Wednesday, 22 Jul 2026 | 10:40 AM

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वैभव सूर्यवंशी बोले- मैं वर्ल्ड क्रिकेट को डोमिनेट करूंगा:मुझे रेड बॉल खेलना पसंद, कोहली के कंधे पर हाथ रखना सपने जैसा था

वैभव सूर्यवंशी बोले- मैं वर्ल्ड क्रिकेट को डोमिनेट करूंगा:मुझे रेड बॉल खेलना पसंद, कोहली के कंधे पर हाथ रखना सपने जैसा था

वैभव सूर्यवंशी के भारतीय क्रिकेट टीम में चुने जाने के बाद राजस्थान रॉयल्स ने सोशल मीडिया पर उनका एक इंटरव्यू शेयर किया है। इंटरव्यू के दौरान वैभव ने कहा कि वे आने वाले 20 साल तक सिर्फ क्रिकेट ही नहीं खेलेंगे, बल्कि वर्ल्ड क्रिकेट को डोमिनेट करने का काम करेंगे। वैभव ने कहा कि उनका सपना क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में खेलना है। राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर रोमी भिंडर के साथ इंटरव्यू में उन्होंने IPL 2026 के फाइनल मुकाबले का भी जिक्र किया और कहा, ‘जब विराट कोहली ने मेरे कंधे पर हाथ रखा तो मुझे ये किसी सपने की तरह लगा।’ बता दें वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट टीम में चुने गए अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। 15 साल, 71 दिन के वैभव को जून-जुलाई में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के साथ-साथ सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए चुना गया है। पढ़िए वैभव सूर्यवंशी का पूरा इंटरव्यू राजस्थान रॉयल्स की ओर से शेयर किए गए एक वीडियो में टीम मैनेजर रोमी भिंडर ने वैभव सूर्यवंशी से पूछा- IPL 2026 की पूरी जर्नी को किस तरह देखते हैं? इस पर वैभव ने कहा, “IPL का टूर्नामेंट दो से ढाई महीने तक चलता है। इसमें मेंटली और फिजिकली रूप से मजबूत रहना पड़ता है। हर मैच के बाद हम टीम में बैठकर चर्चा करते थे कि क्या कमी रह गई। कौन-सी गलती हुई और उसे दोबारा कैसे नहीं दोहराना है। इससे हमें काफी फायदा हुआ, क्योंकि आपस में बातचीत करने से बहुत कुछ सीखने को मिलता है।” ऑरेंज कैप छूने का शौक था, आज पहन रहा हूं रोमी भिंडर ने फिर एक पुराना किस्सा याद दिलाते हुए कहा- वैभव जब पहली बार आपको ऑरेंज कैप मिली थी, तब आप हनुमान मंदिर गए थे और कहा था कि ऑरेंज कैप के बारे में नहीं सोचेंगे, वरना नजर लग जाएगी। इस पर वैभव ने मुस्कुराते हुए कहा, “जब मैं IPL में किसी खिलाड़ी के सिर पर ऑरेंज कैप देखता था, तो सोचता था कि एक बार इसे छूकर देखूं, लेकिन आज मैं खुद इसे पहन रहा हूं, तो बहुत अच्छा लग रहा है। पूरे टूर्नामेंट के दौरान मैंने इसके बारे में नहीं सोचा, क्योंकि मुझे लगता है कि ज्यादा सोचने से नजर लग जाती है।” फाइनल खेलता तो और ज्यादा अच्छा लगता रोमी भिंडर ने वैभव से यह भी पूछा- क्या आप IPL 2026 के अपने परफॉर्मेंस से संतुष्ट हैं? वैभव ने कहा, “अगर आखिरी मैच में हम जल्दी विकेट नहीं गंवाते, तो शायद हम IPL 2026 का फाइनल देख नहीं रहे होते, बल्कि खेलते। अगर टीम ट्रॉफी जीतती और उसके बाद मुझे ये अवॉर्ड्स मिलते, तो ज्यादा खुशी होती।” उन्होंने आगे कहा, “लोग पूछते हैं कि दूसरी ट्रॉफी कब आएगी। मुझे उम्मीद है कि सिर्फ दूसरी ट्रॉफी ही नहीं, बल्कि आने वाले 20 सालों में तीसरी, चौथी और पांचवीं ट्रॉफी भी जीतेंगे।” मुझे रेड बॉल खेलना पसंद है सुनील गावस्कर से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए वैभव सूर्यवंशी ने कहा- कई लोगों ने मुझसे पूछा था कि क्या मैं भविष्य में रेड-बॉल क्रिकेट खेलना चाहता हूं या नहीं। मैंने इसी सवाल का जवाब सुनील गावस्कर सर को भी दिया था कि मुझे रेड बॉल क्रिकेट खेलना पसंद है। मैं रेड-बॉल क्रिकेट के लिए लगातार प्रैक्टिस भी कर रहा हूं। अपने राज्य के लिए भी मैंने काफी रेड-बॉल मैच खेले हैं। रेड-बॉल और वनडे क्रिकेट में टीम की जरूरत के अनुसार, जिस तरह की बल्लेबाजी करनी होगी, मैं अपने खेल को उसी हिसाब से ढालूंगा।” वैभव ने आगे कहा, “मेरा सपना भारत के लिए तीनों फॉर्मेट खेलना है। बाकी सब कुछ भगवान पर छोड़ दिया है।” IPL में सिलेक्ट होने के बाद भगवान को 1 हजार बार थैंक्यू बोला वैभव सूर्यवंशी ने कहा, “जब IPL ऑक्शन में मेरे लिए बोली लगी थी, तब मेरे मन में यह सवाल आया था कि मुझ पर सिर्फ दो टीमों ने ही बोली क्यों लगाई। मुझे लगता था कि मैं अच्छा खेलता हूं और ट्रायल्स में भी मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा था, इसलिए बाकी टीमों को भी मुझमें रुचि दिखानी चाहिए थी।” हालांकि, उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के प्रति आभार जताते हुए कहा, “पिछले करीब डेढ़ साल से राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा रहने के बाद मैं भगवान को कम-से-कम हजार बार धन्यवाद दे चुका हूं कि उन्होंने मुझे इस टीम तक पहुंचाया।” वैभव ने आगे कहा, “यहां सपोर्ट स्टाफ से लेकर ट्रेनर तक सभी लोग बेहद सपोर्टिव हैं। पूरी टीम एक परिवार की तरह है। सीनियर खिलाड़ी लगातार मेरा मार्गदर्शन करते हैं और मुझे उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला है।” खेलते समय दिमाग को मजबूत रखना बेहद जरूरी मैच से पहले की तैयारी और विजुअलाइजेशन (मेनिफेस्टेशन) को लेकर वैभव सूर्यवंशी ने कहा, “मैं हर मैच से पहले सोचता हूं कि किस गेंदबाज के खिलाफ मुझे किस तरह बल्लेबाजी करनी है। अगर मैच में किसी तरह की विशेष परिस्थिति आती है, तो उसमें मैं क्या करूंगा, इसकी भी पहले से कल्पना करता हूं। इससे काफी मदद मिलती है और मानसिक रूप से मजबूती मिलती है। जब आपको पहले से पता होता है कि अलग-अलग परिस्थितियों में क्या करना है, तो आत्मविश्वास बढ़ता है। इसलिए माइंड को मजबूत रखना बहुत जरूरी है।” फैंस के सपोर्ट को शब्दों में बयां नहीं कर सकता फैंस के समर्थन पर वैभव सूर्यवंशी ने कहा, “जिस तरह से फैंस मुझे सपोर्ट करते हैं, उसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता। मैदान पर खेलते समय भी और सोशल मीडिया पर भी मुझे लोगों का भरपूर प्यार और समर्थन मिला है। यह मेरे लिए बेहद खास है।” वैभव ने कहा, “जब मैं पटना एयरपोर्ट पर उतरता हूं, तो ऐसा महसूस होता है कि अब घर आ गया हूं। मन में एक अलग तरह की सुरक्षा और सुकून का एहसास होता है। जब मैं बिहार में होता हूं, तो मन करता है कि कभी भी पैदल निकलकर घूमूं। यहां के लोगों का अपनापन अलग ही है। किसी अनजान व्यक्ति से भी बात कीजिए, तो ऐसा लगता है जैसे वर्षों से जानते हों। लोग बेहद सम्मान के साथ बात करते हैं और मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। यही चीज बिहार को मेरे लिए खास

अमेरिका में फर्जी पिज्जा ऑर्डर के बहाने भारतीय युवक की:डिलीवरी देने पहुंचा था तेलंगाना का अंशुल; परिवार का आरोप- साजिश रचकर गोली मारी

अमेरिका में फर्जी पिज्जा ऑर्डर के बहाने भारतीय युवक की:डिलीवरी देने पहुंचा था तेलंगाना का अंशुल; परिवार का आरोप- साजिश रचकर गोली मारी

अमेरिका के फिलाडेल्फिया में तेलंगाना के 28 वर्षीय अंशुल कुंचा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिवार का आरोप है कि अंशुल को फर्जी पिज्जा ऑर्डर देकर सुनसान जगह बुलाया गया और वहां घात लगाकर हमला किया गया। अंशुल कुंचा एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करते थे। एक्सट्रा इनकम के लिए वे वीकेंड में पिज्जा डिलीवरी का पार्ट-टाइम काम भी करते थे। शनिवार रात उन्हें एक ऑर्डर मिला, जिसके तहत उन्हें फिलाडेल्फिया के एक सुनसान इलाके में पिज्जा पहुंचाना था। परिवार के मुताबिक, वहां पहुंचते ही एक अज्ञात हमलावर ने अंशुल के सिर में कई गोलियां मार दीं और मौके से फरार हो गया। अंशुल की बहन बोलीं- डिलीवरी ऑर्डर एक जाल था अंशुल की बहन तन्वी कुंचा ने आरोप लगाया कि यह डिलीवरी ऑर्डर महज एक जाल था। उन्होंने कहा कि वहां कोई ग्राहक मौजूद नहीं था और अंशुल को सिर्फ निशाना बनाने के लिए बुलाया गया था। परिवार का कहना है कि हमलावर अंशुल का कोई सामान भी नहीं ले गए। ऐसे में हत्या के पीछे की वजह अब भी साफ नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना के समय इलाके में बैग लिए दो नकाबपोश लोगों को देखा गया था। परिवार ने भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों से अंशुल का शव जल्द भारत भेजने की अपील की है ताकि अंतिम संस्कार में देरी न हो। तन्वी ने कहा कि अधिकारियों ने शव सोमवार को सौंपे जाने की जानकारी दी है, लेकिन परिवार चाहता है कि प्रक्रिया जल्द पूरी हो। न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों और अंशुल के परिवार के संपर्क में है तथा हर संभव मदद उपलब्ध करा रहा है। मौके से तीन खाली कारतूस बरामद हुए फिलाडेल्फिया पुलिस के चीफ इंस्पेक्टर स्कॉट स्मॉल ने बताया कि घटनास्थल से तीन खाली कारतूस बरामद हुए हैं। उनके मुताबिक, कारतूसों की स्थिति से संकेत मिलता है कि हमलावर पीड़ित के बेहद करीब खड़े थे। अंशुल की कार भी घटनास्थल के पास मिली, जिसमें पिज्जा वार्मर रखा हुआ था। पुलिस के अनुसार, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। हालांकि जांचकर्ताओं को उस फोन नंबर की जानकारी मिल गई है, जिससे पिज्जा का ऑर्डर दिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि यही नंबर मामले की जांच में महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकता है। फिलाडेल्फिया हाउसिंग अथॉरिटी के निगरानी कैमरों में घटना से पहले का कुछ फुटेज रिकॉर्ड हुआ है। हालांकि गोली चलने की घटना कैमरे में कैद नहीं हुई। फुटेज में अंशुल के पीछे दो लोग चलते हुए दिखाई दिए हैं। दोनों ने गहरे रंग के कपड़े पहन रखे थे। इनमें से एक व्यक्ति के पास डार्क रंग का बैकपैक भी दिखाई दिया। पहले भी लूट का शिकार हो चुके थे परिवार ने बताया कि अंशुल पहले भी अमेरिका में लूटपाट की घटना का शिकार हो चुके थे। उस दौरान उनकी चेन, मोबाइल फोन और नकदी छीन ली गई थी, लेकिन तब उन पर जानलेवा हमला नहीं हुआ था। परिवार के अनुसार, उन्होंने हैदराबाद से बीटेक करने के बाद अमेरिका जाकर मास्टर्स की पढ़ाई की थी। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें KWC कंपनी में नौकरी मिल गई थी।

अमेरिका में फर्जी पिज्जा ऑर्डर के बहाने भारतीय युवक की:डिलीवरी देने पहुंचा था तेलंगाना का अंशुल; परिवार का आरोप- साजिश रचकर गोली मारी

अमेरिका में फर्जी पिज्जा ऑर्डर के बहाने भारतीय युवक की:डिलीवरी देने पहुंचा था तेलंगाना का अंशुल; परिवार का आरोप- साजिश रचकर गोली मारी

अमेरिका के फिलाडेल्फिया में तेलंगाना के 28 वर्षीय अंशुल कुंचा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिवार का आरोप है कि अंशुल को फर्जी पिज्जा ऑर्डर देकर सुनसान जगह बुलाया गया और वहां घात लगाकर हमला किया गया। अंशुल कुंचा एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करते थे। एक्सट्रा इनकम के लिए वे वीकेंड में पिज्जा डिलीवरी का पार्ट-टाइम काम भी करते थे। शनिवार रात उन्हें एक ऑर्डर मिला, जिसके तहत उन्हें फिलाडेल्फिया के एक सुनसान इलाके में पिज्जा पहुंचाना था। परिवार के मुताबिक, वहां पहुंचते ही एक अज्ञात हमलावर ने अंशुल के सिर में कई गोलियां मार दीं और मौके से फरार हो गया। अंशुल की बहन बोलीं- डिलीवरी ऑर्डर एक जाल था अंशुल की बहन तन्वी कुंचा ने आरोप लगाया कि यह डिलीवरी ऑर्डर महज एक जाल था। उन्होंने कहा कि वहां कोई ग्राहक मौजूद नहीं था और अंशुल को सिर्फ निशाना बनाने के लिए बुलाया गया था। परिवार का कहना है कि हमलावर अंशुल का कोई सामान भी नहीं ले गए। ऐसे में हत्या के पीछे की वजह अब भी साफ नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना के समय इलाके में बैग लिए दो नकाबपोश लोगों को देखा गया था। परिवार ने भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों से अंशुल का शव जल्द भारत भेजने की अपील की है ताकि अंतिम संस्कार में देरी न हो। तन्वी ने कहा कि अधिकारियों ने शव सोमवार को सौंपे जाने की जानकारी दी है, लेकिन परिवार चाहता है कि प्रक्रिया जल्द पूरी हो। न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों और अंशुल के परिवार के संपर्क में है तथा हर संभव मदद उपलब्ध करा रहा है। मौके से तीन खाली कारतूस बरामद हुए फिलाडेल्फिया पुलिस के चीफ इंस्पेक्टर स्कॉट स्मॉल ने बताया कि घटनास्थल से तीन खाली कारतूस बरामद हुए हैं। उनके मुताबिक, कारतूसों की स्थिति से संकेत मिलता है कि हमलावर पीड़ित के बेहद करीब खड़े थे। अंशुल की कार भी घटनास्थल के पास मिली, जिसमें पिज्जा वार्मर रखा हुआ था। पुलिस के अनुसार, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। हालांकि जांचकर्ताओं को उस फोन नंबर की जानकारी मिल गई है, जिससे पिज्जा का ऑर्डर दिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि यही नंबर मामले की जांच में महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकता है। फिलाडेल्फिया हाउसिंग अथॉरिटी के निगरानी कैमरों में घटना से पहले का कुछ फुटेज रिकॉर्ड हुआ है। हालांकि गोली चलने की घटना कैमरे में कैद नहीं हुई। फुटेज में अंशुल के पीछे दो लोग चलते हुए दिखाई दिए हैं। दोनों ने गहरे रंग के कपड़े पहन रखे थे। इनमें से एक व्यक्ति के पास डार्क रंग का बैकपैक भी दिखाई दिया। पहले भी लूट का शिकार हो चुके थे परिवार ने बताया कि अंशुल पहले भी अमेरिका में लूटपाट की घटना का शिकार हो चुके थे। उस दौरान उनकी चेन, मोबाइल फोन और नकदी छीन ली गई थी, लेकिन तब उन पर जानलेवा हमला नहीं हुआ था। परिवार के अनुसार, उन्होंने हैदराबाद से बीटेक करने के बाद अमेरिका जाकर मास्टर्स की पढ़ाई की थी। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें KWC कंपनी में नौकरी मिल गई थी।

मलयालम एक्टर सलीम कुमार का कार्डियक अरेस्ट से निधन:नेशनल अवार्ड विनर थे; 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया

मलयालम एक्टर सलीम कुमार का कार्डियक अरेस्ट से निधन:नेशनल अवार्ड विनर थे; 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया

मलयालम एक्टर सलीम कुमार का 56 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के कारण शनिवार रात निधन हो गया। वह अस्वस्थ होने के बाद कोच्चि (केरल) के अमृता अस्पताल में भर्ती कराए गए थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। रविवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक पारावुर टाउन हॉल में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद दोपहर 3 बजे एर्नाकुलम के नॉर्थ पारावुर स्थित उनके आवास पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। केरल सरकार ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है। सरकार ने अंतिम संस्कार और उससे जुड़े सभी खर्च वहन करने का फैसला किया है। सम्मान स्वरूप अंतिम संस्कार में राजकीय सम्मान भी दिया जाएगा। जिला कलेक्टर सरकार की ओर से पुष्पचक्र अर्पित करेंगे, जबकि जिला पुलिस प्रमुख पुलिस सम्मान और ब्यूगल सलामी की व्यवस्था करेंगे। 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया सलीम कुमार मलयालम सिनेमा के सबसे बहुमुखी कलाकारों में गिने जाते थे। उन्होंने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उन्होंने मुख्य रूप से मलयालम फिल्मों में अभिनय किया, साथ ही कुछ तमिल और ओडिया फिल्मों में भी नजर आए। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कॉमिक रोल से की और अपनी कॉमिक टाइमिंग, एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी के लिए जाने गए। बाद में उन्होंने खुद को एक जाने-माने कैरेक्टर एक्टर के तौर पर स्थापित किया। केरल राज्य फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित हुए सलीम कुमार 2010 में ‘आदामिन्टे मकन अबू’ में अबू की भूमिका के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और केरल राज्य फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला। इसके अलावा ‘अचनुरंगथा वीडु’ (2005) के लिए द्वितीय सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, ‘अयालुम न्जानुम थम्मिल’ (2013) के लिए सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता और ‘करुथा जूथन’ (2017) के लिए सर्वश्रेष्ठ कहानी का केरल राज्य फिल्म पुरस्कार भी मिला। सलीम कुमार के परिवार में उनकी पत्नी सुनीथा और दो बेटे, चंदू सलीम कुमार तथा आरोमल सलीम कुमार हैं। चंदू सलीम कुमार भी एक्टर हैं।

मलयालम एक्टर सलीम कुमार का कार्डियक अरेस्ट से निधन:राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था; तमिल-ओडिया समेत 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया

मलयालम एक्टर सलीम कुमार का कार्डियक अरेस्ट से निधन:राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था; तमिल-ओडिया समेत 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मलयालम एक्टर सलीम कुमार का 56 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के कारण शनिवार रात निधन हो गया। वह अस्वस्थ होने के बाद कोच्चि (केरल) के अमृता अस्पताल में भर्ती कराए गए थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। रविवार को पारावुर टाउन हॉल में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। दोपहर 3 बजे एर्नाकुलम के नॉर्थ पारावुर स्थित उनके आवास पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। केरल सरकार ने उनके निधन पर दुख जताया। सरकार ने अंतिम संस्कार और उससे जुड़े सभी खर्च वहन करने का फैसला किया है। 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया सलीम कुमार मलयालम सिनेमा के सबसे बहुमुखी कलाकारों में गिने जाते थे। उन्होंने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उन्होंने मुख्य रूप से मलयालम फिल्मों में अभिनय किया। साथ ही कुछ तमिल और ओडिया फिल्मों में भी नजर आए। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कॉमिक रोल से की और अपनी कॉमिक टाइमिंग, एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी के लिए जाने गए। बाद में उन्होंने खुद को कैरेक्टर एक्टर के तौर पर स्थापित किया। केरल राज्य फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित हुए सलीम कुमार 2010 में ‘आदामिन्टे मकन अबू’ में अबू की भूमिका के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और केरल राज्य फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला। इसके अलावा ‘अचनुरंगथा वीडु’ (2005) के लिए द्वितीय सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, ‘अयालुम न्जानुम थम्मिल’ (2013) के लिए सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता और ‘करुथा जूथन’ (2017) के लिए सर्वश्रेष्ठ कहानी का केरल राज्य फिल्म पुरस्कार भी मिला। सलीम कुमार के परिवार में उनकी पत्नी सुनीता, दो बेटे चंदू सलीम कुमार और आरोमल सलीम कुमार हैं। चंदू सलीम कुमार भी एक्टर हैं।

Rahul Roy Blushes on 90s Nostalgia Special

Rahul Roy Blushes on 90s Nostalgia Special

3 मिनट पहले कॉपी लिंक आशिकी फेम एक्टर राहुल रॉय टीवी रियलिटी शो ‘लाफ्टर शेफ्स – अनलिमिटेड एंटरटेनमेंट सीजन 3’ के ‘90s नॉस्टैल्जिया स्पेशल’ एपिसोड में शनिवार को नजर आए। वह शो में स्पेशल गेस्ट के तौर पर शामिल हुए और कंटेस्टेंट निया शर्मा के साथ कुकिंग करते दिखाई दिए। एपिसोड के दौरान अंकिता लोखंडे और तेजस्वी प्रकाश ने राहुल रॉय के लोकप्रिय गानों पर उनके साथ डांस भी किया। शो में 90 के दशक की यादों को लेकर कई मजेदार बातचीत हुई। इसी दौरान कृष्णा अभिषेक ने राहुल रॉय से पूछा, “राहुल सर, हमने सुना है कि आपकी 300 गर्लफ्रेंड्स थीं।” यह सवाल सुनकर राहुल रॉय ब्लश करते नजर आए। वहीं विक्की जैन, अभिषेक कुमार, करण कुंद्रा और एल्विश यादव भी उनकी ओर देखने लगे। इसके बाद भारती सिंह ने मजाक में कहा, “समर्थ (समर्थ जुरेल) और अभिषेक, सुन लो, तुम्हें एक नहीं मिलती और इनके पास 300 गर्लफ्रेंड्स थीं।” इस पर कृष्णा ने भी चुटकी लेते हुए कहा, “इनको एक मिलती है तो वह भी दोनों को छोड़कर चली जाती है।” भारती और कृष्णा ने समर्थ जुरेल और अभिषेक कुमार की चुटकी ली। बातचीत के दौरान भारती सिंह ने राहुल रॉय से पूछा कि क्या वह कभी एक गर्लफ्रेंड के साथ दूसरी के आने पर पकड़े गए थे। इस पर राहुल रॉय ने जवाब में ‘नहीं’ कहा। तब कृष्णा अभिषेक ने मजाक करते हुए कहा कि उस समय सोशल मीडिया नहीं था, इसलिए वह नहीं फंसे। शो में कृष्णा ने यह भी जिक्र किया कि स्टारडम के दौर में फीमेल फैंस राहुल रॉय के कपड़े तक फाड़ देती थीं। इस बात पर राहुल रॉय ने सहमति जताई। राहुल रॉय हाल ही में सोशल मीडिया पर एक कंटेंट क्रिएटर के साथ कुछ रील्स में नजर आए थे। इसके चलते कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें ट्रोल किया था। इसके बाद राहुल रॉय ने एक इमोशनल पोस्ट लिखी थी। एक्टर ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा था, मैं अपना काम ईमानदारी और विनम्रता के साथ करता हूं। मुझे कुछ लीगल मामलों के लिए पेमेंट करना है और ये आज के नहीं हैं, ये उस समय के हैं जब ब्रेन स्ट्रोक हुआ था, उससे पहले के। अगर आप मेरी सादगी का मजाक उड़ाते हैं या मेरे संघर्षों पर हंसते हैं, तो यह मेरे बारे में कम और आपके बारे में ज्यादा बताता है। उन्होंने आगे यह भी लिखा, अगर आप सच में इतने चिंतित हैं, तो मेरी मदद करें कि मुझे कोई सच्चा और अच्छा काम मिल सके, ताकि मैं इन मामलों का पेमेंट कर सकूं। कम से कम मैं मेहनत करके कमा रहा हूं, दूसरों का मजाक उड़ाकर नहीं और ब्रेन स्ट्रोक के बाद, मेरे लिए एक्टिव रहना जरूरी है। मैं जितने समय तक जीवित हूं, काम करना चाहता हूं। यह मेरे दिमाग को एक्टिव रखता है और मुझे उद्देश्य और जिम्मेदारी का एहसास कराता है कि मैं आज भी काम कर रहा हूं। हां, कभी-कभी थोड़ा दर्द हो सकता है, लेकिन आप मुझे तोड़ नहीं सकते। राहुल रॉय की पोस्ट। राहुल रॉय का यह वीडियो डॉ. वनिता घाडगे देसाई नाम के हैंडल से शेयर किया गया था। इसमें राहुल गाने ‘तेरे दर पे सनम’ पर कंटेंट क्रिएटर के साथ नजर आए। यह गाना 1993 की फिल्म ‘फिर तेरी कहानी याद आई’ का है, जिसमें राहुल के साथ पूजा भट्ट थीं। पूरी खबर यहां पढ़ें… सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने वीडियो को लेकर कहा था कि राहुल जबरदस्ती वीडियो बनाते दिख रहे हैं, जबकि कुछ ने उनके एक्सप्रेशन की कमी पर सवाल उठाए। राहुल रॉय को फिल्म आशिकी से पहचान मिली थी राहुल रॉय ने 1990 में फिल्म ‘आशिकी’ से डेब्यू किया था। इस फिल्म ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया था। इसके बाद उन्होंने ‘सपने साजन के’ और ‘फिर तेरी कहानी याद आई’ जैसी फिल्मों में काम किया, जिनमें उनकी रोमांटिक इमेज देखने को मिली। हालांकि बाद की उनकी ‘गजब तमाशा’ और ‘गुमराह’ जैसी कई फिल्में चली नहीं और करियर धीमा पड़ गया। बिग बॉस से फिर मिली लोकप्रियता राहुल रॉय ने 2006 में टीवी शो ‘बिग बॉस’ का पहला सीजन जीतकर दोबारा लोकप्रियता हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने फिल्म प्रोडक्शन में भी कदम रखा और फिल्म ‘एलान’ (2011) प्रोड्यूस की। हाल के कुछ सालों में उन्होंने ‘अदा… ए वे ऑफ लाइफ’, ‘टू बी ऑर नॉट टू बी’, और ‘आगरा’ जैसी इंडिपेंडेंट फिल्मों में काम किया। वो आखिरी बार 2023 में फिल्म ‘आगरा’ में दिखे थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Rahul Roy Blushes on 90s Nostalgia Special

Rahul Roy Blushes on 90s Nostalgia Special

52 मिनट पहले कॉपी लिंक आशिकी फेम एक्टर राहुल रॉय टीवी रियलिटी शो ‘लाफ्टर शेफ्स – अनलिमिटेड एंटरटेनमेंट सीजन 3’ के ‘90s नॉस्टैल्जिया स्पेशल’ एपिसोड में शनिवार को नजर आए। वह शो में स्पेशल गेस्ट के तौर पर शामिल हुए और कंटेस्टेंट निया शर्मा के साथ कुकिंग करते दिखाई दिए। एपिसोड के दौरान अंकिता लोखंडे और तेजस्वी प्रकाश ने राहुल रॉय के लोकप्रिय गानों पर उनके साथ डांस भी किया। शो में 90 के दशक की यादों को लेकर कई मजेदार बातचीत हुई। इसी दौरान कृष्णा अभिषेक ने राहुल रॉय से पूछा, “राहुल सर, हमने सुना है कि आपकी 300 गर्लफ्रेंड्स थीं।” यह सवाल सुनकर राहुल रॉय ब्लश करते नजर आए। वहीं विक्की जैन, अभिषेक कुमार, करण कुंद्रा और एल्विश यादव भी उनकी ओर देखने लगे। इसके बाद भारती सिंह ने मजाक में कहा, “समर्थ (समर्थ जुरेल) और अभिषेक, सुन लो, तुम्हें एक नहीं मिलती और इनके पास 300 गर्लफ्रेंड्स थीं।” इस पर कृष्णा ने भी चुटकी लेते हुए कहा, “इनको एक मिलती है तो वह भी दोनों को छोड़कर चली जाती है।” भारती और कृष्णा ने समर्थ जुरेल और अभिषेक कुमार की चुटकी ली। बातचीत के दौरान भारती सिंह ने राहुल रॉय से पूछा कि क्या वह कभी एक गर्लफ्रेंड के साथ दूसरी के आने पर पकड़े गए थे। इस पर राहुल रॉय ने जवाब में ‘नहीं’ कहा। तब कृष्णा अभिषेक ने मजाक करते हुए कहा कि उस समय सोशल मीडिया नहीं था, इसलिए वह नहीं फंसे। शो में कृष्णा ने यह भी जिक्र किया कि स्टारडम के दौर में फीमेल फैंस राहुल रॉय के कपड़े तक फाड़ देती थीं। इस बात पर राहुल रॉय ने सहमति जताई। राहुल रॉय हाल ही में सोशल मीडिया पर एक कंटेंट क्रिएटर के साथ कुछ रील्स में नजर आए थे। इसके चलते कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें ट्रोल किया था। इसके बाद राहुल रॉय ने एक इमोशनल पोस्ट लिखी थी। एक्टर ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा था, मैं अपना काम ईमानदारी और विनम्रता के साथ करता हूं। मुझे कुछ लीगल मामलों के लिए पेमेंट करना है और ये आज के नहीं हैं, ये उस समय के हैं जब ब्रेन स्ट्रोक हुआ था, उससे पहले के। अगर आप मेरी सादगी का मजाक उड़ाते हैं या मेरे संघर्षों पर हंसते हैं, तो यह मेरे बारे में कम और आपके बारे में ज्यादा बताता है। उन्होंने आगे यह भी लिखा, अगर आप सच में इतने चिंतित हैं, तो मेरी मदद करें कि मुझे कोई सच्चा और अच्छा काम मिल सके, ताकि मैं इन मामलों का पेमेंट कर सकूं। कम से कम मैं मेहनत करके कमा रहा हूं, दूसरों का मजाक उड़ाकर नहीं और ब्रेन स्ट्रोक के बाद, मेरे लिए एक्टिव रहना जरूरी है। मैं जितने समय तक जीवित हूं, काम करना चाहता हूं। यह मेरे दिमाग को एक्टिव रखता है और मुझे उद्देश्य और जिम्मेदारी का एहसास कराता है कि मैं आज भी काम कर रहा हूं। हां, कभी-कभी थोड़ा दर्द हो सकता है, लेकिन आप मुझे तोड़ नहीं सकते। राहुल रॉय की पोस्ट। राहुल रॉय का यह वीडियो डॉ. वनिता घाडगे देसाई नाम के हैंडल से शेयर किया गया था। इसमें राहुल गाने ‘तेरे दर पे सनम’ पर कंटेंट क्रिएटर के साथ नजर आए। यह गाना 1993 की फिल्म ‘फिर तेरी कहानी याद आई’ का है, जिसमें राहुल के साथ पूजा भट्ट थीं। पूरी खबर यहां पढ़ें… सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने वीडियो को लेकर कहा था कि राहुल जबरदस्ती वीडियो बनाते दिख रहे हैं, जबकि कुछ ने उनके एक्सप्रेशन की कमी पर सवाल उठाए। राहुल रॉय को फिल्म आशिकी से पहचान मिली थी राहुल रॉय ने 1990 में फिल्म ‘आशिकी’ से डेब्यू किया था। इस फिल्म ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया था। इसके बाद उन्होंने ‘सपने साजन के’ और ‘फिर तेरी कहानी याद आई’ जैसी फिल्मों में काम किया, जिनमें उनकी रोमांटिक इमेज देखने को मिली। हालांकि बाद की उनकी ‘गजब तमाशा’ और ‘गुमराह’ जैसी कई फिल्में चली नहीं और करियर धीमा पड़ गया। बिग बॉस से फिर मिली लोकप्रियता राहुल रॉय ने 2006 में टीवी शो ‘बिग बॉस’ का पहला सीजन जीतकर दोबारा लोकप्रियता हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने फिल्म प्रोडक्शन में भी कदम रखा और फिल्म ‘एलान’ (2011) प्रोड्यूस की। हाल के कुछ सालों में उन्होंने ‘अदा… ए वे ऑफ लाइफ’, ‘टू बी ऑर नॉट टू बी’, और ‘आगरा’ जैसी इंडिपेंडेंट फिल्मों में काम किया। वो आखिरी बार 2023 में फिल्म ‘आगरा’ में दिखे थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

अन्नामलाई का नया आंदोलन हिट, लॉन्च के कुछ ही घंटों में सदस्यता बढ़कर 15 लाख से अधिक | भारत समाचार

Photos following Israeli strikes on southern Lebanon show destructive aftermath.

आखरी अपडेट:07 जून, 2026, 11:49 IST तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रमुख अन्नामलाई 5 जून को आधिकारिक तौर पर भाजपा से अलग हो गए और इसके तुरंत बाद एक नया राजनीतिक आंदोलन “वी द लीडर” शुरू करने के अपने इरादे का खुलासा किया। अन्नामलाई ने कहा कि वह भविष्य में चुनाव लड़ेंगे। (एएनआई फाइल फोटो) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से उनका इस्तीफा स्वीकार किए जाने के कुछ दिनों बाद, तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रमुख के अन्नामलाई ने “कलाम स्कूल ऑफ आइडियोलॉजी” के आधार पर एक नया राजनीतिक आंदोलन शुरू किया। इस आंदोलन को जोरदार प्रतिक्रिया मिली है, इसके लॉन्च के कुछ ही घंटों के भीतर सदस्यता 15 लाख को पार कर गई है। अन्नामलाई 5 जून को आधिकारिक तौर पर भाजपा से अलग हो गए और इसके तुरंत बाद एक नया राजनीतिक आंदोलन शुरू करने के अपने इरादे का खुलासा किया। अपना इस्तीफा स्वीकार होने के बाद अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में अन्नामलाई ने कहा कि “वी द लीडर” नामक आंदोलन एपीजे अब्दुल कलाम सेंटर फॉर एथिक्स एंड पॉलिटिक्स के तहत काम करेगा। यह केंद्र कोयंबटूर में एक प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान के रूप में स्थापित किया जाएगा। वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को अन्नामलाई ने उत्कृष्टता, समर्पण, बलिदान, एकता और राष्ट्रवाद का प्रतीक बताया। एक गौरवान्वित तमिल और राष्ट्रवादी कलाम को पहल के केंद्र में रखकर, अन्नामलाई ने तमिलनाडु में एक नया राजनीतिक आख्यान पेश किया है। अन्नामलाई का इस्तीफा भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी ने शुक्रवार को औपचारिक रूप से भाजपा से इस्तीफा दे दिया। बाद में उनका इस्तीफा पार्टी प्रमुख नितिन नबीन ने स्वीकार कर लिया। अपने इस्तीफे पत्र में, अन्नामलाई ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई चर्चाओं का जिक्र किया और कहा कि तमिलनाडु में पार्टी की दिशा को लेकर मतभेद उभरे हैं। उन्होंने लिखा, “इस बिंदु पर, मैं शीर्ष नेतृत्व के साथ कई बार हुई बातचीत और पिछले 18 महीनों में व्यक्त की गई असहमति को याद करूंगा। मैं तमिलनाडु में विकासोन्मुख और सांस्कृतिक रूप से निहित राजनीति के लिए आगे बढ़ने के रास्ते पर अपने चल रहे विचारों के साथ शीर्ष नेतृत्व पर और बोझ नहीं डालना चाहता।” उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा के बाद, उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि तमिलनाडु पर उनके विचार अब मेल नहीं खाते हैं। सिविल सेवा छोड़ने के बाद अन्नामलाई 2020 में भाजपा में शामिल हो गए। कुछ ही हफ्तों में उन्हें राज्य उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया और एक साल बाद 37 साल की उम्र में पार्टी के तमिलनाडु प्रमुख बन गए। इस पहल को अपनी राजनीतिक यात्रा का अगला चरण बताते हुए, अन्नामलाई ने युवाओं और आम नागरिकों से इसमें भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ”एक आम आदमी का राजनीति में आना बड़ी बात है.” उन्होंने जन-केंद्रित राजनीतिक संस्कृति बनाने और “स्थायी विधायकों और सांसदों” की प्रणाली को समाप्त करने की बात कही। उन्होंने कहा, ”हम राजनीति को लोगों तक ले जाना चाहते हैं।” अन्नामलाई ने आंदोलन को “वैचारिक स्पष्टता के साथ आम लोगों की राजनीति” के रूप में वर्णित किया और युवाओं से पंथ की राजनीति और वंशवादी राजनीति को समाप्त करने में मदद करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “हम बदलाव की राजनीति बना रहे हैं, भावी पीढ़ियों के लिए नींव रख रहे हैं।” उन्होंने कहा कि आंदोलन के निर्माण के लिए धैर्य और संयम की आवश्यकता होगी और इसे चरण दर चरण आगे बढ़ाया जाएगा। सदस्यता तेजी से बढ़ती है आंदोलन की वेबसाइट, जिसका शीर्षक “वी द लीडर्स” है, में लेखन के समय 13,85,763 सक्रिय सदस्य थे। वेबसाइट स्वयंसेवकों को आंदोलन की रीढ़ बताती है और लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और युवा नेतृत्व जैसे क्षेत्रों में योगदान देने के लिए आमंत्रित करती है। यह समर्थकों को स्थानीय पहल से शुरुआत करने और जमीनी स्तर पर बदलाव लाने की दिशा में काम करने के लिए प्रोत्साहित करता है। नजरें लोकसभा चुनाव पर अन्नामलाई ने पुष्टि की कि आंदोलन तमिलनाडु में अगला लोकसभा चुनाव लड़ेगा। उन्होंने कहा कि मंच राजनीतिक नेताओं की एक नई पीढ़ी तैयार करने और पारंपरिक राजनीतिक संरचनाओं के बजाय आम नागरिकों द्वारा संचालित राजनीति को बढ़ावा देने के लिए भी काम करेगा। उन्होंने कहा, ”मैं तमिलनाडु में सकारात्मक बदलाव लाने और राज्य में राजनीति के संचालन के तरीके में सुधार लाने के लिए छह साल पहले पार्टी में शामिल हुआ था।” “मैं इस धारणा को बदलना चाहता था कि राजनीति केवल अभिजात वर्ग और कुछ चुनिंदा लोगों के लिए एक रास्ता है, आम आदमी के लिए नहीं।” उन्होंने कहा, “कृपया मेरे साथ जुड़ें, मुझ पर विश्वास करें, मुझ पर विश्वास करें।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में न्यूज़ डेस्क न्यूज़ डेस्क उत्साही संपादकों और लेखकों की एक टीम है जो भारत और विदेशों में होने वाली सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं का विवरण और विश्लेषण करती है। लाइव अपडेट से लेकर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से लेकर गहन व्याख्याताओं तक…और पढ़ें जगह : चेन्नई (मद्रास), भारत, भारत न्यूज़ इंडिया अन्नामलाई का नया आंदोलन हिट, लॉन्च के कुछ ही घंटों के भीतर सदस्यता बढ़कर 15 लाख से अधिक हो गई अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)के अन्नामलाई नया राजनीतिक आंदोलन(टी)वी द लीडर आंदोलन(टी)कलाम स्कूल ऑफ आइडियोलॉजी(टी)एपीजे अब्दुल कलाम सेंटर(टी)तमिलनाडु की राजनीति(टी)अन्नामलाई का इस्तीफा बीजेपी(टी)जन-केंद्रित राजनीति भारत(टी)वंशवाद विरोधी राजनीति

ट्रम्प ने भारत में बाइक चलाने का AI-वीडियो शेयर किया:शेर की सवारी करते, चांद पर झंडा भी लगाया

ट्रम्प ने भारत में बाइक चलाने का AI-वीडियो शेयर किया:शेर की सवारी करते, चांद पर झंडा भी लगाया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर AI-जनरेटेड वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह भारत की सड़कों पर बाइक चलाते नजर आ रहे हैं। इस एक मिनट के AI वीडियो में ट्रम्प अलग-अलग अंदाज में दिखते है। वीडियो में उन्हें रेगिस्तान में ऊंट की सवारी करते, पैराग्लाइडिंग करते और एक शेर पर बैठे दिखाया गया है। एक सीन में वह स्पेससूट पहनकर चांद पर अमेरिकी झंडा लगाते भी नजर आते हैं। वीडियो में उनका चेहरा पिज्जा, बस, होर्डिंग, नॉर्दर्न लाइट्स और माउंट रशमोर पर भी दिखाया गया। वीडियो के बैकग्राउंड में खुद की तारीफ वाला गाना चल रहा है। इसमें लगातार ‘सब डोनाल्ड ट्रम्प को पसंद करते है’ और ‘धन्यवाद प्रेसिडेंट ट्रम्प’ जैसे लिरिक्स सुने जा सकते हैं। वीडियो में भारत से लेकर चीन तक का जिक्र वीडियो के गाने में दावा किया गया कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लोग ट्रम्प को पसंद करते हैं। गाने की लाइन में कहा गया कि मेक्सिको, मिडिल ईस्ट, चीन और भारत में सब ट्रम्प को पसंद करते है। हालांकि यह वीडियो सिर्फ एक मिनट का था, लेकिन इसके बोल में ‘ट्रम्प’ शब्द का इस्तेमाल पूरे 45 बार और ‘डोनाल्ड’ नाम का 29 बार किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ‘एवरीबडी लव्स डोनाल्ड ट्रम्प’ गाना ट्रुथ सोशल पर ‘ac132’ नाम के यूजर ने बनाया था। वीडियो के आखिर में गाने का क्रेडिट एंथनी कॉन्स्टैंटिनो को दिया गया है। वह न्यूयॉर्क से ट्रम्प समर्थित रिपब्लिकन उम्मीदवार हैं। वीडियो शेयर होने के बाद कॉन्स्टैंटिनो ने कहा कि उन्हें गर्व है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने उनके गाने को शेयर किया। यह वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ यूजर्स ने इसे मजाकिया बताया, जबकि कई लोगों ने इसे ट्रम्प की खुद की तारीफ करने वाला प्रचार वीडियो कहा। एक यूजर कहा कि ट्रम्प इस वीडियो में कॉमिक बुक कैरेक्टर जैसे लग रहे हैं। ट्रम्प पहले भी शेयर कर चुके हैं AI तस्वीरें यह पहला मौका नहीं है जब ट्रम्प ने AI-जनरेटेड कंटेंट शेयर किया हो। कुछ दिन पहले उन्होंने खुद को जेम्स बॉन्ड के अंदाज में ‘ट्रम्प 007’ कैप्शन के साथ दिखाया था। इससे पहले वह खुद को ‘ग्रेटेस्ट अट्रैक्शन’ बताते हुए भी तस्वीर शेयर कर चुके हैं। पिछले महीने ट्रम्प ने एक AI-जनरेटेड फोटो पोस्ट की थी, जिसमें उन्होंने खुद को जीसस के रूप में दिखाया गया था। उस पोस्ट को लेकर काफी विवाद हुआ था। बाद में पोस्ट हटा ली गई, लेकिन ट्रम्प ने माफी नहीं मांगी। उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि उन्हें लगा था कि तस्वीर में वह डॉक्टर की तरह दिख रहे हैं। ट्रम्प पहले भी कई बार कह चुके हैं कि वह पारंपरिक मीडिया से ज्यादा सोशल मीडिया को अपनी बात रखने का अहम जरिया मानते हैं। इसी वजह से ट्रुथ सोशल पर उनकी लगभग हर पोस्ट कुछ ही देर में राजनीतिक और सोशल मीडिया बहस का हिस्सा बन जाती है। ईरान युद्ध से जुड़ी AI तस्वीरें भी शेयर कीं ईरान युद्ध की शुरूआत से ही ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर सैन्य ताकत से जुड़ी कई AI-जनरेटेड तस्वीरें भी पोस्ट कीं है। इनमें ईरान की नौसेना को तबाह हालत में दिखाया गया था। एक तस्वीर में समुद्र में बड़ी संख्या में युद्धपोत डूबते नजर आए, जबकि दूसरी तस्वीरों में अमेरिकी सैन्य ताकत को बेहद आक्रामक अंदाज में दिखाया गया था। इन तस्वीरों के जरिए ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान की सेना कमजोर पड़ चुकी है और होर्मुज स्ट्रेट जैसे रणनीतिक इलाके में अमेरिका बढ़त बना रहा है। हालांकि इन तस्वीरों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं थी और इन्हें AI से तैयार किया गया विजुअल कंटेंट माना गया। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे राजनीतिक प्रोपेगेंडा और डर पैदा करने वाला कंटेंट बताया, जबकि ट्रम्प समर्थकों ने इसे उनकी मजबूत नेतृत्व वाली छवि से जोड़कर देखा। एक्सपर्ट्स बोले- डिजिटल पर्सनैलिटी कल्ट बनाने की कोशिश ट्रम्प पिछले कुछ समय से AI का इस्तेमाल अपनी राजनीतिक ब्रांडिंग के बड़े हथियार के तौर पर कर रहे हैं। राजनीतिक एक्सपर्ट्स इसे “डिजिटल पर्सनैलिटी कल्ट” बनाने की कोशिश मानते हैं, जिसमें नेता को असाधारण और सर्वशक्तिमान दिखाया जाता है। यानी सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए किसी व्यक्ति (जैसे- इन्फ्लुएंसर, नेता या सेलिब्रिटी) को एक निर्दोष, अलौकिक या ईश्वर जैसी छवि में पेश किया जाता है, और प्रशंसक बिना किसी तर्क के उन्हें फोलो करते हैं। ट्रम्प का यह मॉडल पारंपरिक राजनीतिक प्रचार से अलग है क्योंकि इसमें मीम कल्चर, वायरल वीडियो और AI विजुअल्स का मिश्रण दिखाई देता है। इसका मकसद सिर्फ समर्थकों को उत्साहित करना नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में बने रहना भी होता है। आलोचकों का कहना है कि AI कंटेंट के जरिए वास्तविकता और कल्पना की सीमा धुंधली हो रही है, जिससे गलत नैरेटिव और भ्रम फैलने का खतरा बढ़ता है।

ट्रम्प ने भारत में बाइक चलाने का AI-वीडियो शेयर किया:शेर की सवारी करते, चांद पर झंडा भी लगाया

ट्रम्प ने भारत में बाइक चलाने का AI-वीडियो शेयर किया:शेर की सवारी करते, चांद पर झंडा भी लगाया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर AI-जनरेटेड वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह भारत की सड़कों पर बाइक चलाते नजर आ रहे हैं। इस एक मिनट के AI वीडियो में ट्रम्प अलग-अलग अंदाज में दिखते है। वीडियो में उन्हें रेगिस्तान में ऊंट की सवारी करते, पैराग्लाइडिंग करते और एक शेर पर बैठे दिखाया गया है। एक सीन में वह स्पेससूट पहनकर चांद पर अमेरिकी झंडा लगाते भी नजर आते हैं। वीडियो में उनका चेहरा पिज्जा, बस, होर्डिंग, नॉर्दर्न लाइट्स और माउंट रशमोर पर भी दिखाया गया। वीडियो के बैकग्राउंड में खुद की तारीफ वाला गाना चल रहा है। इसमें लगातार ‘सब डोनाल्ड ट्रम्प को पसंद करते है’ और ‘धन्यवाद प्रेसिडेंट ट्रम्प’ जैसे लिरिक्स सुने जा सकते हैं। वीडियो में भारत से लेकर चीन तक का जिक्र वीडियो के गाने में दावा किया गया कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लोग ट्रम्प को पसंद करते हैं। गाने की लाइन में कहा गया कि मेक्सिको, मिडिल ईस्ट, चीन और भारत में सब ट्रम्प को पसंद करते है। हालांकि यह वीडियो सिर्फ एक मिनट का था, लेकिन इसके बोल में ‘ट्रम्प’ शब्द का इस्तेमाल पूरे 45 बार और ‘डोनाल्ड’ नाम का 29 बार किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ‘एवरीबडी लव्स डोनाल्ड ट्रम्प’ गाना ट्रुथ सोशल पर ‘ac132’ नाम के यूजर ने बनाया था। वीडियो के आखिर में गाने का क्रेडिट एंथनी कॉन्स्टैंटिनो को दिया गया है। वह न्यूयॉर्क से ट्रम्प समर्थित रिपब्लिकन उम्मीदवार हैं। वीडियो शेयर होने के बाद कॉन्स्टैंटिनो ने कहा कि उन्हें गर्व है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने उनके गाने को शेयर किया। यह वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ यूजर्स ने इसे मजाकिया बताया, जबकि कई लोगों ने इसे ट्रम्प की खुद की तारीफ करने वाला प्रचार वीडियो कहा। एक यूजर कहा कि ट्रम्प इस वीडियो में कॉमिक बुक कैरेक्टर जैसे लग रहे हैं। ट्रम्प पहले भी शेयर कर चुके हैं AI तस्वीरें यह पहला मौका नहीं है जब ट्रम्प ने AI-जनरेटेड कंटेंट शेयर किया हो। कुछ दिन पहले उन्होंने खुद को जेम्स बॉन्ड के अंदाज में ‘ट्रम्प 007’ कैप्शन के साथ दिखाया था। इससे पहले वह खुद को ‘ग्रेटेस्ट अट्रैक्शन’ बताते हुए भी तस्वीर शेयर कर चुके हैं। पिछले महीने ट्रम्प ने एक AI-जनरेटेड फोटो पोस्ट की थी, जिसमें उन्होंने खुद को जीसस के रूप में दिखाया गया था। उस पोस्ट को लेकर काफी विवाद हुआ था। बाद में पोस्ट हटा ली गई, लेकिन ट्रम्प ने माफी नहीं मांगी। उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि उन्हें लगा था कि तस्वीर में वह डॉक्टर की तरह दिख रहे हैं। ट्रम्प पहले भी कई बार कह चुके हैं कि वह पारंपरिक मीडिया से ज्यादा सोशल मीडिया को अपनी बात रखने का अहम जरिया मानते हैं। इसी वजह से ट्रुथ सोशल पर उनकी लगभग हर पोस्ट कुछ ही देर में राजनीतिक और सोशल मीडिया बहस का हिस्सा बन जाती है। ईरान युद्ध से जुड़ी AI तस्वीरें भी शेयर कीं ईरान युद्ध की शुरूआत से ही ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर सैन्य ताकत से जुड़ी कई AI-जनरेटेड तस्वीरें भी पोस्ट कीं है। इनमें ईरान की नौसेना को तबाह हालत में दिखाया गया था। एक तस्वीर में समुद्र में बड़ी संख्या में युद्धपोत डूबते नजर आए, जबकि दूसरी तस्वीरों में अमेरिकी सैन्य ताकत को बेहद आक्रामक अंदाज में दिखाया गया था। इन तस्वीरों के जरिए ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान की सेना कमजोर पड़ चुकी है और होर्मुज स्ट्रेट जैसे रणनीतिक इलाके में अमेरिका बढ़त बना रहा है। हालांकि इन तस्वीरों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं थी और इन्हें AI से तैयार किया गया विजुअल कंटेंट माना गया। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे राजनीतिक प्रोपेगेंडा और डर पैदा करने वाला कंटेंट बताया, जबकि ट्रम्प समर्थकों ने इसे उनकी मजबूत नेतृत्व वाली छवि से जोड़कर देखा। एक्सपर्ट्स बोले- डिजिटल पर्सनैलिटी कल्ट बनाने की कोशिश ट्रम्प पिछले कुछ समय से AI का इस्तेमाल अपनी राजनीतिक ब्रांडिंग के बड़े हथियार के तौर पर कर रहे हैं। राजनीतिक एक्सपर्ट्स इसे “डिजिटल पर्सनैलिटी कल्ट” बनाने की कोशिश मानते हैं, जिसमें नेता को असाधारण और सर्वशक्तिमान दिखाया जाता है। यानी सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए किसी व्यक्ति (जैसे- इन्फ्लुएंसर, नेता या सेलिब्रिटी) को एक निर्दोष, अलौकिक या ईश्वर जैसी छवि में पेश किया जाता है, और प्रशंसक बिना किसी तर्क के उन्हें फोलो करते हैं। ट्रम्प का यह मॉडल पारंपरिक राजनीतिक प्रचार से अलग है क्योंकि इसमें मीम कल्चर, वायरल वीडियो और AI विजुअल्स का मिश्रण दिखाई देता है। इसका मकसद सिर्फ समर्थकों को उत्साहित करना नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में बने रहना भी होता है। आलोचकों का कहना है कि AI कंटेंट के जरिए वास्तविकता और कल्पना की सीमा धुंधली हो रही है, जिससे गलत नैरेटिव और भ्रम फैलने का खतरा बढ़ता है।