Saturday, 13 Jun 2026 | 11:13 AM

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Womens T20 World Cup Today

Womens T20 World Cup Today

स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में शनिवार को 3 मैच खेले जाएंगे। पहला मुकाबला स्कॉटलैंड और आयरलैंड के बीच मैनचेस्टर में दोपहर 3 बजे से खेला जाएगा। मैनचेस्टर में ही शाम 7 बजे से ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका की टीमें आमने-सामने होंगी। वहीं तीसरा मैच वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड के बीच साउथैम्पटन में खेला जाएगा। पहला मैच: आयरलैंड की स्कॉटलैंड पर बढ़त स्कॉटलैंड और आयरलैंड टी20 इंटरनेशनल में अब तक 15 बार आमने-सामने आ चुकी हैं। इसमें आयरलैंड का पलड़ा भारी रहा है, जिसने 9 मैचों में जीत हासिल की है। वहीं स्कॉटलैंड की टीम को 6 मुकाबलों में सफलता मिली है। यह टी-20 वर्ल्ड कप में दोनों की पहली भिड़ंत होगी। दोनों टीमों की टॉप प्लेयर्स स्कॉटलैंड को साराह ब्राइस से बड़ी पारी की उम्मीद स्कॉटलैंड के लिए टी-20 में साराह ब्राइस उनकी सबसे सफल बल्लेबाज रही हैं। उन्होंने 79 मैचों में 110.83 की स्ट्राइक रेट से 1729 रन बनाए हैं, जिसमें उनका बेस्ट स्कोर 67 रन है। वहीं गेंदबाजी में टीम की नजरें कप्तान कैथरीन ब्राइस पर होंगी। उन्होंने 60 मैचों में 4.93 की किफायती इकोनॉमी से 65 विकेट लिए हैं। उनका बेस्ट बॉलिंग प्रदर्शन 8 रन देकर 4 विकेट रहा है। गैबी लेविस आयरलैंड की बेस्ट बल्लेबाज रहीं आयरलैंड की कप्तान गैबी लेविस टीम की हाईएस्ट रन स्कोरर रही हैं। उन्होंने 114 मैचों में 117.14 की स्ट्राइक रेट से 3048 रन बनाए हैं। इस दौरान 119 रन उनकी बेस्ट पारी रही है। गेंदबाजी में अर्लिन केली ने सबसे ज्यादा विकेट चटकाए हैं। उन्होंने 66 मैचों में 6.10 की इकोनॉमी से 88 विकेट लिए हैं। इस दौरान उनका बेस्ट बॉलिंग फिगर 12 रन देकर 5 विकेट रहा है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 स्कॉटलैंड: कैथरीन ब्राइस (कप्तान), साराह ब्राइस, एल्सै क्रेनस्टन, सास्किया होरले, डार्सी कार्टर, लोर्ना जैक, प्रियानाज चटर्जी, राचेल स्लेटर, अब्ताहा मकसूद, हन्ना रायनी, क्लो एबेल। आयरलैंड: गैबी लेविस (कप्तान), एमी हंटर, ओर्ला प्रेंडरगास्ट, लॉरा डेलानी, रेबेका स्टोकेल, जॉर्जीना डेम्पसे, अर्लिन केली, कारा मरे, अलाना डेलियन, जेन मैगुइरे, फ्रेया सरजंट। दूसरा मैच: साउथ अफ्रीका के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच अब तक 11 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया ने 9 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि साउथ अफ्रीका को सिर्फ 2 जीत मिली है। टी-20 वर्ल्ड कप दोनों टीमें 8 बार आमने-सामने आई हैं। इनमें 7 मैच ऑस्ट्रेलिया ने जीते हैं, जबकि 1 मुकाबला साउथ अफ्रीका के नाम रहा है। दोनों टीमों की टॉप प्लेयर्स बेथ मूनी ने सबसे ज्यादा रन बनाए, मेगन शूट हाईएस्ट विकेट टेकर ऑस्ट्रेलिया के लिए टी20 में सबसे सफल बल्लेबाज बेथ मूनी रही हैं। उन्होंने 118 मैचों में 125.53 की स्ट्राइक रेट से 3545 रन बनाए हैं, जिसमें 117* रन उनका बेस्ट स्कोर है। गेंदबाजी में मेगन शूट ऑस्ट्रेलिया की टॉप विकेट टेकर हैं। उन्होंने 125 मैचों में 6.40 की इकोनॉमी से 152 विकेट चटकाए हैं, उनका बेस्ट प्रदर्शन 15 रन देकर 5 विकेट है। कप्तान लौरा वोल्वार्ट पर साउथ अफ्रीका की निगाहेें साउथ अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ट टीम की प्रमुख बल्लेबाज हैं। उन्होंने टी-20 में 98 मैचों में 121.97 की स्ट्राइक रेट से 2764 रन बनाए हैं। उनका बेस्ट स्कोर 115* रन है। वहीं गेंदबाजी की अगुवाई अनुभवी शबनम इस्माइल के हाथों में होगी। उन्होंने 113 मैचों में 5.77 की शानदार इकोनॉमी से रन देते हुए 123 विकेट लिए हैं। उनका बेस्ट 12 रन देकर 5 विकेट है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 ऑस्ट्रेलिया: सोफी मॉलिन्यूक्स (कप्तान), ताहलिया मैक्ग्रा (उपकप्तान), बेथ मूनी, एलिसा हीली, एलिसे पेरी, एशले गार्डनर, फोएबे लिचफिल्ड, जॉर्जिया वेयरहम, एनाबेल सदरलैंड, मेगन शूट, टायला व्लाएमिनक। साउथ अफ्रीका: लौरा वोल्वार्ट (कप्तान), तजमीन ब्रिट्स, मारिजान काप, सुने लूस, शबनीम इस्माइल, च्लोए ट्रायोन, नादिन डी क्लर्क, सिनालो जाफ्ता, अयाबोंगा खाका, नोनकुलुलेको म्लाबा, मसाबता क्लास। तीसरा मैच: अब तक वेस्टइंडीज पर भारी रही न्यूजीलैंड वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड के बीच टी20 इंटरनेशनल में 24 मैच हुए हैं। इनमें न्यूजीलैंड ने 18 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि वेस्टइंडीज सिर्फ 5 मैच ही अपने नाम कर सकी। 1 मैच का कोई नतीजा नहीं निकला। टी-20 वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के बीच अब तक 5 मुकाबले खेले गए हैं। इसमें 3 मैच न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज ने 2 मुकाबले जीते हैं। दोनों टीमों की टॉप प्लेयर्स कप्तान हैली मैथ्यूज से वेस्टइंडीज को उम्मीदें स्टेफनी टेलर ने टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 134 मैचों में 34.38 की शानदार एवरेज से 3576 रन बनाए हैं, जिसमें उनका बेस्ट स्कोर 90 रन रहा है। वहीं गेंदबाजी में कप्तान हैली मैथ्यूज हाईएस्ट विकेट टेकर रही हैं। उन्होंने 118 मैचों में 6.19 की इकोनॉमी से 118 विकेट झटके हैं। उनका बेस्ट बॉलिंग प्रदर्शन 10 रन देकर 4 विकेट है। सूजी बेट्स बेस्ट बैटर, सोफी डिवाइन बेस्ट गेंदबाज न्यूजीलैंड के लिए सूजी बेट्स हाईएस्ट रन स्कोरर रही हैं। उन्होंने 183 मैचों में 108.35 की स्ट्राइक रेट से 4720 रन बनाए हैं। उनका बेस्ट स्कोर 124* रन है। गेंदबाजी में सोफी डिवाइन टीम की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने 154 मैचों में 6.71 की इकोनॉमी से 128 विकेट लिए हैं, उनका बेस्ट प्रदर्शन 12 रन देकर 4 विकेट रहा है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 वेस्टइंडीज: हैली मैथ्यूज (कप्तान), शेमाइन कैंपबेल (उपकप्तान), स्टेफनी टेलर, रशदा विलियम्स, चेडियन नेशन, चिनेले हेनरी, अफी फ्लेचर, आलिया एलेन, करिश्मा रामहरक, शमिलिया कॉनेल, जाइदा जेम्स। न्यूजीलैंड: अमीलिया कर (कप्तान), सोफी डिवाइन (उपकप्तान), सूजी बेट्स, जॉर्जिया प्लिमर, मैडी ग्रीन, ब्रुक हैलीडे, इसाबेला गेज, ली ताहुहू, एडेन कार्सन, फ्रैन जोनास, रोजमेरी मैयर। —————————————————- विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप की यह खबर भी पढ़िए… 6 प्लेयर्स जो भारत को वर्ल्ड चैंपियन बना सकती हैं; हरमन, दीप्ति और शेफाली जैसे नाम विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में भारत का पहला मैच कल पाकिस्तान से होगा। पिछले ही साल वनडे वर्ल्डकप जीत चुकी हरमनप्रीत की ये टीम टी-20 वर्ल्डकप की भी सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही है। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

हरियाणवी सॉन्ग 'कॉलेज वाली छोरी' पर विवाद:कंडक्टर बोले- लड़कियों के लिए गलत शब्द कहे; एक्टर ने कहा- फेमस हुआ, इसलिए कॉन्ट्रोवर्सी कर रहे

हरियाणवी सॉन्ग 'कॉलेज वाली छोरी' पर विवाद:कंडक्टर बोले- लड़कियों के लिए गलत शब्द कहे; एक्टर ने कहा- फेमस हुआ, इसलिए कॉन्ट्रोवर्सी कर रहे

हरियाणवी सॉन्ग “कॉलेज वाली छोरी” को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हरियाणा रोडवेज के हिसार डिपो के कंडक्टरों ने सॉन्ग पर आपत्ति जताते हुए सिटी थाना हिसार में लिखित शिकायत दी है। शिकायत की एक कॉपी हरियाणा राज्य महिला आयोग को भी भेजी गई है। कंडक्टरों का आरोप है कि सॉन्ग में उनकी नौकरी और कॉलेज जाने वाली छात्राओं को लेकर आपत्तिजनक व भ्रामक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे उनकी सामाजिक छवि प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि यह गाना समाज में गलत संदेश दे रहा है। इस सॉन्ग को सोमबीर खटक ने गाया है, जबकि इसमें नवीन नारू और सोनिका सिंह ने एक्टिंग की है। गाना नवीन नारू के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है, जिसे अब तक एक लाख से अधिक बार देखा और सुना जा चुका है। विवाद बढ़ने के बाद नवीन नारू ने दैनिक भास्कर से बातचीत में सभी आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा, “यह केवल मनोरंजन के उद्देश्य से बनाया गया हरियाणवी सॉन्ग है। किसी वर्ग, पेशे या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का हमारा कोई इरादा नहीं था। सॉन्ग फेमस हो गया है, इसलिए कुछ लोग इसे लेकर विवाद खड़ा कर रहे हैं।” पहले जानिए कंडक्टरों ने शिकायत में क्या कहा… कंडक्टरों की सामाजिक छवि खराब हुई हरियाणा रोडवेज हिसार डिपो के कंडक्टरों ने अपनी शिकायत में कहा है कि यूट्यूब पर रिलीज हुए हरियाणवी सॉन्ग “कॉलेज वाली छोरी” में कंडक्टर के पद को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। उनकी बहन-बेटियां भी कॉलेजों में पढ़ती हैं और सॉन्ग में छात्राओं के बारे में भी गलत तरीके से पेश किया। उनकी सामाजिक छवि प्रभावित हुई है। सॉन्ग बनाने वालों पर कार्रवाई की जाए कंडक्टरों का आरोप है कि इस सॉन्ग से समाज में रोडवेज कर्मचारियों और कॉलेज छात्राओं को लेकर गलत संदेश जा रहा है। इससे इस गाने को यूट्यूब से हटाने तथा इसके लेखक, निर्देशक और सिंगर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। यदि ऐसे गानों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आम लोगों के मन में रोडवेज कर्मचारियों के प्रति गलत धारणा बन सकती है। इसलिए प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर उनकी साफ-सुथरी छवि की रक्षा करनी चाहिए। अध्यक्ष बोले- सॉन्ग में भिवानी डिपो की बस दिखाई सांझा संघर्ष समिति हिसार के बैनर तले विभिन्न यूनियनों के आठ पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से यह शिकायत दी है। समिति के अध्यक्ष जितेंद्र शर्मा ने बताया कि सॉन्ग में भिवानी डिपो की बस दिखाई गई है। इस संबंध में भिवानी डिपो के जनरल मैनेजर (GM) से भी संपर्क किया जाएगा। कंडक्टरों की छवि को लेकर अलग-अलग जिलों में भी शिकायतें दी जा रही हैं। ——————————————-इन लिरिक्स पर हो रहा विवाद स्लाइड—————————- सॉन्ग में एक्टिव करने वाले नवीन नारू ने क्या कहा, जानिए सॉन्ग केवल मनोरंजन के लिए बनाया सॉन्ग में एक्टिंग करने वाले नवीन नारू ने कहा- पारिवारिक परिस्थितियों के चलते मैं कुछ सालों से इंडस्ट्री से दूर था। अब दोबारा वापसी के बाद मेरा यह सॉन्ग काफी फेमस हुआ और लोग इस पर बड़ी संख्या में रील बना रहे हैं। कुछ लोगों को सॉन्ग की लोकप्रियता रास नहीं आ रही और वे रोडवेज कर्मचारियों के माध्यम से इसे विवाद का रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। सॉन्ग की शूटिंग हिसार में हुई थी। सोनिका सिंह ने कॉलेज छात्रा की भूमिका निभाई है। पूछा- एक कंडक्टर क्या प्यार नहीं कर सकता नारू ने कहा- हरियाणा में किसी लड़की से प्रेम होने को आम बोलचाल में “सेट होना” कहा जाता है। यदि यही सॉन्ग उत्तर प्रदेश की बोली में बनाया जाता तो उसे “कॉलेज वाली छोरी ने प्यार हो गया कंडक्टर तै” के रूप में गाया जाता। यह पूरी तरह मनोरंजन के लिए बनाया गया गाना है और इसमें किसी वर्ग को नीचा दिखाने का प्रयास नहीं किया गया। क्या एक कंडक्टर प्यार नहीं कर सकता? इससे पहले भी कई सॉन्ग आए हैं, जिनमें “भाभी तू पटोला” और “बन जा तू मेरी सॉलिड बॉडी” जैसे बोल रहे हैं। बॉलीवुड में भी “चोली के पीछे क्या है” जैसे सॉन्ग आए, लेकिन क्या उनसे कभी माहौल खराब हुआ? विरोध करने वालों को कॉलेजों का माहौल दिखाना चाहिए नवीन नारू ने कहा- जो लोग यह कह रहे हैं कि इस सॉन्ग से माहौल खराब हो रहा है, उन्हें पहले कॉलेजों का वास्तविक माहौल भी देखना चाहिए। कॉलेजों में क्या स्थिति है, यह किसी से छिपी नहीं है। हरियाणवी इंडस्ट्री के कुछ लोग जानबूझकर इस सॉन्ग का विरोध करवा रहे हैं। कुछ कंडक्टरों के साथ इंडस्ट्री के लोगों की अच्छी पहचान है। कोई धरने पर नहीं बैठा। कुछ लोग अपने निजी कार्यों के लिए बैठे हुए थे और वहीं से विरोध की बात सामने आई। नवीन नारू ने कहा कि हमारे परिवार में भी तीन से चार लोग कंडक्टर हैं। उन्होंने इस सॉन्ग की सराहना की है। यदि किसी को सॉन्ग के किसी हिस्से पर आपत्ति है तो वह स्पष्ट रूप से बताए कि उसमें आपत्तिजनक क्या है। ——————–कौन हैं नवीन नारू स्लाइड————————————

midland texas shooting 1 dead 9 wounded after gunman fires

midland texas shooting 1 dead 9 wounded after gunman fires

टेक्सास29 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका में टेक्सास के मिडलैंड शहर में एक सिरफिरे युवक की फायरिंग में 1 शख्स की मौत हो गई, जबकि 9 घायल हो गए। वारदात के करीब दो घंटे बाद तक हमलावर बंदूकधारी एक जगह छिपा रहा और पुलिस से उसकी मुठभेड़ चलती रही, जिसे काबू करने के लिए रोबोट्स तक की मदद ली गई। इसके बाद मुठभेड़ में उसे ढेर कर दिया गया। टेक्सास के पुलिस अधिकारी ने कहा- हमें सुबह करीब 8 बजे गोलीबारी की सूचना मिली थी। कॉल के बाद ही तुरंत ही पुलिस घटना स्थल पर पहुंची। इसके बाद स्वाट और अन्य एजेंसियां भी वहां पहुंचीं। सुरक्षाबलों और आरोपी के बीच में सीधी फायरिंग शुरू हो गई और आरोपी को मार गिराया गया। घटनास्थल की 2 तस्वीरें… इस घटना के बाद मिडलेंड शहर की मेयर लोरी ब्लांग ने भी लोगों को इसकी जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “गोलीबारी की जगह पर अभी सुरक्षाकर्मी सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। हालांकि, इसके बाद भी मैं लोगों से अपील करती हूं कि वह उस इलाके में जाने से बचें। ब्लांग के इस पोस्ट के बाद मिडलैंड पुलिस ने भी फेसबुक पर एक पोस्ट करते हुए घटना की जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने आरोपी के मारे जाने की भी पुष्टि की। हालांकि, पुलिस ने घटना को लेकर कहा है कि अभी तक इस हमले का उद्देश्य सामने नहीं आया है। पुलिस लगातार छानबीन कर रही है। 6 साल पहले भी हुई थी ऐसी वारदात मिडलैंड में करीब 6 साल पहले भी यहां ऐसी ही एक घटना हुई थी। नौकरी से निकाले गए एक तेल कर्मचारी ने सड़क पर गाड़ी चलाते हुए अंधाधुंध गोलियां बरसाकर 7 लोगों की हत्या कर दी थी और दो दर्जन से ज्यादा लोगों को घायल कर दिया था। —————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका की सैन डिएगो मस्जिद में गोलीबारी, 5 की मौत:इनमें एक गार्ड और 2 संदिग्ध; धार्मिक नफरत से जुड़े हमले की आशंका अमेरिका के सैन डिएगो स्थित मस्जिद में सोमवार को गोलीबारी में 5 लोगों की मौत हो गई। इनमें एक सिक्योरिटी गार्ड और दो संदिग्ध शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों संदिग्ध किशोर थे। एक की उम्र 17 साल और दूसरे की 19 साल थी। दोनों के शव मस्जिद के पास एक वाहन में मिले। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

midland texas shooting 1 dead 9 wounded after gunman fires

midland texas shooting 1 dead 9 wounded after gunman fires

टेक्सास2 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका में टेक्सास के मिडलैंड शहर में एक सिरफिरे युवक की फायरिंग में 1 शख्स की मौत हो गई, जबकि 9 घायल हो गए। वारदात के करीब दो घंटे बाद तक हमलावर बंदूकधारी एक जगह छिपा रहा और पुलिस के साथ उसकी मुठभेड़ चलती रही, जिसे काबू करने के लिए रोबोट्स तक की मदद ली गई। इसके बाद मुठभेड़ में आरोपी मारा गया। टेक्सास के पुलिस अधिकारी ने कहा- हमें सुबह करीब 8 बजे गोलीबारी की सूचना मिली थी। कॉल के बाद ही तुरंत ही पुलिस घटना स्थल पर पहुंची। इसके बाद स्वाट और अन्य एजेंसियां भी वहां पहुंचीं। सुरक्षाबलों और आरोपी के बीच में सीधी फायरिंग शुरू हो गई और आरोपी को मार गिराया गया। घटनास्थल की 2 तस्वीरें… इस घटना के बाद मिडलेंड शहर की मेयर लोरी ब्लांग ने भी लोगों को इसकी जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “गोलीबारी की जगह पर अभी सुरक्षाकर्मी सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। हालांकि, इसके बाद भी मैं लोगों से अपील करती हूं कि वह उस इलाके में जाने से बचें। ब्लांग के इस पोस्ट के बाद मिडलैंड पुलिस ने भी फेसबुक पर एक पोस्ट करते हुए घटना की जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने आरोपी के मारे जाने की भी पुष्टि की। हालांकि, पुलिस ने घटना को लेकर कहा है कि अभी तक इस हमले का उद्देश्य सामने नहीं आया है। पुलिस लगातार छानबीन कर रही है। 6 साल पहले भी हुई थी ऐसी वारदात मिडलैंड में करीब 6 साल पहले भी यहां ऐसी ही एक घटना हुई थी। नौकरी से निकाले गए एक तेल कर्मचारी ने सड़क पर गाड़ी चलाते हुए अंधाधुंध गोलियां बरसाकर 7 लोगों की हत्या कर दी थी और दो दर्जन से ज्यादा लोगों को घायल कर दिया था। —————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका की सैन डिएगो मस्जिद में गोलीबारी, 5 की मौत:इनमें एक गार्ड और 2 संदिग्ध; धार्मिक नफरत से जुड़े हमले की आशंका अमेरिका के सैन डिएगो स्थित मस्जिद में सोमवार को गोलीबारी में 5 लोगों की मौत हो गई। इनमें एक सिक्योरिटी गार्ड और दो संदिग्ध शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों संदिग्ध किशोर थे। एक की उम्र 17 साल और दूसरे की 19 साल थी। दोनों के शव मस्जिद के पास एक वाहन में मिले। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Senior Diplomat Rudra New India Envoy to Turkey

Senior Diplomat Rudra New India Envoy to Turkey

Hindi News Career Senior Diplomat Rudra New India Envoy To Turkey | Assam Nagaland Oil Pact 13 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. सीनियर डिप्लोमैट रुद्र गौरव तुर्की के नए राजदूत होंगे 11 जून को विदेश मंत्रालय (MEA) ने सीनियर डिप्लोमैट रुद्र गौरव श्रेष्ठ को तुर्की में भारत का अगला राजदूत अपॉइंट किया। रुद्र 1999 बैच के इंडियन फॉरेन सर्विस (IFS) ऑफिसर हैं और वे 2023 से अब तक ईरान में भारत के राजदूत थे। रुद्र ने अपने डिप्लोमैटिक करियर के दौरान, फ्रांस, मॉरिशस, अफगानिस्तान, सिंगापुर और भूटान में काम किया है। रुद्र 2016 से 2019 तक मोजाम्बिक में भारत के हाई कमिश्नर भी रह चुके हैं। 2022 में रुद्र प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) रहे। रुद्र ने 2020 से 2023 तक प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में जॉइंट सेक्रेटरी के तौर पर काम किया। रुद्र ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से ग्रेजुएशन किया है। 2. भारतीय सेना को कामिकाजे’ ड्रोन मिले 12 जून को भारतीय सेना को स्वदेशी रक्षा कंपनी SMPP ने 106 ‘कामिकाजे’ ड्रोन सौंपे। कामिकाजे ड्रोन को ‘पीसकीपर (अग्निवेग)’ नाम भी दिया गया है और ये ड्रोन 180km की रेंज तक हमला कर सकते हैं। ये ड्रोन टर्बोजेट इंजन से चलेंगे और इसमें 100 ऑपरेशनल और 6 ट्रेनिंग ड्रोन शामिल हैं। ये कामिकाजे ड्रोन 450kmph की स्पीड तक में उड़ सकते हैं, इसकी रफ्तार दुनिया में सबसे तेज उड़ने वाले पेरेग्रिन फाल्कन पक्षी की रफ्तार 320kmph से भी ज्यादा है। कामिकाजे ड्रोन पर जैमिंग का असर नहीं होगा और न कोई स्पूफिंग के जरिए इन्हें टारगेट से भटका सकेगा। यह डिलीवरी भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता और अनमैन्ड वारफेयर के सहयोग से हुई है। इन्हें बेलारूसी फर्म केबी इंडेला की मदद से तैयार किया गया है। कामिकाजे ड्रोन ऐसे ड्रोन होते हैं जो लक्ष्य पर हमला करते समय खुद भी नष्ट हो जाते हैं। इन्हें लॉइटरिंग म्यूनिशन भी कहा जाता है। कामिकाजे ड्रोन का नाम सेकेंड वर्ल्ड वार के ‘कामिकाजे’ अटैक से लिया गया है। उस समय जापानी पायलट कामिकाजे यानी, विमानों को दुश्मन के जहाजों से टकराकर आत्मघाती हमला किया करते थे। ड्रोन्स का फायदा ये है कि ये सस्ते होते हैं और सटीक हमला कर सकते हैं और टैंक, रडार, तोप और सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकते हैं। इस ड्रोन में अहम मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स हब, कमांड सेंटर, रडार इंस्टॉलेशन और दूसरे रणनीतिक ठिकानों पर सटीक हमला करने की भी क्षमता है। ट्रायल के दौरान अग्निवेग ने जैमिंग और स्पूफिंग वाले माहौल में काम करते हुए 5 मीटर से कम का सर्कुलर एरर प्रोबेबल (CEP) हासिल किया। निधन (DEATH) 3. शूटर जसपाल राणा का निधन 12 जून को भारत के दिग्गज शूटर जसपाल राणा का निधन हो गया है। वे 49 साल के थे। जसपाल फरवरी 2025 से 25 मीटर पिस्टल में भारत के हाई परफार्मेंस कोच थे। जसपाल को पिस्टल शूटिंग इवेंट्स, खासकर 25m सेंटर फायर पिस्टल, 25m स्टैंडर्ड पिस्टल और 10m एयर पिस्टल में महारत हासिल की। जसपाल राणा पेरिस ओलिंपिक में डबल ओलिंपिक मेडल जीतने वाली निशानेबाज मनु भाकर के कोच थे। जसपाल राणा ने एशियन गेम्स में 8 मेडल जीते। इनमें 4 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज शामिल रहे। जसपाल ने कॉमनवेल्थ गेम्स में 9 गोल्ड सहित 15 मेडल जीते। इनमें 4 सिल्वर और दो ब्रॉन्ज भी शामिल हैं। जसपाल ने हिरोशिमा में 1994 के एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीता। जसपाल को 1994 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। जसपाल ने 1996 के अटलांटा ओलंपिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। 1997 में जसपाल को सरकार ने पद्म श्री से सम्मानित किया था। जसपाल ने 2006 के दोहा में एशियाई खेलों में कई गोल्ड मेडल जीते। इसमें 25m सेंटर फायर पिस्टल इवेंट में वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी का रिकॉर्ड भी शामिल है जसपाल राणा को 2020 में द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 4. Google सीनियर डायरेक्टर रेने मयहोरफर ने रिजाइन किया 12 जून को Google के सीनियर डायरेक्टर रेने मयहोरफर ने अपने पद से इस्तीफा दिया। ऑस्ट्रियाई मूल के मयहोरफर एक साइंटिस्ट और सायबर सिक्योरिटी रिसर्चर हैं। रेने ने अपने पर्सनल ब्लॉग में रिजाइन के साथ ही Google पर AI से जुड़े सुरक्षा मामलों पर नैतिक मूल्यों से समझौता करने का आरोप भी लगाया है। रेने मोबाइल सिक्योरिटी, डिजिटल आइडेन्टिटी एन्क्रिप्शन, प्राइवेसी और नेटवर्क सिक्योरिटी जैसे सेक्टर्स में काम करने के लिए जाने जाते हैं। 2025 में रेने यूरोपियन कमीशन और एन्क्रिप्शन टेक्नोलॉजी रोडमेप एक्सपर्ट के तौर पर चुने गए थे। 2019 और 2023 के रिसर्च पेपर में उन्होंने बताया कि एंड्रॉयड किस तरह यूजर के ऐप और सिस्टम को साइबर खतरों से सुरक्षित रखता है। रेने लंबे समय से Google में सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म टीम को लीड कर रहे थे। 5. SpaceX ने दुनिया कस सबसे बड़ा $75 बिलियन का IPO जारी किया 12 जून को दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क की रॉकेट कंपनी SpaceX अमेरिकी शेयर मार्केट नैस्डैक पर लिस्ट हुई। कंपनी ने अपने IPO का फाइनल प्राइस 135 डॉलर तय किया है। 1.77 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 168 लाख करोड़ रुपए के वैल्यूएशन पर हो रही इस लिस्टिंग के बाद इलॉन मस्क दुनिया के पहले ट्रिलिनियर बन सकते हैं। SpaceX इस इश्यू के जरिए रिकॉर्ड 75 बिलियन डॉलर यानी करीब 7.15 लाख करोड़ रुपए जुटा रही है। SpaceX का ये अकेला IPO साल 2024 और 2025 में आए सभी अमेरिकी IPO की कुल जुटाई रकम से भी ज्यादा है। ये दुनिया का सबसे बड़ा IPO है। SpaceX का मूल्यांकन अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। मस्क की कुल संपत्ति ने 1 लाख करोड़ डॉलर (1 Trillion) का आंकड़ा पार कर लिया है। SpaceX की सफलता ने अंतरिक्ष पर्यटन और उपग्रह संचार क्षेत्र में नई संभावनाएं खोली हैं। मिसलीनियस (MISCELLENEOUS) 6. असम और नागालैंड के बीच ऐतिहासिक त्रिपक्षीय समझौता हुआ 11 जून को केंद्र सरकार असम और नागालैंड सरकार के बीच एक ऐतिहासिक त्रिपक्षीय समझौता (MoU) हुआ। ये समझौता असम-नागालैंड सीमा के विवादित क्षेत्रों में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की जॉइंट रिसर्च और प्रोडक्शन के लिए किया गया है। इस समझौते

