Yorkshire boy Martin drives 1280 km to play cricket

द न्यूयॉर्क टाइम्स39 मिनट पहले कॉपी लिंक मार्टिन कहते हैं, ‘उम्र सिर्फ एक नंबर है। खेल के लिए जुनून हो तो इंसान कभी बूढ़ा नहीं होता।’- फाइल फोटो कभी इंग्लैंड के लिए फुटबॉल वर्ल्ड कप खेलने वाला एक गोलकीपर अब 59 साल की उम्र में फिर से देश की जर्सी पहनने जा रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार वह फुटबॉल के गोलपोस्ट के सामने नहीं, बल्कि क्रिकेट की विकेट के पीछे नजर आएगा। इंग्लैंड के पूर्व गोलकीपर नाइजल मार्टिन की यह कहानी बताती है कि खेल के प्रति जुनून उम्र का मोहताज नहीं होता। मार्टिन ने इंग्लैंड के क्रिस्टल पैलेस, लीड्स यूनाइटेड, एवर्टन जैसे बड़े क्लबों के लिए 666 मैच खेले। 1998 और 2002 फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड टीम का हिस्सा रहे और अपने दौर के पहले गोलकीपर बने, जिनकी ट्रांसफर फीस एक मिलियन पाउंड थी। लेकिन फुटबॉल के साथ-साथ क्रिकेट उनका पहला प्यार रहा है। कॉर्नवाल के छोटे से शहर सेंट ऑस्टेल में बड़े हुए मार्टिन बचपन से विकेटकीपर बनना चाहते थे। स्कूल में वह फुटबॉल के गोलपोस्ट के बजाय क्रिकेट की विकेट के पीछे ज्यादा खुश रहते थे। हालांकि फुटबॉल में उनका करियर तेजी से आगे बढ़ा और क्रिकेट पीछे छूट गया। उस समय प्रोफेशनल फुटबॉल क्लब उन्हें क्रिकेट खेलने की इजाजत नहीं देते थे, क्योंकि चोट का खतरा रहता था। 2006 में फुटबॉल से रिटायर होने के बाद मार्टिन की जिंदगी में खालीपन आ गया। टखने में स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण उन्हें लगा था कि शायद अब कभी खेल नहीं पाएंगे। लेकिन कुछ साल बाद जब डॉक्टरों ने फिटनेस की अनुमति दी, तो उन्होंने फिर क्रिकेट का बल्ला और ग्लव्स उठा लिए। धीरे-धीरे वे यॉर्कशायर काउंटी टीम का बड़ा नाम बन गए। अब भी मार्टिन हर हफ्ते सैकड़ों किलोमीटर का सफर सिर्फ क्रिकेट खेलने के लिए करते हैं। वे यॉर्कशायर में क्लब मैच खेलते हैं और फिर करीब 1280 किमी ड्राइव कर कॉर्नवाल की ओवर-50 टीम में खेलने जाते हैं। उनकी मेहनत रंग लाई और अब इंग्लैंड की 60+ क्रिकेट टीम ‘लायंस’ में उनका चयन हो गया है। अगले हफ्ते वे स्कॉटलैंड के खिलाफ डेब्यू कर सकते हैं। उनकी फिटनेस के पीछे बेटी का भी बड़ा हाथ है, जो पेशे से फिजियोथेरेपिस्ट हैं। क्रिकेट सीजन खत्म होने के बाद जब मार्टिन जिम छोड़ने की बात करते हैं, तो बेटी उन्हें फिर ट्रेनिंग पर भेज देती है। मार्टिन का सपना अब एक और वर्ल्ड कप खेलने का है। इस बार फुटबॉल नहीं, बल्कि सीनियर क्रिकेट वर्ल्ड कप। वे कहते हैं, ‘अगर मौका मिला तो इंग्लैंड के लिए फिर खेलना मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान होगा।’ नाइजल मार्टिन की कहानी सिर्फ खेल की नहीं, बल्कि जुनून, फिटनेस और कभी हार न मानने की मिसाल है। उन्होंने साबित कर दिया कि सपनों की कोई उम्र नहीं होती। खेल के लिए जुनून हो तो इंसान बूढ़ा नहीं होता मार्टिन कहते हैं, ‘उम्र सिर्फ एक नंबर है। खेल के लिए जुनून हो तो इंसान कभी बूढ़ा नहीं होता।’ वे मानते हैं कि गोलकीपिंग और विकेटकीपिंग में काफी समानता है। दोनों में तेज नजर, हाथों का तालमेल और डाइव लगाने की कला जरूरी होती है। यही वजह है कि फुटबॉल के अनुभव ने उन्हें क्रिकेट में भी मदद की। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Bobby deol gets animal role just by a picture from cricket ground, father dharmendra did not very happy

कुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक बॉबी देओल ने हाल ही में बताया है कि फिल्म एनिमल में बॉबी के विलेन बनने से पिता धर्मेंद्र ज्यादा खुश नहीं थे। लेकिन बाद में सोशल मीडिया के जरिए उन्हें पता चला था कि बॉबी देओल का निभाया गया किरदार बेहद हिट हो चुका है। इसके अलावा उन्होंने सलमान की मदद से कमबैक करने और आश्रम सीरीज में लीड रोल मिलने से हुई हैरानी पर भी बात की है। शेखर सुमन के शो शेखर टुनाइट में पहुंचे बॉबी देओल ने बताया है कि उनके पास लंबे समय से काम नहीं था। एक दिन अचानक उनके पास सलमान खान का कॉल आया। सलमान ने उनसे पूछा- ‘तुम फिल्म में शर्ट उतारोगे?’ बॉबी ने जवाब दिया, ‘हां, मैं सब कुछ कर लूंगा।’ इस पर सलमान ने कहा कि स्क्रिप्ट सुनने आ जाना। और इस तरह बॉबी देओल ने रेस 3 से कमबैक किया। इसके कुछ दिन बाद ही उन्हें फिल्म आश्रम सीरीज की कास्टिंग के लिए कॉल आया। वो गए उन्होंने डायरेक्टर से पूरी स्क्रिप्ट सुनी। उस समय बॉबी देओल को लगा कि उन्हें इंस्पेक्टर का साइड रोल दिया जाने वाला होगा, क्योंकि उनका करियर सेटबैक का सामना कर रहा था। लेकिन फिर डायरेक्टर ने उन्हें बताया कि उन्हें निराला बाबा का लीड रोल करना है। ये सीरीज हिट रही। एक हफ्ते बाद मां ने बॉबी को बुलाकर कहा, ‘तून कोई शो किया है आश्रम? मेरी कुछ सहेलियां कह रही थीं कि आपके बेटे ने आश्रम में बहुत अच्छा काम किया है।’ ये सुनकर बॉबी देओल खुश हो गए कि उनका रोल पसंद किया जा रहा है। इसके बाद जब उन्हें एनिमल मिली, तो उन्होंने धर्मेंद्र को ये बात बताई। इस पर वो खास खुश नहीं हुए, उन्होंने बस इतना पूछा, ‘तू एनिमल में विलेन बनेगा?’ इस पर बॉबी ने कहा- ‘हां पापा।’ उन्होंने फिर पूछा- ‘तेरा रोल कितना है।’ बॉबी ने कहा- ‘अच्छा रोल है पापा।’ आगे बॉबी ने कहा, ‘उनको बहुत शौक था इंस्टाग्राम का। हमारे हॉल में जैसे ही एंटर करो, वहां एक सोफा है, वहां बैठे रहते थे। एक दिन जैसे ही मैं आया काम से, तो कहते हैं, बॉब, लोग तो तेरे दीवाने हो गए हैं। वो मुझे देखकर बहुत खुश थे।’ एक तस्वीर की बदौलत बॉबी को मिला था एनिमल में काम बॉबी देओल ने बातचीत में ये भी बताया है कि उन्हें CCL (सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग) की एक तस्वीर की बदौलत फिल्म एनिमल में काम मिला था। एक दिन संदीप रेड्डी वांगा ने किसी अखबार या मैगजीन में छपी बॉबी की क्रिकेट खेलते हुए एक तस्वीर देखी और उनकी कास्टिंग का फैसला किया। जब बॉबी उनसे मिलने गए, तो संदीप रेड्डी ने कहा था, मैंने तेरी एक फोटो देखी, इस फोटो में जो तुम्हारे एक्सप्रेशन हैं, वही देखकर मैंने तुम्हें चुना। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Bobby deol gets animal role just by a picture from cricket ground, father dharmendra did not very happy

17 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉबी देओल ने हाल ही में बताया है कि फिल्म एनिमल में बॉबी के विलेन बनने से पिता धर्मेंद्र ज्यादा खुश नहीं थे। लेकिन बाद में सोशल मीडिया के जरिए उन्हें पता चला था कि बॉबी देओल का निभाया गया किरदार बेहद हिट हो चुका है। इसके अलावा उन्होंने सलमान की मदद से कमबैक करने और आश्रम सीरीज में लीड रोल मिलने से हुई हैरानी पर भी बात की है। शेखर सुमन के शो शेखर टुनाइट में पहुंचे बॉबी देओल ने बताया है कि उनके पास लंबे समय से काम नहीं था। एक दिन अचानक उनके पास सलमान खान का कॉल आया। सलमान ने उनसे पूछा- ‘तुम फिल्म में शर्ट उतारोगे?’ बॉबी ने जवाब दिया, ‘हां, मैं सब कुछ कर लूंगा।’ इस पर सलमान ने कहा कि स्क्रिप्ट सुनने आ जाना। और इस तरह बॉबी देओल ने रेस 3 से कमबैक किया। इसके कुछ दिन बाद ही उन्हें फिल्म आश्रम सीरीज की कास्टिंग के लिए कॉल आया। वो गए उन्होंने डायरेक्टर से पूरी स्क्रिप्ट सुनी। उस समय बॉबी देओल को लगा कि उन्हें इंस्पेक्टर का साइड रोल दिया जाने वाला होगा, क्योंकि उनका करियर सेटबैक का सामना कर रहा था। लेकिन फिर डायरेक्टर ने उन्हें बताया कि उन्हें निराला बाबा का लीड रोल करना है। ये सीरीज हिट रही। एक हफ्ते बाद मां ने बॉबी को बुलाकर कहा, ‘तून कोई शो किया है आश्रम? मेरी कुछ सहेलियां कह रही थीं कि आपके बेटे ने आश्रम में बहुत अच्छा काम किया है।’ ये सुनकर बॉबी देओल खुश हो गए कि उनका रोल पसंद किया जा रहा है। इसके बाद जब उन्हें एनिमल मिली, तो उन्होंने धर्मेंद्र को ये बात बताई। इस पर वो खास खुश नहीं हुए, उन्होंने बस इतना पूछा, ‘तू एनिमल में विलेन बनेगा?’ इस पर बॉबी ने कहा- ‘हां पापा।’ उन्होंने फिर पूछा- ‘तेरा रोल कितना है।’ बॉबी ने कहा- ‘अच्छा रोल है पापा।’ आगे बॉबी ने कहा, ‘उनको बहुत शौक था इंस्टाग्राम का। हमारे हॉल में जैसे ही एंटर करो, वहां एक सोफा है, वहां बैठे रहते थे। एक दिन जैसे ही मैं आया काम से, तो कहते हैं, बॉब, लोग तो तेरे दीवाने हो गए हैं। वो मुझे देखकर बहुत खुश थे।’ एक तस्वीर की बदौलत बॉबी को मिला था एनिमल में काम बॉबी देओल ने बातचीत में ये भी बताया है कि उन्हें CCL (सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग) की एक तस्वीर की बदौलत फिल्म एनिमल में काम मिला था। एक दिन संदीप रेड्डी वांगा ने किसी अखबार या मैगजीन में छपी बॉबी की क्रिकेट खेलते हुए एक तस्वीर देखी और उनकी कास्टिंग का फैसला किया। जब बॉबी उनसे मिलने गए, तो संदीप रेड्डी ने कहा था, मैंने तेरी एक फोटो देखी, इस फोटो में जो तुम्हारे एक्सप्रेशन हैं, वही देखकर मैंने तुम्हें चुना। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
पंजाब के एक्टर सोनू स्ट्रे डॉग के लिए बनाएंगे घर:वीडियो शेयर कर कुत्तों को बताया सबसे वफादार, बोले-आर्डर रुकवाने को सब आवाज उठाएं

पंजाब में खूंखार लावारिस कुत्तों के खिलाफ मुहिम चलाने को लेकर की गई सीएम की एक्स पोस्ट के बाद अब पंजाबी और बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद कुत्तों को बचाने के पक्ष में आ गए हैं। सोनू सूद ने अपने इंस्टा पर वीडियो शेयर कर कहा कि कुत्तों को मारा नहीं जाना चाहिए। पंजाब के मोगा के रहने वाले सोनू सूद ने कहा कि वह प्रयास करेंगे कि कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनावा सकें। सूद ने कहा कि अगर वफादारी की बात करें तो वो डॉग्स ही होते हैं जिनसे वफादारी हमें मिलती है। बहुत सारे ऐसे स्ट्रे डॉग्स जिन्हें घर वाले लोग अडॉप्ट करते हैं, उनका ध्यान रखते हैं और वो उतने हार्मफुल नहीं होते, लेकिन बहुत सारे ऐसे इंसिडेंट्स होती भी हैं जहां पर इन स्ट्रे डॉग्स ने बच्चों पर अटैक किया। उन मोहल्लों में उन घरों के पास ये लोगों को पता होता है कि कौन से ऐसे डॉग्स हैं जो नुकसान पहुंचा सकते हैं और फिर हम उनके बारे में एक शिकायत करते हैं और उन्हें पकड़ भी लिया जाता है। सोनू सूद ने कहा कि एक बहुत वफादार कौम है जो सड़कों पर घूम रही है। हम उसे भूल जाते हैं और एक ऑर्डर पास करते हैं कि आप इन्हें पकड़ के मार दिया जाए तो मेरी यह रिक्वेस्ट है हमें इस ऑर्डर को रुकवाना है और ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्ट्रे डॉग्स को अडॉप्ट कराना है। उनके गले में कोई पट्टा डाल दीजिए ताकि पता चले कि आपका यह डॉग है जिसकी आप केयर करते हैं जिसे आप खाना देते हैं। सो आई थिंक अगर मिलकर यह हम आवाज उठाएंगे तो बहुत सारे बेजुबानों को जुबान मिलेगी और एक नई जिंदगी मिलेगी। भगवंत मान ने लावारिस कुत्तों को लेकर की थी पोस्ट बता दें कि सीएम 21 मई की रात भगवंत मान ने लावारिस कुत्तों को लेकर पोस्ट की थी जिसमें लिखा था कि 22 मई से पंजाब में मुहिम शुरू करने जा रहे हैं। इसे लेकर पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री से लेकर नेताओं ने विरोध कर दिया। भाजपा नेता और भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेशनल जनरल सेक्रेटरी तजिंदर बग्गा ने चीफ जस्टिस को मेल लिखी, तो पंजाबी एक्टर्स सोनम बाजवा और सिंगर रुपिंदर हांडा और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने कुत्तों को न मारने के लिए आवाज बुलंद की। जानें सोनू सूद ने वीडियो में क्या कहा.. वफादारी हम कुत्तों से ही सीखते हैं- मैंने आज ही सुबह एक ट्वीट देखा जिसमें हमारे ऑनरेबल सीएम पंजाब ने एक आर्डर दिया था कि जितने रोड साइड यू नो डॉग्स हैं उन्हें पकड़ कर ले जाया जाए। पता नहीं फिर उनके साथ क्या होगा। बहुत सारे वीडियोस ऐसे देखे जो बहुत सारे डिस्टर्बिंग थे। मैं यही कहना चाहता हूं कि इंसान सिर्फ किताबें लिख सकता है, लेकिन अगर वफादारी की बात करें तो वो डॉग्स ही होते हैं जिनसे वफादारी सीखने को मिलती है। बहुत सारे ऐसे स्ट्रे डॉग्स हैं जिन्हें लोग अडॉप्ट करते हैं, उनका ध्यान रखते हैं वो उतने हार्मफुल नहीं होते। बहुत सारे ऐसे इंसिडेंट्स होते भी हैं जहां पर इन स्ट्रे डॉग्स ने बच्चों पर अटैक किया और उन मोहल्लों में उन घरों के पास ये लोगों को पता होता है कि कौन से ऐसे डॉग्स हैं जो नुकसान पहुंचा सकते हैं और फिर हम उनके बारे में एक शिकायत करते हैं और उन्हें पकड़ भी लिया जाता है। पता नहीं इस आर्डर से इन कुत्तों के साथ क्या होगा: आप सोचिए कि कोर्ट से एक ऐसा आर्डर पास होता है जिसमें आप कहते हैं कि हर गली-मोहल्ले में जो डॉग बैठा हुआ है उसे पकड़ कर मार दिया जाए, ले जाया जाए और पता नहीं क्या कुछ उनके साथ होगा? तो मैं आप सब से यह रिक्वेस्ट करूंगा कि आप इस मैसेज को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं ताकि हम इसे रोक सकें। मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा हूं कि इन स्ट्रे एनिमल्स को या डॉग्स को उनके घर मिल सकें। मुझे लगता है कि सरकार को ऐसे बहुत सारे घर बनाने चाहिए जहां पे इन बेजुबानों को भी घर मिल सके। सबको मिलकर आवाज उठानी होगी: ये जो वफादार कौम सड़कों पर घूम रही है, हम उसे भूल जाते हैं और एक ऑर्डर पास करते हैं कि इन्हें पकड़ के मार दिया जाए। मेरी यह रिक्वेस्ट है हमें इस ऑर्डर को रुकवाना है और ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्ट्रे डॉग्स को अडॉप्ट करना है। उनके गले में कोई पट्टा डाल दीजिए ताकि पता चले कि आपका यह डॉग है जिसकी आप केयर करते हैं जिसे आप खाना देते हैं। सो आई थिंक अगर हम मिलकर यह आवाज उठाएंगे तो बहुत सारे बेजुबानों को जुबान मिलेगी और एक नई जिंदगी मिलेगी।
मस्क बेच रहे पृथ्वी के बाद की दुनिया का ब्लूप्रिंट:मंगल पर 10 लाख लोगों की बस्ती, चांद पर फैक्ट्री, अंतरिक्ष में डेटासेंटर का प्लान

‘हम नहीं चाहते कि इंसानों का भी वही हश्र हो जो डायनासोर का हुआ था।’ ये किसी साइंस फिक्शन फिल्म का डायलॉग नहीं है। इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने आईपीओ फाइलिंग में ये लिखा है। कंपनी अगले माह अमेरिकी शेयर बाजार में अब तक के सबसे बड़े डेब्यू की तैयारी में है। अमूमन आईपीओ दस्तावेज वित्तीय आंकड़ों से भरे होते हैं। पर, स्पेसएक्स का 300 से ज्यादा पन्नों का दस्तावेज कारोबारी रिपोर्ट से ज्यादा भविष्य की पटकथा जैसा है। यह खुद को ऐसी संस्था के रूप में पेश कर रही है, जो मानव चेतना को सितारों तक पहुंचाना चाहती है। यानी मस्क सिर्फ रॉकेट नहीं, पृथ्वी के बाद की दुनिया का ब्लूप्रिंट बेच रहे हैं। जानें कुछ ऐसे दावे, जिनसे टेक और वित्तीय जगत में हलचल है… – मंगल पर बस्ती कंपनी का सबसे बड़ा सपना मंगल को इंसानों का दूसरा घर बनाना है। फाइलिंग में 63 बार मंगल का जिक्र है। इसे सिर्फ रिसर्च स्टेशन या छोटी कॉलोनी नहीं, बल्कि मानव प्रजाति के बैकअप की तरह तैयार करने का विचार है। ताकि पृथ्वी पर आपदा से सभ्यता खत्म न हो। वहां 10 लाख लोगों को बसाने का लक्ष्य है। फाइलिंग में गुंबदनुमा शहरों, सोलर पैनलों और वहां रहते परिवारों के विजुअल्स भी दिए हैं। मस्क का सपना है कि मंगल पर ऊर्जा जरूरतें वहीं से पूरी हों और बाकी सामान स्टारशिप से पहुंचे। – चांद पर नई अर्थव्यवस्था फाइलिंग में चांद पर मैन्युफैक्चरिंग हब, चांद की अर्थव्यवस्था और क्षुद्रग्रहों पर खनन योजनाओं का जिक्र है। यानी भविष्य में चांद सिर्फ वैज्ञानिक मिशन का ठिकाना नहीं, बल्कि निर्माण, ऊर्जा, खनन और सप्लाई-चेन का केंद्र बन सकता है। – अंतरिक्ष में एआई डेटा सेंटर विज्ञान-कथा जैसा ही सपना है एआई डेटा सेंटर धरती से बाहर ले जाना। कंपनी ने 2028 तक सौर-ऊर्जा संचालित कक्षीय एआई कंप्यूट उपग्रह तैनात करने की बात कही है। अंतरिक्ष की ठंड में बड़े-बड़े डेटा सेंटर सौर ऊर्जा से चलेंगे। धरती पर बिजली-पानी बचेंगे। लक्ष्य 10 लाख तक उपग्रहों वाले डेटा सेंटर सिस्टम का है, जो 500 से 2,000 किमी ऊंचाई पर तैनात होंगे। हर साल 100 गीगावॉट एआई कम्प्यूट क्षमता तैनात करने की योजना है। – पूरा दाव स्टारशिप पर है इन तीनों सपनों की चाबी स्टारशिप है। मंगल पर इंसान भेजना हो, चांद पर कार्गो उतारना हो या अंतरिक्ष में डेटा सेंटर बनाना, सबके लिए भारी सामान को बार-बार कम लागत में कक्षा तक पहुंचाना जरूरी है। स्पेसएक्स ने कहा है कि स्टारशिप 2026 की दूसरी छमाही में पेलोड डिलीवरी शुरू कर सकता है। लेकिन यही सबसे बड़ा जोखिम है। अगर स्टारशिप बार-बार प्रयोग लायक और सस्ता नहीं बना तो ये सपने महंगे पोस्टर बनकर रह सकते हैं। एआई से अश्लील सामग्री का खतरा, बढ़ सकते हैं मुकदमे फाइलिंग में कंपनी ने स्वीकार किया कि ग्रोक के स्पाइसी और अनहिंज्ड मोड्स अश्लील सामग्री, गलत सूचना, गैर-सहमति वाली तस्वीरें और भेदभावपूर्ण कंटेंट पैदा कर सकते हैं। इससे नियामकीय जांच और मुकदमों का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही कंपनी ने स्वीकार किया कि ट्विटर का नाम बदलकर एक्स (X) करना बेहद महंगा साबित हुआ। फाइलिंग के अनुसार, नाम बदलने के बाद कंपनी की वैल्यू में 3.71 अरब डॉलर (35,516 करोड़ रुपए) की गिरावट आई।
चीन की कोयला खदान में ब्लास्ट, 82 लोगों की मौत:अंदर 247 मजदूर काम कर रहे थे; जिनपिंग बोले- गुनहगारों को नहीं छोड़ेंगे

चीन के शांक्सी प्रांत में एक कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 82 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा चीन में पिछले एक दशक का सबसे बड़ा कोयला खदान हादसा माना जा रहा है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक विस्फोट शुक्रवार को शांक्सी प्रांत के किनयुआन काउंटी में हुआ। यह इलाका बीजिंग से करीब 520 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। हादसे से पहले खदान में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का अलर्ट जारी किया गया था। इसके कुछ समय बाद जोरदार विस्फोट हुआ। जिस समय धमाका हुआ, उस वक्त खदान के अंदर 247 मजदूर काम कर रहे थे। अभी यह साफ नहीं है कि कितने लोग अब भी अंदर फंसे हुए हैं। राहत और बचाव अभियान जारी है। दिलचस्प बात यह है कि हादसे के तुरंत बाद शिन्हुआ ने शुरुआती रिपोर्ट में सिर्फ आठ लोगों की मौत की जानकारी दी थी और कहा था कि 200 से ज्यादा मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। लेकिन बाद में अचानक मृतकों की संख्या बढ़कर 82 बताई गई। सरकारी मीडिया ने यह साफ नहीं किया कि आंकड़ा इतनी तेजी से कैसे बढ़ा। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने लापता लोगों को बचाने के लिए पूरी ताकत से ऑपरेशन चलाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने हादसे की पूरी जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई करने की बात कही है। हादसे से जुड़ी तस्वीरें… कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से धमाके की आशंका सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, खदान के अंदर कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का स्तर काफी ज्यादा बढ़ गया था। माना जा रहा है कि इसी वजह से विस्फोट हुआ। फिलहाल हादसे के असली कारण की जांच की जा रही है। शांक्सी प्रांत चीन में कोयला प्रोडक्शन का बड़ा सेंटर माना जाता है। लेकिन यहां की खदानों का सुरक्षा रिकॉर्ड काफी खराब रहा है। पिछले कुछ सालों में यहां ऐसे कई बड़े हादसे हो चुके हैं। चीन में अब भी एनर्जी के लिए बड़े पैमाने पर कोयले का इस्तेमाल किया जाता है। देश की आधे से ज्यादा एनर्जी जरूरतें कोयले से पूरी होती हैं। इस खबर को अपडेट किया जा रहा है…
Prakash raj again target narendra modi, and support cockroch janta party

13 मिनट पहले कॉपी लिंक साउथ और बॉलीवुड के पॉपुलर एक्टर प्रकाश राज ने खुद को कॉकरोच कहा है। ये बयान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए दिया है। प्रकाश राज अक्सर भाजपा और नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान देते रहते हैं। दरअसल, एक्टर अक्षय कुमार को दिए पुराने इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वो आम खाते हैं और उन्हें आम खाना काफी पसंद है, लेकिन वो बचपन में गरीब थे, तो आम खरीदना उनके लिए मामूली बात नहीं थी। उनके इसी बयान को हाईलाइट करते हुए प्रकाश राज ने अपने आधिकारिक X (पहले ट्विटर) अकाउंट से आम को अनोखे अंदाज में खाते हुए वीडियो पोस्ट किया है। प्रकाश राज ने आम की गुठली निकाली और उसमें आइसक्रीम मिलाकर चम्मच से खाया। इसके साथ उन्होंने कहा है, ‘ये क्या है मोदी जी, आम को न ऐसे कट करके इमाम पसंद है। इसमें आइसक्रीम डालकर कॉकरोच ऐसे खाते हैं।’ इस वीडियो के साथ प्रकाश राज ने लिखा है, ‘कॉकरोच ईटिंग मैंगो। हैशटैग कॉकरोच जनता पार्टी।’ प्रकाश राज, लगातार भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान देते रहे हैं। अब वो खुलेआम, कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन दे रहे हैं। नरेंद्र मोदी के खिलाफ दिए गए एक्टर प्रकाश राज के हालिया बयान- दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Prakash raj again target narendra modi, and support cockroch janta party

1 घंटे पहले कॉपी लिंक साउथ और बॉलीवुड के पॉपुलर एक्टर प्रकाश राज ने खुद को कॉकरोच कहा है। ये बयान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए दिया है। प्रकाश राज अक्सर भाजपा और नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान देते रहते हैं। दरअसल, एक्टर अक्षय कुमार को दिए पुराने इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वो आम खाते हैं और उन्हें आम खाना काफी पसंद है, लेकिन वो बचपन में गरीब थे, तो आम खरीदना उनके लिए मामूली बात नहीं थी। उनके इसी बयान को हाईलाइट करते हुए प्रकाश राज ने अपने आधिकारिक X (पहले ट्विटर) अकाउंट से आम को अनोखे अंदाज में खाते हुए वीडियो पोस्ट किया है। प्रकाश राज ने आम की गुठली निकाली और उसमें आइसक्रीम मिलाकर चम्मच से खाया। इसके साथ उन्होंने कहा है, ‘ये क्या है मोदी जी, आम को न ऐसे कट करके इमाम पसंद है। इसमें आइसक्रीम डालकर कॉकरोच ऐसे खाते हैं।’ इस वीडियो के साथ प्रकाश राज ने लिखा है, ‘कॉकरोच ईटिंग मैंगो। हैशटैग कॉकरोच जनता पार्टी।’ प्रकाश राज, लगातार भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान देते रहे हैं। अब वो खुलेआम, कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन दे रहे हैं। नरेंद्र मोदी के खिलाफ दिए गए एक्टर प्रकाश राज के हालिया बयान- दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Super Chess Classic Longest Match

Hindi News Sports Super Chess Classic Longest Match | Praggnanandhaa Vs Lagrave; 5 Contenders For Title बुखारेस्ट (रोमानिया)3 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रागननंदा और फ्रांस के मैक्सिम वाचियर-लाग्रेव के बीच शनिवार को सुपर चेस क्लासिक में 6 घंटे तक मैराथन मुकाबला खेला गया। यह मैच 139 बाजियों तक चला। प्रज्ञानंदा को ड्रॉ से संतोष करना पड़ा। बुखारेस्ट में 8वें राउंड में प्रागननंदा के पास जीत के अच्छे मौके थे, लेकिन वे उन्हें भुना नहीं सके। टूर्नामेंट के आखिरी राउंड से पहले खिताब की रेस रोमांचक हो गई है। अब 5 खिलाड़ी मजबूत दावेदार हैं। आखिरी में दोनों प्लेयर्स के पास केवल किंग ही बचे थे। डच खिलाड़ियों के लिए खराब दिन, वेस्ले सो को वॉकओवर मिला टॉप पर चल रहे अमेरिका के फैबियानो कारूआना और जर्मनी के विंसेंट कीमर का मुकाबला ड्रॉ रहा। दूसरी ओर उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव ने नीदरलैंड के जॉर्डन वान फॉरेस्ट पर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। नीदरलैंड के दोनों खिलाड़ियों के लिए दिन खराब रहा। फॉरेस्ट को सिंदारोव से हार मिली, जबकि अनीश गिरी को सबसे कम रैंकिंग वाले रोमानियाई खिलाड़ी डेक बोग्दान-डेनियल ने हराया। अमेरिका के वेस्ले सो को अलीरेजा फिरोजा के हटने से वॉकओवर मिला। विजेता को मिलेंगे 1,00,000 अमेरिकी डॉलर टूर्नामेंट की कुल पुरस्कार राशि 3,75,000 अमेरिकी डॉलर (USD) है। विजेता को 1,00,000 अमेरिकी डॉलर मिलेंगे। शीर्ष खिलाड़ियों के बीच टाई होने पर विजेता तय करने के लिए कम समय के टाईब्रेक मैच खेले जाएंगे। ———————————————— स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रेसलर विनेश मामले में WFI को हाईकोर्ट की फटकार दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को पहलवान विनेश फोगाट को घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने से रोकने पर कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि मशहूर खिलाड़ियों को पहले ऐसी छूट दी जाती रही है, फिर अब विनेश के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Super Chess Classic Longest Match

Hindi News Sports Super Chess Classic Longest Match | Praggnanandhaa Vs Lagrave; 5 Contenders For Title बुखारेस्ट (रोमानिया)45 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रागननंदा और फ्रांस के मैक्सिम वाचियर-लाग्रेव के बीच शनिवार को सुपर चेस क्लासिक में 6 घंटे तक मैराथन मुकाबला खेला गया। यह मैच 139 बाजियों तक चला। प्रज्ञानंदा को ड्रॉ से संतोष करना पड़ा। बुखारेस्ट में 8वें राउंड में प्रागननंदा के पास जीत के अच्छे मौके थे, लेकिन वे उन्हें भुना नहीं सके। टूर्नामेंट के आखिरी राउंड से पहले खिताब की रेस रोमांचक हो गई है। अब 5 खिलाड़ी मजबूत दावेदार हैं। डच खिलाड़ियों के लिए खराब दिन, वेस्ले सो को वॉकओवर मिला टॉप पर चल रहे अमेरिका के फैबियानो कारूआना और जर्मनी के विंसेंट कीमर का मुकाबला ड्रॉ रहा। दूसरी ओर उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव ने नीदरलैंड के जॉर्डन वान फॉरेस्ट पर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। नीदरलैंड के दोनों खिलाड़ियों के लिए दिन खराब रहा। फॉरेस्ट को सिंदारोव से हार मिली, जबकि अनीश गिरी को सबसे कम रैंकिंग वाले रोमानियाई खिलाड़ी डेक बोग्दान-डेनियल ने हराया। अमेरिका के वेस्ले सो को अलीरेजा फिरोजा के हटने से वॉकओवर मिला। विजेता को मिलेंगे 1,00,000 अमेरिकी डॉलर टूर्नामेंट की कुल पुरस्कार राशि 3,75,000 अमेरिकी डॉलर (USD) है। विजेता को 1,00,000 अमेरिकी डॉलर मिलेंगे। शीर्ष खिलाड़ियों के बीच टाई होने पर विजेता तय करने के लिए कम समय के टाईब्रेक मैच खेले जाएंगे। ———————————————— स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रेसलर विनेश मामले में WFI को हाईकोर्ट की फटकार दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को पहलवान विनेश फोगाट को घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने से रोकने पर कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि मशहूर खिलाड़ियों को पहले ऐसी छूट दी जाती रही है, फिर अब विनेश के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









