सीएम फडणवीस की पत्नी ने ई-रिक्शा चलाया, VIDEO:एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर पैसेंजर बनीं, पिंक ई-रिक्शा पहल की शुरुआत हुई

विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर रविवार को भामला फाउंडेशन के विमेन-लेड ग्रीन मोबिलिटी प्रोग्राम के तहत पिंक ई-रिक्शा सहायता पहल की शुरुआत की गई। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने ई-रिक्शा चलाया। वहीं, रिक्शा में उनके पीछे बॉलीवुड एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर बैठी थीं। देखें कार्यक्रम की 2 तस्वीरें- भूमि ने पिंक ई-रिक्शा पहल की तारीफ की मीडिया से बातचीत करते हुए भूमि ने कार्यक्रम को लेकर कहा कि यह सिर्फ पर्यावरण से जुड़ी पहल नहीं है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और आर्थिक आजादी को भी बढ़ावा देने वाला कदम है। एक्ट्रेस ने कहा कि जब भामला फाउंडेशन ने उन्हें इस पहल के बारे में बताया, तो उन्होंने तुरंत इसका हिस्सा बनने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि इसके तहत महिला ड्राइवरों को ई-रिक्शा दिए जाएंगे, जिससे उन्हें रोजगार और आर्थिक मजबूती मिलेगी। भूमि ने कहा कि अगर देश की महिलाएं सक्षम होंगी तो देश और तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की बातें तो अक्सर होती हैं, लेकिन भामला फाउंडेशन ने इसे जमीन पर उतारकर दिखाया है। मुंबई में 1000 ई-रिक्शा लॉन्च होंगे भूमि ने उम्मीद जताई कि पिंक ई-रिक्शा की यह पहल पूरे देश में फैलेगी। उन्होंने बताया कि मुंबई में 1000 पिंक ई-रिक्शा लॉन्च किए जा रहे हैं, जबकि महाराष्ट्र में 12 हजार ई-रिक्शा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। भामला फाउंडेशन मुंबई की एक गैर-सरकारी संस्था (एनजीओ) है। इसकी शुरुआत साल 1995 में आसिफ भामला ने की थी। शुरुआत में यह संस्था सामाजिक और राष्ट्रीय एकता से जुड़े मुद्दों पर काम करती थी। बाद में इसने अपने काम का दायरा बढ़ाया। आज यह संस्था पर्यावरण बचाने, स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने, युवाओं को आगे बढ़ाने और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई अभियान चलाती है। वर्कफ्रंट की बात करें तो भूमि पेडनेकर आखिरी बार अमेजन प्राइम की वेब सीरीज ‘दलदल’ में नजर आई थीं। इस सीरीज में उन्होंने डीसीपी रीटा फरेरा का किरदार निभाया था। भूमि पेडनेकर से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… संघर्ष, ट्रॉमा-रिजेक्शन से उठकर स्ट्रॉन्ग एक्ट्रेस बनीं भूमि पेडनेकर:बोलीं- स्कूल में बुलिंग होती थी, तभी सोचा कि एक दिन सबको कुछ बनकर दिखाऊंगी संघर्ष, ट्रॉमा, रिजेक्शन और सामाजिक तानों के बीच खुद को साबित करने वाली अभिनेत्री का नाम है भूमि पेडनेकर। मुंबई की चमकदार फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाना आसान नहीं होता, खासकर तब जब शुरुआत आत्म-संदेह, असुरक्षा और निजी आघातों से भरी हो। पूरी खबर यहां पढ़ें…
Mumbai: Raveena Tandons Brothers House Theft

7 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्ट्रेस रवीना टंडन के भाई राजीव टंडन के घर से 25 लाख रुपए के सोने-हीरे के गहने और घड़ियां चोरी करने के आरोप में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है। जुहू पुलिस के मुताबिक, 47 वर्षीय आरोपी महिला राशि छाबड़िया को रवीना टंडन की बुजुर्ग मां वीणा टंडन की देखभाल के लिए केयरटेकर रखा गया था। आरोपी महिला ने परिवार का भरोसा जीतकर लॉकर से चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है। एक्ट्रेस रवीना टंडन और उनके भाई राजीव टंडन। अक्टूबर में पता चली थी चोरी की बात पुलिस एफआईआर