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दिल्ली कोर्ट ने ‘मिया मुसलमानों’ पर टिप्पणी पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को नोटिस जारी किया | भारत समाचार

Tamil Nadu Government Formation: TVK’s Vijay likely to take oath as Tamil Nadu’s chief minister on May 7.

आखरी अपडेट:28 मई, 2026, 16:48 IST दिल्ली की अदालत ने मिया मुसलमानों पर कथित भड़काऊ टिप्पणी पर एफआईआर की मांग करने वाली कार्यकर्ता हर्ष मंदर की याचिका पर असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा को नोटिस जारी किया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा। (पीटीआई) दिल्ली की एक अदालत ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को “मिया मुसलमानों” के संबंध में उनकी कथित “भड़काऊ” टिप्पणियों पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है। यह नोटिस अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सोनू अग्निहोत्री द्वारा कार्यकर्ता हर्ष मंदर द्वारा दायर एक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया गया था, जिसमें पहले मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसने पुलिस को भाजपा नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया था। 26 मई के अदालत के आदेश के अनुसार, याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत के समक्ष मामले पर बहस करते हुए जीरो एफआईआर और ई-एफआईआर पर गृह मंत्रालय की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का हवाला दिया। अदालत ने अपने आदेश में कहा, “याचिकाकर्ता के वकील द्वारा की गई दलीलों के मद्देनजर, 15 जुलाई, 2026 के लिए उचित जवाब दाखिल करने पर उत्तरदाताओं को पुनरीक्षण याचिका का नोटिस जारी करें।” पुनरीक्षण याचिका में मजिस्ट्रेट अदालत के 20 अप्रैल के फैसले को चुनौती दी गई है, जिसने विवादास्पद टिप्पणियों पर सरमा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश देने से इनकार कर दिया था। हर्ष मंदर ने आरोप लगाया है कि असम के मुख्यमंत्री की “मिया मुसलमानों” को लक्षित करने वाली टिप्पणियाँ भड़काऊ थीं और उन पर आपराधिक कार्रवाई की आवश्यकता थी। “मिया” शब्द का इस्तेमाल आमतौर पर असम में बंगाली मूल के मुसलमानों को संदर्भित करने के लिए किया जाता है और पहचान, प्रवासन और नागरिकता को लेकर बहस के बीच यह राज्य में राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है। मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : दिल्ली, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया दिल्ली कोर्ट ने ‘मिया मुसलमानों’ पर टिप्पणी पर असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा को नोटिस जारी किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

विनेश फोगाट का ट्रायल रुकवाने सुप्रीम कोर्ट पहुंचा WFI:हाईकोर्ट ने रेसलर को दी थी राहत; एशियन गेम्स के लिए 30-31 मई को होना है ट्रॉयल

विनेश फोगाट का ट्रायल रुकवाने सुप्रीम कोर्ट पहुंचा WFI:हाईकोर्ट ने रेसलर को दी थी राहत; एशियन गेम्स के लिए 30-31 मई को होना है ट्रॉयल

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने पहलवान विनेश फोगाट को एशियन गेम्स 2026 चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति देने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। मामले पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। यह सुनवाई जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की बेंच करेगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने 22 मई को दिए आदेश में विनेश फोगाट को 30 और 31 मई को होने वाले चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी थी। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया था कि ट्रायल की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए और इसे पारदर्शी बनाने के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) द्वारा नियुक्त स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की निगरानी में कराया जाए। उधर, इस मामले में कुश्ती संघ हरियाणा के अध्यक्ष रमेश बोहर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुश्ती फैडरेशन देश के पहलवानों के साथ ज्यादती न हो, इसलिए WFI कोर्ट गई है। जो पहलवान जिला, स्टेट और नेशनल तक मुकाबले में पहुंचा है, उसके सामने सीधे किसी को एंट्री नहीं दी जाएगी। कुश्ती फैडरेशन के अपने नियम हैं, खेल नियमों से चलता है। पहलवानों के हक के लिए WFI सुप्रीम कोर्ट में गई है। डबल बेंच से मिली थी राहत यह आदेश चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने सुनाया था। कोर्ट विनेश फोगाट की उस अपील पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उन्होंने सिंगल बेंच के अंतरिम आदेश को चुनौती दी थी। सिंगल जज बेंच ने उनकी याचिका पर अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। विनेश फोगाट ने अपनी याचिका में WFI की चयन नीति और उन्हें जारी किए गए शो-कॉज नोटिस को चुनौती दी है। अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसका असर एशियन गेम्स 2026 के चयन प्रक्रिया पर पड़ सकता है। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…

Mukesh Ambani RIL Dividend Earning

Mukesh Ambani RIL Dividend Earning

मुंबई17 मिनट पहले कॉपी लिंक एशिया के सबसे अमीर कारोबारी मुकेश अंबानी ने अपनी ऑयल-टू-टेलीकॉम और रिटेल सेक्टर की दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) से लगातार छठे साल भी कोई सैलरी (वेतन) नहीं ली है। कंपनी की ओर से जारी एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) में मुकेश अंबानी की सैलरी, अलाउंस, भत्ते और रिटायरल बेनिफिट्स पूरी तरह शून्य रहे हैं। इस समय उनकी कमाई का मुख्य जरिया कंपनी से मिलने वाला डिविडेंड (लाभांश) ही है। दुनिया के 22वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं मुकेश अंबानी कोरोना महामारी के दौरान लिया था फैसला, 2008 से तय की थी सैलरी लिमिट 69 साल के मुकेश अंबानी ने जून 2020 में कोरोना महामारी के दौरान देश के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक स्वास्थ्य पर पड़े असर को देखते हुए अपनी पूरी सैलरी छोड़ने का फैसला किया था। उन्होंने तय किया था कि जब तक रिलायंस के सभी बिजनेस अपनी पूरी कमाई की क्षमता पर वापस नहीं आ जाते, तब तक वह कोई वेतन नहीं लेंगे। इसके बाद से उन्होंने वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23, 2023-24, 2024-25 और अब 2025-26 में भी बिना सैलरी के काम करना जारी रखा है। सैलरी जीरो, लेकिन प्रमोटर ग्रुप और पर्सनल शेयरों के डिविडेंड से मिले ₹3,996 करोड़ भले ही मुकेश अंबानी चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) के तौर पर कोई वेतन, अलाउंस या स्टॉक ऑप्शंस नहीं ले रहे हैं, लेकिन दुनिया के 22वें सबसे अमीर इंसान की कमाई का मुख्य जरिया डिविडेंड है। मुकेश अंबानी की व्यक्तिगत नेटवर्थ इस समय लगभग 92 बिलियन डॉलर (करीब ₹8.83 लाख करोड़) है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹6 प्रति शेयर के डिविडेंड की घोषणा की है। मुकेश अंबानी के पास निजी तौर पर रिलायंस के 1.61 करोड़ शेयर हैं, जिससे उन्हें व्यक्तिगत रूप से ₹9.66 करोड़ की डिविडेंड इनकम होगी। इसके अलावा, उनके नियंत्रण वाली प्रमोटर ग्रुप कंपनियों के पास रिलायंस के 664.5 करोड़ शेयर (50.07% हिस्सेदारी) हैं, जिससे प्रमोटर ग्रुप को ₹3,987 करोड़ की डिविडेंड कमाई हुई है। कुल मिलाकर यह रकम ₹3,996.66 करोड़ बैठती है। अनंत अंबानी को मिला ₹12.17 करोड़ का पैकेज, आकाश और ईशा को सिर्फ सिटिंग फीस मुकेश अंबानी के चचेरे भाई निखिल और हितल मेसवानी के वेतन में कोई बदलाव नहीं हुआ है और दोनों को ₹25-25 करोड़ का पारिश्रमिक मिला है। इसमें ₹10 करोड़ सैलरी और अलाउंस, ₹44 लाख रिटायरल बेनिफिट्स और ₹14.56 करोड़ प्रॉफिट पर मिलने वाला कमीशन शामिल है। वहीं, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर P M S प्रसाद का पैकेज वित्तीय वर्ष 2024-25 के ₹19.96 करोड़ से बढ़कर ₹20.58 करोड़ हो गया है। मुकेश अंबानी के तीनों बच्चों- ईशा, आकाश और अनंत को अक्टूबर 2023 में बिना किसी सैलरी के बोर्ड में शामिल किया गया था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में आकाश और ईशा अंबानी को केवल ₹5 लाख सिटिंग फीस और ₹2.5 करोड़ का प्रॉफिट कमीशन मिला है। सबसे छोटे बेटे अनंत अंबानी को पिछले साल रिलायंस बोर्ड में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया गया था, जिसके तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में उन्होंने ₹12.17 करोड़ की सैलरी (जिसमें ₹2.29 करोड़ का कमीशन शामिल है) हासिल की है। चौथी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 13% गिरा वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13% घटकर 16,971 करोड़ रुपए रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में प्रॉफिट ₹19,407 करोड़ था। हालांकि, इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 13% बढ़कर 2.98 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है। एक साल पहले की समान तिमाही यानी जनवरी-मार्च 2025 में 2.64 लाख करोड़ रुपए रहा था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

IPL जितनी भाषाएं दुनिया की किसी लीग में नहीं- जियो-हॉटस्टार:अंपायर अनिल बोले- सूर्यवंशी बेस्ट प्लेयर; सरनदीप ने कहा- पंजाब क्रिकेटर्स का गढ़

IPL जितनी भाषाएं दुनिया की किसी लीग में नहीं- जियो-हॉटस्टार:अंपायर अनिल बोले- सूर्यवंशी बेस्ट प्लेयर; सरनदीप ने कहा- पंजाब क्रिकेटर्स का गढ़

क्रिकेट ब्रॉडकास्टर जियो हॉटस्टार ने दावा किया है कि दुनिया की किसी लीग में IPL जितनी इतनी भाषाएं नहीं हैं। दैनिक भास्कर मुंबई स्थित जियो-हॉटस्टार ऑफिस पहुंचा। यहां हेड कंटेंट सिद्धार्थ शर्मा, पूर्व अंपायर अनिल चौधरी, पूर्व क्रिकेटर और सिलेक्टर सरनदीप सिंह से बातचीत हुई। सिद्धार्थ ने बताया कि IPL अब 12 भाषाओं में देखा जा रहा है और भोजपुरी-हरियाणवी जैसी फीड्स तेजी से बढ़ रही हैं। वहीं पूर्व भारतीय अंपायर अनिल चौधरी ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौजूदा दौर का सबसे बेहतरीन टी-20 बैटर बताया। दूसरी तरफ पूर्व क्रिकेटर और चयनकर्ता सरनदीप सिंह ने कहा कि पंजाब आज भी भारतीय क्रिकेट का सबसे बड़ा गढ़ है, जहां से लगातार बड़े खिलाड़ी निकल रहे हैं। नीचे सवाल-जवाब में पूरा इंटरव्यू पढ़ें… सवाल: IPL में 12 भाषाओं में कमेंट्री शुरू करने का आइडिया कैसे आया? सिद्धार्थ ने बताया कि लंबे समय तक भारत में क्रिकेट सिर्फ अंग्रेजी में दिखाया जाता था। 2013 में स्टार स्पोर्ट्स के पास बड़े क्रिकेट राइट्स आने के बाद हिंदी फीड की शुरुआत हुई।उन्होंने कहा- मकसद था कि ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी भाषा में क्रिकेट देख सकें और उससे जुड़ाव महसूस करें। 2017 में तमिल, तेलुगु और कन्नड़ फीड शुरू की गईं। इसके बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार के साथ भोजपुरी, पंजाबी, हरियाणवी समेत कई नई भाषाएं जोड़ी गईं और अब IPL 12 भाषाओं में उपलब्ध है। सवाल: भोजपुरी कमेंट्री की शुरुआत में सबसे बड़ी चुनौती क्या थी? सिद्धार्थ के मुताबिक, सबसे बड़ी चुनौती सही कमेंटेटर ढूंढना थी। उन्होंने कहा कि हर भाषा में पूर्व क्रिकेटर उपलब्ध नहीं होते, इसलिए ऐसे लोगों को तलाशा गया जो क्रिकेट समझते हों और साथ ही अच्छे स्टोरीटेलर भी हों। उन्होंने बताया कि भोजपुरी कमेंट्री के लिए कई ऑडिशन लिए गए। 10-12 लोगों का पूल तैयार किया गया, फिर वर्कशॉप और ट्रेनिंग के बाद कुछ आवाजों को चुना गया। कमेंटेटर्स को यह भी सिखाया गया कि रोहित शर्मा की बैटिंग या विराट कोहली के कवर ड्राइव को किस अंदाज में पेश करना है। इसके लिए अलग ट्रेनिंग मॉड्यूल और फ्रेमवर्क बनाए गए। सवाल: भोजपुरी कमेंट्री इतनी वायरल क्यों हुई? सिद्धार्थ ने कहा कि भोजपुरी कमेंट्री की ताकत उसका देसी अंदाज और कहानी सुनाने की कला है। उन्होंने कहा कि भोजपुरी फीड में तकनीकी विश्लेषण से ज्यादा मनोरंजन, लोकल बोली, मुहावरे और भावनात्मक जुड़ाव पर फोकस किया गया। उनके मुताबिक, भोजपुरी कमेंटेटर क्रिकेट को ऐसे पेश करते हैं कि जो दर्शक खेल की बारीकियां नहीं भी समझते, वे भी उससे जुड़ जाते हैं। यही वजह है कि भोजपुरी कमेंट्री ने अपनी अलग पहचान बना ली। सवाल: IPL कमेंट्री में पूर्व खिलाड़ियों को इतनी अहमियत क्यों दी जाती है? सिद्धार्थ ने कहा कि कोशिश रहती है कि ऐसे लोगों को कमेंट्री में लाया जाए जो IPL इकोसिस्टम का हिस्सा रहे हों। सवाल: भारतीय ब्रॉडकास्ट की तुलना विदेशी लीग्स से कैसे होती है? सिद्धार्थ ने दावा किया कि IPL ब्रॉडकास्ट दुनिया की बड़ी स्पोर्ट्स लीग्स से आगे है। उन्होंने कहा कि कवरेज की चौड़ाई, भाषाओं की संख्या और दर्शकों तक पहुंच के मामले में IPL का मॉडल अनोखा है। सवाल: पंजाबी कमेंट्री का फ्लेवर बाकी भाषाओं से अलग कैसे है? पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर सरनदीप सिंह ने कहा कि पंजाबी भाषा खुद में बहुत भावनात्मक और मजेदार है। उन्होंने बताया कि हिंदी और अंग्रेजी कमेंट्री में शब्द सीमित और औपचारिक होते हैं, जबकि पंजाबी में खुलकर बात होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाबी में ऐसे लोकल शब्द और जुमले इस्तेमाल होते हैं जो गांवों और कस्बों की भाषा से आते हैं। सवाल: पंजाबी कमेंट्री में सबसे यादगार IPL पल कौन सा रहा? सरनदीप ने पंजाब किंग्स के बड़े रन चेज और आक्रामक खेल को सबसे यादगार बताया। उन्होंने कोलकाता में 262 रन चेज करने और मुंबई इंडियंस के खिलाफ अर्शदीप सिंह के प्रदर्शन का जिक्र किया। सवाल: पंजाब से इतने क्रिकेटर क्यों निकलते हैं? सरनदीप ने कहा कि पंजाब में खेलों की संस्कृति बहुत पुरानी है। उन्होंने युवराज सिंह, हरभजन सिंह, कपिल देव, नवजोत सिंह सिद्धू जैसे खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि क्रिकेट वहां की संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि पंजाब के अलग-अलग इलाकों- मालवा, दोआबा और माझा की अपनी अलग बोली और फ्लेवर है, जो खिलाड़ियों और कमेंट्री दोनों में दिखाई देता है। सवाल: आधुनिक क्रिकेट में फिटनेस कितनी जरूरी हो गई है? IPL में सबसे ज्यादा मैचों में अंपायरिंग करने वाले अनिल चौधरी ने कहा कि आज के क्रिकेट में फिटनेस सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। उनके मुताबिक, अगर खिलाड़ी या अंपायर फिट नहीं है तो वह खेल की स्पीड के साथ तालमेल नहीं बैठा सकता। सवाल: अभी के समय का बेस्ट टी-20 बैटर कौन है? अनिल ने बताया कि अभी जितने यंगस्टर्स वो शानदार खेल दिखा रहे हैं। आयुष म्हात्रे, यश राज पुंजा, देवदत्त पडीक्कल सभी बेहतरीन फॉर्म में रहे, लेकिन उनका पसंदीदा प्लेयर वैभव सूर्यवंशी है। वैभव की हिटिंग एबिलिटी को अनिल ने शानदार बताया।

IPL जितनी भाषाएं दुनिया की किसी लीग में नहीं- जियो-हॉटस्टार:अंपायर अनिल बोले- सूर्यवंशी बेस्ट प्लेयर; सरनदीप ने कहा- पंजाब क्रिकेटर्स का गढ़

IPL जितनी भाषाएं दुनिया की किसी लीग में नहीं- जियो-हॉटस्टार:अंपायर अनिल बोले- सूर्यवंशी बेस्ट प्लेयर; सरनदीप ने कहा- पंजाब क्रिकेटर्स का गढ़

क्रिकेट ब्रॉडकास्टर जियो हॉटस्टार ने दावा किया है कि दुनिया की किसी लीग में IPL जितनी इतनी भाषाएं नहीं हैं। दैनिक भास्कर मुंबई स्थित जियो-हॉटस्टार ऑफिस पहुंचा। यहां हेड कंटेंट सिद्धार्थ शर्मा, पूर्व अंपायर अनिल चौधरी, पूर्व क्रिकेटर और सिलेक्टर सरनदीप सिंह से बातचीत हुई। सिद्धार्थ ने बताया कि IPL अब 12 भाषाओं में देखा जा रहा है और भोजपुरी-हरियाणवी जैसी फीड्स तेजी से बढ़ रही हैं। वहीं पूर्व भारतीय अंपायर अनिल चौधरी ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौजूदा दौर का सबसे बेहतरीन टी-20 बैटर बताया। दूसरी तरफ पूर्व क्रिकेटर और चयनकर्ता सरनदीप सिंह ने कहा कि पंजाब आज भी भारतीय क्रिकेट का सबसे बड़ा गढ़ है, जहां से लगातार बड़े खिलाड़ी निकल रहे हैं। नीचे सवाल-जवाब में पूरा इंटरव्यू पढ़ें… सवाल: IPL में 12 भाषाओं में कमेंट्री शुरू करने का आइडिया कैसे आया? सिद्धार्थ ने बताया कि लंबे समय तक भारत में क्रिकेट सिर्फ अंग्रेजी में दिखाया जाता था। 2013 में स्टार स्पोर्ट्स के पास बड़े क्रिकेट राइट्स आने के बाद हिंदी फीड की शुरुआत हुई।उन्होंने कहा- मकसद था कि ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी भाषा में क्रिकेट देख सकें और उससे जुड़ाव महसूस करें। 2017 में तमिल, तेलुगु और कन्नड़ फीड शुरू की गईं। इसके बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार के साथ भोजपुरी, पंजाबी, हरियाणवी समेत कई नई भाषाएं जोड़ी गईं और अब IPL 12 भाषाओं में उपलब्ध है। सवाल: भोजपुरी कमेंट्री की शुरुआत में सबसे बड़ी चुनौती क्या थी? सिद्धार्थ के मुताबिक, सबसे बड़ी चुनौती सही कमेंटेटर ढूंढना थी। उन्होंने कहा कि हर भाषा में पूर्व क्रिकेटर उपलब्ध नहीं होते, इसलिए ऐसे लोगों को तलाशा गया जो क्रिकेट समझते हों और साथ ही अच्छे स्टोरीटेलर भी हों। उन्होंने बताया कि भोजपुरी कमेंट्री के लिए कई ऑडिशन लिए गए। 10-12 लोगों का पूल तैयार किया गया, फिर वर्कशॉप और ट्रेनिंग के बाद कुछ आवाजों को चुना गया। कमेंटेटर्स को यह भी सिखाया गया कि रोहित शर्मा की बैटिंग या विराट कोहली के कवर ड्राइव को किस अंदाज में पेश करना है। इसके लिए अलग ट्रेनिंग मॉड्यूल और फ्रेमवर्क बनाए गए। सवाल: भोजपुरी कमेंट्री इतनी वायरल क्यों हुई? सिद्धार्थ ने कहा कि भोजपुरी कमेंट्री की ताकत उसका देसी अंदाज और कहानी सुनाने की कला है। उन्होंने कहा कि भोजपुरी फीड में तकनीकी विश्लेषण से ज्यादा मनोरंजन, लोकल बोली, मुहावरे और भावनात्मक जुड़ाव पर फोकस किया गया। उनके मुताबिक, भोजपुरी कमेंटेटर क्रिकेट को ऐसे पेश करते हैं कि जो दर्शक खेल की बारीकियां नहीं भी समझते, वे भी उससे जुड़ जाते हैं। यही वजह है कि भोजपुरी कमेंट्री ने अपनी अलग पहचान बना ली। सवाल: IPL कमेंट्री में पूर्व खिलाड़ियों को इतनी अहमियत क्यों दी जाती है? सिद्धार्थ ने कहा कि कोशिश रहती है कि ऐसे लोगों को कमेंट्री में लाया जाए जो IPL इकोसिस्टम का हिस्सा रहे हों। सवाल: भारतीय ब्रॉडकास्ट की तुलना विदेशी लीग्स से कैसे होती है? सिद्धार्थ ने दावा किया कि IPL ब्रॉडकास्ट दुनिया की बड़ी स्पोर्ट्स लीग्स से आगे है। उन्होंने कहा कि कवरेज की चौड़ाई, भाषाओं की संख्या और दर्शकों तक पहुंच के मामले में IPL का मॉडल अनोखा है। सवाल: पंजाबी कमेंट्री का फ्लेवर बाकी भाषाओं से अलग कैसे है? पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर सरनदीप सिंह ने कहा कि पंजाबी भाषा खुद में बहुत भावनात्मक और मजेदार है। उन्होंने बताया कि हिंदी और अंग्रेजी कमेंट्री में शब्द सीमित और औपचारिक होते हैं, जबकि पंजाबी में खुलकर बात होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाबी में ऐसे लोकल शब्द और जुमले इस्तेमाल होते हैं जो गांवों और कस्बों की भाषा से आते हैं। सवाल: पंजाबी कमेंट्री में सबसे यादगार IPL पल कौन सा रहा? सरनदीप ने पंजाब किंग्स के बड़े रन चेज और आक्रामक खेल को सबसे यादगार बताया। उन्होंने कोलकाता में 262 रन चेज करने और मुंबई इंडियंस के खिलाफ अर्शदीप सिंह के प्रदर्शन का जिक्र किया। सवाल: पंजाब से इतने क्रिकेटर क्यों निकलते हैं? सरनदीप ने कहा कि पंजाब में खेलों की संस्कृति बहुत पुरानी है। उन्होंने युवराज सिंह, हरभजन सिंह, कपिल देव, नवजोत सिंह सिद्धू जैसे खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि क्रिकेट वहां की संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि पंजाब के अलग-अलग इलाकों- मालवा, दोआबा और माझा की अपनी अलग बोली और फ्लेवर है, जो खिलाड़ियों और कमेंट्री दोनों में दिखाई देता है। सवाल: आधुनिक क्रिकेट में फिटनेस कितनी जरूरी हो गई है? IPL में सबसे ज्यादा मैचों में अंपायरिंग करने वाले अनिल चौधरी ने कहा कि आज के क्रिकेट में फिटनेस सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। उनके मुताबिक, अगर खिलाड़ी या अंपायर फिट नहीं है तो वह खेल की स्पीड के साथ तालमेल नहीं बैठा सकता। सवाल: अभी के समय का बेस्ट टी-20 बैटर कौन है? अनिल ने बताया कि अभी जितने यंगस्टर्स वो शानदार खेल दिखा रहे हैं। आयुष म्हात्रे, यश राज पुंजा, देवदत्त पडीक्कल सभी बेहतरीन फॉर्म में रहे, लेकिन उनका पसंदीदा प्लेयर वैभव सूर्यवंशी है। वैभव की हिटिंग एबिलिटी को अनिल ने शानदार बताया।

जौ का चिल्ला रेसिपी: जौ का चीला रेसिपी: जौ के आटे का चीला, एक मील में भारी स्वाद और पोषण; विधि नोट करें

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 1 कप जौ का आटा, 1 प्याज, 1 टमाटर, 1 हरी मिर्च, हरा धनियां, 1/2 छोटा मोटा धनिया, 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1/4 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, 1/4 छोटा चम्मच नमक, आवश्यकता अनुसार पानी, थोड़ा सा तेल छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: जौ का आटा में सबसे पहले एक बड़ा बाउल मिला। अब इसमें प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, हरा धनिया, हल्दी, लाल मिर्च और नमक के टुकड़े अच्छे से मिलाएं। छवि: एआई इसके बाद लिटिल-थोड़ा पानी डाले हुए एक वोट बैटर तैयार कर लें। बैटर ना मैक्सिमम सोलोमन हो और ना मैक्सिमम सोलोमन। अब गैस पर तवा गरम करें और तेल के बर्तन पर प्रभाव डालें। छवि: फ्रीपिक तैयार बैटर को तवे पर नामांकित गोल आकार में फैलाएं। मीडियम एक तरफ दोनों तरफ से सोनार और क्रिस्पी होने तक सेंक लें। जब चीला अच्छे से पक जाए तो इसे प्लेट में निकाल लें। छवि: एआई गरमा-गरम जौ का चीला हरी चटनी, टोमैटो सॉस या दही के साथ परोसें। फल तो ऊपर से थोड़ा सा मसाला मसाला भी छिड़क सकते हैं, इससे स्वाद और बढ़ जाएगा। छवि: एआई जौ एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जिससे पाचन बेहतर रहता है। यह वजन नियंत्रित करने में भी मदद करता है और लंबे समय तक पेट भरने का एहसास कराता है। छवि: सोशल मीडिया समरसाइल में पिक्चर और वार्निश प्लांटर्स के लिए यह रेसिपी एकदम परफेक्ट है। छवि: एआई

‘कभी नहीं सोचा था कि मैं राजनेता बनूंगा’: कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया का विदाई संदेश | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:28 मई, 2026, 15:56 IST कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस्तीफा दिया, कहा कि उन्होंने कांग्रेस आलाकमान के आदेशों का पालन किया, राज्यपाल थावरचंद गहलोत का इस्तीफा इंतजार कर रहा है, डीके शिवकुमार को संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है। इस्तीफा देने के तुरंत बाद सिद्धारमैया ने मीडिया को संबोधित किया। (छवि: पीटीआई) कर्नाटक के निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया गुरुवार को अपने इस्तीफे की घोषणा करते समय भावुक हो गए, उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा को दर्शाया और कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह एक दिन राज्य का नेतृत्व करेंगे क्योंकि उन्होंने साथी कांग्रेस के दिग्गज नेता डीके शिवकुमार के लिए शीर्ष पद संभालने का रास्ता बनाया था। राज्यपाल कार्यालय को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि वह ग्रामीण पृष्ठभूमि से आए हैं और अप्रत्याशित रूप से राजनीति में आए हैं। उन्होंने कहा, “मैं एक गांव से आता हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं राजनेता, मुख्यमंत्री या विपक्ष का नेता बनूंगा। मैं संयोग से राजनीति में आया क्योंकि मेरे परिवार से कोई भी इस क्षेत्र में नहीं था।” दिग्गज कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने बार-बार कहा है कि जब भी पार्टी नेतृत्व निर्देश देगा, वह पद छोड़ देंगे। उन्होंने कहा, “मैंने कई बार कहा है कि जब भी हाईकमान मुझे सूचित करेगा, मैं अपना इस्तीफा दे दूंगा। परसों हाईकमान ने मुझसे इस्तीफा देने के लिए कहा और मैंने उनसे कहा कि मैं इसे आज सौंप दूंगा। इसलिए, मैंने इसे सौंप दिया है।” सिद्धारमैया ने कहा कि एक बार राज्यपाल के लौटने पर, उन्हें उम्मीद है कि इस्तीफा “संविधान के अनुसार” स्वीकार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा, “एक बार जब कोई मुख्यमंत्री अपना इस्तीफा दे देता है, तो उसे इसे स्वीकार करना चाहिए और अगले मुख्यमंत्री के लिए रास्ता बनाना चाहिए।” यह इस्तीफा कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन पर लंबे समय से चल रही अटकलों और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की संभावित पदोन्नति पर कांग्रेस के भीतर बढ़ती चर्चा के बीच आया है। सूत्रों ने कहा कि सिद्धारमैया के आज दिन में राहुल गांधी से मिलने की उम्मीद है, जबकि कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक शनिवार को होने की संभावना है। अगले मुख्यमंत्री के लिए शपथ ग्रहण समारोह को सप्ताहांत तक अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है, रविवार संभावित तारीख है। सूत्रों के मुताबिक, नए मुख्यमंत्री के साथ कितने मंत्री शपथ ले सकते हैं, इस पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है, हालांकि इस समारोह में राहुल गांधी के शामिल होने की उम्मीद है. एक भावनात्मक संबोधन में, सिद्धारमैया ने अपनी राजनीतिक यात्रा पर विचार किया और राज्य की सेवा करने का अवसर देने के लिए कांग्रेस नेतृत्व को धन्यवाद दिया। निवर्तमान सीएम ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ताओं, सांसदों और सहयोगियों को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने उनके राजनीतिक जीवन के दौरान उनका समर्थन किया। अभिनेता राजकुमार की प्रसिद्ध पंक्ति “प्रशंसक भगवान हैं” का जिक्र करते हुए सिद्धारमैया ने कहा, “मैं एक राजनेता हूं। संविधान मेरा धर्म है। मतदाता मेरे भगवान हैं।” उन्होंने कहा कि उन्होंने बुद्ध, बसवन्ना, बीआर अंबेडकर और महात्मा गांधी के सिद्धांतों का पालन करके शासन करने की कोशिश की थी और सामाजिक न्याय और समान अवसर के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी। अपनी सरकार के प्रदर्शन पर प्रकाश डालते हुए, सिद्धारमैया ने दावा किया कि कांग्रेस प्रशासन ने 2023 और 2026 के बीच 158 वादों को पूरा किया है, जिसमें पहले वर्ष के भीतर पार्टी की पांच प्रमुख गारंटी योजनाओं का कार्यान्वयन भी शामिल है। उन्होंने कहा, ”हमने कर्नाटक के लोगों को जो वचन दिया था, उसे पूरा किया है।” अपने आर्थिक रिकॉर्ड का बचाव करते हुए, सिद्धारमैया ने विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया कि उनकी सरकार ने कर्नाटक को कर्ज में धकेल दिया है। उन्होंने कहा, “उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री, जो वित्त मंत्री भी हैं, ने राज्य को कर्ज में डुबो दिया। यह गलत है। मैंने विधानसभा में भी यह कहा है।” कांग्रेस नेता ने कर्नाटक के आर्थिक प्रदर्शन की ओर भी इशारा किया, उन्होंने दावा किया कि राज्य जीएसटी संग्रह में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरे स्थान पर है और 8.1% की दर से बढ़ने का अनुमान है, जो 2026-27 के लिए राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि अनुमान 7.4% से अधिक है। उनका इस्तीफा कर्नाटक में एक बड़े राजनीतिक परिवर्तन का प्रतीक है और कांग्रेस आलाकमान के लिए राज्य के अगले मुख्यमंत्री की औपचारिक घोषणा करने का मंच तैयार करता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘कभी नहीं सोचा था कि मैं राजनेता बनूंगा’: कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया का विदाई संदेश अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सिद्धारमैया का इस्तीफा(टी)कर्नाटक के मुख्यमंत्री(टी)कांग्रेस आलाकमान(टी)डीके शिवकुमार(टी)कर्नाटक की राजनीति(टी)नेतृत्व परिवर्तन(टी)कांग्रेस सरकार कर्नाटक(टी)जीएसटी संग्रह कर्नाटक

सिद्धारमैया ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया, पत्र सौंपा | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:28 मई, 2026, 15:37 IST कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, उन्होंने कहा कि उन्होंने लोक भवन में अपना इस्तीफा सौंपा और ध्यान दिया कि राज्यपाल अपने कार्यालय में नहीं थे। कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने गुरुवार को औपचारिक रूप से कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, जो राज्य में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन का प्रतीक है। अपना इस्तीफा सौंपने के कुछ देर बाद सिद्धारमैया ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने लोकभवन में अपना इस्तीफा सौंप दिया है. सिद्धारमैया ने अपना इस्तीफा कर्नाटक के राज्यपाल के विशेष सचिव प्रभु शंकर को सौंपा. राज्य से बाहर गए राज्यपाल थावरचंद गहलोत आज रात लौट रहे हैं. उनके साथ उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी थे। उन्होंने कहा, “मैंने अपना इस्तीफा राज्यपाल के कार्यालय को सौंप दिया है। राज्यपाल यहां नहीं हैं; वह आज रात लौट रहे हैं। इसलिए, मैंने उनके कार्यालय को इस्तीफा सौंप दिया है।” सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने बार-बार कहा है कि जब भी कांग्रेस आलाकमान निर्देश देगा, वह पद छोड़ देंगे और उन्होंने कहा कि उनका इस्तीफा पार्टी नेतृत्व के निर्देशों के अनुरूप है। “आलाकमान द्वारा मुझे पहले इस्तीफा देने के लिए कहने के बाद मैंने आज अपना इस्तीफा सौंप दिया है। मुझे पूरा विश्वास है कि राज्यपाल जब आएंगे तो इसे स्वीकार करेंगे क्योंकि यह संविधान के अनुसार किया जाना है… हम पूर्ण बहुमत में हैं। इसलिए, यह संवैधानिक है कि मुख्यमंत्री को (सरकार बनाने के लिए) अनुमति दी जानी चाहिए।” सिद्धारमैया ने कांग्रेस नेताओं का जताया आभार उन्होंने आगे मौका देने के लिए कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी का आभार व्यक्त किया। सिद्धारमैया ने कहा, ”मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रति बहुत आभार व्यक्त करना चाहता हूं, जिन्होंने यह अवसर प्रदान किया।” उन्होंने कहा, “मैं 2006 में कांग्रेस में शामिल हुआ था। सभी पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं, लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों ने मेरे प्रति प्यार और समर्थन दिखाया है। उन्होंने मुझे अवसर दिए हैं। मैं उन सभी को धन्यवाद देता हूं।” राहुल गांधी से मिलेंगे सिद्धारमैया सूत्रों ने कहा कि सिद्धारमैया के गुरुवार को बाद में राहुल गांधी से मिलने की उम्मीद है, इस दौरान कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक के संबंध में निर्णय लिए जाने की संभावना है। सीएलपी की बैठक शनिवार को होने की उम्मीद है, जबकि अगले मुख्यमंत्री के लिए शपथ ग्रहण समारोह को सप्ताह के अंत तक अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है, रविवार संभावित तारीख के रूप में उभर रहा है। सूत्रों ने कहा कि कितने मंत्री शपथ लेंगे, इस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, हालांकि राहुल गांधी के भी समारोह में शामिल होने की संभावना है। डीके शिवकुमार बनेंगे कर्नाटक के अगले सीएम? सूत्रों ने सुझाव दिया है कि डीके शिवकुमार के कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री बनने की संभावना है, और उनके इस सप्ताह के अंत में शपथ लेने की उम्मीद है। शिवकुमार के अगले सीएम बनने की खबरों के बीच, उनके समर्थकों ने बुधवार को रामनगर में नारे लगाकर, पटाखे फोड़कर और मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया। जब से कांग्रेस ने कर्नाटक में सरकार बनाई है, राजनीतिक गलियारों में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच संभावित मुख्यमंत्री पद की व्यवस्था को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने कभी भी सार्वजनिक रूप से किसी भी सत्ता-साझाकरण समझौते की पुष्टि नहीं की है, लेकिन “2.5-वर्षीय सीएम फॉर्मूले” की अफवाहें बार-बार सामने आई हैं, खासकर दिल्ली में कर्नाटक के नेताओं और कांग्रेस आलाकमान के बीच प्रमुख बैठकों के दौरान। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘हाईकमान ने पूछा, मैंने इस्तीफा दे दिया’: सिद्धारमैया ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सिद्धारमैया का इस्तीफा(टी)कर्नाटक के मुख्यमंत्री(टी)कांग्रेस नेता सिद्धारमैया(टी)कर्नाटक की राजनीति(टी)मुख्यमंत्री का इस्तीफा(टी)लोक भवन(टी)कर्नाटक के राज्यपाल(टी)राजनीतिक समाचार भारत

कौन हैं रेडियोलॉजिस्ट से बीजेपी चीफ बनीं अर्चना गुप्ता, जिन्होंने 43 साल बाद हरियाणा में रचा इतिहास?

कौन हैं रेडियोलॉजिस्ट से बीजेपी चीफ बनीं अर्चना गुप्ता, जिन्होंने 43 साल बाद हरियाणा में रचा इतिहास?

हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष अर्चना गुप्ता: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को संगठनात्मक नियुक्तियों के एक नए दौर की घोषणा की, जिसमें अर्चना गुप्ता को अपनी हरियाणा इकाई का नया अध्यक्ष नामित किया गया। नियुक्तियों की घोषणा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह द्वारा जारी अलग-अलग अधिसूचनाओं के माध्यम से की। हरियाणा में नियुक्ति के साथ ही केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ​​को पार्टी की दिल्ली इकाई का नया अध्यक्ष नामित किया गया। उन्होंने वीरेंद्र सचदेवा का स्थान लिया, जो अब तक दिल्ली भाजपा प्रमुख के रूप में कार्यरत थे। भाजपा ने पंजाब और त्रिपुरा में नेतृत्व परिवर्तन की भी घोषणा की। सरदार केवल सिंह ढिल्लों को पार्टी की पंजाब इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, सभी नियुक्तियाँ तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। कौन हैं अर्चना गुप्ता? हरियाणा भाजपा अध्यक्ष के रूप में पदोन्नत होने से पहले, अर्चना गुप्ता ने हरियाणा में पार्टी के राज्य महासचिव के रूप में कार्य किया। वह इस भूमिका में मोहन लाल बडोली की जगह लेंगी। पिछले कुछ वर्षों में, अर्चना गुप्ता ने भाजपा के भीतर कई संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाई हैं, जिनमें पानीपत जिले के लिए भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष और बाद में पानीपत में भाजपा जिला अध्यक्ष के रूप में कार्य करना शामिल है। अपने राजनीतिक कार्यों के अलावा, वह पेशेवर रूप से एक रेडियोलॉजिस्ट के रूप में भी जानी जाती हैं। पृष्ठभूमि और परिवार: एक रिपोर्ट के मुताबिक पुदीनाअर्चना गुप्ता का जन्म 20 जनवरी 1968 को हुआ था और वह विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) से भी जुड़ी रही हैं। उनके पति डॉ. अनिल गुप्ता पेशे से नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। उनके बेटे अविरल ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई की है, जबकि उनकी बेटी अरुशी एक डॉक्टर हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)भारतीय जनता पार्टी(टी)बीजेपी अध्यक्ष(टी)हरियाणा बीजेपी(टी)हरियाणा समाचार

Vishal Dadlani Indian Idol Statement

Vishal Dadlani Indian Idol Statement

11 मिनट पहले कॉपी लिंक म्यूजिक कंपोजर और सिंगर विशाल ददलानी ने रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल 16’ से खुद को निकाले जाने की अफवाहों पर चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को खारिज करते हुए विशाल ने शो के सेट से ही एक वीडियो शेयर किया है। दरअसल, नीट-यूजी पेपर लीक मामले पर सरकार की आलोचना करने के बाद यह अफवाह थी कि मेकर्स ने उन्हें जजों के पैनल से हटा दिया है। विशाल ने साफ किया कि वे शो का हिस्सा बने हुए हैं और लोगों से ऑनलाइन फैलाए जा रहे झूठ पर भरोसा न करने की अपील की। सेट से वीडियो शेयर कर कहा- मैं यहीं हूं विशाल ददलानी ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर ‘इंडियन आइडल’ के सेट से एक मजाकिया वीडियो पोस्ट किया। वीडियो के शुरुआत में वे रोने का नाटक करते नजर आते हैं, लेकिन तुरंत ही जोर से हंसते हुए कहते हैं, ‘मैं यहां हूं, बेबी’। इस पोस्ट के कैप्शन में विशाल ने लिखा, ‘याद रखें, ऑनलाइन आप जो कुछ भी देखते हैं उस पर भरोसा न करें। इंटरनेट पर बहुत ज्यादा हेरफेर चल रहा है। सही बात के लिए लड़ते रहें और जो कहना जरूरी है, उसे खुलकर कहते रहें।’ नीट पेपर लीक पर बयान के बाद शुरू हुई थीं अटकलें यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब विशाल ददलानी ने नीट-यूजी परीक्षा के पेपर लीक मामले से प्रभावित छात्रों के समर्थन में एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उन्होंने परीक्षा सिस्टम और अधिकारियों के रवैये की कड़ी आलोचना की थी। विशाल ने लोगों से जाति और धर्म से ऊपर उठकर केवल शिक्षित और समझदार नेताओं को चुनने की अपील की थी। इसके तुरंत बाद सोशल मीडिया के कई पेजों पर यह दावा किया जाने लगा कि उनकी राजनीतिक टिप्पणियों के कारण इंडियन आइडल के मेकर्स ने उन पर कार्रवाई की है। म्यूजिक कंपोजर और सिंगर विशाल ददलानी। ‘सत्ता में बैठे लोग शिक्षित नहीं, देश बर्बाद हो जाएगा’ विशाल ने अपने पहले के वीडियो में कहा था कि नीट परीक्षा के पेपर लीक होने से देश के छात्रों का भविष्य खतरे में है। उन्होंने अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा था, ‘सत्ता में बैठे लोग शिक्षित नहीं हैं और इससे भारत बर्बाद हो जाएगा। चाहे यह बात किसी को अच्छी लगे या बुरी, लेकिन यही सच है। कृपया अपने और देश के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहतर लोगों को वोट दें।’ उन्होंने लोगों से अपील की थी कि वे अपने ही परिवार या जाति के अज्ञानी गुंडों को सत्ता में आने से रोकें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