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Mcap of 8 most valued firms surges by ₹1.90 trn, Icici bank top gainer

Mcap of 8 most valued firms surges by ₹1.90 trn, Icici bank top gainer
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मुंबई2 मिनट पहले

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बीते हफ्ते शेयर बाजार में रही तेजी के चलते देश की टॉप-10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 8 के मार्केट कैपिटलाइजेशन में ₹1.90 लाख करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दौरान प्राइवेट सेक्टर के ICICI बैंक ने सबसे ज्यादा मुनाफा कमाया और वह लिस्ट में टॉप पर रहा।

ICICI बैंक कि वैल्यूएशन सबसे ज्यादा ₹56,223 करोड़ बढ़कर कुल ₹9.61 लाख करोड़ पर पहुंच गई। SBI का मार्केट कैप ₹36,137.87 करोड़ बढ़कर ₹9.38 लाख करोड़ पर पहुंच गया है।

इसके अलावा बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और रिलायंस इंडस्ट्रीज की वैल्यू भी बढ़ी है। वहीं TCS और LIC की मार्केट वैल्यू बीते हफ्ते घटी है।

देश की टॉप-10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में रिलायंस नंबर-1

वहीं पिछले हफ्ते के कारोबार के बाद अब वैल्यूएशन के मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले नंबर पर बनी हुई है। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, ICICI बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलआईसी का नंबर आता है।

बीते हफ्ते सेंसेक्स 1,284 अंक और निफ्टी 256 अंक चढ़ा था

पिछले हफ्ते सेंसेक्स 1,284.61 (1.73%) अंक और निफ्टी 256.2 (1%) अंक चढ़ा था। वहीं शुक्रवार, 12 जून को सेंसेक्स 1,695 अंक उछलकर 75,527 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 461 अंक चढ़कर 23,622 के स्तर पर पहुंच गया।

मार्केट में तेजी की वजह: ग्लोबल सेंटीमेंट और आरबीआई के फैसले

रेलीगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च एसवीपी (SVP) अजीत मिश्रा ने बताया कि भारतीय शेयर बाजार ने उतार-चढ़ाव से भरे हफ्ते का अंत मजबूती के साथ किया है। बाजार ने पिछले दो हफ्तों से चली आ रही गिरावट के सिलसिले को तोड़ दिया है।

ग्लोबल सेंटीमेंट में सुधार और विदेशी मुद्रा के इनफ्लो को आकर्षित करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा उठाए गए सपोर्टिव कदमों से बाजार को सहारा मिला।

अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद से बाजार में आई तेजी

अजीत मिश्रा के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर जो आशावाद बना है, उससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।

इस समझौते की उम्मीद से जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और एनर्जी मार्केट्स के स्थिर होने की संभावना बढ़ गई है, जिसका सीधा पॉजिटिव असर इक्विटी मार्केट पर देखा गया।

मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है?

मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है।

इसे एक उदाहरण से समझें…

मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी।

कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं…

बढ़ने का क्या मतलब घटने का क्या मतलब
शेयर की कीमत में बढ़ोतरी शेयर प्राइस में गिरावट
मजबूत वित्तीय प्रदर्शन खराब नतीजे
पॉजिटीव न्यूज या इवेंट नेगेटिव न्यूज या इवेंट
पॉजिटीव मार्केट सेंटिमेंट इकोनॉमी या मार्केट में गिरावट
हाई प्राइस पर शेयर जारी करना शेयर बायबैक या डीलिस्टिंग

मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है?

  • कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है।
  • निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं।
  • उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है।

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बीते हफ्ते शेयर बाजार में रही तेजी के चलते देश की टॉप-10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 8 के मार्केट कैपिटलाइजेशन में ₹1.90 लाख करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दौरान प्राइवेट सेक्टर के ICICI बैंक ने सबसे ज्यादा मुनाफा कमाया और वह लिस्ट में टॉप पर रहा।

ICICI बैंक कि वैल्यूएशन सबसे ज्यादा ₹56,223 करोड़ बढ़कर कुल ₹9.61 लाख करोड़ पर पहुंच गई। SBI का मार्केट कैप ₹36,137.87 करोड़ बढ़कर ₹9.38 लाख करोड़ पर पहुंच गया है।

इसके अलावा बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और रिलायंस इंडस्ट्रीज की वैल्यू भी बढ़ी है। वहीं TCS और LIC की मार्केट वैल्यू बीते हफ्ते घटी है।

देश की टॉप-10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में रिलायंस नंबर-1

वहीं पिछले हफ्ते के कारोबार के बाद अब वैल्यूएशन के मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले नंबर पर बनी हुई है। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, ICICI बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलआईसी का नंबर आता है।

बीते हफ्ते सेंसेक्स 1,284 अंक और निफ्टी 256 अंक चढ़ा था

पिछले हफ्ते सेंसेक्स 1,284.61 (1.73%) अंक और निफ्टी 256.2 (1%) अंक चढ़ा था। वहीं शुक्रवार, 12 जून को सेंसेक्स 1,695 अंक उछलकर 75,527 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 461 अंक चढ़कर 23,622 के स्तर पर पहुंच गया।

मार्केट में तेजी की वजह: ग्लोबल सेंटीमेंट और आरबीआई के फैसले

रेलीगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च एसवीपी (SVP) अजीत मिश्रा ने बताया कि भारतीय शेयर बाजार ने उतार-चढ़ाव से भरे हफ्ते का अंत मजबूती के साथ किया है। बाजार ने पिछले दो हफ्तों से चली आ रही गिरावट के सिलसिले को तोड़ दिया है।

ग्लोबल सेंटीमेंट में सुधार और विदेशी मुद्रा के इनफ्लो को आकर्षित करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा उठाए गए सपोर्टिव कदमों से बाजार को सहारा मिला।

अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद से बाजार में आई तेजी

अजीत मिश्रा के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर जो आशावाद बना है, उससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।

इस समझौते की उम्मीद से जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और एनर्जी मार्केट्स के स्थिर होने की संभावना बढ़ गई है, जिसका सीधा पॉजिटिव असर इक्विटी मार्केट पर देखा गया।

मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है?

मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है।

इसे एक उदाहरण से समझें…

मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी।

कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं…

बढ़ने का क्या मतलब घटने का क्या मतलब
शेयर की कीमत में बढ़ोतरी शेयर प्राइस में गिरावट
मजबूत वित्तीय प्रदर्शन खराब नतीजे
पॉजिटीव न्यूज या इवेंट नेगेटिव न्यूज या इवेंट
पॉजिटीव मार्केट सेंटिमेंट इकोनॉमी या मार्केट में गिरावट
हाई प्राइस पर शेयर जारी करना शेयर बायबैक या डीलिस्टिंग

मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है?

  • कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है।
  • निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं।
  • उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है।

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