Wednesday, 22 Jul 2026 | 05:26 AM

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Delhi E85 Flex Fuel Launch

Delhi E85 Flex Fuel Launch

नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक 85% एथेनॉल मिक्स वाला E85 फ्यूल दिल्ली में आधिकारिक तौर पर लॉन्च हो गया है। खास बात ये है कि यह दिल्ली में बिक रहे E20 पेट्रोल से ₹20 प्रति लीटर सस्ता है। इससे न सिर्फ आम लोगों का गाड़ी चलाने का खर्च कम होगा, बल्कि कच्चे तेल के आयात पर देश की निर्भरता भी घटेगी। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इंडियन ऑयल (IOC) के पूसा रोड आउटलेट पर दिल्ली के पहले E85 फ्यूल डिस्पेंसिंग स्टेशन का उद्घाटन किया। इसके साथ ही देश में हाई-एथेनॉल फ्यूल की बिक्री शुरू हो गई है। E85 पेट्रोल ₹82.12 प्रति लीटर मिलेगा, अलग ब्रांडिंग होगी दिल्ली में E85 फ्यूल की कीमत ₹82.12 प्रति लीटर तय की गई है। यह दिल्ली में बिक रहे रेगुलर E20 पेट्रोल से पूरे ₹20 कम है। पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को किसी तरह का भ्रम न हो, इसके लिए E85 फ्यूल देने वाली मशीनों (डिस्पेंसर्स) पर एक खास ब्रांडिंग और अलग से साफ दिखने वाला लेबल लगाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने फ्लेक्स फ्यूल कार में E85 फ्यूल भरकर शुरुआत की। इस साल खुलेंगे 500 पंप, 2027 तक 5000 का टारगेट पूसा रोड पर खुला यह स्टेशन दिल्ली का पहला पंप है, लेकिन सरकार का प्लान इसे बहुत बड़े स्तर पर ले जाने का है। शुरुआती फेज में सरकार दिल्ली-NCR और मुंबई-पुणे-नागपुर कॉरिडोर में करीब 50 से 100 ऐसे E85 फ्यूल स्टेशन स्थापित करेगी। योजना के मुताबिक, इस साल अंत तक देश में ऐसे स्टेशनों का नेटवर्क बढ़ाकर करीब 500 किया जाएगा। वहीं, साल 2027 अंत तक केंद्र सरकार का टारगेट देश के सभी मुख्य शहरों में लगभग 5000 आउटलेट्स शुरू करने का है। सरकार ने हाल ही में E22, E25, E27 और E30 जैसे ज्यादा एथेनॉल मिक्स वाले फ्यूल स्टैंडर्ड्स को भी नोटिफाई किया है। E85 फ्लेक्स फ्यूल में क्या खास है अभी देशभर में फ्यूल स्टेशन पर जो पेट्रोल मिल रहा है वह E20 है, यानी उसमें 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल मिक्स है। इसके उलट, नए E85 फ्यूल में 85% तक एथेनॉल और सिर्फ 15% पेट्रोल है। सरकार E100 यानी 100% एथेनॉल जैसे फ्लैक्स फ्यूल की ओर बढ़ना चाहती है, ताकि कच्चे तेल के आयात को कम किया जा सके। 28 फरवरी को मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू होने के बाद कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे भारत का आयात बिल तेजी से बढ़ा है। एथेनॉल को गन्ने के रस, मक्का और सड़े हुए अनाज जैसे कृषि उत्पादों से बनाया जाता है, इसलिए इसकी लागत कम आती है। यही वजह है कि ग्राहकों के लिए यह काफी किफायती साबित होगा, बशर्ते उनके पास इस फ्यूल को सपोर्ट करने वाली गाड़ियां हों। ये फ्यूल पर्यावरण में कार्बन उत्सर्जन को भी कम करने में भी मदद करता है। सिर्फ इन चुनिंदा गाड़ियों में इस्तेमाल किया जा सकेगा E85 फ्यूल को सामान्य पेट्रोल गाड़ियों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इसके लिए गाड़ियों का इंजन खास तौर पर ‘फ्लेक्स-फ्यूल’ तकनीक पर आधारित होना चाहिए। फिलहाल भारत में अभी फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां अवेलेबल नहीं है। मारुति सुजुकी वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल: यह भारत की पहली पैसेंजर कार है, जिसे E100 (100% एथेनॉल) तक के ब्लेंड पर चलने के लिए तैयार किया गया है, जो E85 के लिए पूरी तरह सही है। पूरी खबर पढ़ें हीरो स्प्लेंडर+ और HF डीलक्स: हीरो मोटोकॉर्प ने देश के मास-मार्केट 100cc सेगमेंट में पहली फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिल पेश की है। ये बाइक्स E20 से लेकर E85 तक के फ्यूल पर चल सकती हैं और दिल्ली और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में जुलाई 2026 से इनकी बिक्री शुरू होगी। सुजुकी जिक्सर SF: यह बाइक भी इस सूची में शामिल है जो हाई-एथेनॉल फ्यूल को सपोर्ट करती है। क्रूड इम्पोर्ट घटाना है सरकार की प्राथमिकता अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। भारत अपनी जरूरत का करीब 90% तेल आयात करता है। हालांकि वित्त वर्ष 2026 में तेल आयात बिल पिछले साल के $137 बिलियन से घटकर $123 बिलियन रहा है, लेकिन सरकार इसे और कम करना चाहती है। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ऊर्जा संकट को देखते हुए वैकल्पिक ईंधन अपनाने पर जोर दिया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Delhi E85 Flex Fuel Launch

