July Tariff Rates, UK Talks Boost 2026

नई दिल्ली28 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत और अमेरिका के बीच बाइलेटरल ट्रेड डील की पहली किस्त जल्द ही फाइनल हो सकती है। दोनों देशों के बीच यह डील जुलाई के बाद भारतीय एक्सपोर्ट पर लागू होने वाली टैरिफ दरों पर कंफर्मेशन आने के बाद फाइनल लेगी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, अमेरिका की धारा 301 की प्रोसेस के तहत जो टैरिफ रेट तय किया जाएगा, वही रेट इस ट्रेड डील में भारत के लिए भी लागू होने की संभावना है। जुलाई में खत्म हो रहा है मौजूदा 10% टैरिफ बातचीत से जुड़े एक सरकारी सूत्र ने बताया कि भारत के एक्सपोर्ट पर लगने वाला मौजूदा 10% का टैरिफ इसी साल जुलाई में समाप्त हो रहा है। इसके बाद जब तक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) धारा 301 के तहत नए टैरिफ तय नहीं करता, तब तक केवल एमएफएन (MFN) टैरिफ ही लागू हो सकते हैं। भारत चाहता है कि जो भी नई दर तय हो, वह बाजार में हमारे डायरेक्ट कॉम्पिटिटर्स देशों के मुकाबले कम होना चाहिए। नई दिल्ली में 2 से 4 जून तक चली बैठक भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर 2 से 4 जून तक नई दिल्ली में मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में दोनों देशों के अधिकारियों ने मुख्य रूप से मार्केट एक्सेस, टैरिफ से जुड़े मुद्दे, गैर-टैरिफ बाधाएं, सीमा शुल्क सुविधा और प्रस्तावित बाइलेटरल ट्रेड डील के फ्रेमवर्क पर विस्तार से चर्चा की है। धारा 301 के तहत 12.5% अतिरिक्त टैरिफ का प्रस्ताव यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) के कार्यालय ने अमेरिकी व्यापार अधिनियम की धारा 301 के तहत एक नया कदम उठाया है। उड्डयन और व्यापार नियमों से जुड़े इस कानून के तहत, USTR ने 2 जून को भारत और 53 अन्य अर्थव्यवस्थाओं से होने वाले आयात पर 12.5% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया है। अमेरिका का आरोप है कि इन देशों में जबरन श्रम से बनने वाले सामानों पर प्रतिबंधों का ठीक से पालन नहीं किया जा रहा है। इस प्रस्ताव पर अभी विचार-विमर्श चल रहा है और जुलाई में पब्लिक कमेंट (जनता की राय) की प्रोसेस के बाद इसे फाइनल किया जाएगा। भारत ने मांगी दोबारा जांच न होने की गारंटी धारा 301 वास्तव में अमेरिकी व्यापार अधिनियम (US ट्रेड एक्ट) का वह नियम है जो वॉशिंगटन को अपने व्यापारिक साझेदारों की उन नीतियों की जांच करने और उन पर टैरिफ लगाने की अनुमति देता है, जिन्हें वह अनुचित व्यापार व्यवहार यानी अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस मानता है। भारत ने अमेरिका से यह आश्वासन मांगा है कि एक बार यह व्यापार समझौता फाइनल और लागू हो जाने के बाद, भविष्य में भारत को निशाना बनाकर ऐसी कोई भी धारा 301 की जांच नहीं की जाएगी। UK के साथ भी डील पर प्रोग्रेस, एक विवाद सुलझा अमेरिका के साथ-साथ भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच भी व्यापार समझौते को लागू करने की दिशा में अच्छी प्रोग्रेस हुई है। हाल ही में भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और यूके के बिजनेस एंड ट्रेड सेक्रेटरी पीटर काइल के बीच एक अहम मीटिंग हुई थी। इस बातचीत में दोनों देशों के बीच अटके तीन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें से एक बड़े मुद्दे को सफलतापूर्वक सुलझा लिया गया है। सूत्र के मुताबिक, ब्रिटिश अधिकारी चाहते हैं कि इस समझौते के लागू होने की आधिकारिक घोषणा लंदन में की जाए। स्टील और कार्बन टैक्स पर बातचीत जारी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत पूरी होने और हस्ताक्षर होने के बाद भी कुछ व्यापारिक अड़चनें सामने आई थीं, जिन्हें दूर करने का प्रयास नई दिल्ली कर रहा है। भारतीय पक्ष का मुख्य ध्यान यूके द्वारा हाल ही में बढ़ाए गए स्टील सेफगार्ड मेजर्स और उसके प्रस्तावित कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) पर केंद्रित है। भारत को आशंका है कि यूके के इन कदमों से इस समझौते के तहत भारतीय कंपनियों को मिलने वाली बाजार पहुंच पर बुरा असर पड़ सकता है। क्या है धारा 301? यह अमेरिकी व्यापार अधिनियम का एक विशेष प्रावधान है जो अमेरिकी सरकार को किसी भी ऐसे विदेशी देश के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई (जैसे अतिरिक्त टैरिफ लगाना) करने का अधिकार देता है, जिसका व्यापार व्यवहार अमेरिका के हितों के खिलाफ या अनुचित होता है। क्या होता है MFN (मोस्ट फेवर्ड नेशन) टैरिफ? वैश्विक व्यापार नियमों के तहत डब्ल्यूटीओ (WTO) के सदस्य देशों द्वारा एक-दूसरे को दिया जाने वाला सामान्य और गैर-भेदभावपूर्ण टैरिफ रेट, जो किसी विशेष व्यापार समझौते के न होने पर डिफॉल्ट रूप से लागू होता है। ये खबर भी पढ़ें… चांदी ₹12,608 गिरकर ₹2.41 लाख किलो पर आई: 8 दिन में ₹22 हजार की गिरावट; सोना आज ₹2749 टूटा, 10 ग्राम की कीमत ₹1.51 लाख मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से आज यानी 8 जून को सोने-चांदी के दाम में गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम आज 2,749 रुपए गिरकर 1.51 लाख रुपए हो गया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
विमेंस टी-20 वर्ल्डकप प्रैक्टिस मैच में भारतीय जीती:वेस्टइंडीज को 26 रन से हराया; भारती की नाबाद फिफ्टी, श्रेयांका को 4 विकेट

Hindi News Sports Cricket India Women Cricket, West Indies Women Cricket, T20 World Cup Warm up, Bharti Fullmali Fifty, Shreyanka Patil Four Wickets, Women Cricket News, India Vs West Indies स्पोर्ट्स डेस्क9 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय विमेंस टीम ने बल्लेबाजों और स्पिनरों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत पहले वार्म-अप मैच में वेस्टइंडीज को 26 रन से हरा दिया। सोमवार को कार्डिफ में खेले गए मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 179 रन बनाए। जवाब में वेस्टइंडीज की 8 विकेट खोकर 153 रन ही बना सकी। भारती ने नाबाद 56 रन बनाए भारत को शेफाली वर्मा और कप्तान स्मृति मंधाना ने अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 5.2 ओवर में 59 रन जोड़े। मंधाना 23 गेंदों पर 39 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि शेफाली ने 13 गेंदों में 29 रन की तेज पारी खेली। इसके बाद जेमिमा रोड्रिज सिर्फ 7 रनबना सकीं। हालांकि यास्तिका भाटिया और भारती फुलमाली ने चौथे विकेट के लिए 60 रन की साझेदारी कर पारी को संभाला। यास्तिका 26 गेंदों पर 36 रन बनाकर रिटायर्ड आउट हुईं, जबकि फुलमाली ने 40 गेंदों पर नाबाद 56 रन बनाए। भारती फुलमाली ने 40 गेंदों पर नाबाद 56 रन की पारी खेली। फ्लेचर ने 4 विकेट लिए वेस्टइंडीज की ओर से अफी फ्लेचर सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने 4 ओवर में 23 रन देकर 4 विकेट झटके। फ्लेचर ने ऋचा घोष, राधा यादव और श्रेयंका पाटिल को भी आउट कर भारतीय बल्लेबाजी पर ब्रेक लगाया। करिश्मा रामहरैक और आलिया एलेन ने एक-एक विकेट लिया, जबकि डिएंड्रा डॉटिन को भी एक सफलता मिली। 63 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप 180 रन के टारगेट का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज की शुरुआत संभली हुई रही। डिएंड्रा डॉटिन और शेमाइन कैंपबेल ने पहले विकेट के लिए 63 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। कैंपबेल 22 गेंदों पर 25 रन बनाकर रिटायर्ड आउट हुईं, जबकि डॉटिन ने 44 गेंदों में 49 रन की पारी खेली। हालांकि इसके बाद वेस्टइंडीज के लगातार विकेट गिरते रहे। कियाना जोसेफ (5), जहजारा क्लैक्सटन (6), आलिया एलेन (13) और कप्तान चिनेल हेनरी (1) बड़ी पारी नहीं खेल सकीं। जेनेलिया ग्लासगो ने 18 गेंदों पर 19 रन बनाए, लेकिन टीम को जीत की ओर नहीं ले जा सकीं। भारत के लिए श्रेयांका पाटिल ने 4 ओवर में 36 रन देकर 4 विकेट झटके। राधा यादव को भी 3 विकेट मिला। शेफाली वर्मा और श्री चरणी ने भी किफायती गेंदबाजी की। श्रेयांका पाटिल (बाएं) ने 4 ओवर में 36 रन देकर 4 विकेट झटके। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Indias Biggest Test Win! Manav Suthar Takes 7 Wickets in Chandigarh

न्यू चंडीगढ़ में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच श्रीगंगानगर के मानव सुथार प्लेयर ऑफ द मैच बने। मानव ने अपने डेब्यू मैच में शानदार गेंदबाजी की। इसके साथ ही अपनी बल्लेबाजी से भी सभी को प्रभावित किया। . मानव सुथार ने अफगानिस्तान की पहली पारी में 6 विकेट लिए और दूसरी पारी में 1 विकेट लिया। इस तरह उन्होंने मैच में 7 विकेट लिए। उनके पिता जगदीश सुथार, मां सुशीला देवी और रिश्तेदारों ने इस पर खुशी जताई। मानव सुथार के माता-पिता और रिश्तेदारों ने मानव के प्लेयर ऑफ द मैच बनने पर खुशी जताई। मानव के पिता जगदीश सुथार ने कहा- आज बड़ा महत्वपूर्ण पल है। मानव ने 7 विकेट लेकर देश और श्रीगंगानगर का नाम रोशन किया है। मैं चाहता हूं कि वह वनडे और टी-20 भी खेले और 2027 विश्वकप देश के लिए जीते। मां सुशीला देवी ने भावुक होते हुए कहा- पूरे परिवार को इतनी खुशी है कि बयां नहीं कर सकते। भगवान से दुआ है कि मानव 2027 वर्ल्ड कप खेले और शानदार प्रदर्शन करें। मानव ने 11 साल की मेहनत के बाद यह मुकाम हासिल किया है। मानव की बहन मानसी ने कहा- आज इतनी खुशी हो रही है कि बयां नहीं कर सकती। मानव का डेब्यू मैच था और वह अच्छा कर गया। पूरे इंडिया के अंदर मानव दूसरे नंबर पर आ रहा है, जिसने डेब्यू मैच में 7 विकेट लिए हैं। टेस्ट खेलने वाले राजस्थान के 5वें खिलाड़ी बने शनिवार (6 जून) को मैच के पहले दिन मानव सुथार को कुलदीप यादव ने डेब्यू कैप दी। इसी के साथ मानव टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले राजस्थान के 5वें खिलाड़ी बन गए थे। मानव के पिता जगदीश सुथार स्कूल टीचर हैं। मां सुशीला देवी गृहिणी हैं। मानव ने 10-11 साल की उम्र से ही क्रिकेट के प्रति अपना जुनून दिखाना शुरू कर दिया था। मानव सुथार से पहले राजस्थान के 4 खिलाड़ियों ने भारत की टेस्ट टीम में डेब्यू किया था। आईपीएल में गुजरात टाइटंस का हिस्सा मानव सुथार आईपीएल में गुजरात टाइटंस (GT) की टीम में हैं। उन्हें गुजरात टाइटंस से अभी सीमित मौके मिले हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट और इंडिया ए में लगातार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई है। कोच धीरज शर्मा हमेशा कहते रहे हैं कि अगर भारत के लिए खेलना है तो रेड बॉल क्रिकेट में खुद को साबित करना होगा। ऑलराउंड क्षमता से बने सिलेक्टर की पसंद मानव सुथार सिर्फ गेंदबाज ही नहीं बल्कि निचले क्रम के उपयोगी बल्लेबाज भी हैं। इस कारण उन्हें एक बॉलिंग ऑलराउंडर के रूप में भी देखा जाता है। उनका प्रदर्शन 2023 वर्ल्ड कप कैंप में भी चर्चा में रहा था, जहां उन्होंने रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों को अपनी गेंदबाजी से प्रभावित किया था। इसके अलावा इंडिया ए से खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ 5 विकेट लेकर मजबूत दावेदारी पेश की थी। मानव सुथार ने डेब्यू मैच में किया कमाल मानव सुथार ने डेब्यू टेस्ट की पहली पारी में 22 ओवर में 33 रन देकर 6 विकेट लिए थे। यह किसी भारतीय गेंदबाज का डेब्यू टेस्ट पारी में दूसरा बेस्ट प्रदर्शन है। इस लिस्ट में नरेंद्र हिरवानी पहले स्थान पर हैं। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ 1988 में 8 विकेट लिए थे। सुथार टेस्ट डेब्यू में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने वाले भारत के 10वें बॉलर और 7वें स्पिनर बने। वह इस सदी में अमित मिश्रा के बाद डेब्यू टेस्ट पारी में फाइव विकेट हॉल लेने वाले दूसरे भारतीय भी हैं। अमित मिश्रा ने 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह कारनामा किया था। पढ़ें ये खबर भी… भारत की टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ी जीत:न्यू चंडीगढ़ में अफगानिस्तान को पारी और 300 रन से हराया, मानव सुथार को 7 विकेट भारत ने न्यू चंडीगढ़ में खेले गए टेस्ट मैच में अफगानिस्तान को पारी और 300 रन से हरा दिया। यह टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम की अब तक की सबसे बड़ी जीत है। भारत की पिछली सबसे बड़ी जीत पारी और 272 रन के अंतर से थी। जो 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ राजकोट में मिली थी। पूरी खबर पढ़ें
शिगेला संक्रमण के लक्षण: केरल में शिगेला बीमारी का खतरा, जानिए क्या हैं उपाय, लक्षण और बचाव के उपाय

केरल में शिगेला संक्रमण: केरल में एक बार फिर स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। कोज़ोकोड में शिगेला संक्रमण से एक 4 साल के बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से ठीक है। छोटे बच्चों में इस बीमारी के गंभीर होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है, इसलिए सभी माता-पिता को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। तो जानें कि आखिर ये शिगेला क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और हम अपने परिवार को इससे कैसे सुरक्षित रख सकते हैं। शिगेला संक्रमण क्या है? शिगेला एक अत्यंत संक्रामक निरपेक्ष संक्रमण है, जो मुख्य रूप से हमारे बड़े आंत को नुकसान पहुंचाता है। यह बीमारी दुनिया भर में डायरिया से जुड़ी प्रमुख वैज्ञानिक चुनौती में से एक है। यह रेस्तरां बहुत तेजी से विकसित होता है। छोटी सी भी गंदगी, सुपरमार्केट पानी या किसी पैट व्यक्ति के संपर्क में आकर यह आपके शरीर में प्रवेश कर सकता है। जिन स्थानों पर साफ-सफाई की कमी होती है, वहां इस बीमारी के दुष्प्रभाव का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। शिगेला के मुख्य लक्षण अगर किसी को होता है शिगेला का संक्रमण तो आमतौर पर दिखते हैं ये लक्षण। दस्त: यह इसका सबसे आम लक्षण है। कुछ गंभीर मामलों में दस्त के साथ खून भी आ सकता है। पेट में दर्द: पेट में तेज ऐंठन और मरोड़ उठना। बुख़ार और कमज़ोरी: तेज बुखार के साथ जी मिचलाना और उल्टी होना। डिहाइड्रेशन: लगातार उल्टी-दस्त से शरीर में पानी की भारी कमी हो जाती है, जो खतरनाक साबित हो सकती है और मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाने की जरूरत होती है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को इस बीमारी से सबसे ज्यादा खतरा होता है। केरल में अभी क्या हालात हैं? राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन के अनुसार, केरल में अब तक शिगेला के 126 मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। कोज़ोकोड मेडिकल कॉलेज में तीन बच्चों की भर्ती की गई थी। इनमें से दो बच्चे ठीक होकर घर जा चुके हैं, लेकिन थलाकुलथुर की रहने वाली एक बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। वायनाड और सुल्तान बथेरी जैसे 164 छात्रों में भी उल्टे-दस्त के लक्षण मिलते हैं। हालाँकि, अभी जांच की जा रही है कि यह शिगेला ही है या कोई अन्य पेट का संक्रमण है। केरल में बार-बार संक्रामक रोग क्यों फैलते हैं? निपाह वायरस, ब्रेन-ईटिंग अमीबा, लेप्टोस्पायरोसिस, मेडिकल-ए और अब शिगेला केरल में लगातार ऐसी खतरनाक बीमारी क्यों आती है? विशेषज्ञ के अनुसार इसके कुछ मुख्य कारण हैं। मासूम और इंसानी जादू की दूरबीन: दक्षिण भारत में वनों की कटाई और तेजी से हो रही शहरी प्रकृति के कारण जंगली जानवर और इंसान बहुत करीब आ गए हैं। इससे जुड़े में मैथ्यू वाले वायरस और दुष्ट इंसानों तक आसानी से पहुंच रहे हैं। बहस और मौसम: यहां के मौसम और बारिश भारी के कारण मच्छर, स्कूटर और अन्य संक्रमण फैलने वाले वाहक तेजी से बढ़ते और फैलते हैं। डिज़र्व के क्या उपाय हैं? शिगेला से डरने की नहीं, बल्कि निर्वाह की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण को रोकने के लिए कुछ बेहद आसान लेकिन जरूरी सावधानियां बताई हैं। पानी की खुराक: हमेशा पानी को अच्छी तरह से पसंद करें और उसे ठंडा करके ही पिएं। साफ-सफाई का खास ध्यान रखें: अपने आस-पास के गोदाम न जमा होने दें। शौच के बाद और खाने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह से बदलें। निःसंदेह से अस्वीकृत: बाहर का खुला पानी, कोलोराडो जल भंडार और भंडारगृह में भोजन का सेवन पूरी तरह से प्रतिबंधित। यह अवश्य पढ़ें: देसी Vs हाईब्रिड खीरा: बाजार में धोखा तो नहीं खा रहे? इन 3 सबसे आसान मासूम से झट से पहचानें देसी और संकर खीरा; जानिए फायदे अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।
PoK में हिंसा, 7 की मौत, इनमें 4 पुलिसकर्मी:विधानसभा में आरक्षित सीटें खत्म करने की मांग, कश्मीर से आए लोगों को दी गई थी

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक यह हिंसा जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और क्षेत्रीय सरकार के बीच चल रहे विवाद के दौरान हुई। रिपोर्ट के अनुसार मृतकों में 7 नागरिक और 4 पुलिसकर्मी शामिल हैं। वहीं 23 सुरक्षाकर्मी और करीब 50 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। पुलिस ने अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। PoK में JAAC और सरकार के बीच विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर विवाद चल रहा है। ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। JAAC इन सीटों को खत्म करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। JAAC पर बैन लगा, जिसके बाद हिंसा भड़की रविवार को JAAC के कार्यकर्ता संगठन के एक सदस्य की मौत के विरोध में अस्पताल के शवगृह के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। सदस्य की मौत कथित तौर पर पुलिस फायरिंग में हुई थी। पुलिस जब प्रदर्शनकारियों को हटाने पहुंची, तभी झड़प शुरू हो गई और हिंसा फैल गई। रावलकोट के कमिश्नर सरदार वहीद खान ने रॉयटर्स से कहा कि प्रदर्शनकारियों की गोलीबारी में चार पुलिसकर्मियों और एक राहगीर की मौत हुई। उन्होंने दावा किया कि इसके जवाब में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में छह प्रदर्शनकारी मारे गए। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक पुलिस का आरोप है कि JAAC से जुड़े लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर शॉटगन और अन्य हथियारों से हमला किया। पुलिस ने घटना को आतंकवादी कार्रवाई करार देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। क्षेत्रीय सरकार ने 5 जून को JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है। 2 दिन पहले JAAC पर बैन लगा था PoK सरकार ने JAAC पर 5 जून को बैन लगाया था। बैन लगाने के लिए सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला दिया। इसके अगले दिन पुलिस ने संगठन के समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और कई गिरफ्तारियां कीं। प्रशासन का दावा है कि JAAC की 38 मांगों में से ज्यादातर मांगों को पहले ही स्वीकार किया जा चुका है। इसके बावजूद संगठन अपना आंदोलन जारी रखे हुए है। JAAC के आंदोलन की अहम वजह विधानसभा की 12 आरक्षित सीटें हैं, जिन्हें खत्म करने की मांग की जा रही है। असल में ये 12 सीटें उन लोगों के लिए आरक्षित हैं, जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। ये लोग 1947, 1965, 1971 युद्ध या बाद के संघर्षों की वजह से गए थे। JAAC का आरोप है कि आरक्षित सीटों के कारण स्थानीय आबादी का प्रतिनिधित्व कम हो जाता है और इसका फायदा कुछ ही परिवारों को मिल रहा है। वे चाहते हैं कि उनकी समस्याओं और जरूरतों के लिए अधिक विधायक चुने जाएं।
PoK में हिंसा, 11 की मौत, इनमें 4 पुलिसकर्मी:विधानसभा में आरक्षित सीटें खत्म करने की मांग, कश्मीर से आए लोगों को दी गई थी

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक यह हिंसा जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और क्षेत्रीय सरकार के बीच चल रहे विवाद के दौरान हुई। रिपोर्ट के अनुसार मृतकों में 7 नागरिक और 4 पुलिसकर्मी शामिल हैं। वहीं 23 सुरक्षाकर्मी और करीब 50 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। पुलिस ने अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। PoK में JAAC और सरकार के बीच विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर विवाद चल रहा है। ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। JAAC इन सीटों को खत्म करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। JAAC पर बैन लगा, जिसके बाद हिंसा भड़की रविवार को JAAC के कार्यकर्ता संगठन के एक सदस्य की मौत के विरोध में अस्पताल के शवगृह के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। सदस्य की मौत कथित तौर पर पुलिस फायरिंग में हुई थी। पुलिस जब प्रदर्शनकारियों को हटाने पहुंची, तभी झड़प शुरू हो गई और हिंसा फैल गई। रावलकोट के कमिश्नर सरदार वहीद खान ने रॉयटर्स से कहा कि प्रदर्शनकारियों की गोलीबारी में चार पुलिसकर्मियों और एक राहगीर की मौत हुई। उन्होंने दावा किया कि इसके जवाब में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में छह प्रदर्शनकारी मारे गए। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक पुलिस का आरोप है कि JAAC से जुड़े लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर शॉटगन और अन्य हथियारों से हमला किया। पुलिस ने घटना को आतंकवादी कार्रवाई करार देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। क्षेत्रीय सरकार ने 5 जून को JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है। 2 दिन पहले JAAC पर बैन लगा था PoK सरकार ने JAAC पर 5 जून को बैन लगाया था। बैन लगाने के लिए सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला दिया। इसके अगले दिन पुलिस ने संगठन के समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और कई गिरफ्तारियां कीं। प्रशासन का दावा है कि JAAC की 38 मांगों में से ज्यादातर मांगों को पहले ही स्वीकार किया जा चुका है। इसके बावजूद संगठन अपना आंदोलन जारी रखे हुए है। JAAC के आंदोलन की अहम वजह विधानसभा की 12 आरक्षित सीटें हैं, जिन्हें खत्म करने की मांग की जा रही है। असल में ये 12 सीटें उन लोगों के लिए आरक्षित हैं, जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। ये लोग 1947, 1965, 1971 युद्ध या बाद के संघर्षों की वजह से गए थे। JAAC का आरोप है कि आरक्षित सीटों के कारण स्थानीय आबादी का प्रतिनिधित्व कम हो जाता है और इसका फायदा कुछ ही परिवारों को मिल रहा है। वे चाहते हैं कि उनकी समस्याओं और जरूरतों के लिए अधिक विधायक चुने जाएं। ————————— पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव से भारत नाराज:कहा- इससे अवैध कब्जा वैध नहीं होगा; 7 जून को 24 सीटों पर वोटिंग भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में 7 जून को होने वाले विधानसभा चुनावों का कड़ा विरोध किया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि पाकिस्तान जिस क्षेत्र पर अवैध और जबरन कब्जा किए हुए है, वहां चुनाव कराने की उसकी योजना पूरी तरह अस्वीकार्य है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
राजनीतिक उथल-पुथल के बीच 20 सांसदों के एनडीए में शामिल होने से तृणमूल कांग्रेस को बड़े पैमाने पर पलायन का सामना करना पड़ा | साफ़ बोलो

एक आश्चर्यजनक राजनीतिक उथल-पुथल में, तृणमूल कांग्रेस के 28 में से 20 सांसद एनडीए में शामिल हो गए हैं, जो ममता बनर्जी के नेतृत्व के संभावित अंत का संकेत है। यह सामूहिक पलायन, राज्यसभा में इस्तीफों के साथ, इंडिया ब्लॉक के भविष्य और टीएमसी की स्थिरता पर सवाल उठाता है। उन रिपोर्टों के बाद राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है, जिसमें दावा किया गया है कि 28 में से 20 तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल हो गए हैं, जिससे पश्चिम बंगाल की राजनीति के भविष्य और विपक्षी खेमे की स्थिरता के बारे में अटकलें तेज हो गई हैं। हालिया इस्तीफों और आंतरिक उथल-पुथल के साथ कथित पलायन ने टीएमसी की ताकत और राष्ट्रीय राजनीति में इसकी भूमिका पर बहस छेड़ दी है। n18oc_India18oc_politicsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 08 जून, 2026, 18:40 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज इंडिया(टी)भारतीय राजनीतिक समाचार(टी)ममता बनर्जी समाचार(टी)विपक्षी एकता(टी)राजनीतिक विश्लेषण(टी)राजनीतिक विवाद(टी)राज्य सभा समाचार(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति
चौलाई का चीला रेसिपी: खाने में टेस्टी और लाजवाब है चौलाई का चीला, बनाना भी है 10 मिनट का काम; नोट करें रेसिपी

सामग्री: लाई के पत्ते, 1 कप बेसन, 2 बड़े चम्मच सूजी, 1 प्याज, 1 हरी मिर्च, 1/2 बड़ा अदरक का पेस्ट, 1/2 बड़ा चम्मच हल्दी पाउडर, 1/4 बड़ा चम्मच हल्दी पाउडर, 1/2 बड़ा मसाला, नमक, आवश्यक अनुसार पानी, तेल छवि: एआई बनाने की विधि: बेसन और सूजी में एक बड़ा पोज़िशन। इसमें चौलाई के कटे हुए पत्ते, प्याज, हरी मिर्च और अदरक का पेस्ट शामिल है। अब हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, अजवायन और नमक का अच्छी तरह से मिश्रण करें। छवि: एआई मिक्स में धीरे-धीरे-धीरे-धीरे पानी डाला हुआ एक ब्लॉगर बैटर तैयार हो गया। ध्यान रखें कि नासा न अधिक नमकीन हो और न ही बहुत नमकीन हो। एक नॉन-स्टिक तवा गर्म करें और उस पर प्रभाव वाले तेल का उत्पादन करें। छवि: एआई अब एक करछी बैटर नामांकित गोल आकार में फैला हुआ है। चीले के सामान पर थोड़ा सा तेल और मध्यम आंच पर सोना होने तक। फिर पलटकर दूसरी तरफ से भी अच्छी तरह सेंक लें। छवि: एआई जब चीला दोनों तरफ से कुरकुरा और सोनार हो जाए, तो इसे प्लेट में निकाल लें। इसी तरह बाकी चीजें भी तैयार कर लें। चौलाई के दुकानदारों का गरमागर्म चीला हरी चटनी, दही या टमाटर की दुकान के साथ। छवि: एआई शरीर में आयरन की कमी को दूर करने में मदद मिलती है। पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में सहायता मिलती है। हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए जादुई है। छवि: एआई वजन के लिए एक कार्मिक स्थिति है। शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करने में मदद मिलती है। अगर आप रोज़ाना के लिए कुछ नया और डिजिटल सामान बनाना चाहते हैं, तो चौलाई के दुकानदारों का यह चीला जरूर बताएं। छवि: सोशल मीडिया
UP Police Constable Exam 2026 | Paper Leak Rumor FIR

Hindi News Career UP Police Constable Exam 2026 | Paper Leak Rumor FIR | UPPBPB Warns Students 15 मिनट पहले कॉपी लिंक उत्तर प्रदेश पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा 2026 आज से शुरू हुई है। एग्जाम शुरू होने से 2 दिन पहले उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड (यूपीपीआरपीबी) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चल रही फर्जी पेपर लीक की खबरों के खिलाफ उम्मीदवारों को चेतावनी दी है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा प्रस्तावित आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा का आयोजन दिनांक 08.06.2026, 09.06.2026 एवं 10.06.2026 को कराया जा रहा है । लिखित परीक्षा की शुचिता बनाये रखने के लिए उ०प्र०पुलिस भर्ती बोर्ड…— Uttar Pradesh Police Recruitment & Promotion Board (@upprpb) June 6, 2026 6 जून को पेपर लीक की खबर वायरल हुई बोर्ड के ट्विटर हैंडल पर जानकारी देते हुए अधिकारियों ने कहा कि वाट्सएप, ट्विटर, फेसबक, इंस्टाग्राम, यू ट्यूब और टेलीग्राम पर प्रसारित होने वाली खबरों की लगातार निगरानी की जा रही है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म टेलीग्राम चैनल यूपीपी एग्जाम पेपर ने 6 जून 2026 को यूपी पुलिस बोर्ड भर्ती 2026 का पेपर लीक होने की खबर को वायरल किया था। इस चैनल पर परीक्षा से पहले उम्मीदवारों को गुमराह करके उनसे पैसे लेने का आरोप भी है। बोर्ड का दावा है कि यह खबर फेक है, जिसे फैलाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। 6 जून को लखनऊ के हुसैन गंज पुलिस स्टेशन में यूपीपी एग्जाम पेपर चैनल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। 10 जून तक होंगे एग्जाम बोर्ड ने उम्मीदवारों को सोशल मीडिया पर एग्जाम से संबंधित जारी की गई खबरों से सावधान रहने की सलाह दी है। यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल रिक्रूटमेंट परीक्षा 2026 का आयोजन 8, 9 और 10 जून को किया जाएगा। ये एग्जाम पूरे राज्य में 1100 से ज्यादा एग्जाम सेंटर्स पर होने वाले हैं। पहली शिफ्ट सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। बोर्ड के अनुसार उम्मीदवार एग्जाम की तैयारी पर ध्यान दें। वे रिक्रूटमेंट बोर्ड द्वारा जारी अपडेट्स पर नजर बनाए रखें। KIND ATTENTION RAIL PASSENGERS!EXAM SPECIAL TRAINS 2026It is notified for the information of all concerned that following exam special trains will be run by Northern Railway from 08.06.2026 (Monday) to 10.06.2026 (Wednesday) to facilitate the candidates appearing in UP Police… pic.twitter.com/yA8sLmII1h— Northern Railway (@RailwayNorthern) June 7, 2026 CCTV कैमरे और ड्रोन से एग्जाम सेंटर की निगरानी यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में 28 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल होंगे। एग्जाम के दौरान किसी भी तरह की कोई नकल या गड़बड़ी न हो इसका खास ध्यान रखा जा रहा है। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है। इस परीक्षा को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भर्ती परीक्षा के लिए यात्रा करने वाले उम्मीदवारों को बसों में 50% की छूट दी है।परीक्षा की निगरानी के लिए पूरे राज्य में 30,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। NEET 2026 परीक्षा रद्द हुई पेपर लीक के आरोपों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET (UG) 2026 परीक्षा रद्द कर दी। यह परीक्षा 3 मई को हुई थी। 22.79 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी। इसे 21 जून 2026 से दोबारा आयोजित किया जाएगा। NEET का पेपर ‘क्वेश्चन बैंक’के जरिए लीक किया गया। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। ये सभी सवाल हाथ से लिखे गए और इनकी हैंडराइटिंग भी एक ही थी। ‘क्वेश्चन बैंक’ में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। इसमें से 150 सवाल हूबहू NEET के पेपर में आए। पेपर में कुल 180 सवाल हल करने होते हैं और प्रत्येक सवाल 4 अंक का होता है। यानी 720 में से 600 नंबर के सवाल सीधे ‘क्वेश्चन बैंक’ से आए। BPSC ने AEDO एग्जाम नकल की वजह से रद्द की BPSC ने सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) एग्जाम रद्द की। एग्जाम में गड़बड़ी और को लेकर 6 जिलों में 8 FIR दर्ज हुई थी। जिसके बाद आयोग ने इस परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया। इस एग्जाम का आयोजन 14, 15, 17, 18, 20 और 21 अप्रैल 2026 को हुआ था। इसके साथ ही आयोग ने 32 उम्मीदवारों को इस एग्जाम से प्रतिबंधित भी किया। ये अब आयोग की किसी भी आगामी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। इस परीक्षा के लिए 11 लाख कैंडिडेट्स ने आवेदन किया था। एसआई भर्ती-2021 भी हो चुकी है रद्द री-एग्जाम पेपर लीक के चलते हुआ पेपर लीक को लेकर चर्चित रही एसआई भर्ती-2021 का री-एग्जाम अब सिर्फ 1 दिन में होगा। पहले यह परीक्षा 3 दिन में हुई थी। री-एग्जाम की डेट 20 सितंबर 2026 होगी। ————- दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Kangana Ranaut on Peddi Controversy: Women Objectification

6 मिनट पहले कॉपी लिंक राम चरण और जाह्नवी कपूर स्टारर फिल्म ‘पेड्डी’ इन दिनों विवादों में घिरी है। फिल्म में जाह्नवी कपूर के किरदार और उनकी प्रस्तुति को लेकर सोशल मीडिया पर बहस चल रही है। कई लोगों का आरोप है कि फिल्म में महिला किरदार को जरूरत से ज्यादा ग्लैमराइज और ऑब्जेक्टिफाई किया गया है। अब इस विवाद पर अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनोट ने प्रतिक्रिया दी है। पीटीआई से बातचीत में कंगना ने कहा कि कई बार फिल्म निर्माता और निर्देशक यह नहीं समझ पाते कि वे महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि अगर किसी कलाकार को लगता है कि उसके साथ ऐसा हो रहा है, तो उसे अपनी बात खुलकर रखनी चाहिए। कंगना इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। इसी दौरान पीटीआई से बातचीत में उनसे ‘पेड्डी’ विवाद पर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा, “कई बार डायरेक्टर को भी एहसास नहीं होता कि वे किसी महिला को ऑब्जेक्टिफाई कर रहे हैं। लेकिन अगर किसी अभिनेता या अभिनेत्री को ऐसा महसूस होता है, तो उसे अपनी बात रखनी चाहिए और विरोध जताना चाहिए।” उन्होंने कहा कि कलाकारों को अपनी सीमाएं तय करने का पूरा अधिकार है। यदि कोई सीन, कॉस्ट्यूम या प्रस्तुति उन्हें असहज लगती है तो वे उस पर अपनी राय रख सकते हैं। कंगना के मुताबिक, फिल्म इंडस्ट्री में संवाद और सहमति बहुत जरूरी है। क्या है ‘पेड्डी’ विवाद? हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘पेड्डी’ में जाह्नवी कपूर के किरदार अचियम्मा को जिस तरह पेश किया गया है, उस पर सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि फिल्म के कुछ दृश्यों में कैमरा एंगल्स और प्रस्तुति महिला किरदार को ऑब्जेक्टिफाई करती नजर आती है। इसके अलावा एक रोमांटिक सीन को लेकर बहस छिड़ गई, जिसमें सहमति और रोमांस के चित्रण पर सवाल उठाए गए। विवाद बढ़ने के बाद फिल्म के निर्देशक बुच्ची बाबू सना को सफाई देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी महिला का अपमान करना नहीं था। उन्होंने दर्शकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए माफी मांगी और विवादित दृश्यों में बदलाव का आश्वासन दिया। कई सितारों ने रखी राय ‘पेड्डी’ विवाद पर सिर्फ कंगना ही नहीं, कई अन्य कलाकार भी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। अभिनेत्री नित्या मेनन ने कहा कि महिलाओं का ऑब्जेक्टिफिकेशन सिर्फ किसी एक इंडस्ट्री की समस्या नहीं है, बल्कि यह दुनिया भर के सिनेमा में देखने को मिलता है। उन्होंने कलाकारों से जरूरत पड़ने पर अपनी बात मजबूती से रखने की अपील की। वहीं करीना कपूर खान ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि स्क्रीन पर आकर्षक या संवेदनशील दिखने के लिए महिलाओं का ऑब्जेक्टिफिकेशन जरूरी नहीं है। एक कलाकार बिना भड़काऊ प्रस्तुति के भी दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ सकता है। फिलहाल ‘पेड्डी’ को लेकर बहस जारी है। सोशल मीडिया पर एक बड़ा वर्ग फिल्म में महिलाओं की प्रस्तुति पर सवाल उठा रहा है, जबकि दूसरी ओर फिल्म की टीम विवाद को शांत करने की कोशिश में जुटी है। ऐसे में पीटीआई को दिया गया कंगना रनोट का बयान इस चर्चा को और तेज कर सकता है कि फिल्मों में महिला किरदारों को किस नजरिए से दिखाया जाना चाहिए और कलाकारों की सहमति को कितना महत्व दिया जाना चाहिए। ____________________________ ये खबर भी पढ़ें जाह्नवी कपूर के सपोर्ट में आईं साउथ एक्ट्रेस:बोलीं- ‘पेड्डी’ विवाद में एक्ट्रेस को नहीं, मेकर्स को जिम्मेदार ठहराएं; मेकअप आर्टिस्ट ने भी किया बचाव एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर की फिल्म ‘पेड्डी’ में उनके किरदार के जरूरत से ज्यादा बोल्ड बताने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। हालांकि अब जाह्नवी के समर्थन में उनकी मेकअप आर्टिस्ट सवलिन कौर मनचंदा और साउथ एक्ट्रेस डिंपल हयाती आ गई हैं। मेकअप आर्टिस्ट ने दावा किया है कि जाह्नवी ने पोस्ट प्रोडक्शन के दौरान आपत्तिजनक दृश्यों को हटाने की मांग की थी, जिसे डायरेक्टर ने नजरअंदाज कर दिया।पूरी खबर पढ़ें.. जाह्नवी कपूर ने क्या विवादित शॉट्स पर जताई थी आपत्ति:एक्ट्रेस की कथित पर्सनल चैट लीक; दावा- पेड्डी में राम चरण ने डायरेक्टर को डांटा था फिल्म ‘पेड्डी’ को लेकर चल रहे विवाद के बीच अभिनेत्री जाह्नवी कपूर की एक कथित पर्सनल चैट सोशल मीडिया पर लीक हो गई है। जाह्नवी के फैन क्लब्स की तरफ से शेयर किए गए इन स्क्रीनशॉट्स में दावा किया जा रहा है कि अभिनेत्री ने फिल्म की शूटिंग के दौरान कुछ आपत्तिजनक कैमरा एंगल पर चिंता जताई थी। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔








