Virat Kohli; RCB Vs PBKS LIVE Score Update: Shreyas Iyer Arshdeep Singh

धर्मशाला7 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL में रविवार को पिछले सीजन का फाइनल खेलने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पंजाब किंग्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा। मुकाबला दोपहर 3:30 बजे से धर्मशाला के HPCA मैदान पर खेला जाएगा। श्रेयस अय्यर की टीम इस मैदान पर बेंगलुरु को पिछले 15 साल से नहीं हरा सकी है। पंजाब को आखिरी जीत 2011 में मिली थी। 2024 के मुकाबले में टीम 60 रन से हारी थी। इसे फॉर्म बनाम प्रेशर का मैच भी कहा जा रहा है। क्योंकि, बेंगलुरु लगातार 2 मैच जीतकर प्लेऑफ की दहलीज पर पहुंच गई है, जबकि पंजाब लगातार 5 हार के बाद दबाव में है। बेंगलुरु ने उसे पिछले सीजन में 3 बार हराया था। बेंगलुरु ने IPL 2025 के फाइनल में पंजाब को 6 रन से हराया था। हेड-टु-हेड रिकॉर्ड पंजाब के पास हिसाब बराबर करने का मौका इस मुकाबले में पंजाब के पास होम कंडीशन में बेंगलुरु से हिसाब बराबर करने का मौका है। हेड-टु-हेड रिकॉर्ड में भी बेंगलुरु आगे है। दोनों के बीच 37 मैच हुए हैं। इनमें 19 बेंगलुरु और 18 पंजाब ने जीते हैं। टॉप प्लेयर्स कोहली बेंगलुरु के टॉप स्कोरर ओपनर विराट कोहली बेंगलुरु के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने 12 मैचों में 165.75 के स्ट्राइक रेट से 484 रन बनाए हैं। वे आज 500 रन पूरे कर सकते हैं। विराट ने पिछले मैच में कोलकाता के खिलाफ 60 बॉल पर नाबाद 105 रन बनाए थे। भुवनेश्वर कुमार 22 विकेट के साथ टॉप विकेट टेकर्स की लिस्ट में नंबर-1 हैं। प्रभसिमरन ने पंजाब से सबसे ज्यादा रन बनाए ओपनर प्रभसिमरन सिंह इस सीजन में पंजाब के टॉप स्कोरर हैं। वे 12 मैचों में 5 फिफ्टी के साथ 439 रन बना चुके हैं। उन्होंने पिछले मैच में मुंबई के खिलाफ अर्धशतक लगाया था। अर्शदीप सिंह 13 विकेट के साथ टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। वे इस सीजन में 9.69 की इकोनॉमी से रन दे रहे हैं। पेसर्स में मार्को यानसन 7 और विजयकुमार वैशाख 9 विकेट ले चुके हैं। वीकनेस एंड स्ट्रेंथ बेंगलुरु सभी डिपार्टमेंट में मजबूत बेंगलुरु की टीम सभी विभागों में मजबूत नजर आ रही है। टॉप ऑर्डर में कोहली, बेथेल, पडिक्कल और पाटीदार लगातार रन बना रहे हैं। क्रुणाल पंड्या भी अहम योगदान दे रहे हैं। हालांकि, जितेश, बेथेल और शेफर्ड की फॉर्म अच्छी नहीं है। गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड लगातार विकेट ले रहे हैं। पंजाब की कमजोरी डेथ ओवर्स की गेंदबाजी पंजाब की सबसे बड़ी समस्या गेंदबाजी रही है। इस मैदान पर दोनों मैचों में टीम 210 और 200 रन का बचाव नहीं कर सकी, क्योंकि आखिरी 5 ओवरों में गेंदबाजों ने जमकर रन दिए। IPL इतिहास में 200 से ज्यादा रन बनाने के बाद सबसे ज्यादा 10 मैच हारने का रिकॉर्ड भी पंजाब के नाम है। टीम की बल्लेबाजी ने सीजन की शुरुआत में दमदार प्रदर्शन किया है। इतना ही नहीं, 25 अप्रैल को दिल्ली के खिलाफ टूर्नामेंट के सबसे बड़े टारगेट 264 रन को चेज किया। कप्तान श्रेयस अय्यर और प्रभसिमरन सिंह 5-5 फिफ्टी लगा चुके हैं। पिच एंड वेदर रिपोर्ट धर्मशाला में हाईस्कोर मैच की उम्मीद HPCA मैदान पर इस साल खूब रन बने हैं। यहां अब तक 2 मैच खेले गए हैं और दोनों में 200 या उससे ज्यादा का स्कोर बना है। दोनों मैचों में टॉस जीतने वाली टीम ने पहले गेंदबाजी कर टारगेट चेज किया। रविवार को धर्मशाला में बारिश के आसार नहीं हैं। दोनों टीमों की प्लेइंग-XI रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु : विराट कोहली, जैकब बेथेल, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, वेंकटेस अय्यर, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड और जैकब डफी। इम्पैक्ट प्लेयर: रसिख सलाम। पंजाब किंग्स: प्रियांश आर्या, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कूपर कोनोली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), सूर्यांश शेडगे, शशांक सिंह, अजमतुल्लाह ओमरजई, विजयकुमार वैशाख, मार्को यानसन, अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल। इम्पैक्ट प्लेयर: विष्णु विनोद। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
सरकार बोली-चुनाव आयुक्त के चयन पैनल में जज जरूरी नहीं:SC से कहा- संविधान में ऐसा प्रावधान नहीं, जज को शामिल करना संसद का फैसला होगा

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि चुनाव आयोग (EC) के मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली समिति में जज का होना जरूरी नहीं है। संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। केंद्र ने कहा कि किसी जज को चयन समिति में शामिल करना संसद का फैसला हो सकता है, लेकिन इसे संवैधानिक मजबूरी नहीं माना जा सकता। सरकार ने ये जवाब उस मामले में दिया है, जिसमें ‘मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023’ को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इस कानून के मुताबिक, CEC और EC की नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और एक केंद्रीय मंत्री वाली समिति करेगी। पहले सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था में इसमें भारत के CJI को भी शामिल किया था। 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने CJI वाली समिति बनाई थी मार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा था कि जब तक संसद इस पर कानून नहीं बनाती, तब तक मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और CJI वाली समिति की सिफारिश पर होगी। इसके बाद केंद्र सरकार नया कानून लेकर आई। यह कानून 2 जनवरी 2024 से लागू हुआ। इसके तहत अब चयन समिति में प्रधानमंत्री, एक केंद्रीय मंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता शामिल हैं। CJI को इस समिति से हटा दिया गया। इस बदलाव के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गईं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इससे नियुक्ति प्रक्रिया में सरकार का प्रभाव बढ़ेगा और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है। सरकार की 4 मुख्य पॉइंट्स… 14 मई: SC ने कहा था- जब सरकार को ही फैसला लेना है, फिर कमेटी में नेता विपक्ष को रखने का दिखावा क्यों सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों (EC) की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार से सवाल किया था। कोर्ट ने कहा था- अगर सरकार को ही फैसला करना है तो सिलेक्शन कमेटी में नेता विपक्ष (LoP) को रखकर स्वतंत्रता का दिखावा करने की जरूरत क्या है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने कहा था कि CBI डायरेक्टर की सिलेक्शन कमेटी में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) शामिल होते हैं, लेकिन चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाली समिति में कोई स्वतंत्र सदस्य नहीं रखा गया है। 6 मई: SC ने पूछा था- क्या हमारे पास कानून बनवाने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई को मामले की सुनवाई के दौरान पूछा था कि क्या अदालत संसद को नया कानून बनाने का निर्देश दे सकती है। बेंच ने कहा कि एक याचिका में संसद को कानून बनाने का निर्देश देने की मांग की गई है। लेकिन क्या अदालत ऐसा निर्देश दे सकती है और क्या यह याचिका सुनवाई योग्य है क्योंकि कानून बनाना संसद का विशेषाधिकार है। पूरी खबर पढ़ें… 12 मई : राहुल बोले- विपक्ष का नेता रबर स्टैंप नहीं राहुल गांधी ने 12 मई को पीएम आवास पर हुई मीटिंग में नए CBI डायरेक्टर के सेलेक्शन पर अपनी असहमति जताई थी। राहुल ने आरोप लगाया कि चयन के लिए जिन 69 उम्मीदवारों की लिस्ट दी है। उन्हें उनकी डिटेल उपलब्ध नहीं कराई। उन्होंने बैठक के बाद कहा- सरकार ने चयन प्रक्रिया को केवल एक औपचारिकता बना दिया है। किसी पहले से तय व्यक्ति का चयन होता है। विपक्ष का नेता रबर स्टांप नहीं होता। प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस बैठक में CJI सूर्यकांत भी शामिल हुए थे। बैठक करीब एक घंटे चली। मीटिंग से निकलने के बाद राहुल ने सोशल मीडिया पर एक लेटर शेयर किया। जिसमें अपनी असहमति का कारण बताया। पूरी खबर पढ़ें…
सरकार बोली-चुनाव आयुक्त के चयन पैनल में जज जरूरी नहीं:SC से कहा- संविधान में ऐसा प्रावधान नहीं, जज को शामिल करना संसद का फैसला

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि चुनाव आयोग (EC) के मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली समिति में जज का होना जरूरी नहीं है। संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। केंद्र ने कहा कि किसी जज को चयन समिति में शामिल करना संसद का फैसला हो सकता है, लेकिन इसे संवैधानिक मजबूरी नहीं माना जा सकता। कोर्ट में ‘मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023’ को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई चल रही थी। इस कानून के मुताबिक, CEC और EC की नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और एक केंद्रीय मंत्री वाली समिति करेगी। पहले सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था में इसमें भारत के CJI को भी शामिल किया था। 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने CJI वाली समिति बनाई थी मार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा था कि जब तक संसद इस पर कानून नहीं बनाती, तब तक मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और CJI वाली समिति की सिफारिश पर होगी। इसके बाद केंद्र सरकार नया कानून लेकर आई। यह कानून 2 जनवरी 2024 से लागू हुआ। इसके तहत अब चयन समिति में प्रधानमंत्री, एक केंद्रीय मंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता शामिल हैं। CJI को इस समिति से हटा दिया गया। सरकार की 4 मुख्य पॉइंट्स… 14 मई: SC ने कहा था- जब सरकार को ही फैसला लेना है, फिर कमेटी में नेता विपक्ष को रखने का दिखावा क्यों सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों (EC) की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार से सवाल किया था। कोर्ट ने कहा था- अगर सरकार को ही फैसला करना है तो सिलेक्शन कमेटी में नेता विपक्ष (LoP) को रखकर स्वतंत्रता का दिखावा करने की जरूरत क्या है। पूरी खबर पढ़ें… 6 मई: SC ने पूछा था- क्या हमारे पास कानून बनवाने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई को मामले की सुनवाई के दौरान पूछा था कि क्या अदालत संसद को नया कानून बनाने का निर्देश दे सकती है। बेंच ने कहा कि एक याचिका में संसद को कानून बनाने का निर्देश देने की मांग की गई है। लेकिन क्या अदालत ऐसा निर्देश दे सकती है और क्या यह याचिका सुनवाई योग्य है क्योंकि कानून बनाना संसद का विशेषाधिकार है। पूरी खबर पढ़ें… 12 मई : राहुल बोले- विपक्ष का नेता रबर स्टैंप नहीं राहुल गांधी ने 12 मई को पीएम आवास पर हुई मीटिंग में नए CBI डायरेक्टर के सेलेक्शन पर अपनी असहमति जताई थी। राहुल ने आरोप लगाया कि चयन के लिए जिन 69 उम्मीदवारों की लिस्ट दी है। उन्हें उनकी डिटेल उपलब्ध नहीं कराई। उन्होंने बैठक के बाद कहा- सरकार ने चयन प्रक्रिया को केवल एक औपचारिकता बना दिया है। किसी पहले से तय व्यक्ति का चयन होता है। विपक्ष का नेता रबर स्टांप नहीं होता। प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस बैठक में CJI सूर्यकांत भी शामिल हुए थे। बैठक करीब एक घंटे चली। मीटिंग से निकलने के बाद राहुल ने सोशल मीडिया पर एक लेटर शेयर किया। जिसमें अपनी असहमति का कारण बताया। पूरी खबर पढ़ें… ———-
काम या पढ़ाई में नहीं लगता मन? फोन छोड़कर सुबह उठते ही करें ये काम, दिनभर रहेगा फोकस और एक्टिव

Last Updated:May 17, 2026, 01:11 IST How To Stay Focus: सुबह की आदतें पूरे दिन ध्यान और ऊर्जा बनाए रखने में बहुत मदद करती हैं. अक्सर लोग दोपहर की थकान दूर करने के तरीके ढूंढते हैं, लेकिन असली फर्क सुबह की दिनचर्या से पड़ता है. अगर सुबह सही शुरुआत हो, तो दिनभर फोकस बनाए रखना आसान हो जाता है. यहां हम आपको ऐसी कुछ आदतों के बारे में बता रहे हैं. ख़बरें फटाफट क्या आपको भी लगता है कि काम या पढ़ाई में फोकस कर पाना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है? यदि आपका जवाब हां है, तो ये लेख आपके लिए है. यहां आप अपनी इस समस्या को खत्म करने का आसान तरीका जान सकते हैं. दरअसल, मोबाइल नोटिफिकेशन, तनाव और लगातार बढ़ती जिम्मेदारियों के कारण फोकस का भटकना सामान्य बात है. लेकिन इसका असली कारण दिन की शुरुआत से ही जुड़ा होता है.सुबह का समय हमारे मानसिक और शारीरिक स्तर को पूरे दिन के लिए तय करता है. यही वजह है कि दिनभर की ऊर्जा, स्पष्ट सोच और काम करने की क्षमता काफी हद तक सुबह की शुरुआत पर निर्भर करती है. दिनभर फोकस रहने के उपाय सबसे पहले, सुबह उठते ही फोन इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. जैसे ही हम नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया या ईमेल देखने लगते हैं, हमारा दिमाग तुरंत आसान मनोरंजन की आदत पकड़ लेता है. इससे बाद में जरूरी और कठिन कामों पर ध्यान लगाना मुश्किल हो जाता है. इसलिए कोशिश करें कि उठने के बाद कम से कम 20–30 मिनट तक फोन न देखें. सुबह हल्का व्यायाम या शरीर को सक्रिय करना भी बहुत जरूरी है. इससे शरीर में रक्त संचार बढ़ता है, तनाव कम होता है और दिमाग बेहतर तरीके से काम करता है. इसके लिए भारी वर्कआउट जरूरी नहीं है. आप हल्की स्ट्रेचिंग, योग या 10–15 मिनट की सैर भी कर सकते हैं. दिन की शुरुआत में अपने काम की योजना बनाना भी फायदेमंद होता है. सबसे जरूरी काम पहले तय करें और उसके लिए एक निश्चित समय रखें. साथ ही, थोड़ा आराम या ब्रेक लेने का समय भी पहले से तय कर लें. इससे दिमाग पर दबाव कम महसूस होता है और काम करने की क्षमता बढ़ती है. अपने दिन में किसी छोटी खुशी की चीज को भी शामिल करें. जैसे पसंदीदा खाना खाना, शाम को कोई शो देखना, किताब पढ़ना या दोस्त से बात करना. सुबह का नाश्ता कभी नहीं छोड़ना चाहिए. अच्छा नाश्ता दिमाग को सही तरीके से काम करने में मदद करता है. खासकर फाइबर और कॉम्प्लेक्स कार्ब्स वाले भोजन जैसे ओट्स, अंडे, फल या साबुत अनाज ज्यादा देर तक पेट भरा रखते हैं और ऊर्जा बनाए रखते हैं. इसके अलावा, सुबह पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है. शरीर में पानी की कमी होने से थकान, चिड़चिड़ापन और ध्यान की कमी महसूस हो सकती है. इसलिए उठते ही एक गिलास पानी पीने की आदत डालें. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
PM Modi Meets Netherlands PM: AI, Semiconductors Discussion

एम्सटर्डम10 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान 11वीं सदी की ऐतिहासिक चोल ताम्र पट्टिकाओं को भारत लाने पर समझौता हुआ। ये करीब 1000 साल पुराने तमिल दस्तावेज हैं, जिनमें चोल साम्राज्य से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारी है। समझौते के तहत 11वीं सदी की चोल ताम्र पट्टिकाएं जल्द भारत लाई जाएंगी। यह 21 बड़ी और 3 छोटी तांबे की प्लेटों का संग्रह है। इनमें ज्यादातर लेख तमिल भाषा में लिखे गए हैं। मोदी ने कहा कि इन पट्टिकाओं में राजा राजेंद्र चोल प्रथम और उनके पिता राजा राजराजा चोल प्रथम से जुड़ी जानकारी दर्ज है। ताम्र पट्टिकाएं तांबे की बनी प्लेटें होती हैं, जिन पर पुराने समय में अहम बातें लिखी जाती थीं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 19वीं सदी में जब यूरोपीय देश भारत और एशिया के दूसरे हिस्सों में व्यापार और रिसर्च कर रहे थे, उसी दौरान ये दस्तावेज विदेश ले जाई गईं थीं। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ASML के बीच भी समझौता द हेग में टाटा आयोजित एक कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक्स और डच कंपनी ASML के बीच भी समझौता हुआ। यह करार सेमीकंडक्टर और चिप तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए है। ASML दुनिया की प्रमुख चिप मशीन बनाने वाली कंपनियों में शामिल है, जबकि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश बढ़ा रही है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और डच कंपनी ASML के प्रतिनिधि डील पर साइन कर रहे हैं, जबकि पीएम मोदी और पीएम जेटन पीछे खड़े हैं… नीदरलैंड के राजा-रानी से मिले पीएम मोदी मोदी ने शनिवार को नीदरलैंड के हेग शहर में वहां के राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से मुलाकात की। यह मुलाकात शाही महल ‘पैलेस हाउस टेन बॉश’ में हुई। बैठक के दौरान भारत और नीदरलैंड के रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। दोनों ने शिक्षा, तकनीक, सेमीकंडक्टर, डिजिटल तकनीक, वाटर मैनेजमेंट और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में साथ मिलकर काम बढ़ाने की बात कही। नीदरलैंड के राजा और रानी ने प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में रात्रिभोज भी रखा। मोदी ने 2019 में राजा और रानी की भारत यात्रा को याद करते हुए कहा कि उस दौरे से दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती मिली थी। पीएम मोदी ने नीदरलैंड सरकार की मेहमाननवाजी के लिए धन्यवाद दिया। नीदरलैंड के राजा-रानी के साथ PM मोदी। पीएम मोदी बोले- भारत में निवेश का अभी सबसे अच्छा समय नीदरलैंड के हेग शहर में शनिवार को आयोजित CEO राउंड टेबल बैठक में मोदी ने कहा कि भारत में निवेश और कारोबार के लिए यह सबसे अच्छा समय है। उन्होंने बताया कि टैक्स, लेबर कानून और सरकारी व्यवस्था में सुधारों के कारण भारत में मैन्युफैक्चरिंग अब सस्ती और आसान हो गई है। पीएम मोदी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स, जो पहले बड़ा आयात क्षेत्र था, अब भारत का बड़ा निर्यात क्षेत्र बन चुका है। भारत और नीदरलैंड ग्रीन हाइड्रोजन, तकनीक और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में साथ मिलकर काम बढ़ाएंगे। भारत में 300 से ज्यादा डच कंपनियां काम कर रहीं प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ FTA (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) समझौता दोनों पक्षों के लिए नए अवसर खोलेगा। साथ ही दोनों देश अपनी साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने डच कंपनियों से भारत में ज्यादा निवेश करने की अपील की। उन्होंने कहा कि 300 से ज्यादा डच कंपनियां पहले से भारत में काम कर रही हैं और भारत तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था बन रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में कारोबार करने वालों को अच्छे मौके और बेहतर परिणाम मिलेंगे। —————— यह खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- ये दुनिया के लिए आपदाओं का दशक:पहले कोरोना, फिर युद्ध, अब ऊर्जा संकट, हालात नहीं बदले तो गरीबी के दलदल में फंसेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीदरलैंड दौरे पर हैं। उन्होंने द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए दुनिया के मौजूदा हालात पर चिंता जताई। मोदी ने कहा कि आज मानवता के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं। ये दशक आपदाओं का दशक बन गया है। दुनिया पहले कोरोना, फिर युद्ध और अब ऊर्जा संकट से जूझ रही है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
PM Modi Meets Netherlands PM: AI, Semiconductors Discussion

एम्सटर्डम6 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान 11वीं सदी की ऐतिहासिक चोल ताम्र पट्टिकाओं को भारत लाने पर समझौता हुआ। ये करीब 1000 साल पुराने तमिल दस्तावेज हैं, जिनमें चोल साम्राज्य से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारी है। समझौते के तहत 11वीं सदी की चोल ताम्र पट्टिकाएं जल्द भारत लाई जाएंगी। यह 21 बड़ी और 3 छोटी तांबे की प्लेटों का संग्रह है। इनमें ज्यादातर लेख तमिल भाषा में लिखे गए हैं। मोदी ने कहा कि इन पट्टिकाओं में राजा राजेंद्र चोल प्रथम और उनके पिता राजा राजराजा चोल प्रथम से जुड़ी जानकारी दर्ज है। ताम्र पट्टिकाएं तांबे की बनी प्लेटें होती हैं, जिन पर पुराने समय में अहम बातें लिखी जाती थीं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 19वीं सदी में जब यूरोपीय देश भारत और एशिया के दूसरे हिस्सों में व्यापार और रिसर्च कर रहे थे, उसी दौरान ये दस्तावेज विदेश ले जाई गईं थीं। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ASML के बीच भी समझौता द हेग में टाटा आयोजित एक कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक्स और डच कंपनी ASML के बीच भी समझौता हुआ। यह करार सेमीकंडक्टर और चिप तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए है। ASML दुनिया की प्रमुख चिप मशीन बनाने वाली कंपनियों में शामिल है, जबकि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश बढ़ा रही है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और डच कंपनी ASML के प्रतिनिधि डील पर साइन कर रहे हैं, जबकि पीएम मोदी और पीएम जेटन पीछे खड़े हैं… नीदरलैंड के राजा-रानी से मिले पीएम मोदी मोदी ने शनिवार को नीदरलैंड के हेग शहर में वहां के राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से मुलाकात की। यह मुलाकात शाही महल ‘पैलेस हाउस टेन बॉश’ में हुई। बैठक के दौरान भारत और नीदरलैंड के रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। दोनों ने शिक्षा, तकनीक, सेमीकंडक्टर, डिजिटल तकनीक, वाटर मैनेजमेंट और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में साथ मिलकर काम बढ़ाने की बात कही। नीदरलैंड के राजा और रानी ने प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में रात्रिभोज भी रखा। मोदी ने 2019 में राजा और रानी की भारत यात्रा को याद करते हुए कहा कि उस दौरे से दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती मिली थी। पीएम मोदी ने नीदरलैंड सरकार की मेहमाननवाजी के लिए धन्यवाद दिया। नीदरलैंड के राजा-रानी के साथ PM मोदी। पीएम मोदी बोले- भारत में निवेश का अभी सबसे अच्छा समय नीदरलैंड के हेग शहर में शनिवार को आयोजित CEO राउंड टेबल बैठक में मोदी ने कहा कि भारत में निवेश और कारोबार के लिए यह सबसे अच्छा समय है। उन्होंने बताया कि टैक्स, लेबर कानून और सरकारी व्यवस्था में सुधारों के कारण भारत में मैन्युफैक्चरिंग अब सस्ती और आसान हो गई है। पीएम मोदी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स, जो पहले बड़ा आयात क्षेत्र था, अब भारत का बड़ा निर्यात क्षेत्र बन चुका है। भारत और नीदरलैंड ग्रीन हाइड्रोजन, तकनीक और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में साथ मिलकर काम बढ़ाएंगे। भारत में 300 से ज्यादा डच कंपनियां काम कर रहीं प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ FTA (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) समझौता दोनों पक्षों के लिए नए अवसर खोलेगा। साथ ही दोनों देश अपनी साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने डच कंपनियों से भारत में ज्यादा निवेश करने की अपील की। उन्होंने कहा कि 300 से ज्यादा डच कंपनियां पहले से भारत में काम कर रही हैं और भारत तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था बन रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में कारोबार करने वालों को अच्छे मौके और बेहतर परिणाम मिलेंगे। —————— यह खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- ये दुनिया के लिए आपदाओं का दशक:पहले कोरोना, फिर युद्ध, अब ऊर्जा संकट, हालात नहीं बदले तो गरीबी के दलदल में फंसेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीदरलैंड दौरे पर हैं। उन्होंने द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए दुनिया के मौजूदा हालात पर चिंता जताई। मोदी ने कहा कि आज मानवता के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं। ये दशक आपदाओं का दशक बन गया है। दुनिया पहले कोरोना, फिर युद्ध और अब ऊर्जा संकट से जूझ रही है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
गुजरात- किरायदार ने मकान मालिक से पत्नी-बेटी का रेप कराया:₹2000 किराया नहीं दे पाया तो समझौता किया, 2 आरोपी गिरफ्तार

गुजरात के मोरबी में किरायदार ने किरया नहीं चुका पाने पर मकान मालिक को अपनी पत्नी और नाबालिग बेटी के साथ रेप की इजाजत दे दी। पुलिस ने महिला की शिकायत पर शनिवार को किरायदार और मकान मालिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, परिवार करीब छह महीने पहले काम की तलाश में मोरबी आया था। उन्होंने 2 हजार रुपए महीने पर किराए का घर लिया था। आर्थिक तंगी के कारण परिवार नियमित रूप से किराया नहीं दे पा रहा था। आरोप है कि मकान मालिक ने बकाया किराया माफ करने के बदले महिला से यौन संबंध बनाने की मांग की। पति इसके लिए तैयार हो गया। इसके बाद मकान मालिक ने महिला के साथ कई बार रेप किया। नाबालिग बेटी को भी प्रताड़ित किया किरायदार की पत्नी के बाद मकान मालिक ने उसकी नाबालिग बेटी को भी निशाना बनाया। किरायदार ने इसके लिए भी सहमति दे दी। आरोप है कि बच्ची को अलग-अलग जगहों पर ले जाकर मकान मालिक और एक अन्य आरोपी ने उसका यौन शोषण किया। यह सिलसिला पिछले छह महीने से चल रहा था। घटना की जानकारी जब महिला के पिता (बच्ची के नाना) को हुई, तो उन्होंने मोरबी ‘ए’ डिवीजन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। 2 आरोपी गिरफ्तार, तीसरे की तलाश मोरबी के डीएसपी जेएम आल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘ए’ डिवीजन पुलिस स्टेशन के पीआई वाईबी जडेजा और उनकी टीम ने दो मुख्य आरोपियों (पति और मकान मालिक) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। तीसरे आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीम बनाई गई है। ——– ये खबर भी पढ़ें… केंद्रीय मंत्री बंदी संजय बोले-बेटे को पुलिस के हवाले किया:पुलिस बोली- सरेंडर नहीं, हमने पकड़ा; POCSO मामले में लुकआउट नोटिस जारी हुआ था केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने पॉक्सो केस में आरोपी बेटे बंदी भगीरथ को पुलिस को सौंप दिया है। बंदी संजय कुमार ने शनिवार को कहा कि कानून के सामने सभी बराबर हैं। पूरी खबर पढ़ें…
गुजरात- किरायदार ने मकान मालिक से पत्नी-बेटी का रेप कराया:₹2000 किराया नहीं दे पाया तो समझौता किया, 2 आरोपी गिरफ्तार

गुजरात के मोरबी में किरायदार ने किरया नहीं चुका पाने पर मकान मालिक को अपनी पत्नी और नाबालिग बेटी के साथ रेप की इजाजत दे दी। पुलिस ने महिला की शिकायत पर शनिवार को किरायदार और मकान मालिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, परिवार करीब छह महीने पहले काम की तलाश में मोरबी आया था। उन्होंने 2 हजार रुपए महीने पर किराए का घर लिया था। आर्थिक तंगी के कारण परिवार नियमित रूप से किराया नहीं दे पा रहा था। आरोप है कि मकान मालिक ने बकाया किराया माफ करने के बदले महिला से यौन संबंध बनाने की मांग की। पति इसके लिए तैयार हो गया। इसके बाद मकान मालिक ने महिला के साथ कई बार रेप किया। नाबालिग बेटी को भी प्रताड़ित किया किरायदार की पत्नी के बाद मकान मालिक ने उसकी नाबालिग बेटी को भी निशाना बनाया। किरायदार ने इसके लिए भी सहमति दे दी। आरोप है कि बच्ची को अलग-अलग जगहों पर ले जाकर मकान मालिक और एक अन्य आरोपी ने उसका यौन शोषण किया। यह सिलसिला पिछले छह महीने से चल रहा था। घटना की जानकारी जब महिला के पिता (बच्ची के नाना) को हुई, तो उन्होंने मोरबी ‘ए’ डिवीजन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। 2 आरोपी गिरफ्तार, तीसरे की तलाश मोरबी के डीएसपी जेएम आल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘ए’ डिवीजन पुलिस स्टेशन के पीआई वाईबी जडेजा और उनकी टीम ने दो मुख्य आरोपियों (पति और मकान मालिक) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। तीसरे आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीम बनाई गई है। ——– ये खबर भी पढ़ें… केंद्रीय मंत्री बंदी संजय बोले-बेटे को पुलिस के हवाले किया:पुलिस बोली- सरेंडर नहीं, हमने पकड़ा; POCSO मामले में लुकआउट नोटिस जारी हुआ था केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने पॉक्सो केस में आरोपी बेटे बंदी भगीरथ को पुलिस को सौंप दिया है। बंदी संजय कुमार ने शनिवार को कहा कि कानून के सामने सभी बराबर हैं। पूरी खबर पढ़ें…









