Bobby Deol Son Acting Career

20 मिनट पहले कॉपी लिंक अभिनेता बॉबी देओल ने खुलासा किया है कि उनके दोनों बेटे आर्यमन और धरम देओल बॉलीवुड में एक्टिंग करियर बनाना चाहते हैं। टीवी शो ‘आप की अदालत’ में बातचीत के दौरान बॉबी ने बताया कि वे चाहते थे कि उनका बड़ा बेटा अमेरिका में रहकर फाइनेंस में करियर बनाए। न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से ऑनर्स करने के बावजूद आर्यमन ने एक्टिंग को चुना। बॉबी ने बताया कि उनके दोनों बेटे हीरो बनना चाहते हैं और इसके लिए वे खुद को तैयार कर रहे हैं। अमेरिका में सेटल होने की थी उम्मीद बॉबी देओल ने बताया कि उन्होंने अपने बड़े बेटे आर्यमन को फाइनेंस की पढ़ाई कराई थी ताकि वे फिल्मों से अलग कोई करियर चुन सकें। आर्यमन ने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से अच्छे नंबरों से पढ़ाई पूरी की। बॉबी को उम्मीद थी कि आर्यमन अमेरिका में ही रहकर अपना करियर बनाएंगे और वे खुद उनसे मिलने वहां जाया करेंगे। लेकिन आर्यमन के मन में एक्टर बनने की इच्छा थी। बॉबी ने कहा कि चाहे कोई डॉक्टर हो या इंजीनियर, हर किसी के दिल में कहीं न कहीं एक्टर बनने की चाह होती है। यूट्यूब से सीखी डांसिंग और एडिटिंग इंटरव्यू के दौरान बॉबी ने आर्यमन की मेहनत के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि कोविड लॉकडाउन के दौरान जब सब घर पर थे, तब आर्यमन ने खुद ही फिल्म मेकिंग सीखी। उन्होंने एडिटिंग, साउंड इफेक्ट्स और डबिंग का काम खुद सीखा। आर्यमन अभी 21 साल के हैं और वे अपनी फिटनेस पर काफी ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने यूट्यूब वीडियो देखकर डांस की ट्रेनिंग भी ली है। वे इंडस्ट्री में कदम रखने से पहले खुद को पूरी तरह तैयार कर रहे हैं। इंटीरियर डिजाइनर हैं तान्या देओल बॉबी देओल ने साल 1996 में तान्या देओल से शादी की थी। उनके बड़े बेटे आर्यमन का जन्म 2001 में और छोटे बेटे धरम का जन्म 2004 में हुआ था। तान्या देओल के पास इंटीरियर डिजाइनिंग का डिप्लोमा है। उन्होंने बॉबी की कुछ शुरुआती फिल्मों के लिए कॉस्ट्यूम भी डिजाइन किए थे। इसके अलावा तान्या का अपना पर्सनलाइज्ड फर्नीचर बिजनेस भी है। अब उनके दोनों बेटे भी फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा बनने की तैयारी में हैं। 5 जून को रिलीज होगी फिल्म ‘बंदर’ बॉबी देओल के वर्क फ्रंट की बात करें तो वे जल्द ही फिल्म ‘बंदर’ में दिखाई देंगे। इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो चुका है, जिसमें वे समीर मेहरा नाम के एक रॉकस्टार का किरदार निभा रहे हैं जिस पर सेक्शुअल असॉल्ट का आरोप है। इस फिल्म के जरिए बॉबी देओल और डायरेक्टर अनुराग कश्यप पहली बार साथ काम कर रहे हैं। इस फिल्म की पटकथा सुदीप शर्मा और अभिषेक बनर्जी ने लिखी है, जो ‘पाताल लोक’ और ‘उड़ता पंजाब’ जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। यह फिल्म 5 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। आलिया और शर्वरी के साथ फिल्म ‘अल्फा’ इसके अलावा बॉबी देओल यश राज फिल्म्स (YRF) की स्पाई थ्रिलर फिल्म ‘अल्फा’ में भी नजर आएंगे। इस फिल्म में आलिया भट्ट और शर्वरी मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की पहली महिला केंद्रित फिल्म है। ‘अल्फा’ का निर्देशन शिव रवैल कर रहे हैं और यह फिल्म 10 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
स्किनकेयर टिप्स: फ़िनलैंड्स और स्ट्रेंथनेस से बचाएगा ये स्किनकेयर रूटीन, रोज़ सुबह करें ये 5 ज़रूरी काम

31 मई 2026 को 15:01 IST पर अद्यतन किया गया स्किनकेयर टिप्स: स्किनकेयर टिप्स: स्किन में फाइनैंस और बिजनेसनेस की अगर दिक्कत हो रही है, तो सुबह इन पांच जरूरी काम करने से स्किन खूबसूरत हो जाती है। (टैग अनुवाद करने के लिए)सुबह की त्वचा की देखभाल की दिनचर्या(टी)युवा त्वचा(टी)चमकती त्वचा युक्तियाँ(टी)एंटी एजिंग त्वचा की देखभाल(टी)विटामिन सी सीरम(टी)मॉइस्चराइज़र लाभ(टी)सनस्क्रीन एसपीएफ़ 30(टी)सौंदर्य युक्तियाँ(टी)स्वस्थ त्वचा(टी)35 के बाद त्वचा की देखभाल
39 वर्षीय नडाल ने चोटों को लेकर किए खुलासे:कहा- दर्द से ज्यादा बड़ा था टेनिस के लिए जुनून, इंजेक्शन लगाकर जीता था 22वां ग्रैंडस्लैम

साल 2024 में पेरिस की लाल मिट्टी पर जब राफेल नडाल आखिरी बार उतरे, तब दुनिया उन्हें सिर्फ एक महान टेनिस खिलाड़ी के रूप में नहीं देख रही थी। लोग उस इंसान को देख रहे थे, जिसने दो दशक तक दर्द के साथ जीते हुए खेल को अपना सब कुछ दिया। नेटफ्लिक्स की एक नई सीरीज में, 39 वर्षीय स्पेनिश स्टार नडाल ने इस बात का खुलासा किया है कि महानता हासिल करने के लिए उन्होंने अपनी सेहत के साथ कितने जोखिम उठाए। साल 2005 में 19 वर्षीय नडाल ने पहली बार फ्रेंच ओपन खेला और पहले ही प्रयास में खिताब जीत लिया। लंबे बाल, जबरदस्त ताकत और कभी हार न मानने वाले जज्बे ने दुनिया को अपना दीवाना बना लिया, लेकिन उसी साल एक ऐसी समस्या सामने आई, जिसने उनके पूरे करियर में पीछा नहीं छोड़ा। मैड्रिड ओपन के दौरान उनके बाएं पैर में गंभीर चोट लगी। पता चला कि उन्हें म्यूलर-वाईस सिंड्रोम नाम की दुर्लभ बीमारी है। इसमें पैर की हड्डियों में असहनीय दर्द होता है। डॉक्टरों को डर था कि शायद वे दोबारा टेनिस नहीं खेल पाएंगे, लेकिन नडाल ने हार नहीं मानी। विशेष इनसोल (जूते के अंदर का पैड) की मदद से उन्होंने कोर्ट पर वापसी की। हालांकि इसके बाद उन्हें लगभग हर मैच दर्द के साथ खेलना पड़ा। नडाल को हमेशा लगता था कि शायद यह उनका आखिरी सीजन हो। यही सोच उन्हें रुकने नहीं देती थी। वह दर्द सहते रहे, क्योंकि उनके लिए खेल के प्रति जुनून हर तकलीफ से बड़ा था। पैर की समस्या का असर धीरे-धीरे शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी पड़ने लगा। घुटनों में गंभीर चोटें हुईं। दर्द कम करने के लिए उन्हें लगातार दवाइयों का सहारा लेना पड़ता था। ज्यादा पेनकिलर दवाओं के कारण उनकी आंतों में भी परेशानी पैदा हो गई, लेकिन नडाल का सफर यहीं नहीं रुका। फ्रेंच ओपन 2022 में उनके पैर का दर्द इतना बढ़ चुका था कि डॉक्टरों ने नस को सुन्न करने वाले इंजेक्शन लगाए। हालत यह थी कि उन्हें अपने पैर का एहसास तक नहीं हो रहा था। फिर भी उन्होंने रोलां गैरो का 14वां और अपने करियर का आखिरी फ्रेंच ओपन खिताब जीत लिया। नडाल की यह जिद बचपन से ही उनके स्वभाव का हिस्सा थी। उनके कोच और चाचा टोनी नडाल उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में अभ्यास कराते थे। बचपन में टूटी अंगुली के साथ भी उन्होंने एक टूर्नामेंट जीता था। हालांकि लगातार दबाव और तनाव का असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ा। एक समय उन्हें मनोचिकित्सक की मदद लेनी पड़ी। बाद में उन्होंने अपने खेल और सोच में बदलाव किया। 2016 में कार्लोस मोया को कोचिंग टीम में शामिल किया और जीवन को थोड़ा खुलकर जीना सीखा। 2017 से 2024 के बीच उन्होंने आठ और ग्रैंड स्लैम जीते। कुल 22 ग्रैंड स्लैम खिताबों के साथ उन्होंने करियर को अलविदा कहा। नडाल मानते हैं कि अगर उन्होंने दर्द और जोखिम के साथ जीने का फैसला नहीं किया होता, तो शायद उनके नाम 10-12 ग्रैंड स्लैम कम होते।
'फिल्म धुरंधर में दिखाई गई हर बात सच है':पाकिस्तानी पत्रकार बोले- जिस दौर की कहानी दिखाई गई, उस समय मैं वहां मौजूद था

पाकिस्तान के कराची में जन्मे पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता आरिफ आजाकिया ने हाल ही में दावा किया कि रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ में दिखाई गई घटनाएं और हालात पूरी तरह सच हैं। ANI द्वारा शेयर किए गए टॉक जर्नलिज्म इवेंट के दौरान आरिफ ने कहा, ‘मैं कराची शहर का मेयर था और चुनाव जीतकर इस पद पर पहुंचा था। जो कहानी ‘धुरंधर’ में दिखाई गई, उस दौरान मैं वहीं था। मेरा जन्म ल्यारी में हुआ और मैं वहीं बड़ा हुआ हूं, इसलिए मैं जानता हूं कि इसमें दिखाई गई हर बात सच है।’ उन्होंने अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा, ‘मेरा जन्म कराची में हुआ, लेकिन मेरे माता-पिता गुजरात के जूनागढ़ में पैदा हुए थे। मैं खुद को पाकिस्तानी नहीं, बल्कि भारतीय मूल का मानता हूं।’ उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा जैसे इलाकों में मानवाधिकार से जुड़े कई मुद्दों को अक्सर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में पर्याप्त जगह नहीं मिलती। धुरंधर की कहानी कराची के ल्यारी पर आधारित थी गौरतलब है कि ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ कराची के ल्यारी इलाके में सक्रिय अपराधी गिरोहों और गैंगवार की पृष्ठभूमि पर आधारित थीं। दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुईं। ‘धुरंधर’ के पहले पार्ट ने दुनियाभर में 1307 करोड़ रुपए का कारोबार किया था, जबकि इसके सीक्वल को भी दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला था। धुरंधर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई करते हुए भारत में दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनने का रिकॉर्ड बनाया। सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने भारत में करीब ₹1149 करोड़ नेट कलेक्शन और दुनियाभर में लगभग ₹1813 करोड़ ग्रॉस कमाई की है। ग्रॉस कलेक्शन टिकट से कुल कमाई और नेट कलेक्शन टैक्स के बाद की कमाई होती है। फिल्म में लंबी स्टारकास्ट धुरंधर 2 में रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में थे। इसके अलावा फिल्म में संजय दत्त, आर माधवन, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन, गौरव गेरा और राकेश बेदी जैसे कलाकार भी नजर आए। जबकि पहले पार्ट में अक्षय खन्ना ने भी अहम भूमिका निभाई थी। धुरंधर (2025) और धुरंधर 2 (2026) दोनों ही फिल्मों का निर्देशन आदित्य धर ने किया। फिल्म को ज्योति देशपांडे और आदित्य धर ने मिलकर जियो स्टूडियोज और B62 स्टूडियोज के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। ……..……..……..…….. धुरंधर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… धुरंधर के बाद ल्यारी पर आई एक और फिल्म:पाकिस्तानी फिल्म मेरा ल्यारी के फैसलाबाद में सिर्फ 22 टिकट बिके, कई शो कैंसिल पाकिस्तानी फिल्म मेरा ल्यारी 8 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। यह फिल्म पाकिस्तान के ल्यारी इलाके पर आधारित थी। गौरतलब है कि ल्यारी का जिक्र भारतीय फिल्म धुरंधर में भी हुआ, जो सुपरहिट साबित हुई। हालांकि, मेरा ल्यारी को बॉक्स ऑफिस पर कमजोर रिस्पॉन्स मिला। पूरी खबर यहां पढ़ें…
Arfaat Aminhas 5 Wickets in Debut Pakistan Win vs Australia

14 मिनट पहले कॉपी लिंक शाहीन के साथ विकेट सेलिब्रेट करते अराफात मिन्हास (दाएं)। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पाकिस्तान ने अपने 1000वें वनडे मैच में ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हरा दिया। इसी के साथ उसने 3 मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। रावलपिंडी में शनिवार को खेले गए इस मैच में 21 साल के लेफ्ट आर्म स्पिनर अराफात मिन्हास ने डेब्यू किया। उन्होंने 5 विकेट झटके। वे वनडे डेब्यू मैच में 5 विकेट लेने वाले पहले पाकिस्तानी गेंदबाज बन गए। मिन्हास ने 10 ओवर में 32 रन दिए। उनकी गेंदबाजी के दम पर पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को 44.1 ओवर में 200 रन पर ऑलआउट कर दिया। फिर 5 विकेट खोकर 45 गेंद शेष रहते टारगेट हासिल कर लिया। बाबर आजम ने 69 और विकेटकीपर गाजी घोरी ने 65 रन बनाए। दोनों के बीच 127 रनों की मैच विनिंग पारी हुई। शाहीन टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी, शॉर्ट की फिफ्टी पाकिस्तान के कप्तान शाहीन शाह अफरीदी ने रावलपिंडी की सूखी पिच को देखते हुए टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। उन्होंने प्लेइंग-11 में 4 स्पिनर्स और 2 तेज गेंदबाजों को शामिल किया। टॉस के बाद राष्ट्रगान के दौरान पाकिस्तानी टीम के खिलाड़ी। शाहीन की यह रणनीति काम आई और पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को 44.1 ओवर में ऑलआउट कर दिया। ऑस्ट्रेलियाई ओपनर मैथ्यू शॉर्ट ने 55 रन की अर्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने एलेक्स कैरी के साथ 34 रन ही जोड़े थे कि अबरार अहमद ने कैरी को सलमान अली आगा के हाथों कैच करा दिया। अराफात ने दबाव में डाला, लाबुशेन-ग्रीन जीरो पर आउट कैरी के आउट होने के बाद कप्तान अफरीदी ने अराफात मिन्हास को गेंदबाजी पर लगाया। मिन्हास को लाइन और लेंथ हासिल करने में थोड़ा समय लगा, लेकिन लय मिलते ही उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को पवेलियन भेजना शुरू कर दिया। उन्होंने अपने चौथे ओवर में जोश इंग्लिस (13 रन) और मार्नस लाबुशेन (शून्य) को तीन गेंदों के अंदर LBW आउट कर ऑस्ट्रेलिया को बैकफुट पर धकेल दिया। फिर अगले ओवर में कैमरन ग्रीन को बोल्ड कर दिया। यहां ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 68 रन पर 4 विकेट हो गया। शॉर्ट-रेनशॉ ने संभाली पारी, कुह्नेमैन ने स्कोर 200 पहुंचाया मैथ्यू शॉर्ट और मैट रेनशॉ ने 5वें विकेट के लिए 55 रनों की साझेदारी करके पारी को संभाला। जब ऑस्ट्रेलिया की पारी लय पकड़ रही थी, तब शाहीन अफरीदी ने दोबारा मिन्हास को गेंदबाजी पर लगाया। मिन्हास ने मैथ्यू शॉर्ट को अपनी गति और टर्न से छकाया और विकेटकीपर गाजी घोरी ने उन्हें स्टंप आउट कर दिया। इसके बाद अबरार अहमद ने मैट रेनशॉ को बोल्ड कर ऑस्ट्रेलिया की चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाने की उम्मीद खत्म कर दी। मिन्हास ने अपने आखिरी स्पैल में नाथन एलिस को बोल्ड कर वनडे इतिहास में अपने पहले 5 विकेट पूरे किए। मैथ्यू कुह्नेमैन ने निचले क्रम में 40 गेंदों पर 24 रन बनाकर टीम का स्कोर 200 तक पहुंचाया। पाकिस्तान की खराब शुरुआत, ओपनर्स जल्दी आउट रन चेज में पाकिस्तान की शुरुआत खराब रही। ओपनर माज सदाकत (8 रन) और साहिबजादा फरहान (28 रन) जल्दी आउट हो गए। ऑस्ट्रेलिया ने चौथे ओवर से ही स्पिनर्स लगा दिए थे। इसका फायदा बाबर और घोरी को मिला। दोनों ने सूझबूझ से बल्लेबाजी करते हुए तीसरे विकेट के लिए 127 रनों की पार्टनरशिप की। पिच लगातार खराब हो रही थी और स्पिनर्स को टर्न व असमान उछाल मिल रहा था। ऐसे में बाबर आजम ने आक्रामकता छोड़कर एंकर रोल निभाया। उन्होंने 94 गेंदों पर 69 रन बनाए। वहीं अपना दूसरा वनडे खेल रहे गाजी घोरी ने 92 गेंदों पर 65 रन बनाए, जो उनके लिस्ट-ए करियर का सर्वोच्च स्कोर है। दोनों के अर्धशतक पूरे होने के बाद नाथन एलिस ने बाबर और घोरी को आउट किया, लेकिन तब तक पाकिस्तान जीत के करीब पहुंच चुका था। अंत में अराफात मिन्हास ने 17 गेंदों पर नाबाद 18 रन बनाए और छक्का मारकर पाकिस्तान को जीत दिलाई। ————————————- इंटरनेशनल क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… आयरलैंड को हराकर न्यूजीलैंड ने जीता इकलौता टेस्ट, कीवी टीम पारी और 79 रन से जीती न्यूजीलैंड ने बेलफास्ट टेस्ट में आयरलैंड को पारी और 79 रन से हरा दिया। शुक्रवार को फॉलोऑन खेलने उतरी आयरलैंड की टीम दूसरी पारी में 232 रन पर सिमट गई। तेज गेंदबाज ब्लेयर टिकनर ने टेस्ट क्रिकेट में पहली बार 5 विकेट लिए। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Grow Human Organs in Pigs

मॉस्को7 मिनट पहले कॉपी लिंक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने बढ़ती उम्र और शरीर की कमजोरी को रोकने के लिए 26 अरब डॉलर यानी करीब 2.47 लाख करोड़ रुपए का बड़ा सरकारी प्रोजेक्ट शुरू किया है। ‘न्यू हेल्थ प्रिजर्वेशन टेक्नोलॉजीज’ नाम के इस प्रोग्राम में मिनी-पिग्स (विशेष प्रजाति के सुअर) के अंदर इंसानी अंग उगाने जैसे तकनीकों पर काम किया जाएगा। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट में जीन थेरेपी, लैब में इंसानी अंग तैयार करना और बेहद कम तापमान वाली क्रायोथेरेपी जैसी तकनीकों पर भी काम होगा। रूसी सरकार का दावा है कि इस मिशन का मकसद उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करना और दशक के अंत तक करीब 1.75 लाख लोगों की जान बचाना है। जीन थेरेपी से सेल्स की उम्र रोकने की कोशिश रूस के डिप्टी साइंस मिनिस्टर डेनिस सेकिरीनस्की ने अप्रैल में कहा था कि वैज्ञानिक ऐसी जीन थेरेपी तैयार कर रहे हैं, जो शरीर की कोशिकाओं की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर सके। उन्होंने इसे एंटी-एजिंग की दिशा में सबसे अहम रिसर्च में से एक बताया। इस प्रोजेक्ट का एक बड़ा हिस्सा बायोप्रिंटिंग पर आधारित है। इसमें 3D प्रिंटर की मदद से जीवित टिश्यू और अंग तैयार किए जाते हैं। रूसी वैज्ञानिकों का दावा है कि वे इंसानी कार्टिलेज और चूहे की थायरॉयड ग्लैंड तैयार कर चुके हैं। लक्ष्य है कि 2030 तक इंसानी अंगों का पूरी तरह रिप्लेसमेंट किया जा सके। इसके साथ ही रूस जेनिटिकली मॉडिफाइड मिनी-पिग्स के अंदर इंसानी लिवर, किडनी और दिल को विकसित करने पर भी काम कर रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे भविष्य में ऑर्गन ट्रांसप्लांट की कमी दूर हो सकती है। पुतिन क्रायोथेरेपी और पेप्टाइड थेरेपी लेते रहे है पुतिन काफी समय से क्रायोथेरेपी और पेप्टाइड थेरेपी लेते रहे है। रूस के वैज्ञानिक व्लादिमिर खाविंसन पुतिन को बछड़ों के टिशू से बने खास पेप्टाइड्स देते थे। वे पेप्टाइड थेरेपी के जरिए एंटी-एजिंग इलाज का समर्थन करते थे। उनका दावा था कि इंसान 120 साल तक जी सकता है। पुतिन खुद को जवान रखने के लिए क्रायोथेरेपी का इस्तेमाल भी करते हैं। इसमें शरीर को करीब माइनस 112 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में कुछ समय रखा जाता है। ऑस्ट्रिया के पूर्व चांसलर सेबास्टियन कुर्ज ने बताया था कि 2018 में क्रेमलिन की एक बैठक के दौरान पुतिन ने उन्हें इस थेरेपी के फायदे विस्तार से बताए थे। पुतिन खुद को जवान रखने के लिए -112 डिग्री सेल्सियस ठंडे पानी में रहते है। इसे क्रायोथेरेपी या कोल्ड-थेरेपी कहा जाता है। शी जिनपिंग के साथ ‘150 साल जीने’ की चर्चा हुई थी पिछले साल बीजिंग में सैन्य परेड के दौरान पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बातचीत भी चर्चा में आई थी। एक हॉट-माइक रिकॉर्डिंग में पुतिन इंसानी अंग बदलकर जीवन बढ़ाने और इंसानों के 150 साल तक जीने की संभावना पर बात करते सुनाई दिए थे। उस समय इसे दो उम्रदराज नेताओं की सामान्य बातचीत माना गया, लेकिन अब इसे रूस की लंबी उम्र वाली सरकारी योजना से जोड़कर देखा जा रहा है। रूस के के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 3 सितम्बर 2025 को चीन में विक्ट्री डे परेड के दौरान। (फाइल फोटो) 73 साल के पुतिन खुद को फिट नेता के रूप में पेश करते हैं 73 साल के पुतिन लंबे समय से खुद को ताकतवर और फिट नेता के रूप में पेश करते रहे हैं। घुड़सवारी, आइस हॉकी, शिकार और मोटरसाइकिल चलाते हुए उनकी तस्वीरें अक्सर सामने आती रही हैं। पुतिन के कई करीबी सहयोगी भी अब 70 साल से ज्यादा उम्र के हो चुके हैं। ऐसे में यह एंटी-एजिंग मिशन सिर्फ वैज्ञानिक प्रयोग नहीं, बल्कि रूस की सत्ता के टॉप लीडरशिप की निजी चिंताओं से भी जुड़ा माना जा रहा है। रूस में पुरुषों की औसत उम्र सिर्फ 68 साल है, जो अमेरिका (76 साल) और यूरोप (80 साल) की तुलना में बहुत कम है। राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को घुड़सवारी काफी पसंद है। पुतिन की बेटी भी इस प्रोजेक्ट से जुड़ी पुतिन के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को उनकी डॉक्टर बेटी मारिया वोरोत्सोवा और उनके सबसे करीबी वैज्ञानिक मिखाइल कोवलचुक संभाल रहे हैं। मारिया वोरोन्त्सोवा एंडोक्रिनोलॉजिस्ट (हार्मोन और डायबिटीज की विशेष डॉक्टर) हैं और रूस के कई सरकारी जेनेटिक्स प्रोग्राम्स से जुड़ी हैं। दूसरे बड़े चेहरे मिखाइल कोवालचुक हैं, जो सोवियत दौर के कुर्चातोव इंस्टीट्यूट के चीफ हैं। उन्हें इस एंटी-एजिंग मिशन का मुख्य वैचारिक चेहरा माना जाता है। कोवालचुक कई बार कह चुके हैं कि विज्ञान जल्द इंसानों को शरीर के अंग लगातार बदलने और रिपेयर करने की क्षमता देगा। पुतिन की बेटी मारिया वोरोन्त्सोवा हार्मोन और डायबिटीज की विशेष डॉक्टर हैं। वैज्ञानिकों ने उठाए सवाल रूस की इस परियोजना पर कई सवाल भी उठ रहे हैं। बायोप्रिंटिंग रिसर्च से जुड़े वैज्ञानिक अलेक्जेंडर ओस्त्रोव्स्की का कहना है कि अगर रिसर्च के नतीजे बड़े इंटरनेशनल जर्नल्स में प्रकाशित नहीं हो रहे, तो इन दावों पर पूरी तरह भरोसा करना मुश्किल है। ओस्त्रोव्स्की ने कहा कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों की वजह से रूसी वैज्ञानिक दुनिया से काफी हद तक कट गए हैं। दुनिया से अलग रहकर साइंस में आगे बढ़ना आसान नहीं है, हो सकता है कि फंडिंग पाने के लिए पुतिन को वही बातें बताई जा रही हों, जो वह सुनना चाहते हैं। वहीं, रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस की एंटी-एजिंग रिसर्च पश्चिमी देशों की तुलना में कम जांची-परखी स्टडीज पर आधारित है। हालांकि, इस प्रोजेक्ट से जुड़े वैज्ञानिक रूस में काफी ताकतवर और प्रभावशाली माने जाते हैं। ————————– ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प 80 साल की उम्र में पूरी तरह फिट:दिल की उम्र 14 साल कम निकली, दिमागी टेस्ट में 30 में 30 अंक मिले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अगले महीने 14 जून को 80 साल के हो जाएंगे। उम्र के इस पड़ाव पर भी वह पूरी तरह फिट हैं। व्हाइट हाउस ने ट्रम्प की नई मेडिकल रिपोर्ट शुक्रवार को जारी की है। 3 पन्नों की इस रिपोर्ट में उनकी सेहत को बेहतरीन बताया गया है। ट्रम्प की मानसिक क्षमता की जांच के लिए मॉन्ट्रियल कॉग्निटिव असेसमेंट (एमओसीए) टेस्ट भी कराया गया। यह करीब 10 मिनट का टेस्ट होता है, जिससे डिमेंशिया, अल्जाइमर या दूसरी मानसिक समस्याओं
Grow Human Organs in Pigs

मॉस्को9 मिनट पहले कॉपी लिंक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने बढ़ती उम्र और शरीर की कमजोरी को रोकने के लिए 26 अरब डॉलर यानी करीब 2.47 लाख करोड़ रुपए का बड़ा सरकारी प्रोजेक्ट शुरू किया है। ‘न्यू हेल्थ प्रिजर्वेशन टेक्नोलॉजीज’ नाम के इस प्रोग्राम में मिनी-पिग्स (विशेष प्रजाति के सुअर) के अंदर इंसानी अंग उगाने जैसे तकनीकों पर काम किया जाएगा। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट में जीन थेरेपी, लैब में इंसानी अंग तैयार करना और बेहद कम तापमान वाली क्रायोथेरेपी जैसी तकनीकों पर भी काम होगा। रूसी सरकार का दावा है कि इस मिशन का मकसद उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करना और दशक के अंत तक करीब 1.75 लाख लोगों की जान बचाना है। जीन थेरेपी से सेल्स की उम्र रोकने की कोशिश रूस के डिप्टी साइंस मिनिस्टर डेनिस सेकिरीनस्की ने अप्रैल में कहा था कि वैज्ञानिक ऐसी जीन थेरेपी तैयार कर रहे हैं, जो शरीर की कोशिकाओं की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर सके। उन्होंने इसे एंटी-एजिंग की दिशा में सबसे अहम रिसर्च में से एक बताया। इस प्रोजेक्ट का एक बड़ा हिस्सा बायोप्रिंटिंग पर आधारित है। इसमें 3D प्रिंटर की मदद से जीवित टिश्यू और अंग तैयार किए जाते हैं। रूसी वैज्ञानिकों का दावा है कि वे इंसानी कार्टिलेज और चूहे की थायरॉयड ग्लैंड तैयार कर चुके हैं। लक्ष्य है कि 2030 तक इंसानी अंगों का पूरी तरह रिप्लेसमेंट किया जा सके। इसके साथ ही रूस जेनिटिकली मॉडिफाइड मिनी-पिग्स के अंदर इंसानी लिवर, किडनी और दिल को विकसित करने पर भी काम कर रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे भविष्य में ऑर्गन ट्रांसप्लांट की कमी दूर हो सकती है। पुतिन क्रायोथेरेपी और पेप्टाइड थेरेपी लेते रहे है पुतिन काफी समय से क्रायोथेरेपी और पेप्टाइड थेरेपी लेते रहे है। रूस के वैज्ञानिक व्लादिमिर खाविंसन पुतिन को बछड़ों के टिशू से बने खास पेप्टाइड्स देते थे। वे पेप्टाइड थेरेपी के जरिए एंटी-एजिंग इलाज का समर्थन करते थे। उनका दावा था कि इंसान 120 साल तक जी सकता है। पुतिन खुद को जवान रखने के लिए क्रायोथेरेपी का इस्तेमाल भी करते हैं। इसमें शरीर को करीब माइनस 112 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में कुछ समय रखा जाता है। ऑस्ट्रिया के पूर्व चांसलर सेबास्टियन कुर्ज ने बताया था कि 2018 में क्रेमलिन की एक बैठक के दौरान पुतिन ने उन्हें इस थेरेपी के फायदे विस्तार से बताए थे। पुतिन खुद को जवान रखने के लिए -112 डिग्री सेल्सियस ठंडे पानी में रहते है। इसे क्रायोथेरेपी या कोल्ड-थेरेपी कहा जाता है। शी जिनपिंग के साथ ‘150 साल जीने’ की चर्चा हुई थी पिछले साल बीजिंग में सैन्य परेड के दौरान पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बातचीत भी चर्चा में आई थी। एक हॉट-माइक रिकॉर्डिंग में पुतिन इंसानी अंग बदलकर जीवन बढ़ाने और इंसानों के 150 साल तक जीने की संभावना पर बात करते सुनाई दिए थे। उस समय इसे दो उम्रदराज नेताओं की सामान्य बातचीत माना गया, लेकिन अब इसे रूस की लंबी उम्र वाली सरकारी योजना से जोड़कर देखा जा रहा है। रूस के के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 3 सितम्बर 2025 को चीन में विक्ट्री डे परेड के दौरान। (फाइल फोटो) 73 साल के पुतिन खुद को फिट नेता के रूप में पेश करते हैं 73 साल के पुतिन लंबे समय से खुद को ताकतवर और फिट नेता के रूप में पेश करते रहे हैं। घुड़सवारी, आइस हॉकी, शिकार और मोटरसाइकिल चलाते हुए उनकी तस्वीरें अक्सर सामने आती रही हैं। पुतिन के कई करीबी सहयोगी भी अब 70 साल से ज्यादा उम्र के हो चुके हैं। ऐसे में यह एंटी-एजिंग मिशन सिर्फ वैज्ञानिक प्रयोग नहीं, बल्कि रूस की सत्ता के टॉप लीडरशिप की निजी चिंताओं से भी जुड़ा माना जा रहा है। रूस में पुरुषों की औसत उम्र सिर्फ 68 साल है, जो अमेरिका (76 साल) और यूरोप (80 साल) की तुलना में बहुत कम है। राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को घुड़सवारी काफी पसंद है। पुतिन की बेटी भी इस प्रोजेक्ट से जुड़ी पुतिन के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को उनकी डॉक्टर बेटी मारिया वोरोत्सोवा और उनके सबसे करीबी वैज्ञानिक मिखाइल कोवलचुक संभाल रहे हैं। मारिया वोरोन्त्सोवा एंडोक्रिनोलॉजिस्ट (हार्मोन और डायबिटीज की विशेष डॉक्टर) हैं और रूस के कई सरकारी जेनेटिक्स प्रोग्राम्स से जुड़ी हैं। दूसरे बड़े चेहरे मिखाइल कोवालचुक हैं, जो सोवियत दौर के कुर्चातोव इंस्टीट्यूट के चीफ हैं। उन्हें इस एंटी-एजिंग मिशन का मुख्य वैचारिक चेहरा माना जाता है। कोवालचुक कई बार कह चुके हैं कि विज्ञान जल्द इंसानों को शरीर के अंग लगातार बदलने और रिपेयर करने की क्षमता देगा। पुतिन की बेटी मारिया वोरोन्त्सोवा हार्मोन और डायबिटीज की विशेष डॉक्टर हैं। वैज्ञानिकों ने उठाए सवाल रूस की इस परियोजना पर कई सवाल भी उठ रहे हैं। बायोप्रिंटिंग रिसर्च से जुड़े वैज्ञानिक अलेक्जेंडर ओस्त्रोव्स्की का कहना है कि अगर रिसर्च के नतीजे बड़े इंटरनेशनल जर्नल्स में प्रकाशित नहीं हो रहे, तो इन दावों पर पूरी तरह भरोसा करना मुश्किल है। ओस्त्रोव्स्की ने कहा कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों की वजह से रूसी वैज्ञानिक दुनिया से काफी हद तक कट गए हैं। दुनिया से अलग रहकर साइंस में आगे बढ़ना आसान नहीं है, हो सकता है कि फंडिंग पाने के लिए पुतिन को वही बातें बताई जा रही हों, जो वह सुनना चाहते हैं। वहीं, रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस की एंटी-एजिंग रिसर्च पश्चिमी देशों की तुलना में कम जांची-परखी स्टडीज पर आधारित है। हालांकि, इस प्रोजेक्ट से जुड़े वैज्ञानिक रूस में काफी ताकतवर और प्रभावशाली माने जाते हैं। ————————– ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प 80 साल की उम्र में पूरी तरह फिट:दिल की उम्र 14 साल कम निकली, दिमागी टेस्ट में 30 में 30 अंक मिले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अगले महीने 14 जून को 80 साल के हो जाएंगे। उम्र के इस पड़ाव पर भी वह पूरी तरह फिट हैं। व्हाइट हाउस ने ट्रम्प की नई मेडिकल रिपोर्ट शुक्रवार को जारी की है। 