की अन्य परेशानियां हो सकती हैं। फुल्ली पीने के नुकसान 1. नींद पर बुरा असर दिन में देर से रात तक कॉफी पीने से कैफीन शरीर में कई घंटे तक रह सकता है। इससे नींद आने की समस्या, रात की नींद खराब होना या बार-बार जागना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अच्छी नींद के लिए दो साल बाद पुडुचेरी से काम लेना सबसे अच्छा होता है। 2. चिंता और परेशानी अधिक मात्रा में कैफीन लेने से बेचैनी, चिड़चिड़ापन, तेज़ दिल की दृष्टि या एंजायटी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। किशोरों को सावधानी पर सावधानी बरतनी चाहिए। 3. छोटी-छोटी पुतलियां सुरक्षित हैं? स्वस्थ एंटीऑक्सीडेंट के लिए दिन में 3-4 कप (लगभग 400 एंटीऑक्सीडेंट कैफीन) तक आम तौर पर सुरक्षित माना जाता है। लेकिन यह व्यक्ति की आयु, वजन, स्वास्थ्य स्थिति और कैफीन की प्रति अनुमति पर प्रतिबंध लगाता है। गर्भवती महिलाओं, हृदय रोग और नींद की समस्या वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह से मात्रा निर्धारित करनी चाहिए। ये भी पढ़ें: आरती सिंह वेट लॉस सीक्रेट: एक महीने पहले ही हो गई है शादी? तो आज ही ट्राई गाय आरती सिंह की ये रेसिपी, तेजी से घटेगा वजन
ट्रम्प के बाद अब पुतिन अगले हफ्ते बीजिंग जाएंगे:राष्ट्रपति जिनपिंग से मुलाकात करेंगे, न्यूक्लियर डील और यूक्रेन युद्ध पर भी चर्चा संभव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के चीन दौरे के बाद अब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी वहां जाएंगे। दोनों देशों ने इसकी पुष्टि कर दी है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक पुतिन 19 से 20 मई के बीच बीजिंग में रहेंगे। वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के न्योते पर वहां जा रहे हैं। यह इस साल पुतिन की पहली विदेश यात्रा होगी। यहां पर वे चीनी राष्ट्रपति से यूक्रेन जंग खत्म करने और परमाणु हथियार नियंत्रण समझौते को लेकर बातचीत कर सकते हैं। इसके अलावा वे चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग से अलग मुलाकात करेंगे। इसमें व्यापार और आर्थिक सहयोग पर चर्चा होगी। दरअसल, ट्रम्प ने चीन की यात्रा के बाद कहा था कि अमेरिका, रूस और चीन के बीच संभावित तीन-तरफा न्यूक्लियर हथियार नियंत्रण समझौते का प्रस्ताव रखा है। इस पर तीनों देश बातचीत कर सकते हैं। ट्रम्प ने कहा कि रूस का न्यूक्लियर हथियार भंडार अमेरिका और चीन दोनों के लिए चिंता का विषय है। ऐसे में यह संभव है कि पुतिन और जिनपिंग के बीच इस मामले पर भी चर्चा होगी। चीनी मीडिया बोली- पुतिन का दौरा ट्रम्प से ज्यादा अहम ट्रम्प के बाद अब पुतिन के दौरे को लेकर जानकारों का कहना है कि लगातार हो रहे ये बड़े दौरे दिखाते हैं कि चीन एक साथ अमेरिका और रूस दोनों के साथ रिश्ते संतुलित रखने की कोशिश कर रहा है, खासकर ऐसे समय में जब यूक्रेन और ईरान से जुड़े मुद्दों पर वैश्विक तनाव बना हुआ है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि चीन के पास यह मौका है कि वह एक साथ अमेरिका और रूस दोनों के साथ बातचीत करके अपनी वैश्विक भूमिका को मजबूत दिखाए। हालांकि दोनों दौरों में फर्क भी साफ दिखेगा। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) के मुताबिक जहां ट्रम्प का दौरा ज्यादा औपचारिक और दिखावटी था, वहीं पुतिन का दौरा ज्यादा गंभीर और रणनीतिक मुद्दों पर केंद्रित रहेगा। पुतिन 40 से ज्यादा बार जिनपिंग से मिल चुके रूस के राष्ट्रपति पुतिन अब तक 20 से ज्यादा बार चीन का दौरा कर चुके हैं। दोनों नेता अब तक 40 से ज्यादा बार मुलाकात कर चुके हैं। पुतिन और जिनपिंग की दोस्ती दुनिया की सबसे मजबूत राजनीतिक साझेदारियों में मानी जाती है। 