India vs Afghanistan ODI | Dharamshala Match; Kohli, Pandya Out

India vs Afghanistan ODI | Dharamshala Match; Kohli, Pandya Out

स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला आज खेला जाएगा। मैच धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में दोपहर 1:30 बजे शुरू होगा। भारत और अफगानिस्तान के बीच पहली बार वनडे सीरीज खेली जाएगी। इससे पहले दोनों टीमें वर्ल्ड कप और एशिया कप में आमने-सामने हुई थीं। विराट कोहली और हार्दिक पंड्या चोट के कारण बाहर हो गए हैं। जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज को आराम दिया गया है। ऐसे में प्रिंस यादव और गुरनूर बरार में से एक को डेब्यू कैप मिल सकती है। धर्मशाला में मौसम मैच पर असर डाल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को बारिश की संभावना 55% है। भारत-अफगानिस्तान में 4 वनडे, इंडिया ने 3 जीते भारत और अफगानिस्तान के बीच 4 वनडे मैच खेले गए हैं। भारत ने तीन मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला टाई रहा है। अफगानिस्तान अभी तक भारत के खिलाफ वनडे में जीत दर्ज नहीं कर सका है। दोनों टीमों की पिछली भिड़ंत 2023 वनडे वर्ल्ड कप में दिल्ली में हुई थी, जहां भारत ने 8 विकेट से एकतरफा जीत दर्ज की थी। भारत की नजर शुभमन-रोहित पर विराट कोहली की गैरमौजूदगी में भारतीय बल्लेबाजी की जिम्मेदारी कप्तान शुभमन गिल, रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर और केएल राहुल पर होगी। एक जनवरी 2025 के बाद वनडे क्रिकेट में शुभमन गिल ने 625 रन बनाए हैं। वहीं रोहित शर्मा ने 17 मैचों में 711 रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं। टीम मैनेजमेंट नंबर-3 पर ईशान किशन, केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल जैसे विकल्पों को भी आजमा सकता है। गेंदबाजी में कुलदीप यादव भारत को लीड करेंगे। उन्होंने 2025 के बाद 22 विकेट लिए हैं। वहीं प्रसिद्ध कृष्णा और अर्शदीप सिंह पर नई गेंद से अच्छी शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी होगी। अफगानिस्तान की ताकत जादरान-राशिद अफगानिस्तान की बल्लेबाजी इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज, रहमत शाह और अजमतुल्लाह उमरजई पर टिकी होगी। जादरान ने 2025 के बाद सिर्फ 6 वनडे में 429 रन बनाए हैं और उनका औसत 71.50 रहा है। अजमतुल्लाह उमरजई हाल के समय में अफगानिस्तान के सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडर बनकर उभरे हैं। उन्होंने पिछले 10 वनडे मैचों में 24 विकेट लिए हैं और बल्ले से भी लगातार योगदान दिया है। 2023 वर्ल्ड कप में भारत की पिचों पर उनका प्रदर्शन शानदार रहा था। अफगानिस्तान को सबसे बड़ी मजबूती स्टार लेग स्पिनर राशिद खान की वापसी से मिली है। राशिद भारत के खिलाफ 3 वनडे में 5 विकेट ले चुके हैं और IPL 2026 में भी शानदार फॉर्म में थे। HPCA में बल्लेबाजों और तेज गेंदबाजों दोनों को मदद धर्मशाला का HPCA स्टेडियम समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर स्थित है। यहां गेंद तेजी से बल्ले पर आती है और आउटफील्ड भी तेज रहती है। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को स्विंग और अतिरिक्त उछाल मिलती है, जबकि बाद में बल्लेबाज खुलकर रन बना सकते हैं। इस मैदान पर अब तक 9 वनडे खेले गए हैं, जिनमें 5 बार लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम जीती है। यहां पहली पारी का औसत स्कोर करीब 253 रन है। 2023 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 388 रन बनाकर यहां का सबसे बड़ा स्कोर बनाया था। श्रेयस 3 हजार वनडे रन से 23 रन दूर भारत ने अपने पिछले पांच वनडे मैचों में दो जीते हैं, जबकि तीन हारे हैं। इसमें हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ होम सीरीज की हार भी शामिल है। अफगानिस्तान लगातार चार वनडे जीतकर आया है। श्रेयस अय्यर 3000 वनडे रन पूरे करने से 23 रन दूर हैं। वहीं कप्तान शुभमन गिल को इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए 47 रन की जरूरत है। पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव/गुरनूर बरार। अफगानिस्तान: इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी/इकराम अलिखिल , राशिद खान, मोहम्मद सलीम, अल्लाह गजनफर, जिया-उर-रहमान। ——————————————- क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 6 प्लेयर्स जो भारत को वर्ल्ड चैंपियन बना सकती हैं; हरमन, दीप्ति और शेफाली जैसे नाम विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में भारत का पहला मैच कल पाकिस्तान से होगा। पिछले ही साल वनडे वर्ल्डकप जीत चुकी हरमनप्रीत की ये टीम टी-20 वर्ल्डकप की भी सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही है। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Womens T20 World Cup, Smriti Mandhana, Harmanpreet Kaur, Jemimah Rodrigues, Deepti Sharma, Shafali Verma, India Cricket

Womens T20 World Cup, Smriti Mandhana, Harmanpreet Kaur, Jemimah Rodrigues, Deepti Sharma, Shafali Verma, India Cricket

Hindi News Sports Cricket Womens T20 World Cup, Smriti Mandhana, Harmanpreet Kaur, Jemimah Rodrigues, Deepti Sharma, Shafali Verma, India Cricket स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक ऊपर कवर में हरमनप्रीत कौर का कप्तानी रिकॉर्ड दिया गया है। जबकि, दीप्ति शर्मा के ऑलराउंड प्रदर्शन के आंकड़े दिए गए हैं। विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में भारत का पहला मैच कल पाकिस्तान से होगा। पिछले ही साल वनडे वर्ल्डकप जीत चुकी हरमनप्रीत की ये टीम टी-20 वर्ल्डकप की भी सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही है। इस टीम में अनुभव, फॉर्म और युवा जोश का बेहतरीन मिश्रण है। हरमनप्रीत टी-20 इंटरनेशनल में सबसे सफल कप्तान हैं। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की विस्फोट ओपनिंग जोड़ी है। शेफाली 135 प्लस स्ट्राइक रेट से बैटिंग करती हैं। दीप्ति शर्मा दुनिया की इकलौती टी-20 ऑलराउंडर हैं, जिनके नाम 1000 से ज्यादा रन और 150 से ज्यादा विकेट हैं। मिडिल ऑर्डर में जेमिमा हैं, जो टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 2,700 से ज्यादा रन बना चुकी हैं। 23 साल की क्रांति गौड़ गेंदबाजी की जान हैं। स्टोरी में आगे जानेंगे ऐसे ही 6 मैच विनर्स के बारे में, जो टीम इंडिया को खिताब जिता सकती हैं… 1. मंधाना दुनिया की दूसरी टॉप स्कोरर 29 साल की स्मृति मंधाना भारत की सबसे सफल टी-20 इंटरनेशनल बल्लेबाजों में से एक हैं। उनके नाम 4,333 रन हैं। वह मेंस और विमेंस क्रिकेट मिलाकर भारत के लिए सबसे ज्यादा टी-20 इंटरनेशनल रन बनाने वाली खिलाड़ी हैं। विमेंस टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाजों की सूची में वे दूसरे स्थान पर हैं, जबकि पहले नंबर पर न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स (4720) हैं। उप कप्तान मंधाना ने जून 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ 112 रन की पारी खेलकर अपना पहला टी-20 इंटरनेशनल शतक लगाया था। पावरप्ले में तेज शुरुआत देने और बड़ी पारियां खेलने की उनकी क्षमता भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। विमेंस वनडे वर्ल्ड कप 2025 में भी वह 434 रन बनाकर भारत की टॉप स्कोरर रही थीं। 2. हरमनप्रीत सबसे सफल कप्तान कप्तान हरमनप्रीत कौर के पास बड़े मैचों का अनुभव है। मिडिल ऑर्डर में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और नेतृत्व क्षमता भारत के लिए टूर्नामेंट में अहम भूमिका निभा सकती है। 37 साल की हरमनप्रीत के नाम विमेंस टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 4,000 से ज्यादा रन हैं और उनका बेस्ट स्कोर 103 रन है। बतौर कप्तान उन्होंने 3,145 रन बनाए हैं, जो विमेंस टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा हैं। इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर चमारी अट्टापट्टू (3,131 रन) और तीसरे स्थान पर मेग लैनिंग (2,619 रन) हैं। इसके अलावा, हरमनप्रीत विमेंस टी-20 इंटरनेशनल इतिहास की सबसे सफल कप्तान भी हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 142 मैच खेले हैं, जिनमें 81 जीत हासिल की हैं। इस सूची में दूसरे स्थान पर लैनिंग हैं, जिनकी कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने 76 मैच जीते थे। 3. जेमिमा भरोसेमंद, 2,700 से ज्यादा रन जेमिमा रोड्रिग्ज भारतीय टीम की सबसे भरोसेमंद मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजों में से एक हैं। उनके नाम टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 2,700 से ज्यादा रन हैं और वे इस फॉर्मेट में 2,500 रन बनाने वाली भारत की चौथी महिला खिलाड़ी हैं। जेमिमा की सबसे बड़ी ताकत दबाव में बल्लेबाजी करना और तेजी से रन जुटाना है। उन्होंने टी-20 इंटरनेशनल में 16 अर्धशतक लगाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 117 से ज्यादा है। वे हाल के समय में भी शानदार फॉर्म में रही हैं। इंग्लैंड के खिलाफ हालिया टी-20 सीरीज के पहले मैच में उन्होंने मैच जिताऊ अर्धशतक लगाया था। वहीं, विमेंस वनडे वर्ल्ड कप 2025 के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 127 रन बनाकर भारत को फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। उस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था। 4. दीप्ति वनडे वर्ल्डकप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहीं दीप्ति शर्मा सबसे बेहतरीन टी-20 इंटरनेशनल ऑलराउंडर्स में से एक हैं। वे बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख बदलने की क्षमता रखती हैं। दीप्ति मेंस और विमेंस क्रिकेट मिलाकर टी-20 इंटरनेशनल में 1,000 से ज्यादा रन और 150 से ज्यादा विकेट लेने वाली दुनिया की पहली और अब तक इकलौती ऑलराउंडर हैं। दीप्ति के नाम 161 विकेट हैं और वे विमेंस टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में दूसरी सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज हैं। मिडिल ओवर्स में उनकी किफायती गेंदबाजी, नियमित अंतराल पर विकेट लेने की क्षमता और निचले क्रम में उपयोगी रन बनाना भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पिछले साल विमेंस वनडे वर्ल्ड कप में दीप्ति सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज रहीं और उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी चुना गया था। ऐसे में आगामी टूर्नामेंट में भी वह भारत की सबसे अहम खिलाड़ियों में शामिल होंगी। 5. शेफाली का स्ट्राइकर रेट 135+ टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में शेफाली वर्मा भारत की सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में गिनी जाती हैं। दाएं हाथ की यह ओपनर 135+ स्ट्राइक रेट के साथ तेजी से रन बनाकर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने की क्षमता रखती हैं।। उनके नाम 100 से ज्यादा टी-20 इंटरनेशनल मैचों में करीब 2,700 रन हैं, जिसमें 16 अर्धशतक शामिल हैं। विमेंस टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 2,500 रन पूरे करने वाली भारत की तीसरी बल्लेबाज हैं। शेफाली ने विमेंस वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत के लिए सबसे ज्यादा 87 रन बनाए थे और दो कैच भी लिए थे। वे पहले भारतीय स्क्वॉड का हिस्सा नहीं थी, लेकिन प्रतिका रावल के चोटिल होने के बाद टीम में शामिल हुई थीं। उन्हें फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था। 6. क्रांति ने एक साल में बनाई मजबूत पहचान 23 साल की क्रांति गौड़ करीब एक साल पहले तक भारतीय क्रिकेट में एक उभरती हुई प्रतिभा थीं, लेकिन अब वे टीम की अहम तेज गेंदबाजों में गिनी जाती हैं। पिछले 12 महीनों में उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में तेजी से अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने 29 इंटरनेशनल मैचों में 35 विकेट झटके हैं। भारत को अगर वर्ल्ड कप में अच्छी शुरुआत चाहिए तो क्रांति की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। यह उनका पहला टी-20 वर्ल्ड कप है, लेकिन उनसे उम्मीदें किसी अनुभवी खिलाड़ी से कम नहीं हैं। ग्रुप ऑफ डेथ में विमेंस टीम इंडिया विमेंस टीम इंडिया को ग्रुप-ए में रखा गया है।

लॉकअप तक क्यों पहुंचा नेटफ्लिक्स?:भारत के सबसे बड़े OTT की सबसे बड़ी बेचैनी, दबाव और बदलते बाजार की कहानी

लॉकअप तक क्यों पहुंचा नेटफ्लिक्स?:भारत के सबसे बड़े OTT की सबसे बड़ी बेचैनी, दबाव और बदलते बाजार की कहानी

भारत में नेटफ्लिक्स के पास बड़े सितारे, बड़े बजट और वैश्विक पहचान है। फिर भी वह अमेजन प्राइम, जियोहॉटस्टार और दूसरे ओटीटी प्लेटफॉर्म जैसा सांस्कृतिक प्रभाव नहीं बना पाया। सवाल सिर्फ फ्लॉप शो का नहीं, दर्शकों से जुड़ाव का भी है। जहां दूसरे प्लेटफॉर्म ऐसे किरदार और कहानियां बनाने में सफल रहे जो लोगों की बातचीत का हिस्सा बन गए, वहीं नेटफ्लिक्स के कई चर्चित प्रोजेक्ट रिलीज के कुछ समय बाद भुला दिए गए। अब सवाल यह है कि भारतीय बाजार में नेटफ्लिक्स कहां चूक गया और ‘लॉकअप’ उसके लिए कितना बड़ा इम्तिहान साबित होगा। इसे समझने के लिए हमने डायरेक्टर विवेक शर्मा, लेखक धीरज मिश्रा और ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन से बातचीत की । नेटफ्लिक्स की सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ फ्लॉप शो नहीं, भारतीय दर्शकों से दूरी भी है भारत में नेटफ्लिक्स की आलोचना अक्सर इस बात पर होती है कि उसके कई बड़े प्रोजेक्ट उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए। लेकिन समस्या सिर्फ फ्लॉप शो या कमजोर व्यूअरशिप की नहीं है। सवाल यह है कि क्या नेटफ्लिक्स भारतीय दर्शकों के साथ वैसा भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव बना पाया है, जैसा उसके प्रतिस्पर्धी प्लेटफॉर्म बना चुके हैं। आज भारतीय मनोरंजन बाजार में सफलता सिर्फ व्यूअरशिप से तय नहीं होती। सफलता तब मानी जाती है जब किरदार लोगों की बातचीत का हिस्सा बन जाएं, संवाद सोशल मीडिया से निकलकर आम बोलचाल तक पहुंच जाएं और दर्शक अगले सीजन का इंतजार करें। यहीं नेटफ्लिक्स संघर्ष करता दिखाई देता है। फिल्म निर्देशक विवेक शर्मा का कहना है कि शुरुआत में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से उम्मीद थी कि वे नए फिल्ममेकरों, नई कहानियों और अलग कंटेंट के लिए मंच बनेंगे। लेकिन समय के साथ कई प्लेटफॉर्म उसी व्यवस्था का हिस्सा बन गए, जिससे बदलाव की उम्मीद थी। उनके मुताबिक नेटफ्लिक्स ने बड़े सितारों और बड़े बैनरों पर जरूरत से ज्यादा भरोसा किया, जबकि नए विचारों और प्रतिभाओं को अपेक्षित जगह नहीं मिली। अमेजन ने किरदार बनाए, नेटफ्लिक्स ने प्रोजेक्ट अगर भारतीय ओटीटी बाजार का सबसे बड़ा विजेता चुना जाए तो अमेजन प्राइम वीडियो आगे दिखाई देता है। वजह सिर्फ अच्छी सीरीज नहीं, बल्कि मजबूत फ्रेंचाइजी का निर्माण है। कालीन भैया, गुड्डू पंडित, श्रीकांत तिवारी, हाथीराम चौधरी और सचिव जी अब सिर्फ किरदार नहीं रहे, बल्कि भारतीय पॉप कल्चर का हिस्सा बन चुके हैं। ऑरमैक्स मीडिया के अनुसार शाहिद कपूर और विजय सेतुपति की ‘फर्जी’ 3.71 करोड़ दर्शकों के साथ भारत की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली एसवीओडी सीरीज बनी थी। वहीं ‘मिर्जापुर’ और ‘पंचायत’ आज भी दर्शकों की बातचीत का हिस्सा हैं। ‘मिर्जापुर’ सिर्फ एक सीरीज नहीं है। उस पर फिल्म भी बन रही है। उसके किरदारों की अलग पहचान है और उसकी दुनिया दर्शकों के दिमाग में आज भी जीवित है। विवेक शर्मा कहते हैं कि बड़े कलाकार किसी भी प्रोजेक्ट को शुरुआती चर्चा दिला सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक वही कंटेंट टिकता है जिसमें नई सोच, मजबूत कहानी और याद रह जाने वाले किरदार हों। उनके मुताबिक दर्शक अब सिर्फ स्टार्स नहीं, बल्कि ऐसा कंटेंट चाहते हैं जो उन्हें नया अनुभव दे सके। यही वह क्षेत्र है जहां अमेजन प्राइम और दूसरे प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स से आगे दिखाई देते हैं। बड़े सितारों पर दांव, लेकिन याद क्या रह गया? नेटफ्लिक्स ने पिछले कुछ वर्षों में लगभग हर बड़े कलाकार के साथ काम किया। सैफ अली खान, जयदीप अहलावत, माधुरी दीक्षित, तृप्ति डिमरी, करीना कपूर खान, राजकुमार राव, विजय वर्मा और बॉबी देओल जैसे नाम उसकी रणनीति का हिस्सा रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि इन बड़े नामों के बावजूद कितने प्रोजेक्ट लंबे समय तक दर्शकों के बीच टिक पाए। सैफ अली खान के हालिया प्रोजेक्ट ‘कर्तव्य’ और ‘ज्वेल थीफ’ को रिलीज से पहले काफी चर्चा मिली। ट्रेलर लॉन्च हुए, इंटरव्यू हुए और सोशल मीडिया अभियान भी चले। लेकिन रिलीज के बाद वे वैसा सांस्कृतिक प्रभाव नहीं बना सके, जैसी उनके स्तर के प्रोजेक्ट से उम्मीद थी। इसी तरह माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी की ‘मां-बहन’ को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा हुई, लेकिन वह कुछ हफ्तों में ठंडी पड़ गई। विवेक शर्मा का कहना है कि समस्या कलाकारों में नहीं, बल्कि उस सोच में है जो बार-बार सुरक्षित विकल्प चुनती है। उनके मुताबिक हाल के वर्षों में बड़े प्रोजेक्ट्स में बड़े कलाकारों का इस्तेमाल हुआ, लेकिन उन्हें जिस तरह प्रस्तुत किया गया उसमें नवीनता और रचनात्मक गहराई की कमी दिखी। कंटेंट का संकट या विजन का संकट? नेटफ्लिक्स की चुनौतियों को सिर्फ कमजोर प्रोजेक्ट्स तक सीमित नहीं देखा जा सकता। सवाल यह भी है कि क्या प्लेटफॉर्म के पास भारतीय बाजार के लिए स्पष्ट कंटेंट विजन है। विवेक शर्मा का मानना है कि सबसे बड़ी समस्या यही है। उनके मुताबिक कई बार फैसले रचनात्मकता के बजाय रिश्तों, लॉबी और स्थापित समूहों के प्रभाव में लिए जाते हैं। एक ही बैनर या प्रोडक्शन हाउस को बार-बार बड़े प्रोजेक्ट मिलते हैं, जबकि नए लोगों और नए विचारों को पर्याप्त अवसर नहीं मिलते। विवेक शर्मा कहते हैं कि कई ऐसे लोग कंटेंट से जुड़े फैसले ले रहे हैं जिन्होंने खुद रचनात्मक स्तर पर बड़ी सफलता हासिल नहीं की। ऐसे माहौल में नए विचारों और ताजा कंटेंट का आना मुश्किल हो जाता है। उनके मुताबिक नेटफ्लिक्स को गंभीर आत्ममंथन की जरूरत है। उसे तय करना होगा कि वह सिर्फ बड़े नामों का प्लेटफॉर्म बनना चाहता है या नई प्रतिभाओं और नई कहानियों का मंच भी। भारत बदल गया, क्या नेटफ्लिक्स भी बदला? ऑरमैक्स की 2025 रिपोर्ट के अनुसार भारत में ओटीटी दर्शकों की संख्या 60 करोड़ से ज्यादा पहुंच चुकी है। अब यह बाजार सिर्फ महानगरों और अंग्रेजी भाषी दर्शकों तक सीमित नहीं रहा। छोटे शहर, कस्बे, परिवार और क्षेत्रीय दर्शक इसकी सबसे बड़ी ताकत बन चुके हैं। लेखक धीरज मिश्रा का मानना है कि नेटफ्लिक्स आम भारतीय दर्शकों की नब्ज पकड़ने में देर कर गया। उनके मुताबिक शुरुआती दौर में प्लेटफॉर्म के शो तकनीकी रूप से मजबूत थे और महानगरों के दर्शकों को पसंद आए, लेकिन बड़े दर्शक वर्ग से उनका जुड़ाव सीमित रहा। धीरज मिश्रा कहते हैं कि इसी दौरान दूसरे ओटीटी प्लेटफॉर्म ऐसे शो और फिल्में लेकर आए जिनकी कहानियां और किरदार आम भारतीय दर्शकों के ज्यादा करीब थे। इसी वजह से उन्होंने तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

लॉकअप तक क्यों पहुंचा नेटफ्लिक्स?:भारत के सबसे बड़े OTT की सबसे बड़ी बेचैनी, दबाव और बदलते बाजार की कहानी

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भारत में नेटफ्लिक्स के पास बड़े सितारे, बड़े बजट और वैश्विक पहचान है। फिर भी वह अमेजन प्राइम, जियोहॉटस्टार और दूसरे ओटीटी प्लेटफॉर्म जैसा सांस्कृतिक प्रभाव नहीं बना पाया। सवाल सिर्फ फ्लॉप शो का नहीं, दर्शकों से जुड़ाव का भी है। जहां दूसरे प्लेटफॉर्म ऐसे किरदार और कहानियां बनाने में सफल रहे जो लोगों की बातचीत का हिस्सा बन गए, वहीं नेटफ्लिक्स के कई चर्चित प्रोजेक्ट रिलीज के कुछ समय बाद भुला दिए गए। अब सवाल यह है कि भारतीय बाजार में नेटफ्लिक्स कहां चूक गया और ‘लॉकअप’ उसके लिए कितना बड़ा इम्तिहान साबित होगा। इसे समझने के लिए हमने डायरेक्टर विवेक शर्मा, लेखक धीरज मिश्रा और ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन से बातचीत की । नेटफ्लिक्स की सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ फ्लॉप शो नहीं, भारतीय दर्शकों से दूरी भी है भारत में नेटफ्लिक्स की आलोचना अक्सर इस बात पर होती है कि उसके कई बड़े प्रोजेक्ट उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए। लेकिन समस्या सिर्फ फ्लॉप शो या कमजोर व्यूअरशिप की नहीं है। सवाल यह है कि क्या नेटफ्लिक्स भारतीय दर्शकों के साथ वैसा भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव बना पाया है, जैसा उसके प्रतिस्पर्धी प्लेटफॉर्म बना चुके हैं। आज भारतीय मनोरंजन बाजार में सफलता सिर्फ व्यूअरशिप से तय नहीं होती। सफलता तब मानी जाती है जब किरदार लोगों की बातचीत का हिस्सा बन जाएं, संवाद सोशल मीडिया से निकलकर आम बोलचाल तक पहुंच जाएं और दर्शक अगले सीजन का इंतजार करें। यहीं नेटफ्लिक्स संघर्ष करता दिखाई देता है। फिल्म निर्देशक विवेक शर्मा का कहना है कि शुरुआत में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से उम्मीद थी कि वे नए फिल्ममेकरों, नई कहानियों और अलग कंटेंट के लिए मंच बनेंगे। लेकिन समय के साथ कई प्लेटफॉर्म उसी व्यवस्था का हिस्सा बन गए, जिससे बदलाव की उम्मीद थी। उनके मुताबिक नेटफ्लिक्स ने बड़े सितारों और बड़े बैनरों पर जरूरत से ज्यादा भरोसा किया, जबकि नए विचारों और प्रतिभाओं को अपेक्षित जगह नहीं मिली। अमेजन ने किरदार बनाए, नेटफ्लिक्स ने प्रोजेक्ट अगर भारतीय ओटीटी बाजार का सबसे बड़ा विजेता चुना जाए तो अमेजन प्राइम वीडियो आगे दिखाई देता है। वजह सिर्फ अच्छी सीरीज नहीं, बल्कि मजबूत फ्रेंचाइजी का निर्माण है। कालीन भैया, गुड्डू पंडित, श्रीकांत तिवारी, हाथीराम चौधरी और सचिव जी अब सिर्फ किरदार नहीं रहे, बल्कि भारतीय पॉप कल्चर का हिस्सा बन चुके हैं। ऑरमैक्स मीडिया के अनुसार शाहिद कपूर और विजय सेतुपति की ‘फर्जी’ 3.71 करोड़ दर्शकों के साथ भारत की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली एसवीओडी सीरीज बनी थी। वहीं ‘मिर्जापुर’ और ‘पंचायत’ आज भी दर्शकों की बातचीत का हिस्सा हैं। ‘मिर्जापुर’ सिर्फ एक सीरीज नहीं है। उस पर फिल्म भी बन रही है। उसके किरदारों की अलग पहचान है और उसकी दुनिया दर्शकों के दिमाग में आज भी जीवित है। विवेक शर्मा कहते हैं कि बड़े कलाकार किसी भी प्रोजेक्ट को शुरुआती चर्चा दिला सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक वही कंटेंट टिकता है जिसमें नई सोच, मजबूत कहानी और याद रह जाने वाले किरदार हों। उनके मुताबिक दर्शक अब सिर्फ स्टार्स नहीं, बल्कि ऐसा कंटेंट चाहते हैं जो उन्हें नया अनुभव दे सके। यही वह क्षेत्र है जहां अमेजन प्राइम और दूसरे प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स से आगे दिखाई देते हैं। बड़े सितारों पर दांव, लेकिन याद क्या रह गया? नेटफ्लिक्स ने पिछले कुछ वर्षों में लगभग हर बड़े कलाकार के साथ काम किया। सैफ अली खान, जयदीप अहलावत, माधुरी दीक्षित, तृप्ति डिमरी, करीना कपूर खान, राजकुमार राव, विजय वर्मा और बॉबी देओल जैसे नाम उसकी रणनीति का हिस्सा रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि इन बड़े नामों के बावजूद कितने प्रोजेक्ट लंबे समय तक दर्शकों के बीच टिक पाए। सैफ अली खान के हालिया प्रोजेक्ट ‘कर्तव्य’ और ‘ज्वेल थीफ’ को रिलीज से पहले काफी चर्चा मिली। ट्रेलर लॉन्च हुए, इंटरव्यू हुए और सोशल मीडिया अभियान भी चले। लेकिन रिलीज के बाद वे वैसा सांस्कृतिक प्रभाव नहीं बना सके, जैसी उनके स्तर के प्रोजेक्ट से उम्मीद थी। इसी तरह माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी की ‘मां-बहन’ को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा हुई, लेकिन वह कुछ हफ्तों में ठंडी पड़ गई। विवेक शर्मा का कहना है कि समस्या कलाकारों में नहीं, बल्कि उस सोच में है जो बार-बार सुरक्षित विकल्प चुनती है। उनके मुताबिक हाल के वर्षों में बड़े प्रोजेक्ट्स में बड़े कलाकारों का इस्तेमाल हुआ, लेकिन उन्हें जिस तरह प्रस्तुत किया गया उसमें नवीनता और रचनात्मक गहराई की कमी दिखी। कंटेंट का संकट या विजन का संकट? नेटफ्लिक्स की चुनौतियों को सिर्फ कमजोर प्रोजेक्ट्स तक सीमित नहीं देखा जा सकता। सवाल यह भी है कि क्या प्लेटफॉर्म के पास भारतीय बाजार के लिए स्पष्ट कंटेंट विजन है। विवेक शर्मा का मानना है कि सबसे बड़ी समस्या यही है। उनके मुताबिक कई बार फैसले रचनात्मकता के बजाय रिश्तों, लॉबी और स्थापित समूहों के प्रभाव में लिए जाते हैं। एक ही बैनर या प्रोडक्शन हाउस को बार-बार बड़े प्रोजेक्ट मिलते हैं, जबकि नए लोगों और नए विचारों को पर्याप्त अवसर नहीं मिलते। विवेक शर्मा कहते हैं कि कई ऐसे लोग कंटेंट से जुड़े फैसले ले रहे हैं जिन्होंने खुद रचनात्मक स्तर पर बड़ी सफलता हासिल नहीं की। ऐसे माहौल में नए विचारों और ताजा कंटेंट का आना मुश्किल हो जाता है। उनके मुताबिक नेटफ्लिक्स को गंभीर आत्ममंथन की जरूरत है। उसे तय करना होगा कि वह सिर्फ बड़े नामों का प्लेटफॉर्म बनना चाहता है या नई प्रतिभाओं और नई कहानियों का मंच भी। भारत बदल गया, क्या नेटफ्लिक्स भी बदला? ऑरमैक्स की 2025 रिपोर्ट के अनुसार भारत में ओटीटी दर्शकों की संख्या 60 करोड़ से ज्यादा पहुंच चुकी है। अब यह बाजार सिर्फ महानगरों और अंग्रेजी भाषी दर्शकों तक सीमित नहीं रहा। छोटे शहर, कस्बे, परिवार और क्षेत्रीय दर्शक इसकी सबसे बड़ी ताकत बन चुके हैं। लेखक धीरज मिश्रा का मानना है कि नेटफ्लिक्स आम भारतीय दर्शकों की नब्ज पकड़ने में देर कर गया। उनके मुताबिक शुरुआती दौर में प्लेटफॉर्म के शो तकनीकी रूप से मजबूत थे और महानगरों के दर्शकों को पसंद आए, लेकिन बड़े दर्शक वर्ग से उनका जुड़ाव सीमित रहा। धीरज मिश्रा कहते हैं कि इसी दौरान दूसरे ओटीटी प्लेटफॉर्म ऐसे शो और फिल्में लेकर आए जिनकी कहानियां और किरदार आम भारतीय दर्शकों के ज्यादा करीब थे। इसी वजह से उन्होंने तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

भारत के खिलाफ पहली बार वनडे सीरीज खेलेगा अफगानिस्तान:कोहली-हार्दिक के बिना उतरेगी इंडिया, धर्मशाला में आज बारिश के 55% चांस

भारत के खिलाफ पहली बार वनडे सीरीज खेलेगा अफगानिस्तान:कोहली-हार्दिक के बिना उतरेगी इंडिया, धर्मशाला में आज बारिश के 55% चांस

भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला आज खेला जाएगा। मैच धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में दोपहर 1:30 बजे शुरू होगा। भारत और अफगानिस्तान के बीच पहली बार वनडे सीरीज खेली जाएगा। इससे पहले दोनों टीमें वर्ल्ड कप और एशिया कप में आमने-सामने हुई थीं। विराट कोहली और हार्दिक पंड्या चोट के कारण बाहर हो गए हैं। जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज को आराम दिया गया है। ऐसे में प्रिंस यादव और गुरनूर बरार में से एक को डेब्यू का मौका मिल सकता है। धर्मशाला में मौसम मैच पर असर डाल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को बारिश की संभावना 55% है। भारत-अफगानिस्तान में 4 वनडे, इंडिया 3 जीती भारत और अफगानिस्तान के बीच 4 वनडे मैच खेले गए हैं। भारत ने तीन मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला टाई रहा है। अफगानिस्तान अभी तक भारत के खिलाफ वनडे में जीत दर्ज नहीं कर सका है। दोनों टीमों की पिछली भिड़ंत 2023 वनडे वर्ल्ड कप में दिल्ली में हुई थी, जहां भारत ने 8 विकेट से एकतरफा जीत दर्ज की थी। भारत की नजर शुभमन-रोहित पर अफगानिस्तान की ताकत जादरान-राशिद HPCA में बल्लेबाजों और तेज गेंदबाजों दोनों को मदद धर्मशाला का HPCA स्टेडियम समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर स्थित है। यहां गेंद तेजी से बल्ले पर आती है और आउटफील्ड भी तेज रहती है। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को स्विंग और अतिरिक्त उछाल मिलती है, जबकि बाद में बल्लेबाज खुलकर रन बना सकते हैं। इस मैदान पर अब तक 9 वनडे खेले गए हैं, जिनमें 5 बार लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम जीती है। यहां पहली पारी का औसत स्कोर करीब 253 रन है। 2023 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 388 रन बनाकर यहां का सबसे बड़ा स्कोर बनाया था। श्रेयस 3 हजार वनडे रन से 23 रन दूर पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव/गुरनूर बरार। अफगानिस्तान: इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी/इकराम अलिखिल , राशिद खान, मोहम्मद सलीम, अल्लाह गजनफर, जिया-उर-रहमान।