Monday, 25 May 2026 | 07:32 AM

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US Secretary State Rubio Visits India Post Tariff War; 25 May Current Affairs

US Secretary State Rubio Visits India Post Tariff War; 25 May Current Affairs

Hindi News Career US Secretary State Rubio Visits India Post Tariff War; 25 May Current Affairs 25 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भारत यात्रा पर आए 24 मई को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में व्यापार, ऊर्जा, क्षेत्रीय सुरक्षा और लोगों की आवाजाही के मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच ‘मिशन 500’ यानी 2030 तक व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। रूबियो ने भारत को अमेरिका का ‘सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार’ बताया। बैठक में वीजा मुद्दों और कानूनी प्रवासन की सुरक्षा पर भी बातचीत की गई। दोनों नेताओं ने भविष्य में एक बड़े व्यापार समझौते की उम्मीद जताई है। रूबियो ने भारतीय प्रधानमंत्री मोदी से ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाने पर भी चर्चा की। रुबियो 23 मई से 26 मई तक भारत में रहेंगे। वे इस दौरान कोलकाता, नई दिल्ली, आगरा और जयपुर जाएंगे। मार्को रूबियो और एस जयशंकर की बैठक भारत अमेरिका के बीच हुए टैरिफ वार के बाद पहली टॉप लेवल मीटिंग है। 2. RBI ने सरकार को रिकॉर्ड सरप्लस ट्रांसफर किया भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को 2.86 लाख करोड़ रुपये देने को मंजूरी दी है। RBI अपने मुनाफे का एक हिस्सा हर साल सरकार को लाभांश के रूप में ट्रांसफर करता है। 2.86 लाख करोड़ अब तक का सबसे बड़ा सरप्लस ट्रांसफर है। पिछले साल RBI ने 2.68 लाख करोड़ के सरप्लस फंड्स ट्रांसफर को मंजूरी दी थी। 24 मई को इस रिकॉर्ड फंड ट्रांसफर की जानकारी सार्वजनिक की गई। स्पोर्ट्स (SPORTS) 3. गुरिंदरवीर सिंह भारत के सबसे तेज धावक बने 24 मई को गुरिंदरवीर सिंह ने रांची में आयोजित फेडरेशन कप में नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया। गुरिंदरवीर सिंह 100 मीटर की दौड़ 10.09 सेकंड में पूरी करके भारत के सबसे तेज धावक बन गए। उन्होंने अनिमेष कुजूर के 10.18 सेकेंड के रिकॉर्ड को तोड़ा है। अनिमेष कुजूर ने ये रिकॉर्ड पिछले साल ओडिशा में बनाया था। 