Wednesday, 15 Jul 2026 | 04:23 AM

Trending :

नेपाली पीएम के 100 में से 88 वादे अधूरे:शपथ के 30 दिन में 2 मंत्रियों ने सरकार छोड़ी, जेन-जी बोले- क्या काबिल लोग नहीं

नेपाली पीएम के 100 में से 88 वादे अधूरे:शपथ के 30 दिन में 2 मंत्रियों ने सरकार छोड़ी, जेन-जी बोले- क्या काबिल लोग नहीं

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह को सत्ता संभाले अभी सिर्फ दो महीने हुए हैं, लेकिन उनकी सरकार पर सवाल उठने लगे हैं। बालेन ने 27 मार्च को शपथ लेने के बाद 100 पॉइंट सुधार एजेंडा लॉन्च किया था। हालांकि, प्रधानमंत्री कार्यालय की ट्रैकर वेबसाइट पर 88 वादे ओवरड्यू यानी तय समय से पीछे बताए जा रहे हैं। इसके अलावा, सरकार बनने के 30 दिन के भीतर ही बालेन के दो बड़े मंत्रियों को पद छोड़ना पड़ा। श्रम मंत्री दीपक शाह पर पत्नी को गलत तरीके से नौकरी दिलाने का आरोप लगा, जिसके बाद उन्हें हटाया गया। वहीं गृह मंत्री सूदन गुरुंग को एक जांच के दायरे में आए कारोबारी से रिश्तों के आरोपों के बाद इस्तीफा देना पड़ा। इससे जेन-जी युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है। युवा सवाल उठा रहे हैं कि अगर यही लोग चुने गए, तो नई राजनीति में फर्क क्या है? क्या सरकार में काबिल लोग नहीं बचे? बालेन की पार्टी के भीतर भी सवाल उठ रहे बालेन सरकार के कई फैसलों के खिलाफ प्रदर्शन हुए है। साथ ही अदालत में भी चुनौती दी गई है। विपक्ष के साथ-साथ अब उनकी पार्टी के भीतर से भी सवाल उठने लगे हैं। संसद में विपक्ष के सवालों पर जवाब न देने पर वालेन की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेताओं आशिका तमांग और अमरेश कुमार सिंह ने भी सार्वजनिक तौर पर सवाल उठाए। अमरेश सिंह ने कहा कि नेपाल का लोकतंत्र ‘पाकिस्तान मॉडल’ जैसा बनता जा रहा है, जहां सरकार संसद के प्रति जवाबदेह नहीं रहती। बालेन ने पीएम बनने के बाद कई वादे किए थे प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन ने मंत्रालयों की संख्या घटाने, घाटे वाले बोर्ड और समितियों को मर्ज करने और सरकारी कर्मचारियों व शिक्षकों को राजनीति से दूर रखने जैसे बड़े वादे किए थे। इसके अलावा गौरी बहादुर कार्की आयोग की सिफारिशें लागू करने, बंद पड़ी परियोजनाओं को फिर शुरू करने, निवेश और उद्योग सेवाओं को डिजिटल बनाने और ऊर्जा निर्यात की लंबी रणनीति तैयार करने की बात भी कही गई थी। गिरफ्तारी और आयोग रिपोर्ट पर विवाद बालेन सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के अंतरिम कार्यकाल में बनी कार्की आयोग की रिपोर्ट लागू करने का फैसला किया। रिपोर्ट में भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग की जांच कर सुधार के सुझाव दिए गए थे। यह जेन Z आंदोलन से भी जुड़ी थी। सरकार पर आरोप लगा कि इसे स्पष्ट कानूनी आधार के बिना लागू किया गया। इसी बीच पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी को लेकर भी विवाद हुआ। आरोप लगा कि उचित कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं की गई थी। कानूनी और राजनीतिक स्तर पर इसका विरोध हुआ। नेपाली कांग्रेस नेता दीपक खड़का को भी लंबे समय तक हिरासत में रखने के बाद सबूतों की कमी के कारण रिहा करना पड़ा। अध्यादेशों से सरकार चलाने के आरोप बालेन सरकार के पास निचले सदन में दो-तिहाई बहुमत है, लेकिन ऊपरी सदन नेशनल असेंबली में उसका एक भी सदस्य नहीं है। नेपाल में कानून पास कराने और संशोधन के लिए ऊपरी सदन की अहम भूमिका होती है। ऐसे में बालेन सरकार आठ अध्यादेश लाई। इनमें सिविल सर्विस ट्रेड यूनियन और यूनिवर्सिटी छात्र संगठनों को खत्म करने के प्रस्ताव शामिल थे। नेपाल सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारी और छात्र संगठनों के विरोध के बीच इन अध्यादेशों पर रोक लगा दी। सोशल मीडिया पोस्ट में बालेन ने सफाई देते हुए कहा कि स्कूलों और सरकारी दफ्तरों में पार्टी झंडे बंद करने से छात्रों और कर्मचारियों के अधिकार खत्म नहीं होंगे, बल्कि पेशेवर स्वतंत्रता मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और नौकरशाही में छात्र और कर्मचारी संगठन राजनीतिक दलों की ‘स्लीपर सेल’ बन चुके हैं। उनके मुताबिक ट्रांसफर और प्रमोशन पार्टी के आधार पर नहीं, बल्कि योग्यता और काम के आधार पर होने चाहिए। बुलडोजर कार्रवाई पर सड़क से अदालत तक विरोध बालेन सरकार की सबसे ज्यादा आलोचना अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर हो रही है। नेपाल के अलग-अलग हिस्सों में बेघर और भूमिहीन लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक सिर्फ काठमांडू घाटी में करीब 4 हजार ढांचे तोड़े गए हैं। इससे कम से कम 15 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। बालेन जब काठमांडू के मेयर थे, तब भी उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई को अपनी राजनीति का बड़ा हिस्सा बनाया था। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने इसी मॉडल को देशभर में लागू किया। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों समेत कई मानवाधिकार संगठनों ने भी इन कार्रवाइयों की आलोचना की है। उनका कहना है कि सरकार ने गरीब लोगों को बिना उचित पहचान, बातचीत और पुनर्वास योजना के हटाया। 2 महीने में एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की चुनाव प्रचार के दौरान बालेन ने पारदर्शिता और जवाबदेही का वादा किया था। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद उनकी चुप्पी सवालों के घेरे में है। शपथ लेने के बाद से उन्होंने न तो देश को संबोधित किया और न ही कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वह राष्ट्रपति के नीति और कार्यक्रम वाले भाषण के दौरान बीच में ही निकल गए थे। बाद में बिना सूचना संसद से भी अनुपस्थित रहे। विपक्ष ने संसद में लगातार हंगामा किया और प्रधानमंत्री से सदन में आकर जवाब देने की मांग की। भारत से सामान लाने पर सख्ती से सीमा इलाकों में नाराजगी नेपाल सरकार ने भारत से आने वाले सामान पर कस्टम ड्यूटी के नियम सख्ती से लागू किए हैं। इसके बाद भारत-नेपाल सीमा पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। नियम के मुताबिक भारत से 100 नेपाली रुपए (लगभग 63 भारतीय रुपए) से ज्यादा का सामान लाने पर अनिवार्य कस्टम ड्यूटी देनी होगी। सामान की श्रेणी के हिसाब से टैक्स 5% से 80% तक है। दशकों से नेपाल के लोग भारतीय सीमा वाले शहरों से राशन, दवाइयां, कपड़े, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स और शादी का सामान खरीदते रहे हैं। नेपाली नववर्ष के बाद नियमों को सख्ती से लागू किया जाने लगा। इससे सीमा पर रहने वाले लोगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। लोगों के बीच नाराजगी बढ़ रही है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… नेपाल बोला- भारतीय यात्री लिपुलेख से मानसरोवर न जाएं:ये हमारा इलाका; भारत बोला- नेपाल के दावे का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं नेपाल सरकार ने भारतीय तीर्थयात्रियों से लिपुलेख के रास्ते कैलाश मानसरोवर

Karan Johar Unfollows Kareena Kapoor, Shah Rukh Khan; Digital Detox

Karan Johar Unfollows Kareena Kapoor, Shah Rukh Khan; Digital Detox

8 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्म मेकर करण जौहर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से शाहरुख खान, आलिया भट्ट और करीना कपूर सहित कई करीबी दोस्तों को अनफॉलो कर दिया है। इस बदलाव के बाद उनके फॉलोअर्स की संख्या 1.8 करोड़ से घटकर 1.75 करोड़ रह गई है। करीबी दोस्तों को अनफॉलो करने की वजह बताते हुए करण ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने इसे ‘डिजिटल डिटॉक्स’ बताया है। करण ने लिखा कि वे सोशल मीडिया पर अपना समय और एनर्जी कम करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। शाहरुख ने करण के निर्देशन में लीड रोल के तौर पर 4 फिल्मों ‘कुछ कुछ होता है’, ‘कभी खुशी कभी गम’, ‘कभी अलविदा ना कहना’ और ‘माय नेम इज खान’ में काम किया है। करीबी दोस्तों और स्टार्स को लिस्ट से हटाया करण जौहर ने उन कलाकारों को भी अनफॉलो कर दिया है जिन्हें उन्होंने खुद फिल्म इंडस्ट्री में लॉन्च किया था। इनमें उनकी करीबी आलिया भट्ट, वरुण धवन और सिद्धार्थ मल्होत्रा शामिल हैं। इसके अलावा जान्हवी कपूर, मलाइका अरोड़ा और मनीष मल्होत्रा भी उनकी फॉलो लिस्ट से गायब हैं। मनीष मल्होत्रा के डिजाइन किए हुए आउटफिट को पहनकर ही हाल ही में करण ने मेट गाला इवेंट में हिस्सा लिया था। अब करण के अकाउंट पर फॉलोइंग की संख्या सिर्फ 74 रह गई है। प्रियंका चोपड़ा उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल हैं जिन्हें वे अब भी फॉलो कर रहे हैं। बोले- सोशल मीडिया पर एनर्जी कम करना चाहता हूं इस कदम पर उठ रहे सवालों का जवाब करण जौहर ने सोशल मीडिया के जरिए ही दिया। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, ‘यह एक डिजिटल डिटॉक्स है। मैं इंस्टाग्राम पर सभी को अनफॉलो इसलिए कर रहा हूं ताकि यहां बिताए जाने वाले समय और एनर्जी को कम कर सकूं।’ इसके साथ ही उन्होंने आगे लिखा कि यह कोई ऐसी बात नहीं है जिसे नेशनल न्यूज बनाया जाए। हालांकि अचानक उठाए गए इस कदम से उनके फैंस काफी हैरान हैं। कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे भी लिस्ट से बाहर करण जौहर के इस फैसले की जद में वे सितारे भी आए हैं जिनके साथ वे फिलहाल काम कर रहे हैं। प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें तो करण जौहर की फिल्म ‘चांद मेरा दिल’ हाल ही में सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इस फिल्म में अनन्या पांडे और लक्ष्य लालवानी मुख्य भूमिकाओं में हैं। इसके बाद वे कार्तिक आर्यन के साथ अपनी नई फिल्म ‘नागजिला’ लेकर आ रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि करण ने अपनी वर्तमान फिल्मों के लीड एक्टर्स कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे को भी इंस्टाग्राम पर अनफॉलो कर दिया है। ये खबर भी पढ़ें करण जौहर@54; लड़कियों जैसा कहकर उड़ा मजाक:अमिताभ को डायरेक्ट करने के डर से बेहोश हुए, ‘मेट गाला’ में शामिल एकमात्र भारतीय डायरेक्टर बचपन से ही करण जौहर की चाल, बोलने का तरीका और बॉडी लैंग्वेज मजाक का कारण बनी। जिसके चलते करण धीरे-धीरे इतने डर गए कि लोगों के बीच जाने से कतराने लगे। घरवालों से झूठ बोला कि वो कंप्यूटर क्लास जा रहे हैं, जबकि असल में वो आवाज बदलने की ट्रेनिंग ले रहे थे। माता-पिता नहीं चाहते थे कि वो फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा बनें। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Ireland Follow-On vs NZ | Belfast Test Cricket

Ireland Follow-On vs NZ | Belfast Test Cricket

19 मिनट पहले कॉपी लिंक न्यूजीलैंड ने बेलफास्ट में चल रहे इकलौते टेस्ट में आयरलैंड पर शिकंजा कस लिया। उसने गुरुवार को पहली पारी 490/8 के स्कोर पर घोषित की। इतना ही नहीं, आयरिश टीम को पहली पारी में 179 पर ऑलआउट करके फॉलोऑन खेलने पर मजबूर किया। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने पर आयरलैंड ने दूसरी पारी में 65 रन बनाने में दो विकेट गंवा दिए हैं। स्टीफन दोहेनी और थॉमस मेयस क्रीज पर हैं। इससे पहले टॉम ब्लंडेल ने 186 और डेब्यू कर रहे डीन फॉक्सक्रॉफ्ट ने 98 रन बनाए। गेंदबाजी में नाथन स्मिथ ने 6 विकेट झटके। नाथन स्मिथ ने 29 गेंदों में 6 विकेट लिए न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज नाथन स्मिथ दूसरे दिन के हीरो रहे। उन्होंने नई गेंद से 29 गेंदों में अपना पहला टेस्ट फाइव-विकेट हॉल पूरा किया। स्मिथ ने 40 रन देकर 6 विकेट लिए। उन्होंने आयरलैंड के टॉप-6 बल्लेबाजों में से 4 को डक पर आउट किया। टेस्ट इतिहास में पहली बार किसी गेंदबाज ने टॉप-6 के 4 बल्लेबाजों को खाता नहीं खोलने दिया। आयरलैंड ने जीरो पर दो विकेट गंवाए न्यूजीलैंड के पारी घोषित करने के बाद लंच से पहले आयरलैंड की बल्लेबाजी शुरू हुई। स्मिथ ने पहले ओवर की दूसरी गेंद पर स्टीफन डोहेनी को LBW किया। चार गेंद बाद नंबर-3 बल्लेबाज केड कारमाइकल स्लिप में टॉम लाथम को कैच दे बैठे। आयरलैंड ने पहले ही ओवर में बिना रन बनाए 2 विकेट गंवा दिए थे। लंच के बाद भी स्मिथ ने एंड्रयू बालबर्नी (13), कर्टिस कैंपर (0) और लॉर्कन टकर (0) को आउट किया। एक समय टीम का स्कोर 38 रन पर 6 विकेट था। विकेट सेलिब्रेट करते न्यूजीलैंड के खिलाड़ी। मैकब्राइन-एडेयर में शतकीय साझेदारी शुरुआती झटकों के बाद एंडी मैकब्राइन और मार्क एडेयर ने सातवें विकेट के लिए 116 रन जोड़कर आयरलैंड को संभाला। मैकब्राइन ने चायकाल से पहले अर्धशतक पूरा किया। एडेयर ने शुरुआत में बड़े शॉट्स खेले, फिर संभलकर बल्लेबाजी की। नेथन स्मिथ ने शॉर्ट बॉल पर एडेयर को 40 रन पर आउट कर साझेदारी तोड़ी। इसके बाद न्यूजीलैंड ने आयरलैंड की पहली पारी 179 रन पर समेट दी। मैकब्राइन 73 रन बनाकर नाबाद रहे। एंडी मैकब्राइन और मार्क एडेयर ने सातवें विकेट के लिए 116 रन जोड़कर आयरलैंड को संभाला। ब्लंडेल-फॉक्सक्रॉफ्ट में रिकॉर्ड साझेदारी न्यूजीलैंड ने सुबह 361/5 के स्कोर से आगे खेलना शुरू किया। टॉम ब्लंडेल और डेब्यू कर रहे डीन फॉक्सक्रॉफ्ट ने छठे विकेट के लिए 158 रन जोड़े। ब्लंडेल 186 रन पर रूबेन विल्सन का शिकार बने। फॉक्सक्रॉफ्ट 98 रन पर एंडी मैकब्राइन की गेंद पर आउट होकर शतक से चूक गए। ब्लंडेल-फॉक्सक्रॉफ्ट ने छठे विकेट के लिए 158 रन की साझेदारी की। ———————————————————— बेलफास्ट टेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… आयरलैंड के खिलाफ टॉम ब्लंडेल का शतक, पहले दिन न्यूजीलैंड का स्कोर 361/5 न्यूजीलैंड ने आयरलैंड के खिलाफ इकलौते टेस्ट मैच में मजबूत शुरुआत की है। टीम ने बुधवार को स्टंप्स तक 5 विकेट पर 361 रन बना लिए। टॉम ब्लंडेल 142 और डीन फॉक्स क्रॉफ्ट 38 रन पर नाबाद रहे। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार ने दिल्ली में राहुल, सोनिया से बातचीत की; एजेंडे पर कैबिनेट ओवरहाल | भारत समाचार

People show their identity cards as they wait in a queue at a polling station to cast their votes during the Municipal Corporation elections, in Amritsar. (Source: PTI)

आखरी अपडेट:29 मई, 2026, 10:01 IST सिद्धारमैया ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात की क्योंकि कांग्रेस कर्नाटक में डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली नई सरकार बनाने की योजना बना रही है। कर्नाटक के निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की. (स्रोत: पीटीआई) कर्नाटक के निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शीर्ष पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से नई दिल्ली में 10 जनपथ पर मुलाकात की। बैठक में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कर्नाटक कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने भाग लिया, जिसमें राज्य में अगली सरकार के गठन पर चर्चा हुई। नेताओं के आज दिन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी मिलने की उम्मीद है। सूत्रों ने कहा कि विचार-विमर्श में राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों को अंतिम रूप देना, विधान परिषद में नियुक्तियां और नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से पहले संभावित कैबिनेट फेरबदल शामिल है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, डीके शिवकुमार के नेतृत्व में प्रस्तावित कैबिनेट में निवर्तमान सिद्धारमैया सरकार के कई मंत्रियों को बरकरार नहीं रखा जा सकता है। कांग्रेस नेतृत्व नई सरकार में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए चार उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति पर भी विचार कर रहा है। राज्यपाल ने सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया इस बीच, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने शुक्रवार को सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया, इसके एक दिन बाद। यह भी पढ़ें: सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार, कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहेंगे, कांग्रेस में बदलाव की प्रक्रिया पूरी बेंगलुरु में लोक भवन से जारी एक आधिकारिक संचार में कहा गया है कि राज्यपाल ने सिद्धारमैया की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। हालांकि, वैकल्पिक व्यवस्था होने तक सिद्धारमैया मुख्यमंत्री बने रहेंगे. आधिकारिक आदेश में कहा गया, “भारत के संविधान के अनुच्छेद 164(1) के तहत मुझे प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और उनकी अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। वैकल्पिक व्यवस्था होने तक सिद्धारमैया मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते रहेंगे।” कांग्रेस आलाकमान के आदेश पर सिद्धारमैया ने दिया इस्तीफा कांग्रेस आलाकमान के निर्देश के बाद सिद्धारमैया ने पद से इस्तीफा दे दिया. पद छोड़ने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, निवर्तमान मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य का नेतृत्व करने का अवसर देने के लिए कांग्रेस नेतृत्व और कर्नाटक के लोगों को धन्यवाद दिया। यह भी पढ़ें: ‘हाईकमान ने पूछा, मैंने इस्तीफा दे दिया’: सिद्धारमैया ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया उन्होंने कहा, “मैं एक राजनेता हूं और मैंने समझा है कि संविधान हमारा धर्म है। मतदाता प्रशंसक हैं, भगवान हैं। मुझे कन्नड़ नाडु के 7 करोड़ लोगों से बात करने का अवसर मिला। मुझे दो बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला। मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रति बहुत आभार व्यक्त करना चाहता हूं, जिन्होंने यह अवसर प्रदान किया।” अनुभवी कांग्रेस नेता ने यह भी रेखांकित किया कि पार्टी को स्वतंत्र विधायकों के समर्थन से विधानसभा में आरामदायक बहुमत प्राप्त है। उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी ने 135+1 सीटें जीती हैं। इसके अलावा, दो निर्दलीय विधायकों ने भी हमारी सरकार को समर्थन दिया है। हम पूर्ण बहुमत में हैं।” इस्तीफ़े के बाद मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास ‘कावेरी’ में एक महत्वपूर्ण नाश्ते की बैठक हुई, जहाँ डीके शिवकुमार को सिद्धारमैया के पैर छूते और उन्हें सम्मानपूर्वक गले लगाते देखा गया, यह इशारा कई लोगों ने कर्नाटक में एक प्रतीकात्मक नेतृत्व परिवर्तन के रूप में देखा। यह भी पढ़ें: सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार फिर दिल्ली पहुंचे: कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन में आगे क्या है? जब से कांग्रेस ने कर्नाटक में सरकार बनाई है, राजनीतिक गलियारों में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच संभावित मुख्यमंत्री पद की व्यवस्था को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने कभी भी सार्वजनिक रूप से किसी भी सत्ता-साझाकरण समझौते की पुष्टि नहीं की है, लेकिन “2.5-वर्षीय सीएम फॉर्मूले” की अफवाहें बार-बार सामने आई हैं, खासकर दिल्ली में कर्नाटक के नेताओं और कांग्रेस आलाकमान के बीच प्रमुख बैठकों के दौरान। एएनआई से इनपुट के साथ चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार ने दिल्ली में राहुल, सोनिया से बातचीत की; एजेंडे में कैबिनेट ओवरहाल अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सिद्धारमैया का इस्तीफा(टी)कर्नाटक की राजनीति(टी)डीके शिवकुमार कैबिनेट(टी)कांग्रेस आलाकमान(टी)कर्नाटक के मुख्यमंत्री(टी)राहुल गांधी से मुलाकात(टी)सोनिया गांधी की भूमिका(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे

जेफ बेजोस की कंपनी का रॉकेट लॉन्चपैड पर फटा:आग का बड़ा गोला बनते देखा गया; बेजोस बोले- सभी कर्मचारी सुरक्षित, फिर कोशिश करेंगे

जेफ बेजोस की कंपनी का रॉकेट लॉन्चपैड पर फटा:आग का बड़ा गोला बनते देखा गया; बेजोस बोले- सभी कर्मचारी सुरक्षित, फिर कोशिश करेंगे

अमेजन के मालिक जेफ बेजोस की कंपनी ‘ब्लू ओरिजिन’ का न्यू ग्लेन रॉकेट फ्लोरिडा में टेस्ट के दौरान लॉन्च पैड पर फट गया। फुटेज में रॉकेट के फटने से आग का एक बड़ा गोला बनते देखा गया। हॉटफायर टेस्ट के दौरान हादसा हुआ ब्लू ओरिजिन ने बताया कि फ्लोरिडा के केप कैनावेरल में रात करीब 9:00 बजे हॉटफायर टेस्ट किया जा रहा था। इसी टेस्ट के दौरान रॉकेट में गड़बड़ी आ गई और यह हादसा हो गया। यह टेस्ट आने वाले दिनों में होने वाले एक लॉन्च की तैयारी के सिलसिले में किया जा रहा था। हॉट फायर टेस्ट किसी रॉकेट को अंतरिक्ष में भेजने से पहले उसके इंजन की क्षमता जांचने की एक बेहद जरूरी प्रक्रिया है। इसमें रॉकेट को लॉन्चपैड पर ही क्लैम्प्स की मदद से जमीन से कसकर बांध दिया जाता है। फिर तय समय के लिए उसके इंजनों को पूरी ताकत से चालू किया जाता है। जेफ बेजोस बोले- सभी कर्मचारी सुरक्षित, दोबारा कोशिश भरेंगे ब्लू ओरिजिन के फाउंडर जेफ बेजोस ने कहा कि हादसे में सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। हम हादसे की वजह का पता लगाने में जुट गए हैं। आज का दिन बेहद कठिन रहा, लेकिन जिस भी चीज को दोबारा बनाने की जरूरत होगी, हम उसे फिर से बनाएंगे और उड़ान पर वापस लौटेंगे। पब्लिक को कोई खतरा नहीं, जांच में जुटी अमेरिकी स्पेस फोर्स ब्रेवार्ड काउंटी इमरजेंसी मैनेजमेंट के मुताबिक, लॉन्च पैड पर हुए इस विस्फोट से आम जनता को कोई खतरा नहीं है। अमेरिकी स्पेस फोर्स ने जानकारी दी है कि इमरजेंसी रिस्पॉन्डर्स घटना स्थल पर मौजूद हैं। इसके साथ ही अधिकारी उपलब्ध डेटा का मूल्यांकन करने और इस अनोमली के सटीक कारण का पता लगाने के लिए ब्लू ओरिजिन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। नासा ने कहा- स्पेसफ्लाइट आसान नहीं, पूरी जांच का समर्थन करेंगे नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जारेड इसाकमैन ने कहा कि स्पेसफ्लाइट किसी को माफ नहीं करती है और नई हैवी-लिफ्ट लॉन्च क्षमता विकसित करना असाधारण रूप से कठिन काम है। हम इस अनोमली की पूरी जांच का समर्थन करने, आने वाले मिशनों पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन करने और रॉकेट लॉन्चिंग पर वापस लौटने के लिए अपने पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करेंगे। पिछले महीने भी ग्राउंडेड हुआ था नया रॉकेट ब्लू ओरिजिन के साथ पिछले कुछ समय में यह दूसरी बड़ी समस्या है। पिछले महीने ही फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने एक सैटेलाइट के असफल लॉन्च से जुड़े एक हादसे की जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद कंपनी के ‘न्यू ग्लेन’ को ग्राउंडेड कर दिया गया था। नवंबर में बड़ी कामयाबी मिली थी इन हालिया मुश्किलों से पहले स्पेस कंपनी ने पिछले साल नवंबर में फ्लोरिडा से एक ‘न्यू ग्लेन’ रॉकेट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था। उस मिशन के दौरान कंपनी ने पहली बार अपने रीयूजेबल बूस्टर की सफल लैंडिंग कराने में कामयाबी हासिल की थी। ब्लू ओरिजिन ने करीब एक दशक का समय और अरबों डॉलर खर्च करके इस न्यू ग्लेन रॉकेट को तैयार किया है। यह 29 मंजिला ऊंची इमारत जितना बड़ा रॉकेट है, जिसके फर्स्ट स्टेज को दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। यानी यह रीयूजबेबल रॉकेट है। इसे इलॉन मस्क के फॉल्कन रॉकेट्स और शक्तिशाली स्टारशिप का मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया है। मस्क के ‘स्टारलिंक’ को चुनौती देने की तैयारी थी दिलचस्प बात यह है कि इस घटना से ठीक एक दिन पहले यानी बुधवार को ही ब्लू ओरिजिन ने घोषणा की थी कि वह न्यू ग्लेन रॉकेट के जरिए अमेजन के 48 ‘लियो’ सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष की निचली कक्षा (लो-अर्थ ऑर्बिट) में भेजने की तैयारी कर रही है। अमेजन इन सैटेलाइट्स की मदद से दुनिया भर में ब्रॉडबैंड इंटरनेट नेटवर्क तैयार करना चाहता है, जो सीधे तौर पर इलॉन मस्क के ‘स्टारलिंक’ नेटवर्क को टक्कर देगा। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इस लॉन्चिंग की कोई तारीख तय नहीं की थी। रॉकेट विस्फोट का वीडियो सामने आने के बाद इलॉन मस्क ने X पर लिखा- “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण। रॉकेट्स बनाना और उनका संचालन करना वाकई कठिन काम है।”

जेफ बेजोस की कंपनी का रॉकेट लॉन्चपैड पर ब्लास्ट:टेस्टिंग के दौरान हादसा; बेजोस बोले- सभी कर्मचारी सुरक्षित, फिर कोशिश करेंगे

जेफ बेजोस की कंपनी का रॉकेट लॉन्चपैड पर फटा:आग का बड़ा गोला बनते देखा गया; बेजोस बोले- सभी कर्मचारी सुरक्षित, फिर कोशिश करेंगे

अमेजन के मालिक जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजिन के न्यू ग्लेन रॉकेट में टेस्ट के दौरान लॉन्च पैड पर ब्लास्ट हो गया। फुटेज में देखा जा सकता है कि धमाके के बाद रॉकेट आग के बड़े गोले में तब्दील हो गया। ब्लू ओरिजिन ने बताया कि फ्लोरिडा के केप कैनावेरल में गुरुवार रात करीब 9:00 बजे हॉटफायर टेस्ट किया जा रहा था। इसी टेस्ट के दौरान रॉकेट में गड़बड़ी आ गई और यह हादसा हो गया। यह टेस्ट आने वाले दिनों में होने वाले एक लॉन्चिंग की तैयारी के सिलसिले में किया जा रहा था। हॉट फायर टेस्ट किसी रॉकेट को अंतरिक्ष में भेजने से पहले उसके इंजन की क्षमता जांचने की एक बेहद जरूरी प्रक्रिया है। इसमें रॉकेट को लॉन्चपैड पर ही क्लैम्प्स की मदद से जमीन से कसकर बांध दिया जाता है। फिर तय समय के लिए उसके इंजनों को पूरी ताकत से चालू किया जाता है। जेफ बेजोस बोले- सभी कर्मचारी सुरक्षित, दोबारा कोशिश भरेंगे ब्लू ओरिजिन के फाउंडर जेफ बेजोस ने कहा कि हादसे में सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। हम हादसे की वजह का पता लगाने में जुट गए हैं। आज का दिन बेहद कठिन रहा, लेकिन जिस भी चीज को दोबारा बनाने की जरूरत होगी, हम उसे फिर से बनाएंगे और उड़ान पर वापस लौटेंगे। पब्लिक को कोई खतरा नहीं, जांच में जुटी अमेरिकी स्पेस फोर्स ब्रेवार्ड काउंटी इमरजेंसी मैनेजमेंट के मुताबिक, लॉन्च पैड पर हुए इस विस्फोट से आम जनता को कोई खतरा नहीं है। अमेरिकी स्पेस फोर्स ने जानकारी दी है कि इमरजेंसी रेस्पॉन्डर्स घटना स्थल पर मौजूद हैं। इसके साथ ही अधिकारी उपलब्ध डेटा का मूल्यांकन करने और घटना के सटीक कारण का पता लगाने के लिए ब्लू ओरिजिन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। नासा ने कहा- स्पेसफ्लाइट आसान नहीं, पूरी जांच का समर्थन करेंगे नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जैरेड इसाकमैन ने कहा कि स्पेसफ्लाइट किसी को माफ नहीं करती। हैवी-लिफ्ट लॉन्च क्षमता विकसित करना असाधारण रूप से कठिन काम है। हम इस घटना की पूरी जांच का समर्थन करते हैं। आगामी मिशनों पर इसके प्रभावों का आकलन करने और रॉकेट लॉन्चिंग पर वापस लौटने के लिए अपने पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करेंगे। पिछले महीने भी ग्राउंडेड हुआ था नया रॉकेट ब्लू ओरिजिन के साथ पिछले कुछ समय में यह दूसरी बड़ी समस्या है। पिछले महीने ही फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने एक सैटेलाइट की असफल लॉन्चिंग से जुड़े हादसे की जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद कंपनी के न्यू ग्लेन को ग्राउंडेड कर दिया गया था। नवंबर में ब्लू ओरिजिन को बड़ी कामयाबी मिली थी पिछले साल नवंबर में ब्लू ओरिजिन ने फ्लोरिडा से एक ‘न्यू ग्लेन’ रॉकेट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था। उस मिशन के दौरान कंपनी ने पहली बार अपने रीयूजेबल बूस्टर की सफल लैंडिंग कराने में कामयाबी हासिल की थी। ब्लू ओरिजिन ने करीब 10 साल में अरबों डॉलर खर्च करके इस न्यू ग्लेन रॉकेट को तैयार किया है। यह रॉकेट 29 मंजिला ऊंची इमारत जितना बड़ा है, जिसके फर्स्ट स्टेज को दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है यानी यह रीयूजेबल रॉकेट है। इसे इलॉन मस्क के फॉल्कन रॉकेट्स और शक्तिशाली स्टारशिप का मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया है। मस्क के ‘स्टारलिंक’ को चुनौती देने की तैयारी थी दिलचस्प बात यह है कि इस घटना से ठीक एक दिन पहले यानी बुधवार को ही ब्लू ओरिजिन ने घोषणा की थी कि हम न्यू ग्लेन रॉकेट के जरिए अमेजन के 48 ‘लियो’ सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष की निचली कक्षा (लो-अर्थ ऑर्बिट) में भेजने की तैयारी कर रहे हैं। अमेजन इन सैटेलाइट्स की मदद से दुनिया भर में ब्रॉडबैंड इंटरनेट नेटवर्क तैयार करना चाहता है, जो सीधे तौर पर इलॉन मस्क के ‘स्टारलिंक’ नेटवर्क को टक्कर देगा। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इस लॉन्चिंग की कोई तारीख तय नहीं की थी। रॉकेट विस्फोट का वीडियो सामने आने के बाद इलॉन मस्क ने X पर लिखा- ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण। रॉकेट्स बनाना और उनका ऑपरेशन करना वाकई कठिन काम है।’

दीदी के किले से गुट फैक्ट्री तक: क्यों तृणमूल कांग्रेस पहले से कहीं अधिक कमजोर दिख रही है | भारत समाचार

People show their identity cards as they wait in a queue at a polling station to cast their votes during the Municipal Corporation elections, in Amritsar. (Source: PTI)

आखरी अपडेट:29 मई, 2026, 09:33 IST तृणमूल कांग्रेस रातोरात ढह नहीं रही है. लेकिन, अपने जन्म के बाद पहली बार, पार्टी न केवल विपक्ष के कारण, बल्कि स्वयं के कारण भी असुरक्षित दिख रही है ममता बनर्जी की बार-बार की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं और अन्य विस्तार योजनाओं के बावजूद, टीएमसी वास्तव में कभी भी एक टिकाऊ राष्ट्रीय ताकत के रूप में विकसित नहीं हुई। (एएफपी) वरिष्ठ तृणमूल सांसद काकोली घोष दस्तीदार और कल्याण बनर्जी के बीच सार्वजनिक विवाद और उसके बाद दस्तीदार की खुली असहमति, एक बार फिर उस विरोधाभास को उजागर करती है जिसने लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस को भीतर से परिभाषित किया है। अपनी स्थापना के बाद से, पार्टी वैचारिक सामंजस्य से कम और सुविधा, संरक्षण नेटवर्क, भ्रष्टाचार, पैसा, बदलते सत्ता समीकरण और नेतृत्व के चारों ओर चाटुकारिता की एक मजबूत संस्कृति से अधिक प्रेरित रही है। जो वामपंथ के खिलाफ एक क्षेत्रीय आंदोलन के रूप में शुरू हुआ वह धीरे-धीरे एक राजनीतिक पारिस्थितिकी तंत्र में विकसित हो गया है जहां वफादारी काफी हद तक लेन-देन पर आधारित है, गुट प्रभाव तक पहुंच पर जीवित रहते हैं, और जब भी शक्ति का संतुलन बदलना शुरू होता है तो आंतरिक प्रतिद्वंद्विता अनिवार्य रूप से भड़क उठती है। हर बार जब तृणमूल नेताओं को पार्टी के लिए गिरावट का एहसास हुआ, चाहे 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद या 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले, कई लोगों ने वफादारी के बजाय दलबदल को चुना, और इसके बजाय सत्ता और राजनीतिक अस्तित्व के कथित केंद्रों की ओर रुख किया। और, पहली और करारी हार के बाद अब नेता और कैडर अपने नेता के साथ रहने के बजाय तेजी से गायब होते दिख रहे हैं. यह भी पढ़ें | 10 दिन, 16 बड़े कदम: कैसे सुवेंदु अधिकारी एक बार में एक फैसला लेकर ममता की विरासत को खत्म कर रहे हैं अब, अंदरूनी सूत्रों से पता चला है कि चार सांसदों और तीन पूर्व मंत्रियों सहित कम से कम 11 और वरिष्ठ नेता बाहर निकलने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, ऐसा लगता है कि पार्टी अपनी स्थापना के बाद से सबसे गहरे आंतरिक संकट का सामना कर रही है। शक्ति, दहशत और विखंडन तृणमूल कांग्रेस के अंदर की गुटबाजी बार-बार सार्वजनिक रूप से उजागर हुई है, खासकर राजनीतिक तनाव के दौरान। सौगत रॉय द्वारा पार्टी के भीतर एक वर्ग की खुले तौर पर आलोचना करने से लेकर महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी के बीच कड़वे टकराव तक, सांसद सुदीप बनर्जी और विधायक कुणाल घोष के बीच संघर्ष से लेकर काकोली घोष दस्तीदार के साथ बनर्जी की तीखी नोकझोंक तक, तृणमूल की आंतरिक दरारें बार-बार सार्वजनिक रूप से सामने आई हैं। आरजी कर बलात्कार और हत्या मामले के बाद विरोध प्रदर्शनों के दौरान अलग होने वाले सुखेंदु शेखर रॉय और शांतनु सेन से लेकर, राज्य में राजनीतिक हिंसा की संस्कृति की आलोचना करने वाले पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी तक – पार्टी के नेता तेजी से सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर हमलावर हो गए हैं, यहां तक ​​कि कई बार अपने विवादों को चुनाव आयोग और संसद जैसे संस्थागत मंचों पर भी ले जाते हैं। यह अभिषेक बनर्जी के उभरते पारिस्थितिकी तंत्र और पुराने ममता वफादार गार्ड के बीच गहरे सत्ता संघर्ष का भी पता लगाता है। मुकुल रॉय और अभिषेक बनर्जी के बीच तनाव, 2020 में बाहर निकलने से पहले सुवेंदु अधिकारी के साथ अभिषेक की झड़प और युवा रणनीतिकारों और अनुभवी संगठनात्मक नेताओं के बीच बढ़ते अविश्वास से एक ऐसी पार्टी का पता चलता है जहां प्रतिस्पर्धी शिविर खुले तौर पर काम करते हैं। आंतरिक टकरावों की सूची अंतहीन हो गई है, जो या तो ममता बनर्जी की अनिच्छा या उनकी पार्टी के अंदर बढ़ते विखंडन को पूरी तरह से नियंत्रित करने में असमर्थता को उजागर करती है। 2026 के चुनाव परिणामों के बाद, राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजु दत्ता द्वारा खुलेआम असंतोष व्यक्त करने के साथ मंथन शुरू हुआ और अब यह पार्टी के सबसे पहचाने जाने वाले संसदीय चेहरों में से एक, दस्तीदार तक पहुंच गया है। उनके गुस्से ने एक बार फिर उस पार्टी के अंदर बढ़ती उथल-पुथल को उजागर कर दिया है, जो दशकों से खुद को ममता बनर्जी के नेतृत्व में एक कसकर नियंत्रित राजनीतिक मशीन के रूप में पेश करती थी। नियंत्रण से नीचे दरारें दस्तीदार के मामले को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाने वाली बात केवल असहमति नहीं है। यह एक सूक्ष्म आसन है. दस्तीदार और उनके पति, प्रमुख स्त्री रोग विशेषज्ञ सुदर्शन घोष दस्तीदार, दशकों से तृणमूल पारिस्थितिकी तंत्र के साथ जुड़े हुए हैं। वे पुराने वफादार नेटवर्क से संबंधित थे जो वामपंथ विरोधी सड़क आंदोलन के दिनों से पार्टी के उत्थान के दौरान ममता बनर्जी के साथ खड़े थे। दस्तीदार के इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद एक अन्य प्रमुख नेता शांतनु सेन ने भी इस्तीफा दे दिया। जब ऐसे चेहरों पर असहजता दिखने लगती है, तो अंदरूनी सूत्रों का मानना ​​है कि मामला अब अलग-थलग गुटबाजी का नहीं, बल्कि विश्वास के गहरे संकट का है। यह भी पढ़ें | 1-2-3-9 समीकरण: सुवेन्दु अधिकारी के बंगाल राज्याभिषेक के पीछे ऐतिहासिक संख्याओं का पुनर्निर्माण पार्टी के सूत्रों का दावा है कि कम से कम 11 और वरिष्ठ नेता वर्तमान में राजनीतिक विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जिनमें चार सांसद और तीन पूर्व मंत्री शामिल हैं। कुछ सत्ताधारी पार्टी के खेमों के साथ बैकचैनल संचार बनाए हुए हैं, जबकि अन्य केवल संगठनात्मक रूप से खुद को दूर कर रहे हैं और राजनीतिक माहौल विकसित होने का इंतजार कर रहे हैं। तृणमूल के भीतर चिंता स्पष्ट है क्योंकि यह वर्षों में पार्टी के पहले बड़े राजनीतिक उलटफेर के तुरंत बाद सामने आ रही है, एक ऐसा क्षण जब नेतृत्व के चारों ओर अजेयता की आभा कमजोर हो गई है। पैटर्न नया नहीं है. जब भी कोई झटका लगा, आंतरिक दरारें नाटकीय रूप से सामने आईं। 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद, जब भाजपा ने पूरे बंगाल में बढ़त हासिल की और तृणमूल का प्रभुत्व कम कर दिया, तो दलबदल नियमित हो गया। पलायन की शुरुआत मुकुल रॉय से हुई, जो कभी ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद लेफ्टिनेंट और पार्टी के संगठनात्मक ढांचे के वास्तुकार माने जाते थे। बंगाल की राजनीति में व्यापक रूप

Nifty Rallies 50 Pts to 23,960; IT Stocks Lead Gains

Nifty Rallies 50 Pts to 23,960; IT Stocks Lead Gains

Hindi News Business Nifty Rallies 50 Pts To 23,960; IT Stocks Lead Gains | Sensex Up 250 Pts मुंबई11 मिनट पहले कॉपी लिंक आज यानी शुक्रवार, 29 मई को सेंसेक्स 250 अंक (0.30%) चढ़कर 76,100 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 50 अंकों (0.20%) की तेजी है, ये 23,960 पर पहुंच गया। आज के कारोबार में आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी है। एशियाई बाजारों में तेजी इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज कोस्पी (साउथ कोरिया) 8382 181 1.94% निक्केई (जापान) 65897 1203 1.86% हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) 25066 60 0.25% अमेरिकी बाजारों में भी कल तेजी रही इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज डाउ जोन्स 50669 25 0.05% नैस्डैक 26917 243 0.91% S&P 500 7564 43 0.58% विदेशी निवेशकों ने 27 मई को ₹1043 करोड़ के शेयर बेचे कैटेगरी लेटेस्ट बीते 7 दिन बीते 30 दिन DII 3,821 9,039 69,392 FII/FPI -1,043 -2,629 -42,905 27 मई को सेंसेक्स 142 अंक गिरकर बंद हुआ था कल शेयर बाजार बकरी ईद की छुट्टी की वजह से बंद था। इससे पहले 27 मई को सेंसेक्स 142 अंक की गिरावट के साथ 75,868 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 7 अंकों की गिरावट रही, ये 23,907 पर बंद हुआ। बैंकों के शेयर में सबसे ज्यादा बिकवाली रही थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Salman Khan Mediates Ranveer Singh & Farhan Akhtar Don 3 Row

Salman Khan Mediates Ranveer Singh & Farhan Akhtar Don 3 Row

26 मिनट पहले कॉपी लिंक अभिनेता सलमान खान ने रणवीर सिंह और फिल्म मेकर फरहान अख्तर के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए पहल की है। यह विवाद रणवीर सिंह के अचानक फिल्म ‘डॉन 3’ को छोड़ने के बाद शुरू हुआ था, जिसके बाद फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर के खिलाफ असहयोग प्रस्ताव (नॉन-कोऑपरेशन नोटिस) जारी कर दिया था। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान खान ने दोनों पक्षों से निजी तौर पर बात की है ताकि इस मामले को शांति से सुलझाया जा सके। सलमान ने दोनों पक्षों से की बात रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान खान के रणवीर सिंह और फरहान अख्तर दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं। इसी वजह से उन्होंने इस गंभीर होते विवाद में बीच-बचाव करने का फैसला किया। सलमान ने दोनों से फोन पर बात की और दोनों का अलग-अलग पक्ष सुना। उन्होंने दोनों को समझाया कि इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट्स में आपसी मतभेद होना कोई नई बात नहीं है। सूत्रों के अनुसार, सलमान खान ने फरहान अख्तर से कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में क्रिएटिव डिफरेंसेस (रचनात्मक मतभेद) होना बेहद आम बात है। इसे लेकर विवाद को और ज्यादा बढ़ाना ठीक नहीं है। उन्होंने फरहान को सलाह दी कि वे इस मामले को यहीं खत्म करें और दोनों ही पक्षों को अपने प्रोफेशनल संबंध खराब नहीं करने चाहिए। भविष्य में साथ काम करने की बात कही सलमान खान ने रणवीर सिंह और फरहान अख्तर दोनों से ही विवाद को भूलकर आगे बढ़ने की अपील की है। उन्होंने दोनों से कहा कि जब यह मामला पूरी तरह शांत हो जाए, तो उन्हें भविष्य में दोबारा एक-दूसरे के साथ काम करने के लिए तैयार रहना चाहिए। सलमान की इस सलाह के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों के बीच तनाव कुछ कम हो सकता है। प्री-प्रोडक्शन में भारी खर्च होने का दावा यह भी कहा गया कि एक्सेल एंटरटेनमेंट ने डॉन 3 के प्री-प्रोडक्शन पर पहले ही काफी पैसा खर्च कर दिया था। कंपनी ने फिल्म की तैयारी, शेड्यूलिंग और उससे जुड़े दूसरे कामों में हुए खर्च को देखते हुए मुआवजे की मांग रखी थी। दूसरी तरफ रणवीर और उनकी टीम की सोच अलग थी। रणवीर इस बात से नाराज थे कि उनके करियर के कमजोर दौर में एक्सेल दूसरे कलाकारों को फिल्म के लिए सोच रहा था। इंडस्ट्री में चर्चा थी कि फिल्म को लेकर ऋतिक रोशन से भी बात की गई थी, जो रणवीर की टीम को पसंद नहीं आया। रणवीर के करीबी सूत्र का कहना है कि एक्टर को लगा कि अगर एक्सेल उस समय उनका पूरा सपोर्ट नहीं कर रहा था, तो भरोसा पहले ही टूट चुका था। रणवीर स्क्रिप्ट को लेकर भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। उनका मानना था कि फिल्म धुरंधर के बाद सही दिशा में नहीं जा रही थी। उन्हें लगा कि फरहान अख्तर का पूरा फोकस इस प्रोजेक्ट पर नहीं था। हालांकि, रणवीर की टीम का कहना था कि एक्टर एक्सेल को नुकसान में छोड़ना नहीं चाहते थे। इसी वजह से उन्होंने 10 करोड़ रुपए और भविष्य की फिल्म में 25 करोड़ रुपए की छूट वाला ऑफर दिया था, लेकिन एक्सेल भविष्य में साथ काम करने के बजाय सीधे कैश मुआवजा चाहता था। रणवीर सिंह से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… रणवीर सिंह के सपोर्ट में उतरी इंडस्ट्री:चंकी बोले- मुझे भी बैन किया, मैंने ये झेला, मनोज बाजपेयी बोले-उम्मीद है हल निकले, अशोक पंडित ने सफाई दी फरहान अख्तर की डॉन 3 अचानक छोड़ देने से FWICE (फिल्म फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एप्लॉय्ज) ने रणवीर सिंह पर बैन लगा दिया है। इस घोषणा के बाद इंडस्ट्री के कई लोग उनके सपोर्ट में उतरे हैं। चंकी पांडे ने बताया है कि एक समय वो भी इस बैन का शिकार हो चुके हैं। माफी मांगने के बाद उन पर लगा बैन हटाया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Nifty Rallies 50 Pts to 23,960; IT Stocks Lead Gains

Nifty Rallies 50 Pts to 23,960; IT Stocks Lead Gains

Hindi News Business Nifty Rallies 50 Pts To 23,960; IT Stocks Lead Gains | Sensex Up 250 Pts मुंबई37 मिनट पहले कॉपी लिंक आज यानी शुक्रवार, 29 मई को सेंसेक्स 250 अंक (0.30%) चढ़कर 76,100 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 50 अंकों (0.20%) की तेजी है, ये 23,960 पर पहुंच गया। आज के कारोबार में आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी है। एशियाई बाजारों में तेजी इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज कोस्पी (साउथ कोरिया) 8382 181 1.94% निक्केई (जापान) 65897 1203 1.86% हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) 25066 60 0.25% अमेरिकी बाजारों में भी कल तेजी रही इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज डाउ जोन्स 50669 25 0.05% नैस्डैक 26917 243 0.91% S&P 500 7564 43 0.58% विदेशी निवेशकों ने 27 मई को ₹1043 करोड़ के शेयर बेचे कैटेगरी लेटेस्ट बीते 7 दिन बीते 30 दिन DII 3,821 9,039 69,392 FII/FPI -1,043 -2,629 -42,905 27 मई को सेंसेक्स 142 अंक गिरकर बंद हुआ था कल शेयर बाजार बकरी ईद की छुट्टी की वजह से बंद था। इससे पहले 27 मई को सेंसेक्स 142 अंक की गिरावट के साथ 75,868 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 7 अंकों की गिरावट रही, ये 23,907 पर बंद हुआ। बैंकों के शेयर में सबसे ज्यादा बिकवाली रही थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…