Wednesday, 12 Aug 2026 | 02:09 AM

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जेंडर का फर्क मिट रहा, पर बदल रहीं सिर्फ महिलाएं:36% अमेरिकी उपभोक्ता परंपरागत जेंडर कैटेगरी से बाहर जाकर कपड़े खरीद चुके

जेंडर का फर्क मिट रहा, पर बदल रहीं सिर्फ महिलाएं:36% अमेरिकी उपभोक्ता परंपरागत जेंडर कैटेगरी से बाहर जाकर कपड़े खरीद चुके

ऑफिस में सूट-वेस्ट पहनी महिलाएं आम हो गई हैं। लेकिन क्या आपने किसी पुरुष को झुमकियां पहनकर मीटिंग में आते देखा है? शायद नहीं। यही फर्क हार्वर्ड बिजनेस स्कूल की असिस्टेंट प्रोफेसर मारेन हॉफ की नई रिसर्च का केंद्र बना। हॉफ जब ऑफिस में महिलाओं को सूट-वेस्ट में देखने लगीं तो उन्होंने खुद भी कुछ खरीद लिए। लेकिन एक मार्केटिंग स्कॉलर के रूप में उनके जेहन में सवाल उठा- यह बदलाव किस दिशा में हो रहा है? इसका जवाब उन्होंने ‘जर्नल ऑफ कंज्यूमर रिसर्च’ में दिया है-महिलाओं की तुलना में पुरुष बेहद कम बदल रहे हैं। मारेन की रिसर्च टीम ने 1880 से 2022 के बीच अमेरिका के एक लाख बच्चों के नामों का विश्लेषण किया। पाया कि हर साल औसतन 310 पुरुष नाम जेंडर-फ्लूइड बने। यानी लड़कियों ने पुरुषों के नाम अपनाए, जबकि जो पुरुषों ने महिला नाम अपनाए, वे सिर्फ 207 थे। ब्लेक इसका अच्छा उदाहरण है। 1883 में यह सिर्फ लड़कों का नाम था। 1960 के दशक में लड़कियों ने इसे अपनाना शुरू किया। 1981 तक यह दोनों का हो गया। टीम ने फैशन रिटेलर फारफेच के 2 लाख से ज्यादा प्रोडक्ट इमेज एक इमेज-रिकॉग्निशन मॉडल से जांचे। नतीजा साफ था- महिलाओं के 7% कपड़े एआई ने पुरुषों के समझ लिए, जबकि पुरुषों के सिर्फ 5.3% कपड़े ही महिलाओं का समझा। यानी महिलाओं के फैशन में मर्दाना छाप ज्यादा है, पर इसका उल्टा कम हो रहा है। इसकी वजह सीधी है- मर्दानगी को समाज में ताकत का प्रतीक माना जाता है। महिलाओं के लिए पुरुष-स्टाइल कम जोखिम भरा है, बल्कि यह उन्हें प्रोफेशनल और सशक्त दिखाता है। पुरुषों के लिए स्त्रियोचित स्टाइल अब भी सामाजिक रूप से जोखिम भरा माना जाता है। हॉफ कहती हैं, ‘यह ट्रेंड समावेश के नाम पर है, लेकिन असल में यह पुरानी पावर डायनेमिक्स को बनाए रखता है।’ दिलचस्प है कि 36% अमेरिकी उपभोक्ता परंपरागत जेंडर कैटेगरी से बाहर जाकर कपड़े खरीद चुके हैं। नॉर्डस्ट्रॉम, मार्क जैकब्स और गुची जैसे ब्रांड जेंडर-फ्लूइड कलेक्शन ला चुके हैं। लेकिन मारेन की रिसर्च कहती है कि जब तक यह बदलाव एकतरफा है, तब तक समानता दूर है। असली बदलाव तब आएगा जब पुरुष भी बिना झिझक झुमकियां पहन सकें। यूनिसेक्स जेंडर-फ्लूइड का बस एक हिस्सा, फैशन इंडस्ट्री में इसकी चार कैटेगरी फैशन की दुनिया में चार अलग-अलग अवधारणाएं हैं, जिन्हें अक्सर एक समझ लिया जाता है: जेंडर-फ्लूइड – धीरे-धीरे और स्थायी रूप से लिंग की सीमाएं तोड़ता है, मसलन पुरुषों के लिए पर्ल नेकलेस। जेंडर-बेंडिंग – अपोजिट जेंडर के कपड़े पहनना, पर यह अस्थायी होता है। यूनिसेक्स – न मर्दाना, न स्त्रैण- जैसे ओवरसाइज्ड हूडी। एंड्रोजनी – एक ही लुक में दोनों का मिश्रण, जैसे आधा सूट, आधी ड्रेस।

सैफ ने हमले पर की बात:कहा- उसने पूरी ताकत से चाकू मारा, सफेद कुर्ता खून से सन गया, तैमूर ने पूछा था- क्या आप मर जाओगे

सैफ ने हमले पर की बात:कहा- उसने पूरी ताकत से चाकू मारा, सफेद कुर्ता खून से सन गया, तैमूर ने पूछा था- क्या आप मर जाओगे

सैफ अली खान ने जनवरी 2025 में घर में घुसकर हुए डरावने, जानलेवा हमले पर बात की है। एक्टर ने बताया है कि जब वो बच्चों के कमरे में पहुंचे तो वो हमलावर जेह और नैनी को पहले ही चोट पहुंचा चुका था। जैसे ही सैफ ने उसे रोकने की कोशिश की, उस शख्स ने उन्हें पूरी ताकत से चाकू मार दिया और उनका सफेद कुर्ता खून से लाल हो गया। सैफ ने ये भी बताया है कि हमले के बाद वो फर्श पर गिर पड़े और उन्हें लगा कि वो अब जिंदा नहीं बच सकेंगे। तभी बेटे तैमूर ने उनसे पूछा था कि क्या वो मरने वाले हैं। हमले पर बात करते हुए सैफ ने ये भी कहा कि वो उस शख्स को माफ करने के लिए तैयार हैं। सैफ अली खान ने मोजो स्टोरी को दिए इंटरव्यू में हमले पर बात करते हुए कहा, ‘वह बहुत ही भयावह घटना थी। एक चोर बाथरूम की खिड़की से घर में घुस आया। हम सो रहे थे, तभी नैनी ने आकर कहा, “जेह बाबा के कमरे में कोई आदमी है, जिसके हाथ में छुरी है और वह पैसे मांग रहा है।” ‘मैं तुरंत बच्चों के कमरे में गया। वह शख्स बच्चे (जेह) को पकड़े हुए था। उसने बच्चे को हल्की चोट पहुंचाई थी और हमारी मेड को भी जख्मी कर दिया था। शायद अगर मैं पहले लाइट जला देता और उससे बात करने की कोशिश करता, तो स्थिति अलग हो सकती थी। लेकिन उस समय मैंने बिना सोचे-समझे उस पर हमला कर दिया और हमारी हाथापाई शुरू हो गई।’ ‘इसके बाद वह चाकू लेकर बेकाबू हो गया। चारों तरफ खून और अफरा-तफरी मच गई। फिर मेरी नेपाली मेड गीता वहां आई, उसने उसे जोर से धक्का देकर कमरे के दूसरी तरफ फेंक दिया।’ आगे सैफ ने कहा, ‘कुछ देर बाद मैंने नोटिस किया कि मैं सफेद कुर्ता-पायजामा पहने हुए था, जो खून से पूरी तरह भीग चुका था। एक समय ऐसा आया जब मैं फर्श पर पड़ा था और मुझे लगा कि शायद मैं मर जाऊंगा। मैं सोच रहा था कि मैंने अपनी जिंदगी अच्छी तरह जी ली है। मैं बस अपने बच्चे का हाथ पकड़कर दुनिया को अलविदा कहना चाहता था। फिर मेरी आंख खुली और मैंने सोचा ऐसा नहीं होगा। फिर मैं हॉस्पिटल गया। मैं वाकई तैमूर के साथ रहना चाहता था। मैंने उससे पूछा कि क्या तुम मेरे साथ हॉस्पिटल आओगे। उसने मुझे देखा और पूछा, ‘क्या आप मरने वाले हैं?’ मैंने कहा, ‘नहीं, मेरी पीठ में बहुत दर्द है, लेकिन मैं ठीक हो जाऊंगा’, उसने कहा, हां मैं चलूंगा।’ सैफ ने ये भी कहा कि उस शख्स ने उन्हें पूरी ताकत से चाकू मारा था। चाकू का 6 इंच का टुकड़ा उनकी पीठ में रह गया था। वो टुकड़ा रीड़ की हड्डी के पास लगा था। सैफ ने कहा, ‘मेरा एक पैर सुन्न हो रहा था, मैं पैरालाइस होने के बेहद करीब था।’ मैं उसे माफ करना चाहता हूं- सैफ अली खान आखिर में सैफ ने कहा, मैं उस आदमी को माफ भी करना चाहता था, क्योंकि मुझे लगता है कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई थी और वह लड़ाई करने नहीं आया था। मैं उसे माफ करने के लिए तैयार हूं, लेकिन जिस हिस्से में उसने मुझे मारने की कोशिश की, उसे भुला पाना मेरे लिए अब भी मुश्किल है। मुझे लगता है कि समाज में अमीरी-गरीबी और असमानता जैसी चीजों ने भी ऐसी परिस्थितियां पैदा की हैं।” जनवरी 2025 में हुआ था हमला सैफ अली खान पर बीते साल 15 जनवरी को उनके घर सतगुरु शरण अपार्टमेंट में घुसकर हमला हुआ था। इसके बाद सैफ खुद ऑटो कर बच्चों के साथ अस्पताल पहुंचे थे। लीलावती हॉस्पिटल की मेडकिल रिपोर्ट के अनुसार, एक्टर सैफ अली खान को पांच जगहों पर चाकू घोंपा गया था। उनको पीठ, कलाई, गर्दन, कंधे और कोहनी पर चोटें लगी थीं। इलाज के बाद एक्टर को 21 जनवरी को डिस्चार्ज किया गया। पुलिस ने 2 दिन बाद बांग्लादेशी नागरिक शरीफुल इस्लाम को गिरफ्तार किया था। आरोपी अब भी पुलिस की हिरासत में है।

सैफ ने हमले पर की बात:कहा- उसने पूरी ताकत से चाकू मारा, सफेद कुर्ता खून से सन गया, तैमूर ने पूछा था- क्या आप मर जाओगे

सैफ ने हमले पर की बात:कहा- उसने पूरी ताकत से चाकू मारा, सफेद कुर्ता खून से सन गया, तैमूर ने पूछा था- क्या आप मर जाओगे

सैफ अली खान ने जनवरी 2025 में घर में घुसकर हुए डरावने, जानलेवा हमले पर बात की है। एक्टर ने बताया है कि जब वो बच्चों के कमरे में पहुंचे तो वो हमलावर जेह और नैनी को पहले ही चोट पहुंचा चुका था। जैसे ही सैफ ने उसे रोकने की कोशिश की, उस शख्स ने उन्हें पूरी ताकत से चाकू मार दिया और उनका सफेद कुर्ता खून से लाल हो गया। सैफ ने ये भी बताया है कि हमले के बाद वो फर्श पर गिर पड़े और उन्हें लगा कि वो अब जिंदा नहीं बच सकेंगे। तभी बेटे तैमूर ने उनसे पूछा था कि क्या वो मरने वाले हैं। हमले पर बात करते हुए सैफ ने ये भी कहा कि वो उस शख्स को माफ करने के लिए तैयार हैं। सैफ अली खान ने मोजो स्टोरी को दिए इंटरव्यू में हमले पर बात करते हुए कहा, ‘वह बहुत ही भयावह घटना थी। एक चोर बाथरूम की खिड़की से घर में घुस आया। हम सो रहे थे, तभी नैनी ने आकर कहा, “जेह बाबा के कमरे में कोई आदमी है, जिसके हाथ में छुरी है और वह पैसे मांग रहा है।” ‘मैं तुरंत बच्चों के कमरे में गया। वह शख्स बच्चे (जेह) को पकड़े हुए था। उसने बच्चे को हल्की चोट पहुंचाई थी और हमारी मेड को भी जख्मी कर दिया था। शायद अगर मैं पहले लाइट जला देता और उससे बात करने की कोशिश करता, तो स्थिति अलग हो सकती थी। लेकिन उस समय मैंने बिना सोचे-समझे उस पर हमला कर दिया और हमारी हाथापाई शुरू हो गई।’ ‘इसके बाद वह चाकू लेकर बेकाबू हो गया। चारों तरफ खून और अफरा-तफरी मच गई। फिर मेरी नेपाली मेड गीता वहां आई, उसने उसे जोर से धक्का देकर कमरे के दूसरी तरफ फेंक दिया।’ आगे सैफ ने कहा, ‘कुछ देर बाद मैंने नोटिस किया कि मैं सफेद कुर्ता-पायजामा पहने हुए था, जो खून से पूरी तरह भीग चुका था। एक समय ऐसा आया जब मैं फर्श पर पड़ा था और मुझे लगा कि शायद मैं मर जाऊंगा। मैं सोच रहा था कि मैंने अपनी जिंदगी अच्छी तरह जी ली है। मैं बस अपने बच्चे का हाथ पकड़कर दुनिया को अलविदा कहना चाहता था। फिर मेरी आंख खुली और मैंने सोचा ऐसा नहीं होगा। फिर मैं हॉस्पिटल गया। मैं वाकई तैमूर के साथ रहना चाहता था। मैंने उससे पूछा कि क्या तुम मेरे साथ हॉस्पिटल आओगे। उसने मुझे देखा और पूछा, ‘क्या आप मरने वाले हैं?’ मैंने कहा, ‘नहीं, मेरी पीठ में बहुत दर्द है, लेकिन मैं ठीक हो जाऊंगा’, उसने कहा, हां मैं चलूंगा।’ सैफ ने ये भी कहा कि उस शख्स ने उन्हें पूरी ताकत से चाकू मारा था। चाकू का 6 इंच का टुकड़ा उनकी पीठ में रह गया था। वो टुकड़ा रीड़ की हड्डी के पास लगा था। सैफ ने कहा, ‘मेरा एक पैर सुन्न हो रहा था, मैं पैरालाइस होने के बेहद करीब था।’ मैं उसे माफ करना चाहता हूं- सैफ अली खान आखिर में सैफ ने कहा, मैं उस आदमी को माफ भी करना चाहता था, क्योंकि मुझे लगता है कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई थी और वह लड़ाई करने नहीं आया था। मैं उसे माफ करने के लिए तैयार हूं, लेकिन जिस हिस्से में उसने मुझे मारने की कोशिश की, उसे भुला पाना मेरे लिए अब भी मुश्किल है। मुझे लगता है कि समाज में अमीरी-गरीबी और असमानता जैसी चीजों ने भी ऐसी परिस्थितियां पैदा की हैं।” जनवरी 2025 में हुआ था हमला सैफ अली खान पर बीते साल 15 जनवरी को उनके घर सतगुरु शरण अपार्टमेंट में घुसकर हमला हुआ था। इसके बाद सैफ खुद ऑटो कर बच्चों के साथ अस्पताल पहुंचे थे। लीलावती हॉस्पिटल की मेडकिल रिपोर्ट के अनुसार, एक्टर सैफ अली खान को पांच जगहों पर चाकू घोंपा गया था। उनको पीठ, कलाई, गर्दन, कंधे और कोहनी पर चोटें लगी थीं। इलाज के बाद एक्टर को 21 जनवरी को डिस्चार्ज किया गया। पुलिस ने 2 दिन बाद बांग्लादेशी नागरिक शरीफुल इस्लाम को गिरफ्तार किया था। आरोपी अब भी पुलिस की हिरासत में है।

पैपराजी पर भड़कीं मलाइका अरोड़ा:किसी से बात कर रही थीं; ज्यादा करीब आने पर बोलीं- बाबा, आप इधर आ जाओ

पैपराजी पर भड़कीं मलाइका अरोड़ा:किसी से बात कर रही थीं; ज्यादा करीब आने पर बोलीं- बाबा, आप इधर आ जाओ

मलाइका अरोड़ा का हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में वह किसी से बात करती नजर आ रही हैं। इस दौरान पैपराजी उनके काफी करीब आ जाते हैं, जिससे वे नाराज हो गईं। मलाइका पैपराजी से कहती हैं, “बाबा, आप इधर आ जाओ।” जिसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, अब तक यह जानकारी सामने नहीं आ पाई कि यह वीडियो कब और कहां का है। मलाइका ने बिना जरूरत तस्वीरें खींचने पर नाराजगी जताई थी बता दें कि मलाइका अरोड़ा ने कहा था कि उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब पैपराजी उनकी बिना जरूरत वाली तस्वीरें क्लिक करते हैं। दिसंबर 2022 में कॉमेडियन भारती सिंह से बातचीत के दौरान मलाइका ने कहा था, “मैंने कभी किसी को नहीं डांटा, जब तक किसी ने मुझे धक्का न दिया हो या गलत व्यवहार न किया हो, लेकिन मुझे सबसे ज्यादा गुस्सा तब आता है, जब फोटोग्राफर्स मेरे चेहरे की बजाय मेरे शरीर के अलग-अलग हिस्सों की तस्वीरें लेने लगते हैं। कैमरा ऊपर-नीचे घूमता रहता है और मुझे इससे दिक्कत होती है।” मलाइका ने आगे कहा था, “वे मेरे शरीर के कुछ खास हिस्सों पर ही फोकस क्यों करते हैं? मुझे अपने शरीर पर गर्व है। फिर लोग कहते हैं कि अगर नहीं दिखाना है, तो पूरे कपड़े पहन लो। लेकिन मैं क्या पहनूं, यह मेरा फैसला है। मुझे जैसे कपड़े पसंद हैं, मैं वैसे ही पहनूंगी।” उन्होंने यह भी कहा था कि ऐसी तस्वीरों की वजह से उन्हें अपने परिवार को भी जवाब देना पड़ता है। इसलिए यह बात उन्हें परेशान करती है। सलमान भी पैपराजी पर भड़के थे वहीं, पिछले महीने सलमान खान भी पैपराजी पर भड़क गए थे। दरअसल, वे हिंदुजा अस्पताल पहुंचे थे, जहां से निकलते समय पैपराजी के शोर से एक्टर भड़क गए थे। हालांकि, बाद में जब सलमान फिल्म राजा शिवाजी की सक्सेस पार्टी में पहुंचे, तब सभी पैपराजी ने उनसे माफी मांगी थी। सलमान जैसे ही पार्टी में पहुंचे, वैसे ही सभी पैपराजी ने उन्हें घेर लिया और माफी मांगने लगे। सभी एक साथ, “सॉरी भाईजान, जोर से बोलो सॉरी”, कहते दिखे। इसके बाद सलमान ने भी उनकी माफी कबूल कर ली थी। बता दें कि इस पहले गोविंदा के बॉडीगार्ड्स की भी पैपराजी से बहस हो चुकी है। दरअसल, गोविंदा पिछले एक इवेंट में पहुंचे थे। वहां से निकलते हुए उन्हें पैपराजी ने घेर लिया था। जब उनके गार्ड्स ने निकलने की जगह बनाने के लिए लोगों को पीछे किया, तो पैपराजी ने आरोप लगाया कि उन्हें धक्का दिया गया। विवाद बढ़ने पर गोविंदा को खुद बीच-बचाव करना पड़ा था।

पैपराजी पर भड़कीं मलाइका अरोड़ा:किसी से बात कर रही थीं; ज्यादा करीब आने पर बोलीं- बाबा, आप इधर आ जाओ

पैपराजी पर भड़कीं मलाइका अरोड़ा:किसी से बात कर रही थीं; ज्यादा करीब आने पर बोलीं- बाबा, आप इधर आ जाओ

मलाइका अरोड़ा का हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में वह किसी से बात करती नजर आ रही हैं। इस दौरान पैपराजी उनके काफी करीब आ जाते हैं, जिससे वे नाराज हो गईं। मलाइका पैपराजी से कहती हैं, “बाबा, आप इधर आ जाओ।” जिसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, अब तक यह जानकारी सामने नहीं आ पाई कि यह वीडियो कब और कहां का है। मलाइका ने बिना जरूरत तस्वीरें खींचने पर नाराजगी जताई थी बता दें कि मलाइका अरोड़ा ने कहा था कि उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब पैपराजी उनकी बिना जरूरत वाली तस्वीरें क्लिक करते हैं। दिसंबर 2022 में कॉमेडियन भारती सिंह से बातचीत के दौरान मलाइका ने कहा था, “मैंने कभी किसी को नहीं डांटा, जब तक किसी ने मुझे धक्का न दिया हो या गलत व्यवहार न किया हो, लेकिन मुझे सबसे ज्यादा गुस्सा तब आता है, जब फोटोग्राफर्स मेरे चेहरे की बजाय मेरे शरीर के अलग-अलग हिस्सों की तस्वीरें लेने लगते हैं। कैमरा ऊपर-नीचे घूमता रहता है और मुझे इससे दिक्कत होती है।” मलाइका ने आगे कहा था, “वे मेरे शरीर के कुछ खास हिस्सों पर ही फोकस क्यों करते हैं? मुझे अपने शरीर पर गर्व है। फिर लोग कहते हैं कि अगर नहीं दिखाना है, तो पूरे कपड़े पहन लो। लेकिन मैं क्या पहनूं, यह मेरा फैसला है। मुझे जैसे कपड़े पसंद हैं, मैं वैसे ही पहनूंगी।” उन्होंने यह भी कहा था कि ऐसी तस्वीरों की वजह से उन्हें अपने परिवार को भी जवाब देना पड़ता है। इसलिए यह बात उन्हें परेशान करती है। सलमान भी पैपराजी पर भड़के थे वहीं, पिछले महीने सलमान खान भी पैपराजी पर भड़क गए थे। दरअसल, वे हिंदुजा अस्पताल पहुंचे थे, जहां से निकलते समय पैपराजी के शोर से एक्टर भड़क गए थे। हालांकि, बाद में जब सलमान फिल्म राजा शिवाजी की सक्सेस पार्टी में पहुंचे, तब सभी पैपराजी ने उनसे माफी मांगी थी। सलमान जैसे ही पार्टी में पहुंचे, वैसे ही सभी पैपराजी ने उन्हें घेर लिया और माफी मांगने लगे। सभी एक साथ, “सॉरी भाईजान, जोर से बोलो सॉरी”, कहते दिखे। इसके बाद सलमान ने भी उनकी माफी कबूल कर ली थी। बता दें कि इस पहले गोविंदा के बॉडीगार्ड्स की भी पैपराजी से बहस हो चुकी है। दरअसल, गोविंदा पिछले एक इवेंट में पहुंचे थे। वहां से निकलते हुए उन्हें पैपराजी ने घेर लिया था। जब उनके गार्ड्स ने निकलने की जगह बनाने के लिए लोगों को पीछे किया, तो पैपराजी ने आरोप लगाया कि उन्हें धक्का दिया गया। विवाद बढ़ने पर गोविंदा को खुद बीच-बचाव करना पड़ा था।

पंजाब पहेली: कांग्रेस नए राज्य प्रमुख पर विचार कर रही है, लेकिन वह कौन होगा? | राजनीति समाचार

Fatima Sana will lead Pakistan against Netherlands (Picture credit: ICC)

आखरी अपडेट:27 जून, 2026, 15:03 IST कई दावेदारों और प्रतिस्पर्धी जाति समीकरणों के साथ, राजा वारिंग के उत्तराधिकारी को चुनना यह तय करने से अधिक कठिन साबित हो सकता है कि उन्हें प्रतिस्थापित किया जाए या नहीं। वर्तमान प्रमुख राजा वारिंग युवा कांग्रेस और एनएसयूआई से जुड़े रहे हैं और उन्हें राहुल गांधी के करीबी के रूप में देखा जाता है। (X/@RajaBrar_INC) बेअदबी के वीडियो को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर राजनीतिक दबाव को देखते हुए, किसी ने सोचा होगा कि कांग्रेस अपनी पंजाब पहेली को सुलझा लेगी। लेकिन इस बात पर असमंजस गहरा गया है कि क्या नया राज्य प्रमुख होना चाहिए और यदि हां, तो वह कौन होना चाहिए। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के राज्य प्रभारी के रूप में एक दलित कार्यकर्ता की नियुक्ति, जहां पंजाब के साथ चुनाव होने हैं, ने इस बात पर चर्चा शुरू कर दी है कि क्या पंजाब में भी एक दलित नेता को कांग्रेस प्रमुख बनाया जा सकता है। राज्य पर जनसांख्यिकीय नज़र डालने से पता चलता है कि लगभग 38 प्रतिशत आबादी हिंदू है, जो इसे दूसरा सबसे बड़ा समुदाय बनाती है। बेशक, सिख सबसे बड़ा समूह है, जो आबादी का लगभग 58 से 60 प्रतिशत है। इसमें दलित लगभग 32 प्रतिशत हैं, जबकि जाट सिख लगभग 30 प्रतिशत हैं। और यहीं से समस्या शुरू होती है. वर्तमान प्रमुख, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई से जुड़े रहे हैं और उन्हें राहुल गांधी के करीबी के रूप में देखा जाता है। लेकिन पार्टी बदलाव पर विचार कर रही है और यह फैसला आसान नहीं है. यही कारण है कि आंतरिक गतिशीलता का आकलन करने के लिए अजय माकन, मीनाक्षी नटराजन और भजन लाल जाटव की एक टीम गठित की गई थी। लेकिन समस्या यह है कि दावेदार बहुत सारे हैं और भरने के लिए केवल एक ही स्थान है। यदि वारिंग जाता है, तो सबसे अच्छा विकल्प कौन है? ऐसा प्रतीत होता है कि राहुल गांधी का दिल दलित कथा पर केंद्रित है, जैसा कि उत्तर प्रदेश में हालिया फेरबदल में देखा गया, जहां दलित कार्यकर्ता राजेंद्र पाल गौतम को राज्य प्रभारी बनाया गया था। तो क्या राहुल गांधी पंजाब में भी ऐसा ही करेंगे? दलित वोट हासिल करने के लिए पिछले चुनाव में चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया गया था, लेकिन यह कदम सफल नहीं हुआ। ऐसी चर्चा है कि चन्नी को राज्य प्रमुख के रूप में वापस लाया जा सकता है, लेकिन क्या यह सही निर्णय होगा, यह देखते हुए कि वह पिछली बार जीत दिलाने में विफल रहे थे और टीम प्रयास बनाने में भी असमर्थ थे? भाजपा द्वारा राज्य में एक जाट सिख को अपना प्रमुख नियुक्त करने से कांग्रेस भी इसी तरह के दबाव में आ सकती है, खासकर अकालियों और आप द्वारा समान वोट आधार को लक्षित करने से। लेकिन यह हिंदू और शहरी वोटों का बढ़ता महत्व है जो भाजपा के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। यदि वह अकालियों के साथ गठबंधन करती है, तो उसे सिख और हिंदू दोनों वोट मिल सकते हैं। तो क्या अब समय आ गया है कि किसी हिंदू नेता को राज्य में कांग्रेस का नेतृत्व सौंपा जाए? कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि हिंदू प्रमुख की नियुक्ति से राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के खिलाफ हिंदू विरोधी कहानी का मुकाबला करने में मदद मिल सकती है। लेकिन क्या पंजाब कांग्रेस यह जोखिम उठा सकती है? चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में पल्लवी घोष पल्लवी घोष ने 15 वर्षों तक राजनीति और संसद को कवर किया है, और कांग्रेस, यूपीए- I और यूपीए- II पर बड़े पैमाने पर रिपोर्टिंग की है, और अब उन्होंने अपनी रिपोर्ट में वित्त मंत्रालय और नीति आयोग को भी शामिल किया है। एस…और पढ़ें समाचार राजनीति पंजाब पहेली: कांग्रेस नए राज्य प्रमुख पर विचार कर रही है, लेकिन वह कौन होगा? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पंजाब कांग्रेस नेतृत्व(टी)पंजाब की राजनीति(टी)भगवंत मान विवाद(टी)कांग्रेस राज्य प्रमुख(टी)दलित नेतृत्व पंजाब(टी)राहुल गांधी रणनीति(टी)राजा वारिंग(टी)चरणजीत सिंह चन्नी

इंग्लैंड के घरेलू खिलाड़ी बने पाक पेसर मोहम्मद आमिर:टी20 ब्लास्ट में नॉटिंघमशायर के लिए खेलेंगे; आईपीएल खेलने की भी उम्मीद,पाकिस्तान से खेला था लास्ट वर्ल्डकप

इंग्लैंड के घरेलू खिलाड़ी बने पाक पेसर मोहम्मद आमिर:टी20 ब्लास्ट में नॉटिंघमशायर के लिए खेलेंगे; आईपीएल खेलने की भी उम्मीद,पाकिस्तान से खेला था लास्ट वर्ल्डकप

क्रिकेट में खिलाड़ियों की पहचान अक्सर उनके प्रदर्शन से बनती है। लेकिन कई बार मैदान के बाहर लिया गया एक फैसला भी उनके करियर की दिशा बदल देता है। पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। 34 वर्षीय आमिर को ब्रिटेन का पासपोर्ट मिल गया है। इसके साथ ही उन्होंने इंग्लैंड की काउंटी टीम नॉटिंघमशायर से टी20 ब्लास्ट के बाकी मुकाबलों के लिए करार किया है। वह स्थानीय खिलाड़ी के रूप में टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे। दरअसल, आमिर ने एक ब्रिटिश नागरिक महिला से शादी की थी और इसी आधार पर उन्हें ब्रिटिश नागरिकता मिली। इसका सीधा फायदा नॉटिंघमशायर को मिला है। अब टीम उन्हें विदेशी खिलाड़ियों के कोटे में शामिल किए बिना मैदान पर उतार सकती है। यानी टीम के विदेशी खिलाड़ियों की संख्या भी प्रभावित नहीं होगी और आमिर का अनुभव भी टीम के काम आएगा। इस बीच, आमिर को ब्रिटिश नागरिकता मिलने से उनके आईपीएल खेलने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। दरअसल, आईपीएल में खेलने के लिए खिलाड़ी का किसी मान्यता प्राप्त क्रिकेट बोर्ड के साथ पंजीकृत होना जरूरी है। लेकिन 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद पाक खिलाड़ियों को आईपीएल से बैन कर दिया गया था। इसलिए पिछले 18 साल में कोई भी पाकिस्तानी खिलाड़ी आईपीएल में नहीं खेल पाया है। हालांकि, 2008 के पहले आईपीएल सीजन में 11 पाकिस्तानी खिलाड़ी खेले थे। इनमें सोहेल तनवीर सबसे सफल रहे थे, जिन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए 22 विकेट लेकर पर्पल कैप जीती और टीम को पहला खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। अब सवाल यह है कि क्या आमिर के लिए भी आईपीएल का रास्ता खुल सकता है? फिलहाल इसका जवाब साफ नहीं है, क्योंकि सिर्फ ब्रिटिश पासपोर्ट मिलने से आईपीएल खेलना संभव नहीं है। आमिर अभी भी पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़े हैं और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से आधिकारिक संन्यास नहीं लिया है। हालांकि, वे पाक के लिए आखिरी बार 2024 के टी20 वर्ल्ड कप में खेले थे। इसलिए भविष्य में क्रिकेटिंग पात्रता और पंजीकरण की स्थिति बदलने पर वह आईपीएल की नीलामी का हिस्सा बन सकते हैं। अजहर महमूद नागरिकता बदलकर खेल चुके हैं आईपीएल पाकिस्तान के पूर्व ऑलराउंडर अजहर महमूद अपनी नागरिकता बदलकर आईपीएल का हिस्सा बन चुके हैं। महमूद ने 1996 से 2007 तक पाकिस्तान के लिए 21 टेस्ट और 143 वनडे मैच खेले। लेकिन बाद में ब्रिटिश नागरिकता हासिल करने के बाद उन्होंने इंग्लैंड के क्रिकेट ढांचे के तहत अपनी पात्रता बदली। इसके बाद उन्होंने साल 2012 से 2015 के बीच किंग्स इलेवन पंजाब और कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से आईपीएल खेला।

महाराष्ट्र में TET पेपर लीक, एग्जाम कल होना था:पेपर ठाणे से बरामद हुआ, अब परीक्षा रद्द हो सकती है; पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा

महाराष्ट्र में TET पेपर लीक, एग्जाम कल होना था:पेपर ठाणे से बरामद हुआ, अब परीक्षा रद्द हो सकती है; पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा

महाराष्ट्र में रविवार को होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का क्वेश्चन पेपर करीब 24 घंटे पहले लीक हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लीक हुआ क्वेश्चन पेपर बरामद कर लिया और कई लोगों को हिरासत में लिया है। पेपर लीक के बाद कल होने वाली TET परीक्षा रद्द किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, महाराष्ट्र शिक्षा विभाग ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सूत्रों के मुताबिक, विभाग जल्द ही इस पूरे घटनाक्रम पर प्रेस नोट जारी करेगा। इसके साथ ही परीक्षा रद्द करने की घोषणा भी की जाएगी। ऐसे में विभाग परीक्षा की नई तारीख का भी जल्द ऐलान कर सकता है। इससे पहले NEET और यूपी पुलिस भर्ती का भी पेपर लीक हुआ पिछले 5 साल में देश में 9 बड़े पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। इनमें राजस्थान रीट (REET), यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा और हाल ही में मई 2026 में हुए नीट यूजी (NEET-UG) जैसे बड़े एग्जाम्स शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट बोला- शिक्षकों को TET पास करना ही होगा सुप्रीम कोर्ट ने 29 मई को स्पष्ट किया कि स्कूलों में काम कर रहे शिक्षकों के लिए टीचर इलिजिबिलटी टेस्ट (TET) पास करना अनिवार्य है। कोर्ट ने TET पास करने की समयसीमा 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इसके बाद कोई और समय नहीं दिया जाएगा। कोर्ट ने कहा, बिना TET योग्यता वाले शिक्षक सेवा में बने रहे तो इसका असर आने वाली पीढ़ियों की शिक्षा पर पड़ेगा। फैसले का असर देश के 20 लाख से ज्यादा शिक्षकों पर होगा। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… MP के 1.5 लाख शिक्षकों को TET पास करना अनिवार्य:SC ने कहा- बच्चों के भविष्य से समझौता नहीं, पात्रता परीक्षा जरूरी; 1 साल का अतिरिक्त समय मध्यप्रदेश के डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) देनी ही पड़ेगी। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रिव्यू पिटीशनों पर फैसला सुनाते हुए कहा कि बच्चों के बेहतर शैक्षणिक विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों का TET पास करना जरूरी है। पूरी खबर पढ़ें…

पहली बार ऑस्कर में भी कास्टिंग के लिए अवॉर्ड:महीनों की रिसर्च और हजारों ऑडिशन; ऐसे चुने जाते हैं फिल्मों के यादगार किरदार

पहली बार ऑस्कर में भी कास्टिंग के लिए अवॉर्ड:महीनों की रिसर्च और हजारों ऑडिशन; ऐसे चुने जाते हैं फिल्मों के यादगार किरदार

किसी फिल्म या वेब सीरीज की सफलता इस बात पर भी निर्भर करती है कि किस किरदार के लिए किस कलाकार को चुना गया। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय सिनेमा में कास्टिंग की सोच पूरी तरह बदल गई है। एक दौर ऐसा भी था, जब कलाकार एक ही तरह के किरदारों में सिमट जाते थे। कभी जगदीश राज खुराना ने 144 फिल्मों में पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका निभाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन अब हर किरदार के लिए सबसे उपयुक्त चेहरा तलाशा जाता है। हाल ही में ओटीटी पर स्ट्रीम हुई ‘मेड इन इंडिया ए टाइटन स्टोरी’ में नसीरुद्दीन शाह का जेआरडी टाटा बनना हो, ‘छावा’ में अक्षय खन्ना का औरंगजेब, ‘स्कैम 1992’ में प्रतीक गांधी का हर्षद मेहता या ‘सैम बहादुर’ में विक्की कौशल… इन किरदारों ने साबित किया कि सटीक कास्टिंग कहानी को नई ऊंचाई दे सकती है। आइए, इन्हीं फिल्मों के कास्टिंग डायरेक्टर्स से जानते हैं कि सही कलाकार चुनने की यह प्रक्रिया कैसे पूरी होती है…। देश के तीन चर्चित कास्टिंग डायरेक्टर्स बता रहे कैसे बदली कास्टिंग की प्रक्रिया टेस जोसेफ, प्रोजेक्ट्स – सितारे जमीन पर, द नेमसेक, द वाइट टाइगर, द मंकी मैन कास्टिंग महीनों चलती है। जैसे ‘सितारे जमीन पर’ की कास्टिंग करीब नौ महीने चली थी। टीम ने न्यूरोडाइवर्जेंट समुदाय को समझने के लिए पहले ऑस्ट्रेलिया की संस्था ‘बस स्टॉप फिल्म्स’ के साथ वर्कशॉप की। इसके बाद 800-1000 ऑडिशन टेप देखे गए। कई बार ‘टू एक्टर्स, टू मिनट्स, वन सीन’ सेशन कराया जाता है, जिसमें दो कलाकारों को एक सीन देकर देखा जाता है कि वे एक-दूसरे को कितना सुनते हैं, कैसे रिएक्ट करते हैं और साथ मिलकर अभिनय कितना सहज बना पाते हैं। यश नागरकोटी प्रोजेक्ट्स – मेड इन इंडिया- ए टाइटन स्टोरी, डब्बा कार्टल किसी बायोग्राफी में कास्टिंग फोटो देखकर नहीं होती। पहले किताबें और उपलब्ध स्रोतों से शख्स को समझते हैं, फिर ऐसा कलाकार चुना जाता है, जो किरदार में सबसे स्वाभाविक लगे। ‘मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी’ में नसीरुद्दीन शाह का व्यक्तित्व पहले से ही जेआरडी टाटा के काफी करीब था, इसलिए भारी मेकअप की जरूरत नहीं पड़ी। वहीं जिम सरभ ने जेरक्सेस देसाई का किरदार निभाने के लिए विग पहनने के बजाय पूरे शूट के दौरान रोज अपने बाल शेव किए, ताकि स्क्रीन पर वास्तविक लगे। वैभव विशांत, प्रोजेक्ट्स: छावा, मामला लीगल है, इक्कीस, राख, मैदान, काला-पानी करीब 15 साल पहले तक फिल्मों में कास्टिंग का अलग विभाग नहीं होता था। कलाकार चुनने की जिम्मेदारी निर्देशक और उनकी टीम ही संभालती थी। लेकिन फिल्मों का दायरा बढ़ा, नए चेहरों की जरूरत बढ़ी और कास्टिंग एक अलग प्रोफेशन बन गया। अब कास्टिंग टीमें छोटे शहरों और स्थानीय कलाकारों तक पहुंचती हैं। मामला लीगल है जैसी सीरीज में भी अलग-अलग राज्यों के थिएटर कलाकारों को मौका मिला। आज सही कलाकार ढूंढ़ने के लिए उस दुनिया तक जाना पड़ता है, जहां वह किरदार वास्तव में मौजूद है। अब ऑस्कर में भी सही कास्टिंग के लिए अवॉर्ड ऑस्कर अवॉर्ड्स में भी अब कास्टिंग के लिए अलग श्रेणी शुरू की गई है। इसका पहला सम्मान 2026 के ऑस्कर समारोह में दिया गया। हॉलीवुड फिल्म ‘वन बैटल आफ्टर एनोदर’ के लिए कास्टिंग करने पर कैसेंड्रा कुलुकुंडिस को कास्टिंग की श्रेणी में पहला ऑस्कर अवॉर्ड मिला। एंटरटेनमेंट ‘टाइटन’ में जेआरडी बने नसीर… ‘छावा’ और ‘सैम बहादुर’ जैसी फिल्मों की बड़ी ताकत रहे किरदार

Silver Down Rs 15,432 to Rs 2.17 LakhKg, Gold Rs 5,097 Cheaper

Silver Down Rs 15,432 to Rs 2.17 LakhKg, Gold Rs 5,097 Cheaper

Hindi News Business Gold Silver Prices Fall: Silver Down Rs 15,432 To Rs 2.17 LakhKg, Gold Rs 5,097 Cheaper नई दिल्ली12 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने-चांदी के दाम में इस हफ्ते गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 5,097 रुपए गिरकर 1.40 लाख रुपए हो गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 20 जून को 1.45 लाख रुपए पर था। वहीं, चांदी 2.32 लाख रुपए किलो से गिरकर 2.17 लाख रुपए पर आ गई है। यानी इसकी कीमत 15,432 रुपए कम हुई। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत कैरेट भाव (रुपए/10 ग्राम) 24 ₹1,39,873 22 ₹1,28,124 18 ₹1,04,905 14 ₹81,826 देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत शहर 10 ग्राम 24 कैरेट दिल्ली ₹1,44,100 मुंबई ₹1,43,950 कोलकाता ₹1,43,950 जयपुर ₹1,44,100 भोपाल ₹1,44,000 पटना ₹1,44,000 लखनऊ ₹1,44,100 रायपुर ₹1,43,950 अहमदाबाद ₹1,44,000 सोर्स: goodreturns 27 जून 2026 चांदी इस साल 1.69 लाख रुपए गिरी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 36 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए तक पहुंच गई थी। यह चांदी के अब तक की सबसे ज्यादा दाम थे। तब से अब तक 149 दिन में चांदी 1.69 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोना 149 दिन में ₹36 हजार और चांदी ₹1.69 लाख सस्ती तारीख सोने की कीमत चांदी की कीमत 29 जनवरी ₹1,76,121 ₹3,85,933 31 जनवरी ₹1,65,795 ₹3,39,350 28 फरवरी ₹1,50,997 ₹2,66,700 31 मार्च ₹1,46,733 ₹2,30,135 30 अप्रैल ₹1,50,263 ₹2,40,331 31 मई ₹1,56,463 ₹2,63,350 27 जून ₹1,39,873 ₹2,16,541 सोर्स: IBJA सोने-चांदी के दाम में गिरावट की वजह यूएस-ईरान समझौता: अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम समझौता साइन हुआ है। इसकी वजह से पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा कम हो गया, जिससे निवेशकों ने सोने-चांदी जैसे ‘सुरक्षित निवेश’ से अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया। यूएस फेडरल रिजर्व का रुख: फेडरल रिजर्व ने हाल ही में संकेत दिए हैं कि वह इस साल ब्याज दरों में कटौती करने के बजाय उन्हें बढ़ा सकता है। ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद से सोने जैसी बिना ब्याज वाली धातु की चमक कम हो जाती है। मजबूत अमेरिकी डॉलर: फेडरल रिजर्व के संकेतों के बाद वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें गिरती हैं। मुनाफावसूली: पिछले कुछ समय पहले सोने और चांदी की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी थीं। दामों में इतनी बड़ी तेजी आने के बाद बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली की, जिससे कीमतों में अचानक तेज गिरावट आई। ईटीएफ में बिकवाली: सुरक्षित निवेश का आकर्षण कम होने से गोल्ड-सिल्वर ETFs में भारी बिकवाली देखी गई। आज सिल्वर ईटीएफ में 6% और गोल्ड ईटीएफ में 3% की गिरावट है, जिसने घरेलू बाजार के भाव को नीचे खींचा है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…