Saturday, 30 May 2026 | 03:12 PM

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अलसी हेयर जेल: बालों की समस्या अब जड़ से होगी खत्म, अलसी से घर पर छोड़ें ये 4 हेयर जेल, बालों को लगाने लगेंगी जुल्फें

अलसी के बीज का हेयर जेल

30 मई 2026 को 14:54 IST पर अद्यतन किया गया अलसी के बीज से हेयर जेल: अगर आप बालों को मजबूत, घना और चमकदार बनाना चाहते हैं तो अलसी के बीज आपके लिए बेहतरीन हेयर जेल हो सकते हैं। अलसी में ओमेगा-3 ओमेगा-3 एसिडिटी, प्रोटीन और विटामिन ई जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बालों को पोषण प्रदान करते हैं और उनके विस्तार को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं। पानी में बालों को बनाए रखने में अलसी से तैयार होने वाला जेल स्कैल्प को सील किया जाता है और बालों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिलती है। अनुसरण करना : अलसी- एलोवेरा का मिस्त्री काफी जादुई है। इसके लिए अलसी बीज को दो कप पानी में लाहकर जेल तैयार करें और अच्छे के बाद एलोवेरा जेल स्टिक्स तैयार करें। इसका उपयोग करने से बाल भव्य, चमकदार और वास्तुशिल्प रहते हैं। छवि: फ्रीपिक अलसी के जेल में 10 ड्रॉपर रोज़मेरी एसेंशियल तेल की चीज़ें। यह स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन सबसे बेहतर है। रोजमेरी ऑयल का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें, ताकि किसी भी तरह की एलर्जी की आशंका न रहे। छवि: फ्रीपिक अलसी के जेल में सबसे पहले नारियल तेल का प्रयोग करें। ये बाल में बास्केटबॉल मदद चमकता-उन्हें पोषण देने की पेशकश करता है। इसे लंबे समय तक बालों में न रखें, बाल भारी लग सकते हैं। छवि: फ्रीपिक अलसी- पानी से तैयार जेल का उपयोग कर सकते हैं। दो कप पानी में अलसी के बीज का स्टॉक करके तैयार किया गया यह जेल सभी प्रकार के बालों के लिए बेहतर माना जाता है। इसे बालों पर लगभग एक घंटे तक रखा जा सकता है। छवि: फ्रीपिक अलसी का जेल के सर्वोत्तम परिणाम के लिए स्टेक लाइफस्टाइल और डामरीकरण डामर आवश्यक है। पहली बार इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। अगर किसी भी तरह की जलन, खुजली या एलर्जी महसूस हो तो तुरंत बंद कर दें। छवि: फ्रीपिक महिंद्रा प्रोडक्ट्स की बजाय अलसी से घरेलू निर्मित जेल बालों की देखभाल का सबसे आसान और नामांकित पद होता है। रोजाना, सही तरीके से इस्तेमाल करने से यह बालों को मजबूती, मजबूत और चमकदार बनाए रखने में मदद करता है। छवि: फ्रीपिक अलसी के बीज का हेयर जेल छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 30 मई 2026 14:53 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)अलसी हेयर जेल(टी)घर का बना हेयर जेल(टी)बाल विकास युक्तियाँ(टी)प्राकृतिक बालों की देखभाल(टी)अलसी के लाभ(टी)एलोवेरा हेयर जेल(टी)रोज़मेरी तेल बालों की देखभाल(टी)नारियल तेल बाल उपचार(टी)स्वस्थ बाल युक्तियाँ(टी)बाल गिरने का उपाय

पीएम मोदी ने पूछी थी फिल्म ‘पेड्डी’ की कहानी:राम चरण बोले थे- मूवी का कॉन्सेप्ट विकसित भारत जैसा है

पीएम मोदी ने पूछी थी फिल्म ‘पेड्डी’ की कहानी:राम चरण बोले थे- मूवी का कॉन्सेप्ट विकसित भारत जैसा है

पिछले साल पीएम नरेंद्र मोदी से एक्टर राम चरण और उनकी पत्नी उपासना कामिनेनी कोनिडेला की मुलाकात हुई थी। हाल ही में इस बातचीत से जुड़ा एक किस्सा राम चरण ने बताया। गुरुवार को राम चरण और जाह्नवी कपूर अपनी अपकमिंग फिल्म ‘पेड्डी’ के प्रमोशन के लिए दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान राम चरण ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई मुलाकात को याद किया। राम चरण ने बताया, “पिछली बार जब मैं दिल्ली में माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी से मिला था, तो उन्होंने मुझसे पूछा था कि ‘पेड्डी’ किस बारे में है। मैंने उन्हें बताया कि यह एक विकसित भारत और हमारे गांवों को सशक्त बनाने के बारे में है।” उन्होंने कहा कि इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल की एक कहानी शेयर की थी। राम चरण ने बताया कि मोदी जी ने कहा था कि दशकों पहले एक छोटे से गांव के एक फुटबॉलर ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था और आज उसी गांव के 85 से अधिक लोग फुटबॉल खेलते हैं। पिछले साल राम चरण ने अपनी पत्नी उपासना कामिनेनी कोनिडेला के साथ नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने अनिल कामिनेनी के नेतृत्व में शुरू की गई तीरंदाजी प्रीमियर लीग (एपीएल) के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया था। मुलाकात के बाद राम चरण ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर तस्वीरें शेयर की थीं और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया था। राम चरण ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा था, ‘प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। अनिल कामिनेनी गारू के नेतृत्व में विश्व की पहली तीरंदाजी प्रीमियर लीग की सफलता के लिए बधाई।’ उन्होंने आगे लिखा था, ‘तीरंदाजी की विरासत को संरक्षित करने और इसे वर्ल्ड लेवल पर बढ़ावा देने की दिशा में यह हमारा एक छोटा सा कदम है। सभी खिलाड़ियों को बधाई। हमें उम्मीद है कि और भी कई लोग इस अद्भुत खेल से जुड़ेंगे।’ बाद में मोदी ने भी इस पोस्ट का जवाब दिया। उन्होंने लिखा था, ‘आपसे मिलकर खुशी हुई, उपासना और अनिल कामिनेनी गारू। तीरंदाजी को लोकप्रिय बनाने के आपके सामूहिक प्रयास सराहनीय हैं और इससे अनगिनत युवाओं को लाभ होगा।’ पेड्डी के बारे में ‘पेड्डी’ एक स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म है, जो खेल के माध्यम से अपनी पहचान तलाशने वाले एक व्यक्ति की कहानी पर आधारित है। फिल्म को बुच्ची बाबू सना ने लिखा और डायरेक्ट किया है। इसका प्रोडक्शन वेंकट सतीश किलारू ने वृद्धि सिनेमाज के बैनर तले किया है, जबकि ईशान सक्सेना ने आईवी एंटरटेनमेंट के बैनर तले को-प्रोड्यूस किया है। फिल्म को मैत्री मूवी मेकर्स और सुकुमार राइटिंग्स प्रेजेंट कर रहे हैं। फिल्म में राम चरण, जाह्नवी कपूर, शिव राजकुमार, दिव्येंदु और जगपति बाबू प्रमुख भूमिकाओं में हैं। ‘पेड्डी’ 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। राम चरण को आखिरी बार फिल्म ‘गेम चेंजर’ में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थी।

CUET-UG Exam Tech Glitch | NTA Blames TCS Delay

CUET-UG Exam Tech Glitch | NTA Blames TCS Delay

2 मिनट पहले कॉपी लिंक 30 मई को तकनीकी गड़बड़ी की वजह से कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट-अंडरग्रेजुएट यानी CUET-UG की पहली शिफ्ट की परीक्षा दो घंटे देर से शुरू हुई। परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू होनी थी, लेकिन ये बाद में दिन में 11 बजे से शुरू हो सकी। देश के कई परीक्षा केंद्रों पर सर्वर और सिस्टम में आई दिक्कतों की वजह से पेपर टाइम पर शुरू नहीं हो सका। कई जगह छात्रों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ केंद्रों पर छात्रों का दावा है कि 4 घंटे इंतजार के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई है। NTA बोला- ‘TCS की ओर से तकनीकी गड़बड़ी’ CUET एक कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम है, जिसे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA कराती है। NTA के मुताबिक, M/s TCS यानी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की ओर से तकनीकी गड़बड़ी के चलते एग्जाम देर से शुरू हुआ। NTA का कहना है कि तकनीकी गड़बड़ी को ठीक कर लिया गया है। एग्जाम दे रहे कैंडिडेट्स को पूरा समय दिया जाएगा, ताकि किसी का भी नुकसान न हो। दूसरी शिफ्ट की टाइमिंग बदली इसके अलावा, NTA ने दिन की दूसरी शिफ्ट के टाइमिंग्स में भी बदलाव की घोषणा की है। ये शिफ्ट पहले दोपहर 3 बजे शुरू होनी थी। इसके लिए रिपोर्टिंग टाइम दोपहर 1 बजे का दिया गया था। लेकिन अब ये परीक्षा शाम 4 बजे से शुरू होगी। और इसके लिए रिपोर्टिंग टाइम दोपहर 2:30 बजे का रहेगा। लगातार स्टूडेंट्स की परेशानी से भड़के पेरेंटेस इस बीच, एग्जाम सेंटर्स के बाहर इंतजार कर रहे पेरेंट्स ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने X पर पोस्ट करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री की आलोचना की। कहा कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण CUET एग्जाम में देरी हुई। CUET-UG के लिए 15,68,866 उम्मीदवारों ने रजिस्टर किया इस CUET-UG 2026 एग्जाम 11 मई से शुरू हुई है और 31 मई तक चलेगी। NTA के मुताबिक, एग्जाम के लिए कुल 15,68,866 उम्मीदवारों ने रजिस्टर किया है। ये एग्जाम 21 दिनों की टाइम पीरियड में 35 शिफ्टों में कराई जा रही है। ————————— ये खबर भी पढ़ें… CBSE 12वीं के छात्र 1 जून से री-इवैल्यूएशन करा पाएंगे:आंसर शीट ब्लर, साइट क्रैश होने के बाद फैसला; 4 लाख स्टूडेंट्स ने अप्लाई किया था केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 12वीं छात्र अब 1 जून से री-इवैल्यूएशन और आंसर-शीट की स्कैन कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर पाएंगे। बोर्ड ने शुक्रवार को तारीख बढ़ाने का ऐलान किया। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

बॉबी देओल ने वैभव सूर्यवंशी को दी सलाह:बोले- जब कोई अच्छा खेलता है, जलन भी होने लगती है; लोगों पर ध्यान न दें

बॉबी देओल ने वैभव सूर्यवंशी को दी सलाह:बोले- जब कोई अच्छा खेलता है, जलन भी होने लगती है; लोगों पर ध्यान न दें

बॉलीवुड एक्टर बॉबी देओल ने युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। बॉबी देओल ने कहा कि वैभव एक असाधारण प्रतिभा हैं और भगवान उन्हें बुरी नजर से बचाए। न्यूज18 को दिए इंटरव्यू में जब उनसे वैभव सूर्यवंशी की शानदार बल्लेबाजी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘वह एक फिनॉमेनन हैं। जब कोई इतना अच्छा खेलता है तो हर कोई उसे देखने लगता है। जलन भी होती है। कभी-कभी अपनों की नजर लग जाती है।’ वैभव को सलाह देते हुए बॉबी ने कहा, ‘मैं यही चाहता हूं कि वह जिस तरह खेल रहा है, वैसे ही खेलता रहे। ज्यादा न सोचे कि लोग मेरे बारे में क्या कहते हैं।’ बॉबी ने कहा कि उन्हें वैभव के 97 रन पर आउट होने का दुख हुआ था। उन्होंने बताया कि वह मैच अपने फोन पर देख रहे थे। एक्टर ने यह भी कहा कि वह IPL के पहले सीजन से ही राजस्थान रॉयल्स के सपोर्टर रहे हैं, क्योंकि वह शेन वॉर्न के बहुत बड़े फैन थे। अमिताभ बच्चन भी वैभव सूर्यवंशी के फैन हो गए हैं। उन्होंने X पर वैभव की तारीफ करते हुए लिखा- ‘15 साल की उम्र का अद्भुत सूर्या। इस उम्र में तो हम बंटों और गुल्ली-डंडा भी ठीक से नहीं खेल पा रहे थे।’ वैभव IPL में सबसे कम गेंद पर हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने सूर्यवंशी ने शुक्रवार को 440 गेंद में अपने 1000 IPL रन पूरे किए। वे IPL में सबसे कम गेंद में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड ध्वस्त किया, जिन्होंने हजार रन बनाने के लिए 545 गेंद खेली थी। सूर्यवंशी एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन में पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। सूर्यवंशी IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होंने साईं सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए।

बॉबी देओल ने वैभव सूर्यवंशी को दी सलाह:बोले- जब कोई अच्छा खेलता है, जलन भी होने लगती है; लोगों पर ध्यान न दें

बॉबी देओल ने वैभव सूर्यवंशी को दी सलाह:बोले- जब कोई अच्छा खेलता है, जलन भी होने लगती है; लोगों पर ध्यान न दें

बॉलीवुड एक्टर बॉबी देओल ने युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। बॉबी देओल ने कहा कि वैभव एक असाधारण प्रतिभा हैं और भगवान उन्हें बुरी नजर से बचाए। न्यूज18 को दिए इंटरव्यू में जब उनसे वैभव सूर्यवंशी की शानदार बल्लेबाजी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘वह एक फिनॉमेनन हैं। जब कोई इतना अच्छा खेलता है तो हर कोई उसे देखने लगता है। जलन भी होती है। कभी-कभी अपनों की नजर लग जाती है।’ वैभव को सलाह देते हुए बॉबी ने कहा, ‘मैं यही चाहता हूं कि वह जिस तरह खेल रहा है, वैसे ही खेलता रहे। ज्यादा न सोचे कि लोग मेरे बारे में क्या कहते हैं।’ बॉबी ने कहा कि उन्हें वैभव के 97 रन पर आउट होने का दुख हुआ था। उन्होंने बताया कि वह मैच अपने फोन पर देख रहे थे। एक्टर ने यह भी कहा कि वह IPL के पहले सीजन से ही राजस्थान रॉयल्स के सपोर्टर रहे हैं, क्योंकि वह शेन वॉर्न के बहुत बड़े फैन थे। अमिताभ बच्चन भी वैभव सूर्यवंशी के फैन हो गए हैं। उन्होंने X पर वैभव की तारीफ करते हुए लिखा- ‘15 साल की उम्र का अद्भुत सूर्या। इस उम्र में तो हम बंटों और गुल्ली-डंडा भी ठीक से नहीं खेल पा रहे थे।’ वैभव IPL में सबसे कम गेंद पर हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने सूर्यवंशी ने शुक्रवार को 440 गेंद में अपने 1000 IPL रन पूरे किए। वे IPL में सबसे कम गेंद में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड ध्वस्त किया, जिन्होंने हजार रन बनाने के लिए 545 गेंद खेली थी। सूर्यवंशी एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन में पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। सूर्यवंशी IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होंने साईं सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए।

‘Chacha Cricket’ will not be seen holding the Pakistan flag in his hands.

'Chacha Cricket' will not be seen holding the Pakistan flag in his hands.

Hindi News Sports ‘Chacha Cricket’ Will Not Be Seen Holding The Pakistan Flag In His Hands. लाहौर15 मिनट पहले कॉपी लिंक अब्दुल जलील(चाचा क्रिकेट) को 1996 में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शुभंकर घोषित किया था। – फाइल फोटो लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में अगले हफ्ते जब पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरा वनडे खेला जाएगा, तब मैदान में एक चेहरा ऐसा भी होगा जिसे देखकर करोड़ों पाकिस्तानी भावुक हो जाएंगे। हरे रंग का कुर्ता, टोपी, हाथ में पाकिस्तान का झंडा और चेहरे पर वही मुस्कान। यह होंगे ‘चाचा क्रिकेट’। 77 साल के अब्दुल जलील, जिन्हें पूरी दुनिया चाचा क्रिकेट के नाम से जानती है, इस मैच के बाद पाकिस्तान में मैचों में चीयर करना छोड़ देंगे। करीब पांच दशक तक टीम के साथ हर जीत-हार में खड़े रहने वाले चाचा अब रिटायरमेंट की तैयारी कर रहे हैं। 1968-69 में लाहौर में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट देखकर उन्हें क्रिकेट से ऐसा प्यार हुआ कि जिंदगी ही बदल गई। बाद में नौकरी के लिए यूएई गए, लेकिन पाकिस्तान का मैच देखने के लिए अबु धाबी से शारजाह तक तीन-तीन बसें बदलकर पहुंचते थे। धीरे-धीरे उनका हरा पहनावा और जोश भरा अंदाज पाकिस्तान क्रिकेट की पहचान बन गया। 1996 में उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शुभंकर घोषित किया। साल 1998 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पूरी जिंदगी पाकिस्तान क्रिकेट को समर्पित कर दी। 1999 वर्ल्ड कप में वे इंग्लैंड तक पहुंचे। इसके बाद दुनिया के लगभग हर बड़े क्रिकेट मैदान में पाकिस्तान का झंडा लहराते दिखे। चाचा कहते हैं कि उन्होंने 500 मैचों में टीम को चीयर करने का सपना देखा था, जो पूरा हो चुका है। अब उनका सपना सियालकोट में एक रेस्टोरेंट और क्रिकेट म्यूजियम खोलने का है, जहां वह जुटाए गए अपने यादगार सामान को रखेंगे। हालांकि, टीम के हालिया खराब फॉर्म के कारण वे श्रीलंका में 2026 टी20 वर्ल्ड कप में टीम का समर्थन करने नहीं गए। भले ही हालिया प्रदर्शन खराब हो, लेकिन चाचा क्रिकेट ने पाक के दबदबे का सुनहरा दौर भी करीब से देखा है। उन्हें आज भी 1986 में जावेद मियांदाद का आखिरी गेंद पर छक्का याद है। वहीं, 2011 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल (मोहाली) और 2024 टी20 वर्ल्ड कप (न्यूयॉर्क) में भारत से हार उनके दिल में दर्द छोड़ गई। लेकिन चाचा क्रिकेट अब भी वही बात दोहराते हैं- ‘कभी खुशी, कभी गम… कभी तुम, कभी हम। खेल में ऐसा होता है।’ शायद यही वजह है कि चाचा क्रिकेट सिर्फ एक फैन नहीं, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट की चलती-फिरती याद बन चुके हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

‘Chacha Cricket’ will not be seen holding the Pakistan flag in his hands.

'Chacha Cricket' will not be seen holding the Pakistan flag in his hands.

Hindi News Sports ‘Chacha Cricket’ Will Not Be Seen Holding The Pakistan Flag In His Hands. लाहौर47 मिनट पहले कॉपी लिंक अब्दुल जलील(चाचा क्रिकेट) को 1996 में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शुभंकर घोषित किया था। – फाइल फोटो लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में अगले हफ्ते जब पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरा वनडे खेला जाएगा, तब मैदान में एक चेहरा ऐसा भी होगा जिसे देखकर करोड़ों पाकिस्तानी भावुक हो जाएंगे। हरे रंग का कुर्ता, टोपी, हाथ में पाकिस्तान का झंडा और चेहरे पर वही मुस्कान। यह होंगे ‘चाचा क्रिकेट’। 77 साल के अब्दुल जलील, जिन्हें पूरी दुनिया चाचा क्रिकेट के नाम से जानती है, इस मैच के बाद पाकिस्तान में मैचों में चीयर करना छोड़ देंगे। करीब पांच दशक तक टीम के साथ हर जीत-हार में खड़े रहने वाले चाचा अब रिटायरमेंट की तैयारी कर रहे हैं। 1968-69 में लाहौर में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट देखकर उन्हें क्रिकेट से ऐसा प्यार हुआ कि जिंदगी ही बदल गई। बाद में नौकरी के लिए यूएई गए, लेकिन पाकिस्तान का मैच देखने के लिए अबु धाबी से शारजाह तक तीन-तीन बसें बदलकर पहुंचते थे। धीरे-धीरे उनका हरा पहनावा और जोश भरा अंदाज पाकिस्तान क्रिकेट की पहचान बन गया। 1996 में उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शुभंकर घोषित किया। साल 1998 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पूरी जिंदगी पाकिस्तान क्रिकेट को समर्पित कर दी। 1999 वर्ल्ड कप में वे इंग्लैंड तक पहुंचे। इसके बाद दुनिया के लगभग हर बड़े क्रिकेट मैदान में पाकिस्तान का झंडा लहराते दिखे। चाचा कहते हैं कि उन्होंने 500 मैचों में टीम को चीयर करने का सपना देखा था, जो पूरा हो चुका है। अब उनका सपना सियालकोट में एक रेस्टोरेंट और क्रिकेट म्यूजियम खोलने का है, जहां वह जुटाए गए अपने यादगार सामान को रखेंगे। हालांकि, टीम के हालिया खराब फॉर्म के कारण वे श्रीलंका में 2026 टी20 वर्ल्ड कप में टीम का समर्थन करने नहीं गए। भले ही हालिया प्रदर्शन खराब हो, लेकिन चाचा क्रिकेट ने पाक के दबदबे का सुनहरा दौर भी करीब से देखा है। उन्हें आज भी 1986 में जावेद मियांदाद का आखिरी गेंद पर छक्का याद है। वहीं, 2011 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल (मोहाली) और 2024 टी20 वर्ल्ड कप (न्यूयॉर्क) में भारत से हार उनके दिल में दर्द छोड़ गई। लेकिन चाचा क्रिकेट अब भी वही बात दोहराते हैं- ‘कभी खुशी, कभी गम… कभी तुम, कभी हम। खेल में ऐसा होता है।’ शायद यही वजह है कि चाचा क्रिकेट सिर्फ एक फैन नहीं, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट की चलती-फिरती याद बन चुके हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

The fatigue of 7,000 extra minutes could shatter Arsenal’s title dreams; PSG stars are refreshed.

The fatigue of 7,000 extra minutes could shatter Arsenal's title dreams; PSG stars are refreshed.

Hindi News Sports The Fatigue Of 7,000 Extra Minutes Could Shatter Arsenal’s Title Dreams; PSG Stars Are Refreshed. बुडापेस्ट9 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएसजी 14 साल में 12 बार फ्रांस का लीग खिताब जीत चुका है। दूसरी ओर, आर्सनल ने इस बार 22 साल बाद इंग्लैंड की लीग जीती है।- फाइल फोटो बुडापेस्ट में शनिवार को जब आर्सनल और पीएसजी आमने-सामने होंगे, तब मुकाबला सिर्फ यूरोप के सबसे बड़े क्लब खिताब का नहीं होगा। यह लड़ाई दो अलग फुटबॉल संस्कृतियों और दो अलग रास्तों की भी होगी। एक तरफ इंग्लिश क्लब आर्सनल है, जिसने पूरे सीजन संघर्ष करते हुए यहां तक सफर तय किया। दूसरी तरफ डिफेंडिंग चैम्पियन पीएसजी है, जिसके पास इतना बड़ा और मजबूत स्क्वॉड है कि कोच लुइस एनरिक अपने स्टार खिलाड़ियों को आराम देने का जोखिम उठा सकते हैं। दोनों टीमों के बीच सबसे बड़ा फर्क एक आंकड़ा दिखाता है। आर्सनल के खिलाड़ियों ने लीग मैचों में फ्रेंच क्लब पीएसजी के खिलाड़ियों से लगभग 7000 मिनट ज्यादा फुटबॉल खेला है। यानी आर्सनल के खिलाड़ी कहीं ज्यादा थके हुए शरीर के साथ फाइनल में उतरेंगे। टीम ने कुल 63 मैच खेले और अप्रैल तक चार ट्रॉफियों की दौड़ में बनी रही। डेविड राया ने आखिरी लीग मैच तक पूरे सीजन का हर मिनट खेला। डेकलान राइस, विलियम सलीबा, गैब्रियल जैसे खिलाड़ी लगातार मैदान में उतरे। इसके उलट पीएसजी ने खिलाड़ियों को बेहद सोच-समझकर इस्तेमाल किया। कप्तान मार्किन्योस ने चैम्पियंस लीग के 14 मैच खेले, लेकिन घरेलू लीग में सिर्फ 14 बार मैदान पर उतरे। फरवरी से अप्रैल के बीच वे सात घरेलू लीग मैचों में बेंच पर बैठे रहे, ताकि यूरोप के मैचों के लिए फिट रहें। डेम्बेले ने 22 लीग मैच खेले, लेकिन सिर्फ एक बार पूरे 90 मिनट मैदान पर रहे। यही वजह है कि पीएसजी के खिलाड़ी ज्यादा तरोताजा हैं। फाइनल से पहले आराम का अंतर भी बड़ा है। पीएसजी को फाइनल से पहले 13 दिन का आराम मिला। इसके उलट आर्सनल को सिर्फ छह दिन मिले। लेकिन कहानी सिर्फ थकान और आराम की नहीं है। यह खिताबी भूख की भी है। पीएसजी 14 साल में 12 बार फ्रांस का लीग खिताब जीत चुका है। दूसरी ओर, आर्सनल ने इस बार 22 साल बाद इंग्लैंड की लीग जीती है। पिछले साल पीएसजी ने चैम्पियंस लीग के सेमीफाइनल में आर्सनल को हराया था। अब आर्सनल के पास बदला लेने का मौका है। रात 9 बजे से फुटबॉल सिर्फ रणनीति का खेल नहीं होगी। यह सवाल भी होगा कि फाइनल में ज्यादा असर किसका पड़ता है- पीएसजी की ताजगी का या आर्सनल की थकान के बावजूद जीतने की जिद का। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

ट्रम्प की मेडिकल रिपोर्ट, 80 की उम्र में सेहतमंद:कॉलेस्ट्रॉल-हार्ट की दवाएं ले रहे, डॉक्टर बोले- प्रेसिडेंट पद के लिए बिल्कुल फिट

ट्रम्प की मेडिकल रिपोर्ट, 80 की उम्र में सेहतमंद:कॉलेस्ट्रॉल-हार्ट की दवाएं ले रहे, डॉक्टर बोले- प्रेसिडेंट पद के लिए बिल्कुल फिट

व्हाइट हाउस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नई मेडिकल रिपोर्ट शुक्रवार को जारी की है। 14 दिनों में 80 साल के होने वाले ट्रम्प की सेहत बेहतरीन हैं। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प इस समय कॉलेस्ट्रॉल और हार्ट के लिए कुल तीन दवाएं ले रहे हैं। इनमें दो दवाएं, ‘रोसुवास्टैटिन’ और ‘एजेटिमिब’ कॉलेस्ट्रॉल कंट्रोल के लिए हैं। वहीं एक लो-डोज ‘एस्पिरिन’ हार्ट संबंधी बीमारियों से बचाव के लिए दी जा रही है। व्हाइट हाउस के डॉक्टर शॉन पी. बारबाबेला ने बताया कि ट्रम्प की सेहत शानदार है और वे राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारियां निभाने के लिए पूरी तरह फिट हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि उनकी कार्डियक, फेफड़ों और न्यूरोलॉजिकल हेल्थ मजबूत है। 22 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने ट्रम्प की जांच की ट्रम्प का यह मेडिकल चेकअप मंगलवार को वॉल्टर रीड नेशनल मिलिट्री मेडिकल सेंटर में हुआ था। व्हाइट हाउस के मुताबिक, इस दौरान 22 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उनकी जांच की। इसमें CT स्कैन, हार्ट इमेजिंग, कैंसर स्क्रीनिंग और कई प्रिवेंटिव टेस्ट शामिल थे। रिपोर्ट में कहा गया कि ट्रम्प का कॉग्निटिव और फिजिकल परफॉर्मेंस एक्सीलेंट है। डॉक्टर ने यह भी लिखा कि ट्रम्प की व्यस्त शेड्यूल, लगातार मीटिंग्स, पब्लिक इवेंट्स और शारीरिक गतिविधियां उनके ओवरऑल हेल्थ को सपोर्ट करती हैं। डॉक्टर ने वजन कम करने की सलाह दी मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प का वजन अब 238 पाउंड यानी करीब 108 किलो है। अप्रैल 2025 की पिछली मेडिकल जांच में उनका वजन 224 पाउंड यानी करीब 101.6 किलो था। ट्रम्प की लंबाई 6 फीट 3 इंच बताई गई है। डॉक्टर बारबाबेला ने ट्रम्प को वजन कम करने, हेल्दी डाइट अपनाने और ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करने की सलाह दी है। रिपोर्ट में कहा गया कि उन्हें कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ और वेट लॉस को लेकर प्रिवेंटिव काउंसलिंग भी दी गई। बार-बार लोगों से हाथ मिलाने की वजह से हाथों पर पड़े निशान ट्रम्प के हाथों पर दिख रहे निशानों को लेकर पिछले कई महीनों से सवाल उठ रहे हैं। मेडिकल रिपोर्ट में इसे लेकर भी सफाई दी गई है। डॉक्टर बारबाबेला के मुताबिक, बार-बार लोगों से हाथ मिलाने और एस्पिरिन लेने की वजह से उनके हाथों पर हल्के निशान पड़ रहे हैं। हालांकि, कुछ स्वतंत्र डॉक्टर पहले इस दावे पर सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना था कि निशान ट्रम्प के बाएं हाथ पर ज्यादा दिखे, जबकि वे दाएं हाथ से काम करते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ट्रम्प के पैरों के निचले हिस्से में हल्की सूजन थी, जो पिछले साल की तुलना में बेहतर हुई है। हालांकि, इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई। ट्रम्प राष्ट्रपति पद संभालने वाले सबसे उम्रदराज नेताओं में शामिल डोनाल्ड ट्रम्प 14 जून को 80 साल के हो जाएंगे। वह अमेरिकी इतिहास में राष्ट्रपति पद संभालने वाले सबसे उम्रदराज नेताओं में शामिल हैं। पिछले एक साल में उनके पैरों में सूजन, कुछ कार्यक्रमों में नींद में दिखने और गर्दन पर दिखे रैश को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। व्हाइट हाउस पहले बता चुका है कि ट्रम्प को ‘क्रॉनिक वेनस इंसफिशिएंसी’ की समस्या है। यह उम्र से जुड़ी एक सामान्य बीमारी है, जिसमें पैरों में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है। मार्च में उनकी गर्दन पर दिखे रैश को लेकर भी कहा गया था कि वह स्किन ट्रीटमेंट की वजह से था। इसी बीच, ट्रम्प और उनके सहयोगी लगातार यह दावा करते रहे हैं कि उन्हें कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं है। ट्रम्प ने हमेशा अपनी स्टैमिना और मानसिक क्षमता को अपनी सार्वजनिक छवि का अहम हिस्सा बताया है। मेडिकल रिपोर्ट में ‘कार्डियक एज’ का भी जिक्र व्हाइट हाउस की मेडिकल रिपोर्ट में एक और असामान्य बात शामिल की गई। डॉक्टर बारबाबेला ने दावा किया कि इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम के आधार पर ट्रम्प की ‘कार्डियक एज’ (यानी दिल की वास्तविक उम्र) उनकी असली उम्र से 14 साल कम है। कुछ स्वतंत्र डॉक्टरों ने इसे मेडिकल रिपोर्ट में शामिल किए जाने को असामान्य बताया। वहीं, ट्रम्प ने मंगलवार को चेकअप के बाद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा था, “वॉल्टर रीड मिलिट्री मेडिकल सेंटर में मेरा 6 महीने का फिजिकल पूरा हुआ। सबकुछ बिल्कुल परफेक्ट निकला।” हालांकि, कई डॉक्टरों ने 6 महीने के फिजिकल वाले दावे पर सवाल उठाए। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की प्रोफेसर और डॉक्टर इशानी गांगुली ने कहा कि आमतौर पर फुल फिजिकल टेस्ट साल में एक बार होता है। छह महीने के फॉलोअप को आमतौर पर फिजिकल नहीं कहा जाता।

इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही:चांदी की कीमत ₹2650 कम होकर ₹2.66 लाख किलो हुई, सोना ₹1654 सस्ता हुआ

इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही:चांदी की कीमत ₹2650 कम होकर ₹2.66 लाख किलो हुई, सोना ₹1654 सस्ता हुआ

सोने-चांदी के दाम में इस हफ्ते गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1,654 रुपए गिरकर 1.56 लाख रुपए हो गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 23 मई को 1.58 लाख रुपए पर था। वहीं, चांदी 2.66 लाख रुपए किलो से गिरकर 2.63 लाख रुपए पर आ गई है। यानी इसकी कीमत 2,650 रुपए कम हुई। सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.56 लाख तक सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है। चांदी की कीमतों में क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.63 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑलटाइम हाई से काफी नीचे आई है। गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें।