Saturday, 30 May 2026 | 03:55 PM

Trending :

EXCLUSIVE

इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही:चांदी की कीमत ₹2650 कम होकर ₹2.66 लाख किलो हुई, सोना ₹1654 सस्ता हुआ

इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही:चांदी की कीमत ₹2650 कम होकर ₹2.66 लाख किलो हुई, सोना ₹1654 सस्ता हुआ

सोने-चांदी के दाम में इस हफ्ते गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1,654 रुपए गिरकर 1.56 लाख रुपए हो गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 23 मई को 1.58 लाख रुपए पर था। वहीं, चांदी 2.66 लाख रुपए किलो से गिरकर 2.63 लाख रुपए पर आ गई है। यानी इसकी कीमत 2,650 रुपए कम हुई। सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.56 लाख तक सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है। चांदी की कीमतों में क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.63 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑलटाइम हाई से काफी नीचे आई है। गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें।

इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही:चांदी की कीमत ₹2650 कम होकर ₹2.66 लाख किलो हुई, सोना ₹1654 सस्ता हुआ

इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही:चांदी की कीमत ₹2650 कम होकर ₹2.66 लाख किलो हुई, सोना ₹1654 सस्ता हुआ

सोने-चांदी के दाम में इस हफ्ते गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1,654 रुपए गिरकर 1.56 लाख रुपए हो गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 23 मई को 1.58 लाख रुपए पर था। वहीं, चांदी 2.66 लाख रुपए किलो से गिरकर 2.63 लाख रुपए पर आ गई है। यानी इसकी कीमत 2,650 रुपए कम हुई। सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.56 लाख तक सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है। चांदी की कीमतों में क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.63 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑलटाइम हाई से काफी नीचे आई है। गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें।

CUET-UG Exam Delayed | Technical Glitch Halts Nationwide Exams

CUET-UG Exam Delayed | Technical Glitch Halts Nationwide Exams

जयपुर13 मिनट पहले कॉपी लिंक कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG 2026) की शनिवार सुबह आयोजित परीक्षा तकनीकी खामी के कारण निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी। सुबह 9 बजे शुरू होने वाली परीक्षा 11: 23 बजे शुरू हुई।कई परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जिससे छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी देखने को मिली। परीक्षा केंद्रों पर सुबह 8 बजे ही एंट्री बंद कर दी गई थी। बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स समय से पहले केंद्रों पर पहुंच गए थे। हालांकि परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले तकनीकी समस्या आने के कारण एग्जाम प्रक्रिया प्रभावित हो गई। लंबे इंतजार के चलते कई केंद्रों पर छात्रों में असमंजस की स्थिति बनी रही। एग्जाम सेंटर्स पर मौजूद अभ्यर्थियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। वहीं जोधपुर के बालाजी नगर स्थित टेलनेट सेंटर के बाहर पेरेंट्स परेशान होते रहे। यहां पर पैरेंट के साथ अधिकारियों द्वारा मिसबिहेव भी किया गया। अभ्यर्थी लगातार परीक्षा अधिकारियों से जानकारी लेने का प्रयास करते रहे, लेकिन तकनीकी समस्या दूर होने तक उन्हें इंतजार करने को कहा गया। कई छात्रों ने कहा कि वे सुबह से परीक्षा केंद्र पर मौजूद हैं और लंबे इंतजार के कारण मानसिक दबाव महसूस कर रहे हैं। अभिभावकों ने भी परीक्षा प्रबंधन को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि विद्यार्थियों को समय पर पहुंचने और निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन तकनीकी तैयारियों में कमी का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ता है। देरी के चलते NTA ने सेंटर्स के बाहर ऐसे नोटिस चिपकाए। ऑनलाइन परीक्षाओं की तैयारियों और तकनीकी व्यवस्थाओं पर सवाल तकनीकी बाधा के कारण परीक्षा में हुई देरी ने एक बार फिर देशभर में आयोजित होने वाली बड़ी ऑनलाइन परीक्षाओं की तैयारियों और तकनीकी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बताया कि मेसर्स टीसीएस की तकनीकी खराबी के कारण 30 मई को आयोजित होने वाली CUET (UG)-2026 परीक्षा निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी। तकनीकी समस्या के चलते देशभर के एग्जाम सेंटर्स पर परीक्षा के संचालन में देरी हुई। एग्जाम से 1 घंटे पहले ही एंट्री बंद हो गई थी। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी 8 बजे से पहले ही सेंटर पर पहुंच गए थे। NTA के अनुसार टीसीएस की तकनीकी टीम समस्या के समाधान और परीक्षा के सुरक्षित संचालन के लिए लगातार काम कर रही है। एजेंसी ने अभ्यर्थियों से परीक्षा कक्षों में बने रहने और केंद्र स्टाफ का सहयोग करने की अपील की है। साथ ही आश्वासन दिया है कि देरी के कारण किसी भी छात्र को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और आवश्यक अतिरिक्त समय उपलब्ध कराया जाएगा। जयपुर के दादी का फाटक स्थित श्री बालाजी इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी खराबी की वजह से पेपर तय समय पर शुरू नहीं हो पाया था, क्योंकि पेपर ही अपलोड नहीं हुआ था। एग्जाम करीब 2.23 घंटे की देरी से शुरू हुआ, जिससे अभ्यर्थी लंबे समय तक इंतजार करते रहे। उन्हें एंट्री देने के बाद बाहर भी नहीं निकलने दिया। ऐसा सिर्फ हमारे सेंटर पर ही नहीं बल्कि देशभर में हुआ था। लेकिन फिलहाल इस समस्या का समाधान हो गया है। लगभग 11:23 बजे पेपर शुरू हो गया है। ऐसे में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय देने की भी बात कही गई है। जिसे हम पालन करेंगे अभ्यर्थियों को पूरा वक्त दिया जाएगा। बता दें कि CUET-UG देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसके जरिए केंद्रीय विश्वविद्यालयों समेत कई उच्च शिक्षण संस्थानों में स्नातक (ग्रेजुएशन) पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है। इस परीक्षा का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा किया जाता है। परीक्षा में देशभर से लाखों विद्यार्थी शामिल होते हैं। — ये खबर भी पढ़ें… RPSC लेक्चरर और कोच-2025 एग्जाम कल से:3944 पदों के लिए 5.50 लाख कैंडिडेट देंगे परीक्षा,11 जून तक चलेगा एग्जाम; जानिए जरूरी नियम राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए लेक्चरर और कोच प्रतियोगी परीक्षा-2025 का आयोजन कल से शुरू होगा। इसमें प्रदेश के करीब 5.50 लाख कैंडिडेट्स शामिल होंगे। कुल 3944 पदों पर होने वाली भर्ती परीक्षाएं 31 मई से 11 जून 2026 तक ली जाएंगी। विभिन्न विषयों की परीक्षाओं को चार ग्रुप (ए, बी, सी एवं डी) में बांटा गया है। (पूरी खबर पढ़ें) दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Salman Khan-Lawrence Bishnoi Case Film Kala Hiran Poster Launch

Salman Khan-Lawrence Bishnoi Case Film Kala Hiran Poster Launch

4 मिनट पहले कॉपी लिंक सलमान के काला हिरण शिकार मामले पर आधारित फिल्म का पोस्टर। बॉलीवुड एक्टर सलमान खान से जुड़ा काला हिरण शिकार मामले पर आधारित अपकमिंग फिल्म काला हिरण का पोस्टर शुक्रवार को जारी किया गया। फिल्म का फर्स्ट लुक और टीजर 20 जून को जारी किया जाएगा। फिल्म में सलमान खान और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के बीच के विवाद को दिखाया जाएगा। फिल्म को लेकर अमित जानी का ट्वीट। सलमान-लॉरेंस विवाद को दिखाएगी कहानी फिल्म को लेकर IANS से बात करते हुए फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी ने कहा, ‘1998 में जोधपुर के कांकाणी गांव में सलमान खान पर काला हिरण के शिकार का आरोप लगा था। उस मामले से जुड़े कोर्टरूम ड्रामा, क्राइम, थ्रिलर और लॉरेंस बिश्नोई व सलमान खान के बीच की दुश्मनी को फिल्मी रूप में पेश किया गया है। फिल्म की शूटिंग संभल, मुरादाबाद और उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में हुई है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘जोधपुर में शूटिंग के दौरान मौजूद बॉलीवुड एक्टर्स में सैफ अली खान, सलमान खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे, सतीश शाह और दूसरे लोग शामिल थे। उस समय हुए कथित काला हिरण शिकार, सलमान खान की गिरफ्तारी और सजा से जुड़े घटनाक्रम को फिल्म में दिखाया गया है। इस फिल्म के पोस्टर का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। लोग सलमान खान, लॉरेंस बिश्नोई और काला हिरण शिकार मामले पर आधारित एक सिनेमाई कहानी का इंतजार कर रहे थे। 20 जून को हम फिल्म का फर्स्ट लुक और टीजर जारी करेंगे।’ अमित जानी इससे पहले फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ (2025) बना चुके हैं। 1998 में काला हिरण शिकार मामला सामने आया सलमान खान से जुड़ा काला हिरण शिकार मामला साल 1998 का है, जब जोधपुर में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान उन पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत लुप्तप्राय काले हिरणों के शिकार का आरोप लगा था। 5 अप्रैल 2018 को जोधपुर की एक निचली अदालत ने सलमान खान को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी। इस फैसले के बाद सलमान को जोधपुर सेंट्रल जेल जाना पड़ा था, लेकिन बाद में उन्हें जमानत मिल गई। वर्तमान में राजस्थान हाई कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई चल रही है। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 को तय की गई है। लॉरेंस ने सलमान पर नाराजगी जाहिर की थी गौरतलब है कि लॉरेंस बिश्नोई सार्वजनिक रूप से यह कह चुका है कि वह काला हिरण शिकार मामले को लेकर सलमान खान से नाराज है। 2023 में जेल से दिए गए एबीपी न्यूज को इंटरव्यू में उसने कहा था कि सलमान खान को मारना मेरी जिंदगी का मकसद है। हालांकि, उसने यह भी कहा था कि अगर सलमान बिश्नोई समाज के मुक्ति धाम मुकाम मंदिर में आकर माफी मांग लें, तो विवाद खत्म हो सकता है। वहीं, साल 2024 में सलमान के घर (गैलेक्सी अपार्टमेंट) के बाहर फायरिंग हुई थी, जिसकी जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई के विदेश में बैठे भाई अनमोल बिश्नोई ने ली थी। ………. सलमान खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सलमान के घर फायरिंग केस;बॉडीगार्ड बोले-एक्टर को मारना चाहते थे:2024 में बाइक सवार आरोपियों ने गैलेक्सी अपार्टमेंट पर गोलियां चलाई थीं सलमान खान के पर्सनल बॉडीगार्ड ने 2 मई को स्पेशल कोर्ट में बताया कि अप्रैल 2024 में उनके घर के बाहर हुई फायरिंग एक्टर की हत्या की कोशिश थी। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Salman Khan-Lawrence Bishnoi Case Film Kala Hiran Poster Launch

Salman Khan-Lawrence Bishnoi Case Film Kala Hiran Poster Launch

16 मिनट पहले कॉपी लिंक सलमान के काला हिरण शिकार मामले पर आधारित फिल्म का पोस्टर। बॉलीवुड एक्टर सलमान खान से जुड़ा काला हिरण शिकार मामले पर आधारित अपकमिंग फिल्म काला हिरण का पोस्टर शुक्रवार को जारी किया गया। फिल्म का फर्स्ट लुक और टीजर 20 जून को जारी किया जाएगा। फिल्म में सलमान खान और गैंगस्टर लॉरेंस के बीच के विवाद को दिखाया जाएगा। फिल्म को लेकर अमित जानी का ट्वीट। सलमान-लॉरेंस विवाद को दिखाएगी कहानी फिल्म को लेकर IANS से बात करते हुए फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी ने कहा, ‘1998 में जोधपुर के कांकाणी गांव में सलमान खान पर काला हिरण के शिकार का आरोप लगा था। उस मामले से जुड़े कोर्टरूम ड्रामा, क्राइम, थ्रिलर और लॉरेंस व सलमान खान के बीच की दुश्मनी को फिल्मी रूप में पेश किया गया है। फिल्म की शूटिंग संभल, मुरादाबाद और उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में हुई है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘जोधपुर में शूटिंग के दौरान मौजूद बॉलीवुड एक्टर्स सैफ अली खान, सलमान खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे, सतीश शाह और दूसरे लोग शामिल थे। उस समय हुए कथित काला हिरण शिकार, सलमान खान की गिरफ्तारी और सजा से जुड़े घटनाक्रम को फिल्म में दिखाया गया है। इस फिल्म के पोस्टर का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। लोग सलमान खान, लॉरेंस और काला हिरण शिकार मामले पर आधारित एक सिनेमाई कहानी का इंतजार कर रहे थे। 20 जून को हम फिल्म का फर्स्ट लुक और टीजर जारी करेंगे।’ अमित जानी इससे पहले फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ (2025) बना चुके हैं। 1998 में काला हिरण शिकार मामला सामने आया सलमान खान से जुड़ा काला हिरण शिकार मामला साल 1998 का है, जब जोधपुर में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान उन पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत लुप्तप्राय काले हिरणों के शिकार का आरोप लगा था। 5 अप्रैल 2018 को जोधपुर की एक निचली अदालत ने सलमान खान को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी। इस फैसले के बाद सलमान को जोधपुर सेंट्रल जेल जाना पड़ा था, लेकिन बाद में उन्हें जमानत मिल गई। वर्तमान में राजस्थान हाई कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई चल रही है। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 को तय की गई है। लॉरेंस ने सलमान पर नाराजगी जाहिर की थी गौरतलब है कि लॉरेंस बिश्नोई सार्वजनिक रूप से यह कह चुका है कि वह काला हिरण शिकार मामले को लेकर सलमान खान से नाराज है। 2023 में जेल से दिए गए एबीपी न्यूज को इंटरव्यू में उसने कहा था कि सलमान खान को मारना मेरी जिंदगी का मकसद है। वहीं, साल 2024 में सलमान के घर (गैलेक्सी अपार्टमेंट) के बाहर फायरिंग हुई थी, जिसकी जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई के विदेश में बैठे भाई अनमोल बिश्नोई ने ली थी। ………. सलमान खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सलमान के घर फायरिंग केस;बॉडीगार्ड बोले-एक्टर को मारना चाहते थे:2024 में बाइक सवार आरोपियों ने गैलेक्सी अपार्टमेंट पर गोलियां चलाई थीं सलमान खान के पर्सनल बॉडीगार्ड ने 2 मई को स्पेशल कोर्ट में बताया कि अप्रैल 2024 में उनके घर के बाहर हुई फायरिंग एक्टर की हत्या की कोशिश थी। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

वैभव सूर्यवंशी के फैन हुए अमिताभ बच्चन:बोले- इस उम्र में हम गुल्ली-डंडा भी नहीं खेल पाते थे; वैभव झारखंड स्वास्थ्य विभाग के ब्रांड एंबेसडर बनेंगे

वैभव सूर्यवंशी के फैन हुए अमिताभ बच्चन:बोले- इस उम्र में हम गुल्ली-डंडा भी नहीं खेल पाते थे; वैभव झारखंड स्वास्थ्य विभाग के ब्रांड एंबेसडर बनेंगे

IPL 2026 से वैभव सूर्यवंशी की टीम राजस्थान रॉयल्स बाहर हो चुकी है। गुजरात टाइटंस ने क्वालिफायर-2 मुकाबले में राजस्थान को 7 विकेट से हरा दिया। फाइनल की रेस से बाहर होने के बाद वैभव सूर्यवंशी रो पड़े। राजस्थान रॉयल्स की टीम भले ही IPL से बाहर हो गई हो, लेकिन टीम के ओपनर बल्लेबाज और बिहार के वैभव सूर्यवंशी ने अपने परफॉर्मेंस से दुनियाभर के क्रिकेट एक्सपर्ट से लेकर बॉलीवुड तक अपना ध्यान खींचा है। इस बीच सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने भी वैभव सूर्यवंशी की तारीफ की है। उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा, ‘15 साल की उम्र का अद्भुत सूर्या। इस उम्र में तो हम बंटों और गुल्ली डंडा भी ठीक से नहीं खेल पा रहे थे।’ वैभव बनेंगे झारखंड स्वास्थ्य विभाग के ब्रांड एंबेसडर वहीं, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने वैभव सूर्यवंशी को झारखंड स्वास्थ्य विभाग का ब्रांड एंबेसडर बनाने की घोषणा की है। उन्होंने X पर लिखा, वैभव, भले ही तुम्हारी टीम मैच हार गई हो, लेकिन तुम करोड़ों भारतीयों का दिल जीत चुके हो। मैं स्वयं क्रिकेट का खिलाड़ी रहा हूं, लेकिन इतनी कम उम्र में बड़े-बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों का जिस आत्मविश्वास और आक्रामकता से सामना करते हुए लगातार धुनाई करना, यह असाधारण प्रतिभा का प्रमाण है। तुमने केवल अपना नाम ही नहीं, बल्कि अपने माता-पिता, बिहार और पूरे हिंदुस्तान का नाम रोशन किया है। इसके लिए तुम्हें दिल से बधाई देता हूं। जल्द ही मैं तुम्हें झारखंड में सम्मानित करूंगा।’ वैभव IPL में सबसे कम गेंद पर हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने सूर्यवंशी ने शुक्रवार को 440 गेंद में अपने 1000 IPL रन पूरे किए। वे IPL में सबसे कम गेंद में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड ध्वस्त किया, जिन्होंने हजार रन बनाने के लिए 545 गेंद खेली थी। सूर्यवंशी एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। सूर्यवंशी IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होंने साईं सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। सूर्यवंशी ने IPL में सबसे ज्यादा बार 90s पर आउट होने की बराबरी की वैभव ने गुजरात के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 96 रन पर आउट हुए। वे IPL में सबसे ज्यादा बार ‘नर्वस नाइंटीज’ (90-99 रन) का शिकार होने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे इसी सीजन पिछली चार पारी में तीसरी बार 90 से 99 रन के बीच आउट हुए। इससे पहले डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और ऋतुराज गायकवाड़ IPL में 3-3 बार 90s में आउट हो चुके हैं। IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे। उनके प्लेऑफ में 19 छक्के हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋद्धिमान साहा (2014) और शुभमन गिल (2023) का 11-11 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा। IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर बनाने वाले राजस्थान के तीसरे बल्लेबाज वैभव ने गुजरात के खिलाफ फिफ्टी लगाई। इसके साथ ही वे IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर करने वाले राजस्थान के तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले सूर्यवंशी ने एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 97 रन बनाए थे। उनसे पहले ध्रुव जुरेल (2024, 2026) और जोस बटलर (2022) ने प्लेऑफ में राजस्थान के लिए दो फिफ्टी या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया था।

Sam Curran IPL Injury Questioned By Sanga; Rajasthan Royals Coach Statement

Sam Curran IPL Injury Questioned By Sanga; Rajasthan Royals Coach Statement

स्पोर्ट्स डेस्क16 मिनट पहले कॉपी लिंक राजस्थान रॉयल्स के मुख्य कोच कुमार संगकारा ने इंग्लैंड के ऑलराउंडर सैम करन के IPL से हटने पर सवाल उठाए हैं। संगकारा ने शुक्रवार को कहा- ‘करन ने सीजन खत्म करने वाली चोट का हवाला देकर टूर्नामेंट छोड़ा था, लेकिन बाद में वे इंग्लैंड में सरे के लिए खेलते नजर आए, जो निराशाजनक है।’ श्रीलंका के पूर्व लेफ्टी बैटर ने गुजरात से क्वालिफायर-2 में हारने के बाद कहा- ‘हमें बताया गया था कि सैम करन की चोट सीजन खत्म करने वाली है, लेकिन अब मैंने उन्हें सरे के लिए खेलते देखा है। यह निराशाजनक है।’ करन के हटने के बाद राजस्थान रॉयल्स ने रिप्लेसमेंट के तौर पर श्रीलंका के दासुन शनाका को टीम में शामिल किया था। लेकिन, वे खास प्रदर्शन नहीं कर सके। कहा- प्लेयर्स की अवेलेबिलिटी के लिए कड़े नियम जरूरी संगकारा ने कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर सख्त नियम जरूरी हैं। BCCI की मौजूदा नीति सही दिशा में है। उन्होंने कहा कि गंभीर चोटों को समझा जा सकता है, लेकिन खिलाड़ियों को अपनी अनुबंध संबंधी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए। पंजाब किंग्स के सह-मालिक मोहित बर्मन ने भी कहा है कि BCCI और विदेशी बोर्डों को खिलाड़ियों की उपलब्धता के मामले में बेहतर तालमेल बिठाने की जरूरत है, ताकि टीम के संतुलन पर ज्यादा असर न पड़े। बोर्ड का नियम- नीलामी के बाद हटे, तो 2 साल बैन BCCI ने पहले से ही एक नियम बना रखा है, जिसके तहत अगर कोई विदेशी खिलाड़ी नीलामी में खरीदे जाने के बाद IPL से अपना नाम वापस ले लेता है, तो उस पर दो साल का बैन लगा दिया जाता है। IPL में विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। ऐसे में संगकारा का बयान इस बहस को एक बार फिर केंद्र में ले आया है। ——————————— IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… गुजरात तीसरी बार IPL के फाइनल में, राजस्थान को 7 विकेट से हराया गुजरात टाइटंस IPL में तीसरी बार फाइनल में पहुंच गई है। टीम ने क्वालिफायर-2 में राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से हराया। शुक्रवार को मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह स्टेडियम में राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 214 रन बनाए। जवाब में गुजरात ने 18.4 ओवर में 3 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Sam Curran IPL Injury Questioned By Sanga; Rajasthan Royals Coach Statement

Sam Curran IPL Injury Questioned By Sanga; Rajasthan Royals Coach Statement

स्पोर्ट्स डेस्क12 मिनट पहले कॉपी लिंक राजस्थान रॉयल्स के मुख्य कोच कुमार संगकारा ने इंग्लैंड के ऑलराउंडर सैम करन के IPL से हटने पर सवाल उठाए हैं। संगकारा ने शुक्रवार को कहा- ‘करन ने सीजन खत्म करने वाली चोट का हवाला देकर टूर्नामेंट छोड़ा था, लेकिन बाद में वे इंग्लैंड में सरे के लिए खेलते नजर आए, जो निराशाजनक है।’ श्रीलंका के पूर्व लेफ्टी बैटर ने गुजरात से क्वालिफायर-2 में हारने के बाद कहा- ‘हमें बताया गया था कि सैम करन की चोट सीजन खत्म करने वाली है, लेकिन अब मैंने उन्हें सरे के लिए खेलते देखा है। यह निराशाजनक है।’ करन के हटने के बाद राजस्थान रॉयल्स ने रिप्लेसमेंट के तौर पर श्रीलंका के दासुन शनाका को टीम में शामिल किया था। लेकिन, वे खास प्रदर्शन नहीं कर सके। कहा- प्लेयर्स की अवेलेबिलिटी के लिए कड़े नियम जरूरी संगकारा ने कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर सख्त नियम जरूरी हैं। BCCI की मौजूदा नीति सही दिशा में है। उन्होंने कहा कि गंभीर चोटों को समझा जा सकता है, लेकिन खिलाड़ियों को अपनी अनुबंध संबंधी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए। पंजाब किंग्स के सह-मालिक मोहित बर्मन ने भी कहा है कि BCCI और विदेशी बोर्डों को खिलाड़ियों की उपलब्धता के मामले में बेहतर तालमेल बिठाने की जरूरत है, ताकि टीम के संतुलन पर ज्यादा असर न पड़े। बोर्ड का नियम- नीलामी के बाद हटे, तो 2 साल बैन BCCI ने पहले से ही एक नियम बना रखा है, जिसके तहत अगर कोई विदेशी खिलाड़ी नीलामी में खरीदे जाने के बाद IPL से अपना नाम वापस ले लेता है, तो उस पर दो साल का बैन लगा दिया जाता है। IPL में विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। ऐसे में संगकारा का बयान इस बहस को एक बार फिर केंद्र में ले आया है। ——————————— IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… गुजरात तीसरी बार IPL के फाइनल में, राजस्थान को 7 विकेट से हराया गुजरात टाइटंस IPL में तीसरी बार फाइनल में पहुंच गई है। टीम ने क्वालिफायर-2 में राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से हराया। शुक्रवार को मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह स्टेडियम में राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 214 रन बनाए। जवाब में गुजरात ने 18.4 ओवर में 3 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Ram Gopal Varma Supports Ranveer Singh, Slams FWICE

Ram Gopal Varma Supports Ranveer Singh, Slams FWICE

18 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘डॉन 3’ विवाद के बीच फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा रणवीर सिंह के सपोर्ट में सामने आए हैं। साथ ही उन्होंने फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा रणवीर के खिलाफ जारी ‘नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव’ (असहयोग निर्देश) पर भी सवाल उठाए। राम गोपाल वर्मा ने लिखा, FWICE को बैन करो, रणवीर सिंह को नहीं। गांधीजी के अंदाज वाला यह तथाकथित बैन या असहयोग आखिरकार FWICE के लिए ही एक बड़ा मजाक बन जाएगा।FWICE जिस तरह इसे इंडस्ट्री या कर्मचारियों की सुरक्षा बता रहा है, असल में मामला वैसा नहीं है। यह एक पुरानी और बेकार यूनियन सिस्टम की ताकत दिखाने की कोशिश भर है, जो किसी तरह अपना प्रभाव बनाए रखना चाहती है।चाहे FWICE यह दावा करे कि वह 5 लाख या 50 लाख कर्मचारियों की आवाज है, लेकिन सच्चाई यह है कि उन लाखों लोगों में से ज्यादातर को दोनों पक्षों के बीच चल रहे विवाद की असली जानकारी तक नहीं है। FWICE को बताया ‘कंगारू कोर्ट’ FWICE को ‘कंगारू कोर्ट’ बताते हुए राम गोपाल वर्मा ने लिखा, FWICE न तो कोई लीगल कोर्ट है और न ही सरकार से ऑथराइज्ड रेगुलेटरी बॉडी। ज्यादा से ज्यादा इसे एक ‘कंगारू कोर्ट’ कहा जा सकता है, यानी ऐसी व्यवस्था जो न्याय देने का दावा तो करती है, लेकिन वास्तव में कानूनी नियमों, फेयर प्रोसेस और न्यूट्रैलिटी को नजरअंदाज करती है।ऐसा इसलिए क्योंकि इसके फैसले अक्सर पहले से ही कुछ खास एजेंडा रखने वाले लोगों के एक प्राइवेट ग्रुप द्वारा तय कर लिए जाते हैं। इनमें ऐसे एक्टर भी शामिल हैं, जो रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर की जबरदस्त सफलता से घबराए हुए हैं।उन्होंने आगे कहा कि यह FWICE के लिए एक बड़ा पीआर डिजास्टर साबित होगा, क्योंकि संगठन एक तरफ अपनी हताशा जाहिर कर रहा है और दूसरी तरफ अपनी पुरानी और अप्रासंगिक सोच भी दुनिया के सामने दिखा रहा है। राम गोपाल वर्मा की पोस्ट। वर्मा ने आगे लिखा, सबसे पहले, यह साबित करने के लिए कि यह दावा झूठा है, मैं कहना चाहता हूं कि फिल्म इंडस्ट्री में लाखों कर्मचारियों की रोजी-रोटी कभी भी किसी एक एक्टर या एक प्रोजेक्ट पर निर्भर नहीं होती। इसलिए सोशल मीडिया पर यह कहना कि किसी एक व्यक्ति की वजह से लाखों लोगों का नुकसान हो रहा है, लोगों को भड़काने और माहौल बनाने की कोशिश है।इस पूरे विवाद की जड़ में एक प्रोड्यूसर का यह दावा है कि उसे प्री-प्रोडक्शन में भारी नुकसान हुआ, लेकिन यह सिर्फ दो पक्षों के बीच का प्राइवेट कॉन्ट्रैक्ट विवाद है। ऐसे विवाद भारत में हर दिन और हर तरह के कारोबार में लाखों बार होते हैं। तब FWICE जैसी संस्थाएं कहां होती हैं?इसके अलावा, इस मामले में वास्तव में क्या हुआ, इसकी पूरी जानकारी सिर्फ विवाद में शामिल पक्षों को ही हो सकती है। इसलिए यह मामला भी किसी अन्य सिविल विवाद की तरह उन्हीं के बीच रहना चाहिए। अगर कोई पक्ष अदालत जाता है, तो फैसला जज को करना चाहिए। राम गोपाल वर्मा ने सत्या (1998), रंगीला (1995), कंपनी (2002), सरकार (2005) जैसी कल्ट फिल्में बनाई हैं। ‘रणवीर के लिए प्रोड्यूसर्स की लाइन लग जाएगी’ FWICE को चैलेंज देते हुए राम गोपाल वर्मा ने लिखा, और अगर FWICE का दावा है कि कुछ प्रमुख टेक्नीशियन का समय और मेहनत बर्बाद हुई है, तो मैं उन्हें चैलेंज देता हूं कि वे व्यक्तिगत रूप से सामने आएं, सबूत पेश करें, सार्वजनिक रूप से रणवीर सिंह को जिम्मेदार ठहराएं और यह ऐलान करें कि वे भविष्य में उनकी किसी फिल्म में काम नहीं करेंगेऔर अगर उस प्रोड्यूसर के साथ वास्तव में इतना बड़ा अन्याय हुआ है, तो FWICE के लाखों कर्मचारियों को नहीं, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के दूसरे प्रोड्यूसर्स को रणवीर सिंह के साथ काम करने से बचना चाहिए। फिल्ममेकर ने यह भी लिखा, यहीं पर हम इस पूरे मामले के सबसे अहम बिंदु पर पहुंचते हैं, जिसे हर कोई अपने दिल में जानता है, चाहे वह विवाद में शामिल कंपनी हो या फिर FWICE सच्चाई यह है कि अगर रणवीर सिंह सिर्फ एक बार हां कह दें, तो कल सुबह उनके घर के बाहर चेक लेकर प्रोड्यूसर्स की एक किलोमीटर लंबी कतार लग जाएगी। यह तब भी होगा, जब वे FWICE और संबंधित प्रोडक्शन कंपनी की सभी चेतावनियां सुन चुके होंगे पोस्ट में अंत में राम गोपाल वर्मा ने लिखा, क्योंकि कड़वी सच्चाई यह है कि थिएटरों में टिकट FWICE नहीं, बल्कि रणवीर सिंह जैसे स्टार बिकवाते हैं। FWICE नहीं, बल्कि रणवीर सिंह जैसे सितारे ही उन लाखों कर्मचारियों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करते हैं, जिनका प्रतिनिधित्व करने का दावा FWICE करता है। असलियत यह है कि रणवीर सिंह जैसे स्टार हैं, तभी फिल्म इंडस्ट्री है, और उसी वजह से FWICE जैसी संस्थाएं भी मौजूद हैं।इसलिए अंत में मेरी बिना मांगी सलाह सभी संबंधित पक्षों के लिए यही है कि दो पक्षों के बीच चल रहे एक निजी सिविल विवाद में बेवजह दखल देने से बचना चाहिए। पद्मिनी कोल्हापुरे भी रणवीर के समर्थन में उतरीं डॉन 3 विवाद के बीच, एक्ट्रेस और CINTAA की वाइस प्रेसिडेंट पद्मिनी कोल्हापुरे रणवीर के सपोर्ट में आईं और भरोसा दिलाया है कि एसोसिएशन पूरी तरह से उनके साथ है। IANS से बात करते हुए पद्मिनी कोल्हापुरे ने कहा, ‘CINTAA को गर्व है कि रणवीर सिंह हमारे मेंबर हैं। जब भी उन्हें हमारी जरूरत होती है, हम उनके साथ और उनके लिए खड़े रहते हैं। यह पहले से ही पब्लिक डोमेन में है, इसलिए मैं इस पर और कमेंट नहीं करना चाहती। हम उनके लिए, उनके साथ हैं। अगर उन्हें कभी हमारी जरूरत होगी, तो हम रणवीर सिंह के साथ हैं।’ इससे पहले, CINTAA की प्रेसिडेंट पूनम ढिल्लों ने कहा था कि रणवीर सिंह के CINTAA मेंबर होने के बावजूद, CINTAA को इस मामले के बारे में बताया नहीं गया था। पूनम के मुताबिक, एसोसिएशन दोनों पार्टियों के बीच बीच-बचाव करने की कोशिश कर सकती थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

विनेश फोगाट की ट्रायल प्रक्रिया आज:दिल्ली के स्टेडियम पहुंचीं; मैट से VIDEO आई सामने, छावनी में तब्दील किया क्षेत्र

विनेश फोगाट की ट्रायल प्रक्रिया आज:दिल्ली के स्टेडियम पहुंचीं; मैट से VIDEO आई सामने, छावनी में तब्दील किया क्षेत्र

देश की दिग्गज पहलवान विनेश फोगाट आज शनिवार को एशियन गेम्स 2026 के लिए आयोजित हो रहे महत्वपूर्ण सिलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लेने स्टेडियम पहुंच चुकी हैं। यह बड़ा घटनाक्रम सुप्रीम कोर्ट द्वारा शुक्रवार को दी गई उस ऐतिहासिक राहत के बाद सामने आया है, जिसमें शीर्ष अदालत ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की तमाम आपत्तियों को दरकिनार करते हुए विनेश को इस चयन प्रक्रिया में उतरने की विशेष अनुमति दी थी। स्टेडियम पहुंचीं विनेश, चेहरे पर दिखा पूरा फोकस आयोजन स्थल यानी इंदिरा गांधी स्टेडियम से विनेश फोगाट की जो तस्वीरें और विजुअल्स सामने आ रहे हैं, उनमें वे मैट पर उतरने से पहले अपने कोच और सपोर्ट स्टाफ के साथ रणनीति बनाती और वॉर्म-अप करती हुई दिखाई दे रही हैं। उनके चेहरे पर इस बड़े मुकाबले को लेकर बेहद गंभीरता और पूरा फोकस साफ नजर आ रहा है। कुश्ती महासंघ के साथ चल रहे हालिया विवादों और इस हाई-प्रोफाइल मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे स्टेडियम और ट्रायल एरिया के आसपास दिल्ली पुलिस द्वारा सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि बिना किसी बाधा के पारदर्शी तरीके से ट्रायल्स संपन्न कराए जा सकें। सुप्रीम कोर्ट का संदेश- कंट्री फर्स्ट’, विनेश के करियर के लिए आज का दिन बेहद निर्णायक शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फोगाट की खेल उपलब्धियों और देश के प्रति उनके योगदान का सम्मान करते हुए उन्हें ट्रायल्स में शामिल होने की इजाजत दी थी। हालांकि, शीर्ष अदालत ने इस दौरान ‘कंट्री फर्स्ट’ (देश सबसे पहले) का एक कड़ा और स्पष्ट संदेश भी दिया था। अदालत ने कहा था कि विनेश ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है, इसलिए उन्हें यह मौका मिलना चाहिए, लेकिन हमेशा देश का हित सर्वोपरि होना चाहिए। आज होने वाले ये ट्रायल्स विनेश के करियर के लिए बेहद निर्णायक साबित होंगे, क्योंकि यहाँ जीत दर्ज करते ही वे आगामी एशियन गेम्स 2026 में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए अपनी दावेदारी पक्की कर लेंगी। हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी चिंता विनेश फोगाट को इस चयन प्रक्रिया में शामिल होने की विशेष छूट देने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने खेल महासंघों के तकनीकी और आंतरिक चयन मामलों में अदालतों के बढ़ते दखल पर गहरी चिंता भी जताई थी। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट लहजे में कहा था कि खेल के मामले किसी मेडिकल कॉलेज के एडमिशन की तरह नहीं हैं, बल्कि ये राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल स्पर्धाएं हैं, जिनमें महासंघों की चयन प्रक्रिया का एक तय शेड्यूल होता है। कोर्ट ने यह टिप्पणी इसलिए की ताकि भविष्य में अदालती फैसलों की वजह से खेल के तय नियम और चयन प्रक्रियाएं बाधित न हों, लेकिन विनेश की साख और देश के लिए उनके पदकों को देखते हुए उन्हें इस बार ट्रायल्स में उतरने की अनुमति प्रदान की गई।