Saturday, 23 May 2026 | 12:05 PM

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Tamil Nadu CM Vijay Receives Virat Kohli Signed Bat; Director Gifted GOAT Plate

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8 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और पूर्व अभिनेता थलापती विजय को शुक्रवार को क्रिकेटर विराट कोहली का साइन किया हुआ क्रिकेट बैट गिफ्ट किया गया है। एमआरएफ (MRF) कंपनी के टॉप मैनेजमेंट ने सचिवालय में मुलाकात के दौरान उन्हें ये गिफ्ट दिया। विजय ने इस बैट के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं, जो सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। तस्वीरों में विजय मोनोक्रोम सूट और कंधे पर अंगवस्त्रम पहने हुए बैट दिखाते नजर आ रहे हैं। इससे पहले हाल ही में फिल्म डायरेक्टर वेंकट प्रभु ने भी उन्हें ‘GOAT’ फिल्म में इस्तेमाल की गई एक खास नंबर प्लेट गिफ्ट की थी, जिसमें विजय के मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी की गई थी। डायरेक्टर वेंकट प्रभु ने गिफ्ट की थी नंबर प्लेट मुख्यमंत्री विजय को हाल ही में फिल्म डायरेक्टर वेंकट प्रभु ने भी एक खास तोहफा दिया था। उन्होंने साल 2024 में आई फिल्म ‘द ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम’ (GOAT) में इस्तेमाल की गई गाड़ी की नंबर प्लेट को फ्रेम करवाकर विजय को गिफ्ट किया था। इस नंबर प्लेट पर ‘TN 07 CM 2026’ लिखा हुआ था, जिसे फिल्म में विजय के मुख्यमंत्री बनने के संकेत के तौर पर देखा गया था। विजय के सच में मुख्यमंत्री बनने के बाद सोशल मीडिया पर भी यह क्लिप काफी चर्चा में रही थी। बाल कलाकार से मुख्यमंत्री बनने तक का सफर फिल्म डायरेक्टर एसए चंद्रशेखर के बेटे विजय ने अपने करियर की शुरुआत 1984 में बाल कलाकार के रूप में फिल्म ‘वेट्री’ से की थी। इसके बाद 1992 में आई फिल्म ‘नालैया तीरपू’ से उन्होंने लीड एक्टर के तौर पर डेब्यू किया। साल 1996 में आई ‘कोयंबटूर माप्पिल्लई’ और ‘पूवे उनक्कागा’ उनके करियर की पहली ब्लॉकबस्टर फिल्में बनीं। साल 2024 में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ नाम की पार्टी बनाई। इसके बाद साल 2026 के चुनावों में जीतकर वे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने। आखिरी फिल्म ‘जन नायक’ पर चल रहा है विवाद राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होने से पहले विजय ने एच विनोद के डायरेक्शन में अपनी आखिरी फिल्म ‘जन नायक’ साइन की थी। इस फिल्म में ममिता बैजू, बॉबी देओल और पूजा हेगड़े मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म जनवरी में रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर बोर्ड (CBFC) के साथ हुए विवाद और कमिटी में शिकायत के कारण इसकी रिलीज टल गई। अ प्रैल में यह फिल्म एचडी क्वालिटी में ऑनलाइन लीक भी हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया था। यह फिल्म अभी तक रिलीज नहीं हो सकी है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Tamil Nadu CM Vijay Receives Virat Kohli Signed Bat; Director Gifted GOAT Plate

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56 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और पूर्व अभिनेता थलापती विजय को शुक्रवार को क्रिकेटर विराट कोहली का साइन किया हुआ क्रिकेट बैट गिफ्ट किया गया है। एमआरएफ (MRF) कंपनी के टॉप मैनेजमेंट ने सचिवालय में मुलाकात के दौरान उन्हें ये गिफ्ट दिया। विजय ने इस बैट के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं, जो सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। तस्वीरों में विजय मोनोक्रोम सूट और कंधे पर अंगवस्त्रम पहने हुए बैट दिखाते नजर आ रहे हैं। इससे पहले हाल ही में फिल्म डायरेक्टर वेंकट प्रभु ने भी उन्हें ‘GOAT’ फिल्म में इस्तेमाल की गई एक खास नंबर प्लेट गिफ्ट की थी, जिसमें विजय के मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी की गई थी। डायरेक्टर वेंकट प्रभु ने गिफ्ट की थी नंबर प्लेट मुख्यमंत्री विजय को हाल ही में फिल्म डायरेक्टर वेंकट प्रभु ने भी एक खास तोहफा दिया था। उन्होंने साल 2024 में आई फिल्म ‘द ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम’ (GOAT) में इस्तेमाल की गई गाड़ी की नंबर प्लेट को फ्रेम करवाकर विजय को गिफ्ट किया था। इस नंबर प्लेट पर ‘TN 07 CM 2026’ लिखा हुआ था, जिसे फिल्म में विजय के मुख्यमंत्री बनने के संकेत के तौर पर देखा गया था। विजय के सच में मुख्यमंत्री बनने के बाद सोशल मीडिया पर भी यह क्लिप काफी चर्चा में रही थी। बाल कलाकार से मुख्यमंत्री बनने तक का सफर फिल्म डायरेक्टर एसए चंद्रशेखर के बेटे विजय ने अपने करियर की शुरुआत 1984 में बाल कलाकार के रूप में फिल्म ‘वेट्री’ से की थी। इसके बाद 1992 में आई फिल्म ‘नालैया तीरपू’ से उन्होंने लीड एक्टर के तौर पर डेब्यू किया। साल 1996 में आई ‘कोयंबटूर माप्पिल्लई’ और ‘पूवे उनक्कागा’ उनके करियर की पहली ब्लॉकबस्टर फिल्में बनीं। साल 2024 में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ नाम की पार्टी बनाई। इसके बाद साल 2026 के चुनावों में जीतकर वे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने। आखिरी फिल्म ‘जन नायक’ पर चल रहा है विवाद राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होने से पहले विजय ने एच विनोद के डायरेक्शन में अपनी आखिरी फिल्म ‘जन नायक’ साइन की थी। इस फिल्म में ममिता बैजू, बॉबी देओल और पूजा हेगड़े मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म जनवरी में रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर बोर्ड (CBFC) के साथ हुए विवाद और कमिटी में शिकायत के कारण इसकी रिलीज टल गई। अ प्रैल में यह फिल्म एचडी क्वालिटी में ऑनलाइन लीक भी हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया था। यह फिल्म अभी तक रिलीज नहीं हो सकी है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

