Rs 6 & Rs 6.80 Cheaper

नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक इस्लामाबाद के एक पंप पर पेट्रोल के लिए अपने नंबर का इंतजार करते लोग। पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल की कीमत में 6 रुपया और हाई स्पीड डीजल (HSD) के दाम में 6.80 रुपया की कटौती की है। इससे यहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत 403.78 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) और डीजल की कीमत 402.78 रुपया प्रति लीटर पर आ गई हैं। नई कीमतें आज यानी 23 मई से लागू हो गई हैं। पाकिस्तान सरकार ने लगातार दूसरे हफ्ते पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की है। इससे पहले पिछले हफ्ते दोनों के दाम 5-5 रुपया घटाए गए थे। आम आदमी और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को राहत हाल के दिनों में लगातार बढ़ती कीमतों के बाद इस कमी से मिडिल क्लास और लोअर-मिडल क्लास के बजट को थोड़ा सहारा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि पेट्रोल का इस्तेमाल ज्यादातर प्राइवेट ट्रांसपोर्ट, छोटे वाहनों, रिक्शा और टू-व्हीलर्स में होता है। दूसरी तरफ, हाई-स्पीड डीजल का मुख्य उपयोग भारी ट्रांसपोर्ट सेक्टर और बड़े जनरेटर चलाने में किया जाता है। हर हफ्ते शुक्रवार रात को तय हो रहे दाम पाकिस्तान सरकार पिछले कुछ समय से हर हफ्ते शुक्रवार रात को पेट्रोलियम कीमतों की समीक्षा कर रही है। दरअसल, 28 फरवरी से अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध (जो फिलहाल थमा हुआ है) के बाद से ही पाकिस्तान में ईंधन संकट है। एक हफ्ते में पेट्रोल 11 और डीजल 11.80 रुपया सस्ता हुआ पाक सरकार ने इससे पहले 16 मई को पेट्रोल-डीजल की कीमत में 5-5 रुपया की कटौती की थी। तब पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 409.78 रुपया प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमत 409.58 रुपया प्रति लीटर पर आ गई थीं। इससे एक हफ्ते पहले यानी 9 मई को पेट्रोल की कीमत में 14.92 रुपया और डीजल में 15 रुपया प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के तुरंत बाद, सरकार ने 6 मार्च को पेट्रोल-डीजल 55 रुपया लीटर महंगा कर दिया था। 2 अप्रैल को पेट्रोल में 43% और हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में 55% की बढ़ोतरी की थी। भारत में 9 दिन में पेट्रोल ₹4.77 और डीजल ₹4.81 महंगा हुआ वहीं, भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आज एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर ₹99.51 प्रति लीटर पहुंच गया है। डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है। इसके दाम ₹92.49 पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा दिल्ली-NCR में CNG की कीमतें ₹1 किलो बढ़ गई हैं। इस बदलाव के बाद दिल्ली में CNG अब ₹81.09 प्रति किलो मिलेगी। पिछले 9 दिन में पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में तीसरी बार बढ़ोतरी की गई है। 4 दिन पहले 19 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में एवरेज 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। जबकि, 15 मई को भी कीमतों में ₹3 प्रति लीटर का इजाफा किया गया था। वहीं, CNG के दाम में 15 मई को ₹2 और फिर 18 मई को ₹1 बढ़ोतरी की गई थी। पूरी खबर पढ़ें… पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी? इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रही है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। ————————– भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना वेनेजुएला: सऊदी-US पीछे छूटे; होर्मुज बंद होने के बाद भारतीय कंपनियों ने खरीद बढ़ाई होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के बाद वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल मच गई है। ऐसे वक्त में जब मिडिल ईस्ट के देशों की तेल सप्लाई पर असर पड़ा, तब वेनेजुएला अचानक भारत का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल सप्लायर बनकर उभरा है। एनर्जी ट्रैक करने वाली एजेंसी केप्लर के डेटा के मुताबिक, वेनेजुएला ने मई 2026 में सऊदी अरब और अमेरिका दोनों को पीछे छोड़ दिया है। अभी केवल रूस और UAE ने ही वेनेजुएला से ज्यादा तेल सप्लाई किया है। रिपोर्ट के मुताबिक इस महीने भारत को वेनेजुएला से होने वाली तेल सप्लाई अप्रैल के मुकाबले करीब 50 फीसदी बढ़ गई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
India Women Cricket Team Departs for T20 World Cup England 2026

मुंबई13 मिनट पहले कॉपी लिंक इंग्लैंड के लिए रवाना होने से पहले टीम इंडिया को तिलक लगाता होटल स्टाफ। भारतीय महिला क्रिकेट टीम शनिवार को टी-20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए मुंबई से इंग्लैंड रवाना हो गई। फैंस ने ढोल-नगाड़ों के बीच प्लेयर्स को तिलक लगाकर खिलाड़ियों को विदाई दी। टीम हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में उतर रही है, जिन्होंने पिछले साल भारत को पहली बार विमेंस वनडे वर्ल्ड कप जिताया था। उस टीम की 11 प्लेयर्स स्क्वॉड का हिस्सा हैं। यह टीम वर्ल्ड कप से पहले इंग्लैंड के खिलाफ 3 मैचों की टी-20 सीरीज खेलेगी। जो लिमिटेड ओवर के ICC टूर्नामेंट की तैयारियों के लिहाज से अहम है। यह सीरीज 28 मार्च से शुरू हो रही है। मुंबई एयरपोर्ट में भारतीय महिला टीम की बस। मुंबई एयरपोर्ट में टीम बस से उतरतीं खिलाड़ी। टीम बस से उतरते हुए विकेटकीपर ऋचा घोष। टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय महिला टीम हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), भारती फुलमाली, श्री चरणी, यस्तिका भाटिया, नंदनी शर्मा, अरुंधति रेड्डी, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, श्रेयांका पाटिल और राधा यादव। भारत का पहला मैच पाकिस्तान से होगा भारत का पहला मैच पाकिस्तान से 14 जून को एजबेस्टन में खेला जाएगा। उसके बाद टीम इंडिया नीदरलैंड, साउथ अफ्रीका, बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया से खेलेगी। टूर्नामेंट में 12 टीमों को 6-6 के दो ग्रुपों में बांटा गया है। हर ग्रुप से 2 टीमों सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी। ऑस्ट्रेलिया सबसे सफल टीम रही विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया सबसे सफल टीम रही है। ऑस्ट्रेलिया ने अब तक रिकॉर्ड छह बार खिताब अपने नाम किया है और कई बार फाइनल तक पहुंचकर अपनी बादशाहत साबित की है। इसके अलावा इंग्लैंड ने 2009 में पहला एडिशन जीतकर इतिहास रचा, जबकि वेस्टइंडीज ने 2016 में खिताब जीता था। ——————————————— विमेंस क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… क्रांति की संघर्ष और सफलता की कहानी, पंड्या रोल मॉडल; लगातार दूसरा वर्ल्ड कप खेलेंगी मध्यप्रदेश के छोटे से गांव से निकलकर भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम तक पहुंचने वाली तेज गेंदबाज क्रांति की कहानी संघर्ष, मेहनत और जुनून की मिसाल है। टेनिस बॉल क्रिकेट से शुरुआत करने वाली क्रांति लगातार दूसरे वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। उन्होंने अपने संघर्ष, परिवार के सपोर्ट, टीम के माहौल, रोल मॉडल हार्दिक पंड्या और गांव की लड़कियों में आए बदलाव पर दैनिक भास्कर से बात की। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
India Women Cricket Team Departs for T20 World Cup England 2026

मुंबई29 मिनट पहले कॉपी लिंक इंग्लैंड के लिए रवाना होने से पहले टीम इंडिया को तिलक लगाता होटल स्टाफ। भारतीय महिला क्रिकेट टीम शनिवार को टी-20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए मुंबई से इंग्लैंड रवाना हो गई। फैंस ने ढोल-नगाड़ों के बीच प्लेयर्स को तिलक लगाकर खिलाड़ियों को विदाई दी। टीम हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में उतर रही है, जिन्होंने पिछले साल भारत को पहली बार विमेंस वनडे वर्ल्ड कप जिताया था। उस टीम की 11 प्लेयर्स स्क्वॉड का हिस्सा हैं। यह टीम वर्ल्ड कप से पहले इंग्लैंड के खिलाफ 3 मैचों की टी-20 सीरीज खेलेगी। जो लिमिटेड ओवर के ICC टूर्नामेंट की तैयारियों के लिहाज से अहम है। यह सीरीज 28 मार्च से शुरू हो रही है। मुंबई एयरपोर्ट में भारतीय महिला टीम की बस। मुंबई एयरपोर्ट में टीम बस से उतरतीं खिलाड़ी। टीम बस से उतरते हुए विकेटकीपर ऋचा घोष। टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय महिला टीम हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), भारती फुलमाली, श्री चरणी, यस्तिका भाटिया, नंदनी शर्मा, अरुंधति रेड्डी, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, श्रेयांका पाटिल और राधा यादव। भारत का पहला मैच पाकिस्तान से होगा भारत का पहला मैच पाकिस्तान से 14 जून को एजबेस्टन में खेला जाएगा। उसके बाद टीम इंडिया नीदरलैंड, साउथ अफ्रीका, बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया से खेलेगी। टूर्नामेंट में 12 टीमों को 6-6 के दो ग्रुपों में बांटा गया है। हर ग्रुप से 2 टीमों सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी। ऑस्ट्रेलिया सबसे सफल टीम रही विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया सबसे सफल टीम रही है। ऑस्ट्रेलिया ने अब तक रिकॉर्ड छह बार खिताब अपने नाम किया है और कई बार फाइनल तक पहुंचकर अपनी बादशाहत साबित की है। इसके अलावा इंग्लैंड ने 2009 में पहला एडिशन जीतकर इतिहास रचा, जबकि वेस्टइंडीज ने 2016 में खिताब जीता था। ——————————————— विमेंस क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… क्रांति की संघर्ष और सफलता की कहानी, पंड्या रोल मॉडल; लगातार दूसरा वर्ल्ड कप खेलेंगी मध्यप्रदेश के छोटे से गांव से निकलकर भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम तक पहुंचने वाली तेज गेंदबाज क्रांति की कहानी संघर्ष, मेहनत और जुनून की मिसाल है। टेनिस बॉल क्रिकेट से शुरुआत करने वाली क्रांति लगातार दूसरे वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। उन्होंने अपने संघर्ष, परिवार के सपोर्ट, टीम के माहौल, रोल मॉडल हार्दिक पंड्या और गांव की लड़कियों में आए बदलाव पर दैनिक भास्कर से बात की। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Comedian actor vir das supports Cockroach Janta Party after its accout get banned

