CBSE Portal Flaws Found by Teen

7 मिनट पहले कॉपी लिंक CBSE के पोर्टल में सुरक्षा से संबंधित खामियां ढूंढने वाले निसर्ग अधिकारी को IIT कानपुर ने नौकरी दी है। निसर्ग की उम्र 19 साल है जिन्होंने इसी साल 12वीं की परीक्षा पास की है। निसर्ग ने एक ब्लॉग पोस्ट लिखकर CBSE पोर्टल की सुरक्षा कमजोरी को उजागर किया था। फिलहाल IIT कानपुर ने उन्हें ओपन सोर्स इंटेलिजेंस और थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर के रूप में नियुक्त किया है। 📢19-Year-Old Ethical Hacker Nisarga Adhikary Joins IIT Kanpur After Exposing CBSE Portal Vulnerabilities🔰He has now joined IIT Kanpur’s C3i cybersecurity hub as an OSINT & Threat Intelligence Engineer. pic.twitter.com/1eUyPxpy7X— Plus Point | India (@PlusPointIndia) June 11, 2026 IIT कानपुर में ये रहेगा निसर्ग का काम निसर्ग IIT कानपुर में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सोर्सेज से काम की जानकारी का एनालिसिस करेंगे। वे वेबसाइट्स व एप्लिकेशन में कमियों का पता लगाएंगे। CBSE पोर्टल हैक करने के मामले में IIT कानपुर की टीम ने निसर्ग को बुलाया था ताकि वे IIT एक्सपर्ट्स की टीम के साथ मिलकर अपने IT सिस्मट में सिक्योरिटी ब्रीच का पता लगा सकें। IIT एक्सपर्ट्स निसर्ग की स्किल्स के मुरीद हो गए। उन्होंने काफी तारीफ की। साइबर सिक्योरिटी को लेकर फोकस्ड हैं निसर्ग एक्सपर्ट टीम के एक सदस्य ने कहा था कि निसर्ग ने कई अहम कमियों का पता लगाया है। टीम ने मैसेज पर बातचीत के जरिए पाया कि वह साइबर सिक्योरिटी को लेकर बहुत फोकस्ड है। इसके बाद उसे सिस्मट ठीक करने में मदद करने के लिए बुलाया गया था। IIT कानपुर के डायरेक्टर मनिंद्र अग्रवाल ने कहा, ‘निसर्ग अधिकारी को हमारी साइबर सिक्योरिटी टीम में इंजीनियर के तौर पर नियुक्त किया गया है। कुछ साल पहले हमने इसी टीम के लिए कुछ युवा इंजीनियरों को भी भर्ती किया था। मुझे पक्का नहीं पता कि वह IIT कानपुर में सबसे कम उम्र के कर्मचारी हैं या नहीं, लेकिन वह निश्चित रूप से संस्थान द्वारा हायर किए गए सबसे कम उम्र के इंजीनियरों में से एक हैं।’ बड़े स्टार्टअप्स के साथ काम का अनुभव 12वीं पास करने से पहले ही निसर्ग ने कई स्टार्टअप्स के साथ काम किया है। अलग-अलग ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स में पार्टिसिपेट किया है और फाउंडिंग इंजीनियर के रूप में अपनी पहचान बनाई है। इसके अलावा निसर्ग को वेंचर कैपिटल द्वारा फंडेड बड़े स्टार्टअप्स के साथ भी काम करने का अनुभव है। कॉन्ट्रैक्ट पर करेंगे काम निसर्ग ने कहा कि उन्हें पढ़ाई से ज्यादा रुचि तकनीक और उत्पाद बनाने में है। वे IIT की साइबर सुरक्षा टीम में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करेंगे। इस साल 12वीं बोर्ड के बाद चमके ये दो और नाम सार्थक सिद्धांत रांची के 17 साल के सार्थक सिद्धांत टेक रिसर्चर हैं। उन्होंने भी 12वीं की परीक्षा दी थी। उन्होंने एक आम छात्र से आगे बढ़कर एक खोजी पत्रकार/डेटा साइंटिस्ट की तरह काम किया। CBSE की तरफ से जारी पिछले 576 दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन और तुलना कर टेंडर में गड़बड़ी का खुलासा किया। वेदांत श्रीवास्तव दिल्ली के वेदांत श्रीवास्तव ने भी 12वीं की परीक्षा दी थी। फिजिक्स में 65 नंबर मिले तो उन्होंने आवाज उठाई। रीवैल्युएशन में कॉपी मिली तो गड़बड़ी का पता चला। पहले उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। ट्रोलर्स ने उन्हें देशद्रोही तक कहा, बाद में बोर्ड ने गलती मानी और माफी मांगी। ————————– ये खबर भी पढ़ें… स्कूल-कॉलेजों के समय नहीं होगी कोचिंग की अनुमति: सीएम सम्राट चौधरी की घोषणा, बिहार में कोचिंग बिल लाने की तैयारी बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को अधिक अनुशासित बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) के जरिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग को कोचिंग संस्थानों के संचालन के संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
अनिल कपूर बोले- इनकी डिग्री का क्या आचार डालूं:नए रियलिटी शो के प्रोमो में कहा- यहां रट्टू तोतों की नहीं चलेगी