weak bones Symptoms: ऑस्टियोपोरोसिस के शुरुआती लक्षण

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Last Updated:May 22, 2026, 20:00 IST Bones Weaking Disease Sign: हड्डियों में कमजोरी जीवन को मुश्किल बना सकती है. यदि आपको मूवमेंट में तकलीफ होती है, छोटी सी चोट भी फ्रेक्चर का कारण बन रही है, तो ये ऑस्टियोपोरोसिस की गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है. ख़बरें फटाफट हड्डियां हमारे शरीर का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. वे शरीर को सहारा देती हैं, चलने-फिरने में मदद करती हैं और अंदरूनी अंगों की सुरक्षा करती हैं. लेकिन बढ़ती उम्र के साथ हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं. बहुत ज्यादा कमजोरी जिससे चलना-फिरने में परेशानी होने लगे तो इसे ऑस्टियोपोरोसिस कहा जाता है. इसे “साइलेंट डिजीज” भी कहा जाता है, क्योंकि शुरुआत में इसके कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते. अक्सर लोगों को इसका पता तब चलता है जब हड्डी टूट जाती है या तेज दर्द होने लगता है. ऑस्टियोपोरोसिस में हड्डियों की घनत्व यानी बोन डेंसिटी कम हो जाती है. शरीर नई हड्डियां कम बनाता है और पुरानी हड्डियां तेजी से कमजोर होने लगती हैं. कमजोर हड्डियां हल्की चोट, गिरने या अचानक झटका लगने से भी टूट सकती हैं. यह समस्या खासतौर पर रीढ़, कूल्हों और कलाई की हड्डियों को अधिक प्रभावित करती है. 50 के बाद बढ़ता है रिस्कलखनऊ के मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में अस्थि रोग एवं जोड़ प्रतिस्थापन के निदेशक, डॉ. प्रसून कांत शमशेरी बताते हैं कि यह बीमारी किसी को भी हो सकती है, लेकिन 50 साल से अधिक उम्र की महिलाओं में इसका खतरा ज्यादा होता है. मेनोपॉज के बाद महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन कम हो जाता है, जिससे हड्डियां जल्दी कमजोर होने लगती हैं. हालांकि पुरुषों में भी उम्र बढ़ने के साथ यह समस्या हो सकती है. क्योंकि इसके होने का एक बड़ा कारण कैल्शियम और विटामिन D की कमी होता है.साथ ही गलत खानपान, धूम्रपान, शराब और व्यायाम की कमी भी हड्डियों को नुकसान पहुंचाते हैं. ऑस्टियोपोरोसिस के कुछ शुरुआती संकेतकद कम होनापीठ दर्दकमजोरी महसूस होनापकड़ कमजोर होनानाखून का जल्दी टूटनाअचानक फ्रैक्चर होना बचाव के उपायडॉक्टर बताते हैं कि इस बीमारी से बचाव के लिए संतुलित आहार बहुत जरूरी है. ऐसे में हड्डियों को मजबूत रखने के लिए दूध, दही, पनीर, बाजरा, तिल, बादाम और हरी सब्जियां खाएं, क्योंकि इसमें कैल्शियम की अच्छी मात्रा होती है. इसके साथ ही सुबह की धूप में कुछ देर बिना सनस्क्रिन बैठें, जिससे आपके शरीर को पर्याप्त विटामिन D मिल सके. इसके अलावा रोजाना चलना, योग, सीढ़ियां चढ़ना और हल्का व्यायाम हड्डियों को मजबूत बनाते हैं. इस बात का भी रखें ध्यानडॉक्टर 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को समय-समय पर बोन डेंसिटी टेस्ट करवाने की भी सलाह देते हैं. इससे समय रहते बीमारी का पता चलने पर सही इलाज, सप्लीमेंट और अच्छी जीवनशैली से हड्डियों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

SSC CGL Recruitment 12,256 Posts

SSC CGL Recruitment 12,256 Posts

Hindi News Career SSC CGL Recruitment 12,256 Posts | Haryana 255, Odisha 606 Engineers Jobs 2026 15 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी SSC CGL ने 12,256 पदों पर निकाली भर्ती की, हरियाणा में 255 पदों के लिए आवेदन दोबारा शुरू होने की। साथ में ओडिशा में जूनियर इंजीनियर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. SSC CGL ने 12,256 पदों पर निकाली भर्ती, फीस 100 रुपए SSC CGL ने 12,256 पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट ssc.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवारों को 23 जून 2026 तक ऑनलाइन फीस जमा करने का मौका दिया जाएगा। 29 जून से 1 जुलाई 2026 तक फॉर्म में करेक्शन कर सकेंगे। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : ग्रेजुएशन की डिग्री फीस : जनरल, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस : 100 रुपए महिलाए, एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी, एक्स सर्विसमैन : नि:शुल्क एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 32 साल एससी, एसटी : 5 साल की छूट अन्य पिछड़ा वर्ग : 3 साल की छूट सैलरी : 25 हजार – डेढ़ लाख रुपए प्रतिमाह अन्य अलाउंस का लाभ भी मिलेगा सिलेक्शन प्रोसेस : टियर – 1 एग्जाम टियर – 2 एग्जाम फिजिकल टेस्ट मेडिकल टेस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सैलरी : पे लेवल 4 – 7 टियर – 1 एग्जाम : सब्जेक्ट क्वेश्चन नंबर मार्क्स जनरल इंटेलिजेंस और रीजनिंग 25 50 जनरल अवेयरनेस 25 50 क्वांटिटेव एप्टीट्यूट 25 50 इंग्लिश कॉम्प्रिहेंशन 25 50 ऐसे करें आवेदन : एसएससी की ऑफिशियल वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं। होमपेज पर एसएससी सीजीएल 2026 आवेदन लिंक पर क्लिक करें। अगर आपने पहले से रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, तो पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी करें। मांगी गई जरूरी डिटेल्स दर्ज करें। अपनी फोटो और साइन सहित स्कैन किए गए डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 2. हरियाणा में 255 पदों के लिए आवेदन दोबारा शुरू, एज लिमिट 42 साल हरियाणा लोक सेवा आयोग ने वर्ष 2026 में सहायक जिला अटॉर्नी के 255 पदों पर भर्ती के लिए दोबारा आवेदन विंडो खोलने का फैसला किया है। आवेदन प्रक्रिया 25 मई से दोबारा शुरू की जाएगी। उम्मीदवार एचपीएससी की वेबसाइट hpsc.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : मान्यता प्राप्त संस्थान से लॉ में ग्रेजुएशन की डिग्री। 10वीं तक किसी एक भाषा हिंदी या संस्कृत में पढ़ाई की हो। बार काउंसिल में बतौर एडवोकेट के रूप में रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। एज लिमिट : न्यूनतम : 21 साल अधिकतम : 42 साल एससी, एसटी : 5 साल की छूट ओबीसी : 3 साल की छूट सिलेक्शन प्रोसेस : स्क्रीनिंग टेस्ट सब्जेक्ट टेस्ट इंटरव्यू सैलरी : 53,100 – 1,67,800 रुपए प्रतिमाह ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट hpsc.gov.in पर जाएं। असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के पदों पर क्लिक करें। ऑनलाइन आवेदन लिंक पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन करें। फॉर्म भरें और जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट लेकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक आवेदन दोबारा शुरू होने का नया नोटिफिकेशन 3. ओडिशा में जूनियर इंजीनियर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 606 वैकेंसी ओडिशा कर्मचारी चयन आयोग (OSSC) ने जूनियर इंजीनियर भर्ती 2026 का डिटेल नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। संयुक्त तकनीकी सेवा भर्ती परीक्षा (सीटीएसआरई-2025) के तहत 606 पदों पर भर्ती की जाएगी। डिपार्टमेंट वाइज वैकेंसी डिटेल्स : डिपार्टमेंट का नाम पदों की संख्या इंजीनियर इन चीफ, वाटर रिर्सोसेस 24 पंचायती राज एंड ड्रिंकिंग वाटर डिपार्टमेंट 450 म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन एंड अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट 132 कुल पदों की संख्या 606 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या समकक्ष डिग्री। डिप्लोमा ओडिशा स्टेट काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन एंड वोकेशनल ट्रेनिंग या तकनीकी शिक्षा निदेशालय, ओडिशा द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से होना चाहिए। एज लिमिट : न्यूनतम : 21 साल अधिकतम : 42 साल रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सैलरी : पे लेवल-9 के अनुसार, 53,100 – 1,67,800 रुपए प्रतिमाह अन्य अलाउंस का लाभ भी मिलेगा। फीस : जनरल, एसईबीसी, अन्य : 500 रुपए एससी, एसटी, पीडब्ल्यूडी : नि:शुल्क एग्जाम पैटर्न : सब्जेक्ट मार्क्स ड्यूरेशन टेक्निकल 200 2 घंटे ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट ossc.gov.in पर जाएं। ‘Apply Online’ बटन पर क्लिक करें। एक नया पेज खुलेगा, जहां रजिस्ट्रेशन करने के लिए मांगे गए डिटेल्स दर्ज करें। सब्मिट पर क्लिक करके पेज पर लॉग इन करें। सभी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करके फॉर्म सब्मिट करें। आगे की जरूरत के लिए इसका प्रिंटआउट लेकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 4. बिहार में फूड एनालिस्ट की भर्ती, बिना इंटरव्यू के सिलेक्शन बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने फूड एनासिस्ट के पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट btsc.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : मान्यता प्राप्त संस्थान से केमिस्ट्री, माइक्रो बायोलॉजी, डेयरी केमेस्ट्री या एग्रीकल्चर साइंस से ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री। एज लिमिट : आयु की गणना 01 अगस्त, 2026 के आधार पर की जाएगी। न्यूनतम : 21 साल अधिकतम : 37 साल आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु-सीमा में छूट भी दी जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम के बेसिस पर फीस : सभी के लिए 100 रुपए एग्जाम पैटर्न : मोड कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट टोटल क्वेश्चन 100 टोटल मार्क्स 100 ड्यूरेशन 2 घंटे लैंग्वेज हिंदी और इंग्लिश क्वेश्चन टाइप एमसीक्यू निगेटिव मार्किंग 0.25 मार्क्स कैटेगरी के अनुसार क्वालिफाइंग मार्क्स : कैटेगरी का नाम न्यूनतम अंक जनरल 40% पिछड़ा वर्ग 36.5% अत्यंत पिछड़ा वर्ग 34% एससी, एसटी, महिला, पीडब्ल्यूडी 32% ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट btsc.bihar.gov.in पर जाएं। होमपेज पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें। मांगी गई डिटेल्स दर्ज करें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स की स्कैन कॉपी और ऑनलाइन फीस का भुगतान करें। फॉर्म भरकर सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक सरकारी नौकरी की ये खबरें भी पढ़ें SBI में 821 पदों पर निकली भर्ती; राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड में 129 वैकेंसी, न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन में 255 ओपनिंग्स आज की सरकारी नौकरी में जानकारी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 821 पदों पर भर्ती, एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड में 129 वैकेंसी की। साथ में