3 मिनट पहले कॉपी लिंक कॉमेडियन और एक्टर वीर दास ने कॉकरोच जनता पार्टी का अकाउंट बंद किए जाने की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि इस पार्टी का आंदोलन सही है या नहीं, इसका फैसला वक्त बताएगा। हालांकि, युवाओं का समर्थन देने की भावना पूरी तरह साफ और जायज है। वीर दास ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, कॉकरोच जनता पार्टी सच में एक सही आंदोलन है या नहीं, यह अभी असली सवाल नहीं है। इसका जवाब समय देगा। लेकिन उन्हें जो समर्थन मिला, युवाओं में जो भावना दिखी और जिस तरह की बातें सामने आईं, वो सब पूरी तरह असली और जायज हैं। और अगर इतना भी काफी नहीं था, तो उनके अकाउंट बंद करने जैसी बेवकूफी भरी हरकत ने उनकी बात को और ज्यादा सही साबित कर दिया। क्या है कॉकरोच जनता पार्टी और क्यों हुआ विवाद सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने 15 मई को एक याचिका की सुनवाई करते हुए बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की। बयान जल्द ही वायरल हो गया, जिसके बाद अभिजीत दीपक ने कॉकरोच जनता पार्टी नाम का अकाउंट बनाया। इस अकाउंट में सरकार के खिसाफ मीम, युवा मुद्दों वाले पोस्ट किए गए जो वायरल होने लगे और जल्द ही अकाउंट के फॉलोवर्स तेजी से बढ़ने लगे। 18 मई को इस अकाउंट के फॉलोवर्स की संख्या पहले 5 मिलियन और फिर 10 और फिर 13 मिलियन तक पहुंच गई, जिसके बाद इसे नेशनल कवरेज मिली। और CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) ट्रेंड में आ गई। महज 4 दिनों में इस अकाउंट के फॉलोवर्स की संख्या 22 मिलियन हो चुकी है, जबकि भारतीय जनता पार्टी के अब तक महज 9 मिलियन फॉलोवर्स ही हैं। 21 मई को कॉकरोच जनता पार्टी का X अकाउंट सस्पेंड किया गया, जिसके बाद एक नया अकाउंट बना, जिसमें लिखा था, कॉकरोच मरते नहीं। जल्द ही इस दूसरे अकाउंट के भी फॉलोवर्स बढ़ने लगे। अब आज पेज बनाने वाले अभिजीत दीपक ने X पर दावा किया कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया गया है। वो अपना अकाउंट लॉग इन नहीं कर पा रहे हैं, हालांकि यूजर्स को अब भी अकाउंट दिख रहा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Comedian actor vir das supports Cockroach Janta Party after its accout get banned

16 मिनट पहले कॉपी लिंक कॉमेडियन और एक्टर वीर दास ने कॉकरोच जनता पार्टी का अकाउंट बंद किए जाने की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि इस पार्टी का आंदोलन सही है या नहीं, इसका फैसला वक्त बताएगा। हालांकि, युवाओं का समर्थन देने की भावना पूरी तरह साफ और जायज है। वीर दास ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, कॉकरोच जनता पार्टी सच में एक सही आंदोलन है या नहीं, यह अभी असली सवाल नहीं है। इसका जवाब समय देगा। लेकिन उन्हें जो समर्थन मिला, युवाओं में जो भावना दिखी और जिस तरह की बातें सामने आईं, वो सब पूरी तरह असली और जायज हैं। और अगर इतना भी काफी नहीं था, तो उनके अकाउंट बंद करने जैसी बेवकूफी भरी हरकत ने उनकी बात को और ज्यादा सही साबित कर दिया। क्या है कॉकरोच जनता पार्टी और क्यों हुआ विवाद सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने 15 मई को एक याचिका की सुनवाई करते हुए बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की। बयान जल्द ही वायरल हो गया, जिसके बाद अभिजीत दीपक ने कॉकरोच जनता पार्टी नाम का अकाउंट बनाया। इस अकाउंट में सरकार के खिसाफ मीम, युवा मुद्दों वाले पोस्ट किए गए जो वायरल होने लगे और जल्द ही अकाउंट के फॉलोवर्स तेजी से बढ़ने लगे। 18 मई को इस अकाउंट के फॉलोवर्स की संख्या पहले 5 मिलियन और फिर 10 और फिर 13 मिलियन तक पहुंच गई, जिसके बाद इसे नेशनल कवरेज मिली। और CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) ट्रेंड में आ गई। महज 4 दिनों में इस अकाउंट के फॉलोवर्स की संख्या 22 मिलियन हो चुकी है, जबकि भारतीय जनता पार्टी के अब तक महज 9 मिलियन फॉलोवर्स ही हैं। 21 मई को कॉकरोच जनता पार्टी का X अकाउंट सस्पेंड किया गया, जिसके बाद एक नया अकाउंट बना, जिसमें लिखा था, कॉकरोच मरते नहीं। जल्द ही इस दूसरे अकाउंट के भी फॉलोवर्स बढ़ने लगे। अब आज पेज बनाने वाले अभिजीत दीपक ने X पर दावा किया कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया गया है। वो अपना अकाउंट लॉग इन नहीं कर पा रहे हैं, हालांकि यूजर्स को अब भी अकाउंट दिख रहा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
डेविड धवन पर भड़के वाशु भगनानी:बोले- कुली नंबर 1 से ₹27 करोड़ का घाटा हुआ; नुकसान के बाद वरुण ने हालचाल नहीं पूछा

प्रोड्यूसर वाशु भगनानी ने शुक्रवार को फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में गाने ‘चुनरी चुनरी’ के इस्तेमाल पर नाराजगी जताई। फिल्म में वरुण धवन, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े हैं। फिल्म को डेविड धवन ने डायरेक्ट किया है और रमेश तौरानी के टिप्स बैनर ने इसे प्रोड्यूस किया है। वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में वाशु भगनानी ने कहा कि उन्होंने डेविड धवन से बीवी नंबर 1 बनाने की बात की थी। उन्होंने दावा किया कि कुली नंबर 1 (2020) से उन्हें करीब 27 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। उनके मुताबिक फिल्म की पूरी प्रोडक्शन और खर्च की जिम्मेदारी डेविड धवन संभाल रहे थे। उन्होंने कहा, ‘मैं सिर्फ नाम का प्रोड्यूसर था। मैंने डेविड जी को इस फिल्म के लिए करीब 70 करोड़ रुपए दिए थे। कोविड के समय डेविड जी ने कहा था कि भविष्य में नुकसान की भरपाई करेंगे और फिर बीवी नंबर 1 पर काम शुरू हुआ।’ वाशु ने डेविड धवन को फोन कर सवाल पूछा वाशु भगनानी के मुताबिक, करीब छह महीने तक फिल्म पर काम चला। बाद में रोहित धवन ने उन्हें बताया कि स्क्रिप्ट तैयार नहीं है, जिसके बाद उन्होंने प्रोजेक्ट में जल्दबाजी नहीं की। इसके बाद उन्हें पता चला कि रमेश तौरानी और डेविड धवन एक नई फिल्म बना रहे हैं, जिसमें गाने ‘चुनरी चुनरी’ का इस्तेमाल किया गया है। वाशु ने कहा कि उन्होंने डेविड धवन को फोन कर इस पर सवाल किया। उन्होंने कहा कि बीवी नंबर 1 के ऑडियो राइट्स रिलीज के समय टिप्स को बेचे गए थे, लेकिन उनकी अनुमति के बिना वीडियो इस्तेमाल किया जा रहा था। इस मामले में उनकी कंपनी ने कोर्ट में पत्र दिया, जिसके बाद बिहार के कटिहार कोर्ट ने स्टेटस क्वो का आदेश दिया। नुकसान के बाद वरुण ने हालचाल नहीं पूछा: भगनानी वाशु भगनानी ने कहा, ‘डेविड धवन मेरे प्रोडक्शन की फिल्म का वही गाना अपने बेटे की फिल्म में इस्तेमाल कर रहे हैं। कम से कम उन्हें मुझे पहले बताना चाहिए था। अगर वह बात करते तो मैं एनओसी दे देता।’ वाशु ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरुण धवन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फिल्म कुली नंबर 1 के नुकसान के बाद वरुण धवन ने कभी उनका हालचाल नहीं पूछा।
डेविड धवन पर भड़के वाशु भगनानी:बोले- कुली नंबर 1 से ₹27 करोड़ का घाटा हुआ; नुकसान के बाद वरुण ने हालचाल नहीं पूछा

प्रोड्यूसर वाशु भगनानी ने शुक्रवार को फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में गाने ‘चुनरी चुनरी’ के इस्तेमाल पर नाराजगी जताई। फिल्म को डेविड धवन ने डायरेक्ट किया है और रमेश तौरानी के टिप्स बैनर ने इसे प्रोड्यूस किया है। वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में भगनानी ने कहा कि उन्होंने डेविड धवन से फिल्मा बीवी नंबर 1 का रीमेक बनाने की बात की थी। उन्होंने दावा किया कि कुली नंबर 1 (2020) से उन्हें करीब 27 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। उनके मुताबिक फिल्म की पूरी प्रोडक्शन और खर्च की जिम्मेदारी डेविड धवन संभाल रहे थे। उन्होंने कहा, ‘मैं सिर्फ नाम का प्रोड्यूसर था। मैंने डेविड जी को इस फिल्म के लिए करीब 70 करोड़ रुपए दिए थे। कोविड के समय डेविड जी ने कहा था कि भविष्य में नुकसान की भरपाई करेंगे और फिर बीवी नंबर 1 पर काम शुरू हुआ।’ वाशु ने डेविड धवन को फोन कर सवाल पूछा वाशु भगनानी के मुताबिक, करीब छह महीने तक फिल्म पर काम चला। बाद में डेविड धवन के बड़े बेटे रोहित धवन ने उन्हें बताया कि स्क्रिप्ट तैयार नहीं है, जिसके बाद उन्होंने प्रोजेक्ट में जल्दबाजी नहीं की। इसके बाद उन्हें पता चला कि रमेश तौरानी और डेविड धवन एक नई फिल्म बना रहे हैं, जिसमें गाने ‘चुनरी चुनरी’ का इस्तेमाल किया गया है। वाशु ने कहा कि उन्होंने डेविड धवन को फोन कर इस पर सवाल किया। उन्होंने कहा कि बीवी नंबर 1 के ऑडियो राइट्स रिलीज के समय टिप्स को बेचे गए थे, लेकिन उनकी अनुमति के बिना वीडियो इस्तेमाल किया जा रहा था। इस मामले में उनकी कंपनी ने कोर्ट में पत्र दिया, जिसके बाद बिहार के कटिहार कोर्ट ने स्टेटस क्वो का आदेश दिया। नुकसान के बाद वरुण ने हालचाल नहीं पूछा: भगनानी वाशु भगनानी ने कहा, ‘डेविड धवन मेरे प्रोडक्शन की फिल्म का वही गाना अपने बेटे की फिल्म में इस्तेमाल कर रहे हैं। कम से कम उन्हें मुझे पहले बताना चाहिए था। अगर वह बात करते तो मैं एनओसी दे देता।’ वाशु ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरुण धवन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फिल्म कुली नंबर 1 के नुकसान के बाद वरुण धवन ने कभी उनका हालचाल नहीं पूछा।
रवीना टंडन की पंजाब के CM से भावुक अपील:आवारा कुत्तों को मारने के आदेश पर कहा- इंसानियत का ध्यान रखें, दूसरे उपाय भी हैं

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में आवारा कुत्तों के काटने के मामले पर आदेश दिया है कि खतरनाक कुत्तों को इंजेक्शन देकर मारा जाए। इसके बाद 22 मई से पंजाब में आवारा कुत्तों को पकड़ने की मुहिम शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से इसकी जानकारी दी है। अब रवीना टंडन ने उनसे इंसानियत का ध्यान रखते हुए दूसरे रास्ते चुनने की अपील की है। रवीना ने कहा है कि बेजुबानों के साथ कैसा सलूक किया जाता है, वही बताता है कि हम कैसे इंसान हैं। रवीना टंडन ने शनिवार को आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा, “माननीय मुख्यमंत्री भगवंत मान जी, आवारा जानवरों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले पर पूरे देश में चर्चा हो रही है। लोगों की सुरक्षा बहुत जरूरी है, लेकिन उम्मीद है कि इस फैसले को लागू करते समय इंसानियत और संतुलन का भी ध्यान रखा जाएगा। नसबंदी, टीकाकरण, अच्छे शेल्टर और सही तरीके से पुनर्वास जैसे उपाय लोगों और जानवरों, दोनों की सुरक्षा में मदद कर सकते हैं।” आगे रवीना ने लिखा है, “मुझे पूरा विश्वास है कि प्रशासन, पशु कल्याण संगठनों और विशेषज्ञों के सहयोग से पंजाब इस संवेदनशील मुद्दे को जिम्मेदारी और इंसानियत के साथ संभालने की मिसाल बन सकता है। हम बेजुबान जानवरों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, वही आखिरकार बताता है कि हम एक समाज के रूप में कैसे इंसान हैं।” क्या है पूरा मामला? देश में आवारा कुत्तों के काटने के मामले बढ़ते जा रहे हैं, जिसका असर सरकारी खजाने पर भी पड़ रहा है। कई बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर आवारा कुत्तों की चपेट में आते रहते हैं। इस मामले पर नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों की नसबंदी और उन्हें शेल्टर हाउस भेजे जाने का आदेश दिया था। कई एनजीओ सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की। अब हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक और आदेश दिया और कहा कि जानलेवा कुत्तों को इंजेक्शन देकर मारा जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि खतरनाक या रेबीज से संक्रमित आवारा कुत्तों को इंजेक्शन लगाकर मारा जा सकता है, लोगों की जान की हिफाजत जरूरी है और गरिमा के साथ जीने में कुत्तों के खतरे से मुक्त होकर रहने का अधिकार भी शामिल है। 19 मई को दिए गए इस मामले पर आखिरी फैसले के साथ ही कोर्ट ने सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश के खिलाफ दाखिल सभी याचिकाएं खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों के पुनर्वास और नसबंदी पर नवंबर 2025 में दिए गए निर्देश ही लागू होंगे। जो अफसर इनका पालन न करें, उन पर अवमानना का केस चले। इसके बाद से सुप्रीम कोर्ट के फैसले की जमकर आलोचना हो रही है। नवजोत सिंह सिद्धू, सोनम बाजवा समेत कई सेलेब्स इसके खिलाफ बयान दे रहे हैं।
कहीं आपका निजीकरण ही तो नहीं छीन रहा आपके बाल? जानिए असली और बचाव के उपाय

सड़क पर समय सुरक्षा का अनुपालन अत्यंत आवश्यक है। यह सिर्फ कानूनन अनिवार्य नहीं है, बल्कि किसी भी दुर्घटना में हमारी जान सुरक्षा का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। लेकिन पिछले कुछ समय से डोपहिया गाडि़यों के पोर्टफोलियो में युवा युवाओं के बीच एक बड़ी चिंता का विषय यह चल रहा है कि क्या डोपहिया वाहनों के पोर्टफोलियो जारी किए गए हैं? यदि आपके मन में भी यह प्रश्न घूम रहा है तो आपको पता चलेगा कि क्या सच है? सीधे तौर पर आपके बाल नहीं छीनते, बल्कि उन्हें गलत तरीकों से ब्रश और साफ-सफाई पर ध्यान न देने के लिए ‘ट्रैक्शन एलोपेसिया’ और स्कैल्प इंफेक्शन का कारण बन जाता है, जिससे बाल तेजी से गिरते हैं। जब आप लंबे समय तक असंतुलित होते हैं, तो सिर में हवा का सपना बंद हो जाता है। जब आप बहुत तैसा मोटे होते हैं या उसे सिर पर लगाए और बनाए रखते हैं, तो बालों की जड़ों पर कांस्टेबिलिटी होती है। इसी तरह के मूल निवासी हो जाते हैं और बाल विकास में गिरावट आ जाती है। गर्मी और गर्मी के मौसम में भारी मात्रा में बारिश होती है। यह प्लैन्स और स्कैल्प का एसाइल पार्टिकल ऑर्केस्ट्रा और फंगस के लिए जगह बनाते हैं। इससे डैंड्रफ, खुजली और बालों की जड़ों में सूजन जैसी समस्या हो जाती है, जो बालों के झड़ने की बढ़ी हुई मात्रा होती है। रिश्ते से बाहर निकलने के लिए करें ये काम वैल्यूएशन से पहले अपने सिर पर एक साफा, सुती रुमाल, स्कार्फ या बंदना जरूर बांधें। यह रेशम के टुकड़ों को सोख लेता है और रेशम के सख्त इनर-लाइनिंग के साथ बालों का सीधा घर्षण आभूषण है। हम बार-बार तो रोज़-रोज़ बेचते हैं लेकिन उनकी सफाई महीने नहीं करते। एक सप्ताह में कम से कम एक बार फफूंदी के बेहतर पैडिंग को या विरोधी-सापेक्ष प्रभाव से साफ करें और धूप में सुखाएं।अगर आप तुरंत नाकर या बालों में जेल या तेल की परतें पहने हुए हैं, तो स्कैल्प में सेमिनार लॉक हो जाता है। यह फंगल इंफेक्शन का लक्षण है। सबसे पहले बाल पूरी तरह सुखा लें। साथी ना तो बहुत सुधार होना चाहिए और ना ही इतना टाइट होना चाहिए कि सिर में दर्द होने लगे या बाल खाने लगें। हमेशा सही स्टीमेट और बढ़िया पिरामिड वाले का ही चयन करें।बहस को सिर पर जबरदस्ती न थोपें। कलाकार और उभरते समय थोड़ी सी सावधानी बरतें ताकि बालों के सितारे पर अचानक झटका या नकली न आए। इसलिए इन बातों का जरूर रखें ध्यान। (टैग्सटूट्रांसलेट)हेलमेट और बालों का झड़ना(टी)क्या हेलमेट के कारण बाल झड़ते हैं(टी)बाल गिरने के कारण हिंदी(टी)हेलमेट बालों की देखभाल के टिप्स(टी)स्कैल्प की देखभाल के टिप्स(टी)बाइक हेलमेट बालों की समस्याएं(टी)बालों के झड़ने के मिथक(टी)स्वस्थ बालों के टिप्स हिंदी(टी)हेलमेट स्वच्छता टिप्स(टी)बालों की देखभाल की दिनचर्या
Yorkshire boy Martin drives 1280 km to play cricket

द न्यूयॉर्क टाइम्स8 मिनट पहले कॉपी लिंक मार्टिन कहते हैं, ‘उम्र सिर्फ एक नंबर है। खेल के लिए जुनून हो तो इंसान कभी बूढ़ा नहीं होता।’- फाइल फोटो कभी इंग्लैंड के लिए फुटबॉल वर्ल्ड कप खेलने वाला एक गोलकीपर अब 59 साल की उम्र में फिर से देश की जर्सी पहनने जा रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार वह फुटबॉल के गोलपोस्ट के सामने नहीं, बल्कि क्रिकेट की विकेट के पीछे नजर आएगा। इंग्लैंड के पूर्व गोलकीपर नाइजल मार्टिन की यह कहानी बताती है कि खेल के प्रति जुनून उम्र का मोहताज नहीं होता। मार्टिन ने इंग्लैंड के क्रिस्टल पैलेस, लीड्स यूनाइटेड, एवर्टन जैसे बड़े क्लबों के लिए 666 मैच खेले। 1998 और 2002 फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड टीम का हिस्सा रहे और अपने दौर के पहले गोलकीपर बने, जिनकी ट्रांसफर फीस एक मिलियन पाउंड थी। लेकिन फुटबॉल के साथ-साथ क्रिकेट उनका पहला प्यार रहा है। कॉर्नवाल के छोटे से शहर सेंट ऑस्टेल में बड़े हुए मार्टिन बचपन से विकेटकीपर बनना चाहते थे। स्कूल में वह फुटबॉल के गोलपोस्ट के बजाय क्रिकेट की विकेट के पीछे ज्यादा खुश रहते थे। हालांकि फुटबॉल में उनका करियर तेजी से आगे बढ़ा और क्रिकेट पीछे छूट गया। उस समय प्रोफेशनल फुटबॉल क्लब उन्हें क्रिकेट खेलने की इजाजत नहीं देते थे, क्योंकि चोट का खतरा रहता था। 2006 में फुटबॉल से रिटायर होने के बाद मार्टिन की जिंदगी में खालीपन आ गया। टखने में स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण उन्हें लगा था कि शायद अब कभी खेल नहीं पाएंगे। लेकिन कुछ साल बाद जब डॉक्टरों ने फिटनेस की अनुमति दी, तो उन्होंने फिर क्रिकेट का बल्ला और ग्लव्स उठा लिए। धीरे-धीरे वे यॉर्कशायर काउंटी टीम का बड़ा नाम बन गए। अब भी मार्टिन हर हफ्ते सैकड़ों किलोमीटर का सफर सिर्फ क्रिकेट खेलने के लिए करते हैं। वे यॉर्कशायर में क्लब मैच खेलते हैं और फिर करीब 1280 किमी ड्राइव कर कॉर्नवाल की ओवर-50 टीम में खेलने जाते हैं। उनकी मेहनत रंग लाई और अब इंग्लैंड की 60+ क्रिकेट टीम ‘लायंस’ में उनका चयन हो गया है। अगले हफ्ते वे स्कॉटलैंड के खिलाफ डेब्यू कर सकते हैं। उनकी फिटनेस के पीछे बेटी का भी बड़ा हाथ है, जो पेशे से फिजियोथेरेपिस्ट हैं। क्रिकेट सीजन खत्म होने के बाद जब मार्टिन जिम छोड़ने की बात करते हैं, तो बेटी उन्हें फिर ट्रेनिंग पर भेज देती है। मार्टिन का सपना अब एक और वर्ल्ड कप खेलने का है। इस बार फुटबॉल नहीं, बल्कि सीनियर क्रिकेट वर्ल्ड कप। वे कहते हैं, ‘अगर मौका मिला तो इंग्लैंड के लिए फिर खेलना मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान होगा।’ नाइजल मार्टिन की कहानी सिर्फ खेल की नहीं, बल्कि जुनून, फिटनेस और कभी हार न मानने की मिसाल है। उन्होंने साबित कर दिया कि सपनों की कोई उम्र नहीं होती। खेल के लिए जुनून हो तो इंसान बूढ़ा नहीं होता मार्टिन कहते हैं, ‘उम्र सिर्फ एक नंबर है। खेल के लिए जुनून हो तो इंसान कभी बूढ़ा नहीं होता।’ वे मानते हैं कि गोलकीपिंग और विकेटकीपिंग में काफी समानता है। दोनों में तेज नजर, हाथों का तालमेल और डाइव लगाने की कला जरूरी होती है। यही वजह है कि फुटबॉल के अनुभव ने उन्हें क्रिकेट में भी मदद की। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔








