अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों पर धोखाधड़ी का केस:फर्जी दस्तावेजों से ₹150 करोड़ का लोन लिया, फिर पैसे दूसरी कंपनियों में भेजे

अनिल अंबानी ग्रुप से जुड़ी कंपनियों के तत्कालीन निदेशकों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया है। मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंसेज विंग ने यह मामला कफ परेड पुलिस स्टेशन में दर्ज किया है। आरोपियों पर बैंक से 150 करोड़ रुपए का लोन लेकर उसे दूसरे कामों में ट्रांसफर करने और डिफॉल्ट करने का आरोप है। एक्सिस बैंक की शिकायत पर मामला दर्ज EOW के सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई एक्सिस बैंक के वाइस प्रेसिडेंट प्रकाश प्रभाकर राव की शिकायत पर की गई है। बैंक का कहना है कि आरोपियों ने बैंक को वित्तीय नुकसान पहुंचाने और धोखाधड़ी करने के इरादे से साजिश रची थी। अनिल धीरुभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ एक्सिस बैंक की शिकायत पर दर्ज होने वाली यह दूसरी FIR है। जनवरी 2010 से नवंबर 2019 के बीच का मामला यह मामला जनवरी 2010 से नवंबर 2019 के बीच का है। इस अवधि के दौरान रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड यानी RHFL के तत्कालीन होल-टाइम डायरेक्टर, ADAG ग्रुप की लाभार्थी कंपनियों के तत्कालीन निदेशकों और ग्रुप के संबंधित अधिकारियों ने मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया था। फर्जी दस्तावेज जमा कर लिया लोन और डायवर्ट किया पुलिस सूत्रों ने बताया कि लोन मंजूर कराने के लिए आरोपियों ने बैंक में फर्जी दस्तावेज जमा किए और गलत जानकारियां दीं। RHFL की वित्तीय स्थिति को लेकर भी भ्रामक जानकारी दी। जब बैंक ने 150 करोड़ रुपए का लोन जारी कर दिया, तो आरोपियों ने उस पैसे को अपने ही ग्रुप से जुड़ी दूसरी कंपनियों के बैंक खातों में डाइवर्ट कर दिया और बाद में लोन नहीं चुकाया। इसी साल 12 मार्च को दर्ज हुई थी पहली FIR एक्सिस बैंक की शिकायत पर अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले इसी साल 12 मार्च को EOW ने इन्हीं आधारों पर अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों और उनके कई निदेशकों के खिलाफ पहली FIR दर्ज की थी। वाइस प्रेसिडेंट प्रकाश प्रभाकर राव ने मार्च में भी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने अब इस दूसरे मामले में कार्रवाई को आगे बढ़ाया है। क्या होता है EOW और लोन डाइवर्जन? इकोनॉमिक ऑफेंस विंग: इसे हिंदी में आर्थिक अपराध शाखा कहा जाता है। यह पुलिस की एक विशेष विंग होती है, जो केवल बड़े वित्तीय घोटालों, कॉरपोरेट धोखाधड़ी, जालसाजी और टैक्स चोरी जैसे आर्थिक अपराधों की जांच करती है। लोन डाइवर्जन: जब कोई कंपनी या व्यक्ति बैंक से किसी तय काम या बिजनेस के लिए लोन लेता है, लेकिन उस पैसे का इस्तेमाल उस काम में नहीं करता है, तो इसे लोन डाइवर्जन कहते हैं। इसमें लोन के पैसे को किसी दूसरे उद्देश्य के लिए उपयोग किया जाता है या अपनी ही सहयोगी कंपनियों के खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता है।
Gujarat nri woman killed in Virginia of america

मेहसाणा12 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका के वर्जीनिया में एक गुजराती मूल की महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक मेघना पटेल (47) एक स्टोर में काम करती थीं। सोमवार सुबह मेघना ने स्टोर खोला था। कुछ देर बाद ही एक नकाबपोश शख्स स्टोर में दाखिल हुआ और उन पर फायरिंग कर दी। इसके बाद स्टोर में लूटपाट की और फरार हो गया। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग स्टोर पहुंचे और एंबुलेंस को सूचना दी। हालांकि, मेघना की मौके पर ही मौत हो गई थी। हत्या की पूरी घटना स्टोर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। फुटेज में देखा जा सकता है कि एक अज्ञात शख्स स्टोर में दाखिल होता है। पहचान छिपाने के लिए उसने ट्रैक सूट, जैकेट, हाथों में दस्ताने, चेहरे पर मास्क और सिर पर टोपी पहनी हुई थी, जिससे उसकी सिर्फ आंखें ही दिखाई दे रही थीं। आरोपी मेघना के पास पहुंचते ही उन पर ताबड़तोड़ दो-तीन राउंड फायरिंग कर देता है। उनके जमीन पर गिरते ही वह कैश बॉक्स से करंसी निकालकर फरार हो जाता है। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। स्टोर में दाखिल होता हुआ नकाबपोश आरोपी। मेघना को गोली मारने के बाद लॉकर से बेटे और बेटी के साथ मेघना पटेल की फाइल फोटो। 10 वर्षों से अमेरिका में रह रही थीं मेघना पटेल मूल रूप से गुजरात में मेहसाणे जिले के जंत्राल गांव की रहने वाली हैं। परिवार के साथ वे पिछले 10 सालों से वर्जीनिया सिटी में रह रही थीं। इस स्टोर में करीब 8 सालों काम कर रही थीं। मेघनाबेन के पिता करसनभाई और माता कपिलाबेन गुजरात के जंत्राल गांव में ही रहते हैं। —————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में 27 साल की भारतीय महिला की हत्या:आरोपी बॉयफ्रेंड भारत से गिरफ्तार, उसी के अपार्टमेंट में शव मिला था अमेरिका के मैरीलैंड राज्य में भारतीय मूल की महिला निकिता गोदिशाला की हत्या के मामले में उसके एक्स बॉयफ्रेंड अर्जुन शर्मा को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया है। निकिता न्यू ईयर से लापता थी। 27 साल की निकिता का शव अर्जुन के अपार्टमेंट से मिला था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
सत्तू पिज्जा रेसिपी: बिना मैदा के निशान बनाएं ‘सत्तू बेस पिज्जा’, चाटते रह जाएंगी उंगलियां, नोट कर लें रेसिपी

26 मई 2026 को 12:06 IST पर अद्यतन किया गया सत्तू पिज्ज़ा रेसिपी: अगर आप पिज्जा के शौकीन हैं लेकिन मैदा की वजह से इसे खाने वाले से आदर्श हैं, तो सत्तू बेस पिज्जा आपके लिए एक बेहतरीन लेबल है। यह ग्लूटेन फ्री पिज्जा प्रोटीन और चॉकलेट से भरपूर होता है, जो स्वाद और स्वास्थ्य का अनोखा संगम माना जाता है। आइये जानते हैं इसे बनाने की सबसे आसान रेसिपी। अनुसरण करना : पिज्जा बेस बनाने के लिए एक कप सत्तू, अच्छी बाइंडिंग के लिए आधा कप जार का आटा या बेसन, दो से तीन दही दही, स्वाद के सामान, नमक और आटा गूंथने के लिए पानी की जरूरत होती है। छवि: एआई एक पायनियर में सत्तू, ज्वार का आटा या बेसन, दही, अजवायन और नमक एक साथ मिलाते हैं। अब आवश्यकता है इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डाले हुए सामान्य चपाती की तरह नरम आटा गूंथकर तैयार कर लें। छवि: फ्रीपिक गुंथे हुए आटे की एक बड़ी लोई और इसे गोल पिज्जा बेस के आकार में बेल लें। इसके बाद एक केंट यानी फोर्क की मदद से बेस पर छोटे-छोटे छेद कर दें ताकि यह अंदर तक अच्छी तरह से पैक हो सके। छवि: एआई गैस पर तवा गरम करें और उस पर थोड़ा सा मक्खन या तेल का घोल। अब बेले हुए सत्तू बेस को तवे पर डालें और मध्यम स्पर्श पर दोनों तरफ से रंगीन रंग तक अच्छी तरह से सेक लें। छवि: फ्रीपिक सिके हुए बेस पर सबसे पहले पिज्जा मसाला अच्छी तरह से फैला हुआ है। इसके बाद इसके ऊपर अपनी पसंद की कटी हुई समान मात्रा में सजाएं। छवि: फ्रीपिक हॉलो के अपोजिट मोजेरेला चीज़ और साथ में ओरिगेनो और चिली फ़्लेक्स स्प्रेडें। अब इसे पैन में ढालकर 5 से 7 मिनट तक घुमाया जाए, जब तक चीज पिघल न जाए। अब सत्तू का पिज्जा बनकर तैयार है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 26 मई 2026 12:06 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)सत्तू पिज्जा रेसिपी(टी)हेल्दी पिज्जा बेस(टी)नो मैदा पिज्जा(टी)ग्लूटेन फ्री रेसिपी(टी)क्विक हाई प्रोटीन डिनर(टी)सत्तू रेसिपी इन हिंदी(टी)हेल्दी फूड हैक्स
शादी के 10 साल बाद मां बनीं दिव्यांका त्रिपाठी:41 की उम्र में जुड़वा बेटों को जन्म दिया, अनाउंस कर लिखा- मेरे करण-अर्जुन आ गए

टेलीविजन की पॉपुलर एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी शादी के 9 साल बाद मां बनी हैं। उन्होंने मंगलवार को मुंबई में जुड़वा बेटों को जन्म दिया है। एक्ट्रेस और उनके पति विवेक दाहिया ने सोशल मीडिया के जरिए फैंस को ये खुशखबरी दी है। दिव्यांका-विवेक ने आधिकारिक सोशल मीडिया में कोलेब पोस्ट जारी कर लिखा, ‘आखिरकार इंतजार खत्म हो चुका है। हमारे बेटे आ गए हैं और जिंदगी अब पहले से भी ज्यादा खूबसूरत लग रही है। मेरे करण अर्जुन आ गए।’ आगे कपल ने लिखा है, ‘दिव्यांका और मुझे पेरेंटहुड के नए खूबसूरत सफर को शुरू करने के लिए आप सभी के प्यार और आशीर्वाद की जरुरत है।’ शेयर की तस्वीर में लिखा गया है, हमने भगवान से खुशियां मांगीं और भगवान ने कहा, डबल ले लो। हमें जुड़वा बच्चे हुए हैं। मार्च में की थी प्रेग्नेंसी अनाउंस दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक ने मार्च में फैंस को गुड न्यूज दी थी। एक्ट्रेस ने बेबी बंप की तस्वीरों के साथ लिखा था, ‘10 साल बाद कहानी में आया सबसे खूबसूरत ट्विस्ट। कुछ सफर जल्दी पूरे करने के लिए नहीं होते। वो साथ-साथ तैयार होने के लिए होते हैं। और जब आपको लगता है कि आपकी कहानी पूरी हो चुकी है। तभी जिंदगी उसमें सबसे खूबसूरत अध्याय जोड़ देती है। अब भी यकीन नहीं हो रहा। बिना वजह मुस्कुरा रहे हैं। दिल में सिर्फ शुक्र और खुशी है। हम माता-पिता बनने वाले हैं।’ देखिए दिव्यांका त्रिपाठी की प्रेग्नेंसी की चुनिंदा तस्वीरें- टीवी के शो के सेट में हुआ प्यार और कर ली शादी दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दाहिया की मुलाकात टीवी शो ये है मोहब्बतें के सेट पर हुई थी। दोनों शो के लीड एक्टर्स थे। साथ काम करते हुए दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे और फिर जनवरी 2016 में कपल ने सगाई की। सगाई के 5 महीने बाद जुलाई 2016 में दिव्यांका और विवेक की शादी भोपाल में हुई। दिव्यांका त्रिपाठी को टीवी शो बनूं मैं तेरी दुल्हन से देशभर में पहचान मिली थी। इसेक बाद वो ये हैं मोहब्बतें में दिखीं। टीवी शोज के अलावा दिव्यांका कई रियलिटी शो, कई वेब सीरीज और फिल्मों का भी हिस्सा रही हैं।
शादी के 10 साल बाद मां बनीं दिव्यांका त्रिपाठी:41 की उम्र में जुड़वा बेटों को जन्म दिया, अनाउंस कर लिखा- मेरे करण-अर्जुन आ गए

टेलीविजन की पॉपुलर एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी शादी के 9 साल बाद मां बनी हैं। उन्होंने मंगलवार को मुंबई में जुड़वा बेटों को जन्म दिया है। एक्ट्रेस और उनके पति विवेक दाहिया ने सोशल मीडिया के जरिए फैंस को ये खुशखबरी दी है। दिव्यांका-विवेक ने आधिकारिक सोशल मीडिया में कोलेब पोस्ट जारी कर लिखा, ‘आखिरकार इंतजार खत्म हो चुका है। हमारे बेटे आ गए हैं और जिंदगी अब पहले से भी ज्यादा खूबसूरत लग रही है। मेरे करण अर्जुन आ गए।’ आगे कपल ने लिखा है, ‘दिव्यांका और मुझे पेरेंटहुड के नए खूबसूरत सफर को शुरू करने के लिए आप सभी के प्यार और आशीर्वाद की जरुरत है।’ शेयर की तस्वीर में लिखा गया है, हमने भगवान से खुशियां मांगीं और भगवान ने कहा, डबल ले लो। हमें जुड़वा बच्चे हुए हैं। मार्च में की थी प्रेग्नेंसी अनाउंस दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक ने मार्च में फैंस को गुड न्यूज दी थी। एक्ट्रेस ने बेबी बंप की तस्वीरों के साथ लिखा था, ‘10 साल बाद कहानी में आया सबसे खूबसूरत ट्विस्ट। कुछ सफर जल्दी पूरे करने के लिए नहीं होते। वो साथ-साथ तैयार होने के लिए होते हैं। और जब आपको लगता है कि आपकी कहानी पूरी हो चुकी है। तभी जिंदगी उसमें सबसे खूबसूरत अध्याय जोड़ देती है। अब भी यकीन नहीं हो रहा। बिना वजह मुस्कुरा रहे हैं। दिल में सिर्फ शुक्र और खुशी है। हम माता-पिता बनने वाले हैं।’ देखिए दिव्यांका त्रिपाठी की प्रेग्नेंसी की चुनिंदा तस्वीरें- टीवी के शो के सेट में हुआ प्यार और कर ली शादी दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दाहिया की मुलाकात टीवी शो ये है मोहब्बतें के सेट पर हुई थी। दोनों शो के लीड एक्टर्स थे। साथ काम करते हुए दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे और फिर जनवरी 2016 में कपल ने सगाई की। सगाई के 5 महीने बाद जुलाई 2016 में दिव्यांका और विवेक की शादी भोपाल में हुई। दिव्यांका त्रिपाठी को टीवी शो बनूं मैं तेरी दुल्हन से देशभर में पहचान मिली थी। इसेक बाद वो ये हैं मोहब्बतें में दिखीं। टीवी शोज के अलावा दिव्यांका कई रियलिटी शो, कई वेब सीरीज और फिल्मों का भी हिस्सा रही हैं।
‘मुझे ईर्ष्या महसूस हुई’: सीएम विजय के त्वरित राजनीतिक उत्थान पर पवन कल्याण, कहते हैं कि वह 15 वर्षों तक सड़कों पर भटकते रहे | भारत समाचार

आखरी अपडेट:26 मई, 2026, 11:47 IST पवन कल्याण ने कहा कि तमिलनाडु में राजनीति फिलहाल अपेक्षाकृत आसान दिख रही है। “मैं इन दिनों तमिल राजनीति को देखता हूं; उन्होंने इसे बहुत लापरवाही से किया है। मुझे ईर्ष्या महसूस हुई।” पवन कल्याण ने 15 साल के राजनीतिक संघर्ष पर खुलकर बात की, विजय की प्रशंसा की भारतीय राजनीति में प्रतिद्वंद्वी नेता अक्सर एक-दूसरे की खुलेआम आलोचना करते रहते हैं। लेकिन आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने सोमवार को कई लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया जब उन्होंने सार्वजनिक रूप से विजय और तमिलनाडु में उनकी तीव्र राजनीतिक सफलता से “थोड़ी ईर्ष्या” महसूस की। अभिनेता से नेता बने अभिनेता ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अपनी जनसेना पार्टी के सदस्यों को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की। उनकी टिप्पणियों ने तुरंत ध्यान आकर्षित किया क्योंकि राजनीतिक नेता शायद ही कभी प्रतिद्वंद्वियों के प्रति प्रशंसा या ईर्ष्या को इतने खुले तौर पर स्वीकार करते हैं। पवन कल्याण ने क्या कहा? अपनी लंबी राजनीतिक यात्रा के बारे में बोलते हुए, पवन कल्याण ने कहा कि वर्तमान में तमिलनाडु में राजनीति तुलनात्मक रूप से आसान दिख रही है। उन्होंने हंसते हुए कहा, “मैं इन दिनों तमिल राजनीति को देखता हूं; उन्होंने इसे बहुत लापरवाही से किया है। मुझे ईर्ष्या महसूस हुई। उन्होंने कटआउट और होलोग्राम का इस्तेमाल करके खुशी-खुशी जीत हासिल की।” हालाँकि, वह जल्द ही गंभीर स्वर में बदल गए और पिछले 15 वर्षों में अपने स्वयं के संघर्षों पर विचार किया। उन्होंने कहा, ”मैं पंद्रह साल से सड़कों पर भटक रहा हूं।” कल्याण ने बताया कि एक राजनीतिक पार्टी का निर्माण और प्रबंधन कई लोगों की कल्पना से कहीं अधिक कठिन था। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, “एक राजनीतिक पार्टी को प्रबंधित करने का मतलब लाखों लोगों को एकजुट करना है। हम अपने परिवार के सदस्यों को भी एक बात पर सहमत नहीं कर सकते।” उन्होंने कहा कि एक पार्टी शुरू करने और समाज को बदलने का प्रयास करने में भारी जोखिम शामिल है। उन्होंने कहा, “एक पार्टी शुरू करना और समाज को बदलने का प्रयास करना एक बड़ा जोखिम था।” विजय की सफलता क्यों उल्लेखनीय है? ये टिप्पणियाँ विजय की पार्टी, तमिलागा वेट्री कज़गम, जिसे व्यापक रूप से टीवीके के नाम से जाना जाता है, के असाधारण उदय के बाद आई। विजय ने 2024 में ही पार्टी लॉन्च की थी। दो साल के भीतर टीवीके ने 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में बड़ी सफलता हासिल की। पार्टी ने 108 सीटें जीतीं और राज्य में सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के दशकों के प्रभुत्व को समाप्त कर दिया। जीत के बाद विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने। राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने इस परिणाम को दशकों में राज्य में सबसे बड़े राजनीतिक बदलावों में से एक बताया। दक्षिण भारत में सिनेमा और राजनीति दक्षिण भारत में सिनेमा से राजनीति में परिवर्तन का एक लंबा इतिहास है। कई प्रमुख फिल्मी सितारे सफलतापूर्वक राजनीति में आये और बाद में मुख्यमंत्री बने। इनमें एनटी रामाराव, एमजी रामचंद्रन और जे जयललिता भी शामिल थीं. पवन कल्याण और विजय दोनों ही मजबूत प्रशंसक आधार और व्यापक लोकप्रियता के साथ सार्वजनिक जीवन में प्रवेश करने वाले अभिनेताओं की परंपरा से संबंधित हैं। हालाँकि, उनकी राजनीतिक यात्राएँ बहुत अलग तरह से सामने आई हैं। जनसेना की धीमी लेकिन स्थिर वृद्धि पवन कल्याण ने 2014 में जनसेना पार्टी की स्थापना की। पार्टी को अपने शुरुआती वर्षों में संघर्ष करना पड़ा। 2019 के लोकसभा चुनाव में जनसेना को सिर्फ एक सीट पर जीत मिली. कल्याण स्वयं अपने द्वारा लड़े गए दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से हार गए, जिससे कई राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने सवाल उठाया कि क्या पार्टी जीवित रहेगी। असफलताओं के बावजूद, अभिनेता-राजनेता ने धीरे-धीरे संगठन का निर्माण जारी रखा। समर्थकों के बीच “पावर स्टार” के रूप में लोकप्रिय कल्याण ने धीरे-धीरे जनसेना को आंध्र प्रदेश में एक गंभीर राजनीतिक ताकत के रूप में स्थापित किया। बाद में उन्होंने एनडीए गठबंधन के हिस्से के रूप में भारतीय जनता पार्टी और तेलुगु देशम पार्टी से हाथ मिला लिया। 2024 के आंध्र प्रदेश चुनाव ने जनसेना की राजनीतिक यात्रा में सबसे बड़ी सफलता को चिह्नित किया। पार्टी ने 21 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा और टीडीपी-बीजेपी-जेएसपी “कुटामी” गठबंधन के भीतर दुर्लभ 100 प्रतिशत स्ट्राइक रेट हासिल करते हुए सभी पर जीत हासिल की। पवन कल्याण ने पिथापुरम निर्वाचन क्षेत्र से 70,000 से अधिक मतों के अंतर से अपनी पहली विधानसभा जीत भी हासिल की। विजय के तेजी से बढ़ने को स्वीकार करते हुए भी कल्याण ने पहले तर्क दिया था कि आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की राजनीति की सीधे तुलना नहीं की जा सकती। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : आंध्र प्रदेश, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘मुझे ईर्ष्या महसूस हुई’: सीएम विजय के त्वरित राजनीतिक उत्थान पर पवन कल्याण, कहते हैं कि वह 15 वर्षों तक सड़कों पर भटकते रहे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पवन कल्याण ईर्ष्या विजय राजनीति(टी)पवन कल्याण राजनीति(टी)विजय राजनीतिक सफलता(टी)तमिलनाडु की राजनीति(टी)आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री(टी)जनसेना पार्टी का भाषण(टी)अभिनेता से राजनेता बने(टी)भारतीय राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता
Celina Jately Gets Emotional On Twisha Death Case, said- while her ashes are not even cold, while her grieving family begged for answers

Hindi News Entertainment Bollywood Celina Jately Gets Emotional On Twisha Death Case, Said While Her Ashes Are Not Even Cold, While Her Grieving Family Begged For Answers 7 मिनट पहले कॉपी लिंक तलाक, घरेलु हिंसा, बच्चों की कस्टडी और भाई की रिहाई की लड़ाई लड़ रहीं सेलिना जेटली ने हाल ही में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा डेथ केस में भावुक पोस्ट शेयर की है। उन्होंने इस मामले की तुलना अपने मामले से की। उन्होंने इसकी निंदा करते हुए ये भी कहा कि जिस समय तक ट्विशा की चिता की राख भी ठंडी नहीं हुई, तब कुछ लोग पौधों की चिंता कर रहे थे। सेलिना जेटली ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से ट्विशा शर्मा के लिए भावुक होकर लिखा, ‘शादी हमेशा खुशियों भरी नहीं होती। कभी-कभी सबसे बड़ा दर्द वही होता है, जिसे कोई देख नहीं पाता। ट्विशा शर्मा की दुखद कहानी ने पूरे देश को हिला दिया है। एक पढ़ी-लिखी, खूबसूरत और हुनरमंद लड़की, जिसकी जिंदगी घर के अंदर होने वाले दुख, अकेलेपन और हिंसा में फंस गई।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘जब उसकी चिता की राख भी ठंडी नहीं हुई थी, जब उसका दुखी परिवार अपनी बेटी के लिए जवाब, पोस्टमार्टम और इंसाफ की गुहार लगा रहा था, तब लोगों का ध्यान पौधों को पानी न देने जैसी बातों पर चला गया। यह देखकर इस दर्दनाक घटना को देख रहे बहुत से लोग अंदर तक हिल गए।’ ‘यही अत्याचार की सबसे डरावनी बात है। धीरे-धीरे एक महिला का दर्द लोगों के लिए आम बात बन जाता है, और फिर उसकी तकलीफ किसी को दिखाई नहीं देती। हर दर्द शरीर पर चोट के निशान नहीं छोड़ता।’ ट्विशा केस की तुलना सेलिना जेटली ने अपनी जिंदगी से की। उन्होंने लिखा, ‘मेरे साथ भी ऐसा हुआ था। मेरे माता-पिता नहीं रहे थे, मैं आर्थिक रूप से मजबूत नहीं थी, और मेरे तीन छोटे बच्चे थे। बहुत सी महिलाओं की तरह मैं भी रिश्ते में इसलिए बनी रही क्योंकि मुझे लगा परिवार को बचाना जरूरी है। मैं नहीं चाहती थी कि मेरे बच्चों को तकलीफ हो। मेरे पास मदद मांगने के लिए कोई नहीं था, और मैं अपनी सच्चाई बताने से डरती थी।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘समय के साथ इंसान और अकेला महसूस करने लगता है। धीरे-धीरे वह खुद पर भी शक करने लगता है। फिर सिर्फ जिंदा रहना ही जिंदगी लगने लगता है। मेरा दिल ट्विशा शर्मा के परिवार और हर उस महिला के साथ है जो चुपचाप दर्द सह रही है। माता-पिता, दोस्त और परिवार से एक विनती है, अगर आपकी बेटी मदद मांगे, तो उसे अपने पास वापस ले आइए। उसे अकेले मत छोड़िए।’ सेलिना ने पति पर लगाए घरेलु हिंसा के आरोप सेलिना ने साल 2010 में ऑस्ट्रियाई बिजनेसमैन पीटर हाग से शादी की थी। सेलिना ने पिछले साल नवंबर 2025 में अंधेरी कोर्ट में पीटर के खिलाफ घेरुल हिंसा समेत कई आरोप में मामला दर्ज कराया था। उन्होंने मुआवजे के तौर पर 50 करोड़ रुपये की मांग की है। मुंबई पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि पीटर जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, इसीलिए उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है ताकि उन पर नजर रखी जा सके। आरोप हैं कि शादी के तुरंत बाद ही उनके साथ दुर्व्यवहार और उत्पीड़न शुरू हो गया था। सेलिना ने बताया कि वह अपने पड़ोसियों की मदद से चुपचाप उस अपमान और डर के माहौल से बचकर निकली थीं। 15 साल की शादी में उनसे उनकी मेहनत की कमाई और प्रॉपर्टी छीनने की कोशिश की गई और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उनके पति ने बच्चे भी अपने पास रख लिए हैं और सेलिना को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है। सेलिना ने ये भी आरोप लगाए कि पति ने धोखे में रखकर उन्हें तलाक को नोटिस भेजा। हाल ही में मामले की सुनवाई के लिए ऑस्ट्रिया गई थीं। तब भी उनकी बच्चों से मुलाकात नहीं हो सकी। सेलिना के तीन बच्चे हैं, जबकि एक बच्चे का निधन हो चुका है। बच्चों से न मिल पाने के बाद सेलिना दिवंगत बेटे की कब्र पर जाकर फूट-फूटकर रोईं। बता दें कि सेलिना जेटली ने 2010 में पीटर हाग से शादी की थी। सेलिना ने 2012 में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। 5 साल बाद उन्हें फिर जुड़वां बच्चे हुए, जिनमें से एक की हाइपोप्लास्टिक हार्ट कंडीशन के चलते मौत हो गई। फिलहाल सेलिना के तीन बच्चे विंस्टन, विराज और आर्थर हैं। एक नजर ट्विशा डेथ केस पर- दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
पंजाब नगर निगम चुनाव: 1896 वार्डों में वोटिंग जारी, 35 लाख से अधिक वार्डों में वोटिंग का निर्णय

पंजाब नगर निगम चुनाव: पंजाब में 2027 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मंगलवार को आम आदमी पार्टी की राज्य के 1,896 वार्डों और आठ नगर निगमों के मजबूती के चुनाव के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान शुरू हुआ। करीब 35.45 लाख करोड़ मंगलवार शाम 5 बजे तक अपने फ्रैंचाइज़ का इस्तेमाल करेंगे। सुबह 8 बजे मतदान शुरू होने से पहले राज्यभर में मतदाता पोलिंग बूथों पर पहुंच थे। राज्य निर्वाचन अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि कहीं भी मतदान प्रक्रिया शुरू होने में देरी की कोई सूचना नहीं मिली है। राज्य चुनाव आयोग ने करीब 32,000 इंजीनियरों और 35,000 चुनावी कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए मतदान किया है। इसमें आठ नगर निगमों, 75 नगर परिषदों और 20 नगर निगमों का चुनाव हो रहा है। आठ नगर निगम अबोहर, मोहाली, मोगा, बठिंडा, बरनाला, बटाला, कपूरथला और पठानकोट में हैं। चुनावी मैदान में कुल 7,555 अभ्यर्थी हैं। इनमें 1,801 आम आदमी पार्टी, 1,550 कांग्रेस, 1,316 भाजपा, 1251 शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी के 96 उम्मीदवार शामिल हैं। वहीं 1528 और 13 अन्य उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में हैं. इनमें 18,33,712 पुरुष, 17,11,635 महिलाएं और अन्य श्रेणी में 220 गरीब शामिल हैं। नगर निकाय नामांकन से पहले पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने उस नामांकन पत्र को खारिज कर दिया था, जिसमें चुनाव आयोग के इलेक्ट्रॉनिक धार्मिक मशीन की जगह बैलेट पेपर से चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी गई थी। मुख्य न्यायाधीश शील नागू और नेशनल रिजर्वेशन बेरी के खण्डपीठ ने कहा था कि बिना किसी कानूनी संशोधन के, बिना किसी कानूनी संशोधन के, जोसेफ-वीपेट से बैलेट पेपर पर जाने का निर्णय लिया गया था। पंजाब बीजेपी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने सरकार को चेतावनी दी है कि स्थानीय निकाय चुनाव में किसी भी तरह के गैरकानूनी तरीके का इस्तेमाल न किया जाए. उन्होंने कहा कि पंजाब अब आम आदमी पार्टी के डर और दबाव की राजनीति के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि आप नेताओं और बैंचों द्वारा मंदिरों के दरवाजे बंद किए गए और बूथों पर कब्जा किया गया जैसे बयान सरकार की ओर से दिखाए गए हैं। हालाँकि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चुनावी प्रचार नहीं किया, बल्कि अपने बिल्डरों, निर्माताओं और शेयरधारकों के लिए पार्टी का प्रचार किया। चुनाव के नतीजे चाहे जो भी हों, भाजपा की पंजाब इकाई का मानना है कि पार्टी राज्य में तेजी से मजबूत राजनीतिक ताकत उभर रही है और शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत हो रही है। बीजेपी के एक बुजुर्ग नेता ने कहा कि फरवरी 2021 के स्थानीय बौद्ध विरोध और मई 2026 के बीच पंजाब की राजनीति में बीजेपी की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि 2021 में पार्टी को कई जगह विरोध का सामना करना पड़ा और कई सीटों पर नामांकन में भी दिक्कत हुई. हालाँकि इस बार बड़ी संख्या में लोग भाजपा के टिकट लेने के लिए आगे आये और कहीं भी भाजपा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ। बीजेपी ने नगर परिषद और पंचायत नगर निगम के लिए 1,226 उम्मीदवार और आठ नगर निगम के लिए 367 उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं. इस राज्य में पार्टी की आबादी वाली ताकतें और लोगों के बीच की आबादी की उत्पादकता दिखाई देती है। बीजेपी का दावा है कि अब पार्टी को सिर्फ शहरी इलाकों तक सीमित समर्थन नहीं मिल रहा है, बल्कि ग्रामीण पंजाब में भी उसका जनाधार लगातार बढ़ रहा है.
वावरिंका ने इमोशनल होकर फ्रेंच ओपन को अलविदा कहा:पहले दौर में हारे; 19 साल के राफेल जोदार ने डेब्यू मैच में सुर्खियां बटोरी

स्विट्जरलैंड के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी स्टेन वावरिंका ने सोमवार को पहले दौर में हार के साथ फ्रेंच ओपन को भावुक विदाई दी। 41 साल के वावरिंका पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वे इस सत्र के अंत में संन्यास ले लेंगे। उन्हें नीदरलैंड के जेस्पर डी जोंग ने 6-3, 3-6, 6-3, 6-4 से हराया। वहीं, 19 साल के स्पेनिश स्टार राफेल जोदार ने डेब्यू में सबका ध्यान खींचा। उन्होंने अलेक्जेंडर कोवाचेविच को 6-1, 6-0, 6-4 से हराया। जोदार ने पूरे मैच में सिर्फ पांच गेम गंवाए। फ्रेंच ओपन डेब्यू में इससे कम गेम नोवाक जोकोविच ने 2005 में गंवाए थे। विमेंस सिंगल्स में चार बार की चैंपियन और वर्ल्ड नंबर-3 इगा स्वियातेक ने पहले दौर में डेब्यू कर रहीं इमर्सन जोन्स को 6-1, 6-2 से हराया। उन्हें दाएं हाथ की उंगली के छाले के लिए ट्रेनर की मदद लेनी पड़ी। जेस्पर ने सम्मान में तालियां बजवाई, वावरिंका बोले- टेनिस छोड़ना आसान नहीं जोदार ने पिछले 19 में से 16 मैच जीते राफल जोदार ने पिछले 19 में से 16 मैच जीते हैं। वे एक साल पहले तक ATP रैंकिंग में 707वें स्थान पर थे। अब दुनिया के 29वें नंबर के खिलाड़ी हैं। उन्हें यहां 27वीं वरीयता मिली है। स्वियातेक की आसान जीत, नडाल के कोच से ट्रेनिंग ले रहीं महिला वर्ग में चार बार की चैंपियन इगा स्वियातेक ने इमर्सन जोन्स को 6-1, 6-2 से हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई। हालांकि मैच के दौरान उन्हें दाहिने हाथ की उंगली में परेशानी के कारण मेडिकल सहायता लेनी पड़ी। हाल ही में स्वियातेक ने राफेल नडाल के साथ काम कर चुके फ्रांसिस्को रोइग को अपने जोड़ा है। उन्होंने कहा कि लगातार खिताब जीतने के बाद उम्मीदें बढ़ जाती हैं। इसलिए विनम्र रहना और हर मैच को नए सिरे से खेलना जरूरी होता है।
वावरिंका ने इमोशनल होकर फ्रेंच ओपन को अलविदा कहा:पहले दौर में हारे; 19 साल के राफेल जोदार ने डेब्यू मैच में सुर्खियां बटोरी

स्विट्जरलैंड के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी स्टेन वावरिंका ने सोमवार को पहले दौर में हार के साथ फ्रेंच ओपन को भावुक विदाई दी। 41 साल के वावरिंका पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वे इस सत्र के अंत में संन्यास ले लेंगे। उन्हें नीदरलैंड के जेस्पर डी जोंग ने 6-3, 3-6, 6-3, 6-4 से हराया। वहीं, 19 साल के स्पेनिश स्टार राफेल जोदार ने डेब्यू में सबका ध्यान खींचा। उन्होंने अलेक्जेंडर कोवाचेविच को 6-1, 6-0, 6-4 से हराया। जोदार ने पूरे मैच में सिर्फ पांच गेम गंवाए। फ्रेंच ओपन डेब्यू में इससे कम गेम नोवाक जोकोविच ने 2005 में गंवाए थे। विमेंस सिंगल्स में चार बार की चैंपियन और वर्ल्ड नंबर-3 इगा स्वियातेक ने पहले दौर में डेब्यू कर रहीं इमर्सन जोन्स को 6-1, 6-2 से हराया। उन्हें दाएं हाथ की उंगली के छाले के लिए ट्रेनर की मदद लेनी पड़ी। जेस्पर ने सम्मान में तालियां बजवाई, वावरिंका बोले- टेनिस छोड़ना आसान नहीं जोदार ने पिछले 19 में से 16 मैच जीते राफल जोदार ने पिछले 19 में से 16 मैच जीते हैं। वे एक साल पहले तक ATP रैंकिंग में 707वें स्थान पर थे। अब दुनिया के 29वें नंबर के खिलाड़ी हैं। उन्हें यहां 27वीं वरीयता मिली है। स्वियातेक की आसान जीत, नडाल के कोच से ट्रेनिंग ले रहीं महिला वर्ग में चार बार की चैंपियन इगा स्वियातेक ने इमर्सन जोन्स को 6-1, 6-2 से हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई। हालांकि मैच के दौरान उन्हें दाहिने हाथ की उंगली में परेशानी के कारण मेडिकल सहायता लेनी पड़ी। हाल ही में स्वियातेक ने राफेल नडाल के साथ काम कर चुके फ्रांसिस्को रोइग को अपने जोड़ा है। उन्होंने कहा कि लगातार खिताब जीतने के बाद उम्मीदें बढ़ जाती हैं। इसलिए विनम्र रहना और हर मैच को नए सिरे से खेलना जरूरी होता है।







