Sunday, 12 Jul 2026 | 03:25 PM

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Vishal Dadlani Indian Idol Statement

Vishal Dadlani Indian Idol Statement

46 मिनट पहले कॉपी लिंक म्यूजिक कंपोजर और सिंगर विशाल ददलानी ने रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल 16’ से खुद को निकाले जाने की अफवाहों पर चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को खारिज करते हुए विशाल ने शो के सेट से ही एक वीडियो शेयर किया है। दरअसल, नीट-यूजी पेपर लीक मामले पर सरकार की आलोचना करने के बाद यह अफवाह थी कि मेकर्स ने उन्हें जजों के पैनल से हटा दिया है। विशाल ने साफ किया कि वे शो का हिस्सा बने हुए हैं और लोगों से ऑनलाइन फैलाए जा रहे झूठ पर भरोसा न करने की अपील की। सेट से वीडियो शेयर कर कहा- मैं यहीं हूं विशाल ददलानी ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर ‘इंडियन आइडल’ के सेट से एक मजाकिया वीडियो पोस्ट किया। वीडियो के शुरुआत में वे रोने का नाटक करते नजर आते हैं, लेकिन तुरंत ही जोर से हंसते हुए कहते हैं, ‘मैं यहां हूं, बेबी’। इस पोस्ट के कैप्शन में विशाल ने लिखा, ‘याद रखें, ऑनलाइन आप जो कुछ भी देखते हैं उस पर भरोसा न करें। इंटरनेट पर बहुत ज्यादा हेरफेर चल रहा है। सही बात के लिए लड़ते रहें और जो कहना जरूरी है, उसे खुलकर कहते रहें।’ नीट पेपर लीक पर बयान के बाद शुरू हुई थीं अटकलें यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब विशाल ददलानी ने नीट-यूजी परीक्षा के पेपर लीक मामले से प्रभावित छात्रों के समर्थन में एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उन्होंने परीक्षा सिस्टम और अधिकारियों के रवैये की कड़ी आलोचना की थी। विशाल ने लोगों से जाति और धर्म से ऊपर उठकर केवल शिक्षित और समझदार नेताओं को चुनने की अपील की थी। इसके तुरंत बाद सोशल मीडिया के कई पेजों पर यह दावा किया जाने लगा कि उनकी राजनीतिक टिप्पणियों के कारण इंडियन आइडल के मेकर्स ने उन पर कार्रवाई की है। म्यूजिक कंपोजर और सिंगर विशाल ददलानी। ‘सत्ता में बैठे लोग शिक्षित नहीं, देश बर्बाद हो जाएगा’ विशाल ने अपने पहले के वीडियो में कहा था कि नीट परीक्षा के पेपर लीक होने से देश के छात्रों का भविष्य खतरे में है। उन्होंने अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा था, ‘सत्ता में बैठे लोग शिक्षित नहीं हैं और इससे भारत बर्बाद हो जाएगा। चाहे यह बात किसी को अच्छी लगे या बुरी, लेकिन यही सच है। कृपया अपने और देश के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहतर लोगों को वोट दें।’ उन्होंने लोगों से अपील की थी कि वे अपने ही परिवार या जाति के अज्ञानी गुंडों को सत्ता में आने से रोकें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Don 3 Ranveer Singh Offer Rs 10 Cr & Rs 25 Cr Fee Cut

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21 मिनट पहले कॉपी लिंक जोया अख्तर द्वारा निर्देशित फिल्म गली बॉय को फरहान अख्तर ने प्रोड्यूस किया था, जिसमें रणवीर सिंह ने लीड रोल निभाया था। फिल्म डॉन 3 को लेकर रणवीर सिंह और एक्सेल एंटरटेनमेंट के बीच विवाद के बीच यह दावा किया गया कि मार्च 2026 में हुई एक मीटिंग में रणवीर की टीम ने एक्सेल को भविष्य की फिल्मों के लिए ₹10 करोड़ और ₹25 करोड़ की फीस में छूट का ऑफर दिया था, लेकिन प्रोडक्शन हाउस ने इसे मना कर दिया। सोमवार को खबर आई कि FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन नोटिस जारी किया है। बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च के पहले हफ्ते में एक बड़ी मीटिंग हुई थी, जिसमें आमिर खान, साजिद नाडियाडवाला, करण जौहर, फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी समेत कई जाने-माने लोग शामिल हुए थे। इसी मीटिंग में रणवीर सिंह की टीम ने एक्सेल एंटरटेनमेंट के सामने समझौते का प्रस्ताव रखा था। सूत्र के मुताबिक, रणवीर की टीम ने एक्सेल को तुरंत ₹10 करोड़ (100 मिलियन रुपए) का ऑफर दिया। यह भी कहा गया कि अगर दोनों भविष्य में फिर से किसी फिल्म में साथ काम करते हैं, तो रणवीर अपनी फीस पर ₹25 करोड़ (250 मिलियन रुपए) का डिस्काउंट देंगे। रणवीर की टीम का इरादा एक्सेल को उनके नुकसान की भरपाई करना और अपने रिश्ते बनाए रखना था। हालांकि, फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी इस प्रपोजल से खुश नहीं थे। रिपोर्ट के मुताबिक, उनका मानना था कि भविष्य में रणवीर के साथ काम करने का उनका कोई प्लान नहीं है, इसलिए फीस में छूट का ऑफर उनके लिए काम का नहीं था। सूत्र के मुताबिक, फरहान और रितेश पिछले दो सालों में हुई देरी, अनिश्चितता और विवाद से काफी नाराज थे। उनका कहना था कि इससे उन्हें फाइनेंशियल और प्रोफेशनल दोनों तरह का नुकसान हुआ है। इसलिए वे सिर्फ तुरंत नकद मुआवजा चाहते थे। फिल्म दिल धड़कने दो में रणवीर सिंह और फरहान अख्तर दोनों ने एक साथ स्क्रीन शेयर की थी। यह भी कहा गया कि एक्सेल एंटरटेनमेंट ने डॉन 3 के प्री-प्रोडक्शन पर पहले ही काफी पैसा खर्च कर दिया था। कंपनी ने फिल्म की तैयारी, शेड्यूलिंग और उससे जुड़े दूसरे कामों में हुए खर्च को देखते हुए मुआवजे की मांग रखी थी। दूसरी तरफ रणवीर सिंह और उनकी टीम की सोच अलग थी। रणवीर इस बात से नाराज थे कि उनके करियर के कमजोर दौर में एक्सेल दूसरे कलाकारों को फिल्म के लिए सोच रहा था। इंडस्ट्री में चर्चा थी कि फिल्म को लेकर ऋतिक रोशन से भी बात की गई थी, जो रणवीर की टीम को पसंद नहीं आया। रणवीर के करीबी सूत्र का कहना है कि एक्टर को लगा कि अगर एक्सेल उस समय उनका पूरा सपोर्ट नहीं कर रहा था, तो भरोसा पहले ही टूट चुका था। रणवीर स्क्रिप्ट को लेकर भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। उनका मानना था कि फिल्म धुरंधर के बाद सही दिशा में नहीं जा रही थी। उन्हें लगा कि फरहान अख्तर का पूरा फोकस इस प्रोजेक्ट पर नहीं था। हालांकि, रणवीर की टीम का कहना था कि एक्टर एक्सेल को नुकसान में छोड़ना नहीं चाहते थे। इसी वजह से उन्होंने 10 करोड़ रुपए और भविष्य की फिल्म में 25 करोड़ रुपए की छूट वाला ऑफर दिया था, लेकिन एक्सेल भविष्य में साथ काम करने के बजाय सीधे कैश मुआवजा चाहता था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

'यूं कोई बेवफा नहीं होता' लिखने वाले बद्र नहीं रहे:लंबे समय से डिमेंशिया से पीड़ित थे, याददाश्त चली गई थी

'यूं कोई बेवफा नहीं होता' लिखने वाले बद्र नहीं रहे:लंबे समय से डिमेंशिया से पीड़ित थे, याददाश्त चली गई थी

उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, ना जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र का गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे भोपाल में निधन हो गया। 91 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। बद्र लंबे समय से डिमेंशिया नामक बीमारी से घिरे थे। याददाश्त जा चुकी थी। वे लोगों को पहचान भी नहीं पा रहे थे। पिछले कुछ समय से उनकी सेहत लगातार गिरती जा रही थी। जिंदगी की आम बातों को सरल, सहज और सलीके से कहने का हुनर रखने वाले इस बुजुर्ग शायर के घर तभी से खामोशी पसरी थी। रिवायती शायरी से नाता नहीं रखा, नए प्रयोग किए बशीर ने उर्दू गजल को नया लहजा दिया। रिवायती शायरी से कभी नाता नहीं रखा। उर्दू शायरी में नए प्रयोग भी किए। नए लफ्जों की जगह आसान शब्दों का प्रयोग करके शायरी को नई शक्ल दी। उनकी शायरी में मोहब्बत, गुरबत, जिंदगी के कई रंग दिखाई देते हैं। अपने तरजुमे और हादसों को भी शेरों की शक्ल दी। मसलन- ‘लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में, तुम तरस नहीं खाते बस्तियां जलाने में।’ वहीं, जिंदगी के सफर को करीब से देखते हुए उन्होंने कहा- ‘करीब मौसमों के आने में, मौसमों के जाने में, हर धड़कते पत्थर को लोग दिल समझते हैं, उम्र बीत जाती है दिल को दिल बनाने में, मैं हर लम्हें में सदियां देखता हूं।’ आज शाम को अंतिम संस्कार किया जा सकता है अंतिम संस्कार का समय अभी तय नहीं हुआ है। हालांकि परिजन के अनुसार आज शाम को अंतिम संस्कार किया जा सकता है। बशीर बद्र का साहित्यिक सफर बेहद समृद्ध और प्रेरणादायक रहा है। साल 1969 में उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) से स्नातकोत्तर की उपाधि हासिल की। इसके बाद 12 अगस्त 1974 को उन्होंने मेरठ कॉलेज के उर्दू विभाग में बतौर लेक्चरर ज्वाइन किया और वर्ष 1990 तक वहां अपनी सेवाएं दीं। साल 1974 से 1990 के बीच का दौर उनके जीवन का स्वर्णिम काल माना जाता है। इस दौरान उनकी शायरी ने नई ऊंचाइयों को छुआ और वे देश-विदेश में पहचान बनाने में कामयाब रहे। उनकी गजलों की सादगी, गहराई और आम बोलचाल की भाषा ने उन्हें आम लोगों के दिलों तक पहुंचाया। बशीर बद्र की शायरी में मोहब्बत, दर्द और ज़िंदगी के अनुभवों की झलक मिलती है। उनके कई शेर आज भी लोगों की जुबां पर हैं और मुशायरों की जान बने रहते हैं। बशीर बद्र के 10 मशहूर शेर… दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे जब कभी हम दोस्त हो जाएं तो शर्मिंदा न हों। कुछ तो मजबूरियां रही होंगी यूं कोई बेवफ़ा नहीं होता। मुसाफ़िर हैं हम भी मुसाफ़िर हो तुम भी किसी मोड़ पर फिर मुलाक़ात होगी। ज़िंदगी तू ने मुझे क़ब्र से कम दी है ज़मीं पांव फैलाऊं तो दीवार में सर लगता है। कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से ये नए मिज़ाज का शहर है ज़रा फ़ासले से मिला करो। यहां लिबास की क़ीमत है आदमी की नहीं मुझे गिलास बड़े दे शराब कम कर दे। मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी न मिला। सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा इतना मत चाहो उसे वो बेवफ़ा हो जाएगा। घरों पे नाम थे नामों के साथ ओहदे थे बहुत तलाश किया कोई आदमी न मिला। अजीब शख़्स है नाराज़ हो के हंसता है मैं चाहता हूं ख़फ़ा हो तो वो ख़फ़ा ही लगे। 1974-1990 का दौर बशीर बद्र के लिए काफी अहम रहा बता दें, साल 1969 में बशीर बद्र ने एएमयू से स्नातकोत्तर की उपाधि भी ली थी। शायर बशीर बद्र ने मेरठ कॉलेज के उर्दू विभाग में 12 अगस्त 1974 को बतौर लेक्चरर ज्वाइन कर लिया था। वे यहां वर्ष 1990 तक रहे। वर्ष 1974-1990 का दौर बशीर बद्र के लिए काफी अहम रहा। तब वे शायरी के बुलंदी को छू रहे थे।

