इमरान हाशमी की फिल्म की शूटिंग पर हरिद्वार में बवाल:सेट पर लगाया 'बार' का बोर्ड; हिंदूवादी संगठनों ने काटा हंगामा, हटाना पड़ा नाम

हरिद्वार में बॉलीवुड एक्टर इमरान हाशमी की फिल्म की शूटिंग के दौरान बार एंड रेस्टोरेंट के सीन को लेकर विवाद हो गया। जैसे ही हरिद्वार में कुछ हिंदूवादी संगठनों और तीर्थ पुरोहितों को बार एंड रेस्टोरेंट के सेट के बारे में पता चला, तो वे मौके पर पहुंच गए। इसके बाद वहां जोरदार विरोध शुरू हो गया। बढ़ते विरोध को देखते हुए फिल्म यूनिट और मकान संचालकों को बोर्ड से “बार” शब्द हटाना पड़ा, जिसके बाद मामला शांत हो सका। शूटिंग कर रहे लोगों की तरफ से यह नहीं बताया गया कि किस फिल्म की शूटिंग चल रही थी। मामले को लेकर भी एक्टर की तरफ से अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। घटना के दौरान के वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें दिखता है कि लोग फिल्म मेकर्स से बहस और धक्का-मुक्की करते नजर आ रहे हैं। तस्वीरें देखिए- कैसे शुरू हुआ विवाद हरिद्वार के श्रवणनाथ नगर स्थित भटिया भवन का है, जहां पिछले कुछ दिनों से बॉलीवुड एक्टर इमरान हाशमी की फिल्म की शूटिंग चल रही थी। बुधवार देर रात फिल्म के एक दृश्य की शूटिंग के लिए मकान के बाहर “बार एंड रेस्टोरेंट” का बोर्ड लगाया गया। इसकी जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि हरिद्वार विश्व प्रसिद्ध तीर्थनगरी है, जहां करोड़ों श्रद्धालु अपनी आस्था लेकर आते हैं। ऐसे में शहर के अंदर बार का बोर्ड लगाना धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कदम है। लोगों ने आरोप लगाया कि फिल्मों की शूटिंग के नाम पर हरिद्वार की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। देर रात तक चली बहस विरोध बढ़ने पर व्यापारियों, समाजसेवियों, भवन संचालकों और फिल्म यूनिट के सदस्यों के बीच देर रात तक बहस होती रही। लोगों ने स्पष्ट कहा कि धर्मनगरी की गरिमा और मर्यादा के साथ किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। आखिरकार विरोध के दबाव में बोर्ड से “बार” शब्द हटा दिया गया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। मां गंगा व्यापार मंडल के अध्यक्ष कशिश भाटिया ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि भवन के बाहर “बार एंड रेस्टोरेंट” का बोर्ड लगाया गया है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार एक पवित्र तीर्थस्थल है, जहां मांस और मदिरा प्रतिबंधित हैं। ऐसे में शूटिंग के लिए भी इस तरह का बोर्ड लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए बोर्ड से “बार” शब्द हटा दिया गया। समाजसेवी करण पंडित ने कहा कि जिस स्थान पर बोर्ड लगाया गया था, वहां से कुछ ही दूरी पर मां गंगा का पावन तट स्थित है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की धार्मिक पहचान और आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे कोई फिल्म निर्माता हो या किसी बड़े उद्योग से जुड़ा व्यक्ति, धर्मनगरी की मर्यादा सर्वोपरि है। तीर्थ पुरोहितों ने भी उठाए सवाल तीर्थ पुरोहित उज्जवल पंडित ने कहा कि हरिद्वार की पवित्रता बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोगों के विरोध के कारण ही बोर्ड हटाया गया और यह शहरवासियों की जागरूकता का परिणाम है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भी यदि कोई हरिद्वार की धार्मिक पहचान को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा तो उसका विरोध किया जाएगा। पूरे विवाद के दौरान यह स्पष्ट नहीं हो सका कि किस फिल्म की शूटिंग चल रही थी। फिल्म यूनिट से जुड़े लोगों ने केवल इतना कहा कि उनके पास शूटिंग की अनुमति है, लेकिन फिल्म का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया। बताया जा रहा है कि शूटिंग के लिए मुंबई से कलाकार और तकनीकी टीम हरिद्वार पहुंची हुई है। इस घटना के बाद एक बार फिर यह बहस शुरू हो गई है कि धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में फिल्मांकन के दौरान स्थानीय परंपराओं, आस्थाओं और जनभावनाओं का कितना ध्यान रखा जाना चाहिए। हम इस खबर को अपडेट कर रहे हैं…
पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा के जिम पर फायरिंग:दिल्ली में बदमाशों ने गोलियां चलाईं; लॉरेंस गैंग ने ली जिम्मेदारी, लिखा- कहा था सलमान खान से दूर रह

दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में गुरुवार तड़के एक जिम के बाहर मोटरसाइकिल सवार दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह जिम दिल्ली में राजौरी गार्डन के रहने वाले 2 कारोबारियों का है। इसके ब्रांड एंबेसडर पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा हैं। घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर कुख्यात लॉरेंस गैंग ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। इसमें गुरु रंधावा के बारे में लिखा है- इसे समझाया था कि सलमान खान से दूर रह, वह हमारा दुश्मन है, लेकिन ये उसके बहुत करीबी बन रहा था। जितने भी देशद्रोही हैं, जहां भी छिपे हैं, वहीं पर मारेंगे। हमलावरों ने जिम पर कम से कम 7 राउंड गोलियां चलाईं और वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। हालांकि, हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जबरन वसूली, गैंगवार और आपसी रंजिश समेत सभी एंगल से जांच शुरू कर दी है। केयरटेकर के पहुंचने पर हुआ खुलासा घटना का पता तब चला जब सुबह करीब सवा 5 बजे जिम के केयरटेकर वहां पहुंचे। जिम के शीशे टूटे देख और गोलियों के निशान पाकर उन्होंने तुरंत मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस के आला अधिकारी और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। जांच के लिए तुरंत फोरेंसिक टीम (FSL) को भी मौके पर बुलाया गया। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से खाली कारतूस और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस हमलावरों की पहचान करने के लिए जिम के आसपास और भागने वाले रास्तों पर लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। जांच में सामने आया है कि जिस फिटनेस सेंटर पर हमला हुआ है, उसके मालिक राजौरी गार्डन के रहने वाले दो व्यवसायी हैं। वहीं, एक बेहद मशहूर पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा इस जिम के ब्रांड एंबेसडर हैं। इसी वजह से इस हमले को काफी गंभीरता से लिया जा रहा है। रंगदारी और आपसी रंजिश के एंगल से जांच शुरू दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, मामले की तफ्तीश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। पुलिस इस मामले को फिरौती, गैंगस्टरों की आपसी रंजिश और मालिकों की किसी निजी दुश्मनी के एंगल से जोड़कर देख रही है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और बदमाशों की तलाश में छापे मारे जा रहे हैं। सामने आई पोस्ट में क्या-क्या लिखा… घटना के बाद वायरल की गई पोस्ट में लिखा है- जय महाकाल, जय श्री राम, राम राम सभी भाइयों को। जो आज ये 24HS FITNESS (24 आवर्स फिटनेस) दिल्ली में गुरु रंधावा की जिम पर जो फायरिंग हुई है, वह मैंने अनिल पंडित USA और लॉरेंस ग्रुप ने की है। पोस्ट में आगे लिखा है- ये सलमान खान से कुछ ज्यादा ही करीबी हो रहा था। इसे हमने पहले भी समझाया था कि इससे दूर रहो, ये हमारा दुश्मन है, लेकिन इसको समझ नहीं आई और जितने भी हमारे दुश्मन हैं वे किसी भी कोने में छुप जाएं, जल्दी ही सबसे मुलाकात होगी। वेट एंड वॉच। पोस्ट में अंत में नोट लगाकर लिखा गया है- और जितने भी ये देशद्रोही हैं, जो देश के खिलाफ साजिश रचते हैं, दुनिया के किसी भी कोने में छुप जाना, वहीं पर ही मारेंगे। अंत में सलाम साहिदा नू, लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप, जितेंद्र गोगी मान ग्रुप, हैरी बॉक्सर, आरजू बिश्नोई, टायसन बिश्नोई, शुभम लोंकर, हरमन संधू और अंकित सेरसा का नाम लिखा है। हम इस खबर को अपडेट कर रहे हैं…
वैभव सूर्यवंशी अफगानिस्तान के खिलाफ उतरेंगे रिकॉर्ड बनाने:आज इंडिया-A ट्राई सीरीज का दूसरा मुकाबला, AFG ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी

आज वैभव सूर्यवंशी इंडियन जर्सी में अफगानिस्तान के खिलाफ मैदान में बनाने के लिए उतरेंगे। श्रीलंका में चल रही ट्राई नेशन वनडे सीरीज का दूसरा मैच इंडिया-ए और अफगानिस्तान-ए के बीच खेला जा रहा है। दांबुला के रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में अफगानिस्तान-ए टीम ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी है। भारत-A ने अपने पहले मैच में श्रीलंका-A को 8 रन से हराया था। हालांकि, पहले मुकाबले में वैभव का बल्ला नहीं चल पाया। वैभव सूर्यवंशी 14 रन बनाकर आउट हो गए थे। इस दौरान उन्होंने 3 चौके लगाए थे। दूसरे ओवर में वैभव सूर्यवंशी ने दो चौके लगाए थे। उन्होंने मोहम्मद शिराज की पहली और तीसरी बॉल को बाउंड्री के बाहर पहुंचाया था। इसके बाद मोहम्मद शिराज ने ही उनका विकेट लिया था। इससे पहले वे एशिया कप राइजिंग स्टार्स और अंडर-वर्ल्डकप में इंडिया की ओर से खेल चुके हैं। इसी साल जनवरी में हुए अंडर-19 वर्ल्डकप फाइनल में उन्होंने 175 रन की पारी खेली थी। वे प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने थे। वैभव ने इस IPL में सबसे ज्यादा रन बनाए वैभव ने IPL 2026 में सबसे ज्यादा 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप जीता। वैभव ने मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर, सुपर स्ट्राइकर और सबसे ज्यादा छक्के लगाने का अवॉर्ड भी जीता। इस सीजन उन्होंने 36 गेंद पर शतक लगाया था, जबकि तीन बार 90 से 100 के बीच में आउट हुए थे। 12 साल में रणजी डेब्यू से इंडिया-A तक का सफर वैभव ने जनवरी 2024 में बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया। तब उनकी उम्र 12 साल थी। 2024 में मुंबई और छत्तीसगढ़ के खिलाफ उन्होंने दो फर्स्ट क्लास मैचों में 31 रन बनाए थे। वैभव ने सचिन तेंदुलकर (15 साल) और युवराज सिंह (18 साल) को पीछे छोड़ा और घरेलू फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बने। वैभव ने 13 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंडर-19 यूथ टेस्ट सीरीज में सिर्फ 58 गेंदों पर शतक जड़ दिया। यह अंडर-19 टेस्ट क्रिकेट में दूसरा सबसे तेज शतक था। उन्होंने 62 गेंदों में 104 रन की पारी खेली, जिसमें 14 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। लिस्ट-A में अब तक वैभव ने 8 मैच खेले वैभव ने लिस्ट-A (50 ओवर) में अब तक 8 मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 44.12 की औसत और 164.95 के स्ट्राइक रेट से 353 रन बनाए। उनका बेस्ट स्कोर 190 रन रहा है। सूर्यवंशी ने इस फॉर्मेट में 1 शतक और 1 अर्धशतक लगाया है। उन्होंने 37 चौके और 23 छक्के भी जड़े हैं। IPL 2025 में वैभव ने सिर्फ 7 मैचों में 252 रन बनाए, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल था। इन सभी परफॉरमेंस के आधार पर BCCI ने उन्हें इंडिया-A में जगह दी। इंडियन क्रिकेट टीम में सेलेक्टेड सबसे युवा खिलाड़ी वैभव का सिलेक्शन इंडियन टीम में हो गया है। वह इंडियन क्रिकेट टीम में चुने गए अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पुरुष क्रिकेटर्स में सचिन तेंदुलकर 16 साल, 194 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुने गए थे। वहीं, वैभव 15 साल 71 दिन में चुने गए हैं। एशिया कप में 243 से ज्यादा का स्ट्राइक रेट वैभव ने एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2025 टी-20 में 4 मैचों में 59.75 की औसत और 243.87 के स्ट्राइक रेट से 239 रन बनाए थे। इस दौरान उनका बेस्ट स्कोर 144 रन रहा। सूर्यवंशी ने इस सीरीज में एक शतक भी लगाया था। उन्होंने 20 चौके और 22 छक्के लगाए।
Indian Stock Market Falls | Nifty, Sensex Dip Over 100 Points; IT, Auto Stocks Hit

Hindi News Business Indian Stock Market Falls | Nifty, Sensex Dip Over 100 Points; IT, Auto Stocks Hit मुंबई21 मिनट पहले कॉपी लिंक शेयर बाजार में आज यानी 11 जून को गिरावट है। सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 73,600 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 100 अंक की गिरावट है, ये 23,100 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। IT, ऑटो और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा गिरावट है। एशियाई बाजार में आज गिरावट इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज कोस्पी (साउथ कोरिया) 7616 -115 -1.51% निक्केई (जापान) 63240 -940 -1.46% हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) 24168 -240 -0.93% अमेरिकी बाजार में कल गिरावट रही इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज डाउ जोन्स 49919 -953 -1.87% नैस्डैक 25170 -509 -1.98% S&P 500 7267 -120 -1.62% विदेशी निवेशकों ने 10 जून को 2,125 करोड़ रुपए के शेयर बेचे कैटेगरी लेटेस्ट बीते 7 दिन बीते 30 दिन DII 3,124 23,582 95,728 FII/FPI -2,125 -21,023 -77,855 नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में मिलाजुला कारोबार रहा इससे पहले कल यानी 10 जून को शेयर बाजार में मिला-जुला कारोबार रहा था। सेंसेक्स 64 अंक चढ़कर 73,983 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में 27 अंक की गिरावट रही, ये 23,215 पर बंद हुआ था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Praneet More Show Video Viral Amidst Biryani Controversy

8 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘370 रुपए की बिरयानी’ वाले वीडियो के बाद कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में डॉक्टर डॉ. सेजल पवार ने कहा कि वे और उनके साथी मेडिकल छात्र कॉलेज (KEM हॉस्पिटल, मुंबई) में मेडिकल रिसर्च और डिसेक्शन के लिए दान किए गए पुरुषों के शवों के प्राइवेट पार्ट्स को देखते हैं और उनका मजाक उड़ाते हैं। वीडियो में डॉ. सेजल पवार ने कहा, “खोपड़ी काटी और फिर लास्ट में जो भी है, प्रजनन अंग…” इस पर प्रणीत मोरे ने पूछा, “तू डॉक्टर है या कसाई? और ऐसे जोक भी मारते हो या सीरियस रहते हो?” सेजल ने जवाब दिया, “मारते हैं।” इसके बाद प्रणीत मोरे ने कहा, “जोक भी मारते हैं कि इसके दिमाग में कुछ नहीं है।” बातचीत के दौरान सेजल ने आगे कहा, “जो भी हो… साइज वगैरह।” यह सुनकर प्रणीत मोरे ने हैरानी जताते हुए पूछा, “क्या? आप लोग इन सब बातों पर भी चर्चा करते हैं?” सोशल मीडिया पर बयान को लेकर नाराजगी X पर कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि इस वीडियो पर रिएक्शन उतना ज्यादा क्यों नहीं दिख रहा, जितना हिमांशु जांगड़ा के बयान पर देखने को मिला था। एक यूजर ने लिखा कि यदि किसी पुरुष डॉक्टर ने मृत महिला के शरीर को लेकर ऐसा मजाक किया होता तो उसकी कड़ी आलोचना होती। कुछ लोगों ने मेडिकल एथिक्स और बॉडी डोनेशन को लेकर भी चिंता जताई। एक पोस्ट में कहा गया कि परिवार अपने प्रियजनों की बॉडी मेडिकल एजुकेशन के लिए दान करते हैं और ऐसे मामलों का मजाक उड़ाना उस भरोसे का अपमान है। सेजल का अकाउंट प्राइवेट हुआ विवाद बढ़ने के साथ सेजल पवार का इंस्टाग्राम अकाउंट प्राइवेट हो गया है। उनके 2 लाख 44 हजार फॉलोअर्स हैं। वहीं, प्रणीत मोरे पहले से ही बिरयानी विवाद को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर विरोध के बाद उन्होंने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट या डीएक्टिवेट कर दिया है। वहीं, बिरयानी वाले कमेंट करने वाले हिमांशु जांगड़ा को नौकरी से निकाल दिया गया। यह खबर भी पढ़ें… ‘बिरयानी के 370 वसूलूंगा’ कहने वाले शख्स की नौकरी गई:कंपनी ने लिया एक्शन, विवाद के बीच प्रणित मोरे ने डिलीट किया इंस्टाग्राम अकाउंट 22 साल के वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा को गुरुग्राम स्थित कंपनी स्टारविक डिजाइन से नौकरी से निकाल दिया गया। यह कार्रवाई एक वायरल वीडियो में महिलाओं को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर हुए विरोध के बाद की गई। वहीं, विवाद के बीच प्रणित मोरे ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट या डीएक्टिवेट कर दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Praneet More Show Video Viral Amidst Biryani Controversy

35 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘370 रुपए की बिरयानी’ वाले वीडियो के बाद कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में डॉक्टर डॉ. सेजल पवार ने कहा कि वे और उनके साथी मेडिकल छात्र कॉलेज (KEM हॉस्पिटल, मुंबई) में मेडिकल रिसर्च और डिसेक्शन के लिए दान किए गए पुरुषों के शवों के प्राइवेट पार्ट्स को देखते हैं और उनका मजाक उड़ाते हैं। वीडियो में डॉ. सेजल पवार ने कहा, “खोपड़ी काटी और फिर लास्ट में जो भी है, प्रजनन अंग…” इस पर प्रणीत मोरे ने पूछा, “तू डॉक्टर है या कसाई? और ऐसे जोक भी मारते हो या सीरियस रहते हो?” सेजल ने जवाब दिया, “मारते हैं।” इसके बाद प्रणीत मोरे ने कहा, “जोक भी मारते हैं कि इसके दिमाग में कुछ नहीं है।” बातचीत के दौरान सेजल ने आगे कहा, “जो भी हो… साइज वगैरह।” यह सुनकर प्रणीत मोरे ने हैरानी जताते हुए पूछा, “क्या? आप लोग इन सब बातों पर भी चर्चा करते हैं?” सोशल मीडिया पर बयान को लेकर नाराजगी X पर कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि इस वीडियो पर रिएक्शन उतना ज्यादा क्यों नहीं दिख रहा, जितना हिमांशु जांगड़ा के बयान पर देखने को मिला था। एक यूजर ने लिखा कि यदि किसी पुरुष डॉक्टर ने मृत महिला के शरीर को लेकर ऐसा मजाक किया होता तो उसकी कड़ी आलोचना होती। कुछ लोगों ने मेडिकल एथिक्स और बॉडी डोनेशन को लेकर भी चिंता जताई। एक पोस्ट में कहा गया कि परिवार अपने प्रियजनों की बॉडी मेडिकल एजुकेशन के लिए दान करते हैं और ऐसे मामलों का मजाक उड़ाना उस भरोसे का अपमान है। सेजल का अकाउंट प्राइवेट हुआ विवाद बढ़ने के साथ सेजल पवार का इंस्टाग्राम अकाउंट प्राइवेट हो गया है। उनके 2 लाख 44 हजार फॉलोअर्स हैं। वहीं, प्रणीत मोरे पहले से ही बिरयानी विवाद को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर विरोध के बाद उन्होंने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट या डीएक्टिवेट कर दिया है। वहीं, बिरयानी वाले कमेंट करने वाले हिमांशु जांगड़ा को नौकरी से निकाल दिया गया। यह खबर भी पढ़ें… ‘बिरयानी के 370 वसूलूंगा’ कहने वाले शख्स की नौकरी गई:कंपनी ने लिया एक्शन, विवाद के बीच प्रणित मोरे ने डिलीट किया इंस्टाग्राम अकाउंट 22 साल के वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा को गुरुग्राम स्थित कंपनी स्टारविक डिजाइन से नौकरी से निकाल दिया गया। यह कार्रवाई एक वायरल वीडियो में महिलाओं को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर हुए विरोध के बाद की गई। वहीं, विवाद के बीच प्रणित मोरे ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट या डीएक्टिवेट कर दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
NTA Meets Panel, Suggests Learning From China-US Exam Systems

Hindi News National NEET Exam: NTA Meets Panel, Suggests Learning From China US Exam Systems नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत में चीन की प्रवक्ता यू जिंग ने गाओकाओ से जुड़ा एक वीडियो X पर शेयर किया है। NEET UG पेपर लीक मामले के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बुधवार को संसदीय समिति से मुलाकात की। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। बैठक में NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह और नेशनल मेडिकल काउंसिल अध्यक्ष अभिजात शेठ शामिल हुए। समिति के सदस्यों ने सुझाव दिया कि हमें अमेरिका और चीन जैसे देशों से सीखना चाहिए। वहां बिना किसी शिकायत के परीक्षाएं होती हैं। विदेशों में अपनाए जाने वाले अच्छे तरीकों से सीखें और ऐसे सिस्टम अपनाएं ताकि देश में परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित और पुख्ता हो। इधर, भारत में चीन की प्रवक्ता यू जिंग ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने गाओकाओ को दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा बताया। साथ ही लिखा- यह भारत के JEE-NEET का संयुक्त रूप है। 2 दिन में 1.3 करोड़ छात्रों ने हिस्सा लिया। इनके लिए कारखानों ने काम रोका। सड़कें सूनी रहीं। पूरा देश छात्रों के लिए एकजुट हो गया। भारत में NEET में आमतौर पर 20 लाख से ज्यादा और JEE में करीब 15 लाख उम्मीदवार बैठते हैं। 2026 में हुआ 3 मई को हुआ अंडरग्रेजुएट मेडिकल एडमिशन एग्जाम पेपर लीक के आरोपों के कारण 12 मई को रद्द कर दिया गया था। 21 जून को इसे दोबारा करवाया जा रहा है। चीनी प्रवक्ता का X पोस्ट… तीसरी संसदीय समिति के सामने पेश हुए NTA-NMC के अधिकारी NEET-UG पेपर विवाद के बाद यह तीसरी संसदीय समिति थी जिसके सामने दोनों मंत्रालयों, NTA और NMC के अधिकारी पेश हुए थे। इससे पहले वे शिक्षा और सरकारी आश्वासनों से जुड़ी संसदीय समितियों के सामने पेश हो चुके थे। इन समितियों को बताया गया था कि अभी उनका पूरा ध्यान 21 जून को होने वाली NEET की दोबारा परीक्षा पेन-पेपर फॉर्मेट में कराने पर है। इधर, संसदीय समिति ने हालिया विवाद के बाद एनटीए का मनोबल बढ़ाने की बात भी कही। उन्होंने छात्रों का तनाव कम करने और एनटीए-एनएमसी के बीच तालमेल पर जोर दिया ताकि सीटें खाली न रहें। सदस्यों ने छात्रों के बीच आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने सरकार से उन छात्रों के परिवारों की मदद करने को भी कहा जिन्होंने आत्महत्या की थी। साल में 2-3 बार करवाया जाए एग्जाम भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG फिलहाल साल में एक बार एक ही सेशन में होती है। संसदीमय समिति के सदस्यों ने साल में 2-3 बार NEET-UG करवाने का सुझाव भी दिया ताकि छात्रों को परीक्षा पास करने के कई मौके मिलें। वे ऐसी वजहों से परेशान न हों जो उनके नियंत्रण से बाहर हों। साल में कई बार NEET आयोजित करने की मांग भी बार-बार उठाई जाती रही है। जुलाई 2018 में, तत्कालीन केंद्रीय HRD मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने घोषणा की थी कि NTA साल में दो बार JEE Main और NEET-UG आयोजित करेगा। हालाँकि, इसे कभी लागू नहीं किया गया। हालांकि, 2023 में नेशनल मेडिकल कमीशन ने कहा था कि साल में दो बार NEET-UG आयोजित करना व्यावहारिक नहीं होगा क्योंकि सभी MBBS सीटें एक ही काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए भरी जाती हैं। NEET पेपर लीक में अब तक 13 गिरफ्तार, 21 जून को परीक्षा NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 सेंटर्स में हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया। 15 मई को शिक्षा मंत्रालय और NTA ने NEET री-एग्जाम की तारीख 21 मई को होने का ऐलान किया। इस मामले की जांच CBI कर रही है। अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी। इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में दाखिला मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। भी देश में लगभग 1 लाख से अधिक MBBS और 27000 से अधिक BDS सीटें हैं। ————————— ये खबर भी पढ़ें… NEET पेपर लीक करवाने वाले 5 आरोपियों के घर पहुंचा भास्कर: कोई बेटे को टॉपर बनाना चाहता था था, कोई 2BHK फ्लैट में रह रहा 3 मई को NEET एग्जाम हुआ। अगले दिन पेपर लीक की बात सामने आने लगी। हालांकि, एग्जाम कराने वाली एजेंसी NTA दावा कर रही है कि पेपर लीक हुआ ही नहीं। 8 मई को जांच CBI को सौंपी गई।12 मई को एग्जाम रद्द कर दिया गया। इस मामले में 13 लोग गिरफ्तार किए गए। 9 महाराष्ट्र के हैं। दैनिक भास्कर की टीम इनमें से 5 प्रमुख किरदारों के घर और संस्थानों तक पहुंची। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
NTA Meets Panel, Suggests Learning From China-US Exam Systems

Hindi News National NEET Exam: NTA Meets Panel, Suggests Learning From China US Exam Systems नई दिल्ली26 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत में चीन की प्रवक्ता यू जिंग ने गाओकाओ से जुड़ा एक वीडियो X पर शेयर किया है। NEET UG पेपर लीक मामले के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बुधवार को संसदीय समिति से मुलाकात की। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। बैठक में NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह और नेशनल मेडिकल काउंसिल अध्यक्ष अभिजात शेठ शामिल हुए। समिति के सदस्यों ने सुझाव दिया कि हमें अमेरिका और चीन जैसे देशों से सीखना चाहिए। वहां बिना किसी शिकायत के परीक्षाएं होती हैं। विदेशों में अपनाए जाने वाले अच्छे तरीकों से सीखें और ऐसे सिस्टम अपनाएं ताकि देश में परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित और पुख्ता हो। इधर, भारत में चीन की प्रवक्ता यू जिंग ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने गाओकाओ को दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा बताया। साथ ही लिखा- यह भारत के JEE-NEET का संयुक्त रूप है। 2 दिन में 1.3 करोड़ छात्रों ने हिस्सा लिया। इनके लिए कारखानों ने काम रोका। सड़कें सूनी रहीं। पूरा देश छात्रों के लिए एकजुट हो गया। भारत में NEET में आमतौर पर 20 लाख से ज्यादा और JEE में करीब 15 लाख उम्मीदवार बैठते हैं। 2026 में हुआ 3 मई को हुआ अंडरग्रेजुएट मेडिकल एडमिशन एग्जाम पेपर लीक के आरोपों के कारण 12 मई को रद्द कर दिया गया था। 21 जून को इसे दोबारा करवाया जा रहा है। चीनी प्रवक्ता का X पोस्ट… तीसरी संसदीय समिति के सामने पेश हुए NTA-NMC के अधिकारी NEET-UG पेपर विवाद के बाद यह तीसरी संसदीय समिति थी जिसके सामने दोनों मंत्रालयों, NTA और NMC के अधिकारी पेश हुए थे। इससे पहले वे शिक्षा और सरकारी आश्वासनों से जुड़ी संसदीय समितियों के सामने पेश हो चुके थे। इन समितियों को बताया गया था कि अभी उनका पूरा ध्यान 21 जून को होने वाली NEET की दोबारा परीक्षा पेन-पेपर फॉर्मेट में कराने पर है। इधर, संसदीय समिति ने हालिया विवाद के बाद एनटीए का मनोबल बढ़ाने की बात भी कही। उन्होंने छात्रों का तनाव कम करने और एनटीए-एनएमसी के बीच तालमेल पर जोर दिया ताकि सीटें खाली न रहें। सदस्यों ने छात्रों के बीच आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने सरकार से उन छात्रों के परिवारों की मदद करने को भी कहा जिन्होंने आत्महत्या की थी। साल में 2-3 बार करवाया जाए एग्जाम भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG फिलहाल साल में एक बार एक ही सेशन में होती है। संसदीमय समिति के सदस्यों ने साल में 2-3 बार NEET-UG करवाने का सुझाव भी दिया ताकि छात्रों को परीक्षा पास करने के कई मौके मिलें। वे ऐसी वजहों से परेशान न हों जो उनके नियंत्रण से बाहर हों। साल में कई बार NEET आयोजित करने की मांग भी बार-बार उठाई जाती रही है। जुलाई 2018 में, तत्कालीन केंद्रीय HRD मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने घोषणा की थी कि NTA साल में दो बार JEE Main और NEET-UG आयोजित करेगा। हालाँकि, इसे कभी लागू नहीं किया गया। हालांकि, 2023 में नेशनल मेडिकल कमीशन ने कहा था कि साल में दो बार NEET-UG आयोजित करना व्यावहारिक नहीं होगा क्योंकि सभी MBBS सीटें एक ही काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए भरी जाती हैं। NEET पेपर लीक में अब तक 13 गिरफ्तार, 21 जून को परीक्षा NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 सेंटर्स में हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया। 15 मई को शिक्षा मंत्रालय और NTA ने NEET री-एग्जाम की तारीख 21 मई को होने का ऐलान किया। इस मामले की जांच CBI कर रही है। अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी। इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में दाखिला मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। भी देश में लगभग 1 लाख से अधिक MBBS और 27000 से अधिक BDS सीटें हैं। ————————— ये खबर भी पढ़ें… NEET पेपर लीक करवाने वाले 5 आरोपियों के घर पहुंचा भास्कर: कोई बेटे को टॉपर बनाना चाहता था था, कोई 2BHK फ्लैट में रह रहा 3 मई को NEET एग्जाम हुआ। अगले दिन पेपर लीक की बात सामने आने लगी। हालांकि, एग्जाम कराने वाली एजेंसी NTA दावा कर रही है कि पेपर लीक हुआ ही नहीं। 8 मई को जांच CBI को सौंपी गई।12 मई को एग्जाम रद्द कर दिया गया। इस मामले में 13 लोग गिरफ्तार किए गए। 9 महाराष्ट्र के हैं। दैनिक भास्कर की टीम इनमें से 5 प्रमुख किरदारों के घर और संस्थानों तक पहुंची। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा नामांकन अस्वीकृति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:11 जून, 2026, 09:20 IST एक लंबित मामले का खुलासा न करने के आरोप में मध्य प्रदेश से राज्यसभा नामांकन खारिज होने के बाद मीनाक्षी नटराजन ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। रिटर्निंग ऑफिसर ने माना कि हलफनामा अधूरा था और उसकी उम्मीदवारी खारिज कर दी। राज्यसभा चुनाव विवाद: कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए उनके नामांकन की अस्वीकृति को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जहां 18 जून को तीन सीटों के लिए मतदान होना है। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, उम्मीद है कि कांग्रेस गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की अवकाश पीठ के समक्ष तत्काल सुनवाई की मांग करेगी, जिसमें तर्क दिया जाएगा कि नटराजन के नामांकन की अस्वीकृति गैरकानूनी थी। उनकी उम्मीदवारी क्यों खारिज कर दी गई? राज्यसभा उम्मीदवार महेश केवट और राज्य भाजपा महासचिव राहुल कोठारी सहित भाजपा नेताओं द्वारा उठाई गई आपत्तियों के बाद रिटर्निंग ऑफिसर और मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रधान सचिव अरविंद शर्मा ने नटराजन की उम्मीदवारी 9 जून को खारिज कर दी थी। भाजपा ने आरोप लगाया कि नटराजन अपने नामांकन पत्र के साथ जमा किए गए हलफनामे में हैदराबाद की एक अदालत के समक्ष लंबित मामले का विवरण देने में विफल रहीं। रिटर्निंग ऑफिसर के आदेश के अनुसार, नटराजन ने अक्टूबर 2025 में हैदराबाद की एक अदालत द्वारा जारी नोटिस का जवाब दिया था, लेकिन अपने नामांकन के साथ दाखिल फॉर्म 26 में इस मामले का उल्लेख नहीं किया था। रिटर्निंग ऑफिसर ने माना कि हलफनामा अधूरा था और उसकी उम्मीदवारी खारिज कर दी। कांग्रेस ने क्या कहा? कांग्रेस नेताओं ने फैसले का विरोध करते हुए कहा कि नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है क्योंकि किसी भी अदालत ने भाजपा द्वारा उद्धृत निजी शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया है। कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को चुनाव आयोग (ईसी) से संपर्क किया, अस्वीकृति को चुनौती दी और चुनाव आयोग से फैसले को तुरंत उलटने का आग्रह किया, जिसे उन्होंने “पूरी तरह से घृणित, स्पष्ट, स्पष्ट रूप से गैरकानूनी” कहा। वरिष्ठ नेताओं केसी वेणुगोपाल, रणदीप सुरजेवाला, जयराम रमेश, दीपा दासमुंशी, विवेक तन्खा, अभिषेक मनु सिंघवी और मीनाक्षी नटराजन के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की और तर्क दिया कि रिटर्निंग अधिकारी का निर्णय कानूनी रूप से अस्थिर आधार पर आधारित था। चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि अस्वीकृति एक गलत धारणा से उत्पन्न हुई है। सिंघवी ने कहा, “अस्वीकृति का आधार यह गलत धारणा थी कि उनके खिलाफ कुछ आपराधिक मामला लंबित है, जिसका उन्होंने अपने फॉर्म में खुलासा नहीं किया। विडंबना यह है कि वास्तव में कानून में कोई आपराधिक मामला मौजूद नहीं है, यानी स्थापित है, जिसका वह खुलासा कर सकती थीं।” हालाँकि, भाजपा ने तर्क दिया कि चुनावी खुलासे पर सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार उम्मीदवारों को सभी लंबित आपराधिक मामलों की घोषणा करने की आवश्यकता है और नटराजन की चूक ने उन मानदंडों का उल्लंघन किया है। अस्वीकृति ने कांग्रेस को मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों में से एक के लिए लड़ाई से बाहर कर दिया है। मंदसौर से पूर्व लोकसभा सांसद नटराजन वर्तमान में कांग्रेस के तेलंगाना प्रभारी हैं। यह विवाद तेलंगाना में 2022 के एक मामले से जुड़ा है जो एक निजी शिकायत से जुड़ा है। कांग्रेस ने कहा है कि नटराजन को न तो किसी एफआईआर में आरोपी के रूप में नामित किया गया था और न ही वह किसी आपराधिक कार्यवाही का सामना कर रही थीं, और इसलिए उनके चुनावी हलफनामे में इस मामले का खुलासा करने की कोई कानूनी बाध्यता नहीं थी। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शोभित गुप्ता शोभित गुप्ता News18.com में उप-संपादक हैं और भारत और अंतर्राष्ट्रीय समाचारों को कवर करते हैं। वह भारत के रोजमर्रा के राजनीतिक मामलों और भू-राजनीति में रुचि रखते हैं। उन्होंने बीए पत्रकारिता (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा नामांकन खारिज होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)मीनाक्षी नटराजन राज्यसभा नामांकन(टी)राज्यसभा चुनाव विवाद(टी)मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव(टी)नामांकन अस्वीकृति सुप्रीम कोर्ट(टी)कांग्रेस बनाम बीजेपी विवाद(टी)चुनावी हलफनामे का खुलासा(टी)रिटर्निंग अधिकारी का निर्णय(टी)लंबित आपराधिक मामले के आरोप
एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी जीरो हुई:अब 22% से 30% मिश्रण पर नहीं लगेगा टैक्स, सरकार की क्रूड इम्पोर्ट घटाने की तैयारी

केंद्र सरकार ने E20 (20% एथेनॉल ब्लेंडिंग) से अधिक स्तर के एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल पर भी एक्साइज ड्यूटी जीरो कर दी है। सरकारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 22% से लेकर 30% एथेनॉल मिक्स वाले पेट्रोल पर कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी। केंद्र सरकार ने देश में क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) के इम्पोर्ट को कम करने और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। आइए आसान सवाल-जवाब में समझते हैं कि सरकार के इस फैसले का मतलब क्या है और इससे आम आदमी और देश को क्या फायदा होगा। सवाल 1: सरकार ने एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को लेकर क्या नया नोटिफिकेशन जारी किया है? जवाब: भारत सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर पेट्रोल में हाई लेवल एथेनॉल ब्लेंडिंग (मिश्रण) को एक्साइज ड्यूटी से मुक्त कर दिया है। इसके तहत जिस पेट्रोल में 22% से लेकर 30% तक एथेनॉल मिला होगा, उस पर कोई केंद्रीय उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) नहीं लगाया जाएगा। इस टैक्स छूट के दायरे में पेट्रोल के चार नए वेरिएंट्स— E22, E25, E27 और E30 शामिल होंगे। यह पहली बार है जब सरकार ने E20 से ऊपर के ब्लेंड्स के लिए इतने बड़े फाइनेंशियल सपोर्ट (फिस्कल इंसेंटिव) देने की घोषणा की है। सवाल 2 : क्या होता है एथेनॉल? जवाब: एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जो स्टार्च और शुगर के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में इको-फ्रैंडली फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है। एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस से होता है, लेकिन स्टार्च कॉन्टेनिंग मटेरियल्स जैसे मक्का, सड़े आलू, कसावा और सड़ी सब्जियों से भी एथेनॉल तैयार किया जा सकता है। सवाल 3: सरकार के इस फैसले के पीछे की मुख्य वजह क्या है? जवाब: भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल (करीब 87%) विदेशों से इम्पोर्ट करता है। विदेशी तेल पर देश की निर्भरता को कम करने और घरेलू स्तर पर बनने वाली प्रदूषण-मुक्त ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला लिया गया है। इस टैक्स छूट से तेल कंपनियां पेट्रोल में 20% से ज्यादा एथेनॉल मिलाने के लिए प्रेरित होंगी, जिससे देश का पैसा बाहर जाने से बचेगा। सवाल 4: क्या सरकार के पास इन नए वेरिएंट्स (E22 से E30) के लिए कोई तकनीकी ढांचा तैयार है? जवाब: हां, सरकार ने इसकी पूरी तैयारी पहले ही कर ली है। कुछ हफ्ते पहले ही भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने आधिकारिक तौर पर E22, E25, E27 और E30 पेट्रोल ब्लेंड्स के लिए फ्यूल-क्वालिटी स्टैंडर्ड्स (ईंधन की गुणवत्ता के मानक) अधिसूचित किए थे। IS 19850:2026 के तहत ये मानक 15 मई, 2026 से लागू हो चुके हैं। इनमें एथेनॉल की मात्रा, ऑक्टेन रेटिंग, सल्फर की सीमा, टेस्टिंग प्रोसेस और सेफ्टी नियमों को तय किया गया है। अब टैक्स छूट मिलने से तकनीकी और वित्तीय दोनों तरह के रास्ते साफ हो गए हैं। सवाल 5: भारत में अभी एथेनॉल ब्लेंडिंग की क्या स्थिति है, क्या हम टारगेट के करीब हैं? जवाब: भारत का एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम तय समय से काफी तेजी से आगे बढ़ा है। नेशनल पॉलिसी ऑन बायोफ्यूल्स (2018) में संशोधन करके पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने (E20) का लक्ष्य पहले 2030 रखा गया था, जिसे बाद में घटाकर एथेनॉल सप्लाई ईयर (ESY) 2025-26 कर दिया गया। सरकारी तेल कोशिकाओं ने जून 2022 में ही समय से 5 महीने पहले 10% ब्लेंडिंग का टारगेट हासिल कर लिया था। सवाल 5: गाड़ियों के इंजन और परफॉर्मेंस पर एथेनॉल के असर को लेकर क्या विवाद रहा है? जवाब: जैसे-जैसे देश भर में E20 फ्यूल मिलना शुरू हुआ, कुछ गाड़ी मालिकों ने इंजन की क्षमता, माइलेज और गाड़ियों के पुराने पार्ट्स के खराब होने को लेकर चिंता जताई थी। यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा था। हालांकि, सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने देश भर में E20 फ्यूल लागू करने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट में सरकार ने दलील दी थी कि यह बदलाव पूरी तरह से जांच-परख के बाद और गन्ना किसानों के आर्थिक फायदे को ध्यान में रखकर किया गया है। सरकार ने बिना एथेनॉल वाले (प्योर) पेट्रोल की समानांतर सप्लाई जारी रखने की मांग को भी ठुकरा दिया था। सवाल 7: क्या एथेनॉल मिक्स होने से गाड़ियों का माइलेज कम हो जाता है? ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का क्या कहना है? जवाब: इस पर ऑटोमोबाइल निर्माताओं की संस्था ‘सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स’ (SIAM) ने स्थिति साफ की थी। SIAM के मुताबिक, कुछ पुरानी गाड़ियों में E20 ईंधन के इस्तेमाल से माइलेज में मामूली गिरावट आ सकती है, लेकिन इससे गाड़ी की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है। सवाल 8: आम तौर पर माना जाता है कि एथेनॉल सस्ता होता है, तो क्या ब्लेंडेड पेट्रोल की कीमत कम होगी? जवाब: सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, एथेनॉल कंपनियों से खरीदना रिफाइंड पेट्रोल के मुकाबले सस्ता नहीं पड़ रहा है। पिछले साल पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया था कि एथेनॉल की औसत खरीद लागत (वेटेड एवरेज प्रोक्योरमेंट कॉस्ट) रिफाइंड पेट्रोल की लागत से अधिक हो गई है। 31 जुलाई, 2025 तक, ट्रांसपोर्टेशन और GST मिलाकर कंपनियों को एथेनॉल की औसत खरीद लागत 71.32 रुपए प्रति लीटर पड़ रही थी। यही वजह है कि पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ने के बावजूद रिटेल प्राइस (खुदरा कीमत) को कम करना फिलहाल पेचीदा बना हुआ है।








