केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स विभाग को आम जनता की भलाई के लिए काम करने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने अफसरों से कहा कि आम लोगों को अपने काम के लिए एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर के चक्कर न कटवाएं। सीतारमण रविवार, 26 जुलाई को मुंबई के नरीमन पॉइंट बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में 13 मंजिला ‘आयकर सिंधु’ इमारत का उद्घाटन करने पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने यह बातें कही हैं। 13 मंजिला इमारत के क्लीयरेंस का उदाहरण दिया वित्त मंत्री ने उद्घाटन समारोह के दौरान अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि इंडियन रेवेन्यू सर्विस (IRS) अधिकारियों को खुद 1.13 लाख स्क्वायर फीट में बनी इस 13 मंजिला इमारत के निर्माण और अनुमतियों यानी क्लीयरेंस के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। सीतारमण ने अधिकारियों को याद दिलाया कि एक IRS अफसर के नाम के पीछे आयकर विभाग का नाम जुड़ा होता है, जो लोगों को डराने के लिए एक शक्तिशाली ताकत जैसा काम करता है। उन्होंने कहा कि जब इतनी पावरफुल बॉडी होने के बावजूद अफसरों को खुद अनुमतियां लेने के लिए दर-दर भटकना पड़ा, तो उन्हें समझ आना चाहिए कि एक आम नागरिक को किस तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ता होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि क्या यह अनुभव आपको उस आम नागरिक की स्थिति समझने के लिए प्रेरित कर सकता है जो आपके पास आता है? जहां आपके अधिकार की जरूरत है, वहां उन्हें दर-दर मत भटकाइए; उनके लिए काम कीजिए। सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे पर नाराजगी जताई वित्त मंत्री ने सरकारी विभागों के ढीले रवैये पर सार्वजनिक रूप से गहरी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विभागों के ढीलेपन की वजह से ही सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण होते हैं। सीतारमण ने बताया कि नरीमन पॉइंट स्थित जिस जमीन पर ‘आयकर सिंधु’ इमारत बनाई गई है, वह जमीन आयकर विभाग के पास साल 1973 से मौजूद थी। इसके बावजूद इतने सालों में उस जमीन पर अवैध कब्जे हो गए। उन्होंने कहा कि हमारी संपत्ति का ध्यान रखना किसी की जिम्मेदारी थी, लेकिन जब अतिक्रमण हो जाता है तो हम बस यही कहते हैं कि हमारे पास जमीन तो है पर हम बना नहीं पा रहे हैं। यह दिखाता है कि हमारे सिस्टम में कितनी ढिलाई है। मुंबई में अधिकारियों के आवास और लंबी दूरी का मुद्दा वित्त मंत्री ने मुंबई और नवी मुंबई क्षेत्रों में अधिकारियों के सरकारी आवास में न रहने और दफ्तर पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करने की समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने संकेत दिया कि लगभग आधे अधिकारियों को सरकारी आवास की सुविधा नहीं मिल पाती है। सीतारमण ने वादा किया कि वे इस मुद्दे को देखेंगी और इसके लिए सरकार-से-सरकार जमीन ट्रांसफर को प्राथमिकता देंगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे जमीनों के इंस्टेंट ट्रांसफर की प्रोसेस को आसान बनाएंगी। CPWD और BSNL की जमीन को लेकर निर्देश दिए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि जमीन ट्रांसफर में मदद के बाद निर्माण से जुड़े काम अधिकारियों को खुद समय पर पूरे करने होंगे। इसमें CPWD (सेंट्रल पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट) से निपटना, अनुमतियां लेना, बिल्डिंग बनाना और कॉन्ट्रैक्ट व टेंडर आवंटित करना जैसे काम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी कामों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि 21वीं सदी के उत्तरार्ध में अलग-अलग बिखरे ऑफिस स्पेस और महंगे किराए के मकानों में न रहना पड़े। सीतारमण ने खासतौर पर सरकारी दूरसंचार कंपनी BSNL का जिक्र किया और अधिकारियों से कहा कि वे BSNL की जमीनों को प्राप्त करने की कोशिश करें। इसके लिए वे खुद संबंधित केंद्रीय मंत्री से बात करेंगी। अफसरों को दी ‘इंटीग्रिटी’ बनाए रखने की सलाह वित्त मंत्री ने कहा कि वे अधिकारियों से नियमों को तोड़ने या आम नागरिकों के लिए कुछ आउट-ऑफ-वे करने को नहीं कह रही हैं। हालांकि, उन्होंने दुख जताया कि इस देश में लोगों को अपने जायज हक और दावों को पाने के लिए भी बहुत मेहनत करनी पड़ती है। देश के लिए टैक्स कलेक्शन जैसे महत्वपूर्ण काम में ईमानदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए सीतारमण ने कहा कि इंटीग्रिटी यानी निष्ठा और ईमानदारी ही एकमात्र सिद्धांत है जिसकी मैं आप में से हर एक को सलाह दूंगी। ये खबर भी पढ़ें… टॉप-10 में 9 कंपनियों का मार्केट-कैप ₹2.74 लाख करोड़ घटा: HDFC बैंक टॉप लूजर रहा, वैल्यू ₹1.18 लाख करोड़ घटी; HUL की वैल्यू बढ़ी शेयर बाजार में गिरावट के रुख के बीच पिछले हफ्ते देश की टॉप-10 में से 9 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन में टोटल ₹2.74 लाख करोड़ से ज्यादा की गिरावट रही। इस गिरावट में HDFC बैंक को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 2,091.68 अंक (2.67%) गिरा, जबकि निफ्टी में 566.85 अंक (2.32%) की गिरावट आई। टॉप-10 की लिस्ट में से केवल हिंदुस्तान यूनिलीवर ही ऐसी कंपनी रही, जिसकी वैल्यूएशन बीते हफ्ते बढ़ी है। पूरी खबर पढ़ें….
















































