Saturday, 30 May 2026 | 06:11 PM

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Rajasthan Lecturer Coach Exam 2025: 5.5 Lakh Candidates Appear

Rajasthan Lecturer Coach Exam 2025: 5.5 Lakh Candidates Appear

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए लेक्चरर और कोच प्रतियोगी परीक्षा-2025 का आयोजन कल से शुरू होगा। इसमें प्रदेश के करीब 5.50 लाख कैंडिडेट्स शामिल होंगे। . कुल 3944 पदों पर होने वाली भर्ती की परीक्षाएं 31 मई से 11 जून 2026 तक ली जाएंगी। विभिन्न विषयों की परीक्षाओं को चार ग्रुप (ए, बी, सी एवं डी) में बांटा गया है। एडमिट कार्ड पहले ही अपलोड कर दिए है। 31 मई से 5 जून तक 15 जिला मुख्यालयों पर एग्जाम होगा और 6 जून से 11 जून तक केवल जयपुर जिला मुख्यालय पर एग्जाम होगा। इसके लिए कुल 368 सेंटर बनाए गए है। इसमें अजमेर में 70 सेंटर है। एक घंटे पहले मिलेगी एन्ट्री परीक्षा केन्द्र पर किसी भी परीक्षार्थी को प्रत्येक परीक्षा के प्रारंभ होने के 60 मिनट पूर्व तक ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके पश्चात् किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अतः अभ्यर्थी परीक्षा के दिन प्रत्येक परीक्षा के प्रारंभ होने के लिए नियत समय से पर्याप्त समय पूर्व परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक रूप से उपस्थित हो जाएं ताकि सुरक्षा जांच एवं पहचान का कार्य समय पर पूर्ण हो सके। देरी से आने पर तलाशी में समय लगने के कारण परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो सकते हैं। फोटो युक्त पहचान पत्र जरूरी अभ्यर्थियों को पहचान के लिए परीक्षा केंद्र पर मूल आधार कार्ड (रंगीन प्रिंट) लेकर उपस्थित होना होगा। यदि मूल आधार कार्ड पर फोटो पुरानी अथवा अस्पष्ट है तो अन्य मूल फोटो युक्त पहचान-पत्र यथा मतदाता पहचान-पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस जिसमें रंगीन एवं नवीनतम स्पष्ट फोटो हो, लेकर परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होवें। इसके साथ ही अभ्यर्थी प्रवेश-पत्र पर भी नवीनतम रंगीन फोटो ही चस्पा करना सुनिश्चित करें। अभ्यर्थी प्रवेश-पत्र के साथ जारी आवश्यक अनुदेशों का अवलोकन अवश्य कर लेवें। किसी के बहकावें में नहीं आए आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थी किसी दलाल, मीडिएटर, समाजकंटक या अपराधी के बहकावे में न आएं। यदि कोई परीक्षा में पास कराने के नाम पर रिश्वत की मांग या अन्य कोई प्रलोभन व झांसा देता है तो प्रमाण सहित इस संबंध में जांच एजेंसी एवं आयोग कंट्रोल रूम नंबर 0145-2635200, 2635212 एवं 2635255 पर सूचित करें। परीक्षा में अनुचित साधन अपनाये जाने एवं अनुचित कृत्यों में संलिप्त होने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम, 2022 के तहत आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने से दण्डित एवं चल अचल संपत्ति कुर्क कर जब्त की जा सकती है। जानिए-कब कौनसा एग्जाम होगा और कब निकाली गई वैकेंसी… ग्रुप-C कोच और फिजिकल एजुकेशन ग्रुप-C के तहत विभिन्न कोच पदों (एथलेटिक्स, बास्केटबॉल, हैंडबॉल, कबड्डी, टेबल टेनिस और वॉलीबॉल) के लिए एग्जाम होगा। 10 जून को पहला पेपर जनरल स्टडीज का सुबह 10 से 11.30 बजे तक, जबकि दूसरा पेपर दोपहर 2.30 से शाम 5.30 बजे तक होगा। ग्रुप-D फिजिकल एजुकेशन ग्रुप-D का एग्जाम 11 जून को होगा। पहला पेपर सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक, दूसरा पेपर देपहर 2.30 से शाम 4.30 बजे तक फिजिकल एजुकेशन में जनरल स्टडीज सब्जेक्ट्स का होगा 3944 पदों पर भर्ती RPSC की ओर से माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए लेक्चरर (प्राध्यापक) एवं कोच (स्कूल शिक्षा) भर्ती परीक्षा-2025 का विज्ञापन 17 जुलाई 2025 को निकाला गया था। इसमें 27 विषयों के कुल 3225 पदों पर भर्ती होनी थी। बाद में पॉलिटिकल साइंस (क्रम संख्या 08) के पदों में 219 पद बढ़ाए गए थे। इसी प्रकार 28 अगस्त 2025 को आयोग ने 500 पदों पर एग्रीचकल्चर लेक्चरर की भर्ती निकाली थी। ऐसे में ये भर्ती 3944 पदों की हो गई। …. पढें ये खबर भी…. RAS रिजल्ट एनालिसिस: इंटरव्यू में गांवों के अभ्यर्थी ज्यादा पहुंचे:सबसे अधिक जयपुर फिर जोधपुर और बाड़मेर के कैंडिडेट; 14 डॉक्टर- 238 इंजीनियर हुए थे शामिल RPSC ने RAS- 2024 एग्जाम के रिजल्ट का एनालिसिस जारी किया है। 1096 पदों के लिए आयोजित हुई इस भर्ती में इंटरव्यू तक 2397 अभ्यर्थियों पहुंचे थे। खास बात ये रही कि प्री-मेंस क्लीयर कर इंटरव्यू तक पहुंचने वालों में सबसे ज्यादा जयपुर के 247 अभ्यर्थी थे। जोधपुर दूसरे और बाड़मेर तीसरे नंबर पर रहा है। इंटरव्यू में आधे से ज्यादा कैंडिडेट ग्रामीण क्षेत्रों के थे। 2397 में से 1343 अभ्यर्थी सरकारी या निजी क्षेत्रों में जॉब करते हुए इंटरव्यू तक पहुंचे थे। पूरी खबर पढें

अमेरिका-ईरान समझौते के करीब, ट्रम्प ने शर्तें गिनाईं:होर्मुज खुलेगा, माइंस हटेंगी; परमाणु कार्यक्रम पर भी सहमति का दावा

अमेरिका-ईरान समझौते के करीब, ट्रम्प ने शर्तें गिनाईं:होर्मुज खुलेगा, माइंस हटेंगी; परमाणु कार्यक्रम पर भी सहमति का दावा

अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही समझौता हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यह दावा किया है। उन्होंने संभावित समझौते की कई शर्तों का खुलासा करते हुए दावा किया कि दोनों पक्ष होर्मुज स्ट्रेट, परमाणु कार्यक्रम और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहमति के करीब पहुंच गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान को यह मानना होगा कि वह कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत पूरी तरह खोला जाएगा और वहां से गुजरने वाले जहाजों पर किसी तरह का टोल नहीं लगाया जाएगा। दोनों दिशाओं में जहाजों की आवाजाही बिना रोक-टोक जारी रहेगी। ट्रम्प के मुताबिक होर्मुज में बिछाई गई सभी समुद्री माइंस हटाई जाएंगी। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका पहले ही कई माइंस को नष्ट कर चुका है, जबकि बाकी माइंस ईरान हटाएगा या नष्ट करेगा। ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम भंडार को अमेरिका, ईरान और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के समन्वय से बाहर निकालकर नष्ट किया जाएगा। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

Nagastra Drone Thwarts Enemy Plot in Operation Sindoor

Nagastra Drone Thwarts Enemy Plot in Operation Sindoor

Hindi News Business Nagastra Drone Thwarts Enemy Plot In Operation Sindoor | Solar Industries छत्रपति संभाजीनगर12 मिनट पहलेलेखक: रवींद्र भजनी कॉपी लिंक सत्यनारायण नुवाल, स्वदेशी ड्रोन ‘नागास्त्र’ बनाने वाली कंपनी सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड के फॉउंडर और चेयरमैन हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जिस स्वदेशी वेपनाइज्ड ड्रोन ‘नागास्त्र’ ने दुश्मन की साजिश को नाकाम किया, उसे सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड ने बनाया है। अब यह कंपनी वेपनाइज्ड डॉग रोबोट और इंसानों जैसा दिखने वाला ‘ह्यूमनॉइड रोबोट’ भी बना रही है। कंपनी के फॉउंडर और चेयरमैन पद्मश्री सत्यनारायण नुवाल ने ‘दैनिक भास्कर’ को बताया कि देश की सुरक्षा के लिए इन रोबोट्स को माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी तैनात किया जा सकेगा। कंपनी माइक्रो मिसाइल पर आधारित एंटी-ड्रोन सिस्टम ‘भार्गवास्त्र’ जैसे स्वदेशी प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही है। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: ऑपरेशन सिंदूर में आपके नागास्त्र और लॉइटरिंग म्यूनिशन का इस्तेमाल हुआ, इस बारे में कुछ बताएंगे? जवाब: 2020 में अजरबैजान और आर्मेनिया युद्ध में ड्रोन के इस्तेमाल ने पारंपरिक युद्ध का स्वरूप ही बदल दिया। दुनिया के सामने हथियारों का बिल्कुल नया रूप आया। हमने भी 2020 के बाद अनमैन्ड एरियल सिस्टम बनाने का फैसला किया। तीन साल की मेहनत के बाद हमने देश का पहला वेपनाइज्ड ड्रोन ‘नागास्त्र-1’ बनाया, जिसकी आपूर्ति हमारी सेना को की गई। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में इसका सटीक इस्तेमाल होना मैं केवल दैवीय कृपा मानता हूं। नागास्त्र-1 की रेंज 15 किलोमीटर है। इसके बाद हमने नागास्त्र-1A, नागास्त्र-1B और नागास्त्र-2 सहित अन्य वेरिएंट्स तैयार किए हैं। इन्हें ‘कामिकेज ड्रोन’ या ‘सुसाइड ड्रोन’ भी कहा जाता है। यह लक्ष्य के ऊपर काफी देर तक मंडरा सकता है, दुश्मनों का पता लगा सकता है और सटीक संकेत मिलते ही विस्फोटक वॉरहेड के साथ सीधे उससे टकराकर हमला कर सकता है। हमने सेना को इसकी सप्लाई भी शुरू कर दी है। इनकी रेंज 25 से 50 किलोमीटर है और इनमें 1 से 5 किलोग्राम तक का विस्फोटक लगाया जा सकता है। सवाल: क्या इन ड्रोन्स में स्वार्म टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है? जवाब: स्वार्म ड्रोन अभी अंडर-डेवलपमेंट है। ऑपरेशन सिंदूर के समय उधर से आए छोटे-छोटे ड्रोन्स का जवाब देने के लिए हमारे बड़े ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद हमने काउंटर ड्रोन सिस्टम के रूप में माइक्रो मिसाइल पर आधारित ‘भार्गवास्त्र’ डेवलप किया है। यह 10 किलोमीटर तक देख सकता है और 2.5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले किसी भी बाहरी ड्रोन या यूएवी को मार गिराने की क्षमता रखता है। अलग-अलग रेंज में इसका ट्रायल टेस्टिंग हो चुका है। स्वार्म ड्रोन छोटे और ऑटोनोमस (स्वायत्त) ड्रोन्स का नेटवर्क होता है, जो एआई और एडवांस सॉफ्टवेयर एल्गोरिदम की मदद से एक साथ मिलकर काम करते हैं। झुंड में होने के कारण, ये एक ही समय में सैकड़ों की संख्या में दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम, राडार या ठिकानों को निशाना बनाते हैं। इस झुंड के अलग-अलग ड्रोन्स को अलग-अलग काम सौंपे जा सकते हैं; जैसे कि कुछ जासूसी करते हैं, कुछ इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग करते हैं, तो कुछ सीधे हमला करते हैं। सवाल: क्या आप अब ‘ब्रह्मोस’ भी देश में ही बना रहे, इसमें क्या डेवलपमेंट हुआ है? जवाब: एक साल पहले तक ब्रह्मोस का बूस्टर और रॉकेट सिस्टम रूस से इम्पोर्ट किया जा रहा था। हमने डीआरडीओ के सहयोग से इसे अपने यहां डेवलप किया है। रूस के वैज्ञानिक भी यहाँ आए थे। उन्हें पांच दिन यहां रहकर व्यवस्था देखनी थी। लेकिन, पहले ही दिन शाम को उन्होंने हमारे सिस्टम को मंजूरी दी है। अब हमने 100 रॉकेट्स तैयार किए हैं; इसके अलावा इसका वॉरहेड भी बनाया है। फिलहाल उनकी टेस्टिंग चल रही है। सवाल: दुनिया भर में एआई और रोबोटिक्स का इस्तेमाल बढ़ा, क्या हम तैयार हैं? जवाब: अजरबैजान और आर्मेनिया के 2020 के युद्ध के बाद रूस-यूक्रेन और ईरान-इजरायल युद्ध में अनमैन्ड एरियल सिस्टम और लॉन्ग रेंज मिसाइलों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल हुआ है। आने वाले समय में एआई और रोबोट्स का महत्व और बढ़ेगा। इसमें एक्युरेसी और किफायती कीमत सबसे महत्वपूर्ण है। रक्षा खरीद नीति 2026 में इस दिशा में काफी कदम उठाए गए हैं। मैं इतना ही कह सकता हूं कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सवाल: एआई और रोबोट्स को लेकर आपके यहां क्या काम हो रहा है? जवाब: हमने काफी कुछ काम किया है और कर भी रहे हैं। नागपुर के मिहान सेज में हमें पजेशन लेटर मिल गया है। हमें कुछ मंजूरियों का इंतजार है, जो दो-तीन महीनों में मिल जाएंगी। तीन-चार महीनों में हम अपना काम शुरू कर देंगे। आज हमारे जवानों को माइनस 40 डिग्री सेल्सियस (−40∘C) तापमान में तैनात रहना पड़ता है। सर्विलांस और सिक्योरिटी को और बेहतर बनाने के लिए हम एक साल के भीतर देश का पहला वेपनाइज्ड रोबोट बनाएंगे। हम डॉग रोबोट का प्रोटोटाइप बना रहे हैं। इसके बाद दो-तीन महीनों में हम ह्यूमनॉइड (इंसानों जैसा दिखने वाला रोबोट) तैयार कर लेंगे। सवाल: क्या आप पिनाका के अलावा भी रॉकेट टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं? जवाब: यह बताना संभव नहीं है। हमारे पास जो पिनाका रॉकेट बन रहा है, वह फिलहाल 75 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकता है। हमने सेना को इसकी रेंज बढ़ाकर 300 किलोमीटर करने का एक प्रस्ताव दिया है। हमें पूरा विश्वास है कि हम जल्द ही इसमें भी सफलता हासिल करेंगे। हमारी भारतीय सेना और केंद्र सरकार से बातचीत चल रही है। सवाल: गोला-बारूद के मामले में हमारी आत्मनिर्भरता का स्तर अभी क्या है? जवाब: हाई एनर्जी मटेरियल और प्रोपेलेंट के मामले में हम ग्लोबल लेवल के बराबर हैं। जो मटेरियल पहले हमारे यहाँ 100% इम्पोर्ट होता था, आज हम उसका 70% से ज्यादा मटेरियल यूएस, इजरायल, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों को एक्सपोर्ट कर रहे हैं। सवाल: महाराष्ट्र में अहिल्यानगर-संभाजीनगर डिफेंस कॉरिडोर पर तेजी से काम हो रहा, इस पर आपकी क्या राय है? जवाब: डिफेंस कॉरिडोर को लेकर अगर कोई सबसे ज्यादा प्रैक्टिकल और एग्रेसिव है, तो वह महाराष्ट्र सरकार ही है। जिस तरह से सिस्टेमैटिक ढंग से डिफेंस कॉरिडोर का काम चल रहा है, उससे मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि यहां का डिफेंस कॉरिडोर सबसे ज्यादा सफल होगा। महाराष्ट्र को अपनी भौगोलिक स्थिति का फायदा मिलता है, जो डिफेंस सेक्टर के लिए सबसे

Nagastra Drone Thwarts Enemy Plot in Operation Sindoor

Nagastra Drone Thwarts Enemy Plot in Operation Sindoor

Hindi News Business Nagastra Drone Thwarts Enemy Plot In Operation Sindoor | Solar Industries छत्रपति संभाजीनगर1 घंटे पहलेलेखक: रवींद्र भजनी कॉपी लिंक सत्यनारायण नुवाल, स्वदेशी ड्रोन ‘नागास्त्र’ बनाने वाली कंपनी सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड के फॉउंडर और चेयरमैन हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जिस स्वदेशी वेपनाइज्ड ड्रोन ‘नागास्त्र’ ने दुश्मन की साजिश को नाकाम किया, उसे सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड ने बनाया है। अब यह कंपनी वेपनाइज्ड डॉग रोबोट और इंसानों जैसा दिखने वाला ‘ह्यूमनॉइड रोबोट’ भी बना रही है। कंपनी के फॉउंडर और चेयरमैन पद्मश्री सत्यनारायण नुवाल ने ‘दैनिक भास्कर’ को बताया कि देश की सुरक्षा के लिए इन रोबोट्स को माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी तैनात किया जा सकेगा। कंपनी माइक्रो मिसाइल पर आधारित एंटी-ड्रोन सिस्टम ‘भार्गवास्त्र’ जैसे स्वदेशी प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही है। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: ऑपरेशन सिंदूर में आपके नागास्त्र और लॉइटरिंग म्यूनिशन का इस्तेमाल हुआ, इस बारे में कुछ बताएंगे? जवाब: 2020 में अजरबैजान और आर्मेनिया युद्ध में ड्रोन के इस्तेमाल ने पारंपरिक युद्ध का स्वरूप ही बदल दिया। दुनिया के सामने हथियारों का बिल्कुल नया रूप आया। हमने भी 2020 के बाद अनमैन्ड एरियल सिस्टम बनाने का फैसला किया। तीन साल की मेहनत के बाद हमने देश का पहला वेपनाइज्ड ड्रोन ‘नागास्त्र-1’ बनाया, जिसकी आपूर्ति हमारी सेना को की गई। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में इसका सटीक इस्तेमाल होना मैं केवल दैवीय कृपा मानता हूं। नागास्त्र-1 की रेंज 15 किलोमीटर है। इसके बाद हमने नागास्त्र-1A, नागास्त्र-1B और नागास्त्र-2 सहित अन्य वेरिएंट्स तैयार किए हैं। इन्हें ‘कामिकेज ड्रोन’ या ‘सुसाइड ड्रोन’ भी कहा जाता है। यह लक्ष्य के ऊपर काफी देर तक मंडरा सकता है, दुश्मनों का पता लगा सकता है और सटीक संकेत मिलते ही विस्फोटक वॉरहेड के साथ सीधे उससे टकराकर हमला कर सकता है। हमने सेना को इसकी सप्लाई भी शुरू कर दी है। इनकी रेंज 25 से 50 किलोमीटर है और इनमें 1 से 5 किलोग्राम तक का विस्फोटक लगाया जा सकता है। सवाल: क्या इन ड्रोन्स में स्वार्म टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है? जवाब: स्वार्म ड्रोन अभी अंडर-डेवलपमेंट है। ऑपरेशन सिंदूर के समय उधर से आए छोटे-छोटे ड्रोन्स का जवाब देने के लिए हमारे बड़े ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद हमने काउंटर ड्रोन सिस्टम के रूप में माइक्रो मिसाइल पर आधारित ‘भार्गवास्त्र’ डेवलप किया है। यह 10 किलोमीटर तक देख सकता है और 2.5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले किसी भी बाहरी ड्रोन या यूएवी को मार गिराने की क्षमता रखता है। अलग-अलग रेंज में इसका ट्रायल टेस्टिंग हो चुका है। स्वार्म ड्रोन छोटे और ऑटोनोमस (स्वायत्त) ड्रोन्स का नेटवर्क होता है, जो एआई और एडवांस सॉफ्टवेयर एल्गोरिदम की मदद से एक साथ मिलकर काम करते हैं। झुंड में होने के कारण, ये एक ही समय में सैकड़ों की संख्या में दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम, राडार या ठिकानों को निशाना बनाते हैं। इस झुंड के अलग-अलग ड्रोन्स को अलग-अलग काम सौंपे जा सकते हैं; जैसे कि कुछ जासूसी करते हैं, कुछ इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग करते हैं, तो कुछ सीधे हमला करते हैं। सवाल: क्या आप अब ‘ब्रह्मोस’ भी देश में ही बना रहे, इसमें क्या डेवलपमेंट हुआ है? जवाब: एक साल पहले तक ब्रह्मोस का बूस्टर और रॉकेट सिस्टम रूस से इम्पोर्ट किया जा रहा था। हमने डीआरडीओ के सहयोग से इसे अपने यहां डेवलप किया है। रूस के वैज्ञानिक भी यहाँ आए थे। उन्हें पांच दिन यहां रहकर व्यवस्था देखनी थी। लेकिन, पहले ही दिन शाम को उन्होंने हमारे सिस्टम को मंजूरी दी है। अब हमने 100 रॉकेट्स तैयार किए हैं; इसके अलावा इसका वॉरहेड भी बनाया है। फिलहाल उनकी टेस्टिंग चल रही है। सवाल: दुनिया भर में एआई और रोबोटिक्स का इस्तेमाल बढ़ा, क्या हम तैयार हैं? जवाब: अजरबैजान और आर्मेनिया के 2020 के युद्ध के बाद रूस-यूक्रेन और ईरान-इजरायल युद्ध में अनमैन्ड एरियल सिस्टम और लॉन्ग रेंज मिसाइलों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल हुआ है। आने वाले समय में एआई और रोबोट्स का महत्व और बढ़ेगा। इसमें एक्युरेसी और किफायती कीमत सबसे महत्वपूर्ण है। रक्षा खरीद नीति 2026 में इस दिशा में काफी कदम उठाए गए हैं। मैं इतना ही कह सकता हूं कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सवाल: एआई और रोबोट्स को लेकर आपके यहां क्या काम हो रहा है? जवाब: हमने काफी कुछ काम किया है और कर भी रहे हैं। नागपुर के मिहान सेज में हमें पजेशन लेटर मिल गया है। हमें कुछ मंजूरियों का इंतजार है, जो दो-तीन महीनों में मिल जाएंगी। तीन-चार महीनों में हम अपना काम शुरू कर देंगे। आज हमारे जवानों को माइनस 40 डिग्री सेल्सियस (−40∘C) तापमान में तैनात रहना पड़ता है। सर्विलांस और सिक्योरिटी को और बेहतर बनाने के लिए हम एक साल के भीतर देश का पहला वेपनाइज्ड रोबोट बनाएंगे। हम डॉग रोबोट का प्रोटोटाइप बना रहे हैं। इसके बाद दो-तीन महीनों में हम ह्यूमनॉइड (इंसानों जैसा दिखने वाला रोबोट) तैयार कर लेंगे। सवाल: क्या आप पिनाका के अलावा भी रॉकेट टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं? जवाब: यह बताना संभव नहीं है। हमारे पास जो पिनाका रॉकेट बन रहा है, वह फिलहाल 75 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकता है। हमने सेना को इसकी रेंज बढ़ाकर 300 किलोमीटर करने का एक प्रस्ताव दिया है। हमें पूरा विश्वास है कि हम जल्द ही इसमें भी सफलता हासिल करेंगे। हमारी भारतीय सेना और केंद्र सरकार से बातचीत चल रही है। सवाल: गोला-बारूद के मामले में हमारी आत्मनिर्भरता का स्तर अभी क्या है? जवाब: हाई एनर्जी मटेरियल और प्रोपेलेंट के मामले में हम ग्लोबल लेवल के बराबर हैं। जो मटेरियल पहले हमारे यहाँ 100% इम्पोर्ट होता था, आज हम उसका 70% से ज्यादा मटेरियल यूएस, इजरायल, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों को एक्सपोर्ट कर रहे हैं। सवाल: महाराष्ट्र में अहिल्यानगर-संभाजीनगर डिफेंस कॉरिडोर पर तेजी से काम हो रहा, इस पर आपकी क्या राय है? जवाब: डिफेंस कॉरिडोर को लेकर अगर कोई सबसे ज्यादा प्रैक्टिकल और एग्रेसिव है, तो वह महाराष्ट्र सरकार ही है। जिस तरह से सिस्टेमैटिक ढंग से डिफेंस कॉरिडोर का काम चल रहा है, उससे मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि यहां का डिफेंस कॉरिडोर सबसे ज्यादा सफल होगा। महाराष्ट्र को अपनी भौगोलिक स्थिति का फायदा मिलता है, जो डिफेंस सेक्टर के लिए सबसे

Jackie Shroff on Salman Khans First Film

Jackie Shroff on Salman Khans First Film

10 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्टर जैकी श्रॉफ ने सलमान खान के करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने उन्हें पहली फिल्म दिलाने में मदद की थी। इंडिया टुडे के साथ बातचीत में जैकी ने कहा कि उस समय सलमान फिल्म फलक (1988) में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे थे, जबकि उनके पिता सलीम खान फिल्म के डायलॉग लिख रहे थे। जैकी ने कहा, ‘मैंने सल्लू बाबा को उनकी पहली फिल्म बीवी हो तो ऐसी दिलाई थी। हालांकि बाद में मैंने प्यार किया रिलीज हुई और उसी ने उन्हें स्टार बना दिया।’ उन्होंने बताया कि सेट पर सलमान की तस्वीर देखने के बाद उन्हें लगा था कि सलमान तो बहुत हैंडसम हैं। जैकी ने कहा, ‘मैं उनकी फोटो लेकर सुभाष घई जी के पास गया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। फिर मैं उसे के सी बोकाड़िया के पास ले गया। उन्होंने अपने साले को फोटो दिखाने के लिए कहा और इसी तरह सलमान को वह रोल मिला। मैं उनकी तस्वीरें लेकर कई जगह जाता था।’ सलमान के साथ अपने लंबे संबंधों पर बात करते हुए जैकी ने कहा कि उन्होंने सलमान की अधिकांश फिल्मों में उनके साथ काम किया है। उन्होंने कहा, ‘पहले वह मुझे अपनी हर फिल्म में लेते थे, लेकिन कुछ समय से उन्होंने मुझे किसी फिल्म में कास्ट नहीं किया है।’ जैकी श्रॉफ और सलमान ने बंधन (1998), कहीं प्यार ना हो जाए (2000), भारत (2019) और राधे (2021) जैसी फिल्मों में काम किया है। शाहरुख खान के बारे में भी की बात जैकी श्रॉफ ने शाहरुख खान से अपनी पहली मुलाकात को भी याद किया। जो फिल्म किंग अंकल (1993) की शूटिंग के दौरान हुई थी, जिस फिल्म में शाहरुख उनके छोटे भाई की भूमिका निभा रहे थे। जैकी ने कहा, ‘शाहरुख एक गाने की शूटिंग के लिए सेट पर आए थे और एक कोने में चुपचाप बैठे थे। उनमें सम्मान दिखाने का एक खास तरीका था, लेकिन वह अपनी दूरी भी बनाए रखते थे। मुझे वह बहुत आकर्षक लगे और उनकी मुस्कान बेहद खूबसूरत थी।” वर्क फ्रंट की बात करें तो जैकी श्रॉफ जल्द द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो: एलियंस का आगमन में नजर आएंगे, जो 29 मई को रिलीज होने वाली है। जैकी श्रॉफ से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जैकी श्रॉफ बोले- भाई को खोकर जिंदगी समझी: मनीष ने कहा- तारीफ और अपनापन ही ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो’ का असली इमोशन है जैकी श्रॉफ और तीन बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुके डायरेक्टर मनीष सैनी ने फिल्म ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो – एलियंस का आगमन’ को लेकर दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। इस दौरान जैकी श्रॉफ ने बच्चों से अपने खास कनेक्शन, जिंदगी के उतार-चढ़ाव, भाई की मौत के ट्रॉमा और बिंदास जिंदगी जीने के मंत्र पर बात की। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Airlines Hike Fuel Prices; Indian Economy to Grow 6.9% in FY27

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नई दिल्ली17 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर इंडिगो से जुड़ी रही। इंडिगो एयरलाइन की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन को चौथी तिमाही (Q4FY26) में ₹2,536 करोड़ का कॉन्सोलिडेटेड नेट लॉस (शुद्ध घाटा) हुआ है। वहीं RBI की साल 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में जारी तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद साल 2026-27 में भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार मजबूत बनी रहेगी। इस दौरान देश की रियल जीडीपी ग्रोथ रेट 6.9% रहने का अनुमान है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार आज शनिवार की छुट्‌टी के चलते बंद रहेगा। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. इंडिगो को चौथी तिमाही में ₹2,536 करोड़ का घाटा हुआ: पिछले साल ₹3,068 करोड़ का मुनाफा हुआ था; महंगे फ्यूल का बोझ यात्रियों पर डालेगी एयरलाइन इंडिगो एयरलाइन की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने 29 मई 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4FY26) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी को ₹2,536 करोड़ का कॉन्सोलिडेटेड नेट लॉस (शुद्ध घाटा) हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹3,068 करोड़ का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) हुआ था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. देश की इकोनॉमी 2026-27 में 6.9% की दर से बढ़ेगी: RBI की सालाना रिपोर्ट में दावा, वैश्विक संकट के बावजूद भारत की रफ्तार मजबूत रहेगी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने शुक्रवार को अपनी साल 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में जारी तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद साल 2026-27 में भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार मजबूत बनी रहेगी। इस दौरान देश की रियल जीडीपी ग्रोथ रेट 6.9% रहने का अनुमान लगाया गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. दिल्ली में एब्सोल्यूट वोदका-शिवास रीगल की बिक्री पर रोक बरकरार: पेरनोड रिकार्ड पर ₹3,000 करोड़ का टैक्स बकाया; ED के आरोपों के बाद लाइसेंस रद्द दिल्ली में एब्सोल्यूट वोदका और शिवास रीगल जैसी शराब की बिक्री पर रोक बरकरार है। दिल्ली हाई कोर्ट ने फ्रांस की दिग्गज शराब कंपनी पेरनोड रिकार्ड की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें कंपनी ने दिल्ली में अपने प्रोडक्ट्स बेचने की इजाजत मांगी थी। कंपनी साल 2021 की दिल्ली लिकर पॉलिसी (शराब नीति) जांच में आरोपी होने के कारण साल 2023 से ही दिल्ली के मार्केट से बाहर है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. सेंसेक्स 1092 अंक गिरकर 74,775 पर बंद हुआ: 121 पॉइंट चढ़कर खुला था, आखिरी आधे घंटे में 950 अंक गिरा; निफ्टी 359 अंक टूटा शुक्रवार, 29 मई को सेंसेक्स 1092 अंक गिरकर 74,775 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 359 अंक गिरकर 23,547 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार में मेटल-ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Jackie Shroff on Salman Khans First Film

Jackie Shroff on Salman Khans First Film

46 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्टर जैकी श्रॉफ ने सलमान खान के करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने उन्हें पहली फिल्म दिलाने में मदद की थी। इंडिया टुडे के साथ बातचीत में जैकी ने कहा कि उस समय सलमान फिल्म फलक (1988) में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे थे, जबकि उनके पिता सलीम खान फिल्म के डायलॉग लिख रहे थे। जैकी ने कहा, ‘मैंने सल्लू बाबा को उनकी पहली फिल्म बीवी हो तो ऐसी दिलाई थी। हालांकि बाद में मैंने प्यार किया रिलीज हुई और उसी ने उन्हें स्टार बना दिया।’ उन्होंने बताया कि सेट पर सलमान की तस्वीर देखने के बाद उन्हें लगा था कि सलमान तो बहुत हैंडसम हैं। जैकी ने कहा, ‘मैं उनकी फोटो लेकर सुभाष घई जी के पास गया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। फिर मैं उसे के सी बोकाड़िया के पास ले गया। उन्होंने अपने साले को फोटो दिखाने के लिए कहा और इसी तरह सलमान को वह रोल मिला। मैं उनकी तस्वीरें लेकर कई जगह जाता था।’ सलमान के साथ अपने लंबे संबंधों पर बात करते हुए जैकी ने कहा कि उन्होंने सलमान की अधिकांश फिल्मों में उनके साथ काम किया है। उन्होंने कहा, ‘पहले वह मुझे अपनी हर फिल्म में लेते थे, लेकिन कुछ समय से उन्होंने मुझे किसी फिल्म में कास्ट नहीं किया है।’ जैकी श्रॉफ और सलमान ने बंधन (1998), कहीं प्यार ना हो जाए (2000), भारत (2019) और राधे (2021) जैसी फिल्मों में काम किया है। शाहरुख खान के बारे में भी की बात जैकी श्रॉफ ने शाहरुख खान से अपनी पहली मुलाकात को भी याद किया। जो फिल्म किंग अंकल (1993) की शूटिंग के दौरान हुई थी, जिस फिल्म में शाहरुख उनके छोटे भाई की भूमिका निभा रहे थे। जैकी ने कहा, ‘शाहरुख एक गाने की शूटिंग के लिए सेट पर आए थे और एक कोने में चुपचाप बैठे थे। उनमें सम्मान दिखाने का एक खास तरीका था, लेकिन वह अपनी दूरी भी बनाए रखते थे। मुझे वह बहुत आकर्षक लगे और उनकी मुस्कान बेहद खूबसूरत थी।” वर्क फ्रंट की बात करें तो जैकी श्रॉफ जल्द द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो: एलियंस का आगमन में नजर आएंगे, जो 29 मई को रिलीज होने वाली है। जैकी श्रॉफ से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जैकी श्रॉफ बोले- भाई को खोकर जिंदगी समझी: मनीष ने कहा- तारीफ और अपनापन ही ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो’ का असली इमोशन है जैकी श्रॉफ और तीन बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुके डायरेक्टर मनीष सैनी ने फिल्म ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो – एलियंस का आगमन’ को लेकर दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। इस दौरान जैकी श्रॉफ ने बच्चों से अपने खास कनेक्शन, जिंदगी के उतार-चढ़ाव, भाई की मौत के ट्रॉमा और बिंदास जिंदगी जीने के मंत्र पर बात की। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Airlines Hike Fuel Prices; Indian Economy to Grow 6.9% in FY27

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नई दिल्ली54 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर इंडिगो से जुड़ी रही। इंडिगो एयरलाइन की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन को चौथी तिमाही (Q4FY26) में ₹2,536 करोड़ का कॉन्सोलिडेटेड नेट लॉस (शुद्ध घाटा) हुआ है। वहीं RBI की साल 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में जारी तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद साल 2026-27 में भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार मजबूत बनी रहेगी। इस दौरान देश की रियल जीडीपी ग्रोथ रेट 6.9% रहने का अनुमान है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार आज शनिवार की छुट्‌टी के चलते बंद रहेगा। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. इंडिगो को चौथी तिमाही में ₹2,536 करोड़ का घाटा हुआ: पिछले साल ₹3,068 करोड़ का मुनाफा हुआ था; महंगे फ्यूल का बोझ यात्रियों पर डालेगी एयरलाइन इंडिगो एयरलाइन की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने 29 मई 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4FY26) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी को ₹2,536 करोड़ का कॉन्सोलिडेटेड नेट लॉस (शुद्ध घाटा) हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹3,068 करोड़ का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) हुआ था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. देश की इकोनॉमी 2026-27 में 6.9% की दर से बढ़ेगी: RBI की सालाना रिपोर्ट में दावा, वैश्विक संकट के बावजूद भारत की रफ्तार मजबूत रहेगी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने शुक्रवार को अपनी साल 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में जारी तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद साल 2026-27 में भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार मजबूत बनी रहेगी। इस दौरान देश की रियल जीडीपी ग्रोथ रेट 6.9% रहने का अनुमान लगाया गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. दिल्ली में एब्सोल्यूट वोदका-शिवास रीगल की बिक्री पर रोक बरकरार: पेरनोड रिकार्ड पर ₹3,000 करोड़ का टैक्स बकाया; ED के आरोपों के बाद लाइसेंस रद्द दिल्ली में एब्सोल्यूट वोदका और शिवास रीगल जैसी शराब की बिक्री पर रोक बरकरार है। दिल्ली हाई कोर्ट ने फ्रांस की दिग्गज शराब कंपनी पेरनोड रिकार्ड की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें कंपनी ने दिल्ली में अपने प्रोडक्ट्स बेचने की इजाजत मांगी थी। कंपनी साल 2021 की दिल्ली लिकर पॉलिसी (शराब नीति) जांच में आरोपी होने के कारण साल 2023 से ही दिल्ली के मार्केट से बाहर है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. सेंसेक्स 1092 अंक गिरकर 74,775 पर बंद हुआ: 121 पॉइंट चढ़कर खुला था, आखिरी आधे घंटे में 950 अंक गिरा; निफ्टी 359 अंक टूटा शुक्रवार, 29 मई को सेंसेक्स 1092 अंक गिरकर 74,775 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 359 अंक गिरकर 23,547 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार में मेटल-ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Paresh Rawal Birthday Interesting Facts; Hera Pheri Baburao | Comedy Movies