अनिल कपूर ने ‘बिग बॉस OTT 3’ होस्ट करने के बाद अब एक नए रियलिटी शो ‘इंडिया के टॉप 1%’ का ऐलान किया है। मेकर्स ने हाल ही में इसका प्रोमो जारी किया है, जिसमें अनिल कपूर अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं। प्रोमो में अनिल कपूर एक मीटिंग से बाहर निकलते हैं और टाई ढीली करते हुए कहते हैं, “किसी भी मीटिंग से निकलो तो दिमाग का शॉट हो जाता है। कोई हार्वर्ड से, कोई हावड़ा से है। इनकी डिग्री का क्या आचार डालूं? सिंपल सा सवाल पूछो तो रट्टू तोते की तरह किताब में घुस जाते हैं।” इसके बाद अनिल कपूर एक व्यक्ति को उनका वीडियो रिकॉर्ड करते हुए देखते हैं और उस पर नाराज होते हैं। फिर वह कहते हैं कि ऐसा शो बनाया जाएगा जहां सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि दिमाग चलेगा और कोई भी योग्य व्यक्ति भारत के टॉप 1% में शामिल हो सकता है। कहां देखा जा सकेगा शो ‘इंडिया के टॉप 1%’ का प्रीमियर स्टार प्लस और जियो हॉटस्टार पर किया जाएगा। हालांकि, शो की रिलीज डेट का अभी ऐलान नहीं किया गया है। प्रोमो के लास्ट में अनिल कपूर अपने गाने ‘माई नेम इज लखन’ पर डांस करते नजर आते हैं। इस दौरान एक व्यक्ति उनसे कहता है, “सर, आधार कार्ड में तो अनिल कपूर नाम है।” इस पर अनिल कपूर जवाब देते हैं, “ज्यादा फ्री मत बन, कल मुझसे मिल।” अनिल कपूर फिल्म ‘अल्फा’ में नजर आएंगे वर्कफ्रंट की बात करें तो अनिल कपूर जल्द YRF स्पाई यूनिवर्स की सातवीं फिल्म ‘अल्फा’ में एक अहम भूमिका निभाते हुए नजर आएंगे। यह फिल्म 3 जुलाई 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। वहीं, एक्टर फिल्म शाहरुख खान की ‘किंग’ में भी दिखाई देंगे। वहीं, अनिल कपूर आखिरी बार फिल्म ‘सूबेदार’ में पूर्व सैनिक अर्जुन मौर्य के रोल में नजर आए थे। फिल्म 5 मार्च को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई है। शाहरुख खान ने फिल्म ‘सूबेदार’ की तारीफ करते हुए उन्होंने अनिल कपूर के अभिनय को शानदार बताया था। एक्टर ने X पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा था, “सूबेदार पूरी तरह से एंजॉय की। पर हमेशा भरोसा किया जा सकता है कि वे हर रोल में अपना पूरा दम लगा देते हैं। उनका शांत लेकिन प्रभावी अभिनय प्रेरणादायक है और एक्शन भी बहुत शानदार है। आदित्य रावल, सौरभ शुक्ला, मोना सिंह, फैजल मलिक, राधिका मदान, हर किरदार को अलग-अलग स्टाइल में बनाया गया है और आप सभी ने शानदार काम किया है। सुरेश त्रिवेणी और पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई और ढेर सारा प्यार।”
अनिल कपूर बोले- इनकी डिग्री का क्या आचार डालूं:नए रियलिटी शो के प्रोमो में कहा- यहां रट्टू तोतों की नहीं चलेगी

अनिल कपूर ने ‘बिग बॉस OTT 3’ होस्ट करने के बाद अब एक नए रियलिटी शो ‘इंडिया के टॉप 1%’ का ऐलान किया है। मेकर्स ने हाल ही में इसका प्रोमो जारी किया है, जिसमें अनिल कपूर अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं। प्रोमो में अनिल कपूर एक मीटिंग से बाहर निकलते हैं और टाई ढीली करते हुए कहते हैं, “किसी भी मीटिंग से निकलो तो दिमाग का शॉट हो जाता है। कोई हार्वर्ड से, कोई हावड़ा से है। इनकी डिग्री का क्या आचार डालूं? सिंपल सा सवाल पूछो तो रट्टू तोते की तरह किताब में घुस जाते हैं।” इसके बाद अनिल कपूर एक व्यक्ति को उनका वीडियो रिकॉर्ड करते हुए देखते हैं और उस पर नाराज होते हैं। फिर वह कहते हैं कि ऐसा शो बनाया जाएगा जहां सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि दिमाग चलेगा और कोई भी योग्य व्यक्ति भारत के टॉप 1% में शामिल हो सकता है। कहां देखा जा सकेगा शो ‘इंडिया के टॉप 1%’ का प्रीमियर स्टार प्लस और जियो हॉटस्टार पर किया जाएगा। हालांकि, शो की रिलीज डेट का अभी ऐलान नहीं किया गया है। प्रोमो के लास्ट में अनिल कपूर अपने गाने ‘माई नेम इज लखन’ पर डांस करते नजर आते हैं। इस दौरान एक व्यक्ति उनसे कहता है, “सर, आधार कार्ड में तो अनिल कपूर नाम है।” इस पर अनिल कपूर जवाब देते हैं, “ज्यादा फ्री मत बन, कल मुझसे मिल।” अनिल कपूर फिल्म ‘अल्फा’ में नजर आएंगे वर्कफ्रंट की बात करें तो अनिल कपूर जल्द YRF स्पाई यूनिवर्स की सातवीं फिल्म ‘अल्फा’ में एक अहम भूमिका निभाते हुए नजर आएंगे। यह फिल्म 3 जुलाई 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। वहीं, एक्टर फिल्म शाहरुख खान की ‘किंग’ में भी दिखाई देंगे। वहीं, अनिल कपूर आखिरी बार फिल्म ‘सूबेदार’ में पूर्व सैनिक अर्जुन मौर्य के रोल में नजर आए थे। फिल्म 5 मार्च को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई है। शाहरुख खान ने फिल्म ‘सूबेदार’ की तारीफ करते हुए उन्होंने अनिल कपूर के अभिनय को शानदार बताया था। एक्टर ने X पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा था, “सूबेदार पूरी तरह से एंजॉय की। पर हमेशा भरोसा किया जा सकता है कि वे हर रोल में अपना पूरा दम लगा देते हैं। उनका शांत लेकिन प्रभावी अभिनय प्रेरणादायक है और एक्शन भी बहुत शानदार है। आदित्य रावल, सौरभ शुक्ला, मोना सिंह, फैजल मलिक, राधिका मदान, हर किरदार को अलग-अलग स्टाइल में बनाया गया है और आप सभी ने शानदार काम किया है। सुरेश त्रिवेणी और पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई और ढेर सारा प्यार।”
इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही:चांदी की कीमत ₹14326 कम होकर ₹2.43 लाख किलो हुई, सोना ₹6438 सस्ता हुआ

सोने-चांदी के दाम में इस हफ्ते गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 6,438 रुपए गिरकर 1.48 लाख रुपए हो गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 6 जून को 1.54 लाख रुपए पर था। वहीं, चांदी 2.57 लाख रुपए किलो से गिरकर 2.43 लाख रुपए पर आ गई है। यानी इसकी कीमत 14,326 रुपए कम हुई। ऑल टाइम हाई से ₹28 हजार गिरा सोना इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 28 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी की कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 135 दिन में चांदी 1.43 लाख रुपए सस्ती हो गई है। गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग के कारण निवेशक जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। वे अपने गोल्ड और सिल्वर को बेचकर ‘कैश’ इकट्ठा कर रहे हैं ताकि अनिश्चितता के समय उनके पास लिक्विड मनी रहे। प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं, इसलिए बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतें गिर गईं।
इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही:चांदी की कीमत ₹14326 कम होकर ₹2.43 लाख किलो हुई, सोना ₹6438 सस्ता हुआ

सोने-चांदी के दाम में इस हफ्ते गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 6,438 रुपए गिरकर 1.48 लाख रुपए हो गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 6 जून को 1.54 लाख रुपए पर था। वहीं, चांदी 2.57 लाख रुपए किलो से गिरकर 2.43 लाख रुपए पर आ गई है। यानी इसकी कीमत 14,326 रुपए कम हुई। ऑल टाइम हाई से ₹28 हजार गिरा सोना इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 28 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी की कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 135 दिन में चांदी 1.43 लाख रुपए सस्ती हो गई है। गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग के कारण निवेशक जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। वे अपने गोल्ड और सिल्वर को बेचकर ‘कैश’ इकट्ठा कर रहे हैं ताकि अनिश्चितता के समय उनके पास लिक्विड मनी रहे। प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं, इसलिए बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतें गिर गईं।
Bangladesh Cricketer Nayeem Hasan Assault Controversy; BCB

चटगांव3 मिनट पहले कॉपी लिंक नईम हसन को जिम्बाब्वे दौरे के लिए बांग्लादेश की टेस्ट टीम में चुना गया है। यह दौरा 28 जून से शुरू होगा। बांग्लादेश टेस्ट टीम के स्पिनर नईम हसन ने चटगांव पुलिस पर मारपीट और गाली देने के आरोप लगाए हैं। नईम का दावा है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें गला पकड़कर गाड़ी में बैठाया और फिर पीटा। 26 साल के क्रिकेटर ने कहा- मैंने अधिकारियों को अपने नेशनल क्रिकेटर होने की बात भी बताई, लेकिन वे नहीं रुके। नईम को जिम्बाब्वे के खिलाफ इकलौटे टेस्ट के लिए बांग्लादेशी टीम में चुना गया है। नईम ढाका प्रीमियर लीग में प्राइम बैंक क्रिकेट क्लब के लिए अपना आखिरी मैच खेलने के बाद 12 जून की रात फ्लाइट से चटगांव पहुंचे थे। वे रात 11:25 बजे CNG ऑटो से घर लौट रहे थे, तब लंकन बाजार फ्लाईओवर के नीचे पुलिस ने उनका वाहन रोक लिया और मारपीट की। नईम हसन 14 टेस्ट मैच खेल चुके हैं। उनके नाम 48 विकेट हैं। नईम बोले- मुझे पीटा…गालियां भी दीं मैंने पुलिस से कहा कि जरूरत हो तो उनका बैग चेक कर लिया जाए, लेकिन इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उनका गला पकड़ लिया और जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया। नईम का आरोप है कि उन्हें पीटा गया और अपशब्द कहे गए। मैंने उन्हें बताया कि मैं नेशनल क्रिकेटर हूं और बांग्लादेश के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलता हूं, लेकिन उन्होंने मेरी बात पर ध्यान नहीं दिया। बाद में जब उन्हें फोन पर मेरे बारे में जानकारी मिली, तभी उनका रवैया बदला। डिप्टी कमिश्नर बोले- जांच कर रहे हैं, दोषियों पर कार्रवाई होगी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए चटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस के डिप्टी कमिश्नर अमीरुल इस्लाम ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि और पेशेवर आचरण से जुड़े मामलों में विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति है। BCB ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई की मांग की बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने घटना पर चिंता जताई है। बोर्ड ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। BCB ने आधिकारिक बयान में कहा- ‘कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के कुछ सदस्यों द्वारा नईम हसन के साथ किया गया कथित व्यवहार अस्वीकार्य और अनुचित है। ——————————————————— बांग्लादेश क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… बांग्लादेश ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया को वनडे सीरीज में हराया बांग्लादेश ने गुरुवार को ढाका स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हरा दिया। इसके साथ ही बांग्लादेश ने 3 मैचों की सीरीज में 2-0 से अजेय बढ़त बना ली। यह क्रिकेट इतिहास में पहली बार है, जब बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को वनडे सीरीज में हराया है। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Bangladesh Cricketer Nayeem Hasan Assault Controversy; BCB

चटगांव3 मिनट पहले कॉपी लिंक नईम हसन को जिम्बाब्वे दौरे के लिए बांग्लादेश की टेस्ट टीम में चुना गया है। यह दौरा 28 जून से शुरू होगा। बांग्लादेश टेस्ट टीम के स्पिनर नईम हसन ने चटगांव पुलिस पर मारपीट और गाली देने के आरोप लगाए हैं। नईम का दावा है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें गला पकड़कर गाड़ी में बैठाया और फिर पीटा। 26 साल के क्रिकेटर ने कहा- मैंने अधिकारियों को अपने नेशनल क्रिकेटर होने की बात भी बताई, लेकिन वे नहीं रुके। नईम ढाका प्रीमियर लीग में प्राइम बैंक क्रिकेट क्लब के लिए अपना आखिरी मैच खेलने के बाद 12 जून की रात फ्लाइट से चटगांव पहुंचे थे। वे रात 11:25 बजे CNG ऑटो से घर लौट रहे थे, तब लंकन बाजार फ्लाईओवर के नीचे पुलिस ने उनका वाहन रोक लिया और मारपीट की। नईम को जिम्बाब्वे के खिलाफ इकलौटे टेस्ट के लिए बांग्लादेशी टीम में चुना गया है। नईम बोले- मुझे पीटा…गालियां भी दीं मैंने पुलिस से कहा कि जरूरत हो तो उनका बैग चेक कर लिया जाए, लेकिन इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उनका गला पकड़ लिया और जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया। नईम का आरोप है कि उन्हें पीटा गया और अपशब्द कहे गए। मैंने उन्हें बताया कि मैं नेशनल क्रिकेटर हूं और बांग्लादेश के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलता हूं, लेकिन उन्होंने मेरी बात पर ध्यान नहीं दिया। बाद में जब उन्हें फोन पर मेरे बारे में जानकारी मिली, तभी उनका रवैया बदला। डिप्टी कमिश्नर बोले- जांच कर रहे हैं, दोषियों पर कार्रवाई होगी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए चटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस के डिप्टी कमिश्नर अमीरुल इस्लाम ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि और पेशेवर आचरण से जुड़े मामलों में विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति है। BCB ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई की मांग की बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने घटना पर चिंता जताई है। बोर्ड ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। BCB ने आधिकारिक बयान में कहा- ‘कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के कुछ सदस्यों द्वारा नईम हसन के साथ किया गया कथित व्यवहार अस्वीकार्य और अनुचित है। ——————————————————— बांग्लादेश क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… बांग्लादेश ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया को वनडे सीरीज में हराया बांग्लादेश ने गुरुवार को ढाका स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हरा दिया। इसके साथ ही बांग्लादेश ने 3 मैचों की सीरीज में 2-0 से अजेय बढ़त बना ली। यह क्रिकेट इतिहास में पहली बार है, जब बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को वनडे सीरीज में हराया है। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
