Friday, 10 Jul 2026 | 05:24 PM

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The world’s first doping-friendly tournament sparked outrage in the sports world.

The world's first doping-friendly tournament sparked outrage in the sports world.

Hindi News Sports The World’s First Doping friendly Tournament Sparked Outrage In The Sports World. न्यूयॉर्क30 मिनट पहले कॉपी लिंक क्रिश्चियन एंगरमेयर खुद तो 48 की उम्र में 38 के दिखते ही हैं, पर अब वह पूरी दुनिया को ‘बायोहैकिंग’ का दीवाना बनाने निकले हैं।- फाइल फोटो जोखिम और मुनाफे की बुनियाद पर खड़े शहर लास वेगास में इन दिनों एक अजीबोगरीब खेल की पटकथा लिखी गई। लेखक थे 48 वर्षीय अरबपति बायोहैकर क्रिश्चियन एंगरमेयर… सुबह उठकर वे खुद को वजन घटाने वाली दवाएं, टेस्टोस्टेरोन और लीगल ग्रोथ हार्मोन्स इंजेक्ट करते हैं। फोकस करने के लिए स्लीप एप्निया की दवा और लोगों से घुलने-मिलने के लिए ‘ऑक्सीटोसिन’ की मदद लेते हैं। एंगरमेयर खुद तो 48 की उम्र में 38 के दिखते ही हैं, पर अब वह पूरी दुनिया को ‘बायोहैकिंग’ का दीवाना बनाने निकले हैं। वे ‘एनहैंस्ड गेम्स’ के फाउंडर हैं। बीते रविवार को हुए इस अनूठे टूर्नामेंट में एथलीट्स पर ड्रग्स, स्टेरॉयड, हार्मोन्स और पेप्टाइड्स लेने पर कोई प्रतिबंध नहीं था, बल्कि उन्हें सरेआम इसे लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। खेल इतिहास में पहली बार किसी टूर्नामेंट को खुलेआम ‘डोपिंग को बढ़ावा’ देने के लिए तैयार किया गया।पहली बार हुए इस आयोजन में दुनियाभर के 42 शीर्ष तैराक, धावक और वेटलिफ्टर ने हिस्सा लिया, जिनमें कई ओलिंपिक मेडल विजेता भी थे। इनमें से 91% टेस्टोस्टेरोन और 79% ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन के हैवी डोज पर हैं। ग्रीक ओ​लिंपिक तैराक क्रिस्टियन गोलोमेव ने गुप्त ट्रायल के दौरान 50 मीटर फ्रीस्टाइल में 20.89 सेकंड का समय निकालकर आधिकारिक वर्ल्ड रिकॉर्ड को दो सौवें सेकंड से तोड़ दिया, जिसके लिए उन्हें करीब 9.55 करोड़ रुपए का बोनस भी मिला। कंपनी के 29 वर्षीय सीईओ मैक्स मार्टिन का कहना है,‘यह इनोवेशन सिर्फ एथलीट्स के लिए नहीं है। यह उन दादाजी के लिए भी है जो अपने पोते के साथ पार्क में दौड़ने के लिए ऊर्जा चाहते हैं।’ दिग्गजों ने किया निवेश, नजर 650 लाख करोड़ की वेलनेस इंडस्ट्री पर 11,460 करोड़ रु. के वैल्यूएशन के साथ पब्लिक हुई कंपनी एनहैंस्ड गेम्स इंक के पीछे सिलिकॉन वैली के दिग्गज अरबपति पीटर थिएल व ट्रम्प जूनियर की साझेदारी वाली वेंचर फर्म ‘1789 कैपिटल’ का हाथ है। एंगरमेयर इसके कोफाउंडर हैं। 191 करोड़ की लागत से हुए इस इवेंट का मकसद स्पोर्ट्स नहीं, बल्कि बिजनेस एम्पायर खड़ा करना है। कंपनी का टेलीहेल्थ प्लेटफॉर्म ‘एनहैंस्ड’ जल्द ही आम लोगों को टेस्टोस्टेरोन और एंटी-एजिंग सप्लीमेंट्स बेचेगा। 650 लाख करोड़ रु. की वैश्विक वेलनेस इंडस्ट्री को भुनाने के लिए इस टूर्नामेंट ‘लाइव विज्ञापन’ की भूमिका निभाई। गलत संदेश जाएगा इवेंट को लेकर खेल जगत और मेडिकल एक्सपर्ट में आक्रोश है। अमेरिकी एंटी-डोपिंग एजेंसी के प्रमुख ट्रैविस टायगार्ट मानते हैं कि इससे बच्चों में गलत संदेश जाएगा कि खेल में आगे बढ़ने के लिए ड्रग्स जरूरी हैं। वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी ने चेतावनी दी है कि भले ही ये दवाएं डॉक्टरों की देखरेख में दी जा रही हों, पर इनके कॉकटेल से भविष्य में हार्ट अटैक, स्ट्रोक, लिवर डैमेज और अचानक मौत का खतरा बढ़ जाता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

धर्मेंद्र वहां मौजूद थे, हाथ थामे हुए थे:पद्म पुरस्कार लेकर हेमा मालिनी हुईं भावुक, कहा- बहुत ख्याल रखने वाले पति थे, यादों से आंखें नम हो गईं

धर्मेंद्र वहां मौजूद थे, हाथ थामे हुए थे:पद्म पुरस्कार लेकर हेमा मालिनी हुईं भावुक, कहा- बहुत ख्याल रखने वाले पति थे, यादों से आंखें नम हो गईं

Hindi News Entertainment Bollywood Hema Malini Gets Emotional After Taking Dharmendra’s Padmabhushan Award From President, Said Felt My Husband Dharam Ji’s Warm Presence, Holding My Hand 7 मिनट पहले कॉपी लिंक सोमवार को भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म पुरस्कार से सम्मानिक किया। हेमा मालिनी ये सम्मान लेने पहुंचीं, जिस समय वो बेहद भावुक हो गईं, जबकि बेटी अहाना फूट-फूटकर रोती दिखीं। अब हेमा मालिनी ने एक भावुक पोस्ट कर कहा है कि सम्मान लेते हुए उन्हें धर्मेंद्र की मौजूदगी महसूस हुई। उन्हें ऐसा लगा जैसे धर्मेंद्र ने उनका हाथ थाम लिया है। हेमा मालिनी ने पद्म पुरस्कार समारोह की तस्वीरों के साथ आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, एक बेहद भावुक और खुशी से भरा पल, ऐसा पल जब मुझे सच में अपने पति धरम जी की गर्मजोशी भरी मौजूदगी महसूस हुई, जैसे वह मेरा हाथ थामकर मुझे उस मंच तक ले जा रहे हों, जहां उनका पद्म विभूषण सम्मान उनका इंतजार कर रहा था। आगे उन्होंने लिखा है, ‘कल शांत और गरिमामयी पद्म पुरस्कार समारोह में, जब महामहिम राष्ट्रपति जी स्वयं सभी योग्य सम्मानित लोगों को पुरस्कार दे रही थीं, तब मैं धरम जी की ओर से वहां मौजूद थी। उस पल मेरे भीतर गर्व की एक गहरी भावना उमड़ पड़ी। उनके साथ बिताए सालों की यादें ताजा हो गईं, पहले कई सफल फिल्मों में उनकी को-स्टार के रूप में और बाद में उनकी जीवनसंगिनी बनकर। इन यादों ने मेरी आंखों को नम कर दिया।’ हेमा मालिनी ने आगे भावुक होकर लिखा, ‘धर्मेंद्र एक बेहद प्यार करने वाले और ख्याल रखने वाले पति थे, स्नेही पिता और दादा थे, एक सच्चे दोस्त, अच्छे विचारों वाले इंसान, सच्चे मार्गदर्शक और भरोसेमंद साथी थे। धरम जी में ये सभी खूबसूरत गुण थे और उससे भी कहीं ज्यादा। वह एक उदार, नेकदिल और देने वाले इंसान थे, जिन्हें जानने वाला हर व्यक्ति उनसे प्यार करता था।’ यादें आखिरी पल तक संजोकर रखूंगी- हेमा मालिनी आखिर में हेमा मालिनी लिखती हैं, ‘मैंने यह सम्मान विनम्रता के साथ अपने पूरे परिवार, उनके करोड़ों चाहने वालों और शुभचिंतकों की ओर से स्वीकार किया। मैं भगवान का धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने मुझे इतना अद्भुत जीवनसाथी दिया, जिनकी यादें मैं अपनी जिंदगी के आखिरी पल तक संजोकर रखूंगी। ये मेरे दिल की सच्ची भावनाएं हैं, जो देश के दूसरे सबसे बड़े सम्मान ‘पद्म विभूषण’ को धरम जी की ओर से प्राप्त करते समय उमड़ पड़ीं।’ बेटी ईशा देओल भी हुईं भावुक हेमा मालिनी के अलावा ईशा देओल ने भी भावुक पोस्ट लिखी है। उन्होंने लिखा, गर्व का एक पल, भावनाओं से भरा एक पल। हम कितनी गहराई से चाहते थे कि आज वह हमारे बीच मौजूद होते, अपनी सफेद शर्ट और नीले सूट में हमेशा की तरह बेहद हैंडसम दिखते हुए, एक छोटे बच्चे जैसी उत्सुकता के साथ यह प्रतिष्ठित सम्मान लेने जाते। कल जब मेरी मा ने हमारे परिवार की ओर से यह सम्मान स्वीकार किया, और हम सभी छह बच्चों की तरफ से सबसे छोटी अहाना वहां मौजूद थी, तब उसकी आंखों में आंसू थे और हाथों में तालियां, अपने पिता के सम्मान में। देखिए पद्म पुरस्कार से हेमा मालिनी और बेटी अहाना की झलक- 24 नवंबर 2025 को धर्मेंद्र का 89 साल की उम्र में निधन हो गया। वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे। धर्मेंद्र के निधन के बाद से ही हेमा मालिनी उन्हें याद कर भावुक पोस्ट और तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। धर्मेंद्र के अंतिम संस्कार के समय ली गई हेमा मालिनी की तस्वीर। बता दें कि हेमा मालिनी और धर्मेंद्र ने 30 से ज्यादा फिल्मों में साथ काम किया है। फिल्मों में आने से पहले ही धर्मेंद्र शादीशुदा थे। उनकी शादी कम उम्र में प्रकाश कौर से हुई थी, जिससे उन्हें 4 बच्चे सनी, बॉबी, अजेता, विजेता हुए। शादीशुदा होने के बावजूद हेमा मालिनी से शादी करने के लिए धर्मेंद्र ने इस्लाम कबूल किया और उनसे दूसरी शादी की। इस शादी से उन्हें दो बेटियां ईशा और अहाना हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

धर्मेंद्र वहां मौजूद थे, हाथ थामे हुए थे:पद्म पुरस्कार लेकर हेमा मालिनी हुईं भावुक, कहा- बहुत ख्याल रखने वाले पति थे, यादों से आंखें नम हो गईं

धर्मेंद्र वहां मौजूद थे, हाथ थामे हुए थे:पद्म पुरस्कार लेकर हेमा मालिनी हुईं भावुक, कहा- बहुत ख्याल रखने वाले पति थे, यादों से आंखें नम हो गईं

Hindi News Entertainment Bollywood Hema Malini Gets Emotional After Taking Dharmendra’s Padmabhushan Award From President, Said Felt My Husband Dharam Ji’s Warm Presence, Holding My Hand 44 मिनट पहले कॉपी लिंक सोमवार को भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म पुरस्कार से सम्मानिक किया। हेमा मालिनी ये सम्मान लेने पहुंचीं, जिस समय वो बेहद भावुक हो गईं, जबकि बेटी अहाना फूट-फूटकर रोती दिखीं। अब हेमा मालिनी ने एक भावुक पोस्ट कर कहा है कि सम्मान लेते हुए उन्हें धर्मेंद्र की मौजूदगी महसूस हुई। उन्हें ऐसा लगा जैसे धर्मेंद्र ने उनका हाथ थाम लिया है। हेमा मालिनी ने पद्म पुरस्कार समारोह की तस्वीरों के साथ आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, एक बेहद भावुक और खुशी से भरा पल, ऐसा पल जब मुझे सच में अपने पति धरम जी की गर्मजोशी भरी मौजूदगी महसूस हुई, जैसे वह मेरा हाथ थामकर मुझे उस मंच तक ले जा रहे हों, जहां उनका पद्म विभूषण सम्मान उनका इंतजार कर रहा था। आगे उन्होंने लिखा है, ‘कल शांत और गरिमामयी पद्म पुरस्कार समारोह में, जब महामहिम राष्ट्रपति जी स्वयं सभी योग्य सम्मानित लोगों को पुरस्कार दे रही थीं, तब मैं धरम जी की ओर से वहां मौजूद थी। उस पल मेरे भीतर गर्व की एक गहरी भावना उमड़ पड़ी। उनके साथ बिताए सालों की यादें ताजा हो गईं, पहले कई सफल फिल्मों में उनकी को-स्टार के रूप में और बाद में उनकी जीवनसंगिनी बनकर। इन यादों ने मेरी आंखों को नम कर दिया।’ हेमा मालिनी ने आगे भावुक होकर लिखा, ‘धर्मेंद्र एक बेहद प्यार करने वाले और ख्याल रखने वाले पति थे, स्नेही पिता और दादा थे, एक सच्चे दोस्त, अच्छे विचारों वाले इंसान, सच्चे मार्गदर्शक और भरोसेमंद साथी थे। धरम जी में ये सभी खूबसूरत गुण थे और उससे भी कहीं ज्यादा। वह एक उदार, नेकदिल और देने वाले इंसान थे, जिन्हें जानने वाला हर व्यक्ति उनसे प्यार करता था।’ यादें आखिरी पल तक संजोकर रखूंगी- हेमा मालिनी आखिर में हेमा मालिनी लिखती हैं, ‘मैंने यह सम्मान विनम्रता के साथ अपने पूरे परिवार, उनके करोड़ों चाहने वालों और शुभचिंतकों की ओर से स्वीकार किया। मैं भगवान का धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने मुझे इतना अद्भुत जीवनसाथी दिया, जिनकी यादें मैं अपनी जिंदगी के आखिरी पल तक संजोकर रखूंगी। ये मेरे दिल की सच्ची भावनाएं हैं, जो देश के दूसरे सबसे बड़े सम्मान ‘पद्म विभूषण’ को धरम जी की ओर से प्राप्त करते समय उमड़ पड़ीं।’ बेटी ईशा देओल भी हुईं भावुक हेमा मालिनी के अलावा ईशा देओल ने भी भावुक पोस्ट लिखी है। उन्होंने लिखा, गर्व का एक पल, भावनाओं से भरा एक पल। हम कितनी गहराई से चाहते थे कि आज वह हमारे बीच मौजूद होते, अपनी सफेद शर्ट और नीले सूट में हमेशा की तरह बेहद हैंडसम दिखते हुए, एक छोटे बच्चे जैसी उत्सुकता के साथ यह प्रतिष्ठित सम्मान लेने जाते। कल जब मेरी मा ने हमारे परिवार की ओर से यह सम्मान स्वीकार किया, और हम सभी छह बच्चों की तरफ से सबसे छोटी अहाना वहां मौजूद थी, तब उसकी आंखों में आंसू थे और हाथों में तालियां, अपने पिता के सम्मान में। देखिए पद्म पुरस्कार से हेमा मालिनी और बेटी अहाना की झलक- 24 नवंबर 2025 को धर्मेंद्र का 89 साल की उम्र में निधन हो गया। वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे। धर्मेंद्र के निधन के बाद से ही हेमा मालिनी उन्हें याद कर भावुक पोस्ट और तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। धर्मेंद्र के अंतिम संस्कार के समय ली गई हेमा मालिनी की तस्वीर। बता दें कि हेमा मालिनी और धर्मेंद्र ने 30 से ज्यादा फिल्मों में साथ काम किया है। फिल्मों में आने से पहले ही धर्मेंद्र शादीशुदा थे। उनकी शादी कम उम्र में प्रकाश कौर से हुई थी, जिससे उन्हें 4 बच्चे सनी, बॉबी, अजेता, विजेता हुए। शादीशुदा होने के बावजूद हेमा मालिनी से शादी करने के लिए धर्मेंद्र ने इस्लाम कबूल किया और उनसे दूसरी शादी की। इस शादी से उन्हें दो बेटियां ईशा और अहाना हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

कांग्रेस नेतृत्व की चर्चा के बीच सिद्धारमैया, शिवकुमार ने एकजुटता की मुद्रा पेश की | भारत समाचार

US Secretary of State Marco Rubio stressed that Quad cooperation continues beyond formal meetings.

आखरी अपडेट:26 मई, 2026, 13:25 IST कर्नाटक में लंबे समय से चल रहे सत्ता संघर्ष पर चर्चा के लिए पार्टी नेतृत्व ने दोनों नेताओं को बुलाया है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार एआईसीसी कार्यालय, इंदिरा भवन में चर्चा कर रहे हैं। कर्नाटक सत्ता संघर्ष: कर्नाटक में संभावित नेतृत्व परिवर्तन की बढ़ती चर्चा के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार मंगलवार को नई दिल्ली में एक साथ दिखे। जैसा कि समाचार एजेंसी आईएएनएस ने साझा किया है, दोनों नेताओं को कांग्रेस आलाकमान के साथ महत्वपूर्ण बैठक से पहले एआईसीसी कार्यालय में चर्चा करते देखा गया। दिल्ली: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार एआईसीसी कार्यालय, इंदिरा भवन में चर्चा कर रहे हैं। (स्रोत: सीएमओ) pic.twitter.com/BGlelbHuVm – आईएएनएस (@ians_india) 26 मई 2026 कर्नाटक में लंबे समय से चल रहे सत्ता संघर्ष पर चर्चा के लिए पार्टी नेतृत्व ने दोनों नेताओं को बुलाया है, एक ऐसा मुद्दा जिसे नेतृत्व अब तक सार्वजनिक रूप से संबोधित करने से बचता रहा है। और पढ़ें: सिद्धारमैया, शिवकुमार दिल्ली में: क्या कांग्रेस कर्नाटक में यथास्थिति बनाए रखेगी या वसंत एक आश्चर्य होगा? बैठक से पहले सिद्धारमैया ने पार्टी मुख्यालय में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला से भी मुलाकात की। इससे पहले दिन में, मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली के कर्नाटक भवन में राज्य के मंत्रियों एमबी पाटिल, जी परमेश्वर, भयरति सुरेश, सतीश जराकीहोली, केजे जॉर्ज, एचसी महादेवप्पा, एमएलसी बीके हरिप्रसाद और कानूनी सलाहकार एएस पोन्नन्ना के साथ नाश्ते पर बैठक की। राज्य में संभावित नेतृत्व परिवर्तन पर नए सिरे से अटकलों के बीच शिवकुमार और सिद्धारमैया पार्टी आलाकमान के साथ बैठक के लिए अलग-अलग इंदिरा भवन पहुंचे। हालांकि, सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों ने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से परहेज किया। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी बैठक में शामिल हुए, क्योंकि पार्टी ने पिछले कुछ समय से कर्नाटक की राजनीति पर हावी गतिरोध को तोड़ने का प्रयास किया। जबकि फोकस काफी हद तक इस बात पर है कि क्या सिद्धारमैया मुख्यमंत्री बने रहेंगे या शिवकुमार अंततः सत्ता संभाल सकते हैं, शीर्ष कांग्रेस सूत्रों ने संकेत दिया कि तत्काल लड़ाई अब लंबे समय से लंबित कैबिनेट फेरबदल की ओर बढ़ गई है। कांग्रेस के शीर्ष सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया है कि अपने समर्थकों के साथ राष्ट्रीय राजधानी के इंदिरा भवन पहुंचे नेताओं के बीच तत्काल लड़ाई अब लंबे समय से लंबित कैबिनेट फेरबदल की ओर बढ़ रही है, उन्होंने कहा कि विभागों का वितरण कैसे किया जाता है, यह अंततः कर्नाटक में शक्ति के भविष्य के संतुलन को निर्धारित कर सकता है। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने हाल ही में अपने कार्यकाल के तीन साल पूरे किए हैं, जिससे 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के पास दो साल से भी कम समय रह गया है। नेतृत्व का मुद्दा तेजी से आलाकमान के लिए एक राजनीतिक चुनौती बन गया है, जो अब तक किसी भी खेमे को नाराज करने से रोकने के लिए कोई निश्चित रुख अपनाने से बच रहा है। मुख्यमंत्री के रूप में उनके बने रहने को लेकर चल रही अटकलों के बारे में पूछे जाने पर सिद्धारमैया ने इन खबरों को खारिज करते हुए कहा, ”अटकलें हमेशा चलती रहती हैं।” और पढ़ें: कांग्रेस कर्नाटक में कठिन राह पर चल रही है क्योंकि डीकेएस, सिद्धारमैया कैबिनेट में दबदबा बनाने के लिए आमने-सामने हैं हालाँकि, सूत्रों ने सुझाव दिया कि नेतृत्व के मुद्दे पर अगले कुछ दिनों में अधिक स्पष्टता सामने आ सकती है। नेतृत्व के सवाल के अलावा, आगामी राज्यसभा चुनाव, विधान परिषद चुनाव और संभावित कैबिनेट फेरबदल पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। निरंतर अनिश्चितता के कारण दोनों खेमों से जुड़े नेताओं के बार-बार सार्वजनिक बयान आने लगे हैं, जिससे पार्टी के भीतर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है और शासन की स्थिरता पर चिंताएं बढ़ गई हैं। कांग्रेस के सामने अगले विधानसभा चुनाव से पहले दोनों नेताओं के प्रभाव को संतुलित करने की भी चुनौती है। सिद्धारमैया पार्टी के अल्पसंख्यकों, पिछड़े वर्गों और दलितों के प्रभावशाली अहिंदा सामाजिक गठबंधन का चेहरा बने हुए हैं, जबकि शिवकुमार को वोक्कालिगा समुदाय के बीच मजबूत समर्थन प्राप्त है और वह कांग्रेस के प्रमुख रणनीतिकारों और संगठनात्मक नेताओं में से एक बने हुए हैं। 2028 के चुनाव नजदीक आने के साथ, कांग्रेस नेतृत्व पर एक ऐसा फॉर्मूला खोजने का दबाव है जो कर्नाटक में आगे की राजनीतिक अस्थिरता से बचने के साथ-साथ दोनों गुटों को एकजुट रखे। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया कांग्रेस नेतृत्व की चर्चा के बीच सिद्धारमैया, शिवकुमार ने एकता की मुद्रा पेश की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक सत्ता संघर्ष(टी)कर्नाटक नेतृत्व परिवर्तन(टी)सिद्धारमैया बनाम शिवकुमार(टी)कांग्रेस आलाकमान की बैठक(टी)कर्नाटक कैबिनेट में फेरबदल(टी)कर्नाटक कांग्रेस सरकार(टी)अहिंदा सामाजिक गठबंधन(टी)वोक्कालिगा समुदाय की राजनीति

गुजराती खांडवी रेसिपी: खांडवी केक टाइम बैटर में पड़ जाते हैं आंत? नोट कर लें ये 5 सीक्रेट ट्रिक्स, पहली बार बनेगा इफेक्ट

गुजराती खांडवी रेसिपी

26 मई 2026 को 13:04 IST पर अपडेट किया गया गुजराती खांडवी रेसिपी टिप्स: गुजराती खान-पान की बात ही कुछ अलग होती है, खासकर जब बात ‘खांडवी’ की हो। खांडवी लुक में सबसे लाजवाब और सिंपल लुक है, इसे बनाना बहुत बड़ा काम माना जाता है। अक्सर पहली बार बनाने वाले लोग या तो इसके बैटर उत्साहित कर देते हैं, या फिर यह था चिपचिपे और इफेक्टिव रोल नहीं हो सकते। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है और खांडवी बनाने वाला डॉक्टर लगता है, तो अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। हमने आपको बताया है खांडवी बनाने की वो 5 सीक्रेट ट्रिक्स, जिनमें अपनाकर कोई भी शामिल है अनुसरण करना : गुजराती खांडवी दिखने में इतनी सिंपल लगती है, इसे बनाना ही ट्रिकी है। छोटी सी गलती से बैटर बेस या गेटर हो जाता है। अगर आप पहली बार खांडवी बना रहे हैं तो ये 5 आसान ट्रिक्स आपके काम आएंगी। छवि: फ्रीपिक खांडवी पकाने से पहले बेसन, दही और पानी के मिश्रण को बहुत अच्छे से फेंट लें। बैटर में और पूरी तरह से भी घायल नहीं होना चाहिए, ताकि यह आसानी से फेल हो सके रोल करने में समय न लगे। छवि: फ्रीपिक बैटर को हमेशा मामूली आचल पर ही उपकरण और आकार से लगातार स्थिर रहना। ऐसा करने से बैटर के नीचे छिपता या जलता नहीं है, पेट्स नहीं बोल्टन और खांडवी में एक परछाईं चमक और क्रैमिलन टेक्सचर आता है। छवि: फ्रीपिक खांडवी का बैटर बहुत जल्दी सेट होता नजर आ रहा है। इसलिए जैसे ही बैटर पक जाए, बिना देरी किए इसे तुरंत थाली या किचन पर स्केलेटन डिलीवर कर दिया गया। ठंडा होने के बाद इसे फैलाना और रोल करना मुश्किल हो जाएगा। छवि: फ्रीपिक खांडवी में असली गुजराती स्वाद हमेशा के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह इफेक्ट साटापन खांडवी के स्वाद को दोगुना कर देता है और बेसन के फीकेपन को पूरी तरह से खराब कर देता है। छवि: फ्रीपिक बैटर फिटिंग से पहले थाली, प्लेट या किचन काउंटर की सतह पर प्रभाव सा तेल लगाना कर लें। इससे खांडवी की पट्टियां आसानी से उठ जाती हैं और बिना फटे या फिर संतृप्त नीट रोल होती हैं। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 26 मई 2026 13:04 IST पर

ईपीएस के लिए एक और झटका? तीन विधायकों के विजय की टीवीके में शामिल होने के बाद चौथे एआईएडीएमके विधायक के इस्तीफा देने की संभावना | भारत समाचार

US Secretary of State Marco Rubio stressed that Quad cooperation continues beyond formal meetings.

आखरी अपडेट:26 मई, 2026, 12:40 IST विधायक उन 25 अन्नाद्रमुक विधायकों में से थे, जिन्होंने पहले पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया था और 13 मई के विश्वास मत के दौरान टीवीके सरकार का समर्थन किया था। एआईएडीएमके प्रमुख एडप्पादी के पलानीस्वामी (पीटीआई) अन्नाद्रमुक संकट: ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के भीतर संकट मंगलवार को और गहरा हो गया क्योंकि पार्टी के एक और विधायक के इस्तीफा देने की खबर है, जिसके एक दिन बाद तीन विधायक पार्टी छोड़कर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के नेतृत्व वाले तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) में शामिल हो गए। विधायक, जिन्हें अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता एसपी वेलुमणि के खेमे से माना जाता है, ने तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की, जिससे गुट-ग्रस्त विपक्षी दल से एक और इस्तीफे की अटकलें शुरू हो गईं। विधायक उन 25 अन्नाद्रमुक विधायकों में से थे, जिन्होंने पहले पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया था और 13 मई के विश्वास मत के दौरान टीवीके सरकार का समर्थन किया था, जिससे पार्टी के भीतर गहरी दरारें उजागर हुईं। इससे पहले सोमवार को शनमुगम के बागी खेमे के तीन विधायकों ने पार्टी छोड़कर विजय खेमे में शामिल हो गए थे। अन्नाद्रमुक विधायक के मारागथम, डी जयकुमार और वी सत्यबामा ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया और सत्तारूढ़ टीवीके में शामिल हो गए। तीन इस्तीफों के साथ, तमिलनाडु विधानसभा में अन्नाद्रमुक की ताकत घटकर 44 हो गई है। रिक्त निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अगले छह महीनों के भीतर उपचुनाव होने की उम्मीद है। 2026 के विधानसभा चुनावों में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद दलबदल को अन्नाद्रमुक महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के पलानीस्वामी के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। अन्नाद्रमुक तमिलनाडु की 234 में से केवल 47 सीटें हासिल करने में सफल रही, जबकि विजय की टीवीके ने 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरकर राजनीतिक परिदृश्य को हिला दिया। हालाँकि, पार्टी बहुमत के निशान से 10 सीटें पीछे रह गई, जिससे चुनाव के बाद गहन बातचीत और गठबंधन बनाने के प्रयास शुरू हो गए। नतीजों ने तमिलनाडु की राजनीति में द्रमुक-विरोधी क्षेत्र के निर्विवाद चेहरे के रूप में ईपीएस के दावे को कमजोर कर दिया और पार्टी के अंदर एक अभूतपूर्व विद्रोह हुआ, जिसमें सी वी षणमुगम ने अन्नाद्रमुक सुप्रीमो पर सरकार बनाने के लिए कट्टर प्रतिद्वंद्वी द्रमुक के साथ गठबंधन करने का आरोप लगाया। कम से कम 25 विधायकों ने पार्टी तोड़ दी, पार्टी व्हिप की अनदेखी की और टीवीके सरकार के पक्ष में मतदान किया, जिससे विजय के विधायकों की संख्या 144 हो गई। विद्रोह के बाद से अन्नाद्रमुक के भीतर अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू हो गई है, जिसमें दलबदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई भी शामिल है। कई वरिष्ठ नेताओं ने ईपीएस की “तानाशाहीपूर्ण” कार्यप्रणाली की आलोचना की है और उन पर गठबंधन और उम्मीदवार चयन पर एकतरफा निर्णय लेने का आरोप लगाया है। विद्रोही गुट ने कहा कि एमजी रामचंद्रन और जे जयललिता के दृष्टिकोण के अनुसार पार्टी को बहाल करने के लिए ईपीएस को हटाया जाना चाहिए। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ईपीएस के लिए एक और झटका? तीन विधायकों के विजय की टीवीके में शामिल होने के बाद चौथे एआईएडीएमके विधायक के इस्तीफा देने की संभावना है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

Australia begins preparations for the 2027 ODI World Cup

Australia begins preparations for the 2027 ODI World Cup

मेलबर्न9 मिनट पहले कॉपी लिंक क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को पूरा भरोसा है कि पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड की स्टार तेज गेंदबाजी तिकड़ी दक्षिण अफ्रीका में होने वाले अगले वर्ल्ड कप में पूरी तरह फिट होकर खेलेगी।- फाइल फोटो एक ओर दुनिया जहां आईपीएल में व्यस्त है, वहीं डिफेंडिंग चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया ने 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियां शुरू कर दी हैं। उम्र और फिटनेस की चुनौतियों के बावजूद, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को पूरा भरोसा है कि पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड की स्टार तेज गेंदबाजी तिकड़ी दक्षिण अफ्रीका में होने वाले अगले वर्ल्ड कप में पूरी तरह फिट होकर खेलेगी। इन तीनों ने 2023 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद से सिर्फ एक वनडे एक साथ खेला है। फिलहाल इन तीनों दिग्गज गेंदबाजों को पाकिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ आगामी लिमिटेड ओवर्स सीरीज से आराम दिया गया है। टीम के मुख्य कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने साफ किया कि ये तीनों इन सीरीज में खेलना चाहते थे, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के आगामी व्यस्त टेस्ट शेड्यूल को देखते हुए मैनेजमेंट ने उन्हें आराम देने का फैसला किया। कोच मैकडोनाल्ड ने कहा, ‘लोगों को अक्सर लगता है कि ये बड़े खिलाड़ी अपनी मर्जी से सीरीज चुनते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। यह फैसला पूरी तरह से मैनेजमेंट का है। अगर हम वर्ल्ड कप के नजरिए से देखें, तो इन गेंदबाजों को शारीरिक रूप से तरोताजा रखने के लिए यह ब्रेक देना बहुत जरूरी था। हम पूरी तरह से योजना बना रहे हैं कि ये तीनों 2027 में टीम का हिस्सा हों।’कोच ने टीम की कप्तानी पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि कमिंस की गैरमौजूदगी में मिचेल मार्श वनडे टीम की कप्तानी कर रहे हैं। हालांकि, जैसे ही कमिंस की वनडे टीम में वापसी होगी, मार्श कप्तानी छोड़ देंगे। दोनों खिलाड़ियों के बीच बेहतरीन तालमेल है और वे टीम के हित में साथ मिलकर काम कर रहे हैं। 34 से ऊपर होगी तीनों प्रीमियर पेसर्स की उम्र ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने प्रीमियर गेंदबाजों को बढ़ती उम्र और चोटों से बचाना है। स्टार्क 36, हेजलवुड 35 और कमिंस 33 साल के हैं। यानी वर्ल्ड कप तक सभी 34 साल से ऊपर के होंगे। आईपीएल 2026 के दौरान भी इनकी फिटनेस को लेकर काफी सावधानी बरती गई है। जहां स्टार्क का वर्कलोड खुद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया संभाल रहा था, वहीं कमिंस पीठ की चोट व हेजलवुड हैमस्ट्रिंग की समस्या से जूझ रहे थे। कोच ने माना कि बढ़ती उम्र के साथ उनके वर्कलोड को मैनेज करना चैलेंज होगा। ऑलराउंडर मैक्सवेल के संन्यास से बढ़ी चुनौती – 2025 में ऑलराउंडर मैक्सवेल के वनडे से संन्यास लेने के बाद ऑस्ट्रेलिया को एक धाकड़ फिनिशर (नंबर 7 बल्लेबाज) की तलाश है। मैनेजमेंट टिम डेविड की वनडे में वापसी पर विचार कर रहा है। डेविड ने अपना आखिरी वनडे 2023 में खेला था। कोच के मुताबिक, अगर वे वनडे खेलने की इच्छा जताते हैं, तो उनके लिए दरवाजे खुले हैं। – ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन भी इस भूमिका के लिए एक मजबूत दावेदार हैं। आगामी सीरीज में उन्हें हर पोजीशन पर आजमाया जाएगा, ताकि क्षमता का अंदाजा लग सके। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Diesel Price Hike: Freight Costs Up 15%

Diesel Price Hike: Freight Costs Up 15%

नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान युद्ध की वजह से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम बढ़ने का असर अब भारत की सप्लाई चेन पर दिखने लगा है। डीजल के दाम बढ़ने के कारण ट्रांसपोर्टर्स ने ट्रकों को खड़ा करना शुरू कर दिया है। हालात ये है कि भारत के कुल 95 लाख ट्रकों में से करीब 20% यानी 19 लाख ट्रक सड़कों से हट गए हैं। इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, डीजल की कमी और ऊंचे दामों की वजह से ट्रांसपोर्ट कंपनियों ने मालभाड़ा बढ़ा दिया है। पश्चिम से उत्तर भारत जैसे मुख्य रूट्स पर भाड़े में 10 से 15% की बढ़ोतरी हुई है। 30km तक की लोकल ढुलाई के दाम तो और भी ज्यादा बढ़े हैं। इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि आने वाले दिनों में फल, सब्जी और राशन के दाम बढ़ सकते हैं। 11 दिन में ₹8 तक बढ़े दाम, पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से सरकारी तेल कंपनियों ने पिछले 11 दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम 4 बार बढ़ाए हैं, जिससे कुल बढ़त ₹7.5 से ₹8 प्रति लीटर तक पहुंच गई है। नेशनल हाईवे के पेट्रोल पंपों पर ट्रकों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। छोटे ऑपरेटर्स की मुसीबत बढ़ी भारत के ट्रांसपोर्ट सेक्टर में 70% से ज्यादा छोटे ट्रक ऑपरेटर्स हैं। सऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के नेशनल प्रेसिडेंट हरीश सभरवाल ने बताया कि, ट्रक चलाने के कुल खर्च में 40-45% हिस्सा अकेले डीजल का होता है। तेल की कीमतों में किस्तों में हुई बढ़ोतरी का बोझ अब छोटे ऑपरेटर्स उठाने की स्थिति में नहीं हैं। कई पंपों ने उधार पर तेल देना बंद कर दिया है, जिससे वर्किंग कैपिटल का संकट खड़ा हो गया है। इंडस्ट्रियल डीजल पंपों महंगा होने से पंपों पर बढ़ी भीड़ बाजार में डीजल की दो तरह की कीमतें हैं- बल्क (थोक) और रिटेल। थोक में मिलने वाला डीजल रिटेल के मुकाबले ₹40-42 प्रति लीटर महंगा हो गया है, हाल ही में सरकार ने इंडस्ट्रियल डीजल की कीमत 22 रुपए बढ़ाई थी। ऐसे में जो बड़े संस्थान पहले थोक में तेल खरीदते थे, वे अब आम जनता वाले पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगा रहे हैं। इसी वजह से रिटेल आउटलेट्स पर सप्लाई कम पड़ रही है और ट्रकों को 6 से 8 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। तेल कंपनियों ने कहा- किल्लत केवल स्थानीय इंडियन ऑयल (IOC) जैसी सरकारी कंपनियों ने देशभर में तेल की कमी की बात से इनकार किया है। कंपनियों का कहना है कि पेट्रोल की बिक्री 14% और डीजल की 18% बढ़ी है। उनके मुताबिक, किल्लत सिर्फ कुछ चुनिंदा इलाकों में है और यह अस्थायी है। मानसून शुरू होने के साथ ही खेती और पर्यटन की मांग कम होगी, जिससे स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। ———————- ये भी पढ़ें… CNG ₹2 तक महंगी, दिल्ली में कीमत ₹83.09 किलो: इस महीने चौथी बार दाम बढ़े, अब तक ₹6 इजाफा ईरान जंग के बीच कंप्रेस्ड नेचुरल गैस यानी CNG के दाम पिछले दो हफ्तों के भीतर चौथी बार बढ़ गए हैं। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने आज मंगलवार 26 मई को CNG ₹2 प्रति किलोग्राम महंगी कर दी है। दिल्ली-NCR सहित कई शहरों में ये दाम बढ़ाए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

चांदी ₹4,750 गिरकर ₹2.66 लाख पर आई:ऑल टाइम हाई से ₹1.20 लाख नीचे आई, सोना आज ₹1,135 सस्ता हुआ

चांदी ₹4,750 गिरकर ₹2.66 लाख पर आई:ऑल टाइम हाई से ₹1.20 लाख नीचे आई, सोना आज ₹1,135 सस्ता हुआ

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 26 मई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 1 किलो चांदी की कीमत 4,750 रुपए कम होकर 2.66 लाख रुपए पर आ गई है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1,135 रुपए गिरकर 1.58 लाख रुपए हो गया है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 26 मई 2026 सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.58 लाख तक सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है। चांदी की कीमतों में क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.66 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑलटाइम हाई से काफी नीचे आई है। सोना 117 दिन में ₹18 हजार और चांदी ₹1.20 लाख सस्ती सोर्स: IBJA गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग के कारण निवेशक जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। वे अपने गोल्ड और सिल्वर को बेचकर ‘कैश’ इकट्ठा कर रहे हैं ताकि अनिश्चितता के समय उनके पास लिक्विड मनी रहे। प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं, इसलिए बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतें गिर गईं। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें।

चांदी ₹4,750 गिरकर ₹2.66 लाख पर आई:ऑलटाइम हाई से ₹1.20 लाख नीचे आ चुकी; सोना आज ₹1,135 सस्ता हुआ

चांदी ₹4,750 गिरकर ₹2.66 लाख पर आई:ऑल टाइम हाई से ₹1.20 लाख नीचे आई, सोना आज ₹1,135 सस्ता हुआ

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 26 मई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 1 किलो चांदी की कीमत 4,750 रुपए कम होकर 2.66 लाख रुपए पर आ गई है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1,135 रुपए गिरकर 1.58 लाख रुपए हो गया है। सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.58 लाख तक सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है। चांदी की कीमतों में क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.66 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑलटाइम हाई से काफी नीचे आई है। गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग के कारण निवेशक जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। वे अपने गोल्ड और सिल्वर को बेचकर ‘कैश’ इकट्ठा कर रहे हैं ताकि अनिश्चितता के समय उनके पास लिक्विड मनी रहे। प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं, इसलिए बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतें गिर गईं। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें।