सूर्यवंशी ने रसेल का रिकॉर्ड तोड़ा:एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले दूसरे बैटर, पावरप्ले में 426 रन बनाए; रिकॉर्ड्स

राजस्थान रॉयल्स ने IPL 2026 के 64वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स को 7 विकेट से हरा दिया। जयपुर में खेले गए मैच में वैभव सूर्यवंशी ने रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी। मंगलवार को सूर्यवंशी एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले दूसरे बैटर बन गए। उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड तोड़ा। वैभव ने बतौर भारतीय एक सीजन के पावरप्ले में सबसे ज्यादा रन बना डाले। उनके नाम अब 426 रन हो गए हैं। राजस्थान-लखनऊ मैच के टॉप-11 रिकॉर्ड्स 1. वैभव सूर्यवंशी ने इस सीजन पावरप्ले में 426 रन बनाए वैभव IPL के एक सीजन के पावरप्ले में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 426 रन बनाए हैं। इस लिस्ट में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी डेविड वॉर्नर नबर-1 पर हैं। वॉर्नर ने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। 2. सूर्यवंशी एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज वैभव एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इस सीजन अब तक 53 सिक्स लगाए हैं। वैभव ने आंद्रे रसल (52 सिक्स) को पीछे छोड़ा। इस सूची में पहले नंबर पर क्रिस गेल हैं, जिन्होंने 2012 में बेंगलुरु के लिए 59 छक्के लगाए थे। 3. सूर्यवंशी ने तीसरी बार इनिंग में 10+ सिक्स लगाए वैभव IPL की एक पारी में सबसे ज्यादा 10+ छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों में दूसरे नंबर पर पहुंच गए। उन्होंने लखनऊ के खिलाफ 10 सिक्स लगाए। वैभव ने तीसरी बार एक पारी में 10 से ज्यादा छक्के लगाए। इस लिस्ट में क्रिस गेल नंबर एक पर है, जिन्होंने 4 बार यह कारनामा किया है। इसके अलावा फिन एलन के बाद सूर्यवंशी दूसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने IPL के एक ही सीजन में दो बार 10 या उससे ज्यादा सिक्स लगाए हैं। 4. सूर्यवंशी सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाले बल्लेबाज वैभव IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट से बैटिंग करने वाले बल्लेबाज बने। उन्होंने इस सीजन 236.3 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। यह IPL के एक सीजन में कम से कम 500 रन बनाने वाले बल्लेबाजों में सबसे ज्यादा है। इससे पहले आंद्रे रसेल के नाम यह रिकॉर्ड था, जिन्होंने 2019 में 204.8 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे। 5. राजस्थान ने एक IPL सीजन के पावरप्ले में सबसे ज्यादा सिक्स लगाए राजस्थान एक सीजन में पावरप्ले में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाली टीम बन गई। टीम ने लखनऊ के खिलाफ पहले 6 ओवर में 3 सिक्स लगाकर इस सीजन कुल 60 सिक्स पूरे कर लिए। इसस पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के नाम था, जिसने 2024 में 59 छक्के लगाए थे। 6. लखनऊ ने अपने सबसे तेज 50 रन पूरे किए लखनऊ ने IPL में अपने सबसे तेज 50 रन पूरे कर लिए। टीम ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 3.3 ओवर में फिफ्टी लगा दी। इससे पहले लखनऊ ने 2023 और 2026 दोनों ही बार चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ चेपॉक मैदान पर 3.4 ओवर में अर्धशतक लगाया था। 7. लखनऊ ने पावरप्ले में अपना चौथा सबसे बड़ा स्कोर बनाया लखनऊ ने IPL में अपना चौथा सबसे बड़ा स्कोर बनाया है। टीम ने सवाई मानसिंह स्टेडियम में पहले 6 ओवर में बिना विकेट खोए 83 रन बनाए। लखनऊ ने इसी सीजन चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ एक विकेट खोकर 91 रन बनाए थे, जो उनका सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर है। 8. राजस्थान ने एक सीजन में 8वीं बार 200+ रन दिए राजस्थान के गेंदबाजों ने लखनऊ के खिलाफ 20 ओवर में 220 रन दे दिए। यह इस सीजन 8वीं बार है, जब राजस्थान के खिलाफ किसी टीम ने 200 से ज्यादा रन बनाए। इस लिस्ट में पंजाब किंग्स नंबर एक पर है, जिसने इसी सीजन 9 बार 200 से अधिक रन दे दिए। 9. मार्श IPL में 90-100 के बीच रनआउट होने वाले 5वें बल्लेबाज मिचेल मार्श IPL के 5वें ऐसे बल्लेबाज बन गए हैं, जो 90s में रनआउट हुए हैं। राजस्थान के खिलाफ उन्हें 96 के स्कोर पर यशस्वी जायसवाल ने डायरेक्ट थ्रो पर रनआउट किया। IPL में मनविंदर बिस्ला पहले ऐसे खिलाड़ी थे, जो 90 से 99 के स्कोर के बीच रनआउट हुए थे। वे 2013 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 92 के स्कोर पर रनआउट हुए थे। 10. मार्श इस सीजन दूसरी बार 90 से 100 के बीच आउट हुए मिचेल मार्श इस IPL सीजन में दूसरी बार 90s के स्कोर पर आउट हुए। वह सबसे ज्यादा बार इसका शिकार होने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। इस मामले में ग्लेन मैक्सवेल नंबर एक पर हैं। 2014 में मैक्सवेल सबसे ज्यादा 3 बार 90 से 100 के बीच आउट हुए थे। 11. मिचेल मार्श ने इस सीजन 36 सिक्स लगाए मिचेल मार्श एक IPL सीजन में लखनऊ के लिए सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। मिचेल मार्श ने राजस्थान के खिलाफ अपनी पारी में 5 छक्के लगाए। वह इस सीजन 36 छक्के लगा चुके हैं। इस लिस्ट में निकोलस पूरन नंबर एक पर हैं, जिन्होंने 2025 में 40 छक्के लगाए थे।
Khabar Hatke- Jharkhand Teacher Horse Census

सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल हुईं जिसमें एक चर्च के पादरी ने दावा किया कि वो अपने पेट की गैस मुंह पर छोड़कर लोगों की बीमारी ठीक करता है। . वहीं, पेट्रोल महंगा होने की वजह से झारखंड में एक शिक्षक घोड़े पर सवार होकर जनगणना करने निकल गया। उधर, इंटरनेट पर एक चीड़िया वायरल हो रही है जिसके मूछें हैं। अमेरिका में एक पति-पत्नी में तलाक हुआ तो पति ने पत्नी को दान की हुई किडनी वापस मांग ली। वहीं, समुद्री पक्षी बिल्ली की आवाज सीखकर उनका खाना चुरा रहे हैं। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
रिलेशनशिप एडवाइज- बॉयफ्रेंड बचपन के दोस्त से इनसिक्योर है:कहता है, दोस्ती तोड़ लो, मुझे दोस्ती और प्यार दोनों चाहिए, क्या करूं?

सवाल- मेरी उम्र 23 साल है। मैं एक रिलेशनशिप में हूं। हमने साथ में अच्छा समय बिताया है, लेकिन पिछले कुछ समय से सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। प्रॉब्लम ये है कि मेरा पार्टनर मेरे एक बचपन के दोस्त को लेकर बहुत इनसिक्योर फील करता है। वह मुझसे बार-बार कहता है कि मुझे उसमें और अपने दोस्त में से किसी एक को चुनना होगा। मेरे लिए यह स्थिति बहुत मुश्किल है। मैं न तो अपने पार्टनर को खोना चाहती हूं और न ही अपने बचपन के दोस्त को छोड़ना चाहती हूं। मैं उसे कैसे समझाऊं और इस सिचुएशन को कैसे संभालूं? एक्सपर्ट- डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा जवाब- सबसे पहले सवाल पूछने के लिए आपका शुक्रिया। यह एक कॉमन सिचुएशन है। आपके सवाल से कई लोगों को अपनी सिचुएशन समझने और हैंडल करने में मदद मिलेगी। चलिए अब इसे समझते हैं और उसके सॉल्यूशन पर बात करते हैं। ट्रस्ट और इनसिक्योरिटी का सवाल यह सिर्फ दोस्त और पार्टनर के बीच चुनाव का सवाल नहीं है, बल्कि ट्रस्ट और इनसिक्योरिटी का सवाल है। अगर पार्टनर कहता है कि ‘मुझे या दोस्त’ में से किसी एक को चुनो तो यह अल्टीमेटम जैसा है। इससे मन में ‘द्वंद’ (दोहरे विचार) पैदा हो सकते हैं। इसलिए इसे हैंडल करने में आपको मुश्किल हो रही है। इस स्थिति में मन में क्या सवाल आते हैं, ग्राफिक में देखिए- यह इनसिक्योरिटी है या कंट्रोल? पार्टनर का यह कहना कि ‘किसी एक को चुनो’ तो एक तरह का इमोशनल कंट्रोल या गहरे डर का संकेत है। ऐसा व्यवहार अक्सर उन लोगों में दिखता है, जिन्हें ‘छोड़ दिए जाने का डर’ होता है। पार्टनर ऐसा क्यों बिहेव कर रहा है, इसके सभी संभावित कारण ग्राफिक में देखिए- हेल्दी रिश्ते की क्या पहचान है? एक मेच्योर रिलेशनशिप में ‘मैं’ से ज्यादा ‘हम’ मायने रखता है। इसमें दोनों एक-दूसरे की अलग पहचान (व्यक्तित्व) को स्वीकार करते हैं। वे एक-दूसरे को बदलने की कोशिश नहीं करते, बल्कि समझते हैं। साथ रहते हुए भी अपनी सोच और पसंद को महत्व देते हैं। ऐसा रिश्ता भरोसा, बराबरी और समझ पर टिका होता है। हेल्दी रिश्ते के स्ट्रॉन्ग पिलर्स ग्राफिक में देखिए- कब समझें कि सीमा पार हो रही है? प्यार के नाम पर पार्टनर का कंट्रोलिंग बिहेवियर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुछ संकेत स्पष्ट तौर पर ‘रेड फ्लैग’ होते हैं। अगर पार्टनर का बिहेवियर नीचे दिए ग्राफिक से मैच कर रहा है, तो संभलने की जरूरत है- आपको क्या करना चाहिए? इस स्थिति में सबसे जरूरी संतुलन और क्लैरिटी रखना है। पार्टनर की इनसिक्योरिटी को समझना जरूरी है, लेकिन किसी भी रिश्ते में ‘दोस्ती और प्यार में एक चुनने’ का दबाव हेल्दी नहीं माना जाता। बेहतर होगा कि आप शांति से खुलकर बात करें। उन्हें भरोसा दिलाएं, साथ ही यह भी स्पष्ट करें कि आपकी दोस्ती आपकी जिंदगी का हिस्सा है। अगर बॉयफ्रेंड इनसिक्योर हो तो ये करें- इसके कुछ पॉइंट्स डिटेल में समझें- रिश्ते में न करें ये कॉम्प्रोमाइज रिलेशनशिप में कुछ कॉम्प्रोमाइज होते हैं। आप अपने-सोने जागने का समय बदल सकते हैं। अपनी हॉबीज बदल सकते हैं, लेकिन ये तीन चीजें कॉम्प्रोमाइज नहीं करनी चाहिए- कोई फैसला लेने से खुद से पूछें सवाल ऐसी स्थिति में भावनाओं में बहकर तुरंत निर्णय लेना सही नहीं होता। थोड़ा ठहरकर अपनी जरूरतों, सीमाओं और रिश्ते की वास्तविक स्थिति को समझना जरूरी है। खुद से सही सवाल पूछने पर यह स्पष्ट होगा कि आपके लिए क्या सही है। अंतिम सलाह हर रिश्ते में कुछ समझौते होते हैं, लेकिन समझौते और ‘आत्मसमर्पण’ में फर्क होता है। अगर कोई आपसे बरसों पुरानी दोस्ती खत्म करने को कह रहा है तो वह आपके व्यक्तित्व को कंट्रोल करना चाहता है। निष्कर्ष रिश्ते में आपसी समझ और ‘स्पेस’ बहुत जरूरी है। अपने पार्टनर को विश्वास दिलाएं, लेकिन अपनी डिग्निटी (गरिमा) की कीमत पर नहीं। याद रखें, जो व्यक्ति आपको सच में प्यार करता है, वह आपको कभी भी ऐसी स्थिति में नहीं डालेगा, जहां आपको प्यार और दोस्ती के बीच चुनाव करना पड़े। ……………… ये खबर भी पढ़िए रिलेशनशिप एडवाइज- गर्लफ्रेंड कभी प्यार जताए, कभी गायब हो जाए: कभी बहुत बातें तो कभी मैसेज का जवाब भी नहीं, क्या ये नॉर्मल है सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। रिलेशनशिप की शुरुआत में उतार-चढ़ाव आना सामान्य है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति का व्यवहार लगातार ऐसा ही बना हुआ है तो इसे मनोविज्ञान में ‘हॉट-एंड-कोल्ड बिहेवियर’ कहा जाता है। आगे पढ़िए…
Pradeep Sharma: Dawoods Bracelets Worn in 90s Mumbai

23 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई पुलिस के सबसे चर्चित और तेजतर्रार पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा इन दिनों अपनी जिंदगी पर बनने वाली आगामी फिल्म को लेकर चर्चा में हैं। 90 के दशक में मुंबई को अंडरवर्ल्ड के खौफ से आजाद कराने में उनकी अहम भूमिका रही है। दैनिक भास्कर से बातचीत में प्रदीप शर्मा ने पुलिस महकमे के कड़वे सच, अपनी जिंदगी के उतार-चढ़ाव और राजनीति को लेकर अपनी राय साझा की। उन्होंने दाऊद इब्राहिम के बॉलीवुड में खौफ और उसकी वर्तमान स्थिति पर भी की खुलासे किए। इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपनी आने वाली फिल्म ‘अब तक 112’ पर भी बात की। पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा। सवाल: एक प्रोफेसर के बेटे के मन में पुलिस बनने का ख्याल कैसे आया? जवाब: मेरे पिता धूलिया के कॉलेज में अंग्रेजी के प्रोफेसर और वाइस प्रिंसिपल थे। वो चाहते थे कि मैं प्रोफेसर या साइंटिस्ट बनूं। मैंने एमएससी (MSc) तक पढ़ाई भी की। लेकिन हमारे घर के पास एक पुलिस इंस्पेक्टर रहने आए थे। जब मैं छोटा था, उन्हें बुलेट पर यूनिफॉर्म और गॉगल पहनकर जाते देखता था। बस, वहीं से वर्दी के प्रति एक आकर्षण और लगाव पैदा हो गया। मुझे रूटीन वाली जिंदगी पसंद नहीं थी, इसलिए मैंने यह रास्ता चुना। सवाल: 90 के दशक की मुंबई कैसी थी, जिसके खौफ की कहानियां आज भी सुनी जाती हैं? जवाब: उस समय मुंबई पर दाऊद इब्राहिम, छोटा राजन, अरुण गवली और अमर नाइक जैसे गैंगस्टर्स की मजबूत पकड़ थी। दिन में तीन-चार शूटआउट आम बात थी। बड़े बिजनेसमैन, पॉलिटिशियंस और फिल्म स्टार्स को जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) के कॉल्स आते थे। आम आदमी का हाल यह था कि अगर कोई मारुति 800 या ओमनी वैन भी खरीदता, तो भाई का फोन आ जाता था। यहां तक कि शादियों और घरों के इंटीरियर डेकोरेशन पर भी गैंगस्टर्स फोन नंबर छोड़ जाते थे कि ‘भाई को फोन करो’। दाऊद के नाम के ब्रेसलेट और ‘D’ लिखे लॉकेट्स पहने जाते थे। ऐसा डर का माहौल था। गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम। सवाल: उस खतरनाक दौर में जब आप ऑपरेशन्स पर जाते थे, तो क्या घर में डर का माहौल नहीं होता था? जवाब: वर्दी पहनने के बाद खौफ नहीं लगता। मेरी पत्नी स्वीकृति के पिता एक्स-एयरफोर्स ऑफिसर हैं, जिन्होंने 1965 और 1971 के युद्ध देखे हैं। इसलिए हमारे घर में डर जैसा माहौल कभी नहीं रहा। मेरी पत्नी को पूरा विश्वास था कि मुझे कुछ नहीं होने वाला। सवाल: ‘धुरंधर’ जैसी फिल्मों या सीरीज में दाऊद इब्राहिम को (बड़े साहब) को काफी बीमार दिखाया जाता है। क्या असलियत भी वही है? जवाब: हां बिल्कुल। ‘धुरंधर’ में जिस तरीके से ‘बड़े साहब’ (दाऊद इब्राहिम) को बीमार और उनके हालात को दिखाया गया है, हकीकत में भी वो 80% वैसा ही है। फिल्मों में थोड़ा-बहुत ड्रामेटाइज तो करना ही पड़ता है, नहीं तो दुनिया उसे देखेगी नहीं; फिर तो डायरेक्टर और प्रोड्यूसर खुद ही अपनी फिल्म थिएटर में बैठकर देखेंगे। लेकिन जहां तक इंसिडेंट्स की बात है, वे सभी रियल इंसिडेंट्स से ही संबंधित हैं, इसलिए जो दिखाया गया है वो पूरी तरह फैक्ट (सच) है। धुरंधर में ‘बड़े साहब’ (दाऊद इब्राहिम)। सवाल: उस दौर में बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के तालमेल को आपने बहुत करीब से देखा, वो क्या था? जवाब: उस समय फिल्म इंडस्ट्री में बहुत डर था। एक्टर्स का चेहरा ही सब कुछ होता है, और गैंगस्टर्स सीधे धमकी देते थे कि ‘मुंह पर तेजाब फेंक दूंगा’। बेचारे डर के मारे वही करते थे जो अंडरवर्ल्ड कहता था। कुछ लोग उनसे मदद भी लेते थे। मैं एंटी-एक्सटॉर्शन सेल में था, तो मेरे पास फिल्म इंडस्ट्री के बहुत से लोग थ्रेट्स (धमकी) की शिकायतें लेकर आते थे और हम उन्हें सॉल्व करते थे। सवाल: आपने अपने करियर में बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं। क्या आपको लगता है कि सिस्टम ईमानदार अफसरों की कद्र नहीं करता? जवाब: यह मैंने हमेशा महसूस किया है, और मेरे जैसे कई पुलिस ऑफिसर्स इसे झेलते हैं। इस सिस्टम में इंस्पेक्टरों को ‘पेपर नैपकिन’ की तरह इस्तेमाल किया जाता है; जब तक जरूरत है इस्तेमाल करो, और रोल खत्म होते ही साइड में फेंक दो। सवाल: ऐसा क्यों कह रहे हैं आप, कोई खास वाकया? जवाब: जब जेजे हॉस्पिटल में गैंगस्टर फिरोज कोकनी ने एक हवलदार की छाती में गोली मारकर उसे मार दिया और भाग गया, तो रात के तीन बजे कमिश्नर का फोन आया कि ‘प्रदीप, वी हैव टू न्यूट्रलाइज ऑल दिस थिंग्स’। हम जान पर खेलकर पीछे लगे और 8-10 दिन में आरोपियों को ढेर कर दिया। लेकिन जब वक्त बदलता है और कोई टेक्निकल गलती हो जाती है, तो यही सिस्टम आपको अकेला छोड़ देता है, कोई सपोर्ट नहीं करता। सवाल: क्या सीनियर्स को भी आपकी कामयाबी से इनसिक्योरिटी (असुरक्षा) होती थी? जवाब: बिल्कुल होती है। कमिश्नर दो-दो साल के लिए आते हैं, जबकि हम 35-40 साल से उसी शहर की सेवा कर रहे होते हैं। हमारे पब्लिक कॉन्टैक्ट्स ज्यादा होते थे। जब बड़े लोग कमिश्नर के पास जाकर कहते थे कि ‘मेरा केस प्रदीप शर्मा, विजय सालस्कर या दया नायक को दो’, तो कमिश्नर ऑफेंड हो जाते थे। उन्हें लगता था कि कमिश्नर मैं हूं और नाम इंस्पेक्टर का हो रहा है। इसी वजह से हमें सफर करना पड़ता था। सवाल: आपके करियर का सबसे दिलचस्प या यादगार केस कौन सा रहा? जवाब: मेरे लिए हर फोन कॉल एक कहानी होती थी। लेकिन एक बड़ा गैंगस्टर था, जिसे मैंने पूरे 10 साल ढूंढने के बाद न्यूट्रलाइज किया था। एक बार मैं अपने दोस्त के साथ खाना खा रहा था, तब उस गैंगस्टर का फोन जबरन वसूली के लिए आया। मैंने फोन लेकर कानूनी बात की, तो उसने मुझे और पूरी पुलिस फोर्स को गंदी गालियां दीं। मैंने उसी दिन ठान लिया था कि इसे आज नहीं तो कल खत्म करूंगा। पूरे 10 साल बाद मुझे वो मौका मिला। इसके अलावा लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी आतंकवादियों को मारना और आईसी 814 हाईजैक की बैकअप टीम को पकड़ना भी बड़े ऑपरेशन्स थे। सवाल: आपकी जिंदगी से प्रेरित होकर ‘अब तक छप्पन’ जैसी फिल्में बनीं और अब ‘अब तक 112’ बनने जा रही है। क्या प्रदीप शर्मा की असली और अनसुनी कहानी देखने को मिलेगी? जवाब: फिल्में थोड़ी-बहुत सिनेमेटिक लिबर्टी
IPL का समीकरण- राजस्थान टॉप-4 में पहुंची:मुंबई से जीत टीम को प्लेऑफ में पहुंचा देगी; कोलकाता के लिए करो या मरो का मुकाबला

IPL 2026 के लीग स्टेज में सिर्फ 6 मैच बाकी हैं। मंगलवार को राजस्थान रॉयल्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को हराकर पॉइंट्स टेबल के टॉप-4 में जगह बना ली। टीम के 13 मैचों में अब 14 पॉइंट्स हो गए हैं। राजस्थान का आखिरी लीग मुकाबला 24 मई को मुंबई इंडियंस से है। उस मैच में जीत टीम को प्लेऑफ का टिकट दिला सकती है। दूसरी ओर, लखनऊ को सीजन की 9वीं हार मिली। टीम पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी थी। लखनऊ 13 मैचों में 8 पॉइंट्स के साथ आखिरी स्थान पर है। पॉइंट्स टेबल की मौजूदा स्थिति… सभी टीमों का समीकरण राजस्थान की टॉप-4 में एंट्री लखनऊ पर जीत के बाद राजस्थान रॉयल्स ने पंजाब किंग्स को पीछे छोड़ दिया। टीम के अब 14 पॉइंट्स हो गए हैं। राजस्थान को अपना आखिरी मैच मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेलना है। जीत मिलने पर टीम 16 पॉइंट्स तक पहुंच जाएगी और प्लेऑफ में जगह पक्की कर लेगी। कोलकाता के लिए आज जीत जरूरी कोलकाता नाइट राइडर्स 11 पॉइंट्स के साथ आठवें स्थान पर है। टीम का मुकाबला आज मुंबई इंडियंस से है। प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए कोलकाता को यह मैच हर हाल में जीतना होगा। हार के साथ टीम की उम्मीदें लगभग खत्म हो जाएंगी। पंजाब पांचवें स्थान पर खिसकी पंजाब किंग्स अब 13 पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर खिसक गई है। टीम लगातार 6 मुकाबले हार चुकी है। पंजाब को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए लखनऊ के खिलाफ आखिरी मैच हर हाल में जीतना होगा। साथ ही राजस्थान और मुंबई के मैच में राजस्थान के हारने की दुआ भी करनी होगी। बेंगलुरु टॉप पर कायम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 18 पॉइंट्स और +1.065 नेट रनरेट के साथ पहले स्थान पर बनी हुई है। टीम पहले ही प्लेऑफ में पहुंच चुकी है और उसका क्वालिफायर-1 खेलना लगभग तय माना जा रहा है। RCB का आखिरी लीग मैच सनराइजर्स हैदराबाद से है। गुजरात और हैदराबाद में टॉप-2 की जंग सोमवार को सनराइजर्स हैदराबाद ने चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर अपने साथ गुजरात टाइटंस की भी प्लेऑफ में जगह पक्की करा दी। दोनों टीमों के 16-16 पॉइंट्स हैं और वे दूसरे और तीसरे स्थान पर मौजूद हैं। गुजरात का आखिरी लीग मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स से होगा, जबकि हैदराबाद को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का सामना करना है। दोनों टीमों की नजर अब टॉप-2 में जगह बनाकर क्वालिफायर-1 खेलने पर होगी। चेन्नई और दिल्ली की राह मुश्किल चेन्नई सुपर किंग्स 12 पॉइंट्स के साथ छठे स्थान पर है। टीम का आखिरी मुकाबला गुजरात से है। CSK को प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए यह मैच बड़े अंतर से जीतना होगा। दिल्ली कैपिटल्स भी 12 पॉइंट्स के साथ सातवें स्थान पर है। टीम का नेट रनरेट (-0.871) काफी खराब है। दिल्ली को कोलकाता के खिलाफ जीत के साथ दूसरी टीमों के नतीजों का भी इंतजार करना पड़ेगा। मुंबई और लखनऊ पहले ही बाहर मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी हैं। मुंबई के 8 पॉइंट्स हैं, जबकि लखनऊ भी 8 अंक के साथ आखिरी स्थान पर है। टूर्नामेंट के टॉप प्लेयर्स… सूर्यवंशी ऑरेंज कैप होल्डर बने राजस्थान रॉयल्स के युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी IPL 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उनके 13 मैचों में 579 रन हो गए हैं और उन्होंने हेनरिक क्लासन को पीछे छोड़कर ऑरेंज कैप अपने नाम कर ली। सूर्यवंशी इस सीजन 236.32 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने अब तक 1 शतक, 3 अर्धशतक और 53 छक्के लगाए हैं, जो इस सीजन सबसे ज्यादा हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स के मिचेल मार्श 563 रन के साथ दूसरे, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद के हेनरिक क्लासन 555 रन के साथ तीसरे स्थान पर हैं। भुवनेश्वर के पास पर्पल कैप बरकरार बेंगलुरु के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार 24 विकेट के साथ पर्पल कैप होल्डर बने हुए हैं। गुजरात के कगिसो रबाडा 21 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। चेन्नई के अंशुल कम्बोज 20 विकेट के साथ तीसरे नंबर पर बने हुए हैं।
IPL 2026 KKR vs MI Today

कोलकाता44 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL 2026 का 65वां मैच आज कोलकाता नाइट राइडर्स और मुंबई इंडियंस के बीच खेला जाएगा। मुकाबला ईडन गार्डन्स में शाम 7.30 बजे से शुरू होगा। प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए कोलकाता को हर हाल में जीतना होगा। टीम 12 मैच में 11 पॉइंट्स के साथ आठवें स्थान पर हैं। वहीं टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी मुंबई 12 मैच में 8 पॉइंट्स के साथ नौवें स्थान पर हैं। दोनों टीमें 37वीं बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमों के बीच अब तक 36 मैच हुए हैं। कोलकाता ने 11 और मुंबई ने 25 मैच जीते हैं। इस सीजन के पहले मुकाबले में मुंबई ने जीत दर्ज की थी। कोलकाता को दूसरी टीमों के पर निर्भर रहना पड़ेगा कोलकाता बुधवार का मैच जीत भी जाती है, तो भी उसकी किस्मत पंजाब किंग्स के हाथों में रहेगी। बेंगलुरु, गुजरात और हैदराबाद प्लेऑफ में जगह पक्की कर चुके हैं। अब एक जगह बची है, जिसके लिए 5 टीमें रेस में हैं। पंजाब किंग्स के 13 अंक हैं। राजस्थान रॉयल्स, चेन्नई सुपर किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के 12-12 अंक हैं। कोलकाता के 11 अंक हैं। एलन शानदार फॉर्म में फिन एलन ने ओपनिंग में शानदार वापसी की है। उन्होंने पिछले कुछ मैचों में एक शतक और 35 गेंदों में 93 रन बनाए हैं। अंगकृष रघुवंशी और उप-कप्तान रिंकू सिंह मिडिल ऑर्डर को मजबूती दे रहे हैं। रघुवंशी टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। कार्तिक त्यागी ने सबसे ज्यादा विकेट लिए हैं। कप्तान हार्दिक की वापसी हो सकती है मुंबई प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी है, लेकिन वह कोलकाता का गणित बिगाड़ने उतरेगी। चोट के कारण पिछले तीन मैच मिस करने वाले कप्तान हार्दिक पंड्या वापसी के लिए तैयार हैं। उन्होंने सोमवार को नेट्स पर अभ्यास किया। हार्दिक के लिए यह सीजन खराब रहा है। उन्होंने 8 पारियों में 20.85 की औसत से 146 रन बनाए हैं, जबकि गेंदबाजी में 11.90 की इकोनॉमी से 4 विकेट लिए हैं। रायन रिकेल्टन टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। अल्लाह गजनफर टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। डी कॉक और राज बावा IPL 2026 से बाहर मुंबई के विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक और ऑलराउंडर राज अंगद बावा चोट के कारण IPL 2026 से बाहर हो गए हैं। प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी मुंबई के अब दो लीग मैच बाकी हैं। डी कॉक को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच से पहले बाएं हाथ की कलाई में इंजरी हुई थी। उन्होंने इस सीजन 3 पारियों में 132 रन बनाए, जिसमें पंजाब किंग्स के खिलाफ नाबाद 112 रन की पारी शामिल रही। वहीं 23 साल के ऑलराउंडर राज अंगद बावा को पंजाब किंग्स के खिलाफ पिछले मैच में दाएं अंगूठे में चोट लगी थी। बावा ने इस सीजन मुंबई के लिए 3 मुकाबले खेले। पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार ईडन गार्डन्स की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। पिच सपाट होने से गेंद बल्ले पर अच्छे बाउंस के साथ आती है। तेज आउटफील्ड और छोटी बाउंड्री के कारण यहां हाई स्कोरिंग मुकाबले देखने को मिलते हैं। शुरुआत में तेज गेंदबाजों को स्विंग मिलती है। मैच आगे बढ़ने पर स्पिनर्स असर डाल सकते हैं। हालांकि, बल्लेबाज सेट होने के बाद बड़े शॉट्स खेल सकते हैं। ईडन गार्डन्स में अब तक 105 मैच खेले गए हैं। पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम 44 बार जीती है, जबकि बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 59 मैच जीते हैं। वेदर रिपोर्ट 20 मई को कोलकाता में दिन का अधिकतम तापमान 37 डिग्री और रात का न्यूनतम तापमान 29 डिग्री के आसपास रह सकता है। शाम में हल्की बारिश की 25% संभावना है, लेकिन मैच के दौरान आसमान साफ रहने की उम्मीद है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 कोलकाता- अजिंक्य रहाणे (कप्तान), फिन एलन, अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), कैमरन ग्रीन, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, अनुकूल रॉय, कार्तिक त्यागी, सौरभ दुबे, वरुण चक्रवर्ती, मथीश पथिराना। मुंबई- हार्दिक पंड्या (कप्तान), रोहित शर्मा, रायन रिकेल्टन (विकेटकीपर), नमन धीर, तिलक वर्मा, शेरफन रदरफोर्ड, विल जैक्स, राज बावा, कॉर्बिन बॉश, शार्दूल ठाकुर, दीपक चाहर, जसप्रीत बुमराह। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
West Bengal OBC Reservation Cut

Hindi News National West Bengal OBC Reservation Cut | 66 Castes Remain; Mamata Govt Ends OBC A, OBC B कोलकाता14 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल सरकार ने OBC आरक्षण व्यवस्था में बदलाव किया है। राज्य में OBC आरक्षण 17% से घटाकर 7% कर दिया गया है। नई लिस्ट के मुताबिक अब सिर्फ 66 जातियां OBC आरक्षण के दायरे में रहेंगी। धर्म आधारित वर्गीकरण की व्यवस्था भी खत्म कर दी गई है। सरकार का कहना है कि यह फैसला कलकत्ता हाईकोर्ट के 2024 के आदेश के आधार पर लिया गया है। कोर्ट ने 2010 से 2012 के बीच OBC सूची में जोड़े गए 77 अतिरिक्त जातियों को शामिल करने की प्रक्रिया को अवैध और असंवैधानिक बताया था। हालांकि 2010 से पहले OBC कैटेगरी में शामिल जातियों का दर्जा बना रहेगा। इस कोटे के जरिए पहले नौकरी पा चुके लोगों की नियुक्तियों पर भी असर नहीं पड़ेगा। ममता सरकार ने OBC आरक्षण को दो हिस्सों में बांटा था इस फैसले के साथ ममता बनर्जी सरकार के समय लागू OBC-A और OBC-B व्यवस्था खत्म हो गई है। ममता सरकार ने OBC आरक्षण को दो कैटेगरी में बांटा था। OBC- A को 10% और OBC- B को 7% आरक्षण मिल रहा था। इस दौरान कई नई जातियां भी जोड़ी गई इसी के खिलाफ 2024 में कलकत्ता हईकोर्ट ने फैसला दिया था। कोर्ट के फैसले से 2010 के बाद जारी करीब 12 लाख OBC प्रमाणपत्र रद्द हो गए थे। अब इन्हें मिलेगा आरक्षण नई लिस्ट में कपाली, कुर्मी, सुध्राधार, कर्मकार, सूत्रधार, स्वर्णकार, नाई, तांती, धनुक, कसाई, खंडायत, तुरहा, देवांग और गोआला जैसी जातियां शामिल हैं। पहाड़िया, हज्जाम और चौधुली जैसे तीन मुस्लिम समुदाय भी इस लिस्ट में हैं। राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कैबिनेट बैठक के बाद कहा कि सरकार OBC ढांचे की नई समीक्षा करेगी। इसके लिए जांच समिति बनाई जाएगी। जिन समूहों की पहचान हाईकोर्ट ने स्पष्ट की है, उन पर पहले विचार होगा। समीक्षा के बाद जरूरत पड़ने पर कुछ समूहों को कानूनी प्रक्रिया के तहत फिर सूची में शामिल किया जा सकता है। ममता बोलीं- दिल्ली से BJP की सत्ता जाने वाली है TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि आने वाले दिनों में दिल्ली से BJP की सत्ता जाएगी। उन्होंने यह बात कालीघाट में पार्टी विधायकों की बैठक में कही। बैठक में मौजूद TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि BJP के खिलाफ उनकी लड़ाई हर हाल में जारी रहेगी। बंगाल नई कैबिनेट के 7 बड़े फैसले- 1. सरकारी नौकरियों में उम्र सीमा 5 साल बढ़ी बंगाल कैबिनेट ने राज्य सरकार की नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 5 साल बढ़ाने का फैसला लिया। नई व्यवस्था के तहत ग्रुप A पदों के लिए उम्र सीमा 41 साल, ग्रुप B के लिए 44 साल और ग्रुप C-D के लिए 45 साल कर दी गई है। यह नियम 11 मई से लागू होगा। SC, ST, OBC और दिव्यांग उम्मीदवारों को मिलने वाली अतिरिक्त आयु छूट पहले की तरह जारी रहेगी। 2. भ्रष्टाचार जांच के लिए रिटायर्ड जज की कमेटी कैबिनेट ने राज्य में संस्थागत भ्रष्टाचार की जांच के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस बिश्वजीत बसु की अध्यक्षता में पैनल बनाने को मंजूरी दी। यह कमेटी सरकारी योजनाओं, निर्माण कार्यों और सेवा वितरण में कथित घोटालों, कटमनी, रिश्वतखोरी और सरकारी फंड की गड़बड़ी की जांच करेगी। लोगों को शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी मिलेगी। 3. महिलाओं और बच्चियों पर अत्याचार की जांच होगी राज्य सरकार ने महिलाओं और बच्चियों पर अत्याचार के मामलों की जांच के लिए जस्टिस समाप्ति चटर्जी की अध्यक्षता में दूसरी कमेटी बनाने का फैसला लिया। यह आयोग महिलाओं, बच्चों, SC-ST और अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मामलों की जांच करेगा। इसके लिए पोर्टल, व्हाट्सऐप और ईमेल के जरिए शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था बनाई जाएगी। 4. धार्मिक आधार पर मिलने वाला मानदेय बंद कैबिनेट ने इमाम, मुअज्जिन और पुजारियों को धार्मिक आधार पर दिए जाने वाले सरकारी मानदेय को 1 जून से बंद करने का फैसला लिया। पहले इमामों को 3000 रुपए और मुअज्जिन-पुजारियों को 2000 रुपए मासिक सहायता दी जाती थी। 5. महिलाओं को हर महीने 3000 रुपए मिलेंगे राज्य सरकार ने ‘अन्नपूर्णा योजना’ को मंजूरी दी है। इसके तहत महिलाओं को 1 जून से हर महीने 3000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। लक्ष्मी भंडार योजना की मौजूदा लाभार्थियों को बिना दोबारा आवेदन किए सीधे इस योजना का लाभ मिलेगा। पैसा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। 6. महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा कैबिनेट ने 1 जून से महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की मंजूरी भी दे दी। हालांकि फिलहाल बसों की संख्या बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। 7. 7वें वेतन आयोग को मंजूरी राज्य सरकार ने कर्मचारियों के वेतन संशोधन के लिए 7वें राज्य वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी। इसका फायदा सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ नगर निकायों, शिक्षा बोर्ड और सरकारी शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों को भी मिलेगा। आयोग के गठन और लागू होने की तारीख का नोटिफिकेशन बाद में जारी किया जाएगा। ———– ये खबर भी पढ़ें… शुभेंदु का ऐलान- ममता सरकार के भ्रष्टाचार की जांच कराएंगे: महिला उत्पीड़न मामलों की हाईकोर्ट जज की अगुआई में जांच होगी; मौलवी-पुजारियों का मानदेय बंद पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कैबिनेट बैठक में ममता सरकार में हुए भ्रष्टाचार के मामलों और महिला उत्पीड़न की जांच कराने का ऐलान किया है। इसके लिए 2 आयोग बनेंगे। दोनों आयोगों की अध्यक्षता कलकत्ता हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे। पूरी कॉपी पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
West Bengal OBC Reservation Cut

Hindi News National West Bengal OBC Reservation Cut | 66 Castes Remain; Mamata Govt Ends OBC A, OBC B कोलकाता9 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल सरकार ने OBC आरक्षण व्यवस्था में बदलाव किया है। राज्य में OBC आरक्षण 17% से घटाकर 7% कर दिया गया है। नई लिस्ट के मुताबिक अब सिर्फ 66 जातियां OBC आरक्षण के दायरे में रहेंगी। धर्म आधारित वर्गीकरण की व्यवस्था भी खत्म कर दी गई है। सरकार का कहना है कि यह फैसला कलकत्ता हाईकोर्ट के 2024 के आदेश के आधार पर लिया गया है। कोर्ट ने 2010 से 2012 के बीच OBC सूची में जोड़े गए 77 अतिरिक्त जातियों को शामिल करने की प्रक्रिया को अवैध और असंवैधानिक बताया था। हालांकि 2010 से पहले OBC कैटेगरी में शामिल जातियों का दर्जा बना रहेगा। इस कोटे के जरिए पहले नौकरी पा चुके लोगों की नियुक्तियों पर भी असर नहीं पड़ेगा। ममता सरकार ने OBC आरक्षण को दो हिस्सों में बांटा था इस फैसले के साथ ममता बनर्जी सरकार के समय लागू OBC-A और OBC-B व्यवस्था खत्म हो गई है। ममता सरकार ने OBC आरक्षण को दो कैटेगरी में बांटा था। OBC- A को 10% और OBC- B को 7% आरक्षण मिल रहा था। इस दौरान कई नई जातियां भी जोड़ी गई इसी के खिलाफ 2024 में कलकत्ता हईकोर्ट ने फैसला दिया था। कोर्ट के फैसले से 2010 के बाद जारी करीब 12 लाख OBC प्रमाणपत्र रद्द हो गए थे। अब इन्हें मिलेगा आरक्षण नई लिस्ट में कपाली, कुर्मी, सुध्राधार, कर्मकार, सूत्रधार, स्वर्णकार, नाई, तांती, धनुक, कसाई, खंडायत, तुरहा, देवांग और गोआला जैसी जातियां शामिल हैं। पहाड़िया, हज्जाम और चौधुली जैसे तीन मुस्लिम समुदाय भी इस लिस्ट में हैं। राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कैबिनेट बैठक के बाद कहा कि सरकार OBC ढांचे की नई समीक्षा करेगी। इसके लिए जांच समिति बनाई जाएगी। जिन समूहों की पहचान हाईकोर्ट ने स्पष्ट की है, उन पर पहले विचार होगा। समीक्षा के बाद जरूरत पड़ने पर कुछ समूहों को कानूनी प्रक्रिया के तहत फिर सूची में शामिल किया जा सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
DRDO Missile Targets Tanks, Drones & Helicopters; Indigenous Tech Ready

4 घंटे पहले कॉपी लिंक भारत की डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने ड्रोन से दागी जाने वाली मिसाइल का ट्रायल पूरा कर लिया है। इस मिसाइल का नाम यूएलपीजीएम-वी3 है। यह हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों तरह के टारगेट पर सटीक हमला कर सकती है। यह हवा में दुश्मन के हेलिकॉप्टर, ड्रोन और दूसरे हवाई टारगेट को मार गिरा सकती है। वहीं जमीन पर टैंक, सैन्य वाहन और बंकर को निशाना बना सकती है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, मिसाइल का परीक्षण आंध्र प्रदेश के कुर्नूल स्थित DRDO टेस्ट रेंज में किया गया। इसमें इंटीग्रेटेड ग्राउंड कंट्रोल सिस्टम का इस्तेमाल किया गया, जो लॉन्च और कमांड सिस्टम को कंट्रोल करता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा इस मिसाइल का सफल विकास रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम है। DRDO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्रायल का ये वीडियो शेयर किया। चलते-फिरते टारगेट को भी लॉक कर सकती है यूएलपीजीएम-वी3 एक स्मार्ट प्रिसिजन गाइडेड मिसाइल है। इसमें सीकर तकनीक लगी है, जिससे यह टार्गेट को पहचानकर लॉक करती है और फिर सटीक हमला करती है। चलते हुए लक्ष्य को भी ट्रैक कर सकती है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इसे एंटी-टैंक रोल के लिए भी तैयार किया गया है। साथ ही यह ड्रोन, हेलिकॉप्टर और दूसरे हवाई लक्ष्यों के खिलाफ भी इस्तेमाल की जा सकती है। DRDO ने भारतीय कंपनियों के साथ तैयार किया इस मिसाइल को DRDO के हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) की अगुआई में डेवलप किया गया है। इसके साथ डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी (DRDL), टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (TBRL) और हाई एनर्जी मैटेरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी (HEMRL) भी इस प्रोजेक्ट में शामिल रहीं। प्रोडक्शन के लिए DRDO ने भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) और अडानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज के साथ साझेदारी की है। ट्रायल में इसे बेंगलुरु की न्यूस्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज के बनाए UAV के साथ टेस्ट किया गया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ट्रायल के बाद साफ है कि इसकी घरेलू सप्लाई चेन बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए तैयार है। बड़ी संख्या में भारतीय MSME कंपनियां भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा रही हैं। ——————— ये खबर भी पढ़ें… हेलिकॉप्टर से पहली बार एक साथ 2 मिसाइल लॉन्च:जरूरत पड़ने पर हवा में टारगेट बदला जा सकता है; DRDO-नेवी का सफल परीक्षण DRDO और नौसेना ने बुधवार को बंगाल की खाड़ी में हेलिकॉप्टर से शॉर्ट रेंज नेवल एंटी-शिप मिसाइल को सफल लॉन्च किया। इस दौरान एक हेलिकॉप्टर से कुछ ही सेकेंड के अंतर पर दो मिसाइलें दागी गईं। दोनों ने समुद्री जहाज के निचले हिस्से पर सटीक निशाना लगाया। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
DRDO Missile Targets Tanks, Drones & Helicopters; Indigenous Tech Ready

13 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत की डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने ड्रोन से दागी जाने वाली मिसाइल का ट्रायल पूरा कर लिया है। इस मिसाइल का नाम यूएलपीजीएम-वी3 है। यह हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों तरह के टारगेट पर सटीक हमला कर सकती है। यह हवा में दुश्मन के हेलिकॉप्टर, ड्रोन और दूसरे हवाई टारगेट को मार गिरा सकती है। वहीं जमीन पर टैंक, सैन्य वाहन और बंकर को निशाना बना सकती है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, मिसाइल का परीक्षण आंध्र प्रदेश के कुर्नूल स्थित DRDO टेस्ट रेंज में किया गया। इसमें इंटीग्रेटेड ग्राउंड कंट्रोल सिस्टम का इस्तेमाल किया गया, जो लॉन्च और कमांड सिस्टम को कंट्रोल करता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा इस मिसाइल का सफल विकास रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम है। DRDO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्रायल का ये वीडियो शेयर किया। चलते-फिरते टारगेट को भी लॉक कर सकती है यूएलपीजीएम-वी3 एक स्मार्ट प्रिसिजन गाइडेड मिसाइल है। इसमें सीकर तकनीक लगी है, जिससे यह टार्गेट को पहचानकर लॉक करती है और फिर सटीक हमला करती है। चलते हुए लक्ष्य को भी ट्रैक कर सकती है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इसे एंटी-टैंक रोल के लिए भी तैयार किया गया है। साथ ही यह ड्रोन, हेलिकॉप्टर और दूसरे हवाई लक्ष्यों के खिलाफ भी इस्तेमाल की जा सकती है। DRDO ने भारतीय कंपनियों के साथ तैयार किया इस मिसाइल को DRDO के हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) की अगुआई में डेवलप किया गया है। इसके साथ डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी (DRDL), टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (TBRL) और हाई एनर्जी मैटेरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी (HEMRL) भी इस प्रोजेक्ट में शामिल रहीं। प्रोडक्शन के लिए DRDO ने भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) और अडानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज के साथ साझेदारी की है। ट्रायल में इसे बेंगलुरु की न्यूस्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज के बनाए UAV के साथ टेस्ट किया गया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ट्रायल के बाद साफ है कि इसकी घरेलू सप्लाई चेन बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए तैयार है। बड़ी संख्या में भारतीय MSME कंपनियां भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा रही हैं। ——————— ये खबर भी पढ़ें… हेलिकॉप्टर से पहली बार एक साथ 2 मिसाइल लॉन्च:जरूरत पड़ने पर हवा में टारगेट बदला जा सकता है; DRDO-नेवी का सफल परीक्षण DRDO और नौसेना ने बुधवार को बंगाल की खाड़ी में हेलिकॉप्टर से शॉर्ट रेंज नेवल एंटी-शिप मिसाइल को सफल लॉन्च किया। इस दौरान एक हेलिकॉप्टर से कुछ ही सेकेंड के अंतर पर दो मिसाइलें दागी गईं। दोनों ने समुद्री जहाज के निचले हिस्से पर सटीक निशाना लगाया। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔









