Wednesday, 22 Jul 2026 | 09:08 AM

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ODI, Test for 2027 World Cup & WTC; No T20 Selection

ODI, Test for 2027 World Cup & WTC; No T20 Selection

स्पोर्ट्स डेस्क17 मिनट पहले कॉपी लिंक गिल अभी अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में भारत की कप्तानी कर रहे हैं। शुभमन गिल को BCCI ने वनडे और टेस्ट पर ध्यान देने की सलाह दी है। सिलेक्शन कमेटी चाहती है कि भारतीय टेस्ट और वनडे कप्तान अगले ICC टूर्नामेंटों वनडे वर्ल्ड कप और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के लिए पूरी तरह फिट रहें। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, इसी वजह से उनका टी-20 टीम में चयन नहीं किया गया है। शनिवार को इंग्लैंड, आयरलैंड और एशियन गेम्स के लिए टी-20 टीम का ऐलान हुआ। गिल ने IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 732 रन बनाए और 163 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। इसके बावजूद उन्हें टीम में नहीं चुना गया। गिल टेस्ट करियर में 11 शतक लगा चुके हैं। बोर्ड गिल के बिजी शेड्यूल को लेकर चिंतित है BCCI से जुड़े सूत्र ने बताया कि चयनकर्ता गिल के बर्नआउट को लेकर चिंतित हैं। अगले 18 महीनों का भारतीय क्रिकेट कार्यक्रम इतना व्यस्त है कि तीनों फॉर्मेट लगातार खेलते हुए खिलाड़ियों के लिए फ्रेश रहना मुश्किल हो सकता है। गिल को अगले WTC साइकल में 9 टेस्ट खेलने हैं। इसके अलावा 2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले उन्हें करीब 35 वनडे मैच भी खेलने होंगे। टी-20 में वापसी कर सकते हैं IPL में गिल का प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन मौजूदा टी-20 टीम में संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी जैसे टॉप ऑर्डर बल्लेबाज पहले से मौजूद हैं। हालांकि चयनकर्ताओं ने गिल के लिए टी-20 क्रिकेट का दरवाजा बंद नहीं किया है। 2028 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक और 2028 में ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप से पहले वह फिर से टी-20 टीम में लौट सकते हैं। न्यू चंडीगढ़ में शतक लगाया अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में शुभमन गिल ने शतक लगाया। भारतीय कप्तान ने 126 रन की पारी खेली। यह उनके टेस्ट करियर का 11वां और बतौर कप्तान छठा शतक रहा। ————————– क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… चंडीगढ़ टेस्ट- भारतीय पारी 564/8 पर घोषित, अफगानिस्तान 81/3 अफगानिस्तान के खिलाफ न्यू चंडीगढ़ में खेले जा रहे टेस्ट में भारतीय टीम पूरी तरह हावी हो गई है। उसने पहली पारी 8 विकेट पर 564 रन बनाकर घोषित की। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

एक्शन थ्रिलर:सलमान-नयनतारा मुंबई में पूरे करेंगे बड़े स्टंट, नया शूट 10 जून से होगा शुरू

एक्शन थ्रिलर:सलमान-नयनतारा मुंबई में पूरे करेंगे बड़े स्टंट, नया शूट 10 जून से होगा शुरू

सलमान खान की अगली फिल्म को लेकर हलचल तेज हो गई है। नयनतारा के साथ उनकी पहली ऑनस्क्रीन जोड़ी वाली इस एक्शन थ्रिलर की शूटिंग अब मुंबई के बांद्रा इलाके में होने जा रही है। मनाली शेड्यूल पूरा करने के बाद फिल्म की टीम 10 जून से मुंबई के नए शेड्यूल की शुरुआत करेगी, जहां सलमान और नयनतारा कई बड़े एक्शन सीक्वेंस फिल्माएंगे। सूत्रों के मुताबिक बांद्रा और उसके आसपास के कई वास्तविक लोकेशंस पर शूटिंग होगी, क्योंकि निर्देशक वामशी पेडिपल्ली इन सीन्स को पूरी तरह शहरी परिवेश और रियल टेक्सचर के साथ परदे पर उतारना चाहते हैं। फिल्म में चेज सीक्वेंस, व्हीकल बेस्ड स्टंट, क्लोज-कॉम्बैट फाइट्स और भीड़ के बीच फिल्माए जाने वाले हाई-वोल्टेज एक्शन सीन्स शामिल हैं। नए शेड्यूल की खासियत एक विशाल एक्शन सेट-पीस होगा फिल्म के इस नए शेड्यूल की सबसे बड़ी खासियत एक विशाल एक्शन सेट-पीस बताया जा रहा है, जिसे कहानी का टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार यह सीक्वेंस एक पीछा करने वाली घटना से शुरू होगा और धीरे-धीरे बड़े टकराव में बदल जाएगा। निर्माता दिल राजू इस फिल्म को पैन-इंडिया स्तर पर डेवलप कर रहे हैं और इसके एक्शन हिस्सों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मनाली के बाद मुंबई और फिर जुलाई में हैदराबाद में फिल्म का अगला बड़ा शेड्यूल रखा गया है। सलमान के खास लुक के लिए प्रीतीशील सिंह फिल्म से जुड़ीं फिल्म की तकनीकी तैयारियां भी बड़े स्तर पर चल रही हैं। सलमान के लुक के लिए चर्चित मेकअप और प्रॉस्थेटिक्स डिजाइनर प्रीतीशील सिंह को जोड़ा गया है, जो सुपरस्टार के लिए पहले कभी न देखे गए कई अलग-अलग लुक तैयार कर रही हैं। प्रीतीशील इससे पहले ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइज, ‘करप्पु’, ‘छावा’, ‘खलनायक रिटर्न्स’ आदि में एक्टर्स के लुक पर काम कर चुकी हैं। म्यूजिक को लेकर भी चर्चा है कि अनिरुद्ध रविचंदर और थमन एस जैसे नाम प्रोजेक्ट से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल फिल्म को ईद 2027 पर रिलीज करने की योजना है। ऐसे में मुंबई में शुरू होने वाला यह नया एक्शन शेड्यूल फिल्म के सबसे अहम शेड्यूल्स में से एक माना जा रहा है। नयनतारा का किरदार भी सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं होगा फिल्म को लेकर हाल के हफ्तों में कई अन्य दिलचस्प जानकारियां भी सामने आई हैं। ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म का संभावित टाइटल ‘द मैसेंजर्स’ बताया गया, हालांकि मेकर्स ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि यह एक इंटेंस स्पाई-एक्शन थ्रिलर होगी, जो सलमान की स्पाई ड्रामा फिल्म ‘टाइगर’ फ्रेंचाइज से अलग टोन और शैली में बनाई जा रही है। वहीं नयनतारा का किरदार भी सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं होगा, बल्कि उन्हें एक मजबूत और एक्शन-ओरिएंटेड भूमिका में पेश किया जाएगा। अप्रैल 2026 में मुंबई में फिल्म की शूटिंग आधिकारिक रूप से शुरू हुई थी और तभी से यह प्रोजेक्ट ट्रेड और दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

जाह्नवी कपूर के सपोर्ट में आईं साउथ एक्ट्रेस:बोलीं- 'पेड्डी' विवाद में एक्ट्रेस को नहीं, मेकर्स को जिम्मेदार ठहराएं; मेकअप आर्टिस्ट ने भी किया बचाव

जाह्नवी कपूर के सपोर्ट में आईं साउथ एक्ट्रेस:बोलीं- 'पेड्डी' विवाद में एक्ट्रेस को नहीं, मेकर्स को जिम्मेदार ठहराएं; मेकअप आर्टिस्ट ने भी किया बचाव

एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर की फिल्म ‘पेड्डी’ में उनके किरदार के जरूरत से ज्यादा बोल्ड बताने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। हालांकि अब जाह्नवी के समर्थन में उनकी मेकअप आर्टिस्ट सवलिन कौर मनचंदा और साउथ एक्ट्रेस डिंपल हयाती आ गई हैं। मेकअप आर्टिस्ट ने दावा किया है कि जाह्नवी ने पोस्ट प्रोडक्शन के दौरान आपत्तिजनक दृश्यों को हटाने की मांग की थी, जिसे डायरेक्टर ने नजरअंदाज कर दिया। वहीं डिंपल हयाती ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर कहा है कि फिल्मों में महिलाओं के खराब चित्रण के लिए एक्ट्रेस को नहीं, बल्कि फिल्म मेकर्स और सिस्टम को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। मेकअप आर्टिस्ट बोलीं- डायरेक्टर ने मर्यादा की सीमा पार की जाह्नवी कपूर की मेकअप आर्टिस्ट सवलिन कौर मनचंदा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है। इसमें बताया गया है कि जाह्नवी कपूर ने फिल्म के पोस्ट प्रोडक्शन चरण के दौरान कुछ दृश्यों के शामिल होने पर सीधे सवाल उठाए थे। सवलिन के मुताबिक, जाह्नवी ने शूटिंग के समय ही कुछ विशेष कैमरा एंगल को लेकर अपनी पेशेवर सीमाएं तय कर दी थीं, लेकिन फिल्म के फाइनल एडिट में उन दृश्यों को नहीं हटाया गया। मेकअप आर्टिस्ट ने आरोप लगाया कि डायरेक्टर ने बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के चक्कर में अभिनेत्री की सहमति और उनकी तय सीमाओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। डिंपल हयाती ने मेकर्स और सिस्टम पर उठाए सवाल तेलुगु और तमिल फिल्मों की अभिनेत्री डिंपल हयाती ने भी इस विवाद पर अपनी बात रखी है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि यह अच्छी बात है कि आज अभिनेत्रियों के किरदारों को लिखे जाने के तरीके पर खुलकर बात हो रही है। डिंपल ने कहा कि किसी फिल्म के आने के बाद लोग तुरंत एक्ट्रेस को दोषी ठहराने लगते हैं, जबकि उसे वही करना पड़ता है जो ऑफर किया जाता है। असली गलती मेकर्स और सिस्टम की है, जो सोचते हैं कि फिल्मों में अंग प्रदर्शन ही बिकता है। अभिनेत्रियों को बेहतर अनुभव मिलना चाहिए डिंपल हयाती ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि हमें अपनी पूरी क्षमता दिखाने का अवसर नहीं मिलता और एक खास इमेज में बांध दिया जाता है। इसके विपरीत, हीरो-केंद्रित फिल्मों में पुरुषों को पूरी आजादी मिलती है। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण किसी एक व्यक्ति के फैसले पर निर्भर नहीं होता, लेकिन हम सब मिलकर यह मांग उठा सकते हैं कि सेट पर अभिनेत्रियों को बेहतर अनुभव और अच्छी फिल्में मिलनी चाहिए। अगर किसी महिला का किरदार कमजोर लिखा गया है, तो उसकी जिम्मेदारी लेखन और फिल्म मेकर के फैसलों पर है, न कि किरदार निभाने वाली महिला पर। क्या है फिल्म ‘पेड्डी’ का पूरा विवाद यह विवाद तब शुरू हुआ जब राम चरण स्टारर फिल्म ‘पेड्डी’ रिलीज हुई। दर्शकों ने फिल्म में जाह्नवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ के चित्रण पर नाराजगी जताई। लोगों का आरोप है कि फिल्म की कहानी से ज्यादा जाह्नवी के शारीरिक रूप को दिखाने पर ध्यान दिया है। इससे पहले जाह्नवी के फैन क्लब्स ने कुछ चैट के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए थे, जिसमें जाह्नवी ने कैमरा एंगल पर आपत्ति जताई थी। विवाद बढ़ने पर डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना ने जनता से सार्वजनिक माफी मांगी थी और आपत्तिजनक दृश्यों में बदलाव करने का वादा किया था।

जाह्नवी कपूर के सपोर्ट में आईं साउथ एक्ट्रेस:बोलीं- 'पेड्डी' विवाद में एक्ट्रेस को नहीं, मेकर्स को जिम्मेदार ठहराएं; मेकअप आर्टिस्ट ने भी किया बचाव

जाह्नवी कपूर के सपोर्ट में आईं साउथ एक्ट्रेस:बोलीं- 'पेड्डी' विवाद में एक्ट्रेस को नहीं, मेकर्स को जिम्मेदार ठहराएं; मेकअप आर्टिस्ट ने भी किया बचाव

एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर की फिल्म ‘पेड्डी’ में उनके किरदार के जरूरत से ज्यादा बोल्ड बताने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। हालांकि अब जाह्नवी के समर्थन में उनकी मेकअप आर्टिस्ट सवलिन कौर मनचंदा और साउथ एक्ट्रेस डिंपल हयाती आ गई हैं। मेकअप आर्टिस्ट ने दावा किया है कि जाह्नवी ने पोस्ट प्रोडक्शन के दौरान आपत्तिजनक दृश्यों को हटाने की मांग की थी, जिसे डायरेक्टर ने नजरअंदाज कर दिया। वहीं डिंपल हयाती ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर कहा है कि फिल्मों में महिलाओं के खराब चित्रण के लिए एक्ट्रेस को नहीं, बल्कि फिल्म मेकर्स और सिस्टम को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। मेकअप आर्टिस्ट बोलीं- डायरेक्टर ने मर्यादा की सीमा पार की जाह्नवी कपूर की मेकअप आर्टिस्ट सवलिन कौर मनचंदा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है। इसमें बताया गया है कि जाह्नवी कपूर ने फिल्म के पोस्ट प्रोडक्शन चरण के दौरान कुछ दृश्यों के शामिल होने पर सीधे सवाल उठाए थे। सवलिन के मुताबिक, जाह्नवी ने शूटिंग के समय ही कुछ विशेष कैमरा एंगल को लेकर अपनी पेशेवर सीमाएं तय कर दी थीं, लेकिन फिल्म के फाइनल एडिट में उन दृश्यों को नहीं हटाया गया। मेकअप आर्टिस्ट ने आरोप लगाया कि डायरेक्टर ने बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के चक्कर में अभिनेत्री की सहमति और उनकी तय सीमाओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। डिंपल हयाती ने मेकर्स और सिस्टम पर उठाए सवाल तेलुगु और तमिल फिल्मों की अभिनेत्री डिंपल हयाती ने भी इस विवाद पर अपनी बात रखी है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि यह अच्छी बात है कि आज अभिनेत्रियों के किरदारों को लिखे जाने के तरीके पर खुलकर बात हो रही है। डिंपल ने कहा कि किसी फिल्म के आने के बाद लोग तुरंत एक्ट्रेस को दोषी ठहराने लगते हैं, जबकि उसे वही करना पड़ता है जो ऑफर किया जाता है। असली गलती मेकर्स और सिस्टम की है, जो सोचते हैं कि फिल्मों में अंग प्रदर्शन ही बिकता है। अभिनेत्रियों को बेहतर अनुभव मिलना चाहिए डिंपल हयाती ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि हमें अपनी पूरी क्षमता दिखाने का अवसर नहीं मिलता और एक खास इमेज में बांध दिया जाता है। इसके विपरीत, हीरो-केंद्रित फिल्मों में पुरुषों को पूरी आजादी मिलती है। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण किसी एक व्यक्ति के फैसले पर निर्भर नहीं होता, लेकिन हम सब मिलकर यह मांग उठा सकते हैं कि सेट पर अभिनेत्रियों को बेहतर अनुभव और अच्छी फिल्में मिलनी चाहिए। अगर किसी महिला का किरदार कमजोर लिखा गया है, तो उसकी जिम्मेदारी लेखन और फिल्म मेकर के फैसलों पर है, न कि किरदार निभाने वाली महिला पर। क्या है फिल्म ‘पेड्डी’ का पूरा विवाद यह विवाद तब शुरू हुआ जब राम चरण स्टारर फिल्म ‘पेड्डी’ रिलीज हुई। दर्शकों ने फिल्म में जाह्नवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ के चित्रण पर नाराजगी जताई। लोगों का आरोप है कि फिल्म की कहानी से ज्यादा जाह्नवी के शारीरिक रूप को दिखाने पर ध्यान दिया है। इससे पहले जाह्नवी के फैन क्लब्स ने कुछ चैट के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए थे, जिसमें जाह्नवी ने कैमरा एंगल पर आपत्ति जताई थी। विवाद बढ़ने पर डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना ने जनता से सार्वजनिक माफी मांगी थी और आपत्तिजनक दृश्यों में बदलाव करने का वादा किया था। ये खबर भी पढ़ें जाह्नवी कपूर ने क्या विवादित शॉट्स पर जताई थी आपत्ति:एक्ट्रेस की कथित पर्सनल चैट लीक; दावा- पेड्डी में राम चरण ने डायरेक्टर को डांटा था फिल्म ‘पेड्डी’ को लेकर चल रहे विवाद के बीच अभिनेत्री जाह्नवी कपूर की एक कथित पर्सनल चैट सोशल मीडिया पर लीक हो गई है। जाह्नवी के फैन क्लब्स की तरफ से शेयर किए गए इन स्क्रीनशॉट्स में दावा किया जा रहा है कि अभिनेत्री ने फिल्म की शूटिंग के दौरान कुछ आपत्तिजनक कैमरा एंगल पर चिंता जताई थी। पूरी खबर पढ़ें

RPSC APP Recruitment: Apply Soon, Age Limit & Selection Process

RPSC APP Recruitment: Apply Soon, Age Limit & Selection Process

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से निकाली गई सहायक अभियोजन अधिकारी-एपीपी (गृह विभाग-अभियोजन) के 371 पदों पर भर्ती के लिए कल से आवेदन शुरू होंगे। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की 7 जुलाई लास्ट डेट है। . इस भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 2 सितंबर को किया जाना प्रस्तावित है। आयु सीमा 1 जनवरी 2027 को न्यूनतम 21 साल और अधिकतम 40 साल से कम होनी चाहिए। आयोग द्वारा यह पद 2024 में विज्ञापित किए गए थे। इसके बाद आयु की गणना 1 जनवरी 2025 को आधार मानकर की गई। इसके बाद इन पदों के लिए कोई विज्ञापन जारी नहीं किया। इसलिए अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में एक साल की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। अभ्यर्थियों का सिलेक्शन प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षा दो चरणों में प्रारम्भिक परीक्षा व मुख्य परीक्षा के रूप में ली जाएगी। यह रहेगा परीक्षा शुल्क सामान्य (अनारक्षित) और राजस्थान के क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग के आवेदक के लिए 600 रुपए। राजस्थान के नॉन क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और दिव्यांग के लिए 400 रुपए। अब जानिए आरपीएससी की इन भर्तियों के बारे में भी…. आरएएस-2026 का आवेदन प्रोसेस जारी, 3 जुलाई लास्ट डेट राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से निकाली गई राजस्थान राज्य और अधीनस्थ सेवाएं (RAS) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2026 के 607 पदों के लिए आवेदन 4 जून से जारी है। इच्छुक अभ्यर्थी 3 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा 29 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। इस भर्ती में राज्य सेवा के 192 पद और अधीनस्थ सेवा के 415 पद शामिल हैं। 1 जनवरी 2027 को अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। लेक्चरर (विशेष शिक्षा) के 121 पदों पर भर्ती प्रोसेस जारी राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने माध्यमिक शिक्षा विभाग में लेक्चरर (विशेष शिक्षा) के 121 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन जारी हैं। कैंडिडेट्स 30 जून 2026 की रात 12 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कैंडिडेट की उम्र 1 जनवरी 2027 को 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। ऑफलाइन आवेदन मान्य नहीं होंगे। कैंडिडेट का सिलेक्शन एग्जाम के माध्यम से होगा। परीक्षा तिथि और परीक्षा केंद्रों की जानकारी बाद में अलग से जारी की जाएगी। 11 जून से कर सकेंगे आवेदन, 3 डिवीजन में भर्ती राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी के कुल 3 पदों पर भर्ती होगी। इसमें टॉक्सिकोलॉजी, फिजिक्स और बैलिस्टिक्स डिवीजन में 1-1 पद शामिल हैं। ऑनलाइन आवेदन 11 जून से शुरू होकर 10 जुलाई 2026 रात 12 बजे तक कर सकेंगे। खास बात ये है कि अगर कोई अभ्यर्थी एक से ज्यादा डिवीजन के लिए आवेदन करना चाहता है तो उसे प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग फॉर्म भरना होगा। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं होंगे। परीक्षा तिथि बाद में घोषित होगी। शैक्षणिक योग्यता व वर्गवार जानकारी आयोग की वेबसाइट http://rpsc.rajasthan.gov.in पर देखी जा सकती है। ………. पढें ये खबर भी…. SI भर्ती री-एग्जाम- पेपरलीक रोकने के लिए 8 बड़े बदलाव:2.30 लाख अभ्यर्थियों ने किनारा किया, 3 की जगह सिर्फ 1 दिन में ही होगी परीक्षा पेपर लीक को लेकर चर्चित रही एसआई भर्ती-2021 का री-एग्जाम अब सिर्फ 1 दिन में होगा। पहले यह परीक्षा 3 दिन में हुई थी। इसका कारण इस एग्जाम में शामिल होने के लिए रुचि दिखाने वाले कैंडिडेट्स की संख्या का अब केवल करीब एक लाख 53 हजार ही होना है। पूरी खबर पढें

7 most valued firms’ mcap eroded ₹1.25 trn last week, RIL biggest looser

7 most valued firms' mcap eroded ₹1.25 trn last week, RIL biggest looser

Hindi News Business 7 Most Valued Firms’ Mcap Eroded ₹1.25 Trn Last Week, RIL Biggest Looser मुंबई5 मिनट पहले कॉपी लिंक मार्केट कैप के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 7 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 1.25 लाख करोड़ रुपए घट गई। इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट वैल्यू सबसे ज्यादा कम हुई है। रिलायंस की मार्केट वैल्यू ₹39,718 करोड़ घटकर ₹17.47 लाख करोड़ पर आ गई है। वहीं TCS की मार्केट वैल्यू ₹20,134 करोड़ घटकर ₹7.95 लाख करोड़ रह गई है। इसके अलावा एयरटेल, लार्सन एंड टुब्रो, LIC, बजाज फाइनेंस और हिंदुस्तान यूनिलीवर की मार्केट वैल्यू भी घटी है। वहीं बीते हफ्ते SBI, ICICI बैंक और HDFC बैंक की मार्केट वैल्यू बढ़ी है। बीते हफ्ते सेंसेक्स 532 अंक गिरा था पिछले हफ्ते सेंसेक्स 532 (0.71%) अंक और निफ्टी 181 (0.76%) अंक गिरा था। वहीं शुक्रवार, 5 जून को सेंसेक्स 116 अंक की गिरावट के साथ 74,243 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 50 अंक की गिरावट रही, ये 23,366 के स्तर पर बंद हुआ था। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… बढ़ने का क्या मतलब घटने का क्या मतलब शेयर की कीमत में बढ़ोतरी शेयर प्राइस में गिरावट मजबूत वित्तीय प्रदर्शन खराब नतीजे पॉजिटीव न्यूज या इवेंट नेगेटिव न्यूज या इवेंट पॉजिटीव मार्केट सेंटिमेंट इकोनॉमी या मार्केट में गिरावट हाई प्राइस पर शेयर जारी करना शेयर बायबैक या डीलिस्टिंग मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

7 most valued firms’ mcap eroded ₹1.25 trn last week, RIL biggest looser

7 most valued firms' mcap eroded ₹1.25 trn last week, RIL biggest looser

Hindi News Business 7 Most Valued Firms’ Mcap Eroded ₹1.25 Trn Last Week, RIL Biggest Looser मुंबई21 मिनट पहले कॉपी लिंक मार्केट कैप के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 7 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 1.25 लाख करोड़ रुपए घट गई। इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट वैल्यू सबसे ज्यादा कम हुई है। रिलायंस की मार्केट वैल्यू ₹39,718 करोड़ घटकर ₹17.47 लाख करोड़ पर आ गई है। वहीं TCS की मार्केट वैल्यू ₹20,134 करोड़ घटकर ₹7.95 लाख करोड़ रह गई है। इसके अलावा एयरटेल, लार्सन एंड टुब्रो, LIC, बजाज फाइनेंस और हिंदुस्तान यूनिलीवर की मार्केट वैल्यू भी घटी है। वहीं बीते हफ्ते SBI, ICICI बैंक और HDFC बैंक की मार्केट वैल्यू बढ़ी है। देश की टॉप-10 कंपनियों में से 7 की वैल्यू ₹1.25 लाख करोड़ घटी कंपनी हफ्ते भर में चेंज (₹ करोड़ में) मौजूदा मार्केट कैप (₹ लाख करोड़ में) रिलायंस -39,718 17.47 TCS -20,134 7.95 एयरटेल -18,736 10.96 लार्सन एंड टुब्रो -16,880 5.43 LIC -14,610 5.05 बजाज फाइनेंस -9,681 5.53 हिंदुस्तान यूनिलीवर -5,909 4.98 SBI +12,692 9.02 ICICI बैंक +4,484 9.05 HDFC बैंक +4,101 11.50 सोर्स: BSE (01 जून – 05 जून, 2026) बीते हफ्ते सेंसेक्स 532 अंक गिरा था पिछले हफ्ते सेंसेक्स 532 (0.71%) अंक और निफ्टी 181 (0.76%) अंक गिरा था। वहीं शुक्रवार, 5 जून को सेंसेक्स 116 अंक की गिरावट के साथ 74,243 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 50 अंक की गिरावट रही, ये 23,366 के स्तर पर बंद हुआ था। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… बढ़ने का क्या मतलब घटने का क्या मतलब शेयर की कीमत में बढ़ोतरी शेयर प्राइस में गिरावट मजबूत वित्तीय प्रदर्शन खराब नतीजे पॉजिटीव न्यूज या इवेंट नेगेटिव न्यूज या इवेंट पॉजिटीव मार्केट सेंटिमेंट इकोनॉमी या मार्केट में गिरावट हाई प्राइस पर शेयर जारी करना शेयर बायबैक या डीलिस्टिंग मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

This AI-powered car changes color

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मुकेश कौशिक. ताइपे16 मिनट पहले कॉपी लिंक इस कार के इंटीरियर का रंग भी बदला जा सकता है। अहम बात यह है कि रंग बदलने की तकनीक एक भारतीय इंजीनियर ने ईजाद की है। ताइवान के ताइपे में एआई की पहली और सबसे बड़ी एग्जीबिशन ‘कंप्यूटैक्स 2026’ शुरू हुई है। यहां एआई के इस्तेमाल से बनी कारें पेश की गई हैं। इनमें एक कार ऐसी है, जो हर पल रंग बदल लेती है। इसके पैनल भी रंग बदल सकते हैं। यह सब एक बटन छूने से संभव होगा। डिस्प्ले टेक्नोलॉजी में ख्याति प्राप्त कंपनी ई-इंक और बीएमडब्ल्यू ने यह कार बनाई है। भारतीय ने बनाई इस कार के इंटीरियर का रंग भी बदला जा सकता है। अहम बात यह है कि रंग बदलने की तकनीक एक भारतीय इंजीनियर ने ईजाद की है। आईआईटी कानपुर के छात्र रहे लखनऊ के सादिक बताते हैं कि इसके लिए स्ट्रेचेबल प्लास्टिक से तैयार डिस्प्ले स्क्रीन तैयार की गई है। इसे कार की बॉडी पर पेंट की तरह चढ़ा दिया जाता है। इसमें नैनो इलेक्ट्रिक पार्ट्स लगे हैं, जो कार में लगे तारों से संचालित हैं। एआई और सेमीकंडक्टर की भी अहम भूमिका है। विंड स्क्रीन देखने की जरूरत नहीं होगी जल्द ही ऐसी कारें भी आएंगी, जिन्हें चलाने के लिए विंड स्क्रीन पर बाहर देखने की जरूरत नहीं रहेगी। ये सेंसर और सर्विलांस उपकरणों से उसी तरह लैस होंगी, जैसे विमान के पायलट के पास तमाम जानकारी होती है। फ्लैट मॉनिटर के आधार पर ड्राइविंग होगी और एआई ड्राइवर की मदद करेगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Home and auto loans will be difficult for 62% people from next year.

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गुरुदत्त तिवारी. नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक बैंक कमजोर सिबिल स्कोर (730 से कम) वाले लोगों को लोन देने से कतराएंगे। लोन देंगे भी, तो ब्याज दरें बढ़ा देंगे या ज्यादा कोलेट्रल (गारंटी) मांगेंगे। आरबीआई का नया नियम ‘ईसीएल डायरेक्शन-2026’ 1 अप्रैल 2027 से लागू होने जा रहा है। इसके तहत अगर कोई ग्राहक लोन की दो किस्त (ईएमआई) चुकाने में चूकता है, तो बैंकों को 12 गुना तक ज्यादा रकम अलग रखनी होगी। अलग रखने के मायने ये हैं कि बैंक की बैलेंस शीट से इतने रुपए निकल जाएंगे यानी इससे बैंकों का मुनाफा करीब 42,000 करोड़ रु. कम हो सकता है। ऐसे में बैंक कमजोर सिबिल स्कोर (730 से कम) वाले लोगों को लोन देने से कतराएंगे। लोन देंगे भी, तो ब्याज दरें बढ़ा देंगे या ज्यादा कोलेट्रल (गारंटी) मांगेंगे। चिंता की बात ये है कि देश के आधे से ज्यादा (करीब 62%) लोन आवेदकों का सिबिल स्कोर 730 से कम है। ऐसे में अगले साल से इन लोगों के लिए होम, ऑटो और एजुकेशन लोन लेना काफी मुश्किल हो जाएगा। बैंक अब केवल प्रीमियम ग्राहकों पर ज्यादा फोकस करेंगे। फेडरल बैंक के चीफ रिस्क ऑफिसर दमोदरन सी कहते हैं- नए नियमों के बाद बैंक जिन ग्राहकों को कर्ज देने में ज्यादा जोखिम होगा, उन्हें ज्यादा ब्याज पर कर्ज देंगे। बेहतर ​क्रेडिट स्कोर वाले को ज्यादा रियायतें मिलेंगीं। जोखिम की पहले ही पहचान करने और वसूली पर ज्यादा फोकस होगा। प्रीमियम ग्राहक पर फोकस 1. नए सिस्टम से बैंकों के काम का ढंग कैसे बदलेगा? नए नियम में बैंकों को पहले से अंदाजा लगाना होगा, भविष्य में कितना लोन डूब सकता है और पहले ही बड़ी रकम अलग रखनी होगी। अभी लोन डूबने (90 दिन) के बाद ये करते हैं। 2. बैंक भविष्य में होने वाले डिफॉल्ट को कैसे आंकेंगे? ग्राहक का पेमेंट रिकॉर्ड, सिबिल में बदलाव, आय में कमी, नौकरी जाने का खतरा और लोन टू वैल्यू रेश्यो (संपत्ति की कीमत के मुकाबले लोन की राशि) जैसी चीजों को परखेंगे। 3. कितने दिन किस्त चूकने पर कितनी राशि रखेंगे? 25 लाख के होम लोन पर 30 दिन ईएमआई की चूक पर अभी बैंकों को 10,000 रु. अलग रखने होते हैं, नए नियम में 25,000 किए गए। 31 से 60 दिन पर भी 10,000 रु. हैं, जो ₹1.25 लाख किए गए। 91 दिन से ज्यादा पर 3.75 लाख (15%) रु. रखने होते थे, अब सीधे 5 लाख रु. किए जाएंगे। 4. जिन 38% पर ज्यादा फोकस करेंगे, वे कितने हैं? 730+ सिबिल स्कोर वाले प्रीमियम ग्राहक करीब 7 करोड़ हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

स्टफ्ड ब्रेड पकोड़ा रेसिपी: चाय का मजा डबल कर देगा यह क्रिस्पी भरवां बेड पकोड़ा, जरूर ट्राई करें आसान रेसिपी

तस्वीर का विवरण

इसे बनाने के लिए आपको ब्रेडक्रंब, आलू, बेसन, हरी मिर्च, हीरा कटा हरा धनिया, हींग, लाल मिर्च पाउडर, गर्म मसाला, अमचूर पाउडर और तलने का तेल चाहिए। छवि: फ्रीपिक अल्सुओं को मैश कर लें। पैन में तेल गरम करके जीरा, हींग, हरी मिर्च और अदरक का पेस्ट। मैश किए हुए आलू और सारी असेंबल असेंबली अच्छी तरह मिला लें। फाइनल में हरा धनिया मॉड्यूल स्टफिंग को ठंडा होने दें। छवि: फ्रीपिक बेसन में थोड़ा सा चावल का आटा या सूजी पकौड़े को क्रिस्पी बनाने के लिए. अब इसमें अमेर, हल्दी, नमक और लिटिल-थोडा पानी घटकों सिलिकॉन तैयार कर लें। नासा को 5 मिनट के विश्राम के लिए। छवि: फ्रीपिक अब दो बेड्री अप्लायंस लें। एक चुनौती पर आप क्रूड तो हरी चटनी या टोमैटो केचप लगा सकते हैं। इसके बाद आलू की तैयारी स्टफिंग को बेड पर अच्छी तरह से फैलाई गई और बेड से बड़ेकर त्रिकोणीय आकार में काट लें। छवि: फ्रीपिक तेल अच्छा तरह गरम करें। अब स्टाफ बेड को बेसन के गोंद में चारों तरफ से लपेटें और सावधानी से गर्म तेल में डालें। पकौड़े को डिमांड-है फ्लेम पर दोनों तरफ से गोल्डन ब्राउन और क्रिस्पी होने तक तलें। छवि: फ्रीपिक आपका सुपर क्रिस्पी भरावन बेड पकोड़ा तैयार है! इसे तैयार ही से देहरादून टीशू पेपर्स पर जारी रखें ताकि एक्स्ट्रा ऑयल निकल जाए। अब इसमें हरी चटनी, मिष्ठान सोंठ और एक कप कड़क-जिगर वाली चाय के साथ शामिल किया गया है। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेड पकोड़ा रेसिपी(टी)स्टफ्ड ब्रेड पकोड़ा(टी)क्रिस्पी ब्रेड पकोड़ा(टी)घर पर ब्रेड पकोड़ा कैसे बनाएं(टी)शाम के चाय के स्नैक्स(टी)भारतीय स्ट्रीट फूड रेसिपी(टी)आलू ब्रेड पकोड़ा(टी)झटपट और आसान मानसून स्नैक्स(टी)हिंदी फूड रेसिपी