Paresh Rawal Birthday Interesting Facts; Hera Pheri Baburao | Comedy Movies

5 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक परेश रावल का बचपन से ही थिएटर की तरफ झुकाव था। परेश रावल का नाम सुनते ही लोगों को बाबूराव की कॉमिक टाइमिंग याद आती है, लेकिन उनका करियर सिर्फ कॉमेडी तक सीमित नहीं रहा। एक दौर में उनके खतरनाक विलेन किरदारों से लोग असल जिंदगी में भी डरने लगे थे। फ्लाइट में लोग उनके पास बैठने से कतराते थे और अपनी चीजें छिपाने लगते थे। इसी इमेज को तोड़ने के लिए उन्होंने कॉमेडी की तरफ रुख किया और बाबूराव, तेजा, डॉ. घुंघरू जैसे किरदारों से कल्ट स्टार बन गए। हाल ही में उन्होंने स्वीकार किया कि गुस्से में एक बार उन्होंने एक शख्स का सिर पत्थर से फोड़ दिया था, जिसका उन्हें आज पछतावा है। थिएटर, फिल्मों और राजनीति में वह हमेशा अपने बेबाक अंदाज के लिए चर्चा में रहे। आज परेश रावल 71वां जन्मदिन मना रहे हैं। जानते हैं उनके करियर और जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें। सिर्फ कॉमेडियन नहीं, हर किरदार के मास्टर हैं भारतीय सिनेमा में कुछ कलाकार अपने किरदारों को हमेशा के लिए लोगों की यादों में बसा देते हैं। परेश रावल उन्हीं अभिनेताओं में शामिल हैं। कॉमेडी, विलेन, गंभीर किरदार, सामाजिक फिल्में और ऐतिहासिक भूमिकाओं में उन्होंने खुद को साबित किया। बाबूराव, तेजा, डॉ. घुंघरू, कानजी मेहता और टिक्कू जैसे किरदार आज भी लोगों की जुबान पर हैं। परेश रावल हर किरदार के लिए अलग तैयारी करते थे और उसी हिसाब से बॉडी लैंग्वेज, आवाज और एक्सप्रेशन बदल लेते थे। प्रिंसिपल के केबिन में नकली पिता का थप्पड़ परेश रावल का अभिनय सफर थिएटर से शुरू हुआ। कॉलेज के दिनों में उन्हें नाटकों का शौक लग गया था। वह अक्सर क्लास छोड़कर थिएटर रिहर्सल और कैंटीन में समय बिताते थे। अटेंडेंस कम होने पर प्रिंसिपल ने उन्हें माता-पिता को बुलाने के लिए कहा। तब वह अपने इलाके के एक उम्रदराज दोस्त को नकली पिता बनाकर कॉलेज ले गए। शिकायत सुनते ही उस दोस्त ने एक्टिंग करते हुए उन्हें जोरदार थप्पड़ मार दिया। प्रिंसिपल घबरा गए और बोले, “मारो मत, लड़का बहुत अच्छा है, कॉलेज के लिए ट्रॉफी जीतता है।” गुस्से में एक शख्स को पीट दिया थिएटर के दिनों में परेश रावल अपने गुस्से के लिए भी जाने जाते थे। राज शमनी के पॉडकास्ट में उन्होंने बताया कि एक नाटक के दौरान दर्शकों में बैठा एक व्यक्ति लगातार अभद्र टिप्पणियां कर रहा था। गुस्से में वह स्टेज से नीचे उतर गए और उस व्यक्ति को पीट दिया। थिएटर में हंगामा मच गया और शो रोकना पड़ा। थिएटर मालिक इतने नाराज हुए कि उन्होंने भविष्य में वहां परफॉर्म करने की अनुमति देने से मना कर दिया था। इसी इंटरव्यू में उन्होंने स्वीकार किया कि एक बार गुस्से में उन्होंने किसी व्यक्ति के सिर पर पत्थर मार दिया था। बाद में उन्हें पछतावा हुआ और उन्होंने उस व्यक्ति से सुलह भी की। विलेन की इमेज से डरने लगे थे लोग 90 के दशक में परेश रावल ने ‘राम लखन’, ‘कब्जा’ और ‘मोहरा’ जैसी फिल्मों में इतने खतरनाक विलेन रोल किए कि लोग असल जिंदगी में भी उनसे डरने लगे थे। उनकी आंखों के एक्सप्रेशन, भारी आवाज और स्क्रीन प्रेजेंस की वजह से दर्शक उन्हें डरावना मानने लगे थे। फ्लाइट और पब्लिक प्लेस में लोग उनके पास बैठने से डरते थे और अपनी चीजें छिपाने लगते थे। इसी इमेज को तोड़ने के लिए उन्होंने बाद में कॉमेडी किरदारों की तरफ रुख किया। फिल्म ‘सर’ में परेश रावल ने अंडरवर्ल्ड डॉन वेलजीभाई पाटेकर का किरदार निभाया। यह उनके शुरुआती करियर के सबसे दमदार नेगेटिव रोल्स में गिना जाता है। इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। दिलवाले में परेश रावल ने मामा ठाकुर का किरदार निभाया था। इस रोल में उनका क्रूर और बेरहम अंदाज दर्शकों को काफी डरावना लगा। उनकी आंखों के एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी इस किरदार की सबसे बड़ी ताकत बने। रोल की तैयारी के लिए असली किन्नर से मिले फिल्म ‘तमन्ना’ में परेश रावल ने एक किन्नर का किरदार निभाया, जिसे उनके करियर के सबसे संवेदनशील रोल्स में गिना जाता है। इस रोल की तैयारी के लिए वह असली किन्नरों से मिले थे। उन्होंने उनकी बॉडी लैंग्वेज, बोलने का तरीका और भावनाओं को करीब से समझा। बाद में उन्होंने कहा था कि यह किरदार उन्हें अंदर तक हिला गया था। सरदार वल्लभभाई पटेल का किरदार निभाना सबसे मुश्किल था फिल्म सरदार में उन्होंने भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका निभाई। इस रोल के लिए उन्होंने सरदार पटेल के भाषण, चाल-ढाल और बॉडी लैंग्वेज पर गहराई से काम किया। उन्होंने कई इंटरव्यू में कहा था कि ऐतिहासिक किरदार निभाना सबसे मुश्किल होता है, क्योंकि लोग उस शख्सियत को पहले से जानते हैं और छोटी गलती पकड़ लेते हैं। ‘अंदाज अपना अपना’ में परेश रावल। मीम कल्चर का हिस्सा बने, तो कभी किरदार गले का फंदा बन गया 1994 में आई फिल्म ‘अंदाज अपना अपना’ में परेश रावल ने सीधे-सादे रामगोपाल बाजाज और चालाक विलेन तेजा का डबल रोल निभाया। “तेजा मैं हूं, मार्क इधर है” जैसे डायलॉग बाद में मीम कल्चर का हिस्सा बन गए। हेरा फेरी का बाबूराव परेश रावल के करियर का सबसे आइकॉनिक किरदार माना जाता है। मोटा चश्मा, धोती-कुर्ता, टूटी हिंदी और शानदार कॉमिक टाइमिंग ने इस किरदार को कल्ट बना दिया। बाबूराव को आम आदमी जैसा दिखाने के लिए परेश रावल ने चार्ली चैपलिन और आर.के. लक्ष्मण के कॉमन मैन से प्रेरणा ली थी। फिल्म का मशहूर सीन, जिसमें बाबूराव पेइंग गेस्ट को सलाह देता है कि “टॉयलेट का दरवाजा टूटा है, अंदर जाओ तो गाना गाया करो”, असल में परेश रावल का ऑन-द-स्पॉट इम्प्रोवाइजेशन था। हालांकि इस किरदार की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई कि बाद में परेश रावल ने कहा था कि बाबूराव उनके लिए “गले का फंदा” बन गया, क्योंकि लोग उन्हें उसी तरह के रोल्स में देखने लगे थे। डॉ. घुंघरू से मस्तान भाई तक, परेश रावल के आइकॉनिक रोल हंगामा में परेश रावल ने एक अमीर, शक्की और भ्रमित बिजनेसमैन का किरदार निभाया। गलतफहमियों और शक से पैदा हुई कॉमेडी दर्शकों को खूब पसंद आई। उनकी एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी आज भी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती

Gujarat Titans Record Run Chase; Surya 1000 Runs

Gujarat Titans Record Run Chase; Surya 1000 Runs

न्यू चंडीगढ़40 मिनट पहले कॉपी लिंक सूर्यवंशी के 96 रन पर गिल का शतक भारी पड़ा। गुजरात टाइटंस ने IPL 2026 के क्वालिफायर-2 मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से हरा दिया। राजस्थान के फाइनल की रेस से बाहर होने के बाद वैभव सूर्यवंशी रो पड़े। उन्होंने इस मैच में सबसे कम गेंद पर हजार रन पूरे करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। वहीं गुजरात टाइटंस ने IPL में अपना सबसे बड़ा रनचेज करते हुए IPL 2026 के फाइनल में जगह पक्की की। गुजरात और राजस्थान मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. वैभव IPL में सबसे कम गेंद पर हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने सूर्यवंशी ने शुक्रवार को 440 गेंद में अपने 1000 IPL रन पूरे किए। वे IPL में सबसे कम गेंद में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड ध्वस्त किया, जिन्होंने हजार रन बनाने के लिए 545 गेंद खेली थी। 2. IPL में गुजरात ने अपना सबसे बड़ा सफल रन चेज किया गुजरात ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 215 रन का टारगेट चेज किया। यह IPL में गुजरात का अब तक का सबसे बड़ा सफल रन चेज है। इससे पहले उनको सबसे बड़ी जीत 2025 में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मिली थी। तब टीम ने अहमदाबाद में 204 रन चेज किया था। 3. IPL प्लेऑफ में सबसे बड़ा टारगेट चेज हुआ गुजरात ने राजस्थान के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 215 रन का टारगेट हासिल किया। यह IPL प्लेऑफ के इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज है। उन्होंने गुजरात रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2025 के क्वालीफायर-2 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 204 रन चेज किए थे। 4. सूर्यवंशी एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। 5. सूर्यवंशी IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होेंने साई सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। 6. सूर्यवंशी ने IPL में सबसे ज्यादा बार 90s में आउट होने की बराबरी की सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 96 रन पर आउट हुए। वे IPL में सबसे ज्यादा बार ‘नर्वस नाइंटीज’ (90-99 रन) का शिकार होने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे इसी सीजन पिछली चार पारी में तीसरी बार 90 से 99 रन के बीच आउट हुए। इससे पहले डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और ऋतुराज गायकवाड़ IPL में 3-3 बार 90s में आउट हो चुके हैं। 7. सूर्यवंशी IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे। उनके प्लेऑफ में 19 छक्के हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋद्धिमान साहा (2014) और शुभमन गिल (2023) का 11-11 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा। 8. सूर्यवंशी IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर बनाने वाले राजस्थान के तीसरे बल्लेबाज वैभव ने गुजरात के खिलाफ फिफ्टी लगाई। इसके साथ ही वे IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर करने वाले राजस्थान के तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले सूर्यवंशी ने एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 97 रन बनाए थे। उनसे पहले ध्रुव जुरेल (2024, 2026) और जोस बटलर (2022) ने प्लेऑफ में राजस्थान के लिए दो फिफ्टी या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया था। 9. टी-20 में सबसे ज्यादा बार शतकीय साझेदारी करने वाली जोड़ी बनी गिल और सुदर्शन ने राजस्थान के खिलाफ 167 रन की साझेदारी की। दोनों ने IPL में 11वीं बार शतकीय साझेदारी की है। इसके साथ ही वे मेंस टी-20 में किसी भी विकेट के लिए सबसे ज्यादा बार शतकीय साझेदारी करने वाली जोड़ी बन गई है। इसके लिए उन्होंने महज 48 पारियां ली। उन्होंने क्रिस गेल और विराट कोहली के 10 शतकीय साझेदारी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। 10. गिल और सुदर्शन दो सीजन में 700+ रन बनाने वाले बल्लेबाज बने गिल और सुदर्शन ने क्वालिफायर-2 में इस सीजन में अपने-अपने 700 रन पूरे कर लिए हैं। इसके साथ ही वे दो अलग-अलग सीजन में 700 रन पूरे करने वाले तीसरे और चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। दोनों से पहले क्रिस गेल और विराट कोहली यह कारनामा हासिल कर चुके हैं। 11. IPL प्लेऑफ के इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड बना गिल और सुदर्शन ने क्वालीफायर-2 में 167 रनों की रिकॉर्डतोड़ पार्टनरशिप की। यह IPL प्लेऑफ के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी है। उन्होंने चेन्नई के माइक हसी और मुरली विजय का 15 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2011 के फाइनल में बेंगलुरु के खिलाफ 159 रन बनाए थे। 12. सुदर्शन मेंस टी-20 में सबसे ज्यादा बार हिट-विकेट आउट हुए सुदर्शन राजस्थान के खिलाफ लगातार दूसरी बार हिट-विकेट आउट हुए। वे तीसरी बार IPL में हिट-विकेट आउट हुए। वे मेंस टी-20 में सबसे ज्यादा बार हिट-विकेट आउट तीसरे खिलाड़ी बने। उन्होंने आंद्रे रसेल (3 बार) और पाकिस्तान के शोएब मलिक (3) की बराबरी की। 13. गिल ने IPL में पांचवा शतक लगाया गिल ने क्वालीफायर-2 में 104 रन बनाए। उन्होंने IPL में अपना 5वां शतक लगाया। इसके साथ ही गिल IPL में सबसे ज्यादा सेंचुरी लगाने वाले पांचवे बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने संजू सैमसन की बराबरी की। सबसे ज्यादा 9 शतक विराट कोहली के नाम है। 14. गिले IPL में बतौर कप्तान सबसे ज्यादा शतक