Vaibhav Surya Wanshi Eyes T20 Double Century, Aims to Break Gayles Record

दिल्ली11 मिनट पहले कॉपी लिंक वैभव ने राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए IPL 2026 सीजन के 14 मैचों में 583 रन बनाए हैं क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी T20 में 200 रन का पर्सनल स्कोर बनाना चाहते हैं। 15 साल के क्रिकेटर ने कहा कि उनका लक्ष्य IPL में वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल के 175 रन के रिकॉर्ड को तोड़ना है। वैभव ने इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन के यूट्यूब चैनल पर बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ अर्धशतक बनाने में दिलचस्पी नहीं है, बल्कि वे T20 क्रिकेट का पहला दोहरा शतक बनाना चाहते हैं। क्रिस गेल ने IPL 2013 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हुए 66 गेंदों में 175 रन बनाए थे। यह आज भी T20 क्रिकेट का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। वैभव इस सीजन में शानदार फॉर्म में हैं। राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने इस सीजन के 14 मैचों में 583 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 232 से ज्यादा है। 53 छक्के लगाए हैं, जो किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा हैं। 12 साल में रणजी डेब्यू से इंडिया-A तक का सफर वैभव ने जनवरी 2024 में बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया। तब उनकी उम्र 12 साल थी। 2024 में मुंबई और छत्तीसगढ़ के खिलाफ उन्होंने दो फर्स्ट क्लास मैचों में 31 रन बनाए थे। वैभव ने सचिन तेंदुलकर (15 साल) और युवराज सिंह (18 साल) को पीछे छोड़ा और घरेलू फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बने। वैभव ने 13 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंडर-19 यूथ टेस्ट सीरीज में सिर्फ 58 गेंदों पर शतक जड़ दिया। यह अंडर-19 टेस्ट क्रिकेट में दूसरा सबसे तेज शतक था। उन्होंने 62 गेंदों में 104 रन की पारी खेली, जिसमें 14 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। वैभव ने लिस्ट-A (50 ओवर) में अब तक 8 मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 44.12 की औसत और 164.95 के स्ट्राइक रेट से 353 रन बनाए। उनका बेस्ट स्कोर 190 रन रहा है। सूर्यवंशी ने इस फॉर्मेट में 1 शतक और 1 अर्धशतक लगाया है। उन्होंने 37 चौके और 23 छक्के भी जड़े हैं। IPL 2025 में वैभव ने सिर्फ 7 मैचों में 252 रन बनाए, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल था। इन सभी परफॉरमेंस के आधार पर BCCI ने उन्हें इंडिया-A में जगह दी। एशिया कप में 243 से ज्यादा का स्ट्राइक रेट वैभव ने एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2025 टी-20 में 4 मैचों में 59.75 की औसत और 243.87 के स्ट्राइक रेट से 239 रन बनाए थे। इस दौरान उनका बेस्ट स्कोर 144 रन रहा। सूर्यवंशी ने इस सीरीज में एक शतक भी लगाया था। उन्होंने 20 चौके और 22 छक्के लगाए। क्रिस गेल के नाम टी20 की सबसे बड़ी पारी क्रिस गेल ने IPL 2013 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए 175* रन बनाए थे। यह अब तक टी20 क्रिकेट की सबसे बड़ी पारी है। गेल ने उसी मैच में 30 गेंदों में शतक लगाया था, जो आज भी IPL का सबसे तेज शतक है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
नौतपा में रखें ठंडा: सत्तू का तीखा शर्बत… नौतपा में भीषण गर्मी से बचने के लिए घर से अनपेक्षित समय क्या-क्या पीएं?

पुदीना शिकंजी: पुदीना और नींबू से बनी सब्जी गर्मी में तुरंत राहत देने का काम करती है। इस शरीर को ताजगी के साथ भी स्टोर पर रखा जा सकता है। छवि: एआई पुदीना शिकंजीसामग्री: 1 चम्मच ठंडा पानी, 1 नींबू का रस, 8-10 पुदीना स्वाद, चीनी या शहद का स्वाद, काला नमक, बर्फ के टुकड़े छवि: एआई पुदीना शिकंजी बनाने की विधि: पुदीना यूक्रेनियन को प्रभावकारी पीस लें। अब पानी में नींबू रस, पुदीना, चीनी और नमक काला मिला हुआ। अच्छे से मिक्स करके बर्फ और ठंडा सर्व करें। छवि: एआई आम पन्ना: कच्चा आम से बना आम पीना लू से बचने के लिए सबसे लोकप्रिय पेय माना जाता है। इससे शरीर को ठंड लगने के साथ-साथ कमजोरी भी दूर होती है। छवि: फ्रीपिक आम पेज सामग्री: 2 कच्चे कच्चे आम, 3-4 बड़े चीनी, काला नमक, अन्य जीरा पाउडर, पुदीना आटा, ठंडा पानी छवि: एआई आम पन्ना बनाने की विधि: बसले हुए आम का गुडा निकाल लें। अब इसमें चीनी, काला नमक, जीरा और पुदीना आर्किटेक्चर का मिश्रण करें। तैयार मिश्रण को ठंडे पानी में सर्व करें। छवि: एआई सत्तू का तारित शरबत: सत्तू शरीर को ठंडा रखने के लिए सबसे बेहतरीन देसी पेय माना जाता है। यह पेट को लंबे समय तक बनाए रखता है और शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है। छवि: फ्रीपिक सत्तू का चारित्रिक शरबत सामग्री: 2 बड़े चम्मच सत्तू, 1 चम्मच ठंडा पानी, स्वादानुसार काला नमक, अन्य जीरा पाउडर, थोड़ा नींबू रस, हरा धनिया और पुदीना। छवि: एआई सत्तू का शरबत बनाने की विधि: एक गिलास में सत्तू डाला और थोड़ा सा पानी बड़े से अच्छा खाया ताकि पेट न रहे। अब बाकी पानी, काला नमक, जीरा पाउडर और नींबू रस मॉड्यूल बनाएं। छवि: एआई इसे ऊपर से हरा धनिया और पुदीना स्टैम्प ठंडा-ठंडा सर्व करें। ऐसे ही आप हो जायेंगे कूल-कूल। छवि: फ्रीपिक नौतपा में खाली पेट धूप में बाहर न निकलें। खूब पानी और तेल की चीज़ें। वयन्त्र और सुती खिलौने का कमरा। अधिकांश देर तक धूप में रहने से आश्रय। आउटलुक टाइम सिर को ढँककर रखें। छवि: एआई नौतपा की तेज गर्मी में ये देसी पेय पदार्थ शरीर को ठंडा और एनर्जी बनाए रखने में काफी मदद करते हैं। इसलिए घर से बाहर आगमन से पहले कृपया पियें और खुद को गर्म से सुरक्षित रखें। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट) बेस्ट समर ड्रिंक्स (टी) समर ड्रिंक्स रेसिपी (टी) सत्तू का शरबत (टी) पुदीना शिकंजी (टी) आम पन्ना (टी) कच्चे आम का पन्ना (टी) कूलिंग ड्रिंक
लौकी की इडली रेसिपी: लोकी की टेस्टी इडली, खाते-खाते रह जाएंगी उंगलियां; विधि नोट करें

सामग्री: 1 कप सूजी, 1 कप कद्दू की हुई लौकी, 1/2 कप दही, 1 छोटा चम्मच अदरक-हरी मिर्च पेस्ट, 1/2 छोटा चम्मच नमक, 1 छोटा चम्मच ईनो या सोडा, थोड़ा सा पानी, तेल छवि: इंस्टाग्राम धन्यवाद के लिए: 1 छोटा चम्मच तेल, 1/2 छोटा चम्मच हरी धनिया, 1/2 छोटा चम्मच हरा धनिया छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले एक बड़े बाउल में सूजी, दही और कद्दू की हुई लौकी स्टॉल्स गुड से मिक्स कर लें। अब इसमें अदरक-हरी मिर्च पेस्ट और नमक डालें। छवि: इंस्टाग्राम जरूरत है तो थोड़ा पानी पूरा बैटर तैयार करने की. बैटर ना मैक्सिमम सोलोमन हो और ना मैक्सिमम सोलोमन। अब इस मिश्रण को 10-15 मिनट के लिए ढककर रख दें ताकि सूजी बढ़िया से फूल जाए। छवि: एआई इसके बाद इडली स्टैंड को ग्रिप ऑयल प्लग करें। बैटर में इनो और आभूषण हाथ से मिला लें। तुरंत बैटर को इडली मोल्ड में भर दें। अब इडली को स्टीमर में 12-15 मिनट तक पकाएं। छवि: एआई जब इडली फूल जाए और टूथपिक साफ निकल आए, तो गैस बंद कर दें। एक छोटा पैन में तेल गर्म करें। इसमें राई, कारी पत्ता और हरा धनिया प्लास्टर तड़का तैयार करें। छवि: एआई इस आदर्श को तैयार करें इडली के ऊपर दाल। इससे स्वाद और भी बढ़ेगा। गरम-गरम लोकी की इडली को नारियल चिप्स, टमाटर चिप्स या सांभर के साथ सर्व करें। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ बेहद स्वादिष्ट भी लगता है। छवि: एआई यह खाने में सामान और मशीनरी होती है। वजन नियंत्रण करने वालों के लिए अच्छा है। बच्चों को भी पसंद आती है। जल्दी और आसानी से बन जाता है। छवि: फ्रीपिक अगर आप भूकंप और टेस्टी की तलाश में हैं, तो लोकी की इडली जरूर खरीदें। इसका स्वाद ऐसा होगा कि हर कोई उंगली चाटता रहेगा। छवि: फ्रीपिक
Govt loses 1 lakh crore excise duty cut fuel

नई दिल्ली20 मिनट पहले कॉपी लिंक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार (25 मई) को बताया कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) कम करने से सरकार को ₹1 लाख करोड़ के रेवेन्यू का नुकसान होगा। इसके साथ ही उन्होंने भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ को लेकर बनाए जा रहे निराशाजनक माहौल को खारिज किया और देश की आर्थिक स्थिति का बचाव किया। वित्त मंत्री ने यह बात मुंबई में स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) के 37वें स्थापना दिवस समारोह में कही। तेल कंपनियों ने 10 दिन में चौथी बार दाम बढ़ाए देश में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने सोमवार को पिछले 10 दिनों में चौथी बार ईंधन की दरों में बढ़ोतरी की है। 15 मई को एक लंबे अंतराल के बाद पहली बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया गया था। तब से लेकर आज चौथी बढ़ोतरी तक, पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमत करीब ₹7.5 प्रति लीटर तक बढ़ चुकी हैं। एक्साइज ड्यूटी घटने से आम जनता को मिली राहत सरकार की एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती से देश भर के उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल के पंपों पर कम कीमतें चुकानी पड़ रही हैं। यह कदम ऐसे समय में परिवारों और व्यवसायों को सीधी राहत देता है, जब पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार गहरे दबाव में बना हुआ है। भारत की चुनौतियां मुख्य रूप से बाहरी वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर जो भी दबाव दिख रहा है, उसके लिए भारत की अपनी नीतियां नहीं बल्कि देश की सीमाओं के बाहर के मुख्य कारण जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है। कई हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स यह साबित करते हैं कि देश में औद्योगिक मांग और आर्थिक रफ्तार लगातार मजबूत बनी हुई है। वित्त मंत्री ने कहा कि हमारे सामने चुनौतियां आंतरिक से ज्यादा बाहरी हैं। हमें सोना, ईंधन और फर्टिलाइजर (उर्वरक) के आयात के लिए विदेशी मुद्रा की जरूरत होती है। ये तीनों चीजें वैश्विक कमोडिटी साइकिल और करेंसी के उतार-चढ़ाव से प्रभावित होती हैं। अर्थव्यवस्था पर गलत नैरेटिव बनाना सही नहीं निर्मला सीतारमण ने मुंबई के मंच से उन लोगों को सीधा जवाब दिया जो बाहरी दबावों के इस दौर में भारत की आर्थिक उपलब्धियों पर संदेह जताने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ग पश्चिम एशिया संकट से पैदा हुई चुनौतियों के बीच हमारी अपनी उपलब्धियों की निंदा करना चाहते हैं। उन्होंने इस तरह की टिप्पणियों को पूरी तरह से गलत और अनुचित बताया। वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर एक निराशाजनक नैरेटिव (माहौल) बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो कि बिल्कुल सही नहीं है। घरेलू मोर्चे पर आलोचनाओं का सामना वित्त मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब देश में भारत की विकास दर और उसकी क्वालिटी को लेकर बहस चल रही है। आलोचक लगातार घरेलू खपत पर बढ़ते दबाव, महंगाई और करेंसी में हो रहे उतार-चढ़ाव को लेकर सरकार पर निशाना साध रहे हैं। सरकारी कंपनियों को सख्त निर्देश व्यापक अर्थव्यवस्था और ईंधन की कीमतों पर बात करने के साथ ही वित्त मंत्री ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs/सरकारी कंपनियों) को एक कड़ा और सीधा संदेश दिया। उन्होंने सरकारी कंपनियों से कहा कि वे माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) को किए जाने वाले भुगतानों के लिए तय की गई 45 दिनों की अनिवार्य समय-सीमा का पूरी तरह पालन करें और उनका बकाया समय पर क्लियर करें। पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटाई थी वहीं सरकार ने 27 मार्च को पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखने के लिए स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में ₹10-10 की कटौती की थी। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 प्रति लीटर से घटाकर ₹3, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से एक लीटर पेट्रोल पर कुल ₹21.90 एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती थी। स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्टूटी घटने के बाद यह ₹11.90 रह गई थी। इसी तरह, एक लीटर डीजल पर कुल सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी ₹17.8 से घटकर ₹7.8 पर आ गई थी। सरकार का ये फैसला पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए था। इस निर्णय की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े थे। पूरी खबर पढ़ें… क्या होती है एक्साइज ड्यूटी? यह केंद्र सरकार द्वारा देश के भीतर बनने वाले या बिकने वाले उत्पादों (जैसे पेट्रोल-डीजल) पर लगाया जाने वाला एक अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) है। इसमें कटौती से ग्राहकों को तो राहत मिलती है, लेकिन सरकार के खजाने (राजस्व) को सीधा नुकसान होता है। MSME के लिए 45 दिन का नियम क्या है? सरकार के नियमों के मुताबिक, किसी भी बड़ी या सरकारी कंपनी को छोटे उद्योगों (MSME) से सामान या सर्विस लेने के 45 दिनों के भीतर उनका पेमेंट करना अनिवार्य होता है, ताकि छोटे बिजनेस में कैश की कमी न हो। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Govt loses 1 lakh crore excise duty cut fuel

नई दिल्ली41 मिनट पहले कॉपी लिंक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार (25 मई) को बताया कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) कम करने से सरकार को ₹1 लाख करोड़ के रेवेन्यू का नुकसान होगा। इसके साथ ही उन्होंने भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ को लेकर बनाए जा रहे निराशाजनक माहौल को खारिज किया और देश की आर्थिक स्थिति का बचाव किया। वित्त मंत्री ने यह बात मुंबई में स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) के 37वें स्थापना दिवस समारोह में कही। तेल कंपनियों ने 10 दिन में चौथी बार दाम बढ़ाए देश में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने सोमवार को पिछले 10 दिनों में चौथी बार ईंधन की दरों में बढ़ोतरी की है। 15 मई को एक लंबे अंतराल के बाद पहली बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया गया था। तब से लेकर आज चौथी बढ़ोतरी तक, पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमत करीब ₹7.5 प्रति लीटर तक बढ़ चुकी हैं। एक्साइज ड्यूटी घटने से आम जनता को मिली राहत सरकार की एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती से देश भर के उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल के पंपों पर कम कीमतें चुकानी पड़ रही हैं। यह कदम ऐसे समय में परिवारों और व्यवसायों को सीधी राहत देता है, जब पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार गहरे दबाव में बना हुआ है। भारत की चुनौतियां मुख्य रूप से बाहरी वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर जो भी दबाव दिख रहा है, उसके लिए भारत की अपनी नीतियां नहीं बल्कि देश की सीमाओं के बाहर के मुख्य कारण जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है। कई हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स यह साबित करते हैं कि देश में औद्योगिक मांग और आर्थिक रफ्तार लगातार मजबूत बनी हुई है। वित्त मंत्री ने कहा कि हमारे सामने चुनौतियां आंतरिक से ज्यादा बाहरी हैं। हमें सोना, ईंधन और फर्टिलाइजर (उर्वरक) के आयात के लिए विदेशी मुद्रा की जरूरत होती है। ये तीनों चीजें वैश्विक कमोडिटी साइकिल और करेंसी के उतार-चढ़ाव से प्रभावित होती हैं। अर्थव्यवस्था पर गलत नैरेटिव बनाना सही नहीं निर्मला सीतारमण ने मुंबई के मंच से उन लोगों को सीधा जवाब दिया जो बाहरी दबावों के इस दौर में भारत की आर्थिक उपलब्धियों पर संदेह जताने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ग पश्चिम एशिया संकट से पैदा हुई चुनौतियों के बीच हमारी अपनी उपलब्धियों की निंदा करना चाहते हैं। उन्होंने इस तरह की टिप्पणियों को पूरी तरह से गलत और अनुचित बताया। वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर एक निराशाजनक नैरेटिव (माहौल) बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो कि बिल्कुल सही नहीं है। घरेलू मोर्चे पर आलोचनाओं का सामना वित्त मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब देश में भारत की विकास दर और उसकी क्वालिटी को लेकर बहस चल रही है। आलोचक लगातार घरेलू खपत पर बढ़ते दबाव, महंगाई और करेंसी में हो रहे उतार-चढ़ाव को लेकर सरकार पर निशाना साध रहे हैं। सरकारी कंपनियों को सख्त निर्देश व्यापक अर्थव्यवस्था और ईंधन की कीमतों पर बात करने के साथ ही वित्त मंत्री ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs/सरकारी कंपनियों) को एक कड़ा और सीधा संदेश दिया। उन्होंने सरकारी कंपनियों से कहा कि वे माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) को किए जाने वाले भुगतानों के लिए तय की गई 45 दिनों की अनिवार्य समय-सीमा का पूरी तरह पालन करें और उनका बकाया समय पर क्लियर करें। पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटाई थी वहीं सरकार ने 27 मार्च को पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखने के लिए स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में ₹10-10 की कटौती की थी। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 प्रति लीटर से घटाकर ₹3, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से एक लीटर पेट्रोल पर कुल ₹21.90 एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती थी। स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्टूटी घटने के बाद यह ₹11.90 रह गई थी। इसी तरह, एक लीटर डीजल पर कुल सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी ₹17.8 से घटकर ₹7.8 पर आ गई थी। सरकार का ये फैसला पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए था। इस निर्णय की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े थे। पूरी खबर पढ़ें… क्या होती है एक्साइज ड्यूटी? यह केंद्र सरकार द्वारा देश के भीतर बनने वाले या बिकने वाले उत्पादों (जैसे पेट्रोल-डीजल) पर लगाया जाने वाला एक अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) है। इसमें कटौती से ग्राहकों को तो राहत मिलती है, लेकिन सरकार के खजाने (राजस्व) को सीधा नुकसान होता है। MSME के लिए 45 दिन का नियम क्या है? सरकार के नियमों के मुताबिक, किसी भी बड़ी या सरकारी कंपनी को छोटे उद्योगों (MSME) से सामान या सर्विस लेने के 45 दिनों के भीतर उनका पेमेंट करना अनिवार्य होता है, ताकि छोटे बिजनेस में कैश की कमी न हो। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
सुनहरे दौर में इंग्लैंड की महिला रग्बी टीम:5 ग्रैंड स्लैम, 38 जीत का सिलसिला, 8 बार सिक्स नेशंस कप जीता

फ्रांस के बॉरदॉ शहर में मैच खत्म होते ही इंग्लैंड की महिला रग्बी टीम (रेड रोजेज) की खिलाड़ी एक-दूसरे से गले मिल रही थीं। स्कोरबोर्ड पर 43-28 चमक रहा था। जीत के साथ इंग्लैंड ने लगातार आठवीं बार विमंस सिक्स नेशंस खिताब और लगातार पांचवां ग्रैंड स्लैम अपने नाम कर लिया था। लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह रही कि टीम की कई खिलाड़ियों को यह भी ठीक से याद नहीं था कि उनकी जीतों का सिलसिला अब 38 मैच तक पहुंच चुका है। यह वही टीम है, जिसने 2022 महिला रग्बी वर्ल्ड कप फाइनल में न्यूजीलैंड से आखिरी मिनटों में हार झेली थी। 31-34 की वह हार आज भी खिलाड़ियों को याद है। लेकिन उसी हार के बाद रेड रोजेज ने खुद को ऐसे बदला कि अब उन्हें रोकना लगभग नामुमकिन लगने लगा है। पिछले सात वर्षों में इंग्लैंड ने सिर्फ एक मैच गंवाया है। कप्तान मेग जोन्स कहती हैं, ‘हम रिकॉर्ड नहीं गिनते। हम सिर्फ अगले मैच और खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान देते हैं।’ शायद यही वजह है कि यह टीम सिर्फ जीत नहीं रही, बल्कि खेल में एक नया मानक बना रही है। दिलचस्प बात यह है कि इंग्लैंड की मौजूदा टीम अपनी पूरी ताकत के साथ भी नहीं खेल रही। कई अहम खिलाड़ी चोट के कारण बाहर हैं और चार खिलाड़ी प्रेग्नेंट हैं। इसके बावजूद टीम की रफ्तार नहीं रुकी। फ्रांस ने हाल के वर्षों में इंग्लैंड को चुनौती देना शुरू किया है। इस बार भी फ्रांस ने दूसरे हाफ में वापसी की कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड ने दबाव में भी मैच हाथ से नहीं जाने दिया। इंग्लैंड की स्टार खिलाड़ी सारा बर्न कहती हैं, ‘अगर यह टीम एक बार हारती भी है, तो दोबारा हारना नहीं चाहेगी। हम हमेशा बेहतर बनने की कोशिश करते हैं।’ सारा के मुताबिक टीम का लक्ष्य सिर्फ जीतना नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे बेहतरीन खेल टीम बनना है। अब सवाल सिर्फ इतना है कि आखिर इंग्लैंड को हराएगा कौन? अगली चुनौती फिर न्यूजीलैंड होगी। लेकिन अगर कभी यह टीम हार भी गई, तो शायद उनकी सोच नहीं बदलेगी। मेग जोन्स के शब्दों में, ‘सूरज अगली सुबह फिर उगेगा, और हम वही रहेंगे।’ 2019 में मिला था फुल टाइम प्रोफेशनल कॉन्ट्रैक्ट इस सफलता के पीछे सिर्फ प्रतिभा नहीं, बल्कि मजबूत सिस्टम भी है। 2019 में इंग्लैंड ने महिला खिलाड़ियों को फुल-टाइम प्रोफेशनल कॉन्ट्रैक्ट देना शुरू किया था। पिछले साल रग्बी फुटबॉल यूनियन ने महिला रग्बी में करीब 195 करोड़ रुपए का निवेश किया। इसके उलट पिछले वर्ल्ड कप की फाइनलिस्ट कनाडा को टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए क्राउडफंडिंग करनी पड़ी थी। यही अंतर बताता है कि निवेश व सुविधाएं किसी टीम को कितना बदल सकती हैं।
FWICE can take strict action against ranveer singh for backing out of farhat akhtar’s don 3

7 मिनट पहले कॉपी लिंक धुरंधर की सक्सेस के बाद शूटिंग से ठीक पहले डॉन 3 छोड़ने से रणवीर सिंह विवादों में घिर गए हैं। फिल्म के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर फरहान अख्तर की शिकायत के बाद अब FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एंप्लॉय्ज) उनके खिलाफ सख्त एक्शन ले सकती है। फेडरेशन के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित का कहना है कि इस तरह इंडस्ट्री बर्बाद नहीं होने दी जाएगी। अशोक पंडित ने इस मामले पर बॉम्बे टाइम्स से बातचीत में कहा- यह बेहद गंभीर मामला है, और यह ट्रेंड बिल्कुल गलत है। शूट शुरू होने से सिर्फ 10 दिन पहले आप किसी प्रोजेक्ट से पीछे नहीं हट सकते। पहले हम अंदरूनी बैठक करेंगे, उसके बाद ही कोई फैसला लेंगे। आगे उन्होंने कहा, “अब हम वही करेंगे जो सही और न्यायसंगत होगा। हम इंडस्ट्री को इस तरह बर्बाद नहीं होने देंगे। कल को कोई भी फिल्म छोड़कर चला जाएगा। हम जो भी कदम उठाएंगे, वह इंडस्ट्री के हित में ही होगा।” अशोक पंडित FWICE के चीफ एडवाइजर हैं। आज होगी मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस डॉन 3 कास्टिंग विवाद पर आज 4 बजकर 30 मिनट पर मुंबई में फेडरेशन द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया है। प्रेस नोट में फेडरेशन ने लिखा है, यह प्रेस कॉन्फ्रेंस FWICE द्वारा अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ दायर शिकायत पर लिए गए निर्णय के संबंध में आयोजित की जा रही है, जिसमें उन पर आगामी फिल्म डॉन 3 से कथित तौर पर अलग होने का आरोप है। FWICE को यह शिकायत श्री फरहान अख्तर से मिली है, जो इसकी संबद्ध संस्था इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA) के सदस्य भी हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, FWICE इस मामले पर आधिकारिक रूप से अपनी बात रखेगा और शिकायत तथा उससे जुड़ी परिस्थितियों की जांच के बाद अपना रुख और निर्णय साझा करेगा। क्या है डॉन 3 का पूरा विवाद? फरहान अख्तर ने साल 2023 में फिल्म डॉन 3 की घोषणा, एक्टर रणवीर सिंह के साथ की थी। 1978 में आई अमिताभ बच्चन स्टारर फिल्म डॉन और शाहरुख स्टारर डॉन (2006) के बाद ये डॉन फ्रैंचाइजी की तीसरी फिल्म है। अनाउंसमेंट के समय कियारा आडवाणी को फिल्म में कास्ट किया गया था। लेकिन प्रेग्नेंसी और मेटरनिटी ब्रेक के चलते कियारा ने फिल्म छोड़ दी, जिसके बाद कृति सेनन को कास्ट करने की खबरें रहीं। ये फिल्म फरहान अख्तर, होम प्रोडक्शन एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बना रहे थे। डॉन 3 को जारी रखने लिए फरहान ने अपनी दूसरी फिल्म जी ले जरा पोस्टपोन कर दी। फिल्म डिले होने पर रणवीर सिंह धुरंधर में व्यस्त हो गए। रिपोर्ट्स थीं कि 2025 में डॉन 3 की शूटिंग शुरू होगी, लेकिन फिर अचानक रणवीर सिंह ने फिल्म छोड़ दी। मेकर्स का आरोप है कि रणवीर स्क्रिप्ट में हस्तक्षेप कर रहे थे। वो गाली-गलौज और हिंसक सीन की मांग कर रहे थे, लेकिन मेकर्स इस पर राजी नहीं हुए। मिड डे की रिपोर्ट में दावा किया गया कि रणवीर ने फिल्म छोड़ दी है और वो जल्द ही फिल्म का साइनिंग अमाउंट भी लौटा देंगे। जबकि मेकर्स पहले ही प्री-प्रोडक्शन, डिले और री-वर्क के चलते फिल्म पर खर्च कर चुके थे। इस पर फरहान अख्तर ने प्रोड्यूसर्स गिल्ड में शिकायत कर 40 करोड़ हर्जाने की मांग की। उनका कहना था कि प्री-प्रोडक्शन, शूटिंग शेड्यूल में बदलाव के चलते उनका भारी नुकसान हुआ है। तब आमिर खान ने भी बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। प्रोड्यूसर गिल्ड ने दोनों पक्षों को सुलह का समय भी दिया, लेकिन हल तब भी नहीं निकला। अब फरहान अख्तर द्वारा FWICE को शिकायत की गई है, जिस पर जल्द ही कोई एक्शन लिया जाएगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
चीन बोला- भारत दलाई लामा उत्तराधिकारी मामले से दूर रहे:यह हमारा आंतरिक मासला, तिब्बत मुद्दे में बाहरी दखल मंजूर नहीं

