Saturday, 22 Aug 2026 | 12:13 PM

Trending :

EXCLUSIVE

BLA का दावा- हमले में 30 पाकिस्तानी जवान मारे गए:विस्फोटकों से भरी गाड़ी कैंप में घुसाकर उड़ाई; पाकिस्तान ने दावे की पुष्टि नहीं की

BLA का दावा- हमले में 30 पाकिस्तानी जवान मारे गए:विस्फोटकों से भरी गाड़ी कैंप में घुसाकर उड़ाई; पाकिस्तान ने दावे की पुष्टि नहीं की

बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर जिले के जिवानी इलाके में पाकिस्तान कोस्ट गार्ड्स के कैंप पर हमला किया है। BLA के मुताबिक, 3 जुलाई की शाम करीब 6:32 बजे उसके मजीद ब्रिगेड के एक हमलावर ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी को कैंप में घुसाकर विस्फोट कर दिया। संगठन का दावा है कि इस हमले में 30 से ज्यादा गार्ड्स मारे गए और दर्जनों घायल हुए हैं। हालांकि, पाकिस्तान सरकार या सेना ने अब तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कई सुरक्षाकर्मी मलबे में दबे हो सकते हैं BLA ने दावा किया कि विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पाकिस्तान कोस्ट गार्ड्स का कैंप पूरी तरह तबाह हो गया। संगठन के मुताबिक, धमाके के तुरंत बाद उसके फतेह स्क्वाड के लड़ाकों ने कैंप पर हमला किया और बच गए सुरक्षाकर्मियों को नजदीक से निशाना बनाया। BLA ने कहा कि मलबे में कई सुरक्षाकर्मी दबे हो सकते हैं, इसलिए मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। BLA के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। हमलावर की पहचान अत्ताउल्लाह बलोच के रूप में हुई BLA ने अपने बयान में दावा किया कि हमलावर की पहचान अत्ताउल्लाह बलोच उर्फ अजमल के रूप में हुई है, जिसे संगठन ने अपने मजीद ब्रिगेड का सदस्य बताया। BLA का कहना है कि वह इस ऑपरेशन से जुड़ी अधिक जानकारी और वीडियो अपने आधिकारिक चैनलों के जरिए जारी करेगा। BLA बलूचिस्तान की आजादी के लिए लड़ रहा बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) एक संगठन है जो पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की स्वतंत्रता के लिए लड़ रहा है। इसकी स्थापना 2000 के दशक की शुरुआत में हुई और इसे कई देशों द्वारा आतंकी संगठन भी घोषित किया गया है। BLA का दावा है कि बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का शोषण हो रहा है और बलूच लोगों के अधिकार छीन लिए गए हैं। यह संगठन पाकिस्तानी सेना, सरकार और चीनी प्रोजेक्ट्स जैसे CPEC को निशाना बनाता रहा है। BLA अपनी गुरिल्ला शैली के लिए जाना जाता है। यानी पहाड़ी इलाकों में छिपकर सेना पर हमला करना और तुरंत वापस लौट जाना। CPEC का अहम केंद्र है ग्वादर ग्वादर जिला पाकिस्तान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण डीप-सी पोर्ट का केंद्र है और हाल के सालों में उग्रवादी गतिविधियों का प्रमुख निशाना रहा है। यह इलाका चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) का अहम हिस्सा है। अरबों डॉलर की इस बुनियादी ढांचा परियोजना को बलूचिस्तान में सक्रिय अलगाववादी संगठनों की ओर से लगातार सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। —————– ये खबर भी पढ़ें… PoK में प्रदर्शन, लोग बोले- हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं:₹1 करोड़ का इनामी शौकत नवाज गिरफ्तार; JAAC के 600 से ज्यादा नेता-कार्यकर्ता हिरासत में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। रावलकोट के ईदगाह ग्राउंड में हजारों लोग जुटे। उन्हेंने कहा कि PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। यह आंदोलन जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की अगुआई में चल रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

BLA का दावा- हमले में 30 पाकिस्तानी जवान मारे:कैंप में विस्फोटकों से भरी गाड़ी से ब्लास्ट किया; पाकिस्तान सरकार ने पुष्टि नहीं की

BLA का दावा- हमले में 30 पाकिस्तानी जवान मारे गए:विस्फोटकों से भरी गाड़ी कैंप में घुसाकर उड़ाई; पाकिस्तान ने दावे की पुष्टि नहीं की

बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर जिले के जिवानी इलाके में पाकिस्तान कोस्ट गार्ड्स के कैंप पर हमला किया है। BLA के मुताबिक, 3 जुलाई की शाम करीब 6:32 बजे उसके मजीद ब्रिगेड के एक हमलावर ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी को कैंप में घुसाकर विस्फोट कर दिया। संगठन का दावा है कि इस हमले में 30 से ज्यादा गार्ड्स मारे गए और दर्जनों घायल हुए हैं। हालांकि, पाकिस्तान सरकार या सेना ने अब तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कई सुरक्षाकर्मी मलबे में दबे हो सकते हैं BLA ने दावा किया कि विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पाकिस्तान कोस्ट गार्ड्स का कैंप पूरी तरह तबाह हो गया। संगठन के मुताबिक, धमाके के तुरंत बाद उसके फतेह स्क्वाड के लड़ाकों ने कैंप पर हमला किया और बच गए सुरक्षाकर्मियों को नजदीक से निशाना बनाया। BLA ने कहा कि मलबे में कई सुरक्षाकर्मी दबे हो सकते हैं, इसलिए मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। BLA के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। हमलावर की पहचान अत्ताउल्लाह बलोच के रूप में हुई BLA ने अपने बयान में दावा किया कि हमलावर की पहचान अत्ताउल्लाह बलोच उर्फ अजमल के रूप में हुई है, जिसे संगठन ने अपने मजीद ब्रिगेड का सदस्य बताया। BLA का कहना है कि वह इस ऑपरेशन से जुड़ी अधिक जानकारी और वीडियो अपने आधिकारिक चैनलों के जरिए जारी करेगा। BLA बलूचिस्तान की आजादी के लिए लड़ रहा बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) एक संगठन है जो पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की स्वतंत्रता के लिए लड़ रहा है। इसकी स्थापना 2000 के दशक की शुरुआत में हुई और इसे कई देशों द्वारा आतंकी संगठन भी घोषित किया गया है। BLA का दावा है कि बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का शोषण हो रहा है और बलूच लोगों के अधिकार छीन लिए गए हैं। यह संगठन पाकिस्तानी सेना, सरकार और चीनी प्रोजेक्ट्स जैसे CPEC को निशाना बनाता रहा है। BLA अपनी गुरिल्ला शैली के लिए जाना जाता है। यानी पहाड़ी इलाकों में छिपकर सेना पर हमला करना और तुरंत वापस लौट जाना। CPEC का अहम केंद्र है ग्वादर ग्वादर जिला पाकिस्तान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण डीप-सी पोर्ट का केंद्र है और हाल के सालों में उग्रवादी गतिविधियों का प्रमुख निशाना रहा है। यह इलाका चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) का अहम हिस्सा है। अरबों डॉलर की इस बुनियादी ढांचा परियोजना को बलूचिस्तान में सक्रिय अलगाववादी संगठनों की ओर से लगातार सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। —————– ये खबर भी पढ़ें… PoK में प्रदर्शन, लोग बोले- हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं:₹1 करोड़ का इनामी शौकत नवाज गिरफ्तार; JAAC के 600 से ज्यादा नेता-कार्यकर्ता हिरासत में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। रावलकोट के ईदगाह ग्राउंड में हजारों लोग जुटे। उन्हेंने कहा कि PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। यह आंदोलन जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की अगुआई में चल रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

मूंग दाल दही वड़ा रेसिपी: घर में ऐसे मुलायम-मुलायम मूंग दाल वड़े, पारंपरिक-ठंडी दही के साथ सबसे अच्छे; ये है आसान रेसिपी

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 1 कप मूंग दाल, 2 कप दही, 1-2 हरी मिर्च, 1 टुकड़ा अदरक, 1 बड़ा जीरा, 1 चुटकी हींग, नमक, तेल, अन्य जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, काला नमक, मीठी इमली की चटनी, हरा धनिया-पुदीना, हरा धनिया छवि: फ्रीपिक विधि: सबसे पहले मूंग दाल को अच्छी तरह धोकर 4 से 5 घंटे के लिए पानी में डुबोएं। अब दाल का पानी, इसे हरी मिर्च, अदरक और हींग के साथ पीस लें। ध्यान रखें कि बैटर सबसे ज्यादा पतला न हो। छवि: सोशल मीडिया बैटर को पोल्ट्री में 5 से 7 मिनट तक फेंटें। इससे वडे फूले-फुले और नर्क लेंगे। अब कच्चे ही में तेल गर्म करें। हाथ या माँ की मदद से छोटे-छोटे वड्डे शामिल हों और मध्यम शिक्षा पर सोना होने तक तल लें। छवि: एआई 10 से 15 मिनट के लिए गुनगुने पानी में डाल दें। इससे वे और भी परिचय हो जायेंगे। इसके बाद साधारण हाथों से अतिरिक्त पानी निकाला गया। छवि: एआई दही को अच्छी तरह फेंट लें। लिटिल साल्ट और प्लॉट तो लिटिल चाइनीज़ स्टोअलेट्स बना लें। अब एक प्लेट में वड्डे रखे गए और उनके ऊपर अच्छी मात्रा में अवशेष दही रखे गए। फिर मिठी इमली की चटनी और हरी चटनी। छवि: सोशल मीडिया अंत में ऊपर से जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, काला नमक और हीरा कटा हरा धनिया पाउडर शामिल हैं। मूंग दाल दही वड्डे को ठंडा-ठंडा बनाइये। यह अनोखा, शाम की चाय या किसी भी खास मसाले के लिए शानदार व्यंजन है। छवि: एआई फ़्लोरिडा तो ऊपर से अनार के डेने या नॉमिनी सेव स्टाम्प स्वाद और भी बढ़ाया जा सकता है। स्वादिष्ट और मुलायम दही वड़े बनाने के लिए दाल को पर्याप्त समय तक सुनिश्चित करें। छवि: एआई बैटर को अच्छी तरह से फेंटना न मिलता है, इससे वड्डे और स्पाइनी शामिल हैं। वड्डों को तलने के बाद गुनगुने पानी में जरूरी है, इससे वे नर्म हो जाते हैं। दही दही और अच्छी तरह से फेंटी हुई का उपयोग करें। छवि: सोशल मीडिया फेसबुक पर पहले 15-20 मिनट के लिए दही वडर्स को फ़िरोज़ में रखें, इससे स्वाद और भी बढ़ेगा। घर पर बाजार जैसे अमीर और स्वादिष्ट दही वड़े बनाना चाहते हैं, तो मूंग दाल दही वड़ा रेसिपी जरूर देखें। छवि: फ्रीपिक कम सामग्री और आसान विधि से बनने वाली यह डिश बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आएगी। एक बार देखें, हर कोई इसका भव्य आकर्षण है। छवि: सोशल मीडिया

न्यूयार्क में UN मुख्यालय के बाहर तिब्बती कार्यकर्ता का आत्मदाह:चीन की बर्बरता के खिलाफ उठाया कदम, धर्मशाला में आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना

न्यूयार्क में UN मुख्यालय के बाहर तिब्बती कार्यकर्ता का आत्मदाह:चीन की बर्बरता के खिलाफ उठाया कदम, धर्मशाला में आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय के बाहर तिब्बती मूल के एक अमेरिकी कार्यकर्ता द्वारा आत्मदाह करने का एक बेहद स्तब्ध करने वाला मामला सामने आया है। इस समाचार के बाद हिमाचल के धर्मशाला में शोक की लहर है। यहां उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। मृतक की पहचान लोबसांग पाल्डेन (लोबगा रंगजेन) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, लोबगा ने यह आत्मघाती कदम तिब्बत में चीन की बढ़ती दमनकारी नीतियों और हाल ही में बीजिंग द्वारा लागू किए गए ‘जातीय एकता और प्रगति’ कानून के कड़े विरोध में उठाया। इस घटना के बाद से ही दुनिया भर में निर्वासित जीवन जी रहे तिब्बतियों में शोक और आक्रोश की लहर है। तिब्बती ध्वज और पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे थे लोबगा प्रत्यक्षदर्शियों और रिपोर्टों के अनुसार, जब लोबगा रंगजेन संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर पहुंचे, तो उन्होंने तिब्बत की पारंपरिक पोशाक ‘चुपा’ पहनी हुई थी। उनके एक हाथ में तिब्बत का राष्ट्रीय ध्वज था। उन्होंने वहां चीन विरोधी नारे लगाए और खुद को आग के हवाले कर दिया। आत्मदाह से ठीक पहले जारी किया भावुक वीडियो संदेश कदम उठाने से ठीक पहले लोबगा ने एक वीडियो संदेश जारी किया था, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्होंने दुनिया भर के तिब्बतियों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि तिब्बत की स्वतंत्रता और हमारे मौलिक अधिकारों के लिए संघर्ष को तेज करना होगा। कोई भी राष्ट्रीय लक्ष्य बिना कड़े प्रयासों के हासिल नहीं होता। हम सभी को क्षेत्र, संप्रदाय और व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं से ऊपर उठकर देश हित में अपना सर्वोच्च योगदान देना होगा।” धर्मशाला में शोक: केंद्रीय तिब्बती प्रशासन ने आयोजित की प्रार्थना सभा इस दुखद घटना की खबर जैसे ही हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला पहुंची, वहां माहौल गमगीन हो गया। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (CTA) के सिक्योंग हॉल में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए एक विशेष और भव्य प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में प्रशासन के शीर्ष नेतृत्व, बौद्ध भिक्षुओं और सभी सरकारी कर्मचारियों ने भाग लेकर लोबगा को श्रद्धांजलि दी। “चीन के कठोर कानूनों ने उठाया कदम उठाने पर मजबूर किया” — सिक्योंग पेनपा त्सेरिंग केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के सिक्योंग (राष्ट्रपति) पेनपा त्सेरिंग ने घटना पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि चीन द्वारा तिब्बत में थोपे जा रहे कठोर और अमानवीय कानूनों ने ही लोबगा को यह आत्मघाती कदम उठाने के लिए विवश किया है। हालांकि, हम तिब्बती प्रशासन की ओर से सभी नागरिकों से पुरजोर अपील करते हैं कि वे इस तरह आत्मदाह का रास्ता न चुनें।” इसी कड़ी में सीटीए के धर्म और संस्कृति मंत्री ने भी मानव जीवन को अनमोल बताते हुए कहा कि तिब्बत के इस लंबे और ऐतिहासिक संघर्ष को जिंदा रखने के लिए युवाओं के जीवन को बचाना और जीवित रहकर लड़ना सबसे ज्यादा आवश्यक है। 2009 से अब तक 157 तिब्बती दे चुके हैं जान उल्लेखनीय है कि तिब्बत की आजादी, मानवाधिकारों की बहाली और तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा की वतन वापसी की मांग को लेकर आत्मदाह का यह कोई पहला मामला नहीं है। वर्ष 2009 से लेकर अब तक तिब्बत के भीतर और दुनिया के अलग-अलग कोनों में कुल 157 तिब्बती नागरिक न्याय की गुहार लगाते हुए आत्मदाह कर अपने प्राणों की आहुति दे चुके हैं।

दावा- ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले PM मोदी को धमकी:मेलबर्न में होने वाले प्रोग्राम की फेसबुक पोस्ट में कमेंट कर धमकाया, 9 जुलाई को है प्रोग्राम

दावा- ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले PM मोदी को धमकी:मेलबर्न में होने वाले प्रोग्राम की फेसबुक पोस्ट में कमेंट कर धमकाया, 9 जुलाई को है प्रोग्राम

पीएम मोदी को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जान से मारने की धमकी मिली है। ऑस्ट्रेलिया की फेडरल पुलिस मोदी को दी गई धमकी की जांच कर रही है। द ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट में दावा किया गया कि धमकी फेसबुक पर “मेलबर्न मीट्स मोदी” कार्यक्रम के प्रचार से जुड़ी एक पोस्ट के नीचे लिखी गई थी। पोस्ट के नीचे अबू मुस्तफा नाम के फेसबुक अकाउंट से लिखा गया, “स्टेडियम की छत कार्यक्रम के दौरान बंद रहनी चाहिए, नहीं तो वह ऑस्ट्रेलिया अपनी मौत के लिए आएगा।” जांच एजेंसियों ने उस पोस्ट से जुड़े आईपी एड्रेस की पहचान कर ली है। मोदी 8 जुलाई से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया में रहेंगे। “मेलबर्न मीट्स मोदी” कार्यक्रम 9 जुलाई को मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में होना है। मोदी के इसमें शामिल होने की संभावना है। धमकी सामने आते ही जानकारी ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस को दे दी गई थी। अबतक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई अब तक पुलिस ने धमकी पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। पुलिस किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में ऑस्ट्रेलिया की फेडरल पुलिस, राज्य पुलिस और विशेष सुरक्षा इकाइयों समेत कई एजेंसियां मिलकर काम करेंगी। इससे पहले भी मोदी को धमकी मिल चुकी 2022: पंजाब में PM मोदी की सुरक्षा में चूक 5 जनवरी 2022 को पंजाब में पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक हुई थी। हुसैनीवाला जाते समय प्यारेआणा ब्रिज (फ्लाईओवर) पर प्रदर्शनकारी किसानों ने रास्ता जाम कर दिया था। इस वजह से पीएम का काफिला लगभग 15-20 मिनट तक फंसा रहा था। इसके बाद पीएम बिना रैली किए बठिंडा एयरपोर्ट वापस लौट गए थे। 2026: पंजाब दौरे से पहले ब्लास्ट की धमकी मिली थी PM नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे से एक दिन पहले 31 जनवरी को जालंधर के 4 स्कूलों में बम ब्लास्ट की धमकी मिली थी। कैंब्रिज स्कूल, केएमवी संस्कृति स्कूल, ब्रिटिश ओलिवा स्कूल और सीजेएस पब्लिक स्कूल को धमकी भरा ईमेल भेजा गया था। हालांकि जांच के इस दौरान कुछ नहीं मिला था। खबर लगातर अपडेट की जा रही है…

नमक पारे रेसिपी: घर पर बनाएं खस्ता नमक पारे जैसी आसान रेसिपी, चाय के साथ खाएंगे मजा

नमक पारे रेसिपी

4 जुलाई 2026 को 18:45 IST पर अपडेट किया गया नमक पारे रेसिपी: हलवाई जैसे खस्ता और कुरकुरे नमक पारे बनाने के लिए मैदे में थोड़ा सा नमक, नमक पारे और नमक पारे जैसे नमक पारे, नमक पारे और नमक पारे बनाने की विधि: इसे बेलकर डायमंड शेप में काट लें। इसके बाद अंतिम रूप दिया गया सोनाली और क्रिस्पी होना। बाजार जैसे इफेक्ट नमक पारे अब आप घर पर आसानी से बना सकते हैं। बस अपनाएं यह सिंपल रेसिपी और हर बार मिलेगा एकदम कुरकुरा स्वाद। अनुसरण करना : सामग्रीमैदा: 2 कप (लगभग 250 ग्राम)वज़ह: 1 छोटी चीज़नमक: स्वाद (लगभग आधा छोटा नमक)घी या तेल (मोयन के लिए): 3-4 बड़े चम्मचतेल: तलने के लिएपानी: आटा गूंथने के लिए छवि: ऐ एक पॉश्चर में मैदा, नमक, नमक को पत्थरों से थोड़ा कुचलकर डाला जाता है। इसमें घी का मोयन शामिल है। घी को बनायें दोनों हाथों से अच्छे तरह से रांगकर मिक्स करें। मेड की कोरियन बंधने लगे, मोयन बिल्कुल सही है। छवि: ऐ अब थोड़ा-थोड़ा गुनगुना पानी डाले गए पूरे से भी थोड़ा सख्त यानी तैसा आटा गूंथ लें। एक सूट वाले कपड़े से लेकर 15- 20 मिनट तक एक सेट बनाकर रखें। छवि: ऐ छोटे लोइयों को बाँट लें में सेट किया गया। एक लोई लें और उसे चपाती से छोटी मोटी बेल लें। अब चाकू या पिज्जा की मदद से इसे डायमंड यानी काजू कतली के आकार में काट लें। छवि: ऐ कच्चे ही में तेल गरम करें। ध्यान रखें कि तेल मध्यम गर्म होना चाहिए। नमक पारे और छोटे से मध्यम आँच पर तब तक तलें जब तक कि ये अच्छे से छोटे और कुरकुरे न हो जाएँ। छवि: ऐ नमक पारे तलने के बाद एक प्लेट में निकाला हुआ लें। पूरी तरह से ठंडा होने के बाद, एक एयर-टाइटेलियन में स्तोत्र रख लें। शाम की चाय के साथ इन खस्ता और कुरकुरे नमक पारों का आनंद लें। छवि: ऐ द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 4 जुलाई 2026, 18:45 IST (टैग्सटूट्रांसलेट) नमक पारे रेसिपी (टी) क्रिस्पी स्नैक्स रेसिपी (टी) टी टाइम स्नैक्स (टी) इंडियन स्नैक्स रेसिपी (टी) होममेड नमक पारे (टी) बेस्ट नमक पारे रेसिपी हिंदी में

Fact Check: पाकिस्तानी एक्ट्रेस के नाम से वायरल पोस्ट फेक:'धुरंधर का पाकिस्तान की तरफ से जवाब, अल्फा जरूर देखें' वाला दावा झूठा

Fact Check: पाकिस्तानी एक्ट्रेस के नाम से वायरल पोस्ट फेक:'धुरंधर का पाकिस्तान की तरफ से जवाब, अल्फा जरूर देखें' वाला दावा झूठा

सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी एक्ट्रेस इकरा अजीज के नाम से एक पोस्ट वायरल है। इसमें दावा किया जा रहा है कि उन्होंने आलिया भट्ट और शरवरी स्टारर फिल्म अल्फा देखने की अपील की और लिखा कि ‘अल्फा, धुरंधर का पाकिस्तान की तरफ से जवाब है।’ साथ ही YRF का शुक्रिया भी अदा किया। हालांकि, पड़ताल में यह दावा गलत निकला। क्या है वायरल दावा? सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म्स पर इकरा अजीज के नाम और तस्वीर के साथ पोस्ट शेयर किया जा रहा है। दावा है कि उन्होंने लिखा, “Alpha जरूर देखिए। यह धुरंधर का पाकिस्तान की तरफ से जवाब है। शुक्रिया YRF।” इसी पोस्ट के आधार पर कई यूजर्स इकरा अजीज को ट्रोल कर रहे हैं और इसे सच मानकर शेयर भी कर रहे हैं। फैक्ट चेक में क्या सामने आया? दैनिक भास्कर की पड़ताल में इस दावे की पुष्टि नहीं हुई। इकरा अजीज के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अल्फा या YRF को लेकर ऐसा कोई पोस्ट नहीं मिला। YRF से जुड़े सूत्रों ने भी इस पोस्ट को फर्जी बताया। उनके मुताबिक, इसे ट्रोलिंग और गलत जानकारी फैलाने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसका YRF या फिल्म अल्फा के प्रमोशन से कोई संबंध नहीं है। एडिटेड स्क्रीनशॉट होने की आशंका वायरल तस्वीर का फॉर्मेट ऐसा है, जिसे आसानी से एडिट किया जा सकता है। फिलहाल ऐसा कोई विश्वसनीय सबूत नहीं मिला कि यह पोस्ट इकरा अजीज के आधिकारिक अकाउंट से किया गया था। इसलिए इसे प्रमाणिक नहीं माना जा सकता। निष्कर्ष दावा: इकरा अजीज ने ‘Alpha’ देखने की अपील की और इसे ‘धुरंधर का पाकिस्तान की तरफ से जवाब’ बताते हुए YRF का धन्यवाद किया। सच्चाई: पड़ताल में दावा फर्जी निकला। इकरा अजीज के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ऐसा कोई पोस्ट नहीं मिला। YRF सूत्रों ने भी पोस्ट को फेक बताते हुए कहा कि इसे ट्रोलिंग और गलत जानकारी फैलाने के उद्देश्य से वायरल किया जा रहा है। बता दें कि YRF की स्पाई थ्रिलर ‘अल्फा’ 3 जुलाई 2026 को रिलीज हुई। यह स्पाई यूनिवर्स की पहली फीमेल-लीड फिल्म है, जिसमें दो महिला जासूस मुख्य भूमिका में हैं। YRF स्पाई यूनिवर्स में पहले एक था टाइगर, टाइगर जिंदा है, वॉर, पठान और टाइगर 3 जैसी फिल्में आ चुकी हैं। ‘अल्फा’ इस फ्रेंचाइजी की पहली फीमेल-लीड फिल्म है। ‘अल्फा’ एक स्पाई एक्शन थ्रिलर है, जिसमें एक लड़की बचपन से खतरनाक मिशनों के लिए तैयार की जाती है और आगे चलकर देश के जोखिम भरे ऑपरेशन्स का हिस्सा बनती है। फिल्म में आलिया भट्ट, शरवरी, बॉबी देओल, अनिल कपूर और आर. माधवन प्रमुख भूमिकाओं में हैं। कुछ सरप्राइज कैमियो भी शामिल हैं। फिल्म का निर्देशन शिव रवैल ने किया है, जबकि निर्माण आदित्य चोपड़ा और YRF ने किया है।

Fact Check: पाकिस्तानी एक्ट्रेस के नाम से वायरल पोस्ट फेक:'धुरंधर का पाकिस्तान की तरफ से जवाब, अल्फा जरूर देखें' वाला दावा झूठा

Fact Check: पाकिस्तानी एक्ट्रेस के नाम से वायरल पोस्ट फेक:'धुरंधर का पाकिस्तान की तरफ से जवाब, अल्फा जरूर देखें' वाला दावा झूठा

सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी एक्ट्रेस इकरा अजीज के नाम से एक पोस्ट वायरल है। इसमें दावा किया जा रहा है कि उन्होंने आलिया भट्ट और शरवरी स्टारर फिल्म अल्फा देखने की अपील की और लिखा कि ‘अल्फा, धुरंधर का पाकिस्तान की तरफ से जवाब है।’ साथ ही YRF का शुक्रिया भी अदा किया। हालांकि, पड़ताल में यह दावा गलत निकला। क्या है वायरल दावा? सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म्स पर इकरा अजीज के नाम और तस्वीर के साथ पोस्ट शेयर किया जा रहा है। दावा है कि उन्होंने लिखा, “Alpha जरूर देखिए। यह धुरंधर का पाकिस्तान की तरफ से जवाब है। शुक्रिया YRF।” इसी पोस्ट के आधार पर कई यूजर्स इकरा अजीज को ट्रोल कर रहे हैं और इसे सच मानकर शेयर भी कर रहे हैं। फैक्ट चेक में क्या सामने आया? दैनिक भास्कर की पड़ताल में इस दावे की पुष्टि नहीं हुई। इकरा अजीज के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अल्फा या YRF को लेकर ऐसा कोई पोस्ट नहीं मिला। YRF से जुड़े सूत्रों ने भी इस पोस्ट को फर्जी बताया। उनके मुताबिक, इसे ट्रोलिंग और गलत जानकारी फैलाने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसका YRF या फिल्म अल्फा के प्रमोशन से कोई संबंध नहीं है। एडिटेड स्क्रीनशॉट होने की आशंका वायरल तस्वीर का फॉर्मेट ऐसा है, जिसे आसानी से एडिट किया जा सकता है। फिलहाल ऐसा कोई विश्वसनीय सबूत नहीं मिला कि यह पोस्ट इकरा अजीज के आधिकारिक अकाउंट से किया गया था। इसलिए इसे प्रमाणिक नहीं माना जा सकता। निष्कर्ष दावा: इकरा अजीज ने ‘Alpha’ देखने की अपील की और इसे ‘धुरंधर का पाकिस्तान की तरफ से जवाब’ बताते हुए YRF का धन्यवाद किया। सच्चाई: पड़ताल में दावा फर्जी निकला। इकरा अजीज के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ऐसा कोई पोस्ट नहीं मिला। YRF सूत्रों ने भी पोस्ट को फेक बताते हुए कहा कि इसे ट्रोलिंग और गलत जानकारी फैलाने के उद्देश्य से वायरल किया जा रहा है। बता दें कि YRF की स्पाई थ्रिलर ‘अल्फा’ 3 जुलाई 2026 को रिलीज हुई। यह स्पाई यूनिवर्स की पहली फीमेल-लीड फिल्म है, जिसमें दो महिला जासूस मुख्य भूमिका में हैं। YRF स्पाई यूनिवर्स में पहले एक था टाइगर, टाइगर जिंदा है, वॉर, पठान और टाइगर 3 जैसी फिल्में आ चुकी हैं। ‘अल्फा’ इस फ्रेंचाइजी की पहली फीमेल-लीड फिल्म है। ‘अल्फा’ एक स्पाई एक्शन थ्रिलर है, जिसमें एक लड़की बचपन से खतरनाक मिशनों के लिए तैयार की जाती है और आगे चलकर देश के जोखिम भरे ऑपरेशन्स का हिस्सा बनती है। फिल्म में आलिया भट्ट, शरवरी, बॉबी देओल, अनिल कपूर और आर. माधवन प्रमुख भूमिकाओं में हैं। कुछ सरप्राइज कैमियो भी शामिल हैं। फिल्म का निर्देशन शिव रवैल ने किया है, जबकि निर्माण आदित्य चोपड़ा और YRF ने किया है।

Indresh Malik Heeramandi Star | Pyramid Scheme Fraud

Indresh Malik Heeramandi Star | Pyramid Scheme Fraud

3 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक ऐश्वर्या राय की फिल्म ‘फन्ने खां’ में इंद्रेश मलिक ने अनिल कपूर के साथ एक सीन शूट किया था, जिसे बाद में हटा दिया गया था। ‘हीरामंडी’ में उस्ताद जी और ‘द पिरामिड स्कीम’ में अभिनय से चर्चा में आए इंद्रेश मलिक ने दैनिक भास्कर से बातचीत में करियर, संघर्ष और निजी जिंदगी से जुड़े किस्से साझा किए। उन्होंने बताया कि करीब 20 साल पहले वह मल्टी लेवल मार्केटिंग फ्रॉड का शिकार हुए थे। उन्होंने संजय लीला भंसाली के साथ काम, थिएटर, इंडस्ट्री के अनुभव, ऑडिशन और परिवार से जुड़ी बातें साझा कीं। साथ ही आने वाले प्रोजेक्ट्स और लेखन के शौक पर भी बात की। सवाल: ‘द पिरामिड स्कीम’ में आपका किरदार प्रभावशाली है। क्या असल जिंदगी में भी ऐसी स्कीम या मल्टी-लेवल मार्केटिंग का सामना किया है? जवाब: बिल्कुल। ऑडिशन के बाद क्रिएटिव टीम और डायरेक्टर्स से मुलाकात में मैंने बताया था कि करीब 15-20 साल पहले मैं भी ऐसी स्कीम का शिकार हो चुका हूं। उस समय मल्टी-लेवल मार्केटिंग का कॉन्सेप्ट नया था और जागरूकता कम थी। आधी-अधूरी जानकारी देकर लोगों को जोड़ा जाता था। मैं भी इसका नुकसान झेल चुका हूं। ‘द पिरामिड स्कीम’ में इंद्रेश मलिक ने दिव्या ज्योति की भूमिका निभाई है। सवाल: इस सीरीज का ऑफर मिलने पर पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मैं अपने पिछले किरदारों की इमेज से बाहर निकलकर कुछ अलग करना चाहता था। यह किरदार मुझे दिलचस्प लगा। पूरी यूनिट शानदार थी और पहली बार Amazon Prime के साथ काम करने का मौका मिला। डायरेक्टर्स और क्रिएटिव टीम के साथ अच्छी ट्यूनिंग बनी। शूटिंग का माहौल सकारात्मक था। सवाल: क्या पिछली इमेज से आपका मतलब ‘हीरामंडी’ के उस्ताद जी के किरदार से है? जवाब: जी हां। ‘हीरामंडी’ में उस्ताद जी का किरदार निभाना शानदार अनुभव था। ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ के बाद फिर से संजय लीला भंसाली के साथ काम करने का मौका मिला। सवाल: उस्ताद जी के किरदार से जुड़ाव कैसे बना था? जवाब: जब पहली बार इस किरदार के बारे में बताया गया, तभी लगा कि यह रोल मैं कर सकता हूं। मेरे परिवार की जड़ें विभाजन से पहले के पंजाब और आज के पाकिस्तान के शहरों से जुड़ी हैं। मैंने बुजुर्गों से उस दौर की भाषा, लहजा और संस्कृति सीखी थी। वही अनुभव किरदार में काम आया। इंद्रेश मलिक ने ‘हीरामंडी’ में उस्ताद का किरदार निभाया था, जो मल्लिकाजान की तवायफों के साथ रहता है। सवाल: आपने बताया कि ‘हीरामंडी’ के लिए विभाजन से पहले के पंजाब की संस्कृति पर काम किया था। आपके परिवार का संबंध कहां से है? जवाब: मेरे ननिहाल का संबंध झंग से है। दादा-दादी का परिवार सरगोधा, रावलपिंडी और लाहौर क्षेत्र से था। विभाजन के बाद परिवार भारत आया और दिल्ली में बस गया। मेरी पैदाइश लुधियाना में हुई, क्योंकि उस समय पहला बच्चा ननिहाल में होने की परंपरा थी। इसके बाद मेरी पढ़ाई और परवरिश दिल्ली में हुई। सवाल: कहा जाता है कि ‘हीरामंडी’ की शूटिंग लंबी चली और कलाकार दूसरे प्रोजेक्ट नहीं कर पा रहे थे। क्या आपके साथ भी ऐसा हुआ? जवाब: नहीं, मेरे साथ ऐसी बड़ी समस्या नहीं हुई। किसी भी पेशे में एक काम उम्मीद से ज्यादा लंबा चल सकता है। लेकिन जब अंतिम परिणाम खूबसूरत हो, तो बाकी परेशानियां छोटी लगती हैं। सवाल: संजय लीला भंसाली के साथ दोबारा काम करने का अनुभव कैसा था? जवाब: मैं उनका बड़ा प्रशंसक हूं। वह परफेक्शनिस्ट से भी आगे हैं। उनके साथ काम करना हमेशा सपना रहा है। सेट पर उनसे और टीम से प्यार और सम्मान मिला। इंद्रेश मलिक संजय लीला भंसाली के साथ फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ और सीरीज ‘हीरामंडी’ में काम कर चुके हैं। सवाल: ‘हीरामंडी 2’ को लेकर कोई अपडेट है? जवाब: फिलहाल मुझे जानकारी नहीं है। जब भी कुछ होगा, सबको पता चल जाएगा। सवाल: ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ से जुड़ी कोई खास याद? जवाब: उस समय कोविड का दौर था और ज्यादातर शूटिंग रात में फिल्म सिटी में होती थी। मेरा किरदार लंबा नहीं था, लेकिन छोटे रोल में भी लोगों ने मुझे नोटिस किया। यह शानदार अनुभव था। सवाल: आलिया भट्ट के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: आलिया विनम्र और जमीन से जुड़ी इंसान हैं। उनमें स्टार वाला अहंकार नहीं दिखा। वह सहयोगी हैं। मैंने उनके साथ कम समय काम किया, लेकिन अनुभव अच्छा रहा। उन्होंने ‘गंगूबाई’ के किरदार के लिए जबरदस्त मेहनत की थी और वह बेहतरीन अभिनेत्री हैं। सवाल: ‘फन्ने खां’ में आपका किरदार फिल्म में नजर क्यों नहीं आया? जवाब: मैंने फिल्म की शूटिंग की थी, लेकिन रिलीज के समय मेरा हिस्सा नहीं था। एडिटिंग के दौरान क्या फैसला लिया गया, मुझे नहीं पता। लेकिन इसका अफसोस नहीं है। फिल्म निर्माता का अपना विजन होता है। मेरा काम किरदार ईमानदारी से निभाना है। सवाल: आपको कब महसूस हुआ कि अभिनेता ही बनना है? जवाब: मुझे बचपन से अभिनेता बनना था। मैं प्रसिद्ध होना चाहता था और अभिनय मेरा जुनून था। मैं अपने शौक और पैशन के लिए पैदा हुआ हूं और उसी के लिए जीना चाहता हूं। सवाल: क्या आपके बच्चे भी इसी फील्ड में हैं? जवाब: मेरा बड़ा बेटा डायरेक्शन, कास्टिंग और एडिटिंग में काम कर रहा है। उसे इन क्षेत्रों की अच्छी समझ है। छोटा बेटा अभी तय कर रहा है कि उसे किस दिशा में जाना है। मुझे भरोसा है कि वह अपना रास्ता खुद बना लेगा। इंद्रेश मलिक ‘मधुबाला: एक इश्क एक जुनून’, ‘यम हैं हम’, ‘नागिन’, ‘गुमराह’ और ‘रात्रि के यात्री’ जैसे शोज में काम कर चुके हैं। सवाल: आपके करियर का सबसे बड़ा संघर्ष क्या रहा? जवाब: इस इंडस्ट्री को समझना सबसे बड़ी चुनौती थी। कई बार लोगों की बातों पर भरोसा कर लेता था। वादे किए जाते थे, लेकिन पूरे नहीं होते थे। धीरे-धीरे समझ आया कि इस प्रोफेशन में समझदारी से काम करना और फैसले लेना जरूरी है। काम नहीं होता, तब मुश्किलें ज्यादा महसूस होती हैं। लेकिन जुनून हो तो हर परेशानी पार कर सकते हैं। सवाल: आपकी नजर में सबसे बड़ी सफलता क्या है? जवाब: लोगों का भरोसा और प्यार सबसे बड़ी सफलता है। अगर दर्शक पसंद करते हैं, तो काम भी मिलता है। किसी किरदार की तारीफ सबसे ज्यादा खुशी देती

Indresh Malik Heeramandi Star | Pyramid Scheme Fraud

Indresh Malik Heeramandi Star | Pyramid Scheme Fraud

2 घंटे पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक ऐश्वर्या राय की फिल्म ‘फन्ने खां’ में इंद्रेश मलिक ने अनिल कपूर के साथ एक सीन शूट किया था, जिसे बाद में हटा दिया गया था। ‘हीरामंडी’ में उस्ताद जी और ‘द पिरामिड स्कीम’ में अभिनय से चर्चा में आए इंद्रेश मलिक ने दैनिक भास्कर से बातचीत में करियर, संघर्ष और निजी जिंदगी से जुड़े किस्से साझा किए। उन्होंने बताया कि करीब 20 साल पहले वह मल्टी लेवल मार्केटिंग फ्रॉड का शिकार हुए थे। उन्होंने संजय लीला भंसाली के साथ काम, थिएटर, इंडस्ट्री के अनुभव, ऑडिशन और परिवार से जुड़ी बातें साझा कीं। साथ ही आने वाले प्रोजेक्ट्स और लेखन के शौक पर भी बात की। सवाल: ‘द पिरामिड स्कीम’ में आपका किरदार प्रभावशाली है। क्या असल जिंदगी में भी ऐसी स्कीम या मल्टी-लेवल मार्केटिंग का सामना किया है? जवाब: बिल्कुल। ऑडिशन के बाद क्रिएटिव टीम और डायरेक्टर्स से मुलाकात में मैंने बताया था कि करीब 15-20 साल पहले मैं भी ऐसी स्कीम का शिकार हो चुका हूं। उस समय मल्टी-लेवल मार्केटिंग का कॉन्सेप्ट नया था और जागरूकता कम थी। आधी-अधूरी जानकारी देकर लोगों को जोड़ा जाता था। मैं भी इसका नुकसान झेल चुका हूं। ‘द पिरामिड स्कीम’ में इंद्रेश मलिक ने दिव्या ज्योति की भूमिका निभाई है। सवाल: इस सीरीज का ऑफर मिलने पर पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मैं अपने पिछले किरदारों की इमेज से बाहर निकलकर कुछ अलग करना चाहता था। यह किरदार मुझे दिलचस्प लगा। पूरी यूनिट शानदार थी और पहली बार Amazon Prime के साथ काम करने का मौका मिला। डायरेक्टर्स और क्रिएटिव टीम के साथ अच्छी ट्यूनिंग बनी। शूटिंग का माहौल सकारात्मक था। सवाल: क्या पिछली इमेज से आपका मतलब ‘हीरामंडी’ के उस्ताद जी के किरदार से है? जवाब: जी हां। ‘हीरामंडी’ में उस्ताद जी का किरदार निभाना शानदार अनुभव था। ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ के बाद फिर से संजय लीला भंसाली के साथ काम करने का मौका मिला। सवाल: उस्ताद जी के किरदार से जुड़ाव कैसे बना था? जवाब: जब पहली बार इस किरदार के बारे में बताया गया, तभी लगा कि यह रोल मैं कर सकता हूं। मेरे परिवार की जड़ें विभाजन से पहले के पंजाब और आज के पाकिस्तान के शहरों से जुड़ी हैं। मैंने बुजुर्गों से उस दौर की भाषा, लहजा और संस्कृति सीखी थी। वही अनुभव किरदार में काम आया। इंद्रेश मलिक ने ‘हीरामंडी’ में उस्ताद का किरदार निभाया था, जो मल्लिकाजान की तवायफों के साथ रहता है। सवाल: आपने बताया कि ‘हीरामंडी’ के लिए विभाजन से पहले के पंजाब की संस्कृति पर काम किया था। आपके परिवार का संबंध कहां से है? जवाब: मेरे ननिहाल का संबंध झंग से है। दादा-दादी का परिवार सरगोधा, रावलपिंडी और लाहौर क्षेत्र से था। विभाजन के बाद परिवार भारत आया और दिल्ली में बस गया। मेरी पैदाइश लुधियाना में हुई, क्योंकि उस समय पहला बच्चा ननिहाल में होने की परंपरा थी। इसके बाद मेरी पढ़ाई और परवरिश दिल्ली में हुई। सवाल: कहा जाता है कि ‘हीरामंडी’ की शूटिंग लंबी चली और कलाकार दूसरे प्रोजेक्ट नहीं कर पा रहे थे। क्या आपके साथ भी ऐसा हुआ? जवाब: नहीं, मेरे साथ ऐसी बड़ी समस्या नहीं हुई। किसी भी पेशे में एक काम उम्मीद से ज्यादा लंबा चल सकता है। लेकिन जब अंतिम परिणाम खूबसूरत हो, तो बाकी परेशानियां छोटी लगती हैं। सवाल: संजय लीला भंसाली के साथ दोबारा काम करने का अनुभव कैसा था? जवाब: मैं उनका बड़ा प्रशंसक हूं। वह परफेक्शनिस्ट से भी आगे हैं। उनके साथ काम करना हमेशा सपना रहा है। सेट पर उनसे और टीम से प्यार और सम्मान मिला। इंद्रेश मलिक संजय लीला भंसाली के साथ फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ और सीरीज ‘हीरामंडी’ में काम कर चुके हैं। सवाल: ‘हीरामंडी 2’ को लेकर कोई अपडेट है? जवाब: फिलहाल मुझे जानकारी नहीं है। जब भी कुछ होगा, सबको पता चल जाएगा। सवाल: ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ से जुड़ी कोई खास याद? जवाब: उस समय कोविड का दौर था और ज्यादातर शूटिंग रात में फिल्म सिटी में होती थी। मेरा किरदार लंबा नहीं था, लेकिन छोटे रोल में भी लोगों ने मुझे नोटिस किया। यह शानदार अनुभव था। सवाल: आलिया भट्ट के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: आलिया विनम्र और जमीन से जुड़ी इंसान हैं। उनमें स्टार वाला अहंकार नहीं दिखा। वह सहयोगी हैं। मैंने उनके साथ कम समय काम किया, लेकिन अनुभव अच्छा रहा। उन्होंने ‘गंगूबाई’ के किरदार के लिए जबरदस्त मेहनत की थी और वह बेहतरीन अभिनेत्री हैं। सवाल: ‘फन्ने खां’ में आपका किरदार फिल्म में नजर क्यों नहीं आया? जवाब: मैंने फिल्म की शूटिंग की थी, लेकिन रिलीज के समय मेरा हिस्सा नहीं था। एडिटिंग के दौरान क्या फैसला लिया गया, मुझे नहीं पता। लेकिन इसका अफसोस नहीं है। फिल्म निर्माता का अपना विजन होता है। मेरा काम किरदार ईमानदारी से निभाना है। सवाल: आपको कब महसूस हुआ कि अभिनेता ही बनना है? जवाब: मुझे बचपन से अभिनेता बनना था। मैं प्रसिद्ध होना चाहता था और अभिनय मेरा जुनून था। मैं अपने शौक और पैशन के लिए पैदा हुआ हूं और उसी के लिए जीना चाहता हूं। सवाल: क्या आपके बच्चे भी इसी फील्ड में हैं? जवाब: मेरा बड़ा बेटा डायरेक्शन, कास्टिंग और एडिटिंग में काम कर रहा है। उसे इन क्षेत्रों की अच्छी समझ है। छोटा बेटा अभी तय कर रहा है कि उसे किस दिशा में जाना है। मुझे भरोसा है कि वह अपना रास्ता खुद बना लेगा। इंद्रेश मलिक ‘मधुबाला: एक इश्क एक जुनून’, ‘यम हैं हम’, ‘नागिन’, ‘गुमराह’ और ‘रात्रि के यात्री’ जैसे शोज में काम कर चुके हैं। सवाल: आपके करियर का सबसे बड़ा संघर्ष क्या रहा? जवाब: इस इंडस्ट्री को समझना सबसे बड़ी चुनौती थी। कई बार लोगों की बातों पर भरोसा कर लेता था। वादे किए जाते थे, लेकिन पूरे नहीं होते थे। धीरे-धीरे समझ आया कि इस प्रोफेशन में समझदारी से काम करना और फैसले लेना जरूरी है। काम नहीं होता, तब मुश्किलें ज्यादा महसूस होती हैं। लेकिन जुनून हो तो हर परेशानी पार कर सकते हैं। सवाल: आपकी नजर में सबसे बड़ी सफलता क्या है? जवाब: लोगों का भरोसा और प्यार सबसे बड़ी सफलता है। अगर दर्शक पसंद करते हैं, तो काम भी मिलता है। किसी किरदार की तारीफ सबसे ज्यादा खुशी देती