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Last Updated:May 22, 2026, 19:51 IST Asli Shahad Ki Pehchan: क्या आप जानते हैं कि शहद का रंग ही उसकी शुद्धता, स्वाद और औषधीय गुणों का असली सर्टिफिकेट है? फूलों के आधार पर बदलने वाला शहद का रंग न सिर्फ असली-नकली का फर्क साफ करता है. बल्कि सेहत के कई राज भी खोलता है. जानिए क्यों हल्का शहद स्वाद में ज्यादा मीठा और गहरा शहद पोषक तत्वों व मिनरल्स के मामले में सबसे पावरफुल माना जाता है. ख़बरें फटाफट समस्तीपुर: शहद को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. लोग इसे स्वाद, ऊर्जा और औषधीय गुणों के कारण नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि शहद का रंग ही उसकी पहचान और गुणवत्ता का बड़ा संकेत होता है. दरअसल मधुमक्खियां जिस फूल के रस यानी नेक्टर को इकट्ठा करती हैं, उसी के अनुसार शहद का रंग, स्वाद और उसकी खासियत तय होती है. यही कारण है कि बाजार में मिलने वाला हर शहद एक जैसा नहीं दिखता. कोई हल्का सफेद या गोल्डन होता है तो कोई गहरा भूरा और एम्बर रंग का नजर आता है. जानकारी के अभाव में लोग इसे सामान्य अंतर समझते हैं, जबकि इसके पीछे फूलों और पौधों की पूरी वैज्ञानिक प्रक्रिया जुड़ी होती है. ऐसे में यह खबर उन लोगों के लिए खास है जो लंबे समय से शहद का उपयोग कर रहे हैं लेकिन उसके रंग के पीछे छिपे संकेतों को अब तक नहीं समझ पाए हैं. कौन सा फूल तैयार करता है कैसा शहदडॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ.राजेंद्र कुमार ने बताया कि मधुमक्खियां अलग-अलग फूलों के रस से विभिन्न प्रकार का शहद तैयार करती हैं. उन्होंने कहा कि अगर लोग रंग के आधार पर शहद को पहचानना सीख जाएं तो वे आसानी से समझ सकते हैं कि यह किस फूल से तैयार हुआ है. वैज्ञानिक के अनुसार लीची और सरसों के फूलों से बनने वाला शहद हल्का सफेद, क्रीम या चमकीला पीला रंग का होता है. सहजन के फूलों से तैयार शहद हल्का गोल्डन या एम्बर दिखाई देता है. वहीं सूरजमुखी का शहद सुनहरे पीले रंग का होता है. नीम और यूकेलिप्टस के फूलों से तैयार शहद हल्का से गहरा भूरा रंग लिए रहता है. वैज्ञानिक ने उदाहरण देते हुए बताया कि जामुन का फल और फूल गहरे रंग के होते हैं, इसलिए उससे बनने वाला शहद भी डार्क ब्राउन या हल्का पर्पल टोन लिए नजर आ सकता है. बहुफूल यानी मल्टीफ्लोरा शहद का रंग हल्के पीले से लेकर गहरे एम्बर तक हो सकता है, क्योंकि इसमें कई फूलों का मिश्रण होता है. रंग से समझें शहद की गुणवत्ता, स्वाद और औषधीय महत्वविशेषज्ञों के मुताबिक शहद का रंग केवल उसकी खूबसूरती नहीं बताता, बल्कि उसके स्वाद, घनत्व और औषधीय गुणों की भी जानकारी देता है. हल्के रंग का शहद स्वाद में मीठा और हल्का माना जाता है. जबकि गहरे रंग का शहद अधिक मजबूत स्वाद और अधिक मिनरल्स वाला माना जाता है. यही कारण है कि कई लोग खास बीमारी या स्वास्थ्य लाभ के लिए विशेष प्रकार का शहद चुनते हैं. उदाहरण के तौर पर लीची और सरसों का शहद ऊर्जा और स्वाद के लिए पसंद किया जाता है. जबकि नीम और जंगल से मिलने वाला गहरा शहद रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में उपयोगी माना जाता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर लोग शहद के रंग और उसके स्रोत को समझ लें तो नकली और असली शहद की पहचान करना भी आसान हो जाएगा. यही वजह है कि आजकल लोग सिर्फ स्वाद नहीं बल्कि शहद के रंग और उसके फूलों की जानकारी को भी महत्व देने लगे हैं. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Samastipur,Bihar

क्रिकेटर विजय शंकर ने IPL और डोमेस्टिक से संन्यास लिया:बोले- क्रिकेट ही मेरी जिंदगी: 2019 वर्ल्ड कप में पहली गेंद पर विकेट लिया था

क्रिकेटर विजय शंकर ने IPL और डोमेस्टिक से संन्यास लिया:बोले- क्रिकेट ही मेरी जिंदगी: 2019 वर्ल्ड कप में पहली गेंद पर विकेट लिया था

भारतीय क्रिकेटर विजय शंकर ने घरेलू क्रिकेट और IPL से संन्यास लेने का ऐलान किया है। शुक्रवार को उन्होंने X पर एक भावुक पोस्ट डाला। 25 साल लंबे करियर के बाद उन्होंने बीसीसीआई, परिवार और साथ देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया। पेसर ऑलराउंडर विजय ने साफ किया है कि वे पूरी तरह क्रिकेट नहीं छोड़ रहे हैं और नए विकल्प के साथ क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे। विजय बोले- ‘क्रिकेट ही मेरी जिंदगी है’ विजय ने लिखा कि क्रिकेट उनके लिए सिर्फ खेल नहीं, बल्कि जिंदगी रही है। उन्होंने नागपुर में भारत के 500वें वनडे मैच में आखिरी ओवर फेंकने और 2019 वर्ल्ड कप में पहली गेंद पर विकेट लेने को सबसे यादगार पल बताया। उन्होंने BCCI, IPL टीमों और अपनी घरेलू टीम तमिलनाडू क्रिकेट को धन्यवाद कहा। उन्होंने भारतीय टीम के लिए खेलने को सबसे गर्व भरा पल बताया है। फर्स्ट क्लास में 9 हजार रन, 150+ विकेट लिए तमिलनाडू के विजय ने 10 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरु किया था। उन्होंने अंडर-13 से लेकर सीनियर टीम तक अपना ज्यादातर क्रिकेट तमिलनाडु के लिए खेला। उन्होंने 77 फर्स्ट क्लास मैच में 4253 रन बनाए और 43 विकेट लिए। लिस्ट ए में 112 मैचों में 2790 रन और 73 विकेट, जबकि 159 टी20 मैचों में 2583 रन और 38 विकेट उनके नाम रहे। भारत के लिए दूसरे ही टी20 में ‘मैन ऑफ द मैच’ बने विजय को 2018 में निदहास टी20 ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में चुना गया। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया, जबकि दूसरे ही टी20 में बांग्लादेश के खिलाफ 2 विकेट लेने के लिए मैन ऑफ द मैच चुने गए। विजय ने जनवरी 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे डेब्यू किया। उन्होंने 12 वनडे और 9 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। उन्होंने करियर के दौरान मिली नफरत और आलोचना पर कहा कि उन्होंने हमेशा इसे नजरअंदाज कर आगे बढ़ना चुना। भारत के लिए 2019 वर्ल्ड कप खेले विजय को 2019 वर्ल्ड कप में नंबर-4 बल्लेबाज और उपयोगी मीडियम पेसर के तौर पर चुना गया। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ टूर्नामेंट की पहली ही गेंद पर इमाम उल हक का विकेट लिया। आईपीएल में उनका सफर 2013 में चेन्नई सुपर किंग्स से शुरू हुआ। उन्होंने गुजरात टाइटंस, सनराइजर्स हैदराबाद, दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेला। 2022 में गुजरात टाइटंस की ट्रॉफी जीत वाली टीम का हिस्सा रहे। उन्होंने 2023 में 301 रन बनाए, जो उनका बेस्ट सीजन रहा। ——————————— स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज के लिए पाकिस्तान टीम घोषित:बाबर-शादाब और नसीम की वापसी; रिजवान सहित 6 खिलाड़ियों को बाहर किया गया पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज के लिए 16 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है। टीम में सीनियर बल्लेबाज बाबर आजम, ऑलराउंडर शादाब खान और तेज गेंदबाज नसीम शाह की वापसी हुई है। यह तीनों खिलाड़ी बांग्लादेश दौरे वाली व्हाइट बॉल टीम में शामिल नहीं थे। सीरीज 30 मई से रावलपिंडी में शुरू होगी। पुरी खबर पढ़ें..

विजय शंकर ने IPL और डोमेस्टिक से संन्यास लिया:बोले- क्रिकेट ही मेरी जिंदगी: 2019 वर्ल्ड कप में पहली गेंद पर विकेट लिया था

विजय शंकर ने IPL और डोमेस्टिक से संन्यास लिया:बोले- क्रिकेट ही मेरी जिंदगी: 2019 वर्ल्ड कप में पहली गेंद पर विकेट लिया था

भारतीय क्रिकेटर विजय शंकर ने घरेलू क्रिकेट और IPL से संन्यास लेने का ऐलान किया है। शुक्रवार को उन्होंने X पर एक भावुक पोस्ट डाला। 25 साल लंबे करियर के बाद उन्होंने बीसीसीआई, परिवार और साथ देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया। पेसर ऑलराउंडर विजय ने साफ किया है कि वे पूरी तरह क्रिकेट नहीं छोड़ रहे हैं और नए विकल्प के साथ क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे। विजय बोले- ‘क्रिकेट ही मेरी जिंदगी है’ विजय ने लिखा कि क्रिकेट उनके लिए सिर्फ खेल नहीं, बल्कि जिंदगी रही है। उन्होंने नागपुर में भारत के 500वें वनडे मैच में आखिरी ओवर फेंकने और 2019 वर्ल्ड कप में पहली गेंद पर विकेट लेने को सबसे यादगार पल बताया। विजय ने बताया कि करियर के दौरान उन्हें भारी नफरत और आलोचना का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा इसे नजरअंदाज कर आगे बढ़ना चुना। उन्होंने BCCI, IPL टीमों और अपनी घरेलू टीम तमिलनाडू क्रिकेट को धन्यवाद कहा। उन्होंने भारतीय टीम के लिए खेलने को सबसे गर्व भरा पल बताया है। फर्स्ट क्लास में 9 हजार रन, 150+ विकेट लिए तमिलनाडू के विजय ने 10 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरु किया था। उन्होंने अंडर-13 से लेकर सीनियर टीम तक अपना ज्यादातर क्रिकेट तमिलनाडु के लिए खेला। उन्होंने 77 फर्स्ट क्लास मैच में 4253 रन बनाए और 43 विकेट लिए। लिस्ट ए में 112 मैचों में 2790 रन और 73 विकेट, जबकि 159 टी20 मैचों में 2583 रन और 38 विकेट उनके नाम रहे। भारत के लिए दूसरे ही टी20 में ‘मैन ऑफ द मैच’ बने विजय को 2018 में निदहास टी20 ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में चुना गया। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया, जबकि दूसरे ही टी20 में बांग्लादेश के खिलाफ 2 विकेट लेने के लिए मैन ऑफ द मैच चुने गए। विजय ने जनवरी 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे डेब्यू किया। उन्होंने 12 वनडे और 9 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। भारत के लिए 2019 वर्ल्ड कप खेले विजय को 2019 वर्ल्ड कप में नंबर-4 बल्लेबाज और उपयोगी मीडियम पेसर के तौर पर चुना गया। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ टूर्नामेंट की पहली ही गेंद पर इमाम उल हक का विकेट लिया। आईपीएल में उनका सफर 2013 में चेन्नई सुपर किंग्स से शुरू हुआ। उन्होंने गुजरात टाइटंस, सनराइजर्स हैदराबाद, दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेला। 2022 में गुजरात टाइटंस की ट्रॉफी जीत वाली टीम का हिस्सा रहे। उन्होंने 2023 में 301 रन बनाए, जो उनका बेस्ट सीजन रहा। ——————————— स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज के लिए पाकिस्तान टीम घोषित:बाबर-शादाब और नसीम की वापसी; रिजवान सहित 6 खिलाड़ियों को बाहर किया गया पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज के लिए 16 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है। टीम में सीनियर बल्लेबाज बाबर आजम, ऑलराउंडर शादाब खान और तेज गेंदबाज नसीम शाह की वापसी हुई है। यह तीनों खिलाड़ी बांग्लादेश दौरे वाली व्हाइट बॉल टीम में शामिल नहीं थे। सीरीज 30 मई से रावलपिंडी में शुरू होगी। पुरी खबर पढ़ें..

मूंग दाल इडली रेसिपी: जानें मूंग दाल की इडली, स्वाद के साथ मिलेगा हाई प्रोटीन; बनाना भी है मिनट का काम

तस्वीर का विवरण

मूंग दाल इडली बनाने के लिए आवश्यक सामग्री: 1 कप ढीली मूंग दाल, 2 बड़ी मूंग सूजी, 1/2 कप दही, 1 हरी मिर्च, 1 छोटा टुकड़ा अदरक, नमक का स्वाद, 1/2 छोटा चम्मच ईनो या सोया सोडा, तेल, हरा धनिया छवि: फ्रीपिक सबसे पहले मूंग दाल को अच्छी तरह ढोकर 2 से 3 घंटे के लिए पानी में डुबोकर देखें। इसके बाद पानी की दाल को हरी मिर्च, अदरक और छोटे पानी के मसाले में पीस लें। छवि: एआई अब इस पेस्ट को एक बड़े पॉट में रखा और उसमें सूजी, दही और नमक के टुकड़े से मिला लिया। बैटर बहुमत लागे तो थोड़ा पानी मिला सकते हैं। छवि: फ्रीपिक इडली स्टैंड को तेल लगाकर ग्रीस कर लें। अब बैटर में इनो और हाथ से मिला दिया। तुरंत बैटर को इडली मोल्ड में डालें। इसके बाद स्टीमर या कुकर में 10 से 12 मिनट तक इडली को स्टीमर में पकाएं। छवि: एआई जब इडली फूल जाए और नर्म हो जाए तो गैस बंद कर दें। थोड़ी ठंडी होने पर इडली को मोल्ड से निकाल लें. तैयार है गर्मागर्म मूंग दाल इडली। छवि: एआई आप इसमें कद्दूकस की हुई गाजर, साबुत मिर्च या मटर भी मिला सकते हैं। इससे इडली और अधिकांश कलाकृतियां और रंग-बिरंगे बनेंगे। इसे नारियल चिप्स, टमाटर चिप्स या सांबर के साथ सर्व करें। छवि: फ्रीपिक मूंग दाल प्रोटीन, गाजर और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होती है। यह पाचन में शामिल होता है और वजन नियंत्रित करने वालों के लिए भी अच्छा वर्गीकरण होता है। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)घर पर मूंग दाल इडली कैसे बनाएं(टी)मूंग दाल इडली कैसे बनाएं(टी)मूंग दाल इडली रेसिपी(टी)घर पर बनी मूंग दाल इडली रेसिपी(टी)ब्रेकफास्ट रेसिपी(टी)स्वस्थ नाश्ता(टी)भारतीय व्यंजन(टी)दक्षिण भारतीय डिश(टी)मूंग दाल की इडली

RBI सरकार को देगा ₹2.87 लाख करोड़ का डिविडेंड:पिछले साल से 7% की बढ़ोतरी; ईरान-इजराइल संकट के बीच खजाने को मिलेगी बड़ी राहत

RBI सरकार को देगा ₹2.87 लाख करोड़ का डिविडेंड:पिछले साल से 7% की बढ़ोतरी; ईरान-इजराइल संकट के बीच खजाने को मिलेगी बड़ी राहत

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को ₹2,86,588.46 करोड़ का डिविडेंड (प्रोफिट का हिस्सा) देने की मंजूरी दी है। शुक्रवार को RBI के सेंट्रल बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया गया। यह अब तक का सबसे बड़ा डिविडेंड भुगतान है। पिछले साल RBI ने ₹2.11 लाख करोड़ के मुकाबले 27% ज्यादा यानी ₹2.69 लाख करोड़ का डिविडेंड दिया था। इस बार की राशि पिछले रिकॉर्ड से भी करीब 7% अधिक है। मिडल ईस्ट संकट के बीच सरकार को मिला सुरक्षा कवच मिडल ईस्ट में जारी तनाव की वजह से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें अस्थिर बनी हुई हैं। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, जिससे सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ रहा है। ऐसे में RBI से मिली यह बड़ी रकम केंद्र सरकार के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करेगी। इससे सरकार को खाद और ईंधन पर दी जाने वाली सब्सिडी के बढ़ते खर्चों को संभालने में मदद मिलेगी। RBI की कमाई 26% बढ़ी, बैलेंस शीट ₹91 लाख करोड़ पार रिजर्व बैंक ने बताया कि पिछले साल की तुलना में उसकी कुल कमाई में लगभग 26% की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, बैंक के खर्चों में भी करीब 28% का इजाफा हुआ है। RBI की बैलेंस शीट अब 20% बढ़कर करीब ₹92 लाख करोड़ की हो गई है। अगर बैंक के शुद्ध मुनाफे की बात करें (किसी भी तरह के रिस्क फंड को अलग रखने से पहले), तो इस साल RBI ने ₹3.95 लाख करोड़ कमाए हैं, जो पिछले साल के ₹3.13 लाख करोड़ के मुकाबले काफी ज्यादा है। रिस्क बफर में कटौती, ताकि सरकार को मिल सके ज्यादा पैसा RBI ने इस बार अपने ‘इमरजेंसी फंड’ (कंटीजेंसी रिस्क बफर) में से थोड़ी कटौती करने का फैसला किया है। यह वह पैसा होता है जिसे रिजर्व बैंक किसी भी अचानक आने वाले आर्थिक संकट या बाजार के उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए संभालकर रखता है। पहले RBI अपनी कुल संपत्ति (बैलेंस शीट) का 7.5% हिस्सा इस फंड में रखता था, जिसे अब घटाकर 6.5% कर दिया गया है। चूंकि बैंक ने अपने इमरजेंसी फंड में पैसा कम डाला, इसीलिए उसके पास ज्यादा बचत (सरप्लस) बच गई, जिसे उसने सरकार को दे दिया। यही वजह है कि इस साल सरकार को मिलने वाले पैसे में इतनी बड़ी बढ़ोतरी हुई है। इसे एक उदाहरण से समझें: मान लीजिए आपकी कमाई ₹100 है और आप हर महीने ₹7.50 ‘इमरजेंसी गुल्लक’ में डालते थे। इस महीने आपने तय किया कि आप गुल्लक में सिर्फ ₹6.50 डालेंगे। ऐसा करने से आपकी जेब में ₹1 एक्स्ट्रा बच गया। RBI ने भी ठीक ऐसा ही किया, जिससे सरकार को देने के लिए उसके पास ज्यादा पैसा जमा हो गया। बजट घाटे को कंट्रोल करने में होगी आसानी रेटिंग एजेंसी इक्रा (ICRA) की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर के मुताबिक, RBI का यह डिविडेंड उनकी उम्मीदों के अनुरूप है। हालांकि, फर्टिलाइजर और फ्यूल सब्सिडी के कारण सरकार का वित्तीय घाटा दबाव में रह सकता है। नायर ने अनुमान जताया है कि कच्चे तेल की औसत कीमत $95 प्रति बैरल रहने की स्थिति में वित्त वर्ष 2027 के लिए सरकार का वित्तीय घाटा GDP के 4.3% के लक्ष्य से 40 बेसिस पॉइंट ज्यादा रह सकता है। भारी डिविडेंड इस घाटे को कम रखने में मदद करेगा। मिडिल ईस्ट वॉर का भारत पर असर: बॉन्ड यील्ड बढ़ी ईरान के युद्ध की वजह से भारत के सरकारी बॉन्ड (सरकारी निवेश योजना) पर मिलने वाला ब्याज यानी यील्ड 0.40% तक बढ़ गई है। इसका असर यह हुआ कि अब कंपनियों के लिए बाजार से कर्ज लेना काफी महंगा हो गया है, जो पिछले कई सालों के सबसे ऊंचे स्तर पर है। भारत पर इस संकट का सबसे ज्यादा बुरा असर इसलिए पड़ रहा है, क्योंकि हम अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल दूसरे देशों से खरीदते हैं। हालांकि, आम जनता को महंगाई से बचाने के लिए सरकार ने अभी पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाने पर रोक लगा रखी है, ताकि तेल कंपनियां तुरंत दाम न बढ़ाएं। बेंचमार्क बॉन्ड यील्ड यह एक तरह का मीटर है जिससे पता चलता है कि बाजार में पैसा कितना महंगा या सस्ता है। इसके बढ़ने का मतलब है कि अब बैंकों और कंपनियों को पैसा उधार लेने के लिए ज्यादा ब्याज देना पड़ेगा। डिविडेंड क्या होता है? जैसे किसी कंपनी को मुनाफा होने पर वह अपने मालिकों या शेयरधारकों को पैसा बांटती है, वैसे ही RBI साल भर की अपनी कमाई में से खर्चों और जरूरी रिजर्व फंड को निकालकर बचा हुआ पैसा सरकार को सौंप देता है। इसी को ‘सरप्लस’ या ‘डिविडेंड’ कहते हैं।

Ebola Outbreak 2026: कोरोना से कम संक्रामक पर 50% मृत्यु दर, इबोला के बुंडिबुग्यो स्ट्रेन पर क्यों काम नहीं कर रही पुरानी वैक्सीन? WHO का रेड अलर्ट!