3 पन्नों की इस रिपोर्ट में उनकी सेहत को बेहतरीन बताया गया है। ट्रम्प की मानसिक क्षमता की जांच के लिए मॉन्ट्रियल कॉग्निटिव असेसमेंट (एमओसीए) टेस्ट भी कराया गया। यह करीब 10 मिनट का टेस्ट होता है, जिससे डिमेंशिया, अल्जाइमर या दूसरी मानसिक समस्याओं
केनेथ लॉ को कोर्ट ने 14 आरोपों में दोषी ठहराया:आत्महत्या के लिए लोगों को उकसाता था, 41 देशों में 1200 जहरीले पैकेट भेजे

कनाडा में कोर्ट ने एक ऐसे अपराधी को कोर्ट ने सजा सुनाई है, जो दुनिया के कई देशों में लोगों को आत्महत्या के लिए उकसाता था। उसका नाम है केनेथ लॉ। उम्र- 60 साल। लॉ ने सैकड़ों लोगों को जहर वाले सुसाइड पैकेट भेजने के मामले में 14 आरोपों में दोष स्वीकार किया है। ये पैकेट कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका, इटली, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड समेत 41 देशों में भेजे गए थे। जांचकर्ताओं के मुताबिक उसने कम से कम ऐसे 1,209 पैकेट भेजे। ओंटारियो में न्यूमार्केट की कोर्ट में लॉ के खिलाफ आत्महत्या में मदद से जुड़े कई आरोपों में सजा सितंबर में तय होने की उम्मीद है। कोर्ट में 16 से 36 साल के 14 पीड़ितों की मौत में अपनी भूमिका की पुष्टि के दौरान परिजन भावुक हो गए। लॉ ने यह भी माना कि ब्रिटेन में 79 मौतों में इस्तेमाल हुए घातक पदार्थ उसने भेजे थे। लॉ पहले इंजीनियर था। टोरंटो के एक होटल में कुक भी रह चुका है। उसने कई वेबसाइट के जरिए आत्महत्या के तरीके खोज रहे लोगों को घातक केमिकल बेचे। पहचान से बचने के लिए वह हॉट सॉस जैसे दूसरे प्रोडक्ट भी लिस्ट करता था। इससे वह खुद को फूड-प्रेप होलसेलर दिखाता था। सिल्वर पैकेट पर चेतावनी रहती थी कि इस्तेमाल की जिम्मेदारी यूजर की है। वह सुसाइड में मदद के लिए रसायन आदि के साथ इस्तेमाल के विस्तृत निर्देश भी देता था। गिरफ्तारी के समय लॉ के शॉफिाई और पेपाल के अकाउंट में ₹2.05 करोड़ रु. जमा थे। इस मामले से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सुसाइड-प्रमोशन फोरम की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं। लॉ ने जस्टिस मिशेल फ्यूरस्ट के सामने कहा कि वह अपने अपराधों का दायरा समझता है। उसने स्वेच्छा से दोष स्वीकार किया। कोर्ट में 14 मामलों के आरोप पढ़े गए। हर आरोप पर लॉ ने अपनी भूमिका की पुष्टि की। अभियोजन पक्ष ने 60 पेज से ज्यादा के आरोपपत्र दायर किए। सुनवाई के दौरान पीड़ित परिवारों की मौजूदगी और उनकी प्रतिक्रिया ने केस की गंभीरता को गहराई से सामने ला दिया। पीड़ितों का दर्द: कइयों ने जहर खाने के बाद मदद मांगी कई मामलों में पीड़ितों के माता-पिता ने लॉ पर आरोप लगाए। एक युवक ने ऐसा जहरीला केमिकल खाने के बाद उल्टी करते हुए माता-पिता से मदद मांगी। एक 29 साल के व्यक्ति ने खुद 911 कॉल किया। उसने कहा कि उसने जहरीला पदार्थ लिया है। वह बार-बार बोला, प्लीज, मैं जल्द मर जाऊंगा। फिर रोने लगा। बचाव दल के पहुंचने पर वह बेहोश था। सांस लेने में दिक्कत थी। अस्पताल में मृत घोषित हुआ। ब्रिटेन में एक पीड़ित ने इमरजेंसी को बताया कि उसने खुद को मारने के लिए पदार्थ लिया, पर मरना नहीं चाहता। पैरामेडिक्स 30 मिनट से कम में पहुंचे। उसे बचाया नहीं जा सका। कई जगह पीड़ितों के पास लॉ की कंपनियों के पैकेट मिले।
Foreign Investors Exit India Markets 2026

Hindi News Business Foreign Investors Exit India Markets 2026 | Rupee Weakness, Slow Earnings मुंबई11 मिनट पहले कॉपी लिंक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) का भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकालने का सिलसिला मई महीने में भी जारी रहा। विदेशी निवेशकों ने मई में इक्विटी मार्केट से 32,963 करोड़ रुपए की निकासी की है। कंपनियों की सुस्त अर्निंग ग्रोथ, रुपए में आ रही कमजोरी और वैश्विक बाजारों में मिल रहे बेहतर मौकों के चलते निवेशकों ने यह कदम उठाया है। 2026 में अब तक ₹2.25 लाख करोड़ की बिकवाली NSDL के डेटा के मुताबिक, इस ताजा बिकवाली के साथ साल 2026 में अब तक FPIs की कुल बिकवाली का आंकड़ा 2.25 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। यह आंकड़ा साल 2025 में पूरे साल के दौरान हुई 1.66 लाख करोड़ रुपए की कुल बिकवाली से भी काफी ज्यादा है। फरवरी को छोड़कर हर महीने नेट सेलर्स रहे विदेशी निवेशक साल 2026 में केवल फरवरी महीने को छोड़कर FPIs ने हर महीने भारतीय बाजार में लगातार बिकवाली की है। जनवरी: विदेशी निवेशकों ने जनवरी में भारतीय बाजार से 35,962 करोड़ रुपए निकाले थे। फरवरी: FPIs नेट बायर्स बने और उन्होंने 22,615 करोड़ रुपए का निवेश किया। यह पिछले 17 महीनों में किसी भी एक महीने का सबसे बड़ा इनफ्लो था। मार्च: इस महीने ट्रेंड पूरी तरह उलट गया और विदेशी निवेशकों ने रिकॉर्ड 1.17 लाख करोड़ रुपए की भारी-भरकम बिकवाली की। अप्रैल: बिकवाली का यह दौर अप्रैल में भी जारी रहा, जब बाजार से 60,847 करोड़ रुपए का आउटफ्लो हुआ। मई: इस महीने भी करीब 33,000 करोड़ (सटीक नंबर 32,963 करोड़) रुपए की निकासी दर्ज की गई। भारतीय बाजार से क्यों शिफ्ट हो रहे विदेशी निवेशकों? जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने बताया कि भारत में कॉरपोरेट अर्निंग की रफ्तार थोड़ी सुस्त रही है। इसके मुकाबले अमेरिका, जापान, साउथ कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में कंपनियों का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है, जिसने FPIs को अपनी पूंजी वहां शिफ्ट करने के लिए प्रेरित किया है। वहीं साउथ कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित रैली की वजह से भी विदेशी फंड भारत के बजाय उन बाजारों की तरफ आकर्षित हुआ है। 2026 में अब तक 6% कमजोर हुआ रुपया सेंट्रिसिटी वेल्थटेक के फाउंडिंग पार्टनर और हेड ऑफ इक्विटीज सचिन जासूजा ने कहा कि रुपए की लगातार गिरती कीमत FPIs के बाहर जाने की दूसरी सबसे बड़ी वजह है। साल 2026 में अब तक रुपया करीब 6% और पिछले पूरे एक साल में करीब 10% तक कमजोर हो चुका है। आरबीआई के प्रयासों के बावजूद रुपया मिड-80 (85 के करीब) के स्तर से गिरकर डॉलर के मुकाबले 95.5 के स्तर तक पहुंच गया है। कमजोर रुपए की वजह से विदेशी निवेशकों का डॉलर-डिनॉमिनेटेड रिटर्न (डॉलर के टर्म में मुनाफा) सीधे तौर पर प्रभावित होता है। तेल की बढ़ती कीमतों और होर्मुज में तनाव से चिंता बढ़ी सचिन जासूजा के मुताबिक, भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है, जिससे मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ‘स्ट्रैट ऑफ होर्मुज’ के आसपास जारी तनाव और बाधाओं के कारण ब्रेंट क्रूड के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल की रेंज से उछलकर 95-105 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं। इससे भारत का इम्पोर्ट बिल और करंट अकाउंट डेफिसिट दोनों बढ़ गए हैं। मई में बिकवाली की रफ्तार हुई धीमी, ग्लोबल सेंटिमेंट सुधरे हालांकि, पिछले महीनों की तुलना में मई में बिकवाली की रफ्तार थोड़ी थमी है। मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल-मैनेजर रिसर्च हिमांशु श्रीवास्तव ने बताया कि आउटफ्लो में आई यह कमी दर्शाती है कि विदेशी निवेशक अब साल की शुरुआत जैसी आक्रामक बिकवाली नहीं कर रहे हैं। इसका मुख्य कारण वैश्विक जोखिमों और सेंटिमेंट में धीरे-धीरे हुआ सुधार है। वैश्विक व्यापार तनाव, टैरिफ से जुड़े घटनाक्रम और ग्रोथ को लेकर अनिश्चितताएं अभी बनी हुई हैं, लेकिन कुछ महीने पहले के मुकाबले इनका दबाव थोड़ा कम हुआ है। फ्यूचर आउटलुक: जल्द सुधार की उम्मीद कम बाजार के आगे के रुख पर बात करते हुए सचिन जासूजा ने कहा कि जब तक देश की मैक्रो-इकोनॉमिक स्थितियों (कच्चे तेल, रुपए और घाटे की स्थिति) में कोई बड़ा और ठोस सुधार नहीं आता, तब तक शॉर्ट टर्म यानी निकट भविष्य में FPIs के इनफ्लो में किसी बड़े यू-टर्न (वापसी) की उम्मीद कम ही है। क्या होते हैं FPIs और क्यों अहम है इनका आना-जाना? FPI यानी फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स उन विदेशी निवेशकों, कंपनियों या संस्थाओं को कहा जाता है जो किसी दूसरे देश के शेयर बाजार, बॉन्ड्स या अन्य वित्तीय एसेट्स में निवेश करते हैं। भारतीय शेयर बाजार में इन्हें ‘हॉट मनी’ भी माना जाता है, क्योंकि ये बाजार की तेजी-मंदी को बड़े स्तर पर प्रभावित करते हैं। जब देश में अर्निंग ग्रोथ कमजोर हो या करेंसी गिर रही हो, तो ये अपना निवेश डॉलर में सुरक्षित करने के लिए पैसे निकाल लेते हैं। ये खबर भी पढ़ें… टॉप-10-कंपनियों में से 7 की वैल्यू ₹1.54 लाख करोड़ घटी: रिलायंस टॉप लूजर रही, वैल्यू ₹46,078 करोड़ कम हुई; HDFC बैंक-एयरटेल का मार्केट कैप भी घटा मार्केट कैप के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 7 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 1.54 लाख करोड़ रुपए घट गई। इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट वैल्यू सबसे ज्यादा कम हुई है। रिलायंस की मार्केट वैल्यू ₹46,078 करोड़ घटकर ₹17.87 लाख करोड़ पर आ गई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
वर्ल्ड अपडेट्स:लाओस की बाढ़ग्रस्त गुफा से 5 ग्रामीण खुद बाहर निकले, रेस्क्यू टीम हैरान; 2 अब भी लापता

मध्य लाओस की एक गुफा में एक सप्ताह से ज्यादा समय से फंसे 5 ग्रामीण शनिवार को सुरक्षित बाहर निकल आए। अंतरराष्ट्रीय रेस्क्यू टीम उन्हें पानी से भरी सुरंगों के जरिए निकालने की तैयारी कर रही थी, लेकिन कई दिनों की पंपिंग के बाद जलस्तर घटा और सभी ग्रामीण खुद बाहर आ गए। ग्रामीण सोने की तलाश में गुफा में गए थे, लेकिन भारी बारिश के कारण अंदर फंस गए। शुक्रवार को एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। इसके बाद बाकी लोगों को निकालने के लिए जोखिम भरे रेस्क्यू की तैयारी चल रही थी। रेस्क्यू टीम के अनुसार रातभर पानी निकालने की कार्रवाई जारी रही, जिससे गुफा के अंदर का जलस्तर काफी कम हो गया। शनिवार को बाकी ग्रामीण खुद बाहर निकल आए। इससे गोताखोरों को खतरनाक जलमग्न सुरंगों से लोगों को निकालने की जरूरत नहीं पड़ी। ग्रामीणों के बाहर आते ही उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई। कई परिजन भावुक हो गए और राहत की सांस ली। हालांकि राहत अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। दो अन्य ग्रामीण अब भी लापता हैं और उनके लिए तलाश अभियान जारी रहने की संभावना है। रेस्क्यू टीम को बचे हुए ग्रामीणों से गुफा का नया नक्शा मिला है। इसके आधार पर गुफा के भीतर मौजूद संभावित एयर पॉकेट वाले हिस्सों में खोज अभियान चलाया जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक गुफा का रास्ता बेहद खतरनाक है। कई जगह सुरंगें केवल 60 सेंटीमीटर चौड़ी हैं और पानी इतना गंदला है कि दृश्यता लगभग शून्य हो जाती है। फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए गोताखोरों ने विशेष प्रशिक्षण भी दिया था। जानकारी के मुताबिक सभी ग्रामीण सोने की तलाश में गए थे। लाओस में बढ़ती सोना कीमतों और सीमित रोजगार अवसरों के बीच अनौपचारिक खनन गतिविधियां बढ़ी हैं। इस घटना के बाद सरकारी एजेंसियां अवैध खनन पर सख्ती बढ़ाने की तैयारी में हैं। फिलहाल पूरे इलाके में पांच ग्रामीणों के सुरक्षित लौटने की खुशी मनाई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… ब्रिटिश विदेश मंत्री इवेट कूपर की चीन-भारत यात्रा: यूक्रेन युद्ध, ऊर्जा संकट और व्यापार पर होगी चर्चा ब्रिटेन की विदेश मंत्री इवेट कूपर सोमवार से चीन और फिर भारत की यात्रा पर जाएंगी। दौरे के दौरान वे वैश्विक सुरक्षा, रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा संकट और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर उच्चस्तरीय वार्ता करेंगी। ब्रिटिश सरकार के मुताबिक कूपर 2 जून को बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी और उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाकात करेंगी। इसके बाद वे 3 जून को शेनझेन जाएंगी, जहां विज्ञान और तकनीक से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की सरकार चीन के साथ संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश कर रही है। जनवरी में स्टार्मर ने चीन का दौरा किया था, जो पिछले आठ वर्षों में किसी ब्रिटिश प्रधानमंत्री की पहली चीन यात्रा थी। दोनों देशों ने तब व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया था। कूपर 4 जून को भारत पहुंचेंगी। यहां उनकी विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक प्रस्तावित है। वे भारत-ब्रिटेन विजन 2035 पहल से जुड़े उद्यमियों, शिक्षाविदों और साझेदार संस्थाओं से भी मुलाकात करेंगी। भारत और ब्रिटेन के बीच पिछले वर्ष हुए मुक्त व्यापार समझौते के क्रियान्वयन पर भी चर्चा हो सकती है। हाल में भारत ने ब्रिटेन के नए स्टील आयात प्रतिबंधों को लेकर चिंता जताई थी। ब्रिटिश सरकार का कहना है कि चीन और भारत जैसे प्रमुख वैश्विक शक्तियों के साथ यह संवाद दुनिया के सामने मौजूद बड़ी चुनौतियों से निपटने पर केंद्रित रहेगा। इनमें वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता, स्वास्थ्य संकट और क्षेत्रीय तनाव जैसे विषय शामिल हैं। फिलीपींस की चेतावनी के अगले दिन स्कारबोरो शोल पर चीन की गश्त दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच तनाव फिर बढ़ता दिख रहा है। फिलीपींस के रक्षा मंत्री गिल्बर्टो टियोडोरो द्वारा चीन से खतरा बने रहने की बात कहने के एक दिन बाद चीन ने स्कारबोरो शोल क्षेत्र में सैन्य और तटरक्षक गश्त की है। चीनी सेना के सदर्न थिएटर कमांड ने रविवार को बताया कि उसकी नौसैनिक और वायु इकाइयों ने स्कारबोरो शोल और उसके आसपास के समुद्री तथा हवाई क्षेत्र में कॉम्बैट रेडीनेस पेट्रोलिंग की। सेना ने कहा कि यह कार्रवाई क्षेत्र में अधिकारों के उल्लंघन और उकसावे वाली गतिविधियों का जवाब है। चीनी कोस्ट गार्ड ने भी क्षेत्र में कानून-प्रवर्तन गश्त चलाने की पुष्टि की। एजेंसी का दावा है कि उसने मई महीने के दौरान अवैध गतिविधियों में शामिल जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की है। यह घटनाक्रम सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग सुरक्षा सम्मेलन के दौरान सामने आया। सम्मेलन के इतर फिलीपींस के रक्षा मंत्री गिल्बर्टो टियोडोरो ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच हालिया कूटनीतिक नरमी के बावजूद फिलीपींस के लिए चीन का खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि देश को चीनी आक्रामकता के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहना होगा। स्कारबोरो शोल दक्षिण चीन सागर के सबसे विवादित क्षेत्रों में शामिल है। चीन और फिलीपींस के बीच यहां संप्रभुता और मछली पकड़ने के अधिकारों को लेकर लंबे समय से टकराव चलता रहा है। हाल के वर्षों में दोनों देशों के जहाज कई बार आमने-सामने आए हैं और कुछ मामलों में टक्कर तथा कर्मियों के घायल होने की घटनाएं भी हुई हैं। चीन अपने “नाइन-डैश लाइन” दावे के आधार पर लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर अधिकार जताता है। यह दावा फिलीपींस समेत कई दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के समुद्री अधिकार क्षेत्रों से टकराता है। वर्ष 2016 में द हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायालय ने फैसला दिया था कि दक्षिण चीन सागर पर चीन के व्यापक दावों का अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई आधार नहीं है। हालांकि चीन ने उस फैसले को अस्वीकार कर दिया था और अपने दावे पर कायम है।









