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UPSSSC Recruitment for 2285 Posts, Fee Rs 25, Age Limit 40 Years

UPSSSC Recruitment for 2285 Posts, Fee Rs 25, Age Limit 40 Years

Hindi News Career UPSSSC Recruitment For 2285 Posts, Fee Rs 25, Age Limit 40 Years 26 मिनट पहले कॉपी लिंक उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने सम्मिलित अवर अधीनस्थ सेवा (स्नातक स्तरीय) मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीदवार 29 मई से 18 जून तक आवेदन कर सकते हैं। आयोग ने यह भी साफ कहा कि आवेदन के दौरान उम्मीदवारों की वही फोटो और सिग्नेचर इस्तेमाल होंगे जो PET-2025 के दौरान अपलोड किए गए थे। इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकेगा। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : ग्रेजुएशन की डिग्री पीईटी-2025 पास करना जरूरी एज लिमिट : न्यूनतम : 21 साल अधिकतम : 40 साल आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु-सीमा में विशेष छूट भी दी जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : उम्मीदवारों का चयन पीईटी-2025 के नॉर्मलाइज्ड स्कोर के आधार पर मेरिट के अनुसार किया जाएगा। मेन्स रिटन एग्जाम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन फीस : सभी कैटेगरी के लिए 25 रुपए सैलरी : लेवल – 4 से लेवल – 6 के अनुसार ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाएं। होमपेज पर “Live Advertisement” सेक्शन में संबंधित विज्ञापन पर क्लिक करें। PET-2025 रजिस्ट्रेशन नंबर से लॉगिन करें। आवेदन फॉर्म में जरूरी जानकारी भरें। मांगे गए डिटेल्स दर्ज करें। फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें। फीस का भुगतान करें। फॉर्म सब्मिट कर प्रिंटआउट निकाल लें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक सरकारी नौकरी की ये खबरें भी पढ़ें राजस्थान में 3951 पदों पर निकली भर्ती; पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में 1265 वैकेंसी, गुजरात मेट्रो में 383 ओपनिंग्स आज की सरकारी नौकरी में जानकारी राजस्थान में 3951 पदों पर निकली भर्ती, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में 1265 नौकरी की। साथ में गुजरात मेट्रो में 383 वैकेंसी की जिसकी लास्ट डेट 28 मई तय की गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Delhi Court Frames Charges | Sukesh Chandrashekhar, Jacqueline Fernandez PMLA Case

Delhi Court Frames Charges | Sukesh Chandrashekhar, Jacqueline Fernandez PMLA Case

14 मिनट पहले कॉपी लिंक 200 करोड़ रुपए की कथित उगाही और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैकलीन फर्नांडिस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने कहा कि आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है। कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर, लीना मारिया पॉल, जैकलीन फर्नांडिस समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) मामले में चार्ज फ्रेम करने का आदेश दिया है। एएनआई के मुताबिक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) प्रशांत शर्मा ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया मजबूत संदेह बनता है। इसलिए उनके खिलाफ PMLA की धारा 3 के तहत आरोप तय किए जाने चाहिए, जिसकी सजा धारा 4 में निर्धारित है। कोर्ट ने आरोपों पर औपचारिक हस्ताक्षर के लिए मामले को 3 जून को सूचीबद्ध किया है। सभी आरोपियों को दोपहर 2 बजे व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। यह मामला व्यवसायी अदिति सिंह से कथित 200 करोड़ रुपए की उगाही से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस ने उनकी शिकायत पर केस दर्ज किया था। इसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर चार्जशीट दाखिल की। सुकेश चंद्रशेखर और लीना मारिया पॉल के खिलाफ इसी मामले में महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत भी आरोप तय करने का आदेश दिया गया है। हालांकि जैकलीन फर्नांडिस उगाही के मूल मामले में आरोपी नहीं हैं, लेकिन ED जांच में नाम आने के बाद उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी बनाया गया था। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट जैकलीन की वह याचिका खारिज कर चुका है, जिसमें उन्होंने ED की सप्लीमेंट्री चार्जशीट रद्द करने की मांग की थी। चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद ट्रायल कोर्ट ने उन्हें समन जारी किया था। बाद में अदालत में पेश होने पर उन्हें जमानत मिल गई थी। फिलहाल सुकेश चंद्रशेखर न्यायिक हिरासत में है। लीना मारिया पॉल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत मिल चुकी है, लेकिन MCOCA मामले में दिल्ली हाईकोर्ट उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुका है। अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं हाईकोर्ट में लंबित हैं। हाल ही में जैकलीन फर्नांडिस ने इस मामले में सरकारी गवाह (अप्रूवर) बनने की अर्जी वापस ले ली थी। अब 3 जून को अदालत में आरोपों पर औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Delhi Court Frames Charges | Sukesh Chandrashekhar, Jacqueline Fernandez PMLA Case

Delhi Court Frames Charges | Sukesh Chandrashekhar, Jacqueline Fernandez PMLA Case

32 मिनट पहले कॉपी लिंक 200 करोड़ रुपए की कथित उगाही और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैकलीन फर्नांडिस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने कहा कि आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है। कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर, लीना मारिया पॉल, जैकलीन फर्नांडिस समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) मामले में चार्ज फ्रेम करने का आदेश दिया है। एएनआई के मुताबिक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) प्रशांत शर्मा ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया मजबूत संदेह बनता है। इसलिए उनके खिलाफ PMLA की धारा 3 के तहत आरोप तय किए जाने चाहिए, जिसकी सजा धारा 4 में निर्धारित है। कोर्ट ने आरोपों पर औपचारिक हस्ताक्षर के लिए मामले को 3 जून को सूचीबद्ध किया है। सभी आरोपियों को दोपहर 2 बजे व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। यह मामला व्यवसायी अदिति सिंह से कथित 200 करोड़ रुपए की उगाही से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस ने उनकी शिकायत पर केस दर्ज किया था। इसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर चार्जशीट दाखिल की। सुकेश चंद्रशेखर और लीना मारिया पॉल के खिलाफ इसी मामले में महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत भी आरोप तय करने का आदेश दिया गया है। हालांकि जैकलीन फर्नांडिस उगाही के मूल मामले में आरोपी नहीं हैं, लेकिन ED जांच में नाम आने के बाद उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी बनाया गया था। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट जैकलीन की वह याचिका खारिज कर चुका है, जिसमें उन्होंने ED की सप्लीमेंट्री चार्जशीट रद्द करने की मांग की थी। चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद ट्रायल कोर्ट ने उन्हें समन जारी किया था। बाद में अदालत में पेश होने पर उन्हें जमानत मिल गई थी। फिलहाल सुकेश चंद्रशेखर न्यायिक हिरासत में है। लीना मारिया पॉल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत मिल चुकी है, लेकिन MCOCA मामले में दिल्ली हाईकोर्ट उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुका है। अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं हाईकोर्ट में लंबित हैं। हाल ही में जैकलीन फर्नांडिस ने इस मामले में सरकारी गवाह (अप्रूवर) बनने की अर्जी वापस ले ली थी। अब 3 जून को अदालत में आरोपों पर औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

IPL Final Ahmedabad | Flight & Hotel Prices Skyrocket; RCB vs GT

IPL Final Ahmedabad | Flight & Hotel Prices Skyrocket; RCB vs GT

अहमदाबाद9 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL का फाइनल मैच रविवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच अहमदाबाद में खेला जाएगा। मुकाबला शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। अगर आप भी इस मैच को देखने के लिए फ्लाइट से अहमदाबाद जाना चाहते हैं, तो आपको 17,000 से 35,000 रुपए तक किराया ज्यादा चुकाना होगा। वहीं अहमदाबाद में बड़े होटलों का एक रात का किराया भी ₹36,000 तक पहुंच गया है। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दोनों टीमों के पास दूसरी बार टाइटल जीतने का मौका है। बेंगलुरु ने पिछले साल पहला खिताब जीता था, जबकि गुजरात 2022 में अपने पहले सीजन में चैंपियन बनी थी। शहर के कई बड़े होटलों में पहले से ही बुकिंग हो रही मई के अंत को आमतौर पर होटल इंडस्ट्री के लिए ऑफ-सीजन माना जाता है। शहर के कई बड़े होटलों में पहले से ही बुकिंग हो रही है। अहमदाबाद के अधिकांश प्रीमियम होटल 30 और 31 मई को पूरी तरह से बुक हैं। अनुमान है कि होटल इंडस्ट्री को सिर्फ दो दिनों में 200 करोड़ रुपए से ज्यादा का मुनाफा होगा। IPL फाइनल का सबसे बड़ा फायदा सिर्फ होटल इंडस्ट्री को ही नहीं, बल्कि शहर के पूरे बिजनेस जगत को हो रहा है। देशभर से हजारों क्रिकेट फैंस मैच देखने अहमदाबाद आ रहे हैं। इसी वजह से हवाई टिकटों की मांग में भारी उछाल आया है। ट्रेन और बस टिकटों की मांग भी बढ़ गई है। अहमदाबाद के होटलों में करीब 20,000 कमरे उपलब्ध इससे पहले भी बड़े क्रिकेट आयोजनों के दौरान अहमदाबाद में हवाई किराए में भारी बढ़ोतरी देखी गई थी। साथ ही IPL फाइनल मैच के चलते एसजी हाईवे, मोटेरा, चांदखेड़ा और गांधीनगर इलाकों में होटलों की सबसे ज्यादा मांग देखी जा रही है। अहमदाबाद के होटलों में करीब 20,000 कमरे उपलब्ध हैं। हालांकि, IPL के फाइनल मैच के चलते सभी कमरे बुक होने का अनुमान है। फिलहाल यहां करीब 200 थ्री-स्टार और फाइव-स्टार होटल हैं। लेकिन आने वाले समय में अहमदाबाद में ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन की तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में आने वाले समय में होटलों की संख्या दोगुनी हो सकती है। पहले से ही ज्यादातर होटलों के किरायों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिन होटलों में किराया पहले 8 से 10 हजार के बीच हुआ करते थे, अब उनका किराया 25 से 30 हजार तक पहुंच गया है। फाइनल मैच से पर्यटन उद्योग को भी फायदा होगा होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र सोमानी ने कहा कि पिछले कुछ सालों में नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कई बड़े मैच खेले गए हैं। अब IPL का फाइनल मैच भी नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। पहले IPL का फाइनल मैच बेंगलुरु में होना था, लेकिन इसे नरेंद्र मोदी स्टेडियम में स्थानांतरित कर दिया गया। इससे अहमदाबाद के होटल इंडस्ट्री को भारी लाभ होने वाला है। फाइनल मैच के कारण पर्यटन उद्योग को भी काफी फायदा होगा। फिलहाल, छुट्टियों के कारण युवाओं में मैच देखने का उत्साह चरम पर है। होटल इंडस्ट्री को ₹200 करोड़ का अतिरिक्त मुनाफा होगा होटल इंडस्ट्री को होने वाले लाभ के बारे में नरेंद्र सोमानी ने कहा कि इस बार छुट्टियों के कारण बड़ी संख्या में लोग मैच देखने आएंगे। इससे होटल इंडस्ट्री को 150 से 200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त लाभ हो सकता है। फिलहाल अहमदाबाद की होटल इंडस्ट्री में ऑफ-सीजन चल रहा है। फाइनल के चलते होटल के कमरों का किराया सामान्य किराए की तुलना में करीब 20% तक बढ़ सकता है। क्योंकि मैच देखने आने वाले सभी लोगों को एक दिन होटल में रुकना होगा। इसलिए होटल उद्योग को इसका लाभ मिलेगा। अहमदाबाद में ओलंपिक खेलों की तैयारियां चल रहीं नरेंद्र सोमानी ने आगे कहा कि आने वाले समय में अहमदाबाद में राष्ट्रमंडल खेल और ओलंपिक खेलों के आयोजन की तैयारियां चल रही हैं। इसके चलते अहमदाबाद में कई नए होटल खुल सकते हैं। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में बड़े मैच खेले जाने के कारण नए ब्रांड भी होटल शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। होटलों और कमरों की क्षमता वर्तमान संख्या से दोगुनी होने वाली है। होटल इंडस्ट्री को मिल रहे लाभ को देखते हुए अन्य बड़ी कंपनियां भी होटल शुरू कर सकती हैं। शहर को खेल और संगीत कार्यक्रमों से होने वाली अर्थव्यवस्था से काफी लाभ मिलता है। IPL फाइनल से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा IPL फाइनल एक वीकेंड फेस्टिवल बनने जा रहा है। अहमदाबाद के लिए IPL फाइनल अब सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि एक आर्थिक इंजन बन गया है। कोल्डप्ले के कॉन्सर्ट से लेकर विश्व कप फाइनल तक के आयोजनों ने साबित कर दिया है कि बड़े आयोजन शहर की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ पहुंचाते हैं। IPL फाइनल के कारण हजारों लोगों को अस्थायी रोजगार मिलेगा। वहीं इससे होटल उद्योग के लिए कमाई का बड़ा अवसर पैदा होगा, जिसके चलते होटलों की कीमतें भी 15 से 20% तक बढ़ सकती हैं। ये खबर भी पढ़ें… IPL फाइनल के दोनों कप्तानों का एनालिसिस: रजत लगातार दूसरा फाइनल खेलेंगे; गिल की कप्तानी में गुजरात पहली बार खिताबी मुकाबले में IPL 2026 के फाइनल की दोनों टीमें तय हो चुकी हैं। 31 मई को अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खिताबी मुकाबला होगा। दोनों टीमों को दूसरे टाइटल का इंतजार है। बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने बेंगलुरु को लगतार दूसरी बार फाइनल में पहुंचाया। उन्होंने क्वालिफायर-1 में गुजरात के खिलाफ नाबाद 93 रन की पारी खेलकर बेंगलुरु को जीत दिलाई। गुजरात के कप्तान शुभमन गिल 2025 के प्लेऑफ में हार गए थे। लेकिन इस बार उन्होंने राजस्थान के खिलाफ शतक लगाया और अपनी टीम को फाइनल में पहुंचा दिया। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

‘बीजेपी की राजनीति के बारे में बहुत कुछ बताता है’: विपक्ष ने बंगाल में अभिषेक बनर्जी पर हमले की निंदा की | भारत समाचार

India Women vs England Women Live Cricket Score, 2nd T20I: Stay updated with IND-W vs ENG-W Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Bristol. (Picture Credit: X/@BCCIWomen)

आखरी अपडेट:30 मई, 2026, 18:26 IST सोनारपुर में उत्तेजित भीड़ ने अभिषेक बनर्जी पर हमला कर दिया, लोगों ने उन पर अंडे और ईंटें फेंकी और उन्हें “चोर” कहा। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर पत्थर, जूते और अंडे फेंके जाने के बाद उन्होंने हेलमेट पहना। (पीटीआई) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में एक टीएमसी कार्यकर्ता के घर के दौरे के दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हिंसक हमले की निंदा की और क्षेत्र में पुलिस कर्मियों की कमी पर सवाल उठाया। अभिषेक बनर्जी को शनिवार को सोनारपुर की अपनी हाई-प्रोफाइल यात्रा के दौरान शत्रुतापूर्ण विरोध का सामना करना पड़ा, जहां एक उत्तेजित भीड़ ने सांसद पर पथराव और अंडे फेंके, जब वह बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा में मारे गए एक टीएमसी कार्यकर्ता के घर गए थे। गुस्साई भीड़ ने अभिषेक बनर्जी का विरोध किया और उनके खिलाफ “चोर-चोर” के नारे भी लगाए। बनर्जी को फटी सफेद शर्ट और क्रिकेट हेलमेट पहने देखा गया, कई लोगों ने उन्हें धक्का दिया और पकड़ लिया। सांसद के सुरक्षा दस्ते ने उन्हें बचाने के लिए उनके चारों ओर एक सुरक्षात्मक घेरा बनाया। बाद में बनर्जी ने भाजपा पर घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया। वीडियो | दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बंगाल: टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ मारपीट, ‘बांग्लादेशी’ कहा गया; सोनारपुर निवासियों द्वारा पत्थरों और अंडों से हमला किया गया। बनर्जी कहते हैं, “यह भाजपा सरकार द्वारा प्रायोजित है, अदालत जाएंगे; बार-बार याद दिलाने के बावजूद कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं है।” (पूरा वीडियो… pic.twitter.com/Nuo0OHyQe1 – प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 30 मई, 2026 इंडिया ब्लॉक के सहयोगियों ने हमले की निंदा की एक्स को संबोधित करते हुए, खड़गे ने बनर्जी पर “चौंकाने वाले हमले” की निंदा की और सांसद के लिए पर्याप्त पुलिस सुरक्षा की कमी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “एक प्रमुख विपक्षी नेता के लिए जानबूझकर पर्याप्त पुलिस सुरक्षा की कमी भाजपा की प्रतिशोध और उत्पीड़न की राजनीति के बारे में बहुत कुछ कहती है। पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र सरकार को सभी विपक्षी नेताओं के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और ऐसे हमलों को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। राजनीतिक मतभेद कभी भी किसी भी प्रकार की हिंसा को उचित नहीं ठहरा सकते।” सोनारपुर में सांसद श्री अभिषेक बनर्जी पर हुए चौंकाने वाले हमले की कड़ी निंदा करते हैं, जब वह राज्य में चुनाव के बाद की हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने गए थे। एक प्रमुख विपक्षी नेता के लिए जानबूझकर पर्याप्त पुलिस सुरक्षा की कमी भाजपा के बारे में बहुत कुछ कहती है… – मल्लिकार्जुन खड़गे (@खरगे) 30 मई, 2026 समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर बनर्जी पर ”जानलेवा हमला” कराने का आरोप लगाया। उन्होंने एक्स पर कहा, “बंगाल में अराजक भाजपा सरकार ने साबित कर दिया है कि भाजपा नफरत भरी, नकारात्मक, हिंसक राजनीति के अलावा कुछ भी करने में सक्षम नहीं है। ऐसे संवेदनशील माहौल में भी पुलिस व्यवस्था का अभाव एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।” बंगाल में नागालैंड कांग्रेस के महत्वपूर्ण नेता श्री अभिषेक मोदी जी के ऊपर मानवाधिकारवादी हमला करवाकर बंगाल की झूठी भाजपा सरकार ने यह साबित कर दिया है कि भाजपा नफरत से भरी नकारात्मक हिंसक राजनीति और कुछ भी नहीं कर सकती है। तीसरे संवेदनशील संस्थान में भी पुलिस की व्यवस्था न होना एक बड़ी…—अखिलेश यादव (@yadavkhiresh) May 30, 2026 टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने भी कहा कि अभिषेक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई और भाजपा समर्थकों ने उन पर हमला किया और सवाल उठाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम के दिन उनकी सुरक्षा क्यों वापस ले ली गई। ‘उन्होंने मुझे मारने की कोशिश की’ घटना के तुरंत बाद मीडिया को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर अशांति फैलाने का आरोप लगाया और इसे लोकतंत्र के उनके संस्करण का स्पष्ट उदाहरण बताया। हालांकि, भाजपा ने बनर्जी के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन विपक्षी टीएमसी के स्थानीय नेतृत्व के खिलाफ जनता के गुस्से की एक सहज अभिव्यक्ति थी। बनर्जी ने स्थानीय प्रशासनिक प्रतिक्रिया पर गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही चुनाव चक्र समाप्त हुए एक महीना भी नहीं हुआ है, लेकिन अराजकता के शुरुआती क्षणों में पुलिस कहीं नजर नहीं आई। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “वे मुझे मारना चाहते थे। पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है। हम निश्चित रूप से उच्च न्यायालय को इस बारे में बताएंगे। हम राज्यपाल को भी इस बारे में बताएंगे। मैं निश्चित रूप से अदालत जाऊंगा।” बनर्जी ने कहा, “उन्होंने ईंट फेंकी, अंडा फेंका और पथराव किया। कृपया मुझे बताएं कि यह क्या है… उन्होंने मेरी आंख पर ईंट मारी और मैं अपनी आंख नहीं खोल पा रही हूं। उन्होंने मेरी पीठ, छाती, बांह और पैर पर मुक्का मारा।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘भाजपा की राजनीति के बारे में बहुत कुछ बताता है’: विपक्ष ने बंगाल में अभिषेक बनर्जी पर हमले की निंदा की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)अभिषेक बनर्जी पर हमला(टी)अभिषेक बनर्जी(टी)टीएमसी सांसद पर हमला(टी)सोनारपुर हिंसा(टी)चुनाव बाद हिंसा बंगाल(टी)बीजेपी बनाम टीएमसी(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे प्रतिक्रिया(टी)अखिलेश यादव का बयान

अभिषेक बनर्जी को बंगाल के सोनारपुर में भीड़ के हमले का सामना करना पड़ा: हिंसक विरोध के दौरान पत्थर, अंडे फेंके गए | भारत समाचार

Pakistan vs Australia 1st ODI Live Score: Follow scorecard and live updates from Rawalpindi. (Picture Credit: cricket.com.au)

आखरी अपडेट:30 मई, 2026, 17:53 IST स्पष्ट रूप से उद्दंड अभिषेक बनर्जी ने भाजपा की आलोचना करते हुए व्यवधान को पूरी तरह से सुनियोजित हमला करार दिया। सत्तारूढ़ दल ने दावे को खारिज कर दिया बनर्जी ने स्थानीय प्रशासनिक प्रतिक्रिया पर गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही चुनाव चक्र समाप्त हुए एक महीना भी नहीं हुआ है, लेकिन अराजकता के शुरुआती क्षणों में पुलिस कहीं नजर नहीं आई। छवि/न्यूज़18 तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को शनिवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर की अपनी हाई-प्रोफाइल यात्रा के दौरान बड़े पैमाने पर विरोध का सामना करना पड़ा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, स्थिति तेजी से हिंसा में बदल गई जब बनर्जी पश्चिम बंगाल में हाल ही में चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित पीड़ितों के परिवारों से मिलने पहुंचे तो उत्तेजित भीड़ ने उन पर पत्थर और अंडे फेंके। स्थानीय पुलिस की तैनाती को जनता के गुस्से के अचानक फैलने को रोकने के लिए संघर्ष करना पड़ा, जिसके कारण तीव्र सुरक्षा झड़पें हुईं और चोटों को रोकने के लिए सांसद के सुरक्षा विस्तार को उनके चारों ओर एक सुरक्षात्मक घेरा बनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। घटना के तुरंत बाद मीडिया को संबोधित करते हुए स्पष्ट रूप से उद्दंड अभिषेक बनर्जी ने व्यवधान को पूरी तरह से सुनियोजित हमला करार दिया। उन्होंने सीधे तौर पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अशांति फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि यह हमला उनके लोकतंत्र के संस्करण का एक स्पष्ट उदाहरण है। बंगाल में अब क्या हो रहा है दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के लोकसभा नेता @AITCofficial चुनाव बाद हिंसा में भाजपा द्वारा मारे गए एक व्यक्ति के परिवार से मिलने गए। कुछ भाजपा समर्थकों ने @ अभिषेकएआईटीसी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। जान जोखिम में. पुलिस कहां है…- डेरेक ओ’ब्रायन | ডেরেক ও’ব্রায়েন (@derekobrienmp) 30 मई, 2026 बंगाल में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बंगाल की जनता का भारी गुस्सा सड़कों पर…… pic.twitter.com/jN80NiPDFc– प्रदीप भंडारी(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) 30 मई, 2026 बनर्जी ने स्थानीय प्रशासनिक प्रतिक्रिया पर गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही चुनाव चक्र समाप्त हुए एक महीना भी नहीं हुआ है, लेकिन अराजकता के शुरुआती क्षणों में पुलिस कहीं नजर नहीं आई। टीएमसी नेतृत्व ने उस खुफिया विफलता की तत्काल जांच की मांग की है, जिसके कारण हाई-प्रोफाइल सांसद को पथराव करने वाली भीड़ का सामना करना पड़ा। सोनारपुर में हुई हिंसा पश्चिम बंगाल में अस्थिर राजनीतिक परिदृश्य को रेखांकित करती है, जो चुनाव के बाद भी जारी है। भाजपा ने आंदोलन को प्रायोजित करने के बनर्जी के आरोपों का जोरदार खंडन किया है और कहा है कि विरोध प्रदर्शन विपक्षी टीएमसी के स्थानीय नेतृत्व के खिलाफ जनता के गुस्से की एक सहज अभिव्यक्ति थी। स्थानीय पुलिस ने सोनारपुर के संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च करने और व्यवस्था बहाल करने के लिए दंगा-रोधी दस्तों सहित बड़े पैमाने पर सुदृढीकरण तैनात किया है। जैसा कि तृणमूल ने अपने राष्ट्रीय महासचिव पर हमले के विरोध में सड़कों पर उतरने की कसम खाई है, इस टकराव से कानून-व्यवस्था मशीनरी पर और दबाव पड़ेगा और राज्य भर में गहरे बैठे राजनीतिक विभाजन को और गहरा किया जाएगा। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया अभिषेक बनर्जी को बंगाल के सोनारपुर में भीड़ के हमले का सामना करना पड़ा: हिंसक विरोध के दौरान पत्थर, अंडे फेंके गए अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

कौन है मिनाक्षी, जिसने विनेश को हराया:रिश्तेदारों ने मारे ताने, जॉन सीना से प्रेरित होकर 10 साल की उम्र से खेल रही कुश्ती

कौन है मिनाक्षी, जिसने विनेश को हराया:रिश्तेदारों ने मारे ताने, जॉन सीना से प्रेरित होकर 10 साल की उम्र से खेल रही कुश्ती

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल खेल स्टेडियम में चल रहे एशियन गेम्स 2026 के सिलेक्शन ट्रायल्स में शनिवार को कुश्ती जगत का सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला। अदालती जंग जीतकर 53 किलोग्राम भारवर्ग के मैट पर उतरीं दिग्गज ओलंपियन विनेश फोगाट को हरियाणा के जींद की रहने वाली युवा पहलवान मीनाक्षी ने सेमीफाइनल मुकाबले में 6-4 से करारी शिकस्त दे दी। विनेश जैसी धाकड़ पहलवान को हराकर मीनाक्षी ने न केवल सबको हैरान कर दिया, बल्कि विनेश का एशियन गेम्स खेलने का सपना भी तोड़ दिया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद अचानक सुर्खियों में आईं मीनाक्षी की सफलता के पीछे कड़े संघर्ष, रिश्तेदारों के तानों और माता-पिता के बेजोड़ त्याग की एक बेहद प्रेरणादायक कहानी छिपी है। सेमीफाइनल में दिखाया आक्रामक और रक्षात्मक खेल का बेजोड़ संतुलन ट्रायल्स में लगातार दो बाउट जीतकर आत्मविश्वास से लबरेज विनेश फोगाट के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में मीनाक्षी ने शुरुआत से ही आक्रामक और रक्षात्मक (डिफेंसिव) रणनीति का बेजोड़ संतुलन दिखाया। विनेश जैसी अनुभवी और अंतरराष्ट्रीय स्तर की दिग्गज पहलवान के सामने मीनाक्षी ने जरा भी दबाव महसूस नहीं किया। पूरे मैच के दौरान दोनों के बीच एक-एक अंक बटोरने की कड़ी जंग चली। लेकिन मीनाक्षी ने अपनी फुर्ती और बेहतरीन दांव-पेंच के दम पर विनेश को बैकफुट पर धकेल दिया और यह हाई-वोल्टेज मुकाबला 6-4 से जीतकर इतिहास रच दिया। अब यहां पढ़िए, मीनाक्षी के करियर की कहानी… WWE के ‘जॉन सीना’ हैं फेवरेट, 10 साल की उम्र से शुरू की कुश्ती अपनी इस कामयाबी पर मीनाक्षी बताती हैं कि कुश्ती के प्रति उनका जुनून बचपन से ही था। उन्होंने कहा, “WWE के मशहूर रेसलर जॉन सीना मेरे सबसे पसंदीदा खिलाड़ी हैं। टीवी पर उन्हें देखकर ही मुझे प्रेरणा मिली और मैंने महज 10 साल की उम्र से ही कुश्ती की बारीकियां सीखनी और ट्रेनिंग शुरू कर दी थी।” मीनाक्षी ने शुरुआत में जींद जिले के अपने पैतृक गांव नडानी के स्थानीय कुश्ती सेंटर से प्रैक्टिस शुरू की थी। रिश्तेदार कहते थे- लड़की को बाहर भेजना सही नहीं मीनाक्षी के लिए इस मुकाम तक पहुंचना आसान नहीं था। समाज और रिश्तेदारों की रूढ़िवादी सोच उनके रास्ते का सबसे बड़ा रोड़ा बनी। मीनाक्षी ने बताया, जब मेरे माता-पिता ने मुझे बेहतर ट्रेनिंग दिलाने के लिए घर से दूर हॉस्टल भेजने का फैसला किया, तो रिश्तेदारों ने इसका कड़ा विरोध किया। वे मेरे पैरंट्स को ताने मारते थे कि लड़की को कुश्ती सिखाना और घर से बाहर भेजना ठीक नहीं है। लेकिन मीनाक्षी ने हार नहीं मानी। जब दंगल में जीतने लगी पैसे, तो रिश्तेदारों के बदले सुर जल्द ही उन्होंने कैडेट वर्ग में मेडल जीता, जिसके बाद हरियाणा सरकार की ओर से उन्हें कैश अवॉर्ड (नकद पुरस्कार) मिलने लगे। मीनाक्षी जब दंगल में जाकर पैसे जीतने लगीं, तो रिश्तेदारों ने फिर सुर बदल लिए और ताना मारा कि पैरंट्स अपनी लड़की को सिर्फ पैसे कमाने के लिए कुश्ती में भेजते हैं। हालांकि, मीनाक्षी और उनके माता-पिता ने इन नकारात्मक बातों को हमेशा नजरअंदाज किया। बेटी के सपनों के लिए पिता ने बदली जगह, सोनीपत में चलाते हैं डेयरी मीनाक्षी तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। अपनी होनहार बेटी की कुश्ती में गहरी रुचि और प्रतिभा को देखकर उनके परिवार ने एक बड़ा फैसला लिया। मीनाक्षी को देश के सबसे बेहतरीन रेसलिंग हब (सोनीपत) में ट्रेनिंग मिल सके, इसके लिए पूरा परिवार जींद छोड़कर सोनीपत शिफ्ट हो गया। मीनाक्षी के घर का पूरा खर्च और उनकी डाइट का जिम्मा उनके पिता उठाते हैं, जो सोनीपत में ही एक डेयरी चलाते हैं। मीनाक्षी ने खेलों के साथ-साथ अपनी पढ़ाई को भी प्रभावित नहीं होने दिया, उन्होंने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से बीए (BA) की डिग्री हासिल की है।

डीके शिवकुमार औपचारिक रूप से सीएलपी नेता चुने गए, 3 जून को कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे | भारत समाचार

Pakistan vs Australia 1st ODI Live Score: Follow scorecard and live updates from Rawalpindi. (Picture Credit: cricket.com.au)

आखरी अपडेट:30 मई, 2026, 17:17 IST ऐसा तब हुआ जब कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया और शुक्रवार को तत्काल प्रभाव से मंत्रिपरिषद को भंग कर दिया। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (पीटीआई छवि) डीके शिवकुमार को विधान सौध में एक उच्च-स्तरीय बैठक में औपचारिक रूप से कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता के रूप में चुना गया था और 3 जून को अगले कर्नाटक मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने की उम्मीद है। कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में सीएलपी सचिव अल्लमप्रभु पाटिल, एआईसीसी के कर्नाटक प्रभारी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भाग लिया। निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, जिन्होंने 28 मई को इस्तीफा दे दिया था, ने डीके शिवकुमार को अगले सीएलपी नेता के रूप में प्रस्तावित और घोषित किया। सीएलपी नेता के रूप में शिवकुमार के चुनाव की पुष्टि करने वाला आधिकारिक पत्र लोक भवन भेजा जाएगा और फिर वह राज्यपाल से मिलकर नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। शिवकुमार ने पहले कहा था कि शपथ ग्रहण समारोह 3 जून को होगा। यह एक विकासशील प्रति है. अधिक विवरण जोड़े जाने हैं. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया डीके शिवकुमार औपचारिक रूप से सीएलपी नेता चुने गए, 3 जून को कर्नाटक के सीएम के रूप में शपथ लेंगे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

रणवीर ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया, लेकिन बात नहीं बनी:दावा- फरहान अख्तर और जोया अख्तर अब एक्टर के साथ काम नहीं करना चाहते

रणवीर ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया, लेकिन बात नहीं बनी:दावा- फरहान अख्तर और जोया अख्तर अब एक्टर के साथ काम नहीं करना चाहते

रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच ‘डॉन 3’ को लेकर शुरू हुआ विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म से बाहर होने के बाद रणवीर ने फरहान के साथ रिश्ते सुधारने और भविष्य में किसी नए प्रोजेक्ट पर साथ काम करने की इच्छा जताई थी, लेकिन उनकी कोशिश सफल नहीं हुई। Indiaforums की रिपोर्ट्स के मुताबिक, रणवीर सिंह ने फरहान अख्तर और उनके प्रोडक्शन पार्टनर रितेश सिधवानी को किसी नए प्रोजेक्ट पर साथ काम करने का प्रस्ताव दिया था, जिसे दोनों पक्ष मिलकर चुनते। हालांकि, सूत्रों के अनुसार यह प्रस्ताव तुरंत ठुकरा दिया गया। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि फरहान अख्तर और उनकी बहन जोया अख्तर फिलहाल रणवीर के साथ दोबारा काम करने के इच्छुक नहीं हैं। जानिए क्या है विवाद? धुरंधर की सक्सेस के बाद रणवीर सिंह ने फरहान अख्तर की फिल्म डॉन 3 अचानक छोड़ दी, जिसकी घोषणा 2023 में रणवीर के साथ हुई थी। मेकर्स का दावा है कि इससे उनका 45 करोड़ का नुकसान हुआ। पहले इस मामले की शिकायत प्रोड्यूसर गिल्ड में की गई, जिसके बाद ये मामला FWICE के पास पहुंचा। मामले को गंभीरता से लेते हुए फेडरेशन ने रणवीर सिंह को अलग-अलग मौकों पर 3 नोटिस भेजे, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि ये लीगल मामला है, जो फेडरेशन द्वारा नहीं बल्कि कोर्ट के जरिए सुलझाना चाहिए। आखिरकार फेडरेशन ने सोमवार को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रख रणवीर सिंह पर बैन लगा दिया। ऐसे में रणवीर विवाद खत्म होने तक कोई नई फिल्म नहीं शूट कर सकेंगे। रणवीर सिंह की टीम बोली- वे सोच-समझकर चुप रणवीर सिंह के स्पोक पर्सन ने कहा- रणवीर सिंह फिल्म इंडस्ट्री और ‘डॉन’ फ्रैंचाइजी से जुड़े हर इंसान का दिल से सम्मान करते हैं। ‘डॉन 3’ को लेकर हाल ही में जो कुछ भी हुआ है, उस पर उन्होंने सोच-समझकर चुप रहना ही सही समझा। उनका मानना है कि काम से जुड़ी बातें और आपसी रिश्ते हमेशा गरिमा, समझदारी और आपसी सम्मान के साथ ही संभाले जाने चाहिए। इस बीच कई तरह की बातें और अफवाहें सामने आई हैं, लेकिन रणवीर ने कभी भी सरेआम इस पर कोई सफाई देना या इन अटकलों को बढ़ावा देना जरूरी नहीं समझा। उनका पूरा ध्यान पूरी तरह से उनके काम और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर है। वे इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों के लिए अपने दिल में सम्मान रखते हैं और चाहते हैं कि यह फ्रैंचाइजी आगे भी खूब कामयाब हो। ऐसे मुश्किल मौकों पर संयम और शालीनता बनाए रखना हमेशा से उनका अपना फैसला रहा है, और वे आगे भी इसी रुख पर कायम रहेंगे।” डॉन 3 का ऐलान 2023 में हुआ था। अब समझिए FWICE क्या है? रणवीर पर बैन का क्या असर होगा फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) फिल्म इंडस्ट्री के वर्कर्स और कलाकारों के हितों की रक्षा करने वाली सबसे बड़ी संस्था है। इसकी शुरुआत साल 1956 में हुई थी और 1958 में इसका रजिस्ट्रेशन कराया गया था। मदर बॉडी: यह फेडरेशन मुख्य रूप से एक मदर बॉडी (शीर्ष संस्था) की तरह काम करती है। इसके अंतर्गत कुल 34 अलग-अलग एसोसिएशंस आती हैं। सदस्यों की संख्या: इसमें एक्टर्स, डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स, कैमरामैन, टेक्नीशियंस, जूनियर आर्टिस्ट और स्पॉटबॉय जैसी 34 एसोसिएशंस के लगभग 4 से 5 लाख मेंबर्स जुड़े हुए हैं। दायरा: यह एशिया की सबसे बड़ी फिल्म फेडरेशन है। वर्तमान में फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले करीब 90 प्रतिशत लोग इसी फेडरेशन से जुड़ी एसोसिएशंस के सदस्य हैं। इसका अपना एक संविधान है, जिसे मानना सभी सदस्यों के लिए जरूरी है। फेडरेशन काम बंद कर दे तो शूटिंग कैंसिल FWICE के पास फिल्म इंडस्ट्री के कामकाजी माहौल को नियंत्रित करने की बड़ी ताकत है। काम रोकना: अगर फेडरेशन अपने 4 से 5 लाख सदस्यों को किसी प्रोजेक्ट पर काम करने से रोक दे, तो अगले ही दिन से फिल्मों और टीवी शोज की शूटिंग पूरी तरह बंद हो जाएगी। पेमेंट वसूलना: फेडरेशन मेकर्स और एक्टर्स के बीच पैसों के विवाद को सुलझाती है। उदाहरण के लिए, कुछ समय पहले प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने एक फिल्म के बाद क्रू मेंबर्स के करीब 3 करोड़ रुपए नहीं चुकाए थे। फेडरेशन ने उनकी अगली फिल्म ‘वेलकम टु जंगल’ की शूटिंग से पहले सभी सदस्यों को काम न करने का निर्देश दे दिया। इसके बाद प्रोडक्शन कंपनी और फेडरेशन के दबाव में फिरोज नाडियाडवाला को पुराना बकाया चुकाना पड़ा था। कार्रवाई का अधिकार: संविधान के खिलाफ काम करने पर फेडरेशन किसी भी एसोसिएशन या सदस्य को नॉन-मेम्बर घोषित कर सकती है। रणवीर की आने वाली फिल्मों पर क्या असर होगा? इस निर्देश के कारण रणवीर सिंह के नए प्रोजेक्ट्स और फिल्मों के निर्माण में दिक्कतें आ सकती हैं। रणवीर सिंह की आने वाली फिल्मों में ‘किंग’ (स्पेशल कैमियो), निर्देशक आदित्य धर के साथ अगला बड़ा प्रोजेक्ट, कियारा आडवाणी के साथ एक फिल्म और संजय लीला भंसाली की ‘बैजू बावरा’ शामिल हैं। शूटिंग में रुकावट: रणवीर की जिन फिल्मों की शूटिंग अभी होनी है, वहां काम करने वाले 90 प्रतिशत टेक्नीशियन, जूनियर आर्टिस्ट और क्रू मेंबर्स इसी फेडरेशन से जुड़े हैं। असहयोग निर्देश के कारण ये वर्कर्स रणवीर के सेट पर काम करने से मना कर सकते हैं, जिससे शूटिंग रुक सकती है। मेकर्स की परेशानी: रणवीर के साथ नई फिल्म प्लान कर रहे दूसरे प्रोड्यूसर्स के लिए काम आगे बढ़ाना मुश्किल होगा। उन्हें फिल्म शुरू करने से पहले फेडरेशन से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेने की जरूरत पड़ सकती है। जब तक यह विवाद नहीं सुलझता, तब तक रणवीर के नए प्रोजेक्ट्स लटक सकते हैं।

रणवीर ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया, लेकिन बात नहीं बनी:दावा- फरहान अख्तर और जोया अख्तर अब एक्टर के साथ काम नहीं करना चाहते

रणवीर ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया, लेकिन बात नहीं बनी:दावा- फरहान अख्तर और जोया अख्तर अब एक्टर के साथ काम नहीं करना चाहते

रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच ‘डॉन 3’ को लेकर शुरू हुआ विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म से बाहर होने के बाद रणवीर ने फरहान के साथ रिश्ते सुधारने और भविष्य में किसी नए प्रोजेक्ट पर साथ काम करने की इच्छा जताई थी, लेकिन उनकी कोशिश सफल नहीं हुई। Indiaforums की रिपोर्ट्स के मुताबिक, रणवीर सिंह ने फरहान अख्तर और उनके प्रोडक्शन पार्टनर रितेश सिधवानी को किसी नए प्रोजेक्ट पर साथ काम करने का प्रस्ताव दिया था, जिसे दोनों पक्ष मिलकर चुनते। हालांकि, सूत्रों के अनुसार यह प्रस्ताव तुरंत ठुकरा दिया गया। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि फरहान अख्तर और उनकी बहन जोया अख्तर फिलहाल रणवीर के साथ दोबारा काम करने के इच्छुक नहीं हैं। जानिए क्या है विवाद? धुरंधर की सक्सेस के बाद रणवीर सिंह ने फरहान अख्तर की फिल्म डॉन 3 अचानक छोड़ दी, जिसकी घोषणा 2023 में रणवीर के साथ हुई थी। मेकर्स का दावा है कि इससे उनका 45 करोड़ का नुकसान हुआ। पहले इस मामले की शिकायत प्रोड्यूसर गिल्ड में की गई, जिसके बाद ये मामला FWICE के पास पहुंचा। मामले को गंभीरता से लेते हुए फेडरेशन ने रणवीर सिंह को अलग-अलग मौकों पर 3 नोटिस भेजे, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि ये लीगल मामला है, जो फेडरेशन द्वारा नहीं बल्कि कोर्ट के जरिए सुलझाना चाहिए। आखिरकार फेडरेशन ने सोमवार को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रख रणवीर सिंह पर बैन लगा दिया। ऐसे में रणवीर विवाद खत्म होने तक कोई नई फिल्म नहीं शूट कर सकेंगे। रणवीर सिंह की टीम बोली- वे सोच-समझकर चुप रणवीर सिंह के स्पोक पर्सन ने कहा- रणवीर सिंह फिल्म इंडस्ट्री और ‘डॉन’ फ्रैंचाइजी से जुड़े हर इंसान का दिल से सम्मान करते हैं। ‘डॉन 3’ को लेकर हाल ही में जो कुछ भी हुआ है, उस पर उन्होंने सोच-समझकर चुप रहना ही सही समझा। उनका मानना है कि काम से जुड़ी बातें और आपसी रिश्ते हमेशा गरिमा, समझदारी और आपसी सम्मान के साथ ही संभाले जाने चाहिए। इस बीच कई तरह की बातें और अफवाहें सामने आई हैं, लेकिन रणवीर ने कभी भी सरेआम इस पर कोई सफाई देना या इन अटकलों को बढ़ावा देना जरूरी नहीं समझा। उनका पूरा ध्यान पूरी तरह से उनके काम और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर है। वे इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों के लिए अपने दिल में सम्मान रखते हैं और चाहते हैं कि यह फ्रैंचाइजी आगे भी खूब कामयाब हो। ऐसे मुश्किल मौकों पर संयम और शालीनता बनाए रखना हमेशा से उनका अपना फैसला रहा है, और वे आगे भी इसी रुख पर कायम रहेंगे।” डॉन 3 का ऐलान 2023 में हुआ था। अब समझिए FWICE क्या है? रणवीर पर बैन का क्या असर होगा फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) फिल्म इंडस्ट्री के वर्कर्स और कलाकारों के हितों की रक्षा करने वाली सबसे बड़ी संस्था है। इसकी शुरुआत साल 1956 में हुई थी और 1958 में इसका रजिस्ट्रेशन कराया गया था। मदर बॉडी: यह फेडरेशन मुख्य रूप से एक मदर बॉडी (शीर्ष संस्था) की तरह काम करती है। इसके अंतर्गत कुल 34 अलग-अलग एसोसिएशंस आती हैं। सदस्यों की संख्या: इसमें एक्टर्स, डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स, कैमरामैन, टेक्नीशियंस, जूनियर आर्टिस्ट और स्पॉटबॉय जैसी 34 एसोसिएशंस के लगभग 4 से 5 लाख मेंबर्स जुड़े हुए हैं। दायरा: यह एशिया की सबसे बड़ी फिल्म फेडरेशन है। वर्तमान में फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले करीब 90 प्रतिशत लोग इसी फेडरेशन से जुड़ी एसोसिएशंस के सदस्य हैं। इसका अपना एक संविधान है, जिसे मानना सभी सदस्यों के लिए जरूरी है। फेडरेशन काम बंद कर दे तो शूटिंग कैंसिल FWICE के पास फिल्म इंडस्ट्री के कामकाजी माहौल को नियंत्रित करने की बड़ी ताकत है। काम रोकना: अगर फेडरेशन अपने 4 से 5 लाख सदस्यों को किसी प्रोजेक्ट पर काम करने से रोक दे, तो अगले ही दिन से फिल्मों और टीवी शोज की शूटिंग पूरी तरह बंद हो जाएगी। पेमेंट वसूलना: फेडरेशन मेकर्स और एक्टर्स के बीच पैसों के विवाद को सुलझाती है। उदाहरण के लिए, कुछ समय पहले प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने एक फिल्म के बाद क्रू मेंबर्स के करीब 3 करोड़ रुपए नहीं चुकाए थे। फेडरेशन ने उनकी अगली फिल्म ‘वेलकम टु जंगल’ की शूटिंग से पहले सभी सदस्यों को काम न करने का निर्देश दे दिया। इसके बाद प्रोडक्शन कंपनी और फेडरेशन के दबाव में फिरोज नाडियाडवाला को पुराना बकाया चुकाना पड़ा था। कार्रवाई का अधिकार: संविधान के खिलाफ काम करने पर फेडरेशन किसी भी एसोसिएशन या सदस्य को नॉन-मेम्बर घोषित कर सकती है। रणवीर की आने वाली फिल्मों पर क्या असर होगा? इस निर्देश के कारण रणवीर सिंह के नए प्रोजेक्ट्स और फिल्मों के निर्माण में दिक्कतें आ सकती हैं। रणवीर सिंह की आने वाली फिल्मों में ‘किंग’ (स्पेशल कैमियो), निर्देशक आदित्य धर के साथ अगला बड़ा प्रोजेक्ट, कियारा आडवाणी के साथ एक फिल्म और संजय लीला भंसाली की ‘बैजू बावरा’ शामिल हैं। शूटिंग में रुकावट: रणवीर की जिन फिल्मों की शूटिंग अभी होनी है, वहां काम करने वाले 90 प्रतिशत टेक्नीशियन, जूनियर आर्टिस्ट और क्रू मेंबर्स इसी फेडरेशन से जुड़े हैं। असहयोग निर्देश के कारण ये वर्कर्स रणवीर के सेट पर काम करने से मना कर सकते हैं, जिससे शूटिंग रुक सकती है। मेकर्स की परेशानी: रणवीर के साथ नई फिल्म प्लान कर रहे दूसरे प्रोड्यूसर्स के लिए काम आगे बढ़ाना मुश्किल होगा। उन्हें फिल्म शुरू करने से पहले फेडरेशन से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेने की जरूरत पड़ सकती है। जब तक यह विवाद नहीं सुलझता, तब तक रणवीर के नए प्रोजेक्ट्स लटक सकते हैं।