Airlines Hike Fuel Prices; Indian Economy to Grow 6.9% in FY27

नई दिल्ली54 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर इंडिगो से जुड़ी रही। इंडिगो एयरलाइन की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन को चौथी तिमाही (Q4FY26) में ₹2,536 करोड़ का कॉन्सोलिडेटेड नेट लॉस (शुद्ध घाटा) हुआ है। वहीं RBI की साल 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में जारी तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद साल 2026-27 में भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार मजबूत बनी रहेगी। इस दौरान देश की रियल जीडीपी ग्रोथ रेट 6.9% रहने का अनुमान है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार आज शनिवार की छुट्टी के चलते बंद रहेगा। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. इंडिगो को चौथी तिमाही में ₹2,536 करोड़ का घाटा हुआ: पिछले साल ₹3,068 करोड़ का मुनाफा हुआ था; महंगे फ्यूल का बोझ यात्रियों पर डालेगी एयरलाइन इंडिगो एयरलाइन की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने 29 मई 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4FY26) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी को ₹2,536 करोड़ का कॉन्सोलिडेटेड नेट लॉस (शुद्ध घाटा) हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹3,068 करोड़ का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) हुआ था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. देश की इकोनॉमी 2026-27 में 6.9% की दर से बढ़ेगी: RBI की सालाना रिपोर्ट में दावा, वैश्विक संकट के बावजूद भारत की रफ्तार मजबूत रहेगी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने शुक्रवार को अपनी साल 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में जारी तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद साल 2026-27 में भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार मजबूत बनी रहेगी। इस दौरान देश की रियल जीडीपी ग्रोथ रेट 6.9% रहने का अनुमान लगाया गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. दिल्ली में एब्सोल्यूट वोदका-शिवास रीगल की बिक्री पर रोक बरकरार: पेरनोड रिकार्ड पर ₹3,000 करोड़ का टैक्स बकाया; ED के आरोपों के बाद लाइसेंस रद्द दिल्ली में एब्सोल्यूट वोदका और शिवास रीगल जैसी शराब की बिक्री पर रोक बरकरार है। दिल्ली हाई कोर्ट ने फ्रांस की दिग्गज शराब कंपनी पेरनोड रिकार्ड की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें कंपनी ने दिल्ली में अपने प्रोडक्ट्स बेचने की इजाजत मांगी थी। कंपनी साल 2021 की दिल्ली लिकर पॉलिसी (शराब नीति) जांच में आरोपी होने के कारण साल 2023 से ही दिल्ली के मार्केट से बाहर है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. सेंसेक्स 1092 अंक गिरकर 74,775 पर बंद हुआ: 121 पॉइंट चढ़कर खुला था, आखिरी आधे घंटे में 950 अंक गिरा; निफ्टी 359 अंक टूटा शुक्रवार, 29 मई को सेंसेक्स 1092 अंक गिरकर 74,775 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 359 अंक गिरकर 23,547 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार में मेटल-ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Paresh Rawal Birthday Interesting Facts; Hera Pheri Baburao | Comedy Movies

5 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक परेश रावल का बचपन से ही थिएटर की तरफ झुकाव था। परेश रावल का नाम सुनते ही लोगों को बाबूराव की कॉमिक टाइमिंग याद आती है, लेकिन उनका करियर सिर्फ कॉमेडी तक सीमित नहीं रहा। एक दौर में उनके खतरनाक विलेन किरदारों से लोग असल जिंदगी में भी डरने लगे थे। फ्लाइट में लोग उनके पास बैठने से कतराते थे और अपनी चीजें छिपाने लगते थे। इसी इमेज को तोड़ने के लिए उन्होंने कॉमेडी की तरफ रुख किया और बाबूराव, तेजा, डॉ. घुंघरू जैसे किरदारों से कल्ट स्टार बन गए। हाल ही में उन्होंने स्वीकार किया कि गुस्से में एक बार उन्होंने एक शख्स का सिर पत्थर से फोड़ दिया था, जिसका उन्हें आज पछतावा है। थिएटर, फिल्मों और राजनीति में वह हमेशा अपने बेबाक अंदाज के लिए चर्चा में रहे। आज परेश रावल 71वां जन्मदिन मना रहे हैं। जानते हैं उनके करियर और जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें। सिर्फ कॉमेडियन नहीं, हर किरदार के मास्टर हैं भारतीय सिनेमा में कुछ कलाकार अपने किरदारों को हमेशा के लिए लोगों की यादों में बसा देते हैं। परेश रावल उन्हीं अभिनेताओं में शामिल हैं। कॉमेडी, विलेन, गंभीर किरदार, सामाजिक फिल्में और ऐतिहासिक भूमिकाओं में उन्होंने खुद को साबित किया। बाबूराव, तेजा, डॉ. घुंघरू, कानजी मेहता और टिक्कू जैसे किरदार आज भी लोगों की जुबान पर हैं। परेश रावल हर किरदार के लिए अलग तैयारी करते थे और उसी हिसाब से बॉडी लैंग्वेज, आवाज और एक्सप्रेशन बदल लेते थे। प्रिंसिपल के केबिन में नकली पिता का थप्पड़ परेश रावल का अभिनय सफर थिएटर से शुरू हुआ। कॉलेज के दिनों में उन्हें नाटकों का शौक लग गया था। वह अक्सर क्लास छोड़कर थिएटर रिहर्सल और कैंटीन में समय बिताते थे। अटेंडेंस कम होने पर प्रिंसिपल ने उन्हें माता-पिता को बुलाने के लिए कहा। तब वह अपने इलाके के एक उम्रदराज दोस्त को नकली पिता बनाकर कॉलेज ले गए। शिकायत सुनते ही उस दोस्त ने एक्टिंग करते हुए उन्हें जोरदार थप्पड़ मार दिया। प्रिंसिपल घबरा गए और बोले, “मारो मत, लड़का बहुत अच्छा है, कॉलेज के लिए ट्रॉफी जीतता है।” गुस्से में एक शख्स को पीट दिया थिएटर के दिनों में परेश रावल अपने गुस्से के लिए भी जाने जाते थे। राज शमनी के पॉडकास्ट में उन्होंने बताया कि एक नाटक के दौरान दर्शकों में बैठा एक व्यक्ति लगातार अभद्र टिप्पणियां कर रहा था। गुस्से में वह स्टेज से नीचे उतर गए और उस व्यक्ति को पीट दिया। थिएटर में हंगामा मच गया और शो रोकना पड़ा। थिएटर मालिक इतने नाराज हुए कि उन्होंने भविष्य में वहां परफॉर्म करने की अनुमति देने से मना कर दिया था। इसी इंटरव्यू में उन्होंने स्वीकार किया कि एक बार गुस्से में उन्होंने किसी व्यक्ति के सिर पर पत्थर मार दिया था। बाद में उन्हें पछतावा हुआ और उन्होंने उस व्यक्ति से सुलह भी की। विलेन की इमेज से डरने लगे थे लोग 90 के दशक में परेश रावल ने ‘राम लखन’, ‘कब्जा’ और ‘मोहरा’ जैसी फिल्मों में इतने खतरनाक विलेन रोल किए कि लोग असल जिंदगी में भी उनसे डरने लगे थे। उनकी आंखों के एक्सप्रेशन, भारी आवाज और स्क्रीन प्रेजेंस की वजह से दर्शक उन्हें डरावना मानने लगे थे। फ्लाइट और पब्लिक प्लेस में लोग उनके पास बैठने से डरते थे और अपनी चीजें छिपाने लगते थे। इसी इमेज को तोड़ने के लिए उन्होंने बाद में कॉमेडी किरदारों की तरफ रुख किया। फिल्म ‘सर’ में परेश रावल ने अंडरवर्ल्ड डॉन वेलजीभाई पाटेकर का किरदार निभाया। यह उनके शुरुआती करियर के सबसे दमदार नेगेटिव रोल्स में गिना जाता है। इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। दिलवाले में परेश रावल ने मामा ठाकुर का किरदार निभाया था। इस रोल में उनका क्रूर और बेरहम अंदाज दर्शकों को काफी डरावना लगा। उनकी आंखों के एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी इस किरदार की सबसे बड़ी ताकत बने। रोल की तैयारी के लिए असली किन्नर से मिले फिल्म ‘तमन्ना’ में परेश रावल ने एक किन्नर का किरदार निभाया, जिसे उनके करियर के सबसे संवेदनशील रोल्स में गिना जाता है। इस रोल की तैयारी के लिए वह असली किन्नरों से मिले थे। उन्होंने उनकी बॉडी लैंग्वेज, बोलने का तरीका और भावनाओं को करीब से समझा। बाद में उन्होंने कहा था कि यह किरदार उन्हें अंदर तक हिला गया था। सरदार वल्लभभाई पटेल का किरदार निभाना सबसे मुश्किल था फिल्म सरदार में उन्होंने भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका निभाई। इस रोल के लिए उन्होंने सरदार पटेल के भाषण, चाल-ढाल और बॉडी लैंग्वेज पर गहराई से काम किया। उन्होंने कई इंटरव्यू में कहा था कि ऐतिहासिक किरदार निभाना सबसे मुश्किल होता है, क्योंकि लोग उस शख्सियत को पहले से जानते हैं और छोटी गलती पकड़ लेते हैं। ‘अंदाज अपना अपना’ में परेश रावल। मीम कल्चर का हिस्सा बने, तो कभी किरदार गले का फंदा बन गया 1994 में आई फिल्म ‘अंदाज अपना अपना’ में परेश रावल ने सीधे-सादे रामगोपाल बाजाज और चालाक विलेन तेजा का डबल रोल निभाया। “तेजा मैं हूं, मार्क इधर है” जैसे डायलॉग बाद में मीम कल्चर का हिस्सा बन गए। हेरा फेरी का बाबूराव परेश रावल के करियर का सबसे आइकॉनिक किरदार माना जाता है। मोटा चश्मा, धोती-कुर्ता, टूटी हिंदी और शानदार कॉमिक टाइमिंग ने इस किरदार को कल्ट बना दिया। बाबूराव को आम आदमी जैसा दिखाने के लिए परेश रावल ने चार्ली चैपलिन और आर.के. लक्ष्मण के कॉमन मैन से प्रेरणा ली थी। फिल्म का मशहूर सीन, जिसमें बाबूराव पेइंग गेस्ट को सलाह देता है कि “टॉयलेट का दरवाजा टूटा है, अंदर जाओ तो गाना गाया करो”, असल में परेश रावल का ऑन-द-स्पॉट इम्प्रोवाइजेशन था। हालांकि इस किरदार की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई कि बाद में परेश रावल ने कहा था कि बाबूराव उनके लिए “गले का फंदा” बन गया, क्योंकि लोग उन्हें उसी तरह के रोल्स में देखने लगे थे। डॉ. घुंघरू से मस्तान भाई तक, परेश रावल के आइकॉनिक रोल हंगामा में परेश रावल ने एक अमीर, शक्की और भ्रमित बिजनेसमैन का किरदार निभाया। गलतफहमियों और शक से पैदा हुई कॉमेडी दर्शकों को खूब पसंद आई। उनकी एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी आज भी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती
Vice Admiral Ajay Kocher New Navy Vice Chief

Hindi News Career Vice Admiral Ajay Kocher New Navy Vice Chief | May 30 Current Affairs 8 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. वाइस एडमिरल अजय कोचर नौसेना के नए वाइस चीफ बने 29 मई को वाइस एडमिरल अजय कोचर ने भारतीय नौसेना के 48वें वाइस चीफ बने। अजय कोचर के पास गनरी और मिसाइल सिस्टम में स्पेशलाइजेशन है। वाइस एडमिरल अजय को 1 जुलाई 1988 में कमीशन मिला था। वाइस एडमिरल अजय अडमान-निकोबार में कमांडर इन चीफ रहे। अजय कमांडडेंट, नेशनल डिफेंस एकेडमी और चीफ ऑफ स्टाफ वेस्टर्न नेवल कमांड भी रहे। 2013 में अजय स्टील्थ फ्रिगेट INS त्रिकंद के कमीशनिंग कमांडिंग ऑफिसर बने। 2017 में एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रमादित्य की कमान संभाली और इसके तीसरे कमांडिंग ऑफिसर बने। इसके साथ ही वाइस एडमिरल अजय कोचर ने कई एडवांस फ्रंटलाइन वारशिप जैसे INS विद्युत, INS कुलिश, INS मैसूर, INS विक्रमादित्य में महत्वपूर्ण कमानों और ऑपरेशनों को लीड किया है। 2021 में वाइस एडमिरल अजय को परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM) से सम्मानित किया गया। वाइस एडमिरल अजय का ये अपॉइंटमेंट रक्षा मंत्रालय ने सीनियरीटी और योग्यता के आधार पर की गई है। वाइस एडमिरल अजय 2024 में वेस्टर्न नेवल कमांड के चीफ ऑफ स्टाफ बने थे। निधन (DEATH) 2. CCI के पहले अध्यक्ष धनेंद्र कुमार का निधन 28 मई को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग यानी CCI के पहले अध्यक्ष और पूर्व IAS धनेंद्र कुमार का निधन हो गया। वे 80 साल के थे। धनेंद्र हरियाणा कैडर के 1968 बैच के IAS ऑफिसर थे। धनेंद्र 2009 में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के पहले चेयरमैन बने। धनेंद्र ने भारत के प्रतिस्पर्धा कानून को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। धनेंद्र ने CCI में कॉम्पिटिशन रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाया, एंटी मोनोपॉली कॉम्पिटिशन कानून बनाए और कॉम्पिटिशन एक्ट लागू किया। धनेंद्र वर्ल्ड बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी रहे और धनेंद्र मिनिस्ट्री एंड कॉमर्स में सीनियर ऑफिसर रहे। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग, भारत सरकार के कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत एक प्रमुख वैधानिक और अर्ध-न्यायिक नियामक संस्था है। CCI की स्थापना 14 अक्टूबर 2003 को प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 के तहत की गई थी। आयोग में केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त एक अध्यक्ष और छह सदस्य होते हैं। इसका हेडक्वाटर नई दिल्ली में है। धनेंद्र वर्ल्ड बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी रह चुके थे। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. NSA अजीत डोभाल मॉस्को की यात्रा पर पहुंचे 29 मई को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मॉस्को में रूसी NSA सर्गेई शोइगु से मुलाकात की। NSA अजीत डोभाल ने मॉस्को में 14वीं बैठक को संबोधित किया। इस बैठक के दौरान द्विपक्षीय डिफेंस सिक्योरिटी, एनर्जी और सुरक्षा संबंधों की समीक्षा की। इस दौरान डोभाल ने रूसी संघ की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु से भी मुलाकात की। डोभाल ने आतंकवाद के खिलाफ ‘निर्णायक कार्रवाई’ की बात भी कही और और कहा कि आतंकवाद पर कोई ‘दोहरा मानदंड’ नहीं होना चाहिए। दोनों देशों के NSA प्रमुखों ने इस बैठक में मिडिल ईस्ट के संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा संकट पर भी चर्चा की। भारत और रूस के बीच S-400 मिसाइल प्रणाली और अन्य रक्षा सौदों से जुड़े मुद्दों पर भी बातकी। इस यात्रा का उद्देश्य सुरक्षा चुनौतियों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ाना और हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता पर बात करना है। रूस ने भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को बेहतर करने पर बात की। 4. ऑस्ट्रेलिया के डिप्टी पीएम भारत दौरे पर आएंगे 28 मई को ऑस्ट्रेलिया के डिप्टी पीएम और डिफेंस मिनिस्टर रिचर्ड मार्ल्स ऑस्ट्रेलिया-भारत डिफेंस मिनिस्टर वार्ता में हिस्सा लेने भारत दौरे पर आएंगे। रिचर्ड इस यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ हाई लेवल मीटिंग करेंगे। इस यात्रा के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मिलिट्री को-ऑपरेशन पर बात हो सकती है। इसके साथ ही दोनों देश इंडो-पेसिफिक मैरीटाइम रीजन सिक्योरिटी, डिफेंस इंडस्ट्री कोलेबोरेशन और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप पर बात करेंगे। भारत आने से पहले, मार्लेस 29 से 31 मई तक सिंगापुर में आयोजित होने वाले 23वें शांगरी-ला संवाद में भाग लेंगे रक्षा मंत्रियों के संवाद का पहला संस्करण अक्टूबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित किया गया था। स्पोर्ट्स (SPORTS) रेसलर विनेश फोगाट एशियन गेम्स के ट्रायल में हिस्सा ले सकेंगी 29 मई को सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा की ओलिंपियन रेसलर विनेश फोगाट को एशियन गेम्स के ट्रायल की मंजूरी दे दी है। 28 मई को रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI ) ने फोगाट का ट्रायल रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी,जिसे जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की बेंच ने ठुकराया। ये ट्रायल 30- 31 मई को दिल्ली में होगा। इन ट्रायल में प्रदर्शन के आधार पर इसी साल सितंबर में जापान में होने वाली एशियन गेम्स में खिलाड़ियों का चयन होगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने 22 मई को दिए आदेश में विनेश फोगाट को चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी थी। इसी फैसले को WFI ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। WFI ने एंटी-डोपिंग नियमों के तहत संन्यास से वापसी करने वाले एथलीटों के लिए अनिवार्य छह महीने की नोटिस का हवाला देते हुए फोगाट को 26 जून, 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित किया था। इसके साथ ही WFI ने अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप में कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। विनेश फोगाट ने 2024 में पेरिस ओलिंपिक में अपना आखिरी कुश्ती मैच खेला था। विनेश ने 50 किलोग्राम वेट कैटेगरी में 6 अगस्त 2024 को एक ही दिन में 3 मैच खेले थे। फाइनल खेलने से पहले वजन की जांच की गई तो उनका वजन 100 ग्राम ज्यादा निकला। इसके बाद उन्हें अयोग्य करार दे दिया गया। विनेश फोगाट ने 8 अगस्त 2024 को कुश्ती से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया। 12 दिसंबर 2025 को विनेश ने संन्यास वापस लेने का ऐलान करते हुए कहा था कि वह 2028 में लॉस एंजिलिस ओलिंपिक में हिस्सा लेना चाहती हैं। रोक लगने के बाद ट्रायल नियम; कोई भी रेसलर कोर्ट की मंजूरी के बाद ट्रायल में हिस्सा लेकर इंटरनेशनल टूर्नामेंट खेल सकता है। यदि अदालत को लगता है कि फेडरेशन की
Gujarat Titans Record Run Chase; Surya 1000 Runs

न्यू चंडीगढ़11 मिनट पहले कॉपी लिंक सूर्यवंशी के 96 रन पर गिल का शतक भारी पड़ा। गुजरात टाइटंस ने IPL 2026 के क्वालिफायर-2 मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से हरा दिया। राजस्थान के फाइनल की रेस से बाहर होने के बाद वैभव सूर्यवंशी रो पड़े। उन्होंने इस मैच में सबसे कम गेंद पर हजार रन पूरे करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। वहीं गुजरात टाइटंस ने IPL में अपना सबसे बड़ा रनचेज करते हुए IPL 2026 के फाइनल में जगह पक्की की। गुजरात और राजस्थान मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. वैभव IPL में सबसे कम गेंद पर हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने सूर्यवंशी ने शुक्रवार को 440 गेंद में अपने 1000 IPL रन पूरे किए। वे IPL में सबसे कम गेंद में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड ध्वस्त किया, जिन्होंने हजार रन बनाने के लिए 545 गेंद खेली थी। 2. IPL में गुजरात ने अपना सबसे बड़ा सफल रन चेज किया गुजरात ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 215 रन का टारगेट चेज किया। यह IPL में गुजरात का अब तक का सबसे बड़ा सफल रन चेज है। इससे पहले उनको सबसे बड़ी जीत 2025 में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मिली थी। तब टीम ने अहमदाबाद में 204 रन चेज किया था। 3. IPL प्लेऑफ में सबसे बड़ा टारगेट चेज हुआ गुजरात ने राजस्थान के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 215 रन का टारगेट हासिल किया। यह IPL प्लेऑफ के इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज है। उन्होंने गुजरात रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2025 के क्वालीफायर-2 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 204 रन चेज किए थे। 4. सूर्यवंशी एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। 5. सूर्यवंशी IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होेंने साई सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। 6. सूर्यवंशी ने IPL में सबसे ज्यादा बार 90s में आउट होने की बराबरी की सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 96 रन पर आउट हुए। वे IPL में सबसे ज्यादा बार ‘नर्वस नाइंटीज’ (90-99 रन) का शिकार होने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे इसी सीजन पिछली चार पारी में तीसरी बार 90 से 99 रन के बीच आउट हुए। इससे पहले डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और ऋतुराज गायकवाड़ IPL में 3-3 बार 90s में आउट हो चुके हैं। 7. सूर्यवंशी IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे। उनके प्लेऑफ में 19 छक्के हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋद्धिमान साहा (2014) और शुभमन गिल (2023) का 11-11 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा। 8. सूर्यवंशी IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर बनाने वाले राजस्थान के तीसरे बल्लेबाज वैभव ने गुजरात के खिलाफ फिफ्टी लगाई। इसके साथ ही वे IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर करने वाले राजस्थान के तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले सूर्यवंशी ने एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 97 रन बनाए थे। उनसे पहले ध्रुव जुरेल (2024, 2026) और जोस बटलर (2022) ने प्लेऑफ में राजस्थान के लिए दो फिफ्टी या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया था। 9. टी-20 में सबसे ज्यादा बार शतकीय साझेदारी करने वाली जोड़ी बनी गिल और सुदर्शन ने राजस्थान के खिलाफ 167 रन की साझेदारी की। दोनों ने IPL में 11वीं बार शतकीय साझेदारी की है। इसके साथ ही वे मेंस टी-20 में किसी भी विकेट के लिए सबसे ज्यादा बार शतकीय साझेदारी करने वाली जोड़ी बन गई है। इसके लिए उन्होंने महज 48 पारियां ली। उन्होंने क्रिस गेल और विराट कोहली के 10 शतकीय साझेदारी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। 10. गिल और सुदर्शन दो सीजन में 700+ रन बनाने वाले बल्लेबाज बने गिल और सुदर्शन ने क्वालिफायर-2 में इस सीजन में अपने-अपने 700 रन पूरे कर लिए हैं। इसके साथ ही वे दो अलग-अलग सीजन में 700 रन पूरे करने वाले तीसरे और चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। दोनों से पहले क्रिस गेल और विराट कोहली यह कारनामा हासिल कर चुके हैं। 11. IPL प्लेऑफ के इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड बना गिल और सुदर्शन ने क्वालीफायर-2 में 167 रनों की रिकॉर्डतोड़ पार्टनरशिप की। यह IPL प्लेऑफ के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी है। उन्होंने चेन्नई के माइक हसी और मुरली विजय का 15 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2011 के फाइनल में बेंगलुरु के खिलाफ 159 रन बनाए थे। 12. सुदर्शन मेंस टी-20 में सबसे ज्यादा बार हिट-विकेट आउट हुए सुदर्शन राजस्थान के खिलाफ लगातार दूसरी बार हिट-विकेट आउट हुए। वे तीसरी बार IPL में हिट-विकेट आउट हुए। वे मेंस टी-20 में सबसे ज्यादा बार हिट-विकेट आउट तीसरे खिलाड़ी बने। उन्होंने आंद्रे रसेल (3 बार) और पाकिस्तान के शोएब मलिक (3) की बराबरी की। 13. गिल ने IPL में पांचवा शतक लगाया गिल ने क्वालीफायर-2 में 104 रन बनाए। उन्होंने IPL में अपना 5वां शतक लगाया। इसके साथ ही गिल IPL में सबसे ज्यादा सेंचुरी लगाने वाले पांचवे बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने संजू सैमसन की बराबरी की। सबसे ज्यादा 9 शतक विराट कोहली के नाम है। 14. गिले IPL में बतौर कप्तान सबसे ज्यादा शतक
IPL 2026 Final: RCBs Rajat vs GTs Gill

स्पोर्ट्स डेस्क28 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL 2026 के फाइनल की दोनों टीमें तय हो चुकी हैं। 31 जून को अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खिताबी मुकाबला होगा। दोनों टीमों को दूसरे टाइटल का इंतजार है। बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने बेंगलुरु को लगतार दूसरी बार फाइनल में पहुंचाया। उन्होंने क्वालिफायर-1 में गुजरात के खिलाफ नाबाद 93 रन की पारी खेलकर बेंगलुरु को जीत दिलाई। गुजरात के कप्तान शुभमन गिल 2025 के प्लेऑफ में हार गए थे। लेकिन इस बार उन्होंने राजस्थान के खिलाफ शतक लगाया और अपनी टीम को फाइनल में पहुंचा दिया। फाइनल में पहुंचने वाले दोनों टीमों के कप्तानों की स्ट्रैटजी और एनालिसिस को 3 फैक्टर्स में समझिए… i. कब कप्तान बने, कप्तानी में क्या रिकॉर्ड रहा? ii. क्या स्ट्रैटजी अपनाई, पर्सनल परफॉर्मेंस कैसा रहा? iii. एक्सपर्ट्स की राय और ओवरऑल रिकॉर्ड क्या रहा? 1. रजत पाटीदार (RCB) i. दो सीजन में कप्तानी की और दोनों बार फाइनल में बेंगलुरु ओवरऑल पांचवीं बार फाइनल में पहुंची। टीम ने इस सीजन से पहले 2009, 2011, 2016 और 2025 में फाइनल खेला था। रजत पाटीदार दूसरे सीजन में टीम की कमान संभाल रहे हैं और दोनों बार टीम को फाइनल में पहुंचा दिया। लीग स्टेज में बेंगलुरु 10 टीमों में पहले स्थान पर रही। कप्तान पाटीदार ने इस सीजन में 5 फिफ्टी लगाई। टीम ने उनकी कप्तानी में गुजरात, दिल्ली और मुंबई को 2-2 बार हराया। वहीं क्वालिफायर-1 में प्लेऑफ का सबसे बड़ा स्कोर 254/5 भी बनाया। रजत पाटीदार के IPL फैक्ट्स 2021 से शुरुआत: पाटीदार को RCB ने IPL 2021 से पहले साइन किया था। हालांकि, उस सीजन उन्होंने केवल 4 मैच खेले और मात्र 71 रन बनाए, फिर उन्हें रिलीज कर दिया गया। 2022 में वापसी: 2022 में पाटीदार को लवनीत सिसोदिया के रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के रूप में शामिल किया गया। इस सीजन वे टीम के तीसरे टॉप स्कोरर रहे। उन्होंने एलिमिनेटर में लखनऊ के खिलाफ 54 गेंद पर नाबाद 112 रन बनाकर टीम को जीत भी दिलाई। रजत पाटीदार इस सीजन 41 सिक्स लगा चुके हैं। 2023 में चोट के कारण बाहर: पाटीदार IPL 2023 में नहीं खेल पाए, क्योंकि उन्हें एड़ी में चोट थी। 2024 में स्पिनर्स के खिलाफ अटैकिंग बैटिंग: पाटीदार ने 2024 में स्पिनर्स के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी की। 2024 में उन्होंने 13 पारियों में 395 रन बनाए, जिनमें 5 अर्धशतक शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट 177.13 का रहा। 2025 में चैंपियन बनाया: 18वें सीजन में पाटीदार को RCB का कप्तान बनाया गया। उन्हें टीम ने 11 करोड़ में रिटेन किया था। इस सीजन बतौर कप्तान पाटीदार ने 12 में से 9 मैचों में टीम को जीत दिलाई और बेंगलुरु को पहली बार IPL ट्रॉफी दिला दी। ii. अपनी परफॉर्मेंस से टीम को लीड किया रजत पाटीदार इस सीजन 14 मैचों में 486 रन बना चुके हैं। उनका स्ट्राइक रेट 196.76 का रहा है। टूर्नामेंट में रजत पाटीदार की स्ट्रैटजी… अटैकिंग फील्ड सेटअप: रजत पाटीदार ने अटैकिंग और बैलेंस्ड कप्तानी की। उन्होंने पावरप्ले में कई बार अटैकिंग फील्डिंग सेटअप रखा। विकेट गिर जाने पर एक एक्स्ट्रा फील्डर सर्कल के अंदर रखा, ताकि दबाव बढ़े। स्मार्ट टीम सिलेक्शन, इम्पैक्ट प्लेयर का सही इस्तेमाल: पाटीदार ने टीम, पिच और मैच सिचुएशन देखकर टीम सिलेक्ट की और इम्पैक्ट प्लेयर का सही इस्तेमाल किया। खास बात यह भी रही कि टीम ने प्लेइंग-11 में ज्यादा बदलाव नहीं किए, ताकि खिलाड़ियों को अपना रोल साफ-साफ पता रहे। बॉलर्स का टैक्टिकल इस्तेमाल: बेंगलुरु के इस बार फाइनल में पहुंचने में सबसे बड़ा योगदान बॉलर्स का रहा। पाटीदार ने भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, जैकब डफी और रसिख डार जैसे बॉलर्स का सही इस्तेमाल किया। भुवनेश्वर इस सीजन के टॉप विकेट टेकर हैं। टीम स्पिरिट: टीम के सीनियर खिलाड़ी विराट कोहली के साथ मिलकर कप्तान पाटीदार ने खिलाड़ियों को खुलकर खेलने की आजादी दी। जिससे ड्रेसिंग रूम का माहौल पॉजिटिव रहा। iii. रजत दबाव में भी शांत रहते हैं रजत ने पहली ही बार में बेंगलुरु को IPL चैंपियन बना दिया था। उन्होंने भारत के घरेलू टी-20 टूर्नामेंट सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी में मध्यप्रदेश की कप्तानी की और 2024-25 के सीजन में टीम को फाइनल में पहुंचाया था। रजत ने IPL में 27 मैचों में कप्तानी की, 19 में टीम को जीत दिलाई। यानी 70% सक्सेस रेट रहा। रजत के बारे में पूर्व भारतीय बल्लेबाज मोहम्मद कैफ कहते हैं- रजत मैच की परिस्थितियों को बेहतरीन तरीके से समझते हैं। घरेलू क्रिकेट में कप्तानी का अनुभव रखने वाले खिलाड़ियों पर फ्रेंचाइजियों को भरोसा करना चाहिए, रजत इसका बेहतरीन उदाहरण हैं। वहीं RCB के मेंटर दिनेश कार्तिक ने कहा- रजत ने कप्तानी के दबाव को बहुत अच्छी तरह से संभाला है। एक कप्तान के रूप में उनकी विनम्रता और खेल के प्रति समझ बेहद प्रभावशाली है। पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा- नॉकआउट और प्लेऑफ मुकाबलों में रजत का प्रदर्शन शानदार रहा है। उनकी कप्तानी और लगातार अच्छे बल्लेबाजी प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय चयनकर्ताओं को उन पर विचार करना चाहिए। 2. शुभमन गिल (GT) i. गिल की कप्तानी में पहला फाइनल खेलेगी गुजरात टीम शुभमन गिल ने बतौर कप्तान पहली बार गुजरात को IPL फाइनल में पहुंचाया है। उनसे पहले टीम दो बार हार्दिक पंड्या की कप्तानी में 2022 और 2023 के फाइनल में पहुंची थी। टीम 5 साल के भीतर अपना तीसरा फाइनल खेलेगी। गिल की कप्तानी में गुजरात ने लीग स्टेज में 14 में से 9 मुकाबले जीते और पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 में जगह बनाई। क्वालिफायर-1 में RCB से हार के बाद टीम ने क्वालिफायर-2 में राजस्थान रॉयल्स को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया। शुभमन गिल के IPL फैक्ट्स 2018 में कोलकाता से शुरुआत: गिल ने IPL करियर की शुरुआत 2018 में कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ की। वे 2018 से 2021 तक टीम का हिस्सा रहे। 2020 में वे 440 रन बनाकर कोलकाता के टॉप स्कोरर रहे, जबकि 2021 में 478 रन बनाकर टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, 2021 सीजन के बाद KKR ने उन्हें रिटेन नहीं किया। 2022 में गुजरात के साथ चैंपियन बने: मेगा ऑक्शन के बाद गिल गुजरात टाइटंस (GT) से जुड़े। अपने पहले ही सीजन में उन्होंने 483 रन बनाए
Paresh Rawal Birthday Interesting Facts; Hera Pheri Baburao | Comedy Movies

39 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक परेश रावल का बचपन से ही थिएटर की तरफ झुकाव था। परेश रावल का नाम सुनते ही लोगों को बाबूराव की कॉमिक टाइमिंग याद आती है, लेकिन उनका करियर सिर्फ कॉमेडी तक सीमित नहीं रहा। एक दौर में उनके खतरनाक विलेन किरदारों से लोग असल जिंदगी में भी डरने लगे थे। फ्लाइट में लोग उनके पास बैठने से कतराते थे और अपनी चीजें छिपाने लगते थे। इसी इमेज को तोड़ने के लिए उन्होंने कॉमेडी की तरफ रुख किया और बाबूराव, तेजा, डॉ. घुंघरू जैसे किरदारों से कल्ट स्टार बन गए। हाल ही में उन्होंने स्वीकार किया कि गुस्से में एक बार उन्होंने एक शख्स का सिर पत्थर से फोड़ दिया था, जिसका उन्हें आज पछतावा है। थिएटर, फिल्मों और राजनीति में वह हमेशा अपने बेबाक अंदाज के लिए चर्चा में रहे। आज परेश रावल 71वां जन्मदिन मना रहे हैं। जानते हैं उनके करियर और जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें। सिर्फ कॉमेडियन नहीं, हर किरदार के मास्टर हैं भारतीय सिनेमा में कुछ कलाकार अपने किरदारों को हमेशा के लिए लोगों की यादों में बसा देते हैं। परेश रावल उन्हीं अभिनेताओं में शामिल हैं। कॉमेडी, विलेन, गंभीर किरदार, सामाजिक फिल्में और ऐतिहासिक भूमिकाओं में उन्होंने खुद को साबित किया। बाबूराव, तेजा, डॉ. घुंघरू, कानजी मेहता और टिक्कू जैसे किरदार आज भी लोगों की जुबान पर हैं। परेश रावल हर किरदार के लिए अलग तैयारी करते थे और उसी हिसाब से बॉडी लैंग्वेज, आवाज और एक्सप्रेशन बदल लेते थे। प्रिंसिपल के केबिन में नकली पिता का थप्पड़ परेश रावल का अभिनय सफर थिएटर से शुरू हुआ। कॉलेज के दिनों में उन्हें नाटकों का शौक लग गया था। वह अक्सर क्लास छोड़कर थिएटर रिहर्सल और कैंटीन में समय बिताते थे। अटेंडेंस कम होने पर प्रिंसिपल ने उन्हें माता-पिता को बुलाने के लिए कहा। तब वह अपने इलाके के एक उम्रदराज दोस्त को नकली पिता बनाकर कॉलेज ले गए। शिकायत सुनते ही उस दोस्त ने एक्टिंग करते हुए उन्हें जोरदार थप्पड़ मार दिया। प्रिंसिपल घबरा गए और बोले, “मारो मत, लड़का बहुत अच्छा है, कॉलेज के लिए ट्रॉफी जीतता है।” गुस्से में एक शख्स को पीट दिया थिएटर के दिनों में परेश रावल अपने गुस्से के लिए भी जाने जाते थे। राज शमनी के पॉडकास्ट में उन्होंने बताया कि एक नाटक के दौरान दर्शकों में बैठा एक व्यक्ति लगातार अभद्र टिप्पणियां कर रहा था। गुस्से में वह स्टेज से नीचे उतर गए और उस व्यक्ति को पीट दिया। थिएटर में हंगामा मच गया और शो रोकना पड़ा। थिएटर मालिक इतने नाराज हुए कि उन्होंने भविष्य में वहां परफॉर्म करने की अनुमति देने से मना कर दिया था। इसी इंटरव्यू में उन्होंने स्वीकार किया कि एक बार गुस्से में उन्होंने किसी व्यक्ति के सिर पर पत्थर मार दिया था। बाद में उन्हें पछतावा हुआ और उन्होंने उस व्यक्ति से सुलह भी की। विलेन की इमेज से डरने लगे थे लोग 90 के दशक में परेश रावल ने ‘राम लखन’, ‘कब्जा’ और ‘मोहरा’ जैसी फिल्मों में इतने खतरनाक विलेन रोल किए कि लोग असल जिंदगी में भी उनसे डरने लगे थे। उनकी आंखों के एक्सप्रेशन, भारी आवाज और स्क्रीन प्रेजेंस की वजह से दर्शक उन्हें डरावना मानने लगे थे। फ्लाइट और पब्लिक प्लेस में लोग उनके पास बैठने से डरते थे और अपनी चीजें छिपाने लगते थे। इसी इमेज को तोड़ने के लिए उन्होंने बाद में कॉमेडी किरदारों की तरफ रुख किया। फिल्म ‘सर’ में परेश रावल ने अंडरवर्ल्ड डॉन वेलजीभाई पाटेकर का किरदार निभाया। यह उनके शुरुआती करियर के सबसे दमदार नेगेटिव रोल्स में गिना जाता है। इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। दिलवाले में परेश रावल ने मामा ठाकुर का किरदार निभाया था। इस रोल में उनका क्रूर और बेरहम अंदाज दर्शकों को काफी डरावना लगा। उनकी आंखों के एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी इस किरदार की सबसे बड़ी ताकत बने। रोल की तैयारी के लिए असली किन्नर से मिले फिल्म ‘तमन्ना’ में परेश रावल ने एक किन्नर का किरदार निभाया, जिसे उनके करियर के सबसे संवेदनशील रोल्स में गिना जाता है। इस रोल की तैयारी के लिए वह असली किन्नरों से मिले थे। उन्होंने उनकी बॉडी लैंग्वेज, बोलने का तरीका और भावनाओं को करीब से समझा। बाद में उन्होंने कहा था कि यह किरदार उन्हें अंदर तक हिला गया था। सरदार वल्लभभाई पटेल का किरदार निभाना सबसे मुश्किल था फिल्म सरदार में उन्होंने भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका निभाई। इस रोल के लिए उन्होंने सरदार पटेल के भाषण, चाल-ढाल और बॉडी लैंग्वेज पर गहराई से काम किया। उन्होंने कई इंटरव्यू में कहा था कि ऐतिहासिक किरदार निभाना सबसे मुश्किल होता है, क्योंकि लोग उस शख्सियत को पहले से जानते हैं और छोटी गलती पकड़ लेते हैं। ‘अंदाज अपना अपना’ में परेश रावल। मीम कल्चर का हिस्सा बने, तो कभी किरदार गले का फंदा बन गया 1994 में आई फिल्म ‘अंदाज अपना अपना’ में परेश रावल ने सीधे-सादे रामगोपाल बाजाज और चालाक विलेन तेजा का डबल रोल निभाया। “तेजा मैं हूं, मार्क इधर है” जैसे डायलॉग बाद में मीम कल्चर का हिस्सा बन गए। हेरा फेरी का बाबूराव परेश रावल के करियर का सबसे आइकॉनिक किरदार माना जाता है। मोटा चश्मा, धोती-कुर्ता, टूटी हिंदी और शानदार कॉमिक टाइमिंग ने इस किरदार को कल्ट बना दिया। बाबूराव को आम आदमी जैसा दिखाने के लिए परेश रावल ने चार्ली चैपलिन और आर.के. लक्ष्मण के कॉमन मैन से प्रेरणा ली थी। फिल्म का मशहूर सीन, जिसमें बाबूराव पेइंग गेस्ट को सलाह देता है कि “टॉयलेट का दरवाजा टूटा है, अंदर जाओ तो गाना गाया करो”, असल में परेश रावल का ऑन-द-स्पॉट इम्प्रोवाइजेशन था। हालांकि इस किरदार की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई कि बाद में परेश रावल ने कहा था कि बाबूराव उनके लिए “गले का फंदा” बन गया, क्योंकि लोग उन्हें उसी तरह के रोल्स में देखने लगे थे। डॉ. घुंघरू से मस्तान भाई तक, परेश रावल के आइकॉनिक रोल हंगामा में परेश रावल ने एक अमीर, शक्की और भ्रमित बिजनेसमैन का किरदार निभाया। गलतफहमियों और शक से पैदा हुई कॉमेडी दर्शकों को खूब पसंद आई। उनकी एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी आज भी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती
Gujarat Titans Record Run Chase; Surya 1000 Runs

न्यू चंडीगढ़40 मिनट पहले कॉपी लिंक सूर्यवंशी के 96 रन पर गिल का शतक भारी पड़ा। गुजरात टाइटंस ने IPL 2026 के क्वालिफायर-2 मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से हरा दिया। राजस्थान के फाइनल की रेस से बाहर होने के बाद वैभव सूर्यवंशी रो पड़े। उन्होंने इस मैच में सबसे कम गेंद पर हजार रन पूरे करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। वहीं गुजरात टाइटंस ने IPL में अपना सबसे बड़ा रनचेज करते हुए IPL 2026 के फाइनल में जगह पक्की की। गुजरात और राजस्थान मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. वैभव IPL में सबसे कम गेंद पर हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने सूर्यवंशी ने शुक्रवार को 440 गेंद में अपने 1000 IPL रन पूरे किए। वे IPL में सबसे कम गेंद में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड ध्वस्त किया, जिन्होंने हजार रन बनाने के लिए 545 गेंद खेली थी। 2. IPL में गुजरात ने अपना सबसे बड़ा सफल रन चेज किया गुजरात ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 215 रन का टारगेट चेज किया। यह IPL में गुजरात का अब तक का सबसे बड़ा सफल रन चेज है। इससे पहले उनको सबसे बड़ी जीत 2025 में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मिली थी। तब टीम ने अहमदाबाद में 204 रन चेज किया था। 3. IPL प्लेऑफ में सबसे बड़ा टारगेट चेज हुआ गुजरात ने राजस्थान के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 215 रन का टारगेट हासिल किया। यह IPL प्लेऑफ के इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज है। उन्होंने गुजरात रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2025 के क्वालीफायर-2 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 204 रन चेज किए थे। 4. सूर्यवंशी एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। 5. सूर्यवंशी IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होेंने साई सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। 6. सूर्यवंशी ने IPL में सबसे ज्यादा बार 90s में आउट होने की बराबरी की सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 96 रन पर आउट हुए। वे IPL में सबसे ज्यादा बार ‘नर्वस नाइंटीज’ (90-99 रन) का शिकार होने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे इसी सीजन पिछली चार पारी में तीसरी बार 90 से 99 रन के बीच आउट हुए। इससे पहले डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और ऋतुराज गायकवाड़ IPL में 3-3 बार 90s में आउट हो चुके हैं। 7. सूर्यवंशी IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे। उनके प्लेऑफ में 19 छक्के हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋद्धिमान साहा (2014) और शुभमन गिल (2023) का 11-11 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा। 8. सूर्यवंशी IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर बनाने वाले राजस्थान के तीसरे बल्लेबाज वैभव ने गुजरात के खिलाफ फिफ्टी लगाई। इसके साथ ही वे IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर करने वाले राजस्थान के तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले सूर्यवंशी ने एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 97 रन बनाए थे। उनसे पहले ध्रुव जुरेल (2024, 2026) और जोस बटलर (2022) ने प्लेऑफ में राजस्थान के लिए दो फिफ्टी या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया था। 9. टी-20 में सबसे ज्यादा बार शतकीय साझेदारी करने वाली जोड़ी बनी गिल और सुदर्शन ने राजस्थान के खिलाफ 167 रन की साझेदारी की। दोनों ने IPL में 11वीं बार शतकीय साझेदारी की है। इसके साथ ही वे मेंस टी-20 में किसी भी विकेट के लिए सबसे ज्यादा बार शतकीय साझेदारी करने वाली जोड़ी बन गई है। इसके लिए उन्होंने महज 48 पारियां ली। उन्होंने क्रिस गेल और विराट कोहली के 10 शतकीय साझेदारी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। 10. गिल और सुदर्शन दो सीजन में 700+ रन बनाने वाले बल्लेबाज बने गिल और सुदर्शन ने क्वालिफायर-2 में इस सीजन में अपने-अपने 700 रन पूरे कर लिए हैं। इसके साथ ही वे दो अलग-अलग सीजन में 700 रन पूरे करने वाले तीसरे और चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। दोनों से पहले क्रिस गेल और विराट कोहली यह कारनामा हासिल कर चुके हैं। 11. IPL प्लेऑफ के इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड बना गिल और सुदर्शन ने क्वालीफायर-2 में 167 रनों की रिकॉर्डतोड़ पार्टनरशिप की। यह IPL प्लेऑफ के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी है। उन्होंने चेन्नई के माइक हसी और मुरली विजय का 15 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2011 के फाइनल में बेंगलुरु के खिलाफ 159 रन बनाए थे। 12. सुदर्शन मेंस टी-20 में सबसे ज्यादा बार हिट-विकेट आउट हुए सुदर्शन राजस्थान के खिलाफ लगातार दूसरी बार हिट-विकेट आउट हुए। वे तीसरी बार IPL में हिट-विकेट आउट हुए। वे मेंस टी-20 में सबसे ज्यादा बार हिट-विकेट आउट तीसरे खिलाड़ी बने। उन्होंने आंद्रे रसेल (3 बार) और पाकिस्तान के शोएब मलिक (3) की बराबरी की। 13. गिल ने IPL में पांचवा शतक लगाया गिल ने क्वालीफायर-2 में 104 रन बनाए। उन्होंने IPL में अपना 5वां शतक लगाया। इसके साथ ही गिल IPL में सबसे ज्यादा सेंचुरी लगाने वाले पांचवे बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने संजू सैमसन की बराबरी की। सबसे ज्यादा 9 शतक विराट कोहली के नाम है। 14. गिले IPL में बतौर कप्तान सबसे ज्यादा शतक
IPL 2026 Final: RCBs Rajat vs GTs Gill

स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक IPL 2026 के फाइनल की दोनों टीमें तय हो चुकी हैं। 31 जून को अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खिताबी मुकाबला होगा। दोनों टीमों को दूसरे टाइटल का इंतजार है। बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने बेंगलुरु को लगतार दूसरी बार फाइनल में पहुंचाया। उन्होंने क्वालिफायर-1 में गुजरात के खिलाफ नाबाद 93 रन की पारी खेलकर बेंगलुरु को जीत दिलाई। गुजरात के कप्तान शुभमन गिल 2025 के प्लेऑफ में हार गए थे। लेकिन इस बार उन्होंने राजस्थान के खिलाफ शतक लगाया और अपनी टीम को फाइनल में पहुंचा दिया। फाइनल में पहुंचने वाले दोनों टीमों के कप्तानों की स्ट्रैटजी और एनालिसिस को 3 फैक्टर्स में समझिए… i. कब कप्तान बने, कप्तानी में क्या रिकॉर्ड रहा? ii. क्या स्ट्रैटजी अपनाई, पर्सनल परफॉर्मेंस कैसा रहा? iii. एक्सपर्ट्स की राय और ओवरऑल रिकॉर्ड क्या रहा? 1. रजत पाटीदार (RCB) i. दो सीजन में कप्तानी की और दोनों बार फाइनल में बेंगलुरु ओवरऑल पांचवीं बार फाइनल में पहुंची। टीम ने इस सीजन से पहले 2009, 2011, 2016 और 2025 में फाइनल खेला था। रजत पाटीदार दूसरे सीजन में टीम की कमान संभाल रहे हैं और दोनों बार टीम को फाइनल में पहुंचा दिया। लीग स्टेज में बेंगलुरु 10 टीमों में पहले स्थान पर रही। कप्तान पाटीदार ने इस सीजन में 5 फिफ्टी लगाई। टीम ने उनकी कप्तानी में गुजरात, दिल्ली और मुंबई को 2-2 बार हराया। वहीं क्वालिफायर-1 में प्लेऑफ का सबसे बड़ा स्कोर 254/5 भी बनाया। रजत पाटीदार के IPL फैक्ट्स 2021 से शुरुआत: पाटीदार को RCB ने IPL 2021 से पहले साइन किया था। हालांकि, उस सीजन उन्होंने केवल 4 मैच खेले और मात्र 71 रन बनाए, फिर उन्हें रिलीज कर दिया गया। 2022 में वापसी: 2022 में पाटीदार को लवनीत सिसोदिया के रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के रूप में शामिल किया गया। इस सीजन वे टीम के तीसरे टॉप स्कोरर रहे। उन्होंने एलिमिनेटर में लखनऊ के खिलाफ 54 गेंद पर नाबाद 112 रन बनाकर टीम को जीत भी दिलाई। रजत पाटीदार इस सीजन 41 सिक्स लगा चुके हैं। 2023 में चोट के कारण बाहर: पाटीदार IPL 2023 में नहीं खेल पाए, क्योंकि उन्हें एड़ी में चोट थी। 2024 में स्पिनर्स के खिलाफ अटैकिंग बैटिंग: पाटीदार ने 2024 में स्पिनर्स के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी की। 2024 में उन्होंने 13 पारियों में 395 रन बनाए, जिनमें 5 अर्धशतक शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट 177.13 का रहा। 2025 में चैंपियन बनाया: 18वें सीजन में पाटीदार को RCB का कप्तान बनाया गया। उन्हें टीम ने 11 करोड़ में रिटेन किया था। इस सीजन बतौर कप्तान पाटीदार ने 12 में से 9 मैचों में टीम को जीत दिलाई और बेंगलुरु को पहली बार IPL ट्रॉफी दिला दी। ii. अपनी परफॉर्मेंस से टीम को लीड किया रजत पाटीदार इस सीजन 14 मैचों में 486 रन बना चुके हैं। उनका स्ट्राइक रेट 196.76 का रहा है। टूर्नामेंट में रजत पाटीदार की स्ट्रैटजी… अटैकिंग फील्ड सेटअप: रजत पाटीदार ने अटैकिंग और बैलेंस्ड कप्तानी की। उन्होंने पावरप्ले में कई बार अटैकिंग फील्डिंग सेटअप रखा। विकेट गिर जाने पर एक एक्स्ट्रा फील्डर सर्कल के अंदर रखा, ताकि दबाव बढ़े। स्मार्ट टीम सिलेक्शन, इम्पैक्ट प्लेयर का सही इस्तेमाल: पाटीदार ने टीम, पिच और मैच सिचुएशन देखकर टीम सिलेक्ट की और इम्पैक्ट प्लेयर का सही इस्तेमाल किया। खास बात यह भी रही कि टीम ने प्लेइंग-11 में ज्यादा बदलाव नहीं किए, ताकि खिलाड़ियों को अपना रोल साफ-साफ पता रहे। बॉलर्स का टैक्टिकल इस्तेमाल: बेंगलुरु के इस बार फाइनल में पहुंचने में सबसे बड़ा योगदान बॉलर्स का रहा। पाटीदार ने भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, जैकब डफी और रसिख डार जैसे बॉलर्स का सही इस्तेमाल किया। भुवनेश्वर इस सीजन के टॉप विकेट टेकर हैं। टीम स्पिरिट: टीम के सीनियर खिलाड़ी विराट कोहली के साथ मिलकर कप्तान पाटीदार ने खिलाड़ियों को खुलकर खेलने की आजादी दी। जिससे ड्रेसिंग रूम का माहौल पॉजिटिव रहा। iii. रजत दबाव में भी शांत रहते हैं रजत ने पहली ही बार में बेंगलुरु को IPL चैंपियन बना दिया था। उन्होंने भारत के घरेलू टी-20 टूर्नामेंट सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी में मध्यप्रदेश की कप्तानी की और 2024-25 के सीजन में टीम को फाइनल में पहुंचाया था। रजत ने IPL में 27 मैचों में कप्तानी की, 19 में टीम को जीत दिलाई। यानी 70% सक्सेस रेट रहा। रजत के बारे में पूर्व भारतीय बल्लेबाज मोहम्मद कैफ कहते हैं- रजत मैच की परिस्थितियों को बेहतरीन तरीके से समझते हैं। घरेलू क्रिकेट में कप्तानी का अनुभव रखने वाले खिलाड़ियों पर फ्रेंचाइजियों को भरोसा करना चाहिए, रजत इसका बेहतरीन उदाहरण हैं। वहीं RCB के मेंटर दिनेश कार्तिक ने कहा- रजत ने कप्तानी के दबाव को बहुत अच्छी तरह से संभाला है। एक कप्तान के रूप में उनकी विनम्रता और खेल के प्रति समझ बेहद प्रभावशाली है। पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा- नॉकआउट और प्लेऑफ मुकाबलों में रजत का प्रदर्शन शानदार रहा है। उनकी कप्तानी और लगातार अच्छे बल्लेबाजी प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय चयनकर्ताओं को उन पर विचार करना चाहिए। 2. शुभमन गिल (GT) i. गिल की कप्तानी में पहला फाइनल खेलेगी गुजरात टीम शुभमन गिल ने बतौर कप्तान पहली बार गुजरात को IPL फाइनल में पहुंचाया है। उनसे पहले टीम दो बार हार्दिक पंड्या की कप्तानी में 2022 और 2023 के फाइनल में पहुंची थी। टीम 5 साल के भीतर अपना तीसरा फाइनल खेलेगी। गिल की कप्तानी में गुजरात ने लीग स्टेज में 14 में से 9 मुकाबले जीते और पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 में जगह बनाई। क्वालिफायर-1 में RCB से हार के बाद टीम ने क्वालिफायर-2 में राजस्थान रॉयल्स को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया। शुभमन गिल के IPL फैक्ट्स 2018 में कोलकाता से शुरुआत: गिल ने IPL करियर की शुरुआत 2018 में कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ की। वे 2018 से 2021 तक टीम का हिस्सा रहे। 2020 में वे 440 रन बनाकर कोलकाता के टॉप स्कोरर रहे, जबकि 2021 में 478 रन बनाकर टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, 2021 सीजन के बाद KKR ने उन्हें रिटेन नहीं किया। 2022 में गुजरात के साथ चैंपियन बने: मेगा ऑक्शन के बाद गिल गुजरात टाइटंस (GT) से जुड़े। अपने पहले ही सीजन में उन्होंने 483 रन बनाए
पंजाब ने भगवंत मान सरकार के काम का समर्थन किया है, ‘ईडी पार्टी’ का सफाया कर दिया है: आप की नागरिक चुनावों में जीत पर अरविंद केजरीवाल | भारत समाचार

आखरी अपडेट:30 मई, 2026, 01:54 IST पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नतीजों को आप सरकार के शासन मॉडल का एक और समर्थन बताया। केजरीवाल ने राज्य में व्यापारियों और व्यवसायियों के खिलाफ ईडी की छापेमारी को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा और दावा किया कि निकाय चुनाव का फैसला ऐसी कार्रवाइयों के खिलाफ जनता के गुस्से को दर्शाता है। (फोटो: पीटीआई फ़ाइल) राज्य के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में जीत हासिल करने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) अगले विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में राजनीतिक रूप से मजबूत होकर उभरी है। नतीजों ने पार्टी नेतृत्व को इस जीत को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के शासन मॉडल और कल्याण-केंद्रित राजनीति के सार्वजनिक समर्थन के रूप में पेश करने की अनुमति दी है। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नतीजों से पता चलता है कि मतदाताओं ने पार्टी की “काम की राजनीति” का समर्थन किया है और जिसे उन्होंने बार-बार “ईडी पार्टी” कहा था, उसे खारिज कर दिया – जो कि पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाइयों पर भाजपा का संदर्भ था। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य भर के व्यापारियों और छोटे व्यापारियों ने बार-बार छापेमारी और दबाव की रणनीति के खिलाफ जोरदार प्रतिक्रिया दी है। यह भी पढ़ें | पंजाब नगर निगम चुनाव 2026: AAP की बड़ी जीत, कांग्रेस, बीजेपी का सफाया | अंतिम मिलान जांचें व्यापारियों को संभावित भविष्य की ईडी कार्रवाई के बारे में चेतावनी देते हुए, केजरीवाल ने दावा किया कि आने वाले दिनों में और छापे पड़ सकते हैं और कहा कि पंजाब सरकार व्यापारिक समुदाय के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को ”पंजाब से पूरी तरह बाहर निकाल देना चाहिए।” नतीजों के बाद एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए केजरीवाल ने कहा कि पार्टी ने न केवल नगर निगम और नगर परिषद चुनावों में अपना दबदबा बनाया है, बल्कि हाल ही में संपन्न हुए ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनावों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों में भी जोरदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि ताजा नतीजों से यह साबित हो गया है कि आप ने अब खुद को पंजाब के शहरी केंद्रों में भी एक मजबूत राजनीतिक ताकत के रूप में स्थापित कर लिया है। केजरीवाल ने कहा, “मैं आम आदमी पार्टी और पार्टी द्वारा किए जा रहे कार्यों पर इतना भरोसा करने के लिए पंजाब के लोगों को तहे दिल से बधाई और धन्यवाद देना चाहता हूं।” उन्होंने राज्य में व्यापारियों और कारोबारियों के खिलाफ की गई ईडी की छापेमारी को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा और दावा किया कि निकाय चुनाव का फैसला ऐसी कार्रवाइयों के खिलाफ जनता के गुस्से को दर्शाता है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नतीजों को आप सरकार के शासन मॉडल का एक और समर्थन बताया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पार्टी ने अब राज्य में लगातार विधानसभा, लोकसभा, पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय चुनाव जीते हैं। मान ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “अगर कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा सहित सभी विपक्षी दलों के संयुक्त वोटों को एक साथ जोड़ दिया जाए, तो भी वे आम आदमी पार्टी से मेल नहीं खाते हैं। भाजपा पांचवें स्थान पर खिसक गई है।” मुख्यमंत्री ने जीत का श्रेय मुफ्त बिजली, आम आदमी क्लिनिक, सरकारी स्कूलों और पारदर्शी नौकरी भर्ती जैसे कल्याणकारी उपायों को दिया। उन्होंने पंजाब के सभी शहरों, कस्बों और गांवों के समान विकास का भी आश्वासन दिया। आप के पंजाब प्रभारी मनीष सिसौदिया ने यह भी कहा कि नतीजे मान सरकार के काम के प्रति लोगों की मंजूरी और ”भय, नफरत और विश्वासघात की राजनीति” को खारिज करते हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव में 1,100 से अधिक भाजपा उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। सिसौदिया ने कहा, “यह सिर्फ चुनावी जीत नहीं है। यह पंजाब के लोगों का स्पष्ट संदेश है कि वे विश्वासघात और धोखे की राजनीति के साथ खड़े नहीं होंगे। वे ईमानदारी और काम पर केंद्रित राजनीति के साथ खड़े होंगे।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : चंडीगढ़, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया पंजाब ने भगवंत मान सरकार के काम का समर्थन किया है, ‘ईडी पार्टी’ का सफाया कर दिया है: आप की निकाय चुनाव जीत पर अरविंद केजरीवाल अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सिद्धारमैया ने इस्तीफा दिया(टी)डीके शिवकुमार अगले सीएम(टी)कर्नाटक के मुख्यमंत्री परिवर्तन(टी)कर्नाटक कांग्रेस समाचार(टी)नई कर्नाटक कैबिनेट(टी)कर्नाटक के मध्यावधि सीएम जिंक्स(टी)कांग्रेस कामराज प्लान कर्नाटक(टी)चार डिप्टी सीएम कर्नाटक(टी)कर्नाटक के अगले सीएम कौन होंगे(टी)सिद्धारमैया की भविष्य की राजनीतिक भूमिका
14 साल के श्रेय ने स्पेलिंग बी प्रतियोगिता जीती:90 सेकेंड में 32 शब्द सी लिखे, लगातार पांचवीं बार भारतीय मूल का छात्र विजेता बना

अमेरिका की सबसे कठिन मानी जाने वाली प्रतियोगिता ‘स्क्रिप्स नेशनल स्पेलिंग बी’ का खिताब 14 साल के भारतीय-अमेरिकी छात्र श्रेय पारिख ने जीत लिया है। कैलिफोर्निया के श्रेय पारिख ने न्यू जर्सी के 12 साल ईशान गुप्ता को हराकर यह खिताब जीता। कैलिफोर्निया के रैंचो कुकामोंगा निवासी श्रेय पारिख आठवीं कक्षा के छात्र हैं। स्पेलिंग बी के नियमों के अनुसार यह उनका आखिरी साल था, क्योंकि आठवीं कक्षा के बाद प्रतियोगी हिस्सा नहीं ले सकते। जीत के साथ उन्हें 50 हजार डॉलर की पुरस्कार राशि और प्रतिष्ठित स्क्रिप्स कप मिला। यह लगातार पांचवीं बार है जब किसी भारतीय मूल के छात्र ने स्पेलिंग बी का खिताब जीता है। 9वें राउंड तक नहीं मिला कोई विजेता इस बार मुकाबला इतना कड़ा था कि 9 राउंड के बाद भी विजेता तय नहीं हो सका। श्रेय ने Philepitta (फिलेपिट्टा) और ईशान ने Ertebolle (एर्टेबोले) शब्द सही लिखे, जिसके बाद निर्णायकों ने स्पेल-ऑफ कराया। स्पेल-ऑफ में 90 सेकंड के भीतर ज्यादा से ज्यादा शब्दों की सही स्पेलिंग बतानी होती है। श्रेय ने 35 में से 32 शब्द सही बताए और नया रिकॉर्ड बना दिया। ईशान ने 25 शब्द सही लिखे। एक विजेता तय करने के लिए 2021 में स्पेल-ऑफ नियम शुरू किया गया था। इसमें एक प्रतियोगी मंच पर स्पेलिंग बताता है, जबकि दूसरा अलग कमरे में हेडफोन लगाकर बैठता है। बाद में दोनों से वही शब्द उसी क्रम में पूछे जाते हैं। ‘नेशनल स्पेलिंग बी’ की शुरुआत 1925 में वॉशिंगटन डीसी में हुई थी। पहली प्रतियोगिता में सिर्फ 9 बच्चों ने हिस्सा लिया था। 11 साल के फ्रैंक न्यूहॉसर पहले विजेता बने थे और उन्हें 500 डॉलर के सोने के सिक्के पुरस्कार में मिले थे। स्पेलिंग बी भारतीय मूल के बच्चों का दबदबा बालू नटराजन स्पेलिंग बी जीतने वाले पहले भारतवंशी बालू नटराजन नाम के पहले भारतवंशी छात्र ने 1985 में इस खिताब को जीता था। इसके बाद रागेश्री रामचंद्रन ने 1988 में जीत हासिल की। 1999 में नुपूर लाला के जीतने के बाद से सिर्फ पांच बार ऐसा हुआ जब भारतीय मूल के छात्र यह ट्रॉफी नहीं जीत पाए हैं। साल 2008 में समीर मिश्रा की जीत के साथ भारतीय-अमेरिकियों का लगातार 12 साल तक इस प्रतियोगिता में वर्चस्व कायम करने का सिलसिला शुरू हुआ था। यह सिलसिला साल 2021 में टूटा जब पहली अफ्रीकी अमेरिकी प्रतिभागी जैला अवंत-गार्डे ने यह प्रतियोगिता जीती। इसके अगले साल 2022 में, हरिनी लोगन ने प्रतियोगिता जीती, जिससे भारतीय-अमेरिकियों द्वारा स्पेलिंग बी जीतने का एक और चरण शुरू हुआ।