100 मी. दौड़ का वर्ल्ड रिकॉर्ड (9.58 सेकंड) जमैका के धावक उसेन बोल्ट के नाम है। ये उन्होंने 2009 में बनाया था। गुरिंदरवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है। कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफिकेशन मार्क 10.16 सेकेंड है। पंजाब के गुरिंदरवीर सिंह ने लीजेंड मिल्‍खा सिंह का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया। मिसलीनियस (MISCELLENEOUS) 4. भारत ने तीन अफ्रीकी देशों के लिए एडवाइजरी जारी की 24 मई को भारत सरकार ने कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की। इन देशों में इबोला वायरस के बढ़ते मामलों के कारण नागरिकों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। भारत ने अफ्रीका को आपातकालीन चिकित्सा सहायता और PPE किट्स की पहली खेप भी भेज दी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर इस सहायता की जानकारी साझा की। कांगो में अब तक इबोला संक्रमण के 867 मामले और 204 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं। हवाई अड्डों पर इन देशों से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग और निगरानी बढ़ा दी गई है। इबोला एक संक्रामक बीमारी है जो जानवरों से इंसानों में फैलती है। अभी इसकी कोई वैक्‍सीन या इलाज मौजूद नहीं है। इस बार इबोला का ‘बुंडीबुग्यो स्ट्रेन’ मिला है, जबकि कांगो में पहले ज्यादातर मामले ‘जायरे स्ट्रेन’ के रहे हैं। 5. 75वां ‘फिट इंडिया संडे’ और राष्ट्रमंडल खेल दिवस का आयोजन 24 मई को देशभर में 8,000 से अधिक जगहों पर ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ का आयोजन किया गया। इस साइकिलिंग मेगा इवेंट का मुख्य आयोजन अहमदाबाद में हुआ। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर इवेंट की शुरुआत की। ये ‘फिट इंडिया संडे’ इवेंट का 75वां संस्करण था। 24 मई को ही राष्ट्रमंडल खेल दिवस भी मनाया गया। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी, ओलंपिक पदक विजेता गगन नारंग और अभिनेता आयुष्मान खुराना भी इस इवेंट में शामिल हुए और फिट रहने का संदेश दिया। सरकार ने लोगों से अपील की कि वे छोटे रास्तों के लिए साइकिल का उपयोग करें। आज का इतिहास 1611 में जहांगीर और नूरजहां का निकाह हुआ। 1961 में अमेरिकी राष्‍ट्रपति केनेडी ने अंतरिक्ष अभियान शुरू करने की घोषणा की। 2005 में हिन्दी फिल्म अभिनेता और राजनीतिज्ञ सुनील दत्‍त का निधन हो गया। —————— ये खबर भी पढ़ें.. केरलम सरकार ने देश का पहला AI विभाग बनाया: मेघालय में 13 देशों का सैन्‍य अभ्‍यास PRAGATI शुरू हुआ; 22 मई के करेंट अफेयर्स आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

राहुल ने रोहित की बराबरी की:IPL में 51वीं बार फिफ्टी+ स्कोर बनाया, कुलदीप की हैट्रिक बॉल पर कैच छूटा; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

राहुल ने रोहित की बराबरी की:IPL में 51वीं बार फिफ्टी+ स्कोर बनाया, कुलदीप की हैट्रिक बॉल पर कैच छूटा; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

दिल्ली कैपिटल्स ने IPL 2026 के आखिरी लीग मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स को 40 रन से हरा दिया। ईडन गार्डन्स में दिल्ली के केएल राहुल ने IPL में सबसे ज्यादा फिफ्टी लगाने के मामले में रोहित शर्मा की बराबरी कर ली। उन्होंने 51वीं बार पचास या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया। रविवार को कुलदीप यादव की हैट्रिक बॉल पर विकेटकीपर अभिषेक पोरेल ने कैच छोड़ दिया। वहीं कोलकाता के मनीष पांडे IPL में 4 हजार रन बनाने वाले तीसरे सबसे धीमें प्लेयर बने। दिल्ली-कोलकाता मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. राहुल IPL में सबसे ज्यादा फिफ्टी लगाने वाले चौथे खिलाड़ी कोलकाता के खिलाफ केएल राहुल ने 60 रन की पारी खेली। यह IPL में उनकी 51वीं फिफ्टी रही। इसके साथ ही वह लीग में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर करने वाले संयुक्त रुप से चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने रोहित शर्मा की बराबरी की। इस लिस्ट में विराट कोहली पहले नंबर पर हैं, जिन्होंने 76 बार यह स्कोर बनाया है। 2. मनीष IPL में सबसे धीमे 4 हजार रन बनाने वाले तीसरे खिलाड़ी रनचेज के सातवें ओवर में मनीष ने चौका लगाकर IPL में अपने 4 हजार रन पूरे किए। उन्होंने इसके लिए 164 पारी खेली। वे IPL में सबसे धीमे 4 हजार रन बनाने वाले तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इस लिस्ट में दिनेश कार्तिक नंबर-1 पर हैं, जिन्होंने 188 पारी खेली थी। 3. राहुल ने सीजन में छठवीं बार 50+ स्कोर किया राहुल ने बतौर विकेटकीपर IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने के रिकॉर्ड की बराबरी की है। उन्होंने कोलकाता के खिलाफ फिफ्टी के साथ इस सीजन 6 फिफ्टी या उससे ज्यादा स्कोर बनाए। इससे पहले वे 2018 में भी 6 बार बतौर विकेटकीपर 6 बार यह कारनामा कर चुके हैं। उनके अलावा ऋषभ पंत (2018) और प्रभसिमरन सिंह (2026) इस आंकड़े तक पहुंच चुके हैं। 4. बिना 50+ साझेदारी के चौथा सबसे बड़ा स्कोर बना दिल्ली ने कोलकाता के खिलाफ 203 रन का स्कोर बनाया। यह बिना किसी अर्धशतकीय साझेदारी के IPL का चौथा सबसे बड़ा टीम टोटल है। इस लिस्ट में चेन्नई सुपर किंग्स नंबर-1 पर है, जिन्होंने 2026 में मुंबई के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम पर 207/6 का स्कोर बनाया था। 5. रहाणे दिल्ली के खिलाफ सबसे ज्यादा 50+ बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी अजिंक्य रहाणे ने दिल्ली के खिलाफ 63 रन की पारी खेली। उनका IPL में दिल्ली के खिलाफ यह आठवां 50+ स्कोर है। दिल्ली के खिलाफ सबसे ज्यादा बार 50+ स्कोर करने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। इस लिस्ट में विराट कोहली नंबर-1 पर है, जिन्होंने दिल्ली के खिलाफ 11 बार यह कारनामा किया है। यहां से टॉप-2 मोमेंट्स… 1. कुलदीप की हैट्रिक बॉल पर पोरेल ने छोड़ा कैच कोलकाता की पारी के 14वें ओवर में कुलदीप ने गजब की गेंदबाजी की। उन्होंने ओवर की दूसरी गेंद पर अजिंक्य रहाणे (63) और तीसरी गेंद पर रिंकू सिंह (0) को आउट किया। हैट्रिक बॉल पर भी कुलदीप ने तेजस्वी दहिया को फंसा लिया था। तेजस्वी के बैट का किनारा लेकर गेंद विकेटकीपर पोरेल के पास गई, लेकिन उन्होंने कैच छोड़ दिया। इस तरह कुलदीप हैट्रिक से चूक गए। 2. स्टार्क के ओवर में 3 विकेट गिरे रनचेज में स्टार्क के ओवर में कोलकाता ने 3 विकेट गंवा दिए। 17वें ओवर की पहली गेंद पर रोवमन पॉवेल (29) समीर रिजवी के डायरेक्ट-हिट पर रन आउट हुए। इसकी अगली ही गेंद पर स्टार्क ने अनुकुल रॉय (9) का अपनी ही गेंद पर कैच लपका। इसके बाद चौथी गेंद पर कार्तिक त्यागी (0) मिड-ऑफ पर अक्षर पटेल को कैच दे बैठे।

Karan Johar Birthday Interesting Facts; Met Gala 2026

Karan Johar Birthday Interesting Facts; Met Gala 2026

57 मिनट पहलेलेखक: अभय पांडेय कॉपी लिंक करण जौहर का जन्म 25 मई 1972 को मुंबई में हुआ था। बचपन से ही करण जौहर की चाल, बोलने का तरीका और बॉडी लैंग्वेज मजाक का कारण बनी। जिसके चलते करण धीरे-धीरे इतने डर गए कि लोगों के बीच जाने से कतराने लगे। घरवालों से झूठ बोला कि वो कंप्यूटर क्लास जा रहे हैं, जबकि असल में वो आवाज बदलने की ट्रेनिंग ले रहे थे। माता-पिता नहीं चाहते थे कि वो फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा बनें। फिर एक दिन उसी अंडरकॉन्फिडेंट लड़के से शाहरुख खान ने कहा कि तुम्हें फिल्म डायरेक्ट करना चाहिए। मैं तुम्हारी फिल्म में एक्टिंग करूंगा और उनकी पहली ही फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ आई, जो ब्लॉकबस्टर रही। बाद में करण ने ‘कभी खुशी कभी गम’ और ‘ऐ दिल है मुश्किल’ जैसी कई हिट फिल्में डायरेक्ट की। करण नेपोटिज्म को लेकर ट्रोल भी हुए, लेकिन संघर्ष, ताने और आलोचनाओं के बीच उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और उनकी गिनती बॉलीवुड के टॉप फिल्ममेकर्स में होती है। आज करण जौहर 54 साल के हो चुके हैं। उनके जन्मदिन के खास मौके पर जानिए उनकी जिंदगी से जुड़े किस्से- बचपन में करण जौहर का मजाक उड़ता था आज करण जौहर भले ही बॉलीवुड के सबसे कॉन्फिडेंट और स्टाइलिश फिल्ममेकर माने जाते हों, लेकिन बचपन में वो बेहद डरे हुए और अंडरकॉन्फिडेंट बच्चे थे। करण ने निखिल तनेजा को दिए इंटरव्यू में कहा था, ‘मेरे माता-पिता भी परेशान रहते थे क्योंकि मैं बहुत शर्मीला और इंट्रोवर्ट था। आज शायद लोग इस बात पर भरोसा नहीं करेंगे, लेकिन मैं लोगों के बीच जाने से डरता था। मैं बचपन में बहुत एफेमिनेट (लड़कियों जैसा) था और ओवरवेट भी था। जब भी मैं कोई खेल खेलने जाता था तो लोग मेरा मजाक उड़ाते थे। लोग कहते थे कि मैं अजीब तरीके से दौड़ता हूं या मेरे हाथों के हाव-भाव अलग हैं।’ उन्होंने कहा था, ‘80 के दशक में लोग ‘पैंसी’ शब्द इस्तेमाल करते थे। आज जिस तरह ‘गे’ या ‘होमो’ शब्दों को गलत तरीके से कहा जाता है, उस वक्त ‘पैंसी’ कहा जाता था। इस शब्द ने मुझे पूरी तरह एक खोल में धकेल दिया। जब भी मैं फुटबॉल, बास्केटबॉल या क्रिकेट खेलने की कोशिश करता था, लोग मेरी बॉडी लैंग्वेज का मजाक उड़ाते थे। इसी वजह से मैं बहुत ज्यादा इंट्रोवर्ट हो गया था।’ करण जौहर की बचपन की तस्वीरें। पैरेंट्स से झूठ बोलकर वॉइस ट्रेनिंग ली करण ने जय शेट्टी के पॉडकास्ट में बताया था कि कॉलेज में उन्हें महसूस हुआ कि वह पब्लिक स्पीकिंग में अच्छे हैं, इसलिए वह इसे और बेहतर बनाना चाहते थे। इसी दौरान उन्होंने एक पब्लिक स्पीकिंग अकादमी जॉइन की। वहां के हेड ने उनसे कहा कि उनकी आवाज काफी गर्लिश (लड़कियों जैसी) लगती है और दुनिया उनके साथ सख्त हो सकती है। उन्होंने करण को आवाज में बैरीटोन लाने की सलाह दी ताकि उनकी आवाज ज्यादा मर्दाना लगे। करण ने बताया था कि उन्होंने उनसे 3 साल तक ट्रेनिंग ली थी। हालांकि, करण ने अपने माता-पिता को बताया था कि वह कंप्यूटर क्लास जा रहे हैं, क्योंकि वह असल वजह बताने में झिझकते थे। तीन साल बाद जब करण के पिता के ऑफिस में कंप्यूटर आया तो उन्होंने करण से कहा कि अब वह इसे इस्तेमाल करके दिखाएं, क्योंकि उन्होंने इतने साल कंप्यूटर सीखा है। फिल्ममेकर ने बताया था कि उन्होंने जिंदगी में एक दिन भी कंप्यूटर क्लास नहीं की थी, इसलिए उन्हें कंप्यूटर देखकर ऐसा लगा जैसे कोई एलियन सामने खड़ा हो। उस वक्त वह कोई जवाब नहीं दे पाए। पिता फिल्मों में आने के खिलाफ थे, मां ने एक महीने तक बात नहीं की आज करण जौहर फिल्म इंडस्ट्री के टॉप फिल्ममेकर हैं, लेकिन एक समय ऐसा था जब उनके अपने माता-पिता नहीं चाहते थे कि वो इंडस्ट्री में आएं। करण के फिल्मी करियर की शुरुआत फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ (DDLJ – 1995) से ही हुई थी। फिल्म में वो असिस्टेंट डायरेक्टर (AD) थे। DDLJ में करण ने शाहरुख खान (राज) के दोस्त का एक छोटा सा रोल निभाया था। करण ने जय शेट्टी के साथ बातचीत में बताया था कि उनके पिता यश जौहर और मां हीरू जौहर नहीं चाहते थे कि वह फिल्म इंडस्ट्री में आएं। जब आदित्य चोपड़ा ने करण से अपनी पहली फिल्म DDLJ में असिस्ट करने के लिए कहा, तब करण उस वक्त पेरिस जाकर फ्रेंच भाषा की पढ़ाई आगे बढ़ाना चाहते थे। करण ने बताया था कि उनके पिता का छोटा एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बिजनेस भी था और फ्रांस उनके बड़े क्लाइंट्स में शामिल था। इसलिए परिवार चाहता था कि वह फ्रेंच सीखकर बिजनेस संभालें। उनके पिता फिल्में बनाते जरूर थे, लेकिन उन्हें फिल्मों में लगातार नुकसान हुआ था। इसी वजह से वह नहीं चाहते थे कि उनका बेटा भी उसी इंडस्ट्री में जाए। करण ने यह भी बताया था कि जब उन्होंने फिल्मों में जाने का फैसला लिया तो उनकी मां ने उनसे करीब एक महीने तक बात नहीं की थी। करण जौहर के पिता यश जौहर ने ‘दोस्ताना’ (1980), ‘दुनिया’ (1984), ‘मुकद्दर का फैसला’ (1987) और ‘अग्निपथ’ (1990) जैसी फिल्में प्रोड्यूस की थीं। करण के मुताबिक, आदित्य ने उनसे कहा था, ‘तुम फिल्मों के लिए बने हो। तुम ओवरड्रामैटिक हो, मेलोड्रामैटिक हो, तुम्हें गाने और डांस पसंद हैं। तुम फिल्मों से दूर क्यों भाग रहे हो?’ इसके बाद करण ने अपने परिवार से सिर्फ एक साल मांगा। उन्होंने कहा कि अगर वह फिल्म इंडस्ट्री में कोई पहचान नहीं बना पाए तो दूसरा रास्ता चुन लेंगे। इसी दौरान उन्होंने DDLJ के सेट पर काम किया, जहां उनकी मुलाकात शाहरुख खान और काजोल से और करीब से हुई। बाद में यही फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई और करण जौहर का फिल्मी करियर भी शुरू हो गया। शाहरुख ने करण को डायरेक्शन की सलाह दी करण ने गलाटा प्लस को दिए इंटरव्यू में बताया था कि DDLJ की शूटिंग के दौरान शाहरुख खान ने उनसे कहा था कि उन्हें खुद की फिल्म डायरेक्ट करनी चाहिए और वो उसमें काम भी करेंगे। वहीं पास में मौजूद काजोल ने भी इस बात में दिलचस्पी दिखाई थी। लेकिन करण को लगा कि दोनों सिर्फ मजाक में या यूं ही ये बातें कर रहे

प्लेऑफ की टीमों में क्या रहा कॉमन फैक्टर:टॉप बैटर्स ने औसतन 1550+ रन बनाए; कोई टीम लगातार 3 से ज्यादा मैच नहीं हारी

प्लेऑफ की टीमों में क्या रहा कॉमन फैक्टर:टॉप बैटर्स ने औसतन 1550+ रन बनाए; कोई टीम लगातार 3 से ज्यादा मैच नहीं हारी

IPL 2026 के लीग स्टेज के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, गुजरात टाइटंस, सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स ने प्लेऑफ में जगह बनाई। 26 मई को बेंगलुरु और गुजरात के बीच क्वालिफायर-1 खेला जाएगा, जबकि 27 मई को हैदराबाद और राजस्थान एलिमिनेटर में भिड़ेंगे। चारों टीमों का सफर अलग रहा, लेकिन प्रदर्शन में कई कॉमन फैक्टर्स नजर आए। स्टोरी में प्लेऑफ में पहुंची चारों टीमों के कॉमन फैक्टर्स का एनालिसिस है। इसके लिए 4 पैरामीटर्स तय किए गए हैं…. 1. टॉप बैटर्स का प्रदर्शन 2. टॉप बॉलर्स का प्रदर्शन 3. किस टीम ने कितनी बार 200+ स्कोर बनाए 4. टीमों की विनिंग और लूजिंग स्ट्रीक 1. गुजरात-हैदराबाद के टॉप-3 बैटर्स का औसत 576 रन प्रति बल्लेबाज प्लेऑफ में पहुंची टीमों की सबसे बड़ी ताकत टॉप ऑर्डर रहा। बेंगलुरु के विराट कोहली (557), देवदत्त पडिक्कल (433) और रजत पाटीदार (393) ने मिलकर 1383 रन बनाए। गुजरात के साई सुदर्शन (638), शुभमन गिल (616) और जोस बटलर (469) ने 1723 रन जोड़े। हैदराबाद के हेनरिक क्लासन (606), ईशान किशन (569) और अभिषेक शर्मा (563) ने 1738 रन बनाए। राजस्थान के वैभव सूर्यवंशी (583), ध्रुव जुरेल (458) और यशस्वी जायसवाल (397) ने 1438 रन बनाए। चारों प्लेऑफ टीमों के टॉप-3 बल्लेबाजों ने मिलकर 6282 रन बनाए। प्रति टीम टॉप-3 बल्लेबाजों का औसत 1570.5 रन रहा। गुजरात और हैदराबाद के टॉप-3 बल्लेबाजों का औसत योगदान 576 रन प्रति बल्लेबाज रहा। राजस्थान के सूर्यवंशी ने 232.27 के स्ट्राइक रेट से टीम को तेज शुरुआत दिलाई। बेंगलुरु के कोहली ने 1 शतक और 4 फिफ्टी लगाईं। हैदराबाद के अभिषेक शर्मा ने 206.22 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। गुजरात के ओपनर साई सुदर्शन और शुभमन गिल ने मिलकर 1254 रन बनाए। 2. बेंगलुरु के बॉलर्स ने 50 विकेट निकाले प्लेऑफ टीमों के गेंदबाजों ने पूरे सीजन लगातार विकेट लेकर मैचों का रुख बदला। बेंगलुरु के भुवनेश्वर कुमार (24), रासिख सलाम (14) और जोश हेजलवुड (12) ने 50 विकेट लिए। गुजरात के कगिसो रबाडा (24), राशिद खान (19) और मोहम्मद सिराज (17) ने 60 विकेट लिए। हैदराबाद के ईशान मलिंगा (19), साकिब हुसैन (15) और प्रफुल हिंगे (11) ने 45 विकेट लिए। राजस्थान के जोफ्रा आर्चर (21), बृजेश शर्मा (13) और नांद्रे बर्गर (11) ने 45 विकेट निकाले। प्लेऑफ टीमों के टॉप-3 गेंदबाजों ने औसतन 50+ विकेट लिए। बेंगलुरु और गुजरात के टॉप गेंदबाजों ने मिलकर 110 विकेट निकाले। औसतन हर गेंदबाज ने 18.33 विकेट लिए। भुवनेश्वर और रबाडा ने 24-24 विकेट लेकर अपनी टीमों की गेंदबाजी अटैक लीड की। राशिद खान और सिराज ने मिडिल व डेथ ओवर्स में असर छोड़ा। राजस्थान के लिए आर्चर और हैदराबाद के मलिंगा ने नई गेंद से लगातार विकेट निकाले। 3. 200+ स्कोर बनाए तो जीत पक्की प्लेऑफ की चार टीमों में सबसे ज्यादा 200+ स्कोर हैदराबाद ने बनाए। टीम ने 9 बार 200+ रन बनाए, जिनमें 7 मैच जीते और 2 हारे। बेंगलुरु के खिलाफ 255/4, मुंबई के खिलाफ 249/4, दिल्ली के खिलाफ 242/2 और पंजाब के खिलाफ 235/4 जैसे बड़े स्कोर बनाए। हैदराबाद का रनरेट 10.66 रहा, जो चारों प्लेऑफ टीमों में सबसे ज्यादा था। बेंगलुरु ने 8 बार 200+ स्कोर बनाए। टीम को 5 मैचों में जीत और 3 में हार मिली। चेन्नई के खिलाफ 250/3, मुंबई के खिलाफ 240/4 और पंजाब के खिलाफ 222/4 जैसे बड़े टोटल बनाए। टीम का रनरेट 10.50 रहा। इसी बल्लेबाजी की वजह से बेंगलुरु का नेट रनरेट +0.783 रहा, जो प्लेऑफ टीमों में सबसे बेहतर था। गुजरात ने 5 बार 200+ स्कोर बनाए। टीम ने 3 मैच जीते और 2 गंवाए। राजस्थान और चेन्नई के खिलाफ 229-229 रन बनाए, जबकि दिल्ली के खिलाफ 210 रन बनाए। टीम का रनरेट 9.37 और नेट रनरेट +0.695 रहा। यही टॉप-2 फिनिश की बड़ी वजह बना। राजस्थान ने 7 बार 200+ स्कोर बनाए। टीम को 5 जीत और 2 हार मिलीं। पंजाब के खिलाफ 228/4, लखनऊ के खिलाफ 225/3 और गुजरात के खिलाफ 210 रन बनाए। राजस्थान का रनरेट 10.24 रहा। टीम +0.189 नेट रनरेट के साथ चौथे स्थान पर रही। 4. कोई भी टीम लगातार 3 से ज्यादा मैच नहीं हारी प्लेऑफ में पहुंची चारों टीमों का बड़ा कॉमन फैक्टर उनकी निरंतरता रही। बेंगलुरु पूरे सीजन लगातार 2 से ज्यादा मैच नहीं हारी। गुजरात ने शुरुआती दो मैच हारने के बाद लगातार 3 जीत दर्ज कीं। हैदराबाद ने अप्रैल के पहले हफ्ते में लगातार 2 हार झेलीं, लेकिन बाद में लगातार 5 मैच जीतकर वापसी की। राजस्थान को सीजन में लगातार 3 हार मिलीं, लेकिन टीम ने बाद में लखनऊ और मुंबई को हराकर वापसी की। चारों टीमों ने सीजन में कम से कम एक बड़ा विनिंग स्ट्रीक बनाया। बेंगलुरु ने मुंबई, कोलकाता और पंजाब को हराकर लगातार 3 जीत दर्ज कीं। राजस्थान ने सीजन की शुरुआत लगातार 4 जीत के साथ की थी। टीम ने चेन्नई, गुजरात, मुंबई और बेंगलुरु को हराकर शुरुआती बढ़त बनाई। गुजरात ने चेन्नई, बेंगलुरु, पंजाब, राजस्थान और हैदराबाद को हराकर लगातार 5 मैच जीते। हैदराबाद ने राजस्थान, चेन्नई, दिल्ली, राजस्थान और मुंबई के खिलाफ लगातार 5 मैच जीते।

राहुल ने रोहित की बराबरी की:IPL में 51वीं बार फिफ्टी+ स्कोर बनाया, कुलदीप की हैट्रिक बॉल पर कैच छूटा; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

राहुल ने रोहित की बराबरी की:IPL में 51वीं बार फिफ्टी+ स्कोर बनाया, कुलदीप की हैट्रिक बॉल पर कैच छूटा; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

दिल्ली कैपिटल्स ने IPL 2026 के आखिरी लीग मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स को 40 रन से हरा दिया। ईडन गार्डन्स में दिल्ली के केएल राहुल ने IPL में सबसे ज्यादा फिफ्टी लगाने के मामले में रोहित शर्मा की बराबरी कर ली। उन्होंने 51वीं बार पचास या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया। रविवार को कुलदीप यादव की हैट्रिक बॉल पर विकेटकीपर अभिषेक पोरेल ने कैच छोड़ दिया। वहीं कोलकाता के मनीष पांडे IPL में 4 हजार रन बनाने वाले तीसरे सबसे धीमें प्लेयर बने। दिल्ली-कोलकाता मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. राहुल IPL में सबसे ज्यादा फिफ्टी लगाने वाले चौथे खिलाड़ी कोलकाता के खिलाफ केएल राहुल ने 60 रन की पारी खेली। यह IPL में उनकी 51वीं फिफ्टी रही। इसके साथ ही वह लीग में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर करने वाले संयुक्त रुप से चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने रोहित शर्मा की बराबरी की। इस लिस्ट में विराट कोहली पहले नंबर पर हैं, जिन्होंने 76 बार यह स्कोर बनाया है। 2. मनीष IPL में सबसे धीमे 4 हजार रन बनाने वाले तीसरे खिलाड़ी रनचेज के सातवें ओवर में मनीष ने चौका लगाकर IPL में अपने 4 हजार रन पूरे किए। उन्होंने इसके लिए 164 पारी खेली। वे IPL में सबसे धीमे 4 हजार रन बनाने वाले तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इस लिस्ट में दिनेश कार्तिक नंबर-1 पर हैं, जिन्होंने 188 पारी खेली थी। 3. राहुल ने सीजन में छठवीं बार 50+ स्कोर किया राहुल ने बतौर विकेटकीपर IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने के रिकॉर्ड की बराबरी की है। उन्होंने कोलकाता के खिलाफ फिफ्टी के साथ इस सीजन 6 फिफ्टी या उससे ज्यादा स्कोर बनाए। इससे पहले वे 2018 में भी 6 बार बतौर विकेटकीपर 6 बार यह कारनामा कर चुके हैं। उनके अलावा ऋषभ पंत (2018) और प्रभसिमरन सिंह (2026) इस आंकड़े तक पहुंच चुके हैं। 4. बिना 50+ साझेदारी के चौथा सबसे बड़ा स्कोर बना दिल्ली ने कोलकाता के खिलाफ 203 रन का स्कोर बनाया। यह बिना किसी अर्धशतकीय साझेदारी के IPL का चौथा सबसे बड़ा टीम टोटल है। इस लिस्ट में चेन्नई सुपर किंग्स नंबर-1 पर है, जिन्होंने 2026 में मुंबई के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम पर 207/6 का स्कोर बनाया था। 5. रहाणे दिल्ली के खिलाफ सबसे ज्यादा 50+ बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी अजिंक्य रहाणे ने दिल्ली के खिलाफ 63 रन की पारी खेली। उनका IPL में दिल्ली के खिलाफ यह आठवां 50+ स्कोर है। दिल्ली के खिलाफ सबसे ज्यादा बार 50+ स्कोर करने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। इस लिस्ट में विराट कोहली नंबर-1 पर है, जिन्होंने दिल्ली के खिलाफ 11 बार यह कारनामा किया है। यहां से टॉप-2 मोमेंट्स… 1. कुलदीप की हैट्रिक बॉल पर पोरेल ने छोड़ा कैच कोलकाता की पारी के 14वें ओवर में कुलदीप ने गजब की गेंदबाजी की। उन्होंने ओवर की दूसरी गेंद पर अजिंक्य रहाणे (63) और तीसरी गेंद पर रिंकू सिंह (0) को आउट किया। हैट्रिक बॉल पर भी कुलदीप ने तेजस्वी दहिया को फंसा लिया था। तेजस्वी के बैट का किनारा लेकर गेंद विकेटकीपर पोरेल के पास गई, लेकिन उन्होंने कैच छोड़ दिया। इस तरह कुलदीप हैट्रिक से चूक गए। 2. स्टार्क के ओवर में 3 विकेट गिरे रनचेज में स्टार्क के ओवर में कोलकाता ने 3 विकेट गंवा दिए। 17वें ओवर की पहली गेंद पर रोवमन पॉवेल (29) समीर रिजवी के डायरेक्ट-हिट पर रन आउट हुए। इसकी अगली ही गेंद पर स्टार्क ने अनुकुल रॉय (9) का अपनी ही गेंद पर कैच लपका। इसके बाद चौथी गेंद पर कार्तिक त्यागी (0) मिड-ऑफ पर अक्षर पटेल को कैच दे बैठे।