के मुताबिक, यह चोरी पिछले साल अक्टूबर में पकड़ी गई थी। राजीव टंडन के परिवार ने जब अपने घर का सेफ (तिजोरी) चेक किया, तो वह टूटा हुआ था। लॉकर से सोने और हीरे के गहने समेत दो कीमती घड़ियां गायब थीं। चोरी हुए सामान की कुल कीमत करीब 25 लाख रुपए बताई गई है। घर की दूसरी मंजिल पर सिर्फ परिवार के लोग और केयरटेकर राशि छाबड़िया ही जा सकते थे, जहां यह लॉकर रखा हुआ था। रवीना टंडन और उनकी मां वीना टंडन। बातचीत में कबूला जुर्म, घड़ियां लौटाईं पर गहने नहीं राजीव टंडन ने जब राशि छाबड़िया से इस बारे में पूछताछ की, तो उसने पहले आरोपों से इनकार किया। बाद में उसने चोरी की बात मान ली। आरोपी महिला ने चोरी की दो महंगी घड़ियां तो परिवार को लौटा दीं, लेकिन गहने वापस नहीं किए। उसने दावा किया कि सारे गहने उसने जगदीश नाम के अपने एक साथी को दे दिए हैं और वह जल्द ही इन्हें वापस लाकर दे देगी। हालांकि, बार-बार कहने के बाद भी उसने गहने वापस नहीं किए। शिकायत करने पर मिली ड्रग्स केस की धमकी राजीव टंडन की शिकायत के अनुसार, जब उन्होंने अपने गहने वापस मांगने के लिए दबाव बनाया, तो उन्हें धमकियां मिलने लगीं। राशि छाबड़िया के एक साथी ने खुद को पुलिस मुखबिर बताते हुए राजीव टंडन को डराया। उसने कहा कि अगर उन्होंने गहने वापस मांगने का सिलसिला बंद नहीं किया, तो वह उन्हें नशीले पदार्थों (नारकोटिक्स) के झूठे केस में फंसा देगी। इसके बाद परिवार ने पुलिस में मामला दर्ज कराया। साल 2020 से परिवार से जुड़ी थी आरोपी राजीव टंडन ने पुलिस को बताया कि राशि छाबड़िया खार इलाके की रहने वाली है। कुछ कॉमन दोस्तों के जरिए वह साल 2020 से उनके परिवार में आ-जा रही थी। पति और माता-पिता की मौत के बाद वह टंडन परिवार के काफी करीब आ गई थी। इसी वजह से उसे घर में कहीं भी आने-जाने की पूरी छूट मिली हुई थी। जुहू पुलिस ने राशि को 21 मई को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद कोर्ट ने उसे 29 मई तक पुलिस कस्टडी में भेजा था। मामले की जांच अभी जारी है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Mumbai: Raveena Tandons Brothers House Theft

43 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्ट्रेस रवीना टंडन के भाई राजीव टंडन के घर से 25 लाख रुपए के सोने-हीरे के गहने और घड़ियां चोरी करने के आरोप में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है। जुहू पुलिस के मुताबिक, 47 वर्षीय आरोपी महिला राशि छाबड़िया को रवीना टंडन की बुजुर्ग मां वीणा टंडन की देखभाल के लिए केयरटेकर रखा गया था। आरोपी महिला ने परिवार का भरोसा जीतकर लॉकर से चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है। एक्ट्रेस रवीना टंडन और उनके भाई राजीव टंडन। अक्टूबर में पता चली थी चोरी की बात पुलिस एफआईआर के मुताबिक, यह चोरी पिछले साल अक्टूबर में पकड़ी गई थी। राजीव टंडन के परिवार ने जब अपने घर का सेफ (तिजोरी) चेक किया, तो वह टूटा हुआ था। लॉकर से सोने और हीरे के गहने समेत दो कीमती घड़ियां गायब थीं। चोरी हुए सामान की कुल कीमत करीब 25 लाख रुपए बताई गई है। घर की दूसरी मंजिल पर सिर्फ परिवार के लोग और केयरटेकर राशि छाबड़िया ही जा सकते थे, जहां यह लॉकर रखा हुआ था। रवीना टंडन और उनकी मां वीना टंडन। बातचीत में कबूला जुर्म, घड़ियां लौटाईं पर गहने नहीं राजीव टंडन ने जब राशि छाबड़िया से इस बारे में पूछताछ की, तो उसने पहले आरोपों से इनकार किया। बाद में उसने चोरी की बात मान ली। आरोपी महिला ने चोरी की दो महंगी घड़ियां तो परिवार को लौटा दीं, लेकिन गहने वापस नहीं किए। उसने दावा किया कि सारे गहने उसने जगदीश नाम के अपने एक साथी को दे दिए हैं और वह जल्द ही इन्हें वापस लाकर