Thursday, 16 Jul 2026 | 02:59 PM

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खरबूजा शेक रेसिपी: गर्मी में खरबूजा शेक पीकर हो जाएंगे तृप्त, 5 मिनट में बचे शेक स्पेशल शेक, ये है आसान रेसिपी

खरबूजा शेक रेसिपी

1 जून 2026 को 17:41 IST पर अपडेट किया गया गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडक और ताजगी देने के लिए ‘खरबूजा शेक’ एक बेहतरीन और सस्ता विकल्प है। हाल ही में मशहूर शेफ़ शेख़ कपूर ने सोशल मीडिया पर अपने चाहने वालों के लिए एक बेहद आसान और झटपट ‘मस्कमेलन शेक’ की रेसिपी शेयर की है। यह ड्रिंक न सिर्फ पीने में स्वादिष्ट है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है। अनुसरण करना : गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक और ताजगी देने के लिए ‘खरबूजा शेक’ एक बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्थान है। मशहूर शेफ रॉयल कपूर की यह स्पेशल रेसिपी, स्वाद और सेहत का लाजवाब कॉम्बिनेशन है। छवि: मेटा एआई सामग्री – पका हुआ खरबूजा, ठंडा दूध, चीनी या शहद, बर्फ के टुकड़े, इलायची पाउडर, कटे हुए बादाम और पिस्ता छवि: मेटा एआई खरबूजे को अच्छी तरह ढोकर उसे दो श्रेणियों में काट लें। उसके बीज खरीदें और गूदे को छोटे से प्रयास में काट लें। ध्यान रहे कि फल अच्छी तरह पक गया हो ताकि मिश्रण और बनी रहे। छवि: मेटा एआई विशेष रूप से खरबूजे के टुकड़े, दूध, चीनी और इलायची पाउडर शामिल हैं। यह पूरी तरह से स्मूथ न हो जाए। ब्लेंड करें समय ही स्नो केट के टुकड़े डालें। छवि: मेटा एआई शेक को आधारभूत टाइलों में डालकर तैयार करें। ऊपर से कटे हुए मेवे जैसे बादाम और पिस्ता सजाते हैं। छवि: मेटा एआई खरबूजा अगर आप इसे थोड़ा भारी बनाना चाहते हैं, तो ऊपर से एक स्कूप वनीला मैनुअल भी डाल सकते हैं। व्यंजन विधि छवि: मेटा एआई द्वारा प्रकाशित: आर्या पांडे प्रकाशित 1 जून 2026 17:41 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट) शेफ कुणाल कपूर खरबूजा शेक रेसिपी(टी)घर पर खरबूजा शेक कैसे बनाएं(टी)गर्मियों के लिए क्रीमी खरबूजा शेक(टी)ग्रीष्मकालीन पेय के लिए सेलिब्रिटी शेफ रेसिपी(टी)गर्मियों के लिए स्वास्थ्यवर्धक फ्रूट शेक(टी)त्वरित खरबूजा पल्प ड्रिंक(टी)गर्म मौसम के लिए हाइड्रेशन रेसिपी(टी)अतिपक्व खरबूजा हैक(टी)शेफ खान कपूर खरबूजा शेक(टी)खरबूजा शेक का शेक कैसे जानें

चुनाव के बाद पहले सार्वजनिक कार्यक्रम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय का आलोचकों को संदेश: ‘इसे जारी रखें’ | भारत समाचार

AP EAMCET 2026 Results Soon at cets.apsche.ap.gov.in — Steps To Check AP EAPCET Scorecard, Rank Card Today. (Representative/File Photo)

आखरी अपडेट:01 जून, 2026, 17:08 IST द्रमुक पर कटाक्ष करते हुए विजय ने कहा कि जिन लोगों ने छह महीने तक चुप रहने का वादा किया था, वे छह दिन भी उनकी सरकार की आलोचना नहीं कर सके। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय तिरुचिरापल्ली में। (आईएएनएस) तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) प्रमुख विजय ने सोमवार को तिरुचिरापल्ली में अपनी पहली मेगा सार्वजनिक धन्यवाद रैली आयोजित की, जहां उन्होंने सत्ता संभालने के कुछ ही दिनों बाद अपनी सरकार की आलोचना करने के लिए प्रतिद्वंद्वियों पर हमला बोला। रैली को संबोधित करते हुए सीएम विजय ने डीएमके पर कटाक्ष करते हुए कहा, “हमें सत्ता में आए अभी कुछ हफ्ते भी नहीं हुए हैं। जो लोग कहते थे कि वे छह महीने तक चुप रहेंगे, वे छह दिन भी चुप नहीं रह सकते। हमारे सत्ता संभालने के आधे घंटे के भीतर ही उन्होंने शिकायत करना शुरू कर दिया। तमिलनाडु के लोगों ने उन दोनों पार्टियों को खारिज कर दिया है जो बारी-बारी से सत्ता में आईं और उन्हें सालों तक धोखा दिया।” उन्होंने कहा, “आपने अपने बड़े भाई विजय को चुना है, अपने छोटे भाई को मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि अपने मुख्य सेवक के रूप में चुना है जो आपके लिए ईमानदारी से काम करने आया है।” “हम बेहतर कर सकते थे, लेकिन आपने टीवीके को जो समर्थन दिया है, उसके लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूं।” तिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु: मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय जनसुनवाई कार्यक्रम में भाग लेने के लिए तिरुचिरापल्ली पहुंचे pic.twitter.com/K2hiYcPuTM– आईएएनएस (@ians_india) 1 जून, 2026 अभिनेता से नेता बने अभिनेता भविष्य के चुनावों में प्रचंड बहुमत पाने को लेकर आश्वस्त दिखे और उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों से उनकी आलोचना करते रहने का अनुरोध भी किया। उन्होंने कहा, ”इससे ​​हमें बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी।” टीवीके बनाम डीएमके विजय ने यह भी दोहराया कि हाल ही में संपन्न चुनाव टीवीके और डीएमके के बीच सीधा मुकाबला था और सरकार बनाने के लिए खरीद-फरोख्त के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने द्रमुक और अन्नाद्रमुक पर टीवीके को सत्ता में आने से रोकने के लिए एक असामान्य गठबंधन बनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि द्रमुक का खराब प्रदर्शन ‘पारिवारिक राजनीति’, नशीली दवाओं के खतरे और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के प्रति लोगों के असंतोष का प्रतिबिंब है। उन्होंने टीवीके के तहत भ्रष्टाचार मुक्त शासन और सभी जाति-आधारित राजनीति को समाप्त करने का भी आश्वासन दिया। तमिलनाडु में ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत की प्रशंसा करते हुए, विजय ने कहा, “उन्होंने कहा कि यहां तक ​​कि दिवंगत सीएम एमजी रामचंद्रन ने भी अपने पहले चुनाव में इतना वोट शेयर हासिल नहीं किया था। फिर भी आज, आपने तमिलागा वेट्ट्री कड़गम को इतना जबरदस्त समर्थन दिया है। मैं अपनी तुलना एमजीआर से नहीं कर रहा हूं। एमजीआर। एमजीआर है।, लेकिन मैं आपका विजय हूं, जो एमजीआर, अन्ना और पेरियार द्वारा दिखाए गए रास्ते पर काम करने आया हूं।” विजय ने सूट क्यों पहना है? विजय ने उन सवालों का भी जिक्र किया कि उन्होंने सार्वजनिक उपस्थिति के दौरान सूट क्यों पहना था। उन्होंने कहा, “क्या हमें कोट और सूट पहनने की अनुमति नहीं है? क्या यह केवल उच्च पदों पर बैठे लोगों के लिए है? ऐसा कुछ नहीं है। मैं कई रंग नहीं पहन रहा हूं। यह सिर्फ काले और सफेद हैं, जैसे हम सभी के दिल में हैं। इन रंगों का चयन यह दिखाने के लिए है कि मैं काले और सफेद की तरह हर चीज में पारदर्शी और सरल रहूंगा।” विजय ने दो सीटों से चुनाव लड़कर अपनी शानदार राजनीतिक शुरुआत की: चेन्नई में पेरम्बूर और त्रिची पूर्व में। हालांकि बाद में उन्होंने त्रिची पूर्व सीट खाली कर दी, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निर्वाचन क्षेत्र के लोग हमेशा उनके बहुत करीब रहेंगे। टीवीके ने कुल 234 सीटों में से 108 सीटें जीतकर तमिलनाडु की राजनीति को नया आकार दिया। यह रैली क्षेत्र में एक बड़े राजनीतिक बदलाव के साथ मेल खाती है, क्योंकि कई विपक्षी अन्नाद्रमुक पदाधिकारी और विधायक हाल ही में सत्तारूढ़ टीवीके में शामिल हो गए हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तिरुचिरापल्ली, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया चुनाव के बाद पहले सार्वजनिक कार्यक्रम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय का आलोचकों को संदेश: ‘इसे जारी रखें’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)विजय टीवीके रैली(टी)विजय धन्यवाद रैली(टी)विजय तिरुचिरापल्ली रैली(टी)विजय का राजनीतिक पदार्पण(टी)तमिलगा वेट्री कड़गम(टी)टीवीके बनाम डीएमके(टी)तमिलनाडु की राजनीति(टी)भ्रष्टाचार मुक्त शासन

5 जून को रिलीज होगी करिश्मा कपूर स्टारर सीरीज:‘ब्राउन’ में दिखेगा कोलकाता का अनदेखा चेहरा; डायरेक्टर अभिनय देव से खास बातचीत

5 जून को रिलीज होगी करिश्मा कपूर स्टारर सीरीज:‘ब्राउन’ में दिखेगा कोलकाता का अनदेखा चेहरा; डायरेक्टर अभिनय देव से खास बातचीत

बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर जल्द ही जी 5 की वेब सीरीज ‘ब्राउन’ में नजर आने वाली हैं। अभिनय देव के निर्देशन में बनी यह सीरीज 5 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम होगी। इस नियो-नोयर क्राइम थ्रिलर सीरीज में करिश्मा के साथ जिस्सू सेनगुप्ता, सूर्या शर्मा, सोनी राजदान और अनुभवी अभिनेत्री हेलेन शामिल हैं। वहीं परेश पाहुजा, मेघना मलिक, अजिंक्य देव, के.के. रैना और गायक शान भी विशेष भूमिकाओं में नजर आएंगे। इस सीरीज और इसकी शूटिंग के अनुभव को लेकर अभिनय देव ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। अपराध से ज्यादा किरदारों की कहानी बताएगी यह सीरीज इस कहानी की सबसे अच्छी बात को लेकर अभिनय ने कहा कि जब मैंने इस पर बेस्ड किताब पढ़ी थी, तब मुझे यह बात बहुत पसंद आई कि यह एक क्राइम स्टोरी की तरह लिखी गई है, लेकिन इसके सभी किरदार बेहद बेहतरीन हैं। किताब में इन पात्रों को बहुत गहराई से लिखा गया है और हमने सीरीज में भी उन्हें उसी संवेदनशीलता के साथ दिखाने की कोशिश की है। ये ऐसे किरदार हैं, जो हमें रोजमर्रा की जिंदगी में तो दिखाई देते हैं, लेकिन फिल्मों में कम नजर आते हैं। कोलकाता की अनदेखी गलियों में हुई इस वेब सीरीज की शूटिंग अभिनय ने बताया कि पूरी सीरीज की शूटिंग वास्तविक लोकेशनों पर की गई है और इसके लिए एक भी सेट नहीं बनाया गया। हमने पूरी शूटिंग कोलकाता में की, लेकिन जानबूझकर शहर के उन हिस्सों को चुना जो आमतौर पर फिल्मों में दिखाई नहीं देते। इसमें आपको कोलकाता का ऐसा चेहरा देखने को मिलेगा, जिसे शायद पहले किसी फिल्म या सीरीज में नहीं दिखाया गया है। कई लोकेशन इतनी रहस्यमयी और भयावह थीं कि अगर किसी को वहां आधे घंटे खड़े रहने के लिए भी कहा जाए, तो वह सहज महसूस नहीं करेगा। सस्पेंस और ड्रामा का संतुलन सबसे बड़ी चुनौती रही क्राइम थ्रिलर बनाते समय सबसे महत्वपूर्ण बात क्या होती है, इस पर अभिनय ने कहा कि ऐसे किसी भी प्रोजेक्ट में सस्पेंस और ड्रामा दोनों को साथ लेकर चलना पड़ता है। एक निर्देशक की पकड़ इन दोनों पहलुओं पर समान रूप से मजबूत होनी चाहिए, क्योंकि दर्शकों को कहानी से जोड़े रखने के लिए रहस्य और भावनात्मक जुड़ाव, दोनों जरूरी हैं। उनके मुताबिक, अगर कोई निर्देशक इन दोनों तत्वों को बराबर महत्व देने की कोशिश करता है, तो वह अपने लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर लेता है, क्योंकि दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना आसान नहीं होता।

5 जून को रिलीज होगी करिश्मा कपूर स्टारर सीरीज:‘ब्राउन’ में दिखेगा कोलकाता का अनदेखा चेहरा; डायरेक्टर अभिनय देव से खास बातचीत

5 जून को रिलीज होगी करिश्मा कपूर स्टारर सीरीज:‘ब्राउन’ में दिखेगा कोलकाता का अनदेखा चेहरा; डायरेक्टर अभिनय देव से खास बातचीत

बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर जल्द ही जी 5 की वेब सीरीज ‘ब्राउन’ में नजर आने वाली हैं। अभिनय देव के निर्देशन में बनी यह सीरीज 5 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम होगी। इस नियो-नोयर क्राइम थ्रिलर सीरीज में करिश्मा के साथ जिस्सू सेनगुप्ता, सूर्या शर्मा, सोनी राजदान और अनुभवी अभिनेत्री हेलेन शामिल हैं। वहीं परेश पाहुजा, मेघना मलिक, अजिंक्य देव, के.के. रैना और गायक शान भी विशेष भूमिकाओं में नजर आएंगे। इस सीरीज और इसकी शूटिंग के अनुभव को लेकर अभिनय देव ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। अपराध से ज्यादा किरदारों की कहानी बताएगी यह सीरीज इस कहानी की सबसे अच्छी बात को लेकर अभिनय ने कहा कि जब मैंने इस पर बेस्ड किताब पढ़ी थी, तब मुझे यह बात बहुत पसंद आई कि यह एक क्राइम स्टोरी की तरह लिखी गई है, लेकिन इसके सभी किरदार बेहद बेहतरीन हैं। किताब में इन पात्रों को बहुत गहराई से लिखा गया है और हमने सीरीज में भी उन्हें उसी संवेदनशीलता के साथ दिखाने की कोशिश की है। ये ऐसे किरदार हैं, जो हमें रोजमर्रा की जिंदगी में तो दिखाई देते हैं, लेकिन फिल्मों में कम नजर आते हैं। कोलकाता की अनदेखी गलियों में हुई इस वेब सीरीज की शूटिंग अभिनय ने बताया कि पूरी सीरीज की शूटिंग वास्तविक लोकेशनों पर की गई है और इसके लिए एक भी सेट नहीं बनाया गया। हमने पूरी शूटिंग कोलकाता में की, लेकिन जानबूझकर शहर के उन हिस्सों को चुना जो आमतौर पर फिल्मों में दिखाई नहीं देते। इसमें आपको कोलकाता का ऐसा चेहरा देखने को मिलेगा, जिसे शायद पहले किसी फिल्म या सीरीज में नहीं दिखाया गया है। कई लोकेशन इतनी रहस्यमयी और भयावह थीं कि अगर किसी को वहां आधे घंटे खड़े रहने के लिए भी कहा जाए, तो वह सहज महसूस नहीं करेगा। सस्पेंस और ड्रामा का संतुलन सबसे बड़ी चुनौती रही क्राइम थ्रिलर बनाते समय सबसे महत्वपूर्ण बात क्या होती है, इस पर अभिनय ने कहा कि ऐसे किसी भी प्रोजेक्ट में सस्पेंस और ड्रामा दोनों को साथ लेकर चलना पड़ता है। एक निर्देशक की पकड़ इन दोनों पहलुओं पर समान रूप से मजबूत होनी चाहिए, क्योंकि दर्शकों को कहानी से जोड़े रखने के लिए रहस्य और भावनात्मक जुड़ाव, दोनों जरूरी हैं। उनके मुताबिक, अगर कोई निर्देशक इन दोनों तत्वों को बराबर महत्व देने की कोशिश करता है, तो वह अपने लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर लेता है, क्योंकि दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना आसान नहीं होता।

Rupali Ganguly Trolled Over Adani Dig

Rupali Ganguly Trolled Over Adani Dig

4 मिनट पहले कॉपी लिंक अनुपमा फेम एक्ट्रेस रूपाली गांगुली को घंटों बिजली जाने पर सवाल उठाने पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, रूपाली ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि उनके घर में बीती रात करीब 5 घंटे तक बिजली नहीं थी। सवाल उठाए जाने पर कुछ ट्रोलर्स ने ये कहते हुए एक्ट्रेस को ट्रोल कर दिया कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुणगान करती हैं, लेकिन अब असुविधा होने पर शिकायत भी कर रही हैं। मुंबई के वर्सोवा इलाके में रहने वाली रूपाली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि शनिवार रात 11 बजे से उनकी और पास की दो अन्य बिल्डिंग्स की बिजली गुल है। रूपाली ने बिजली सप्लाई करने वाली कंपनी अडानी ग्रुप को टैग करते हुए उनके चैटबॉट सर्विस पर भी गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है। रात 1 बजे से पूरी तरह गुल हुई बिजली रूपाली गांगुली ने रविवार सुबह करीब 5:29 बजे X पर एक पोस्ट शेयर की। इसमें उन्होंने लिखा कि उनकी बिल्डिंग के साथ दो अन्य सोसाइटीज में शनिवार रात 11 बजे से बिजली की समस्या शुरू हुई थी। शुरुआत में लाइटें आती-जाती रहीं, लेकिन रात 1 बजे से बिजली पूरी तरह से गुल हो गई। उन्होंने मुंबई जैसे बड़े शहर में इस तरह की लंबी पावर कट की समस्या पर हैरानी जताई है। कंपनी के चैटबॉट सर्विस पर उठाए सवाल एक्ट्रेस ने अपनी पोस्ट में अडानी ऑनलाइन को टैग करते हुए कंपनी की कस्टमर सर्विस की आलोचना की। उन्होंने लिखा, ‘आपका बेकार चैटबॉट पिछले 4 घंटों से कह रहा है कि समस्या 34 मिनट में ठीक हो जाएगी। अब वह कह रहा है कि इलाके में बिजली गुल है ही नहीं।’ रूपाली ने कहा कि डिजिटल हेल्प डेस्क से कोई सही जानकारी नहीं मिल पा रही है और लोग परेशान हो रहे हैं। एक्ट्रेस रूपाली गांगुली। छोटे कस्बों और गांवों की स्थिति पर जताई चिंता मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी कहा जाता है। इसी बात का जिक्र करते हुए रूपाली ने लिखा, ‘जब फाइनेंशियल कैपिटल (वित्तीय राजधानी) में ऐसा हो रहा है, तो मैं सोच भी नहीं सकती कि छोटे कस्बों और गांवों में रहने वाले लोग क्या झेल रहे होंगे।’ रूपाली की इस पोस्ट पर कई अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने भी मुंबई के अलग-अलग इलाकों में बिजली कटौती को लेकर कमेंट्स किए हैं। सवाल उठाने पर ट्रोल हुईं एक्ट्रेस रूपाली गांगुली की सोशल मीडिया पोस्ट पर यूजर्स ने भी अपनी नाराजगी जताई है। रविवार सुबह करीब 7:30 बजे रूपाली ने कमेंट बॉक्स में अपडेट देते हुए लिखा कि अभी तक बिजली नहीं आई है। उनकी पोस्ट पर एक यूजर ने राजनीतिक तंज कसते हुए कमेंट किया कि और मोदी जी के गुण गाओ। वहीं एक यूजर ने लिखा कि गर्मी और उमस के कारण रातभर बहुत बुरा हाल रहा, सुबह हमारी बिल्डिंग के ए-विंग से एक व्यक्ति अडानी के ऑफिस भी गया था लेकिन वह बंद मिला। एक दूसरे यूजर ने लिखा कि आजकल बड़े शहरों में अचानक बिजली कटौती फिर से शुरू हो गई है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Rupali Ganguly Trolled Over Adani Dig

Rupali Ganguly Trolled Over Adani Dig

39 मिनट पहले कॉपी लिंक अनुपमा फेम एक्ट्रेस रूपाली गांगुली को घंटों बिजली जाने पर सवाल उठाने पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, रूपाली ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि उनके घर में बीती रात करीब 5 घंटे तक बिजली नहीं थी। सवाल उठाए जाने पर कुछ ट्रोलर्स ने ये कहते हुए एक्ट्रेस को ट्रोल कर दिया कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुणगान करती हैं, लेकिन अब असुविधा होने पर शिकायत भी कर रही हैं। मुंबई के वर्सोवा इलाके में रहने वाली रूपाली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि शनिवार रात 11 बजे से उनकी और पास की दो अन्य बिल्डिंग्स की बिजली गुल है। रूपाली ने बिजली सप्लाई करने वाली कंपनी अडानी ग्रुप को टैग करते हुए उनके चैटबॉट सर्विस पर भी गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है। रात 1 बजे से पूरी तरह गुल हुई बिजली रूपाली गांगुली ने रविवार सुबह करीब 5:29 बजे X पर एक पोस्ट शेयर की। इसमें उन्होंने लिखा कि उनकी बिल्डिंग के साथ दो अन्य सोसाइटीज में शनिवार रात 11 बजे से बिजली की समस्या शुरू हुई थी। शुरुआत में लाइटें आती-जाती रहीं, लेकिन रात 1 बजे से बिजली पूरी तरह से गुल हो गई। उन्होंने मुंबई जैसे बड़े शहर में इस तरह की लंबी पावर कट की समस्या पर हैरानी जताई है। कंपनी के चैटबॉट सर्विस पर उठाए सवाल एक्ट्रेस ने अपनी पोस्ट में अडानी ऑनलाइन को टैग करते हुए कंपनी की कस्टमर सर्विस की आलोचना की। उन्होंने लिखा, ‘आपका बेकार चैटबॉट पिछले 4 घंटों से कह रहा है कि समस्या 34 मिनट में ठीक हो जाएगी। अब वह कह रहा है कि इलाके में बिजली गुल है ही नहीं।’ रूपाली ने कहा कि डिजिटल हेल्प डेस्क से कोई सही जानकारी नहीं मिल पा रही है और लोग परेशान हो रहे हैं। एक्ट्रेस रूपाली गांगुली। छोटे कस्बों और गांवों की स्थिति पर जताई चिंता मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी कहा जाता है। इसी बात का जिक्र करते हुए रूपाली ने लिखा, ‘जब फाइनेंशियल कैपिटल (वित्तीय राजधानी) में ऐसा हो रहा है, तो मैं सोच भी नहीं सकती कि छोटे कस्बों और गांवों में रहने वाले लोग क्या झेल रहे होंगे।’ रूपाली की इस पोस्ट पर कई अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने भी मुंबई के अलग-अलग इलाकों में बिजली कटौती को लेकर कमेंट्स किए हैं। सवाल उठाने पर ट्रोल हुईं एक्ट्रेस रूपाली गांगुली की सोशल मीडिया पोस्ट पर यूजर्स ने भी अपनी नाराजगी जताई है। रविवार सुबह करीब 7:30 बजे रूपाली ने कमेंट बॉक्स में अपडेट देते हुए लिखा कि अभी तक बिजली नहीं आई है। उनकी पोस्ट पर एक यूजर ने राजनीतिक तंज कसते हुए कमेंट किया कि और मोदी जी के गुण गाओ। वहीं एक यूजर ने लिखा कि गर्मी और उमस के कारण रातभर बहुत बुरा हाल रहा, सुबह हमारी बिल्डिंग के ए-विंग से एक व्यक्ति अडानी के ऑफिस भी गया था लेकिन वह बंद मिला। एक दूसरे यूजर ने लिखा कि आजकल बड़े शहरों में अचानक बिजली कटौती फिर से शुरू हो गई है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

‘बरतन मंझने वाली’ हाल ही में मंत्री बनीं – और वह बंगाल की पहली बीजेपी कैबिनेट में सबसे चर्चित चेहरा हैं

'बरतन मंझने वाली' हाल ही में मंत्री बनीं - और वह बंगाल की पहली बीजेपी कैबिनेट में सबसे चर्चित चेहरा हैं

जिस क्षण उसका नाम पुकारा गया: राजभवन के लोक भवन में सोमवार सुबह जैसे ही मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने पश्चिम बंगाल के नए मंत्रियों की सूची पढ़ी, एक नाम ने हंगामा रोक दिया। कलिता माझी – जिन्होंने वर्षों तक दूसरे लोगों के घरों में बर्तन धोए और फर्श साफ किया – को बंगाल की पहली भाजपा सरकार में राज्य मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जा रही थी। सबसे नीचे जिया गया जीवन: कलिता माझी की यात्रा में कोई शॉर्टकट नहीं था। गरीबी का मतलब था घरेलू काम – किसी और की रसोई, किसी और के बर्तन, किसी और की फर्श। राजनीति ने उन्हें बाहर निकलने का रास्ता दिया, और जब भाजपा ने उन्हें टिकट दिया, तो उन्होंने इसे दोनों हाथों से ले लिया, और टीएमसी के मजबूत गढ़ को हरा दिया, जिसकी कुछ लोगों ने भविष्यवाणी की थी। शपथ लेना: जैसे ही राज्यपाल आरएन रवि ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई, कलिता माझी वह छवि बन गईं जो इस कैबिनेट विस्तार को परिभाषित करेंगी – क्रिकेटर नहीं, दलबदलू नहीं, रणनीतिकार नहीं, बल्कि एक महिला जिसके पास कभी कुछ नहीं था, राजभवन के हॉल में खड़े होकर शासन करने की शपथ ली। सीएम अधिकारी का क्या इरादा था: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की कलिता माझी को चुनना आकस्मिक नहीं था। ऐसे राज्य में जहां राजनीतिक पूंजी को लंबे समय से ताकत और धन में मापा जाता रहा है, एक पूर्व घरेलू कामगार को कैबिनेट में रखना एक जानबूझकर दिया गया संदेश था – कि इस सरकार में, जमीनी स्तर का संघर्ष संरक्षण से अधिक मायने रखता है। घर वापस उत्सव: जबकि शपथ ग्रहण समारोह कोलकाता में चल रहा था, हुगली में माझी के गृह गांव ने अपनी कहानी खुद बताई। बात तेजी से फैली, और मध्य सुबह तक, जश्न सड़कों पर फैल गया – पड़ोसियों, पार्टी कार्यकर्ताओं और आम निवासियों ने एक ऐसे क्षण को चिह्नित किया, जो कई लोगों को, राजनीति की तरह कम और प्रतिशोध की तरह अधिक लगा। वह जिस मंत्रिमंडल में शामिल हुईं: कलिता माझी 35 सदस्यीय कैबिनेट में अपनी सीट लेती हैं जिसमें एक पूर्व टेस्ट क्रिकेटर, वरिष्ठ रणनीतिकार, टीएमसी दलबदलू और युवा जमीनी स्तर के चेहरे शामिल हैं। यह जानबूझकर फैलाया गया जाल है – लेकिन इस विस्तार की कहानी में, बर्तन धोने वाली महिला ने ही सबसे अधिक ध्यान आकर्षित किया है, और शायद, सबसे अधिक आशा भी।

महबूब खान ने बदला नाम और फातिमा बन गईं नरगिस:नरगिस की 97वीं जयंती पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े रोमांचक किस्से

महबूब खान ने बदला नाम और फातिमा बन गईं नरगिस:नरगिस की 97वीं जयंती पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े रोमांचक किस्से

‘आवारा’, ‘श्री 420’ और ‘मदर इंडिया’ जैसी कल्ट फिल्मो की अभिनेत्री नरगिस दत्त सिर्फ एक स्टार नहीं, हिंदी सिनेमा की एक विरासत थीं। अपने करियर में 50 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाली नरगिस की 97वीं जयंती पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ रोमांचक किस्से। नरगिस का जन्म ऐसे परिवार में हुआ, जहां कला और संगीत विरासत का हिस्सा थे। उनकी मां जद्दन बाई अपने दौर की मशहूर गायिका, संगीतकार, फिल्म निर्माता और अभिनेत्री थीं। बचपन में नरगिस का नाम फातिमा तेजेश्वरी रखा गया था, लेकिन फिल्मकार महबूब खान ने उन्हें नया नाम दिया- नरगिस। उनका मानना था कि ‘न’ अक्षर से शुरू होने वाले नाम भाग्यशाली होते हैं। महज 14 वर्ष की उम्र में नरगिस को महबूब खान की फिल्म ‘तकदीर’ मिली। स्क्रीन टेस्ट के दौरान ही उनकी प्रतिभा ने सभी को प्रभावित कर दिया और वे रातोंरात फिल्मी दुनिया की नई खोज बन गईं। हालांकि उनकी औपचारिक शिक्षा सीमित रही, लेकिन वे हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, गुजराती और मराठी भाषाएं जानती थीं। इतना ही नहीं, वे अच्छी सितार वादक भी थीं और उन्होंने उस्ताद विलायत खान से सितार सीखा था। फिल्मों में आने से पहले वे ‘बेबी रानी’ के नाम से जानी जाती थीं। राजकपूर के साथ एक अधूरी प्रेमकथा नरगिस और राज कपूर की कहानी हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों में शामिल है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों की पहली मुलाकात तब हुई थी, जब वे बच्चे थे। वर्षों बाद जब राज अपनी पहली फिल्म ‘आग’ के लिए नायिका की तलाश कर रहे थे, तो उनकी पसंद नरगिस पर जाकर रुकी। ‘आग’ के साथ शुरू हुई यह साझेदारी जल्द ही निजी रिश्ते में बदल गई। 1948 से 1956 के बीच दोनों ने लगभग 16 फिल्मों में साथ काम किया और उनकी जोड़ी दर्शकों की पसंदीदा बन गई। ‘बरसात’, ‘आवारा’ और ‘श्री 420’ जैसी फिल्मों ने उन्हें पर्दे का सबसे लोकप्रिय रोमांटिक जोड़ा बना दिया। करीबी मित्र और अभिनेत्री निम्मी के अनुसार…‘दोनों एक-दूसरे को प्यार से ‘बेब्स’ और ‘बेबी’ कहकर बुलाते थे। लेकिन इस रिश्ते की सबसे बड़ी बाधा यह थी कि राज पहले से शादीशुदा थे।‘ ‘मदर इंडिया’ ने बदली नरगिस की जिंदगी 1957 में आई ‘मदर इंडिया’ सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि भारतीय सिनेमा का मील का पत्थर साबित हुई। इसी फिल्म ने नरगिस को अभिनय के उस शिखर पर पहुंचाया, जहां बहुत कम कलाकार पहुंच पाते हैं। लेकिन शूटिंग के दौरान घटी एक घटना ने उनकी निजी जिंदगी भी बदल दी। शूटिंग के दौरान सेट पर लगी आग में नरगिस फंस गईं। उस समय सुनील दत्त ने अपनी जान जोखिम में डालकर उन्हें बाहर निकाला। इस हादसे में दोनों घायल हुए, लेकिन यहीं से उनके बीच भावनात्मक नजदीकियां बढ़ीं। धीरे-धीरे यह रिश्ता प्रेम में बदल गया और 1958 में दोनों ने विवाह कर लिया। उन दिनों उनके रिश्ते को लेकर कई तरह की चर्चाएं और अफवाहें भी उड़ीं, लेकिन सुनील दत्त हर परिस्थिति में नरगिस के साथ खड़े रहे। विवाह के बाद नरगिस ने फिल्मों से लगभग दूरी बना ली और पूरी तरह परिवार को समय देना शुरू कर दिया। सुनील दत्त उन्हें प्यार से मनरो कहकर बुलाते थे, जबकि नरगिस ने उन्हें फ्रैंसली नाम दिया था।

महबूब खान ने बदला नाम और फातिमा बन गईं नरगिस:नरगिस की 97वीं जयंती पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े रोमांचक किस्से

महबूब खान ने बदला नाम और फातिमा बन गईं नरगिस:नरगिस की 97वीं जयंती पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े रोमांचक किस्से

‘आवारा’, ‘श्री 420’ और ‘मदर इंडिया’ जैसी कल्ट फिल्मो की अभिनेत्री नरगिस दत्त सिर्फ एक स्टार नहीं, हिंदी सिनेमा की एक विरासत थीं। अपने करियर में 50 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाली नरगिस की 97वीं जयंती पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ रोमांचक किस्से। नरगिस का जन्म ऐसे परिवार में हुआ, जहां कला और संगीत विरासत का हिस्सा थे। उनकी मां जद्दन बाई अपने दौर की मशहूर गायिका, संगीतकार, फिल्म निर्माता और अभिनेत्री थीं। बचपन में नरगिस का नाम फातिमा तेजेश्वरी रखा गया था, लेकिन फिल्मकार महबूब खान ने उन्हें नया नाम दिया- नरगिस। उनका मानना था कि ‘न’ अक्षर से शुरू होने वाले नाम भाग्यशाली होते हैं। महज 14 वर्ष की उम्र में नरगिस को महबूब खान की फिल्म ‘तकदीर’ मिली। स्क्रीन टेस्ट के दौरान ही उनकी प्रतिभा ने सभी को प्रभावित कर दिया और वे रातोंरात फिल्मी दुनिया की नई खोज बन गईं। हालांकि उनकी औपचारिक शिक्षा सीमित रही, लेकिन वे हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, गुजराती और मराठी भाषाएं जानती थीं। इतना ही नहीं, वे अच्छी सितार वादक भी थीं और उन्होंने उस्ताद विलायत खान से सितार सीखा था। फिल्मों में आने से पहले वे ‘बेबी रानी’ के नाम से जानी जाती थीं। राजकपूर के साथ एक अधूरी प्रेमकथा नरगिस और राज कपूर की कहानी हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों में शामिल है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों की पहली मुलाकात तब हुई थी, जब वे बच्चे थे। वर्षों बाद जब राज अपनी पहली फिल्म ‘आग’ के लिए नायिका की तलाश कर रहे थे, तो उनकी पसंद नरगिस पर जाकर रुकी। ‘आग’ के साथ शुरू हुई यह साझेदारी जल्द ही निजी रिश्ते में बदल गई। 1948 से 1956 के बीच दोनों ने लगभग 16 फिल्मों में साथ काम किया और उनकी जोड़ी दर्शकों की पसंदीदा बन गई। ‘बरसात’, ‘आवारा’ और ‘श्री 420’ जैसी फिल्मों ने उन्हें पर्दे का सबसे लोकप्रिय रोमांटिक जोड़ा बना दिया। करीबी मित्र और अभिनेत्री निम्मी के अनुसार…‘दोनों एक-दूसरे को प्यार से ‘बेब्स’ और ‘बेबी’ कहकर बुलाते थे। लेकिन इस रिश्ते की सबसे बड़ी बाधा यह थी कि राज पहले से शादीशुदा थे।‘ ‘मदर इंडिया’ ने बदली नरगिस की जिंदगी 1957 में आई ‘मदर इंडिया’ सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि भारतीय सिनेमा का मील का पत्थर साबित हुई। इसी फिल्म ने नरगिस को अभिनय के उस शिखर पर पहुंचाया, जहां बहुत कम कलाकार पहुंच पाते हैं। लेकिन शूटिंग के दौरान घटी एक घटना ने उनकी निजी जिंदगी भी बदल दी। शूटिंग के दौरान सेट पर लगी आग में नरगिस फंस गईं। उस समय सुनील दत्त ने अपनी जान जोखिम में डालकर उन्हें बाहर निकाला। इस हादसे में दोनों घायल हुए, लेकिन यहीं से उनके बीच भावनात्मक नजदीकियां बढ़ीं। धीरे-धीरे यह रिश्ता प्रेम में बदल गया और 1958 में दोनों ने विवाह कर लिया। उन दिनों उनके रिश्ते को लेकर कई तरह की चर्चाएं और अफवाहें भी उड़ीं, लेकिन सुनील दत्त हर परिस्थिति में नरगिस के साथ खड़े रहे। विवाह के बाद नरगिस ने फिल्मों से लगभग दूरी बना ली और पूरी तरह परिवार को समय देना शुरू कर दिया। सुनील दत्त उन्हें प्यार से मनरो कहकर बुलाते थे, जबकि नरगिस ने उन्हें फ्रैंसली नाम दिया था।

चार बार की चैंपियन इगा स्वियातेक फ्रेंच ओपन से बाहर:यूक्रेन की कोस्त्युक ने हराया; महिला अंपायर पर कमेंट करने वाले खिलाड़ी पर जुर्माना

चार बार की चैंपियन इगा स्वियातेक फ्रेंच ओपन से बाहर:यूक्रेन की कोस्त्युक ने हराया; महिला अंपायर पर कमेंट करने वाले खिलाड़ी पर जुर्माना

फ्रेंच ओपन 2026 के विमेंस सिंगल्स में सोमवार को बड़ा उलटफेर हुआ। यूक्रेन की 15वीं वरीय मार्ता कोस्त्युक ने चार बार की चैंपियन और तीसरी वरीय इगा स्वियातेक को 7-5, 6-1 से हराकर बाहर कर दिया। मुकाबला 1 घंटा 39 मिनट चला। पहले सेट में कड़ी चुनौती के बाद स्वियातेक लय खो बैठीं और दूसरे सेट में वापसी नहीं कर सकीं। हार के बाद उन्होंने कहा कि वह मैच पर नियंत्रण नहीं रख सकीं और दबाव के कारण उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ। कोस्त्युक ने मिले मौकों का पूरा फायदा उठाया। कोस्त्युक का मैच स्वितोलिना होगा क्वार्टर फाइनल में कोस्त्युक का सामना यूक्रेन की एलिना स्वितोलिना से होगा। स्वितोलिना ने स्विट्जरलैंड की बेलिंडा बेनसिच को हराकर अंतिम-8 में जगह बनाई। इस मुकाबले की विजेता ओपन एरा में फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली यूक्रेनी महिला खिलाड़ी बनेगी। एक अन्य मैच में रोमानिया की सोराना सिर्स्तेआ ने चीन की वांग शियू को 6-3, 7-6 (4) से हराकर 17 साल बाद रोलां गैरो के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। यह उनके करियर का तीसरा ग्रैंड स्लैम क्वार्टर फाइनल है। अब उनका सामना रूस की मीरा एंड्रीवा से होगा। एंड्रीवा ने जिल टाइखमान को 6-3, 6-2 से हराया। पुरुषों में ज्वेरेव जीते, कैस्पर रूड बाहर पुरुष एकल वर्ग में दूसरी वरीयता प्राप्त अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने जेस्पर डी जोंग को सीधे सेटों में हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। ब्राजील के युवा खिलाड़ी जोआओ फोन्सेका ने कैस्पर रूड को 7-5, 7-6 (6), 5-7, 6-2 से हराकर पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। वायेहो पर 65,000 यूरो का जुर्माना, महिला अंपायर पर टिप्पणी की पैराग्वे के एडोल्फो डेनियल वायेहो पर 65 हजार यूरो (करीब 76 हजार डॉलर) का जुर्माना लगाया गया है। यह राशि उनके टूर्नामेंट से मिली पुरस्कार राशि की लगभग आधी है। पिछले हफ्ते दूसरे दौर में हारने के बाद वायेहो ने कहा था कि इतने कठिन मुकाबले में पुरुष अंपायर होना चाहिए था और महिला अंपायर के लिए ऐसी स्थिति संभालना मुश्किल है। फ्रैंच ओपन की डायरेक्टर अमेली मौरेस्मो ने सोमवार को कहा कि ऐसी टिप्पणियां पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। ——————————————–