PM Modi LIVE | Narendra Modi France Visit Speech Photos Update; Emmanuel Macron

Hindi News National PM Modi LIVE | Narendra Modi France Visit Speech Photos Update; Emmanuel Macron G7 Summit 2026 नई दिल्ली/पेरिस/ब्रातिस्लावा10 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएम नरेंद्र मोदी शनिवार को फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा पर रवाना हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 से 18 जून तक फ्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर रहेंगे। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी 7वीं बार फ्रांस जा रहे हैं। 13-14 जून को नीस शहर में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। साथ ही ‘इंडिया इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। 16 जून को मोदी फ्रांस वापस लौटेंगे। मोदी 17 जून को G7 समिट में हिस्सा लेंगे। समिट में वैश्विक अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, नई साझेदारियों और AI के मुद्दे पर चर्चा होगी। पीएम मोदी की कई वर्ल्ड लीडर्स समेत अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से मुलाकात हो सकती है। इसके बाद मोदी पेरिस जाएंगे। दो दिन 14 से 16 जून पीएम स्लोवाकिया में रहेंगे। यहां प्रधानमंत्री रोबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रीनी से मुलाकात करेंगे। 1993 में स्लोवाकिया के आजाद देश बनने के बाद किसी भारतीय पीएम का यहां का पहला दौरा है। पीएम मोदी पिछले साल भी कनाडा में हुए G7 समिट में शामिल हुए थे। भारत इनोवेट्स क्या है ‘भारत इनोवेट्स’ शिक्षा मंत्रालय की नया ग्लोबल इनोशिएटिव है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी 2026 में भारत-फ्रांस इनोवेशन साल के उद्घाटन के दौरान की थी। इसका उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप, IITs, IISc, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों को वैश्विक निवेशकों, कंपनियों, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संगठनों से जोड़ना है। यह कार्यक्रम 14 से 16 जून तक नीस शहर में पैलेस डेस एक्सपोजिशन्स (Palais des Expositions) में होगा। इस मेगा समिट का उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों करेंगे। G7 क्या है, इसमें कौन-कौन से देश हैं? G7 यानी ‘ग्रुप ऑफ सेवन’, दुनिया के उन 7 देशों का समूह है, जिन्हें दुनिया की ‘मॉडर्न इकोनॉमी’ वाला देश कहा जाता है। ये देश हैं- अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी। पहले इसका नाम G-8 हुआ करता था। 2014 में रूस ने पड़ोसी देश क्रीमिया पर कब्जा कर लिया तो बाकी सदस्य देशों ने रूस को ग्रुप से बाहर कर दिया। इसका नाम G7 हो गया। G7 समिट में सबसे ज्यादा 7 बार शामिल होंगे पीएम मोदी G7 समिट के लिए आमतौर पर भारतीय प्रधानमंत्रियों को बुलाया जाता रहा है। 2004 से 2014 तक पीएम रहे मनमोहन सिंह ने पांच बार G-8 समिट में हिस्सा लिया था। पीएम मोदी को पहली बार 2019 में फ्रांस के बियारिट्ज में हुई समिट में बुलाया गया था। इसके बाद 2020 में अमेरिका को मेजबानी करनी थी, लेकिन अमेरिका ने तब समिट रद्द कर दी। इस एक साल को छोड़ दें तो 2019 से 2024 तक हर साल पीएम मोदी G7 समिट में शामिल हुए। 2021 में वे वर्चुअल मीडियम से इसमें शामिल हुए। 2022 में जर्मनी, 2023 में जापान और 2024 में इटली में हुई G7 समिट में शामिल हुए। 2025 में कनाडा में हुई समिट में शामिल हुए। भारत के टॉप-2 हथियार सप्लायर्स में शामिल फ्रांस साल 2025 में फ्रेंच अखबार ला मोंड की खबर के मुताबिक फ्रांस ऐसे वक्त में भी भारत का साथ देता आया है, जब अमेरिका समेत दुनिया की तमाम बड़ी शक्तियों ने भारत का साथ छोड़ दिया था। पोखरण में परमाणु टेस्ट के बाद अमेरिका, जापान, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देशों ने भारत पर कई प्रतिबंध लगा दिए, लेकिन फ्रांस ने भारत का समर्थन किया। फ्रांस ने अमेरिकी प्रतिबंधों की अनदेखी करते हुए भारत को हथियार बेचना शुरू किया और अब वो रूस के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा रक्षा हथियार आपूर्तिकर्ता बन गया है। भारत को फ्रांस से मिराज 2000 फाइटर जेट, राफेल फाइटर जेट और स्कॉर्पीन पनडुब्बी मिल चुकी है। फ्रांस ने इंटरनेशनल फोरम पर हमेशा भारत को सपोर्ट किया सितंबर 2023 में हुई G20 समिट के दौरान PM मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को 2024 के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने का न्योता दिया था, लेकिन दिसंबर में उन्होंने भारत आने से इनकार कर दिया। ऐसे वक्त में भारत ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को गणतंत्र दिवस में शामिल होने का न्योता भेजा। उन्होंने इसे तुरंत स्वीकार भी कर लिया। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फ्रांस ने भारत का हमेशा समर्थन किया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सितंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र में भारत को सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाने की मांग की थी। इसके अलावा फ्रांस, न्यूक्लियर सप्लाई ग्रुप (NSG) में भी भारत को सदस्य बनाने का पक्षधर है। G7 समिट क्या है, इस बार इसके एजेंडे की खास बात क्या है? एक तय एजेंडे पर बातचीत के लिए हर साल G7 समिट होती है, जिसका आयोजन G7 का अध्यक्ष देश करता है। दरअसल, G7 के सभी 7 देश बारी-बारी से इसकी अध्यक्षता करते हैं। इस साल फ्रांस अध्यक्षता कर रहा है। ऐसे में G7 समिट फ्रांस के एवियां शहर में होगी। इस समिट के एजेंडे में जियोपॉलिटिक्स क्राइसेस (यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजराइल तनाव, गाजा, लेबनान और होर्मुज रूट की स्थिति, मध्य पूर्व की सुरक्षा चुनौतियां), वैश्विक आर्थिक सहयोग और असंतुलन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा G7 के सदस्य देशों के लीडर्स और ऑफिसर्स साल में कई बैठकें करते हैं, जिनमें कई समझौते होते हैं और दुनिया की बड़ी घटनाओं पर आधिकारिक बयान जारी किए जाते हैं। शुरुआत में G7 का एजेंडा आर्थिक चुनौतियों और क्लाइमेट चेंज जैसे मुद्दों का हल निकालना था। बाद में राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी इसमें शामिल हो गए। वैश्विक मुद्दों पर G7 के फैसलों का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। उदाहरण के लिए G7 ने 2002 में मलेरिया और एड्स से लड़ने के लिए ग्लोबल फंड बनाया। 1998 में वित्तीय संकट के दौरान इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देशों को आर्थिक मदद की। रूस-यूक्रेन जंग के दौरान रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने और यूक्रेन की मदद करने का फैसला किया। G20 से कैसे अलग है G7 ? G7 का कोई स्थायी कार्यालय नहीं है और इसके सदस्य देश कोई अंतरराष्ट्रीय कानून पारित नहीं कर सकते। G20 में सबसे बड़ा मुद्दा वर्ल्ड इकोनॉमी होता है, जबकि G7 के लिए राजनीतिक मुद्दे भी अहम होते हैं। 1999 में बने G20
PM Modi LIVE | Narendra Modi France Visit Speech Photos Update; Emmanuel Macron

Hindi News National PM Modi LIVE | Narendra Modi France Visit Speech Photos Update; Emmanuel Macron G7 Summit 2026 नई दिल्ली/पेरिस/ब्रातिस्लावा4 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएम नरेंद्र मोदी शनिवार को फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा पर रवाना हुए। पीएम मोदी 13 से 18 जून तक 6 दिवसीय यात्रा पर फ्रांस और स्लोवाकिया के लिए रवाना हो गए हैं। पीएम बनने के बाद मोदी की यह 7वीं फ्रांस यात्रा है। 13-14 जून को नीस शहर में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। साथ ही ‘इंडिया इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद स्लोवाकिया रवाना हो जाएंगे। यहां वे 15 जून तक रहेंगे। 16 जून को पेरिस लौट आएंगे। मोदी 17 जून को G7 समिट में हिस्सा लेंगे। समिट में वैश्विक अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, नई साझेदारियों और AI के मुद्दे पर चर्चा होगी। पीएम मोदी की कई वर्ल्ड लीडर्स समेत अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से मुलाकात हो सकती है। इसके बाद मोदी पेरिस जाएंगे। यहां प्रधानमंत्री रोबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रीनी से मुलाकात करेंगे। 1993 में स्लोवाकिया के आजाद देश बनने के बाद किसी भारतीय पीएम का यहां का पहला दौरा है। पीएम मोदी पिछले साल भी कनाडा में हुए G7 समिट में शामिल हुए थे। भारत इनोवेट्स क्या है ‘भारत इनोवेट्स’ शिक्षा मंत्रालय की नया ग्लोबल इनोशिएटिव है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी 2026 में भारत-फ्रांस इनोवेशन साल के उद्घाटन के दौरान की थी। इसका उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप, IITs, IISc, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों को वैश्विक निवेशकों, कंपनियों, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संगठनों से जोड़ना है। यह कार्यक्रम 14 से 16 जून तक नीस शहर में पैलेस डेस एक्सपोजिशन्स (Palais des Expositions) में होगा। इस मेगा समिट का उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों करेंगे। G7 क्या है, इसमें कौन-कौन से देश हैं? G7 यानी ‘ग्रुप ऑफ सेवन’, दुनिया के उन 7 देशों का समूह है, जिन्हें दुनिया की ‘मॉडर्न इकोनॉमी’ वाला देश कहा जाता है। ये देश हैं- अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी। पहले इसका नाम G-8 हुआ करता था। 2014 में रूस ने पड़ोसी देश क्रीमिया पर कब्जा कर लिया तो बाकी सदस्य देशों ने रूस को ग्रुप से बाहर कर दिया। इसका नाम G7 हो गया। G7 समिट में सबसे ज्यादा 7 बार शामिल होंगे पीएम मोदी G7 समिट के लिए आमतौर पर भारतीय प्रधानमंत्रियों को बुलाया जाता रहा है। 2004 से 2014 तक पीएम रहे मनमोहन सिंह ने पांच बार G-8 समिट में हिस्सा लिया था। पीएम मोदी को पहली बार 2019 में फ्रांस के बियारिट्ज में हुई समिट में बुलाया गया था। इसके बाद 2020 में अमेरिका को मेजबानी करनी थी, लेकिन अमेरिका ने तब समिट रद्द कर दी। इस एक साल को छोड़ दें तो 2019 से 2024 तक हर साल पीएम मोदी G7 समिट में शामिल हुए। 2021 में वे वर्चुअल मीडियम से इसमें शामिल हुए। 2022 में जर्मनी, 2023 में जापान और 2024 में इटली में हुई G7 समिट में शामिल हुए। 2025 में कनाडा में हुई समिट में शामिल हुए। भारत के टॉप-2 हथियार सप्लायर्स में शामिल फ्रांस साल 2025 में फ्रेंच अखबार ला मोंड की खबर के मुताबिक फ्रांस ऐसे वक्त में भी भारत का साथ देता आया है, जब अमेरिका समेत दुनिया की तमाम बड़ी शक्तियों ने भारत का साथ छोड़ दिया था। पोखरण में परमाणु टेस्ट के बाद अमेरिका, जापान, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देशों ने भारत पर कई प्रतिबंध लगा दिए, लेकिन फ्रांस ने भारत का समर्थन किया। फ्रांस ने अमेरिकी प्रतिबंधों की अनदेखी करते हुए भारत को हथियार बेचना शुरू किया और अब वो रूस के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा रक्षा हथियार आपूर्तिकर्ता बन गया है। भारत को फ्रांस से मिराज 2000 फाइटर जेट, राफेल फाइटर जेट और स्कॉर्पीन पनडुब्बी मिल चुकी है। फ्रांस ने इंटरनेशनल फोरम पर हमेशा भारत को सपोर्ट किया सितंबर 2023 में हुई G20 समिट के दौरान PM मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को 2024 के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने का न्योता दिया था, लेकिन दिसंबर में उन्होंने भारत आने से इनकार कर दिया। ऐसे वक्त में भारत ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को गणतंत्र दिवस में शामिल होने का न्योता भेजा। उन्होंने इसे तुरंत स्वीकार भी कर लिया। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फ्रांस ने भारत का हमेशा समर्थन किया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सितंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र में भारत को सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाने की मांग की थी। इसके अलावा फ्रांस, न्यूक्लियर सप्लाई ग्रुप (NSG) में भी भारत को सदस्य बनाने का पक्षधर है। G7 समिट क्या है, इस बार इसके एजेंडे की खास बात क्या है? एक तय एजेंडे पर बातचीत के लिए हर साल G7 समिट होती है, जिसका आयोजन G7 का अध्यक्ष देश करता है। दरअसल, G7 के सभी 7 देश बारी-बारी से इसकी अध्यक्षता करते हैं। इस साल फ्रांस अध्यक्षता कर रहा है। ऐसे में G7 समिट फ्रांस के एवियां शहर में होगी। इस समिट के एजेंडे में जियोपॉलिटिक्स क्राइसेस (यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजराइल तनाव, गाजा, लेबनान और होर्मुज रूट की स्थिति, मध्य पूर्व की सुरक्षा चुनौतियां), वैश्विक आर्थिक सहयोग और असंतुलन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा G7 के सदस्य देशों के लीडर्स और ऑफिसर्स साल में कई बैठकें करते हैं, जिनमें कई समझौते होते हैं और दुनिया की बड़ी घटनाओं पर आधिकारिक बयान जारी किए जाते हैं। शुरुआत में G7 का एजेंडा आर्थिक चुनौतियों और क्लाइमेट चेंज जैसे मुद्दों का हल निकालना था। बाद में राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी इसमें शामिल हो गए। वैश्विक मुद्दों पर G7 के फैसलों का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। उदाहरण के लिए G7 ने 2002 में मलेरिया और एड्स से लड़ने के लिए ग्लोबल फंड बनाया। 1998 में वित्तीय संकट के दौरान इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देशों को आर्थिक मदद की। रूस-यूक्रेन जंग के दौरान रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने और यूक्रेन की मदद करने का फैसला किया। G20 से कैसे अलग है G7 ? G7 का कोई स्थायी कार्यालय नहीं है और इसके सदस्य देश कोई अंतरराष्ट्रीय कानून पारित नहीं कर सकते। G20 में सबसे बड़ा मुद्दा वर्ल्ड इकोनॉमी होता है, जबकि G7 के लिए राजनीतिक मुद्दे भी अहम
लव बाइट: लव बीटा कब होता है, किस समय का लाभ लेना बेहद जरूरी है? जानिए सब कुछ

लव बाईट (लव बाइट या हिक्की) के बारे में तो हर कोई जानता होगा। इनसाइड के बीच पियाटर को स्पष्ट करने का आसान तरीका बन गया है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक छोटा सा निशान आपकी जान का दुश्मन बन सकता है? यह शायद आपको पता चल गया हो, लेकिन स्थिरता से मुंह मोड़ने में जरा भी समझदारी की बात नहीं है। तो आइए सबसे पहले कहते हैं लव बीटा क्या होता है और कैसे बनता है। लव बेबा का कहना है कि जो लंबे समय तक किसी भी तरह की त्वचा पर क्रीड़ा या फूल से बनी रहती है। यह त्वचा के नीचे की ओर छोटे पत्थर के टुकड़े और खून के जमाव से लाल-घरा दाग दिखता है। आमतौर पर यह मामूली घाव होता है जो कुछ दिनों से आपके लिए ठीक हो जाता है। यह कब सामान्य है और कब खतरा है? छोटे हिक्की आम होते हैं, दर्द होता है और रंग कुछ दिनों में खराब हो जाता है। ज्यादातर मामलों में किसी तरह का कोई खतरा नहीं होता। लेकिन जब निशान बहुत गहरे या नीले-नीले रंग के हों तो सावधान रहना चाहिए। निशान के आसपास सूजन बहुत अधिक हो। या फिर बोल में चक्कर आना लगे, सिरदर्द हो या शरीर के किसी भी हिस्से में झुनझुनी/सूनापन हो, चाल में परेशानी हो या किसी भी तरह की अचानक दुर्बलता महसूस हो तो डॉक्टर के डॉक्टर को दिखाना चाहिए। लवबेबी से कैसे जान पर खतरा मुखिया पर अधिक दबाव: गर्दन में कैरोटिड धमनी जैसी प्रमुख धमनियाँ होती हैं। बहुत जोर से और लंबे समय तक क्रीड़ा या स्क्रैच से इन धमनियों पर दबाव पड़ सकता है। इससे रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है। धमनी की क्षति या फटना: दुर्लभ लेकिन संभव है कि अंदर की कोई धमनियां या नसें फैट। इससे खून का थक्का बन सकता है या खून के अंदर दबाव डाला जा सकता है। थक्का ब्रेन उभर कर आया (इस्केमिक स्ट्रोक): अगर किसी स्थान पर थक्का बना है और वह खून के साथ दिमाग की तरफ चला जाए तो दिमाग में रक्त का प्रवाह रुक सकता है। जिससे स्ट्रोक हो सकता है। ऐसी स्थिति चक्कर आना, अचानक बेहोशी, घुटने में दर्द, चेहरे की मुद्रा जैसी दिखाई देती है। ब्रांड का फटना और तेजी से टूटना: नाक के अंदर गंभीर दबाव से चर्बी हो सकती है, जिससे तेजी से खून बह सकता है और रक्तचाप में गिरावट/हृदय की दर पर असर पड़ सकता है। प्रारंभिक घरेलू उपचार (जब मार्क मार्जिन हो) तुरंत बर्फ़ की सिकाई: शुरुआत में 24-48 घंटे में बर्फ (कपड़े में लपेटकर) 10-15 मिनट के अंतराल पर 3-4 बार सूजन और दर्द कम हो जाता है। सीधी बर्फ त्वचा पर न रखें। 48-72 घंटे बाद गर्म सिकाई: प्रारंभिक सूजन कम होने पर प्रभाव गर्म-साधन (गर्मी का कपड़ा या हीट पैड, 10-15 मिनट) गठन से रक्त सर्कोलेशन बढ़ता है और तेजी से पीलिया के रूप में रंग के अवशोषण में मदद मिलती है। कब डॉक्टर का परिचय (इमरजेंसी संकेत) चक्कर आना, सिरदर्द या सिरदर्द महसूस होना। शरीर या शरीर के किसी भी हिस्से में अचानक सुन्नपन या कमजोरी। अकेले या अलग होने में, चेहरे के एक हिस्से का झटकाना। घाव से तेज़ खून बहना या लगातार बढ़ता दर्द। इसे भी पढ़ें- अज्ञात राजघराने में सौतन विवाद, बाबा राजा की पहली पत्नी ने दूसरी बार मारी गोली, खूनी संघर्ष से कांप उठा राजपरिवार