2013 में राष्ट्रपति बनने के बाद शी जिनपिंग ने अपनी पहली विदेश यात्रा रूस की की थी। वहीं पुतिन भी कई बार चीन को अपनी शुरुआती विदेशी यात्राओं में प्राथमिकता देते रहे हैं। दोनों नेता सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे को करीबी दोस्त और रणनीतिक साझेदार बता चुके हैं। क्रेमलिन के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच सिर्फ औपचारिक कूटनीति नहीं, बल्कि लगातार निजी संवाद भी होता रहा है। फरवरी 2026 में हुई वीडियो बैठक में शी जिनपिंग ने पुतिन को चीन आने का न्योता दिया था, जिसे पुतिन ने तुरंत स्वीकार कर लिया। दोनों नेता BRICS, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) और एशिया-प्रशांत मंचों पर भी अक्सर साथ नजर आते हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों में अमेरिका और पश्चिमी देशों के दबाव के मुकाबले रूस और चीन खुद को मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर के समर्थक के रूप में पेश करते रहे हैं। मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर यानी ऐसी दुनिया, जहां ताकत सिर्फ एक देश नहीं बल्कि कई बड़े देशों में बंटी हो। चीन-रूस के आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हुए अमेरिकी प्रभाव को लेकर साझा चिंता के चलते चीन और रूस ने पिछले कुछ सालों में अपने रिश्ते काफी मजबूत किए हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा, विदेश नीति, कानून व्यवस्था और आर्थिक विकास जैसे मुद्दों पर लगातार उच्च स्तरीय बैठकें होती रही हैं। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद चीन और रूस के बीच व्यापार तेजी से बढ़ा है। चीन ने रूस से तेल, कोयला और गैस की खरीद बढ़ाई है। वहीं, चीन रूस को कार, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूसरी बड़ी वस्तुओं का निर्यात भी कर रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल दोनों देशों के बीच व्यापार 228.1 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था। रूस को इसमें 21.49 अरब डॉलर का ट्रेड सरप्लस मिला, जो 2024 के मुकाबले 55% ज्यादा है। हालांकि, पश्चिमी देशों ने चीन पर आरोप लगाया है कि वह यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस को आर्थिक सहारा दे रहा है। पावर ऑफ साइबेरिया-2 पाइपलाइन पर भी नजर माना जा रहा है कि पुतिन और शी जिनपिंग की आगामी बैठक में इस प्रोजेक्ट पर भी चर्चा हो सकती है। रूस लंबे समय से ‘पावर ऑफ साइबेरिया-2’ गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। यह एक बहुत बड़ा गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट है, जिसे रूस और चीन मिलकर बना रहे हैं। इसका मकसद रूस की गैस सीधे चीन तक पहुंचाना है, ताकि दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग और मजबूत हो सके। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पाइपलाइन के जरिए रूस के यामाल प्रायद्वीप से हर साल करीब 50 अरब क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस मंगोलिया के रास्ते उत्तरी चीन भेजी जा सकेगी। इतनी गैस से 15 से 20 करोड़ घरों की एक साल की जरूरत पूरी हो सकती है। ईरान संकट और तेल कीमतों से रूस को राहत अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब दुनिया के ऊर्जा बाजार पर भी दिखने लगा है। होर्मुज स्ट्रेट के लगभग बंद होने जैसी स्थिति से तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। इससे दुनियाभर में आर्थिक मंदी का खतरा भी गहराया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि तेल और गैस की कीमतें बढ़ने से फिलहाल रूस को कुछ फायदा मिला है। रूस दुनिया के सबसे बड़े तेल और प्राकृतिक गैस भंडार वाले देशों में शामिल है। हालांकि, यूक्रेन युद्ध के कारण रूस अब भी अमेरिका और यूरोपीय देशों के आर्थिक प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। इन प्रतिबंधों का असर रूसी अर्थव्यवस्था पर लगातार बना हुआ है।
आरती सिंह वेट लॉस सीक्रेट: एक महीने में है शादी? तो आज ही ट्राई गाय आरती सिंह की ये रेसिपी, तेजी से घटेगा वजन

टीवी एक्ट्रेस आरती सिंह ने 2024 में रचाई थी शादी। अपने इस खास दिन के लिए उन्होंने अपनी फिटनेस पर काफी ध्यान दिया था और करीब 20 दिनों में 5 किलो वजन कम हो गया था। छवि: इंस्टाग्राम अगर आपकी भी एक-दो महीने में शादी होने वाली है और आप अपने डॉक्टर को लेकर चिंतित हैं तो आपको आरती सिंह की ये रेसिपी एक बार जरूर ट्राई करनी चाहिए। छवि: इंस्टाग्राम आरती सिंह ने ये रेसिपी एक इंटरव्यू के दौरान सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही थी। उन्होंने 25 दिन तक डिनर में केवल लोकी की सब्जी बनाई जिससे उन्हें लगभग 5 किलो वजन की मदद मिली। छवि: फ्रीपिक आरती ने लोकी की सब्जी की रेसिपी भी बताई है जिसे आप तुरंत नोट कर लें। सबसे पहले कुकर में घी डालो, फिर जीरा, हरी मिर्ची, टमाटर खिलौने से पकाओ। छवि: इंस्टाग्राम उसके बाद इसमें कटी हुई लौकी, सेंडा नमक, धनिया कामरेड कुकर बंद कर दो। बजने के बाद थोड़ा सा पका लो और मैश करके खा लो। छवि: फ्रीपिक आरती सिंह ने इस सब्जी को बिना बताए ‘व्रत वाली लोकी’ बताया। लोकी की सब्जी का वजन सबसे ज्यादा होता है क्योंकि इसमें काफी कम और पानी-फाइबर की मात्रा होती है। छवि: एआई लोकी की सब्जी के अंदर से बॉडी मिलती है जिससे चेहरा भी चमक उठता है। ये आपको बिना एक्स्ट्रा फुल के पेट पेमेंट में मदद करता है। ये शरीर से टॉक्सिन बाहर निकाल देता है जिससे आपको असर महसूस होता है। छवि: एआई अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें। (टैग्सटूट्रांसलेट) आरती सिंह वजन घटाने (टी) आरती सिंह वजन घटाने का रहस्य (टी) आरती सिंह वजन घटाने के टिप्स (टी) आरती सिंह (टी) लौकी की सब्जी (टी) वजन घटाने के लिए लौकी (टी) जीवनशैली समाचार (टी) एक महीने में 5 किलो वजन कैसे कम करें
Stroke Warning Symptoms: स्ट्रोक के लक्षण और इलाज

स्ट्रोक एक जानलेवा और गंभीर मेडिकल स्थिति है जो तब होती है जब इंसान के दिमाग के किसी हिस्से में खून का बहाव अचानक रुक जाता है या बहुत कम हो जाता है. ऐसा तब होता है जब ऑक्सीजन या पोषक तत्वों की कमी के कारण दिमाग के सेल्स कुछ ही मिनटों में मरने लगती हैं. स्ट्रोक में इंतजार नहीं किया जा सकता, जैसा कि दूसरी बीमारियों में किया जा सकता है, क्योंकि मरीज को जितनी देर तक मेडिकल मदद और इलाज नहीं मिलता, दिमाग को हमेशा के लिए नुकसान पहुंचने, लंबे समय तक शारीरिक अक्षमता और मौत का खतरा उतना ही बढ़ जाता है. मैक्स अस्पताल, शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पताल में न्यूरोलॉजी के डायरेक्टर डॉ. मनोज खनाल बताते हैं कि रिसर्च से पता चलता है कि अगर स्ट्रोक का इलाज न किया जाए, तो हर मिनट दिमाग की 19 लाख तक सेल्स मर सकती हैं. इसलिए जरूरी है कि जल्दी से जल्द मरीज को इलाज दिया जाए. इलाज में देरी से नुकसानएक्सपर्ट बताते हैं कि स्ट्रोक के बाद हर सेकेंड किमती होता है. दिमाग का जितना ज्यादा हिस्सा मरता है, और मरीज को जरूरी मेडिकल मदद मिलने में जितनी ज्यादा देर लगती है, शरीर के कामों में कई तरह की कमजोरियां आने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है. इसमें हिलने-डुलने में दिक्कत, बोलने में दिक्कत, याददाश्त कमजोर होना, आंखों की रोशनी जाना, सोचने-समझने की क्षमता पर बुरा असर पड़ना शामिल है. लक्षणों को पहचानना जरूरी स्ट्रोक के लक्षण आमतौर पर अचानक उभरते हैं और उन्हें कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, भले ही वे कुछ ही मिनटों में ठीक होते हुए दिखाई दें.स्ट्रोक के लक्षणों को जल्दी पहचानना जान बचाने के लिए बहुत जरूरी है. स्ट्रोक की पहचान करने का सबसे आसान तरीका BEFAST या FAST सिस्टम का इस्तेमाल करना है. B – बैलेंस में दिक्कत अचानक चक्कर आना/संतुलन खो देना; यह आमतौर पर घटना से ठीक पहले होता है. E – आंखों की दिक्कतें : अचानक धुंधला दिखाई देना या दिखना बंद हो जाना. F – चेहरा लटकना : व्यक्ति के चेहरे का एक हिस्सा नीचे की ओर लटका हुआ दिखाई देता है, या दूसरे हिस्से से अलग दिखता है. A – हाथ में कमजोरी : एक हाथ नीचे की ओर लटका हुआ दिखाई दे सकता है. S – बोलने में दिक्कत : व्यक्ति को बोलने में परेशानी हो सकती है; वह शब्दों को ठीक से बोल नहीं पाता या वाक्य नहीं बना पाता; या उसे शब्द ढूंढ़ने में दिक्कत होती है. T – मदद के लिए बुलाने का समय : व्यक्ति को तुरंत मेडिकल मदद की जरूरत होती है; इसके बाद, उसे जल्द से जल्द किसी ऐसे अस्पताल में पहुंचना चाहिए जहां स्ट्रोक के इलाज की पूरी तैयारी हो. स्ट्रोक का इलाज स्ट्रोक के इलाज में थ्रोम्बोलिटिक थेरेपी मुख्य रुप से शामिल होता है. इसमें खून का क्लॉट घोलने वाली दवाएं दी जाती है, जो खून के क्लॉट को घोलकर खून का बहाव फिर से शुरू कर देती है, ये दवाइया मरीज को स्ट्रोक के पहले लक्षण दिखने के 4.5 घंटे के अंदर दी जाती है. जिन मामलों में खून के क्लॉट , किसी बड़ी धमनी में होता है, वहां मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टॉमी का इस्तेमाल करके, खून की नसों के जरिए डाले गए खास औजारों की मदद से थक्के को सीधे निकाला जाता है. आमतौर पर, थक्का बनने के 6 घंटे के अंदर मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टॉमी करवाने वाले मरीजों को सबसे ज्यादा सफलता मिलती है, हालांकि, कुछ मामलों में, लक्षणों के शुरू होने के 6 घंटे बाद भी इलाज किया जा सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
PAK Vs BAN 2nd Test; Hasan Ali Head Injury – Litton Das

Hindi News Sports PAK Vs BAN 2nd Test; Hasan Ali Head Injury Litton Das | Cricket News स्पोर्ट्स डेस्क9 मिनट पहले कॉपी लिंक सिर पर चोट लगने के कारण स्ट्रेचर से मैदान से बाहर जाते हसन अली। पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हसन अली को बांग्लादेश के खिलाफ सिर पर चोट लगने के कारण स्ट्रेचर से मैदान से बाहर जाना पड़ा। हालांकि, पाकिस्तान टीम के लिए राहत की बात यह रही कि वे कुछ समय बाद ही मैदान पर लौट आए और दोबारा गेंदबाजी शुरू कर दी। बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच दो मैचौं की सीरीज का दूसरा टेस्ट आज से सिलहट में खेला जा रहा है। बांग्लादेश की पहली पारी 278 रन पर ऑलआउट हो गई है। टीम के लिए विकेटकीपर-बल्लेबाज लिटन दास ने शतक लगाया। उन्होंने 159 गेंदों पर 126 रन बनाए, जिसमें 16 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। बांग्लादेश के लिए लिटन दास ने 159 बॉल में 126 रन बनाए मैदान पर ऐसे हुआ हादसा शनिवार को बांग्लादेश के पहली पारी के आठवें ओवर के दौरान जब हसन अली अपनी ही गेंद पर तंजीद हसन तमीम का कैच लपकने के लिए दाईं ओर डाइव लगाए। इस दौरान वे मैदान पर काफी अजीब तरीके से गिरे, जिससे उनके सिर के दाहिने हिस्से पर गंभीर चोट लगी और वे असहज नजर आए। चोट लगने के बाद हसन अली को काफी चक्कर आने जैसी महसूस हुआ, जिसके तुरंत बाद मेडिकल टीम मैदान पर आई। स्थिति को देखते हुए उन्हें स्ट्रेचर की मदद से मैदान से बाहर ले जाया गया और उनके ओवर की बची हुई गेंदें सलमान आगा ने डालीं। पाकिस्तान टीम की चिंताएं हुईं दूर पाकिस्तान क्रिकेट टीम और फैंस के लिए यह चिंता ज्यादा लंबी नहीं रही। हसन अली ठीक होकर मैच के 16वें ओवर की शुरुआत में ही वापस मैदान पर लौट आए। इसके बाद उन्होंने मैच के 19वें ओवर में अपनी गेंदबाजी भी दोबारा शुरू कर दी। लिटन दास ने 126 रन बनाए लिटन के अलावा बांग्लादेश के लिए कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। बांग्लादेश की शुरुआत बेहद खराब रही। ओपनर महमूदुल हसन जॉय बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद तंजीद हसन ने 26 और मोमिनुल हक ने 22 रन बनाए, लेकिन दोनों बड़ी पारी में नहीं बदल सके। कप्तान नजमुल हसन शातों ने 29 रन बनाए, जबकि अनुभवी बल्लेबाज मुस्तफिकुर रहमान 23 रन बनाकर आउट हुए। ताइजुल इस्लाम ने 16 और शोरीफुल इस्लाम ने नाबाद 12 रन का योगदान दिया। पाकिस्तान की ओर से खुर्रम शहजाद ने 4 और मोहम्मद अब्बास ने 3 विकेट झटके। वहीं हसन अली को 2 विकेट मिले, जबकि साजिद खान ने 1 बल्लेबाज को आउट किया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
PAK Vs BAN 2nd Test; Hasan Ali Head Injury – Litton Das

Hindi News Sports PAK Vs BAN 2nd Test; Hasan Ali Head Injury Litton Das | Cricket News स्पोर्ट्स डेस्क12 मिनट पहले कॉपी लिंक सिर पर चोट लगने के कारण स्ट्रेचर से मैदान से बाहर जाते हसन अली। पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हसन अली को बांग्लादेश के खिलाफ आज से शुरू हुए दूसरे टेस्ट के दौरान सिर पर चोट गई। इसके बाद उन्हें स्ट्रेचर से मैदान से बाहर ले जाना पड़ा। हालांकि, पाकिस्तान टीम के लिए राहत की बात यह रही कि वे कुछ समय बाद ही मैदान पर लौट आए और दोबारा गेंदबाजी शुरू कर दी। बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच दो मैचौं की सीरीज का दूसरा टेस्ट आज से सिलहट में खेला जा रहा है। बांग्लादेश की पहली पारी 278 रन पर ऑलआउट हो गई है। टीम के लिए विकेटकीपर-बल्लेबाज लिटन दास ने शतक लगाया। उन्होंने 159 गेंदों पर 126 रन बनाए, जिसमें 16 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। बांग्लादेश के लिए लिटन दास ने 159 बॉल में 126 रन बनाए मैदान पर ऐसे हुआ हादसा शनिवार को बांग्लादेश के पहली पारी के 8वें ओवर के दौरान जब हसन अली अपनी ही गेंद पर तंजीद हसन तमीम का कैच लपकने के लिए दाईं ओर डाइव लगाए। इस दौरान वे मैदान पर काफी अजीब तरीके से गिरे, जिससे उनके सिर के दाहिने हिस्से पर गंभीर चोट लगी और वे असहज नजर आए। चोट लगने के बाद हसन अली को काफी चक्कर आने जैसी महसूस हुआ, जिसके तुरंत बाद मेडिकल टीम मैदान पर आई। स्थिति को देखते हुए उन्हें स्ट्रेचर की मदद से मैदान से बाहर ले जाया गया और उनके ओवर की बची हुई गेंदें सलमान आगा ने डालीं। पाकिस्तान टीम की चिंताएं हुईं दूर पाकिस्तान क्रिकेट टीम और फैंस के लिए यह चिंता ज्यादा लंबी नहीं रही। हसन अली ठीक होकर मैच के 16वें ओवर की शुरुआत में ही वापस मैदान पर लौट आए। इसके बाद उन्होंने मैच के 19वें ओवर में अपनी गेंदबाजी भी दोबारा शुरू कर दी। लिटन दास ने 126 रन बनाए लिटन के अलावा बांग्लादेश के लिए कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। बांग्लादेश की शुरुआत बेहद खराब रही। ओपनर महमूदुल हसन जॉय बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद तंजीद हसन ने 26 और मोमिनुल हक ने 22 रन बनाए, लेकिन दोनों बड़ी पारी में नहीं बदल सके। कप्तान नजमुल हसन शातों ने 29 रन बनाए, जबकि अनुभवी बल्लेबाज मुस्तफिकुर रहमान 23 रन बनाकर आउट हुए। ताइजुल इस्लाम ने 16 और शोरीफुल इस्लाम ने नाबाद 12 रन का योगदान दिया। पाकिस्तान की ओर से खुर्रम शहजाद ने 4 और मोहम्मद अब्बास ने 3 विकेट झटके। वहीं हसन अली को 2 विकेट मिले, जबकि साजिद खान ने 1 बल्लेबाज को आउट किया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Satwik Chirag Thailand Open 2026 Final; Satwiksairaj Chirag Shetty

Hindi News Sports Satwik Chirag Thailand Open 2026 Final; Satwiksairaj Chirag Shetty | Badminton News बैंकॉककुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक बैंकॉक में खेले जा रहे थाईलैंड ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी फाइनल में पहुंच गए हैं। दुनिया की चौथे नंबर की भारतीय जोड़ी ने शनिवार को सेमीफाइनल में मलेशिया के गोह स्जे फी और नूर इज्जुद्दीन को 19-21, 22-20, 21-16 से हराया। यह मुकाबला 82 मिनट तक चला। फाइनल में भारतीय जोड़ी का सामना कल इंडोनेशिया के लियो रोली कार्नांडो और डेनियल मार्थिन से दोपहर 12:30 बजे से होगा। इस सीजन का पहला फाइनल सात्विक और चिराग ने दबाव में शानदार खेल दिखाया। भारतीय जोड़ी ने दूसरा गेम बेहद करीबी मुकाबले में बचाया और फिर निर्णायक गेम में बढ़त बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। यह इस सीजन में उनकी पहली फाइनल एंट्री है। इससे पहले वे 2019 और 2024 में भी इस टूर्नामेंट का खिताब जीत चुके हैं। पहला गेम मलेशियाई जोड़ी के नाम रहा मुकाबले की शुरुआत में मलेशियाई जोड़ी ने फ्रंट कोर्ट पर दबदबा बनाया और 3-1 की बढ़त ले ली। हालांकि सात्विक और चिराग ने तेजी से वापसी करते हुए स्कोर 5-5 कर दिया। पहले गेम में दोनों टीमों के बीच तेज रैलियां और लगातार आक्रामक स्मैश देखने को मिले। ब्रेक तक मलेशियाई जोड़ी 11-8 से आगे थी। चिराग और इज्जुद्दीन ने कई तेज स्मैश लगाए, जबकि गोह ने नेट के पास शानदार ड्रॉप शॉट खेले। चिराग की कुछ गलतियों की वजह से भारतीय जोड़ी 9-15 से पीछे हो गई। भारतीय खिलाड़ियों ने स्कोर 12-16 तक पहुंचाया, लेकिन इज्जुद्दीन के मजबूत स्मैश और डिफेंस की मदद से मलेशियाई जोड़ी ने 18-12 की बढ़त बना ली। इसके बाद गोह की दो गलतियों और एक लंबी शॉट से भारतीय टीम ने अंतर कम किया, लेकिन अंत में सात्विक नेट पर शॉट मार बैठे और पहला गेम गंवा दिया। सात्विक और चिराग ने पहला गेम 19-21 से गंवा दिया। सात्विक-चिराग ने वापसी की दूसरे गेम में दोनों जोड़ियों के बीच कांटे की टक्कर रही। स्कोर 3-3 से 6-6 तक बराबरी पर चलता रहा। सात्विक और चिराग ने स्मैश की रफ्तार बदलकर विरोधियों से गलतियां कराईं और 9-6 की बढ़त ली। ब्रेक तक भारतीय जोड़ी 11-9 से आगे थी। बाद में गोह ने नेट पर शानदार खेल दिखाते हुए स्कोर 13-13 कर दिया। चिराग के दमदार स्मैश से भारत ने 16-14 की बढ़त बनाई, लेकिन फिर मुकाबला 16-16 पर पहुंच गया। 20-20 पर मैच की सबसे लंबी और तेज रैली देखने को मिली। दोनों जोड़ियों ने लगातार डिफेंस किया। आखिर में इज्जुद्दीन का शॉट बाहर चला गया और भारतीय जोड़ी ने दूसरा गेम जीतकर मुकाबला बराबर कर लिया। तीसरा गेम 11-5 से जीता निर्णायक गेम में सात्विक ने ज्यादा आक्रामक खेल दिखाया। स्कोर 5-5 के बाद भारतीय जोड़ी ने लगातार 6 अंक जीतकर 11-5 की बड़ी बढ़त बना ली। सात्विक के स्मैश और बैककोर्ट शॉट्स ने मलेशियाई खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ा दिया। मलेशियाई जोड़ी ने वापसी की कोशिश करते हुए स्कोर 13-17 तक पहुंचाया, लेकिन लगातार गलतियों की वजह से वे मैच में वापसी नहीं कर सके। आखिर में सात्विक के क्रॉस-कोर्ट स्मैश से भारत को पांच मैच पॉइंट मिले। एक नेट कॉर्ड के बाद चिराग ने आखिरी शॉट लगाकर टीम को फाइनल में पहुंचा दिया। हम खिताब भी जीतेंगे- चिराग मैच के बाद चिराग शेट्टी ने कहा, साल की शुरुआत हमारे लिए अच्छी नहीं रही। मानसिक तौर पर भी हम मजबूत स्थिति में नहीं थे। लेकिन थॉमस कप में मिला ब्रॉन्ज मेडल हमारे आत्मविश्वास के लिए बड़ा मोमेंट था। अब हम साल का पहला फाइनल खेल रहे हैं। उम्मीद है कि हम खिताब भी जीतेंगे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
सुबह खाली पेट पुदीने का पानी पीने से क्या होता है? फायदे जानकर रह जाएंगे दंग

Last Updated:May 16, 2026, 16:44 IST गर्मियों में सुबह खाली पेट पुदीने का पानी पीना शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन और मुंह की बदबू जैसी समस्याओं में राहत दे सकता है. कई लोग इसे हल्का और ताज़गी भरा समर ड्रिंक मानते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स ज्यादा मात्रा में सेवन से एसिडिटी या पेट की परेशानी का खतरा भी बताते हैं. इसलिए इसे सीमित मात्रा में और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह के साथ ही पीना बेहतर माना जाता है. ख़बरें फटाफट गर्मियों में शरीर को ठंडा और तरोताजा रखने के लिए लोग कई तरह के घरेलू उपाय अपनाते हैं. इन्हीं में से एक है सुबह खाली पेट पुदीने का पानी पीना. पुदीना सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए ही इस्तेमाल नहीं होता, बल्कि इसे सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है. इसकी ठंडी तासीर शरीर को गर्मी से राहत देने में मदद कर सकती है. यही वजह है कि गर्मियों में पुदीने से बने ड्रिंक, चटनी और पानी का इस्तेमाल काफी बढ़ जाता है. हेल्थलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, सुबह खाली पेट पुदीने का पानी पीने से सबसे बड़ा फायदा पाचन तंत्र को मिल सकता है. कई लोगों को सुबह पेट भारी लगना, गैस या अपच जैसी परेशानियां होती हैं. ऐसे में पुदीना पेट को शांत करने और पाचन बेहतर करने में मदद कर सकता है. इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व पेट में बनने वाली अतिरिक्त गैस को कम करने में सहायक माने जाते हैं. यही कारण है कि कई लोग खाने के बाद भी पुदीना लेना पसंद करते हैं. शरीर को ठंडक पहुंचाने में मदद करता हैगर्मियों में डिहाइड्रेशन और शरीर में गर्मी बढ़ना आम समस्या बन जाती है. पुदीने का पानी शरीर को ठंडक पहुंचाने में मदद कर सकता है. इसे पीने से शरीर ज्यादा फ्रेश महसूस करता है और मुंह की गर्मी या बेचैनी कम हो सकती है. खासकर जो लोग सुबह जल्दी बाहर निकलते हैं या धूप में काम करते हैं, उनके लिए यह एक अच्छा समर ड्रिंक माना जाता है. मुंह की बदबू कम करने में मददगारपुदीने का पानी मुंह की बदबू कम करने में भी मददगार हो सकता है. पुदीने में प्राकृतिक ताजगी देने वाले गुण होते हैं, जो सांसों को फ्रेश रखने में सहायक माने जाते हैं. कई टूथपेस्ट और माउथ फ्रेशनर में भी पुदीने का इस्तेमाल इसी वजह से किया जाता है. सुबह इसका पानी पीने से मुंह ताजा महसूस हो सकता है. कुछ लोग वजन कम करने की कोशिश में भी पुदीने का पानी अपनी डाइट में शामिल करते हैं. हालांकि सिर्फ पुदीना पानी पीने से वजन कम नहीं होता, लेकिन यह शरीर को हल्का और फ्रेश महसूस करा सकता है. कई बार लोग मीठे और ज्यादा कैलोरी वाले ड्रिंक की जगह इसे पीना पसंद करते हैं, जिससे अनहेल्दी चीजों का सेवन कम हो सकता है. शरीर को रिलैक्स महसूस कराने में मदद करता हैपुदीने में एंटीऑक्सीडेंट और कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को रिलैक्स महसूस कराने में मदद कर सकते हैं. कई लोगों को इसकी खुशबू और स्वाद मानसिक ताजगी देता है. गर्मियों में जब चिड़चिड़ापन और थकान बढ़ जाती है, तब यह शरीर और मन दोनों को हल्का महसूस करा सकता है. कैसे बनाना है आपको पुदीने का पानी?पुदीने का पानी बनाना भी बेहद आसान है. इसके लिए रातभर एक गिलास पानी में कुछ ताजी पुदीने की पत्तियां डालकर रख सकते हैं या सुबह हल्का उबालकर ठंडा करके पी सकते हैं. स्वाद के लिए इसमें थोड़ा नींबू भी मिलाया जा सकता है. हालांकि हर चीज की तरह इसका सेवन भी संतुलित मात्रा में करना जरूरी है. बहुत ज्यादा पुदीना कुछ लोगों में एसिडिटी या एलर्जी जैसी परेशानी पैदा कर सकता है. अगर किसी को पहले से पेट या स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्या है, तो नियमित सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर माना जाता है. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi
Amit Shah Jihadi Drug Action; NCB Drug Captagon Seizure Update

Hindi News National Amit Shah Jihadi Drug Action; NCB Drug Captagon Seizure Update | Delhi News 5 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने कैप्टागॉन की तस्करी में शामिल एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह से लगभग 227.7 किलोग्राम कैप्टागॉन जब्त किया गया है। जिसे जिहादी ड्रग भी कहते हैं, इसकी कीमत 182 करोड़ रुपए है। गृह मंत्री अमित शाह ने X पर एक पोस्ट में कैप्टागॉन की पहली खेप जब्त करने के लिए एजेंसी की सराहना की। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने नशामुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया है। क्यों कहते हैं जिहादी ड्रग कैप्टागॉन एक आम नाम है जो फेनेथिलिन से जुड़ा है। यह 1960 के दशक में बनाया गया एक सिंथेटिक स्टिमुलेंट (उत्तेजक) है। इसका गलत इस्तेमाल और तस्करी पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में एक्टिविस्ट और कॉन्फ्लिक्ट जोन के नेटवर्क से जुड़ी है। इसे जिहादी ड्रग का नाम इसलिए मिला क्योंकि इस ड्रग के असर से इसका इस्तेमाल करने वाले लोग लंबे समय तक जाग पाते थे। डर और थकान को दबाया जा सकता है। इतना ही नहीं एग्रेसिव और जोखिम लेने वाला व्यवहार भी बढ़ाया जा सकता है। इसके इस्तेमाल से तनाव वाले हालात में लंबे समय तक लड़ाई जैसी गतिविधियों को जारी रखा जा सकता है। गृह मंत्रालय बोला- ऑपरेशन रेजपिल नशामुक्त भारत के लिए चलाया MHA ने एक बयान में कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को एक विदेशी ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसी से जानकारी मिली थी कि भारत का इस्तेमाल कैप्टागॉन की तस्करी के लिए एक ट्रांजिट रूट के तौर पर किया जा रहा है। नई दिल्ली के नेब सराय में एक घर की पहचान की गई, और 11 मई को वहां तलाशी ली गई, जिसके दौरान एक कमर्शियल चपाती-काटने वाली मशीन में छिपाई गई लगभग 31.5 किलो कैप्टागॉन टैबलेट बरामद हुई। इस मशीन को सऊदी अरब के जेद्दाह में एक्सपोर्ट करने का इरादा था। दिल्ली में रह रहे सीरिया के नागरिक से मिला था इनपुट नेब सराय का यह घर एक सीरियाई नागरिक ने किराए पर लिया था, जो 15 नवंबर 2024 को टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। MHA ने बताया कि उसका वीजा 12 जनवरी 2025 को खत्म हो गया था। वह गैर-कानूनी तरीके से भारत में रह रहा था। उससे पूछताछ के आधार पर 14 मई को गुजरात के मुंद्रा में कंटेनर फैसिलिटेशन स्टेशन (CFS) में रखे एक कंटेनर से लगभग 196.2 किलो कैप्टागॉन पाउडर बरामद किया गया। यह कंटेनर सीरिया से मंगाया गया था, जिसमें भेड़ की ऊन बताई गई थी। कंटेनर की पूरी तरह से तलाशी लेने पर, उसमें से 3 बैग बरामद हुए जिनमें 196.2 किलोग्राम कैप्टागॉन पाउडर भरा हुआ था। शुरुआती जांच से पता चला है कि बरामद किए गए इस सामान को खाड़ी क्षेत्र खासकर सऊदी अरब और आस-पास के मध्य-पूर्वी देशों में भेजा जाना था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…








