Tuesday, 14 Jul 2026 | 10:09 PM

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NSE Trading Hours Extended: 3 PM to 3:40 PM from Aug 3

NSE Trading Hours Extended: 3 PM to 3:40 PM from Aug 3

Hindi News Business NSE Trading Hours Extended: 3 PM To 3:40 PM From Aug 3 | Closing Auction Rules नई दिल्ली20 मिनट पहले कॉपी लिंक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने इक्विटी डेरिवेटिव्स यानी फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट के लिए नॉर्मल मार्केट क्लोजिंग टाइमिंग को 10 मिनट बढ़ाने का फैसला किया है। 3 अगस्त से यह मार्केट दोपहर 3:30 बजे के बजाय 3:40 बजे बंद होगा। यह बदलाव कैश सेगमेंट में शुरू किए जा रहे नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के रोलआउट के तहत किया गया। कैश-डेरिवेटिव्स मार्केट को एक साथ लाने के लिए फैसला NSE के शुक्रवार को जारी सर्कुलर के अनुसार, इक्विटी डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए नॉर्मल मार्केट क्लोजिंग टाइम को अब 3:40 बजे तक बढ़ा दिया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि डेरिवेटिव्स मार्केट के कामकाज को कैश सेगमेंट में शुरू किए गए नए क्लोजिंग ऑक्शन मैकेनिज्म के साथ अलाइन किया जा सके। एक्सचेंज ने बताया कि इसके अलावा अन्य सेशन टाइमिंग्स, जैसे कि प्री-ओपन सेशन और ट्रेड मॉडिफिकेशन विंडो में कोई बदलाव नहीं होगा। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन क्या है और यह कैसे काम करेगा क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) दिन के आखिरी में एक छोटी और स्पष्ट ट्रेडिंग अवधि (शॉर्ट ट्रेडिंग पीरियड) होती है। इसमें मार्केट पार्टिसिपेंट्स किसी सिक्योरिटी के लिए एक सिंगल और फेयर क्लोजिंग प्राइस तय करने के लिए बाय (खरीद) या सेल (बिक्री) के ऑर्डर सबमिट करते हैं। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन से जुड़े प्राइस बैंड और प्री-ट्रेड रिस्क कंट्रोल्स के प्रावधान इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट पर भी लागू होंगे। इसका मकसद एंड-ऑफ-डे ट्रेडिंग प्रोसेस के दौरान कैश और डेरिवेटिव्स मार्केट के बीच निरंतरता और सुचारू बदलाव सुनिश्चित करना है। स्टॉक फ्यूचर्स के ऑपरेटिंग प्राइस रेंज में बदलाव पर मिलेगा नोटिफिकेशन ऑपरेशनल बदलावों के तहत, कैश मार्केट में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन शुरू होने के बाद जब भी स्टॉक फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए ऑपरेटिंग प्राइस रेंज को रीसेट किया जाएगा, तब NSE इसका नोटिफिकेशन ब्रॉडकास्ट (प्रसारित) करेगा। एक्सचेंज के मौजूदा नियमों के मुताबिक, जो आउटस्टैंडिंग ऑर्डर्स इस रिवाइज्ड प्राइस रेंज से बाहर होंगे, वे अपने आप कैंसिल हो जाएंगे। क्लोजिंग प्राइस कैलकुलेशन का तरीका नहीं बदलेगा, पर समय बदला एक्सचेंज ने कहा कि डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स के क्लोजिंग प्राइसेज को कंप्यूट (कैलकुलेट) करने के मौजूदा मेथड (तरीके) में कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि, क्लोज प्राइस तय करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) विंडो की कैलकुलेशन अब दोपहर 3:10 बजे से 3:40 बजे के बीच एग्जीक्यूट किए गए ट्रेड्स के आधार पर होगी। यह बदलाव मार्केट क्लोज होने की संशोधित टाइमिंग को रिफ्लेक्ट करता है। मॉक ट्रेडिंग सेशन में टेस्टिंग कर सकेंगे ब्रोकर्स NSE ने बताया कि इस इंप्लीमेंटेशन से होने वाले फंक्शनल बदलावों को अपकमिंग मॉक ट्रेडिंग सेशंस के दौरान टेस्टिंग के लिए अवेलेबल कराया जाएगा। ब्रोकर्स को सलाह दी गई है कि वे बिना किसी रुकावट के कामकाज सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी तारीख से पहले अपने ट्रेडिंग एप्लिकेशंस में संबंधित कॉन्ट्रैक्ट फाइलों को अपडेट कर लें। बाजार के ढांचे में इस बदलाव से प्राइस डिस्कवरी बेहतर होगी, क्लोजिंग के समय मार्केट इंटीग्रिटी बढ़ेगी और डोमेस्टिक मार्केट प्रैक्टिस इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स के करीब आएगी। SEBI के नियमों के तहत चरणों में लागू होगा नया सिस्टम 16 जनवरी को जारी SEBI के सर्कुलर के मुताबिक, CAS को अलग-अलग फेज में पेश किया जाएगा। शुरुआती फेज में केवल उन स्टॉक्स का क्लोजिंग प्राइस CAS के जरिए तय किया जाएगा, जिनके डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स उपलब्ध हैं। कैश सेगमेंट की अन्य सभी सिक्योरिटीज के लिए क्लोजिंग प्राइस की कैलकुलेशन पहले की तरह ही ट्रेडिंग सेशन के आखिरी 30 मिनट के VWAP के आधार पर की जाती रहेगी। जानिए किस तरह काम करेगा क्लोजिंग ऑक्शन सभी ट्रेडिंग दिनों में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन दोपहर 3:15 बजे से 3:35 बजे तक कुल 20 मिनट के लिए चलेगा, जिसका शेड्यूल इस प्रकार है… दोपहर 3:15 से 3:20 बजे: यह कंटीन्यूअस ट्रेडिंग सेशन (CTS) से CAS में जाने का ट्रांजिशन फेज होगा। इस दौरान रेफरेंस प्राइस की कैलकुलेशन दोपहर 3:00 बजे से 3:15 बजे के बीच हुए ट्रेड्स के VWAP के आधार पर होगी। दोपहर 3:20 से 3:25 बजे: इस समय के दौरान मार्केट और लिमिट दोनों तरह के ऑर्डर दर्ज (एंटर) किए जा सकेंगे। दोपहर 3:25 से 3:30 बजे: इस अवधि में केवल लिमिट ऑर्डर्स की अनुमति होगी। इस दौरान मार्केट ऑर्डर्स में कोई मॉडिफिकेशन (संशोधन) या कैंसिलेशन नहीं किया जा सकेगा। ऑर्डर एंट्री सेशन दोपहर 3:28 बजे से 3:30 बजे के बीच कभी भी रैंडमली बंद हो जाएगा। F&O मार्केट क्या है? डेरिवेटिव्स मार्केट (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) की एक बेसिक परिभाषा, जिसमें कम शब्दों में समझाया जाए कि यह कॉन्ट्रैक्ट आधारित ट्रेडिंग होती है। VWAP क्या होता है? वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) का सरल शब्दों में मतलब, जो यह दर्शाता है कि किसी शेयर का उसकी वॉल्यूम और कीमत के आधार पर औसत दाम क्या है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

6 करोड़ की इलेक्ट्रिक फेरारी पर उठे सवाल:शेयर 8% टूटे, सीईओ बोले- यह कीमत नहीं, इनोवेशन की वैल्यू, ग्राहकों को नायाब कार दे रहे

6 करोड़ की इलेक्ट्रिक फेरारी पर उठे सवाल:शेयर 8% टूटे, सीईओ बोले- यह कीमत नहीं, इनोवेशन की वैल्यू, ग्राहकों को नायाब कार दे रहे

फेरारी की पहली इलेक्ट्रिक कार ‘ल्यूस’ की करीब 6 करोड़ कीमत को लेकर दुनियाभर में बहस छिड़ गई है। लॉन्चिंग के बाद कंपनी के शेयरों में 8% तक गिरावट आई। निवेशकों ने सवाल उठाए और इटली के राजनीतिक गलियारों से लेकर ऑटो इंडस्ट्री तक आलोचना शुरू हो गई। लेकिन फेरारी के सीईओ बेनेडेटो विग्ना इस कीमत को जायज ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक इलेक्ट्रिक कार नहीं, बल्कि नायाब रियल इनोवेशन है। मोडेना में एक राउंड टेबल बैठक में विग्ना ने कहा कि ल्यूस की तुलना बाजार में मौजूद चीनी या अन्य इलेक्ट्रिक कारों से नहीं की जा सकती। इस मॉडल के पीछे जिस स्तर की इंजीनियरिंग, डिजाइन और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हुआ है, वही इसकी ऊंची कीमत की सबसे बड़ी वजह है। विग्ना का दावा है कि इस कार ने ऐसे नए ग्राहकों को आकर्षित किया है, जो अलग तरह की लग्जरी तलाशते हैं। असल में 6 करोड़ रुपए इसकी कीमत नहीं, इनोवेशन की वैल्यू है। चारों पहियों के लिए अलग-अलग मोटर, सिर्फ 2.5 सेकंड में 96 किमी/घंटा स्पीड टेक्नोलॉजी – ल्यूस को खास बनाने वाली 4-मोटर टेक्नोलॉजी है। आम इलेक्ट्रिक कारों में एक या दो मोटर होते हैं। इस सुपरकार में चारों पहियों के लिए अलग-अलग मोटर हैं। फेरारी का कहना है कि यही तकनीक इसे सबसे एडवांस इलेक्ट्रिक सुपरकार बनाती है। रफ्तार – ल्यूस महज 2.5 सेकंड में 0 से 96 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है। इसकी टॉप स्पीड 309 किमी/घंटा है। कंपनी का तर्क है कि इतनी रफ्तार और नियंत्रण हासिल करने के लिए बेहद जटिल तकनीक और भारी निवेश की जरूरत होती है। डिजाइन – इसकी बॉडी इस तरह बनाई गई है कि स्पोर्ट्स कारों में आमतौर पर दिखने वाले एयर वेंट्स, कट्स और एयरोडायनामिक एलिमेंट्स लगभग पूरी तरह छिप जाते हैं। यही खूबी इसे सबसे खास स्पोर्ट्स कार बनाती है, जिसमें काफी निवेश किया गया है। 5-सीटों वाली पहली फेरारी, एपल के डिजाइनर ने तराशा – ल्यूस का फ्यूचरिस्टिक और मिनिमलिस्ट लुक एपल के पूर्व चीफ डिजाइन ऑफिसर जॉनी आइव की डिजाइन एजेंसी ने बनाया है। – फेरारी अब तक मुख्य रूप से 2-सीटर स्पोर्ट्स कारें बनाती रही है, लेकिन ल्यूस कंपनी की पहली 4-दरवाजों वाली 5-सीटर कार है। – स्केटबोर्ड प्लेटफॉर्म के कारण इसमें ज्यादा स्पेस मिलता है। इस कार की तकनीक और लगभग हर हिस्सा इटली के मरानेलो प्लांट में ही बना है। आउटसोर्स नहीं किया गया है।

खेल मंत्री रेखा आर्या का दावा:भविष्य में उत्तराखंड कर सकता है कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे खेलों की मेजबानी

खेल मंत्री रेखा आर्या का दावा:भविष्य में उत्तराखंड कर सकता है कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे खेलों की मेजबानी

उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्या ने शनिवार को राजधानी देहरादून में दो बड़े खेल आयोजनों में शिरकत की। परेड ग्राउंड में उन्होंने जहां ‘उत्तराखंड सचिवालय बैडमिंटन क्लब’ की वार्षिक प्रतियोगिता का शुभारंभ किया, वहीं आमवाला में ‘7वीं राज्य स्तरीय पेंचक सिलाट चैंपियनशिप’ के समापन समारोह में विजेताओं को सम्मानित किया। खेल मंत्री ने राज्य में खेलों के विकास पर जोर देते हुए कहा कि उत्तराखंड में जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल ढांचा विकसित हुआ है, उसे देखते हुए हम आने वाले समय में कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे बड़े खेलों की मेजबानी की उम्मीद कर सकते हैं। संघर्ष और समर्पण सिखाते हैं खेल परेड ग्राउंड स्थित मल्टीपरपज हॉल में बैडमिंटन टूर्नामेंट का उद्घाटन करते हुए खेल मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय के कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि शनिवार और रविवार के अवकाश के दिन आयोजित यह प्रतियोगिता संदेश देती है कि काम के साथ-साथ शरीर के लिए खेल भी उतना ही जरूरी है। खेल हमें परिश्रम, संघर्ष और समर्पण जैसे अहम गुण सिखाता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की प्रोत्साहन नीतियों आरक्षण और सीधी नौकरी के कारण आज युवा खेलों को करियर के रूप में अपना रहे हैं। इस अवसर पर क्लब अध्यक्ष हीरा सिंह बसेड़ा, महासचिव प्रमोद कुमार, प्रभारी जिला खेल अधिकारी रविंदर भंडारी, अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी पुनीता और संजय जोशी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। आत्मरक्षा और फिटनेस का शानदार जरिया आमवाला स्थित मल्टीपरपज हॉल में दो दिवसीय पेंचक सिलाट चैंपियनशिप के समापन अवसर पर खेल मंत्री ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल पहनाकर उनका हौसला बढ़ाया। इस प्रतियोगिता में राज्य के 8 जिलों से आए 250 से ज्यादा खिलाड़ियों ने अपना दमखम दिखाया। रेखा आर्या ने बताया कि यह खेल पहले उत्तराखंड की खेल नीति में शामिल नहीं था, लेकिन गोवा राष्ट्रीय खेलों में शानदार प्रदर्शन और मेडल जीतने के बाद इसे तुरंत नीति का हिस्सा बनाया गया। पिछले एक साल में राज्य के खिलाड़ियों ने इस खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपना लोहा मनवाया है। अभिभावकों की सोच में आया सकारात्मक बदलाव खेल मंत्री ने कहा कि पेंचक सिलाट युवाओं को अनुशासन सिखाता है और आत्मरक्षा का आत्मविश्वास देता है। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि अब अभिभावक खुद अपने बच्चों को खेल में करियर बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। यह समाज में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव है। ऐसे में खिलाड़ियों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने माता-पिता की उम्मीदों पर खरे उतरें।

ऑनलाइन शॉपिंग में प्रोटीन पर खर्च तीन गुना बढ़ा:फास्ट फूड में ‘हाई प्रोटीन’ का चलन, सितारे भी शुरू कर रहे फूड ब्रांड्स

ऑनलाइन शॉपिंग में प्रोटीन पर खर्च तीन गुना बढ़ा:फास्ट फूड में ‘हाई प्रोटीन’ का चलन, सितारे भी शुरू कर रहे फूड ब्रांड्स

भारत में अब ‘हाई-प्रोटीन’ फूड्स का ट्रेंड सिर्फ फिटनेस की दुनिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि फास्ट फूड्स में भी शामिल होता जा रहा है। दरअसल मार्केट रिसर्च ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार देश में 73% लोगों की डाइट में प्रोटीन की कमी है, इसी वजह से अब ब्रांड्स और सेलेब्रिटीज ‘हाई-प्रोटीन’ डाइट को बढ़ावा दे रहे हैं। कई सेलेब्रिटीज तो प्रोटीन के बिजनेस में एंट्री तक ले चुके हैं। बिजनेस – लोगों का प्रोटीन पर खर्च तीन गुना तक बढ़ा स्विगी इंस्टामार्ट की रिपोर्ट बताती है कि देश में 2023 से 2025 के बीच प्रोटीन ऑर्डर्स में 150% की बढ़ोतरी हुई। लोगों का प्रोटीन पर खर्च 3 गुना तक बढ़ चुका है। रिपोर्ट के अनुसार टियर-2 शहरों में प्रोटीन उत्पादों की वृद्धि मेट्रो शहरों से 200% ज्यादा तेज है। नागपुर, जयपुर, चंडीगढ़ और गुवाहाटी जैसे शहर इस ट्रेंड को आगे बढ़ा रहे हैं। डाइट – नाश्ते में सबसे ज्यादा प्रोटीन पर जोर दे रहे लोग देश में सबसे ज्यादा प्रोटीन उत्पाद सुबह 7 बजे से 11 बजे के बीच ऑर्डर किए जा रहे हैं, यानी अब लोग हाई-प्रोटीन ब्रेकफास्ट ले रहे हैं। इसमें पीनट बटर और ग्रीक योगर्ट सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। वहीं, प्रोटीन स्नैक्स और ग्रीक योगर्ट श्रेणी में लगभग 300% की सालाना वृद्धि दर्ज हुई। इसी तरह सत्तू की मांग भी दोगुनी से ज्यादा बढ़ी है। ब्रांड्स – मैकडॉनल्ड्स ने शुरू की प्रोटीन स्लाइस, अमूल भी ऐसे प्रोडक्ट्स बेच रहा मैकडॉनल्ड्स ने भारत में शाकाहारी प्रोटीन स्लाइस लॉन्च की है, जिसे किसी भी बर्गर में अतिरिक्त रूप से जोड़ा जा सकता है। यह स्लाइस लगभग 5 ग्राम अतिरिक्त प्रोटीन देती है। इसी तरह पेप्सिको की ब्रांड डोरिटोज ने प्रोटीन आधारित चिप्स लॉन्च किए हैं और स्टारबक्स ने प्रोटीन वाले कॉफी लाते शुरू किए हैं। अमूल भी ऐसे प्रोटीन रिच प्रोडक्ट्स बेच रहा है और फूड डिलीवरी एप्स जैसे जोमैटो-स्विगी में ‘प्रोटीन-फूड्स’ का अलग सेक्शन भी है। सेलेब्रिटीज – रणवीर सिंह – ऋतिक रोशन प्रोटीन बिजनेस में उतरे रणवीर सिंह – रणवीर की ब्रांड सुपरयू अब प्रोटीन वेफर्स, चिप्स और प्रोटीन पाउडर बेच रही है। ऋतिक रोशन – इनकी ब्रांड HRX ने कंट्री डिलाइट के साथ मिशन प्रोटीन इंडिया अभियान शुरू किया है। इसमें नए प्रोडक्ट्स शुरू किए हैं। रणदीप हुड्डा – फूड स्टार्टअप टीनप्रो में पार्टनर व निवेशक हैं। यह प्रोटीन बार जैसे प्रोडक्ट्स बेचती है। एमएस धोनी – ‘शाका हैरी’ नाम की कंपनी में निवेश किया है। यह कंपनी प्रोटीन स्नैक्स और मीट का शाकाहारी विकल्प तैयार करती है। एक्सपर्ट ओपिनियन – प्रोटीन फूड खरीदते समय लेबल जरूर पढ़ें भारत में लोग प्रोटीन कम लेते हैं, पर अति भी नुकसानदेह हो सकती है। कुछ लोग ट्रेंड के कारण जरूरत से ज्यादा प्रोटीन सप्लीमेंट्स ले रहे। मात्रा धीरे-धीरे व प्राकृतिक स्रोतों से बढ़ाएं। – कई प्रोटीन बार, चिप्स और पैकेज्ड फूड्स अब भी अत्यधिक प्रोसेस्ड होते हैं। इनमें अतिरिक्त चीनी, नमक, प्रिजर्वेटिव्स और कई कृत्रिम तत्व हो सकते हैं। कंपनियां हेल्दी दिखने वाले लेबल्स के जरिए मार्केटिंग करती हैं, इसलिए सिर्फ पैकेट के दावों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। – चीनी, हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप और आर्टिफिशियल स्वीटनर्स प्रिजर्वेटिव्स जैसे तत्वों से सावधान रहें। यह भी देखें कि सामग्री सूची में सबसे पहला तत्व वास्तव में प्रोटीन का स्रोत है या नहीं। हाई-प्रोटीन, जीरो फैट या वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित जैसे दावों पर सतर्क हों।

ऑनलाइन शॉपिंग में प्रोटीन पर खर्च तीन गुना बढ़ा:फास्ट फूड में ‘हाई प्रोटीन’ का चलन, सितारे भी शुरू कर रहे फूड ब्रांड्स

ऑनलाइन शॉपिंग में प्रोटीन पर खर्च तीन गुना बढ़ा:फास्ट फूड में ‘हाई प्रोटीन’ का चलन, सितारे भी शुरू कर रहे फूड ब्रांड्स

भारत में अब ‘हाई-प्रोटीन’ फूड्स का ट्रेंड सिर्फ फिटनेस की दुनिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि फास्ट फूड्स में भी शामिल होता जा रहा है। दरअसल मार्केट रिसर्च ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार देश में 73% लोगों की डाइट में प्रोटीन की कमी है, इसी वजह से अब ब्रांड्स और सेलेब्रिटीज ‘हाई-प्रोटीन’ डाइट को बढ़ावा दे रहे हैं। कई सेलेब्रिटीज तो प्रोटीन के बिजनेस में एंट्री तक ले चुके हैं। बिजनेस – लोगों का प्रोटीन पर खर्च तीन गुना तक बढ़ा स्विगी इंस्टामार्ट की रिपोर्ट बताती है कि देश में 2023 से 2025 के बीच प्रोटीन ऑर्डर्स में 150% की बढ़ोतरी हुई। लोगों का प्रोटीन पर खर्च 3 गुना तक बढ़ चुका है। रिपोर्ट के अनुसार टियर-2 शहरों में प्रोटीन उत्पादों की वृद्धि मेट्रो शहरों से 200% ज्यादा तेज है। नागपुर, जयपुर, चंडीगढ़ और गुवाहाटी जैसे शहर इस ट्रेंड को आगे बढ़ा रहे हैं। डाइट – नाश्ते में सबसे ज्यादा प्रोटीन पर जोर दे रहे लोग देश में सबसे ज्यादा प्रोटीन उत्पाद सुबह 7 बजे से 11 बजे के बीच ऑर्डर किए जा रहे हैं, यानी अब लोग हाई-प्रोटीन ब्रेकफास्ट ले रहे हैं। इसमें पीनट बटर और ग्रीक योगर्ट सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। वहीं, प्रोटीन स्नैक्स और ग्रीक योगर्ट श्रेणी में लगभग 300% की सालाना वृद्धि दर्ज हुई। इसी तरह सत्तू की मांग भी दोगुनी से ज्यादा बढ़ी है। ब्रांड्स – मैकडॉनल्ड्स ने शुरू की प्रोटीन स्लाइस, अमूल भी ऐसे प्रोडक्ट्स बेच रहा मैकडॉनल्ड्स ने भारत में शाकाहारी प्रोटीन स्लाइस लॉन्च की है, जिसे किसी भी बर्गर में अतिरिक्त रूप से जोड़ा जा सकता है। यह स्लाइस लगभग 5 ग्राम अतिरिक्त प्रोटीन देती है। इसी तरह पेप्सिको की ब्रांड डोरिटोज ने प्रोटीन आधारित चिप्स लॉन्च किए हैं और स्टारबक्स ने प्रोटीन वाले कॉफी लाते शुरू किए हैं। अमूल भी ऐसे प्रोटीन रिच प्रोडक्ट्स बेच रहा है और फूड डिलीवरी एप्स जैसे जोमैटो-स्विगी में ‘प्रोटीन-फूड्स’ का अलग सेक्शन भी है। सेलेब्रिटीज – रणवीर सिंह – ऋतिक रोशन प्रोटीन बिजनेस में उतरे रणवीर सिंह – रणवीर की ब्रांड सुपरयू अब प्रोटीन वेफर्स, चिप्स और प्रोटीन पाउडर बेच रही है। ऋतिक रोशन – इनकी ब्रांड HRX ने कंट्री डिलाइट के साथ मिशन प्रोटीन इंडिया अभियान शुरू किया है। इसमें नए प्रोडक्ट्स शुरू किए हैं। रणदीप हुड्डा – फूड स्टार्टअप टीनप्रो में पार्टनर व निवेशक हैं। यह प्रोटीन बार जैसे प्रोडक्ट्स बेचती है। एमएस धोनी – ‘शाका हैरी’ नाम की कंपनी में निवेश किया है। यह कंपनी प्रोटीन स्नैक्स और मीट का शाकाहारी विकल्प तैयार करती है। एक्सपर्ट ओपिनियन – प्रोटीन फूड खरीदते समय लेबल जरूर पढ़ें भारत में लोग प्रोटीन कम लेते हैं, पर अति भी नुकसानदेह हो सकती है। कुछ लोग ट्रेंड के कारण जरूरत से ज्यादा प्रोटीन सप्लीमेंट्स ले रहे। मात्रा धीरे-धीरे व प्राकृतिक स्रोतों से बढ़ाएं। – कई प्रोटीन बार, चिप्स और पैकेज्ड फूड्स अब भी अत्यधिक प्रोसेस्ड होते हैं। इनमें अतिरिक्त चीनी, नमक, प्रिजर्वेटिव्स और कई कृत्रिम तत्व हो सकते हैं। कंपनियां हेल्दी दिखने वाले लेबल्स के जरिए मार्केटिंग करती हैं, इसलिए सिर्फ पैकेट के दावों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। – चीनी, हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप और आर्टिफिशियल स्वीटनर्स प्रिजर्वेटिव्स जैसे तत्वों से सावधान रहें। यह भी देखें कि सामग्री सूची में सबसे पहला तत्व वास्तव में प्रोटीन का स्रोत है या नहीं। हाई-प्रोटीन, जीरो फैट या वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित जैसे दावों पर सतर्क हों।

SpiceJet GST Registration Cancellation Notice

SpiceJet GST Registration Cancellation Notice

नई दिल्ली50 मिनट पहले कॉपी लिंक गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) डिपार्टमेंट ने बजट एयरलाइन स्पाइसजेट को करीब ₹125 करोड़ का टैक्स डिमांड नोटिस जारी किया है। अधिकारियों के मुताबिक, आर्थिक तंगी से जूझ रही इस एयरलाइन पर कई महीनों से GST रिटर्न फाइल नहीं करने का आरोप है। इसके साथ ही विभाग ने स्पाइसजेट का GST रजिस्ट्रेशन रद्द करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। GST डिपार्टमेंट ने रिटर्न फाइल करने में बार-बार हो रही देरी और नियमों का पालन न करने पर स्पाइसजेट को एक शो-कॉज (कारण बताओ) नोटिस भेजा है। इस नोटिस में एयरलाइन का GST रजिस्ट्रेशन रद्द करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि तय समय सीमा के भीतर रिटर्न दाखिल न करने के बाद CGST और SGST एक्ट, 2017 की धारा 62 के तहत एक प्रोविजनल असेसमेंट किया गया था, जिसके बाद यह टैक्स डिमांड निकाली गई है। किस महीने का कितना टैक्स बकाया? GST अथॉरिटीज के अनुसार, स्पाइसजेट ने रिटर्न फाइल करने में ‘लगातार अनियमितताएं’ की हैं और बार-बार देर से रिटर्न जमा किए हैं। असेसमेंट के मुताबिक, विभाग ने अलग-अलग महीनों के लिए कुल ₹124.65 करोड़ का डिमांड नोटिस जारी किया है, जिसकी डिटेल्स इस प्रकार है… नवंबर: ₹44.44 करोड़ दिसंबर: ₹43.79 करोड़ जनवरी: ₹12.19 करोड़ फरवरी: ₹12.10 करोड़ मार्च: ₹12.12 करोड़ 25 मई को जारी हुआ था नोटिस, कार्रवाई की चेतावनी अधिकारियों ने बताया कि एयरलाइन का GST रजिस्ट्रेशन रद्द करने के संबंध में 25 मई, 2026 को ही शो-कॉज नोटिस जारी कर दिया गया था। इसके बावजूद कंपनी ने अभी तक पेंडिंग कंप्लायंस (नियमों के पालन) की शर्तों को पूरा नहीं किया है। एक अधिकारी ने कहा है कि अगर स्पाइसजेट जल्द ही अपने पेंडिंग रिटर्न फाइल नहीं करती है और GST कानून के तहत अपनी वैधानिक जिम्मेदारियों को पूरा नहीं करती है, तो नियमों के मुताबिक आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी। क्या होती है धारा 62? इसके तहत अगर कोई रजिस्टर्ड टैक्सपेयर समय पर अपना रिटर्न फाइल नहीं करता है, तो अधिकारियों के पास यह अधिकार होता है कि वे उपलब्ध डेटा के आधार पर खुद ही टैक्स का असेसमेंट (आकलन) कर लें और डिमांड नोटिस जारी कर दें। रजिस्ट्रेशन रद्द होने का असर यदि किसी कंपनी का GST रजिस्ट्रेशन रद्द हो जाता है, तो वह कानूनी रूप से कॉमर्शियल एक्टिविटीज या टैक्स कलेक्शन का काम सुचारू रूप से नहीं कर पाती है, जिससे बिजनेस पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। ये खबर भी पढ़ें… मुंबई में 15 दिन में दूसरी बार महंगी हुई CNG: ₹2 की बढ़ोतरी के साथ दाम ₹86 हुए; ऑटो-टैक्सी यूनियनों ने की किराया बढ़ाने की मांग महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने मुंबई और आसपास के इलाकों में CNG ₹2 प्रति किलो महंगी कर दी है। इसके साथ ही घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के दाम भी 50 पैसे प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) बढ़ा दिए गए हैं। नई दरें 29-30 मई की आधी रात से लागू हो गई हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

अलसी हेयर जेल: बालों की समस्या अब जड़ से होगी खत्म, अलसी से घर पर छोड़ें ये 4 हेयर जेल, बालों को लगाने लगेंगी जुल्फें

अलसी के बीज का हेयर जेल

30 मई 2026 को 14:54 IST पर अद्यतन किया गया अलसी के बीज से हेयर जेल: अगर आप बालों को मजबूत, घना और चमकदार बनाना चाहते हैं तो अलसी के बीज आपके लिए बेहतरीन हेयर जेल हो सकते हैं। अलसी में ओमेगा-3 ओमेगा-3 एसिडिटी, प्रोटीन और विटामिन ई जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बालों को पोषण प्रदान करते हैं और उनके विस्तार को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं। पानी में बालों को बनाए रखने में अलसी से तैयार होने वाला जेल स्कैल्प को सील किया जाता है और बालों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिलती है। अनुसरण करना : अलसी- एलोवेरा का मिस्त्री काफी जादुई है। इसके लिए अलसी बीज को दो कप पानी में लाहकर जेल तैयार करें और अच्छे के बाद एलोवेरा जेल स्टिक्स तैयार करें। इसका उपयोग करने से बाल भव्य, चमकदार और वास्तुशिल्प रहते हैं। छवि: फ्रीपिक अलसी के जेल में 10 ड्रॉपर रोज़मेरी एसेंशियल तेल की चीज़ें। यह स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन सबसे बेहतर है। रोजमेरी ऑयल का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें, ताकि किसी भी तरह की एलर्जी की आशंका न रहे। छवि: फ्रीपिक अलसी के जेल में सबसे पहले नारियल तेल का प्रयोग करें। ये बाल में बास्केटबॉल मदद चमकता-उन्हें पोषण देने की पेशकश करता है। इसे लंबे समय तक बालों में न रखें, बाल भारी लग सकते हैं। छवि: फ्रीपिक अलसी- पानी से तैयार जेल का उपयोग कर सकते हैं। दो कप पानी में अलसी के बीज का स्टॉक करके तैयार किया गया यह जेल सभी प्रकार के बालों के लिए बेहतर माना जाता है। इसे बालों पर लगभग एक घंटे तक रखा जा सकता है। छवि: फ्रीपिक अलसी का जेल के सर्वोत्तम परिणाम के लिए स्टेक लाइफस्टाइल और डामरीकरण डामर आवश्यक है। पहली बार इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। अगर किसी भी तरह की जलन, खुजली या एलर्जी महसूस हो तो तुरंत बंद कर दें। छवि: फ्रीपिक महिंद्रा प्रोडक्ट्स की बजाय अलसी से घरेलू निर्मित जेल बालों की देखभाल का सबसे आसान और नामांकित पद होता है। रोजाना, सही तरीके से इस्तेमाल करने से यह बालों को मजबूती, मजबूत और चमकदार बनाए रखने में मदद करता है। छवि: फ्रीपिक अलसी के बीज का हेयर जेल छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 30 मई 2026 14:53 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)अलसी हेयर जेल(टी)घर का बना हेयर जेल(टी)बाल विकास युक्तियाँ(टी)प्राकृतिक बालों की देखभाल(टी)अलसी के लाभ(टी)एलोवेरा हेयर जेल(टी)रोज़मेरी तेल बालों की देखभाल(टी)नारियल तेल बाल उपचार(टी)स्वस्थ बाल युक्तियाँ(टी)बाल गिरने का उपाय

पीएम मोदी ने पूछी थी फिल्म ‘पेड्डी’ की कहानी:राम चरण बोले थे- मूवी का कॉन्सेप्ट विकसित भारत जैसा है

पीएम मोदी ने पूछी थी फिल्म ‘पेड्डी’ की कहानी:राम चरण बोले थे- मूवी का कॉन्सेप्ट विकसित भारत जैसा है

पिछले साल पीएम नरेंद्र मोदी से एक्टर राम चरण और उनकी पत्नी उपासना कामिनेनी कोनिडेला की मुलाकात हुई थी। हाल ही में इस बातचीत से जुड़ा एक किस्सा राम चरण ने बताया। गुरुवार को राम चरण और जाह्नवी कपूर अपनी अपकमिंग फिल्म ‘पेड्डी’ के प्रमोशन के लिए दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान राम चरण ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई मुलाकात को याद किया। राम चरण ने बताया, “पिछली बार जब मैं दिल्ली में माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी से मिला था, तो उन्होंने मुझसे पूछा था कि ‘पेड्डी’ किस बारे में है। मैंने उन्हें बताया कि यह एक विकसित भारत और हमारे गांवों को सशक्त बनाने के बारे में है।” उन्होंने कहा कि इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल की एक कहानी शेयर की थी। राम चरण ने बताया कि मोदी जी ने कहा था कि दशकों पहले एक छोटे से गांव के एक फुटबॉलर ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था और आज उसी गांव के 85 से अधिक लोग फुटबॉल खेलते हैं। पिछले साल राम चरण ने अपनी पत्नी उपासना कामिनेनी कोनिडेला के साथ नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने अनिल कामिनेनी के नेतृत्व में शुरू की गई तीरंदाजी प्रीमियर लीग (एपीएल) के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया था। मुलाकात के बाद राम चरण ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर तस्वीरें शेयर की थीं और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया था। राम चरण ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा था, ‘प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। अनिल कामिनेनी गारू के नेतृत्व में विश्व की पहली तीरंदाजी प्रीमियर लीग की सफलता के लिए बधाई।’ उन्होंने आगे लिखा था, ‘तीरंदाजी की विरासत को संरक्षित करने और इसे वर्ल्ड लेवल पर बढ़ावा देने की दिशा में यह हमारा एक छोटा सा कदम है। सभी खिलाड़ियों को बधाई। हमें उम्मीद है कि और भी कई लोग इस अद्भुत खेल से जुड़ेंगे।’ बाद में मोदी ने भी इस पोस्ट का जवाब दिया। उन्होंने लिखा था, ‘आपसे मिलकर खुशी हुई, उपासना और अनिल कामिनेनी गारू। तीरंदाजी को लोकप्रिय बनाने के आपके सामूहिक प्रयास सराहनीय हैं और इससे अनगिनत युवाओं को लाभ होगा।’ पेड्डी के बारे में ‘पेड्डी’ एक स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म है, जो खेल के माध्यम से अपनी पहचान तलाशने वाले एक व्यक्ति की कहानी पर आधारित है। फिल्म को बुच्ची बाबू सना ने लिखा और डायरेक्ट किया है। इसका प्रोडक्शन वेंकट सतीश किलारू ने वृद्धि सिनेमाज के बैनर तले किया है, जबकि ईशान सक्सेना ने आईवी एंटरटेनमेंट के बैनर तले को-प्रोड्यूस किया है। फिल्म को मैत्री मूवी मेकर्स और सुकुमार राइटिंग्स प्रेजेंट कर रहे हैं। फिल्म में राम चरण, जाह्नवी कपूर, शिव राजकुमार, दिव्येंदु और जगपति बाबू प्रमुख भूमिकाओं में हैं। ‘पेड्डी’ 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। राम चरण को आखिरी बार फिल्म ‘गेम चेंजर’ में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थी।

पीएम मोदी ने पूछी थी फिल्म ‘पेड्डी’ की कहानी:राम चरण बोले थे- मूवी का कॉन्सेप्ट विकसित भारत जैसा है

पीएम मोदी ने पूछी थी फिल्म ‘पेड्डी’ की कहानी:राम चरण बोले थे- मूवी का कॉन्सेप्ट विकसित भारत जैसा है

पिछले साल पीएम नरेंद्र मोदी से एक्टर राम चरण और उनकी पत्नी उपासना कामिनेनी कोनिडेला की मुलाकात हुई थी। हाल ही में इस बातचीत से जुड़ा एक किस्सा राम चरण ने बताया। गुरुवार को राम चरण और जाह्नवी कपूर अपनी अपकमिंग फिल्म ‘पेड्डी’ के प्रमोशन के लिए दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान राम चरण ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई मुलाकात को याद किया। राम चरण ने बताया, “पिछली बार जब मैं दिल्ली में माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी से मिला था, तो उन्होंने मुझसे पूछा था कि ‘पेड्डी’ किस बारे में है। मैंने उन्हें बताया कि यह एक विकसित भारत और हमारे गांवों को सशक्त बनाने के बारे में है।” राम चरण ने कहा कि इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें पश्चिम बंगाल से जुड़ा एक किस्सा बताया था। एक्टर ने कहा कि मोदी जी ने कहा था कि दशकों पहले एक छोटे से गांव के एक फुटबॉलर ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था और आज उसी गांव के 85 से अधिक लोग फुटबॉल खेल रहे हैं। राम चरण ने कहा कि एक व्यक्ति भी बड़ा बदलाव ला सकता है। उन्होंने बताया कि फिल्म पेड्डी का मुख्य किरदार भी एक आदिवासी इलाके के छोटे से कस्बे से आता है और अपने समाज में बदलाव लाने का काम करता है। राम चरण ने पिछले साल PM मोदी से मुलाकात की थी पिछले साल राम चरण ने पत्नी उपासना के साथ नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने अनिल कामिनेनी के नेतृत्व में शुरू की गई तीरंदाजी प्रीमियर लीग (एपीएल) के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया था। मुलाकात के बाद राम चरण ने X अकाउंट पर तस्वीरें शेयर की थीं और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया था। राम चरण ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा था, ‘प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। अनिल कामिनेनी गारू के नेतृत्व में विश्व की पहली तीरंदाजी प्रीमियर लीग की सफलता के लिए बधाई।’ उन्होंने आगे लिखा था, ‘तीरंदाजी की विरासत को संरक्षित करने और इसे वर्ल्ड लेवल पर बढ़ावा देने की दिशा में यह हमारा एक छोटा सा कदम है। सभी खिलाड़ियों को बधाई। हमें उम्मीद है कि और भी कई लोग इस अद्भुत खेल से जुड़ेंगे।’ मोदी ने इस पोस्ट का जवाब देते हुए लिखा था, ‘आपसे मिलकर खुशी हुई, उपासना और अनिल कामिनेनी गारू। तीरंदाजी को लोकप्रिय बनाने के आपके सामूहिक प्रयास सराहनीय हैं और इससे अनगिनत युवाओं को लाभ होगा।’ फिल्म पेड्डी के बारे में जानिए पेड्डी एक स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म है, जो खेल के माध्यम से अपनी पहचान तलाशने वाले एक व्यक्ति की कहानी पर आधारित है। फिल्म को बुच्ची बाबू सना ने लिखा और डायरेक्ट किया है। इसका प्रोडक्शन वेंकट सतीश किलारू ने वृद्धि सिनेमाज के बैनर तले किया है। फिल्म को मैत्री मूवी मेकर्स और सुकुमार राइटिंग्स प्रेजेंट कर रहे हैं। 4 जून को रिलीज होगी फिल्म फिल्म में राम चरण, जाह्नवी कपूर, शिव राजकुमार, दिव्येंदु और जगपति बाबू प्रमुख भूमिकाओं में हैं। पेड्डी 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

CUET-UG Exam Tech Glitch | NTA Blames TCS Delay

CUET-UG Exam Tech Glitch | NTA Blames TCS Delay

2 मिनट पहले कॉपी लिंक 30 मई को तकनीकी गड़बड़ी की वजह से कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट-अंडरग्रेजुएट यानी CUET-UG की पहली शिफ्ट की परीक्षा दो घंटे देर से शुरू हुई। परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू होनी थी, लेकिन ये बाद में दिन में 11 बजे से शुरू हो सकी। देश के कई परीक्षा केंद्रों पर सर्वर और सिस्टम में आई दिक्कतों की वजह से पेपर टाइम पर शुरू नहीं हो सका। कई जगह छात्रों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ केंद्रों पर छात्रों का दावा है कि 4 घंटे इंतजार के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई है। NTA बोला- ‘TCS की ओर से तकनीकी गड़बड़ी’ CUET एक कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम है, जिसे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA कराती है। NTA के मुताबिक, M/s TCS यानी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की ओर से तकनीकी गड़बड़ी के चलते एग्जाम देर से शुरू हुआ। NTA का कहना है कि तकनीकी गड़बड़ी को ठीक कर लिया गया है। एग्जाम दे रहे कैंडिडेट्स को पूरा समय दिया जाएगा, ताकि किसी का भी नुकसान न हो। दूसरी शिफ्ट की टाइमिंग बदली इसके अलावा, NTA ने दिन की दूसरी शिफ्ट के टाइमिंग्स में भी बदलाव की घोषणा की है। ये शिफ्ट पहले दोपहर 3 बजे शुरू होनी थी। इसके लिए रिपोर्टिंग टाइम दोपहर 1 बजे का दिया गया था। लेकिन अब ये परीक्षा शाम 4 बजे से शुरू होगी। और इसके लिए रिपोर्टिंग टाइम दोपहर 2:30 बजे का रहेगा। लगातार स्टूडेंट्स की परेशानी से भड़के पेरेंटेस इस बीच, एग्जाम सेंटर्स के बाहर इंतजार कर रहे पेरेंट्स ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने X पर पोस्ट करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री की आलोचना की। कहा कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण CUET एग्जाम में देरी हुई। CUET-UG के लिए 15,68,866 उम्मीदवारों ने रजिस्टर किया इस CUET-UG 2026 एग्जाम 11 मई से शुरू हुई है और 31 मई तक चलेगी। NTA के मुताबिक, एग्जाम के लिए कुल 15,68,866 उम्मीदवारों ने रजिस्टर किया है। ये एग्जाम 21 दिनों की टाइम पीरियड में 35 शिफ्टों में कराई जा रही है। ————————— ये खबर भी पढ़ें… CBSE 12वीं के छात्र 1 जून से री-इवैल्यूएशन करा पाएंगे:आंसर शीट ब्लर, साइट क्रैश होने के बाद फैसला; 4 लाख स्टूडेंट्स ने अप्लाई किया था केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 12वीं छात्र अब 1 जून से री-इवैल्यूएशन और आंसर-शीट की स्कैन कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर पाएंगे। बोर्ड ने शुक्रवार को तारीख बढ़ाने का ऐलान किया। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…