Delhi Petrol Rs 98.64, Diesel Rs 91.58; Fuel Prices Surge Again

नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक देश में पेट्रोल और डीजल आज 19 मई मंगलवार से 90 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है। एक हफ्ते से भी कम समय में ईंधन के दामों में यह दूसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले 15 मई, शुक्रवार को ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3-3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। बड़े शहरों में पेट्रोल के दाम शहर नए दाम (रुपए/लीटर) पुराने दाम (रुपए/लीटर) अंतर (बढ़ोतरी) दिल्ली 98.64 97.77 87 पैसे मुंबई 107.59 106.68 91 पैसे कोलकाता 109.70 108.74 96 पैसे चेन्नई 104.49 103.67 82 पैसे बड़े शहरों में डीजल के दाम शहर नए दाम (रुपए/लीटर) पुराने दाम (रुपए/लीटर) अंतर (बढ़ोतरी) दिल्ली 91.58 90.67 91 पैसे मुंबई 94.08 93.14 94 पैसे कोलकाता 96.07 95.13 94 पैसे चेन्नई 96.11 95.25 86 पैसे अन्य चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं… मालभाड़ा बढ़ेगा: ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ जाएगा, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो जाएंगे। खेती की लागत: ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज की लागत बढ़ेगी। बस-ऑटो का किराया: सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी? इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। बेस प्राइस से चार गुना तक बढ़ जाती है कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति के आधार पर देश में ईंधन के दाम तय किए जाते हैं। सरकारी तेल कंपनियां ‘डेली प्राइस रिवीजन’ यानी डायनेमिक प्राइसिंग सिस्टम के तहत हर दिन सुबह 6 बजे नए रेट अपडेट करती हैं। उपभोक्ता तक पहुंचने से पहले तेल की कीमतों में कई तरह के टैक्स और खर्च जुड़ते हैं, जिसे हम आसान भाषा में समझ सकते हैं: 1. कच्चे तेल की कीमत (बेस प्राइस): भारत अपनी जरूरत का करीब 90% क्रूड विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से खरीदे गए बैरल के हिसाब से प्रति लीटर तेल की कीमत तय होती है। 2. रिफाइनिंग और कंपनियों का चार्ज: कच्चे तेल को देश की रिफाइनरियों में साफ करके पेट्रोल-डीजल बनाया जाता है। इसमें रिफाइनिंग लागत और कंपनियों का मार्जिन शामिल होता है। 3. केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी: रिफाइनरी से निकलने के बाद केंद्र सरकार इस पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) और रोड सेस लगाती है। यह देश भर में सभी राज्यों के लिए समान होती है। 4. डीलर कमीशन: तेल कंपनियां जिस रेट पर पेट्रोल पंप मालिकों (डीलर्स) को ईंधन बेचती हैं, उसमें डीलर्स का अपना निश्चित कमीशन जोड़ा जाता है, जो पेट्रोल और डीजल के लिए अलग-अलग होता है। 5. राज्य सरकार का वैट (VAT): सबसे आखिर में राज्य सरकारें अपने हिसाब से वैट या लोकल सेल्स टैक्स लगाती हैं। चूंकि हर राज्य की वैट दरें अलग होती हैं, इसीलिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतें भी अलग-अलग हो जाती हैं। पड़ोसी देशों में बढ़े दाम, भारत में अब हुआ इजाफा सरकार अब तक यह तर्क देती रही थी कि पश्चिम एशिया युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल आया है। इसके चलते पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 15% से 20% तक बढ़ गईं, लेकिन भारतीय उपभोक्ताओं पर इसका बोझ नहीं डाला गया। 2024 से दाम नहीं बदले थे, चुनाव से पहले कटौती हुई थी देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया। तेल कंपनियों को हर महीने 30 हजार करोड़ का घाटा हो रहा था सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं । पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है । पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटाई थी इससे पहले सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखने के लिए स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कटौती की थी। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर ₹3 रुपए, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से एक लीटर पेट्रोल पर कुल 21.90 रुपए एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती थी। स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्टूटी घटने के बाद यह 11.90 रुपए रह गई थी। इसी तरह, एक लीटर डीजल पर कुल सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी 17.8 रुपए से घटकर 7.8 रुपए पर आ गई थी। सरकार का ये फैसला पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए था। इस निर्णय की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े थे। पूरी खबर पढ़ें… पीएम मोदी ने कहा था- ईंधन का इस्तेमाल कम करें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों के सावधानीपूर्वक उपयोग का सुझाव दिया था। पीएम ने कहा था कि आज समय की मांग है कि पेट्रोल, गैस और डीजल का उपयोग बहुत संयम से किया जाए। हमें आयातित पेट्रो उत्पादों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा बचेगी, बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव भी कम होंगे। दैनिक भास्कर
Iran US War Ceasefire Conditions LIVE Update; Donald Trump Enriched Uranium – Frozen Assets

Hindi News International Iran US War Ceasefire Conditions LIVE Update; Donald Trump Enriched Uranium Frozen Assets | Hormuz Strait तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी2 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि उन्होंने ईरान पर मंगलवार को होने वाला हमला फिलहाल टाल दिया है। ट्रम्प ने कहा कि कतर, सऊदी अरब और UAE जैसे देशों के नेताओं ने बातचीत को मौका देने के लिए कुछ दिन का समय मांगा था। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि गंभीर बातचीत चल रही है और ऐसा समझौता हो सकता है, जिसे अमेरिका और पश्चिम एशिया के देश स्वीकार कर सकें। ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डेनियल केन और अमेरिकी सेना को निर्देश दिया है कि मंगलवार को प्रस्तावित हमला नहीं किया जाएगा। हालांकि ट्रम्प ने साफ किया कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिकी सेना किसी भी समय बड़े स्तर के हमले के लिए तैयार रहेगी। ट्रम्प ने कहा कि प्रस्तावित समझौते में सबसे अहम शर्त यह होगी कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर ईरान पर हमला टालने की जानकारी दी। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स 1. ट्रम्प की ईरान को धमकी- जल्दी समझौता करो, वरना कुछ नहीं बचेगा: ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि घड़ी तेजी से चल रही है और अगर जल्द समझौता नहीं हुआ तो गंभीर नतीजे होंगे। 2. अमेरिका-इजराइल की ईरान पर नए हमले की तैयारी: रिपोर्ट्स के मुताबिक, जर्मनी स्थित अमेरिकी ठिकानों से हथियार लेकर दर्जनों कार्गो विमान इजराइल पहुंचे हैं। वहीं नेतन्याहू और ट्रम्प ने संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर बातचीत की। 3. होर्मुज में बढ़ा संकट, 1500 कारोबारी जहाज फंसे: ईरान तनाव और समुद्री नाकेबंदी के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में करीब 1,500 कारोबारी जहाज फंसे हुए हैं। इन पर 20 हजार से ज्यादा नाविक मौजूद हैं। एक्सपर्ट्स ने मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा बताया है। 4. सऊदी अरब पर ड्रोन हमला, कुवैत-कतर ने की निंदा: सऊदी अरब ने दावा किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने इराक की दिशा से आए 3 ड्रोन मार गिराए। कुवैत और कतर ने इसे सऊदी संप्रभुता और क्षेत्रीय सुरक्षा पर हमला बताया। 5. ईरान में लड़कियों को AK-47 ट्रेनिंग: अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान में युवा लड़कियों को AK-47 असॉल्ट राइफल असेंबल और डिसअसेंबल करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। इससे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 10 मिनट पहले कॉपी लिंक होर्मुज में करीब 1,500 कारोबारी जहाज फंसे खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव और संघर्ष के बीच होर्मुज में करीब 1,500 कारोबारी जहाज फंसे हुए हैं। इन जहाजों पर 20 हजार से ज्यादा नाविक मौजूद हैं, जिन्हें कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। डिफेंस एक्सपर्ट मार्टिन केली ने कहा कि सबसे बड़ा खतरा ईरानी मिसाइल या ड्रोन हमलों का है। उनके मुताबिक, ईरान की ओर से कारोबारी जहाजों को निशाना बनाने में कोई तय पैटर्न नहीं दिख रहा, इसलिए हर जहाज खतरे में माना जा रहा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
PM Modi Norway Visit | India-Nordic Summit Green Energy Space Talks

ओस्लो14 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी आज नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में होने वाले तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वह नॉर्डिक देशों के नेताओं के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यह समिट भारत और उत्तरी यूरोपीय देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। समिट में पीएम मोदी नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के प्रधानमंत्रियों से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, नई तकनीक, जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल सिक्योरिटी जैसे मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है। इस दौरे में ग्रीन एनर्जी, ब्लू इकॉनमी, ग्रीन शिपिंग और क्लाइमेट टेक्नोलॉजी पर खास फोकस रहेगा। भारत और नॉर्डिक देश स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण से जुड़े प्रोजेक्ट्स में सहयोग बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। स्पेस सेक्टर भी इस दौरे का अहम हिस्सा रहेगा। भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो और नॉर्वे की स्पेस एजेंसी के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी। आर्कटिक रिसर्च और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी साझेदारी मजबूत करने की योजना है। पीएम मोदी ने सोमवार को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में आयोजित इंडिया-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अन्य नेताओं के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाई। मोदी बोले- भारत नॉर्वे दोनों डिप्लोमेसी में भरोसा रखते हैं मोदी ने कल नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में कहा कि दुनिया की बड़ी समस्याओं का हल युद्ध से नहीं, बल्कि बातचीत और शांति से निकल सकता है। नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्वे दोनों बातचीत और कूटनीति में भरोसा रखते हैं। यूक्रेन युद्ध हो या पश्चिम एशिया का संकट भारत हमेशा शांति की कोशिशों का समर्थन करेगा। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जरूरी है। उन्होंने आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत पर भी जोर दिया। नॉर्वे ने पीएम मोदी को अपने सबसे बड़े सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से भी सम्मानित किया गया। नॉर्वे के राजा ने पीएम मोदी को अपने यहां का सर्वोच्च सम्मान दिया। पीएम मोदी ने बिजनेस समिट में हिस्सा लिया पीएम मोदी ने सोमवार को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में इंडिया-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने नॉर्वे की बड़ी कंपनियों और रिसर्च संस्थानों के प्रमुखों से मुलाकात की। समिट में ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, शिपिंग, हेल्थ टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, शिक्षा और रिसर्च जैसे कई क्षेत्रों पर चर्चा हुई। इसमें शामिल बड़ी कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू करीब 200 अरब डॉलर थी। पीएम मोदी ने कहा कि भारत निवेश और इनोवेशन के लिए बड़ा और भरोसेमंद बाजार बन रहा है। उन्होंने भारत में निवेश के अवसरों को भी सामने रखा। पीएम मोदी बिजनेस समिट में नॉर्वे की बड़ी कंपनियों के अधिकारियों के साथ। 2030 तक व्यापार दोगुना करने पर चर्चा हुई बैठक में दोनों देशों ने अपने रिश्तों को ‘ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ तक बढ़ाने का फैसला किया। इसके तहत ग्रीन एनर्जी, क्लीन टेक्नोलॉजी, समुद्री अर्थव्यवस्था, ग्रीन शिपिंग और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा। दोनों देशों ने 2030 तक आपसी व्यापार दोगुना करने का टारगेट रखा है। साथ ही भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख नौकरियां पैदा करने के टारगेट पर भी चर्चा हुई। पीएम मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे ने स्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, मछली पालन, समुद्री सुरक्षा और डिजिटल तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
PM Modi Norway Visit | India-Nordic Summit Green Energy Space Talks

ओस्लो13 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी आज नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में होने वाले तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वह नॉर्डिक देशों के नेताओं के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यह समिट भारत और उत्तरी यूरोपीय देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। समिट में पीएम मोदी नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के प्रधानमंत्रियों से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, नई तकनीक, जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल सिक्योरिटी जैसे मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है। इस दौरे में ग्रीन एनर्जी, ब्लू इकॉनमी, ग्रीन शिपिंग और क्लाइमेट टेक्नोलॉजी पर खास फोकस रहेगा। भारत और नॉर्डिक देश स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण से जुड़े प्रोजेक्ट्स में सहयोग बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। स्पेस सेक्टर भी इस दौरे का अहम हिस्सा रहेगा। भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो और नॉर्वे की स्पेस एजेंसी के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी। आर्कटिक रिसर्च और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी साझेदारी मजबूत करने की योजना है। पीएम मोदी ने सोमवार को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में आयोजित इंडिया-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अन्य नेताओं के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाई। मोदी बोले- भारत नॉर्वे दोनों डिप्लोमेसी में भरोसा रखते हैं मोदी ने कल नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में कहा कि दुनिया की बड़ी समस्याओं का हल युद्ध से नहीं, बल्कि बातचीत और शांति से निकल सकता है। नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्वे दोनों बातचीत और कूटनीति में भरोसा रखते हैं। यूक्रेन युद्ध हो या पश्चिम एशिया का संकट भारत हमेशा शांति की कोशिशों का समर्थन करेगा। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जरूरी है। उन्होंने आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत पर भी जोर दिया। नॉर्वे ने पीएम मोदी को अपने सबसे बड़े सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से भी सम्मानित किया गया। नॉर्वे के राजा ने पीएम मोदी को अपने यहां का सर्वोच्च सम्मान दिया। पीएम मोदी ने बिजनेस समिट में हिस्सा लिया पीएम मोदी ने सोमवार को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में इंडिया-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने नॉर्वे की बड़ी कंपनियों और रिसर्च संस्थानों के प्रमुखों से मुलाकात की। समिट में ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, शिपिंग, हेल्थ टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, शिक्षा और रिसर्च जैसे कई क्षेत्रों पर चर्चा हुई। इसमें शामिल बड़ी कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू करीब 200 अरब डॉलर थी। पीएम मोदी ने कहा कि भारत निवेश और इनोवेशन के लिए बड़ा और भरोसेमंद बाजार बन रहा है। उन्होंने भारत में निवेश के अवसरों को भी सामने रखा। पीएम मोदी बिजनेस समिट में नॉर्वे की बड़ी कंपनियों के अधिकारियों के साथ। 2030 तक व्यापार दोगुना करने पर चर्चा हुई बैठक में दोनों देशों ने अपने रिश्तों को ‘ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ तक बढ़ाने का फैसला किया। इसके तहत ग्रीन एनर्जी, क्लीन टेक्नोलॉजी, समुद्री अर्थव्यवस्था, ग्रीन शिपिंग और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा। दोनों देशों ने 2030 तक आपसी व्यापार दोगुना करने का टारगेट रखा है। साथ ही भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख नौकरियां पैदा करने के टारगेट पर भी चर्चा हुई। पीएम मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे ने स्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, मछली पालन, समुद्री सुरक्षा और डिजिटल तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
रिजेक्शन, प्यार और संघर्ष: अंशुमन‑महवश ने सुनाई दिल छूती कहानी:छोटे शहरों से निकले दोनों बोले- सफलता के पीछे दर्द और अधूरा इश्क

अंशुमन पुष्कर और महवश जल्द ही वेब सीरीज ‘सतरंगी बदला का खेल’ में नजर आने वाले हैं। छोटे शहरों से निकलकर अपनी मेहनत और टैलेंट के दम पर पहचान बनाने वाले दोनों कलाकारों ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। इंटरव्यू में उन्होंने अपने संघर्ष, रिजेक्शन, प्यार, छोटे शहरों की सोच और एक्टिंग के सफर पर खुलकर बात की। अंशुमन ने बताया कि कैसे कुछ किरदार उन्हें अंदर तक प्रभावित कर जाते हैं, वहीं महवश ने अपने पहले प्यार और परिवार से लड़कर करियर बनाने के अनुभव साझा किए। दोनों ने यह भी बताया कि सफलता के पीछे कितनी मेहनत, दर्द और भावनात्मक संघर्ष छिपे होते हैं। सवाल: ‘सतरंगी बदला का खेल’ में बबलू के किरदार से आप खुद को कितना जोड़ पाते हैं? जवाब/अंशुमन: मैं दोनों चीजों से जुड़ पाता हूं। एक तरफ बबलू का टूटा हुआ इमोशनल पक्ष है और दूसरी तरफ उसके अंदर बदले की भावना। लेकिन अगर एक चीज चुननी हो, तो मैं उसके दर्द और उन वजहों से ज्यादा जुड़ता हूं, जिनकी वजह से उसके अंदर बदले की भावना पैदा होती है। समाज में उसके साथ जो भेदभाव और अन्याय होता है, वही उसकी सबसे बड़ी तकलीफ है। सवाल: लाली और बबलू में कौन-सा किरदार आपके ज्यादा करीब है? जवाब/अंशुमन: दोनों किरदार मेरे बहुत करीब हैं। बचपन से मुझे परफॉर्म करना पसंद था। शादियों में डांस करना और स्टेज पर जाना अच्छा लगता था, लेकिन उस माहौल में इसे ज्यादा अच्छा नहीं माना जाता था। इसलिए लाली के किरदार से मैं जुड़ता हूं। वहीं, बबलू की तरह मेरे अंदर भी बचपन से कुछ बड़ा और अच्छा करने की चाह थी। उसके लिए मेहनत करने और हर हद तक जाने का जज्बा था। इसलिए बबलू से भी बहुत जुड़ाव महसूस होता है। सवाल: महवश, आप अपने किरदार आरती से कितना रिलेट करती हैं? जवाब/महवश: मैं आरती के किरदार से काफी जुड़ती हूं। वह अपने लोगों के लिए किसी भी हद तक जा सकती है और मैं भी ऐसी ही हूं। मुझे सही और गलत बहुत साफ दिखाई देता है। कॉलेज के समय मैं यूनिवर्सिटी चुनाव में भी खड़ी हुई थी। अगर समाज में कुछ गलत दिखता है, तो मैं उसके खिलाफ बोलती हूं। यही बात आरती में भी है। सवाल: क्या आपको अपना पहला प्यार आज भी याद है? जवाब/महवश: पहला प्यार हमेशा याद रहता है। मैं अपनी स्कूटी लेकर उसके कोचिंग सेंटर के बाहर खड़ी हो जाती थी, सिर्फ उसे देखने के लिए। सर्दियों में सुबह जल्दी उठकर उसकी स्कूल बस देखने का इंतजार करती थी। वह एहसास बहुत खास था। सवाल: अंशुमन, आपने कभी किसी से इंतिहा वाला इश्क किया है? जवाब/अंशुमन: मैं हमेशा बहुत फिल्मी रहा हूं। स्कूल के दिनों में भी मुझे लगता था कि यही प्यार है। लेकिन सच कहूं तो जिन लड़कियों को पसंद करता था, उनसे कभी ठीक से बात तक नहीं कर पाया। बस दूर से ही खुश रहता था। लेकिन जब सच में प्यार होता है, तब उसकी गहराई समझ में आती है। वह एहसास बहुत इंटेंस होता है। सवाल: छोटे शहर से मुंबई आने के बाद क्या सबसे ज्यादा बदला? जवाब/महवश: मैं बहुत मासूम थी, लेकिन इस शहर में आकर अपने इमोशन्स छुपाने पड़ते हैं। यहां बहुत कॉम्पिटिशन है। डर रहता है कि कोई आपकी अच्छाई का फायदा न उठा ले। इसलिए खुद को मजबूत बनाना पड़ता है। मुझे आज भी वह मासूमियत याद आती है। सवाल: क्या आज के समय में प्यार पहले जैसा नहीं रहा? जवाब/अंशुमन: आज सब कुछ बहुत जल्दी होने लगा है। पहले लोग प्यार को महसूस करते थे, उसके लिए इंतजार करते थे। अब रिश्तों में गहराई कम होती जा रही है। मुझे लगता है कि असली प्यार में समझदारी से ज्यादा दिल की जरूरत होती है। टूटे हुए दिल से ही अच्छी शायरी, संगीत और कहानियां निकलती हैं। सवाल: जिंदगी का कोई ऐसा अपमान या संघर्ष, जो आज भी याद हो? जवाब/महवश: एक बार स्कूल टूर पर जाना था और बहुत बारिश हो रही थी। हमारे पास गाड़ी नहीं थी। मैंने पापा से कहा कि पड़ोसी से गाड़ी मांग लीजिए। लेकिन उन्होंने मना कर दिया। बाद में पापा मुझे बारिश में साइकिल से छोड़ने गए। उस दिन मैंने सोचा था कि एक दिन मैं अपने पापा को उनकी पसंद की गाड़ी जरूर दिलाऊंगी। जब मैंने अपनी पहली कार खरीदी, तब वही पल याद आया। सवाल: एक्टिंग की दुनिया में रिजेक्शन का सामना कैसे किया? जवाब/अंशुमन: ऑडिशन में कई बार बिना वजह ‘नॉट फिट’ कहकर रिजेक्ट कर दिया जाता था। शुरुआत में बुरा लगता था, लेकिन मैंने कभी किसी के लिए मन में कड़वाहट नहीं रखी। अगर कोई कहता था कि मैं खराब एक्टर हूं, तो मैं सोचता था कि शायद अभी मुझे और मेहनत करनी है। वही बातें मुझे बेहतर बनने के लिए प्रेरित करती रहीं। सवाल: महवश, आपके संघर्ष की शुरुआत कहां से हुई? जवाब/महवश: हमारे यहां लड़कियों की लड़ाई बहुत जल्दी शुरू हो जाती है। पहले घरवालों को मनाना पड़ता है कि बाहर जाकर पढ़ाई करनी है। फिर शादी का दबाव होता है। मेरी भी कम उम्र में सगाई हो गई थी, जो बाद में टूट गई। अगर मैं वापस लौट जाती, तो शायद मेरी जिंदगी बिल्कुल अलग होती। इसलिए इस शहर में आने के बाद मेरे पास सिर्फ एक ही रास्ता था- कुछ करके दिखाना। सवाल: ‘12th Fail’ के बाद जिंदगी में कितना बदलाव आया? जवाब/अंशुमन: बहुत बड़ा बदलाव तो नहीं आया, लेकिन लोगों का भरोसा बढ़ा है। ‘12th Fail’ जैसी सफल फिल्म का हिस्सा बनना मेरे लिए बहुत खास रहा। हर प्रोजेक्ट आपको थोड़ा-थोड़ा आगे बढ़ाता है। मुझे लगता है कि अभी सफर जारी है और बहुत कुछ करना बाकी है। सवाल: सबसे खास कॉम्प्लिमेंट कौन-सा मिला? जवाब/अंशुमन: ‘ग्रहण’ देखने के बाद मेरे थिएटर के सीनियर्स ने कहा था कि उन्हें नहीं पता था कि मैं किसी किरदार से इतने गहरे इमोशनली जुड़ सकता हूं। वह मेरे लिए बहुत खास था। महवश: हाल ही में डायरेक्टर जय सिंह का फोन आया। उन्होंने कहा कि एक सीन में मेरा रिएक्शन देखकर उन्हें गूजबंप्स आ गए। वह कॉम्प्लिमेंट हमेशा याद रहेगा।
रिजेक्शन, प्यार और संघर्ष: अंशुमन‑महवश ने सुनाई दिल छूती कहानी:छोटे शहरों से निकले दोनों बोले- सफलता के पीछे दर्द और अधूरा इश्क

अंशुमन पुष्कर और महवश जल्द ही वेब सीरीज ‘सतरंगी बदला का खेल’ में नजर आने वाले हैं। छोटे शहरों से निकलकर अपनी मेहनत और टैलेंट के दम पर पहचान बनाने वाले दोनों कलाकारों ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। इंटरव्यू में उन्होंने अपने संघर्ष, रिजेक्शन, प्यार, छोटे शहरों की सोच और एक्टिंग के सफर पर खुलकर बात की। अंशुमन ने बताया कि कैसे कुछ किरदार उन्हें अंदर तक प्रभावित कर जाते हैं, वहीं महवश ने अपने पहले प्यार और परिवार से लड़कर करियर बनाने के अनुभव साझा किए। दोनों ने यह भी बताया कि सफलता के पीछे कितनी मेहनत, दर्द और भावनात्मक संघर्ष छिपे होते हैं। सवाल: ‘सतरंगी बदला का खेल’ में बबलू के किरदार से आप खुद को कितना जोड़ पाते हैं? जवाब/अंशुमन: मैं दोनों चीजों से जुड़ पाता हूं। एक तरफ बबलू का टूटा हुआ इमोशनल पक्ष है और दूसरी तरफ उसके अंदर बदले की भावना। लेकिन अगर एक चीज चुननी हो, तो मैं उसके दर्द और उन वजहों से ज्यादा जुड़ता हूं, जिनकी वजह से उसके अंदर बदले की भावना पैदा होती है। समाज में उसके साथ जो भेदभाव और अन्याय होता है, वही उसकी सबसे बड़ी तकलीफ है। सवाल: लाली और बबलू में कौन-सा किरदार आपके ज्यादा करीब है? जवाब/अंशुमन: दोनों किरदार मेरे बहुत करीब हैं। बचपन से मुझे परफॉर्म करना पसंद था। शादियों में डांस करना और स्टेज पर जाना अच्छा लगता था, लेकिन उस माहौल में इसे ज्यादा अच्छा नहीं माना जाता था। इसलिए लाली के किरदार से मैं जुड़ता हूं। वहीं, बबलू की तरह मेरे अंदर भी बचपन से कुछ बड़ा और अच्छा करने की चाह थी। उसके लिए मेहनत करने और हर हद तक जाने का जज्बा था। इसलिए बबलू से भी बहुत जुड़ाव महसूस होता है। सवाल: महवश, आप अपने किरदार आरती से कितना रिलेट करती हैं? जवाब/महवश: मैं आरती के किरदार से काफी जुड़ती हूं। वह अपने लोगों के लिए किसी भी हद तक जा सकती है और मैं भी ऐसी ही हूं। मुझे सही और गलत बहुत साफ दिखाई देता है। कॉलेज के समय मैं यूनिवर्सिटी चुनाव में भी खड़ी हुई थी। अगर समाज में कुछ गलत दिखता है, तो मैं उसके खिलाफ बोलती हूं। यही बात आरती में भी है। सवाल: क्या आपको अपना पहला प्यार आज भी याद है? जवाब/महवश: पहला प्यार हमेशा याद रहता है। मैं अपनी स्कूटी लेकर उसके कोचिंग सेंटर के बाहर खड़ी हो जाती थी, सिर्फ उसे देखने के लिए। सर्दियों में सुबह जल्दी उठकर उसकी स्कूल बस देखने का इंतजार करती थी। वह एहसास बहुत खास था। सवाल: अंशुमन, आपने कभी किसी से इंतिहा वाला इश्क किया है? जवाब/अंशुमन: मैं हमेशा बहुत फिल्मी रहा हूं। स्कूल के दिनों में भी मुझे लगता था कि यही प्यार है। लेकिन सच कहूं तो जिन लड़कियों को पसंद करता था, उनसे कभी ठीक से बात तक नहीं कर पाया। बस दूर से ही खुश रहता था। लेकिन जब सच में प्यार होता है, तब उसकी गहराई समझ में आती है। वह एहसास बहुत इंटेंस होता है। सवाल: छोटे शहर से मुंबई आने के बाद क्या सबसे ज्यादा बदला? जवाब/महवश: मैं बहुत मासूम थी, लेकिन इस शहर में आकर अपने इमोशन्स छुपाने पड़ते हैं। यहां बहुत कॉम्पिटिशन है। डर रहता है कि कोई आपकी अच्छाई का फायदा न उठा ले। इसलिए खुद को मजबूत बनाना पड़ता है। मुझे आज भी वह मासूमियत याद आती है। सवाल: क्या आज के समय में प्यार पहले जैसा नहीं रहा? जवाब/अंशुमन: आज सब कुछ बहुत जल्दी होने लगा है। पहले लोग प्यार को महसूस करते थे, उसके लिए इंतजार करते थे। अब रिश्तों में गहराई कम होती जा रही है। मुझे लगता है कि असली प्यार में समझदारी से ज्यादा दिल की जरूरत होती है। टूटे हुए दिल से ही अच्छी शायरी, संगीत और कहानियां निकलती हैं। सवाल: जिंदगी का कोई ऐसा अपमान या संघर्ष, जो आज भी याद हो? जवाब/महवश: एक बार स्कूल टूर पर जाना था और बहुत बारिश हो रही थी। हमारे पास गाड़ी नहीं थी। मैंने पापा से कहा कि पड़ोसी से गाड़ी मांग लीजिए। लेकिन उन्होंने मना कर दिया। बाद में पापा मुझे बारिश में साइकिल से छोड़ने गए। उस दिन मैंने सोचा था कि एक दिन मैं अपने पापा को उनकी पसंद की गाड़ी जरूर दिलाऊंगी। जब मैंने अपनी पहली कार खरीदी, तब वही पल याद आया। सवाल: एक्टिंग की दुनिया में रिजेक्शन का सामना कैसे किया? जवाब/अंशुमन: ऑडिशन में कई बार बिना वजह ‘नॉट फिट’ कहकर रिजेक्ट कर दिया जाता था। शुरुआत में बुरा लगता था, लेकिन मैंने कभी किसी के लिए मन में कड़वाहट नहीं रखी। अगर कोई कहता था कि मैं खराब एक्टर हूं, तो मैं सोचता था कि शायद अभी मुझे और मेहनत करनी है। वही बातें मुझे बेहतर बनने के लिए प्रेरित करती रहीं। सवाल: महवश, आपके संघर्ष की शुरुआत कहां से हुई? जवाब/महवश: हमारे यहां लड़कियों की लड़ाई बहुत जल्दी शुरू हो जाती है। पहले घरवालों को मनाना पड़ता है कि बाहर जाकर पढ़ाई करनी है। फिर शादी का दबाव होता है। मेरी भी कम उम्र में सगाई हो गई थी, जो बाद में टूट गई। अगर मैं वापस लौट जाती, तो शायद मेरी जिंदगी बिल्कुल अलग होती। इसलिए इस शहर में आने के बाद मेरे पास सिर्फ एक ही रास्ता था- कुछ करके दिखाना। सवाल: ‘12th Fail’ के बाद जिंदगी में कितना बदलाव आया? जवाब/अंशुमन: बहुत बड़ा बदलाव तो नहीं आया, लेकिन लोगों का भरोसा बढ़ा है। ‘12th Fail’ जैसी सफल फिल्म का हिस्सा बनना मेरे लिए बहुत खास रहा। हर प्रोजेक्ट आपको थोड़ा-थोड़ा आगे बढ़ाता है। मुझे लगता है कि अभी सफर जारी है और बहुत कुछ करना बाकी है। सवाल: सबसे खास कॉम्प्लिमेंट कौन-सा मिला? जवाब/अंशुमन: ‘ग्रहण’ देखने के बाद मेरे थिएटर के सीनियर्स ने कहा था कि उन्हें नहीं पता था कि मैं किसी किरदार से इतने गहरे इमोशनली जुड़ सकता हूं। वह मेरे लिए बहुत खास था। महवश: हाल ही में डायरेक्टर जय सिंह का फोन आया। उन्होंने कहा कि एक सीन में मेरा रिएक्शन देखकर उन्हें गूजबंप्स आ गए। वह कॉम्प्लिमेंट हमेशा याद रहेगा।
Supreme Court Stray Dog Verdict Today

Hindi News National Supreme Court Stray Dog Verdict Today | Admin Fail, Dog Feeders Responsible नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट देशभर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट की घटनाओं से जुड़े मामले में आज फैसला सुनाएगा। जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया की बेंच ने 29 जनवरी को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस दौरान राज्यों, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWBI) ने अपनी दलीलें रखी थीं। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था- आवारा कुत्तों के किसी हमले में चोट या मौत होती है, तो नगर निकाय के साथ ही डॉग फीडर्स की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है। कोर्ट ने कहा, ‘हमारी टिप्पणियों को मजाक समझना गलत होगा। हम गंभीर हैं। कोर्ट जिम्मेदारी तय करने से पीछे नहीं हटेगा क्योंकि मौजूदा व्यवस्था में स्थानीय प्रशासन की विफलता सामने आई है।’ कोर्ट ने पिछले साल स्वतः संज्ञान लिया था यह मामला 28 जुलाई 2025 को शुरू हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने देश में आवारा कुत्तों के हमलों और उनसे होने वाली मौतों पर स्वतः संज्ञान लिया था। 11 अगस्त 2025 को कोर्ट ने दिल्ली-NCR से 8 हफ्ते के भीतर सभी आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में भेजने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ विरोध होने पर 22 अगस्त 2025 को कोर्ट ने अपने आदेश में बदलाव किया। कोर्ट ने कहा कि जिन कुत्तों में रेबीज नहीं है और जो आक्रामक नहीं हैं, उन्हें नसबंदी और टीकाकरण के बाद उसी इलाके में छोड़ा जा सकता है, जहां से पकड़ा गया था। बाद में मामले का दायरा पूरे देश तक बढ़ा दिया गया। 7 नवंबर 2025 को कोर्ट ने अंतरिम आदेश में राज्यों और NHAI को हाईवे, अस्पताल, स्कूल और दूसरे संस्थानों के आसपास से आवारा जानवर हटाने को कहा था। मामले में हुई पिछली 8 सुनवाई… 29 जनवरी 2026: जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने कहा था कि कोर्ट निजी पक्षों की दलीलें पूरी करके आज ही सुनवाई खत्म करना चाहती है। इसके बाद राज्यों को एक दिन का मौका दिया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें… 9 जनवरी, 2026: एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर के वकील ने कहा कि सभी कुत्ते आक्रामक नहीं होते। दिल्ली एम्स में गोल्डी नाम का एक कुत्ता है, जो सालों से वहां है लेकिन कभी किसी को नहीं काटा। इस बात पर कोर्ट ने टैगोर के वकील को फटकार लगाते हुए कहा था- ऐसे कुत्तों को अच्छा दिखाने या महान साबित करने की कोशिश न करें। पूरी खबर पढ़ें… 8 जनवरी, 2026: जस्टिस नाथ ने कहा था कि कुत्ते इंसानों का डर पहचान लेते हैं इसलिए काटते हैं। इस पर एक वकील (कुत्तों के फेवर वाले) ने इनकार किया। फिर जस्टिस ने कहा- अपना सिर मत हिलाइए, ये बात मैं पर्सनल एक्सपीरियंस से बोल रहा हूं। पूरी खबर पढ़ें… 7 नवंबर 2025: कोर्ट ने शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, रेलवे स्टेशनों आदि से आवारा कुत्तों को हटाने का निर्देश जारी किया। आदेश में कहा गया कि ठिकानों से हटाए गए कुत्ते फिर वहीं वापस नहीं छोड़े जाएं। पढ़ें पूरी खबर… 3 नवंबर 2025: मुख्य सचिवों की व्यक्तिगत बुलाने के लिए कहा। जब बिहार के मुख्य सचिव ने चुनाव के कारण छूट मांगी, तो कोर्ट ने यह अनुमति नहीं दी। कहा कि चुनाव में आपकी भूमिका विशेष नहीं है, इसलिए आपको पेश होना ही होगा। पढ़ें पूरी खबर… 27 अक्टूबर 2025: राज्यों को फटकार लगाई। कहा कि आवारा कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं से देश की छवि को नुकसान पहुंचता है। पढ़ें पूरी खबर… 22 अगस्त 2025: पहले के आदेश में बदलाव किया। नसबंदी-टीकाकरण के बाद उन्हें वापस उनके इलाके में छोड़ने को कहा। सार्वजनिक जगहों पर निर्दिष्ट फीडिंग-जोन घोषित करना। पढ़ें पूरी खबर… 11–14 अगस्त 2025: कोर्ट ने पहली बार डॉग्स को सड़कों से उठाकर शेल्टर होम में रखने का आदेश दिया था। पढ़ें पूरी खबर… —— दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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Hindi News National Supreme Court Stray Dog Verdict Today | Admin Fail, Dog Feeders Responsible नई दिल्ली53 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट देशभर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट की घटनाओं से जुड़े मामले में आज फैसला सुनाएगा। जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया की बेंच ने 29 जनवरी को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस दौरान राज्यों, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWBI) ने अपनी दलीलें रखी थीं। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था- आवारा कुत्तों के किसी हमले में चोट या मौत होती है, तो नगर निकाय के साथ ही डॉग फीडर्स की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है। कोर्ट ने कहा, ‘हमारी टिप्पणियों को मजाक समझना गलत होगा। हम गंभीर हैं। कोर्ट जिम्मेदारी तय करने से पीछे नहीं हटेगा क्योंकि मौजूदा व्यवस्था में स्थानीय प्रशासन की विफलता सामने आई है।’ कोर्ट ने पिछले साल स्वतः संज्ञान लिया था यह मामला 28 जुलाई 2025 को शुरू हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने देश में आवारा कुत्तों के हमलों और उनसे होने वाली मौतों पर स्वतः संज्ञान लिया था। 11 अगस्त 2025 को कोर्ट ने दिल्ली-NCR से 8 हफ्ते के भीतर सभी आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में भेजने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ विरोध होने पर 22 अगस्त 2025 को कोर्ट ने अपने आदेश में बदलाव किया। कोर्ट ने कहा कि जिन कुत्तों में रेबीज नहीं है और जो आक्रामक नहीं हैं, उन्हें नसबंदी और टीकाकरण के बाद उसी इलाके में छोड़ा जा सकता है, जहां से पकड़ा गया था। बाद में मामले का दायरा पूरे देश तक बढ़ा दिया गया। 7 नवंबर 2025 को कोर्ट ने अंतरिम आदेश में राज्यों और NHAI को हाईवे, अस्पताल, स्कूल और दूसरे संस्थानों के आसपास से आवारा जानवर हटाने को कहा था। मामले में हुई पिछली 8 सुनवाई… 29 जनवरी 2026: जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने कहा था कि कोर्ट निजी पक्षों की दलीलें पूरी करके आज ही सुनवाई खत्म करना चाहती है। इसके बाद राज्यों को एक दिन का मौका दिया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें… 9 जनवरी, 2026: एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर के वकील ने कहा कि सभी कुत्ते आक्रामक नहीं होते। दिल्ली एम्स में गोल्डी नाम का एक कुत्ता है, जो सालों से वहां है लेकिन कभी किसी को नहीं काटा। इस बात पर कोर्ट ने टैगोर के वकील को फटकार लगाते हुए कहा था- ऐसे कुत्तों को अच्छा दिखाने या महान साबित करने की कोशिश न करें। पूरी खबर पढ़ें… 8 जनवरी, 2026: जस्टिस नाथ ने कहा था कि कुत्ते इंसानों का डर पहचान लेते हैं इसलिए काटते हैं। इस पर एक वकील (कुत्तों के फेवर वाले) ने इनकार किया। फिर जस्टिस ने कहा- अपना सिर मत हिलाइए, ये बात मैं पर्सनल एक्सपीरियंस से बोल रहा हूं। पूरी खबर पढ़ें… 7 नवंबर 2025: कोर्ट ने शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, रेलवे स्टेशनों आदि से आवारा कुत्तों को हटाने का निर्देश जारी किया। आदेश में कहा गया कि ठिकानों से हटाए गए कुत्ते फिर वहीं वापस नहीं छोड़े जाएं। पढ़ें पूरी खबर… 3 नवंबर 2025: मुख्य सचिवों की व्यक्तिगत बुलाने के लिए कहा। जब बिहार के मुख्य सचिव ने चुनाव के कारण छूट मांगी, तो कोर्ट ने यह अनुमति नहीं दी। कहा कि चुनाव में आपकी भूमिका विशेष नहीं है, इसलिए आपको पेश होना ही होगा। पढ़ें पूरी खबर… 27 अक्टूबर 2025: राज्यों को फटकार लगाई। कहा कि आवारा कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं से देश की छवि को नुकसान पहुंचता है। पढ़ें पूरी खबर… 22 अगस्त 2025: पहले के आदेश में बदलाव किया। नसबंदी-टीकाकरण के बाद उन्हें वापस उनके इलाके में छोड़ने को कहा। सार्वजनिक जगहों पर निर्दिष्ट फीडिंग-जोन घोषित करना। पढ़ें पूरी खबर… 11–14 अगस्त 2025: कोर्ट ने पहली बार डॉग्स को सड़कों से उठाकर शेल्टर होम में रखने का आदेश दिया था। पढ़ें पूरी खबर… —— दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
रातोंरात स्टार बने जालंधर के सिंगर मस्कीन की कहानी:एक साल पुरानी रील से ऑफर मिला; 1.80 करोड़ देख चुके 'बुल्लेया वे' सॉन्ग

जालंधर के रहने वाले अशोक मस्कीन की जिंदगी एक रील से बदल गई। इसी रील से उन्हें ऐसा ऑफर मिला कि फैक्ट्री में खराद का काम करने वाले मस्कीन कोक स्टूडियो में गाए ‘बुल्लेया वे और लगदा नीं दिल मर जाणा…’ गाकर रातों-रात स्टार बन गए। उनका गाया सॉन्ग 1.8 करोड़ लोग देख चुके हैं। दिल्ली से लेकर मुंबई तक उन्हें बॉलीवुड मूवीज में गाने के साथ लाइव शोज के ऑफर तक आ रहे हैं। हालांकि अशोक की जिंदगी पहले बहुत संघर्ष से भरी रही। 15 किमी पैदल चलकर अशोक ने मशहूर पंजाबी सिंगर साबर कोटी से गायकी सीखी। हालांकि गरीबी के चलते उनकी गायकी का शौक दिहाड़ी में ही दब गया था। 50 साल की उम्र में वह फेमस हुए तो फैक्ट्री का काम छोड़ दिया और पूरा ध्यान अब सिंगिंग पर है। किस्मत बदलने पर अब पत्नी-बेटी को भी गर्व और खुशी है। दैनिक भास्कर ने जिंदगी के संघर्ष और अचानक मिली शोहरत के बारे में अशोक मस्कीन से बात की, पढ़िए पूरी रिपोर्ट… अशोक मस्कीन के संगीत के सफर की कहानी जानिए… जानें एक रील से कैसे बदली मस्कीन की किस्मत बेटे के ऑपरेशन का खर्च तक मुंबई के संगीतकार ने उठाया मस्कीन ने बताया कि मुंबई के कालाकार बहुत मददगार हैं। मेरी बेटी के नाक की हड्डी में प्रॉब्लम थी, जन्म से उसका होठ भी फटा था। इसका ऑपरेशन करवाना था। बेटी को दाखिल कराया तो डॉक्टरों ने मोटा बिल बना दिया। समझ नहीं आ रहा था क्या करुं। इस पर मैंने मुंबई के संगीतकार तनिष को डरते हुए फोन किया और कहा कि बेटी का ऑपरेशन करवाया है और पैसे कम पड़ गए हैं। उन्होंने मेरी बात सुन एक मिनट भी नहीं लगाया और कहा कि टोटल खर्च बताओ कितना हुआ है और सारा पैसा खुद दे दिया। 2 कमरों के घर में रहते अशोक मकसूदां चौक के पास महाशा कॉलोनी में रहने वाली 50 वर्षीय अशोक मस्कीन के घर में 2 कमरे हैं। जिस गली में वह रहते हैं, वह संगीतकारों की गली है। गली में 70 घर हैं और हर कोई संगीत से जुड़ा है। एक सिरे से बंद गली में रहने वाले वाले मस्कीन की किस्मत को कोक स्टूडियो ने खोल दिया। बॉलीवुड और लाइव शोज के ऑफर्स मिल रहे अपने छोटे से मकान में पत्नी मोनिका और बेटी के साथ बैठे अशोक ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि संगीत इंडस्ट्री के कई लोगों ने मुझसे संपर्क किया है। मुझे एक हिंदी फिल्म में गाने का ऑफर मिला है और मेरे लाइव शोज की बुकिंग भी शुरू हो गई है। अभी जालंधर की एक कंपनी से दिल्ली की एक सिंगर के साथ ड्यूट गीत का कॉन्ट्रैक्ट साइन हुआ है। बॉलीवुड फिल्म के लिए प्लेबैक किया है और 2 गीत एडवांस रिकॉर्ड हैं।
हिमाचल के मैदानी इलाकों में बढ़ेगी गर्मी:ऊना का पारा 39.7॰C पहुंचा, ऊंचे क्षेत्रों में अगले 3 दिन हल्की बूंदाबांदी के आसार

हिमाचल प्रदेश के अधिकांश भागों में आज सुबह से ही धूप खिली हुई है। राज्य में 2 दिन की तेज धूप के बाद गर्मी का प्रकोप बढ़ा है। बीते 24 घंटे के दौरान 11 शहरों का अधिकतम तापमान 35 डिग्री या उससे अधिक हो गया है। इससे दिन के वक्त मैदानी इलाकों में घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान ऊना में 39.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा बिलासपुर में 38.5 डिग्री सेल्सियस, सुंदरनगर में 38.1 डिग्री, हमीरपुर में 38 डिग्री, कांगड़ा में 38.3 डिग्री, बरठी में 37.4 डिग्री और मंडी में 37 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। तापमान में बढ़ोतरी के बाद दिन के समय लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। हालांकि, ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम सुहावना बना हुआ है। अगले 72 घंटे तापमान में उछाल आएगा मौसम विभाग के अनुसार- अगले 72 घंटे के दौरान तापमान में हल्का उछाल आ सकता है, जिससे गर्मी और बढ़ने की संभावना है। हालांकि, आज से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने के आसार है, लेकिन इसका असर मुख्य रूप से अधिक ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों तक सीमित रहेगा। मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। अगले तीन दिन ऊंचे पहाड़ों पर बूंदाबांदी मौसम विभाग ने 19 से 21 मई तक अधिक ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है। वहीं 22 मई को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद 23 और 24 मई को भी ऊंचे इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी के आसार बने हुए हैं।