Trumps Idea for White House Fight

Trumps Idea for White House Fight

वॉशिंगटन डीसी7 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 14 जून को 80 साल के हो जाएंगे। इस मौके पर व्हाइट हाउस में अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप (UFC) के मुकाबले करााए जाएंगे। UFC दुनिया की सबसे बड़ी मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) संस्था है। इसमें अलग-अलग फाइटिंग खेलों के खिलाड़ी एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला करते हैं। UFC चीफ डाना व्हाइट ने बताया कि व्हाइट हाउस में फाइट कराने का विचार खुद ट्रम्प ने दिया था। उनके मुताबिक इसके लिए व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में खास फाइटिंग एरिया बनाया जा रहा है। व्हाइट ने बताया कि ट्रम्प चाहते थे कि यह मुकाबला अमेरिका के 250वें स्थापना वर्ष के जश्न का हिस्सा बने। अल जजीरा के मुताबिक, इस अस्थायी स्टेडियम में 4 हजार से ज्यादा लोग बैठ सकेंगे। इसके अलावा व्हाइट हाउस के पास एलिप्स फील्ड में फाइट्स दिखाने के लिए बड़ी स्क्रीनें लगाई जाएंगी। यहां 75 हजार से लेकर 1 लाख लोग मुफ्त में मुकाबला देख सकेंगे। UFC ने फाइटिंग एरिया की तस्वीरें जारी की… UFC ने ऑक्टागन पिंजरे का नया डिजाइन जारी किया है। इसे व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में बनाया जा रहा है। तस्वीर में फाइटिंग केज के ऊपर अमेरिकी झंडे की थीम वाला बड़ा आर्च दिखाई दे रहा है। ट्रम्प के जन्मदिन पर आयोजित हो रहे इस शानदार मुकाबला के लिए लाइटिंग का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इस फायटिंग एरिया को बनाने का काम बेहद तेजी से चल रहा है। UFC चीफ डाना ने बताया कि यह आयोजन अमेरिका की स्थापना के 250 साल पूरे होने के कार्यक्रमों का हिस्सा है। ट्रम्प बोले- UFC मुकाबलों की बहुत ज्यादा मांग ट्रम्प ने हाल ही में कहा था कि UFC मुकाबले के टिकटों की बहुत ज्यादा मांग है। उन्होंने कहा, मैंने कभी लोगों को किसी चीज के लिए इतना उत्साहित नहीं देखा। यह एक अलग और खास UFC इवेंट होगा। अधिकारियों ने बताया कि मुकाबले से पहले खिलाड़ियों का वजन मापने की प्रोसेस लिंकन मेमोरियल में होगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस में इस इवेंट की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसके अलावा, ट्रम्प अगस्त में वॉशिंगटन की सड़कों पर इंडीकार कार रेस कराने की भी तैयारी कर रहे हैं। यह रेस वॉशिंगटन मॉन्यूमेंट और अमेरिकी संसद भवन जैसी मशहूर जगहों के पास से गुजरेगी। ट्रम्प और UFC चीफ की दोस्ती काफी पुरानी ट्रम्प और डाना व्हाइट की दोस्ती काफी पुरानी है। राजनीति में आने से पहले ट्रम्प ने UFC को अपने होटल और प्रॉपर्टी में फाइटिंग इवेंट आयोजित कराने की इजाजत दी थी। उस समय कई लोग इस खेल की आलोचना करते थे। बदले में डाना व्हाइट ने कई बार सार्वजनिक रूप से ट्रम्प का समर्थन किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मशहूर पॉडकास्टर और UFC कमेंटेटर जो रोगन को ट्रम्प का समर्थन करने के लिए मनाने में भी डाना व्हाइट की अहम भूमिका रही थी। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता डेविस इंग्ल ने कहा कि यह कार्यक्रम इतिहास के सबसे बड़े और यादगार खेल आयोजनों में से एक होगा। अब UFC को जानिए… अल्टीमेट फाइटिंग चैम्पियनशिप (UFC) दुनिया की सबसे बड़ी मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) संस्था है। इसमें अलग-अलग फाइटिंग खेलों के खिलाड़ी एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला करते हैं। UFC में बॉक्सिंग, कुश्ती, जूडो, कराटे, ताइक्वांडो, ब्राजीलियन जिउ-जित्सु और किकबॉक्सिंग जैसी कई फाइटिंग तकनीकों का इस्तेमाल होता है। इस खेल में फाइटर एक खास आठ कोनों वाले पिंजरेनुमा रिंग में लड़ते हैं, जिसे ऑक्टागन कहा जाता है। मुकाबले के दौरान खिलाड़ी पंच, किक, पकड़ और ग्राउंड फाइटिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं। UFC की शुरुआत 1993 में अमेरिका में हुई थी। शुरुआत में इसे बहुत हिंसक खेल माना जाता था, लेकिन बाद में इसमें कई सुरक्षा नियम जोड़े गए और अब यह दुनिया के सबसे लोकप्रिय स्पोर्ट्स इवेंट में गिना जाता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Trumps Idea for White House Fight

Trumps Idea for White House Fight

वॉशिंगटन डीसी33 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 14 जून को 80 साल के हो जाएंगे। इस मौके पर व्हाइट हाउस में अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप (UFC) के मुकाबले करााए जाएंगे। UFC दुनिया की सबसे बड़ी मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) संस्था है। इसमें अलग-अलग फाइटिंग खेलों के खिलाड़ी एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला करते हैं। UFC चीफ डाना व्हाइट ने बताया कि व्हाइट हाउस में फाइट कराने का विचार खुद ट्रम्प ने दिया था। उनके मुताबिक इसके लिए व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में खास फाइटिंग एरिया बनाया जा रहा है। व्हाइट ने बताया कि ट्रम्प चाहते थे कि यह मुकाबला अमेरिका के 250वें स्थापना वर्ष के जश्न का हिस्सा बने। अल जजीरा के मुताबिक, इस अस्थायी स्टेडियम में 4 हजार से ज्यादा लोग बैठ सकेंगे। इसके अलावा व्हाइट हाउस के पास एलिप्स फील्ड में फाइट्स दिखाने के लिए बड़ी स्क्रीनें लगाई जाएंगी। यहां 75 हजार से लेकर 1 लाख लोग मुफ्त में मुकाबला देख सकेंगे। UFC ने फाइटिंग एरिया की तस्वीरें जारी की… UFC ने ऑक्टागन पिंजरे का नया डिजाइन जारी किया है। इसे व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में बनाया जा रहा है। तस्वीर में फाइटिंग केज के ऊपर अमेरिकी झंडे की थीम वाला बड़ा आर्च दिखाई दे रहा है। ट्रम्प के जन्मदिन पर आयोजित हो रहे इस शानदार मुकाबला के लिए लाइटिंग का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इस फायटिंग एरिया को बनाने का काम बेहद तेजी से चल रहा है। UFC चीफ डाना ने बताया कि यह आयोजन अमेरिका की स्थापना के 250 साल पूरे होने के कार्यक्रमों का हिस्सा है। ट्रम्प बोले- UFC मुकाबलों की बहुत ज्यादा मांग ट्रम्प ने हाल ही में कहा था कि UFC मुकाबले के टिकटों की बहुत ज्यादा मांग है। उन्होंने कहा, मैंने कभी लोगों को किसी चीज के लिए इतना उत्साहित नहीं देखा। यह एक अलग और खास UFC इवेंट होगा। अधिकारियों ने बताया कि मुकाबले से पहले खिलाड़ियों का वजन मापने की प्रोसेस लिंकन मेमोरियल में होगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस में इस इवेंट की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसके अलावा, ट्रम्प अगस्त में वॉशिंगटन की सड़कों पर इंडीकार कार रेस कराने की भी तैयारी कर रहे हैं। यह रेस वॉशिंगटन मॉन्यूमेंट और अमेरिकी संसद भवन जैसी मशहूर जगहों के पास से गुजरेगी। ट्रम्प और UFC चीफ की दोस्ती काफी पुरानी ट्रम्प और डाना व्हाइट की दोस्ती काफी पुरानी है। राजनीति में आने से पहले ट्रम्प ने UFC को अपने होटल और प्रॉपर्टी में फाइटिंग इवेंट आयोजित कराने की इजाजत दी थी। उस समय कई लोग इस खेल की आलोचना करते थे। बदले में डाना व्हाइट ने कई बार सार्वजनिक रूप से ट्रम्प का समर्थन किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मशहूर पॉडकास्टर और UFC कमेंटेटर जो रोगन को ट्रम्प का समर्थन करने के लिए मनाने में भी डाना व्हाइट की अहम भूमिका रही थी। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता डेविस इंग्ल ने कहा कि यह कार्यक्रम इतिहास के सबसे बड़े और यादगार खेल आयोजनों में से एक होगा। अब UFC को जानिए… अल्टीमेट फाइटिंग चैम्पियनशिप (UFC) दुनिया की सबसे बड़ी मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) संस्था है। इसमें अलग-अलग फाइटिंग खेलों के खिलाड़ी एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला करते हैं। UFC में बॉक्सिंग, कुश्ती, जूडो, कराटे, ताइक्वांडो, ब्राजीलियन जिउ-जित्सु और किकबॉक्सिंग जैसी कई फाइटिंग तकनीकों का इस्तेमाल होता है। इस खेल में फाइटर एक खास आठ कोनों वाले पिंजरेनुमा रिंग में लड़ते हैं, जिसे ऑक्टागन कहा जाता है। मुकाबले के दौरान खिलाड़ी पंच, किक, पकड़ और ग्राउंड फाइटिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं। UFC की शुरुआत 1993 में अमेरिका में हुई थी। शुरुआत में इसे बहुत हिंसक खेल माना जाता था, लेकिन बाद में इसमें कई सुरक्षा नियम जोड़े गए और अब यह दुनिया के सबसे लोकप्रिय स्पोर्ट्स इवेंट में गिना जाता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

फ्रेंच ओपन- नोवाक जोकोविच तीसरे राउंड में पहुंचे:रायबकिना उलटफेर का शिकार, स्वियातेक-स्वितोलिना अगले दौर में

फ्रेंच ओपन- नोवाक जोकोविच तीसरे राउंड में पहुंचे:रायबकिना उलटफेर का शिकार, स्वियातेक-स्वितोलिना अगले दौर में

सर्बिया के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने फ्रेंच ओपन के तीसरे दौर में जगह बना ली है। 39 वर्षीय जोकोविच ने फ्रांस के वैलेंटाइन रोयर को चार सेट में हराया। वहीं महिला वर्ग में ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन एलिना रायबकिना को बड़ा उलटफेर झेलना पड़ा। जोकोविच ने 74वीं रैंक वाले वैलेंटाइन रोयर को 6-3, 6-2, 6-7 (7), 6-3 से हराया। करीब 3 घंटे 44 मिनट तक चले मुकाबले में रोयर ने उन्हें कड़ी चुनौती दी। तीसरे सेट के टाईब्रेकर में बैकहैंड चूकने के कारण जोकोविच मैच जल्दी खत्म नहीं कर सके। पेरिस में लगातार चौथे दिन तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। गर्मी के कारण जोकोविच चेंजओवर के दौरान गर्दन और सिर पर आइस पैक लगाते नजर आए। मैच के बाद उन्होंने कहा कि यह बेहद मुश्किल परिस्थितियों में खेला गया मुकाबला था और अनुभव ने उनकी काफी मदद की। तीसरे सेट के टाईब्रेकर में चूके, वायलिन सेलिब्रेशन किया जीत के बाद जोकोविच ने अपना मशहूर ‘वायलिन सेलिब्रेशन’ किया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब उम्मीद है टूर्नामेंट के बाकी हिस्से में उनका सामना किसी और फ्रांसीसी खिलाड़ी से नहीं होगा। इस जीत के साथ जोकोविच ने रोलां गैरो में फ्रांसीसी खिलाड़ियों के खिलाफ 14-0 का रिकॉर्ड बना लिया। वह लगातार 21वें साल फ्रेंच ओपन के तीसरे दौर में पहुंचे हैं। रायबकिना को यूक्रेन की खिलाड़ी ने हराया विमेंस सिंगल्स में ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन एलिना रायबकिना को यूक्रेन की यूलिया स्टारोडुब्तसेवा ने 3-6, 6-1, 7-6 (4) से हराकर बाहर कर दिया। चार बार की चैंपियन इगा स्वियातेक ने सारा बेजलेक को 6-2, 6-3 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। रोलां गैरो में यह उनकी 42वीं जीत रही। अब तीसरे दौर में उनका मुकाबला पोलैंड की मागडा लिनेट से होगा। यूक्रेन की एलिना स्वितोलिना और मार्टा कोस्त्युक भी अगले दौर में पहुंच गईं। स्वितोलिना ने कैटलिन क्वेवेदो को हराया, जबकि कोस्त्युक ने केटी वोलेट्स को मात दी। ——————————— वैभव बोले- गेल का रिकॉर्ड पता नहीं था:बस टीम के लिए खेलना था; गेल ने 30 बॉल में 100 बनाए थे, सूर्यवंशी 3 रन चूके राजस्थान के ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने बुधवार को IPL के एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 29 गेंदों में 97 रन बनाए। वे IPL इतिहास का सबसे तेज शतक बनाने के क्रिस गेल (30 गेंद) के रिकॉर्ड से चूक गए। पूरी खबर

‘गिरगिट से भी खतरनाक’: चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी ने ‘गिरगिट’ कविता से विद्रोहियों पर हमला किया | भारत समाचार

DK Shivakumar is set to be next Chief Minister

आखरी अपडेट:28 मई, 2026, 13:07 IST विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी के भीतर इस्तीफे और असंतोष बढ़ने पर ममता बनर्जी ने टीएमसी विद्रोहियों पर हमला करते हुए गिरगिट कविता पोस्ट की। टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पार्टी के बागियों पर निशाना साधते हुए ‘गिरगिट’ कविता लिखी। विधानसभा चुनावों में अपनी करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में गहराते आंतरिक संकट के मद्देनजर, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने “गिरगिट (गिरगिट)” शीर्षक से एक तीखे शब्दों वाली कविता लिखी, जो पार्टी के विद्रोहियों पर पलटवार करती नजर आई। यह कविता, जो बंगाली में लिखी गई है और उनके फेसबुक पेज पर पोस्ट की गई है, पार्टी के उन असंतुष्टों पर एक अप्रत्यक्ष हमला प्रतीत होती है, जिन्होंने चुनाव में हार के बाद या तो पार्टी पदों से इस्तीफा दे दिया है या सार्वजनिक रूप से नेतृत्व की आलोचना की है। कविता की शुरुआती पंक्तियों में ममता ने लिखा, “गिरगिट से भी ज्यादा खतरनाक – कम से कम आकार बदलने वाला अपनी आजीविका के लिए रंग बदलता है।” कविता में, ममता ने ऐसे लोगों पर “कुछ घंटों के भीतर रंग और चरित्र बदलने” और व्यक्तिगत लाभ के लिए “लोगों और कार्यकर्ताओं के आत्मसम्मान को बेचने” का आरोप लगाया, जो स्पष्ट रूप से उन लोगों की आलोचना के रूप में सामने आया जिन्होंने संकट के बीच पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाया है। यह भी पढ़ें: ‘कॉकरोचों को पूरा समर्थन’: टीएमसी की ममता, अभिषेक बनर्जी ने कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन किया कविता की अंतिम पंक्तियों में, तृणमूल सुप्रीमो ने विद्रोहियों को चेतावनी देते हुए संकेत दिया कि अंततः उन्हें अपने कार्यों के परिणामों का सामना करना पड़ेगा। कविता में कहा गया है, “जैसे रथ के पहिए चलेंगे, वैसे ही आपके पहिए भी चलेंगे। आपको परिणाम मिलेंगे। उस दिन गद्दारों को समझ आएगा कि मूल्यहीन अमानवीयता क्या होती है।” इस्तीफों की लहर, असंतोष ने टीएमसी को प्रभावित किया यह कविता उस दिन जारी की गई जब तृणमूल कांग्रेस के भीतर आंतरिक अशांति और अधिक गहरी होती दिखाई दी, जिसमें पार्टी के भीतर से कई इस्तीफों और असंतोष की खुली अभिव्यक्तियाँ सामने आईं। केएमसी बरो XII के अध्यक्ष सुशांत घोष ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जबकि पार्टी के प्रवक्ता और पार्षद अरूप चक्रवर्ती ने केएमसी लेखा समिति से इस्तीफा दे दिया। यह भी पढ़ें: बंगाल में ममता की हार के बाद इंडिया ब्लॉक का सवाल: अब विपक्ष का नेतृत्व कौन करता है? एक अन्य घटनाक्रम में, बारासात की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने तृणमूल के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को एक और इस्तीफा सौंप दिया, जिसमें उन्होंने सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियां छोड़ दीं और यह स्पष्ट कर दिया कि वह पार्टी में बनी रहेंगी। पूर्व मंत्री और गायक इंद्रनील सेन ने भी सक्रिय चुनावी राजनीति से हटने के अपने फैसले की घोषणा की। कई नेताओं ने पार्टी की हालिया चुनावी असफलताओं के लिए संगठन के भीतर बढ़ती “वीवीआईपी संस्कृति” को जिम्मेदार ठहराया है और आरोप लगाया है कि चुनावों के बाद जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को तेजी से दरकिनार कर दिया गया है और उन्हें समर्थन नहीं मिल रहा है। अपने त्याग पत्र में, दस्तीदार ने राशन घोटाले, भर्ती अनियमितताओं और आरजी कर बलात्कार-और-हत्या मामले से जुड़े विवादों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने जनता के गुस्से को बढ़ाने और विश्वास के क्षरण में योगदान दिया है। ममता बनर्जी ने पहले नतीजों के बाद नवनिर्वाचित विधायकों के साथ अपनी पहली बैठक के दौरान असंतोष के संकेतों को स्वीकार किया था, और टिप्पणी की थी कि जो लोग पार्टी के साथ रहने के इच्छुक नहीं हैं वे छोड़ने के लिए स्वतंत्र हैं। इस पृष्ठभूमि में, उनकी नवीनतम कविता को राजनीतिक हलकों में आंतरिक असंतुष्टों के लिए एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि पार्टी हाल के वर्षों में अपनी सबसे गंभीर संगठनात्मक चुनौतियों में से एक का सामना कर रही है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘गिरगिट से भी खतरनाक’: चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी ने ‘गिरगिट’ कविता के साथ विद्रोहियों पर हमला किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ममता बनर्जी कविता(टी)तृणमूल कांग्रेस संकट(टी)टीएमसी आंतरिक असंतोष(टी)गिरगिट गिरगिट कविता(टी)पार्टी विद्रोही टीएमसी(टी)इस्तीफों की लहर(टी)वीवीआईपी संस्कृति आलोचना(टी)बंगाल विधानसभा हार

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Hindi News Business Meta Plus Plans Launch: Facebook, Instagram, WhatsApp Subscription Options वॉशिंगटन5 मिनट पहले कॉपी लिंक सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने इंस्टाग्राम, फेसबुक और वॉट्सएप के लिए नए सब्सक्रिप्शन प्लान पेश किए हैं। इसके तहत एप्स के “प्लस” वर्जन रोल आउट किए जा रहे हैं। इस प्लान को लेने वाले यूजर्स को स्पेशल टूल्स और कस्टमाइजेशन के विकल्प मिलेंगे। यह कदम मेटा की विज्ञापन के अलावा कमाई के नए जरिए बनाने की रणनीति का हिस्सा है। इन एप्स के यूजर्स की संख्या पहले ही ग्लोबल लेवल पर अधिकतम सीमा तक पहुंच चुकी है। नए प्लस प्लान कंपनी के मौजूदा ‘मेटा वेरिफाइड’ प्लान की जगह नहीं लेंगे। एप्स के हिसाब से अलग-अलग प्लान और उनकी कीमतें इंस्टाग्राम प्लस: $3.99 (करीब 380 रुपए) प्रति महीना. फेसबुक प्लस: $3.99 (करीब 380 रुपए) प्रति महीना. वॉट्सएप प्लस: $2.99 (करीब 280 रुपए) प्रति महीना. इंस्टाग्राम प्लस और फेसबुक प्लस में क्या मिलेगा खास? इंस्टाग्राम प्लस और फेसबुक प्लस मुख्य रूप से सोशल एक्सप्रेशन और क्रिएटर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें यूजर्स को यह देखने की सुविधा मिलेगी कि कुल कितने लोगों ने उनकी स्टोरी को दोबारा देखा है। इनके अलावा ये 5 फायदे भी मिलेंगे… पसंदीदा लोगों की अलग-अलग लिस्ट: अभी आप सिर्फ ‘क्लोज फ्रेंड्स’ की एक ही लिस्ट बना सकते हैं। नए फीचर से आप अपनी मर्जी से कई अलग-अलग लिस्ट बना सकेंगे और तय कर पाएंगे कि कौन सी फोटो या वीडियो किसे दिखे। 24 घंटे के बाद भी नहीं हटेगी स्टोरी: अभी स्टोरी 24 घंटे में हट जाती है। अब इसे 24 घंटे से ज्यादा समय तक अपनी प्रोफाइल पर रख पाएंगे। हफ्ते में एक बार अपनी किसी स्टोरी को ‘स्पॉटलाइट’ कर सकेंगे, जिससे उसे ज्यादा से ज्यादा लोग देख सकें। चोरी-छिपे देख सकेंगे दूसरों की स्टोरी: आप सामने वाले की स्टोरी देख भी लेंगे और उसे पता भी नहीं चलेगा, क्योंकि उसका नाम देखने वालों की लिस्ट में नहीं आएगा। इसके अलावा आप अपनी स्टोरी को देखने वालों के नाम भी सर्च कर सकेंगे। बिना दूसरों को परेशान किए प्रोफाइल अपडेट: आप कोई भी फोटो या वीडियो सीधे अपनी प्रोफाइल या हाइलाइट्स में सेव कर सकते हैं। इसके लिए आपके दोस्तों के होम पेज पर कोई नोटिफिकेशन या नया पोस्ट नहीं जाएगा। सजावट के नए तरीके: आपकी प्रोफाइल को सुंदर बनाने के लिए नए तरीके के फॉन्ट, स्क्रीन पर तैरने वाले ‘सुपर हार्ट’ रिएक्शन और मनपसंद एप आइकॉन मिलेंगे। वॉट्सएप प्लस में क्या होगा खास? यह पूरी तरह से पर्सनलाइजेशन और मैसेजिंग पर केंद्रित है। इसमें यूजर्स को एप थीम्स, कस्टम रिंगटोन्स, एडिशनल पिंड चैट्स, लिस्ट कस्टमाइजेशन और प्रीमियम स्टिकर्स जैसे फीचर्स मिलेंगे। मेटा एआई यूजर्स के लिए भी दो प्लान टेस्ट किए जा रहे मेटा वन प्लस : $7.99 (करीब 770 रुपए) प्रति महीना. मेटा वन प्रीमियम: $19.99 (करीब 1,900 रुपए) प्रति महीना. दोनों में फीचर्स समान हैं, लेकिन प्रीमियम प्लान मुश्किल कामों के लिए डीपर रीजनिंग और हाई कंप्यूट क्वेरीज की क्षमता अनलॉक करेगा। इससे मेटा एप्स पर बेहतरीन वीडियो और इमेज-जनरेशन की सुविधा मिलेगी। सामान्य यूजर्स के लिए मेटा एआई मुफ्त रहेगा। क्रिएटर्स और बिजनेस के लिए महंगे एडवांस प्लान क्रिएटर्स और बिजनेस के लिए इसी हफ्ते दो प्लान टेस्ट किए जाएंगे: मेटा वन एसेंशियल ($14.99/mo – करीब ₹1,450): इसमें वेरिफाइड बैज, फर्जी अकाउंट से सुरक्षा और एक एन्हांस्ड लिंकशीट मिलेगी। इससे यूजर अपने सभी सोशल चैनल्स के लिंक एक जगह जोड़ सकेंगे। मेटा वन एडवांस ($49.99/mo – करीब ₹4,800): इसमें एसेंशियल के फायदों के साथ-साथ फेसबुक फीड में फीचर होने, सर्च रिजल्ट में ऊपर दिखने, रील्स पर बोल्ड ‘फॉलो’ बटन और एंगेज करने वाले लोगों को ऑटोमैटिक फॉलो इनविटेशन भेजने की सुविधा मिलेगी। यह प्लान कंपनियों को अपनी वेबसाइट या शॉप पर ट्रैफिक बढ़ाने में मदद करेगा। इसमें डीपर कॉम्पिटिटिव इनसाइट्स जैसे एनालिटिक्स टूल्स, ऑप्टिमाइज्ड शेड्यूलिंग टूल्स, बिना पासवर्ड शेयर किए दूसरे मॉडरेटर्स को एक्सेस देने की सुविधा मिलेगी। साथ ही, अगर कोई दूसरा यूजर उनका कंटेंट दोबारा इस्तेमाल करता है, तो नोटिफिकेशन मिलेगा ताकि वे ओरिजिनल रील का क्रेडिट लेबल मांग सकें। क्यों बदल रहा है सोशल मीडिया का बिजनेस मॉडल? सालों तक फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सएप पूरी तरह मुफ्त रहे क्योंकि कंपनियां यूजर्स के डेटा और विज्ञापनों) से अरबों कमाती थीं। लेकिन अब पूरी दुनिया में इन एप्स के यूजर्स की संख्या चरम पर पहुंच चुकी है, यानी नए यूजर्स मिलने की रफ्तार धीमी हो गई है। साथ ही प्राइवेसी नियमों के कड़े होने से विज्ञापन से होने वाली कमाई पर असर पड़ा है। यही वजह है कि मेटा, इलॉन मस्क के एक्स की तरह अब सीधे यूजर्स से पैसे लेकर अपनी कमाई का जरिया सुरक्षित कर रही है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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Hindi News Business Meta Plus Plans Launch: Facebook, Instagram, WhatsApp Subscription Options वॉशिंगटन6 मिनट पहले कॉपी लिंक सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने इंस्टाग्राम, फेसबुक और वॉट्सएप के लिए नए सब्सक्रिप्शन प्लान पेश किए हैं। इसके तहत एप्स के ‘प्लस’ वर्जन रोल आउट किए जा रहे हैं। इस प्लान को लेने वाले यूजर्स को स्पेशल टूल्स और कस्टमाइजेशन के विकल्प मिलेंगे। इसके लिए पैसे चुकाने होंगे। यह कदम मेटा की विज्ञापन के अलावा कमाई का नया जरिया बनाने की रणनीति का हिस्सा है। नए प्लस प्लान कंपनी के मौजूदा ‘मेटा वेरिफाइड’ प्लान की जगह नहीं लेंगे। मेटा ने अभी इन नए ‘प्लस’ सब्सक्रिप्शन प्लान्स को वैश्विक स्तर पर रोलआउट करने की घोषणा की है, लेकिन कंपनी ने भारत में इसकी लॉन्चिंग की तारीख का ऐलान नहीं किया है। चूंकि, भारत मेटा के लिए दुनिया का सबसे बड़ा यूजर बेस वाला मार्केट है, इसलिए कंपनी आमतौर पर यहां किसी भी बड़े फीचर को फेज्ड मैनर रोलआउट करती है। इंस्टाग्राम प्लस और फेसबुक प्लस में क्या मिलेगा खास? इंस्टाग्राम प्लस और फेसबुक प्लस मुख्य रूप से सोशल एक्सप्रेशन और क्रिएटर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें यूजर्स को यह देखने की सुविधा मिलेगी कि कुल कितने लोगों ने उनकी स्टोरी को दोबारा देखा है। इनके अलावा ये 5 फायदे भी मिलेंगे… पसंदीदा लोगों की अलग-अलग लिस्ट: अभी आप सिर्फ ‘क्लोज फ्रेंड्स’ की एक ही लिस्ट बना सकते हैं। नए फीचर से आप अपनी मर्जी से कई अलग-अलग लिस्ट बना सकेंगे और तय कर पाएंगे कि कौन सी फोटो या वीडियो किसे दिखे। 24 घंटे के बाद भी नहीं हटेगी स्टोरी: अभी स्टोरी 24 घंटे में हट जाती है। अब इसे 24 घंटे से ज्यादा समय तक अपनी प्रोफाइल पर रख पाएंगे। हफ्ते में एक बार अपनी किसी स्टोरी को ‘स्पॉटलाइट’ कर सकेंगे, जिससे उसे ज्यादा से ज्यादा लोग देख सकें। चोरी-छिपे देख सकेंगे दूसरों की स्टोरी: आप सामने वाले की स्टोरी देख भी लेंगे और उसे पता भी नहीं चलेगा, क्योंकि उसका नाम देखने वालों की लिस्ट में नहीं आएगा। इसके अलावा आप अपनी स्टोरी को देखने वालों के नाम भी सर्च कर सकेंगे। बिना दूसरों को परेशान किए प्रोफाइल अपडेट: आप कोई भी फोटो या वीडियो सीधे अपनी प्रोफाइल या हाइलाइट्स में सेव कर सकते हैं। इसके लिए आपके दोस्तों के होम पेज पर कोई नोटिफिकेशन या नया पोस्ट नहीं जाएगा। सजावट के नए तरीके: आपकी प्रोफाइल को सुंदर बनाने के लिए नए तरीके के फॉन्ट, स्क्रीन पर तैरने वाले ‘सुपर हार्ट’ रिएक्शन और मनपसंद एप आइकॉन मिलेंगे। वॉट्सएप प्लस में क्या होगा खास? यह पूरी तरह से पर्सनलाइजेशन और मैसेजिंग पर केंद्रित है। इसमें यूजर्स को एप थीम्स, कस्टम रिंगटोन्स, एडिशनल पिंड चैट्स, लिस्ट कस्टमाइजेशन और प्रीमियम स्टिकर्स जैसे फीचर्स मिलेंगे। मेटा एआई यूजर्स के लिए भी दो प्लान टेस्ट किए जा रहे मेटा वन प्लस : $7.99 (करीब 770 रुपए) प्रति महीना. मेटा वन प्रीमियम: $19.99 (करीब 1,900 रुपए) प्रति महीना. दोनों में फीचर्स समान हैं, लेकिन प्रीमियम प्लान मुश्किल कामों के लिए डीपर रीजनिंग और हाई कंप्यूट क्वेरीज की क्षमता अनलॉक करेगा। इससे मेटा एप्स पर बेहतरीन वीडियो और इमेज-जनरेशन की सुविधा मिलेगी। सामान्य यूजर्स के लिए मेटा एआई मुफ्त रहेगा। क्रिएटर्स और बिजनेस के लिए महंगे एडवांस प्लान क्रिएटर्स और बिजनेस के लिए इसी हफ्ते दो प्लान टेस्ट किए जाएंगे: मेटा वन एसेंशियल ($14.99/mo – करीब ₹1,450): इसमें वेरिफाइड बैज, फर्जी अकाउंट से सुरक्षा और एक एन्हांस्ड लिंकशीट मिलेगी। इससे यूजर अपने सभी सोशल चैनल्स के लिंक एक जगह जोड़ सकेंगे। मेटा वन एडवांस ($49.99/mo – करीब ₹4,800): इसमें एसेंशियल के फायदों के साथ-साथ फेसबुक फीड में फीचर होने, सर्च रिजल्ट में ऊपर दिखने, रील्स पर बोल्ड ‘फॉलो’ बटन और एंगेज करने वाले लोगों को ऑटोमैटिक फॉलो इनविटेशन भेजने की सुविधा मिलेगी। यह प्लान कंपनियों को अपनी वेबसाइट या शॉप पर ट्रैफिक बढ़ाने में मदद करेगा। इसमें डीपर कॉम्पिटिटिव इनसाइट्स जैसे एनालिटिक्स टूल्स, ऑप्टिमाइज्ड शेड्यूलिंग टूल्स, बिना पासवर्ड शेयर किए दूसरे मॉडरेटर्स को एक्सेस देने की सुविधा मिलेगी। साथ ही, अगर कोई दूसरा यूजर उनका कंटेंट दोबारा इस्तेमाल करता है, तो नोटिफिकेशन मिलेगा ताकि वे ओरिजिनल रील का क्रेडिट लेबल मांग सकें। क्यों बदल रहा है सोशल मीडिया का बिजनेस मॉडल? सालों तक फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सएप पूरी तरह मुफ्त रहे क्योंकि कंपनियां यूजर्स के डेटा और विज्ञापनों) से अरबों कमाती थीं। लेकिन अब पूरी दुनिया में इन एप्स के यूजर्स की संख्या चरम पर पहुंच चुकी है, यानी नए यूजर्स मिलने की रफ्तार धीमी हो गई है। साथ ही प्राइवेसी नियमों के कड़े होने से विज्ञापन से होने वाली कमाई पर असर पड़ा है। यही वजह है कि मेटा, इलॉन मस्क के एक्स की तरह अब सीधे यूजर्स से पैसे लेकर अपनी कमाई का जरिया सुरक्षित कर रही है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

‘हम सभी आशा पर जीते हैं’: जब डीके शिवकुमार ने ‘कर्नाटक में मानसून पहुंचने से पहले’ मुख्यमंत्री बनने का संकेत दिया | भारत समाचार

DK Shivakumar is set to be next Chief Minister

आखरी अपडेट:28 मई, 2026, 13:01 IST आखिरकार लंबे इंतजार का फल मिल गया, क्योंकि सिद्धारमैया द्वारा शीर्ष पद छोड़ने की घोषणा के बाद शिवकुमार कर्नाटक के मुख्यमंत्री का पद संभालने के लिए तैयार हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपने डिप्टी डीके शिवकुमार के साथ | फ़ाइल छवि कर्नाटक में अब डीके शिवकुमार के लिए मुख्यमंत्री पद संभालने के दरवाजे खुले हैं, राज्य में राजनीतिक मंथन के बीच डिप्टी सीएम की एक पुरानी टिप्पणी ऑनलाइन चर्चा में है। ठीक एक महीने पहले – पर मोनेकॉंट्रोल बेंगलुरु में फ्यूचर ऑफ वर्क शिखर सम्मेलन – शिवकुमार से कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनने की उनकी आकांक्षाओं के बारे में पूछा गया। हल्के-फुल्के अंदाज में मेजबान ने उनसे पूछा कि क्या वह राज्य में मानसून पहुंचने से पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा था, ”हम सभी उम्मीद पर जीते हैं”, देखते हैं।” पता चला कि लंबा इंतजार और उम्मीद आखिरकार रंग लाई, क्योंकि सिद्धारमैया द्वारा शीर्ष पद छोड़ने की घोषणा के बाद वह कर्नाटक के मुख्यमंत्री का पद संभालने के लिए तैयार हैं। लाइव अपडेट्स का पालन करें घटनाक्रम कैसे सामने आया बेंगलुरु में अपने आवास पर सिद्धारमैया द्वारा आयोजित नाश्ते की बैठक के दौरान, उन्होंने अपने कैबिनेट सहयोगियों से कहा कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे और डीके शिवकुमार के लिए अगले कर्नाटक सीएम के रूप में कार्यभार संभालने का मार्ग प्रशस्त करेंगे। बाद में कर्नाटक के मंत्री एचके पाटिल ने घोषणा की पुष्टि की। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री 3 बजे इस्तीफा देंगे. सिद्धारमैया ने कहा कि हम डीके शिवकुमार को नया मुख्यमंत्री बनाएंगे, वह मुख्यमंत्री बनेंगे.” एक भव्य विजय, एक अनकहा समझौता कई दिनों की गहन अटकलों और उच्च-स्तरीय बैठकों के बाद यह घटनाक्रम कर्नाटक में एक महत्वपूर्ण सत्ता परिवर्तन का प्रतीक है। कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी के सत्ता में आने के लगभग तीन साल बाद कर्नाटक के नेतृत्व में बदलाव आया है। अपनी स्वच्छ छवि और राज्य भर में व्यापक समर्थक आधार के कारण, सिद्धारमैया को सीएम पद के लिए चुना गया था। दूसरी ओर, शिवकुमार को संगठन के पुनर्निर्माण और राज्य में पार्टी की वापसी को आकार देने का श्रेय दिया गया। कर्नाटक कांग्रेस के दो सबसे बड़े नेताओं के बीच एक अनकहे समझौते पर सहमति बनी – सिद्धारमैया पहले 2.5 वर्षों के लिए शासन करेंगे, उसके बाद शेष के लिए डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार होंगे। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘हम सभी आशा पर जीते हैं’: जब डीके शिवकुमार ने ‘मानसून के कर्नाटक पहुंचने से पहले’ सीएम बनने का संकेत दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें