नई दिल्ली29 मिनट पहले
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अब नौकरीपेशा लोग बीमारी, शिक्षा, शादी और घर जैसी जरूरतों के लिए अपने PF अकाउंट से पात्र 75% राशि का 100% तक पैसा निकाल सकेंगे। केंद्र सरकार ने पुरानी 1952 की व्यवस्था को बदलकर अब सामाजिक सुरक्षा संहिता के तहत 29 जून से देश में नई EPF स्कीम लागू की है।
आसान भाषा में समझिए इस बदलाव का आपके पीएफ बैलेंस और विड्रॉल पर क्या असर पड़ेगा।
सवाल 1: सरकार ने PF से जुड़ा कौन सा नया नियम लागू किया है?
जवाब: केंद्र सरकार पुरानी ‘ईपीएफ स्कीम 1952’ की जगह अब ‘EPF स्कीम 2026’ को नोटिफाई कर दिया है। इसके तहत PF सब्सक्राइबर्स के लिए आंशिक निकासी की शर्तों में बदलाव किए गए हैं।
सवाल 2: आंशिक निकासी को लेकर सबसे मुख्य बदलाव क्या है?
जवाब: नए नियमों के तहत अब कोई भी EPFO मेंबर अपने PF अकाउंट से पूरा पैसा आंशिक निकासी के रूप में नहीं निकाल सकेगा। अब ग्राहकों को अपने पीएफ अकाउंट में कुल ‘एलिजिबल मेंबर बैलेंस’ का कम से कम 25% हिस्सा PF अकाउंट में रखना होगा।
सवाल 3: इस 25% मिनिमम बैलेंस के नियम को गणित के हिसाब से कैसे समझें?
जवाब: इसे एक सीधे उदाहरण से समझा जा सकता है। अगर किसी कर्मचारी के पीएफ खाते में कुल एलिजिबल मेंबर बैलेंस 1 लाख रुपए हैं, तो नए नियम के मुताबिक 25 हजार (25%) को खाते में ही छोड़ना अनिवार्य होगा। इस राशि को निकालने की अनुमति नहीं होगी। इसके बाद जो शेष 75 हजार (75%) बचेंगे, उसे ही निकाल सकेंगे।
इन आसान स्टेप्स के जरिए निकाल सकते हैं पीएफ
- पीएफ निकालने के लिए कर्मचारी को सबसे पहले EPFO की आधिकारिक वेबसाइट https://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface/ पर लॉगइन करना पड़ेगा।
- वेबसाइट खुलते ही आपको राइट साइड पर यूएएन और पासवर्ड और कैप्चा डालना होगा। जिसके बाद आपके पास OTP आएगा इस भरकर सबमिट करें।
- अगले पेज पर Online Services के टैब पर क्लिक करें और ड्रॉप-डाउन सूची से Form (फॉर्म -31,19 और 10C) का चयन करें।
- यहां आपको अपना बैंक अकाउंट नंबर भरकर इसे वेरिफाइ करके आगे सबमिट करना होगा।
- अगले पेज पर फॉर्म नंबर 31 का चयन करें। इसके बाद अगले पेज पर कितना पैसा निकालना है, क्यों निकालना है और अपना पता जैसी डिटेल्स भरना होंगी।
- इसके बाद इन डिटेल्स को सत्यापित करके Get Aadhaar OTP पर क्लिक करते ही आपका क्लेम सबमिट हो जाएगा।
सवाल 4: क्या यह मिनिमम बैलेंस का नियम सिर्फ कर्मचारी के हिस्से पर लागू होगा या एम्प्लॉयर के हिस्से पर भी?
जवाब: यह नियम दोनों पर समान रूप से लागू होगा। योजना की परिभाषा के अनुसार, ‘एलिजिबल मेंबर बैलेंस’ की गणना कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के योगदान को मिलाकर की जाती है। दोनों ही फंड्स के कुल योग में से 25% की अनिवार्य कटौती करने के बाद बची हुई राशि ही निकासी के योग्य मानी जाएगी।
सवाल 5: नई स्कीम के तहत किन जरूरी कामों के लिए पीएफ से आंशिक निकासी की जा सकती है?
जवाब: ईपीएफ स्कीम 2026 में सदस्यों को कई जरूरतों के लिए आंशिक निकासी की अनुमति दी गई है। इसमें घर बनाने या खरीदने से जुड़े काम हैं। सदस्य घर या फ्लैट खरीदने, मकान निर्माण के लिए प्लॉट खरीदने, नया घर बनवाने, होम लोन की रीपेमेंट और मकान की मरम्मत या सुधार के लिए पैसा निकाल सकते हैं। इसके अलावा बीमारी, शिक्षा और शादी जैसी जरूरतों के लिए भी पैसा निकाल सकेंगे।
सवाल 6: अगर किसी कर्मचारी ने 12 महीने (1 साल) की नौकरी भी पूरी नहीं की है, तो क्या वह पैसे निकाल सकता है?
जवाब: हां, संशोधित नियमों में इस स्थिति के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। यदि कोई कर्मचारी 12 महीने से कम की सेवा के बाद नौकरी छोड़ देता है, तो वह भी निर्दिष्ट शर्तों और नियमों के अधीन अपने पीएफ खाते से आंशिक निकासी का दावा कर सकता है। पहले के मुकाबले इसमें नियमों को थोड़ा ज्यादा फ्लेक्सिबल बनाया गया है।
सवाल 7: सरकार का इस नई योजना ‘ईपीएफ स्कीम 2026’ को लाने के पीछे क्या मुख्य उद्देश्य है?
जवाब: इस नई योजना का दोहरा उद्देश्य है। पहला उद्देश्य कर्मचारियों को नौकरी के दौरान जरूरत पड़ने पर आसानी से पैसा मिल सके। दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कर्मचारी अपनी पूरी रकम समय से पहले न निकाल लें, जिससे उनके रिटायरमेंट के बाद के लिए बचत सुरक्षित रहे।
सवाल 8: क्या इस बदलाव से नौकरीपेशा लोगों की इन-हैंड सैलरी या मासिक योगदान पर कोई असर पड़ेगा?
जवाब: नहीं, इस बदलाव का आपकी हर महीने कटने वाली पीएफ राशि या इन-हैंड सैलरी पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। आपके वेतन से पीएफ का योगदान पहले की तरह ही जारी रहेगा। यह नया नियम केवल उस स्थिति में प्रभावी होता है जब आप अपने जमा फंड से एडवांस या आंशिक रूप से पैसा निकालने के लिए आवेदन करते हैं।















