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नई दिल्ली: सेंट्रल अफ्रीका में फैले नए इबोला वायरस ने पूरी दुनिया को डरा दिया है. डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और युगांडा में इंफेक्शन बहुत तेजी से पैर पसार रहा है. सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और मामलों का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है. एक्सपर्ट्स को डर है कि मई की शुरुआत में हुई एक ‘सुपर स्प्रेडर’ घटना के बाद यह वायरस कई देशों में फैल सकता है. इसी बीच वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के डायरेक्टर जनरल डॉ. टेड्रोस एडहानोम गेब्रिएसस ने एक ऐसी घोषणा की है, जिसने सबको चिंता में डाल दिया है. उनका कहना है कि इस नए इबोला आउटब्रेक से निपटने के लिए अगले 6 से 9 महीने तक कोई भी वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो पाएगी. जब दुनिया के पास पहले से ही इबोला की वैक्सीन मौजूद है, तो इस बार ऐसा क्यों हो रहा है. आखिर क्यों मौजूदा मेडिकल साइंस इस नए खतरे के सामने बेबस नजर आ रही है. इसके पीछे एक बहुत बड़ा वैज्ञानिक कारण है, जिसे समझना बेहद जरूरी है. इबोला का इतिहास क्या है? इबोला वायरस की खोज पहली बार साल 1976 में हुई थी. यह एक बेहद खतरनाक और जानलेवा बीमारी है, जो इंसानों और प्राइमेट्स (जैसे चिंपैंजी और गोरिल्ला) को अपना शिकार बनाती है. WHO की रिपोर्ट बताती है कि यह वायरस चमगादड़, साही और प्राइमेट्स के जरिए इंसानों में आता है. इसके बाद यह मरीजों के खून, शारीरिक तरल पदार्थ (बॉडी फ्लूइड्स) और उनके कपड़ों के संपर्क में आने से दूसरे इंसानों में फैलता है. इस बीमारी की औसतन मृत्यु दर लगभग 50 परसेंट है. आज से करीब एक दशक पहले साल 2014 में वेस्ट अफ्रीका में इबोला का सबसे खतरनाक हमला हुआ था. उस आउटब्रेक में दुनिया भर में 11,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. उस समय तबाही मचाने वाला वायरस इबोला का ‘जायरे स्ट्रेन’ (Zaire strain) था. वह इतिहास का सबसे बड़ा आउटब्रेक था, जो गिनी से शुरू होकर सिएरा लियोन और लाइबेरिया तक फैल गया था. जायरे स्ट्रेन का इलाज न होने पर मृत्यु दर 90 परसेंट तक पहुंच जाता है. यही वजह थी कि वैज्ञानिकों ने रात-दिन एक करके इस खास स्ट्रेन के खिलाफ दो बेहतरीन वैक्सीन और मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज तैयार कर ली थीं. बुंडिबुग्यो स्ट्रेन क्या है और यह क्यों खतरनाक है? मौजूदा संकट के पीछे असली विलेन इबोला का एक बिल्कुल अलग रूप है, जिसे ‘बुंडिबुग्यो स्ट्रेन’ (Bundibugyo strain) कहा जाता है. इंसानों को बीमार करने वाले इबोला के मुख्य रूप से चार स्ट्रेन हैं, जिनमें जायरे और बुंडिबुग्यो शामिल हैं. बुंडिबुग्यो स्ट्रेन का इतिहास बहुत छोटा है. इतिहास में इसके सिर्फ दो आउटब्रेक देखे गए हैं. पहला साल 2007 में युगांडा में और दूसरा साल 2012 में कांगो में हुआ था. इस स्ट्रेन की चपेट में आने वाले करीब एक-तिहाई मरीजों की मौत हो जाती है. सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि हमारे पास जो 5 लाख से ज्यादा वैक्सीन डोज (जैसे एरवेबो वैक्सीन) का स्टॉक मौजूद है, वह जायरे स्ट्रेन के लिए बना है. बुंडिबुग्यो स्ट्रेन पर वह वैक्सीन काम करेगी या नहीं, इसका कोई ठोस सबूत नहीं है. वायरस की बनावट अलग होने के कारण पुरानी वैक्सीन इस नए आउटब्रेक को रोकने में नाकाम साबित हो रही है. नई वैक्सीन आने में 9 महीने का समय क्यों लगेगा? WHO के एडवाइजर डॉ. वासी मूंथी के मुताबिक, बुंडिबुग्यो इबोला के खिलाफ दो ‘कैंडिडेट वैक्सीन’ पर काम चल रहा है, लेकिन अभी तक इनका इंसानों पर ट्रायल (क्लीनिकल ट्रायल) नहीं हुआ है. पहली वैक्सीन उसी रीकॉम्बीनेंट वेसिकुलर स्टोमेटाइटिस वायरस (rVSV) प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिससे जायरे स्ट्रेन की सफल वैक्सीन बनी थी. इसे सबसे ज्यादा उम्मीद जगाने वाली वैक्सीन माना जा रहा है, लेकिन इसके क्लीनिकल ट्रायल में 6 से 9 महीने का समय लगना तय है. दूसरी वैक्सीन को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) मिलकर तैयार कर रहे हैं. यह एस्ट्राजेनेका की कोविड वैक्सीन की तरह ChAdOx प्लेटफॉर्म पर काम करती है. यह वैक्सीन अगले दो से तीन महीनों में क्लीनिकल ट्रायल के लिए तैयार हो सकती है. हालांकि, अभी तक इसका जानवरों पर भी पूरी तरह टेस्ट नहीं हुआ है, जिससे इसकी सफलता को लेकर काफी अनिश्चितता बनी हुई है. जानवरों के टेस्ट सफल होने के बाद ही इसे इंसानों के ट्रायल के लिए मंजूरी मिलेगी. इसी वजह से WHO ने वैक्सीन उपलब्ध होने के लिए 6 से 9 महीने की समयसीमा तय की है. इस पूरे मामले पर एक्सपर्ट्स का क्या कहना है? हेल्थ एक्सपर्ट्स इस स्थिति को बेहद गंभीर मान रहे हैं. डलास की यूटी साउथवेस्टर्न मेडिकल सेंटर की एसोसिएट प्रोफेसर कृतिका कुप्पल्ली कहती हैं कि भले ही बुंडिबुग्यो के आउटब्रेक पहले कम हुए हों, लेकिन यह एक बेहद घातक पैथोजन (बीमारी फैलाने वाला वायरस) है. इस बार स्थिति इसलिए ज्यादा डरावनी है क्योंकि हमारे पास इसके लिए कोई मान्यता प्राप्त वैक्सीन या खास दवा उपलब्ध नहीं है. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के फिजिशियन डॉ. अबरार करन इसे ‘परफेक्ट स्टॉर्म’ यानी एक बहुत बड़ी मुसीबत की शुरुआत बताते हैं. हालांकि, राहत की बात यह है कि इबोला हवा के जरिए नहीं फैलता. इसलिए यह कोविड-19 या खसरे (Measles) जितना संक्रामक नहीं है. इबोला के मरीजों का इलाज कर चुकीं डॉ. नाहिद भदेलिया बताती हैं कि इबोला का एक मरीज औसतन दो लोगों को संक्रमित करता है, जबकि खसरे का एक मरीज 18 लोगों को बीमार कर सकता है. भले ही यह कम फैलता हो, लेकिन इसकी मृत्यु दर बहुत ज्यादा है. इस आउटब्रेक को लेकर क्या राजनीति हो रही है? इस महामारी के बीच अंतरराष्ट्रीय राजनीति भी शुरू हो गई है. अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ने आरोप लगाया है कि WHO ने इस आउटब्रेक को संभालने में काफी देर कर दी. दूसरी तरफ, कांगो के इस संकट के बीच अमेरिकी प्रशासन ने वहां 50 इबोला ट्रीटमेंट क्लिनिक बनाने के लिए 23 मिलियन डॉलर की मदद का एलान किया है. इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी आपातकालीन फंड से 60 मिलियन डॉलर जारी किए हैं. हालांकि, युगांडा के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अमेरिका की तरफ से ऐसे किसी ट्रीटमेंट सेंटर बनाए जाने की कोई जानकारी नहीं मिली है. मार्को रुबियो के आरोपों का