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नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक 85% एथेनॉल मिक्स वाला E85 फ्यूल दिल्ली में आधिकारिक तौर पर लॉन्च हो गया है। खास बात ये है कि यह दिल्ली में बिक रहे E20 पेट्रोल से ₹20 प्रति लीटर सस्ता है। इससे न सिर्फ आम लोगों का गाड़ी चलाने का खर्च कम होगा, बल्कि कच्चे तेल के आयात पर देश की निर्भरता भी घटेगी। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इंडियन ऑयल (IOC) के पूसा रोड आउटलेट पर दिल्ली के पहले E85 फ्यूल डिस्पेंसिंग स्टेशन का उद्घाटन किया। इसके साथ ही देश में हाई-एथेनॉल फ्यूल की बिक्री शुरू हो गई है। E85 पेट्रोल ₹82.12 प्रति लीटर मिलेगा, अलग ब्रांडिंग होगी दिल्ली में E85 फ्यूल की कीमत ₹82.12 प्रति लीटर तय की गई है। यह दिल्ली में बिक रहे रेगुलर E20 पेट्रोल से पूरे ₹20 कम है। पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को किसी तरह का भ्रम न हो, इसके लिए E85 फ्यूल देने वाली मशीनों (डिस्पेंसर्स) पर एक खास ब्रांडिंग और अलग से साफ दिखने वाला लेबल लगाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने फ्लेक्स फ्यूल कार में E85 फ्यूल भरकर शुरुआत की। इस साल खुलेंगे 500 पंप, 2027 तक 5000 का टारगेट पूसा रोड पर खुला यह स्टेशन दिल्ली का पहला पंप है, लेकिन सरकार का प्लान इसे बहुत बड़े स्तर पर ले जाने का है। शुरुआती फेज में सरकार दिल्ली-NCR और मुंबई-पुणे-नागपुर कॉरिडोर में करीब 50 से 100 ऐसे E85 फ्यूल स्टेशन स्थापित करेगी। योजना के मुताबिक, इस साल अंत तक देश में ऐसे स्टेशनों का नेटवर्क बढ़ाकर करीब 500 किया जाएगा। वहीं, साल 2027 अंत तक केंद्र सरकार का टारगेट देश के सभी मुख्य शहरों में लगभग 5000 आउटलेट्स शुरू करने का है। सरकार ने हाल ही में E22, E25, E27 और E30 जैसे ज्यादा एथेनॉल मिक्स वाले फ्यूल स्टैंडर्ड्स को भी नोटिफाई किया है। E85 फ्लेक्स फ्यूल में क्या खास है अभी देशभर में फ्यूल स्टेशन पर जो पेट्रोल मिल रहा है वह E20 है, यानी उसमें 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल मिक्स है। इसके उलट, नए E85 फ्यूल में 85% तक एथेनॉल और सिर्फ 15% पेट्रोल है। सरकार E100 यानी 100% एथेनॉल जैसे फ्लैक्स फ्यूल की ओर बढ़ना चाहती है, ताकि कच्चे तेल के आयात को कम किया जा सके। 28 फरवरी को मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू होने के बाद कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे भारत का आयात बिल तेजी से बढ़ा है। एथेनॉल को गन्ने के रस, मक्का और सड़े हुए अनाज जैसे कृषि उत्पादों से बनाया जाता है, इसलिए इसकी लागत कम आती है। यही वजह है कि ग्राहकों के लिए यह काफी किफायती साबित होगा, बशर्ते उनके पास इस फ्यूल को सपोर्ट करने वाली गाड़ियां हों। ये फ्यूल पर्यावरण में कार्बन उत्सर्जन को भी कम करने में भी मदद करता है। सिर्फ इन चुनिंदा गाड़ियों में इस्तेमाल किया जा सकेगा E85 फ्यूल को सामान्य पेट्रोल गाड़ियों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इसके लिए गाड़ियों का इंजन खास तौर पर ‘फ्लेक्स-फ्यूल’ तकनीक पर आधारित होना चाहिए। फिलहाल भारत में अभी फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां अवेलेबल नहीं है। मारुति सुजुकी वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल: यह भारत की पहली पैसेंजर कार है, जिसे E100 (100% एथेनॉल) तक के ब्लेंड पर चलने के लिए तैयार किया गया है, जो E85 के लिए पूरी तरह सही है। पूरी खबर पढ़ें हीरो स्प्लेंडर+ और HF डीलक्स: हीरो मोटोकॉर्प ने देश के मास-मार्केट 100cc सेगमेंट में पहली फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिल पेश की है। ये बाइक्स E20 से लेकर E85 तक के फ्यूल पर चल सकती हैं और दिल्ली और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में जुलाई 2026 से इनकी बिक्री शुरू होगी। सुजुकी जिक्सर SF: यह बाइक भी इस सूची में शामिल है जो हाई-एथेनॉल फ्यूल को सपोर्ट करती है। क्रूड इम्पोर्ट घटाना है सरकार की प्राथमिकता अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। भारत अपनी जरूरत का करीब 90% तेल आयात करता है। हालांकि वित्त वर्ष 2026 में तेल आयात बिल पिछले साल के $137 बिलियन से घटकर $123 बिलियन रहा है, लेकिन सरकार इसे और कम करना चाहती है। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ऊर्जा संकट को देखते हुए वैकल्पिक ईंधन अपनाने पर जोर दिया है। ————– ये भी पढ़ें… इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही: चांदी की कीमत ₹6442 कम होकर ₹2.57 लाख किलो हुई, सोना ₹2225 सस्ता हुआ सोने-चांदी के दाम में इस हफ्ते गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 2,225 रुपए गिरकर 1.54 लाख रुपए हो गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 30 मई को 1.56 लाख रुपए पर था। वहीं, चांदी 2.63 लाख रुपए किलो से गिरकर 2.57 लाख रुपए पर आ गई है। यानी इसकी कीमत 6,442 रुपए कम हुई। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

'वो मुझे बार-बार किस करता रहा':मुन्नाभाई MBBS में दिखीं एक्ट्रेस प्रिया बापट ने अनुभव शेयर किया, बोलीं- किसिंग सीन में अनकंफर्टेबल हुई थी

'वो मुझे बार-बार किस करता रहा':मुन्नाभाई MBBS में दिखीं एक्ट्रेस प्रिया बापट ने अनुभव शेयर किया, बोलीं- किसिंग सीन में अनकंफर्टेबल हुई थी

एक्ट्रेस प्रिया बापट ने हाल ही में बताया कि अपनी शुरुआती फिल्मों में से एक की शूटिंग के दौरान किसिंग सीन में वह अनकंफर्टेबल हो गई थीं। फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में प्रिया ने कहा, ‘फिल्म में सिर्फ एक किसिंग सीन था। स्क्रिप्ट रीडिंग के समय से ही मुझे उसे लेकर डाउट था। मैं लगातार डायरेक्टर से पूछती थी कि इसकी जरूरत क्या है। मेरा सवाल किस करने या न करने को लेकर नहीं था, बल्कि यह था कि कहानी में इसे कैसे सही ठहराया जा रहा है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘डायरेक्टर इस सीन को लेकर काफी जोर दे रहे थे। आखिर में मैंने सोचा कि अपनी झिझक तोड़नी चाहिए और सीन कर लिया। मैंने पूरी फिल्म में सिर्फ एक किस के लिए हामी भरी थी।’ को-स्टार किस करता रहा प्रिया ने कहा, ‘इसके बाद गाने की शूटिंग के दौरान एक्टर बार-बार इम्प्रोवाइज करने लगा और मुझे किस करता रहा। उस समय मैं अपने लिए आवाज नहीं उठा पाई, क्योंकि मुझे समझ नहीं आ रहा था कि इस स्थिति से कैसे निपटूं।’ उन्होंने बताया, ‘हम एक ही होटल में ठहरे थे, हालांकि कमरे अलग थे, लेकिन वह लगातार मैसेज करता था। कभी स्विमिंग सिखाने की बात करता, कभी डिनर और ब्रेकफास्ट के लिए बुलाता। मैं बार-बार मना करती रही। मेरे साथ पहले कभी ऐसा नहीं हुआ था।’ प्रिया ने बताया कि वह हर रात अपने पति उमेश कामत से बात कर पूरी स्थिति शेयर करती थीं। बाद में उनके पति शूटिंग लोकेशन पर पहुंचे और कुछ दिनों तक उनके साथ रहे। एक्ट्रेस ने कहा कि उनके करियर में यह इकलौता ऐसा अनुभव था। ‘मुन्नाभाई MBBS’ में नजर आई थीं प्रिया प्रिया बापट मराठी सिनेमा और ओटीटी की जानी-मानी एक्ट्रेस हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बाल कलाकार के रूप में की थी। वो ‘डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर’ और ‘मुन्नाभाई MBBS’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। मराठी फिल्म ‘मी शिवाजीराजे भोसले बोलतोय!’ से उन्हें पहचान मिली। उन्होंने 2011 में एक्टर उमेश कामत से शादी की थी। एक्ट्रेस को दो महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार समेत कई सम्मान मिल चुके हैं। इसके अलावा उन्हें फिल्मफेयर मराठी और अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोहों में भी कई बार नॉमिनेशन मिला है।

'वो मुझे बार-बार किस करता रहा':मुन्नाभाई MBBS में दिखीं एक्ट्रेस प्रिया बापट ने अनुभव शेयर किया, बोलीं- किसिंग सीन में अनकंफर्टेबल हुई थी

'वो मुझे बार-बार किस करता रहा':मुन्नाभाई MBBS में दिखीं एक्ट्रेस प्रिया बापट ने अनुभव शेयर किया, बोलीं- किसिंग सीन में अनकंफर्टेबल हुई थी

एक्ट्रेस प्रिया बापट ने हाल ही में बताया कि अपनी शुरुआती फिल्मों में से एक की शूटिंग के दौरान किसिंग सीन में वह अनकंफर्टेबल हो गई थीं। फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में प्रिया ने कहा, ‘फिल्म में सिर्फ एक किसिंग सीन था। स्क्रिप्ट रीडिंग के समय से ही मुझे उसे लेकर डाउट था। मैं लगातार डायरेक्टर से पूछती थी कि इसकी जरूरत क्या है। मेरा सवाल किस करने या न करने को लेकर नहीं था, बल्कि यह था कि कहानी में इसे कैसे सही ठहराया जा रहा है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘डायरेक्टर इस सीन को लेकर काफी जोर दे रहे थे। आखिर में मैंने सोचा कि अपनी झिझक तोड़नी चाहिए और सीन कर लिया। मैंने पूरी फिल्म में सिर्फ एक किस के लिए हामी भरी थी।’ को-स्टार किस करता रहा प्रिया ने कहा, ‘इसके बाद गाने की शूटिंग के दौरान एक्टर बार-बार इम्प्रोवाइज करने लगा और मुझे किस करता रहा। उस समय मैं अपने लिए आवाज नहीं उठा पाई, क्योंकि मुझे समझ नहीं आ रहा था कि इस स्थिति से कैसे निपटूं।’ उन्होंने बताया, ‘हम एक ही होटल में ठहरे थे, हालांकि कमरे अलग थे, लेकिन वह लगातार मैसेज करता था। कभी स्विमिंग सिखाने की बात करता, कभी डिनर और ब्रेकफास्ट के लिए बुलाता। मैं बार-बार मना करती रही। मेरे साथ पहले कभी ऐसा नहीं हुआ था।’ प्रिया ने बताया कि वह हर रात अपने पति उमेश कामत से बात कर पूरी स्थिति शेयर करती थीं। बाद में उनके पति शूटिंग लोकेशन पर पहुंचे और कुछ दिनों तक उनके साथ रहे। एक्ट्रेस ने कहा कि उनके करियर में यह इकलौता ऐसा अनुभव था। ‘मुन्नाभाई MBBS’ में नजर आई थीं प्रिया प्रिया बापट मराठी सिनेमा और ओटीटी की जानी-मानी एक्ट्रेस हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बाल कलाकार के रूप में की थी। वो ‘डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर’ और ‘मुन्नाभाई MBBS’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। मराठी फिल्म ‘मी शिवाजीराजे भोसले बोलतोय!’ से उन्हें पहचान मिली। उन्होंने 2011 में एक्टर उमेश कामत से शादी की थी। एक्ट्रेस को दो महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार समेत कई सम्मान मिल चुके हैं। इसके अलावा उन्हें फिल्मफेयर मराठी और अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोहों में भी कई बार नॉमिनेशन मिला है।

बॉलीवुड एक्टर्स का कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन:ऋचा चड्ढा बोलीं- मैं आपके साथ; अतुल कुलकर्णी ने मांगी माफी, कहा- हमारी पीढ़ी से गलतियां हुईं

बॉलीवुड एक्टर्स का कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन:ऋचा चड्ढा बोलीं- मैं आपके साथ; अतुल कुलकर्णी ने मांगी माफी, कहा- हमारी पीढ़ी से गलतियां हुईं

पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन 6 जून को शुरू हो गया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके की अपील पर बड़ी संख्या में छात्र इस आंदोलन में शामिल हुए हैं। इस प्रदर्शन को बॉलीवुड से भी समर्थन मिला है। एक्टर अतुल कुलकर्णी ने युवाओं से अपनी पीढ़ी की गलतियों के लिए माफी मांगी है, वहीं ऋचा चड्ढा, कुनिका सदानंद, प्रकाश राज और सोनम वांगचुक ने भी छात्रों की इस मुहिम का समर्थन किया है। ऋचा चड्ढा बोलीं- मैं आपके साथ बॉलीवुड एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट कर कॉकरोच जनता पार्टी को खुलकर सपोर्ट किया है। एक्ट्रेस ने लिखा, ‘मैं अभी खूबसूरत ऑकलैंड में हूं, जहां शायद दुनिया की सबसे साफ हवा है। लेकिन मेरा मन दिल्ली में है। मेरी प्यारी दिल्ली-मेरे बचपन, मेरे स्कूल और कॉलेज का शहर… जहां बड़े-बड़े पार्क और पुराने, अच्छे पेड़ हैं। मैं अपने देश के युवाओं को प्यार भेजता हूं। उम्मीद है कि आप दिखावटी देशभक्त बनने के बजाय सच्चे देशभक्त बनेंगे। आप दयालु, शांत और समझदार बनें। मैं दिल से आपके साथ हूं। अतुल कुलकर्णी ने युवाओं से मांगी माफी अभिनेता अतुल कुलकर्णी ने भी सोशल मीडिया के जरिए युवाओं के इस प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने युवाओं से माफी मांगते हुए लिखा कि उनकी पीढ़ी और उससे पहले के लोगों ने अपनी जिम्मेदारियां सही से नहीं निभाईं। उन्होंने गलतियां कीं और युवाओं के लिए चुनौतियों का अंबार छोड़ दिया, जिसका सामना अब आज की पीढ़ी को करना पड़ रहा है। अतुल ने युवाओं से कहा कि वे पूरी उम्मीदों के साथ खड़े हैं और सत्यनिष्ठा के साथ इस देश का पुनर्निर्माण करें। कुनिका ने कहा- जागरूक नागरिकों से चलेगा देश एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट लिखकर इस आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने लिखा कि लोकतंत्र किसी एक पार्टी, नेता, विचारधारा या धर्म का नहीं होता। यह उन नागरिकों का है जो स्वतंत्र रूप से सोचते हैं और निडर होकर सवाल पूछते हैं। कुनिका ने कहा कि लोकतंत्र बिना सोचे-समझे वफादारी दिखाने से नहीं, बल्कि जागरूकता और जवाबदेही से मजबूत होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि असल बदलाव भाषणों से नहीं, बल्कि काम और नतीजों से तय होता है। जब आवाज नहीं सुनी जाती, तो ऐसे तरीके जरूरी कुनिका ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी शेयर किया है। वीडियो में उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी ने उन मुद्दों को उठाया है, जिनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। जब लोगों की आवाज नहीं सुनी जाती, तो अपनी बात पहुंचाने के लिए ऐसे तरीके अपनाने पड़ते हैं ताकि सोए हुए सिस्टम तक बात पहुंचे। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि छात्र बाहर निकलकर इसका समर्थन कर रहे हैं। इस मुहिम ने लोगों के अंदर आवाज उठाने की हिम्मत दी है। कुनिका ने जनता से सवाल भी पूछा कि क्या पूरे सिस्टम को बदलना जरूरी है या सिर्फ लीडरशिप बदलने से काम हो जाएगा। प्रकाश राज और सोनम वांगचुक भी आंदोलन के साथ इस आंदोलन को सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक और एक्टर प्रकाश राज का भी साथ मिला है। सोनम वांगचुक ने पहले ही एक वीडियो जारी कर कहा था कि अगर 5 जून तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया, तो वे भी इस प्रदर्शन का हिस्सा बनेंगे। पेपर लीक के बढ़ते मामलों को लेकर युवाओं में भारी नाराजगी है, जिसके बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देश के सभी युवाओं से इस शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल होने की अपील की थी।

बॉलीवुड एक्टर्स का कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन:ऋचा चड्ढा बोलीं- मैं आपके साथ; अतुल कुलकर्णी ने मांगी माफी, कहा- हमारी पीढ़ी से गलतियां हुईं

बॉलीवुड एक्टर्स का कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन:ऋचा चड्ढा बोलीं- मैं आपके साथ; अतुल कुलकर्णी ने मांगी माफी, कहा- हमारी पीढ़ी से गलतियां हुईं

पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन 6 जून को शुरू हो गया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके की अपील पर बड़ी संख्या में छात्र इस आंदोलन में शामिल हुए हैं। इस प्रदर्शन को बॉलीवुड से भी समर्थन मिला है। एक्टर अतुल कुलकर्णी ने युवाओं से अपनी पीढ़ी की गलतियों के लिए माफी मांगी है, वहीं ऋचा चड्ढा, कुनिका सदानंद, प्रकाश राज और सोनम वांगचुक ने भी छात्रों की इस मुहिम का समर्थन किया है। ऋचा चड्ढा बोलीं- मैं आपके साथ बॉलीवुड एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट कर कॉकरोच जनता पार्टी को खुलकर सपोर्ट किया है। एक्ट्रेस ने लिखा, ‘मैं अभी खूबसूरत ऑकलैंड में हूं, जहां शायद दुनिया की सबसे साफ हवा है। लेकिन मेरा मन दिल्ली में है। मेरी प्यारी दिल्ली-मेरे बचपन, मेरे स्कूल और कॉलेज का शहर… जहां बड़े-बड़े पार्क और पुराने, अच्छे पेड़ हैं। मैं अपने देश के युवाओं को प्यार भेजता हूं। उम्मीद है कि आप दिखावटी देशभक्त बनने के बजाय सच्चे देशभक्त बनेंगे। आप दयालु, शांत और समझदार बनें। मैं दिल से आपके साथ हूं। अतुल कुलकर्णी ने युवाओं से मांगी माफी अभिनेता अतुल कुलकर्णी ने भी सोशल मीडिया के जरिए युवाओं के इस प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने युवाओं से माफी मांगते हुए लिखा कि उनकी पीढ़ी और उससे पहले के लोगों ने अपनी जिम्मेदारियां सही से नहीं निभाईं। उन्होंने गलतियां कीं और युवाओं के लिए चुनौतियों का अंबार छोड़ दिया, जिसका सामना अब आज की पीढ़ी को करना पड़ रहा है। अतुल ने युवाओं से कहा कि वे पूरी उम्मीदों के साथ खड़े हैं और सत्यनिष्ठा के साथ इस देश का पुनर्निर्माण करें। कुनिका ने कहा- जागरूक नागरिकों से चलेगा देश एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट लिखकर इस आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने लिखा कि लोकतंत्र किसी एक पार्टी, नेता, विचारधारा या धर्म का नहीं होता। यह उन नागरिकों का है जो स्वतंत्र रूप से सोचते हैं और निडर होकर सवाल पूछते हैं। कुनिका ने कहा कि लोकतंत्र बिना सोचे-समझे वफादारी दिखाने से नहीं, बल्कि जागरूकता और जवाबदेही से मजबूत होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि असल बदलाव भाषणों से नहीं, बल्कि काम और नतीजों से तय होता है। जब आवाज नहीं सुनी जाती, तो ऐसे तरीके जरूरी कुनिका ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी शेयर किया है। वीडियो में उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी ने उन मुद्दों को उठाया है, जिनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। जब लोगों की आवाज नहीं सुनी जाती, तो अपनी बात पहुंचाने के लिए ऐसे तरीके अपनाने पड़ते हैं ताकि सोए हुए सिस्टम तक बात पहुंचे। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि छात्र बाहर निकलकर इसका समर्थन कर रहे हैं। इस मुहिम ने लोगों के अंदर आवाज उठाने की हिम्मत दी है। कुनिका ने जनता से सवाल भी पूछा कि क्या पूरे सिस्टम को बदलना जरूरी है या सिर्फ लीडरशिप बदलने से काम हो जाएगा। प्रकाश राज और सोनम वांगचुक भी आंदोलन के साथ इस आंदोलन को सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक और एक्टर प्रकाश राज का भी साथ मिला है। सोनम वांगचुक ने पहले ही एक वीडियो जारी कर कहा था कि अगर 5 जून तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया, तो वे भी इस प्रदर्शन का हिस्सा बनेंगे। पेपर लीक के बढ़ते मामलों को लेकर युवाओं में भारी नाराजगी है, जिसके बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देश के सभी युवाओं से इस शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल होने की अपील की थी।

Jinping to meet Kim Jong in rare visit to North Korea

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बीजिंग/प्योंगयांग7 मिनट पहले कॉपी लिंक चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले हफ्ते उत्तर कोरिया के दौरे पर जाएंगे और वहां किम जोंग उन से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के सरकारी मीडिया के मुताबिक यह यात्रा 8 से 9 जून तक होगी। जिनपिंग ने इससे पहले 2019 में प्योंगयांग का दौरा किया था। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब कुछ हफ्ते पहले ही जिनपिंग ने बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मेजबानी की थी। ये दोनों देश उत्तर कोरिया की विदेश नीति में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। कभी उत्तर कोरिया पर चीन का दबदबा था। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। यूक्रेन युद्ध के बाद रूस और उत्तर कोरिया की नजदीकी बहुत ज्यादा बढ़ गई है। यानी कि अब उत्तर कोरिया सिर्फ चीन के भरोसे नहीं है। चीन में विक्ट्री डे परेड के मौके पर पुतिन, शी जिनपिंग और किम जोंग उन एक साथ नजर आए। तस्वीर सितंबर 2025 की है। चीन की उत्तर कोरिया के साथ अनोखी संधि चीन, उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा आर्थिक और राजनीतिक साझेदार है। उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम और मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोपों के कारण लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। ऐसे में चीन उसके लिए सबसे अहम सहारा बना हुआ है। चीन और उत्तर कोरिया के बीच करीब 1,400 किलोमीटर लंबी सीमा है। दोनों देशों के बीच रक्षा संधि भी है, जो चीन की किसी भी देश के साथ एकमात्र सैन्य संधि है। इस समझौते के तहत यदि किसी एक देश पर हमला होता है तो दूसरा उसकी मदद करेगा। इस साल इस संधि के 65 साल पूरे हो रहे हैं। किम जोंग के लिए शी जिनपिंग की यह यात्रा बहुत महत्व रखती है। कोविड महामारी, अंतरराष्ट्रीय अलगाव और फिर यूक्रेन युद्ध में रूस का साथ देने के बाद उत्तर कोरिया खुद को पहले से ज्यादा मजबूत और प्रभावशाली दिखाने की कोशिश कर रहा है। किम चाहते हैं कि दुनिया देखे कि उनका देश कठिन हालात झेलने के बावजूद टिके रहने में सफल रहा है। वहीं, शी जिनपिंग इस यात्रा के जरिए दुनिया को यह याद दिलाना चाहेंगे कि उत्तर कोरिया अभी भी काफी हद तक चीन पर निर्भर है और बीजिंग को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुतिन-किम की बढ़ती नजदीकी से जिनपिंग परेशान हाल के वर्षों में किम जोंग और व्लादिमीर पुतिन के संबंध भी तेजी से मजबूत हुए हैं। रूस ने उत्तर कोरिया को आर्थिक और तकनीकी मदद दी है, जबकि उत्तर कोरिया ने यूक्रेन युद्ध में रूस को सैनिकों और हथियारों की सहायता दी है। जिनपिंग, रूस और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ती नजदीकी को लेकर पूरी तरह सहज नहीं हैं। वे चाहते हैं कि चीन का उत्तर कोरिया पर प्रभाव बना रहे। एशिया सोसाइटी के सीनियर फेलो जॉन डिल्यूरी के मुताबिक चीन निश्चित रूप से रूस और उत्तर कोरिया की बढ़ती नजदीकी को लेकर चिंतित है और यह यात्रा शी की उसी चिंता का जवाब है। दूसरी तरफ किम जोंग उन भी अब चीन के जूनियर पार्टनर की तरह व्यवहार नहीं चाहते। रूस के साथ बढ़ती नजदीकी का इस्तेमाल वह चीन से ज्यादा आर्थिक रियायतें हासिल करने के लिए कर सकते हैं। रूसी राष्ट्रपति पुतिन जून 2024 को उत्तर कोरिया पहुंचे थे। इस दौरान स्वागत समारोह में किम जोंग उन ने उनका अभिवादन किया। किम जोंग उन की स्थिति पहले से कहीं मजबूत कुछ साल पहले तक किम जोंग उन की स्थिति कमजोर दिखाई दे रही थी। 2019 में ट्रम्प ने उनके साथ परमाणु वार्ताओं को समाप्त कर दिया था, जिससे प्रतिबंध हटने की उम्मीद खत्म हो गई। इसके बाद कोविड महामारी के दौरान उत्तर कोरिया ने अपनी सीमाएं बंद कर लीं। इससे चीन के साथ व्यापार लगभग ठप हो गया, जबकि चीन ही उत्तर कोरिया के लिए सामान और विदेशी मुद्रा का सबसे बड़ा स्रोत था। लेकिन महामारी के बाद हालात बदल गए। किम ने यूक्रेन युद्ध में रूस की मुश्किलों का फायदा उठाया और मॉस्को के साथ संबंध मजबूत कर लिए। उन्होंने रूस को हथियार और सैनिक उपलब्ध कराए, जबकि बदले में रूस ने तेल, खाद्य सामग्री, हथियार तकनीक और अन्य सहायता के रूप में अरबों डॉलर की मदद दी। ऐसे में जिनपिंग शायद किम को यह याद दिलाने की कोशिश करेंगे कि चीन अभी भी उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा आर्थिक सहारा है। इसी दिशा में मार्च में चीन ने बीजिंग और प्योंगयांग के बीच ट्रेन और विमान सेवाएं फिर से शुरू कर दीं। इसके बावजूद किम और ज्यादा चाहते हैं। संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के बावजूद पर्यटन ऐसा क्षेत्र है जिस पर कड़े प्रतिबंध नहीं हैं। किम ने समुद्री तटों पर रिसॉर्ट और पहाड़ी इलाकों में हॉट स्प्रिंग परियोजनाओं में निवेश किया है ताकि ज्यादा से ज्यादा चीनी पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। परमाणु मुद्दे पर बात हो सकती है जिनपिंग और किम जोंग की बैठक में अमेरिका-उत्तर कोरिया वार्ता को फिर शुरू करने के मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है। चीन लंबे समय से कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त बनाने की बात करता रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में उसका रुख पहले की तुलना में काफी नरम दिखाई दिया है। पिछले महीने ट्रम्प और जिनपिंग की बैठक के बाद व्हाइट हाउस ने कहा था कि दोनों चाहते हैं कि उत्तर कोरिया के पास परमाणु हथियार न रहें और वह अपना परमाणु कार्यक्रम खत्म करे। हालांकि चीन के विदेश मंत्रालय से इस बारे में सवाल पूछा गया तो उसने सीधे तौर पर इससे इनकार कर दिया था। व्हाइट हाउस लौटने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कई बार कह चुके हैं कि वह किम जोंग उन के साथ एक बैठक करना चाहते हैं। हालांकि किम अब तक अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने साफ कहा है कि वह ऐसी किसी बातचीत को स्वीकार नहीं करेंगे जिसमें उनके परमाणु कार्यक्रम को बातचीत की मेज पर रखा जाए। किम लंबे समय से परमाणु हथियारों को अपनी सुरक्षा की गारंटी मानते हैं। उनका मानना है कि यही कार्यक्रम उन्हें चीन और रूस पर अत्यधिक निर्भर होने से बचाता है और अमेरिका के संभावित हमले से सुरक्षा देता है। रूस ने उत्तर कोरिया के समर्थन में वीटो लगाया कई

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बीजिंग/प्योंगयांग27 मिनट पहले कॉपी लिंक चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले हफ्ते उत्तर कोरिया के दौरे पर जाएंगे और वहां किम जोंग उन से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के सरकारी मीडिया के मुताबिक यह यात्रा 8 से 9 जून तक होगी। जिनपिंग ने इससे पहले 2019 में प्योंगयांग का दौरा किया था। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब कुछ हफ्ते पहले ही जिनपिंग ने बीजिंग में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मेजबानी की थी। रूस और चीन दोनों ही उत्तर कोरिया की विदेश नीति में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। कुछ साल पहले तक उत्तर कोरिया पर चीन का दबदबा था, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। यूक्रेन युद्ध के बाद रूस और उत्तर कोरिया की नजदीकी बहुत ज्यादा बढ़ गई है। यानी कि अब उत्तर कोरिया सिर्फ चीन के भरोसे नहीं है। चीन में विक्ट्री डे परेड के मौके पर पुतिन, शी जिनपिंग और किम जोंग उन एक साथ नजर आए। तस्वीर सितंबर 2025 की है। चीन की उत्तर कोरिया के साथ अनोखी संधि चीन, उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा आर्थिक और राजनीतिक साझेदार है। उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम और मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोपों के कारण लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। ऐसे में चीन उसके लिए सबसे अहम सहारा बना हुआ है। चीन और उत्तर कोरिया के बीच करीब 1,400 किलोमीटर लंबी सीमा है। दोनों देशों के बीच रक्षा संधि भी है, जो चीन की किसी भी देश के साथ एकमात्र सैन्य संधि है। इस समझौते के तहत यदि किसी एक देश पर हमला होता है तो दूसरा उसकी मदद करेगा। इस साल इस संधि के 65 साल पूरे हो रहे हैं। किम जोंग के लिए शी जिनपिंग की यह यात्रा बहुत महत्व रखती है। कोविड महामारी, अंतरराष्ट्रीय अलगाव और फिर यूक्रेन युद्ध में रूस का साथ देने के बाद उत्तर कोरिया खुद को पहले से ज्यादा मजबूत और प्रभावशाली दिखाने की कोशिश कर रहा है। किम चाहते हैं कि दुनिया देखे कि उनका देश कठिन हालात झेलने के बावजूद टिके रहने में सफल रहा है। वहीं, शी जिनपिंग इस यात्रा के जरिए दुनिया को यह याद दिलाना चाहेंगे कि उत्तर कोरिया अभी भी काफी हद तक चीन पर निर्भर है और बीजिंग को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुतिन-किम की बढ़ती नजदीकी से जिनपिंग परेशान हाल के वर्षों में किम जोंग और व्लादिमीर पुतिन के संबंध भी तेजी से मजबूत हुए हैं। रूस ने उत्तर कोरिया को आर्थिक और तकनीकी मदद दी है, जबकि उत्तर कोरिया ने यूक्रेन युद्ध में रूस को सैनिकों और हथियारों की सहायता दी है। जिनपिंग, रूस और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ती नजदीकी को लेकर पूरी तरह सहज नहीं हैं। वे चाहते हैं कि चीन का उत्तर कोरिया पर प्रभाव बना रहे। एशिया सोसाइटी के सीनियर फेलो जॉन डिल्यूरी के मुताबिक चीन निश्चित रूप से रूस और उत्तर कोरिया की बढ़ती नजदीकी को लेकर चिंतित है और यह यात्रा शी की उसी चिंता का जवाब है। दूसरी तरफ किम जोंग उन भी अब चीन के जूनियर पार्टनर की तरह व्यवहार नहीं चाहते। रूस के साथ बढ़ती नजदीकी का इस्तेमाल वह चीन से ज्यादा आर्थिक रियायतें हासिल करने के लिए कर सकते हैं। रूसी राष्ट्रपति पुतिन जून 2024 को उत्तर कोरिया पहुंचे थे। इस दौरान स्वागत समारोह में किम जोंग उन ने उनका अभिवादन किया। किम जोंग उन की स्थिति पहले से कहीं मजबूत कुछ साल पहले तक किम जोंग उन की स्थिति कमजोर दिखाई दे रही थी। 2019 में ट्रम्प ने उनके साथ परमाणु वार्ताओं को समाप्त कर दिया था, जिससे प्रतिबंध हटने की उम्मीद खत्म हो गई। इसके बाद कोविड महामारी के दौरान उत्तर कोरिया ने अपनी सीमाएं बंद कर लीं। इससे चीन के साथ व्यापार लगभग ठप हो गया, जबकि चीन ही उत्तर कोरिया के लिए सामान और विदेशी मुद्रा का सबसे बड़ा स्रोत था। लेकिन महामारी के बाद हालात बदल गए। किम ने यूक्रेन युद्ध में रूस की मुश्किलों का फायदा उठाया और मॉस्को के साथ संबंध मजबूत कर लिए। उन्होंने रूस को हथियार और सैनिक उपलब्ध कराए, जबकि बदले में रूस ने तेल, खाद्य सामग्री, हथियार तकनीक और अन्य सहायता के रूप में अरबों डॉलर की मदद दी। ऐसे में जिनपिंग शायद किम को यह याद दिलाने की कोशिश करेंगे कि चीन अभी भी उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा आर्थिक सहारा है। इसी दिशा में मार्च में चीन ने बीजिंग और प्योंगयांग के बीच ट्रेन और विमान सेवाएं फिर से शुरू कर दीं। इसके बावजूद किम और ज्यादा चाहते हैं। संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के बावजूद पर्यटन ऐसा क्षेत्र है जिस पर कड़े प्रतिबंध नहीं हैं। किम ने समुद्री तटों पर रिसॉर्ट और पहाड़ी इलाकों में हॉट स्प्रिंग परियोजनाओं में निवेश किया है ताकि ज्यादा से ज्यादा चीनी पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। परमाणु मुद्दे पर बात हो सकती है जिनपिंग और किम जोंग की बैठक में अमेरिका-उत्तर कोरिया वार्ता को फिर शुरू करने के मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है। चीन लंबे समय से कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त बनाने की बात करता रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में उसका रुख पहले की तुलना में काफी नरम दिखाई दिया है। पिछले महीने ट्रम्प और जिनपिंग की बैठक के बाद व्हाइट हाउस ने कहा था कि दोनों चाहते हैं कि उत्तर कोरिया के पास परमाणु हथियार न रहें और वह अपना परमाणु कार्यक्रम खत्म करे। हालांकि चीन के विदेश मंत्रालय से इस बारे में सवाल पूछा गया तो उसने सीधे तौर पर इससे इनकार कर दिया था। व्हाइट हाउस लौटने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कई बार कह चुके हैं कि वह किम जोंग उन के साथ एक बैठक करना चाहते हैं। हालांकि किम अब तक अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने साफ कहा है कि वह ऐसी किसी बातचीत को स्वीकार नहीं करेंगे जिसमें उनके परमाणु कार्यक्रम को बातचीत की मेज पर रखा जाए। किम लंबे समय से परमाणु हथियारों को अपनी सुरक्षा की गारंटी मानते हैं। उनका मानना है कि यही कार्यक्रम उन्हें चीन और रूस पर अत्यधिक निर्भर होने से बचाता है और अमेरिका के संभावित हमले से सुरक्षा देता है। रूस ने उत्तर कोरिया के समर्थन में वीटो लगाया कई

बिहार के वैभव सूर्यवंशी का टीम इंडिया में सेलेक्शन:सबसे कम उम्र में मिला मौका, सचिन का रिकॉर्ड टूटा; आयरलैंड-इंग्लैंड टी-20 सीरीज और एशियन गेम्स में खेलेंगे

बिहार के वैभव सूर्यवंशी का टीम इंडिया में सेलेक्शन:सबसे कम उम्र में मिला मौका, सचिन का रिकॉर्ड टूटा; आयरलैंड-इंग्लैंड टी-20 सीरीज और एशियन गेम्स में खेलेंगे

बिहार के वैभव सूर्यवंशी का सिलेक्शन इंडियन टीम में हो गया है। वह इंडियन क्रिकेट टीम में चुने गए अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वैभव ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पुरुष क्रिकेटर्स में सचिन तेंदुलकर 16 साल, 194 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुने गए थे। वहीं, वैभव 15 साल 71 दिन में चुने गए हैं। वैभव को जून-जुलाई में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के साथ-साथ सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए चुना गया है। IPL में उनके बेहतर प्रदर्शन के बाद यह फैसला लिया गया है। IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने जीते थे 5 अवार्ड IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने 5 अवार्ड अपने नाम किए हैं। वैभव को सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए ऑरेंज कैप के साथ इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन, मोस्ट वैलुएबल प्लेयर, सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन और मोस्ट सिक्सेज का भी खिताब मिला है। इन पुरस्कारों के जरिए उन्होंने कुल 45 लाख रुपये की इनामी राशि हासिल की, जबकि सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन बनने पर उन्हें टाटा सियेरा कार भी पुरस्कार में मिली। ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने वैभव वैभव को ऑरेंज कैप मिला है। वह ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने महज 15 साल और 65 दिन की उम्र में यह उपलब्धि अपने नाम की है। 16 मैचों में उन्होंने 776 रन बनाए हैं, जो इस सीजन किसी भी बल्लेबाज के सबसे ज्यादा रन हैं। इस बीच उन्होंने एक शतक और 5 अर्धशतक भी अपने नाम किए हैं। वैभव ने साई सुदर्शन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। साई सुदर्शन आईपीएल 2025 में ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। उन्होंने ये उपलब्धि 23 साल 237 दिन की उम्र में हासिल की थी। सूर्यवंशी ने बनाया एक सीजन में 72 छक्कों का रिकॉर्ड वैभव ने सीजन में सबसे ज्यादा 237.30 के स्ट्राइक रेट से भी रन बनाए और ‘सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन’ का अवार्ड अपने नाम किया। आईपीएल के इतिहास में इतने स्ट्राइक रेट से किसी भी खिलाड़ी ने 700 या उससे ज्यादा रन नहीं बनाए। वहीं, सूर्यवंशी ने इस सीजन में रिकॉर्ड 72 छक्के लगाए। वह एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बने। इससे पहले ये रिकार्ड क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 59 छक्के लगाए थे। इस सीजन में जोरदार प्रदर्शन करने वाले सूर्यवंशी को ‘इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन’ भी चुना गया है। एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। सूर्यवंशी IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होेंने साई सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। सूर्यवंशी ने IPL में सबसे ज्यादा बार 90s में आउट होने की बराबरी की सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 96 रन पर आउट हुए। वे IPL में सबसे ज्यादा बार ‘नर्वस नाइंटीज’ (90-99 रन) का शिकार होने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे इसी सीजन पिछली चार पारी में तीसरी बार 90 से 99 रन के बीच आउट हुए। इससे पहले डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और ऋतुराज गायकवाड़ IPL में 3-3 बार 90s में आउट हो चुके हैं। सूर्यवंशी IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे। उनके प्लेऑफ में 19 छक्के हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋद्धिमान साहा (2014) और शुभमन गिल (2023) का 11-11 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा। IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर बनाने वाले राजस्थान के तीसरे बल्लेबाज वैभव ने गुजरात के खिलाफ फिफ्टी लगाई। इसके साथ ही वे IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर करने वाले राजस्थान के तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले सूर्यवंशी ने एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 97 रन बनाए थे। उनसे पहले ध्रुव जुरेल (2024, 2026) और जोस बटलर (2022) ने प्लेऑफ में राजस्थान के लिए दो फिफ्टी या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया था।

बिहार के वैभव सूर्यवंशी का टीम इंडिया में सेलेक्शन:सबसे कम उम्र में मिला मौका, सचिन का रिकॉर्ड टूटा; आयरलैंड-इंग्लैंड टी-20 सीरीज और एशियन गेम्स में खेलेंगे

बिहार के वैभव सूर्यवंशी का टीम इंडिया में सेलेक्शन:सबसे कम उम्र में मिला मौका, सचिन का रिकॉर्ड टूटा; आयरलैंड-इंग्लैंड टी-20 सीरीज और एशियन गेम्स में खेलेंगे

बिहार के वैभव सूर्यवंशी का सिलेक्शन इंडियन टीम में हो गया है। वह इंडियन क्रिकेट टीम में चुने गए अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वैभव ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पुरुष क्रिकेटर्स में सचिन तेंदुलकर 16 साल, 194 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुने गए थे। वहीं, वैभव 15 साल 71 दिन में चुने गए हैं। वैभव को जून-जुलाई में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के साथ-साथ सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए चुना गया है। IPL में उनके बेहतर प्रदर्शन के बाद यह फैसला लिया गया है। IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने जीते थे 5 अवार्ड IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने 5 अवार्ड अपने नाम किए हैं। वैभव को सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए ऑरेंज कैप के साथ इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन, मोस्ट वैलुएबल प्लेयर, सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन और मोस्ट सिक्सेज का भी खिताब मिला है। इन पुरस्कारों के जरिए उन्होंने कुल 45 लाख रुपये की इनामी राशि हासिल की, जबकि सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन बनने पर उन्हें टाटा सियेरा कार भी पुरस्कार में मिली। ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने वैभव वैभव को ऑरेंज कैप मिला है। वह ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने महज 15 साल और 65 दिन की उम्र में यह उपलब्धि अपने नाम की है। 16 मैचों में उन्होंने 776 रन बनाए हैं, जो इस सीजन किसी भी बल्लेबाज के सबसे ज्यादा रन हैं। इस बीच उन्होंने एक शतक और 5 अर्धशतक भी अपने नाम किए हैं। वैभव ने साई सुदर्शन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। साई सुदर्शन आईपीएल 2025 में ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। उन्होंने ये उपलब्धि 23 साल 237 दिन की उम्र में हासिल की थी। सूर्यवंशी ने बनाया एक सीजन में 72 छक्कों का रिकॉर्ड वैभव ने सीजन में सबसे ज्यादा 237.30 के स्ट्राइक रेट से भी रन बनाए और ‘सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन’ का अवार्ड अपने नाम किया। आईपीएल के इतिहास में इतने स्ट्राइक रेट से किसी भी खिलाड़ी ने 700 या उससे ज्यादा रन नहीं बनाए। वहीं, सूर्यवंशी ने इस सीजन में रिकॉर्ड 72 छक्के लगाए। वह एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बने। इससे पहले ये रिकार्ड क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 59 छक्के लगाए थे। इस सीजन में जोरदार प्रदर्शन करने वाले सूर्यवंशी को ‘इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन’ भी चुना गया है। एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। सूर्यवंशी IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होेंने साई सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। सूर्यवंशी ने IPL में सबसे ज्यादा बार 90s में आउट होने की बराबरी की सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 96 रन पर आउट हुए। वे IPL में सबसे ज्यादा बार ‘नर्वस नाइंटीज’ (90-99 रन) का शिकार होने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे इसी सीजन पिछली चार पारी में तीसरी बार 90 से 99 रन के बीच आउट हुए। इससे पहले डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और ऋतुराज गायकवाड़ IPL में 3-3 बार 90s में आउट हो चुके हैं। सूर्यवंशी IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे। उनके प्लेऑफ में 19 छक्के हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋद्धिमान साहा (2014) और शुभमन गिल (2023) का 11-11 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा। IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर बनाने वाले राजस्थान के तीसरे बल्लेबाज वैभव ने गुजरात के खिलाफ फिफ्टी लगाई। इसके साथ ही वे IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर करने वाले राजस्थान के तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले सूर्यवंशी ने एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 97 रन बनाए थे। उनसे पहले ध्रुव जुरेल (2024, 2026) और जोस बटलर (2022) ने प्लेऑफ में राजस्थान के लिए दो फिफ्टी या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया था।