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13 मिनट पहले
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आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-
इंटरनेशनल (INTERNATIONAL)
1. राष्ट्रपति मुर्मू नॉर्थ मैसेडोनिया पहुंची
- 21 जुलाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू में अपनी 3 देशों की यात्रा के चरण में नॉर्थ मैसेडोनिया की राजधानी स्कोप्जे पहुंचीं।
- राष्ट्रपति मुर्मू ने स्कोप्जे में नॉर्थ मैसेडोनिया की राष्ट्रपति गोर्डाना सिलजानोव्स्का-डावकोवा के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।
- राष्ट्रपति मुर्मू नॉर्थ मैसेडोनिया की पीएम ह्रिस्तियान मिकोस्की से मुलाकात की।
- साथ ही राष्ट्रपति मुर्मू संसद के अध्यक्ष अफ्रीम गाशी से भी मुलाकात की और संसद को संबोधित किया।
- इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत-नॉर्थ मैसेडोनिया बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया।
- इस यात्रा में कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, विज्ञान और टेक्नोलॉजी, IT जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बात हुई।
- इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू मदर टेरेसा स्मारक तथा अन्य ऐतिहासिक स्थलों पर भी जाएंगी।
- इसके साथ ही इस यात्रा के दौरान पहले दिन राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत और मोल्दोवा ने व्यापार को दोगुना करने के लिए ‘3 Ts’ रोडमैप पर बात की।
- इस यात्रा का उद्देश्य पूर्वी यूरोपीय देशों के साथ द्विपक्षीय और रणनीतिक संबंधों को बढ़ावा देना है।

राष्ट्रपति मुर्मू 25 जुलाई तक 3 देशों की यात्रा पर हैं।
2. भारत WTO के मत्स्य पालन समझौते का सदस्य बना
- 20 जुलाई को भारत वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (WTO) के मत्स्य पालन सब्सिडी समझौते का ऑफिशियल मेंबर बन गया।
- भारत इस समझौते को स्वीकार करने वाला 123वां सदस्य देश बन गया है।
- भारत ने जिनेवा में हुए WTO के 12वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में इस समझौते को मंजूरी दी।
- WTO का सदस्य बनने के बाद भारत में अवैध, अनियमित एवं अनियंत्रित (IUU) मत्स्य पालन को बढ़ावा देने वाली सब्सिडी पर रोक लग सकेगी।
- इससे समझौते के बाद समुद्री जैव विविधता और मत्स्य संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
- IUU फिशिंग करने वाले जहाजों को सब्सिडी नहीं दी जाएगी। अत्यधिक दोहन वाली मछली प्रजातियों के शिकार हेतु सब्सिडी पर रोक।
- इस समझौते के बाद अनियमित समुद्री क्षेत्रों में मत्स्य पालन के लिए सब्सिडी नहीं दी जाएगी।
- इससे समझौते के बाद भारत में छोटे और पारंपरिक मछुआरों को फायदा मिलेगा।
- ये समझौता समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
- मत्स्य पालन सब्सिडी समझौता जून 2022 में WTO के 12वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के दौरान अपनाया गया था।

मत्स्य पालन सब्सिडी समझौता WTO ने पहली बार इसे 2025 में लागू किया गया था।
अपॉइटनमेंट (APPOINTMENT) 3. भारतीय मूल के सांसद कनिष्क ब्रिटेन के पहले AI मंत्री बने
- 20 जुलाई को भारतीय मूल के सांसद कनिष्क नारायण को ब्रिटेन का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी (AI) के मंत्री अपॉइंट हुए।
- ब्रिटेन ने पहली बार AI के लिए किसी मंत्री को अपॉइंट किया है। कनिष्क की ये नियुक्ति नए ब्रिटिश पीएम एंडी बर्नहैम के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद की गई है।
- वे सितंबर 2025 से AI और ऑनलाइन सेफ्टी मिनिस्टर के तौर पर कार्यरत थे।
- कनिष्क मुजफ्फरपुर, बिहार में जन्मे हैं और 12 साल की उम्र में परिवार के साथ वेल्स (कार्डिफ) चले गए।
- कनिष्क 2024 में वेल्स के पहले माइनॉरिटी सांसद बने। राजनीति में आने से पहले वे ब्रिटिश सरकार के लिए काम कर चुके हैं।

कनिष्क लेबर पार्टी के मेंबर हैं।
नेशनल (NATIONAL)
4. पर्यटन मंत्रालय ने ₹5,757 करोड़ की नई परियोजनाओं को मंजूरी दी
- 21 जुलाई को पर्यटन मंत्रालय ने ₹5,757 करोड़ की नई परियोजनाओं को मंजूरी दी।
- इसमें 117 परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रमुख पर्यटन स्थलों का विकास करना है।
- इसमें विरासत एवं धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन, इको-टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन का विस्तार करना है।
- इस योजना से बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक पर्यटक सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
- सरकार का ध्यान विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत और कम विकसित पर्यटन क्षेत्रों पर है।
- स्वदेश दर्शन और प्रसाद (PRASAD) योजना के तहत ये कार्य किए जाएंगे

स्वदेश दर्शन और प्रसाद (PRASAD) योजना के तहत ये कार्य किए जाएंगे।
निधन (DEATH)
5. त्रिपुरा DGP अनुराग धनखड़ का निधन
- 20 जुलाई को त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ का निधन हो गया। वे 60 साल के थे।
- अनुराग धनखड़ 1994 बैच के IPS अधिकारी थे।
- त्रिपुरा सरकार ने उनकी मृत्यु पर एक दिवसीय राजकीय शोक घोषित किया है।
- अनुराग ने नीरव मोदी मामले और सिख विरोधी दंगों के केस को लीड किया था।
- अनुराग ने 1984 सिख विरोधी दंगों की दोबारा जांच के लिए गठित SIT को भी लीड किया था।
- धनकड़ ने 1995 में त्रिपुरा में सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर (SDPO) के तौर पर शुरुआत की थी इसके बाद वे पुलिस महानिदेशक बने थे।
- DGP अनुराग की जगह पर एडिशनल DGP श्रीनिवास राव को कार्यवाहक DGP बनाया गया है।

DGP अनुराग त्रिपुरा में अपने ऑफिस में मृत पाए गए थे।
मिसलीनियस (Miscellaneous)
5. नेपाल में एक रुपए के सिक्के पर विवादित नक्शा
- 21 जुलाई को नेपाल सरकार ने एक रुपए के सिक्के से विवादित राष्ट्रीय नक्शा हटाने का प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
- इस नक्शे में भारत के लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया है।
- हालांकि, नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) ने पहले प्रस्ताव रखा था कि एक रुपए के सिक्के पर छपे नेपाल के विवादित नक्शे की जगह मुस्तांग के ऐतिहासिक मठ की तस्वीर लगाई जाए।
- इस विवाद के बाद मंत्रालय ने नेपाल राष्ट्र बैंक को निर्देश दिया कि डिजाइन में बौद्ध मठ के साथ नेपाल का राष्ट्रीय नक्शा भी शामिल किया जाए।
- नेपाल राष्ट्र बैंक कैबिनेट के निर्देश पर नया डिजाइन तैयार करेगा। नए सिक्कों में नेशनल मैप और लो घेकर मठ दोनों को शामिल किया जाएगा।
- पहले नेपाल में राजशाही के दौर में नोटों और सिक्कों पर राजा महेंद्र, राजा बीरेन्द्र और राजा ज्ञानेन्द्र की तस्वीरें छपी होती थीं।
- साल 2006 के राजनीतिक बदलाव के बाद इनकी जगह माउंट एवरेस्ट, वन्यजीव, राष्ट्रीय स्मारक और सांस्कृतिक प्रतीकों को शामिल किया जाने लगा है।
- लो घेकर मठ नेपाल के अपर मुस्तांग में स्थित है। इसकी स्थापना 8वीं शताब्दी में गुरु पद्मसंभव (गुरु रिनपोछे) ने की थी।
- इतिहासकार इसे पूरे हिमालयी क्षेत्र के सबसे प्राचीन बौद्ध मठों में से एक मानते हैं।
- भारत-नेपाल सीमा विवाद 2020 में हुई थी। भारत ने उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे तक सड़क का उद्घाटन किया।
- नेपाल ने इसका विरोध करते हुए मई 2020 में नया राजनीतिक नक्शा जारी किया, जिसमें कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को अपने क्षेत्र का हिस्सा दिखाया।
भारत नेपाल नक्शा विवाद
- भारत-नेपाल सीमा विवाद 2020 में शुरू हुआ था।
- भारत ने उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे तक सड़क का उद्घाटन किया था, जिसका नेपाल ने विरोध किया था।
- मई 2020 में नेपाल ने नया राजनीतिक नक्शा जारी किया, जिसमें कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को अपने क्षेत्र का हिस्सा दिखाया।
- जून 2020 में नेपाल की संसद ने संविधान संशोधन कर इस नक्शे को आधिकारिक मान्यता दी गई थी।
- तब से यही नक्शा सरकारी दस्तावेजों, स्कूल की किताबों, पासपोर्ट, 100 रुपए के नोट और 1 व 2 रुपए के सिक्कों पर इस्तेमाल हो रहा है।
- इसके बाद सरकार ने नए 1 रुपए के सिक्के की डिजाइन में भी इसी आधिकारिक नक्शे को बनाए रखने का फैसला किया।

तस्वीर नेपाल के 1 रुपए के सिक्के की है, जिस पर विवादित नक्शा उकेरा गया है।
7. भारत में पहली डेंगू वैक्सीन को मंजूरी
- 20 जुलाई को भारत में पहली बार डेंगू की वैक्सीन को मंजूरी दी गई है।
- ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने ताकेदा बायोफार्मास्यूटिकल्स इंडिया की वैक्सीन QDENGA को बाजार में इस्तेमाल की अनुमति दे दी है।
- कंपनी के मुताबिक, ये वैक्सीन चार से 60 साल तक के लोगों को लगाई जा सकेगी।
- वैक्सीन लगवाने से पहले ये जांच कराने की जरूरत नहीं होगी कि व्यक्ति पहले कभी डेंगू से संक्रमित हुआ था या नहीं।
- भारत में मिली मंजूरी ताकेदा के वैश्विक क्लीनिकल डेवलपमेंट प्रोग्राम के आधार पर दी गई है।
- इसके तहत फेज-I, फेज-II और फेज-III के कुल 19 क्लीनिकल ट्रायल किए गए, जिनमें 28 हजार से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया।
- डेंगू से बचाव के लिए QDENGA की दो डोज दी जाती हैं।
- हर डोज 0.5 मिलीलीटर की होती है और त्वचा के नीचे इंजेक्शन के जरिए लगाई जाती है। दोनों डोज के बीच तीन महीने का अंतर रखा जाता है।
- ‘क्यूडेंगा’ (TAK-003) असल में जापानी कंपनी ‘टाकेडा’ की खोज है, लेकिन ‘मेक इन इंडिया’ के तहत इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन देश में ही होगा।
- इसके लिए हैदराबाद की फार्मा कंपनी ‘बायोलॉजिकल ई’ के साथ करार किया है।
- भारत में ही बनने की वजह से इसकी सप्लाई तेज और बिना किसी रुकावट के होगी।
- ताकेदा के मुताबिक, भारत दुनिया में डेंगू से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में शामिल है।
- देश के कई हिस्सों में डेंगू वायरस के चारों सीरोटाइप एक साथ भी फैल चुके हैं।
- कंपनी के मेडिकल अफेयर्स प्रमुख गोह चू बेंग ने कहा कि QDENGA को चारों सीरोटाइप से सुरक्षा देने के लिए तैयार किया गया है।
- कंपनी के मुताबिक, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में QDENGA के इस्तेमाल की सिफारिश करता है।
- WHO का समर्थन है कि ज्यादा संक्रमण वाले इलाकों में इसे सार्वजनिक टीकाकरण कार्यक्रम में बिना प्री-वैक्सीनेशन स्क्रीनिंग के शामिल किया जा सकता है।
आज का इतिहास
- 1678 में छत्रपति शिवाजी ने वेल्लोर का किला जीता।
- 1947 में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने स्वतंत्र भारत के राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगे’ का प्रस्ताव रखा, जिसे राष्ट्रध्वज के तौर पर अपनाया गया।
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