Wednesday, 01 Jul 2026 | 11:39 AM

Trending :

गर्मी में प्यास बुझाने के लिए सिर्फ पानी नहीं! ये 5 हेल्दी जूस करेंगे शरीर को अंदर से ठंडा और एनर्जेटिक

authorimg

Last Updated:May 17, 2026, 23:58 IST Garmi Me Kaunsa Juice Piye: गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट और ठंडा रखना बेहद जरूरी होता है क्योंकि तेज धूप और पसीने की वजह से डिहाइड्रेशन, थकान और कमजोरी जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. ऐसे में सही जूस का सेवन न सिर्फ प्यास बुझाता है, बल्कि शरीर को अंदर से ताजगी और एनर्जी भी देता है. इसलिए लोग अक्सर यह जानना चाहते हैं कि गर्मी में कौन सा जूस पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है. फलों का जूस गर्मी के मौसम में शरीर के लिए सबसे जरूरी होता है, उसे हाइड्रेटेड रखना. तेज धूप, गर्म हवा और लगातार पसीने के वजह से आपके शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी होने लगती है इसलिए, आप थकान भी काफी जल्दी महसूस करने लगते हैं. ऐसे में सही जूस का सेवन न सिर्फ प्यास बुझाता है, बल्कि शरीर को अंदर से ठंडक, एनर्जी और ताजगी भी देता है. अगर आप सोच रहे हैं कि गर्मी में कौन सा जूस पीना चाहिए, तो कुछ हेल्दी समर ड्रिंक्स आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकते हैं. आइए जानते हैं कौन से जूस आपको फायदा पहुंचा सकते हैं… गर्मी में शरीर ज्यादा पसीना छोड़ता है, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ जाती है. जब शरीर में पानी की कमी होती है तो थकान, सिर दर्द, चक्कर और कमजोरी जैसी समस्याएं होने लगती हैं. कई बार ज्यादा गर्मी में लू लगने का खतरा भी बढ़ जाता है. इसलिए इस मौसम में ऐसे पेय पदार्थों का सेवन करना जरूरी है जो शरीर में पानी की कमी को पूरा करें और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखें. सही जूस न सिर्फ शरीर को ठंडा रखते हैं बल्कि पाचन और स्किन हेल्थ के लिए भी फायदेमंद होते हैं. समर में कौन से जूस सबसे हेल्दी होते हैं?गर्मी के मौसम में कुछ खास जूस ऐसे होते हैं जो शरीर को प्राकृतिक रूप से ठंडक देते हैं और एनर्जी बनाए रखते हैं. नींबू पानी सबसे आसान और असरदार ड्रिंक माना जाता है, जो शरीर को तुरंत रिफ्रेश करता है और डिटॉक्स में मदद करता है. नारियल पानी प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट का बेहतरीन स्रोत है, जो डिहाइड्रेशन से बचाता है और शरीर को लंबे समय तक हाइड्रेट रखता है. तरबूज का जूसतरबूज का जूस गर्मियों में सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है क्योंकि इसमें पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो शरीर को तुरंत ठंडक देता है. खीरे का जूस भी स्किन को हाइड्रेट करने और शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है. वहीं बेल का जूस पेट के लिए बहुत अच्छा माना जाता है और गर्मी में शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करता है. सत्तू ड्रिंकसत्तू गर्मियों में एक बेहद पौष्टिक और पारंपरिक देसी पेय माना जाता है, जो भुने हुए चने के आटे से तैयार किया जाता है. इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम पाए जाते हैं, जो शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने के साथ-साथ कमजोरी और थकान को भी कम करते हैं. यह ड्रिंक शरीर की गर्मी को शांत करने में मदद करता है, इसलिए इसे नेचुरल कूलिंग ड्रिंक भी कहा जाता है. सत्तू पाचन तंत्र के लिए भी फायदेमंद होता है, क्योंकि इसका फाइबर कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है. इसके अलावा यह शरीर को हाइड्रेट रखने और लू से बचाव में भी उपयोगी माना जाता है, खासकर जब इसे पानी, नींबू और हल्के नमक के साथ लिया जाए. इन जूस के फायदे क्या हैं?इन सभी समर ड्रिंक्स का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ये शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाते हैं और गर्मी के असर को कम करते हैं. ये पाचन को सुधारते हैं, थकान कम करते हैं और शरीर को एक्टिव बनाए रखते हैं. इसके अलावा ये स्किन को भी हेल्दी और ग्लोइंग रखने में मदद करते हैं. नियमित रूप से इन जूस का सेवन करने से लू लगने का खतरा कम हो जाता है और शरीर अंदर से ठंडा बना रहता है. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi

केरल में कल सुबह 10 बजे शपथ ग्रहण, वीडियो शपथ ग्रहण, प्रमुख मुख्यमंत्री पद की शपथ

केरल में कल सुबह 10 बजे शपथ ग्रहण, वीडियो शपथ ग्रहण, प्रमुख मुख्यमंत्री पद की शपथ

केरल के नए मुख्यमंत्री वीडी सतीसन: केरल में यूएफ़एफ़ ने बहुमत हासिल किया, लेकिन सीएम के एलान में काफ़ी समय लगा। इससे पहले गुरुवार यानि 14 मई को केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस ने वीडियो जारी किया था, जिसमें मोहर ने कहा था। अब उनके शपथ ग्रहण से जुड़ी जानकारी सामने आई है। खुद वीडियो शेरीशन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी दी है। नेता कांग्रेस राहुल गांधी भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे. केरल के मुख्यमंत्री पद के नाम से मशहूर वीडियो में कहा गया है कि शपथ ग्रहण समारोह सुबह 10 बजे (18 मई 2026) को होगा। मुख्यमंत्री के साथ-साथ लगभग 6 दशकों के बाद पूर्ण सचिवालय एक साथ शपथ। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने सबसे पहले अपने हितैषी की घोषणा की है। कांग्रेस के 63 नामों में कई काबिल नेता हैं। कई काबिल नेताओं को भी सामने रखा गया है। वे कैबिनेट से बाहर ही रहेंगे. इसमें दुख और दर्द है. विभिन्न सीमाएँ, डायनासोर और सामाजिक वास्तविकताओं के कारण जैसे निर्णय लिए गए हैं। यह भी पढ़ें: हैदराबाद में दिल्ली-मुंबई से भी ज्यादा है पेट्रोल-डीजल के दाम, इस मेट्रो सिटी में क्यों है सबसे ज्यादा खपत? 6 बार नेता रह चुके हैं वीडियो अभिषेकन केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतात्रिक मोर्चा यानि यू.पी.एफ. ने 140 में से 102 में प्रवेश किया। साथ ही दस साल के वामपंथ के शासन को उखाड़ फेंका गया था। इस जीत के बाद कांग्रेस के आलाकमान ने 6 बार के सहयोगी वीडीशीयन को केरल का नया मुख्यमंत्री बनाया था। इस बार कैसे हो रहा है केरल विधानसभा चुनाव इस बार के चुनाव में यूएफओ गठबंधन को 102 सीटें मिलीं। इसमें कांग्रेस के 63वें हिस्से, IUML के 22वें हिस्से शामिल हैं। अन्यत्र एलएलसी को 35 प्रतिशत ही लाभ हुआ। पिछले 10 वर्षों से लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट की राज्य सरकार चल रही थी। इस बार के चुनाव में पिनाराई विजयन का वामपंथ गठबन्धन बुरी तरह हार गया। इसी के साथ वामपंथ के देश में किसी भी जगह पर सत्ता नहीं रही। इसमें 26 यात्रियों को सी.पी.आई.एम. को 8 यात्रियों को ही मिलें। बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन को सिर्फ 3 ग्राहक मिले। यहां, बीजेपी के राजीव चन्द्रशेखर ने नेमोम सीट से 38 सौ साल की ऐतिहासिक जीत दर्ज की। ये भी पढ़ें – ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आतंकवादियों पर हमला पूरी तरह से गलत’, संयुक्त राष्ट्र में भारत का बड़ा बयान (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल(टी)वीडी सतीसन(टी)इलेक्शन(टी)केरल शपथ समारोह(टी)वीडी सतीसन शपथ समारोह(टी)ताजा समाचार(टी)अपडेट समाचार(टी)चुनाव समाचार(टी)केरल(टी)वी.डी. शपथन

लू लगते ही शरीर हो जाता है बेकाबू? ये 5 तुरंत उपाय बचा सकते हैं आपकी जान, अभी जान लें

google-color.svg

Last Updated:May 17, 2026, 23:28 IST Loo lagne par turant kya kare immediate remedy: गर्मी के मौसम में लू लगना एक आम लेकिन खतरनाक स्थिति है, जो अचानक शरीर का तापमान बढ़ा देती है और कमजोरी, चक्कर या बेहोशी तक का कारण बन सकती है. ऐसे में सही समय पर किए गए छोटे-छोटे उपाय शरीर को जल्दी ठंडा करने और गंभीर स्थिति से बचाने में मदद कर सकते हैं. ख़बरें फटाफट लू से बचने के उपाय. गर्मी के मौसम में लू लगना एक आम लेकिन खतरनाक समस्या है. तेज धूप और गर्म हवाओं के संपर्क में आने से शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाता है, जिससे सिर दर्द, चक्कर, कमजोरी, उल्टी और बेहोशी जैसी स्थिति भी बन सकती है. कई बार लोग इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लू लगने पर तुरंत सही कदम उठाना बेहद जरूरी होता है, ताकि स्थिति गंभीर न हो. सही समय पर किया गया इलाज शरीर को तेजी से रिकवर करने में मदद करता है और खतरे को कम कर देता है. अगर किसी व्यक्ति को लू लगने के लक्षण दिखाई दें, तो सबसे पहले उसे धूप और गर्मी से दूर किसी ठंडी और छांव वाली जगह पर ले जाएं. शरीर को आराम की स्थिति में लिटा दें और कपड़ों को थोड़ा ढीला कर दें, ताकि हवा का प्रवाह बना रहे. अगर संभव हो तो पंखा या कूलर की हवा में रखें. शरीर को जल्दी ठंडा करना इस स्थिति में सबसे पहला और जरूरी कदम माना जाता है. शरीर को ठंडा करने के लिए पानी का इस्तेमाल करेंलू लगने पर शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है, ऐसे में पानी का सही इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होता है. मरीज के माथे, गर्दन और हाथ-पैरों पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें. आप गीले कपड़े से भी शरीर को पोछ सकते हैं. ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा बर्फ ठंडा पानी सीधे शरीर पर न डालें, बल्कि हल्का ठंडा पानी ही इस्तेमाल करें ताकि शरीर धीरे-धीरे सामान्य तापमान पर आ सके. पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स जरूर देंलू लगने पर शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाती है, जिसे तुरंत पूरा करना जरूरी होता है. ऐसे में ओआरएस घोल, नींबू पानी, नारियल पानी या हल्का नमक-चीनी वाला पानी देना काफी फायदेमंद होता है. इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और डिहाइड्रेशन की समस्या कम होती है. लेकिन अगर व्यक्ति बेहोश हो या बहुत ज्यादा कमजोर हो तो उसे जबरदस्ती कुछ भी पिलाने से बचना चाहिए. कपड़े और शरीर की देखभाललू लगे व्यक्ति के कपड़े ढीले और हल्के होने चाहिए ताकि शरीर को हवा मिल सके. टाइट और भारी कपड़े शरीर की गर्मी को और बढ़ा सकते हैं. इसके अलावा शरीर को आराम देना भी जरूरी है ताकि वह खुद को रिकवर कर सके. डॉक्टर से कब संपर्क करेंअगर लू लगने के बाद लगातार उल्टी, तेज बुखार, बेहोशी, या बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो रही हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. लू कभी-कभी गंभीर स्थिति भी ले सकती है, इसलिए इसे हल्के में लेना सही नहीं है. सही समय पर इलाज और सावधानी से इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi

रात को हैवी खाने का नहीं है मन, इन 4 चीजों से बनाएं हेल्दी सलाद, सेहत में आ जाएगा सुधार

authorimg

Last Updated:May 17, 2026, 23:28 IST Healthy Night Meal Recipe: स्वस्थ रहने के लिए रात को हमेशा हल्का भोजन करना चाहिए. अगर रात में भारी खाना खाने का मन नहीं करता, तो खीरा, टमाटर, प्याज और स्प्राउट्स से बना हेल्दी सलाद एक शानदार विकल्प हो सकता है. यह हल्का, पौष्टिक और पाचन के लिए फायदेमंद होता है. साथ ही वजन कंट्रोल करने में भी मदद कर सकता है. खीरा, टमाटर और चना जैसी चीजों से हेल्दी सलाद बनाया जा सकता है. Easy Salad Recipe for Dinner: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों की सेहत बिगड़ने लगी है. शरीर को स्वस्थ रखना काफी चैलेंजिंग हो गया है और इसके हेल्दी रखने के लिए लोग अच्छी डाइट का रुख कर रहे हैं. दिनभर की भागदौड़ के बाद रात में अक्सर कुछ हल्का और हेल्दी खाने का मन करता है. कई लोग रात में ज्यादा तेल-मसाले वाला खाना खाने से बचते हैं, क्योंकि इससे पेट भारी लग सकता है और नींद पर भी असर पड़ता है. ऐसे में सलाद एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. सही चीजों से तैयार किया गया सलाद न सिर्फ पेट को हल्का रखता है, बल्कि शरीर को जरूरी पोषण भी देता है. अगर आप भी रात में हल्का और हेल्दी डिनर करना चाहते हैं, तो सिर्फ 4 चीजों से सलाद बना सकते हैं. नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया रात में हल्का भोजन करने से पाचन बेहतर रहता है और शरीर को खाना पचाने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती. सलाद में फाइबर, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को हाइड्रेट रखने और वजन कंट्रोल करने में मदद करते हैं. इसके अलावा हेल्दी सलाद खाने से देर रात भूख लगने की समस्या भी कम हो सकती है. हेल्दी सलाद पाचन को बेहतर रखने, वजन कंट्रोल करने और शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद करता है. जो लोग वजन कम करना चाहते हैं या हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करना चाहते हैं, उनके लिए यह सलाद अच्छा विकल्प हो सकता है. हालांकि जिन लोगों को गैस या पाचन से जुड़ी समस्या रहती है, उन्हें कच्ची चीजें सीमित मात्रा में खानी चाहिए. इन 4 चीजों से बनाएं हेल्दी सलाद डिनर के लिए हेल्दी सलाद बनाने के लिए खीरा, टमाटर, प्याज और चना की जरूरत होती है. खीरा में पानी की मात्रा काफी ज्यादा होती है, जिससे शरीर हाइड्रेट रहता है. यह पेट को ठंडक देने के साथ पाचन को भी बेहतर बनाने में मदद करता है. रात में खीरा खाने से पेट हल्का महसूस होता है. टमाटर में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर की इम्यूनिटी मजबूत करने में मदद करते हैं. इसका हल्का खट्टा स्वाद सलाद को और ज्यादा टेस्टी बना देता है. प्याज सलाद का स्वाद बढ़ाने के साथ शरीर को ठंडक देने का काम भी करता है. गर्मियों में प्याज खाना खासतौर पर फायदेमंद माना जाता है. सलाद को हेल्दी और पेट भरने वाला बनाने के लिए इसमें उबला चना या स्प्राउट्स जरूर मिलाएं. इनमें प्रोटीन और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जिससे लंबे समय तक भूख नहीं लगती है. कैसे तैयार करें सलाद? एक बड़े बाउल में खीरा, टमाटर और प्याज को छोटे टुकड़ों में काट लें. अब इसमें उबला चना या स्प्राउट्स डालें. स्वाद के लिए थोड़ा काला नमक, भुना जीरा, नींबू का रस और काली मिर्च मिलाएं. चाहें तो ऊपर से हरा धनिया भी डाल सकते हैं. यह सलाद कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाता है और रात के हल्के डिनर के लिए परफेक्ट माना जाता है. अगर रात में आपका हैवी खाना खाने का मन नहीं करता, तो हेल्दी सलाद एक शानदार विकल्प हो सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

इनफर्टिलिटी का खतरा, ये आदतें कर रही एग्स को कमजोर, मां बनना है तो न करें ये गलती

authorimg

Last Updated:May 17, 2026, 23:27 IST Tips To Improve Fertility: मां बनने की संभावना सिर्फ उम्र बढ़ने के कारण ही कम नहीं होती बल्कि कई लाइफस्टाइल की आदतें भी फर्टीलिटी को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है. ख़बरें फटाफट आज की तेज और भागदौड़ भरी जिंदगी का असर सिर्फ शरीर की सेहत पर ही नहीं, बल्कि महिलाओं की प्रजनन क्षमता यानी मां बनने की क्षमता पर भी पड़ रहा है. डॉक्टरों के अनुसार, अगर कोई महिला भविष्य में मां बनना चाहती है, तो उसके शरीर में मौजूद एग्स का स्वस्थ होना बहुत जरूरी होता है. यही एग्स गर्भधारण की प्रक्रिया में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं. अगर इनकी क्वालिटी अच्छी होती है, तो प्रेग्नेंसी की संभावना भी बेहतर रहती है. इनफर्टिलिटी का कारण? महिलाओं के शरीर में ये एग्स जन्म से ही मौजूद होते हैं. उम्र बढ़ने के साथ-साथ इनकी संख्या और गुणवत्ता दोनों कम होने लगती हैं. लेकिन सिर्फ उम्र ही इसका कारण नहीं है. खराब खानपान, ज्यादा तनाव, धूम्रपान और नींद की कमी भी इन एग्स को कमजोर बना सकती है. फर्टीलिटी को कैसे करें बूस्टसही और पौष्टिक आहार का सीधा असर महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर पड़ता है. रोजाना ताजे फल और हरी सब्जियां खाने से शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स मिलते हैं. ये पोषक तत्व शरीर की कोशिकाओं को मजबूत बनाने में मदद करते हैं, जिससे एग्स की सेहत भी बेहतर रहती है. इसके अलावा शरीर को कुछ खास विटामिन्स और पोषक तत्वों की जरूरत होती है, जिनमें फोलिक एसिड बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. डॉक्टर अक्सर गर्भधारण की तैयारी करने वाली महिलाओं को फोलिक एसिड लेने की सलाह देते हैं. यह शरीर को मजबूत बनाने और प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर करने में मदद करता है. यह दाल, चना, हरी पत्तेदार सब्जियों और अनाज में पाया जाता है. ओमेगा-3 फैटी एसिड भी महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद होता है. यह शरीर के हार्मोन को संतुलित रखने में मदद करता है, जिससे एग्स बनने की प्रक्रिया बेहतर तरीके से काम करती है. यह पोषक तत्व अखरोट और अलसी के बीज में पाया जाता है. नींद की गुणवत्ता भी एग्स की सेहत से जुड़ी होती है. अगर कोई महिला पर्याप्त नींद नहीं लेती या देर रात तक जागती रहती है, तो हार्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है. इसलिए रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेना जरूरी माना जाता है. तनाव भी फर्टिलिटी पर नकारात्मक असर डालता है. ज्यादा चिंता करने से शरीर में हार्मोन असंतुलित हो सकते हैं, जिससे मासिक धर्म और गर्भधारण पर असर पड़ता है. इसलिए मानसिक रूप से शांत रहना बहुत जरूरी है. धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन भी एग्स को नुकसान पहुंचा सकता है. ये आदतें भविष्य में मां बनने की संभावना को कम कर सकती हैं. इसलिए डॉक्टर ऐसी आदतों से दूर रहने की सलाह देते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

45 डिग्री टेंपरेचर में बाहर निकलते वक्त ये 5 चीजें जरूर रखें साथ, लू लगने का नहीं रहेगा खतरा

authorimg

Last Updated:May 17, 2026, 22:55 IST Tips To Prevent Summer Heat: दिल्ली-एनसीआर समेत कई जगहों पर पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है. दोपहर के वक्त गर्म हवा चल रही है, जिसे लू कहा जाता है. भीषण गर्मी में बाहर निकलते समय सभी लोगों को अपने पास पानी, ORS, छाता और सूती कपड़े जैसी जरूरी चीजें रखना चाहिए. इससे लू, डिहाइड्रेशन और हीटवेव के खतरों से बचा जा सकता है. गर्मी में लू से बचने के लिए पानी की बोतल हमेशा साथ रखनी चाहिए. Useful Summer Health Tips: गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. पिछले सप्ताह आंधी-बारिश के कारण तापमान में थोड़ी गिरावट आई थी, लेकिन अब पारा फिर 45 डिग्री सेल्सियस के पार हो गया है. मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी का अलर्ट जारी किया है. अनुमान है कि आने वाला सप्ताह काफी गर्म रहेगा और लोगों को लू का सामना भी करना पड़ेगा. तेज धूप, गर्म हवाएं और लगातार बढ़ती हीट लोगों की सेहत पर बुरा असर डाल सकती है. ऐसे मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी लू यानी हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है. खासकर दोपहर के समय बाहर निकलने वाले लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है. अगर आप भी तेज गर्मी में घर से बाहर निकलते हैं, तो कुछ जरूरी चीजें अपने साथ रखना बेहद जरूरी है. ये छोटी-छोटी सावधानियां आपको लू और शरीर में पानी की कमी से बचाने में मदद कर सकती हैं. लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. लोकेंद्र गुप्ता ने News18 को बताया गर्मी में शरीर से पसीने के जरिए काफी मात्रा में पानी बाहर निकल जाता है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए बाहर निकलते समय हमेशा पानी की बोतल अपने साथ रखें और थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें. अगर संभव हो तो सादा पानी की जगह नींबू पानी, ORS या नारियल पानी का सेवन करें, ताकि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बना रहे. गर्मियों में कमजोरी और थकान महसूस होना आम बात है. ऐसे में ORS या ग्लूकोज पाउडर साथ रखना फायदेमंद हो सकता है. जरूरत पड़ने पर इसे पानी में मिलाकर पीने से शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है और डिहाइड्रेशन का खतरा कम हो जाता है. डॉक्टर के मुताबिक तेज धूप सीधे सिर पर पड़ने से शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है. इससे चक्कर आना, सिरदर्द और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है. बाहर निकलते समय छाता, कैप या चौड़ी टोपी का इस्तेमाल करें. इससे धूप का असर कम होता है और शरीर को कुछ हद तक ठंडक मिलती है. इसके अलावा गर्मी में सिंथेटिक कपड़ों की बजाय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनना ज्यादा बेहतर माना जाता है. सूती कपड़े पसीना जल्दी सोख लेते हैं और शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं. इसके अलावा एक गमछा या स्कार्फ साथ रखने से चेहरे और गर्दन को तेज धूप से बचाया जा सकता है. एक्सपर्ट ने बताया कि तेज धूप सिर्फ शरीर ही नहीं, त्वचा और आंखों को भी नुकसान पहुंचा सकती है. लंबे समय तक धूप में रहने से सनबर्न, टैनिंग और आंखों में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाएं और अच्छी क्वालिटी के सनग्लासेस का इस्तेमाल करें. गर्मी में दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, क्योंकि इस समय तापमान सबसे ज्यादा होता है. खाली पेट बाहर न जाएं और ज्यादा तला-भुना या मसालेदार खाना खाने से बचें. तरबूज, खीरा, ककड़ी और दही जैसी ठंडी चीजों का सेवन शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है. डॉक्टर की मानें तो अगर किसी व्यक्ति को तेज सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, अत्यधिक कमजोरी, तेज बुखार या बेहोशी जैसी समस्या होने लगे, तो यह लू लगने का संकेत हो सकता है. ऐसे में तुरंत छांव में जाएं, शरीर को ठंडा करें और जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें. लू लगने पर सही समय पर इलाज न मिले, तो यह जानलेवा कंडीशन हो सकती है. भीषण गर्मी में थोड़ी सी सावधानी आपकी सेहत को सुरक्षित रख सकती है. गर्मियों में बाहर तैयारी के साथ निकलें और सेहत का खास ध्यान रखें. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

टीएन के बाद, क्या विजय की टीवीके केरल की राजनीति में प्रवेश करने के लिए तैयार है? बैक-टू-बैक फैन मीटिंग्स स्पार्क बज़ | भारत समाचार

Mohun Bagan vs East Bengal Live Score, ISL 2026. (Picture Credit: X/@mohunbagansg and @eastbengal_fc)

आखरी अपडेट:17 मई, 2026, 22:25 IST टीवीके केरल इकाई को लेकर चर्चा तब शुरू हुई जब वायनाड में विजय प्रशंसकों के एक समूह ने स्थानीय टीवीके इकाई बनाने के उपाय शुरू किए। तमिलनाडु में टीवीके प्रमुख विजय के प्रदर्शन से केरल में टीवीके इकाई को लेकर चर्चा बढ़ गई है। तमिलनाडु में शानदार राजनीतिक शुरुआत के बाद, अभिनेता से नेता बने सी जोसेफ विजय की तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) के पलक्कड़ और वायनाड में बैक-टू-बैक प्रशंसक बैठकों के बाद पड़ोसी राज्य केरल में प्रवेश करने को लेकर काफी चर्चा है। यह तब हुआ जब वायनाड में विजय प्रशंसकों के एक समूह ने पिछले सप्ताह एक स्थानीय टीवीके इकाई बनाने के उपाय शुरू किए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार को पलक्कड़ में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के प्रशंसकों के एक समूह की बैठक हुई। विशेष रूप से, विजय के केरल में सैकड़ों प्रशंसक संघ हैं जो थलपति विजय मक्कल इयक्कम के बैनर तले कई कल्याणकारी पहल चलाते हैं, जिसे अब टीवीके नाम दिया गया है। हालाँकि, संगठन को अभी तक राज्य में एक राजनीतिक दल के रूप में आधिकारिक तौर पर पंजीकृत नहीं किया गया है, क्योंकि सदस्य तमिलनाडु में टीवीके नेताओं के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। यह भी पढ़ें: सहयोगी के रूप में विजय, मुख्यमंत्री के रूप में सतीसन: कांग्रेस का दक्षिणी दांव व्यावहारिक राहुल गांधी को दर्शाता है क्या टीवीके केरल में अपना विस्तार कर रहा है? विजय के शपथ ग्रहण के दौरान केरल में उनके प्रशंसकों ने केरल के विभिन्न हिस्सों में बड़े पैमाने पर जश्न मनाया। जैसा कि रिपोर्ट में बताया गया है, पलक्कड़ और वायनाड में टीवीके की बैठक में भाग लेने वालों में ज्यादातर युवा और कई महिलाएं शामिल थीं। डेक्कन हेराल्ड. केरल में टीवीके कार्यकर्ताओं के बीच आशावाद है कि पार्टी को राज्य में जनता का समर्थन मिल सकता है। कथित तौर पर विजय के कई प्रशंसक एक राजनीतिक दल के नाम से आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। टीवीके 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और सीपीआई, सीपीआई (एम), आईयूएमएल और वीसीके के साथ गठबंधन में सरकार बनाई, जो राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक है। टीवीके केरल इकाई के नाम पर कई सोशल मीडिया पेज सामने आए, हालांकि ऐसी इकाई की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। की एक रिपोर्ट के मुताबिक सप्ताहकई टीवीके समूहों ने केरल के विभिन्न जिलों में सक्रिय रूप से जुटना शुरू कर दिया है। इनमें “टीवीके केरल राज्य समिति” और “टीवीके केरल महिला समिति” के गैर-आधिकारिक हैंडल शामिल हैं। कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं होने के बावजूद, इन पेजों और समूहों ने सप्ताहांत में केरल में हजारों फॉलोअर्स जुटा लिए हैं, जो राज्य में विजय के बड़े पैमाने पर प्रशंसक होने का संकेत है। मुख्यमंत्री के चयन में कांग्रेस की ओर से देरी ने भी पड़ोसी राज्य तमिलनाडु में स्टार नेतृत्व वाले नेतृत्व का अनुसरण करने में कुछ युवाओं के योगदान में योगदान दिया है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : वायनाड, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया टीएन के बाद, क्या विजय की टीवीके केरल की राजनीति में प्रवेश करने के लिए तैयार है? बैक-टू-बैक फैन मीटिंग्स स्पार्क बज़ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलगा वेट्री कज़गम केरल(टी)सी जोसेफ विजय(टी)टीवीके केरल विस्तार(टी)विजय राजनीतिक दल(टी)थलपति विजय प्रशंसक(टी)टीवीके केरल इकाई(टी)केरल युवा राजनीति(टी)तमिलनाडु की राजनीति

पैरों में जाल की तरह दिख रही नसें, जानें क्या है वैरिकाज वेन्स? घर पर इलाज का तरीका

authorimg

Last Updated:May 17, 2026, 21:50 IST Varicose Veins Ke Liye Upay: वैरिकोज वेन्स बहुत ही कॉमन लक्षणों के साथ शुरू होता है. लेकिन यदि समय पर इसके लिए उपाय नहीं किए गए तो गंभीर समस्या में बदल सकता है. यहां आप वैरिकोज वेन्स की बीमारी और इसके घरेलू उपायों के बारे में जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट वैरिकोज वेन्स पैरों में नजर आने वाली एक मेडिकल कंडीशन है, जो कई बार गंभीर समस्या भी बन जाती है. इसमें पैरों की नसें फूलकर उभरने लगती हैं और दिखाई देने लगती हैं. बहुत से लोग इसे सामान्य थकान या बढ़ती उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन असल में यह नसों में खून के सही तरीके से न बह पाने की वजह से होता है. इस स्थिति में पैरों में दर्द, जलन, भारीपन और सूजन जैसी परेशानी महसूस हो सकती है. आयुर्वेद के अनुसार यह समस्या शरीर में वात दोष के बढ़ने और ब्लड सर्कुलेशन कमजोर होने से जुड़ी होती है. वहीं मेडिकल साइंस कहता है कि नसों के अंदर मौजूद छोटे वाल्व कमजोर हो जाते हैं, जिससे खून नीचे की ओर इकट्ठा होने लगता है और नसें फूल जाती हैं. समय के साथ यह समस्या और बढ़ सकती है, इसलिए शुरुआती स्टेज में ध्यान देना जरूरी होता है. वैरिकोज वेन्स के घरेलू उपायकंप्रेशन स्टॉकिंग्स का उपयोग काफी फायदेमंद माना जाता है. ये विशेष प्रकार की जुराबें पैरों पर हल्का दबाव बनाती हैं, जिससे खून का प्रवाह सही दिशा में बना रहता है और सूजन व दर्द कम होने लगता है. पैरों को समय-समय पर ऊपर उठाकर रखना भी बहुत उपयोगी उपाय है. जब आप आराम करते हैं, तो पैरों के नीचे तकिया रखकर उन्हें ऊपर रखने से नसों पर दबाव कम होता है और खून का संचार बेहतर होता है. इससे पैरों को आराम मिलता है. खानपान का सही ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है. हल्का और पौष्टिक भोजन लेना चाहिए जिसमें हरी सब्जियां, ताजे फल, दालें और फाइबर से भरपूर आहार शामिल हो. विटामिन सी और पोटेशियम युक्त भोजन सूजन कम करने में मदद करता है. दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी शरीर के लिए फायदेमंद होता है. रोजाना हल्की एक्सरसाइज या टहलना भी इस समस्या में राहत दे सकता है. पैरों की हल्की स्ट्रेचिंग और नियमित चलने से मांसपेशियां एक्टिव रहती हैं, जिससे रक्त का बहाव बेहतर होता है और नसों पर दबाव कम पड़ता है. अगर समस्या ज्यादा बढ़ जाए या दर्द लगातार बना रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

Liver Disease: लिवर की ये दो बीमारियां क्यों हैं अलग-अलग? एक्सपर्ट से जानें फैटी लिवर और हेपेटाइटिस का अंतर

authorimg

Last Updated:May 17, 2026, 21:19 IST Fatty Liver vs Hepatitis: फैटी लिवर डिजीज और हेपेटाइटिस आज के समय में तेजी से बढ़ने वाली लिवर संबंधी समस्याएं हैं. कई लोग इन दोनों बीमारियों को एक जैसा मान लेते हैं, लेकिन वास्तव में इनके कारण, लक्षण और इलाज अलग-अलग होते हैं. यहां आप एक्सपर्ट से दोनों के बीच के अंतर को समझ सकते हैं. ख़बरें फटाफट लिवर हमारे शरीर का बहुत जरूरी अंग है. खाना पचाने से लेकर शरीर से गंदे तत्व बाहर निकालने और शरीर को ऊर्जा देने का काम करता है. इसलिए लिवर का स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है. लेकिन आज के समय में फैटी लिवर और हेपेटाइटिस की समस्या बहुत कॉमन होती जा रही है. हालांकि दोनों बीमारी ही लिवर में खराबी से संबंधित है, लेकिन फिर भी दोनों में अंतर है. वैशाली स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डिपार्टमेंट के सीनियर डायरेक्टर एंड हेड डॉ. शुभाशीष मजूमदार ने बताया कि इन दोनों बीमारियों में सबसे बड़ा अंतर यह है कि फैटी लिवर में चर्बी जमा होती है, जबकि हेपेटाइटिस में लिवर में सूजन और संक्रमण होता है. फैटी लिवर ज्यादातर खराब लाइफस्टाइल से जुड़ा होता है, जबकि हेपेटाइटिस कई बार संक्रमण के कारण फैलता है. फैटी लिवर में क्या होता है?फैटी लिवर की समस्या तब होती है जब लिवर में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा होने लगती है. यह बीमारी अक्सर गलत खानपान, मोटापा, डायबिटीज, ज्यादा शराब पीने और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण होती है. लंबे समय तक बैठे रहने और बाहर का तला-भुना खाना खाने से भी इसका खतरा बढ़ जाता है. शुरुआत में फैटी लिवर के लक्षण- कई लोगों को लंबे समय तक पता ही नहीं चलता कि उनका लिवर प्रभावित हो रहा है. हालांकि कुछ लोगों को थकान, कमजोरी या पेट के ऊपरी हिस्से में भारीपन महसूस हो सकता है. अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या आगे चलकर लिवर में सूजन और नुकसान का कारण बन सकती है. हेपेटाइटिस क्या होता है?हेपेटाइटिस लिवर में सूजन की बीमारी है. यह अक्सर वायरस संक्रमण की वजह से होता है, जैसे हेपेटाइटिस A, B और C. इसके अलावा ज्यादा शराब पीना, कुछ दवाइयों का अधिक सेवन या शरीर की प्रतिरोधक क्षमता से जुड़ी समस्याएं भी इसका कारण बन सकती हैं. हेपेटाइटिस में लिवर की कोशिकाएं सूज जाती हैं और सही तरीके से काम नहीं कर पातीं. शुरुआती लक्षण- इस बीमारी में बुखार, भूख कम लगना, उल्टी, शरीर दर्द और आंखों या त्वचा का पीला पड़ना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. गंभीर मामलों में यह लिवर सिरोसिस या लिवर फेलियर जैसी खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है. लिवर को हेल्दी रखने का उपायविशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ भोजन, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रित रखना और शराब से दूरी बनाकर फैटी लिवर से बचा जा सकता है. वहीं हेपेटाइटिस से बचाव के लिए साफ-सफाई, सुरक्षित इंजेक्शन और जरूरी वैक्सीन लगवाना बहुत जरूरी है. समय-समय पर जांच करवाने से लिवर की बीमारी का जल्दी पता लगाया जा सकता है और गंभीर परेशानी से बचा जा सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

‘यह मेरी खुशी के बारे में नहीं है’: पार्टी द्वारा केरल के मुख्यमंत्री के लिए वीडी सतीसन को चुनने के बाद रमेश चेन्निथला | भारत समाचार

Mohun Bagan vs East Bengal Live Score, ISL 2026. (Picture Credit: X/@mohunbagansg and @eastbengal_fc)

आखरी अपडेट:17 मई, 2026, 20:56 IST ऐसा तब हुआ जब चेन्निथला, जो सीएम पद के दावेदार थे, को वीडी सतीसन के मंत्रिमंडल में गृह विभाग दिया गया। कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला. (पीटीआई/फ़ाइल) केरल कांग्रेस के नेता रमेश चेन्निथला ने कहा कि उन्हें वीडी सतीसन को केरल का नया मुख्यमंत्री नियुक्त किए जाने से कोई समस्या नहीं है, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी व्यक्तिगत उपलब्धियों से अधिक महत्वपूर्ण है। से बात हो रही है सीएनएन-न्यूज18चेन्निथला ने कहा, “यह मेरी खुशी या नाखुशी का सवाल नहीं है। पार्टी अधिक महत्वपूर्ण है।” उन्होंने पार्टी द्वारा दी गई जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभाने का वादा भी किया। सतीसन ने अपने शपथ ग्रहण समारोह से एक दिन पहले अपने मंत्रिमंडल की घोषणा की, जिसमें रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन और सनी जोसेफ शामिल हैं। चेन्निथला को केरल का महत्वपूर्ण गृह विभाग सौंपा गया है, जो राज्य में कानून व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा की देखरेख करता है। गठबंधन ने तिरुवंचूर राधाकृष्णन को विधानसभा अध्यक्ष के रूप में नामित किया है, जबकि शनिमोल उस्मान उपाध्यक्ष के रूप में काम करेंगे। हाल के चुनाव में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) द्वारा वामपंथी सरकार को गिराने के बाद चेन्निथला कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल के साथ सीएम पद के दावेदार थे। ‘शानदार जीत’ चेन्निथला ने आगे बताया सीएनएन-न्यूज18 कि पार्टी का निर्णय उनकी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से अधिक महत्वपूर्ण था। उन्होंने कहा, “लोगों ने 102 सीटों के साथ यूडीएफ को अपना समर्थन दिया है। यह एक शानदार जीत है। लोकतंत्र में उचित चर्चा होनी चाहिए।” यह उन खबरों के बाद आया है कि सीएम पद से इनकार किए जाने के बाद चेन्निथला कैबिनेट में शामिल नहीं हो सकते हैं। तिरुवनंतपुरम में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में शामिल नहीं होने के बाद। माना जाता है कि कांग्रेस आलाकमान ने तनाव कम करने के प्रयास के तहत सतीसन को कैबिनेट में शामिल करने के लिए कहा है। चेन्निथला के पास केरल कांग्रेस में दशकों लंबा अनुभव है और उन्होंने 2014 से 2016 तक ओमन चांडी सरकार में गृह मंत्री के रूप में भी कार्य किया। 2026 के चुनाव में, उन्होंने सीपीआई के टीटी जिस्मोन को हराकर अलाप्पुझा जिले के हरिपद से 23,377 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। महत्वपूर्ण बात यह है कि वह अलाप्पुझा में जीतने वाले एकमात्र यूडीएफ उम्मीदवार थे, एक ऐसा जिला जिसने बड़े पैमाने पर गठबंधन की बढ़त का विरोध किया, जिससे उनकी व्यक्तिगत चुनावी ताकत मजबूत हुई। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तिरुवनंतपुरम (त्रिवेंद्रम), भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘यह मेरी खुशी के बारे में नहीं है’: पार्टी द्वारा केरल के मुख्यमंत्री के लिए वीडी सतीसन को चुनने के बाद रमेश चेन्निथला अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल की राजनीति(टी)केरल सीएम की दौड़(टी)रमेश चेन्निथला(टी)वीडी सतीसन(टी)केरल के मुख्यमंत्री(टी)केरल कांग्रेस(टी)यूडीएफ सरकार(टी)केरल कैबिनेट