दे देगी। हालांकि, बार-बार कहने के बाद भी उसने गहने वापस नहीं किए। शिकायत करने पर मिली ड्रग्स केस की धमकी राजीव टंडन की शिकायत के अनुसार, जब उन्होंने अपने गहने वापस मांगने के लिए दबाव बनाया, तो उन्हें धमकियां मिलने लगीं। राशि छाबड़िया के एक साथी ने खुद को पुलिस मुखबिर बताते हुए राजीव टंडन को डराया। उसने कहा कि अगर उन्होंने गहने वापस मांगने का सिलसिला बंद नहीं किया, तो वह उन्हें नशीले पदार्थों (नारकोटिक्स) के झूठे केस में फंसा देगी। इसके बाद परिवार ने पुलिस में मामला दर्ज कराया। साल 2020 से परिवार से जुड़ी थी आरोपी राजीव टंडन ने पुलिस को बताया कि राशि छाबड़िया खार इलाके की रहने वाली है। कुछ कॉमन दोस्तों के जरिए वह साल 2020 से उनके परिवार में आ-जा रही थी। पति और माता-पिता की मौत के बाद वह टंडन परिवार के काफी करीब आ गई थी। इसी वजह से उसे घर में कहीं भी आने-जाने की पूरी छूट मिली हुई थी। जुहू पुलिस ने राशि को 21 मई को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद कोर्ट ने उसे 29 मई तक पुलिस कस्टडी में भेजा था। मामले की जांच अभी जारी है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Aqib Nabi Joins For Afghanistan Test

नई दिल्ली14 मिनट पहले कॉपी लिंक जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच से पहले टीम इंडिया से जुड़ गए हैं। उन्हें नेट बॉलर के रूप में चंडीगढ़ में चल रहे भारतीय कैंप में शामिल किया गया है। मैच 6 जून से मुल्लांपुर स्टेडियम में खेला जाएगा। 29 साल के नबी 19 मई को जारी टेस्ट और वनडे टीम में नहीं चुने गए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें भारतीय टीम के माहौल में घुलने-मिलने के लिए बुलाया है। कुछ दिन पहले प्रिंस यादव को भी टीम से जोड़ा गया था। नबी ने पिछले रणजी सीजन में 60 विकेट लिए नबी पिछले दो रणजी ट्रॉफी सीजन में घरेलू क्रिकेट के सबसे सफल तेज गेंदबाज रहे हैं। उन्होंने पिछले सीजन में 17 पारियों में 60 विकेट लेकर जम्मू-कश्मीर को पहली बार चैंपियन बनाया था। उन्होंने इससे पहले वाले सीजन में 44 विकेट झटके थे। इस तरह दो सीजन में उनके खाते में 104 विकेट दर्ज हैं। रणजी ट्रॉफी जीतने के बाद जम्मू-कश्मीर के आकिब नबी। नबी न्यूजीलैंड दौरे के लिए संभावित विकल्प नबी को भारत के न्यूजीलैंड दौरे के लिए संभावित विकल्प माना जा रहा है। अक्टूबर में होने वाले इस दौरे पर भारतीय टीम को दो टेस्ट मैच खेलने हैं। वहां की सीम और स्विंग के लिए मददगार परिस्थितियां उनके पक्ष में जा सकती हैं। लोअर ऑर्डर में बैटिंग भी कर लेते हैं नबी आकिब नबी बल्लेबाजी में भी उपयोगी योगदान देते हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके नाम 969 रन हैं। लिस्ट-ए क्रिकेट में उन्होंने एक शतक सहित 572 रन बनाए हैं। हालांकि, IPL 2026 में उनका प्रदर्शन खास नहीं रहा। दिल्ली कैपिटल्स की ओर से पांच मुकाबलों में वे कोई विकेट नहीं ले सके। उनकी इकोनॉमी 11.46 रही। आखिर में अफगानिस्तान के भारत दौरे का शेड्यूल पढ़िए… ———————————— क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… खराब रोशनी से टेस्ट मैच नहीं रुकेगा, ICC ने गुलाबी गेंद के ट्रायल की मंजूरी दी टेस्ट क्रिकेट में खराब रोशनी की वजह से खेल रुकने की समस्या जल्द ही खत्म हो सकती है। दिन में होने वाले टेस्ट मैच में लाल गेंद से खेल होता है। अगर खराब रोशनी से खेल रुकता है तो दोनों की कप्तानों की सहमति से गुलाबी गेंद का इस्तेमाल हो सकेगा। गुलाबी गेंद फ्लड लाइट्स में देखी जा सकती है। लाल गेंद से फ्लड लाइट्स में खेल नहीं हो पाता है। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Aqib Nabi Joins For Afghanistan Test

नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच से पहले टीम इंडिया से जुड़ गए हैं। उन्हें नेट बॉलर के रूप में चंडीगढ़ में चल रहे भारतीय कैंप में शामिल किया गया है। मैच 6 जून से मुल्लांपुर स्टेडियम में खेला जाएगा। 29 साल के नबी 19 मई को जारी टेस्ट और वनडे टीम में नहीं चुने गए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें भारतीय टीम के माहौल में घुलने-मिलने के लिए बुलाया है। कुछ दिन पहले प्रिंस यादव को भी टीम से जोड़ा गया था। नबी ने पिछले रणजी सीजन में 60 विकेट लिए नबी पिछले दो रणजी ट्रॉफी सीजन में घरेलू क्रिकेट के सबसे सफल तेज गेंदबाज रहे हैं। उन्होंने पिछले सीजन में 17 पारियों में 60 विकेट झटके। उन्होंने पिछले सीजन में 17 पारियों में 60 विकेट लेकर जम्मू-कश्मीर को पहली बार चैंपियन बनाया था। इस तरह दो सीजन में उनके खाते में 104 विकेट दर्ज हैं। नबी न्यूजीलैंड दौरे के लिए संभावित विकल्प नबी को भारत के न्यूजीलैंड दौरे के लिए संभावित विकल्प माना जा रहा है। अक्टूबर में होने वाले इस दौरे पर भारतीय टीम को दो टेस्ट मैच खेलने हैं। वहां की सीम और स्विंग के लिए मददगार परिस्थितियां उनके पक्ष में जा सकती हैं। लोअर ऑर्डर में बैटिंग भी कर लेते हैं नबी आकिब नबी बल्लेबाजी में भी उपयोगी योगदान देते हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके नाम 969 रन हैं। लिस्ट-ए क्रिकेट में उन्होंने एक शतक सहित 572 रन बनाए हैं। हालांकि, IPL 2026 में उनका प्रदर्शन खास नहीं रहा। दिल्ली कैपिटल्स की ओर से पांच मुकाबलों में वे कोई विकेट नहीं ले सके। उनकी इकोनॉमी 11.46 रही। आखिर में अफगानिस्तान के भारत दौरे का शेड्यूल पढ़िए… ———————————— क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… खराब रोशनी से टेस्ट मैच नहीं रुकेगा, ICC ने गुलाबी गेंद के ट्रायल की मंजूरी दी टेस्ट क्रिकेट में खराब रोशनी की वजह से खेल रुकने की समस्या जल्द ही खत्म हो सकती है। दिन में होने वाले टेस्ट मैच में लाल गेंद से खेल होता है। अगर खराब रोशनी से खेल रुकता है तो दोनों की कप्तानों की सहमति से गुलाबी गेंद का इस्तेमाल हो सकेगा। गुलाबी गेंद फ्लड लाइट्स में देखी जा सकती है। लाल गेंद से फ्लड लाइट्स में खेल नहीं हो पाता है। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
बीजेपी से बाहर निकलने के बाद, क्या अन्नामलाई तमिलनाडु उपचुनाव में अपनी ताकत का परीक्षण करेंगे? | भारत समाचार

आखरी अपडेट:02 जून, 2026, 14:00 IST यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अन्नामलाई एक जन आंदोलन शुरू करने का इरादा रखते हैं जिसका उद्देश्य युवा मतदाताओं, विशेषकर जेन जेड के साथ सीधा संबंध बनाना है। के अन्नामलाई ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है और भाजपा से ‘सौहार्दपूर्ण निकास’ की मांग की है। (एक्स) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से बाहर निकलने के बाद के अन्नामलाई के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं, अब तमिलनाडु के राजनीतिक हलकों में एक महत्वपूर्ण सवाल पर ध्यान केंद्रित हो रहा है: क्या पूर्व आईपीएस अधिकारी राज्य के उपचुनावों में अपनी ताकत का परीक्षण करेंगे? राज्य में तेजी से बदलते राजनीतिक परिदृश्य के बीच इस सवाल ने तूल पकड़ लिया है। वर्तमान में पांच विधानसभा सीटें खाली हैं, जिससे आने वाले महीनों में उपचुनाव की संभावना बन रही है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद पेरम्बूर को बरकरार रखने का विकल्प चुनने के बाद त्रिची पूर्व सीट खाली कर दी, जिसमें उनके टीवीके ने राज्य में जीत हासिल की। इसके अलावा, चार एआईएडीएमके विधायकों ने विजय की तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) में शामिल होने से पहले पिछले महीने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था। सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया कि रिक्तियों की संख्या और बढ़ सकती है. कहा जा रहा है कि कुछ और विधायक अपनी सीटों से इस्तीफा देने और पाला बदलने पर विचार कर रहे हैं, जिससे संभावित रूप से भविष्य में किसी भी उपचुनाव की कवायद का दायरा बढ़ जाएगा। यह भी पढ़ें | बाहर निकलने की अफवाहें, नई पार्टी की चर्चा और एक दिल्ली यात्रा: अन्नामलाई की कहानी कैसे सामने आई यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अन्नामलाई खुद को उस स्थिति के लिए तैयार कर रहे हैं जिसे उनके करीबी सूत्र एक बड़े राजनीतिक प्रोजेक्ट के रूप में वर्णित करते हैं। उनकी योजनाओं से परिचित लोगों का कहना है कि पूर्व भाजपा नेता इस साल के अंत में एक जन आंदोलन शुरू करने का इरादा रखते हैं, जिसका उद्देश्य युवा मतदाताओं, विशेष रूप से जेन जेड के साथ सीधा जुड़ाव बनाना है। यह आंदोलन एक राजनीतिक पार्टी के अग्रदूत के रूप में काम करने की उम्मीद है जिसे अन्नामलाई आने वाले महीनों में बनाने की योजना बना रहे हैं। हालांकि कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, अन्नामलाई ने खुद बार-बार संकेत दिया है कि एक बड़ी राजनीतिक पहल पर काम चल रहा है। अपने भविष्य पर तीव्र अटकलों के बीच हाल ही में पत्रकारों से बात करते हुए, उन्होंने समर्थकों से “दो दिन इंतजार करने” के लिए कहा, एक ऐसी टिप्पणी जिसने एक नए राजनीतिक अध्याय की उम्मीदों को और बढ़ा दिया। समय महत्वपूर्ण है. हाल के महीनों में अन्नामलाई के राजनीतिक संदेश ने तेजी से सुझाव दिया है कि वह भाजपा और पारंपरिक द्रविड़ प्रतिष्ठान दोनों से परे एक अवसर देखते हैं। उन्होंने बार-बार तर्क दिया है कि तमिलनाडु का दशकों पुराना द्रविड़ राजनीतिक मॉडल ख़त्म हो रहा है और मतदाता, विशेषकर युवा पीढ़ी, एक नए विकल्प की तलाश कर रहे हैं। अन्नामलाई के करीबी सूत्रों ने सोमवार को सीएनएन-न्यूज18 को बताया था कि तमिलनाडु के पूर्व भाजपा प्रमुख का मानना है कि विजय के एक प्रमुख राजनीतिक ताकत के रूप में उभरने के बाद राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में बुनियादी बदलाव आया है। चर्चाओं से अवगत एक सूत्र ने कहा, “आज विजय से लड़ने के लिए कोई नेता नहीं है। द्रविड़ युग खत्म हो गया है। केवल भाषा के मुद्दों पर केंद्रित राजनीति अब काम नहीं करेगी। राज्य की राजनीति बदल गई है।” राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह प्रशंसा पहली बार मतदाताओं के बीच विजय की बढ़ती अपील के प्रति अन्नामलाई की मान्यता को दर्शा सकती है। लेकिन इससे एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया है: क्या अन्नामलाई खुद को विजय की पूरक शक्ति या अंतिम विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं? उनके सामने चुनौती बड़ी है. दक्षिण में भाजपा के सबसे पहचाने जाने वाले चेहरों में से एक के रूप में उभरने और तमिलनाडु में पार्टी की दृश्यता में उल्लेखनीय रूप से विस्तार करने के बावजूद, अन्नामलाई ने कोई चुनाव नहीं जीता है। फिर भी उनके समर्थकों का तर्क है कि केवल चुनावी जीत ही उनकी निरंतर प्रासंगिकता को स्पष्ट नहीं करती है। एक हाई-प्रोफाइल पुलिस करियर के बाद राजनीति में प्रवेश करने के बाद से, उन्होंने एक मजबूत सोशल मीडिया फॉलोइंग बनाई है, एक सत्ता-विरोधी प्रचारक के रूप में प्रतिष्ठा बनाई है और राज्य की सबसे पहचानने योग्य राजनीतिक हस्तियों में से एक बन गए हैं। यदि ऐसा होता है तो उपचुनाव प्रतियोगिता महज़ एक स्थानीय चुनाव से कहीं अधिक बन सकती है। यह अन्नामलाई को यह परखने का मौका दे सकता है कि क्या उनकी व्यक्तिगत लोकप्रियता भाजपा के ढांचे के बाहर वोटों में तब्दील हो सकती है और क्या द्रविड़ प्रमुखों और विजय की तेजी से बढ़ती टीवीके के बीच एक राजनीतिक ताकत के लिए जगह है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में पूर्णिमा मुरली सीएनएन-न्यूज18 की वरिष्ठ विशेष संवाददाता पूर्णिमा मुरली ने तमिलनाडु में नागरिक और राजनीतिक मुद्दों पर एक दशक से अधिक समय तक रिपोर्टिंग की है। वह पिछले कुछ वर्षों से चैनल के लिए चेन्नई ब्यूरो का नेतृत्व कर रही हैं…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया बीजेपी से बाहर निकलने के बाद, क्या अन्नामलाई तमिलनाडु उपचुनाव में अपनी ताकत का परीक्षण करेंगे? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)के अन्नामलाई राजनीतिक भविष्य(टी)तमिलनाडु उपचुनाव(टी)भारतीय जनता पार्टी(टी)विजय टीवीके राजनीति(टी)द्रविड़ राजनीतिक मॉडल(टी)तमिलनाडु बीजेपी(टी)जेन जेड मतदाता भारत(टी)तमिलनाडु विधानसभा रिक्तियां
कंगना रनोट की पहली फिल्म देख पैरेंट्स हुए नाराज:गैंगस्टर को लेकर कहा था- समाज क्या सोचेगा, उनकी बेटी कैसी फिल्में कर रही है

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनोट ने अपनी डेब्यू फिल्म गैंगस्टर को लेकर बताया कि यह फिल्म देखने के बाद उनके माता-पिता खुश नहीं थे और फिल्म के कुछ सीन्स को लेकर चिंतित थे। अपनी आगामी फिल्म भारत भाग्य विधाता के प्रमोशन के दौरान एक्ट्रेस ने बताया, “गैंगस्टर देखने के बाद मेरे पिताजी ने कोई प्रतिक्रिया ही नहीं दी। फिर मैंने माताजी से पूछा, मम्मी, आपको मेरी फिल्म कैसी लगी? तो उन्होंने कहा, नहीं, हमारे समाज में… तुम अभी बहुत छोटी थीं, अंडरएज भी थीं। तुमसे इस तरह के सीन करवा लिए गए।” एक्ट्रेस ने कहा, “मैंने कहा, पूरी फिल्म में आपको वही सीन दिखे? सच कहूं तो मेरा दिल टूट गया था। मुझे बहुत बुरा लगा कि उन्होंने उस फिल्म को इस तरह देखा क्योंकि वे लोग सोच रहे थे कि समाज क्या सोचेगा, कि उनकी बेटी कैसी फिल्में कर रही है।” कंगना ने कहा कि उसी समय उन्होंने फैसला कर लिया था कि वह अपनी फिल्मों को लेकर माता-पिता से किसी खास प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं करेंगी, क्योंकि उनका परिवार फिल्मी दुनिया से नहीं जुड़ा था। ‘क्वीन’ के लिए मिला था अमिताभ बच्चन का पत्र एक्ट्रेस ने बताया कि जब मुझे फिल्म ‘क्वीन’ के लिए अमिताभ बच्चन जी का एक खूबसूरत पत्र मिला, जिसमें उन्होंने मेरी परफॉर्मेंस की तारीफ की थी, तब मैंने सोचा कि जिस तरह अमिताभ बच्चन मेरे काम को समझ सकते हैं, मेरे पिताजी वैसा नहीं समझ सकते और इसके लिए मैं उनसे नाराज भी नहीं हो सकती, क्योंकि वह कलाकार नहीं हैं। उनका अपना अलग काम है। नेशनल अवॉर्ड मिलने पर परिवार खुश हुआ कंगना ने यह भी बताया कि समय के साथ उनके माता-पिता की सोच बदली। जब उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला तो उनका परिवार बेहद खुश हुआ। उन्हें लगा कि उनकी बेटी को देश के राष्ट्रपति के हाथों सम्मान मिला है। इसके बाद जब कंगना को पद्मश्री पुरस्कार मिला तो यह उनके परिवार के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। उनके मुताबिक, तब उनके माता-पिता को एहसास हुआ कि फिल्मों में काम करते हुए भी सम्मान, पहचान और बड़े नागरिक सम्मान हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके बाद उनके परिवार ने उनके काम को एक अलग नजरिए से देखना शुरू किया। ‘भारत भाग्य विधाता’ में आएंगी नजर कंगना रनोट की अपकमिंग फिल्म भारत भाग्य विधाता वास्तविक घटनाओं से प्रेरित बताई जा रही है। फिल्म संकट की स्थिति में एक सरकारी अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा दिखाई गई हिम्मत और मानवता की कहानी पर आधारित है। डायरेक्टर मनोज तापड़िया की इस फिल्म में गिरिजा ओक, स्मिता तांबे, अमृता नामदेव, ईशा डे, प्रिया बेर्डे और आशा शेलार भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
कंगना रनोट की पहली फिल्म देख पैरेंट्स हुए नाराज:गैंगस्टर को लेकर कहा था- समाज क्या सोचेगा, उनकी बेटी कैसी फिल्में कर रही है

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनोट ने अपनी डेब्यू फिल्म गैंगस्टर को लेकर बताया कि यह फिल्म देखने के बाद उनके माता-पिता खुश नहीं थे और फिल्म के कुछ सीन्स को लेकर चिंतित थे। अपनी आगामी फिल्म भारत भाग्य विधाता के प्रमोशन के दौरान एक्ट्रेस ने बताया, “गैंगस्टर देखने के बाद मेरे पिताजी ने कोई प्रतिक्रिया ही नहीं दी। फिर मैंने माताजी से पूछा, मम्मी, आपको मेरी फिल्म कैसी लगी? तो उन्होंने कहा, नहीं, हमारे समाज में… तुम अभी बहुत छोटी थीं, अंडरएज भी थीं। तुमसे इस तरह के सीन करवा लिए गए।” एक्ट्रेस ने कहा, “मैंने कहा, पूरी फिल्म में आपको वही सीन दिखे? सच कहूं तो मेरा दिल टूट गया था। मुझे बहुत बुरा लगा कि उन्होंने उस फिल्म को इस तरह देखा क्योंकि वे लोग सोच रहे थे कि समाज क्या सोचेगा, कि उनकी बेटी कैसी फिल्में कर रही है।” कंगना ने कहा कि उसी समय उन्होंने फैसला कर लिया था कि वह अपनी फिल्मों को लेकर माता-पिता से किसी खास प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं करेंगी, क्योंकि उनका परिवार फिल्मी दुनिया से नहीं जुड़ा था। ‘क्वीन’ के लिए मिला था अमिताभ बच्चन का पत्र एक्ट्रेस ने बताया कि जब मुझे फिल्म ‘क्वीन’ के लिए अमिताभ बच्चन जी का एक खूबसूरत पत्र मिला, जिसमें उन्होंने मेरी परफॉर्मेंस की तारीफ की थी, तब मैंने सोचा कि जिस तरह अमिताभ बच्चन मेरे काम को समझ सकते हैं, मेरे पिताजी वैसा नहीं समझ सकते और इसके लिए मैं उनसे नाराज भी नहीं हो सकती, क्योंकि वह कलाकार नहीं हैं। उनका अपना अलग काम है। नेशनल अवॉर्ड मिलने पर परिवार खुश हुआ कंगना ने यह भी बताया कि समय के साथ उनके माता-पिता की सोच बदली। जब उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला तो उनका परिवार बेहद खुश हुआ। उन्हें लगा कि उनकी बेटी को देश के राष्ट्रपति के हाथों सम्मान मिला है। इसके बाद जब कंगना को पद्मश्री पुरस्कार मिला तो यह उनके परिवार के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। उनके मुताबिक, तब उनके माता-पिता को एहसास हुआ कि फिल्मों में काम करते हुए भी सम्मान, पहचान और बड़े नागरिक सम्मान हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके बाद उनके परिवार ने उनके काम को एक अलग नजरिए से देखना शुरू किया। ‘भारत भाग्य विधाता’ में आएंगी नजर कंगना रनोट की अपकमिंग फिल्म भारत भाग्य विधाता वास्तविक घटनाओं से प्रेरित बताई जा रही है। फिल्म संकट की स्थिति में एक सरकारी अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा दिखाई गई हिम्मत और मानवता की कहानी पर आधारित है। डायरेक्टर मनोज तापड़िया की इस फिल्म में गिरिजा ओक, स्मिता तांबे, अमृता नामदेव, ईशा डे, प्रिया बेर्डे और आशा शेलार भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
रसोई के तौलिये की सफ़ाई के टिप्स: चिपचिपी, चिकने और सस्ते होंगे छूमंतर, 5 जादुई ट्रिक्स से चमकते हुए उठेंगे आपका रसोई का तौलिया

2 जून 2026 को 13:38 IST पर अपडेट किया गया किचन टॉवल क्लीनिंग टिप्स: रसोई के तौलिये से लेकर बर्तनों तक कोनने की चमक वाले किचन टॉवल बहुत जल्दी गंदे, चिपचिपे और कबाड़दार हो जाते हैं। सामान्य समुद्र तट से धुलाई पर भी उपयोग करना आसान नहीं है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो यहां दिए गए 5 आसान और घरेलू छोटे हैक्स की मदद से आप अपनी रसोई के कपड़ों को एक मिनट में नया जैसा चमका सकते हैं। आइये आपको बताते हैं किचन के कपड़ों को साफ करने के कुछ टिप्स। अनुसरण करना : किचन के बर्तनों को एक घंटे के लिए हटा दें ताकि उन्हें नारियल के गर्म पानी में एक अवशेष के रूप में उपयोग किया जा सके। इसके बाद पतले हाथों से राँघकर धो लें, तेल और घी के दाग तुरंत साफ हो जायेंगे छवि: फ्रीपिक अगर प्लास्टिक से बनी प्लास्टिक की बोतलें नहीं बनाई जा रही हैं तो आधा कप सफेद सिरका का इस्तेमाल करें। कच्चे माल के साथ माइक्रोवेव वॉश से बने कपड़े की दुर्गंध गायब हो जाती है, उन पर जमा बिकाऊ भी पूरी तरह से खत्म हो जाते हैं। छवि: फ्रीपिक जिद्दी पीले दागों को साफ करने के लिए जिद्दी पीले दागों वाली जगह पर लगाएं। कुछ देर बाद ब्रूस से राँघकर धो लें, कपड़े के रेशों में फ़ाफ़ मेल बिना मेहनत के आसानी से छूट जाएगा। छवि: फ्रीपिक पीलापन दूर करने के लिए नींबू का रस बेहतरीन काम करता है। गुनगुने पानी में दो नींबू का रस और थोड़ा सा नमक के घोल का टुकड़ा हटा दें। यह सिलिकॉन कपड़ों की तरह काम करता है और कपड़ों को ताजगी देता है। छवि: फ्रीपिक किचन के कपडे को अंदर या छाव में न सुखाएं। हमेशा धूप धूप में ही रखें। धूप की सील बिजनेस बिजनेसमैन की तरह काम करता है, जो फ्लैट्स की बिकी हुई दुकान, बिक्री और कंपनी की महक को जड़ से खत्म कर दिया जाता है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 2 जून 2026 13:38 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट) किचन टॉवल क्लीनिंग टिप्स (टी) किचन क्लॉथ्स को कैसे साफ करें (टी) किचन टॉवल से ग्रीस हटाएं (टी) किचन क्लीनिंग हैक्स इन हिंदी (टी) किचन टॉवल से बदबू हटाएं (टी) बेकिंग सोडा क्लीनिंग हैक्स (टी) घरेलू रखरखाव टिप्स
अन्नामलाई ने बीजेपी प्रमुख नितिन नबीन को सौंपा इस्तीफा, शाम 4 बजे अमित शाह से करेंगे मुलाकात | भारत समाचार

आखरी अपडेट:02 जून, 2026, 13:25 IST अन्नामलाई ने अपना इस्तीफा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को सौंप दिया, और उनके चेन्नई रवाना होने से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने की उम्मीद है। तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई की फाइल फोटो। (छवि: पीटीआई) तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रमुख के अन्नामलाई ने मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात के दौरान पार्टी से अपना इस्तीफा दे दिया। शाम 4 बजे उनकी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की उम्मीद है. ऐसी तीव्र अटकलें थीं कि अन्नामलाई, जो नैनार नागेंद्रन द्वारा तमिलनाडु भाजपा प्रमुख के रूप में प्रतिस्थापित किए जाने के बाद से कम प्रोफ़ाइल में हैं, पार्टी से अलग होना चाहते हैं, रिपोर्टों से पता चलता है कि उन्हें अब भाजपा में कोई भविष्य नहीं दिख रहा है। यह एक विकासशील कहानी है। अधिक विवरण जोड़े जाने हैं. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में अवीक बनर्जी अवीक बनर्जी News18 में वरिष्ठ उप संपादक हैं। ग्लोबल स्टडीज में मास्टर की डिग्री के साथ नोएडा में रहने वाले अवीक के पास डिजिटल मीडिया और न्यूज क्यूरेशन में तीन साल से अधिक का अनुभव है, जो कि अंतर्राष्ट्रीय विषयों में विशेषज्ञता रखते हैं…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया अन्नामलाई ने बीजेपी चीफ नितिन नबीन को सौंपा इस्तीफा, शाम 4 बजे अमित शाह से करेंगे मुलाकात अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें








