मसाला छाछ रेसिपी: दो के खाने के बाद अमृत है मसाला छाछ, जीरा और काला नमक मिलाकर पीने से तुरंत तुरंत ऊर्जा

17 मई 2026 को 20:54 IST पर अपडेट किया गया मसाला छाछ रेसिपी: दोपहर के भोजन के बाद एक गिलास और मसाला छाछ मिल जाए, तो स्वाद और सेहत दोनों बन जाते हैं। आयुर्वेद में इसे ‘धरती का अमृत’ भी कहा गया है। यह सिर्फ आपके पाचन तंत्र को मापता नहीं है, बल्कि शरीर में गंभीर गर्मी को स्थिर करता है और पुनर्भरण भी करता है। आइए जानते हैं इसे बनाने की विधि के बारे में… अनुसरण करना : सामग्री ताज़ा और नारियल दही- 1 कप ठंडा पानी- 2 कप कुल मिलाकर जीरा पाउडर- 1 छोटा चम्मच काला- आधा छोटा छोटा हरी मिर्च और अदरक- एक छोटा टुकड़ा (बारीक पिसा हुआ) पुदीना और हरा धनिया- हीरा कटा हुआ छवि: एआई सबसे पहले एक पेंगलिश पॉइन्ट या चैलेंज में 1 कप ताज़ा दही लें। अब इसमें जीरा पाउडर, काला नमक, थोड़ा सा सादा नमक, अदरक-मिर्च का पेस्ट और कटे पुदीने के पत्ते शामिल हैं। छवि: एआई अब 2 कप एकदम ठंडा पानी डाला। अगर आप पारंपरिक स्वाद चाहते हैं, तो मथनी (हैंड ब्लेंडर) से इसे तब तक मथें जब तक कि ऊपर की ओर शानदार जहर न आ जाए। आप ड्राईवर तो पीसाईर का भी उपयोग कर सकते हैं। छवि: एआई छछूंदर बनकर तैयार है! इसे कांच के गिलास या मिट्टी के कुल्हड़ में रखें। ऊपर से थोड़ा सा और जीरा पाउडर और नारियल कटे हरे धनिए से गार्निश करें। एक्स्ट्रा कूलिंग के लिए एक आइस क्यूब भी डाल सकते हैं। छवि: एआई फ़ायदे काला नमक और जीरा पेट की गैस और एसिडिटी को शांत करते हैं। दोपहर की गंदी बात को भकर शरीर को तुरंत रीचार्ज करता है। यह शरीर से बाहर निकलने में मदद करता है। छवि: एआई वैसे तो छाछ कभी भी पी जा सकता है, लेकिन दो के खाने के तुरंत बाद इसे सबसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है। ध्यान रखें, रात के समय शराब पीने से बचना चाहिए। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 17 मई 2026 को 20:54 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)छाछ के फायदे(टी)मसाला छाछ(टी)जीरा छाछ(टी)काला नमक छाछ(टी)दोपहर के भोजन के बाद पेय(टी)ऊर्जा बूस्टर पेय(टी)स्वस्थ ग्रीष्मकालीन पेय(टी)भारतीय पारंपरिक पेय छाछ(टी)छाछ(टी)मसाला टाक
ये वजाइनोप्लास्टी क्या है, जिसके पीछे क्रेजी हो रही हैं आज की महिलाएं, क्या यह सेहत के लिए सुरक्षित?

Last Updated:May 17, 2026, 20:51 IST Vaginoplasty Surgery: वजाइनोप्लास्टी एक मेडिकल सर्जरी है, जो मेडिकल कंडीशंस और कॉस्मेटिक वजह से की जाती है. चोट, डिसऑर्डर या कैंसर की कंडीशन में वजाइनल रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी की जाती है, जबकि वजाइनल टोन को सुधारने के लिए कॉस्मेटिक वजाइनोप्लास्टी की जाती है. यह सर्जरी आमतौर पर सुरक्षित होती है, लेकिन इसके कुछ खतरे भी होते हैं. वजाइनोप्लास्टी एक सर्जिकल प्रोसीजर है, जिसे वजाइनल टोन रीस्टोर करने के लिए आजकल कराया जा रहा है. Is Vaginoplasty Safe: आजकल कई तरह की सर्जरी ट्रेंड में हैं. कई लोग अपनी स्किन को यंग बनाए रखने के लिए कॉस्मेटिक सर्जरी का सहारा लेते हैं, तो कुछ लोग ब्रेस्ट इनहांसमेंट सर्जरी कराते हैं. आजकल वजाइनोप्लास्टी का ट्रेंड भी तेजी से बढ़ रहा है. लोग अलग-अलग कारणों से यह सर्जरी करा रहे हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो यह सर्जरी कई बार मेडिकल कंडीशंस की वजह से की जाती है, जबकि कई लोग वजाइनल टोन को सुधारने और अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए यह सर्जरी करवाते हैं. अगर आप भी इस सर्जरी को लेकर कंफ्यूज हैं, तो डॉक्टर से इस बारे में जरूरी बातें जान लीजिए. नई दिल्ली के सर गंगाराम सिटी हॉस्पिटल के प्लास्टिक एंड कॉस्मेटिक सर्जन डॉ. रमन शर्मा ने News18 को बताया वजाइनोप्लास्टी एक सर्जिकल प्रोसीजर है, जिसमें वजाइना के अलग-अलग हिस्सों की सर्जरी की जाती है. प्रेग्नेंसी, बढ़ती उम्र और हार्मोनल प्रॉब्लम्स के कारण वजाइनल टोन बिगड़ जाती है, जिसे रीस्टोर करने के लिए वजाइनोप्लास्टी की जाती है. कुछ महिलाओं में जन्म से वजाइना पूरी तरह विकसित नहीं होती, जिसे ठीक करने के लिए यह सर्जरी की जाती है. कुछ मामलों में कैंसर या चोट के कारण वजाइना को नुकसान पहुंचता है, तब इस सर्जरी के जरिए उसे दोबारा रीकंस्ट्रक्ट जाता है. इसके अलावा कुछ लोग इसे कॉस्मेटिक या फंक्शनल कारणों से भी करवाते हैं, ताकि लाइफ क्वालिटी को सुधारा जा सके. यह सर्जरी लेजर के जरिए भी की जाती है. आजकल लोग इस सर्जरी को अपनी वजाइनल हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए भी करवा रहे हैं. डॉक्टर रमन शर्मा के मुताबिक वजाइनोप्लास्टी के दौरान की जाने वाली प्रक्रिया इस बात पर निर्भर करती है कि सर्जरी किस कारण से की जा रही है. अगर यह योनि की ढीलापन कम करने या किसी चोट को ठीक करने के लिए की जाती है, तो डॉक्टर अतिरिक्त या ढीली त्वचा और टिश्यू को हटाते हैं, फिर टांकों की मदद से अंदरूनी ऊतकों को मजबूत और टाइट किया जाता है. कई मामलों में वजाइना के ओपनिंग साइज को कम करने के लिए अतिरिक्त टिश्यू हटाए जाते हैं. इस सर्जरी में लगने वाला समय इसकी जटिलता पर निर्भर करता है. कुछ सामान्य प्रक्रियाएं कुछ घंटों में पूरी हो जाती हैं, जबकि जटिल वेजाइनोप्लास्टी सर्जरी में 8 से 10 घंटे तक का समय लग सकता है. इसका खर्च भी सर्जरी टाइप पर डिपेंड करता है. एक्सपर्ट की मानें तो यह सर्जरी आमतौर पर सुरक्षित होती है, लेकिन हमेशा क्वालिफाइड सर्जन से ही करानी चाहिए. हर सर्जरी की तरह इसमें भी इंफेक्शन और ब्लीडिंग का खतरा रहता है, लेकिन पोस्ट सर्जरी केयर से इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है. रिकवरी का समय व्यक्ति और सर्जरी के प्रकार पर निर्भर करता है. सामान्य तौर पर कुछ हफ्तों से लेकर कुछ महीनों तक पूरी तरह ठीक होने में समय लग सकता है. डॉक्टर अक्सर मरीज को कुछ हफ्तों तक भारी काम, व्यायाम और यौन संबंध से बचने की सलाह देते हैं. सही देखभाल से मरीज धीरे-धीरे सामान्य जीवन में लौट आता है. डॉक्टर के अनुसार आजकल महिलाएं अपनी वजाइनल हेल्थ को लेकर जागरूक हो रही हैं, जिसकी वजह से इसका ट्रेंड बढ़ रहा है. तलाक के बाद दूसरी शादी के लिए भी कई महिलाएं वजाइनोप्लास्टी का सहारा ले रही हैं. सोशल मीडिया पर इस तरह की सर्जरी को लेकर चर्चा बढ़ी है, लेकिन इसे सिर्फ क्रेज की तरह नहीं देखना चाहिए. यह एक मेडिकल प्रक्रिया है जो जरूरत और व्यक्तिगत स्थिति के आधार पर की जाती है. हर व्यक्ति के लिए इसका कारण अलग होता है, इसलिए इसे फैशन या ट्रेंड मानना सही नहीं है. किसी भी तरह की सर्जरी से पहले डॉक्टर से पूरी सलाह लेना सबसे जरूरी होता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
CBSE Revaluation Fee Slashed | Students OSM Complaint Resolved

14 मिनट पहले कॉपी लिंक शिक्षा मंत्रालय ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE एग्जाम के लिए रीवैल्यूएशन और आंसर शीट वेरिफिकेशन की फीस 700 से घटाकर 100 रुपए कर दी है। शिक्षा मंत्रालय के स्कूल एजुकेशन सेक्रेटरी संजय कुमार ने रविवार यानी 17 मई को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दी। CBSE ने रीवैल्यूएशन फीस घटाई CBSE ने 2026 के लिए रीवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन की फीस घटाकर 100 रुपए कर दी है। वहीं किसी सवाल की दोबारा जांच या सुधार के लिए अब छात्रों को प्रति सवाल सिर्फ 25 रुपए देने होंगे। बोर्ड ने ये भी कहा है कि अगर रीवैल्यूएशन के बाद किसी स्टूडेंट के नंबर बढ़ते हैं, तो उससे ली गई पूरी फीस वापस कर दी जाएगी। इससे पहले तक स्टूडेंट्स को आंसर शीट देखने के लिए 700 रुपए पर सब्जेक्ट, वेरिफिकेशन के लिए 500 रुपए और रीवैल्यूएशन के लिए हर सवाल के 100 रुपए देने पड़ते थे। स्टूडेंट्स 19 से 22 मई तक अपनी स्कैंड कॉपी देखने और 26 से 29 मई तक रीवैल्यूएशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। स्टूडेंट्स ने शिकायत की थी- ‘OSM की वजह से कम नंबर आए’ शिक्षा मंत्रायल ने ये फैसला CBSE 12वीं बोर्ड में ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम की वजह से रिजल्ट पर पड़ने वाले असर के बाद लिया है। दरअसल, CBSE 12वीं बोर्ड रिजल्ट के बाद कई स्टूडेंट और उनके पेरेंट्स ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर सवाल उठाया है। उनकी शिकायत है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग यानी OSM की वजह से 12वीं में स्टूडेंट्स के काफी कम नंबर आए हैं। CBSE 12वीं बोर्ड में स्टूडेंट्स की उम्मीद से कम नंबर आए, JEE में 99 पर्सेंटाइल लाने वाले स्टूडेंट्स के बोर्ड में 75% भी नहीं आ पाए। साथ ही पास पर्सेंट भी कम हुआ। इस साल 12वीं का पासिंग पर्सेंटेज 88.39% से गिरकर 85.20% पर आ गया है। इसी लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर स्टूडेंट्स ने सवाल उठाए और मांग उठाई कि OSM की गड़बड़ी की वजह से ऐसा हुआ है तो रीवैल्यूएशन फ्री किया जाए। JEE में 99 पर्सेंटाइल वाले स्टूडेंट्स का 12वीं बोर्ड में 75% भी नहीं स्टूडेंट्स का आरोप था कि कॉपियां स्क्रीन पर चेक होने से स्टेप-मार्किंग में भी गड़बड़ी हुई। इसकी वजह से जवाब सही होने पर भी काफी नंबर कटे। ऐसे JEE में 99 पर्सेंटाइल लाने वाले स्टूडेंट्स भी बोर्ड के 75% क्राइटेरिया से बाहर हो गए हैं। अब वे IIT-NIT में एडमिशन नहीं ले सकेंगे। क्योंकि नॉर्म्स के मुताबिक, JEE मेन में अच्छे रैंक के साथ ही 12वीं बोर्ड में 75% कम्पलसरी है। रविवार को स्कूल एजुकेशन सेक्रेटरी संजय कुमार ने भी OSM सिस्टम का असर मानकर रीवैल्यूएशन की कीमत 100 रुपए कर दी है। हालांकि CBSE ने इस पर कहा था कि सिर्फ चेकिंग का तरीका बदला है, चेकिंग के नियम नहीं बदले हैं। संजय कुमार ने कहा कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग पूरी तरह फूलप्रूफ और ट्रांसपैरेंट सिस्टम है। OMS पर CBSE बोला- जिनमें गड़बड़ी उन्हें मैन्युअली जांचा नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिक्षा मंत्रालय के संजय कुमार ने कहा कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम पहली बार लागू नहीं किया गया है। CBSE ने पहली बार 2014 में OSM शुरू किया था, लेकिन उस समय तकनीकी और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी की वजह से इसे जारी नहीं रखा। मंत्रालय के मुताबिक, इस साल करीब 98 लाख आंसर शीट्स स्कैन करके PDF में बदला गया और फिर उन्हें एग्जामिनर्स को भेजा गया। उनके मुताबिक स्कैनिंग के दौरान तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था अपनाई गई, ताकि स्टूडेंट के आंसर शीट का कोई पन्ना छूटे नहीं, सारे पन्ने साफ दिखाई दें और सिक्योरिटी कोड सही तरीके से जांचे जा सकें। CBSE ने यह भी कहा कि जिन 13 हजार से ज्यादा कॉपियों में स्याही या लिखाई की वजह से स्कैनिंग में दिक्कत आई, उन्हें अलग से मैन्युअली चेक किया गया। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… 9वीं-10वीं में 3 भाषाएं पढ़नी होंगी, CBSE का नोटिफिकेशन जारी:1 जुलाई से लागू होगा; इस साल10वीं में थर्ड लैंग्वेज का पेपर नहीं होगा CBSE ने अपने सभी स्कूलों में कक्षा 9वीं और 10वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी अनिवार्य कर दी है। इसके तहत 9वीं और 10वीं के बच्चों को तीन भाषाओं की पढ़ाई करनी होगी। इनमें से 2 भारतीय भाषाएं होनी चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
कोहली का नौवां 500+ रन वाला सीजन:पंजाब के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाए, बेंगलुरु ने 44वीं बार 200+ का स्कोर बनाया; रिकॉर्ड्स

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 के 61वें मैच में पंजाब किंग्स को 23 रन से हरा दिया। रविवार को धर्मशाला के HPCA स्टेडियम में RCB ने 223 रन का टारगेट दिया। जवाब में पंजाब की टीम 8 विकेट पर 199 रन ही बना सकी। मुकाबले में विराट कोहली ने IPL में 9वीं बार किसी सीजन में 500+ रन पूरे किए। वहीं, उन्होंने पंजाब किंग्स के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी बनाया। दूसरी ओर बेंगलुरु ने टी-20 क्रिकेट में 44वीं बार 200+ स्कोर बनाया। बेंगलुरु-पंजाब मैच के टॉप-14 रिकॉर्ड्स… 1. पंजाब की लगातार छठी हार पंजाब किंग्स की IPL 2026 में यह लगातार छठी हार रही। टीम अब अपने IPL इतिहास की दूसरी सबसे लंबी हार की लकीर पर पहुंच गई है। पंजाब ने 2015 सीजन में लगातार 7 मुकाबले गंवाए थे। 2. RCB ने पंजाब के खिलाफ दबदबा कायम रखा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 2023 के बाद से पंजाब किंग्स के खिलाफ 8 में से 7 मुकाबले जीत लिए हैं। इस दौरान RCB ने PBKS पर पूरी तरह दबदबा बनाया हुआ है। इसी जीत के साथ टीम इस सीजन के प्लेऑफ में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई। 3. बेंगलुरु ने दूसरे सबसे ज्यादा 200+ स्कोर बनाए टी-20 क्रिकेट में भारतीय टीम ने सबसे ज्यादा 50 बार 200+ स्कोर बनाए हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 44 बार के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। 43 बार के साथ चेन्नई तीसरे पायदान पर हैं। 4. पंजाब ने सबसे ज्यादा 200+ स्कोर रन दिए पंजाब किंग्स टी-20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा 46 बार 200+ स्कोर खाने वाली टीम बन गई है। RCB ने 40 बार 200+ रन कंसीड किए हैं। तीसरे नंबर पर 35 बार के साथ दिल्ली हैं। 5. श्रेयस की कप्तानी में 31वीं बार टीम ने 200+ रन दिए श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पंजाब की टीम ने 31वीं बार 200+ स्कोर कंसीड किया। वे टी-20 क्रिकेट में कप्तान रहते हुए सबसे ज्यादा 200+ रन खाने वाले कप्तान बन गए हैं। आज उनका बतौर कप्तान 100वां मैच भी था। श्रेयस एक रन बनाकर आउट हो गए। 6. IPL 2026 में रिकॉर्ड 53वीं बार 200+ स्कोर बनाया IPL 2026 में टूर्नामेंट इतिहास में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बन गया। इस सीजन 53 बार टीमों ने 200 या उससे ज्यादा रन बनाए। 2025 में 52 बार ऐसा हुआ था। 7. पंजाब ने 9वीं बार 200+ स्कोर दिए पंजाब किंग्स ने IPL 2026 में 9वीं बार 200+ स्कोर कंसीड किया। यह किसी भी टी-20 टूर्नामेंट के एक सीजन में सबसे ज्यादा है। इससे पहले यह रिकॉर्ड पाकिस्तान की डोमेस्टिक टीम सदर्न पंजाब के नाम था। 8. कोहली का 9वां 500+ रन वाला सीजन विराट कोहली IPL में 9 बार किसी सीजन में 500+ रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उनके बाद डेविड वॉर्नर ने 7 बार ऐसा किया है। 9. पंजाब के खिलाफ कोहली के सबसे ज्यादा रन विराट कोहली ने पंजाब किंग्स के खिलाफ IPL में सबसे ज्यादा रन बना लिए हैं। उनके नाम अब 1217 रन हो गए हैं। कोहली ने पंजाब के अलावा चेन्नई, दिल्ली और कोलकाता के खिलाफ भी सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। 10. कोहली 210वीं बार 50+ साझेदारी का हिस्सा बने विराट कोहली टी-20 क्रिकेट में 210वीं बार 50+ साझेदारी का हिस्सा बने। उन्होंने एलेक्स हेल्स की बराबरी कर ली। तीसरे नंबर पर 200+ साझेदारी के साथ ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर हैं। कोहली IPL में अब तक 138 बार 50+ साझेदारी का हिस्सा रहे हैं। इस मामले में दूसरे नंबर पर रोहित शर्मा हैं, जिनके नाम 107 साझेदारियां हैं। 11. कोहली-पडिक्कल ने छठी बार फिफ्टी साझेदारी की विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल ने IPL 2026 में छठी बार 50+ रन की साझेदारी की। दोनों अब एक सीजन में सबसे ज्यादा 50+ पार्टनरशिप करने वाली गैर-ओपनिंग जोड़ियों की सूची में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। 12. पडिक्कल ने तीसरी बार पहली गेंद पर सिक्स लगाया देवदत्त पडिक्कल ने IPL 2026 में तीसरी बार अपनी पहली गेंद पर छक्का लगाया। उन्होंने हरप्रीत बरार की गेंद पर यह कारनामा किया। उनसे सुनील नरेन 2025 और शाहरुख खान 2023 में ऐसा कर चुके हैं IPL इतिहास में नंबर-3 पर 21 बैटर्स ने पहली बॉल सिक्स लगाया हैं। देवदत्त पडिक्कल के अलावा सिर्फ संजू सैमसन, रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव ही यह कारनामा एक से ज्यादा बार कर सके हैं। सैमसन ने 4 बार, जबकि रोहित और सूर्यकुमार ने 2-2 बार पहली गेंद पर सिक्स लगाया है। 13. कॉनॉली ने डेब्यू सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाए कूपर कॉनॉली ने IPL के अपने पहले ही सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने IPL 2026 में 32 छक्के लगाए और सनथ जयसूर्या का 18 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। 14. भुवनेश्वर 35 की उम्र के बाद सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में दूसरे नंबर पर पहुंचे बेंगलुरु के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार IPL 2026 में 24 विकेट ले चुके हैं। वह 35 साल की उम्र के बाद एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। इस मामले में पूर्व चेन्नई सुपर किंग्स स्पिनर इमरान ताहिर टॉप पर हैं, जिन्होंने 2019 सीजन में 26 विकेट लिए थे।
कोहली का नौवां 500+ रन वाला सीजन:पंजाब के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाए, बेंगलुरु ने 44वीं बार 200+ का स्कोर बनाया; रिकॉर्ड्स

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 के 61वें मैच में पंजाब किंग्स को 23 रन से हरा दिया। रविवार को धर्मशाला के HPCA स्टेडियम में RCB ने 223 रन का टारगेट दिया। जवाब में पंजाब की टीम 8 विकेट पर 199 रन ही बना सकी। मुकाबले में विराट कोहली ने IPL में 9वीं बार किसी सीजन में 500+ रन पूरे किए। वहीं, उन्होंने पंजाब किंग्स के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी बनाया। दूसरी ओर बेंगलुरु ने टी-20 क्रिकेट में 44वीं बार 200+ स्कोर बनाया। बेंगलुरु-पंजाब मैच के टॉप-14 रिकॉर्ड्स… 1. पंजाब की लगातार छठी हार पंजाब किंग्स की IPL 2026 में यह लगातार छठी हार रही। टीम अब अपने IPL इतिहास की दूसरी सबसे लंबी हार की लकीर पर पहुंच गई है। पंजाब ने 2015 सीजन में लगातार 7 मुकाबले गंवाए थे। 2. RCB ने पंजाब के खिलाफ दबदबा कायम रखा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 2023 के बाद से पंजाब किंग्स के खिलाफ 8 में से 7 मुकाबले जीत लिए हैं। इस दौरान RCB ने PBKS पर पूरी तरह दबदबा बनाया हुआ है। इसी जीत के साथ टीम इस सीजन के प्लेऑफ में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई। 3. बेंगलुरु ने दूसरे सबसे ज्यादा 200+ स्कोर बनाए टी-20 क्रिकेट में भारतीय टीम ने सबसे ज्यादा 50 बार 200+ स्कोर बनाए हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 44 बार के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। 43 बार के साथ चेन्नई तीसरे पायदान पर हैं। 4. पंजाब ने सबसे ज्यादा 200+ स्कोर रन दिए पंजाब किंग्स टी-20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा 46 बार 200+ स्कोर खाने वाली टीम बन गई है। RCB ने 40 बार 200+ रन कंसीड किए हैं। तीसरे नंबर पर 35 बार के साथ दिल्ली हैं। 5. श्रेयस की कप्तानी में 31वीं बार टीम ने 200+ रन दिए श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पंजाब की टीम ने 31वीं बार 200+ स्कोर कंसीड किया। वे टी-20 क्रिकेट में कप्तान रहते हुए सबसे ज्यादा 200+ रन खाने वाले कप्तान बन गए हैं। आज उनका बतौर कप्तान 100वां मैच भी था। श्रेयस एक रन बनाकर आउट हो गए। 6. IPL 2026 में रिकॉर्ड 53वीं बार 200+ स्कोर बनाया IPL 2026 में टूर्नामेंट इतिहास में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बन गया। इस सीजन 53 बार टीमों ने 200 या उससे ज्यादा रन बनाए। 2025 में 52 बार ऐसा हुआ था। 7. पंजाब ने 9वीं बार 200+ स्कोर दिए पंजाब किंग्स ने IPL 2026 में 9वीं बार 200+ स्कोर कंसीड किया। यह किसी भी टी-20 टूर्नामेंट के एक सीजन में सबसे ज्यादा है। इससे पहले यह रिकॉर्ड पाकिस्तान की डोमेस्टिक टीम सदर्न पंजाब के नाम था। 8. कोहली का 9वां 500+ रन वाला सीजन विराट कोहली IPL में 9 बार किसी सीजन में 500+ रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उनके बाद डेविड वॉर्नर ने 7 बार ऐसा किया है। 9. पंजाब के खिलाफ कोहली के सबसे ज्यादा रन विराट कोहली ने पंजाब किंग्स के खिलाफ IPL में सबसे ज्यादा रन बना लिए हैं। उनके नाम अब 1217 रन हो गए हैं। कोहली ने पंजाब के अलावा चेन्नई, दिल्ली और कोलकाता के खिलाफ भी सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। 10. कोहली 210वीं बार 50+ साझेदारी का हिस्सा बने विराट कोहली टी-20 क्रिकेट में 210वीं बार 50+ साझेदारी का हिस्सा बने। उन्होंने एलेक्स हेल्स की बराबरी कर ली। तीसरे नंबर पर 200+ साझेदारी के साथ ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर हैं। कोहली IPL में अब तक 138 बार 50+ साझेदारी का हिस्सा रहे हैं। इस मामले में दूसरे नंबर पर रोहित शर्मा हैं, जिनके नाम 107 साझेदारियां हैं। 11. कोहली-पडिक्कल ने छठी बार फिफ्टी साझेदारी की विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल ने IPL 2026 में छठी बार 50+ रन की साझेदारी की। दोनों अब एक सीजन में सबसे ज्यादा 50+ पार्टनरशिप करने वाली गैर-ओपनिंग जोड़ियों की सूची में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। 12. पडिक्कल ने तीसरी बार पहली गेंद पर सिक्स लगाया देवदत्त पडिक्कल ने IPL 2026 में तीसरी बार अपनी पहली गेंद पर छक्का लगाया। उन्होंने हरप्रीत बरार की गेंद पर यह कारनामा किया। उनसे सुनील नरेन 2025 और शाहरुख खान 2023 में ऐसा कर चुके हैं IPL इतिहास में नंबर-3 पर 21 बैटर्स ने पहली बॉल सिक्स लगाया हैं। देवदत्त पडिक्कल के अलावा सिर्फ संजू सैमसन, रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव ही यह कारनामा एक से ज्यादा बार कर सके हैं। सैमसन ने 4 बार, जबकि रोहित और सूर्यकुमार ने 2-2 बार पहली गेंद पर सिक्स लगाया है। 13. कॉनॉली ने डेब्यू सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाए कूपर कॉनॉली ने IPL के अपने पहले ही सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने IPL 2026 में 32 छक्के लगाए और सनथ जयसूर्या का 18 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। 14. भुवनेश्वर 35 की उम्र के बाद सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में दूसरे नंबर पर पहुंचे बेंगलुरु के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार IPL 2026 में 24 विकेट ले चुके हैं। वह 35 साल की उम्र के बाद एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। इस मामले में पूर्व चेन्नई सुपर किंग्स स्पिनर इमरान ताहिर टॉप पर हैं, जिन्होंने 2019 सीजन में 26 विकेट लिए थे।
ट्रोलिंग पर आलिया के सपोर्ट में आईं मां सोनी राजदान:कहा- सोशल मीडिया पर ढेर सारी नफरत; कांस में आलिया को इग्नोर किए जाने का दावा

कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट से एक्ट्रेस आलिया भट्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनकी ट्रोलिंग शुरू हो गई थी। इस ट्रोलिंग पर अब आलिया की मां और एक्ट्रेस सोनी राजदान का रिएक्शन सामने आया है। दरअसल, राइटर शुनाली खुल्लर श्रॉफ ने इंस्टाग्राम पर एक डिटेल पोस्ट शेयर कर आलिया का सपोर्ट किया था। शुनाली ने ट्रोल करने वालों को करारा जवाब दिया है। इसी पोस्ट पर कमेंट करते हुए सोनी राजदान ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। शुनाली ने अपनी पोस्ट में लिखा कि लोग एक सफल महिला को नीचे गिरते हुए देखना पसंद करते हैं। कान्स रेड कार्पेट पर आलिया के इग्नोर होने का दावा सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप में दिखाया गया कि आलिया भट्ट जब रेड कार्पेट पर पोज दे रही थीं, तब फोटोग्राफर्स का ध्यान कहीं और था। इस पर इंटरनेट यूजर्स ने दावा करना शुरू कर दिया कि वेस्टर्न मीडिया ने आलिया को इग्नोर किया। शुनाली खुल्लर श्रॉफ ने इस पर कहा कि कांस का रेड कार्पेट हमेशा अफरातफरी से भरा होता है। फोटोग्राफर्स चिल्लाते हैं, अलग-अलग एंगल बदलते हैं और बड़े स्टार्स के आने पर कैमरे घुमाते हैं। एक अकेले कैमरा एंगल को देखकर पूरे देश ने इसे नेशनल ह्यूमिलिएशन (राष्ट्रीय अपमान) मान लिया, जो कि पूरी तरह गलत है। बाद में सोनी राजदान ने भी कमेंट सेक्शन में जवाब देते हुए लिखा “सोशल मीडिया पर बहुत सी चीजें हैं- प्यार, जानकारी, मनोरंजन और… ढेर सारी नफरत। लेकिन इन सबसे बढ़कर, यह हमारे समाज का असली चेहरा दिखाता है। इस पर समाज के नजरिए से एक बहुत ही दिलचस्प बहस छिड़ सकती है, जिस पर आने वाले कई सालों तक चर्चा और स्टडी की जा सकती है।” सफल महिलाओं को निशाना बनाने की मानसिकता शुनाली ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि लोग इस वीडियो को सिर्फ देख नहीं रहे हैं, बल्कि इसका मजा ले रहे हैं। हमारे समाज में वेस्टर्न वैलिडेशन (पश्चिमी देशों से तारीफ) पाने की एक अजीब होड़ है। इसके साथ ही लोग अपने ही देश के स्टार्स को नीचे गिराने का मौका ढूंढते हैं। आलिया भट्ट पहले से ही भारत की सबसे बड़ी स्टार्स में से एक हैं। वह नेशनल अवार्ड विनर और ग्लोबल एंबेसडर हैं। लोग अक्सर सफल महिलाओं को नीचा दिखाने के लिए ऐसी मनगढ़ंत कहानियां बना लेते हैं। आलिया ने भी ट्रोल को दिया था जवाब इससे पहले आलिया ने भी अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट पर एक ट्रोल को जवाब दिया था। एक यूजर ने आलिया की आइवरी साड़ी वाली फोटो पर कमेंट किया था- “कितने दुख की बात है, वहां किसी ने आपको नोटिस ही नहीं किया।” इस पर आलिया ने शांति और शालीनता से जवाब दिया, “दुख कैसा प्यार? आपने तो मुझे नोटिस किया “। लगातार दूसरी बार कांस पहुंचीं आलिया आलिया भट्ट ने इस साल लगातार दूसरी बार कांस फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने 2025 में यहां अपना डेब्यू किया था। इस साल आलिया ने भारत पैवेलियन के लिए आइवरी सिल्क साड़ी-गाउन और फिल्म स्क्रीनिंग के लिए सिंड्रेला स्टाइल का ब्लू गाउन चुना था।
Congress Gets 12 Ministers, CM Post Included; IUML 5

Hindi News National Kerala UDF Cabinet List: Congress Gets 12 Ministers, CM Post Included; IUML 5 तिरुवनंतपुरम10 मिनट पहले कॉपी लिंक केरलम में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की नई सरकार के शपथ ग्रहण से पहले रविवार को 21 मंत्रियों वाली लिस्ट सामने आ गई है। कैबिनेट में सबसे ज्यादा 12 मंत्री (CM पद सहित) कांग्रेस ने अपने पास रखे हैं। इसके अलावा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के 5 विधायक कैबिनेट का हैं। इनके अलावा केरल कांग्रेस, केरल कांग्रेस (जैकब) रेवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) और CMP (कम्युनिस्ट मार्क्सिस्ट पार्टी) से 1-1 मंत्री हैं। UDF ने तिरुवंचूर राधाकृष्णन को विधानसभा स्पीकर और शनीमोल उस्मान को डिप्टी स्पीकर बनाने का फैसला किया है। सतीशन ने कहा कि कैबिनेट में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखा गया है। शपथ ग्रहण 18 मई को तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में सुबह 10 बजे से होगा। राज्य के होने वाले मुख्यमंत्री कांग्रेस नेता वीडी सतीशन के साथ पूरी कैबिनेट शपथ लेगी। केरल में UDF सरकार, सबसे ज्यादा कांग्रेस के 12 मंत्री (CM सहित) वी डी सतीशन (मुख्यमंत्री) रमेश चेन्नीथला सनी जोसेफ के मुरलीधरन ए पी अनिल कुमार पी सी विष्णुनाथ रोजी एम जॉन बिंदु कृष्णा एम लिजू टी सिद्दीकी के ए थुलसी ओ जे जनीश IUML (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग) पी के कुन्हालिकुट्टी एन शमसुद्दीन के एम शाजी पी के बशीर वी ई अब्दुल गफूर (कोझिकोड से IUML विधायक परक्कल अब्दुल्ला को 2.5 साल बाद कैबिनेट में शामिल किया जाएगा) केरल कांग्रेसमॉन्स जोसेफ केरल कांग्रेस (जैकब)अनूप जैकब RSP (रेवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी) शिबू बेबी जॉन CMP (कम्युनिस्ट मार्क्सिस्ट पार्टी) सी पी जॉन 14 मई: केरलम के नए सीएम के लिए सतीशन के नाम का ऐलान कांग्रेस ने केरलम के चुनाव नतीजे घोषित होने के 10 दिन बाद 14 मई को ऐलान किया था कि 61 साल के वीडी सतीशन राज्य के नए सीएम होंगे। वह पारावूर सीट से विधायक हैं। घोषणा के बाद सतीशन 14 मई को ही केरलम के गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात करके सरकार बनाने का दावा पेश किया था। कांग्रेस नेता दीपा दासमुंशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था तिरुवनंतपुरम में 7 मई को मीटिंग की थी। पार्टी अध्यक्ष खड़गे, राहुल गांधी से चर्चा के बाद तय किया गया कि केरलम CM वीडी सतीशन होंगे। नाम के ऐलान होने का बाद सतीशन ने कहा था कि मैं इस पद को निजी उपलब्धि नहीं बल्कि दैवीय कृपा मानता हूं। मैं वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथला समेत सभी नेताओं को अपने विश्वास में लूंगा। सीएम के लिए 3 नेताओं का नाम था, सतीशन चुने गए मुख्यमंत्री पद की दौड़ में वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला का नाम चल रहा था। रिजल्ट के बाद केरलम कांग्रेस अलग-अलग गुटों में बंटी रही। एक धड़ा सतीशन के समर्थन में था, जिन्हें नई पीढ़ी और आक्रामक विपक्षी चेहरा माना जाता है। दूसरा धड़ा वेणुगोपाल और चेन्निथला के पक्ष में था। दावा किया जा रहा था कि ज्यादातर विधायक वेणुगोपाल के समर्थन में थे। वेणुगोपाल को केंद्रीय नेतृत्व का करीबी नेता माना जाता है, जबकि सतीशन का मजबूत जनाधार था। वेणुगोपाल को सीएम न बनाने के लिए पोस्टर भी लगाए गए थे। कांग्रेस समर्थकों ने सतीशन के सीएम बनाने के समर्थन में वायनाड में पोस्टर लगाए गए थे। इनमें लिखा था- राहुल और प्रियंका वायनाड को भूल जाओ, यहां फिर नहीं जीतोगे। वायनाड अगला अमेठी होगा। समर्थकों ने हाईकमान को चेताया है कि केसी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाया, तो ठीक नहीं होगा। वायनाड के अलावा केरलम में अलग-अलग शहरों में ऐसे पोस्टर लगे हैं। इनमें लिखा है कि अगर केसी वेणुगोपाल को CM बनाया तो ये बड़ी गलती होगी। केरलम में पार्टी ने 140 में से 102 सीटें जीतीं केरलम में UDF ने 140 में से 102 सीटें जीती हैं। इनमें कांग्रेस की 63 सीटें हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस विधायकों की बैठक में 75-80% विधायकों ने केसी वेणुगोपाल को समर्थन दिया था। वीडी सतीशन को महज 6 विधायकों का समर्थन मिला था। हालांकि, बैठक के बाद तीन पूर्व प्रदेश अध्यक्षों ने सतीशन के नाम का समर्थन किया था। इसके अलावा UDF के सहयोगी दल IUML और केरलम कांग्रेस (जोसेफ) ने खुले तौर पर सतीशन को समर्थन किया। ………………………….. यह खबरें भी पढ़ें बंगाल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी में सीएम शपथ ले चुके तमिलनाडु: TVK की सरकार, विजय राज्य के 9वें मुख्यमंत्री बने विजय शपथ लेते समय निर्धारित लाइनों के अलावा और बातें बोलने लगे। इस पर राज्यपाल अर्लेकर ने उन्हें टोक दिया। तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ और एक्टर से नेता बने सी जोसेफ विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। विजय की पार्टी TVK को 234 में से 108 सीटें मिली थीं। उन्हें कांग्रेस, लेफ्ट, IUML और VCK के 13 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। पूरी खबर पढ़ें… पश्चिम बंगाल: भाजपा सरकार, सुवेंदु भाजपा के पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी 9 मई को पश्चिम बंगाल में BJP के पहले मुख्यमंत्री बन गए। सुवेंदु ने बांग्ला में ईश्वर के नाम की शपथ ली। शपथ के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री को झुककर प्रणाम किया। NDA और BJP शासित राज्यों के 20 मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में पहुंचे। पश्चिम बंगाल चुनावों में बीजेपी ने 294 में से 207 सीटें जीती हैं। पूरी खबर पढ़ें… असम: भाजपा सरकार, हिमंता दूसरी बार असम के CM हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बने हैं। 12 मई को असम के गवर्नर लक्ष्मण आचार्य ने गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में उन्हें पद और गोपनियता की शपथ दिलाई। हिमंता के अलावा 4 विधायकों भाजपा के रामेश्वर तेली, अजंता नेओम, AGP के अतुल बोरा, BPF के चरण बोरो ने मंत्री पद की शपथ ली। पूरी खबर पढ़ें… पुडुचेरी: एनडीए सरकार, एन. रंगासामी 5वीं बार CM बने एन. रंगासामी 5वीं बार पुडुचेरी के मुख्यमंत्री बने हैं। उप-राज्यपाल कैलाश नाथन ने लोक भवन में उन्हें पद और गोपनियता की शपथ दिलाई। इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे। रंगासामी के अलावा भाजपा के ए नमस्सिवायम और AINRC नेता मल्लादी कृष्णा राव ने मंत्री पद की शपथ ली। 4 मई को आए पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के परिणामों में रंगासामी के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन को 30 में से 16 सीटें मिली थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर
Home Remedies: बिना सर्जरी पाइल्स ठीक करने का नेचुरल तरीका

Last Updated:May 17, 2026, 19:25 IST Bawasir Ka Ilaj: बवासीर को ठीक करने के लिए हमेशा सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती है. लेकिन शर्त है कि वक्त रहते खानपान में बदलाव किया जाए. इसके अलावा आयुर्वेद में गुलकंद के सेवन से लेकर नारियल तेल लगाने जैसे नेचुरल तरीके भी बताए गए हैं, जो कि पाइल्स को ठीक करने में मदद करता है. ख़बरें फटाफट बवासीर गर्मी में होने वाली एक कॉमन हेल्थ प्रॉब्लम है. इसमें मलद्वार के आसपास सूजन, दर्द, खुजली के साथ कई बार खून आने जैसी परेशानियां भी होती है. कुछ लोगों में यह स्थिति इतनी बढ़ जाती है कि मलद्वार की नसें बाहर निकलने लगती हैं. बवासीर होने का कारण खराब खानपान, लगातार कब्ज रहना, तनाव, लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहना माना जाता हैं. हालांकि गंभीर मामलों में बवासीर ठीक करने के लिए सर्जरी की जरूरत पड़ती है. लेकिन आमतौर पर ये समस्या खानपान में बदलाव और नेचुरल हर्ब्स के सेवन से ठीक हो जाती है. यहां हम आपको ऐसे ही कुछ फूड्स के बारे में बता रहे हैं. बवासीर में खानपान क्यों जरूरी है?आयुर्वेद के अनुसार शरीर में वात, पित्त और कफ यानी त्रिदोष का संतुलन बिगड़ने पर बवासीर जैसी समस्याएं जन्म लेती हैं. इसलिए आयुर्वेदिक उपचार में इन दोषों को संतुलित करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है. इसलिए बवासीर को ठीक करने के लिए सबसे पहले खानपान को सुधारना जरूरी माना जाता है. बवासीर होने पर क्या खाएं क्या नहीं?बवासीर से पीड़ित लोगों को अधिक तेल-मसाले वाला भोजन और भारी खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए, क्योंकि ये पाचन तंत्र को प्रभावित कर कब्ज बढ़ा सकते हैं. इसके स्थान पर हल्का, सुपाच्य और फाइबर युक्त भोजन लेना फायदेमंद होता है. हरे चने, साबुत अनाज, दलिया और ताजे फल-सब्जियां पाचन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. साथ ही दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी, छाछ और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने से पेट साफ रहता है और कब्ज की समस्या कम होती है. पाइल्स ठीक करने का नेचुरल तरीका आयुर्वेद में त्रिफला को पाचन सुधारने और शरीर की सफाई के लिए बेहद उपयोगी माना गया है. त्रिफला चूर्ण को आंवले के छिलके के साथ गर्म पानी में मिलाकर लेने से पेट अच्छी तरह साफ होता है और बवासीर के लक्षणों में राहत मिल सकती है. इसके अलावा गुलकंद का सेवन भी लाभकारी माना जाता है. यह शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ-साथ पाचन तंत्र को मजबूत करता है और आंतों की सूजन कम करने में सहायक होता है. नियमित रूप से सीमित मात्रा में गुलकंद खाने से दर्द और जलन में राहत मिल सकती है. खूनी बवासीर के लिए आयुर्वेदिक उपाययदि बवासीर में खून आने की समस्या हो रही हो, तो आयुर्वेद में लाजवंती के पौधे के रस को उपयोगी बताया गया है. यह सूजन कम करने और ब्लीडिंग रोकने में मदद कर सकता है. वहीं, सिट्ज बाथ भी एक सरल और प्रभावी घरेलू उपाय माना जाता है. गर्म पानी में त्रिफला, पीपल और गूलर की छाल का काढ़ा मिलाकर उसमें कुछ देर बैठने से गुदा क्षेत्र की सूजन, दर्द और जलन में राहत मिलती है. इसके बाद नारियल तेल जैसे प्राकृतिक तेल लगाने से आराम महसूस हो सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
अब जिंदगीभर नहीं झेलना पड़ेगा घुटनों का दर्द, वैज्ञानिकों ने खोजा ट्रीटमेंट, आर्थराइटिस पर लगेगी लगाम !

Last Updated:May 17, 2026, 18:25 IST New Treatment for Osteoarthritis: कोरिया के वैज्ञानिकों ने ऑस्टियोआर्थराइटिस के मरीजों के लिए एक चमत्कारी इलाज ढूंढ निकाला है. उन्होंने एक ऐसे प्रोटीन की खोज की है, जो सिर्फ घुटनों का दर्द कम नहीं करता है, बल्कि आर्थराइटिस की बीमारी को भी रोक सकता है. इस ट्रीटमेंट को बनने में अभी लंबा वक्त लग सकता है, लेकिन यह खोज लाखों मरीजों के लिए भविष्य में राहत की बड़ी उम्मीद बन सकती है. वैज्ञानिकों ने एक ऐसा प्रोटीन खोजा है, जो ऑस्टोआर्थराइटिस की बीमारी को रोक सकता है. New Study on Osteoarthritis Treatment: एक उम्र के बाद अधिकतर लोगों को घुटनों में दर्द की समस्या होने लगती है. अक्सर इसे बुढ़ापे का संकेत माना जाता है, लेकिन कुछ लोग इस परेशानी से जवानी में ही जूझने लगते हैं. घुटनों के दर्द की सबसे बड़ी वजह ऑस्टियोआर्थराइटिस नामक बीमारी होती है. इस बीमारी की वजह से धीरे-धीरे घुटनों का कार्टिलेज घिसने लगता है. यह कार्टिलेज हड्डियों के बीच एक कुशन की तरह काम करता है, लेकिन इसके खराब होने पर घुटनों, कूल्हों और हाथों में दर्द, जकड़न और चलने-फिरने में परेशानी होने लगती है. इस बीमारी का अभी तक कोई सटीक इलाज नहीं है, लेकिन डॉक्टर दर्द कम करने की दवाएं देते हैं, ताकि मरीजों को राहत मिल सके. कोरिया के वैज्ञानिकों ने ऑस्टियोआर्थराइटिस को लेकर एक अनोखी खोज की है. अगर सब कुछ सही रहा, तो अगले कुछ सालों में आर्थराइटिस को रोकने वाली दवा बन सकती है. यह दवा घुटनों के दर्द से राहत दिलाएगी और इस बीमारी पर भी लगाम लगा देगी. Scitech Daily की रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण प्रोटीन SHP (NR0B2) की पहचान की है, जो कार्टिलेज को टूटने से बचाने में मदद करता है. यह प्रोटीन शरीर में प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है और जोड़ों की डैमेज को धीमा कर सकता है. रिसर्च में पाया गया कि जैसे-जैसे ऑस्टियोआर्थराइटिस बढ़ता है, शरीर में SHP प्रोटीन का स्तर कम होने लगता है. यह प्रोटीन उन एंजाइम्स को कंट्रोल करता है, जो कार्टिलेज को नष्ट करते हैं, जैसे MMP-3 और MMP-13. जब SHP की मात्रा पर्याप्त होती है, तो ये एंजाइम कम सक्रिय रहते हैं और जोड़ों को नुकसान कम होता है. यह रिसर्च प्रतिष्ठित जर्नल नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित हुई है और अब दुनिया भर में चर्चाओं का विषय है. चूहों पर मिले शानदार रिजल्ट वैज्ञानिकों ने इस प्रोटीन का परीक्षण चूहों पर किया. जिन चूहों में SHP प्रोटीन नहीं था, उनमें जोड़ों का नुकसान तेजी से हुआ और दर्द भी ज्यादा देखा गया. वहीं, जिनमें SHP प्रोटीन को दोबारा सक्रिय किया गया, उनमें कार्टिलेज का नुकसान कम हुआ और चलने-फिरने की क्षमता में सुधार देखा गया. इससे यह संकेत मिला कि यह प्रोटीन बीमारी की गति को धीमा कर सकता है. शोधकर्ताओं ने एक एक्सपेरिमेंट में SHP प्रोटीन का जीन सीधे जोड़ों में इंजेक्ट किया. इस प्रक्रिया के बाद लंबे समय तक असर देखने को मिला. एक ही उपचार के बाद कार्टिलेज को नुकसान कम हुआ और दर्द में भी राहत मिली. यह संकेत देता है कि भविष्य में यह तकनीक ऑस्टियोआर्थराइटिस के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. कब तक बन पाएगी यह दवा? वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खोज अभी शुरुआती चरण में है और मनुष्यों पर ज्यादा रिसर्च की जरूरत है. अगर आगे के क्लीनिकल ट्रायल सफल होते हैं, तो यह प्रोटीन आधारित थेरेपी ऑस्टियोआर्थराइटिस को रोकने या उसकी प्रगति को धीमा करने में बड़ी सफलता साबित हो सकती है. SHP प्रोटीन की खोज ऑस्टियोआर्थराइटिस के इलाज में एक नई उम्मीद लेकर आई है. अब तक जहां इलाज केवल दर्द कम करने पर केंद्रित था, वहीं यह शोध बीमारी की जड़ पर काम करने की संभावना दिखाता है. हालांकि इसे वास्तविक इलाज बनने में अभी समय लग सकता है, लेकिन यह खोज लाखों मरीजों के लिए भविष्य में राहत की बड़ी उम्मीद बन सकती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
यूक्रेन का रूस पर 1000 ड्रोन से हमला:सेमीकंडक्टर प्लांट, ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया; 1 भारतीय समेत 4 की मौत

यूक्रेन ने शनिवार रात को रूस के कई इलाकों पर 1000 से ज्यादा ड्रोन से हमला किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई है। इसमें 1 भारतीय मजदूर भी शामिल है। रूस में भारतीय दूतावास ने इसकी जानकारी दी। दूतावास के मुताबिक कुछ लोग घायल भी हैं। अधिकारियों ने हमले की जगह का दौरा किया और अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात भी की। अभी तक मारे गए और घायल लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। कीव इंडिपेंडेंस की रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन ने मॉस्को इलाके में सैन्य और ईंधन से जुड़े अहम ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एंगस्ट्रेम प्लांट शामिल है, जो रूस की सेना के लिए सेमीकंडक्टर बनाता है। इसके अलावा मॉस्को ऑयल रिफाइनरी, सोलनेचनोगोर्स्क और वोलोडार्स्कोये ईंधन स्टेशन को भी निशाना बनाया गया। यूक्रेन ने क्रीमिया पर भी हमला किया यूक्रेन ने दावा किया कि कब्जे वाले क्रीमिया में भी हमला किया गया। वहां बेलबेक एयरफील्ड पर एयर डिफेंस सिस्टम, एस-400 रडार सिस्टम का हैंगर, ड्रोन कंट्रोल सिस्टम, डेटा ट्रांसमिशन सेंटर और एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर को निशाना बनाया गया। रूसी अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला हाल के महीनों में मॉस्को पर हुए सबसे बड़े यूक्रेनी ड्रोन हमलों में से एक था। रातभर राजधानी और आसपास के इलाकों में एयर रेड सायरन बजते रहे, कई धमाके सुनाई दिए और अलग-अलग जगहों पर मलबा गिरा। रूस ने 24 घंटे में 1000 से ज्यादा ड्रोन गिराए रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने 24 घंटे में 1054 यूक्रेनी ड्रोन, 8 गाइडेड बम और 2 मिसाइलों को मार गिराया। मंत्रालय ने यह भी कहा कि उसने फ्लेमिंगो क्रूज मिसाइल और नेपच्यून-एमडी मिसाइल को भी रोका, हालांकि यूक्रेन ने इन मिसाइलों के इस्तेमाल पर कुछ नहीं कहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आसमान में चमक और कई जगह आग लगने के विजुअल हैं। खिमकी, क्लिन, जेलेनोग्राद और मॉस्को के कई हिस्सों में धमाकों की खबरें आईं। शेरमेत्येवो एयरपोर्ट के आसपास भी हलचल देखी गई। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि कपोतन्या इलाके में स्थित ऑयल रिफाइनरी के पास 12 लोग घायल हुए, जिनमें ज्यादातर निर्माण मजदूर थे। इस हमले का असर मॉस्को के एयरपोर्ट्स पर भी पड़ा। शेरमेत्येवो एयरपोर्ट पर करीब 200 फ्लाइट्स लेट या रद्द हो गईं, जबकि व्नुकोवो एयरपोर्ट पर करीब 100 फ्लाइट्स प्रभावित हुईं।








