Monday, 14 Sep 2026 | 09:14 AM

Trending :

EXCLUSIVE

महबूब खान ने बदला नाम और फातिमा बन गईं नरगिस:नरगिस की 97वीं जयंती पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े रोमांचक किस्से

महबूब खान ने बदला नाम और फातिमा बन गईं नरगिस:नरगिस की 97वीं जयंती पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े रोमांचक किस्से

‘आवारा’, ‘श्री 420’ और ‘मदर इंडिया’ जैसी कल्ट फिल्मो की अभिनेत्री नरगिस दत्त सिर्फ एक स्टार नहीं, हिंदी सिनेमा की एक विरासत थीं। अपने करियर में 50 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाली नरगिस की 97वीं जयंती पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ रोमांचक किस्से। नरगिस का जन्म ऐसे परिवार में हुआ, जहां कला और संगीत विरासत का हिस्सा थे। उनकी मां जद्दन बाई अपने दौर की मशहूर गायिका, संगीतकार, फिल्म निर्माता और अभिनेत्री थीं। बचपन में नरगिस का नाम फातिमा तेजेश्वरी रखा गया था, लेकिन फिल्मकार महबूब खान ने उन्हें नया नाम दिया- नरगिस। उनका मानना था कि ‘न’ अक्षर से शुरू होने वाले नाम भाग्यशाली होते हैं। महज 14 वर्ष की उम्र में नरगिस को महबूब खान की फिल्म ‘तकदीर’ मिली। स्क्रीन टेस्ट के दौरान ही उनकी प्रतिभा ने सभी को प्रभावित कर दिया और वे रातोंरात फिल्मी दुनिया की नई खोज बन गईं। हालांकि उनकी औपचारिक शिक्षा सीमित रही, लेकिन वे हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, गुजराती और मराठी भाषाएं जानती थीं। इतना ही नहीं, वे अच्छी सितार वादक भी थीं और उन्होंने उस्ताद विलायत खान से सितार सीखा था। फिल्मों में आने से पहले वे ‘बेबी रानी’ के नाम से जानी जाती थीं। राजकपूर के साथ एक अधूरी प्रेमकथा नरगिस और राज कपूर की कहानी हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों में शामिल है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों की पहली मुलाकात तब हुई थी, जब वे बच्चे थे। वर्षों बाद जब राज अपनी पहली फिल्म ‘आग’ के लिए नायिका की तलाश कर रहे थे, तो उनकी पसंद नरगिस पर जाकर रुकी। ‘आग’ के साथ शुरू हुई यह साझेदारी जल्द ही निजी रिश्ते में बदल गई। 1948 से 1956 के बीच दोनों ने लगभग 16 फिल्मों में साथ काम किया और उनकी जोड़ी दर्शकों की पसंदीदा बन गई। ‘बरसात’, ‘आवारा’ और ‘श्री 420’ जैसी फिल्मों ने उन्हें पर्दे का सबसे लोकप्रिय रोमांटिक जोड़ा बना दिया। करीबी मित्र और अभिनेत्री निम्मी के अनुसार…‘दोनों एक-दूसरे को प्यार से ‘बेब्स’ और ‘बेबी’ कहकर बुलाते थे। लेकिन इस रिश्ते की सबसे बड़ी बाधा यह थी कि राज पहले से शादीशुदा थे।‘ ‘मदर इंडिया’ ने बदली नरगिस की जिंदगी 1957 में आई ‘मदर इंडिया’ सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि भारतीय सिनेमा का मील का पत्थर साबित हुई। इसी फिल्म ने नरगिस को अभिनय के उस शिखर पर पहुंचाया, जहां बहुत कम कलाकार पहुंच पाते हैं। लेकिन शूटिंग के दौरान घटी एक घटना ने उनकी निजी जिंदगी भी बदल दी। शूटिंग के दौरान सेट पर लगी आग में नरगिस फंस गईं। उस समय सुनील दत्त ने अपनी जान जोखिम में डालकर उन्हें बाहर निकाला। इस हादसे में दोनों घायल हुए, लेकिन यहीं से उनके बीच भावनात्मक नजदीकियां बढ़ीं। धीरे-धीरे यह रिश्ता प्रेम में बदल गया और 1958 में दोनों ने विवाह कर लिया। उन दिनों उनके रिश्ते को लेकर कई तरह की चर्चाएं और अफवाहें भी उड़ीं, लेकिन सुनील दत्त हर परिस्थिति में नरगिस के साथ खड़े रहे। विवाह के बाद नरगिस ने फिल्मों से लगभग दूरी बना ली और पूरी तरह परिवार को समय देना शुरू कर दिया। सुनील दत्त उन्हें प्यार से मनरो कहकर बुलाते थे, जबकि नरगिस ने उन्हें फ्रैंसली नाम दिया था।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
वेस्टइंडीज की हार से भारत की राह आसान:अब विंडीज को ही आखिरी मैच हराना होगा; न्यूजीलैंड आज जीता तो पाकिस्तान बाहर

February 27, 2026/
3:53 am

टी-20 वर्ल्ड कप में गुरुवार का दिन भारतीय टीम के लिए अच्छा रहा। साउथ अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को 9 विकेट...

Spain Held by Cape Verde in FIFA World Cup 2026 Qualifier

June 16, 2026/
12:55 am

अटलांटा14 मिनट पहले कॉपी लिंक मैच समाप्त होने के बाद केप वर्डे के गोलकीपर वोजिन्हा ने जश्न मनाया। FIFA वर्ल्ड...

India-US Trade Deal Meeting Postponed

February 22, 2026/
1:51 pm

वॉशिंगटन डीसी14 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते (ITA) को लेकर होने वाली बैठक...

रणवीर सिंह ने डॉन 3 का साइनिंग अमाउंट लौटाया:क्रिएटिव डिफरेंस से शुरू हुआ था विवाद, आमिर खान ने भी की थी मामला सुलझाने की कोशिश

April 22, 2026/
12:37 pm

लंबे विवाद के बाद अब रणवीर सिंह ने डॉन 3 को आधिकारिक तौर पर छोड़ दिया है। मेकर्स से विवाद...

प्लेऑफ की टीमों में क्या रहा कॉमन फैक्टर:टॉप बैटर्स ने औसतन 1550+ रन बनाए; कोई टीम लगातार 3 से ज्यादा मैच नहीं हारी

May 25, 2026/
4:30 am

IPL 2026 के लीग स्टेज के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, गुजरात टाइटंस, सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स ने प्लेऑफ में...

धुरंधर फिल्म की अभिनेत्री सारा अर्जुन महाकाल मंदिर पहुंची:मां के जन्मदिन पर महाकाल का आशीर्वाद लेने भस्म आरती में शामिल हुई

April 11, 2026/
7:06 am

हाल ही में रिलीज फिल्म धुरंधर की अभिनेत्री सारा अर्जुन शनिवार तड़के श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं। उनके साथ पिता राज...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

महबूब खान ने बदला नाम और फातिमा बन गईं नरगिस:नरगिस की 97वीं जयंती पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े रोमांचक किस्से

महबूब खान ने बदला नाम और फातिमा बन गईं नरगिस:नरगिस की 97वीं जयंती पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े रोमांचक किस्से

‘आवारा’, ‘श्री 420’ और ‘मदर इंडिया’ जैसी कल्ट फिल्मो की अभिनेत्री नरगिस दत्त सिर्फ एक स्टार नहीं, हिंदी सिनेमा की एक विरासत थीं। अपने करियर में 50 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाली नरगिस की 97वीं जयंती पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ रोमांचक किस्से। नरगिस का जन्म ऐसे परिवार में हुआ, जहां कला और संगीत विरासत का हिस्सा थे। उनकी मां जद्दन बाई अपने दौर की मशहूर गायिका, संगीतकार, फिल्म निर्माता और अभिनेत्री थीं। बचपन में नरगिस का नाम फातिमा तेजेश्वरी रखा गया था, लेकिन फिल्मकार महबूब खान ने उन्हें नया नाम दिया- नरगिस। उनका मानना था कि ‘न’ अक्षर से शुरू होने वाले नाम भाग्यशाली होते हैं। महज 14 वर्ष की उम्र में नरगिस को महबूब खान की फिल्म ‘तकदीर’ मिली। स्क्रीन टेस्ट के दौरान ही उनकी प्रतिभा ने सभी को प्रभावित कर दिया और वे रातोंरात फिल्मी दुनिया की नई खोज बन गईं। हालांकि उनकी औपचारिक शिक्षा सीमित रही, लेकिन वे हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, गुजराती और मराठी भाषाएं जानती थीं। इतना ही नहीं, वे अच्छी सितार वादक भी थीं और उन्होंने उस्ताद विलायत खान से सितार सीखा था। फिल्मों में आने से पहले वे ‘बेबी रानी’ के नाम से जानी जाती थीं। राजकपूर के साथ एक अधूरी प्रेमकथा नरगिस और राज कपूर की कहानी हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों में शामिल है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों की पहली मुलाकात तब हुई थी, जब वे बच्चे थे। वर्षों बाद जब राज अपनी पहली फिल्म ‘आग’ के लिए नायिका की तलाश कर रहे थे, तो उनकी पसंद नरगिस पर जाकर रुकी। ‘आग’ के साथ शुरू हुई यह साझेदारी जल्द ही निजी रिश्ते में बदल गई। 1948 से 1956 के बीच दोनों ने लगभग 16 फिल्मों में साथ काम किया और उनकी जोड़ी दर्शकों की पसंदीदा बन गई। ‘बरसात’, ‘आवारा’ और ‘श्री 420’ जैसी फिल्मों ने उन्हें पर्दे का सबसे लोकप्रिय रोमांटिक जोड़ा बना दिया। करीबी मित्र और अभिनेत्री निम्मी के अनुसार…‘दोनों एक-दूसरे को प्यार से ‘बेब्स’ और ‘बेबी’ कहकर बुलाते थे। लेकिन इस रिश्ते की सबसे बड़ी बाधा यह थी कि राज पहले से शादीशुदा थे।‘ ‘मदर इंडिया’ ने बदली नरगिस की जिंदगी 1957 में आई ‘मदर इंडिया’ सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि भारतीय सिनेमा का मील का पत्थर साबित हुई। इसी फिल्म ने नरगिस को अभिनय के उस शिखर पर पहुंचाया, जहां बहुत कम कलाकार पहुंच पाते हैं। लेकिन शूटिंग के दौरान घटी एक घटना ने उनकी निजी जिंदगी भी बदल दी। शूटिंग के दौरान सेट पर लगी आग में नरगिस फंस गईं। उस समय सुनील दत्त ने अपनी जान जोखिम में डालकर उन्हें बाहर निकाला। इस हादसे में दोनों घायल हुए, लेकिन यहीं से उनके बीच भावनात्मक नजदीकियां बढ़ीं। धीरे-धीरे यह रिश्ता प्रेम में बदल गया और 1958 में दोनों ने विवाह कर लिया। उन दिनों उनके रिश्ते को लेकर कई तरह की चर्चाएं और अफवाहें भी उड़ीं, लेकिन सुनील दत्त हर परिस्थिति में नरगिस के साथ खड़े रहे। विवाह के बाद नरगिस ने फिल्मों से लगभग दूरी बना ली और पूरी तरह परिवार को समय देना शुरू कर दिया। सुनील दत्त उन्हें प्यार से मनरो कहकर बुलाते थे, जबकि नरगिस ने उन्हें फ्रैंसली नाम दिया था।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.