चीन ने भारत को दलाई लामा के उत्तराधिकार के मुद्दे से दूर रहने की सलाह दी है। बीजिंग ने कहा कि दलाई लामा के पुनर्जन्म और उत्तराधिकारी तय करने की प्रक्रिया पूरी तरह चीन का आंतरिक मामला है और इसमें किसी बाहरी हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जाएगी। भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने रविवार को बयान जारी कर कहा कि दलाई लामा का पुनर्जन्म सदियों पुराने धार्मिक रीति-रिवाजों और ऐतिहासिक परंपराओं के तहत होता है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के लिए चीन की केंद्रीय सरकार की मंजूरी जरूरी होती है और 14वें दलाई लामा को भी इसी प्रक्रिया के तहत मान्यता दी गई थी। चीनी दूतावास ने भारत को तिब्बत पर अपने पुराने रुख की याद भी दिलाई। बयान में कहा गया कि भारत को तिब्बती स्वतंत्रता से जुड़ी गतिविधियों के लिए मंच उपलब्ध नहीं कराना चाहिए। यह क्षेत्रीय स्थिरता और भारत-चीन संबंधों के लिए जरूरी है। चीन दलाई लामा के मुद्दे को संबंधों में कांटा बता चुका यह पहला मौका नहीं है जब चीन ने दलाई लामा मुद्दे पर भारत को चेतावनी दी हो। पिछले साल भी बीजिंग ने कहा था कि दलाई लामा का उत्तराधिकार भारत-चीन संबंधों में कांटे की तरह है। दलाई लामा पहले भी कह चुके हैं कि उनके उत्तराधिकारी तय करने में चीन की कोई भूमिका नहीं होगी। तिब्बती मान्यता के मुताबिक, किसी वरिष्ठ बौद्ध भिक्षु की मृत्यु के बाद उसकी आत्मा पुनर्जन्म लेती है। हालांकि चीन कहता है कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी की प्रक्रिया को चीनी सरकार की मंजूरी जरूरी है। दलाई लामा 1959 से भारत में निर्वासन में रह रहे हैं। तिब्बत में चीनी शासन के खिलाफ असफल विद्रोह के बाद वे भारत आए थे। भारत में करीब 70 हजार तिब्बती शरणार्थी और निर्वासित तिब्बती सरकार भी मौजूद है। भारतीय विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि दलाई लामा की भारत में मौजूदगी चीन के साथ संबंधों में नई दिल्ली को रणनीतिक बढ़त देती है।
चीन बोला- भारत दलाई लामा उत्तराधिकारी मामले से दूर रहे:यह हमारा आंतरिक मासला, तिब्बत मुद्दे में बाहरी दखल मंजूर नहीं

चीन ने भारत को दलाई लामा के उत्तराधिकार के मुद्दे से दूर रहने की सलाह दी है। बीजिंग ने कहा कि दलाई लामा के पुनर्जन्म और उत्तराधिकारी तय करने की प्रक्रिया पूरी तरह चीन का आंतरिक मामला है और इसमें किसी बाहरी हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जाएगी। भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने रविवार को बयान जारी कर कहा कि दलाई लामा का पुनर्जन्म सदियों पुराने धार्मिक रीति-रिवाजों और ऐतिहासिक परंपराओं के तहत होता है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के लिए चीन की केंद्रीय सरकार की मंजूरी जरूरी होती है और 14वें दलाई लामा को भी इसी प्रक्रिया के तहत मान्यता दी गई थी। चीनी दूतावास ने भारत को तिब्बत पर अपने पुराने रुख की याद भी दिलाई। बयान में कहा गया कि भारत को तिब्बती स्वतंत्रता से जुड़ी गतिविधियों के लिए मंच उपलब्ध नहीं कराना चाहिए। यह क्षेत्रीय स्थिरता और भारत-चीन संबंधों के लिए जरूरी है। चीन दलाई लामा के मुद्दे को संबंधों में कांटा बता चुका यह पहला मौका नहीं है जब चीन ने दलाई लामा मुद्दे पर भारत को चेतावनी दी हो। पिछले साल भी बीजिंग ने कहा था कि दलाई लामा का उत्तराधिकार भारत-चीन संबंधों में कांटे की तरह है। दलाई लामा पहले भी कह चुके हैं कि उनके उत्तराधिकारी तय करने में चीन की कोई भूमिका नहीं होगी। तिब्बती मान्यता के मुताबिक, किसी वरिष्ठ बौद्ध भिक्षु की मृत्यु के बाद उसकी आत्मा पुनर्जन्म लेती है। हालांकि चीन कहता है कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी की प्रक्रिया को चीनी सरकार की मंजूरी जरूरी है। दलाई लामा 1959 से भारत में निर्वासन में रह रहे हैं। तिब्बत में चीनी शासन के खिलाफ असफल विद्रोह के बाद वे भारत आए थे। भारत में करीब 70 हजार तिब्बती शरणार्थी और निर्वासित तिब्बती सरकार भी मौजूद है। वर्तमान दलाई लामा को कैसे चुना गया था? वर्तमान दलाई लामा का जन्म 1935 में चीन के उत्तर पश्चिम में ताक्तेसर गांव में हुआ था। सिर्फ दो साल की उम्र में उनकी पहचान हो गई थी। 13वें दलाई लामा की छोड़ी निशानियों की मदद से बौद्ध साधुओं का दल इस गांव तक पहुंचा था। यह दल अपने साथ 13वें दलाई लामा का कुछ सामान जैसे चश्मा, घंटी, छड़ी लेकर आए। उन्होंने दलाई लामा का सामान और कुछ और सामान बच्चे के सामने रखा। इनमें से बच्चे ने 13वें दलाई लामा से जुड़ी चीजें उठाकर कहा ‘ये मेरा है।’ आखिर में उन साधुओं ने बच्चे के सामने कुछ छड़ी रखी। बच्चे ने दलाई लामा की छड़ी उठाकर उसे अपने सीने से लगा लिया। इसके बाद उन साधुओं को यकीन हो गया कि यह बच्चा दलाई लामा का पुनर्जन्म है। 6 साल की उम्र में उनकी पढ़ाई शुरू हुई और 1950 में चीन की तिब्बत में घुसपैठ के बाद उन्होंने दलाई लामा की पूरी शक्तियों के साथ पद संभाला। चीन छोड़कर भारत कैसे आए थे मौजूदा दलाई लामा? आज तिब्बत चीन का हिस्सा है, लेकिन हमेशा से ऐसा नहीं था। 1949 में चीन में कम्युनिस्ट पार्टी सत्ता में आई। 1950 में चीनी सरकार ने तिब्बत में अपनी सेना भेजकर कब्जा कर लिया। इसके बाद चीन और तिब्बत की सरकार में समझौता हुआ, जिसमें चीन ने तिब्बत की आजादी बरकरार रखने की बात कही। इसके बावजूद अगले एक दशक तक चीनी सेना तिब्बत के लोगों पर अत्याचार करती रही। वर्तमान दलाई लामा की ऑटोबायोग्राफी के मुताबिक, मार्च 1959 में चीन की सेना दलाई लामा के महल तक पहुंच गई। दलाई लामा एक सिपाही के कपड़े पहनकर तिब्बत से भागे। करीब दो हफ्तों तक कई गांवों और मॉनेस्ट्री ने उन्हें शरण दी। 31 मार्च 1959 को अपने परिवार, अंगरक्षकों और कुछ तिब्बतियों के साथ अरुणाचल प्रदेश के रास्ते दलाई लामा भारत पहुंचे। 2 अप्रैल को आधिकारिक तौर से भारत सरकार ने उनका स्वागत किया और 3 अप्रैल को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने दलाई लामा को भारत में शरण देने की घोषणा की। हालांकि ऐसा करने से चीन से रिश्तों पर असर पड़ सकता था इसलिए कई लोगों ने नेहरू के फैसले का विरोध भी किया। भारत सरकार ने दलाई लामा को पहले असम के तेजपुर में रहने की जगह दी। फिर कुछ समय वे मसूरी में रहे और आखिरकार 1960 में धर्मशाला में बस गए।
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मुंबई15 मिनट पहले कॉपी लिंक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में एआई-फ्रेंडली कंज्यूमर बेस बहुत बड़ा है। लेकिन भारतीय मिडिल क्लास में नौकरियों पर एआई के असर को लेकर गहरी चिंता भी है।- फाइल फोटो ब्रांड बाजार के लिए 2026 ऐतिहासिक साल बन गया है। दुनिया के शीर्ष 100 ब्रांड्स की कुल वैल्यू 13 ट्रिलियन डॉलर (1,244 लाख करोड़ रुपए) पार निकल गई। यह 22% बढ़ा, लेकिन तरक्की समान नहीं रही। एआई की लहर पर सवार ब्रांड्स ने रिकॉर्ड तोड़े, पर टॉप-5 में बड़ा उलटफेर हुआ। चार साल से नंबर पर एक काबिज एपल से यह ताज गूगल ने छीन लिया। गूगल की ब्रांड वैल्यू 57% बढ़ी, जबकि एपल की 6% ही बढ़ पाई। भारतीय कंपनी टीसीएस की ब्रांड वैल्यू तो 43% घट गई। पहली बार एक साथ 4 ब्रांड 1 ट्रिलियन डॉलर पार रैंक – ब्रांड – वैल्यू – बढ़ोतरी 1 – गूगल – 142 – 57% 2 – एपल – 132 – 6% 3 – माइक्रोसॉफ्ट – 106 – 26% 4 – अमेजन – 98 – 18% 5 – एनवीडिया – 78 – 60% 6 – फेसबुक – 35 – 22% 7 – इंस्टाग्राम – 27 – 25% 8 – टेंसेट – 24 – 45% 9 – ओरेकल – 23 – 10% 10 – मैक्डोनल्ड्स – 23 – 6% (ब्रांड वैल्यू लाख करोड़ रु. में, वृद्धि 2025 के मुकाबले।) – चैटजीपीटी की ब्रांड वैल्यू में 1 साल में 285% बढ़कर ~16 लाख करोड़ हो गई। यह किसी कंपनी की सबसे तेज रफ्तार है। – क्लॉड पहली बार इस क्लब में (27वें) शामिल हुआ। ~9.2 लाख करोड़ की ब्रांड वैल्यू के साथ किसी नए ब्रांड के लिए इस ऊंचाई पर सीधी एंट्री असाधारण है। लग्जरी की चमक फीकी, चीन की वापसी – लुई वितां की वैल्यू 22% घटी और यह 15 पायदान नीचे खिसककर 32वें स्थान पर आ गया। शनेल 15% गिरा और 9 पायदान नीचे 51वें स्थान पर रहा। – चीन के अलीबाबा की ब्रांड वैल्यू 51%, एग्री बैंक ऑफ चाइना की 54% बढ़ी। शाओमी ब्रांड की वैल्यू में 48% इजाफा हुआ। टेनसेंट की वापसी ‘एआई-ड्रिवन कमबैक फॉर चाइनीज टेक’ ब्रांड्स का हिस्सा है। भारत के लिए एआई मौका और चुनौती दोनों कैंटा ब्रांड्ज की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में एआई-फ्रेंडली कंज्यूमर बेस बहुत बड़ा है। लेकिन भारतीय मिडिल क्लास में नौकरियों पर एआई के असर को लेकर गहरी चिंता भी है। यही वजह है कि टीसीएस जैसी कंपनियों के लिए चुनौती बढ़ गई है। भारतीय ब्रांड – एयरटेल टॉप गेनर, रैंकिंग बढ़ी 3 भारतीय ब्रांड्स -ब्रांड – एयरटेल – एचडीएफसी – टीसीएस ग्लोबल – रैंक – 62 – 63 – 82 टॉप-100 – वैल्यू – 4.56 – 4.55 – 3.10 में शामिल – बदलाव – 28% – 6% – 43% (वैल्यू लाख करोड़ रुपए में) भारत के लिए एआई मौका और चुनौती दोनों – एयरटेल 4 पायदान चढ़कर 62वें स्थान पर आ गया। एचडीएफसी बैंक की ब्रांड वैल्यू सिर्फ 6% बढ़ पाई। – टीसीएस अब भी सबसे आगे है, लेकिन इसकी वैल्यू 43% गिरकर 3.1 लाख करोड़ रु. रह गई। यह रिपोर्ट में सबसे बड़ी गिरावटों में से एक है। एक्सेंचर की वैल्यू भी 56% घटी है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔







